CBSE Class 9 Hindi Revision Worksheet Set 01

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Solved Practice Worksheets for Hindi

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CLASS-9 (HINDI LITT) WORKSHEET-4 1

CLASS-9 (HINDI LITT) WORKSHEET-4 2

 

Question. निम्नलिखित शब्दों का वर्ण-विच्छेद कीजिए-
1. नक्षत्र
2. हृदय
3. संतुलन
4. आग्रह
5. मातृश्री
6. संहार
7. श्रमिक
8. बच्चे
9. न्योछावर
10. कौशल
11. नेतृत्व
12. त्रिभुज
13. दृग
14. मध्यम
15. प्रकाश
16. प्रहार
Answer:
1. नक्षत्र = न् + अ + क् + ष् + अ + त् + र् + अ
2. हृदय = ह् + ऋ + द् + अ + य् + अ
3. संतुलन = स् + म् + त् + उ + ल् + अ + न् + अ (अथवा स् + न् + त् + उ + ल् + अ + न् + अ)
4. आग्रह = आ + ग् + र् + अ + ह् + अ
5. मातृश्री = म् + आ + त् + ऋ + श् + र् + ई
6. संहार = स् + म् + ह् + आ + र् + अ
7. श्रमिक = श् + र् + अ + म् + इ + क् + अ
8. बच्चे = ब् + अ + च् + च् + ए
9. न्योछावर = न् + य् + ओ + छ् + आ + व् + अ + र् + अ
10. कौशल = क + औ + श् + अ + ल् + अ
11. नेतृत्व = न् + ए + त् + र् + अ + त् + व् + अ
12. त्रिभुज = त् + र् + इ + भ् + उ + ज् + अ
13. दृग = द् + ऋ + ग् + अ
14. मध्यम = म् + अ + ध् + य् + अ + म् + अ
15. प्रकाश = प् + र् + अ + क + आ + श् + अ
16. प्रहार = प् + र् + अ + ह् + आ + र् + अ
In simple words: किसी शब्द के प्रत्येक स्वर और व्यंजन को हलंत लगाकर अलग-अलग रूप में लिखना ही वर्ण-विच्छेद है।

Exam Tip: संयुक्त व्यंजनों (क्ष, त्र, ज्ञ, श्र) तथा 'ऋ' की मात्रा वाले वर्णों (हृदय, मातृश्री, दृग) के विच्छेद में हलंत का विशेष ध्यान रखें।

 

Question. निम्नलिखित वर्णों के मेल से शब्द निर्माण कीजिए -
- व् + अ + र् + त् + अ + म् + आ + न् + अ
- श् + ई + र् + ष् + अ + क् + अ
- स् + अ + म् + प् + अ + र् + क् + अ
- स् + व् + अ + र् + ग् + ई + य् + अ
- ज् + अ + ल् + इ + य् + आ + ँ + व् + आ + ल् + आ
- व् + य् + अ + क् + त् + इ + ग् + अ + त् + अ
- ध् + उ + र् + अ + न् + ध् + अ + र् + अ
- स् + आ + प् + त् + आ + ह् + इ + क् + अ
- अ + ग् + र् + अ + ग् + अ + ण् + य् + अ
- म् + ऋ + त् + य् + उ
Answer:
1. व् + अ + र् + त् + अ + म् + आ + न् + अ = वर्तमान
2. श् + ई + र् + ष् + अ + क् + अ = शीर्षक
3. स् + अ + म् + प् + अ + र् + क् + अ = सम्पर्क (संपर्क)
4. स् + व् + अ + र् + ग् + ई + य् + अ = स्वर्गीय
5. ज् + अ + ल् + इ + य् + आ + ँ + व् + आ + ल् + आ = जलियाँवाला
6. व् + य् + अ + क् + त् + इ + ग् + अ + त् + अ = व्यक्तिगत
7. ध् + उ + र् + अ + न् + ध् + अ + र् + अ = धुरंधर
8. स् + आ + प् + त् + आ + ह् + इ + क् + अ = साप्ताहिक
9. अ + ग् + र् + अ + ग् + अ + ण् + य् + अ = अग्रगण्य
10. म् + ऋ + त् + य् + उ = मृत्यु
In simple words: अलग-अलग बिखरे हुए स्वर और व्यंजन वर्णों को आपस में जोड़कर एक सही शब्द बनाना वर्ण-संयोजन कहलाता है।

Exam Tip: रेफ (र्) की स्थिति पहचानें; जिस व्यंजन से पहले स्वर-रहित 'र्' आता है, वह उसी व्यंजन के ऊपर लगाया जाता है।

 

Question I. निम्नलिखित शब्दों में उपयुक्त स्थान पर अनुस्वार का प्रयोग करते हुए मानक रूप लिखिए।
1. ठण्डा
2. नन्दिनी
3. रङ्गगीन
4. सम्बोधन
5. कण्ठ
6. अङ्ग
7. सञ्चार
8. हिन्दी
9. खम्भा
10. वन्शावली
11. चण्डी
12. डण्डा
13. पञ्जाब
14. सम्पादक (CBSE S.A. I 2011)
15. व्यञ्जन
16. चम्पा
17. सम्बन्ध
18. कङ्गन
19. भण्डार (CBSE S.A. I 2011)
20. धनञ्जय
21. चञ्चल
22. पङ्ख
Answer:
1. ठण्डा - ठंडा
2. नन्दिनी - नंदिनी
3. रङ्गगीन (रङ्गीन) - रंगीन
4. सम्बोधन - संबोधन
5. कण्ठ - कंठ
6. अङ्ग - अंग
7. सञ्चार - संचार
8. हिन्दी - हिंदी
9. खम्भा - खंभा
10. वन्शावली - वंशावली
11. चण्डी - चंडी
12. डण्डा - डंडा
13. पञ्जाब - पंजाब
14. सम्पादक - संपादक
15. व्यञ्जन - व्यंजन
16. चम्पा - चंपा
17. सम्बन्ध - संबंध
18. कङ्गन - कंगन
19. भण्डार - भंडार
20. धनञ्जय - धनंजय
21. चञ्चल - चंचल
22. पङ्ख - पंख
In simple words: पंचम वर्णों (ङ्, ञ्, ण्, न्, म्) के आधे रूप को हटाकर उसके स्थान पर बिंदु (अनुस्वार) लगाना मानक रूप है।

Exam Tip: केंद्रीय हिंदी निदेशालय के अनुसार पंचमाक्षर के स्थान पर अनुस्वार की बिंदी लगाना ही आधुनिक मानक हिंदी वर्तनी है।

 

Question. निम्नलिखित शब्दों में उचित स्थान पर अनुनासिक का प्रयोग करके फिर से लिखिए-
1. सिचाई (CBSE S.A. I 2011)
2. दवाइया
3. आसू
4. हसना (CBSE S.A. I 2011)
5. ढूढना
6. बासुरी
7. टिप्पणिया
8. महंगा
9. तितलिया (CBSE S.A. I 2011)
10. कगाल
11. सवार
12. घूघट (CBSE S.A. I 2011)
13. आच
14. साप
15. बिंदु
16. हस (CBSE S.A. I 2011)
Answer:
1. सिचाई - सिंचाई
2. दवाइया - दवाइयाँ
3. आसू - आँसू
4. हसना - हँसना
5. ढूढना - ढूँढ़ना
6. बासुरी - बाँसुरी
7. टिप्पणिया - टिप्पणियाँ
8. महंगा - महँगा
9. तितलिया - तितलियाँ
10. कगाल - कँगाल
11. सवार - सँवार
12. घूघट - घूँघट
13. आच - आँच
14. साप - साँप
15. बिंदु - बिन्दु (मानक रूप: बिंदु)
16. हस - हँस
In simple words: जिन वर्णों के उच्चारण में हवा मुँह और नाक दोनों से निकलती है, उन पर चंद्रबिंदु (अनुनासिक) का प्रयोग किया जाता है।

Exam Tip: शिरोरेखा के ऊपर यदि कोई मात्रा न हो तो चंद्रबिंदु (ँ) लगता है, किंतु यदि ऊपर मात्रा हो तो स्थान की कमी के कारण केवल बिंदु लगाया जाता है।

 

Question. निम्नलिखित शब्दों में उचित स्थानों पर नुक्ते का प्रयोग करके शब्द फिर से लिखिए -
1. फैसला
2. जालिम
3. फौज
4. रिवीजन
5. रफू
6. जिंदगी
7. जमींदार
8. जबान
9. फरमाइश
10. फौरन
11. तूफान
12. जिला
13. जोरदार
14. मजबूर
15. फाका
16. जुल्फ
17. मेजर
18. पीजा
19. फरेबी
20. फ्रिज
21. ब्लेजर (CBSE S.A. I 2011)
22. जमीन
23. फकीर
24. जिलाधीश
25. प्रोफेसर
26. वजीर
Answer:
1. फैसला - फ़ैसला
2. जालिम - ज़ालिम
3. फौज - फ़ौज
4. रिवीजन - रिवीज़न
5. रफू - रफ़ू
6. जिंदगी - ज़िंदगी
7. जमींदार - ज़मींदार
8. जबान - ज़बान
9. फरमाइश - फ़रमाइश
10. फौरन - फ़ौरन
11. तूफान - तूफ़ान
12. जिला - ज़िला
13. जोरदार - ज़ोरदार
14. मजबूर - मजबूर (मज़बूर)
15. फाका - फ़ाक़ा (फ़ाका)
16. जुल्फ - ज़ुल्फ़
17. मेजर - मेज़र
18. पीजा - पीज़ा
19. फरेबी - फ़रेबी
20. फ्रिज - फ़्रिज (फ़्रिज़)
21. ब्लेजर - ब्लेज़र
22. जमीन - ज़मीन
23. फकीर - फ़क़ीर (फ़कीर)
24. जिलाधीश - ज़िलाधीश
25. प्रोफेसर - प्रोफ़ेसर
26. वजीर - वज़ीर
In simple words: उर्दू, अरबी, फ़ारसी और अंग्रेज़ी से आए शब्दों में सही उच्चारण के लिए वर्ण के नीचे जो छोटी बिंदी लगाई जाती है, उसे नुक्ता कहते हैं।

Exam Tip: नुक्ता मुख्य रूप से 'ज़' और 'फ़' ध्वनियों के नीचे लगाया जाता है; इसके हटने से शब्द का सही उच्चारण और अर्थ बदल सकता है।

 

Question 1. उपसर्ग की परिभाषा देते हुए उसके दो उदाहरण दीजिए।
Answer: वे शब्दांश जो किसी मूल शब्द के पूर्व (आरंभ) में जुड़कर उसके अर्थ में नवीन विशेषता या परिवर्तन उत्पन्न कर देते हैं, उन्हें उपसर्ग कहा जाता है। ये स्वतंत्र रूप से प्रयुक्त नहीं होते, बल्कि मूल शब्द के साथ मिलकर नए शब्द का निर्माण करते हैं।
दो प्रमुख उदाहरण:
1. दुर् + जन = दुर्जन ('दुर्' उपसर्ग जुड़ने से 'जन' का अर्थ बुरा व्यक्ति हो गया)
2. प्र + हार = प्रहार ('प्र' उपसर्ग जुड़ने से 'हार' का अर्थ चोट करना बन गया)
In simple words: शब्द के आगे जुड़कर उसका अर्थ बदलने वाले छोटे भाषाई टुकड़े को उपसर्ग कहते हैं।

Exam Tip: परिभाषा के साथ उदाहरण लिखते समय उपसर्ग, मूल शब्द तथा निर्मित नवीन शब्द - तीनों को अलग-अलग स्पष्ट करके दिखाएँ।

 

Question 2. निम्नलिखित उपसर्गों से दो-दो नए शब्द बनाइए।
अधि, परि, सु, आ, नि, बे, उप, परा, उत्, पुनर्, अनु, अन्, अभि, प्रति, कु

Answer:
1. अधि - अधिकार, अधिपति
2. परि - परिवार, परिवर्तन
3. सु - सुगम, सुपुत्र
4. आ - आजीवन, आगमन
5. नि - नियम, निवास
6. बे - बेकसूर, बेईमान
7. उप - उपकार, उपवन
8. परा - पराजय, पराक्रम
9. उत् - उत्साह, उन्नति
10. पुनर् - पुनर्जन्म, पुनर्विचार
11. अनु - अनुशासन, अनुवाद
12. अन् - अनपढ़, अनदेखा (अनिच्छा)
13. अभि - अभिमान, अभिनय
14. प्रति - प्रतिदिन, प्रतिकूल
15. कु - कुपुत्र, कुमार्ग
In simple words: दिए गए उपसर्ग को किसी सार्थक शब्द के आगे जोड़कर नया अर्थपूर्ण शब्द बनाया जाता है।

Exam Tip: उपसर्ग जोड़ने के बाद बनने वाला शब्द व्याकरण की दृष्टि से शुद्ध और प्रचलित होना चाहिए।

 

Question. निम्नलिखित शब्दों में से मूल शब्दों व प्रयुक्त उपसर्गों को अलग-अलग करके लिखिए।
1. प्रदर्शन
2. अधिकार
3. अभियोग
4. अत्याधुनिक
5. प्रोत्साहित
6. अनादि
7. निर्भय
8. आपूर्ति
9. प्रगति
10. सम्मुख
11. दुर्भाग्य
12. संस्कृति
13. अस्थायी
14. दुराचारी
15. निराशा
16. संकल्प
17. निरपराध
18. उपकार
19. प्रख्यात
20. सद्गति
Answer:
1. प्रदर्शन = प्र (उपसर्ग) + दर्शन (मूल शब्द)
2. अधिकार = अधि (उपसर्ग) + कार (मूल शब्द)
3. अभियोग = अभि (उपसर्ग) + योग (मूल शब्द)
4. अत्याधुनिक = अति (उपसर्ग) + आधुनिक (मूल शब्द)
5. प्रोत्साहित = प्र (उपसर्ग) + उत्साहित (मूल शब्द)
6. अनादि = अन् (उपसर्ग) + आदि (मूल शब्द)
7. निर्भय = निर् (उपसर्ग) + भय (मूल शब्द)
8. आपूर्ति = आ (उपसर्ग) + पूर्ति (मूल शब्द)
9. प्रगति = प्र (उपसर्ग) + गति (मूल शब्द)
10. सम्मुख = सम् (उपसर्ग) + मुख (मूल शब्द)
11. दुर्भाग्य = दुर् (उपसर्ग) + भाग्य (मूल शब्द)
12. संस्कृति = सम् (उपसर्ग) + कृति (मूल शब्द)
13. अस्थायी = अ (उपसर्ग) + स्थायी (मूल शब्द)
14. दुराचारी = दुर् (उपसर्ग) + आचारी (मूल शब्द)
15. निराशा = निर् (उपसर्ग) + आशा (मूल शब्द)
16. संकल्प = सम् (उपसर्ग) + कल्प (मूल शब्द)
17. निरपराध = निर् (उपसर्ग) + अपराध (मूल शब्द)
18. उपकार = उप (उपसर्ग) + कार (मूल शब्द)
19. प्रख्यात = प्र (उपसर्ग) + ख्यात (मूल शब्द)
20. सद्गति = सत् (उपसर्ग) + गति (मूल शब्द)
In simple words: शब्द के आगे लगे अंश को उपसर्ग और पीछे बचे मुख्य अर्थ वाले शब्द को मूल शब्द कहते हैं।

Exam Tip: सम्, निर्, दुर् और सत् जैसे उपसर्गों को अलग करते समय हलंत लगाना कभी न भूलें।

 

Question I. प्रत्यय की परिभाषा देते हुए उसके दो उदाहरण दीजिए।
Answer: वे शब्दांश जो किसी सार्थक धातु या मूल शब्द के अंत (पीछे) में जुड़कर उसके अर्थ में नवीनता या विशिष्ट परिवर्तन ला देते हैं, उन्हें प्रत्यय कहते हैं। प्रत्यय का अपना स्वतंत्र अर्थ नहीं होता, किंतु यह शब्द में जुड़कर संज्ञा, विशेषण आदि बना देता है।
दो प्रमुख उदाहरण:
1. समाज + इक = सामाजिक ('इक' प्रत्यय जुड़ने से संज्ञा शब्द विशेषण बन गया)
2. लिख + आवट = लिखावट ('आवट' प्रत्यय जुड़ने से क्रिया भाववाचक संज्ञा में बदल गई)
In simple words: जो शब्दांश किसी शब्द के पीछे जुड़कर नया शब्द बनाता है, उसे प्रत्यय कहते हैं।

Exam Tip: कृत प्रत्यय (क्रिया के साथ जुड़ने वाले) और तद्धित प्रत्यय (संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण के साथ जुड़ने वाले) में से कम से कम एक-एक उदाहरण लिखें।

 

Question II. निम्नलिखित प्रत्ययों से दो-दो शब्द बनाइए।
पूर्वक, आवट, इक, वाला, त्व, ता, मान, ईला, नी, इत, ईने

Answer:
1. पूर्वक - ध्यानपूर्वक, सफलतापूर्वक
2. आवट - सजावट, बनावट
3. इक - दैनिक, ऐतिहासिक
4. वाला - दूधवाला, फलवाला
5. त्व - अपनत्व, मनुष्यत्व
6. ता - सुंदरता, मानवता
7. मान - बुद्धिमान, श्रीमान
8. ईला - चमकीला, सुरीला
9. नी - मथनी, ओढ़नी (चाँदनी)
10. इत - आनंदित, पल्लवित
11. ईने - महीने, नगीने
In simple words: प्रत्यय को किसी मूल शब्द के पीछे जोड़कर नया सार्थक शब्द बनाया जाता है।

Exam Tip: 'इक' प्रत्यय लगाने पर शब्द के पहले स्वर में वृद्धि हो जाती है (जैसे दिन से दैनिक, इतिहास से ऐतिहासिक)।

 

Question III. निम्नलिखित शब्दों से मूल शब्द और प्रत्यय अलग-अलग कीजिए।
1. अग्रिम
2. थकावट
3. द्रवित
4. रंगीन
5. शारीरिक
6. भाग्यशाली
7. कर्मठता
8. अर्पित
9. हर्षित (CBSE S.A.1 2011)
10. कालिमा
11. सखी
12. पुजारिन
13. साहसिक
14. चिह्नित
15. आकर्षित
16. आलोकित
17. हिचकिचाहट
18. जहरीला
19. चिंतित
20. बुद्धिमत्ता
21. बुढ़िया
22. तटस्थता
23. पर्वतीय
24. सांप्रदायिक
25. पागलपन
26. कठिनतम
27. बड़प्पन (CBSE S.A.1 2011)
28. चौकीदार
29. औपचारिक
30. सत्याग्रही
31. अपनापन
32. वैज्ञानिक
Answer:
1. अग्रिम = अग्र (मूल शब्द) + इम (प्रत्यय)
2. थकावट = थक / थकाना (मूल शब्द) + आवट (प्रत्यय)
3. द्रवित = द्रव (मूल शब्द) + इत (प्रत्यय)
4. रंगीन = रंग (मूल शब्द) + ईन (प्रत्यय)
5. शारीरिक = शरीर (मूल शब्द) + इक (प्रत्यय)
6. भाग्यशाली = भाग्य (मूल शब्द) + शाली (प्रत्यय)
7. कर्मठता = कर्मठ (मूल शब्द) + ता (प्रत्यय)
8. अर्पित = अर्पण / अर्प (मूल शब्द) + इत (प्रत्यय)
9. हर्षित = हर्ष (मूल शब्द) + इत (प्रत्यय)
10. कालिमा = काला (मूल शब्द) + इमा (प्रत्यय)
11. सखी = सख (मूल शब्द) + ई (प्रत्यय)
12. पुजारिन = पुजारी (मूल शब्द) + इन (प्रत्यय)
13. साहसिक = साहस (मूल शब्द) + इक (प्रत्यय)
14. चिह्नित = चिह्न (मूल शब्द) + इत (प्रत्यय)
15. आकर्षित = आकर्षण / आकर्ष (मूल शब्द) + इत (प्रत्यय)
16. आलोकित = आलोक (मूल शब्द) + इत (प्रत्यय)
17. हिचकिचाहट = हिचकिचाना / हिचकिच (मूल शब्द) + आहट (प्रत्यय)
18. जहरीला = जहर (मूल शब्द) + ईला (प्रत्यय)
19. चिंतित = चिंता (मूल शब्द) + इत (प्रत्यय)
20. बुद्धिमत्ता = बुद्धिमत् / बुद्धिमान (मूल शब्द) + ता (प्रत्यय) [अथवा बुद्धि + मत्ता]
21. बुढ़िया = बूढ़ा (मूल शब्द) + इया (प्रत्यय)
22. तटस्थता = तटस्थ (मूल शब्द) + ता (प्रत्यय)
23. पर्वतीय = पर्वत (मूल शब्द) + ईय (प्रत्यय)
24. सांप्रदायिक = संप्रदाय (मूल शब्द) + इक (प्रत्यय)
25. पागलपन = पागल (मूल शब्द) + पन (प्रत्यय)
26. कठिनतम = कठिन (मूल शब्द) + तम (प्रत्यय)
27. बड़प्पन = बड़ा (मूल शब्द) + प्पन (प्रत्यय)
28. चौकीदार = चौकी (मूल शब्द) + दार (प्रत्यय)
29. औपचारिक = उपचार (मूल शब्द) + इक (प्रत्यय)
30. सत्याग्रही = सत्याग्रह (मूल शब्द) + ई (प्रत्यय)
31. अपनापन = अपना (मूल शब्द) + पन (प्रत्यय)
32. वैज्ञानिक = विज्ञान (मूल शब्द) + इक (प्रत्यय)
In simple words: शब्द के अंत में लगे हिस्से को प्रत्यय और आगे के मुख्य सार्थक शब्द को मूल शब्द कहते हैं।

Exam Tip: प्रत्यय अलग करने के बाद ध्यान दें कि मूल शब्द का प्रारंभिक रूप शुद्ध हो (जैसे 'बुढ़िया' में मूल शब्द 'बूढ़ा' और 'वैज्ञानिक' में 'विज्ञान' होता है)।

 

Question. निम्नलिखित विराम-चिह्नों के नाम बताइए-
1. -
2. —
3. ?
4. !
5. ।
6. ,
7. ;
8. ' ' " "
9. :
10. ( )
11. ( 0 )
12. ( ^ )
Answer:
1. - = योजक चिह्न (विभाजक चिह्न)
2. — = निर्देशक चिह्न (डैश)
3. ? = प्रश्नवाचक चिह्न
4. ! = विस्मयादिबोधक चिह्न (आश्चर्य चिह्न)
5. । = पूर्णविराम
6. , = अल्पविराम
7. ; = अर्धविराम
8. ' ' " " = उद्धरण चिह्न (एकहरा एवं दोहरा उद्धरण चिह्न / अवतरण चिह्न)
9. : = उपविराम (अपूर्ण विराम)
10. ( ) = कोष्ठक चिह्न
11. ( 0 ) = लाघव चिह्न (संक्षेपसूचक चिह्न)
12. ( ^ ) = हंसपद (त्रुटिपूरक चिह्न / काकपद)
In simple words: वाक्यों को पढ़ते और लिखते समय भावों को स्पष्ट करने के लिए प्रयुक्त संकेतों को विराम-चिह्न कहते हैं।

Exam Tip: योजक चिह्न (-) और निर्देशक चिह्न (—) के आकार तथा लाघव चिह्न (०) और हंसपद (^) के शुद्ध नाम याद रखें।

 

Question. निम्नलिखित वाक्यों में उचित विराम-चिह्न लगाकर लिखिए-
1. हमारे देश में मुख्यतः छह ऋतुएँ हेमंत शिशिर वसंत ग्रीष्म वर्षा और शरद बारी बारी से आती हैं
2. मैंने अपने भाई बहनों से कहा आपस में लड़ना उचित नहीं है
3. बुढ़िया खरबूजे बेचने का साहस करके आई थी परंतु सिर पर चादर लपेट सिर को घुटनों पर टिकाए हुए फफक फफककर रो रही थी
4. मैंने उसे दृढ़तापूर्वक कहा मैं भी औरों की तरह एक पर्वतारोही हूँ इसलिए इस दल में आई हूँ
5. कल पत्नी ने धीरे धीरे से पूछा था कब तक टिकेंगे ये
6. आचार्य शुक्ल ने लिखा है श्रद्धा हमारी वह मनोवृत्ति है जो निष्ठा भक्ति विश्वास तीनों से युक्त होकर किसी पूज्य या बड़े की ओर उन्मुख करती है
7. पाप और पुण्य सच और झूठ बेईमानी और ईमानदारी ये सब सामाजिक मूल्य है
8. हमारे व्यवहार से ही जब कोई मित्र शत्रु हो सकता है तो क्यों न अपने सद् व्यवहार से अपने पराए सभी को हम मित्र बनाएँ सही कहा न
Answer:
1. हमारे देश में मुख्यतः छह ऋतुएँ - हेमंत, शिशिर, वसंत, ग्रीष्म, वर्षा और शरद बारी-बारी से आती हैं।
2. मैंने अपने भाई-बहनों से कहा, "आपस में लड़ना उचित नहीं है।"
3. बुढ़िया खरबूजे बेचने का साहस करके आई थी, परंतु सिर पर चादर लपेट, सिर को घुटनों पर टिकाए हुए फफक-फफककर रो रही थी।
4. मैंने उसे दृढ़तापूर्वक कहा, "मैं भी औरों की तरह एक पर्वतारोही हूँ, इसलिए इस दल में आई हूँ।"
5. कल पत्नी ने धीरे-धीरे से पूछा था, "कब तक टिकेंगे ये?"
6. आचार्य शुक्ल ने लिखा है, "श्रद्धा हमारी वह मनोवृत्ति है जो निष्ठा, भक्ति, विश्वास तीनों से युक्त होकर किसी पूज्य या बड़े की ओर उन्मुख करती है।"
7. पाप और पुण्य, सच और झूठ, बेईमानी और ईमानदारी - ये सब सामाजिक मूल्य हैं।
8. हमारे व्यवहार से ही जब कोई मित्र-शत्रु हो सकता है, तो क्यों न अपने सद्-व्यवहार से अपने-पराए सभी को हम मित्र बनाएँ? सही कहा न?
In simple words: वाक्यों में जहाँ थोड़ा रुकना हो वहाँ अल्पविराम, किसी का कथन हो तो उद्धरण चिह्न और वाक्य पूर्ण होने पर पूर्णविराम लगाते हैं।

Exam Tip: प्रत्यक्ष कथन (डायरेक्ट स्पीच) वाले वाक्यों में वक्ता के बाद अल्पविराम (,) लगाकर कथन को दोहरे उद्धरण चिह्न ("...") में बंद करना आवश्यक है।

 

Question. निम्नलिखित विषयों पर संवाद लिखिए।
1. अमित और अतुल, दो विद्यार्थियों में बातचीत हो रही है। बातचीत यमुना जल की स्वच्छता के प्रयास हेतु अभियान में जाने के लिए की जा रही तैयारियों के बारे में है। बातचीत की कल्पना कीजिए तथा लगभग 50 शब्दों में संवाद लिखिए।
2. श्रीमती सुधा देवी व श्रीमती कनिका अरोड़ा में दहेज प्रथा पर हुई बातचीत को लगभग 50 शब्दों में संवाद के रूप में प्रस्तुत कीजिए।
3. क्रिकेट मैच के बारे में दो युवाओं के बीच बातचीत हो रही है। उनके बीच लगभग 50 शब्दों में संवाद लिखिए।
4. मनपसंद टी. वी. शो पर हुई बातचीत को लगभग 50 शब्दों में संवाद के रूप में प्रस्तुत कीजिए। बातचीत शिखा और मधुलिका के बीच हो रही है।
5. शिष्टाचार की शिक्षा के बारे में बातचीत को लगभग 50 शब्दों में संवाद के रूप में प्रस्तुत कीजिए।
Answer:
1. यमुना स्वच्छता अभियान पर अमित और अतुल के मध्य संवाद:
अमित: अतुल, कल सुबह यमुना स्वच्छता अभियान में चलने की तैयारी पूरी हो गई?
अतुल: हाँ अमित! मैंने दस्ताने, कचरा उठाने की थैलियाँ और बैनर तैयार कर लिए हैं।
अमित: बहुत खूब! हमें वहाँ घाटों पर बिखरी प्लास्टिक और गंदगी साफ करनी है तथा लोगों को भी जागरूक करना है।
अतुल: बिल्कुल, जब तक नागरिक सजग नहीं होंगे, तब तक हमारी नदियाँ स्वच्छ नहीं रह सकतीं। कल समय पर मिलते हैं।

2. दहेज प्रथा पर श्रीमती सुधा देवी और श्रीमती कनिका अरोड़ा का संवाद:
सुधा देवी: कनिका जी, आज के आधुनिक युग में भी दहेज रूपी दानव बेटियों के जीवन को लील रहा है।
कनिका: सच कहा आपने सुधा जी! लोग पढ़-लिखकर भी शादी में महँगी गाड़ियों और नकदी की माँग करते हैं, यह अत्यंत लज्जास्पद है।
सुधा देवी: जब तक युवा पीढ़ी स्वयं आगे आकर बिना दहेज के विवाह का संकल्प नहीं लेगी, तब तक यह कुप्रथा समाप्त नहीं होगी।
कनिका: सही कह रही हैं, समाज को अपनी मानसिकता बदलनी ही होगी।

3. क्रिकेट मैच पर दो युवाओं (रोहन और सोहन) के बीच संवाद:
रोहन: सोहन, कल भारत और ऑस्ट्रेलिया का टी-20 मुकाबला देखा तुमने? क्या रोमांचक मैच था!
सोहन: हाँ रोहन! अंतिम ओवर में जब जीतने के लिए 12 रन चाहिए थे, तब मेरी साँसें थम गई थीं।
रोहन: हमारे बल्लेबाजों ने जिस धैर्य और आक्रामकता से छक्का लगाकर जीत दिलाई, उसने दिल जीत लिया।
सोहन: सच में, यह टीम इंडिया के सामूहिक संघर्ष और आत्मविश्वास की ऐतिहासिक विजय थी!

4. मनपसंद टीवी शो पर शिखा और मधुलिका का संवाद:
शिखा: मधुलिका, क्या तुम भी हर शनिवार 'कौन बनेगा करोड़पति' देखती हो?
मधुलिका: हाँ शिखा, यह मेरा सबसे पसंदीदा शो है। इसमें ज्ञानवर्धन के साथ-साथ अद्भुत प्रेरणा मिलती है।
शिखा: मुझे अमिताभ बच्चन जी का शालीन संचालन और प्रतियोगियों का जीवन-संघर्ष बहुत प्रभावित करता है।
मधुलिका: बिल्कुल! खेल-खेल में सामान्य ज्ञान बढ़ाने का इससे उत्तम पारिवारिक मंच कोई दूसरा नहीं है।

5. शिष्टाचार की शिक्षा पर शिक्षक और छात्र (अक्षत) का संवाद:
शिक्षक: अक्षत, केवल किताबी ज्ञान हासिल करना ही शिक्षा नहीं है, शिष्टाचार जीवन का सबसे पहला गहना है।
अक्षत: गुरुजी, एक विद्यार्थी के लिए सबसे मुख्य शिष्टाचार क्या होना चाहिए?
शिक्षक: बड़ों का आदर करना, सभी से विनम्रतापूर्वक मधुर वाणी में बात करना और अनुशासन का पालन करना ही सच्चा शिष्टाचार है।
अक्षत: धन्यवाद गुरुजी, मैं इन नैतिक मूल्यों को अपने दैनिक जीवन में सदैव अपनाऊँगा।
In simple words: दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच की स्वाभाविक, संक्षिप्त और विषय-केंद्रित बातचीत को संवाद कहते हैं।

Exam Tip: संवाद संक्षिप्त (लगभग 50 शब्द), भाषा सरल व पात्रानुकूल और विराम-चिह्नों से युक्त होनी चाहिए।

 

Question. निम्नलिखित विषयों पर पत्र लिखिए।
1. आप विद्यालय की ओर से दक्षिण भारत के टूर पर निकले हैं। आप महाबलीपुरम पहुँच गए हैं। महाबलीपुरम का वर्णन करते हुए पिता जी को एक पत्र लिखिए।
2. आपकी बड़ी बहन अमेरिका से एक घड़ी खरीद कर लाई है। उन्हें धन्यवाद देते हुए एक पत्र लिखिए।
3. आपके विद्यालय में 'अंतरविद्यालय नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता' का आयोजन हुआ। इस प्रतियोगिता का वर्णन करते हुए अपनी सहेली को पत्र लिखिए।
4. अपने विदेशी मित्र को पत्र लिखिए जिसमें भारतीय संस्कृति के महत्त्व का वर्णन हो।
5. अपने मित्र को दीपावली साथ मनाने का निमंत्रण देते हुए पत्र लिखिए।
6. आपके विद्यालय में हाल ही में खेल दिवस मनाया गया। अपने मित्र को उसकी जानकारी देते हुए एक पत्र लिखिए।
7. आप 247, फ्रेंड्स एन्क्लेव, दिल्ली के रहने वाले चंद्रशेखर हैं। आपके बड़े भाई विद्यालय में अध्यापक से प्रधानाध्यापक हो गए हैं। आप उन्हें बधाई-पत्र लिखिए।
Answer:
1. महाबलीपुरम भ्रमण का वर्णन करते हुए पिता जी को पत्र:
होटल सी-ब्रीज, महाबलीपुरम
दिनांक: 15 सितंबर 2024
पूज्य पिताजी,
सादर चरण स्पर्श।
हमारा विद्यालयी दल आज सकुशल महाबलीपुरम पहुँच गया है। बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित यह ऐतिहासिक स्थल अद्वितीय पाषाण-शिल्प का अद्भुत केंद्र है। हमने यहाँ समुद्र तट पर बना भव्य 'तट मंदिर' (शोर टेंपल), विशाल रथ-मंदिर तथा एकाश्मक पत्थरों पर उकेरी गई 'अर्जुन की तपस्या' नामक विश्वप्रसिद्ध कलाकृति देखी। प्राचीन पल्लव कालीन मूर्तिकला को साक्षात देखकर मन विस्मय से भर उठा है। हमारे शिक्षक हमें प्रत्येक स्मारक का ऐतिहासिक महत्व विस्तार से समझा रहे हैं। मैं पूर्णतः स्वस्थ हूँ। माता जी को प्रणाम और अनुज को स्नेह।
आपका आज्ञाकारी पुत्र,
अमित

2. घड़ी उपहार में देने पर बड़ी बहन को धन्यवाद पत्र:
छात्रावास, देहरादून
दिनांक: 15 सितंबर 2024
आदरणीय दीदी,
सादर प्रणाम।
कल अमेरिका से लौटा आपका पार्सल मुझे प्राप्त हुआ। जब मैंने डिब्बा खोला, तो उसमें वह सुंदर कलाई घड़ी देखकर मेरी प्रसन्नता का ठिकाना न रहा, जिसकी मुझे परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यधिक आवश्यकता थी। यह घड़ी न केवल अत्यंत आकर्षक और आधुनिक तकनीक से युक्त है, बल्कि यह आपके अगाध स्नेह का अनुपम प्रतीक भी है। यह मुझे सदैव समय के पाबंद रहने और लगन से अध्ययन करने की प्रेरणा देती रहेगी। इस अनमोल उपहार के लिए आपका हृदय से बहुत-बहुत धन्यवाद। जीजा जी को सादर प्रणाम।
आपका स्नेही अनुज,
रोहित

3. नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता का वर्णन करते हुए सहेली को पत्र:
परीक्षा भवन, नई दिल्ली
दिनांक: 15 सितंबर 2024
प्रिय सहेली रिया,
सप्रेम नमस्ते।
आशा है तुम आनंदपूर्वक होगी। कल हमारे विद्यालय में 'पर्यावरण संरक्षण और जल-संकट' विषय पर एक भव्य 'अंतरविद्यालय नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता' आयोजित की गई। इस आयोजन में शहर के पंद्रह प्रमुख विद्यालयों की नाट्य-मंडलियों ने भाग लिया। हमारे विद्यालय के दल ने ढपली और ओजस्वी गीतों के माध्यम से प्लास्टिक के दुष्प्रभावों और कटते वनों की त्रासदी को इतने मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया कि उपस्थित जनसमूह भावुक हो उठा। निर्णायक मंडल ने हमारे अभिनय की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए हमारे विद्यालय को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया। काश तुम भी इस गौरवमयी क्षण की साक्षी बनती! चाचा जी और चाची जी को चरण स्पर्श।
तुम्हारी अभिन्न सखी,
शिखा

4. विदेशी मित्र को भारतीय संस्कृति का महत्त्व बताते हुए पत्र:
24, माल रोड, जयपुर
दिनांक: 15 सितंबर 2024
प्रिय मित्र जॉन,
हार्दिक सप्रेम नमस्कार।
मुझे तुम्हारा पत्र मिला जिसमें तुमने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के विषय में जानने की इच्छा प्रकट की थी। मित्र, भारतीय संस्कृति संसार की प्राचीनतम और सबसे सहिष्णु संस्कृतियों में से एक है। हमारी संस्कृति का मूल मंत्र 'वसुधैव कुटुंबकम्' अर्थात पूरी पृथ्वी ही एक परिवार है। यहाँ विविध धर्मों, भाषाओं और जातियों के लोग परस्पर प्रेम और सद्भाव के साथ रहते हैं। यहाँ का संयुक्त परिवार तंत्र, बड़ों का आदर, योग, आयुर्वेद और प्रकृति-पूजा इसे विशिष्ट पहचान देते हैं। अतिथि को ईश्वर का रूप मानना हमारे संस्कारों में बसा है। मेरी हार्दिक इच्छा है कि तुम शीघ्र भारत आओ और इस पावन संस्कृति का प्रत्यक्ष अनुभव करो।
तुम्हारा सच्चा मित्र,
विवेक

5. दीपावली साथ मनाने हेतु मित्र को निमंत्रण पत्र:
सेक्टर-14, चंडीगढ़
दिनांक: 15 सितंबर 2024
प्रिय मित्र मयंक,
सप्रेम नमस्ते।
जैसा कि तुम जानते हो कि प्रकाश का महापर्व दीपावली निकट आ रहा है। इस वर्ष मेरे परिवार की प्रबल इच्छा है कि तुम दीपावली का यह पावन पर्व हमारे घर पर हमारे साथ मनाओ। इस अवसर पर हमारे घर में पारंपरिक पकवान बनेंगे, दीप प्रज्वलित किए जाएँगे और हम सब मिलकर आनंदोत्सव मनाएँगे। हमने प्रदूषण-मुक्त दीपावली मनाने का संकल्प लिया है। अतः तुम दीपावली से दो दिन पूर्व ही आ जाना ताकि हम साथ में ढेर सारी पुरानी यादें ताजा कर सकें। अंकल और आंटी को मेरा सादर प्रणाम कहना।
तुम्हारा प्रिय मित्र,
सुमित

6. खेल दिवस की जानकारी देते हुए मित्र को पत्र:
वसंत कुंज, दिल्ली
दिनांक: 15 सितंबर 2024
प्रिय मित्र अमन,
सस्नेह नमस्कार।
तुम्हें यह जानकर अपार प्रसन्नता होगी कि गत सप्ताह हमारे विद्यालय में वार्षिक 'खेल दिवस' अत्यंत धूमधाम और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय एथलीट श्री सुशील कुमार थे। मैदान पर 100 मीटर दौड़, रिले रेस, लंबी कूद, फुटबॉल और बास्केटबॉल की रोमांचक प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। मैंने 400 मीटर दौड़ में भाग लिया और कड़े मुकाबले के पश्चात द्वितीय स्थान प्राप्त कर रजत पदक हासिल किया। इस दिन ने हमें खेल भावना, अनुशासन और सहयोग का अमूल्य पाठ पढ़ाया। चाचा जी व चाची जी को प्रणाम।
तुम्हारा मित्र,
नवीन

7. बड़े भाई के प्रधानाध्यापक बनने पर बधाई-पत्र:
247, फ्रेंड्स एन्क्लेव, दिल्ली
दिनांक: 15 सितंबर 2024
आदरणीय बड़े भैया,
सादर चरण स्पर्श।
आज प्रातः काल जब पिताजी ने यह शुभ समाचार सुनाया कि आपका पदोन्नति के उपरांत विद्यालय में अध्यापक से प्रधानाध्यापक (प्रिंसिपल) के पद पर चयन हो गया है, तो हमारी प्रसन्नता की कोई सीमा न रही। इस प्रतिष्ठित और गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए आपको पूरे परिवार की ओर से कोटि-कोटि बधाई! यह आपके अनवरत कठोर परिश्रम, कर्तव्यनिष्ठा और शिक्षण के प्रति अटूट समर्पण का ही सुफल है। हमें पूर्ण विश्वास है कि आपके कुशल नेतृत्व में विद्यालय प्रगति के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। ईश्वर आपको सदैव स्वस्थ और सफल रखे। भाभी को प्रणाम और नन्हे चिंटू को प्यार।
आपका अनुज,
चंद्रशेखर
In simple words: पत्र के प्रारूप में भेजने वाले का पता, तारीख, सही संबोधन, अभिवादन और विषयवस्तु को क्रम से लिखा जाता है।

Exam Tip: अनौपचारिक पत्रों में बाईं ओर प्रेषक का पता, दिनांक, आत्मीय संबोधन और अंत में प्रेषक का संबंध व नाम शुद्ध रूप से लिखें।

 

Question. निम्नलिखित विषयों पर विज्ञापन लिखिए।
1. आपको एक घड़ी की कंपनी के मालिक ने विज्ञापन बनाने को दिया है। आकर्षक विज्ञापन तैयार कीजिए। शब्द सीमा 25 शब्द है।
2. उर्वशी पेंसिल कंपनी के लिए एक आकर्षक प्रदर्शित विज्ञापन तैयार कीजिए। लगभग 25 शब्दों का प्रयोग कीजिए।
3. दंत मंजन के निर्माता के निर्देशानुसार उनके मंजन के लिए प्रदर्शित विज्ञापन तैयार कीजिए। लगभग 25 शब्दों का प्रयोग कीजिए।
4. साक्षरता अभियान को बढ़ावा देने के लिए एक प्रदर्शित विज्ञापन तैयार कीजिए। लगभग 25 शब्दों का प्रयोग कीजिए।
5. जूतों की कंपनी के लिए एक आकर्षक विज्ञापन तैयार कीजिए। 20-25 शब्दों का प्रयोग कीजिए।
6. 'श्रीराम वाटिका' विवाह व पार्टी स्थल के लिए एक आकर्षक विज्ञापन तैयार कीजिए। शब्द सीमा 20-25 शब्द है।
7. दुर्गा फाइनेंस' घर बैठे लोन की सुविधा प्रदान करने के लिए वर्गीकृत विज्ञापन तैयार कीजिए। निर्धारित शब्द सीमा 20-25 शब्द है।
8. सुनीता देवी सुपुत्री श्री रामचंद्र का नाम सभी कार्यों के लिए श्वेता हो गया है। इसकी सूचना हेतु वर्गीकृत विज्ञापन तैयार कीजिए। (शब्द सीमा 20-25 शब्द)
Answer:
1. घड़ी का विज्ञापन:
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वक्त आपका, पहचान हमारी - 'टाइम-स्टार' घड़ियाँ!
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2. उर्वशी पेंसिल का विज्ञापन:
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कीमत मात्र 50 रुपये। सभी स्टेशनरी दुकानों पर उपलब्ध।

3. दंत मंजन का विज्ञापन:
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मोतियों जैसे चमकते दाँत - 'दंत-सुरक्षा' मंजन!
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4. साक्षरता अभियान का विज्ञापन:
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संपर्क: जिला साक्षरता समिति, दूरभाष: 011-23456789

5. जूतों की कंपनी का विज्ञापन:
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पता: एमजी रोड, दिल्ली। मोबाइल: 9988776655

6. 'श्रीराम वाटिका' विवाह व पार्टी स्थल का विज्ञापन:
[बॉक्स के भीतर]
मांगलिक अवसरों का भव्य स्थल - 'श्रीराम वाटिका' बैंक्वेट व लॉन!
- विशाल वातानुकूलित हॉल, 1500 अतिथियों की क्षमता।
- सुरुचिपूर्ण सजावट, स्वादिष्ट खान-पान और विशाल पार्किंग।
- शुभ विवाह, सगाई व उत्सवों की अग्रिम बुकिंग जारी।
स्थान: रिंग रोड, जयपुर। संपर्क: 9414012345

7. 'दुर्गा फाइनेंस' वर्गीकृत विज्ञापन (लोन सुविधा):
[वर्गीकृत विज्ञापन]
लोन चाहिए? घर बैठे पाएँ व्यक्तिगत व व्यावसायिक ऋण 'दुर्गा फाइनेंस' से। न्यूनतम दस्तावेज, 24 घंटे में स्वीकृति, सबसे कम ब्याज दर। कोई छिपा शुल्क नहीं। संपर्क: दुर्गा फाइनेंस, कनाट प्लेस, नई दिल्ली। फोन: 011-45678901, मो: 9811223344

8. नाम परिवर्तन संबंधी वर्गीकृत विज्ञापन:
[सार्वजनिक सूचना]
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मैं, सुनीता देवी सुपुत्री श्री रामचंद्र, निवासी 45, गांधी नगर, मेरठ ने अपना नाम बदलकर 'श्वेता' रख लिया है। भविष्य में मुझे सभी सरकारी व गैर-सरकारी कार्यों में 'श्वेता' नाम से ही जाना व पहचाना जाए। शपथ-पत्र संख्या: 1234/2024, नोटरी मेरठ।
In simple words: किसी उत्पाद या सूचना को आम जनता तक पहुँचाने के लिए बॉक्स बनाकर सुंदर और तुकबंद भाषा में लिखा गया संदेश विज्ञापन कहलाता है।

Exam Tip: प्रदर्शित विज्ञापन को सदैव आयताकार बॉक्स में बनाएँ, मुख्य शीर्षक बड़ा लिखें और शब्द सीमा (20-25 शब्द) का कड़ाई से पालन करें।

 

Question. निम्नांकित चित्रों को ध्यानपूर्वक देखिए तथा उनका वर्णन 20-30 शब्दों में कीजिए।
1. चित्र 1
2. चित्र 2
3. चित्र 3
4. चित्र 4
Answer:
1. चित्र 1 का वर्णन (प्राकृतिक वन और नदी):
इस चित्र में घने वनों के बीच से स्वच्छ जल की अविरल जलधारा बहती दिखाई दे रही है। चारों ओर फैली हरियाली और वृक्ष पर्यावरण की शांति, शुद्धता तथा समृद्ध प्राकृतिक सौंदर्य को प्रकट करते हैं।

2. चित्र 2 का वर्णन (रात्रि आकाश व अर्धचंद्र):
प्रस्तुत चित्र में शांत निशा (रात्रि) के अंधकारमय गगन में दूज का सुंदर अर्धचंद्र चमक रहा है। चारों ओर छाया एकांत और मंद प्रकाश मन को अपार मानसिक शांति और अलौकिक सुकून प्रदान करता है।

3. चित्र 3 का वर्णन (एचपी प्रोबुक लैपटॉप):
यह चित्र आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी के प्रमुख साधन लैपटॉप (एचपी प्रोबुक) का है। यह आज के डिजिटल युग में शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान, व्यापार और त्वरित संचार का अनिवार्य और शक्तिशाली माध्यम है।

4. चित्र 4 का वर्णन (स्वच्छ पेयजल प्रवाह / जल संरक्षण):
इस चित्र में जल के नल से स्वच्छ जीवनदायी जल की धारा प्रवाहित होती दिखाई दे रही है। यह दृश्य हमें 'जल ही जीवन है' का संदेश देते हुए जल की एक-एक बूँद के संरक्षण का संकल्प दिलाता है।
In simple words: चित्र को देखकर उसमें दिखाई देने वाली मुख्य वस्तु या भाव का 2-3 सरल वाक्यों में संक्षिप्त वर्णन करना चित्र वर्णन कहलाता है।

Exam Tip: चित्र वर्णन में केवल 20-30 शब्दों के भीतर चित्र के मुख्य संदेश (थीम) को प्रभावी भाषा में लिखें।

 

Question. दिए गए संकेत बिन्दुओं के आधार पर निम्नलिखित विषयों पर लगभग 100 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए:
(1) जननी और जन्मभूमि
* जन्मभूमि माँ के समान * जन्मभूमि से प्राप्त होने वाले सुख * जन्मभूमि के प्रति कर्तव्य
(2) सत्संगति
* सत्संगति का अर्थ * सत्संगति का प्रभाव * सत्संगति के लाभ
(3) बाल श्रमिक
* पढ़ने की उम्र में काम * आर्थिक विवशता * शोषण * मुक्ति कैसे

Answer:
(1) जननी और जन्मभूमि:
शास्त्रों में कहा गया है - 'जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी' अर्थात जन्म देने वाली माता और जिस धरती पर हमने जन्म लिया है, वे स्वर्ग से भी श्रेष्ठ हैं। जन्मभूमि हमें अपनी गोद में माँ के समान वात्सल्य और पोषण प्रदान करती है। इसी पावन माटी से प्राप्त अन्न, जल और वायु हमारे प्राणों की रक्षा करते हैं। इसके कण-कण में हमारी बाल-क्रीड़ाएँ और पूर्वजों की स्मृतियाँ समाहित हैं। जन्मभूमि के प्रति हमारा यह पुनीत कर्तव्य है कि हम उसके स्वाभिमान, संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने को तत्पर रहें तथा इसके विकास में निष्ठापूर्वक योगदान दें।

(2) सत्संगति:
'सत्संगति' दो शब्दों के मेल से बना है - सत् + संगति, जिसका अर्थ है अच्छे, सदाचारी और विद्वान व्यक्तियों की संगति। संगति का प्रभाव मनुष्य के जीवन पर अनिवार्य रूप से पड़ता है। गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा है कि पारस के स्पर्श से लोहा भी कंचन बन जाता है। अच्छी संगति मनुष्य के दुर्गुणों को मिटाकर उसमें सत्य, दया, धैर्य और परोपकार जैसे उच्च मानवीय गुणों का संचार करती है। सत्संगति से मनुष्य समाज में मान-सम्मान पाता है और प्रगति के शिखर पर पहुँचता है, जबकि कुसंगति उसे पतन के गहरे गर्त में धकेल देती है।

(3) बाल श्रमिक:
बचपन जीवन का सबसे स्वर्णिम और कोमल काल होता है, जो विद्याध्ययन और खेलकूद के लिए बना है। किंतु अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज भी लाखों मासूम बच्चे स्कूल जाने की उम्र में होटलों, ढाबों, ईंट-भट्ठों और कारखानों में बाल मजदूरी करने को विवश हैं। घोर निर्धनता, भुखमरी और पारिवारिक आर्थिक विवशता उन्हें इस अंधकारमय दलदल में झोंक देती है। वहाँ उनका शारीरिक और मानसिक शोषण होता है तथा उनका बचपन असमय ही मुरझा जाता है। इस सामाजिक अभिशाप से मुक्ति पाने के लिए बाल-श्रम कानूनों का कड़ाई से पालन, निर्धन परिवारों को आर्थिक सहायता तथा सभी बच्चों के लिए अनिवार्य व नि:शुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
In simple words: दिए गए संकेत-बिंदुओं के आधार पर लगभग 100 शब्दों में बिना भटके अपने विचार प्रकट करना अनुच्छेद लेखन है।

Exam Tip: अनुच्छेद लिखते समय रूपरेखा या संकेत-बिंदुओं को शामिल करते हुए एक ही सुगठित अनुच्छेद में लिखें, अलग-अलग उपशीर्षक न बनाएँ।

 

पाठ्य पुस्तक स्पर्श एवं पूरक पुस्तक संचयन में पढ़ाए गए सभी पाठों व प्रश्नोत्तर का पूर्णरूप से (मौखिक एवं लिखित) अभ्यास करें।

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