Download NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 09 द्रव्य का परमाण्विक आधार
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Question 1: क्रियाकलाप 9.1 (सिरका-बेकिंग सोडा प्रयोग) से द्रव्यमान संरक्षण के नियम की जाँच किस प्रकार की गई?
Answer:
जब सिरके युक्त बंद शंक्वाकार फ्लास्क में बेकिंग सोडा युक्त गुब्बारा जोड़कर बेकिंग सोडा को सिरके में गिराया गया,
तो रासायनिक अभिक्रिया के फलस्वरूप कार्बन डाइऑक्साइड गैस उत्पन्न हुई।
चूँकि गैस गुब्बारे के अंदर ही कैद रही और फ्लास्क बंद था, इसलिए निकाय का कुल द्रव्यमान अपरिवर्तित रहा।
इससे अभिक्रिया से पहले और बाद के प्रारंभिक तथा अंतिम पाठ्यांक समान रहे, जिससे द्रव्यमान संरक्षण के नियम की पुष्टि हुई।
मुख्य बिंदु:
• रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो सृजन होता है और न ही विनाश।
• बंद निकाय (Closed system) में गैसों को बाहर जाने से रोका जाता है।
• प्रारंभिक द्रव्यमान और अंतिम द्रव्यमान का मान समान प्राप्त होता है।
आम गलतियाँ:
• खुले बर्तन में प्रयोग करने से गैस वातावरण में उड़ जाती है जिससे द्रव्यमान घट जाता है।
• द्रव्यमान संरक्षण के नियम की गलत परिभाषा लिखना।
• फ्लास्क को खुला छोड़कर पाठ्यांक दर्ज करना।
Exam Tips:
a) प्रयोग का वर्णन करते समय 'बंद निकाय' शब्द का उल्लेख अवश्य करें।
b) द्रव्यमान संरक्षण के नियम को स्पष्ट रूप से परिभाषित करें।
c) उत्तर को संक्षिप्त और सटीक बिंदुओं में लिखें।
Question 2: प्रायोगिक व्यवस्था 1 में द्रव्यमान में भिन्नता क्यों देखी गई जबकि व्यवस्था 2 में नहीं?
Answer:
प्रायोगिक व्यवस्था 1 में बेकिंग सोडा को सीधे खुले फ्लास्क में डाला गया था,
जिसके कारण रासायनिक अभिक्रिया से उत्पन्न होने वाली कार्बन डाइऑक्साइड गैस मुक्त होकर वातावरण में चली गई।
गैस के बाहर जाने के कारण फ्लास्क का कुल द्रव्यमान कम हो गया और पाठ्यांक में अंतर आया।
इसके विपरीत, व्यवस्था 2 में गुब्बारे को फ्लास्क के मुँह पर बाँधकर एक बंद निकाय बनाया गया था, जिससे गैस बाहर नहीं निकल सकी और कुल द्रव्यमान समान रहा।
मुख्य बिंदु:
• खुली व्यवस्था में गैसें वातावरण में विलीन हो जाती हैं।
• बंद व्यवस्था में द्रव्यमान नियत रहता है।
• गैस का अपना द्रव्यमान होता है, अतः उसके उड़ने से वजन कम प्रतीत होता है।
आम गलतियाँ:
• गैस के द्रव्यमान को न समझना।
• खुले और बंद निकाय के अंतर को स्पष्ट न करना।
• केवल रासायनिक समीकरण लिखकर छोड़ देना।
Exam Tips:
a) खुले और बंद निकाय के प्रभाव को तुलनात्मक रूप से समझाएँ।
b) गैस के पलायन को द्रव्यमान में अंतर का मुख्य कारण बताएं।
c) आरेख या स्पष्ट शब्दों का प्रयोग करें।
Question 3: हाइड्रोजन अणु (\( \text{H}_2 \)) के निर्माण की प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी द्वारा समझाइए।
Answer:
हाइड्रोजन परमाणु (परमाणु क्रमांक 1) के K-कोश में केवल एक इलेक्ट्रॉन होता है,
जबकि इसके K-कोश को पूर्ण होने के लिए दो इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है।
स्थायित्व प्राप्त करने के लिए दो हाइड्रोजन परमाणु परस्पर एक-एक इलेक्ट्रॉन साझा करते हैं।
इस प्रकार इलेक्ट्रॉनों का एक सहभाजित युग्म दोनों नाभिकों को आकर्षित करता है और एकल सहसंयोजी आबंध (\( \text{H}-\text{H} \)) द्वारा एक स्थायी अणु बनाता है।
मुख्य बिंदु:
• हाइड्रोजन का परमाणु क्रमांक 1 होता है।
• स्थायित्व के लिए डिकेट (द्विक नियम) पूरा करना आवश्यक है।
• इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी से सहसंयोजी आबंध बनता है।
आम गलतियाँ:
• अष्टक नियम को हाइड्रोजन पर लागू करना (हाइड्रोजन द्विक नियम का पालन करता है)।
• इलेक्ट्रॉनों के स्थानांतरण और साझेदारी में भ्रमित होना।
• रासायनिक सूत्र ठीक से न लिखना।
Exam Tips:
a) हाइड्रोजन के बाहरी कोश की क्षमता को स्पष्ट करें।
b) एकल सहसंयोजी आबंध (\( \text{H}-\text{H} \)) का आरेख जरूर बनाएँ यदि संभव हो।
c) साझेदारी शब्द का स्पष्ट प्रयोग करें।
Question 4: सोडियम क्लोराइड (\( \text{NaCl} \)) में आयनिक आबंध कैसे बनता है, समझाइए।
Answer:
सोडियम (परमाणु क्रमांक 11) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 1 होता है,
यह अपना एक संयोजकता इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन (\( \text{Na}^+ \)) बनाता है।
दूसरी ओर, क्लोरीन (परमाणु क्रमांक 17) में सात संयोजकता इलेक्ट्रॉन होते हैं,
यह सोडियम द्वारा त्यागा गया एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणायन (\( \text{Cl}^- \)) बनाता है।
ये दोनों विपरीत आवेशित आयन प्रबल स्थिर विद्युत आकर्षण बल द्वारा जुड़कर आयनिक आबंध बनाते हैं और \( \text{NaCl} \) का निर्माण करते हैं।
मुख्य बिंदु:
• धातु इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन बनाते हैं।
• अधातु इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणायन बनाते हैं।
• विपरीत आवेशों के बीच स्थिर विद्युत आकर्षण बल कार्य करता है।
आम गलतियाँ:
• इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी और स्थानांतरण में अंतर न समझना।
• आवेशों (\( \text{Na}^+ \) और \( \text{Cl}^- \)) को गलत दर्शाना।
• आयनिक आबंध को सहसंयोजी आबंध लिख देना।
Exam Tips:
a) सोडियम और क्लोरीन के परमाणु क्रमांक और इलेक्ट्रॉनिक विन्यास का उल्लेख करें।
b) स्थिर विद्युत आकर्षण बल (\( \text{Electrostatic force} \)) शब्द का प्रयोग अवश्य करें।
c) उत्तर को चरणों में विभाजित करके लिखें।
Question 5: आयनिक और सहसंयोजी यौगिकों की विलेयता में क्या अंतर देखा गया?
Answer:
क्रियाकलाप 9.4 से यह स्पष्ट होता है कि सोडियम क्लोराइड और कॉपर सल्फेट जैसे आयनिक यौगिक जल (ध्रुवीय विलायक) में घुलनशील होते हैं,
परंतु किरोसिन व पेट्रोल जैसे अध्रुवीय विलायकों में अघुलनशील होते हैं।
इसके विपरीत, कर्पूर व नैफ्थलीन जैसे सहसंयोजी यौगिक जल में अघुलनशील होते हैं,
परंतु किरोसिन व पेट्रोल जैसे कार्बनिक विलायकों में घुलनशील होते हैं।
मुख्य बिंदु:
• आयनिक यौगिक जल जैसे ध्रुवीय विलायक में घुलते हैं।
• सहसंयोजी यौगिक पेट्रोल और किरोसिन जैसे कार्बनिक विलायकों में घुलते हैं।
• 'जैसी प्रकृति, वैसा विलायक' का नियम लागू होता है।
आम गलतियाँ:
• दोनों प्रकार के यौगिकों के विलायकों को आपस में मिला देना।
• जल और पेट्रोल की विलेयता के नियम को गलत लिखना।
• उदाहरणों का सही मिलान न करना।
Exam Tips:
• आयनिक और सहसंयोजी यौगिकों के दो-दो उदाहरण अवश्य दें।
• जल और किरोसिन का संदर्भ स्पष्ट रूप से दें।
• उत्तर को अंतर स्पष्ट करने वाले बिंदुओं के रूप में लिखें।
Question 6: सहसंयोजी यौगिकों के नामकरण में उपसर्ग प्रणाली का उपयोग किस प्रकार होता है?
Answer:
सहसंयोजी यौगिकों के नामकरण में ग्रीक संख्यात्मक उपसर्गों जैसे मोनो-(1), डाइ-(2), ट्राइ-(3), टेट्रा-(4) आदि का उपयोग किया जाता है।
इन उपसर्गों का उपयोग यौगिक में प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या को दर्शाने के लिए किया जाता है।
उदाहरण के लिए, \( \text{CO} \) को कार्बन मोनोक्साइड और \( \text{CO}_2 \) को कार्बन डाइऑक्साइड कहा जाता है,
जहाँ दूसरे तत्व के नाम के अंत में ‘आइड’ (\( -\text{ide} \)) प्रत्यय जोड़ा जाता है।
मुख्य बिंदु:
• मोनो का अर्थ एक, डाइ का अर्थ दो और ट्राइ का अर्थ तीन होता है।
• यह प्रणाली केवल सहसंयोजी (अधातु-अधातु) यौगिकों के लिए है।
• दूसरे तत्व के नाम के अंत में 'आइड' जोड़ा जाता है।
आम गलतियाँ:
• आयनिक यौगिकों में भी उपसर्गों का प्रयोग करना।
• परमाणु संख्या के स्थान पर संयोजकता लिखना।
• 'आइड' प्रत्यय का प्रयोग न करना।
Exam Tips:
a) \( \text{CO} \) और \( \text{CO}_2 \) का उदाहरण देकर स्पष्ट करें।
b) उपसर्गों की पूरी सूची (मोनो, डाइ, ट्राइ) याद रखें।
c) नामकरण के नियमों को क्रमबद्ध लिखें।
Question 7: सिनेबार के उदाहरण से स्थिर अनुपात के नियम को समझाइए।
Answer:
'सिनेबार' (हिंगुला, \( \text{HgS} \)) एक प्राकृतिक यौगिक है।
इसे गर्म करने पर हमेशा दो तत्व – मर्करी (पारा) और सल्फर (गंधक) – प्राप्त होते हैं।
इसमें इन तत्वों का द्रव्यमान अनुपात सदैव लगभग 86.22% मर्करी और 13.78% सल्फर होता है,
चाहे सिनेबार किसी भी स्रोत, देश या सभ्यता से प्राप्त किया गया हो।
यह उदाहरण इस बात की पुष्टि करता है कि किसी भी यौगिक में तत्व हमेशा एक निश्चित द्रव्यमान के अनुपात में विद्यमान होते हैं, जो स्थिर अनुपात के नियम को सिद्ध करता है।
मुख्य बिंदु:
• स्थिर अनुपात के नियम के अनुसार यौगिक में तत्व द्रव्यमान के अनुसार निश्चित अनुपात में होते हैं।
• स्रोत बदलने पर भी यौगिक का संगठन नहीं बदलता।
• सिनेबार में मर्करी और सल्फर का प्रतिशत सदैव निश्चित रहता है।
आम गलतियाँ:
• प्रतिशत मानों को गलत लिखना।
• नियम की परिभाषा गलत देना।
• स्रोत का प्रभाव यौगिक के संगठन पर बताना।
Exam Tips:
a) स्थिर अनुपात के नियम को परिभाषित करते हुए सिनेबार का उदाहरण दें।
b) प्रतिशत मात्राओं (\( 86.22\% \) और \( 13.78\% \)) का सही उल्लेख करें।
c) रासायनिक संगठन की स्थिरता पर जोर दें।
Question 8: डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के कोई तीन अभिगृहीत लिखिए।
Answer:
(i) सभी द्रव्य अत्यंत सूक्ष्म और अविभाज्य कणों (परमाणुओं) से मिलकर बने होते हैं।
(ii) परमाणु अविभाज्य कण होते हैं जिन्हें किसी रासायनिक अभिक्रिया में न तो सृजित किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है।
(iii) भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणु परस्पर सरल पूर्ण संख्याओं के अनुपात में निश्चित संयोजित होकर यौगिक बनाते हैं।
मुख्य बिंदु:
• द्रव्य छोटे-छोटे कणों (परमाणु) से बनता है।
• परमाणु का संरक्षण रासायनिक अभिक्रियाओं में होता है।
• यौगिकों में परमाणुओं का अनुपात सरल पूर्णांक होता है।
आम गलतियाँ:
• आधुनिक परमाणु सिद्धांत के बिंदुओं को डाल्टन के सिद्धांत में मिला देना।
• अभिगृहीत को अपने शब्दों में गलत अर्थ देना।
• क्रमांकित बिंदुओं को छोड़ देना।
Exam Tips:
a) डाल्टन के सिद्धांत के मुख्य बिंदुओं को स्पष्ट रोमन अंकों (i, ii, iii) में लिखें।
b) 'अविभाज्य' और 'संरक्षित' शब्दों का सही प्रयोग करें।
c) उत्तर को बिंदुवार ही प्रस्तुत करें।
Question 9: ऑक्सीजन अणु (\( \text{O}_2 \)) के निर्माण में द्वि-आबंध कैसे बनता है?
Answer:
ऑक्सीजन परमाणु का परमाणु क्रमांक 8 होता है और इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 6 होता है।
इसके संयोजकता कोश में छह इलेक्ट्रॉन होते हैं और अपना अष्टक पूर्ण करने के लिए इसे दो अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है।
स्थायित्व प्राप्त करने के लिए दो ऑक्सीजन परमाणु अपने-अपने दो-दो इलेक्ट्रॉनों का साझा करते हैं।
इस प्रकार दो इलेक्ट्रॉनों के दो युग्म (कुल चार इलेक्ट्रॉन) साझा होकर द्वि-आबंध (\( \text{O}=\text{O} \)) बनाते हैं और एक स्थायी ऑक्सीजन अणु का निर्माण होता है।
मुख्य बिंदु:
• ऑक्सीजन के संयोजकता कोश में 6 इलेक्ट्रॉन होते हैं।
• अष्टक पूरा करने के लिए 2 इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है।
• दो-दो इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी से द्वि-आबंध बनता है।
आम गलतियाँ:
• एकल आबंध और द्वि-आबंध में भ्रमित होना।
• संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या गलत लिखना।
• साझा किए जाने वाले इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या गलत बताना।
Exam Tips:
a) ऑक्सीजन का परमाणु क्रमांक और इलेक्ट्रॉनिक विन्यास अवश्य लिखें।
b) द्वि-आबंध को संरचनात्मक रूप (\( \text{O}=\text{O} \)) में दर्शाएं।
c) अष्टक नियम का संदर्भ दें।
Question 10: किसी यौगिक के सूत्र में तिर्यक विधि का प्रयोग कैसे किया जाता है?
Answer:
तिर्यक विधि (Criss-cross method) में सबसे पहले यौगिक बनाने वाले धनायन और ऋणायन (या तत्वों के प्रतीक) लिखे जाते हैं।
उसके बाद प्रत्येक आयन के प्रतीक के नीचे उसकी संयोजकता संख्या लिखी जाती है।
फिर एक आयन की संयोजकता को दूसरे आयन के प्रतीक के नीचे पादांक (Subscript) के रूप में तिर्यक रूप से तिरछा लिखा जाता है।
यदि पादांक में कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड निकले, तो उन्हें सरलतम अनुपात में बदल दिया जाता है, जैसे \( \text{Mg}_2\text{O}_2 \) को सरल करके \( \text{MgO} \) लिखा जाता है।
मुख्य बिंदु:
• पहले धनायन और फिर ऋणायन के प्रतीक लिखते हैं।
• संयोजकता का आदान-प्रदान तिरछे रूप (Criss-cross) में करते हैं।
• सूत्र को हमेशा सरलतम अनुपात में व्यक्त किया जाता है।
आम गलतियाँ:
• धनायन और ऋणायन के स्थान को आपस में बदल देना।
• संयोजकता का सरलतम अनुपात न निकालना (जैसे \( \text{Mg}_2\text{O}_2 \) ही छोड़ देना)।
• पादांक को ऊपर या सामने लिख देना।
Exam Tips:
a) तिर्यक विधि के चरणों को क्रमबद्ध तरीके से समझाएँ।
b) \( \text{Mg}_2\text{O}_2 \) से \( \text{MgO} \) बनने का उदाहरण अवश्य दें।
c) पादांक और संयोजकता के अंतर को स्पष्ट रखें।
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