Download NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 07 मञ्जुल मञ्जूषा सुन्दरभाषा
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अभ्यासात् जायते सिद्धिः
Question 1. अधः प्रदत्तानां प्रश्नानां एकपदेन उत्तरं लिखत –
(क) सुन्दरसरभाषा कस्य वचनातीता?
(ख) संस्कृतभाषा कुत्र विजयते?
(ग) संस्कृतभाषा कस्य आशा?
(घ) संस्कृते कति रसाः सन्ति?
(ङ) कस्याः ध्वनिश्रवणे सुखं वर्धते?
Answer:
(क) मम
(ख) धरायाम्
(ग) जीवनस्य
(घ) नव
(ङ) संस्कृतभाषायाः
In simple words: यहाँ पूछे गए प्रश्नों के उत्तर केवल एक शब्द में देने हैं। जैसे - सुंदर भाषा किसकी वाणी से परे है (मेरी), संस्कृत कहाँ जीतती है (धरती पर), यह किसका सहारा है (जीवन का), इसमें कितने रस हैं (नौ), और किसकी ध्वनि सुनने से सुख मिलता है (संस्कृत भाषा की)।
Exam Tip: एकपदेन उत्तर वाले प्रश्नों के उत्तर में केवल एक सटीक शब्द ही लिखें, पूरा वाक्य लिखने से बचें।
Question 2. अधः प्रदत्तानां प्रश्नानां पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखत –
(क) संस्कृतभाषा केषां जीवनस्य आशा अस्ति?
(ख) केषां विचाराः जनान् अभिप्रेरयन्ति?
(ग) कैः रसैः समृद्धा साहित्यपरम्परा विराजते?
(घ) संस्कृतभाषा केषु शास्त्रेषु विहरति?
(ङ) संस्कृतभाषायाः कानि कानि सम्बोधनपदानि अत्र प्रयुक्तानि?
Answer:
(क) संस्कृतभाषा पौराणिक-सामान्यजनानां जीवनस्य आशा अस्ति।
(ख) वेदविषय-वेदान्त-पुराणादीनां विचाराः जनान् अभिप्रेरयन्ति।
(ग) साहित्यपरम्परा नवरसैः समृद्धा विराजते।
(घ) संस्कृतभाषा वैद्य-व्योम-शास्त्रादिषु विहरति।
(ङ) अयि मातः, श्रुतिसुखनिनादे, सकलप्रमोदे, सरसविनोदे, काव्यविशारदे इति सम्बोधनपदानि प्रयुक्तानि।
In simple words: इन प्रश्नों के उत्तर पूरे वाक्य में देने हैं। संस्कृत भाषा प्राचीन और सामान्य लोगों के जीवन की उम्मीद है। वेद, उपनिषद और पुराणों के विचार लोगों को आगे बढ़ने की सीख देते हैं। संस्कृत की साहित्य परंपरा नौ रसों से सजी है। यह भाषा चिकित्सा और खगोल जैसे विज्ञान के ग्रंथों में भी रची-बसी है। कविता में इस भाषा को माता, सुख देने वाली, आनंद देने वाली और कलाओं में निपुण कहकर आदर दिया गया है।
Exam Tip: पूर्णवाक्येन उत्तर वाले प्रश्नों में प्रश्नवाचक शब्द (जैसे - केषां, कैः) को हटाकर उसके स्थान पर सही उत्तर शब्द रखकर पूरा वाक्य लिखें।
Question 3. रेखाङ्कितपदानि आश्रित्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत –
(क) मुनिगणाः संस्कृतभाषायाः विकासं कृतवन्तः।
(ख) सामान्य जनानां जीवनं काव्यैः प्रभावित म् अस्ति।
(ग) वयः अपि उपादेयानि काव्यानि रचितवन्तः।
(घ) संस्कृतभाषा पृथिव्यां विहरति।
(ङ) संस्कृतभाषा विविधभाषाः परिपोषयति।
(च) वेद-वेदाङ्गादीनि गभीराणि शास्त्राणि सन्ति।
Answer:
(क) के संस्कृतभाषायाः विकासं कृतवन्तः?
(ख) केषां जीवनं काव्यैः प्रभावितम् अस्ति?
(ग) के उपादेयानि काव्यानि रचितवन्तः?
(घ) संस्कृतभाषा कुत्र विहरति?
(ङ) का विविधभाषाः परिपोषयति?
(च) कानि गभीराणि शास्त्राणि सन्ति?
In simple words: रेखांकित शब्दों के स्थान पर सही प्रश्नवाचक सर्वनाम लिखकर वाक्यों को प्रश्न के रूप में बदला गया है। अंत में प्रश्नवाचक चिन्ह (?) लगाना आवश्यक है।
Exam Tip: प्रश्न निर्माण करते समय रेखांकित शब्द के लिंग, विभक्ति और वचन को पहचानकर उसी के अनुसार 'किम्' शब्द के रूपों का चयन करें।
Question 4. अधः प्रदत्तानां पदानाम् उदाहरणानुसारं विभक्तिं वचनं च लिखत –
| पदम् | विभक्तिः | वचनम् |
|---|---|---|
| यथा - मात: | सम्बोधनम् | एकवचनम् |
| तव | षष्ठी | एकवचनम् |
| मञ्जूषा | प्रथमा | एकवचनम् |
| संस्कृतिः | प्रथमा | एकवचनम् |
| जनानाम् | षष्ठी | बहुवचनम् |
| जीवनस्य | षष्ठी | एकवचनम् |
| धरायाम् | सप्तमी | एकवचनम् |
| शास्त्रेषु | सप्तमी | बहुवचनम् |
Answer: उपरोक्त सारणी में सभी पदों की सही विभक्ति और वचन लिख दिए गए हैं।
In simple words: दिए गए संस्कृत शब्दों के रूप पहचानकर उनकी सही विभक्ति और वचन बताए गए हैं।
Exam Tip: विभक्ति और वचन की पहचान के लिए शब्द रूपों के अंतिम वर्णों (जैसे - 'स्य' षष्ठी एकवचन, 'ेषु' सप्तमी बहुवचन) पर विशेष ध्यान दें।
Question 5. अधोलिखितानां पद्यांशानां यथायोग्यं मेलनं कुरुत –
| कवर्गः | खवर्गः |
|---|---|
| (क) अयि मातस्त व पोषणक्षमता | स्मृतिहितवरदे सरसविनोदे |
| (ख) वेदव्यास-वाल्मीकि-मुनीनां | विजयते धरायाम् |
| (ग) पौराणिक-सामान्यजनानाम् | मम वचनातीता, सुन्दरसरभाषा |
| (घ) श्रुतिसुखनिनादे सकलप्रमोद | कालिदासबाणादिकवीनाम् |
| (ङ) वैद्यव्योम-शास्त्रादिविहारा | जीवनस्य आशा, सुन्दरसरभाषा |
Answer:
(क) अयि मातस्त व पोषणक्षमता - मम वचनातीता, सुन्दरसरभाषा
(ख) वेदव्यास-वाल्मीकि-मुनीनां - कालिदासबाणादिकवीनाम्
(ग) पौराणिक-सामान्यजनानाम् - जीवनस्य आशा, सुन्दरसरभाषा
(घ) श्रुतिसुखनिनादे सकलप्रमोद - स्मृतिहितवरदे सरसविनोदे
(ङ) वैद्यव्योम-शास्त्रादिविहारा - विजयते धरायाम्
In simple words: कविता की अधूरी लाइनों को सही अर्थ और प्रवाह के साथ मिलाकर पूरा वाक्य बनाया गया है।
Exam Tip: पाठ के श्लोकों को याद रखने से मिलान वाले प्रश्नों को परीक्षा में हल करना बहुत सरल हो जाता है।
Question 6. उदाहरणानुसारम् अधः प्रदत्तानां पदानाम् एकपदेन अर्थं लिखत –
यथा, देवस्य आलयः = देवालयः
(क) सुराणां भाषा =
(ख) सुन्दरी सुरभाषा =
(ग) नवरसैः रुचिरा =
(घ) पोषणस्य क्षमता =
(ङ) मञ्जुला भाषा =
Answer:
(क) सुराणां भाषा = सुरभाषा
(ख) सुन्दरी सुरभाषा = सुन्दरसरभाषा
(ग) नवरसैः रुचिरा = नवरसरुचिरा
(घ) पोषणस्य क्षमता = पोषणक्षमता
(ङ) मञ्जुला भाषा = मञ्जुलभाषा
In simple words: यहाँ पर अनेक शब्दों की जगह एक शब्द (समास) बनाकर लिखा गया है, जैसे देवताओं की भाषा को 'सुरभाषा' कहते हैं।
Exam Tip: सामासिक पद बनाते समय बीच की विभक्तियों का लोप हो जाता है, इस नियम का सदैव ध्यान रखें।
Question 7. पेटिकातः पदानि चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत –
[कालिदासबाणादि, आशा, संस्कृतिः, विजयते, मम, वेदविषय, मञ्जुलमञ्जूषा, सकलप्रमोदे]
यथा - मुनिवर-विकसित-कविवर-विलसित- ______________ सुन्दरसरुभाषा।
(क) अयि मातः तव पोषणक्षमता ______________ वचनातीता।
(ख) वेदव्यास-वाल्मीकि-मुनीनां ______________ कवीनाम्।
(ग) पौराणिक-सामान्य-जनानां जीवनस्य ______________।
(घ) श्रुतिसुखनिनादे ______________ स्मृतिहितवरदे सरसविनोदे।
(ङ) गति-मति-प्रेरक-काव्य-विशारदे, तव ______________ एषा सुन्दरसुरभाषा।
(च) नवरस-रुचिरालङ्कृतिधारा ______________-वेदान्तविचारा।
(छ) वैद्य-व्योम-शास्त्रादि-विहारा ______________ धरायाम्, सुन्दरसुरभाषा।
Answer:
यथा - मुनिवर-विकसित-कविवर-विलसित- मञ्जुलमञ्जूषा सुन्दरसरुभाषा।
(क) अयि मातः तव पोषणक्षमता मम वचनातीता।
(ख) वेदव्यास-वाल्मीकि-मुनीनां कालिदासबाणादि कवीनाम्।
(ग) पौराणिक-सामान्य-जनानां जीवनस्य आशा।
(घ) श्रुतिसुखनिनादे सकलप्रमोदे स्मृतिहितवरदे सरसविनोदे।
(ङ) गति-मति-प्रेरक-काव्य-विशारदे, तव संस्कृतिः एषा सुन्दरसुरभाषा।
(च) नवरस-रुचिरालङ्कृतिधारा वेदविषय-वेदान्तविचारा।
(छ) वैद्य-व्योम-शास्त्रादि-विहारा विजयते धरायाम्, सुन्दरसुरभाषा।
In simple words: मंजूषा (दिए गए बॉक्स) में से सही संस्कृत शब्दों को चुनकर कविता की खाली जगहों को भरा गया है।
Exam Tip: कविता के श्लोकों का लयबद्ध अभ्यास रिक्त स्थानों को बिल्कुल सही भरने में बहुत सहायक होता है।
Question 8. अधोलिखितविकल्पेषु प्रसङ्गानुसारम् अर्थं चिनुत –
(क) “मञ्जुलमञ्जूषा” इत्यस्य अर्थः कः ?
(a) कठोरभाषा
(b) शोचनीया भाषा
(c) मनोहररूपेण संकलिता
(d) सामान्यभाषा
Answer: (c) मनोहररूपेण संकलिता
In simple words: 'मञ्जुलमञ्जूषा' का सही अर्थ है जो बहुत सुंदर और आकर्षक ढंग से सजाकर इकट्ठा की गई हो।
Exam Tip: शब्दों के अर्थ का चुनाव पाठ के प्रसंग को ध्यान में रखकर ही करें।
(ख) सुन्दरसरभाषा केषां जीवनस्य आशा उच्यते?
(a) केवलं कवीनाम्
(b) बालकानाम्
(c) पौराणिक–सामान्यजनानाम्
(d) छात्राणाम्
Answer: (c) पौराणिक–सामान्यजनानाम्
In simple words: सुंदर और मीठी संस्कृत भाषा को पुराने और साधारण जीवन जीने वाले लोगों की आशा कहा गया है।
Exam Tip: पाठ के केंद्रीय भाव को समझने से वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के सही विकल्प को आसानी से चुना जा सकता है।
(ग) सुन्दरसरभाषा कुत्र विजयते?
(a) आकाशे
(b) जलधौ
(c) धरायाम्
(d) पवने
Answer: (c) धरायाम्
In simple words: यह मनोहर और मीठी भाषा हमारी इस सुंदर धरती (धरा) पर सदैव जीत हासिल करती है।
Exam Tip: संस्कृत शब्दों के अर्थ (जैसे - 'धरायाम्' का अर्थ 'धरती पर') अच्छी तरह याद रखें।
(घ) सुन्दरसरभाषायां किं नास्ति?
(a) शास्त्रज्ञानम्
(b) संस्कृतिः
(c) वेदान्तचिन्तनम्
(d) अशुद्धिः
Answer: (d) अशुद्धिः
In simple words: इस श्रेष्ठ भाषा में किसी प्रकार का कोई दोष या अशुद्धि (गड़बड़ी) नहीं पाई जाती।
Exam Tip: 'किं नास्ति' (क्या नहीं है) जैसे नकारात्मक प्रश्नों में विकल्पों को बहुत ध्यान से पढ़ें।
(ङ) कविः सुन्दरसरभाषां केन पदेन सम्बोधयति?
(a) पितः
(b) मातः
(c) भ्रातः
(d) दातः
Answer: (b) मातः
In simple words: लेखक ने इस मधुर संस्कृत भाषा को 'माता' के समान कहकर पुकारा है।
Exam Tip: कविता के शुरुआती संबोधन रूपों को ध्यान में रखें, जैसे 'अयि मातः' का अर्थ 'हे माता' होता है।
Sanskrit Class 8 Curriculum Solutions: Chapter 07 मञ्जुल मञ्जूषा सुन्दरभाषा
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