NCERT Solutions Class 6 Science Chapter 07 Temperature and its Measurement (ताप एवं उसका मापन) in Hindi

Step-by-Step Textbook Solutions for Class 6 Science Chapter 07 ताप एवं उसका मापन

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Question 1: किसी स्वस्थ मानव शरीर का सामान्य ताप लगभग होता है।
(क) 98.6 °C
(ख) 37.0 °C
(ग) 32.0 °C
(घ) 27.0 °C

Answer:

सही उत्तर: (ख) 37.0 °C
स्पष्टीकरण: एक स्वस्थ मानव शरीर का सामान्य शारीरिक तापमान सेल्सियस पैमाने पर 37.0 °C (डिग्री सेल्सियस) होता है। यदि इसे फारेनहाइट पैमाने पर मापा जाए, तो यह 98.6 °F के समतुल्य होता है। विकल्प (क) में 98.6 के साथ सेल्सियस इकाई (°C) दी गई है जो कि अत्यधिक उच्च और अवास्तविक ताप है, अतः सही विकल्प (ख) 37.0 °C ही है।

मुख्य बिंदु:

• स्वस्थ मानव शरीर का सामान्य ताप 37.0 °C या 98.6 °F होता है।
• तापमान के मात्रक (°C अथवा °F) का मान के साथ सही मिलान होना अनिवार्य है।
• 37.0 °C से अत्यधिक कम या अधिक तापमान अस्वस्थता या बीमारी का सूचक है।

आम गलतियाँ:

• 98.6 संख्या देखकर इकाई पर ध्यान दिए बिना 98.6 °C चुन लेना।
• सेल्सियस (°C) और फारेनहाइट (°F) पैमानों के मानों को आपस में मिला देना।
• केवल संख्यात्मक मान याद रखना और मात्रक की उपेक्षा करना।

Exam Tips:

a) बहुविकल्पीय प्रश्नों में मान के साथ उसकी इकाई (°C या °F) को ध्यानपूर्वक पढ़ें।
b) याद रखें: 37 के साथ हमेशा °C और 98.6 के साथ हमेशा °F प्रयुक्त होता है।
c) उत्तर पुस्तिका में विकल्प संख्या और उसका मान दोनों स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question 2: 37 °C के समान ताप है —
(क) 97.4 °F
(ख) 97.6 °F
(ग) 98.4 °F
(घ) 98.6 °F

Answer:

सही उत्तर: (घ) 98.6 °F
स्पष्टीकरण: तापमान रूपांतरण सूत्र F = (9/5 × C) + 32 के अनुसार, जब C = 37 °C रखा जाता है:
F = (9/5 × 37) + 32
F = 66.6 + 32 = 98.6 °F
अतः सेल्सियस पैमाने पर 37 °C का मान फारेनहाइट पैमाने पर ठीक 98.6 °F के बराबर होता है।

मुख्य बिंदु:

• सेल्सियस और फारेनहाइट के रूपांतरण का सूत्र F = (9/5 × C) + 32 है।
• 37 °C मानव शरीर का सामान्य ताप है जो फारेनहाइट पैमाने पर 98.6 °F होता है।
• दोनों पैमाने एक ही तापमान अवस्था को भिन्न संख्यात्मक मानों द्वारा दर्शाते हैं।

आम गलतियाँ:

• निकटवर्ती मानों जैसे 98.4 °F या 97.6 °F में भ्रमित होना।
• रूपांतरण सूत्र में 32 जोड़ने के बजाय घटा देना।
• फारेनहाइट के स्थान पर सेल्सियस का मान लिख देना।

Exam Tips:

a) 37 °C = 98.6 °F के मानक मान को सीधे कंठस्थ रखें।
b) यदि संशय हो, तो सूत्र में मान रखकर त्वरित गणना कर लें।
c) विकल्प का चयन करते समय दशमलव के बाद के अंक की सावधानीपूर्वक पुष्टि करें।

 

Question 3: रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए —
(क) किसी निकाय की गरमाहट अथवा ठंडापन उसके __________ से निर्धारित की जाती है।
(ख) हिमशीत जल का ताप __________ तापमापी द्वारा नहीं मापा जा सकता है।
(ग) ताप का मात्रक डिग्री __________ है।

Answer:

(क) ताप (temperature) — किसी वस्तु या निकाय की गरमाहट अथवा ठंडेपन की विश्वसनीय माप को उसका ताप कहते हैं।
(ख) डॉक्टरी (clinical) — हिमशीत (बर्फ जैसे ठंडे) जल का तापमान 0 °C के आसपास होता है, जिसे डॉक्टरी तापमापी द्वारा नहीं मापा जा सकता क्योंकि इसका मापन परिसर केवल 35 °C से 42 °C तक ही सीमित होता है।
(ग) सेल्सियस (Celsius) — ताप का सर्वमान्य एवं दैनिक जीवन में प्रयुक्त मात्रक डिग्री सेल्सियस (°C) है।

मुख्य बिंदु:

• ताप किसी वस्तु की उष्मीय अवस्था (गरमाहट या ठंडेपन) का परिमाण है।
• डॉक्टरी तापमापी की संकीर्ण परास (35 °C से 42 °C) के कारण इसका उपयोग हिमशीत जल के लिए नहीं किया जा सकता।
• वैज्ञानिक एवं सामान्य मापन में डिग्री सेल्सियस ताप का प्रमुख मात्रक है।

आम गलतियाँ:

• भाग (क) में 'ताप' के स्थान पर 'ऊष्मा' लिख देना (ऊष्मा ऊर्जा है, जबकि ताप अवस्था की माप है)।
• भाग (ख) में प्रयोगशाला तापमापी लिख देना, जबकि प्रयोगशाला तापमापी 0 °C नाप सकता है।
• भाग (ग) में केवल 'डिग्री' लिखकर छोड़ देना और पैमाने का नाम न लिखना।

Exam Tips:

a) रिक्त स्थान के उत्तर को अलग रंग या रेखांकित करके प्रस्तुत करें।
b) प्रत्येक उप-भाग (क, ख, ग) को नई पंक्ति में स्पष्ट रूप से लिखें।
c) वैज्ञानिक शब्दावली की शुद्ध वर्तनी पर विशेष ध्यान दें।

 

Question 4: प्रायः प्रयोगशाला तापमापी की मापन सीमा होती है —
(क) 10 °C से 100 °C
(ख) -10 °C से 110 °C
(ग) 32 °C से 45 °C
(घ) 35 °C से 42 °C

Answer:

सही उत्तर: (ख) -10 °C से 110 °C
स्पष्टीकरण: विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों में बर्फ के पिघलने (0 °C) से लेकर जल के उबलने (100 °C) तक के ताप को मापने की आवश्यकता होती है। इसलिए प्रयोगशाला तापमापी (laboratory thermometer) का मापन परिसर (range) व्यापक रखा जाता है, जो प्रायः -10 °C से 110 °C तक होता है। विकल्प (घ) में दी गई सीमा (35 °C से 42 °C) डॉक्टरी तापमापी की होती है।

मुख्य बिंदु:

• प्रयोगशाला तापमापी का मानक परिसर -10 °C से 110 °C होता है।
• यह जल के हिमांक (0 °C) से नीचे तथा क्वथनांक (100 °C) से ऊपर तक मापने में सक्षम है।
• डॉक्टरी तापमापी का परिसर बहुत संकीर्ण (35 °C से 42 °C) होता है।

आम गलतियाँ:

• प्रयोगशाला तापमापी की सीमा को डॉक्टरी तापमापी (35 °C से 42 °C) से बदल देना।
• ऋणात्मक चिह्न (-) पर ध्यान न देकर विकल्प (क) 10 °C से 100 °C चुन लेना।
• मापन सीमा के दोनों सिरों के संख्यात्मक मानों में गलती करना।

Exam Tips:

a) प्रयोगशाला और डॉक्टरी तापमापी के परिसरों की तुलनात्मक तालिका बनाकर याद रखें।
b) विकल्प चुनते समय ऋणात्मक चिह्न (-10 °C) की विशेष रूप से जाँच करें।
c) सही विकल्प के साथ उसका पूरा मान भी उत्तर में अवश्य लिखें।

 

Question 5: जल का ताप मापने के लिए चार विद्यार्थियों ने प्रयोगशाला तापमापी का उपयोग चित्र 7.6 में दर्शाए अनुसार किया।
किस विद्यार्थी ने ताप मापन के लिए सही प्रक्रिया अपनाई?
(क) विद्यार्थी 1
(ख) विद्यार्थी 2
(ग) विद्यार्थी 3
(घ) विद्यार्थी 4

आकृति का विवरण: चित्र 7.6 में चार बीकरों में जल का ताप मापते हुए दर्शाया गया है; विद्यार्थी 1 तापमापी को तिरछा रखता है, विद्यार्थी 2 तापमापी को ऊर्ध्वाधर सीधा जल में पूरी तरह डुबोकर दीवारों से छुए बिना रखता है, विद्यार्थी 3 का तापमापी बीकर के तल को छू रहा है, तथा विद्यार्थी 4 का तापमापी जल की सतह से काफी ऊपर उठा हुआ है।

Answer:

सही उत्तर: (ख) विद्यार्थी 2
स्पष्टीकरण: प्रयोगशाला तापमापी से किसी द्रव का सही तापमान मापने के लिए दो मुख्य नियम अनिवार्य हैं: पहला, तापमापी का बल्ब द्रव में पूरी तरह डूबा होना चाहिए तथा वह बर्तन की तली या दीवारों को स्पर्श नहीं करना चाहिए। दूसरा, तापमापी को पूरी तरह ऊर्ध्वाधर (vertical) सीधा रखा जाना चाहिए। विद्यार्थी 2 ने तापमापी को बीकर के बीचों-बीच जल में पूरी तरह डुबोकर ऊर्ध्वाधर सीधा रखा है और उसका बल्ब बीकर के तल या दीवार को नहीं छू रहा है, अतः विद्यार्थी 2 की मापन प्रक्रिया पूर्णतः सही और वैज्ञानिक है।

मुख्य बिंदु:

• तापमापी का बल्ब उस पदार्थ से चारों ओर से घिरा होना चाहिए जिसका ताप मापना है।
• बल्ब को बर्तन के तल या दीवारों से स्पर्श नहीं कराना चाहिए अन्यथा बर्तन का ताप मापा जाएगा।
• पाठ्यांक लेते समय तापमापी को तिरछा न रखकर सदैव ऊर्ध्वाधर सीधा रखना चाहिए।

आम गलतियाँ:

• विद्यार्थी 1 के तिरछे रखने या विद्यार्थी 3 के बर्तन की तली से स्पर्श कराने को सही मान लेना।
• केवल बल्ब डूबने को देखना और ऊर्ध्वाधर स्थिति के नियम की उपेक्षा करना।
• वैज्ञानिक कारण लिखे बिना केवल विकल्प चुनना।

Exam Tips:

a) चित्र आधारित प्रश्नों में प्रत्येक विद्यार्थी की स्थिति का अवलोकन करके त्रुटि ढूँढ़ें।
b) 'ऊर्ध्वाधर स्थिति' और 'दीवारों से संपर्क न होना'—इन दो वैज्ञानिक नियमों का उल्लेख अवश्य करें।
c) उत्तर में सही विद्यार्थी का नाम और विकल्प अक्षर स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question 6: नीचे दिए गए तापमानों को तापमापियों (चित्र) के आरेखों पर स्तंभों में लाल रंग भरकर दर्शाइए।
14 °C, 17 °C, 7.5 °C

आकृति का विवरण: तीन प्रयोगशाला तापमापियों के ऊर्ध्वाधर स्तंभ दर्शाए गए हैं जिन पर 0, 10, 20, 30 °C के मुख्य चिह्न हैं तथा प्रत्येक 10 °C के बीच 10 छोटे विभाजन (प्रत्येक 1 °C) बने हैं।

Answer:

दिए गए तापमापियों में प्रत्येक दो मुख्य संख्याओं (जैसे 10 और 20) के बीच 10 बराबर विभाजन हैं, अतः प्रत्येक छोटे खाने का मान 1 °C है। इन तापमानों को दर्शाने की विधि निम्नलिखित है:
1. 14 °C के लिए: पारे या द्रव के स्तंभ (लाल रंग) को नीचे से प्रारंभ करके 10 °C के मुख्य निशान से ऊपर ठीक 4 छोटे खाने (डिवीजन) तक भरा जाएगा (10 + 4 = 14 °C)।
2. 17 °C के लिए: लाल स्तंभ को 10 °C के मुख्य निशान से ऊपर ठीक 7 छोटे खाने तक (अथवा 20 °C के निशान से 3 छोटे खाने नीचे तक) भरा जाएगा (10 + 7 = 17 °C)।
3. 7.5 °C के लिए: लाल स्तंभ को शून्य (0 °C) के मुख्य निशान से ऊपर 7 पूरे छोटे खाने तथा 7वें और 8वें खाने के ठीक मध्य (आधे) भाग तक भरा जाएगा (7 + 0.5 = 7.5 °C)।

मुख्य बिंदु:

• पैमाने पर मान दर्शाने से पूर्व एक छोटे विभाजन का मान (अल्पतमांक = 1 °C) ज्ञात करना आवश्यक है।
• पूर्ण संख्याओं (14 और 17) के लिए विभाजनों की सही गिनती की जाती है।
• दशमलव वाले मान (7.5) के लिए दो क्रमागत विभाजनों के ठीक मध्य में स्तर तय किया जाता है।

आम गलतियाँ:

• पैमाने के एक छोटे खाने का मान गलत समझ लेना।
• 14 °C को दर्शाते समय 10 के ऊपर 4 के बजाय 5 खाने रंग देना।
• 7.5 °C को 7 या 8 के निशान पर ही समाप्त कर देना और आधे भाग को न दर्शाना।

Exam Tips:

a) परीक्षा में पेंसिल या लाल पेन से स्तर को बिल्कुल सटीक रेखा तक भरें।
b) संबंधित स्तर के सामने तीर का निशान बनाकर संख्यात्मक मान (जैसे 14 °C) अवश्य लिखें।
c) पैमाने पर 0 और 10 के निशानों को संदर्भ मानकर ही विभाजनों की गिनती करें।

 

Question 7: नीचे दर्शाए गए तापमापी के भाग का अवलोकन कीजिए और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए —
(क) यह किस प्रकार का तापमापी है?
(ख) तापमापी का पाठ्यांक क्या है?
(ग) इस तापमापी द्वारा मापा जा सकने वाला न्यूनतम मान क्या है?

आकृति का विवरण: क्षैतिज रूप में दर्शाए गए तापमापी के तने पर ऋणात्मक मान (-10) से लेकर धनात्मक मान (40 °C तक) अंकित हैं, जिसमें द्रव का स्तंभ 20 और 30 के बीच 26 °C के निशान पर स्थित है।

Answer:

(क) यह एक प्रयोगशाला तापमापी (laboratory thermometer) है, क्योंकि इस पर शून्य से नीचे (-10 °C) तथा शून्य से काफी ऊपर (40 °C से अधिक) तक का व्यापक पैमाना अंकित है, जो प्रयोगशाला तापमापी की विशेषता है।
(ख) इस तापमापी का वर्तमान पाठ्यांक 26.0 °C है, क्योंकि द्रव का लाल स्तंभ 20 °C के बड़े निशान से आगे ठीक छठे (6वें) छोटे विभाजन पर संरेखित है (20 + 6 × 1 = 26 °C)।
(ग) इस तापमापी द्वारा मापा जा सकने वाला न्यूनतम मान -10 °C (ऋण 10 डिग्री सेल्सियस) है, जो इसके पैमाने का सबसे निचला प्रारंभिक बिंदु है।

मुख्य बिंदु:

• ऋणात्मक तापमान (-10 °C) का अंकन प्रयोगशाला तापमापी की पहचान कराता है।
• पैमाने पर 20 और 30 के मध्य प्रत्येक छोटा खाना 1 °C को दर्शाता है।
• न्यूनतम मान पैमाने का सबसे निचला अंकित पाठ्यांक होता है।

आम गलतियाँ:

• इसे डॉक्टरी तापमापी समझ लेना, जबकि डॉक्टरी तापमापी में ऋणात्मक मान नहीं होते।
• पाठ्यांक पढ़ते समय 20 के बाद के छोटे खाने गलत गिनकर 25 °C या 27 °C लिख देना।
• न्यूनतम मान में ऋणात्मक चिह्न (-) भूलकर केवल 10 °C लिख देना।

Exam Tips:

a) तीनों प्रश्नों (क, ख, ग) के उत्तर अलग-अलग पंक्तियों में स्पष्ट लिखें।
b) पाठ्यांक और न्यूनतम मान के साथ इकाई (°C) लिखना अनिवार्य है।
c) पैमाने के छोटे विभाजनों का मान ज्ञात करने के लिए दो बड़े अंकों के अंतर को विभाजनों की संख्या से भाग दें।

 

Question 8: प्रयोगशाला तापमापी हमारे शरीर के ताप को मापने के लिए उपयोग में क्यों नहीं लाया जाता है? इसका एक कारण दीजिए।

Answer:

प्रयोगशाला तापमापी का उपयोग मानव शरीर का ताप मापने के लिए इसलिए नहीं किया जाता क्योंकि इसमें बल्ब के ठीक ऊपर कोई संकीर्ण विभंग अथवा किंक (kink / constriction) नहीं होता है। किंक न होने के कारण जैसे ही प्रयोगशाला तापमापी को मुँह या काँख (शरीर) से बाहर निकाला जाता है, परिवेश की ठंडी वायु के संपर्क में आते ही पारे का तल तुरंत तेजी से नीचे गिरने लगता है, जिससे शरीर का वास्तविक और सटीक तापमान नहीं पढ़ा जा सकता। इसके विपरीत, डॉक्टरी तापमापी में किंक पारे के तल को स्वतः नीचे गिरने से रोकता है, जिससे शरीर से बाहर निकालने के बाद भी सही पाठ्यांक पढ़ा जा सकता है।

मुख्य बिंदु:

• प्रयोगशाला तापमापी में किंक (विभंग) की अनुपस्थिति इसका मुख्य कारण है।
• शरीर के संपर्क से हटाते ही प्रयोगशाला तापमापी का पाठ्यांक तुरंत गिरने लगता है।
• डॉक्टरी तापमापी का किंक पारे के स्तर को स्थिर रखकर सुविधाजनक मापन सुनिश्चित करता है।

आम गलतियाँ:

• केवल यह लिख देना कि 'इसकी सीमा अलग होती है' और मुख्य वैज्ञानिक कारण (किंक का अभाव) न लिखना।
• यह न समझाना कि शरीर से बाहर निकालने पर पारे के स्तर पर क्या प्रभाव पड़ता है।
• किंक (kink) शब्द की वैज्ञानिक भूमिका को स्पष्ट न कर पाना।

Exam Tips:

a) उत्तर में 'किंक (विभंग) का अभाव' और 'पारे के तल का स्वतः गिरना' मुख्य बिंदु के रूप में लिखें।
b) प्रयोगशाला और डॉक्टरी तापमापी के इस संरचनात्मक अंतर को स्पष्ट करें।
c) उत्तर को एक सशक्त, तार्किक गद्यांश में प्रस्तुत करें।

 

Question 9: वैष्णवी अस्वस्थ होने के कारण विद्यालय नहीं जा पाती है। उसकी माता जी ने उसके तीन दिन के तापमान का अंकन रखा है जिसे तालिका 7.4 में दर्शाया गया है।
तालिका 7.4 — वैष्णवी के शरीर के तापमान
दिन — पूर्वाह्न 7 बजे — पूर्वाह्न 10 बजे — अपराह्न 1 बजे — अपराह्न 4 बजे — सायं 7 बजे — रात्रि 10 बजे
पहला — 38.0 °C — 37.8 °C — 38.0 °C — 38.0 °C — 40.0 °C — 39.0 °C
दूसरा — 38.6 °C — 38.8 °C — 39.0 °C — 39.0 °C — 39.0 °C — 38.0 °C
तीसरा — 37.6 °C — 37.4 °C — 37.2 °C — 37.0 °C — 36.8 °C — 36.6 °C
(क) वैष्णवी का अंकित किया गया अधिकतम ताप क्या था?
(ख) किस दिन और किस समय पर वैष्णवी का अधिकतम ताप अंकित किया गया था?
(ग) किस दिन वैष्णवी का ताप सामान्य हो गया?

Answer:

(क) तालिका का संपूर्ण अवलोकन करने पर ज्ञात होता है कि वैष्णवी के शरीर का दर्ज किया गया अधिकतम तापमान 40.0 °C (डिग्री सेल्सियस) था।
(ख) यह अधिकतम तापमान पहले दिन सायं 7 बजे (शाम 7:00 बजे) दर्ज किया गया था।
(ग) वैष्णवी का शारीरिक तापमान तीसरे दिन सामान्य हो गया, क्योंकि तीसरे दिन अपराह्न 4 बजे उसका तापमान सामान्य शारीरिक ताप 37.0 °C पर आ गया और उसके बाद सायं व रात्रि में यह 37.0 °C या उससे कम (36.8 °C और 36.6 °C) बना रहा।

मुख्य बिंदु:

• तालिका में दर्ज सभी मानों में से 40.0 °C उच्चतम मान है।
• अधिकतम ताप का समय और दिन तालिका की प्रथम पंक्ति के 5वें स्तंभ से स्पष्ट होता है।
• मानव शरीर का सामान्य ताप 37.0 °C होता है, जो तीसरे दिन दोपहर बाद प्राप्त हुआ।

आम गलतियाँ:

• अधिकतम तापमान 39.0 °C समझ लेना और 40.0 °C पर ध्यान न देना।
• भाग (ख) में केवल दिन लिखना और समय (सायं 7 बजे) छोड़ देना।
• सामान्य ताप (37.0 °C) की जानकारी के अभाव में दूसरे दिन को सामान्य बता देना।

Exam Tips:

a) तालिका आधारित प्रश्नों में सभी पंक्तियों और स्तंभों का सावधानीपूर्वक मिलान करें।
b) भाग (ख) में 'दिन' और 'समय' दोनों का स्पष्ट उल्लेख करें।
c) सामान्य ताप के लिए 37.0 °C के मानक संदर्भ का उल्लेख करते हुए तीसरे दिन का निष्कर्ष दें।

 

Question 10: यदि आपको 22.5 °C ताप मापना है तो नीचे दर्शाए गए तापमापियों में से कौन-सा तापमापी उपयोग में लाएँगे? व्याख्या कीजिए।

आकृति का विवरण: चित्र में तीन प्रयोगशाला तापमापी (क), (ख) और (ग) दर्शाए गए हैं, जिनकी मापन सीमा -10 °C से 30 °C के लगभग है, परंतु तापमापी (ख) के पैमाने पर सबसे बारीक और छोटे उप-विभाजन (अल्पतमांक 0.1 °C या 0.5 °C) अंकित हैं।

Answer:

22.5 °C तापमान को यथार्थता और सटीकता से मापने के लिए हम तापमापी (ख) का उपयोग करेंगे। व्याख्या: किसी भी तापमापी द्वारा दशमलव मान (जैसे .5 °C) को सही रूप से तभी पढ़ा जा सकता है जब उसका अल्पतमांक (least count) उस मान को मापने के अनुकूल हो। तापमापी (क) और (ग) में विभाजन बड़े हैं, जिससे 0.5 °C का केवल अस्पष्ट अनुमान ही लगाया जा सकता है। इसके विपरीत, तापमापी (ख) के पैमाने पर दो मुख्य अंशों के बीच अत्यंत महीन और बारीक उप-विभाजन बने हुए हैं, जिससे 22 °C और 23 °C के ठीक बीच का मान यानी 22.5 °C बिना किसी त्रुटि के अत्यंत स्पष्ट और यथार्थ रूप से पढ़ा जा सकता है।

मुख्य बिंदु:

• सूक्ष्म अथवा दशमलव पाठ्यांक के लिए छोटे अल्पतमांक वाले उपकरण की आवश्यकता होती है।
• तापमापी (ख) में बारीक और सटीक विभाजन मौजूद हैं।
• अधिक विभाजनों वाला पैमाना मानवीय अनुमान की त्रुटि को समाप्त करता है।

आम गलतियाँ:

• केवल तापमापी की परास (सीमा) देखना और विभाजनों की बारीकी पर ध्यान न देना।
• अल्पतमांक (least count) की अवधारणा को व्याख्या में शामिल न करना।
• बिना वैज्ञानिक कारण के केवल विकल्प (ख) लिखकर छोड़ देना।

Exam Tips:

a) चयन के साथ 'अल्पतमांक' और 'बारीक उप-विभाजन' शब्दों का प्रयोग करें।
b) स्पष्ट करें कि 22.5 °C एक दशमलव मान है जिसके लिए सूक्ष्म पैमाने की जरूरत है।
c) अन्य दो तापमापियों (क और ग) की कमी को भी संक्षेप में बताएं।

 

Question 11: चित्र में दिखाए गए तापमापी में दर्शाया गया ताप है —
(क) 28.0 °C
(ख) 27.5 °C
(ग) 26.5 °C
(घ) 25.3 °C

आकृति का विवरण: एक क्षैतिज तापमापी पैमाना दर्शाया गया है जिस पर 0, 5, 10, 15, 20, 25, 30, 35, 40 के मुख्य अंक हैं; 25 और 30 के मध्य 10 छोटे विभाजन (प्रत्येक 0.5 °C) हैं और पारे का स्तर 25 से आगे 5वें छोटे विभाजन पर है।

Answer:

सही उत्तर: (ख) 27.5 °C
स्पष्टीकरण: पैमाने का प्रेक्षण करने पर ज्ञात होता है कि 25 और 30 के मध्य कुल 5 इकाइयों का अंतर है, जिसे 10 छोटे भागों में बाँटा गया है। अतः एक छोटे विभाजन का मान = 5 ÷ 10 = 0.5 °C है। चित्र में पारे का तल 25 °C के मुख्य निशान से आगे ठीक 5वें छोटे खाने पर स्थित है।
पाठ्यांक = 25 + (5 × 0.5) °C
= 25 + 2.5 °C = 27.5 °C
अतः तापमापी में दर्शाया गया सही ताप 27.5 °C है।

मुख्य बिंदु:

• पैमाने पर एक छोटे खाने का मान (अल्पतमांक) 0.5 °C है।
• पारे का स्तर 25 °C से आगे 5 छोटे विभाजन की दूरी पर स्थित है।
• गणना: 25 + (5 × 0.5) = 27.5 °C प्राप्त होता है।

आम गलतियाँ:

• प्रत्येक छोटे खाने को 1 °C मान लेना और 25 + 5 = 30 °C या 28 °C समझ लेना।
• अल्पतमांक की गणना किए बिना सीधे अनुमान से उत्तर चुनना।
• 27.5 °C के स्थान पर 26.5 °C चुन लेना।

Exam Tips:

a) सबसे पहले दो मुख्य अंकों के बीच का अंतर और विभाजनों की संख्या गिनकर अल्पतमांक निकालें।
b) मुख्य अंक में (विभाजनों की संख्या × अल्पतमांक) जोड़कर सही मान प्राप्त करें।
c) रफ कार्य में त्वरित गणना करके विकल्प की पुष्टि कर लें।

 

Question 12: किसी प्रयोगशाला तापमापी पर 0 °C और 100 °C के मध्य 50 भाग हैं। इस तापमापी का प्रत्येक भाग कितना ताप मापता है?

Answer:

तापमापी के प्रत्येक छोटे भाग (अल्पतमांक) का मान ज्ञात करने की गणना निम्नलिखित है:
कुल तापमान अंतर = 100 °C - 0 °C = 100 °C
कुल भागों (विभाजनों) की संख्या = 50 भाग
अतः प्रत्येक भाग द्वारा मापा जाने वाला ताप = कुल तापमान अंतर ÷ कुल भागों की संख्या
= 100 °C ÷ 50
= 2 °C
अतः इस तापमापी का प्रत्येक भाग 2 °C का ताप मापता है।

मुख्य बिंदु:

• उपकरण का अल्पतमांक = (उच्च मान - निम्न मान) ÷ कुल विभाजनों की संख्या।
• 0 °C और 100 °C के मध्य का कुल परास 100 °C है।
• 50 बराबर भागों में विभाजित होने पर प्रत्येक खाना 2 °C को निरूपित करता है।

आम गलतियाँ:

• 50 को 100 से भाग देकर 0.5 °C लिख देना (उल्टा विभाजन करना)।
• सूत्र लिखे बिना सीधे उत्तर लिख देना जिससे चरणबद्ध अंक कट सकते हैं।
• अंतिम मान के साथ इकाई (°C) न लगाना।

Exam Tips:

a) गणितीय सूत्र को पहली पंक्ति में स्पष्ट रूप से लिखें।
b) अंश और हर के मानों को सही स्थान पर रखकर विभाजन करें।
c) परिणाम के साथ '°C' इकाई अवश्य जोड़ें।

 

Question 13: किसी तापमापी का स्केल बनाइए जिसमें न्यूनतम भाग 0.5 °C ताप मापता है। आप केवल 10 °C और 20 °C के बीच के भाग को दर्शा सकते हैं।

आकृति का विवरण: एक क्षैतिज तापमापी नली का आरेख जिसमें 10 °C से 20 °C तक का पैमाना बना है; 10 और 20 के बीच कुल 10 °C के अंतर को 0.5 °C के अल्पतमांक के अनुसार 20 बराबर छोटे विभाजनों में बाँटा गया है तथा प्रत्येक पूर्ण अंश पर लंबे चिह्न हैं।

Answer:

0.5 °C अल्पतमांक वाले पैमाने की रचना करने के लिए गणितीय योजना निम्नलिखित है:
1. तापमान का कुल परास = 20 °C - 10 °C = 10 °C
2. प्रत्येक छोटे भाग का मान = 0.5 °C
3. कुल विभाजनों (भागों) की संख्या = कुल परास ÷ न्यूनतम भाग का मान = 10 ÷ 0.5 = 20 विभाजन
पैमाने का विवरण: एक सीधी रेखा खींचकर उसके प्रारंभिक सिरे पर 10 °C तथा अंतिम सिरे पर 20 °C अंकित करते हैं। इस दूरी को 20 बराबर छोटे खानों में विभाजित किया जाता है। प्रत्येक पूर्ण डिग्री (11, 12, 13, 14, 15, 16, 17, 18, 19 °C) पर थोड़ी लंबी रेखा बनाई जाती है तथा उनके ठीक मध्य में 0.5 वाली छोटी रेखा (जैसे 10.5, 11.5 आदि) बनाई जाती है। इस प्रकार बना पैमाना 0.5 °C के न्यूनतम मान को यथार्थता से मापेगा।

मुख्य बिंदु:

• 10 °C और 20 °C के बीच 0.5 °C अल्पतमांक के लिए कुल 20 छोटे विभाजन होने चाहिए।
• प्रत्येक 1 °C के अंतराल में ठीक 2 छोटे खाने बनेंगे।
• पूर्ण संख्याओं के निशान बड़े तथा आधे अंश (0.5) के निशान अपेक्षाकृत छोटे रखे जाते हैं।

आम गलतियाँ:

• 10 से 20 के बीच केवल 10 खाने बना देना (जिससे प्रत्येक खाना 1 °C का हो जाएगा)।
• विभाजनों की दूरी असमान बनाना।
• गणितीय गणना (10 ÷ 0.5 = 20 विभाजन) को उत्तर में न दर्शाना।

Exam Tips:

a) पेंसिल और पटरी (स्केल) का उपयोग करके समान दूरी पर 20 खाने बनाएँ।
b) 10, 15 और 20 के मानों को स्पष्ट रूप से संख्यांकित करें।
c) चित्र के साथ गणना के चरण अवश्य लिखें ताकि पूर्ण अंक प्राप्त हों।

 

Question 14: कोई आपको बताता है कि उसे 101 डिग्री ज्वर है। क्या उसका तात्पर्य सेल्सियस स्केल से है अथवा फारेनहाइट स्केल से है?

Answer:

उसका तात्पर्य निश्चित रूप से फारेनहाइट स्केल (°F) से है। इसका वैज्ञानिक कारण यह है कि फारेनहाइट पैमाने पर सामान्य शरीर ताप 98.6 °F होता है और 101 °F एक सामान्य से तेज बुखार (ज्वर) की स्थिति को दर्शाता है। यदि इसे सेल्सियस स्केल (°C) में रूपांतरित किया जाए, तो C = (101 - 32) × 5/9 = 69 × 5/9 ≈ 38.3 °C प्राप्त होता है, जो मानव शरीर के लिए बुखार की एक स्वाभाविक स्थिति है। इसके विपरीत, यदि कोई व्यक्ति 101 °C ताप का दावा करे, तो यह जल के क्वथनांक (100 °C) से भी अधिक है; इस तापमान पर मानव रक्त और कोशिकाएं उबल जाएँगी और जीवन असंभव हो जाएगा। अतः बोलचाल में 101 डिग्री ज्वर का अर्थ सदैव 101 °F ही होता है।

मुख्य बिंदु:

• दैनिक बोलचाल में बुखार के लिए प्रयुक्त 'डिग्री' वास्तव में फारेनहाइट (°F) होता है।
• 101 °F का मान सेल्सियस में लगभग 38.3 °C होता है जो ज्वर का सूचक है।
• मानव शरीर का तापमान कभी भी 101 °C नहीं हो सकता क्योंकि 100 °C पर जल उबलने लगता है।

आम गलतियाँ:

• इसे सेल्सियस पैमाना मान लेना।
• केवल 'फारेनहाइट' लिखकर छोड़ देना और 101 °C की असंभवता का वैज्ञानिक कारण न बताना।
• 101 °F को सेल्सियस में बदलते समय गलत गणना करना।

Exam Tips:

a) उत्तर की शुरुआत में ही स्पष्ट रूप से 'फारेनहाइट स्केल' लिखें।
b) सेल्सियस में इसका समतुल्य मान (लगभग 38.3 °C) गणना सहित दर्शाएँ।
c) 101 °C पर जीवन की असंभवता का उल्लेख करके अपने उत्तर को वैज्ञानिक दृढ़ता दें।

 

NOTES: सभी प्रश्नों के उत्तर एनसीईआरटी कक्षा 6 विज्ञान (जिज्ञासा) के अध्याय 7 'ताप एवं उसका मापन' के नवीनतम पाठ्यक्रम, मानक वैज्ञानिक शब्दावली और भाषा-शैली के अनुरूप पूर्णतः तैयार किए गए हैं।

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