NCERT Solutions Class 6 Science Chapter 05 Measurement of Length and Motion (लंबाई एवं गति का मापन) in Hindi

NCERT Solutions for Class 6 Science: Chapter 05 लंबाई एवं गति का मापन

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Practice Class 6 Science Solutions: Chapter 05 लंबाई एवं गति का मापन

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Question 1: तालिका 5.5 के स्तंभ I में दी गई लंबाइयों का उनके मापन के लिए स्तंभ II में दिए गए मात्रकों में से उपयुक्त मात्रक से मिलान कीजिए।
तालिका— 5.5
स्तंभ I — स्तंभ II
दिल्ली एवं लखनऊ के बीच की दूरी — सेंटीमीटर
सिक्के की मोटाई — किलोमीटर
रबड़ (इरेज़र) की लंबाई — मीटर
विद्यालय के मैदान की लंबाई — मिलीमीटर

Answer:

स्तंभ I में दी गई विभिन्न वस्तुओं एवं दूरियों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त मानक मात्रक (standard units) निम्नलिखित प्रकार से सुमेलित हैं:
• दिल्ली एवं लखनऊ के बीच की दूरी — किलोमीटर (km), क्योंकि दो बड़े शहरों के मध्य की अत्यधिक लंबी दूरी को मापने के लिए किलोमीटर सबसे उपयुक्त मात्रक है।
• सिक्के की मोटाई — मिलीमीटर (mm), क्योंकि सिक्के की मोटाई अत्यंत सूक्ष्म होती है जिसे मापने के लिए मिलीमीटर का प्रयोग किया जाता है।
• रबड़ (इरेज़र) की लंबाई — सेंटीमीटर (cm), क्योंकि साधारण इरेज़र छोटी वस्तु है जिसे सेंटीमीटर पैमाने से सुगमतापूर्वक मापा जा सकता है।
• विद्यालय के मैदान की लंबाई — मीटर (m), क्योंकि खेल के मैदान जैसी मध्यम दूरियों के मापन के लिए मीटर मानक एवं व्यावहारिक मात्रक है।

मुख्य बिंदु:

• मापी जाने वाली वस्तु के आकार के अनुसार ही लंबाई के उपयुक्त मात्रक का चयन किया जाता है।
• अत्यधिक छोटी लंबाइयों के लिए मिलीमीटर (mm) तथा छोटी वस्तुओं के लिए सेंटीमीटर (cm) का प्रयोग होता है।
• मध्यम लंबाइयों के लिए मीटर (m) तथा अत्यधिक लंबी दूरियों के लिए किलोमीटर (km) उपयुक्त मात्रक है।

आम गलतियाँ:

• सिक्के की मोटाई को सेंटीमीटर में और इरेज़र को मिलीमीटर में मिलाकर त्रुटि करना।
• मैदान की लंबाई और दो शहरों की दूरी के मात्रकों को आपस में बदलना।
• मात्रक के परिमाण और वस्तु के वास्तविक आकार के संबंध को ध्यान में न रखना।

Exam Tips:

a) मिलान वाले प्रश्नों में तीर के निशान लगाने के बजाय आमने-सामने सही उत्तर लिखें।
b) मात्रक का चयन करते समय वस्तु की वास्तविक व्यावहारिक लंबाई की कल्पना करें।
c) मात्रकों के संकेत (mm, cm, m, km) को कोष्ठक में लिखना अच्छा अभ्यास है।

 

Question 2: निम्नलिखित कथनों को पढ़िए एवं सत्य कथन के सामने 'सत्य' एवं असत्य कथन के सामने 'असत्य' लिखिए।
(क) एक सीधी सड़क पर चलती कार की गति सरल रेखीय गति का उदाहरण है। [ ]
(ख) कोई वस्तु यदि समय के साथ किसी संदर्भ बिंदु के सापेक्ष अपनी स्थिति में परिवर्तन करती है तो वह गति में है। [ ]
(ग) 1 km = 100 cm [ ]

Answer:

(क) सत्य — जब कोई वस्तु एक सरल (सीधी) रेखा के अनुदिश गति करती है, तो उसकी गति को सरल रेखीय गति (rectilinear motion) कहते हैं। सीधी सड़क पर कार की गति इसका सटीक उदाहरण है।
(ख) सत्य — विज्ञान में गति (motion) की परिभाषा यही है कि जब कोई वस्तु समय बीतने के साथ किसी स्थिर संदर्भ बिंदु (reference point) के सापेक्ष अपनी स्थिति बदलती है, तो उसे गतिशील कहा जाता है।
(ग) असत्य — 1 किलोमीटर (km) में 1,000 मीटर होते हैं और 1 मीटर में 100 सेंटीमीटर होते हैं; अतः 1 km = 1,000 × 100 cm = 1,00,000 cm होता है, न कि 100 cm।

मुख्य बिंदु:

• सीधी रेखा में होने वाली गति सरल रेखीय गति कहलाती है।
• किसी वस्तु की गति या विराम अवस्था का निर्धारण संदर्भ बिंदु के सापेक्ष किया जाता है।
• लंबाई के मात्रकों का सही रूपांतरण: 1 km = 1000 m = 1,00,000 cm होता है।

आम गलतियाँ:

• 1 km = 1000 m और 1 m = 100 cm में भ्रमित होकर 1 km को 100 cm मान लेना।
• संदर्भ बिंदु के बिना किसी वस्तु को पूर्ण विराम या पूर्ण गति में मान लेना।
• सरल रेखीय गति और वर्तुल गति की परिभाषाओं को मिला देना।

Exam Tips:

a) सत्य/असत्य लिखने के साथ-साथ एक पंक्ति में उसका वैज्ञानिक कारण भी अवश्य लिखें।
b) मात्रक रूपांतरण वाले प्रश्नों में गणना को रफ में गुणा करके सत्यापित कर लें।
c) कोष्ठक में स्पष्ट अक्षरों में [सत्य] या [असत्य] अंकित करें।

 

Question 3: निम्न में से कौन-सा लंबाई मापने का मानक मात्रक नहीं है?
(क) मिलीमीटर
(ख) सेंटीमीटर
(ग) किलोमीटर
(घ) बालिश्त

Answer:

सही उत्तर: (घ) बालिश्त
स्पष्टीकरण: मिलीमीटर, सेंटीमीटर और किलोमीटर लंबाई मापन के अंतरराष्ट्रीय मानक मात्रक (SI units एवं उनके गुणज/उपगुणज) हैं, जिनका मान विश्वभर में प्रत्येक व्यक्ति के लिए एकसमान और निश्चित रहता है। इसके विपरीत, बालिश्त (handspan) मानव शरीर के अंग (फैले हुए हाथ) पर आधारित एक पारंपरिक एवं अमानक मात्रक (non-standard unit) है। चूँकि अलग-अलग व्यक्तियों के हाथ का आकार भिन्न-भिन्न होता है, इसलिए बालिश्त से किया गया मापन सभी के लिए समान नहीं हो सकता।

मुख्य बिंदु:

• मानक मात्रक वह होता है जिसका मान समय, स्थान और व्यक्ति के बदलने पर नहीं बदलता।
• मिलीमीटर, सेंटीमीटर, मीटर और किलोमीटर सर्वमान्य वैज्ञानिक मानक मात्रक हैं।
• बालिश्त, कदम और हाथ की लंबाई अमानक मात्रक हैं क्योंकि ये व्यक्ति-दर-व्यक्ति बदलते रहते हैं।

आम गलतियाँ:

• मिलीमीटर को सबसे छोटा समझकर उसे अमानक मान लेना।
• मानक मात्रक (standard unit) और अमानक मात्रक (non-standard unit) के अंतर को न समझना।
• केवल विकल्प संख्या लिख देना और व्याख्या छोड़ देना।

Exam Tips:

a) बहुविकल्पीय प्रश्नों में सही विकल्प का अक्षर और उसका नाम दोनों स्पष्ट लिखें।
b) अमानक मात्रक को अमान्य ठहराने के लिए 'व्यक्ति-दर-व्यक्ति भिन्नता' का तर्क दें।
c) मात्रकों से संबंधित प्रश्नों में SI पद्धति का संदर्भ अवश्य ध्यान में रखें।

 

Question 4: अपने घर एवं विद्यालय में उपलब्ध विभिन्न पैमाने अथवा मापन फीते लीजिए। इन सभी पैमानों में से प्रत्येक द्वारा मापे जा सकने वाले लघुतम मान को ज्ञात कीजिए। अपने प्रेक्षणों को तालिका में लिखिए।

Answer:

किसी भी मापक उपकरण द्वारा मापे जा सकने वाले सबसे छोटे मान को उसका अल्पतमांक (least count) कहते हैं। घर और विद्यालय में सामान्यतः उपलब्ध विभिन्न मापक उपकरणों का निरीक्षण करने पर उनके द्वारा मापे जा सकने वाले लघुतम मान निम्नलिखित हैं:
1. छोटी प्लास्टिक स्केल (15 cm): इस पैमाने पर 1 सेंटीमीटर को 10 बराबर भागों में बाँटा गया होता है, अतः इसके द्वारा मापा जा सकने वाला न्यूनतम मान 1 मिलीमीटर (1 mm या 0.1 cm) है।
2. मीटर रूलर (विद्यालय प्रयोगशाला में प्रयुक्त): इसमें भी सबसे छोटा विभाजन 1 मिलीमीटर का होता है, अतः इसका न्यूनतम मान 1 mm (0.001 m) है।
3. दर्जी का मापन फीता (measuring tape): इस लचीले फीते पर भी न्यूनतम अंकन मिलीमीटर में होता है, अतः इसका न्यूनतम पाठ्यांक 1 mm है।
4. राजमिस्त्री या बढ़ई का धात्विक मापन फीता (steel tape): इस फीते पर भी सबसे छोटा विभाजन 1 mm का होता है।

मुख्य बिंदु:

• किसी उपकरण द्वारा मापा जा सकने वाला सबसे छोटा मान उसका अल्पतमांक (लघुतम मान) कहलाता है।
• अधिकांश सामान्य पैमानों (scales) और फीतों का न्यूनतम मापन 1 mm (0.1 cm) होता है।
• सही मापन के लिए पैमाने के न्यूनतम विभाजन की पहचान करना अनिवार्य है।

आम गलतियाँ:

• 15 cm के पैमाने का न्यूनतम मान 1 cm लिख देना, जबकि उसमें मिलीमीटर के भी निशान होते हैं।
• अल्पतमांक के साथ उचित इकाई (mm या cm) न लिखना।
• विभिन्न पैमानों के बीच उनके उपयोग और न्यूनतम मान की तुलना न कर पाना।

Exam Tips:

a) उपकरण का नाम और उसके सामने उसका न्यूनतम मान स्पष्ट रूप से लिखें।
b) 1 mm को 0.1 cm के रूप में भी लिखकर अपनी समझ को प्रदर्शित करें।
c) पैमाने के दो बड़े खानों के बीच स्थित कुल छोटे खानों की संख्या गिनने की विधि का उल्लेख करें।

 

Question 5: मान लीजिए आपके विद्यालय एवं घर के बीच की दूरी 1.5 km है। इसे मीटर में व्यक्त कीजिए।

Answer:

घर और विद्यालय के बीच की दूरी को मीटर में रूपांतरित करने की गणना निम्नलिखित है:
हम जानते हैं कि:
1 किलोमीटर (km) = 1000 मीटर (m)
अतः,
विद्यालय एवं घर के बीच की दूरी = 1.5 × 1000 m
= 1500 m
इस प्रकार, घर और विद्यालय के बीच की कुल दूरी 1500 मीटर है।

मुख्य बिंदु:

• किलोमीटर को मीटर में बदलने के लिए दी गई संख्या को 1000 से गुणा किया जाता है।
• 1 km = 1000 m लंबाई मापन का एक मूलभूत रूपांतरण सूत्र है।
• दशमलव संख्या (1.5) को 1000 से गुणा करने पर दशमलव तीन स्थान दाईं ओर खिसकता है।

आम गलतियाँ:

• 1.5 को 100 से गुणा करके 150 m लिख देना (सेंटीमीटर और मीटर में भ्रम होना)।
• दशमलव बिंदु के गुणन में गलती करके 15000 m या 150 m लिखना।
• अंतिम उत्तर के साथ मात्रक (मीटर या m) न लिखना।

Exam Tips:

a) आंकिक प्रश्नों में सबसे पहले प्रयुक्त सूत्र (1 km = 1000 m) को अलग पंक्ति में लिखें।
b) गणना के सभी चरण स्पष्ट रूप से दर्शाएँ।
c) अंतिम परिणाम को इकाई सहित बॉक्स या रेखांकित करके स्पष्ट करें।

 

Question 6: एक गिलास या बोतल लीजिए। गिलास या बोतल के तल के वक्र भाग की लंबाई मापिए और लिखिए।

Answer:

गिलास या बोतल का निचला तल वृत्ताकार (वक्राकार) होता है, जिसकी लंबाई (परिधि) को सीधे किसी कठोर मीटर पैमाने से नहीं मापा जा सकता। इसे मापने के लिए एक अप्रसार्य (न खिंचने वाले) धागे का उपयोग किया जाता है। धागे के एक सिरे पर गाँठ बाँधकर उसे गिलास के पेंदे के वक्र किनारे के किसी एक बिंदु पर रखते हैं। फिर धागे को पेंदे के चारों ओर सटाकर घुमाते हुए वापस उसी प्रारंभिक बिंदु तक लाते हैं और उस स्थान पर धागे पर पेन से निशान लगा लेते हैं। इसके बाद धागे को सीधा करके 15 cm या 30 cm वाले सीधे पैमाने (scale) पर रखकर प्रारंभिक बिंदु से निशान तक की लंबाई नाप लेते हैं। प्रयोग करने पर हमारे द्वारा लिए गए गिलास के तल के वक्र भाग की लंबाई 22 cm प्राप्त हुई।

मुख्य बिंदु:

• वक्र रेखा या गोल तल की लंबाई सीधे कठोर पैमाने से नहीं मापी जा सकती।
• वक्राकार किनारों के मापन के लिए धागे या लचीले मापक फीते का प्रयोग किया जाता है।
• धागे पर निशान लगाकर उसे सीधे पैमाने पर रखकर वास्तविक मान ज्ञात किया जाता है।

आम गलतियाँ:

• खिंचने वाले (रबरयुक्त) धागे का उपयोग करना जिससे माप गलत हो जाती है।
• बिना मापन विधि समझाए केवल एक काल्पनिक संख्या लिख देना।
• पैमाने पर धागे को सीधा ताने बिना ढीला रखकर नापना।

Exam Tips:

a) वक्र रेखा के मापन में धागे के प्रयोग की पूरी प्रक्रिया को 2-3 वाक्यों में जरूर समझाएँ।
b) प्राप्त माप के साथ हमेशा उचित मात्रक (जैसे cm) लिखें।
c) इस बात पर जोर दें कि धागा अप्रसार्य (non-stretchable) होना चाहिए।

 

Question 7: अपने दोस्त की लंबाई मापिए और उसे मीटर, सेंटीमीटर एवं मिलीमीटर में व्यक्त कीजिए।

Answer:

अपने मित्र की लंबाई को दीवार के सहारे सीधा खड़ा करके मापा गया। यदि मित्र की मापी गई लंबाई 1.6 मीटर है, तो इसे सेंटीमीटर और मिलीमीटर में रूपांतरित करने के चरण निम्नलिखित हैं:
1. मीटर (m) में लंबाई = 1.6 m
2. सेंटीमीटर (cm) में रूपांतरण:
चूँकि 1 m = 100 cm
अतः लंबाई = 1.6 × 100 cm = 160 cm
3. मिलीमीटर (mm) में रूपांतरण:
चूँकि 1 cm = 10 mm (अथवा 1 m = 1000 mm)
अतः लंबाई = 160 × 10 mm = 1600 mm
इस प्रकार, मित्र की लंबाई 1.6 मीटर, 160 सेंटीमीटर तथा 1600 मिलीमीटर है।

मुख्य बिंदु:

• मीटर को सेंटीमीटर में बदलने के लिए 100 से गुणा किया जाता है।
• सेंटीमीटर को मिलीमीटर में बदलने के लिए 10 से गुणा किया जाता है।
• परिमाण बदलने पर भी भौतिक राशि (व्यक्ति की वास्तविक लंबाई) अपरिवर्तित रहती है।

आम गलतियाँ:

• दशमलव के गुणन में शून्य की संख्या में गलती करना (जैसे 1.6 × 100 = 16 cm लिख देना)।
• मीटर से सीधे मिलीमीटर में बदलते समय 100 से ही गुणा कर देना।
• तीनों मात्रकों (m, cm, mm) में उत्तर अलग-अलग स्पष्ट न लिखना।

Exam Tips:

a) तीनों इकाइयों में मान अलग-अलग पंक्तियों में स्पष्ट रूप से दर्शाएँ।
b) रूपांतरण के लिए प्रयुक्त संबंध (1 m = 100 cm और 1 cm = 10 mm) पहले लिखें।
c) अपनी व्यावहारिक लंबाई (लगभग 1.4 m से 1.6 m) के अनुसार कोई भी उचित मान चुन सकते हैं।

 

Question 8: आपको एक सिक्का दिया गया है। अनुमान लगाइए कि किसी पुस्तिका के एक ओर के पूरे किनारे पर कोई रिक्त स्थान छोड़े बिना एक के बाद एक रखने पर कितने सिक्कों की आवश्यकता होगी? पुस्तिका के उसी किनारे और सिक्के को 15 cm के पैमाने पर मापकर अपने अनुमान का सत्यापन भी कीजिए।

Answer:

पुस्तिका के एक किनारे पर आवश्यक सिक्कों की संख्या का अनुमान लगाने और उसके सत्यापन की विधि निम्नलिखित है:
अनुमान: हमने अनुमान लगाया कि पुस्तिका के लंबे किनारे को ढकने के लिए लगभग 15 सिक्कों की आवश्यकता होगी।
सत्यापन और गणना:
1. 15 cm के पैमाने की सहायता से पुस्तिका के किनारे की कुल लंबाई मापी गई = 30 cm
2. पैमाने की सहायता से एक सिक्के का व्यास (diameter) मापा गया = 2 cm
3. आवश्यक सिक्कों की वास्तविक संख्या = किनारे की कुल लंबाई ÷ एक सिक्के का व्यास
= 30 cm ÷ 2 cm
= 15 सिक्के
निष्कर्ष: सिक्कों को वास्तव में किनारे के अनुदिश सटाकर रखने पर ठीक 15 सिक्के लगे, जिससे हमारा अनुमान पूरी तरह सत्यापित हुआ।

मुख्य बिंदु:

• किनारे पर लगने वाले सिक्कों की संख्या पुस्तिका की लंबाई और सिक्के के व्यास के अनुपात पर निर्भर करती है।
• सिक्कों के बीच कोई रिक्त स्थान नहीं छूटना चाहिए और न ही वे एक-दूसरे पर चढ़ने चाहिए।
• वैज्ञानिक अन्वेषण में अनुमान (estimation) लगाने के बाद मापन द्वारा सत्यापन आवश्यक होता है।

आम गलतियाँ:

• सिक्के की त्रिज्या और व्यास में भ्रमित होना; चौड़ाई के लिए पूरे व्यास का उपयोग करना होता है।
• पुस्तिका की लंबाई और सिक्के के माप के मात्रक अलग-अलग ले लेना (जैसे एक cm में और दूसरा mm में)।
• केवल अनुमानित संख्या लिखकर छोड़ देना और मापन द्वारा सत्यापन की विधि न दिखाना।

Exam Tips:

a) उत्तर में 'अनुमान' और 'सत्यापन' दोनों शीर्षकों को अलग-अलग स्पष्ट करें।
b) सिक्कों की संख्या निकालने के लिए भाग (विभाजन) का सूत्र साफ-साफ लिखें।
c) पैमाने पर सिक्के का व्यास मापते समय सिक्के के दोनों सिरों के पाठ्यांक का अंतर लें।

 

Question 9: सरल रेखीय, वृत्तीय एवं दोलन-गति के दो-दो उदाहरण दीजिए।

Answer:

विभिन्न प्रकार की गतियों के दो-दो व्यावहारिक उदाहरण निम्नलिखित हैं:
1. सरल रेखीय गति (Rectilinear motion):
(i) एक सीधी पटरी पर दौड़ती हुई रेलगाड़ी की गति।
(ii) किसी पेड़ से सीधे नीचे की ओर गिरते हुए फल या सिक्के की गति।
2. वृत्तीय गति (Circular motion):
(i) छत पर घूमते हुए बिजली के पंखे की पंखुड़ियों की गति।
(ii) सूर्य के चारों ओर वृत्ताकार या दीर्घवृत्ताकार पथ पर परिक्रमा करती पृथ्वी की गति (अथवा घड़ी की सुइयों की नोक की गति)।
3. दोलन गति (Oscillatory motion):
(i) दीवार घड़ी के लोलक (pendulum) की इधर-उधर होने वाली गति।
(ii) झूले पर झूलते हुए बच्चे की गति (अथवा सितार के खींचे हुए तार का कंपन)।

मुख्य बिंदु:

• सरल रेखा के अनुदिश होने वाली गति सरल रेखीय गति कहलाती है।
• जब कोई वस्तु किसी निश्चित बिंदु के चारों ओर वृत्ताकार पथ पर घूमती है, तो वह वृत्तीय गति होती है।
• किसी स्थिर माध्य स्थिति के आगे-पीछे या इधर-उधर होने वाली गति को दोलन गति कहते हैं।

आम गलतियाँ:

• वृत्तीय गति (घूमना) और दोलन गति (इधर-उधर होना) के उदाहरणों को आपस में मिला देना।
• आवर्ती गति और दोलन गति के अंतर को न समझना (सभी दोलन गतियाँ आवर्ती होती हैं)।
• दो के स्थान पर केवल एक ही उदाहरण लिखकर छोड़ देना।

Exam Tips:

a) तीनों गतियों के लिए अलग-अलग उपशीर्षक बनाकर बिंदुवार उत्तर लिखें।
b) उदाहरण के साथ गति का पथ (सीधा, गोल, आगे-पीछे) भी संक्षेप में उल्लेख करें।
c) दैनिक जीवन से जुड़े सबसे सरल और जाने-पहचाने उदाहरण ही चुनें।

 

Question 10: अपने चारों ओर की विभिन्न वस्तुओं पर ध्यान दीजिए। कुछ वस्तुओं की लंबाई को mm में, कुछ की cm में और कुछ की m में व्यक्त करना आसान होता है। प्रत्येक श्रेणी में 3 वस्तुओं की सूची बनाइए एवं तालिका 5.6 में लिखिए।
तालिका 5.6 — हमारे चारों ओर की कुछ वस्तुओं का आकार
लंबाई का उपयुक्त मात्रक — मापनीय वस्तु
mm — [ ]
cm — [ ]
m — [ ]

Answer:

दैनिक जीवन की विभिन्न वस्तुओं के आकार के अनुसार उनकी लंबाई मापने के लिए सबसे उपयुक्त मात्रक और उनसे संबंधित 3-3 वस्तुओं की सूची निम्नलिखित है:
1. मिलीमीटर (mm) में मापी जाने वाली वस्तुएँ: सिलाई वाली सुई की मोटाई, पेंसिल की लेड (नोक) का व्यास, तथा एक साधारण सिक्के या तार की मोटाई।
2. सेंटीमीटर (cm) में मापी जाने वाली वस्तुएँ: विज्ञान की पाठ्यपुस्तक की लंबाई, ज्यामिति बॉक्स में रखी पेंसिल की लंबाई, तथा मोबाइल फोन की स्क्रीन की लंबाई।
3. मीटर (m) में मापी जाने वाली वस्तुएँ: कक्षा के कमरे की दीवार की लंबाई, विद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार की चौड़ाई, तथा श्यामपट्ट (ब्लैकबोर्ड) की लंबाई।

मुख्य बिंदु:

• मिलीमीटर का प्रयोग अत्यंत बारीक या पतली चीजों के मापन में होता है।
• सेंटीमीटर का प्रयोग उन वस्तुओं के लिए किया जाता है जिन्हें हाथ में पकड़ा जा सकता है।
• मीटर का प्रयोग कमरों, दरवाजों, कपड़ों और खेल के मैदान जैसी बड़ी लंबाइयों के लिए होता है।

आम गलतियाँ:

• पेंसिल की लंबाई को mm में लिख देना या सुई की मोटाई को m में लिखना।
• प्रत्येक श्रेणी में 3 के स्थान पर कम वस्तुएँ लिखना।
• उपयुक्त मात्रक के आधार पर वस्तुओं के वर्गीकरण में असंतुलन होना।

Exam Tips:

a) तालिका प्रारूप वाले प्रश्नों में तीनों मात्रकों (mm, cm, m) के आगे स्पष्ट 3-3 नाम लिखें।
b) उदाहरण ऐसे होने चाहिए जिनका आकार सभी विद्यार्थियों के लिए जाना-पहचाना हो।
c) वस्तु के साथ उसके मापे जाने वाले भाग (जैसे मोटाई, लंबाई, चौड़ाई) का भी उल्लेख करें।

 

Question 11: एक रोलर कोस्टर का ट्रैक चित्र में दिखाए गए आकार में बनाया गया है। एक गेंद बिंदु 'क' से प्रारंभ होती है और बिंदु 'च' से निकल जाती है। रोलर कोस्टर पर गेंद की गति के प्रकार और ट्रैक के संगत भागों की पहचान कीजिए।

आकृति का विवरण: रोलर कोस्टर ट्रैक में गेंद बिंदु 'क' से सीधी ढलान वाले ट्रैक पर फिसलकर 'ख' तक आती है, फिर 'ख' से 'ग' होकर वृत्ताकार लूप 'घ' और 'ङ' का पूरा चक्कर लगाती है, और अंत में क्षैतिज सीधे ट्रैक से होकर बिंदु 'च' से बाहर निकलती है।

Answer:

रोलर कोस्टर ट्रैक के विभिन्न भागों के अनुसार गेंद की गतियों के प्रकार और संगत भाग निम्नलिखित हैं:
1. सरल रेखीय गति (Rectilinear motion):
• ट्रैक भाग 'क' से 'ख': यहाँ गेंद एक सीधी ढलानदार नली के अनुदिश नीचे की ओर सीधी रेखा में गति करती है।
• ट्रैक भाग 'ङ' से 'च': वृत्ताकार लूप पूरा करने के बाद गेंद पुनः एक सीधे क्षैतिज ट्रैक पर चलती हुई बिंदु 'च' से बाहर निकलती है। अतः इस भाग में भी गति सरल रेखीय है।
2. वृत्तीय गति (Circular motion):
• ट्रैक भाग 'ख-ग-घ-ङ': इस भाग में ट्रैक एक पूर्ण वृत्ताकार लूप (छल्ला) बनाता है। जब गेंद इस वृत्ताकार पथ के अनुदिश एक निश्चित केंद्र के चारों ओर घूमती है, तो उसकी गति वृत्तीय गति कहलाती है।
इस प्रकार, पूरे रोलर कोस्टर ट्रैक पर गेंद सरल रेखीय गति और वृत्तीय गति दोनों का संयुक्त प्रदर्शन करती है।

मुख्य बिंदु:

• ट्रैक के सीधे हिस्सों ('क-ख' और 'ङ-च') पर गेंद सरल रेखीय गति करती है।
• ट्रैक के लूप वाले हिस्से ('ख-ग-घ-ङ') पर गेंद वृत्तीय गति करती है।
• गति का प्रकार वस्तु द्वारा तय किए जाने वाले पथ की ज्यामिति पर निर्भर करता है।

आम गलतियाँ:

• वृत्ताकार लूप को दोलन गति या आवर्ती गति समझ लेना।
• ट्रैक के अंतिम सीधे भाग ('ङ' से 'च') की सरल रेखीय गति का उल्लेख करना भूल जाना।
• गति के प्रकार के साथ ट्रैक के बिंदुओं (क, ख, ग, घ, ङ, च) का सही तालमेल न बैठाना।

Exam Tips:

a) ट्रैक के अक्षरों (क, ख, घ, ङ, च) का स्पष्ट संदर्भ देते हुए गति का प्रकार लिखें।
b) सरल रेखीय और वृत्तीय गति दोनों को अलग-अलग बिंदुओं में वर्गीकृत करें।
c) चित्र पर आधारित प्रश्न में पथ की दिशा और प्रकृति का संक्षेप में वर्णन करें।

 

Question 12: तस्नीम स्वयं एक मीटर पैमाना बनाना चाहती है। वह उसके लिए निम्नलिखित सामग्री पर विचार करती है - प्लाईवुड, कागज, कपड़ा, लचीली रबड़, स्टील आदि। इनमें से उसे किसका उपयोग नहीं करना चाहिए और क्यों?

Answer:

तस्नीम को मीटर पैमाना बनाने के लिए लचीली रबड़ (elastic rubber) और कपड़े (cloth) का उपयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए। इसका वैज्ञानिक कारण यह है कि लचीली रबड़ और कपड़ा दोनों ही प्रत्यास्थ (खींचे जा सकने वाले) पदार्थ हैं। जब इनसे किसी वस्तु की लंबाई मापी जाएगी, तो खींचने या तनाव के कारण इनकी अपनी लंबाई बदल जाएगी। यदि कोई व्यक्ति इन्हें अधिक खींचेगा तो मापा गया मान कम आएगा और ढीला छोड़ने पर मान अधिक आएगा, जिससे मापन में गंभीर त्रुटियाँ होंगी। एक मानक मापक पैमाना सदैव किसी कठोर, दृढ़ और अप्रसार्य पदार्थ (जैसे स्टील या प्लाईवुड) का ही होना चाहिए जिसका आकार किसी भी स्थिति में न बदले।

मुख्य बिंदु:

• मापक पैमाना ऐसा होना चाहिए जिसकी लंबाई खींचने या तापमान से आसानी से न बदले।
• कपड़ा और लचीली रबर खिंचाव के कारण विकृत (deform) हो जाते हैं, जिससे मापन अनिश्चित हो जाता है।
• सटीक और विश्वसनीय मापन के लिए स्टील, लकड़ी या कठोर प्लास्टिक जैसी दृढ़ सामग्रियाँ उपयुक्त हैं।

आम गलतियाँ:

• केवल रबर का नाम लिखना और कपड़े के खिंचाव के गुण को नजरअंदाज करना।
• 'क्यों' का कारण न समझाना कि खिंचाव से मापन में त्रुटि कैसे आती है।
• अनुपयुक्त सामग्री के स्थान पर उपयुक्त सामग्री की सूची लिखकर उत्तर अधूरा छोड़ना।

Exam Tips:

a) अनुपयुक्त सामग्रियों (लचीली रबर और कपड़ा) का नाम पहली पंक्ति में स्पष्ट रूप से दें।
b) वैज्ञानिक शब्द 'प्रत्यास्थता' या 'खिंचाव (stretching)' का उल्लेख जरूर करें।
c) तुलना के लिए बताएं कि स्टील और प्लाईवुड क्यों उपयुक्त हैं (दृढ़ता के कारण)।

 

Question 13: अपने दोस्तों के साथ खेलने के लिए लंबाई के मात्रकों के रूपांतरण पर एक कार्ड का खेल (कार्ड गेम) बनाने के संबंध में विचार कीजिए इसकी योजना बनाइए और इसे विकसित कीजिए।

Answer:

लंबाई के मात्रकों के रूपांतरण को रोचक ढंग से सीखने के लिए 'माप-मिलान कार्ड खेल' (Unit Match Card Game) की योजना निम्नलिखित रूप से विकसित की जा सकती है:
1. खेल की सामग्री: चार्ट पेपर से 20 कार्ड तैयार किए जाएँगे। इनमें से 10 कार्डों पर एक मात्रक में मान लिखे होंगे (जैसे कार्ड A: 1 m, 2 km, 5 cm, 150 cm, 30 mm आदि) और शेष 10 कार्डों पर उनके समतुल्य रूपांतरित मान लिखे होंगे (जैसे कार्ड B: 100 cm, 2000 m, 50 mm, 1.5 m, 3 cm आदि)।
2. खेल के नियम: सभी कार्डों को अच्छी तरह फेंटकर मेज पर उल्टा रख दिया जाएगा। प्रत्येक खिलाड़ी बारी-बारी से दो कार्ड सीधा करेगा। यदि दोनों कार्ड समान मान वाले सही जोड़े (जैसे '1 m' और '100 cm') को प्रदर्शित करते हैं, तो वह खिलाड़ी उस जोड़े को अपने पास रख लेगा और उसे 10 अंक मिलेंगे। गलत जोड़ी खुलने पर कार्ड पुनः पलट दिए जाएँगे और अगली बारी दूसरे खिलाड़ी की होगी।
3. खेल का उद्देश्य एवं विजेता: जिसके पास सबसे अंत में सबसे अधिक सही जोड़ों के कार्ड होंगे, वह विजेता बनेगा। इस खेल से विद्यार्थी खेल-खेल में 1 km = 1000 m, 1 m = 100 cm और 1 cm = 10 mm के रूपांतरणों में पूरी तरह दक्ष हो जाएँगे।

मुख्य बिंदु:

• खेल का आधार मात्रक रूपांतरण के मूलभूत सूत्रों (km, m, cm, mm) पर आधारित है।
• कार्डों पर मूल मान और उसके रूपांतरित समतुल्य मान के जोड़े बनाए जाते हैं।
• यह खेल विद्यार्थियों में त्वरित गणना और मात्रकों की परस्पर समझ को सुदृढ़ करता है।

आम गलतियाँ:

• खेल के नियम और चरण स्पष्ट रूप से न समझाना।
• कार्डों पर लिखे जाने वाले मानों का कोई भी उदाहरण न देना।
• खेल का शैक्षणिक उद्देश्य (मात्रक रूपांतरण सीखना) स्पष्ट न करना।

Exam Tips:

a) योजना को 'सामग्री', 'नियम' और 'उद्देश्य' शीर्षकों के अंतर्गत चरणबद्ध प्रस्तुत करें।
b) कम से कम दो या तीन कार्डों के उदाहरण (जैसे 1 m = 100 cm) अवश्य लिखकर दिखाएँ।
c) खेल को सरल और सहयोगात्मक अधिगम से जोड़कर प्रस्तुत करें।

 

NOTES: सभी प्रश्नों के उत्तर एनसीईआरटी कक्षा 6 विज्ञान (जिज्ञासा) के अध्याय 5 'लंबाई एवं गति का मापन' के नवीनतम पाठ्यक्रम, मानक वैज्ञानिक शब्दावली और भाषा-शैली के अनुरूप पूर्णतः तैयार किए गए हैं।

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