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Detailed Veena Chapter 10 तीन मछलियाँ NCERT Solutions for Class 5 Hindi
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Class 5 Hindi Veena Chapter 10 तीन मछलियाँ NCERT Solutions PDF
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बातचीत के लिए
Question 1. जब शाम होती है तो आपको प्रकृति में क्या-क्या परिवर्तन दिखाई देते हैं?
Answer: संध्या समय सूर्य देव अस्ताचल की ओर जाने लगते हैं और संपूर्ण गगन में लालिमा के साथ-साथ पीले व नारंगी रंगों की मनमोहक आभा बिखर जाती है। सभी पक्षी अपने-अपने घोंसलों की ओर प्रस्थान करने लगते हैं। हवा मंद और शीतल होकर बहने लगती है जिससे वातावरण अत्यंत सुखद हो जाता है। पुष्पों की सुगंध चारों ओर फैलने लगती है। खेतों में चरने गए गाय-बैल अपने घरों की ओर वापस लौटने लगते हैं और धीरे-धीरे चारों तरफ एक मौन शांति छा जाती है।
In simple words: शाम के समय सूरज छिप जाता है, आसमान रंग-बिरंगा दिखाई देने लगता है, पक्षी अपने घरों को लौट आते हैं और चारों ओर शांति छा जाती है।
Exam Tip: Describe the natural transition of evening by mentioning key elements like the changing colors of the sky, birds returning to nests, and the spreading peace.
Question 2. क्या आपने कभी किसी पशु-पक्षी को बचाया है? उनसे जुड़ा कोई अनुभव साझा कीजिए।
Answer: जी हाँ, मुझे एक बार एक नन्ही गौरैया के प्राण बचाने का अवसर मिला था। वह बिल्ली के हमले से जख्मी होकर हमारे आँगन में गिर पड़ी थी। मैंने अत्यंत कोमलता से उसे उठाकर सुरक्षित स्थान पर रखा, उसके घाव साफ किए और पानी की कुछ बूंदें पिलाईं। कुछ दिनों तक दाना-पानी देने और उचित देखभाल करने के बाद जब वह पूरी तरह चहचहाने लगी, तो उसने खुले आसमान में उड़ान भर ली। किसी असहाय जीव की रक्षा करके मुझे अपार प्रसन्नता हुई।
In simple words: मैंने एक बार एक घायल चिड़िया की जान बचाई थी, उसे दाना-पानी दिया था और ठीक होने पर उसे उड़ा दिया था। इससे मुझे बहुत खुशी मिली।
Exam Tip: Express your personal or imaginary experience of helping an animal with compassion, emphasizing how care and love helped the creature recover.
Question 3. यदि आप मंत्री के स्थान पर होते तो न्याय कैसे करते?
Answer: यदि मैं मंत्री के पद पर आसीन होता, तो मेरा निर्णय भी बिल्कुल वैसा ही न्यायसंगत होता। मैं उस हंस को बंधनमुक्त करके खुली भूमि पर छोड़ देता और यह देखता कि वह स्वयं किसके पास जाना पसंद करता है। वह जिस व्यक्ति के पास भी जाता, उसे ही उसका वास्तविक स्वामी माना जाता। जीव स्वयं अपनी सुरक्षा करने वाले को पहचानता है, अतः यह सबसे निष्पक्ष तरीका होता।
In simple words: मैं भी हंस को खुला छोड़ देता और वह जिसके पास जाता, उसे ही उसका मालिक घोषित करता क्योंकि बचाने वाले का अधिकार मारने वाले से हमेशा अधिक होता है।
Exam Tip: Clearly advocate for the righteous principle that the savior has a greater right over life than the hunter.
Question 4. इस नाटक में सभी पात्र पुरुष हैं। यदि किन्हीं दो पात्रों को महिला पात्र के रूप में प्रस्तुत करना हो तो आप किन्हें बदलकर प्रस्तुत करना चाहेंगे और क्यों?
Answer: इस नाटक में नारी शक्ति की सहभागिता दर्शाने के लिए मैं 'सखा' और 'मंत्री' के चरित्रों को महिला पात्रों में बदलना पसंद करूँगा। सिद्धार्थ के मित्र के स्थान पर एक विदुषी 'सखी' को लाया जा सकता है, जो उनके साथ उपवन में प्रकृति का आनंद लेती है। इसी प्रकार, राजदरबार के एक मंत्री की जगह महिला मंत्री को न्याय करते दिखाया जा सकता है। इससे समाज में लैंगिक समानता का सुंदर संदेश जाएगा और यह सिद्ध होगा कि स्त्रियां भी अत्यंत बुद्धिमान और न्यायप्रिय होती हैं।
In simple words: हम सखा की जगह सखी और मंत्री की जगह एक महिला मंत्री रख सकते हैं। इससे समाज में लड़का-लड़की की समानता का अच्छा संदेश जाएगा।
Exam Tip: Frame your suggestions around the modern values of gender equality and highlight how female characters can perform these roles effectively.
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सोचिए और लिखिए
Question 1. हंस को घायल देखकर सिद्धार्थ ने क्या किया?
Answer: आहत हंस को तड़पता देखकर सिद्धार्थ का कोमल हृदय करुणा से भर उठा। उन्होंने अविलंब आगे बढ़कर उस पक्षी को अपनी गोदी में उठा लिया। अत्यंत सावधानीपूर्वक उन्होंने उसके शरीर में धंसा हुआ नुकीला बाण निकाला और उसके घाव को सहलाया। इसके तुरंत बाद, उन्होंने अपने साथी मित्र को राजवैद्य के पास से उपचार हेतु मरहम लाने के लिए भेजा जिससे पक्षी की जान बचाई जा सके।
In simple words: सिद्धार्थ ने तड़पते हुए हंस को अपनी गोद में लिया, उसका तीर निकाला, उसे दुलार किया और राजवैद्य से उसके इलाज के लिए दवाई मंगवाई।
Exam Tip: List the actions in sequential order: picking up the bird with love, extracting the arrow carefully, soothing it, and arranging medical help.
Question 2. अंततः हंस सिद्धार्थ को ही क्यों मिला?
Answer: हंस पर अंतिम अधिकार सिद्धार्थ का इसलिए स्वीकार किया गया क्योंकि उन्होंने शिकारी से उसके प्राणों की रक्षा की थी और उसे अत्यंत स्नेह दिया था। घायल पक्षी सिद्धार्थ के पास स्वयं को पूर्णतः सुरक्षित पा रहा था। न्याय सभा में जब मंत्री ने हंस को अपनी इच्छा से स्वामी चुनने का अवसर दिया, तो वह स्वतः ही सिद्धार्थ के समीप चला गया, जिससे सिद्ध हो गया कि मारने वाले से बचाने वाला श्रेष्ठ होता है।
In simple words: हंस सिद्धार्थ को इसलिए मिला क्योंकि सिद्धार्थ ने उसे जीवनदान दिया था और पक्षी उनके पास खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा था।
Exam Tip: Connect the behavioral response of the bird (seeking safety near Siddharth) with the ultimate verdict of justice.
Question 3. कहानी को अपने ढंग से प्रवाह चार्ट के रूप में लिखिए -
Answer: इस प्रेरक कहानी के मुख्य घटनाक्रम को नीचे दिए गए प्रवाह चार्ट (Flowchart) के माध्यम से सरलतापूर्वक समझा जा सकता है:
In simple words: इस रेखाचित्र के माध्यम से कहानी की कड़ियों को शुरुआत से लेकर अंत तक क्रमबद्ध रूप में दर्शाया गया है।
Exam Tip: A flowchart helps in visualizing the sequence of events. Keep the chronological order of the story intact.
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अनुमान और कल्पना
Question 1. जिस समय आकाश में हंस को तीर लगा उस समय उसके अन्य साथियों ने आपस में क्या बातें की होंगी?
Answer: अचानक हंस को बाण लगते देख उसके सहयात्री पक्षी अत्यंत भयभीत हो गए होंगे। उन्होंने घबराकर आपस में कहा होगा - "देखो! नीचे से किसी क्रूर मनुष्य ने हमारे प्रिय साथी पर हमला कर दिया है। वह बुरी तरह घायल होकर नीचे गिर रहा है। हमें अपनी रक्षा के लिए तुरंत ऊँचाई पर उड़ते हुए यहाँ से निकल जाना चाहिए, अन्यथा हम भी इस जानलेवा संकट की चपेट में आ सकते हैं।"
In simple words: हंस के साथी डर गए होंगे और बोले होंगे कि हमारे मित्र को तीर लग गया है, अपनी जान बचाने के लिए हमें जल्दी से दूर उड़ जाना चाहिए।
Exam Tip: Use dramatic and empathetic dialogues to reflect the natural fear and helplessness of the birds.
Question 2. हंस देवदत्त के पास उड़कर क्यों नहीं गया?
Answer: हंस देवदत्त के समीप इसलिए नहीं गया क्योंकि देवदत्त ने ही क्रूरतापूर्वक उस पर बाण चलाकर उसे आहत किया था। पक्षी अपने शिकारी को भली-भांति पहचान चुका था और उससे अत्यधिक डरा हुआ था। इसके विपरीत, सिद्धार्थ ने उसे जीवनदान और ममतामयी स्पर्श दिया था, इसलिए वह स्वयं को केवल सिद्धार्थ की शरण में ही सुरक्षित मान रहा था।
In simple words: हंस देवदत्त से डरता था क्योंकि देवदत्त ने उसे मारना चाहा था, जबकि सिद्धार्थ ने उसे प्यार और जीवन दिया था।
Exam Tip: Contrast the concepts of 'fear of the hunter' versus 'trust in the savior' to make your answer impactful.
Question 3. राजा शुद्धोदन ने निर्णय के बाद सिद्धार्थ से क्या कहा होगा?
Answer: न्यायपूर्ण निर्णय हो जाने के बाद महाराज शुद्धोदन ने गर्वित होकर सिद्धार्थ को गले से लगाया होगा और कहा होगा - "वत्स सिद्धार्थ, आज तुमने अपनी संवेदनशीलता और करुणा से हमारा मस्तक ऊँचा कर दिया है। बेजुबान प्राणियों के प्रति तुम्हारा यह स्नेह सचमुच वंदनीय है। एक आदर्श राजकुमार वही होता है जो निर्बलों के अधिकारों की रक्षा करे और धर्म के मार्ग पर चले।"
In simple words: राजा ने सिद्धार्थ की सराहना की होगी कि तुमने जीव पर दया करके बहुत उत्तम काम किया है और धर्म का पालन किया है।
Exam Tip: Focus on values like compassion, pride of a father, and the expectations from a noble prince while drafting the dialogue.
Question 4. एक रात सिद्धार्थ मीठी नींद सो रहे हैं। उनके सपने में हंस आता है और सिद्धार्थ के साथ न्याय वाले दिन का अपना अनुभव सुनाता है। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि हंस ने सिद्धार्थ से क्या-क्या बातें की होंगी?
Answer: सपने में आकर हंस ने सिद्धार्थ के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए भावुक होकर कहा होगा - "हे कृपालु राजकुमार! उस दिन जब मैं प्राणघातक बाण खाकर चेतनाशून्य हो रहा था, तब मुझे अपनी मृत्यु निश्चित लग रही थी। परंतु आपकी स्नेहमयी गोद ने मुझे यमराज के चंगुल से निकाल लिया। आपके कोमल स्पर्श ने मेरा सारा भय दूर कर दिया। आज यदि मैं स्वच्छंद गगन में उड़ने के योग्य हूँ, तो यह केवल आपकी असीम अनुकंपा का फल है। मैं सदैव आपका ऋणी रहूँगा।"
In simple words: हंस ने सपने में सिद्धार्थ का आभार व्यक्त किया होगा कि आपकी दया और देखभाल की वजह से ही मुझे नया जीवन मिला है।
Exam Tip: Imagine yourself from the bird's perspective and write a touching thank-you note highlighting the theme of non-violence.
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भाषा की बात
Question 1. पाठ में हंस और हँस शब्द आए हैं। हंस में अनुवार ( ं ) का प्रयोग हुआ है और हँस में चंद्रबिंदु ( ँ ) का प्रयोग हुआ है। अब आप इस पाठ में आए अनुस्वार एवं चंद्रबिंदु वाले शब्दों को खोजिए और अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए। उनका वाक्यों में भी प्रयोग कीजिए।
Answer:
(अ) अनुस्वार ( ं ) वाले शब्द और वाक्य प्रयोग:
- राजहंस: सरोवर के निर्मल जल में विचरते राजहंस अत्यंत चित्ताकर्षक प्रतीत हो रहे थे।
- रंगमंच: हमारे विद्यालय के वार्षिक उत्सव के लिए एक भव्य रंगमंच का निर्माण किया गया।
- संध्याकाल: संध्याकाल के समय पश्चिम दिशा का दृश्य देखने योग्य होता है।
- मंच: मुख्य वक्ता ने मंच पर उपस्थित होकर श्रोताओं को संबोधित किया।
- शांति: घने जंगलों के शांत वातावरण में अद्भुत मानसिक शांति मिलती है।
- सुंदर: उद्यान में रंग-बिरंगे खिले हुए गुलाब बहुत सुंदर दिखाई दे रहे हैं।
- हंस: झील के मध्य तैरता हुआ श्वेत हंस शांति का प्रतीक लग रहा था।
- परंतु: उसने प्रतियोगिता के लिए कड़ा अभ्यास किया परंतु सफलता से थोड़ा चूक गया।
- शांत: गंभीर विचार-विमर्श के दौरान संपूर्ण सभा भवन एकदम शांत था।
- मंत्री: महाराज ने अपनी न्याय सभा में एक अत्यंत चतुर मंत्री को नियुक्त किया।
- कंठ: सुप्रसिद्ध गायिका का मधुर कंठ श्रोताओं को भावविभोर कर देता है।
- हँसकर: अध्यापक ने छात्र की मासूम भूल पर हँसकर उसे सही राह दिखाई।
- पूँछ: बिल्ली को करीब आते देख पालतू तोता डरकर अपनी पूँछ हिलाने लगा।
- रँभाने: प्रातः काल होते ही बछड़े को देखकर गाय रँभाने लगी।
- हाँ: हाँ, मैं आज ही अपना सारा गृहकार्य पूर्ण कर लूँगा।
- माँओं: संसार की सभी माँओं का हृदय अपनी संतान के लिए वात्सल्य से भरा होता है।
- पूछूँगा: मैं कल विद्यालय जाकर गणित के कठिन प्रश्नों का हल गुरुजी से पूछूँगा।
- सँभालते: वृद्ध दादाजी लाठी को सँभालते हुए धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे थे।
- आँखों: रात भर जागकर पढ़ाई करने के कारण उसकी आँखों में थकावट साफ दिख रही थी।
- कहूँगा: चाहे कोई भी परिस्थिति आए, मैं सदा सत्य मार्ग पर चलते हुए न्याय की बात ही कहूँगा।
- दूँगा: इस बार दीपावली के शुभ अवसर पर मैं निर्धन बच्चों को खिलौने उपहार में दूँगा।
- करूँगा: मैं देश की उन्नति और समृद्धि के लिए निरंतर निष्ठापूर्वक कार्य करूँगा।
- देखूँगा: इस रविवार को मैं अपने परिवार के साथ एक ऐतिहासिक नाटक देखूँगा।
- ऊँचा: पर्वतारोही दुर्गम पहाड़ियों पर विजय प्राप्त कर तिरंगा सबसे ऊँचा लहराते हैं।
- कहाँ: आप ग्रीष्मकालीन अवकाश व्यतीत करने के लिए इस वर्ष कहाँ जा रहे हैं?
- लौटाऊँगा: आपकी यह ज्ञानवर्धक पुस्तक मैं अगले सप्ताह अवश्य लौटाऊँगा।
- मुँह: शिशु ने मीठी खीर खाने के बाद अपना मुँह पोछा।
Exam Tip: Clearly differentiate between nasal sounds (अनुस्वार) and nasalized vowel sounds (चंद्रबिंदु) by writing grammatically correct sentences.
Question 2. रेखांकित शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्दों से रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए —
(क) सूर्य का उदय पूर्व दिशा में और …………. पश्चिम दिशा में होता है।
(ख) उसने मारा है परंतु मैंने ……………….. है।
(ग) इस निर्दोष पक्षी को मारने वाला …………… है।
(घ) इस जटिल समस्या का हल बहुत ………….. है।
Answer:
(क) सूर्य का उदय पूर्व दिशा में और अस्त पश्चिम दिशा में होता है।
(ख) उसने मारा है परंतु मैंने बचाया है।
(ग) इस निर्दोष पक्षी को मारने वाला निर्दयी है।
(घ) इस जटिल समस्या का हल बहुत सरल है।
In simple words: दिए गए वाक्यों में खाली स्थानों पर रेखांकित शब्दों के ठीक विपरीत (विलोम) शब्द भरे गए हैं, जैसे - उदय का अस्त, मारा का बचाया, निर्दोष का निर्दयी, और जटिल का सरल।
Exam Tip: Antonyms must be grammatically compatible with the sentence structure to maintain appropriate meaning.
Question 3. नीचे दिए गए चित्रों और शब्दों को जोड़कर मुहावरे/लोकोक्ति बनाइए। साथ ही अपनी रुचि के किन्हीं पाँच मुहावरों और लोकोक्तियों का वाक्यों में प्रयोग भी कीजिए —
Answer: चित्र संकेतों के आधार पर बने मुहावरे व लोकोक्तियाँ इस प्रकार हैं:
(क) मगरमच्छ के आँसू बहाना (दिखावटी दुःख प्रकट करना)
वाक्य प्रयोग: गृहकार्य न करने पर जब शिक्षक ने डांटा, तो राकेश मगरमच्छ के आँसू बहाने लगा।
(ख) आँख मिचौनी खेलना (छिपना और ढूँढना)
वाक्य प्रयोग: चोर पुलिस को देखते ही तंग गलियों में आँख मिचौनी खेलने लगा।
(ग) एक और एक ग्यारह होना (संगठन में बहुत शक्ति होना)
वाक्य प्रयोग: यदि हम दोनों भाई मिलकर इस व्यवसाय को संभालेंगे तो उन्नति निश्चित है, क्योंकि एक और एक ग्यारह होते हैं।
(घ) अक्ल बड़ी या भैंस (शारीरिक बल की अपेक्षा बुद्धि बल का बड़ा होना)
वाक्य प्रयोग: दुबले-पतले चतुर खरगोश ने अपनी बुद्धि से बलवान शेर को कुएं में गिरा दिया, इसे कहते हैं अक्ल बड़ी या भैंस।
(ङ) बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद (गुणहीन व्यक्ति द्वारा उत्तम वस्तु की कद्र न करना)
वाक्य प्रयोग: मूर्ख व्यक्ति को बहुमूल्य साहित्य भेंट करना व्यर्थ है, सच ही कहा गया है - बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद।
(च) नौ दो ग्यारह होना (डरकर भाग जाना)
वाक्य प्रयोग: पुलिस की गाड़ी का सायरन सुनते ही जेब कतरा भीड़ में नौ दो ग्यारह हो गया।
(छ) लाल पीला होना (अत्यंत क्रोधित होना)
वाक्य प्रयोग: परीक्षा परिणाम में अनुत्तीर्ण होने की खबर सुनकर पिताजी गुस्से से लाल पीले हो गए।
(ज) दाँतों तले उँगली दबाना (आश्चर्यचकित रह जाना)
वाक्य प्रयोग: आठ वर्ष के बालक को इतनी तीव्र गति से कंप्यूटर चलाते देख दर्शकों ने दाँतों तले उँगली दबा ली।
(झ) पेट में चूहे कूदना (अत्यधिक तीव्र भूख लगना)
वाक्य प्रयोग: सुबह से विद्यालय के खेलकूद समारोह में व्यस्त रहने के कारण अब मेरे पेट में चूहे कूद रहे हैं।
(ञ) सूरज को दीपक दिखाना (महान व्यक्ति की योग्यता का तुच्छ परिचय देना)
वाक्य प्रयोग: स्वामी विवेकानंद जी के ज्ञान के बारे में कुछ भी कहना सूरज को दीपक दिखाने के समान है।
In simple words: चित्रों को जोड़कर मुहावरे बनाए गए हैं और उनका अर्थ समझाने के लिए सरल वाक्यों में प्रयोग किया गया है।
Exam Tip: While using idioms in sentences, write the sentence in a way that the hidden meaning of the idiom is clearly understood.
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पाठ से आगे
Question 1. हंस वाली घटना के बाद सिद्धार्थ, देवदत्त को एक संदेश देना चाहते हैं। आपके अनुसार सिद्धार्थ ने देवदत्त को क्या संदेश लिखकर भेजा होगा -
Answer: सिद्धार्थ द्वारा देवदत्त को लिखा गया संदेश पत्र इस प्रकार हो सकता है:
प्रिय भाई देवदत्त,
सादर स्नेह।
आशा है तुम कुशल होगे। मैं इस पत्र के माध्यम से तुम्हें उस घायल हंस के विषय में कुछ कहना चाहता हूँ। तुमने अपनी क्रीड़ा के लिए उस मूक पक्षी पर बाण चलाकर उसे भारी पीड़ा पहुँचाई, परंतु ईश्वर की कृपा से मैंने उसकी जान बचा ली।
भ्राता, इस संसार में सभी जीवों को जीने का अधिकार है। किसी निर्दोष की जान लेने से कहीं अधिक महान कार्य किसी को जीवनदान देना है। जीवों के प्रति दया और करुणा रखना ही मानव का परम कर्तव्य है। मुझे विश्वास है कि भविष्य में तुम किसी असहाय प्राणी को क्षति नहीं पहुँचाओगे और सबके प्रति प्रेमभाव रखोगे।
तुम्हारा भ्राता,
सिद्धार्थ
In simple words: सिद्धार्थ ने देवदत्त को प्यार से समझाया कि किसी को मारने से बड़ा पुण्य उसकी जान बचाना है। हमें बेजुबान जानवरों पर दया करनी चाहिए।
Exam Tip: Keep Siddhartha's letter extremely polite, reflecting values of compassion and wisdom instead of anger.
Question 2. बगीचे में सुंदर-सुंदर गुलाब के फूल लगे हैं। प्रमोद को ये फूल बहुत सुंदर लगते हैं। वह उन फूलों को तोड़कर अपने पास रख लेता है। करुणा को भी फूल बहुत पसंद हैं। वह प्रतिदिन फूलों को खाद-पानी देकर उनकी देखभाल करने का निर्णय लेती है। आप इन फूलों से अपना प्रेम कैसे दर्शाएँगे एवं क्यों? अपनी कक्षा के साथियों के साथ चर्चा कर अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
Answer: मैं फूलों के प्रति अपना अनुराग करुणा की भांति ही प्रदर्शित करूँगा, प्रमोद की तरह स्वार्थी बनकर नहीं। सच्चे प्रेम का अर्थ किसी सुंदर वस्तु को तोड़कर नष्ट करना नहीं, वरन उसे पोषित करना है। फूल जब तक अपनी शाखा पर खिलते हैं, तब तक वे पूरे परिवेश को अपनी सुगंध और सुंदरता से सराबोर करते हैं। यदि हम उन्हें डाल से अलग कर देंगे, तो वे कुछ ही पलों में कुम्हला जाएंगे और अपना अस्तित्व खो देंगे। इसलिए मैं पौधों को नियमित रूप से जल अर्पित करूँगा, उनमें खाद डालूँगा और कीटों से उनकी रक्षा करूँगा ताकि वे लंबे समय तक मुस्कुराते रहें।
In simple words: मैं फूलों को पौधों से तोड़ूँगा नहीं, बल्कि करुणा की तरह उनकी देखभाल करूँगा और उन्हें पानी दूँगा ताकि वे खिले रहें और सबको खुशियाँ दें।
Exam Tip: Establish a clear contrast between destructive liking (plucking) and constructive nurturing (caring) to support your view.
Question 3. कुछ पक्षियों की संख्या निरंतर कम होती जा रही है। कई पक्षी तो ऐसे हैं जो विलुप्त होने की स्थिति में आ गए हैं, उदाहरण के लिए गौरैया। चित्रों के माध्यम से नीचे कुछ ऐसे संकेत दिए गए हैं जो पक्षियों की दिन-प्रतिदिन कम होती संख्या के लिए उत्तरदायी हैं। चित्रों को देखकर अपने सहपाठियों के साथ इन कारणों पर चर्चा कीजिए। यह भी पता लगाइए कि हम इन पक्षियों के बचाव और उनकी संख्या में वृद्धि के लिए कैसे योगदान दे सकते हैं।
Answer:
पक्षियों की घटती संख्या के मुख्य कारण:
- वनों की अंधाधुंध कटाई: कंक्रीट के जंगलों और शहरीकरण के कारण लगातार कटते पेड़ पक्षियों के घोंसले बनाने के प्राकृतिक ठिकानों को उजाड़ रहे हैं।
- बढ़ता प्रदूषण: दूषित वायु, प्रदूषित जलस्रोत और ध्वनि प्रदूषण पक्षियों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक सिद्ध हो रहे हैं।
- कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग: फसलों को कीटों से बचाने के लिए उपयोग किए जाने वाले जहरीले रसायन पक्षियों के आहार को दूषित कर रहे हैं जिससे वे अस्वस्थ होकर मर रहे हैं।
- मोबाइल तरंगें: संचार टावरों से निकलने वाले विद्युत-चुंबकीय विकिरण छोटे पक्षियों, विशेषकर गौरैया, की प्रजनन क्षमता को नष्ट कर रहे हैं।
- कृत्रिम घोंसले बनाना: हम अपने आंगनों और बालकनियों में छोटे लकड़ी या गत्ते के बॉक्स लगाकर पक्षियों को सुरक्षित आवास दे सकते हैं।
- दाना-पानी की व्यवस्था: ग्रीष्मकाल और अन्य ऋतुओं में छतों पर मिट्टी के बर्तनों में नियमित रूप से अनाज के दाने और स्वच्छ जल रखना चाहिए।
- वृक्षारोपण: हमें अपने आस-पास अधिक से अधिक सघन और फलदार पेड़ लगाने चाहिए जिससे पक्षियों को पर्याप्त भोजन व आश्रय मिल सके।
- जागरूकता का प्रसार: हमें समाज के लोगों को प्रकृति में पक्षियों के महत्व के विषय में जागरूक करना चाहिए ताकि कोई उनका शिकार न करे।
Exam Tip: Present the answer systematically in two parts: Causes (कारण) and Preventive Steps (उपाय) with clear sub-points.
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पुस्तकालय एवं अन्य स्रोत
Question 1. अपने सहपाठियों के साथ पुस्तकालय में जाइए और गौतम बुद्ध से संबंधित जातक कथाओं को पढ़िए।
Answer: हम सभी सहपाठियों ने मिलकर विद्यालय के पुस्तकालय से बौद्ध साहित्य की 'जातक कथाएँ' नामक पुस्तक खोजकर पढ़ी। ये कथाएँ भगवान बुद्ध के पूर्व जन्मों के विषय में अत्यंत शिक्षाप्रद वृत्तांत प्रस्तुत करती हैं। इन कहानियों में बुद्ध कभी मृग, कभी हंस तो कभी एक दयालु मानव के रूप में अवतरित होकर सत्य, अहिंसा, त्याग और जीवों पर दया करने की अद्भुत शिक्षा देते हैं। इन जातक प्रसंगों से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि विपरीत परिस्थितियों में भी परोपकार का मार्ग कभी नहीं त्यागना चाहिए।
In simple words: जातक कहानियों में महात्मा बुद्ध के पिछले जन्मों की बातें हैं, जो हमें हमेशा दूसरों की भलाई करने और सच बोलने की प्रेरणा देती हैं।
Exam Tip: Define Jataka Tales briefly as moral stories describing the previous lives of Gautama Buddha in various animal and human forms.
Question 2. राजा विक्रमादित्य भी अपने न्याय के लिए प्रसिद्ध थे। राजा विक्रमादित्य के न्याय से जुड़ी कथाओं को पुस्तकालय सहायक एवं सहपाठियों की सहायता से ढूँढिए और उन्हें पढ़कर आपस में इन कथाओं पर बातचीत कीजिए।
Answer: पुस्तकालय प्रभारी की सहायता से हमने न्यायप्रिय सम्राट विक्रमादित्य की प्रसिद्ध न्याय कथाओं का अध्ययन किया। उनके न्याय का सबसे प्रसिद्ध प्रसंग 'सच्ची माता की पहचान' से संबंधित है। एक बार दो महिलाएं एक ही शिशु पर अपना दावा कर रही थीं। राजा विक्रमादित्य ने मामले को सुलझाने के लिए शिशु के दो टुकड़े करने का आदेश दिया। यह सुनते ही शिशु की वास्तविक माता रो पड़ी और उसने बच्चे की जान बचाने हेतु अपना अधिकार छोड़ दिया। राजा ने उसकी ममता को पहचानकर शिशु उसे सौंप दिया और झूठी स्त्री को दंडित किया। यह कहानी दर्शाती है कि सच्चा न्याय सूक्ष्म बुद्धि और संवेदनशीलता से ही संभव है।
In simple words: राजा विक्रमादित्य अपनी तीक्ष्ण बुद्धि से हमेशा सच्चा और निष्पक्ष न्याय करते थे। वे सच और झूठ का अंतर तुरंत पहचान लेते थे।
Exam Tip: Support your answer by referencing a famous story, such as the dispute of two mothers, to demonstrate King Vikramaditya's wisdom.
Question 3. आपके घर अथवा आस-पास ऐसे कौन-से व्यक्ति हैं जिनके पास लोग अपनी समस्याओं को सुलझाने हेतु सहायता के लिए जाते हैं? उनके बारे में अभिभावकों से पूछिए और कक्षा में साझा कीजिए।
Answer: मेरे अभिभावकों से हुई चर्चा के अनुसार, हमारे मोहल्ले के वयोवृद्ध सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य 'श्री दिनेश चंद्र शर्मा जी' एक ऐसे सम्मानित व्यक्ति हैं, जिनके पास क्षेत्र के लोग अपनी समस्याओं का निवारण कराने आते हैं। शर्मा जी अत्यंत धैर्यवान, निष्पक्ष और शांत स्वभाव के धनी हैं। चाहे पड़ोसियों का आपसी विवाद हो, बच्चों के करियर को लेकर उलझन हो या कोई सामाजिक मतभेद, वे सभी पक्षों की बात को गंभीरता से सुनकर एक न्यायसंगत और सौहार्दपूर्ण समाधान निकालते हैं। उनके मार्गदर्शन से हमारे मोहल्ले में सदा एकता और शांति बनी रहती है।
In simple words: हमारे पड़ोस के एक बुजुर्ग सेवानिवृत्त शिक्षक बहुत बुद्धिमान हैं। लोग अपने आपसी झगड़े सुलझाने और सही सलाह पाने के लिए उनके पास जाते हैं।
Exam Tip: Highlight the essential traits like patience, impartiality, and life experience of the person whom society trusts for conflict resolution.
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मैं भी सिद्धार्थ
Question. नीचे कुछ चित्र दिए गए हैं जो सहायता, समझदारी और करुणा से संबंधित हैं। कक्षा में अपने समूह में इन पर संवाद कीजिए एवं किसी एक चित्र पर कुछ पंक्तियाँ भी लिखिए।
Answer: दिए गए चित्रों पर आधारित संवाद और कविता की पंक्तियाँ इस प्रकार हैं:
चित्र 1: तीन पक्षी (एक घोंसले में)
- संवाद:
अमित: अरे नेहा देखो! उस छोटे से मिट्टी के सकोरे में तीन नन्ही गौरैया कितनी खुश होकर जलक्रीड़ा कर रही हैं!
नेहा: हाँ अमित, दो चिड़ियाँ अपनी चोंच से पानी पी रही हैं और तीसरी वाली अपने पंखों को फड़फड़ाकर नहा रही है।
अमित: हमें बिल्कुल शांत रहना चाहिए, अन्यथा हमारी आहट पाते ही ये प्यारी चिड़ियाँ भयभीत होकर उड़ जाएंगी। - कविता की पंक्तियाँ:
नन्हे पंख पखेरू प्यारे,
लगते जग को सबसे न्यारे।
आओ हम इनके मित्र बनें,
सच्ची दया का चित्र बनें।
प्यार और संरक्षण देकर,
सिद्धार्थ सा सुंदर हृदय धरें।
- संवाद:
रोहन: दादाजी, सड़क पर वाहनों का आवागमन बहुत तीव्र है। आप मेरा हाथ थाम लीजिए, हम आपको सुरक्षित सड़क पार करवा देते हैं।
वृद्ध सज्जन: ईश्वर तुम्हारा कल्याण करे, प्यारे बच्चों! तुम्हारी यह सेवा भावना देखकर मेरा मन अत्यंत हर्षित हो गया। - कविता की पंक्तियाँ:
बुजुर्गों का आदर और निस्वार्थ सेवा ही सच्ची मानवता की पहचान है। जो व्यक्ति दूसरों के पथ को सुगम बनाता है, ईश्वर उसके जीवन के मार्ग को सदैव मंगलमय करता है।
- संवाद:
नमन: सुनो तान्या, प्याऊ से पानी पीने के बाद नल को कसकर बंद करना चाहिए। जल का अपव्यय महापाप है।
तान्या: तुम बिल्कुल सत्य कह रहे हो, नमन। जल ही जीवन का आधार है, हमें इसकी स्वच्छता और संरक्षण के प्रति सबको जागरूक करना होगा। - कविता की पंक्तियाँ:
जल की हर एक बूँद अमूल्य है,
जीवन का यही मुख्य सूत्र है।
व्यर्थ न बहने दें पानी को,
बचाएं धरा की इस जिंदगानी को।
- संवाद:
आरती: गैया मैया, इधर आओ! मैं तुम्हारे लिए ताजी हरी घास और रोटियां लेकर आई हूँ, प्रेम से ग्रहण करो।
गैया: (ममतामयी नयनों से देखती हुई धीरे से रँभाती है और भोजन ग्रहण करती है)। - कविता की पंक्तियाँ:
गौ माता की सेवा पावन,
भर देती है खुशियों से मन।
रोटी-तृण देकर इनको हम,
दूर करें इनका हर गम।
सच्ची दया हृदय में लाएं,
धरती को हम स्वर्ग बनाएं।
Exam Tip: Use expressive, rhythmic, and poetic Hindi words to write dialogues and verses that clearly convey social and moral values.
Question 2. नाटक के प्रथम दृश्य में सिद्धार्थ और उनका सखा राज उद्यान के सौंदर्य का देख-सुनकर आनंद ले रहे हैं। यदि उनका कोई सखा देखने-सुनने में असमर्थ होता तो सिद्धार्थ उसे इस आनंद का अनुभव कैसे करवाते? कक्षा में चर्चा कीजिए।
Answer: यदि सिद्धार्थ का कोई प्रिय सखा दृष्टि और श्रवण शक्ति से रहित (दिव्यांग) होता, तो सिद्धार्थ अपनी असाधारण संवेदनशीलता और अपार प्रेम से उसे राजउद्यान के सौंदर्य की अनुभूति निम्नलिखित माध्यमों से कराते:
1. स्पर्शानुभूति (Touch) द्वारा:
सिद्धार्थ अपने मित्र का हाथ थामकर उसे विभिन्न वनस्पतियों के समीप ले जाते। वे उसे हरी कोमल घास, मखमली पंखुड़ियों, वृक्षों की खुरदरी छाल और ठंडी ओस की बूंदों का स्पर्श कराते।
उदाहरण: "प्रिय मित्र, अपनी हथेलियों से इस गुलाब की कली को छुओ, देखो यह कितनी कोमल और मखमली है!"
2. घ्राण शक्ति (Smell) के माध्यम से:
वे उसे वातावरण में व्याप्त गीली मिट्टी की सोंधी सुगंध, चमेली और मोगरे के फूलों की भीनी-भीनी खुशबू को गहराई से महसूस करने में सहायता करते।
उदाहरण: "गहरी सांस लो मित्र, यह शीतल पवन चमेली के बगीचे से होकर आ रही है जो मन को महका रही है।"
3. ध्वनि तरंगों के कंपन (Vibrations) द्वारा:
सुनने में असमर्थ होने पर भी भारी ध्वनियों या हवा की सरसराहट के कंपन त्वचा द्वारा महसूस किए जा सकते हैं। सिद्धार्थ उसे बहते झरने के जल के निकट ले जाते ताकि वह पानी के वेग के कंपन को छूकर महसूस कर सके।
4. भावनात्मक जुड़ाव और स्नेहपूर्ण संवाद:
सिद्धार्थ अपने मित्र के हृदय में एक सुंदर मानसिक चित्र उकेरते। वे अपनी स्नेहिल छुअन और सकारात्मक ऊर्जा से उसे यह आभास कराते कि प्रकृति कितनी कल्याणकारी और सुंदर है।
चर्चा का निष्कर्ष:
इस चर्चा से हमें यह अमूल्य शिक्षा मिलती है कि यदि किसी व्यक्ति में कोई शारीरिक न्यूनता है, तो हमें सहानुभूति और अनूठी युक्तियों से उसे भी जीवन के प्रत्येक आनंद में सहभागी बनाना चाहिए। सच्चा मित्र वही है जो दूसरों की असमर्थता को अपनी संवेदनशीलता से दूर कर दे।
In simple words: सिद्धार्थ अपने दिव्यांग मित्र को छूकर और सूंघकर फूलों, पेड़ों की कोमलता और मिट्टी की खुशबू महसूस कराते और अपनी दोस्ती से उसे हर खुशी देते।
Exam Tip: Address alternative sensory channels like touch, smell, and vibration to show how nature's beauty can be experienced beyond sight and hearing.
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