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Detailed Veena Chapter 08 काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा NCERT Solutions for Class 5 Hindi
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Class 5 Hindi Veena Chapter 08 काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा NCERT Solutions PDF
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बातचीत के लिए
Question 1. लेखक को रामलीला की तैयारियों में कौन-कौन से काम सबसे अधिक उत्साहित करते होंगे?
Answer: रामलीला की तैयारी के समय कलाकारों का सजना-संवरना और उनका मेकअप देखना लेखक को सबसे ज्यादा पसंद आता होगा। वे दोपहर में ही वहाँ पहुँच जाते थे और छोटे-मोटे कामों में मदद करते थे, जैसे कलाकारों के कपड़े संभालना, रंगों की पुड़िया लाना या सजने-संवरने का सामान यहाँ-वहाँ पहुँचाना।
In simple words: लेखक को रामलीला की तैयारियों में कलाकारों का मेकअप करना और छोटे-मोटे कामों में मदद करना बहुत अच्छा लगता था।
Exam Tip: उत्तर लिखते समय मुख्य क्रियाकलापों जैसे कलाकारों के सजने-संवरने और छोटे-मोटे कामों में मदद करने का उल्लेख अवश्य करें।
Question 2. आपको लेखक के बचपन की कौन-कौन सी बातें सबसे अच्छी लगीं? वे बातें आपको अच्छी क्यों लगीं?
Answer: मुझे लेखक के बचपन से जुड़ी ये बातें बहुत पसंद आईं:
• आम के पेड़ों पर चढ़ना: मुझे भी ऊँचे पेड़ों पर चढ़कर मीठे फल तोड़ना बहुत अच्छा लगता है।
• गुल्ली-डंडा खेलना: इस खेल को खेलने के लिए किसी खर्चे की जरूरत नहीं होती और दोस्तों के साथ इसे खेलने में बड़ा आनंद आता है।
• रामलीला देखना: रामलीला का उत्सव बहुत ही मजेदार और उत्साह से भरा होता है, जहाँ सभी लोग मिलकर नाटक का आनंद लेते हैं।
In simple words: मुझे लेखक का पेड़ों पर चढ़ना, बिना पैसों का खेल गुल्ली-डंडा खेलना और रामलीला का आनंद लेना सबसे बढ़िया लगा।
Exam Tip: इस प्रकार के व्यक्तिगत प्रश्नों के उत्तर में अपनी पसंद का कारण स्पष्ट और सरल शब्दों में लिखें।
Question 3. खेलते समय चोट न लगे, इसके लिए आप क्या-क्या कर सकते हैं?
Answer: खेल के दौरान चोट से बचने के लिए हम निम्नलिखित सावधानियां बरत सकते हैं:
• खेल शुरू करने से पहले शरीर को थोड़ा वार्म-अप कर लें।
• खेल का मैदान पूरी तरह साफ होना चाहिए और वहाँ कंकड़-पत्थर नहीं होने चाहिए।
• खेल के सभी सुरक्षा नियमों का ठीक से पालन करें।
• जरूरत के अनुसार सुरक्षा कवच या गियर, जैसे घुटने के पैड का इस्तेमाल करें।
• खेलते समय आपस में खींचातानी या धक्का-मुक्की बिल्कुल न करें।
In simple words: सुरक्षित रहने के लिए हमें साफ मैदान में खेलना चाहिए, नियमों को मानना चाहिए और आपस में लड़ाई-झगड़ा या धक्का-मुक्की नहीं करनी चाहिए।
Exam Tip: सुरक्षा के बिंदुओं को हमेशा बुलेट पॉइंट्स में स्पष्ट रूप से लिखें ताकि परीक्षक को समझने में आसानी हो।
Question 4. लेखक के पिता और घर के अन्य सदस्य चौके में बैठे-बैठे क्या-क्या बातें करते होंगे?
Answer: लेखक के पिताजी और परिवार के दूसरे लोग रसोईघर या चौके में बैठकर रोजमर्रा के काम, खेती-किसानी, गाँव-घर की हलचल, बच्चों की शिक्षा और उनकी नटखट हरकतों के बारे में बातचीत करते होंगे। साथ ही, वे भोजन में क्या पकाया जाए और घर के बचे हुए काम कैसे निपटाए जाएं, इस पर भी चर्चा करते होंगे।
In simple words: चौके में बैठकर वे लोग खेती, बच्चों की पढ़ाई, उनकी शरारतों और दिनभर के जरूरी कामों के बारे में बातचीत करते होंगे।
Exam Tip: गाँव के घरेलू जीवन और बातचीत के मुख्य विषयों जैसे खेती और बच्चों की पढ़ाई को उत्तर में जरूर शामिल करें।
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पाठ से
Question 1. लेखक के चचेरे भाई हलधर की आयु कितनी थी?
Answer: लेखक की स्वयं की उम्र आठ वर्ष थी और उनके चचेरे भाई हलधर उनसे उम्र में दो साल बड़े थे। इस प्रकार, हलधर की कुल आयु दस वर्ष थी।
In simple words: लेखक आठ साल के थे और उनके भाई उनसे दो साल बड़े थे, इसलिए हलधर की उम्र दस साल थी।
Exam Tip: इस सीधे गणितीय प्रश्न में लेखक और हलधर दोनों की आयु का संबंध स्पष्ट रूप से दिखाएं।
Question 2. लेखक ने अपने घरवालों के क्रोध का कारण क्या बताया है?
Answer: लेखक के परिवार के लोग उनसे इसलिए नाराज रहते थे क्योंकि वे गुल्ली-डंडा खेलने में इतने खो जाते थे कि उन्हें अपने भोजन और स्नान तक का ध्यान नहीं रहता था। वे समय की परवाह किए बिना बस खेलने में व्यस्त रहते थे।
In simple words: लेखक खेलने में इतने खो जाते थे कि उन्हें खाने-पीने और नहाने का भी होश नहीं रहता था, जिससे घरवाले गुस्सा होते थे।
Exam Tip: उत्तर में खेलने की अति और समय की अनदेखी जैसे मुख्य कारणों को स्पष्ट रूप से दर्शाएं।
Question 3. लेखक के अनुसार, गुल्ली-डंडा और विलायती खेलों में क्या अंतर है?
Answer: लेखक के अनुसार दोनों प्रकार के खेलों में मुख्य अंतर इस प्रकार हैं:
गुल्ली-डंडा:
• यह बहुत ही कम खर्च वाला खेल है, जिसे हम पेड़ की साधारण डालियों से भी तैयार कर सकते हैं।
• इसके लिए किसी विशेष मैदान या कोर्ट की आवश्यकता नहीं होती, इसे किसी भी खाली स्थान पर खेला जा सकता है।
• इस खेल को खेलने के लिए किसी प्रकार का शुल्क या फीस नहीं देनी पड़ती।
विलायती खेल:
• इनके खेल उपकरण जैसे बल्ला और गेंद काफी खर्चीले होते हैं।
• इन्हें खेलने के लिए निश्चित मैदानों जैसे क्रिकेट ग्राउंड या कोर्ट की जरूरत पड़ती है।
• विद्यालयों में इन खेलों की सीख या अभ्यास के लिए अलग से शुल्क देना होता है।
In simple words: गुल्ली-डंडा बिना पैसे के कहीं भी खेला जा सकता है, जबकि विदेशी खेल बहुत महंगे होते हैं और उनके लिए खास मैदान की जरूरत होती है।
Exam Tip: तुलनात्मक उत्तरों को स्पष्ट रूप से दोनों शीर्षकों (गुल्ली-डंडा और विलायती खेल) के तहत विभाजित करके लिखें।
Question 4. इस पाठ में लेखक ने अपने बचपन के किन-किन अनुभवों को याद किया है?
Answer: इस पाठ के माध्यम से लेखक ने अपने बचपन की निम्नलिखित यादों को ताजा किया है:
• मिट्टी के कच्चे और पुराने घर में जीवन बिताना।
• धान के पुआल (पयाल) से बने गद्दों पर शयन करना।
• बिना जूतों और कपड़ों के खुले खेतों में सैर करना।
• आम के पेड़ों की टहनियों पर चढ़ना।
• शिक्षा ग्रहण करने के लिए मौलवी साहब के मदरसे जाना।
• कच्चे मटर और भुने जौ के दानों को चबाना।
• रामलीला के उत्सवों का आनंद लेना और उसकी तैयारी में हाथ बंटाना।
• दोस्तों संग उत्साहपूर्वक गुल्ली-डंडा खेलना।
In simple words: लेखक ने अपने बचपन के साधारण जीवन, जैसे कच्चे घर में रहना, खेतों में घूमना, पेड़ों पर चढ़ना और गुल्ली-डंडा खेलने की मीठी यादों को साझा किया है।
Exam Tip: पाठ में दिए गए कम से कम 5-6 मुख्य संस्मरणों को बिंदुवार सूची में लिखना अच्छे अंक दिलाता है।
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समझ और अनुभव
Question 1. लेखक के बचपन के कौन-कौन से काम आपने भी किए हैं?
Answer: मैंने भी लेखक की ही तरह बचपन में पेड़ों पर चढ़कर आम तोड़ना, खुले खेतों में भागना और गुल्ली-डंडा जैसे मजेदार खेलों का आनंद लिया है। इसके अतिरिक्त, मुझे भी स्थानीय उत्सवों में रामलीला और सांस्कृतिक नाटक देखना बहुत रोमांचक लगता है।
In simple words: मैंने भी बचपन में पेड़ों पर चढ़ना, खेतों में दौड़ना और नाटक देखना जैसे मजेदार काम किए हैं।
Exam Tip: इस प्रकार के अपने अनुभव वाले प्रश्नों में अपनी वास्तविक रुचि के दो-तीन उदाहरणों को जोड़ें.
Question 2. लेखक अपने बचपन में खेलने के लिए स्वयं गुल्ली बना लेते थे। आप कौन-कौन से खेल-खिलौने स्वयं बना लेते हैं? किसी एक को बनाकर कक्षा में लेकर आइए और अपने समूह के साथ मिलकर खेलिए।
Answer: मैं अपने खेलने के लिए स्वयं कागज की रंग-बिरंगी नावें बनाना, पत्थरों के छोटे टुकड़ों से बिस्कुट के खेल खेलना, मिट्टी के छोटे घरौंदे तैयार करना और गुड़ियों के लिए छोटा-सा आशियाना सजाना जैसे काम कर लेती हूँ। मैं कागज से बनी एक सुंदर नाव बनाकर अपने स्कूल की कक्षा में लाऊंगी और सभी मित्रों के साथ मिलकर खेलूंगी।
In simple words: मैं खुद से कागज की नाव, गुड़िया का घर और पत्थरों के खिलौने बना लेती हूँ, जिन्हें मैं स्कूल में अपने दोस्तों को दिखाऊंगी।
Exam Tip: खेल-खिलौने बनाने की अपनी रचनात्मकता को सरल और स्पष्ट शब्दों में व्यक्त करें।
Question 3. अनेक बच्चे कपड़े धोने के लिए काम में आने वाली ‘थापी’ को बल्ले की तरह उपयोग कर लेते हैं। आप अपने घर या पास-पड़ोस की किन वस्तुओं को खेल-खिलौने की तरह उपयोग में लेते हैं?
Answer: हम अपने घर और आसपास की कई पुरानी चीजों को खेल के सामान की तरह इस्तेमाल करते हैं, जैसे:
• कपड़े साफ करने वाली लकड़ी की थापी को हम क्रिकेट खेलने के लिए बल्ला बना लेते हैं।
• रद्दी और बेकार पड़े अखबारों को आपस में मोड़कर और बांधकर एक बढ़िया गेंद तैयार कर लेते हैं।
• रसोईघर की कटोरी, चम्मच और प्लेटों का उपयोग करके हम सहेलियों के साथ घर-घर का खेल खेलते हैं।
• गाड़ी के बेकार हो चुके पुराने टायर में रस्सी बांधकर उसे पेड़ों पर झूला बना लेते हैं।
In simple words: हम घर की बेकार चीजों जैसे थापी को बल्ला, अखबार को गेंद और पुराने टायरों को झूला बनाकर खेलते हैं।
Exam Tip: दैनिक जीवन में काम आने वाली साधारण घरेलू वस्तुओं का उदाहरण देकर अपना उत्तर लिखें।
Question 4. लेखक बचपन में अनेक काम उत्साह से दौड़-दौड़कर किया करते थे। आप कौन-से काम बहुत उत्साह से करते हैं?
Answer: मुझे निम्नलिखित कार्यों को करने में बहुत खुशी और उत्साह महसूस होता है:
• कोरे कागज़ पर नए-नए चित्र और सुंदर ड्राइंग बनाना।
• शाम के समय अपने प्यारे दोस्तों के साथ मैदान में फुटबॉल का मैच खेलना।
• ज्ञानवर्धक और मजेदार कहानियों की रंग-बिरंगी पुस्तकें पढ़ना।
• घर पर अपने से छोटे भाई-बहनों को उनके गृहकार्य में मदद करना और पढ़ाना।
• सुबह-शाम अपने घर के बगीचे में लगे पौधों को पानी देना और उनकी देखभाल करना।
In simple words: मुझे चित्र बनाना, दोस्तों के साथ फुटबॉल खेलना, कहानियां पढ़ना और पौधों को पानी देना बहुत अच्छा लगता है।
Exam Tip: उन गतिविधियों को प्राथमिकता दें जो आपकी रचनात्मकता और खेल-कूद की भावना को दर्शाती हों।
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मिलान कीजिए
Question 5. नीचे दिए गए चित्रों का उनके उपयुक्त विवरण से मिलान कीजिए -
(i) चित्र 1 (इधर-उधर घूमते बच्चे)
(ii) चित्र 2 (कटोरी में भुने दाने/चबेना)
(iii) चित्र 3 (कपड़े धोने वाली लकड़ी की थापी)
(iv) चित्र 4 (कौड़ियाँ/समुद्री कीड़े का खोल)
Answer:
| चित्र का नाम / विवरण | सही मिलान (विवरण) |
|---|---|
| (i) इधर-उधर घूमते बच्चे | भ्रमण करना अथवा इधर-उधर चलना |
| (ii) कटोरी में भुने दाने (चबेना) | चबाकर खाने के लिए भुना हुआ अनाज |
| (iii) कपड़े धोने की थापी | काठ का चपटे और चौड़े सिरे का डंडा |
| (iv) कौड़ियाँ | एक समुद्री कीड़े का खोल जिसे पुराने समय में मुद्रा की तरह उपयोग करते थे। |
Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों को परीक्षा में आमने-सामने सही उत्तर लिखकर प्रस्तुत करने से पूरे अंक मिलते हैं।
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खान-पान
Question 1. लेखक सवेरे-सवेरे सबसे पहले मटर और जौ का चबेना खाते थे। ‘चबेना’ के बारे में नीचे दी गई जानकारी पढ़िए -
गुणकारी स्वादिष्ट चना-चबेना चना-चबेना प्रायः हम उस खाद्य-सामग्री को कहते हैं जो चबाकर खाई जाती है। मकई, चिउड़ा, भेल, कई तरह के भुने हुए दाने, भुने हुए चावल, चना, मटर और मुरमुरे, भुना हुआ हरा व उबला चना, दर्जनों ऐसी खाद्य-सामग्रियाँ हैं जो हम भारतीय चाहे देश के किसी भी कोने में रहते हों, किसी-न-किसी रूप में चबाते हैं। कई प्रकार की कचरियाँ, कुरकुरे, पापड़, नमकीन, ये भी चबेनों का ही हिस्सा हैं। लेकिन ये घरेलू कम व सामान्यतः बाज़ार से मिलने वाले उत्पाद हैं जिनमें स्वाद तो बहुत होता है लेकिन ये शरीर के लिए उतने स्वास्थ्यवर्धक नहीं होते जितने घर के बने चबेने होते हैं। ऐसे बनाया जाता है चना-चबेना देश के विभिन्न स्थानों में चना-चबेना विशेष ढंग से बनाया जाता है। चना-चबेना में मटर, चना, सूखा चना, मिर्च-अदरक, प्याज़-लहसुन, मक्का, पोहा, लाई, मूँगफली आदि खाद्य सामग्रियाँ सम्मिलित होती हैं। सबसे पहले इन सभी को कड़ाई में नमक डालकर भली प्रकार भून लिया जाता है। भुनने के बाद उसमें हल्का तेल मिलाया जाता है। मिर्च की चटनी के साथ प्याज़ और लहसुन भी मिलाया जाता है। इनसे चना-चबेना का स्वाद बढ़ जाता है।
Answer: चबेना एक बेहद पारंपरिक और पौष्टिक भारतीय खाद्य पदार्थ है जिसे चबाकर खाया जाता है। इसमें भुने हुए चने, मटर, मकई, चावल और लाई जैसी चीज़ें मिलाई जाती हैं। घर पर बना चबेना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है और इसे कढ़ाई में नमक के साथ भूनकर तैयार किया जाता है।
In simple words: चबेना का मतलब है चबाकर खाया जाने वाला भुना हुआ अनाज, जो घर पर बनाया जाता है और सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है।
Exam Tip: चबेना और बाज़ारू जंक फ़ूड के बीच के मुख्य अंतर जैसे कि सेहत और बनाने के तरीकों को ध्यान से समझें।
Question 2. आप दिन भर क्या-क्या खाते-पीते हैं? एक सूची बनाइए -
Answer: मेरी दैनिक दिनचर्या में खान-पान की सूची निम्नलिखित प्रकार से है:
प्रातःकालीन नाश्ता (सुबह करीब 8:00 बजे):
• एक गिलास गरम दूध के साथ पोहा या कॉर्नफ्लेक्स।
• कोई भी एक ताज़ा फल जैसे सेब या पका हुआ केला।
मध्याह्न भोजन / दोपहर का खाना (दोपहर करीब 1:00 बजे):
• दो ताजी रोटियां या फिर एक कटोरी पके हुए चावल।
• हरी मौसमी सब्जी, दाल अथवा पालक-पनीर की सब्जी।
• खीरे और टमाटर का सलाद।
सायं कालीन अल्पाहार / शाम का नाश्ता (शाम करीब 5:00 बजे):
• हल्के बिस्कुट के साथ गरमा-गरम चाय या दूध।
• कभी-कभी भुने हुए चने या मूंगफली के दाने।
रात्रि का भोजन (रात करीब 8:00 बजे):
• दो मुलायम चपातियां (रोटी)।
• कटोरी भर दाल या कोई सूखी सब्जी।
• एक कटोरी ताज़ा दही।
दिनभर की अन्य आदतें:
• शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी पीना।
• सप्ताह में कुछ बार फलों का ताज़ा रस पीना।
In simple words: मैं रोज समय पर सुबह का नाश्ता, दोपहर का खाना, शाम का नाश्ता और रात का भोजन संतुलित रूप से लेती हूँ और खूब सारा पानी पीती हूँ।
Exam Tip: एक संतुलित आहार तालिका (Diet Chart) बनाते समय दिन के चारों समय के भोजन और तरल पदार्थों (पानी/जूस) को अवश्य दर्शाएं।
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आईये जानें
Question 1. “मैं दोपहर से ही वहाँ जा बैठता।” ‘दोपहर’ शब्द बना है ‘पहर’ से। ‘पहर’ का अर्थ होता है - दिन का चौथा भाग या तीन घंटे का समय। एक दिन और एक रात में कुल मिलाकर कितने पहर होते हैं?
Answer: अगर हम पूरे चौबीस घंटों को देखें, तो एक पूरे दिन और रात को मिलाकर कुल आठ पहर बनते हैं।
In simple words: एक पूरे दिन और रात में मिलाकर कुल आठ पहर होते हैं, क्योंकि एक पहर तीन घंटे का होता है।
Exam Tip: पहर की गणना स्पष्ट करने के लिए ध्यान रखें कि 24 घंटों को 3 से भाग देने पर 8 पहर प्राप्त होते हैं।
Question 2. नीचे दिन के चार पहर दर्शाए गए हैं। आप इन पहरों में क्या-क्या करते हैं, लिखिए या चित्र बनाइए -
Answer: दिन के चारों पहरों की मेरी गतिविधियाँ नीचे दी गई हैं:
• सुबह 6:00 बजे से 9:00 बजे तक (प्रातःकाल): मैं सवेरे जल्दी सोकर उठता हूँ। नित्यकर्म और स्नान के बाद स्वच्छ होकर नाश्ता करता हूँ और फिर विद्यालय जाने के लिए तैयार हो जाता हूँ।
• सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक: इस पहर में मैं अपने स्कूल में रहता हूँ। यहाँ मैं ध्यान लगाकर पढ़ाई करता हूँ, अध्यापकों से नई बातें सीखता हूँ और आधी छुट्टी (इंटरवल) में मित्रों के साथ खेलता हूँ।
• दोपहर 12:00 बजे से शाम 3:00 बजे तक: स्कूल की छुट्टी होने के बाद मैं घर लौटता हूँ, हाथ-मुँह धोकर दोपहर का भोजन करता हूँ। थोड़ी देर विश्राम करने के बाद मैं स्कूल से मिला गृहकार्य (होमवर्क) पूरा करता हूँ।
• शाम 3:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक (सायं काल): इस समय मैं अपने पड़ोस के दोस्तों के साथ पास के खेल के मैदान में जाता हूँ। वहाँ हम कबड्डी, फुटबॉल या खो-खो खेलते हैं। घर लौटकर थोड़ा समय मनोरंजन के लिए दूरदर्शन (टी.वी.) भी देखता हूँ।
In simple words: सुबह मैं तैयार होकर स्कूल जाता हूँ, दोपहर तक पढ़ाई करता हूँ, दोपहर बाद घर लौटकर गृहकार्य करता हूँ और शाम को दोस्तों के साथ खेलता हूँ।
Exam Tip: पहर के अनुसार अपनी दिनचर्या को समय के सही नियोजन के साथ क्रमानुसार लिखें।
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तमाशा
Question 1. “गुल्ली है जरा-सी, पर उसमें दुनिया भर की मिठाइयों की मिठास और तमाशों का आनंद भरा है।” तमाशा का अर्थ है - वह दृश्य जिसे देखने से मनोरंजन हो, जैसे - मेला, नौटंकी आदि। नीचे दिए गए नामों को पढ़िए। इनमें से कौन-कौन से तमाशे आपने देखे हुए हैं? उन पर घेरा बनाइए -
Answer: मैंने इनमें से निम्नलिखित मनोरंजक दृश्य (तमाशे) देखे हैं:
• नाटक: मैंने अपने विद्यालय और मोहल्ले के उत्सवों में कई बार रंगमंच पर नाटक प्रस्तुत होते देखा है।
• कठपुतली का खेल: राजस्थान के मेलों में मैंने रंग-बिरंगी धागों से चलने वाली कठपुतलियों का सुंदर नाच भी देखा है।
*(नोट: छात्र अपनी पसंद के अनुसार 'बायस्कोप' या 'करतब' को भी चुन सकते हैं।)*
In simple words: मैंने मनोरंजन के लिए रंगमंच पर होने वाले नाटक और मेलों में दिखाए जाने वाले कठपुतली के खेल को देखा है।
Exam Tip: तमाशा का अर्थ मनोरंजन करने वाले दृश्यों से है, इसलिए अपने उत्तर में उन खेलों या नाटकों का उल्लेख करें जो आपने खुद देखे हों।
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रामलीला
Question 1. आपने पाठ में ‘रामलीला’ के बारे में पढ़ा है। हमारे देश में और अन्य देशों में भी दीपावली के आस-पास स्थान-स्थान पर ‘रामलीला’ का आयोजन किया जाता है। आप भी अपनी कक्षा या विद्यालय में रामलीला का मंचन कीजिए।
Answer: यह गतिविधि एक व्यावहारिक क्रियाकलाप है। छात्र अपने विद्यालय के शिक्षक के मार्गदर्शन में और सहपाठियों के साथ मिलकर रामलीला के किसी छोटे दृश्य (जैसे राम-लक्ष्मण संवाद या वन गमन) का मंचन अपनी स्कूल यूनिफॉर्म में ही कर सकते हैं।
In simple words: यह नाटक खेलने की एक गतिविधि है जिसे बच्चों को स्कूल में अपने टीचर की मदद से खुद करना चाहिए।
Exam Tip: इस प्रकार की गतिविधियों में संवादों को सरल और अपनी भाषा में तैयार करने का प्रयास करें।
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भाषा की बात
Question 1. “विलायती खेलों में सबसे बड़ा ऐब है कि उनके सामान महँगे होते हैं।” इस वाक्य में कुछ शब्दों के नीचे रेखा खींची गई है। इन पर ध्यान दीजिए। यहाँ ‘विलायती’, ‘बड़ा’ और ‘महँगे’ शब्द क्रमशः ‘खेल’, ‘ऐब’ तथा ‘सामान’ की विशेषता बता रहे हैं। आप जानते ही हैं कि ‘खेल’, ‘ऐब’ तथा ‘सामान’ संज्ञा शब्द हैं। अब पाठ में से कुछ अन्य विशेषण तथा संज्ञा शब्द चुनकर नीचे लिखिए -
Answer: पाठ से चुने गए प्रमुख विशेषण और संज्ञा शब्दों के जोड़े नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत हैं:
| विशेषण (Adjective) | संज्ञा (Noun) |
|---|---|
| विलायती | खेल |
| कच्चा | घर |
| नंगे | पाँव |
| छोटे-मोटे | काम |
| सरल | स्वभाव |
In simple words: जो शब्द किसी चीज़ या व्यक्ति की विशेषता बताते हैं उन्हें विशेषण कहते हैं, जैसे 'कच्चा' घर की विशेषता बता रहा है।
Exam Tip: संज्ञा शब्दों की विशेषता बताने वाले शब्दों को हमेशा बाईं ओर 'विशेषण' वाले कॉलम में ही स्पष्ट रूप से दर्शाएं।
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प्राथमिक चिकित्सा पेटी
Question 1. अब आप प्राथमिक चिकित्सा पेटी में रखी जाने वाली उन वस्तुओं व दवाइयों की एक सूची बनाइए जिनके बारे में नीलोफर ने सभी को बताया होगा। आप भी अपने लिए एक प्राथमिक चिकित्सा पेटी तैयार कीजिए। इसके लिए आप अपने सहपाठियों तथा अभिभावकों की सहायता ले सकते हैं।
Answer: प्राथमिक चिकित्सा पेटी (First Aid Box) में रखी जाने वाली आवश्यक सामग्रियों की सूची निम्न प्रकार है:
• रुई (कॉटन): घाव को साफ करने और पोछने के लिए।
• पट्टियाँ (बैन्डेज): किसी अंग पर लगी चोट या मोच को सहारा देने व बाँधने के लिए।
• गॉज़ पैड: साफ-सुथरे ढंग से घाव को ढक कर रखने के लिए।
• बैंड-एड / प्लास्टर: शरीर पर आई छोटी-मोटी खरोंच या हल्की चोट को तुरंत ढकने के लिए।
• एंटीसेप्टिक लिक्विड (जैसे डिटॉल या सैवलॉन): चोट वाले स्थान को कीटाणुओं से मुक्त करने के लिए।
• एंटीसेप्टिक क्रीम या ऑइंटमेंट: संक्रमण को रोकने के लिए घाव पर लगाने हेतु।
• साफ कैंची और चिमटी: पट्टी को सही आकार में काटने या त्वचा में घुसे काँटे को निकालने के लिए।
• थर्मामीटर: शरीर का तापमान या बुखार मापने के लिए।
• दर्द निवारक बाम या जेल: मांसपेशियों के दर्द या खिंचाव से राहत पाने के लिए।
• दस्ताने (ग्लव्स): उपचार करते समय संक्रमण से बचने के लिए हाथों में पहनने हेतु।
• साबुन या सैनिटाइज़र: बीमार या घायल व्यक्ति को छूने से पहले और बाद में हाथ स्वच्छ रखने के लिए।
• ओ.आर.एस. (ORS) के पैकेट: दस्त या अत्यधिक पसीना आने पर शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) दूर करने के लिए।
• पैरासिटामोल दवा: तेज बुखार या बदन दर्द होने पर प्राथमिक राहत के लिए (चिकित्सक के परामर्श से)।
• बर्न क्रीम (जैसे बर्नोल): त्वचा के मामूली रूप से जल जाने पर जलन शांत करने के लिए।
• आइस पैक: मोच आने पर प्रभावित जगह की सूजन को कम करने के लिए।
In simple words: फर्स्ट एड बॉक्स में रुई, पट्टी, साफ करने की दवा (एंटीसेप्टिक), कैंची, थर्मामीटर और दर्द की दवाइयां होनी चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज किया जा सके।
Exam Tip: प्राथमिक चिकित्सा पेटी की सूची में आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयों और उपकरणों को उनके उपयोग के साथ लिखना चाहिए।
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आपके खेल
Question 1. ऐसे अनेक खेल आप सभी खेलते होंगे जिनमें किसी विशेष महँगे सामान की आवश्यकता नहीं पड़ती बल्कि जिनकी आवश्यकता पड़ती है, उन्हें आप स्वयं ही बना लेते हैं। ऐसे ही कुछ खेलों के चित्र नीचे दिए गए हैं। रेखा खींचकर इनके सही नामों से मिलाइए -
Answer: चित्रों के आधार पर खेलों के सही नाम का मिलान इस प्रकार है:
| खेल का चित्र विवरण | सही खेल का नाम |
|---|---|
| (i) जमीन पर खाने बनाकर खेलती हुई लड़की | इकड़ी-दुकड़ी (स्टेपू) |
| (ii) ज़मीन पर रस्सी से लट्टू घुमाते बच्चे | लट्टू |
| (iii) आसमान में पतंग उड़ाते हुए बच्चे | पतंग |
| (iv) मैदान में एक-दूसरे को पकड़ते बच्चे | कबड्डी |
In simple words: इन पारंपरिक और बिना खर्चे वाले खेलों में लड़की कूदकर 'इकड़ी-दुकड़ी' खेल रही है, बच्चे 'लट्टू' और 'पतंग' का आनंद ले रहे हैं और कबड्डी खेल रहे हैं।
Exam Tip: इन स्थानीय और पारंपरिक खेलों के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नाम होते हैं, जैसे इकड़ी-दुकड़ी को Stapu भी कहा जाता है।
Question 2. आपस में चर्चा कीजिए कि इन खेलों को कैसे खेला जाता है तथा यह भी बताइए कि आपके क्षेत्र में इन्हें क्या कहा जाता है।
Answer: इन खेलों को खेलने की विधि और हमारे क्षेत्र में इनके लोकप्रिय नाम निम्नलिखित हैं:
• कबड्डी: इस खेल में दो अलग-अलग टीमें हिस्सा लेती हैं। एक टीम का सदस्य बिना सांस तोड़े लगातार "कबड्डी-कबड्डी" बोलते हुए विपक्षी टीम के हिस्से में जाता है। उसका लक्ष्य विपक्षी खिलाड़ी को छूकर अपने पाले में वापस आना होता है। यदि वह पकड़ा जाए या उसकी सांस टूट जाए, तो उसे आउट माना जाता है। हमारे क्षेत्र में इसे सामान्यतः 'कबड्डी' के नाम से ही जाना जाता है।
• इकड़ी-दुकड़ी (स्टेपू): इस खेल में जमीन पर चौक चौकोर डिब्बे बनाए जाते हैं। खिलाड़ी एक पत्थर का टुकड़ा (गीटी) फेंककर एक पैर के सहारे कूदते हुए उन खानों को पार करता है। रेखा छू जाने पर खिलाड़ी आउट हो जाता है। हमारे यहाँ इसे 'स्टेपू' या 'किथ-किथ' भी पुकारते हैं।
• लट्टू: यह लकड़ी का बना गोल शंकु जैसा खिलौना होता है, जिसके निचले हिस्से में एक लोहे की कील लगी होती है। इसके ऊपर डोरी को अच्छे से लपेटकर झटके से जमीन पर फेंका जाता है, जिससे यह तेज़ी से घूमने लगता है। स्थानीय भाषा में इसे 'लट्टू' या 'भौंरा' कहते हैं।
• पतंग: यह पतले रंगीन कागज़ और बाँस की हल्की तीलियों की सहायता से बनाई जाती है। माँझे (विशेष सूती धागा जिस पर पिसा हुआ काँच लगा होता है) की मदद से इसे हवा में उड़ाया जाता है और दूसरे खिलाड़ियों की पतंगों की डोर काटी जाती है। हमारे यहाँ इसे 'पतंग' या 'गुड्डी' भी कहते हैं।
In simple words: कबड्डी में खिलाड़ी छूकर वापस भागता है, स्टेपू में एक पैर से कूदना होता है, लट्टू को धागे से नचाते हैं और पतंग को माँझे की डोर से आसमान में उड़ाते हैं।
Exam Tip: खेलों की व्याख्या करते समय उनके मुख्य नियम और आपके इलाके में इस्तेमाल होने वाले स्थानीय नाम जरूर लिखें।
Question 3. उन आनंदमयी खेलों की एक सूची बनाइए जो आप अपने दिव्यांग मित्रों के साथ खेल सकते हैं आप इस कार्य में मित्रों, शिक्षकों एवं अपने अभिभावकों की भी सहायता ले सकते हैं
Answer: दिव्यांग (विशेष आवश्यकता वाले) मित्रों के साथ आनंदपूर्वक खेले जा सकने वाले कुछ प्रमुख खेल इस प्रकार हैं:
• व्हीलचेयर बास्केटबॉल: पैरों से चलने में असमर्थ बच्चे पहियेदार कुर्सी (व्हीलचेयर) पर बैठकर इस खेल का मज़ा ले सकते हैं।
• बैठकर बैडमिंटन खेलना: ज़मीन पर बैठकर नेट के दोनों ओर रैकेट की मदद से चिड़िया को एक-दूसरे की तरफ मारना।
• गेंद को कैच करना (गेंद फेंकना): एक जगह आराम से बैठकर गेंद को एक-दूसरे की तरफ उछालना और पकड़ना।
• कैरम बोर्ड: सभी बच्चे एक जगह बैठकर गोटियों को पॉकेट में डालने का यह मजेदार बोर्ड गेम खेल सकते हैं।
• कार्ड या ताश के मनोरंजक खेल: 'उनो' (UNO) या अन्य चित्र वाले ताश के खेल जिन्हें बैठकर आसानी से खेला जा सकता है।
• शब्दों का खेल (अंत्याक्षरी या नाम-स्थान-वस्तु): बौद्धिक और भाषा कौशल बढ़ाने वाला खेल जिसमें किसी अक्षर से नाम, जगह, चीज़ या पशु का नाम सोचना होता है।
In simple words: हमारे दिव्यांग दोस्त कैरम, बैठकर खेले जाने वाले बैडमिंटन, शब्दों के खेल और व्हीलचेयर पर बास्केटबॉल जैसे मजेदार खेलों का आनंद आसानी से ले सकते हैं।
Exam Tip: ऐसे खेलों का सुझाव दें जिनमें शारीरिक हलचल कम हो और बौद्धिक या बैठे-बैठे खेलने की भागीदारी अधिक हो।
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पुस्तकालय से
Question 1. अपने पुस्तकालय में जाकर प्रेमचंद की लिखी कहानियाँ पढ़िए तथा कक्षा में उनके बारे में चर्चा कीजिए।
Answer: मैंने अपने विद्यालय के पुस्तकालय से महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद जी की दो अत्यंत लोकप्रिय कहानियाँ पढ़ी हैं, जिन पर मेरी राय इस प्रकार है:
• ‘ईदगाह’: यह कहानी एक अत्यंत भावुक और गरीब बालक हामिद की है। जब सभी बच्चे ईद के मेले में खिलौनों और मिठाइयों पर पैसे खर्च करते हैं, तब हामिद अपनी बूढ़ी दादी अमीना के हाथ जलने से बचाने के लिए एक चिमटा खरीदता है। यह कहानी हमें सिखाती है कि अपनों के प्रति निस्वार्थ प्रेम और परवाह किसी भी भौतिक वस्तु से कहीं अधिक अनमोल है।
• ‘पंच परमेश्वर’: यह कहानी दो पक्के मित्रों - अलगू चौधरी और जुम्मन शेख की है। न्याय की गद्दी पर बैठने के बाद दोनों के बीच का निष्पक्ष निर्णय उनकी मित्रता को कसौटी पर परखता है। इससे हमें सीख मिलती है कि सत्य और निष्पक्ष न्याय का स्थान किसी भी व्यक्तिगत रिश्ते या दोस्ती से बहुत ऊपर होता है।
मुंशी प्रेमचंद जी की कहानियाँ ग्रामीण जनजीवन और आम लोगों की बुनियादी समस्याओं को बड़ी गहराई से उजागर करती हैं, जो हमें जीवन की अनमोल सीख देती हैं।
In simple words: मैंने 'ईदगाह' और 'पंच परमेश्वर' जैसी महान कहानियाँ पढ़ीं। इनसे मुझे अपनों से प्यार करना, बड़ों का आदर करना और हमेशा सच का साथ देना सीखने को मिला।
Exam Tip: मुंशी प्रेमचंद की कहानियों की मुख्य सीख जैसे 'त्याग' (ईदगाह में) और 'न्याय व सच्चाई' (पंच परमेश्वर में) का स्पष्ट उल्लेख करें।
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पता लगाइए
Question 1. अब आप चित्र में दिखाई गई प्रसिद्ध पैरालंपिक महिला खिलाड़ी के बारे में पता लगाइए। इसके लिए आप अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा अन्य स्रोतों की सहायता ले सकते हैं।
Answer: चित्र में दिखाई गई असाधारण और जुझारू खिलाड़ी का नाम **शीतल देवी** है, जो भारत की एक बेहद चर्चित और प्रेरणादायी पैरा-तीरंदाज़ हैं। उनके बारे में मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:
• जन्म एवं प्रारंभिक जीवन: शीतल का जन्म 10 जनवरी 2007 को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में हुआ था। वे 'फोकोमीलिया' नामक एक अत्यंत दुर्लभ जन्मजात बीमारी से प्रभावित थीं, जिसके कारण उनके दोनों हाथ विकसित नहीं हो पाए। वे अपने पैरों के इस्तेमाल से तीरंदाज़ी करती हैं।
• प्रतिभा की पहचान: वर्ष 2021 में भारतीय सेना के एक स्थानीय खेल कार्यक्रम के दौरान उनके भीतर छिपे असाधारण जज्बे को पहचाना गया और उन्हें खेल के लिए पेशेवर प्रशिक्षण दिया गया।
• प्रमुख खेल उपलब्धियां:
- हांगझोउ एशियाई पैरा खेल 2022 में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2 स्वर्ण पदक और 1 रजत पदक अपने नाम किया।
- पेरिस पैरालंपिक 2024 में उन्होंने राकेश कुमार के साथ मिलकर मिश्रित कंपाउंड प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता और मात्र 17 वर्ष की उम्र में देश की सबसे कम उम्र की पैरालंपिक पदक विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया।
- वर्ष 2023 में वे विश्व की नंबर-1 पैरा-तीरंदाज़ (महिला कंपाउंड ओपन) बनीं।
• सम्मान: उनकी इस बेमिसाल कामयाबी और अटूट हौसले के लिए भारत सरकार द्वारा उन्हें वर्ष 2023 में प्रतिष्ठित 'अर्जुन पुरस्कार' से सम्मानित किया गया, जिसे महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें प्रदान किया।
• उनकी विशिष्टता: बिना हाथों के होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और पैरों, कंधे व जबड़े के बेजोड़ तालमेल से विश्व पटल पर इतिहास रच दिया। उनका यह अद्वितीय संघर्ष हर किसी के लिए एक महा-प्रेरणा है।
In simple words: शीतल देवी भारत की एक ऐसी जांबाज तीरंदाज़ हैं जिनके दोनों हाथ नहीं हैं। वे अपने पैरों से तीर चलाती हैं और पैरालंपिक खेलों में देश के लिए पदक जीतकर इतिहास रच चुकी हैं।
Exam Tip: शीतल देवी के जन्मस्थान (किश्तवाड़), उनकी दुर्लभ शारीरिक स्थिति और उनकी प्रमुख पैरालंपिक उपलब्धियों (अर्जुन पुरस्कार विजेता) को रेखांकित करके अपना उत्तर लिखें।
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