NCERT Solutions Class 5 Hindi Veena Chapter 07 मेरा बचपन

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Detailed Veena Chapter 07 मेरा बचपन NCERT Solutions for Class 5 Hindi

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Class 5 Hindi Veena Chapter 07 मेरा बचपन NCERT Solutions PDF

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बातचीत के लिए

 

Question 1. चित्रकार की कौन-सी विशेषता आपको सबसे अधिक अच्छी लगी और क्यों?
Answer: मुझे चित्रकार का चतुर होना और उसकी सूझ-बूझ सबसे बढ़िया लगी। संकट के समय घबराने के स्थान पर उसने अपनी बुद्धि का प्रयोग किया और चालाकी से शेर को मूर्ख बनाकर अपनी जान सुरक्षित बचा ली।
In simple words: चित्रकार ने डरने के बजाय अपनी बुद्धि का इस्तेमाल किया और शेर से अपनी जान बचाई।

Exam Tip: परीक्षा में इस प्रश्न का उत्तर लिखते समय 'चतुराई' और 'सूझ-बूझ' जैसे शब्दों का प्रयोग अवश्य करें।

 

Question 2. शेर ने चित्रकार को ‘कायर-डरपोक’ कहा। क्या आपको लगता है कि चित्रकार वास्तव में कायर और डरपोक था या वह चतुर और समझदार था? अपने उत्तर का कारण बताइए।
Answer: मेरे विचार से चित्रकार बिल्कुल भी डरपोक या कायर नहीं था, बल्कि वह अत्यधिक बुद्धिमान और चतुर था। यदि वह कायर होता, तो शेर को सामने देखकर चीखने-चिल्लाने लगता या सुध-बुध खो बैठता। इसके विपरीत, उसने अत्यंत शांत रहकर एक बढ़िया उपाय सोचा और शेर को पीछे घुमाकर वहाँ से सुरक्षित भागने की योजना बनाई। यह उसकी उत्कृष्ट सूझ-बूझ को दर्शाता है।
In simple words: चित्रकार डरपोक नहीं था। उसने समझदारी दिखाई और शांत रहकर शेर को झांसा दिया।

Exam Tip: उत्तर में इस बात को स्पष्ट करें कि कायर व्यक्ति घबरा जाता है, जबकि चित्रकार ने शांत रहकर सूझ-बूझ दिखाई।

 

Question 3. आपके अनुसार ऐसे कौन-कौन से कार्य हैं जिनका निरंतर अभ्यास करने से उनमें कुशलता बढ़ जाती है?
Answer: हमारे दैनिक जीवन में निम्नलिखित कार्यों को लगातार अभ्यास द्वारा अधिक बेहतर और सुधारा जा सकता है:
- पठन एवं लेखन का कार्य
- विभिन्न खेल (जैसे फुटबॉल, क्रिकेट आदि)
- गायन और नृत्य कला
- सुंदर चित्र बनाना (चित्रकला)
- साइकिल या कोई वाहन चलाना सीखना
In simple words: अभ्यास करने से हम पढ़ना, खेलना, गाना, चित्र बनाना और साइकिल चलाना बहुत अच्छे से सीख जाते हैं।

Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में बुलेट पॉइंट्स का उपयोग करके उत्तर को अधिक स्पष्ट और पढ़ने में आसान बनाएँ।

 

Question 4. यदि झील के किनारे नाव न होती तो चित्रकार शेर से अपनी जान बचाने के लिए क्या उपाय करता?
Answer: यदि वहाँ कोई नाव मौजूद नहीं होती, तो चित्रकार खुद को बचाने के लिए समीप के सघन वृक्षों की ओट में छिपने का प्रयास करता। इसके अतिरिक्त, वह शेर को किसी अन्य सुंदर स्थान पर सुंदर चित्र दिखाने का लालच देकर किसी सुरक्षित दिशा में निकलने की योजना बनाता।
In simple words: नाव न होने पर चित्रकार घने पेड़ों के पीछे छुप जाता या शेर को और चित्र दिखाने के बहाने बहलाकर भाग जाता।

Exam Tip: अपनी कल्पना से कोई भी दो व्यावहारिक उपाय लिखें, जैसे छिपना या कोई नया बहाना बनाना।

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पाठ से

नीचे दिए गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तरों पर तारे का चित्र (✶) बनाइए -

 

Question 1. चित्रकार ने जंगल के किस स्थान पर चित्र बनाना शुरू किया?
(a) नदी के किनारे
(b) सुनसान जगह
(c) पेड़ों के नीचे
(d) पहाड़ की चोटी पर
Answer: (b) सुनसान जगह
In simple words: चित्रकार ने अपनी पेंटिंग बनाने के लिए जंगल में एक शांत और एकांत जगह को चुना था।

Exam Tip: सही विकल्प चुनने के साथ-साथ कविता की पंक्तियों को ध्यान में रखें जहाँ 'सुनसान जगह' का उल्लेख है।

 

Question 2. यमराज का मित्र किसे कहा गया है?
(a) शेर को
(b) चित्रकार को
(c) नाविक को
(d) शिकारी को
Answer: (a) शेर को
In simple words: शेर बहुत खतरनाक होता है और जान ले सकता है, इसलिए उसे मौत के देवता यमराज का दोस्त बताया गया है।

Exam Tip: यमराज मृत्यु के देवता हैं, इसलिए जंगल के सबसे हिंसक जीव शेर को उनका मित्र कहा गया है।

 

Question 3. चित्रकार ने शेर से अपने प्राण कैसे बचाए?
(a) धैर्य और चतुराई से
(b) क्रोध और शक्ति से
(c) डर और घबराहट से
(d) अहंकार और गर्व से
Answer: (a) धैर्य और चतुराई से
In simple words: चित्रकार डरा नहीं, उसने हिम्मत रखी और अपनी अक्लमंदी से शेर को चकमा देकर अपनी जान बचाई।

Exam Tip: संकट में हिम्मत (धैर्य) और दिमाग (चतुराई) का इस्तेमाल करने से बड़ी से बड़ी मुसीबत टल जाती है।

 

Question 4. चित्रकार ने शेर को पीठ फेरकर बैठने के लिए क्यों कहा?
(a) ताकि वह शेर की पीठ का चित्र बना सके।
(b) ताकि वह भागने की योजना पूरी कर सके।
(c) ताकि शेर आराम से बैठ सके।
(d) ताकि शेर के साथ आँख-मिचौनी खेल सके।
Answer: (b) ताकि वह भागने की योजना पूरी कर सके।
In simple words: चित्रकार ने शेर को पीछे मुंह करके बैठने को कहा ताकि शेर उसे देख न सके और वह नाव लेकर वहाँ से भाग सके।

Exam Tip: कविता के मुख्य मोड़ को याद रखें, जहाँ शेर के पीठ घुमाते ही चित्रकार चुपके से भाग निकला था।

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सोचिए और लिखिए

नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए -

 

Question 1. चित्रकार जिस वातावरण में चित्र बना रहा था, उसका वर्णन कीजिए।
Answer: चित्रकार एक बिल्कुल शांत और वीरान वन क्षेत्र में अपनी कलाकृति तैयार कर रहा था। उस प्राकृतिक स्थान के आसपास सुंदर पहाड़, नदियाँ, घने वृक्ष और सूखे-हरे पत्ते फैले हुए थे। वह बिना किसी बाधा के अत्यंत एकाग्रता से चित्रकारी में लीन था।
In simple words: चित्रकार जंगल के शांत माहौल में नदियाँ और पेड़ों के बीच बैठकर अपनी पेंटिंग बना रहा था।

Exam Tip: वातावरण का वर्णन करते समय नदी, पहाड़, वन और शांति जैसे मुख्य शब्दों का उल्लेख करना न भूलें।

 

Question 2. चित्रकार ने शेर को जंगल में चित्रकला का अभ्यास करने के लिए क्यों कहा होगा?
Answer: चित्रकार की मुख्य योजना शेर का ध्यान भटकाना थी। उसने शेर को व्यस्त रखने के लिए चित्रकला की बात कही, ताकि जैसे ही शेर का मन दूसरी ओर लगे, उसे वहाँ से सुरक्षित निकलने का पर्याप्त समय मिल सके।
In simple words: चित्रकार ने शेर को व्यस्त करने और उसका ध्यान भटकाने के लिए उसे चित्रकारी सीखने की सलाह दी थी।

Exam Tip: उत्तर में 'ध्यान भटकाना' और 'स्वयं को बचाना' जैसे मुख्य बिंदुओं को रेखांकित करें।

 

Question 3. आपको इस कविता की कौन-सी घटना सबसे रोचक लगी?
Answer: पूरी कविता में सबसे मनमोहक और हास्यपूर्ण क्षण वह है जब चित्रकार बड़ी विनम्रता से शेर से कहता है कि वह अपना मुख दूसरी तरफ कर ले। शेर जैसे ही उसकी बात मानकर अपनी पीठ घुमाता है, चित्रकार को वहाँ से चुपके से खिसकने का बढ़िया अवसर मिल जाता है।
In simple words: सबसे मजेदार बात वह थी जब चित्रकार ने शेर को दूसरी तरफ मुंह करने को कहा और शेर बेवकूफ बनकर घूम गया।

Exam Tip: कविता के सबसे रोमांचक मोड़ यानी चित्रकार द्वारा शेर को पीछे घुमाने वाली बात का वर्णन सुंदर शब्दों में करें।

 

Question 4. चित्रकार ने शेर से बचने के लिए क्या किया?
Answer: अपनी रक्षा के लिए चित्रकार ने पहले बड़ी ही चतुराई से शेर को उसका सुंदर चित्र बनाने के लालच में बाँधकर रखा। इसके बाद, अवसर मिलते ही वह दबे पाँव झील के पास गया, वहाँ खड़ी हुई नाव पर चढ़ा और तेजी से चप्पू चलाकर सुरक्षित स्थान की ओर प्रस्थान कर गया।
In simple words: चित्रकार ने पहले शेर को पेंटिंग के बहाने रोक कर रखा, फिर मौका मिलते ही नाव में बैठकर वहाँ से भाग गया।

Exam Tip: उत्तर को दो हिस्सों में लिखें: पहला, शेर को बातों में उलझाना; दूसरा, नाव के जरिए भाग निकलना।

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अनुमान और कल्पना

 

Question 1. चित्रकार ने शेर को ‘जंगल के सरदार’ नाम से क्यों पुकारा होगा?
Answer: शेर को वन का अधिपति यानी राजा माना जाता है। चित्रकार जानता था कि शेर को अपनी बड़ाई सुनना पसंद होगा, इसलिए उसकी चापलूसी करके और उसे खुश करके अपनी योजना को सफल बनाने हेतु उसने शेर को 'जंगल के सरदार' कहकर पुकारा।
In simple words: चित्रकार ने शेर की झूठी प्रशंसा की ताकि शेर खुश हो जाए और उसकी हर बात मान ले।

Exam Tip: किसी भी हिंसक जानवर को वश में करने या बहलाने के लिए उसकी प्रशंसा करने की बात यहाँ दर्शाई गई है।

 

Question 2. यदि चित्रकार जंगल में रुक जाता और शेर से मित्रता करने का प्रयत्न करता तो क्या होता?
Answer: यदि चित्रकार वहाँ से भागने के बजाय शेर से दोस्ती करने की कोशिश करता, तो इसके दो परिणाम हो सकते थे। पहला और वास्तविक परिणाम यह हो सकता था कि शेर अपनी हिंसक प्रवृत्ति के कारण चित्रकार को अपना भोजन बना लेता। दूसरा, किसी काल्पनिक या परीकथा की तरह, शायद शेर का दिल पिघल जाता और दोनों पक्के मित्र बन जाते।
In simple words: असलियत में शेर चित्रकार को खा जाता क्योंकि वह एक हिंसक जानवर है, पर कहानियों में वे दोस्त भी बन सकते थे।

Exam Tip: इस प्रश्न के उत्तर में दोनों पक्षों (वास्तविक और काल्पनिक) को स्पष्ट रूप से दर्शाना चाहिए।

 

Question 3. यदि शेर को भी चित्रकला में रुचि होती तो वह कौन-से चित्र बनाना पसंद करता?
Answer: यदि शेर चित्र बनाने का शौकीन होता, तो वह अपनी कलाकृति में अपने आस-पास के घने वनों, शिकार किए जाने वाले जीवों, अपने साथी शेर-शेरनियों तथा अपने शावकों के चित्र बनाना सबसे अधिक पसंद करता।
In simple words: चित्रकार बनने पर शेर अपने परिवार, जंगल के पेड़ों और अपने शिकार करने वाले जानवरों के चित्र बनाता।

Exam Tip: शेर की आदतों और उसके प्राकृतिक परिवेश के आधार पर ही उसके पसंदीदा चित्रों की कल्पना करें।

 

Question 4. यदि चित्रकार के स्थान पर आप होते तो शेर से बचने के लिए क्या करते?
Answer: यदि मैं उस चित्रकार के स्थान पर होता, तो मैं भी घबराने के बजाय अपनी बुद्धि का प्रयोग करता। मैं शेर को बातों में लगाकर या उसे किसी कौतूहल में उलझाकर वहाँ से बच निकलने का रास्ता खोजता, क्योंकि शेर से शारीरिक बल में जीतना असंभव है।
In simple words: मैं भी चित्रकार की तरह कोई न कोई बहाना ढूँढ़ता और शेर को बातों में उलझाकर वहाँ से चुपके से भाग जाता।

Exam Tip: उत्तर में इस बात पर जोर दें कि संकट के समय भयभीत होने की जगह शांत मन से हल खोजना सर्वोत्तम है।

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भाषा की बात

 

Question 1. कविता में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इनमें छिपे मुहावरे पहचानिए और उनके नीचे रेखा खींचिए -
(क) “उसे देखकर चित्रकार के तुरंत उड़ गए होश।”
(ख) “नदी, पहाड़, पेड़, पत्तों का, रह न गया कुछ जोश।”
(ग) “चित्रकार ने नाव पकड़कर, ली जी भर के साँस।”
(घ) “इधर शेर था धोखा खाकर, झुँझलाहट में चूर।”

Answer:
(क) मुहावरा: होश उड़ जाना - बहुत अधिक डर जाना या घबरा जाना।
(ख) मुहावरा: जोश न रहना - उत्साह या उमंग का समाप्त हो जाना।
(ग) मुहावरा: जी भर के साँस लेना - चैन या बहुत बड़ी राहत महसूस करना।
(घ) मुहावरा: धोखा खाना - किसी के छलावे या कपटपूर्ण व्यवहार का शिकार बनना।
In simple words: इन पंक्तियों में कुछ मुहावरे छिपे हैं जैसे 'होश उड़ना' (डरना), 'जोश न रहना' (उत्साह खत्म होना), 'साँस लेना' (चैन मिलना) और 'धोखा खाना' (ठगा जाना)।

Exam Tip: मुहावरों को पहचानकर उनके सटीक अर्थ लिखना परीक्षा में पूरे अंक दिलाता है।

 

Question 2. अब इन मुहावरों का प्रयोग करते हुए अपने मन से नए-नए वाक्य बनाइए।
Answer:
1. होश उड़ जाना: जंगल में अचानक अपने सामने भालू को देखकर रमेश के होश उड़ गए।
2. जोश रह न जाना: फुटबॉल मैच में पहला गोल खाते ही विपक्षी टीम का जोश जाता रहा।
3. जी भर के साँस लेना: अपनी खोई हुई सोने की अँगूठी वापस पाकर माताजी ने जी भर के साँस ली।
4. धोखा खाना: रोहन ने चालाक दुकानदार की मीठी बातों में आकर धोखा खा लिया।
In simple words: मुहावरों का इस्तेमाल करके नए वाक्य बनाए गए हैं ताकि उनके अर्थ अच्छी तरह स्पष्ट हो सकें।

Exam Tip: वाक्य बनाते समय हमेशा मुख्य मुहावरे का प्रयोग करें, उसके अर्थ का नहीं।

 

Question 3. नीचे दी गई पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए -
• इतने ही में वहाँ आ गया, यम राजा का मित्र।
• चित्रकार चुपके से खिसका, जैसे कोई चोर।
• जल्दी-जल्दी नाव चलाकर, निकल गया वह दूर।
इन पंक्तियों में जिन शब्दों के नीचे रेखा खींची गई है, वे क्रिया शब्द हैं जिन्हें ‘आने’ या ‘जाने’ के कार्य को बताने के लिए उपयोग में लाया जाता है। • ‘आ गया’ शब्द का प्रयोग अचानक आने को दर्शाने के लिए किया गया है। • ‘खिसका’ शब्द ‘धीरे-धीरे हटने’ या ‘बिना किसी को पता लगे’ जाने का भाव प्रकट करता है। • ‘निकल गया’ शब्द तेज़ी से दूर जाने का संकेत देता है। ‘आने’ और ‘जाने’ के कार्य को बताने के लिए इसी प्रकार के अनेक क्रिया शब्दों का प्रयोग किया जाता है। आगे दिए गए ऐसे ही क्रिया शब्दों का प्रयोग करते हुए अपने मन से वाक्य बनाइए -

Answer:

आने के लिए क्रिया शब्दजाने के लिए क्रिया शब्द
आना - अतिथि हमारे घर आया।निकल पड़ना - वह आवश्यक कार्य के लिए सुबह ही निकल पड़ा।
पहुँचना - यात्री समय पर अपने गंतव्य पर पहुँच गया।रवाना होना - सभी पर्यटक बस से दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
दाखिल होना - शेर शिकार की तलाश में गुफा में दाखिल हो गया।उड़ना - सुंदर कबूतर गगन में उड़ गया।
प्रवेश करना - विद्यार्थी परीक्षा भवन में प्रवेश कर गए।फिसलना - गीली मिट्टी पर पैर पड़ते ही वह फिसल गया।
उपस्थित होना - सभी सदस्य बैठक में उपस्थित हो गए।खिसकना - चोर पुलिस की आहट सुनकर वहाँ से खिसक गया।
In simple words: आने और जाने को दिखाने वाले अलग-अलग क्रिया शब्दों से नए और सुंदर वाक्य बनाए गए हैं।

Exam Tip: क्रिया शब्दों का वाक्यों में प्रयोग करते समय लिंग और वचन का विशेष ध्यान रखें ताकि वाक्य व्याकरण की दृष्टि से शुद्ध हो।

 

Question 4. “फिर उसको कुछ हिम्मत आई, देख उसे चुपचाप”
उपर्युक्त पंक्ति को ध्यान से देखिए। यहाँ जिन शब्दों को रेखांकित किया गया है, वे शब्द संज्ञा शब्दों क्रमशः ‘चित्रकार’ और ‘शेर’ के लिए प्रयुक्त हुए हैं। आप जानते ही होंगे कि संज्ञा के स्थान पर प्रयोग किए जाने वाले ऐसे शब्दों को ‘सर्वनाम’ कहते हैं। अब नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित संज्ञा शब्दों को हटाकर उचित सर्वनाम शब्दों का प्रयोग कीजिए -

(क) फिर शेर को चुपचाप देखकर चित्रकार को कुछ हिम्मत आई। ➝ फिर उसे चुपचाप देखकर उसको कुछ हिम्मत आई।
(ख) चित्रकार जल्दी-जल्दी नाव चलाकर दूर निकल गया। ➝ ……….. जल्दी-जल्दी नाव चलाकर दूर निकल गया।
(ग) चित्रकार नाव में बैठ गया। ➝ ………… नाव में बैठ गया।
(घ) “शेर” बहुत गुस्से में था। ➝ ………… बहुत गुस्से में था।
(ङ) चित्रकार और शेर के बीच वार्तालाप हुआ। ➝ ………. के बीच वार्तालाप हुआ।
Answer:
(क) फिर उसे चुपचाप देखकर उसको कुछ हिम्मत आई।
(ख) वह जल्दी-जल्दी नाव चलाकर दूर निकल गया।
(ग) वह नाव में बैठ गया।
(घ) वह बहुत गुस्से में था।
(ङ) उनके बीच वार्तालाप हुआ।
In simple words: संज्ञा (नाम) की जगह इस्तेमाल होने वाले शब्द जैसे 'वह', 'उसे', 'उसको', 'उनके' सर्वनाम कहलाते हैं।

Exam Tip: सर्वनाम शब्दों का प्रयोग वाक्य की भाषा को सुंदर, संक्षिप्त और प्रवाहपूर्ण बनाने के लिए किया जाता है।

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कविता से कहानी

 

Question 1. ‘चतुर चित्रकार’ कविता में आपने शेर और चित्रकार की कहानी का आनंद लिया। अब इस कहानी को अपने शब्दों में लिखिए।
Answer: एक समय की बात है, एक चित्रकार घने और एकांत जंगल में बैठकर सुंदर चित्रकारी कर रहा था। तभी वहाँ अचानक एक भयानक शेर आ धमका, जिसे देखकर चित्रकार बुरी तरह डर गया और उसे अपने प्राण संकट में दिखाई देने लगे। उसने अपनी घबराहट पर काबू पाया और एक उपाय सोचा। उसने शेर से बहुत ही विनम्र होकर कहा कि वह उसकी एक बहुत सुंदर तस्वीर बनाएगा। शेर चित्र खिंचवाने के आकर्षण में आ गया और चित्रकार के कहने पर पीठ घुमाकर बैठ गया। इसी सुनहरे अवसर का लाभ उठाकर चित्रकार चुपचाप दबे पाँव वहाँ से खिसक गया और पास की झील में खड़ी नाव पर चढ़कर तेजी से चप्पू चलाने लगा। जब शेर ने काफी देर बाद पीछे देखा, तो वहाँ कोई नहीं था। ठगा सा महसूस करने पर शेर को बहुत क्रोध आया और उसने दूर जाते चित्रकार को कायर कहा, परंतु तब तक बुद्धिमान चित्रकार बहुत दूर सुरक्षित स्थान पर पहुँच चुका था।
In simple words: चित्रकार ने शेर को चित्र बनाने के बहाने पीठ घुमाकर बैठने को कहा और खुद चुपचाप नाव लेकर भाग गया।

Exam Tip: कहानी लिखते समय मुख्य पात्रों के भाव (जैसे चित्रकार का भय, सूझ-बूझ और शेर का क्रोध) को सरल शब्दों में व्यक्त करें।

 

Question 2. इस कहानी के अंत में चित्रकार नाव में बैठकर दूर चला जाता है। अपनी कल्पना से इस कहानी का अंत बदलकर लिखिए। उदाहरण के लिए - • चित्रकार शेर से मित्रता कर लेता है।
Answer: जब चित्रकार ने देखा कि शेर उसकी कला से प्रभावित है, तो उसने भागने के स्थान पर शेर से साहसिक बातचीत करने का निश्चय किया। उसने मधुर स्वर में कहा - "हे वनराज! आप अत्यंत शक्तिशाली और तेजस्वी हैं। यदि आप मुझे हानि न पहुँचाने का वचन दें, तो हम दोनों बहुत अच्छे मित्र बन सकते हैं। मैं आपकी और इस सुंदर वन की अद्भुत तस्वीरें बनाऊँगा।"
शेर उसकी निडरता और प्रेमपूर्ण व्यवहार से अत्यंत प्रसन्न हुआ और दहाड़ते हुए हँसकर बोला - "मुझे तुम्हारी यह बात बहुत पसंद आई। आज से तुम मेरे विशेष मित्र हो, तुम्हें जंगल में कोई छू भी नहीं सकेगा।"
इसके बाद से, शेर और चित्रकार की मित्रता पूरे जंगल में प्रसिद्ध हो गई। चित्रकार निर्भय होकर वन में आता और शेर के साथ-साथ अन्य वन्य जीवों के भी सुंदर चित्र बनाता।
In simple words: इस काल्पनिक अंत में चित्रकार ने शेर से दोस्ती कर ली, जिससे शेर खुश हो गया और दोनों जंगल में साथ रहने लगे।

Exam Tip: अपनी रचनात्मकता का उपयोग कर कहानी का ऐसा अंत लिखें जो सुखद, रोचक और सकारात्मक हो।

 

Question. • शेर चित्र बनाने में चित्रकार की सहायता करता है।
Answer: चित्रकार ने शेर के पास जाकर नम्रता से कहा - "हे जंगल के स्वामी! आप बहुत सामर्थ्यवान हैं। यदि आप इस पेंटिंग को बनाने में मेरी सहायता करें, तो यह चित्र ऐतिहासिक बन जाएगा।" शेर को अपनी प्रशंसा अच्छी लगी और उसने तुरंत आसपास से रंगीन फूल, हरी पत्तियाँ और सूखी लकड़ियाँ लाकर चित्रकार के सामने रख दीं। चित्रकार ने इन प्राकृतिक सामग्रियों से सुंदर रंग तैयार किए और शेर का एक मनमोहक चित्र बनाया। अपना सुंदर रूप देखकर शेर बेहद खुश हुआ और बोला - "तुमने मेरा मन मोह लिया है। आज से तुम सुरक्षित हो और मेरे पक्के साथी हो।" इस प्रकार बल और बुद्धि के मिलन से जंगल के सभी जीव-जंतु अत्यंत सुखी हो गए।
In simple words: चित्रकार ने शेर से मदद माँगी और शेर ने फूल-पत्तियाँ लाकर दीं। इस तरह दोनों की दोस्ती हो गई और बल-बुद्धि साथ आ गए।

Exam Tip: 'बल और बुद्धि का मिलन' वाले पहलू को रेखांकित करें, क्योंकि यह कहानी का एक बहुत ही सुंदर नैतिक पक्ष है।

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बातचीत

 

Question 1. नीचे दी गई शेर और चित्रकार के मध्य बातचीत को अपनी कल्पना से पूरा कीजिए -
Answer:
चित्रकार: हे वनराज! आप यहाँ इस तरह शांत होकर क्यों बैठे हैं?
शेर (तेजी से गुर्राते हुए): मुझे बहुत तेज भूख लगी है! आज मैं तुम्हें ही अपना शिकार बनाऊँगा!
चित्रकार (बुद्धिमानी से): जरा रुकिए महाराज! यदि आपने मुझे खा लिया, तो आपकी इतनी भव्य तस्वीर भला कौन तैयार करेगा? आपके इस राजसी रूप की गाथा आने वाली पीढ़ियाँ कैसे देखेंगी?
शेर (आवाज धीमी करते हुए): क्या तुम सच कह रहे हो? ठीक है, मेरी तस्वीर तुरंत बनाओ, देर मत करना!
चित्रकार: अवश्य महाराज! कृपया आप उधर मुँह करके बैठ जाइए, जिससे मैं आपकी पीठ और गर्दन के बालों का सुंदर रेखाचित्र बना सकूँ।
शेर (गर्व से सीना तानकर): अच्छा ठीक है, जल्दी से अपना काम पूरा करो!
चित्रकार (धीमे से खिसकने की राह देखते हुए): जी महाराज, बस थोड़ा सा काम और बाकी है!
In simple words: चित्रकार ने अपनी जान बचाने के लिए शेर को बातों में उलझाया और बहुत ही समझदारी से उसे पीछे घूमने के लिए मना लिया।

Exam Tip: संवादों को पूरा करते समय कोष्ठक में दिए गए भावों (जैसे गुर्राते हुए, चतुराई से) के अनुकूल ही उपयुक्त शब्दों का चयन करें।

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तुलना

 

Question 1. चित्रकार और शेर की विशेषताओं की तुलना कीजिए और उचित स्थान पर सही (✔) या गलत (×) का चिह्न लगाइए -
Answer:

गुणचित्रकारशेर
बुद्धिमान
शक्तिशाली
डरपोक
चतुर
डरावना
साहसी
भोला
जिज्ञासु
In simple words: इस तालिका में चित्रकार और शेर के स्वभाव की तुलना की गई है, जिससे पता चलता है कि दोनों में क्या समानताएँ और अंतर थे।

Exam Tip: परीक्षा में इस तरह के तुलनात्मक प्रश्नों को तालिका बनाकर प्रस्तुत करने से पूरे अंक प्राप्त होते हैं।

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पाठ से आगे

 

Question 1. चित्रकार अपनी चतुराई का प्रयोग करके संकट से बच गया था। क्या कभी आपने किसी संकट का सामना करने के लिए अपनी चतुराई दिखाई है? उस अनुभव को कक्षा में साझा कीजिए।
Answer: जी हाँ, मुझे एक बार अपनी सूझ-बूझ से एक बड़ी मुसीबत को टालने का अवसर मिला था। बात तब की है जब मैं अपने मित्रों के साथ गली में खेल रहा था। अचानक एक बहुत बड़ा और आक्रामक कुत्ता हमारी तरफ तेजी से दौड़ा। मेरे सभी साथी डरकर भागने लगे। मुझे याद आया कि भागने से कुत्ता और तेज झपटता है। मैंने बिना डरे वहीं खड़े रहकर जमीन से पत्थर उठाने का केवल अभिनय किया। मेरी इस चतुराई को देखकर कुत्ता वहीं थम गया और फिर धीरे-धीरे पीछे हट गया। इस प्रकार हमारी सूझ-बूझ से सभी सुरक्षित बच गए।
In simple words: एक बार जब एक कुत्ता मेरे दोस्तों के पीछे पड़ा, तो मैंने पत्थर उठाने का नाटक किया जिससे डरकर कुत्ता भाग गया।

Exam Tip: व्यक्तिगत अनुभव लिखते समय सरल, प्रभावपूर्ण और क्रमबद्ध वाक्यों का ही प्रयोग करें।

 

Question 2. क्या आपने कभी किसी की संकट में सहायता की है? बताइए कि आपने कैसे सहायता की थी।
Answer: हाँ, मैंने एक बार अपनी छोटी बहन को एक दुर्घटना से बचाया था। वह अपनी साइकिल चलाना सीख रही थी कि अचानक नियंत्रण खो जाने के कारण गिर पड़ी। उसके घुटने पर काफी चोट आई और रक्त बहने लगा। मैंने धैर्य रखा और तुरंत समीप के नल से स्वच्छ जल लेकर उसका घाव धोया। इसके बाद अपने साफ़ रुमाल से चोट वाले स्थान पर पट्टी बाँध दी और उसे सहारा देकर घर लाया। माताजी ने प्राथमिक उपचार के बाद मेरी इस तत्परता की सराहना की।
In simple words: मेरी बहन साइकिल से गिर गई थी, तो मैंने घबराए बिना उसका घाव धोकर रुमाल से बाँधा और उसे घर लाया।

Exam Tip: संकट के समय दिखाई जाने वाली प्राथमिक चिकित्सा (फर्स्ट एड) और शांति को उत्तर में प्रमुखता दें।

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चित्रकार का विद्यालय

 

Question 1. कल्पना कीजिए कि चित्रकार ने जंगल में एक चित्रकला विद्यालय खोला है। आप इस विद्यालय का कोई नाम सुझाइए और इसके बारे में कुछ वाक्य अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
Answer:
विद्यालय का नाम: "वन्य कला अकादमी"
विवरण: यह कला विद्यालय वन प्रदेश के प्राकृतिक और मनोरम वातावरण में स्थित है। यहाँ जंगल के सभी वन्य जीव जैसे भालू, बंदर, हिरण और पक्षी आकर चित्र बनाना सीखते हैं। इस अनोखे स्कूल में कैनवास के स्थान पर वृक्षों के पत्तों, छालों और चिकने पत्थरों का उपयोग होता है। चित्रकार गुरुजी सभी पशु-पक्षियों को अत्यंत प्रेम और धैर्य के साथ रंगों का तालमेल सिखाते हैं।
In simple words: चित्रकार ने जंगल के जानवरों को चित्रकारी सिखाने के लिए एक स्कूल खोला है जहाँ वे पेड़ों और पत्थरों पर चित्र बनाना सीखते हैं।

Exam Tip: नाम आकर्षक होना चाहिए और विवरण में जंगल के माहौल के अनुसार कला सिखाने की रचनात्मक बातें होनी चाहिए।

 

Question 2. इस विद्यालय के बारे में एक आकर्षक विज्ञापन बनाइए जिसे पढ़कर जंगल के पशु-पक्षियों में इस विद्यालय में प्रवेश लेने की इच्छा जाग जाए।
Answer:

🎨 रंग-बिरंगी दुनिया का अनोखा जादू! 🎨

जंगल के सभी पशु-पक्षियों के लिए सुनहरा अवसर - प्रवेश प्रारंभ!

विशेष आकर्षण:

  • पत्तों और फूलों से प्राकृतिक रंग बनाना सीखें।
  • विशाल पत्थरों और वृक्षों की छाल पर सुंदर आकृतियाँ उभारें।
  • नदी की कल-कल ध्वनि के बीच शांत वातावरण में अभ्यास।

"आप भी बन सकते हैं जंगल के सबसे प्रसिद्ध कलाकार!"

स्थान: वन्य कला अकादमी, नदी तट, प्राचीन बरगद के वृक्ष की शीतल छाँव में।

आइए और रंगों की नई दुनिया का आनंद लीजिए!

In simple words: जंगल के पशु-पक्षियों को चित्रकारी सिखाने के लिए एक सुंदर और आकर्षक विज्ञापन तैयार किया गया है।

Exam Tip: विज्ञापन में स्लोगन (नारा) और मुख्य आकर्षणों को हाइलाइट करने से वह अधिक प्रभावशाली लगता है।

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खोजबीन

 

Question 1. अपने अभिभावकों के साथ पशु-पक्षियों से संबंधित भारतीय वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) देखिए और उससे प्राप्त जानकारी कक्षा में साझा कीजिए।
Answer: मैंने अपने परिवार के सदस्यों के साथ दूरदर्शन पर "भारतीय वन्य जीवन" नामक एक अत्यंत शिक्षाप्रद वृत्तचित्र देखा। इस डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से हमें पता चला कि देश के घने वनों में शेर, हाथी, चीता और रंग-बिरंगे पक्षी किस प्रकार परस्पर तालमेल बनाकर रहते हैं। पेड़ और वनस्पति इन जीवों को शरण एवं भोजन प्रदान करते हैं। इस कार्यक्रम से हमें सीख मिली कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के लिए हमें वृक्षारोपण करना चाहिए तथा प्लास्टिक का प्रयोग पूर्णतः बंद करना चाहिए।
In simple words: मैंने एक वन्य जीवन वाली डॉक्यूमेंट्री देखी जिससे सीखा कि पशु-पक्षियों की सुरक्षा के लिए हमें पेड़ लगाने चाहिए और प्लास्टिक का उपयोग नहीं करना चाहिए।

Exam Tip: वृत्तचित्र का नाम और उससे मिलने वाली नैतिक सीख को उत्तर में अवश्य शामिल करें।

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जंगल में शांति और सुरक्षा

 

Question 1. मान लीजिए, शेर और चित्रकार अच्छे मित्र हैं। वे चाहते हैं कि जंगल में सुख-शांति रहे। आप उन्हें जंगल में शांति के लिए क्या उपाय सुझाएँगे? कम से कम तीन सुझाव अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
Answer: यदि शेर और चित्रकार दोनों मिलकर वन में अमन-चैन स्थापित करना चाहते हैं, तो मेरे मुख्य सुझाव इस प्रकार हैं:
1. **महापंचायत का आयोजन:** शेर और चित्रकार मिलकर सभी वन्य जीवों की एक बड़ी बैठक का आयोजन करें, जहाँ आपसी विवादों को शांतिपूर्वक सुलझाने पर बल दिया जाए और एकता की भावना का प्रचार हो।
2. **पर्यावरण संरक्षण अभियान:** वन क्षेत्र को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए प्लास्टिक और अन्य हानिकारक अपशिष्टों को हटाया जाए। जल स्रोतों जैसे नदी और तालाबों को स्वच्छ रखा जाए तथा अधिक से अधिक फलदार पौधे लगाए जाएँ।
3. **सुरक्षा एवं सहअस्तित्व की भावना:** शक्तिशाली जीवों को कमजोर प्राणियों की रक्षा करने का दायित्व सौंपा जाए ताकि वन में भय का वातावरण समाप्त हो सके और सभी को पर्याप्त भोजन उपलब्ध हो।
In simple words: जंगल में शांति के लिए सभी जानवरों की बैठक बुलानी चाहिए, पर्यावरण को साफ रखना चाहिए और एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए।

Exam Tip: प्रत्येक सुझाव को स्पष्ट हेडिंग के साथ अलग-अलग पैराग्राफ में लिखने से उत्तर बहुत आकर्षक लगता है।

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पुस्तकालय से

 

Question 1. पुस्तकालय से अपने शिक्षक की सहायता से पंचतंत्र अथवा हितोपदेश में से उन कहानियों को ढूँढ़िए जिनमें पशु-पक्षियों और मनुष्यों के मध्य संवाद हों।
Answer:
1. पंचतंत्र की प्रसिद्ध कहानियाँ:
• **शेर और खरगोश:** इस कहानी में एक नन्हा सा चतुर खरगोश अपनी तीव्र बुद्धि का प्रयोग कर क्रूर शेर को भ्रमित करता है और उसे कुएँ में छलांग लगाने के लिए विवश कर देता है। इसमें शेर और खरगोश के संवाद बहुत शिक्षाप्रद हैं।
• **कौआ और साँप:** अपने घोंसले में साँप के अत्याचार से दुखी होकर कौआ रानी का हार चुराकर साँप के बिल में डाल देता है, जिससे सैनिक साँप का अंत कर देते हैं। इसमें कौआ दंपत्ति के बीच का वार्तालाप दिखाया गया है।
• **बंदर और मगरमच्छ:** जामुन के वृक्ष पर रहने वाला बंदर और जल में रहने वाला मगरमच्छ गहरे मित्र थे। जब मगरमच्छ की पत्नी ने बंदर का कलेजा खाना चाहा, तो बंदर ने अपनी हाजिरजवाबी से प्राण बचाए। इसमें बंदर और मगरमच्छ के बीच विस्तृत संवाद हैं।

2. हितोपदेश की अमर कहानियाँ:
• **गिद्ध और कबूतर:** जब कबूतरों का दल शिकारी के जाल में फँस जाता है, तब आपसी संवाद और सहयोग से वे मुक्त होते हैं। इसमें पक्षियों के आपसी विचार-विमर्श को दर्शाया गया है।
• **ब्राह्मण और नेवला:** स्वामीभक्त नेवले द्वारा बच्चे की रक्षा करने के बाद भी ब्राह्मण की पत्नी संदेहवश उस पर प्रहार कर देती है। इसमें मानव और जीव के बीच मूक स्नेह और मानवीय भूल के संवाद हैं।
• **कृषक और सर्प:** एक दयालु किसान ठंड से ठिठुरते हुए साँप को जीवनदान देता है, पर वह कृतघ्न साँप उसे ही डसने का प्रयास करता है। दोनों के मध्य जीवन मूल्यों को लेकर संवाद दर्शाए गए हैं।

3. अन्य विख्यात कथाएँ:
• **चींटी और परोपकारी कबूतर:** बहती नदी में डूबती चींटी को बचाने के लिए कबूतर पत्ता डालता है और बाद में चींटी शिकारी को काटकर कबूतर की रक्षा करती है। यद्यपि इनमें मौखिक संवाद कम हैं, फिर भी यह मूक संवेदना की अद्भुत कहानी है।
In simple words: पंचतंत्र और हितोपदेश में बहुत सी ऐसी कहानियाँ हैं जिनमें जानवर आपस में और इंसानों के साथ बातचीत करते हैं, जैसे शेर-खरगोश या बंदर-मगरमच्छ।

Exam Tip: ऐसी कहानियों के नाम याद रखें, ये सामान्य ज्ञान और नैतिक शिक्षा दोनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।

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आज की पहेली

 

Question 1. चित्रकार जिस जंगल में गया था, वहाँ कौन-कौन से पेड़ हो सकते थे? आइए इस पहेली से पता लगाते हैं। इस पहेली को इसी कविता के कवि ने रचा है। अपने समूह में मिलकर पहेली बूझिए -
बाबूलाल मदन मुरलीधर इलाचंद्र हुबलाल।
गिरिजाशंकर बेनीमाधव दंडपाणि यशपाल।।
गणपति काशीराम कलापी टहलराम घनश्याम।
लेकर गए एक से दूने, कितने थे कुल आम?

Answer: पहेली में कुल 14 व्यक्तियों के नाम दिए गए हैं - बाबूलाल, मदन, मुरलीधर, इलाचंद्र, हुबलाल, गिरिजाशंकर, बेनीमाधव, दंडपाणि, यशपाल, गणपति, काशीराम, कलापी, टहलराम और घनश्याम।
शर्त के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति पहले वाले से दोगुने आम लेकर जाता है (यदि पहला व्यक्ति 1 आम लेता है, तो दूसरा 2, तीसरा 4, चौथा 8, और इसी क्रम में)।
गणितीय श्रेणी (Geometric Progression) के अनुसार:
कुल आमों की संख्या = \( 2^0 + 2^1 + 2^2 + 2^3 + \dots + 2^{13} \)
\( \implies 2^{14} - 1 = 16384 - 1 = 16383 \)
अतः कुल आमों की संख्या **16383** थी।
In simple words: कविता में 14 लोगों के नाम हैं। हर आदमी अपने पहले वाले से दोगुने आम लेता है, जिससे कुल मिलाकर 16383 आम बनते हैं।

Exam Tip: इस गणितीय पहेली को हल करने के लिए कुल नामों की संख्या गिनें और गुणोत्तर श्रेणी (G.P.) का सूत्र उपयोग करें।

 

Question 2. ऊपर दी गई कविता में 12 पेड़ों के नाम छिपे हैं। उन नामों को ढूँढ़िए, जैसे – गणपति , कलापी और टहलराम शब्दों में से ‘पीपल’ निकलता है। कोई एक अक्षर कई नामों के लिए भी प्रयुक्त हो सकता है।
Answer: पहेली की पंक्तियों में छिपे 12 प्रमुख वृक्षों के नाम निम्नलिखित हैं:
1. **आम** (नामों से निकाला गया)
2. **पीपल** (गणपति, कलापी, टहलराम से निकाला गया)
3. **नीम**
4. **शीशम**
5. **जामुन**
6. **बबूल**
7. **कटहल**
8. **महुआ**
9. **बेल**
10. **इमली**
11. **बरगद**
12. **कदंब**
In simple words: इस पहेली में बहुत चालाकी से हिंदी के 12 पेड़ों के नाम जैसे नीम, आम, पीपल, बरगद आदि छिपाए गए हैं।

Exam Tip: ऐसे अक्षरों को ढूँढने का अभ्यास करें जो मिलकर किसी वृक्ष या वस्तु का नाम बनाते हों, इससे आपकी भाषाई पकड़ मजबूत होगी।

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