NCERT Solutions Class 5 Hindi Veena Chapter 06 चतुर चित्रकार

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Detailed Veena Chapter 06 चतुर चित्रकार NCERT Solutions for Class 5 Hindi

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Class 5 Hindi Veena Chapter 06 चतुर चित्रकार NCERT Solutions PDF

सुंदरिया कक्षा 5 हिंदी वीणा अध्याय 5 के प्रश्न उत्तर

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बातचीत के लिए

 

Question 1. जवाहरसिंह अपनी गाय को मौसी कहकर बुलाता है। आप अपने घर या आस-पास के पशु-पक्षियों को क्या कहकर पुकारते हैं?
Answer: मैं अपने यहाँ पाली गई गाय को 'गौरी' कहकर बुलाता हूँ और हमारा कुत्ता 'टॉमी' नाम से जाना जाता है। गली के कौए को हम 'कालेया' और छोटी गौरैया को प्रेम से 'चिड़िया' पुकारते हैं।
In simple words: हम अपने पालतू जानवरों और आस-पास के पक्षियों को प्यार से अलग-अलग नामों से पुकारते हैं।

Exam Tip: परीक्षा में इस तरह के प्रश्नों का उत्तर अपनी पसंद और अनुभव के आधार पर सरल भाषा में लिखें।

 

Question 2. सुंदरिया के दूर चले जाने के बाद जवाहरसिंह को कैसा लगा होगा? जब आपका कोई प्रिय आपसे दूर हो जाए तो आपको कैसा लगता है?
Answer: सुंदरिया के घर से दूर जाने पर जवाहरसिंह को गहरा दुःख हुआ होगा। उसे अपनी गाय की बहुत याद आती होगी और उसे अकेलापन लग रहा होगा। इसी तरह, जब भी मेरा कोई सखा या पालतू जानवर मुझसे अलग होता है, तो मुझे काफी कष्ट होता है। हमारा दिल बैठ जाता है और उसकी यादें रह-रहकर सताती हैं।
In simple words: जब हमारा कोई प्यारा हमसे दूर जाता है, तो हमें बहुत दुःख होता है और हम अकेलापन महसूस करते हैं।

Exam Tip: उत्तर को दो हिस्सों में बाँटकर लिखें - पहला जवाहरसिंह के लिए और दूसरा अपने खुद के अनुभव के लिए।

 

Question 3. जवाहरसिंह सुंदरिया की देखभाल के लिए क्या-क्या करता होगा?
Answer: जवाहरसिंह दिन में दो बार सुबह-शाम सुंदरिया को ताजी हरी घास देता होगा। वह उसे अच्छे से नहलाता-धुलाता होगा, उसके रहने के स्थान की सफाई करता होगा और शाम ढलने पर उसके संग खेलता-कूदता होगा।
In simple words: जवाहरसिंह सुंदरिया को खाना खिलाता था, नहलाता था और उसके साथ समय बिताता था।

Exam Tip: पशुओं की देखभाल से जुड़ी बुनियादी बातें जैसे भोजन, सफाई और प्यार को उत्तर में जरूर शामिल करें।

 

Question 4. आप अपने आस-पास के पशु-पक्षियों के लिए क्या-क्या करते हैं?
Answer: मैं अपने घर के इर्द-गिर्द के जीवों के लिए प्रतिदिन प्रात:काल दाना और शीतल जल रखता हूँ। गली के श्वान और बिल्लियों को भी रोटी खिला देता हूँ। शीतकाल के दिनों में छोटे पक्षियों के वास्ते घोंसले तैयार करवाता हूँ।
In simple words: हम अपने आस-पास के जानवरों को दाना-पानी देते हैं और ठंड में उनकी मदद करते हैं।

Exam Tip: अपने वास्तविक अनुभवों को सरल वाक्यों में लिखने से उत्तर अधिक प्रभावशाली बनता है।

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पाठ से

 

Question 1. लोग सुंदरिया को देखकर ईर्ष्या क्यों करते थे?
(a) सुंदरिया को खाने-पीने को बहुत कुछ मिलता था
(b) सुंदरिया बहुत आकर्षक थी
(c) सुंदरिया बहुत दूध देती थी
(d) सुंदरिया सभी से प्रेम करती थी
Answer: (b) सुंदरिया बहुत आकर्षक थी और (c) सुंदरिया बहुत दूध देती थी
In simple words: सुंदरिया काफी सुंदर दिखती थी और बहुत सारा दूध देती थी, इस वजह से आस-पड़ोस के लोग उससे जला करते थे।

Exam Tip: बहुविकल्पीय प्रश्नों में एक से अधिक विकल्प भी सही हो सकते हैं, इसलिए सभी विकल्पों को ध्यान से पढ़ें।

 

Question 2. हीरासिंह के मन में सुंदरिया को बेचने की बात क्यों आई?
(a) सुंदरिया सभी को परेशान करने लगी थी
(b) सुंदरिया के लिए चारे का प्रबंध करना कठिन हो गया था
(c) सुंदरिया हीरासिंह के घर नहीं रहना चाहती थी
(d) सुंदरिया पड़ोसियों को परेशान करती थी
Answer: (b) सुंदरिया के लिए चारे का प्रबंध करना कठिन हो गया था
In simple words: हीरासिंह अत्यधिक निर्धन था, जिसके कारण वह अपनी गाय के भोजन का खर्च उठाने में असमर्थ था।

Exam Tip: कहानी के मुख्य घटनाक्रम और पात्रों की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर सही विकल्प चुनें।

 

Question 3. हीरासिंह ने स्वयं को गाय की नौकरी पर लगाने की बात क्यों कही?
(a) सुंदरिया को ठीक से चारा नहीं मिलता था
(b) वह गाय से बिछोह सहन नहीं कर पा रहा था
(c) उसे रुपयों की आवश्यकता थी
(d) गाय घोसी के व्यवहार से प्रसन्न नहीं थी
Answer: (b) वह गाय से बिछोह सहन नहीं कर पा रहा था
In simple words: अपनी प्यारी गाय से अलग होने का दुःख हीरासिंह बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था, इसलिए उसने वहीं काम करने की सोची।

Exam Tip: पात्रों की भावनाओं को समझकर इस प्रकार के प्रश्नों का सही उत्तर आसानी से दिया जा सकता है।

 

Question 4. गाय घोसी के साथ क्यों नहीं जाना चाहती थी?
(a) गाय हीरासिंह और उसके परिवार से अलग नहीं होना चाहती थी
(b) गाय को भय था कि घोसी उसे स्नेह से नहीं पालेगा
(c) गाय को अपने गाँव के सभी लोगों की याद आ रही थी
(d) गाय बीमार थी और चल नहीं पा रही थी
Answer: (a) गाय हीरासिंह और उसके परिवार से अलग नहीं होना चाहती थी
In simple words: सुंदरिया को अपने पुराने मालिकों से बेहद लगाव था, अतः वह उन्हें छोड़कर कहीं और जाने को तैयार नहीं थी।

Exam Tip: गाय के प्रेम और वफादारी वाले स्वभाव को दर्शाने वाले विकल्प को ही प्राथमिकता दें।

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सोचिए और लिखिए

 

Question 1. हीरासिंह गाय को बेचने से क्यों डर रहा था?
Answer: हीरासिंह के मन में गाय को बेचने को लेकर भय इसलिए था क्योंकि सुंदरिया अब केवल एक पशु न होकर उनके कुनबे का हिस्सा बन चुकी थी। उसका छोटा बेटा उसे प्रेम से 'मौसी' कहकर पुकारता था और घर के सभी लोग उसे दिल से चाहते थे। उसे किसी पराए को देना अपने ही घरवाले को बेचने के समान था।
In simple words: सुंदरिया परिवार का एक हिस्सा बन गई थी, इसलिए उसे बेचना अपने ही किसी घरवाले को बेचने जैसा दुःख दे रहा था।

Exam Tip: हीरासिंह के परिवार और सुंदरिया के बीच के गहरे व्यक्तिगत और भावनात्मक रिश्ते का उल्लेख अवश्य करें।

 

Question 2. सेठ हीरासिंह की गाय को देखकर क्यों प्रसन्न हुआ?
Answer: सेठ की खुशी का कारण यह था कि सुंदरिया दिखने में काफी सुडौल, तंदुरुस्त और आकर्षक थी। हीरासिंह द्वारा बताई गई उसकी अधिक दूध देने की बात पर सेठ को तब पूरा यकीन हो गया, जब उसने अपनी स्वयं की आँखों से उसे प्रत्यक्ष रूप से देखा।
In simple words: सेठ गाय की सुंदरता, अच्छी सेहत और अधिक दूध देने की क्षमता को देखकर बहुत खुश हुआ।

Exam Tip: सेठ के खुश होने के मुख्य कारणों - गाय की सुंदरता, सेहत और दूध देने की क्षमता - को स्पष्ट शब्दों में लिखें।

 

Question 3. “तुमने मुझे धोखे में क्यों रखा?” सेठ ने हीरासिंह से ऐसा क्यों कहा?
Answer: सेठ के इस गुस्से का कारण यह था कि सुंदरिया उतना दूध नहीं दे पा रही थी जितना सौदा करते वक्त हीरासिंह ने दावा किया था। उसे लगा कि किसान ने उससे असत्य बोला और गाय के विषय में झूठी जानकारी देकर उसके साथ छल किया है।
In simple words: जब गाय ने पहले जितना दूध देना बंद कर दिया, तो सेठ को लगा कि हीरासिंह ने उसे धोखा दिया है।

Exam Tip: इस उत्तर में सेठ के गुस्से और गलतफहमी के मुख्य कारण को स्पष्ट रूप से दर्शाएं।

 

Question 4. सेठ के कुछ कहने से पहले ही हीरासिंह गाय को लेकर क्यों चल दिया?
Answer: किसान को अच्छी तरह भान हो गया था कि सुंदरिया अपने पुराने घर और परिजनों के बिना बेहद व्याकुल थी, जिससे उसने दूध देना भी बंद कर दिया था। वह जान गया था कि धन के लालच से कहीं बड़ा आपसी स्नेह होता है। अतः, उसने सेठ के साथ वाद-विवाद करने के स्थान पर चुपचाप सुंदरिया को अपने घर वापस ले जाना ही श्रेयस्कर समझा।
In simple words: हीरासिंह समझ गया था कि सुंदरिया उसके बिना दुखी है। उसने जाना कि पैसा आपसी प्यार और रिश्ते से बड़ा नहीं होता।

Exam Tip: हीरासिंह के हृदय परिवर्तन और 'पैसों से बढ़कर रिश्ते' वाले मुख्य विचार को उत्तर में उजागर करें।

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सुंदरिया और हीरासिंह

 

Question 1. कहानी में सुंदरिया की बहुत-सी विशेषताओ का पता चलता है। उन विशेषताओ को नीचे लिखिए। आपकी सुविधा के लिए एक उदाहरण दिया जा रहा है - वह बहुत आकर्षक है।
Answer: सुंदरिया की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
• वह कद-काठी में काफी विशाल और अत्यंत आकर्षक थी।
• उसकी दूध देने की क्षमता बहुत अधिक थी (पंद्रह सेर से भी ऊपर)।
• वह काफी बुद्धिमान थी और इंसानों के सुख-दुख को भली-भांति महसूस कर लेती थी।
• वह किसान के कुनबे को बहुत चाहती थी और उनसे कभी अलग नहीं होना चाहती थी।
In simple words: सुंदरिया बहुत सुंदर, अधिक दूध देने वाली, बुद्धिमान और अपने मालिक से बेहद प्यार करने वाली गाय थी।

Exam Tip: विशेषताओं को बुलेट पॉइंट्स (बिंदुओं) में लिखने से उत्तर स्पष्ट और आकर्षक दिखता है।

 

Question 2. अब आप हीरासिंह की विशेषताओ को अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
Answer: हीरासिंह एक निर्धन होने के साथ-साथ बेहद सच्चा और 'ईमानदार' व्यक्ति था। वह अपने बच्चों के प्रति अगाध स्नेह रखने वाला 'पिता' और एक कर्तव्यनिष्ठ 'पशुपालक' था, जो अपनी गाय को घर के सदस्य की तरह रखता था। वह बहुत 'परिश्रमी' था, जो परिवार का पेट पालने के लिए दिल्ली आकर नौकरी करने लगा। वह एक 'संवेदनशील' मनुष्य था, जिसके लिए धन-दौलत से कहीं अधिक अपनी गाय का निश्छल प्रेम मायने रखता था।
In simple words: हीरासिंह एक ईमानदार, मेहनती, दयालु और अपनी गाय से गहरा प्यार करने वाला भावुक इंसान था।

Exam Tip: हीरासिंह के विभिन्न गुणों जैसे ईमानदारी, मेहनत, पितृत्व और संवेदनशीलता को अलग-अलग विशेषणों के माध्यम से स्पष्ट करें।

समझ और अनुभव

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Question 1. क्या आपको लगता है की पशु-पक्षी भी हमारी भावनाएँ समझते हैं? अनुभव साझा कीजिये।
Answer: जी हाँ, मुझे पूरा विश्वास है कि बेजुबान पशु-पक्षी भी हमारे मनोभावों को समझते हैं। मेरे घर का पालतू कुत्ता इसका उदाहरण है; जब कभी मैं उदास रहता हूँ, तो वह हौसले से मेरे पास आकर बैठ जाता है और दुलार में मेरे हाथ-पैर चूमने लगता है। इसी प्रकार मेरे खुश होने पर वह भी आनंद में आकर अपनी पूँछ हिलाने लगता है।
In simple words: पालतू जानवर हमारी उदासी और खुशी को पहचान लेते हैं और हमारे साथ वैसा ही व्यवहार करते हैं।

Exam Tip: इस उत्तर में अपने किसी पालतू पशु या आस-पास के किसी जानवर के साथ हुए व्यावहारिक अनुभव को उदाहरण के रूप में अवश्य लिखें।

 

Question 2. जवाहरसिंह सुंदरिया को मौसी कहकर क्यों संबोधित करता होगा?
Answer: जवाहरसिंह अपनी गाय को मौसी कहकर इसलिए पुकारता था क्योंकि वह उसे अपने सगे संबंधियों की तरह मानता था। हिंदू धर्म और संस्कृति में वैसे भी गाय को पूजनीय माता का दर्जा दिया गया है। वह बालक सुंदरिया को केवल एक मूक पशु न मानकर अपने घर की आदरणीय सदस्या समझता था।
In simple words: जवाहरसिंह सुंदरिया को अपने परिवार का सदस्य मानता था, इसलिए वह उसे आदर से मौसी कहता था।

Exam Tip: भारतीय संस्कृति में गाय को माता मानने और परिवार के सदस्य के रूप में देखने की भावना को उत्तर में व्यक्त करें।

 

Question 3. हम देखते हैं कि नगरों में बड़े पशुओ (गाय, भैंस, ऊँट आदि ) को पालतू बनाने वाले लोगों की संख्या बहुत कम है। आपको इसके क्या कारण लगते हैं?
Answer: शहरी क्षेत्रों में बड़े जानवरों को पालने का चलन कम होने के पीछे मुख्य कारण जगह का अभाव है, जिससे पशुओं के विचरण और चरने के लिए उपयुक्त मैदान नहीं मिल पाते। साथ ही, उनका खान-पान और रख-रखाव काफी खर्चीला होता है और आधुनिक व्यस्त दिनचर्या में लोगों के पास इनकी देखभाल के लिए फुर्सत नहीं होती।
In simple words: शहरों में जगह की तंगी, चारा महँगा होना और लोगों के पास समय न होना ही बड़े पशुओं को न पालने का कारण है।

Exam Tip: शहरों में जगह की कमी, अधिक खर्च और समय के अभाव जैसे बिंदुओं को स्पष्ट रूप से दर्शाएं।

 

Question 4. पशु-पक्षी मनुष्य की तरह बोल तो नहीं पाते परंतु वे भी आपस में अपनी बातें करते होंगे। क्‍या आप इस बात से सहमत हैं? अपने उधार के लिए उदाहरण भी दीजिए।
Answer: जी हाँ, मैं इस बात का पूरी तरह समर्थन करता हूँ। पशु-पक्षी अपनी विशिष्ट ध्वनियों और शारीरिक चेष्टाओं द्वारा आपस में संपर्क साधते हैं। उदाहरण के तौर पर, किसी संकट या शिकारी पक्षी को देखकर चिड़ियाँ खास किस्म की तेज आवाजें निकालकर अपनी मंडली को सचेत करती हैं या मदद के लिए बुलाती हैं।
In simple words: जानवर अलग-अलग तरह की आवाजें और इशारे करके आपस में बातचीत करते हैं और खतरे से आगाह करते हैं।

Exam Tip: पक्षियों या गिलहरियों के चिल्लाने या कुत्तों के भौंकने जैसे दैनिक जीवन के किसी एक स्पष्ट उदाहरण से अपनी बात को सिद्ध करें।

अनुमान और कल्पना

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Question 1. गाय का नाम ‘सुंदरीया’ किसने एवं क्यों रखा होगा?
Answer: संभवतः गाय का यह नाम हीरासिंह अथवा उसके बेटे जवाहरसिंह द्वारा रखा गया होगा, क्योंकि वह रूप-रंग में अत्यंत मनमोहक और सुंदर थी।
In simple words: गाय बहुत सुंदर और प्यारी थी, इसलिए हीरासिंह या उनके बेटे ने उसका नाम सुंदरिया रख दिया होगा।

Exam Tip: गाय की सुंदरता को उसके नाम 'सुंदरिया' का मुख्य आधार बताते हुए सरल उत्तर लिखें।

 

Question 2. हीरासिंह के घर से सुंदरिया की विदारी के दृश्य की कल्पना कीजिए।
Answer: सुंदरिया की विदाई के क्षण अत्यंत कारुणिक रहे होंगे। जवाहरसिंह अपनी प्यारी सहचरी को दूर जाते देख फूट-फूटकर रोया होगा। सुंदरिया भी अपना घर छोड़कर जाने के पक्ष में नहीं थी और विवशता में सभी को चाटकर अपनी संवेदना जता रही होगी। उस समय पूरा घर शोक में डूबा होगा।
In simple words: विदाई के समय जवाहरसिंह बहुत रोया होगा और गाय भी घरवालों को चाटकर अपना दुःख जता रही होगी।

Exam Tip: विदाई के समय के करुण दृश्य को जीवंत बनाने के लिए पात्रों के रोने और गाय की हरकतों का वर्णन करें।

 

Question 3. सुंदरीया को वापस घर लेकर जाते हुए हीरासिंह को कैसा लग रहा होगा एवं क्यों?
Answer: सुंदरिया को अपने साथ वापस ले जाते हुए हीरासिंह को अपार हर्ष और संतोष की अनुभूति हो रही होगी। उसे ऐसा प्रतीत हो रहा होगा मानो उसका कोई प्रिय परिजन लंबे समय के बाद घर वापस आ रहा हो। अपने इस न्यायपूर्ण निर्णय पर उसे आत्मिक शांति मिल रही होगी।
In simple words: अपनी गाय को वापस पाकर हीरासिंह बहुत खुश था, जैसे कोई खोया हुआ घरवाला वापस आ गया हो।

Exam Tip: हीरासिंह के मन के सुकून और खोए हुए सदस्य के वापस आने जैसी उपमा का प्रयोग करें।

भाषा की बात

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Question 1. नीचे दिए गए मुहावरों का प्रयोग कहानी में किया गया है। कहानी में इन्हें ढूँढ़िए और इनके अर्थ लिखकर अपनी लेखन-पुस्तिका में वाक्य बनाइए - • लाज से गड़ जाना • दूध देने में कामधेनु • जी भर जाना • एकटक देखना • आँख लगना
Answer: दिए गए मुहावरों के अर्थ और वाक्य-प्रयोग इस प्रकार हैं:
लाज से गड़ जाना (अत्यंत शर्मिंदा होना) - चोरी पकड़े जाने पर नौकर मालिक के सामने लाज से गड़ गया।
दूध देने में कामधेनु (बहुत अधिक मात्रा में दूध देने वाली) - हमारे घर आई नई भैंस सचमुच दूध देने में कामधेनु है।
जी भर जाना (मन अत्यंत दुखी और व्याकुल होना) - जब प्रिय मित्र विदा हुआ, तो मेरा जी भर आया।
एकटक देखना (बिना पलक झपकाए लगातार देखना) - छोटा बच्चा खिलौने को एकटक देख रहा था।
आँख लगना (सो जाना या नींद आ जाना) - पढ़ते-पढ़ते अचानक पलंग पर ही मेरी आँख लग गई।
In simple words: मुहावरों का प्रयोग करने से हमारी भाषा सुंदर और असरदार बनती है। यहाँ उनके सरल अर्थ और वाक्य दिए गए हैं।

Exam Tip: वाक्यों को सरल और अर्थपूर्ण रखें ताकि मुहावरे का सही अर्थ स्पष्ट रूप से समझ में आ सके।

 

Question 2. नीचे कुछ वाक्य दिए गए हैं। वाक्यों में रेखांकित शब्द से मिलते-जुलते अर्थ वाले शब्द चुनकर वाक्य पुनः लिखिए -
(क) सुंदरिया की सुंदरता से कई लोगों को जलन होती थी । (प्रसन्नता/ईर्ष्या)
(ख) वहाँ की गायें अच्छी होती हैं। एक गाय का बंदोबस्त कर दो । (प्रबंध/संकेत)
(ग) सुंदरिया मेरी “रुसवाई” क्यों कराती हैं? (प्रशंसा/अपमान)
(घ) सुंदरिया को देखे कर हीरासिंह विहवल हो उठा । (भावुक/प्रसन्न)
(ङ) आप मुझसे जितने महीने चाहें, कसकर चाकरी करवाएँ। (नौकरी/बागवानी)
Answer: दिए गए वाक्यों के समानार्थी शब्दों का सही प्रयोग इस प्रकार है:
(क) सुंदरिया के रूप और सौंदर्य को देखकर बहुत से लोगों को ईर्ष्या होती थी।
(ख) उस क्षेत्र की गायें बहुत बढ़िया होती हैं, इसलिए एक अच्छी गाय का प्रबंध कर दो।
(ग) सुंदरिया इस तरह सबके सामने मेरा अपमान क्यों करा रही है?
(घ) अपनी प्रिय सुंदरिया को आँखों के सामने पाकर हीरासिंह भावुक हो उठा।
(ङ) आप जब तक चाहें, मुझसे यहाँ पूरी मेहनत से नौकरी करवा सकते हैं।
In simple words: रेखांकित शब्दों के स्थान पर समान अर्थ वाले सरल शब्दों का प्रयोग करके वाक्य लिखे गए हैं।

Exam Tip: कोष्ठक में दिए गए शब्दों में से सही अर्थ वाले शब्द को चुनकर वाक्य में सही स्थान पर बैठाएं।

 

Question 3. कहानी में से चुनकर कुछ वाक्य नीचे दिए गए हैं। इन्हें ध्यानपूर्वक पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ आया? अपने विचार समूह में साझा कीजिए -
(क) रुपए तो ले लिए लेकिन हीरासिंह का जी भरा जा रहा था ।
(ख) गाय की नौकरी पर मुझे लगा दीजिए। चाहे तनख्वाह कम कर दीजिए।
(ग) गाय ने उसकी ओर देखा। जैसे पूछना चाहती थी - “क्या सचमुच ही इसके साथ चली जाऊँ?”
(घ) फिर गाय के गले पर सिर रखकर बोला - “सुंदरिया, देख … मेरी ओछी मत करा । मैं दूर हूँ तो क्या ! इसमें मुझे सुख है?”
Answer: दिए गए वाक्यों के गहरे अर्थ इस प्रकार हैं:
(क) यद्यपि हीरासिंह ने विवशता में धन स्वीकार कर लिया था, परंतु अपनी लाडली गाय से बिछड़ने की वेदना के कारण उसका हृदय भारी हो रहा था।
(ख) वह अपनी गाय से इतना अधिक जुड़ा हुआ था कि कम पारिश्रमिक मिलने पर भी वह केवल उसकी सेवा और सुरक्षा के लिए नौकरी करने को तत्पर था।
(ग) सुंदरिया ने अपने स्वामी की ओर इस तरह विस्मय से देखा मानो वह यह अनुमति माँग रही हो कि क्या उसे इस नए व्यक्ति के साथ जाना चाहिए।
(घ) उसने रुआँसे होकर गाय से विनती की कि वह वहाँ अड़ियल व्यवहार करके उसकी लाज न गँवाए, और यह भी स्वीकार किया कि उससे अलग होकर वह स्वयं भी अत्यंत दुखी है।
In simple words: ये वाक्य हीरासिंह और उसकी गाय सुंदरिया के बीच के गहरे और सच्चे प्रेम को दिखाते हैं।

Exam Tip: वाक्यों का भावार्थ लिखते समय कहानी के संदर्भ और दोनों के आपसी लगाव को जरूर स्पष्ट करें।

 

Question 4. रेखांकित शब्द किसके लिए प्रयोग किए गए हैं? पहचानकर लिखिए -
(क) उसे एक सेठ के यहाँ चौकीदार की नौकरी मिल गई। - हीरासिंह के लिए
(ख) उसे देखकर लोगों को ईर्ष्या होती थी । - .............
(ग) वह कैसे बताएँ कि सुंदरिया उसके परिवार का अंग हैं। - .............
(घ) सचमुच वैसी सुंदर, स्वस्थ गाय उन्होंने अब तक न देखी थी । - .............
(ङ) गाय उसके साथ जाना ही नहीं चाहती थी । - .............
Answer: रेखांकित सर्वनाम शब्द जिन संज्ञा शब्दों के स्थान पर प्रयुक्त हुए हैं, वे इस प्रकार हैं:
(क) उसे चौकीदार की नौकरी मिल गई - यह शब्द हीरासिंह के संदर्भ में आया है।
(ख) उसे देखकर लोगों को जलन होती थी - यह सर्वनाम सुंदरिया (गाय) के लिए प्रयोग हुआ है।
(ग) वह कैसे बताए कि सुंदरिया उसके घर की सदस्य है - यह शब्द हीरासिंह के लिए उपयोग हुआ है।
(घ) उन्होंने ऐसी उत्तम गाय कभी नहीं देखी थी - यह आदरसूचक सर्वनाम सेठ के लिए प्रयुक्त हुआ है।
(ङ) गाय उसके साथ जाना बिल्कुल नहीं चाहती थी - यहाँ यह शब्द घोसी के लिए आया है।
In simple words: यहाँ कहानी के विभिन्न पात्रों के नामों की जगह इस्तेमाल किए गए सर्वनाम शब्दों को पहचानकर लिखा गया है।

Exam Tip: सर्वनाम शब्दों को पहचानने के लिए वाक्य के संदर्भ को कहानी के पात्रों के साथ जोड़कर देखें।

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पाठ से आगे

 

Question 1. नीचे कुछ चित्र दिए गए हैं। इनको देखते हुए अपने समूह में चर्चा कर यह सुझाइए कि हम पशु-पक्षियों के लिए क्या-क्या कर सकते हैं? आप इनके अति रिक्त भी कुछ और बिंदु जोड़ सकते हैं।
Answer: हम मूक और असहाय पशु-पक्षियों की सहायता के लिए निम्नलिखित कार्य कर सकते हैं:
• हमें उनके पीने के लिए शुद्ध जल और उचित भोजन की व्यवस्था करनी चाहिए।
• उनके रहने वाले स्थानों और बाड़ों को हमेशा स्वच्छ व हवादार रखना चाहिए।
• हमें उनके प्रति संवेदनशील रहकर हमेशा स्नेहपूर्ण और दयालु व्यवहार करना चाहिए।
• यदि वे अस्वस्थ या बीमार हों, तो तुरंत पशु चिकित्सक से उनका उपचार कराना चाहिए।
• उनके छोटे और लाचार बच्चों की सुरक्षा व देखरेख का विशेष प्रबंध करना चाहिए।
In simple words: हमें जानवरों को साफ़ खाना-पानी देना चाहिए, उन्हें प्यार करना चाहिए और बीमार होने पर डॉक्टर से इलाज कराना चाहिए।

Exam Tip: परीक्षा में इस प्रकार के सामाजिक व नैतिक प्रश्नों के उत्तर हमेशा सकारात्मक और व्यावहारिक बिंदुओं में दें।

 

Question 2. आपके घर में दूध कहाँ से आता है? यह भी पता कीजिए कि किन-किन पशुओं का दूध पीने के लिए उपयोग किया जाता है।
Answer: हमारे घर पर प्रतिदिन सुबह के समय दूधवाला भैया आकर ताज़ा दूध दे जाता है, जो वह स्थानीय डेयरी फार्म से लेकर आता है। पीने योग्य दूध देने वाले मुख्य जंतुओं में गाय, भैंस, बकरी तथा ऊँटनी आदि प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में भेड़ तथा याक का दूध भी उपयोग में लाया जाता है।
In simple words: हमारे घर दूधवाला डेयरी से दूध लाता है। लोग गाय, भैंस, बकरी, ऊँटनी और याक का दूध पीते हैं।

Exam Tip: दूध के मुख्य स्रोतों और विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग होने वाले दुधारू पशुओं के नामों को स्पष्टता से लिखें।

 

Question 3. किसी गौशाला अथवा दुग्ध उत्पादन केंद्र (डेयरी फार्म) का भ्रमण कर पता कीजिए कि पशुओं का लालन-पालन कैसे किया जाता है? आप इस गतिविधि में शिक्षकों एवं अभिभावकों की सहायता ले सकते हैं।
Answer: गौशाला या डेयरी फार्मों में पशुओं के उचित पालन-पोषण हेतु निम्न व्यवस्थाएँ की जाती हैं:
• पशुओं के आराम के लिए उनके बाड़ों को पूरी तरह स्वच्छ, हवादार और खुला बनाया जाता है।
• उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए उन्हें नियमित रूप से पौष्टिक चारा, भूसा और हरी घास खिलाई जाती है।
• पशुओं के बीमार होने से बचाव के लिए पशु डॉक्टरों द्वारा समय-समय पर उनके स्वास्थ्य की जाँच कराई जाती है।
• उनकी शारीरिक स्वच्छता के लिए उन्हें रोज़ नहलाया जाता है और उनके बाड़ों की नियमित धुलाई होती है।
• दुग्ध दोहन की प्रक्रिया से पूर्व तथा उसके पश्चात् बर्तनों और पशु के थनों की विशेष साफ-सफाई की जाती है।
In simple words: गौशाला में गायों को साफ-सुथरी जगह पर रखा जाता है, अच्छा खाना दिया जाता है और डॉक्टर से उनकी नियमित जाँच कराई जाती है।

Exam Tip: डेयरी फार्म में स्वच्छता, आहार और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े मुख्य बिंदुओं को क्रमवार लिखें।

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कल्पना की उड़ान

 

Question. सेठ के घर से लौटकर जाते हुए हीरासिंह सुंदरिया को बहुत प्यार करता है, उसको सहलाता है एवं उससे बातें करता है। यदि सुंदरिया भी बोल सकती तो कल्पना कीजिए कि सुंदरिया और हीरासिंह के बीच क्या बातचीत होती।
Answer: यदि सुंदरिया बोल पाने में सक्षम होती, तो दोनों के बीच का संवाद कुछ इस तरह का होता:
सुंदरिया: "हे हीरा! तुम मुझे उस पराए सेठ के पास अकेला छोड़ कर क्यों चले गए थे? मैं तुम्हारे बिना हर पल बहुत उदास थी।"
हीरासिंह: "मेरी प्यारी सुंदरिया, मेरा मन तुम्हें बेचने का बिल्कुल नहीं था। मेरी तंगहाली और गरीबी ने मुझे ऐसा करने पर मजबूर किया। मुझे क्षमा कर दो।"
सुंदरिया: "कोई बात नहीं मेरे मालिक, पर अब मुझसे वादा करो कि तुम मुझे खुद से कभी दूर नहीं करोगे। तुम्हारे बिना मेरा मन इतना दुखी था कि मैं दूध भी नहीं दे पा रही थी।"
हीरासिंह: "अब ऐसा कभी नहीं होगा। हम सब सदैव साथ रहेंगे। तुम हमेशा मेरे घर का हिस्सा रहोगी।"
सुंदरिया: "तुम्हारा बहुत-बहुत धन्यवाद! अब मैं फिर से आनंदित होकर खूब सारा दूध दूँगी।"
In simple words: अगर सुंदरिया बोल पाती, तो वह हीरासिंह से कहती कि वह उससे दूर होकर दुखी थी, और हीरासिंह उससे वादा करता कि वे अब हमेशा साथ रहेंगे।

Exam Tip: इस तरह के काल्पनिक संवादों में पात्रों के आपसी स्नेह और भाषा की स्वाभाविकता का पूरा ध्यान रखें।

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नाटक-मंचन

 

Question. आपने ‘सुंदरिया’ कहानी पढ़ी । इस कहानी को नाटक के रूप में बदलकर कक्षा में अपने समूह के साथ नाटक-मंचन कीजिए।
Answer: नाटक का मंचन इस प्रकार किया जा सकता है:

नाटक : सुंदरिया
पात्र:
1. हीरासिंह (एक गरीब किसान)
2. जवाहरसिंह (हीरासिंह का बेटा)
3. सेठ जी (दिल्ली का एक धनी व्यापारी)
4. घोसी (गाय का देखभाल करने वाला)
5. सुंदरिया (गाय)
6. कथावाचक

दृश्य 1: हीरासिंह का घर (गाँव में)
• (हीरासिंह और उसका बेटा जवाहरसिंह बातचीत कर रहे हैं, वहीं सुंदरिया चुपचाप खड़ी है।)
कथावाचक: हरियाणा प्रांत के एक छोटे से गाँव में हीरासिंह नाम का एक निर्धन किसान अपना जीवन बिता रहा था। उसके घर में सुंदरिया नाम की एक बेहद खूबसूरत गाय थी। परंतु अपनी कंगाली की वजह से वह गाय के लिए रोज़ के चारे का प्रबंध करने में असमर्थ हो रहा था।
हीरासिंह: (अत्यंत चिंतित मुद्रा में) बेटा जवाहर, अब मैं अपनी प्यारी सुंदरिया का भरण-पोषण कैसे करूँगा? हमारे पास तो उसके भोजन की भी कोई व्यवस्था नहीं बची है।
जवाहरसिंह: (अपने पिता को गले से लगाते हुए) बाबूजी, सुंदरिया तो हमारी मौसी के समान है। कृपया उसे किसी को भी मत बेचिए।
हीरासिंह: (अपने आँसू साफ करते हुए) तुम्हारी बात सही है बेटा, मैं इसे कभी नहीं बेचूँगा। मैं काम की तलाश में दिल्ली जा रहा हूँ ताकि कुछ पैसे कमा सकूँ।

दृश्य 2: दिल्ली में सेठ का निवास स्थान
• (हीरासिंह उस सेठ के घर पर पहरेदार के रूप में काम कर रहा है।)
सेठ जी: अरे हीरासिंह, तुम हरियाणा के रहने वाले हो न? सुना है वहाँ बहुत बढ़िया नस्ल की गायें होती हैं। मेरे लिए भी एक अच्छी गाय की व्यवस्था कर दो।
हीरासिंह: (थोड़ा संकोच करते हुए) सेठ साहब, मेरे पास भी एक गाय है जिसका नाम सुंदरिया है। वह बहुत अच्छा दूध देती है।
सेठ जी: (प्रसन्नचित्त होकर) सच में! क्या वह तुम्हारी अपनी गाय है? ठीक है, मैं उसके बदले तुम्हें दो सौ पाँच रुपये दे दूँगा।
हीरासिंह: (अंदर से दुखी होते हुए) जैसी आपकी इच्छा, सेठ जी।

दृश्य 3: गाय को बेचे जाने का समय
• (हीरासिंह भारी मन से सुंदरिया को सेठ के पास लाता है। सेठ उसे देखकर प्रसन्न हो जाता है।)
सेठ जी: अरे वाह! यह गाय तो बहुत ही आकर्षक है। इसे तुरंत हमारे ग्वाले (घोसी) के हवाले कर दो।
हीरासिंह: (प्यार से गाय की पीठ सहलाते हुए) सुंदरिया, अब से तुम्हारा नया ठिकाना यही है।
सुंदरिया: (अपनी गर्दन ऊपर की ओर करके) मूँ-मूँ (जैसे रोते हुए कह रही हो कि मुझे अपने साथ घर ले चलो)
हीरासिंह: (सजल नेत्रों से) मुझे क्षमा कर देना, सुंदरिया!

दृश्य 4: सुंदरिया की उदासी और दुःख
• (अगले दिन सुबह सेठ बहुत क्रोधित दिखाई देता है।)
सेठ जी: हीरासिंह! तुम्हारी यह गाय तो एक बूँद दूध भी नहीं दे रही है। तुमने झूठ बोलकर मुझे ठग लिया!
हीरासिंह: मालिक, मैंने अपने हाथों से इसका दूध निकाला था। यह बेचारी शायद अपने परिवार की याद में व्याकुल है।
सुंदरिया: (देर रात हीरासिंह के कमरे के किवाड़ के पास आकर) मूँ-मूँ (जैसे क्षमा याचना कर रही हो)
हीरासिंह: (कमरे का द्वार खोलकर चकित होते हुए) सुंदरिया! तुम यहाँ अकेली कैसे पहुँच गईं? आओ, मैं तुम्हें अपने गाँव वापस छोड़ आता हूँ।

दृश्य 5: घर वापसी का निर्णय
• (हीरासिंह हिम्मत करके सेठ के पास जाता है।)
हीरासिंह: सेठ जी, मैं दिन-रात मेहनत करके आपकी पूरी रकम लौटा दूँगा, मगर मैं सुंदरिया को इस तरह तड़पने के लिए यहाँ नहीं छोड़ सकता, इसे मैं वापस घर ले जा रहा हूँ।
सेठ जी: (उसका अटूट प्रेम देखकर पिघलते हुए) ठीक है हीरासिंह, तुम्हारी सच्चाई और ईमानदारी की मैं कद्र करता हूँ।
• (हीरासिंह अत्यंत खुश होकर सुंदरिया के साथ अपने गाँव की राह पकड़ लेता है।)
कथावाचक: इस प्रकार हीरासिंह और सुंदरिया के अनूठे प्रेम का यह प्रसंग हमें यह सीख देता है कि हमें पशुओं के प्रति हमेशा संवेदनशील रहना चाहिए, क्योंकि वे भी हमारी प्रेम की भाषा बखूबी समझते हैं।

नाटक का समापन
(नाटक के सभी कलाकार स्टेज पर आकर दर्शकों का नमन करते हैं।)
In simple words: इस नाटक के माध्यम से हीरासिंह और सुंदरिया के आपसी प्यार को बहुत ही सुंदर ढंग से दर्शाया गया है, जिससे हमें पशु-प्रेम की सीख मिलती है।

Exam Tip: कक्षा में मंचन करते समय संवादों को पूरी भावना और उचित हाव-भाव के साथ बोलें ताकि दर्शक कहानी से जुड़ सकें।

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बूझो पहेली

 

Question 1. राग सुरीला रंग से काली, सबके मन को भाती। बैठ पेड़ की डाली पर जो, मीठे गीत सुनाती।
Answer: कोयल
In simple words: कोयल काले रंग की होती है और उसकी आवाज बहुत मीठी होती है।

Exam Tip: मीठी आवाज और काले रंग वाले पक्षी के रूप में हमेशा कोयल का नाम ही याद आता है।

 

Question 2. जल-थल दोनों में है रहता, धीमी जिसकी चाल। खतरा पाकर सिमट जाए झट, बन जाता खुद ढाल।
Answer: कछुआ
In simple words: कछुआ पानी और जमीन दोनों पर धीरे-धीरे चलता है और खतरा महसूस होने पर अपनी खोल में छिप जाता है।

Exam Tip: जल और थल दोनों जगह रहने वाले और अपनी पीठ को ढाल बनाने वाले जीव के रूप में कछुए को पहचाना जाता है।

 

Question 3. लकड़ी का एक ऐसा घर, जो है जल में चलता। सबको अपने साथ बिठाकर, पार सभी को करता।
Answer: नाव
In simple words: नाव लकड़ी की बनी होती है जो पानी में चलती है और लोगों को नदी पार कराती है।

Exam Tip: पानी में तैरने वाले और लोगों को नदी पार कराने वाले लकड़ी के साधन को नाव कहते हैं।

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पुस्तकालय एवं अन्य स्रोत

इस पाठ में दूध की मात्रा को ‘सेर’ द्वारा दर्शाया गया है जो मापन की एक प्राचीन भारतीय इकाई थी। इसी प्रकार वस्तुओं की मात्रा के मापन की और भी प्राचीन भारतीय इकाइयाँ प्रचलित थीं। आप पुस्तकालय से मापन से संबंधित पुस्तकें ढूँढ़कर मापन की अन्य प्राचीन भारतीय इकाइयों का पता लगाइए। प्राचीन भारतीय माप प्रणालियाँ इस प्रकार थीं:

1. लम्बाई के लिए:

  • अंगुल: प्राचीन काल में एक उंगली की चौड़ाई को मापने की इस इकाई को अंगुल कहा जाता था।
  • वितस्ति: अँगूठे से लेकर तर्जनी उँगली को पूरी तरह फैलाने पर जो दूरी बनती थी, वह लगभग 12 अंगुल के बराबर होती थी।
  • हाथ या बित्ता: व्यक्ति की कोहनी से लेकर उसकी मध्यमा उँगली के छोर तक की कुल दूरी। वर्तमान समय में भी ग्रामीण क्षेत्रों में वस्त्र मापने हेतु इस तरीके का उपयोग किया जाता है।
  • गज: अपने दोनों हाथों को पूरा फैलाने पर उनके बीच की दूरी को गज माना जाता था, जो तकरीबन 3 हाथ के समान होती थी।
  • कोस या कोश: पुराने समय में अधिक दूरी मापने की पारंपरिक इकाई, जिससे दो गाँवों के बीच का अंतर नापा जाता था। यह लगभग दो से ढाई किलोमीटर के बराबर होता है।

2. वजन के लिए:

  • रत्ती: गुंजा नाम के एक बहुत ही छोटे लाल और काले रंग के बीज का भार। इसका उपयोग सोने जैसी बहुमूल्य और अत्यंत हल्की वस्तुओं को तोलने के लिए किया जाता था।
  • माशा: तोलने की यह इकाई कुल आठ रत्ती के वजन के समतुल्य होती थी।
  • तोला: यह माप बारह माशा के वजन के बराबर होती थी। आज के समय में भी सोने और चाँदी के गहने तोलने के लिए तोला शब्द का अत्यधिक प्रयोग किया जाता है।
  • सेर: अस्सी तोले के कुल वजन के बराबर की इकाई। प्रस्तुत कहानी में दूध की मात्रा नापने के लिए इसका प्रयोग किया गया है, जो लगभग 900 ग्राम से लेकर एक किलो के बीच होता है।
  • मन: भारी वस्तुओं को तोलने की यह इकाई पूरे चालीस सेर के वजन के समतुल्य होती थी।

3. तरल पदार्थ के लिए:

  • छटांक: तरल पदार्थों को मापने की यह मात्रा लगभग साठ मिलीलीटर के बराबर आंकी जाती थी।
  • पाव: चार छटांक के बराबर का माप, जिसे आज के समय में हम लगभग दो सौ पचास मिलीलीटर मानते हैं।
  • सेर: कुल सोलह छटांक के बराबर की मात्रा, जो लगभग एक लीटर के समान होती थी। यह अत्यंत रोचक है कि पुराने समय में ठोस और द्रव दोनों को मापने के लिए सेर शब्द का ही उपयोग होता था।

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भूल-भुलैया

जवाहरसिंह ने सुंदरिया के बारे में जानने के लिए अपने पिता हीरासिंह को पत्र लिखा है। महिला डाकिया उस पत्र को हीरासिंह तक पहुँचाना चाहती है। पहेली के संकेतों (बाएँ से दाएँ तथा ऊपर से नीचे) के आधार पर सही उत्तर इस प्रकार हैं:

 

Question 1. हीरासिंह कहाँ रहता था? (बाएँ से दाएँ)
Answer: हरियाणा
In simple words: हीरासिंह हरियाणा के एक गाँव में रहता था।

Exam Tip: कहानी की शुरुआत में ही हीरासिंह के निवास स्थान (हरियाणा) का वर्णन किया गया है।

 

Question 2. गाय का नाम क्या था? (ऊपर से नीचे)
Answer: सुंदरिया
In simple words: हीरासिंह की गाय का नाम सुंदरिया था।

Exam Tip: पाठ के मुख्य शीर्षक 'सुंदरिया' से ही गाय का नाम आसानी से याद रखा जा सकता है।

 

Question 3. जवाहरसिंह सुंदरिया को क्या कहा करता था? (बाएँ से दाएँ)
Answer: मौसी
In simple words: जवाहरसिंह अपनी गाय सुंदरिया को प्यार से 'मौसी' कहता था।

Exam Tip: मौसी का अर्थ माँ जैसी होता है, जो गाय के प्रति बच्चे के अपार प्रेम को दर्शाता है।

 

Question 4. सेठ के यहाँ हीरासिंह को कौन-सी नौकरी मिली? (बाएँ से दाएँ)
Answer: चौकीदार
In simple words: हीरासिंह को सेठ के घर पर पहरेदारी (चौकीदारी) का काम मिला था।

Exam Tip: हीरासिंह को दिल्ली में चौकीदार का काम मिला था, जो कहानी के घटनाक्रम को आगे बढ़ाता है।

 

Question 5. मापन की एक प्राचीन इकाई। (ऊपर से नीचे)
Answer: सेर
In simple words: पुराने समय में दूध जैसी तरल और अन्य वस्तुओं को नापने के लिए 'सेर' का प्रयोग होता था।

Exam Tip: 'सेर' माप-तोल की एक पुरानी भारतीय इकाई है, जिसका उल्लेख पाठ में दूध मापने के लिए हुआ है।

 

Question 6. सुंदरिया को क्या कहा गया है? (ऊपर से नीचे)
Answer: कामधेनु
In simple words: बहुत अधिक दूध देने और सबकी इच्छा पूरी करने वाली गाय होने के कारण सुंदरिया को कामधेनु कहा गया है।

Exam Tip: अत्यधिक दूध देने वाली गाय की तुलना पौराणिक कामधेनु गाय से की जाती है।

 

Question 7. दूध से क्या बनता है? (बाएँ से दाएँ)
Answer: मक्खन
In simple words: दूध को मथने से स्वादिष्ट और पौष्टिक मक्खन तैयार होता है।

Exam Tip: मक्खन दूध का ही एक अत्यंत लोकप्रिय उत्पाद है, जो इस पहेली का सही उत्तर है।

 

Question 8. सुंदरिया ने स्वयं को क्या कहा? (बाएँ से दाएँ)
Answer: दुखिया
In simple words: अपने परिवार से अलग होकर दुखी रहने के कारण सुंदरिया ने स्वयं को दुखिया कहा।

Exam Tip: यहाँ 'दुखिया' शब्द गाय की विरह-वेदना और उदासी को व्यक्त करता है।

 

Question 9. सुंदरिया सेठ को दिखने में कैसी लगी? (बाएँ से दाएँ)
Answer: सुंदर
In simple words: सुंदरिया देखने में बहुत ही आकर्षक और सुंदर थी।

Exam Tip: सेठ गाय के रूप और सेहत को देखकर ही उसे खरीदने के लिए तुरंत तैयार हो गया था।

 

Question 10. हीरासिंह कैसा व्यक्ति था? (बाएँ से दाएँ)
Answer: ईमानदार
In simple words: हीरासिंह एक बहुत ही सच्चा और ईमानदार किसान था।

Exam Tip: हीरासिंह की ईमानदारी ही उसकी सबसे बड़ी विशेषता थी, जिसकी सराहना सेठ ने भी की थी।

 

Question 11. ‘दार’ प्रत्यय से एक शब्द बनाइए। (ऊपर से नीचे)
Answer: समझदार
In simple words: 'समझ' शब्द के पीछे 'दार' प्रत्यय जोड़ने से 'समझदार' शब्द बनता है, जिसका अर्थ बुद्धिमान होता है।

Exam Tip: प्रत्यय वे शब्दांश होते हैं जो किसी मूल शब्द के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाते हैं, जैसे समझ + दार = समझदार।

 

Question 12. ‘सिपुर्द’ का अर्थ क्या है? (ऊपर से नीचे)
Answer: सौंपना
In simple words: किसी वस्तु को किसी दूसरे के हवाले करना या सौंप देना 'सिपुर्द' कहलाता है।

Exam Tip: 'सिपुर्द' एक उर्दू शब्द है जिसका हिंदी अर्थ किसी के हवाले करना या 'सौंपना' होता है।

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