NCERT Solutions Class 11 Political Science Indian Constitution at Work Chapter 07 Federalism (संघवाद) in Hindi

Official NCERT Solutions for Class 11 Political Science: Chapter 07 संघवाद

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Chapter-wise Solutions for Political Science: Chapter 07 संघवाद

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Question 1: नीचे कुछ घटनाओं की सूची दी गई है। इनमें से किसको आप संघवाद की कार्य प्रणाली के रूप में चिन्हित करेंगे और क्यों?
(क) केन्द्र सरकार ने मंगलवार को जीएमएनएलएफ ने नेतृत्व वाले दार्जिलिंग गोरखा हिल काउंसिल को संविधान की छठी अनुसूची में वर्णित दर्जा देने की घोषणा की। इससे पश्चिम बंगाल के जिले के शासकीय निकाय को ज्यादा स्वायत्तता प्राप्त होगी। दो दिन के गहन विचार-विमर्श के बाद नई दिल्ली में केंद्र सरकार, पश्चिम बंगाल सरकार और सुभाष घिसिंग के नेतृत्व वाले गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट (जीएनएलएफ) के बीच त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर हुए।
(ख) वर्षा प्रभावित प्रदेशों के लिए सरकार कार्य-योजना लाएगी। केन्द्र सरकार ने वर्षा प्रभावित प्रदेशों के पुनर्निर्माण की विस्तृत योजना भेजने को कहा है ताकि वह अतिरिक्त राहत प्रदान करने की उनकी माँग पर फौरन कार्रवाई कर सके।
(ग) दिल्ली के लिए नए आयुक्त: देश की राजधानी दिल्ली में नए नगरपालिकाओं आयुक्त को बहाल किया जाएगा। इस बात की पुष्टि करते हुए एमसीडी के वर्तमान आयुक्त राकेश मेहता ने कहा कि उन्हें अपने तबादले के आदेश मिल गए हैं और संभावना है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अशोक कुमार उनकी जगह संभालेंगे। अशोक कुमार अरुणाचल प्रदेश के मुख्य सचिव की हैसियत से काम कर रहे हैं। 1975 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री मेहता पिछले तीन साल से आयुक्त की हैसियत से काम कर रहे हैं।
(घ) मणिपुर विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा। राज्यसभा ने बुधवार को मणिपुर विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा प्रदान करने वाला विधेयक पारित किया। मानव संसाधन विकास मंत्री ने वायदा किया है कि अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और सिक्किम जैसे पूर्वोत्तर के राज्यों में भी ऐसी संस्थाओं का निर्माण होगा।
(ङ) केंद्र ने धन दिया: केंद्र सरकार ने अपनी ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत अरुणाचल प्रदेश को 553 लाख रुपए दिए हैं। इस धन की पहली किस्त के रूप में अरुणाचल प्रदेश को 466 लाख रुपए दिए गए हैं।
(च) हम बिहारियों को बताएंगे कि मुंबई में कैसे रहना है। करीब 100 शिवसैनिकों ने मुंबई के जे. जे. अस्पताल में उठा-पटक करके रोजमर्रा के कामधंधे में बाधा पहुँचाई, नारे लगाए और धमकी दी कि गैर-मराठीियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो इस मामले को वे स्वयं ही निपटाएंगे।
(छ) सरकार को भंग करने की माँग। काँग्रेस विधायक दल ने प्रदेश के राज्यपाल को हाल में सोपे एक ज्ञापन में सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक एलायंस ऑफ नागालैंड्स (डीएएन) की सरकार को तथाकथित वित्तीय अनियमितता और सार्वजनिक धन के ग्वबन के आरोप में भंग करने की माँग की है।
(ज) एनडीए सरकार ने नक्सलियों से हथियार रखने को कहा। विपक्षी दल राजद और उसके सहयोगी कांग्रेस तथा सीपीआई (एम) के वॉक आउट के बीच बिहार सरकार ने आज नक्सलियों से अपील की कि वे हिंसा का रास्ता छोड़ दें। बिहार को विकास के नए युग में ले जाने के लिए बेरोजगारी को जड़ से खत्म करने के अपने वादे को भी सरकार ने दोहराया।

Answer:

उदाहरण (क) में सही संघीय प्रणाली की स्थिति पाई जाती है क्योंकि इससे सांस्कृतिक व भौगोलिक समीपता के आधार पर स्वायत्त परिषद का निर्माण कर शक्तियों का बंटवारा किया है, जिससे उस निश्चित क्षेत्र का वहां के स्थानीय लोगों की इच्छा व अपेक्षाओं के अनुसार विकास हो सके।
दूसरा उदाहरण (ख) में वास्तविक संघीय प्रणाली की स्थिति को दर्शाता है जिसमें केन्द्र उन राज्यों से खर्चों का ब्योरा मांगता है जो वर्षा से अधिक प्रभावित हुए ताकि उनको आवश्यक सहायता दी जा सके।
तीसरा उदाहरण (छ) में भी वास्तविक संघीय प्रणाली की स्थिति है क्योंकि इसमें भी अरुणाचल प्रदेश की पानी की आवश्यकता को पूरा करने के लिए आवश्यक धन की व्यवस्था केंद्र सरकार द्वारा की गई है।

मुख्य बिंदु:

• संघीय व्यवस्था में क्षेत्रीय आकांक्षाओं का सम्मान किया जाता है।
• केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय और प्रशासनिक सहयोग होता है।
• स्थानीय और भौगोलिक भिन्नता के आधार पर स्वायत्तता दी जाती है।

आम गलतियाँ:

• सभी घटनाओं को सीधे संघवाद का हिस्सा मान लेना।
• क्षेत्रीय और राष्ट्रीय मामलों के अंतर को न समझना।
• केवल प्रशासनिक तबादलों को संघीय विवाद मान लेना।

Exam Tips:

a) घटनाओं के विश्लेषण में संविधान के प्रावधानों को आधार बनाएं।
b) उत्तर में स्पष्ट करें कि कौन सा उदाहरण संघीय भावना के अनुकूल है।
c) केंद्रीय और राज्य स्तर के संबंधों को तार्किक रूप से समझाएं।

 

Question 2: बताइए कि निम्नलिखित में से कौन-कौन सा कथन सही होगा और क्यों?
(क) संघवाद में इस बात की संभावना बढ़ जाती है कि विभिन्न क्षेत्रों के लोग मेल-जोल से रहेंगे और उन्हें इस बात का भय नहीं रहेगा कि संस्कृति दूसरे पर लाद दी जाएगी।
(ख) अलग-अलग किस्म के संसाधनों वाले दो क्षेत्रों के बीच आर्थिक लेनदेन को संघीय प्रणाली से बाधा पहुँचेंगी।
(ग) संघीय प्रणाली इस बात की सुनिश्चित करती है कि जो केन्द्र में सत्तासीन हैं उनकी शक्तियाँ सीमित रहें।

Answer:

पहला कथन सही है क्योंकि संघीय प्रणाली में सभी को अपनी-अपनी संस्कृति के विकास का पूरा अवसर प्राप्त होता है जिसमें यह भय भी नहीं रहता है कि किसी पर दूसरे की संस्कृति लाद दी जाएगी। तीसरा कथन भी सही है क्योंकि संघीय प्रणाली में शक्तियों का केन्द्र व प्रांतों में बंटवारा करके केन्द्र की शक्तियों को सीमित किया जाता है।

मुख्य बिंदु:

• संघीय व्यवस्था सांस्कृतिक विविधता की रक्षा करती है।
• सत्ता का विकेंद्रीकरण केंद्र की शक्तियों को सीमित करता है।
• आर्थिक लेनदेन से संघीय प्रणाली को बाधा नहीं बल्कि मजबूती मिलती है।

आम गलतियाँ:

• कथन (ख) को सही मान लेना जबकि आर्थिक आदान-प्रदान संघवाद को मजबूत करता है।
• सांस्कृतिक सुरक्षा के महत्व को नजरअंदाज करना।
• शक्तियों के विभाजन की भूमिका को न समझना।

Exam Tips:

a) प्रत्येक कथन का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करें।
b) सही कथनों के पक्ष में उचित तर्क दें।
c) संघवाद के मूल सिद्धांतों को याद रखें।

 

Question 3: बेल्जियम के संविधान के कुछ प्रारम्भिक अनुच्छेद नीचे लिखे गए हैं। इसके आधार पर बताइए कि बेल्जियम में संघवाद को किस रूप में साकार किया गया है। भारत के संविधान के लिए ऐसा ही अनुच्छेद लिखने का प्रयास करके देखें।
शीर्षक-1: संघीय बेल्जियम, इसके घटक और इसका क्षेत्र
अनुच्छेद-1 - बेल्जियम एक संघीय राज्य है - जो समुदायों और क्षेत्रों से बना है।
अनुच्छेद-2 - बेल्जियम तीन समुदायों से बना है- फ्रेंच समुदाय, फ्लेमिश समुदाय और जर्मन समुदाय।
अनुच्छेद-3 - बेल्जियम तीन क्षेत्रों को मिलाकर बना है - वैलून क्षेत्र, फ्लेमिश क्षेत्र और ब्रुसेल्स क्षेत्र।
अनुच्छेद-4 - बेल्जियम में 4 भाषाई क्षेत्र हैं- फ्रेंच-भाषी क्षेत्र, डच-भाषी क्षेत्र ब्रुसेल्स की राजधानी का द्विभाषी क्षेत्र जर्मन भाषी क्षेत्र। राज्य का प्रत्येक कम्यून इन भाषाई क्षेत्रों में से किसी एक का हिस्सा है।
अनुच्छेद-5 - वैलून क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रांत हैं - वैलून ब्रॉबेंट, हेनोलत, लेग, लकजमबर्ग और नामुर। फ्लेमिश क्षेत्र के अंतर्गत शामिल प्रांत हैं- एंटीपर्प, फ्लैशिया ब्राबेंट, वेस्ट फ्रलैंड्स, ईस्ट फ्रलैंड्स और लिंबर्ग।

Answer:

बेल्जियम के विवरण से यह स्पष्ट है कि बेल्जियम समाज एक बहुसंस्कयक समाज है जिसमें विभिन्न जाति, भाषा, बोली, के लोग रहते हैं जो अलग-अलग क्षेत्रों व प्रान्तों में रहते हैं।
भारतीय समाज एक संघीय समाज है जिसमें विभिन्न जाति, धर्म, संस्कृति, बोली व भाषा के लोग रहते हैं, जिसमें अनेक भौगोलिक विविधताएं हैं। भारत ऐसे 29 राज्यों का संघ है। भारत में राज्यों का निर्माण भाषा के आधार पर किया जाता है। भारत में संघीय शासन प्रणाली है परंतु इसमें अनेक एकात्मक तत्व हैं जिनको भारतीय एकता, अखंडता की सुरक्षा के लिए शामिल किया गया है। संविधान की स्कीम के आधार पर केन्द्र व प्रांत में शक्तियों का बंटवारा किया गया है। राज्य अपने क्षेत्र के विषयों के लिए प्रभावशाली हैं परंतु मुख्य विषयों पर केन्द्र को शक्तिशाली बनाया गया है। शक्तियों का बंटवारा भी केन्द्र के पक्ष में अधिक है यद्यपि प्रशासन के क्षेत्र में व विकास के क्षेत्र में केन्द्र व प्रांत आपसी सहमति और सहयोग के आधार पर काम करते हैं।

मुख्य बिंदु:

• बेल्जियम में भाषा और संस्कृति आधारित संघीय ढांचा है।
• भारत में राज्यों का गठन मुख्य रूप से भाषाई आधार पर हुआ है।
• केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का संतुलन संविधान द्वारा तय होता है।

आम गलतियाँ:

• बेल्जियम और भारत के संघीय मॉडल को एक समान मान लेना।
• भाषाई और क्षेत्रीय विविधताओं की भूमिका को भूल जाना।
• एकात्मक तत्वों के महत्व को नजरअंदाज करना।

Exam Tips:

विभिन्न देशों के संघीय स्वरूप की तुलनात्मक समझ रखें।
भारतीय संदर्भ में संविधान के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लेख करें।
उत्तर लिखते समय सांस्कृतिक और भाषाई विविधता का ध्यान रखें।

 

Question 4: कल्पना करें कि आपको संघवाद के संबंध में प्रावधान लिखना है। लगभग 300 शब्दों का एक लेख लिखें जिसमें निम्नलिखित बिंदुओं पर आपके सुझाव हों -
(क) केन्द्र और प्रदेशों के बीच शक्तियों का बंटवारा
(ख) वित्त-संसाधनों का वितरण
(ग) राज्यपालों की नियुक्ति

Answer:

बहुल् समाज में सभी वर्गों के विकास के लिए व उनके हितों की रक्षा के लिए प्रजातांत्रिक संघीय शासन प्रणाली अत्यंत आवश्यक है। संघीय ढांचे का निर्माण संविधान की योजना के आधार पर तय किया जाना चाहिए।
(क) केन्द्र और प्रदेशों के बीच शक्तियों का बंटवारा:
शक्तियों को केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच वितरित किया जाना चाहिए। संविधान तीन सूचियों में स्पष्ट रूप से विषयों का सीमांकन करता है। विवादों का निपटारा न्यायपालिका द्वारा किया जाना चाहिए। आर्थिक और वित्तीय शक्तियां केंद्र सरकार को केंद्रीकृत कर दी गई हैं।
(ख) वित्त-संसाधनों का वितरण:
संघीय शासन प्रणाली की प्रमुख विशेषता केन्द्र व प्रांतों के बीच शक्तियों के बंटवारे से हैं। संघ का निर्माण संघीय सिद्धांतों के आधार पर होना चाहिए जिसमें संघ राज्यों की मर्जी पर आधारित होना चाहिए। प्रांतीय व क्षेत्रीय विषयों पर राज्यों का नियंत्रण होना चाहिए। संघ के पास केवल राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय महत्व के विषय होने चाहिए।

मुख्य बिंदु:

• शक्तियों का स्पष्ट विभाजन केंद्र-राज्य संघर्ष को रोकता है।
• वित्तीय संसाधनों का न्यायसंगत वितरण राज्यों को आत्मनिर्भर बनाता है।
• राज्यपाल का पद निष्पक्ष और संवैधानिक होना चाहिए।

आम गलतियाँ:

• केवल केंद्र को शक्तिशाली बनाने की वकालत करना।
• वित्तीय स्वायत्तता के महत्व को न समझना।
• राज्यपाल के पद के दुरुपयोग की संभावना को अनदेखा करना।

Exam Tips:

a) निबंधनात्मक प्रश्नों में सभी बिंदुओं को क्रमबद्ध तरीके से लिखें।
b) सैद्धांतिक स्पष्टता के साथ व्यावहारिक सुझाव भी दें।
c) शब्द सीमा का ध्यान रखते हुए संतुलित उत्तर लिखें।

 

Question 5: निम्नलिखित में कौन-सा प्रांत के गठन का आधार होना चाहिए और क्यों?
(क) सामान्य भाषा
(ख) सामान्य आर्थिक हित
(ग) सामान्य क्षेत्र
(घ) प्रशासनिक सुविधा

Answer:

यद्यपि अभी तक भारत में राज्यों का गठन 1956 के कानून के आधार पर भाषा के आधार पर होता है परंतु वर्तमान परिस्थिति में प्रशासनिक सुविधा को राज्यों के पुनर्गठन का प्रमुख आधार पर माना जाता है ताकि लोगों को अच्छा व कुशल प्रसाशन प्रदान किया जा सके जिसमें स्थानीय लोगों का विकास भी संभव हो सके।

मुख्य बिंदु:

• प्रशासनिक सुविधा से सुशासन सुनिश्चित होता है।
• भाषाई आधार ने भारत में राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया है।
• क्षेत्रीय विकास के लिए भौगोलिक और आर्थिक कारक भी महत्वपूर्ण हैं।

आम गलतियाँ:

• केवल एक ही आधार को पूर्ण रूप से सही मान लेना।
• प्रशासनिक दक्षता के महत्व को भूल जाना।
• भाषाई पुनर्गठन के ऐतिहासिक संदर्भ को न समझना।

Exam Tips:

a) विभिन्न आधारों के लाभ और हानियों का संक्षिप्त उल्लेख करें।
b) प्रशासनिक और भाषाई आधार के समन्वय पर जोर दें।
c) उत्तर को तार्किक और परिपक्व भाषा में लिखें।

 

Question 6: उत्तर भारत के प्रदेशों - राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश तथा बिहार के अधिकांश लोग हिंदी बोलते हैं। यदि इन सभी प्रांतों को मिलाकर एक प्रदेश बना दिया जाए तो क्या ऐसा करना संघवाद के विचार से संगत होगा? तर्क दीजिए।

Answer:

यदि उत्तर भारत के प्रदेशों - राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश तथा बिहार जो कि सभी हिन्दी भाषी हैं, सभी को मिला दिया जाए तो भाषीय व सांस्कृतिक दृष्टि से तो वे सब एक इकाई के रूप में हो सकते हैं परंतु प्रशासनिक दृष्टि से यह असुविधाजनक होगा। हाल में छत्तीसगढ़, उत्तराखंड व झारखंड का निर्माण प्रशासनिक सुविधा के दृष्टिकोण के आधार पर ही किया गया है।

मुख्य बिंदु:

• बड़े आकार के प्रांतों का प्रशासन चलाना कठिन होता है।
• सांस्कृतिक समानता के साथ प्रशासनिक दक्षता भी जरूरी है।
• छोटे राज्यों के गठन से स्थानीय विकास को बढ़ावा मिलता है।

आम गलतियाँ:

• केवल भाषा के आधार पर विशाल राज्य बनाने का समर्थन करना।
• प्रशासनिक कठिनाइयों को नजरअंदाज करना।
• संघवाद के मूल उद्देश्य को न समझना।

Exam Tips:

a) भाषाई समानता और प्रशासनिक सुविधा के बीच संतुलन समझाएं।
b) छोटे राज्यों के गठन के व्यावहारिक लाभों का जिक्र करें।
c) उत्तर में वैचारिक स्पष्टता रखें।

 

Question 7: भारतीय संविधान की ऐसी चार विशेषताओं का उल्लेख करें जिसमें प्रादेशिक सरकार की अपेक्षा केन्द्रीय सरकार को ज्यादा शक्ति प्रदान की गई है।

Answer:

निम्न चार विशेषताएं हैं जिनके आधार पर केंद्रीय सरकार को अधिक शक्तिशाली बनाया गया है:
> केन्द्र के पक्ष में शक्तियों का बंटवारा:
> राष्ट्रपति की आपातकालीन शक्तियां
> राज्यों में राष्ट्रपति शासन की व्यवस्था
> अखिल भारतीय सेवाओं की भूमिका

मुख्य बिंदु:

• राष्ट्रीय एकता और अखंडता के लिए केंद्र का मजबूत होना आवश्यक है।
• आपातकालीन प्रावधान केंद्र को विशेष शक्तियां देते हैं।
• अखिल भारतीय सेवाएं केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय स्थापित करती हैं।

आम गलतियाँ:

• केवल राज्यों की शक्तियों का वर्णन करना।
• केंद्रीय मजबूती के कारणों को न समझाना।
• बिंदुओं को स्पष्ट रूप से न लिखना।

Exam Tips:

a) प्रमुख बिंदुओं को बुलेट पॉइंट्स में लिखें।
b) प्रत्येक बिंदु के साथ संक्षिप्त व्याख्या अवश्य दें।
c) भारतीय संविधान के एकात्मक झुकाव को स्पष्ट करें।

 

Question 8: बहुत से प्रदेश राज्यपाल की भूमिका को लेकर नामुख क्यों नहीं हैं?

Answer:

भारतीय राजनीति में सबसे चर्चित पद राज्यपाल का पद है। अधिकांश राज्यों को अपने यहाँ के राज्यपालों से किसी कारण से शिकायत रहती है इसका प्रमुख कारण यह है कि अधिकांश राज्यपालों की राजनीतिक पृष्ठभूमि होती है जिसके आधार पर केन्द्र के शासक दल के द्वारा उनकी नियुक्ति होती है। अतः, ये राज्यपाल निरपेक्ष रूप से अपने कर्तव्यों को पूरा नहीं करते हैं। इनकी भूमिका केन्द्र के एजेंट के रूप में होती है जिसके आधार पर इनकी जिम्मेदारी केन्द्रीय हितों की रक्षा करना होता है परंतु ये केन्द्र की सरकार के दल के हितों के रक्षक बन जाते हैं जिससे राज्यों की सरकारों व राज्यपालों में टकराव पैदा होता है।

मुख्य बिंदु:

• राज्यपाल की नियुक्ति केंद्र द्वारा होती है जिससे निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
• इस पद का उपयोग राजनीतिक उद्देश्यों के लिए होने की आशंका रहती है।
• केंद्र और राज्य के बीच टकराव का मुख्य कारण राज्यपाल की भूमिका है।

आम गलतियाँ:

• राज्यपाल के संवैधानिक पद और उसकी व्यावहारिक भूमिका के अंतर को न समझना।
• एकपक्षीय उत्तर लिखना।
• राजनीतिक कारणों की उपेक्षा करना।

Exam Tips:

a) राज्यपाल के पद से जुड़े विवादों को निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करें।
b) संवैधानिक प्रावधानों और राजनीतिक वास्तविकताओं का जिक्र करें।
c) सुधारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए उत्तर समाप्त करें।

 

Question 9: यदि शासन संविधान के प्रावधानों के अनुकूल नहीं चल रहा है, तो ऐसे प्रदेश में राष्ट्रपति-शासन लगाया जा सकता है। बताएँ कि निम्नलिखित में कौन सी स्थिति किसी प्रदेश में राष्ट्रपति-शासन लगाने के लिहाज से संगत है और कौन-सी नहीं। संक्षेप में कारण भी दें।
(क) राज्य की विधान सभा के मुख्य विपक्षी दल के दो सदस्यों को अपराधियों ने मार दिया है और विपक्षी दल प्रदेश की सरकार को भी भंग करने की माँग कर रहा है।
(ख) फिरौती वसूलने के लिए छोटे बच्चों के अपहरण की घटनाएं बढ़ रही हैं। महिलाओं के विरूद्ध अपराधों में इजाफा हो रहा है।
(ग) प्रदेश में हाल में हुए विधान सभा चुनाव में किसी दल को बहुमत नहीं मिला है। भय है कि एक दल, दूसरे दल के कुछ विधायकों को धन देकर अपने पक्ष में उनका समर्थन हासिल कर लेगा।
(घ) केन्द्र और प्रदेश में अलग-अलग दलों का शासन है और दोनों एक-दूसरे के कट्टर शत्रु हैं।
(ङ) सांप्रदायिक दंगों में 200 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।
(च) दो प्रदेशों के बीच चल रहे जल विवाद में एक प्रदेश ने सर्वोच्च न्यायालय का आदेश मानने से इंकार कर दिया है।

Answer:

उपरोक्त परिस्थितियों में (ग) में दिया गया उदाहरण राष्ट्रपति शासन लागू करने के लिए सबसे अधिक उपयुक्त है जैसा कि हाल में बिहार में हुआ है। ऐसी स्थिति में जब चुनाव के बाद किसी भी दल को आवश्यक बहुमत प्राप्त ना हो तो इस बात की संभावना बढ़ जाती है कि राजनीतिक दल सरकार बनाने के प्रयास में जोड़-तोड़ की राजनीति व विधायकों की खरीद फरोख्त प्रारम्भ कर दें।

मुख्य बिंदु:

• त्रिशंकु विधानसभा राष्ट्रपति शासन का सबसे ठोस आधार है।
• कानून-व्यवस्था की सामान्य समस्याओं के लिए राष्ट्रपति शासन उचित नहीं है।
• संवैधानिक मशीनरी का विफल होना ही इस प्रावधान का मुख्य आधार है।

आम गलतियाँ:

• हर राजनीतिक या आपराधिक घटना पर राष्ट्रपति शासन की मांग करना।
• अनुच्छेद 356 के दुरुपयोग को सही ठहराना।
• परिस्थितियों का सही मूल्यांकन न करना।

Exam Tips:

a) प्रत्येक स्थिति का संवैधानिक दृष्टिकोण से विश्लेषण करें।
b) स्पष्ट करें कि कौन सी स्थिति संवैधानिक संकट पैदा करती है।
c) उत्तर में विधिक और तार्किक शब्दावली का प्रयोग करें।

 

Question 10: ज्यादा स्वायत्तता की चाह में प्रदेशों ने क्या माँगे उठाई हैं?

Answer:

1960 से लगातार विभिन्न राज्यों से प्रांतीय स्वतंत्रता की मांग लगातार उठाई जाती रही है। पश्चिम बंगाल, पंजाब, तमिलनाडु, जम्मू-कश्मीर व कुछ उत्तर-पूर्वी राज्यों से विशेष रूप से ये मांग आती रही है जिसमें प्रमुख रूप से निम्न मांगे हैं:
> केन्द्र व राज्य के मध्य शक्तियों का बंटवारा प्रांतों के पक्ष में होना चाहिए।
> राज्यों की केन्द्र पर आर्थिक निर्भरता नहीं होनी चाहिए।
> राज्यों के मामलों में केन्द्र का कम से कम हस्तक्षेप होना चाहिए।
> राज्यपाल के पद का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए व राज्यपाल की नियुक्ति में राज्यों में मुख्यमंत्रियों का परामर्श लिया जाना चाहिए।
> सांस्कृतिक स्वायत्तता होनी चाहिए।
> संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।

मुख्य बिंदु:

• राज्यों द्वारा अधिक वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों की मांग की जाती है।
• केंद्र के हस्तक्षेप को कम करने पर जोर दिया जाता है।
• सांस्कृतिक और भाषाई पहचान की सुरक्षा प्रमुख मांग है।

आम गलतियाँ:

• केवल एक ही प्रकार की मांग का उल्लेख करना।
• ऐतिहासिक संदर्भों को छोड़ देना।
• बिंदुओं को स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध न करना।

Exam Tips:

a) विभिन्न राज्यों के उदाहरणों सहित उत्तर दें।
b) मांगों को बिंदुओं में विभाजित करके लिखें।
c) संघवाद के विकास में इन मांगों के महत्व को समझाएं।

 

Question 11: क्या कुछ प्रदेशों के शासन के लिए विशेष प्रावधान होने चाहिए? क्या इससे दूसरे प्रदेशों में नाराजगी पैदा होती है? क्या इन विशेष प्रावधानों के कारण देश के विभिन्न क्षेत्र के बीच एकता मजबूत करने में मदद मिलती है?

Answer:

उत्तर-पूर्वी राज्यों (असम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश व त्रिपुरा) के विकास के लिए विशेष प्रावधान हैं। इन राज्यों के राज्यपाल को विशेष शक्तियाँ प्राप्त हैं। कमजोर और पिछड़े राज्यों के विकास के लिए विशेष सुविधाएँ देना अनुचित नहीं है और न ही अन्य प्रदेशों को इससे असहमत होना चाहिए। लेकिन जैसे जम्मू-कश्मीर को एक विशेष दर्जा देकर शेष राज्यों से विशिष्ट बना दिया गया था। इस प्रकार का प्रावधान देश के अन्दर विभाजन को बढ़ावा देता है। भौगोलिक और सामाजिक विषमता के आधार पर राज्यों को कुछ विशेष प्रकार की सहायता प्रदान की जा सकती है।

मुख्य बिंदु:

• विशेष प्रावधान क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने में मदद करते हैं।
• अत्यधिक असमानता से अन्य राज्यों में नाराजगी हो सकती है。
• संतुलन बनाए रखना राष्ट्रीय एकता के लिए आवश्यक है।

आम गलतियाँ:

• सभी विशेष प्रावधानों को नकारात्मक मान लेना।
• भौगोलिक और सामाजिक वास्तविकताओं की उपेक्षा करना।
• राष्ट्रीय एकता और क्षेत्रीय आकांक्षाओं के द्वंद्व को न समझना।

Exam Tips:

a) अपने उत्तर में सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलुओं को शामिल करें।
b) विशेष प्रावधानों के औचित्य को तार्किक रूप से समझाएं।
c) निष्कर्ष संतुलित और देशहित में दें।

 

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