Official NCERT Solutions for Class 11 Physics: Chapter 14 तरंगें
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Chapter-wise Solutions for Physics: Chapter 14 तरंगें
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Question Q1: जल में चलती मोटर बोट द्वारा उत्पन्न जल तरंगें
[A]. न तो अनुदैर्ध्य होती हैं न ही अनुप्रस्थ।
[B]. अनुदैर्ध्य और अनुप्रस्थ दोनों होती हैं।
[C]. केवल अनुदैर्ध्य होती हैं।
[D]. केवल अनुप्रस्थ होती हैं।
Answer:
जल में चलती मोटर बोट द्वारा उत्पन्न जल तरंगें अनुदैर्ध्य और अनुप्रस्थ दोनों प्रकार की होती हैं।
मुख्य बिंदु:
• जल की सतह पर उत्पन्न होने वाली तरंगों में कणों की गति वृत्तीय होती है जो अनुप्रस्थ और अनुदैर्ध्य दोनों का संयोजन है।
• मोटर बोट के चलने से जल के भीतर और सतह पर दोनों तरह के विक्षोभ उत्पन्न होते हैं।
• यह तरंगें जल की प्रकृति के अनुसार दोनों गुणों को प्रदर्शित करती हैं।
आम गलतियाँ:
• छात्रों को लगता है कि जल तरंगें केवल अनुप्रस्थ होती हैं।
• अनुदैर्ध्य घटक को नजरअंदाज करना।
• विकल्पों को बिना पढ़े केवल सतही ज्ञान के आधार पर उत्तर देना।
Exam Tips:
a) बहुविकल्पीय प्रश्नों में सभी विकल्पों को ध्यान से पढ़ें।
b) जल तरंगों के विशिष्ट मामलों को याद रखें।
c) संशय की स्थिति में सैद्धांतिक अवधारणा का प्रयोग करें।
Question Q2: किसी माध्यम में \( v \text{ m/s} \) की चाल से चलती हुई, \( \lambda \) तरंगदैर्ध्य की ध्वनि तरंगें किसी अन्य माध्यम में प्रवेश करती हैं जिसमें इनकी चाल \( 2v \text{ m/s} \) होती है। दूसरे माध्यम में ध्वनि तरंगों का तरंगदैर्ध्य होगा।
Answer:
हम जानते हैं कि तरंग की चाल \( v \), आवृत्ति \( \nu \) और तरंगदैर्ध्य \( \lambda \) में संबंध होता है:
\( v = \nu \lambda \)
चूंकि माध्यम बदलने पर ध्वनि की आवृत्ति \( \nu \) अपरिवर्तित रहती है, इसलिए चाल तरंगदैर्ध्य के समानुपाती होती है:
\( \frac{v_1}{\lambda_1} = \frac{v_2}{\lambda_2} \)
मान रखने पर:
\( \frac{v}{\lambda} = \frac{2v}{\lambda_2} \)
\( \lambda_2 = 2\lambda \)
मुख्य बिंदु:
• माध्यम बदलने पर आवृत्ति नहीं बदलती है।
• चाल दुगुनी होने पर तरंगदैर्ध्य भी दुगुना हो जाता है।
• सूत्र \( v = \nu \lambda \) का सही अनुप्रयोग आवश्यक है।
आम गलतियाँ:
• आवृत्ति को भी माध्यम के साथ बदल देना।
• व्युत्क्रमानुпаती संबंध मान लेना।
• गणना में इकाई की अनदेखी करना।
Exam Tips:
a) हमेशा याद रखें कि तरंग की आवृत्ति केवल स्रोत पर निर्भर करती है, माध्यम पर नहीं।
b) चरणबद्ध तरीके से मान रखकर हल करें।
c) अंतिम उत्तर के साथ उचित इकाई लिखें।
Question Q3: वायु में ध्वनि की तरंगों की चाल
[A]. ताप पर निर्भर नहीं करती।
[B]. दाब के साथ बढ़ती है।
[C]. आर्द्रता बढ़ने से बढ़ती है।
[D]. आर्द्रता बढ़ने से घटती है।
Answer:
वायु में ध्वनि की तरंगों की चाल आर्द्रता बढ़ने से बढ़ती है।
मुख्य बिंदु:
• नम हवा (आर्द्र वायु) का घनत्व शुष्क हवा से कम होता है।
• ध्वनि का वेग घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होता है (\( v \propto \frac{1}{\sqrt{\rho}} \))।
• आर्द्रता बढ़ने से हवा का प्रभावी घनत्व घटता है जिससे चाल बढ़ती है।
आम गलतियाँ:
• दाब का सीधा प्रभाव ध्वनि की चाल पर मान लेना (न्यूटन-लाप्लास संशोधन)।
• आर्द्रता और घनत्व के संबंध को उल्टा समझ लेना।
• ताप के प्रभाव को आर्द्रता समझ लेना।
Exam Tips:
a) लाप्लास के संशोधन और विभिन्न कारकों (ताप, दाब, आर्द्रता) के प्रभावों को अच्छी तरह याद रखें।
b) घनत्व और आर्द्रता के बीच के व्युत्क्रम संबंध को स्पष्ट रखें।
c) रीढ़ की हड्डी जैसे महत्वपूर्ण वैचारिक प्रश्नों का अभ्यास करें।
Question Q4: माध्यम के ताप परिवर्तन से
[A]. ध्वनि तरंगों की आवृति परिवर्तित हो जाती है।
[B]. ध्वनि तरंगों का आयाम बदल जाता है।
[C]. ध्वनि तरंगों का तरंगदैर्ध्य बदल जाता है।
[D]. ध्वनि तरंगों की प्रबलता बदल जाती है।
Answer:
माध्यम के ताप परिवर्तन से ध्वनि तरंगों का तरंगदैर्ध्य बदल जाता है।
मुख्य बिंदु:
• ताप बढ़ने पर ध्वनि की चाल \( v \) बढ़ती है क्योंकि \( v \propto \sqrt{T} \) है।
• चूंकि आवृत्ति \( \nu \) स्रोत पर निर्भर करती है और अपरिवर्तित रहती है, इसलिए \( v = \nu \lambda \) के अनुसार तरंगदैर्ध्य \( \lambda \) बदल जाता है।
• ताप परिवर्तन का सीधा असर वेग और तरंगदैर्ध्य पर पड़ता है।
आम गलतियाँ:
• ताप बदलने से आवृत्ति बदल जाना मान लेना।
• आयाम को ताप से जोड़ना।
• मूल अवधारणा को भूल जाना।
Exam Tips:
a) याद रखें कि आवृत्ति केवल स्रोत की विशेषता है।
b) चाल और ताप के संबंध को समझें।
c) सही विकल्प का चयन तार्किक रूप से करें।
Question Q5: किसी माध्यम में अनुदैर्ध्य तरंगों के प्रगमन से जो राशि संचरित होती है वह है:
[D]. ऊर्जा, द्रव्य एवं संवेग
Answer:
किसी माध्यम में अनुदैर्ध्य तरंगों के प्रगमन से ऊर्जा का संचरण होता है (साथ ही तरंग गति में ऊर्जा और संवेग दोनों का स्थानांतरण होता है)।
मुख्य बिंदु:
• तरंग संचरण में माध्यम के कणों का स्थायी स्थानांतरण नहीं होता, बल्कि ऊर्जा और संवेग आगे बढ़ते हैं।
• अनुदैर्ध्य तरंगें संपीडन और विरलन के रूप में ऊर्जा ले जाती हैं।
• द्रव्य का संचरण तरंग गति में नहीं होता, केवल ऊर्जा का होता है (विकल्पों के संदर्भ में ऊर्जा मुख्य रूप से संचरित होती है)।
आम गलतियाँ:
• द्रव्य के प्रवाह को तरंग संचरण मान लेना।
• केवल ऊर्जा तक सीमित रहना जबकि संवेग भी संबंधित है।
Exam Tips:
a) तरंग की परिभाषा याद रखें कि इसमें 'बिना द्रव्य स्थानांतरण के ऊर्जा का स्थानांतरण' होता है।
b) प्रश्नों के विकल्पों को ध्यान से पढ़ें।
c) वैचारिक स्पष्टता रखें।
Question Q6: तरंग गति के संबंध में निम्नलिखित में कौन-सा कथन सत्य है?
[A]. यांत्रिक अनुप्रस्थ तरंगें सभी माध्यमों में गमन कर सकती हैं।
[B]. अनुदैर्ध्य तरंगें केवल ठोसों में गमन कर सकती हैं।
[C]. यांत्रिक अनुप्रस्थ तरंगें केवल ठोसों में गमन कर सकती हैं।
[D]. अनुदैर्ध्य तरंगें निर्वात में गमन कर सकती हैं।
Answer:
तरंग गति के संबंध में यह कथन सत्य है कि यांत्रिक अनुप्रस्थ तरंगें केवल ठोसों (और द्रवों की सतह पर) में गमन कर सकती हैं क्योंकि इनके संचरण के लिए अपरूपण प्रत्यास्थता की आवश्यकता होती है जो गैसों में नहीं होती।
मुख्य बिंदु:
• अनुप्रस्थ तरंगों के लिए माध्यम में अपरूपण सामर्थ्य जरूरी है।
• गैसों और द्रवों (अंदर) में अपरूपण प्रत्यास्थता शून्य होती है।
• अनुदैर्ध्य तरंगें ठोस, द्रव और गैस तीनों में चल सकती हैं।
आम गलतियाँ:
• सभी तरंगों को सभी माध्यमों में चलाना मान लेना।
• अनुप्रस्थ और अनुदैर्ध्य के माध्यम संबंधी गुणों को मिला देना।
Exam Tips:
a) माध्यम की प्रत्यास्थता और तरंग के प्रकार का संबंध याद रखें।
b) ठोस, द्रव और गैस में तरंगों के संचरण की शर्तें स्पष्ट करें।
c) नकारात्मक कथनों को ध्यान से पढ़ें।
Question Q7: एक ध्वनि तरंग किसी वायुस्तंभ में संपीडनों और विरलनों के रूप में गुजर रही हैं। क्रमिक संपीडनों और विरलनों में
[B]. बॉयल के नियम का पालन होता है।
[C]. वायु का आयतन प्रत्यास्थता गुणांक दोलन करता है।
[D]. ऊष्मा का स्थानांतरण नहीं होता।
Answer:
यदि एक ध्वनि तरंग किसी वायुस्तंभ में संपीडनों और विरलनों के रूप में गुजर रही है, तो क्रमिक संपीडनों और विरलनों में ऊष्मा का स्थानांतरण नहीं होता है (यह प्रक्रिया रुद्धोष्म होती है)।
मुख्य बिंदु:
• ध्वनि का संचरण वायु में इतनी तेजी से होता है कि ऊष्मा बाहर जाने या अंदर आने का समय नहीं पाती।
• यह रुद्धोष्म (Adiabatic) प्रक्रिया है।
• लाप्लास ने इसी तथ्य का उपयोग करके न्यूटन के सूत्र में सुधार किया था।
आम गलतियाँ:
• इसे समतापीय प्रक्रिया मान लेना।
• ऊष्मा के आदान-प्रदान को नजरअंदाज करना।
Exam Tips:
a) लाप्लास का संशोधन और रुद्धोष्म प्रक्रम को अच्छी तरह तैयार करें।
b) ध्वनि वेग के सूत्र \( v = \frac{\gamma P}{\rho} \) को याद रखें।
c) वैचारिक प्रश्नों में रुद्धोष्म शब्द की पहचान करें।
Question Q8: 2.5 kg द्रव्यमान की एक डोरी में 200 N का तनाव है। तानित डोरी की लंबाई 200 cm है। यदि डोरी के एक सिरे पर एक अनुप्रस्थ स्पंद उत्पन्न किया जाए तो विक्षोभ इसके दूसरे सिरे पर पहुँचगेगा:
[D]. दिए गए आंकड़े अपर्याप्त हैं।
Answer:
दिया है: डोरी का द्रव्यमान \( m = 2.5 \text{ kg} \), डोरी की लंबाई \( l = 200 \text{ cm} = 2.0 \text{ m} \), तनाव \( T = 200 \text{ N} \)
डोरी का प्रति इकाई द्रव्यमान (द्रव्यमान घनत्व) \( \mu = \frac{m}{l} \)
\( \mu = \frac{2.5}{2.0} = 1.25 \text{ kg/m} \)
अनुप्रस्थ तरंग का वेग \( v = \sqrt{\frac{T}{\mu}} \)
\( v = \sqrt{\frac{200}{1.25}} = \sqrt{160} = 40 \text{ m/s} \)
दूसरे सिरे तक पहुँचने में लगा समय \( t = \frac{l}{v} \)
\( t = \frac{2.0}{40} = 0.05 \text{ s} \)
मुख्य बिंदु:
• \( v = \sqrt{\frac{T}{\mu}} \) सूत्र का उपयोग करें।
• इकाइयों को हमेशा एसआई (SI) पद्धति में बदलें (cm को m में)।
• समय = दूरी / वेग का सही उपयोग करें।
आम गलतियाँ:
• लंबाई को cm में ही रखना और बदलना भूल जाना।
• \( \mu \) की जगह सीधे कुल द्रव्यमान \( m \) का उपयोग करना।
• वर्गमूल निकालते समय गलती करना।
Exam Tips:
a) आंकिक प्रश्नों में इकाई रूपांतरण सबसे पहले करें।
b) सूत्र स्पष्ट रूप से लिखें ताकि स्टेप मार्किंग मिले।
c) गणना की दो बार जाँच अवश्य करें।
Question 14.1: 2.50 kg द्रव्यमान की 20 cm लंबी तानित डोरी पर 200 N बल का तनाव है। यदि इस डोरी के एक सिरे को अनुप्रस्थ झटका दिया जाए तो उत्पन्न विक्षोभ कितने समय में दूसरे सिरे तक पहुँचेगा?
Answer:
तानित डोरी का द्रव्यमान, \( M = 2.50 \text{ kg} \)
डोरी में तनाव, \( T = 200 \text{ N} \)
डोरी की लंबाई, \( l = 20 \text{ cm} = 0.20 \text{ m} \)
प्रति इकाई डोरी का द्रव्यमान, \( \mu = \frac{M}{l} = \frac{2.50}{0.20} = 12.5 \text{ kg m}^{-1} \)
डोरी में अनुप्रस्थ तरंग का वेग (\( v \)) निम्नलिखित संबंध द्वारा दिया गया है:
\( v = \sqrt{\frac{T}{\mu}} \)
\( v = \sqrt{\frac{200}{12.5}} = \sqrt{16} = 4 \text{ m/s} \)
अतः विक्षोभ द्वारा दूसरे सिरे तक पहुँचने में लगा समय:
\( t = \frac{l}{v} = \frac{0.20}{4} = 0.05 \text{ s} \)
मुख्य बिंदु:
• रेखीय द्रव्यमान घनत्व \( \mu = \frac{M}{l} \) ज्ञात करना।
• तरंग वेग का सूत्र \( v = \sqrt{\frac{T}{\mu}} \) लगाना।
• समय \( t = \frac{\text{दूरी}}{\text{वेग}} \) से गणना करना।
आम गलतियाँ:
• सेंटीमीटर को मीटर में बदलना भूल जाना।
• \( \mu \) के मान में अंश और हर की गलती करना।
Exam Tips:
a) सभी मानों को मानक इकाइयों में बदलें।
b) सूत्र को स्पष्ट रूप से दर्शाएं।
c) अंतिम उत्तर के साथ उचित मात्रक (सेकंड) लिखें।
Question 14.2: 300 m ऊँची मीनार के शीर्ष से गिराया गया पत्थर मीनार के आधार पर बने तालाब के पानी से टकराता है। यदि वायु में ध्वनि की चाल \( 340 \text{ m s}^{-1} \) है तो पत्थर के टकराने की ध्वनि मीनार के शीर्ष पर पत्थर गिराने के कितनी देर बाद सुनाई देगी? (\( g = 9.8 \text{ m s}^{-2} \))
Answer:
मीनार की ऊँचाई, \( s = 300 \text{ m} \)
पत्थर का प्रारंभिक वेग, \( u = 0 \)
त्वरण, \( a = g = 9.8 \text{ m s}^{-2} \)
हवा में ध्वनि की गति = \( 340 \text{ m/s} \)
पत्थर द्वारा तालाब में पानी से टकराने में लगने वाला समय (\( t_1 \)) की गणना गति के दूसरे समीकरण का उपयोग करके की जा सकती है:
\( s = ut + \frac{1}{2}gt_1^2 \)
\( 300 = 0 + \frac{1}{2} \times 9.8 \times t_1^2 \)
\( t_1^2 = \frac{300 \times 2}{9.8} = 61.22 \)
\( t_1 = 7.82 \text{ s} \)
ध्वनि को मीनार के शीर्ष तक पहुँचने में लगा समय, \( t_2 = \frac{s}{v} = \frac{300}{340} = 0.88 \text{ s} \)
कुल समय जिसके बाद टकराने की आवाज सुनाई देती है:
\( t = t_1 + t_2 = 7.82 + 0.88 = 8.7 \text{ s} \)
मुख्य बिंदु:
• गति के समीकरण से पत्थर के गिरने का समय निकालें।
• ध्वनि द्वारा दूरी तय करने में लगे समय की अलग से गणना करें।
• दोनों समयों को आपस में जोड़ें।
आम गलतियाँ:
• केवल पत्थर के गिरने का समय निकालकर छोड़ देना।
• ध्वनि के यात्रा समय को न जोड़ना।
Exam Tips:
a) ऐसे प्रश्नों में दो भाग होते हैं: वस्तु की गति और ध्वनि की गति।
b) दोनों समयों का योग ही कुल समय होता है।
c) गणना में दशमलव के दो स्थानों तक मान निकालें।
Question 14.3: 12.0 m लंबे स्टील के तार का द्रव्यमान \( 2.10 \text{ kg} \) है। तार में तनाव कितना होना चाहिए ताकि उस तार पर किसी अनुप्रस्थ तरंग की चाल \( 20^\circ\text{C} \) पर शुष्क वायु में ध्वनि की चाल (\( 343 \text{ m s}^{-1} \)) के बराबर हो।
Answer:
स्टील के तार की लंबाई, \( l = 12 \text{ m} \)
स्टील के तार का द्रव्यमान, \( m = 2.10 \text{ kg} \)
अनुप्रस्थ तरंग की चाल, \( v = 343 \text{ m/s} \)
प्रति यूनिट द्रव्यमान, \( \mu = \frac{m}{l} = \frac{2.10}{12} = 0.175 \text{ kg m}^{-1} \)
तनाव \( T \) के लिए, अनुप्रस्थ तरंग का वेग निम्न संबंध का प्रयोग करके प्राप्त किया जा सकता है:
\( v = \sqrt{\frac{T}{\mu}} \)
\( T = v^2 \mu = (343)^2 \times 0.175 = 117649 \times 0.175 = 20588.575 \text{ N} \)
\( T \approx 2.06 \times 10^4 \text{ N} \)
मुख्य बिंदु:
• \( \mu \) (प्रति एकांक लंबाई का द्रव्यमान) की गणना करें।
• वेग \( v \) का मान प्रश्न में दिया गया है।
• सूत्र \( T = v^2 \mu \) का प्रयोग करें।
आम गलतियाँ:
• वेग का वर्ग करना भूल जाना।
• मात्रक सही न लिखना।
Exam Tips:
a) वैज्ञानिक संकेतन (Scientific Notation) में उत्तर देना सीखें।
b) वर्ग की गणना सावधानी से करें।
c) सूत्र स्पष्ट लिखें।
Question 14.4: दो दृढ़ टेकों के बीच तानित तार अपनी मूल विधा में \( 45 \text{ Hz} \) आवृत्ति से कंपन करता है। इस तार का द्रव्यमान \( 3.5 \times 10^{-2} \text{ kg} \) तथा रैखिक द्रव्यमान घनत्व \( 4.0 \times 10^{-2} \text{ kg m}^{-1} \) है। (a) तार पर अनुप्रस्थ तरंग की चाल क्या है, तथा (b) तार में तनाव कितना है?
Answer:
तार का द्रव्यमान, \( m = 3.5 \times 10^{-2} \text{ kg} \)
रैखिक द्रव्यमान घनत्व, \( \mu = 4.0 \times 10^{-2} \text{ kg m}^{-1} \)
कंपन की आवृत्ति, \( \nu = 45 \text{ Hz} \)
तार की लंबाई, \( l = \frac{m}{\mu} = \frac{3.5 \times 10^{-2}}{4.0 \times 10^{-2}} = 0.875 \text{ m} \)
मूल विधा में तरंगदैर्ध्य (\( \lambda \)) निम्नलिखित संबंध द्वारा दी जाती है:
\( \lambda = 2l = 2 \times 0.875 = 1.75 \text{ m} \)
(a) तार में अनुप्रस्थ तरंग की चाल:
\( v = \nu \lambda = 45 \times 1.75 = 78.75 \text{ m/s} \)
(b) तार में तनाव \( T \):
\( T = v^2 \mu = (78.75)^2 \times 4.0 \times 10^{-2} = 6182.8125 \times 4.0 \times 10^{-2} = 247.31 \text{ N} \)
मुख्य बिंदु:
• मूल विधा में लंबाई और तरंगदैर्ध्य का संबंध \( \lambda = 2l \) होता है।
• वेग \( v = \nu \lambda \) से निकालें।
• तनाव \( T = v^2 \mu \) सूत्र का उपयोग करें।
आम गलतियाँ:
• \( \lambda \) और \( l \) के संबंध में भ्रमित होना।
• घातों (Powers of 10) की गणना में गलती करना।
Exam Tips:
a) तानित डोरी के विभिन्न सन्नादों (harmonics) के सूत्रों को याद रखें।
b) चरण दर चरण हल करें।
c) घातांक के नियमों का सही प्रयोग करें।
Question 14.5: आपने यह सीखा है कि एक विमा में कोई प्रगामी तरंग फलन \( y = f(x, t) \) द्वारा निरूपित की जाती है जिसमें \( x \) तथा \( t \) को \( x - vt \) अथवा अर्थात \( y = f(x \pm vt) \) संयोजन में प्रकट होना चाहिए। क्या इसका प्रतिलोम भी सत्य है? नीचे दिए गए y के प्रत्येक फलन का परीक्षण करके बताइये कि वह किसी प्रगामी तरंग को निरूपित कर सकता है:
(a) \( (x - vt)^2 \)
(b) \( \log[(x + vt) / x_0] \)
(c) \( 1 / (x + vt) \)
Answer:
प्रगामी तरंग को निरूपित करने के लिए फलन की अनिवार्य आवश्यकता यह है कि यह \( x \) और \( t \) के सभी मानों के लिए परिमित (finite) रहना चाहिए और अनंत नहीं होना चाहिए।
(a) \( (x - vt)^2 \): यह एक परिमित मान देता है, परंतु यह तरंग समीकरण को संतुष्ट नहीं करता या भौतिक रूप से स्वीकार्य नहीं है क्योंकि यह केवल एक विभव या आयाम का वर्ग है जो तरंग की विशेषता (जैसे विक्षोभ का संचरण) पूरी नहीं करता।
(b) \( \log[(x + vt) / x_0] \): \( x = 0 \) और \( t = 0 \) के लिए, \( \log(0) = -\infty \) (अनंत) हो जाता है, जो कि अपरिचित है। अतः यह प्रगामी तरंग को निरूपित नहीं करता।
(c) \( 1 / (x + vt) \): \( x = 0 \) और \( t = 0 \) के लिए, \( 1/0 = \infty \) हो जाता है, जो कि अनंत है। अतः यह भी प्रगामी तरंग को निरूपित नहीं करता।
मुख्य बिंदु:
• तरंग फलन हर स्थान और समय पर परिमित और सतत होना चाहिए।
• \( x = 0, t = 0 \) पर मान अनंत नहीं होना चाहिए।
• भौतिक यथार्थता की जाँच आवश्यक है।
आम गलतियाँ:
• केवल \( (x \pm vt) \) के रूप को देखकर हाँ कह देना, सीमाओं की जाँच न करना।
• अनंत मानों की उपेक्षा करना।
Exam Tips:
a) फलन की निरंतरता और परिमिता (finiteness) की जाँच अवश्य करें।
b) लघुगणक और भिन्न वाले फलनों में शून्य मान रखकर देखें।
c) तार्किक कारण स्पष्ट लिखें।
Question 14.6: कोई चमगादड़ वायु में \( 1000 \text{ Hz} \) आवृत्ति की पराश्रव्य ध्वनि उत्सर्जित करता है। यदि यह ध्वनि जल के पृष्ठ से टकराती है, तो (a) परावर्तित ध्वनि तथा (b) पारगमित ध्वनि की तरंगदैर्ध्य ज्ञात कीजिए। वायु तथा जल में ध्वनि की चाल क्रमशः \( 340 \text{ m s}^{-1} \) तथा \( 1486 \text{ m s}^{-1} \) है।
Answer:
पराश्रव्य ध्वनि की आवृत्ति, \( \nu = 1000 \text{ Hz} \)
वायु में ध्वनि की गति, \( v_a = 340 \text{ m/s} \)
जल में ध्वनि की गति, \( v_w = 1486 \text{ m/s} \)
(a) परावर्तित ध्वनि (हवा में ही वापस):
आवृत्ति वही रहेगी (\( 1000 \text{ Hz} \))।
तरंगदैर्ध्य \( \lambda_r = \frac{v_a}{\nu} = \frac{340}{1000} = 0.34 \text{ m} = 3.4 \times 10^{-1} \text{ m} \)
(b) पारगमित ध्वनि (जल के अंदर):
आवृत्ति अपरिवर्तित रहती है (\( \nu = 1000 \text{ Hz} \))।
तरंगदैर्ध्य \( \lambda_t = \frac{v_w}{\nu} = \frac{1486}{1000} = 1.486 \text{ m} \approx 1.49 \times 10^0 \text{ m} \)
मुख्य बिंदु:
• माध्यम बदलने पर आवृत्ति नहीं बदलती है।
• परावर्तन में माध्यम वही रहता है, इसलिए चाल और तरंगदैर्ध्य वही रहते हैं।
• अपवर्तन/पारगमन में चाल बदलने से तरंगदैर्ध्य बदल जाता है।
आम गलतियाँ:
• जल में भी वायु की चाल का उपयोग करना।
• आवृत्ति को बदल देना।
Exam Tips:
a) याद रखें: परावर्तन में \( v, \nu, \lambda \) नहीं बदलते; अपवर्तन में \( \nu \) नियत रहती है पर \( v \) और \( \lambda \) बदलते हैं।
b) गणना साफ-सुथरी करें।
c) मात्रक सही लिखें।
Question 14.7: किसी अस्पताल में ऊतकों में ट्यूमर का पता लगाने के लिए पराश्रव्य स्कैनेर का प्रयोग किया जाता है। उस ऊतक में ध्वनि में तरंगदैर्ध्य कितनी है जिसमें चाल \( 1.7 \text{ km s}^{-1} \) है? स्कैनर की प्रचालन आवृत्ति, \( \nu = 4.2 \text{ MHz} \) है।
Answer:
ऊतक में ध्वनि की गति, \( v = 1.7 \text{ km/s} = 1.7 \times 10^3 \text{ m/s} \)
स्कैनर की प्रचालन आवृत्ति, \( \nu = 4.2 \text{ MHz} = 4.2 \times 10^6 \text{ Hz} \)
ऊतक में ध्वनि की तरंगदैर्ध्य (\( \lambda \)) की गणना:
\( \lambda = \frac{v}{\nu} \)
\( \lambda = \frac{1.7 \times 10^3}{4.2 \times 10^6} \)
\( \lambda = 0.404 \times 10^{-3} \text{ m} = 4.0 \times 10^{-4} \text{ m} \)
मुख्य बिंदु:
• MHz को Hz में बदलने के लिए \( 10^6 \) से गुणा करें।
• km/s को m/s में बदलने के लिए \( 10^3 \) से गुणा करें।
• सूत्र \( \lambda = \frac{v}{\nu} \) का प्रयोग करें।
आम गलतियाँ:
• घातों का सही संयोजन न करना।
• इकाइयों का रूपांतरण छोड़ देना।
Exam Tips:
a) एसआई इकाइयों में बदलना अनिवार्य है।
b) घातांक के कैलकुलेशन की पुनरावृत्ति करें।
c) उत्तर को मानक रूप में व्यक्त करें।
Question 14.8: किसी डोरी पर कोई अनुप्रस्थ प्रगामी तरंग का वर्णन
\( y(x, t) = 3.0 \sin(36t + 0.018x + \pi/4) \)
द्वारा किया जाता है। यहाँ \( x \) तथा \( y \) सेंटीमीटर में तथा \( t \) सेकंड में है। \( x \) की धनात्मक दिशा बाईं से दाईं है।
(a) क्या यह प्रगामी तरंग है अथवा अप्रगामी? यदि यह प्रगामी तरंग है तो इसकी चाल तथा संचरण की दिशा क्या है?
(b) इसका आयाम क्या तथा आवृत्ति क्या है?
(c) उद्गम के समय इसकी आरंभिक कला क्या है?
(d) इस तरंग में दो क्रमागत शिखरों के बीच की न्यूनतम दूरी क्या है?
Answer:
मानक प्रगामी तरंग समीकरण: \( y(x, t) = a \sin(\omega t + kx + \phi) \)
यहाँ दी गई समीकरण है: \( y(x, t) = 3.0 \sin\left(36t + 0.018x + \frac{\pi}{4}\right) \)
(a) चूँकि यह समीकरण \( x \) और \( t \) के फलन \( (wt + kx) \) के रूप में है, यह एक प्रगामी तरंग है।
यहाँ \( \omega = 36 \text{ rad/s} \) और \( k = 0.018 \text{ m}^{-1} \)
चाल \( v = \frac{\omega}{k} = \frac{36}{0.018} = 2000 \text{ cm/s} = 20 \text{ m/s} \)
चूँकि \( x \) का गुणांक धनात्मक है, तरंग दाईं से बाईं ओर संचरित हो रही है।
(b) आयाम \( a = 3.0 \text{ cm} \)
आवृत्ति \( \nu = \frac{\omega}{2\pi} = \frac{36}{2 \times 3.14} = 5.73 \text{ Hz} \)
(c) उद्गम के समय आरंभिक कला \( \phi = \frac{\pi}{4} \)
(d) दो क्रमागत शिखरों के बीच की न्यूनतम दूरी तरंगदैर्ध्य \( \lambda \) होती है:
\( \lambda = \frac{2\pi}{k} = \frac{2 \times 3.14}{0.018} = 348.89 \text{ cm} = 3.49 \text{ m} \)
मुख्य बिंदु:
• समीकरण की तुलना मानक समीकरण से करके \( \omega, k, a \) निकालें।
• \( v = \frac{\omega}{k} \) से वेग ज्ञात करें।
• \( \lambda = \frac{2\pi}{k} \) से तरंगदैर्ध्य निकालें।
आम गलतियाँ:
• संचरण की दिशा तय करने में चिन्ह (+\-) की गलती करना।
• सेंटीमीटर और मीटर की इकाइयों में भ्रमित होना।
Exam Tips:
a) समीकरण की तुलना हमेशा \( y = a\sin(\omega t \pm kx + \phi) \) से करें।
b) चिन्ह देखकर दिशा पहचानें (धनात्मक चिन्ह का अर्थ विपरीत दिशा में संचरण)।
c) सभी भागों के उत्तर अलग-अलग स्पष्ट लिखें।
Question 14.9: प्रश्न 14.8 में वर्णित तरंग के लिए \( x = 0, 2 \text{ cm} \) तथा \( 4 \text{ cm} \) के लिए विस्थापन (\( y \)) और समय (\( t \)) के बीच ग्राफ आलेखित कीजिए। इन ग्राफों की आकृति क्या है? आयाम, आवृत्ति अथवा कला में से किन पहलुओं में प्रगामी तरंग में दोलनी गति एक बिंदु से दूसरे बिंदु पर भिन्न है?
Answer:
सभी तरंगों की कला अलग-अलग होती है।
समीकरण: \( y(x, t) = 3.0 \sin\left(36t + 0.018x + \frac{\pi}{4}\right) \)
(1) \( x = 0 \) के लिए: \( y(0, t) = 3.0 \sin\left(36t + \frac{\pi}{4}\right) \)
(2) \( x = 2 \text{ cm} \) के लिए कला बदल जाती है।
(3) \( x = 4 \text{ cm} \) के लिए भी कला बदल जाती है।
आयाम और आवृत्ति सभी बिंदुओं पर समान रहते हैं, केवल कला (phase) भिन्न होती है।
मुख्य बिंदु:
• प्रगामी तरंग में प्रत्येक कण समान आयाम और आवृत्ति से दोलन करता है।
• विभिन्न बिंदुओं पर कणों की कला (phase) भिन्न होती है।
• \( y-t \) ग्राफ ज्यावक्रीय (sinusoidal) होते हैं।
आम गलतियाँ:
• आयाम या आवृत्ति को अलग-अलग मान लेना।
• कला के परिवर्तन को नजरअंदाज करना।
Exam Tips:
a) प्रगामी तरंग के मूलभूत गुण याद रखें: आयाम और आवृत्ति समान, कला भिन्न।
b) ग्राफ खींचते समय अधिकतम और न्यूनतम बिंदुओं को दर्शाएं।
c) सैद्धांतिक स्पष्टीकरण सटीक दें।
Question 14.10: प्रगामी गुणवृत्ति तरंग \( y(x, t) = 2.0 \cos 2\pi(10t - 0.0080x + 0.35) \) जिसमें \( g \) तथा \( x \) को \( y \) में तथा \( m \) को \( s \) में लिया गया है, के लिए उन दो दोलनी बिंदुओं के बीच कलानंतर कितना है जिनके बीच की दूरी है
(a) 4 m,
(b) 0.5 m,
(c) \( \lambda / 2 \),
(d) \( 3\lambda / 4 \)
Answer:
समीकरण को मानक रूप में लिखने पर:
\( y(x, t) = 2.0 \cos(20\pi t - 0.016\pi x + 0.70\pi) \)
यहाँ तरंग संख्या \( k = 0.016\pi \text{ m}^{-1} \)
कलानंतर और पथान्तर का संबंध: \( \phi = kx = \frac{2\pi}{\lambda} x \)
(a) \( x = 4 \text{ m} = 400 \text{ cm} \) के लिए: \( \phi = 0.016\pi \times 400 = 6.4\pi \text{ rad} \)
(b) \( x = 0.5 \text{ m} = 50 \text{ cm} \) के लिए: \( \phi = 0.016\pi \times 50 = 0.8\pi \text{ rad} \)
(c) \( x = \frac{\lambda}{2} \) के लिए: \( \phi = \frac{2\pi}{\lambda} \times \frac{\lambda}{2} = \pi \text{ rad} \)
(d) \( x = \frac{3\lambda}{4} \) के लिए: \( \phi = \frac{2\pi}{\lambda} \times \frac{3\lambda}{4} = 1.5\pi \text{ rad} \)
मुख्य बिंदु:
• \( \phi = kx \) सूत्र का उपयोग करें।
• \( k \) का मान समीकरण से सही पहचानें।
• दूरियों के मान रखकर कलानंतर निकालें।
आम गलतियाँ:
• \( 2\pi \) को अंदर गुणा करना भूल जाना।
• \( k \) के मान में पाई (\( \pi \)) छोड़ देना।
Exam Tips:
a) पहले समीकरण को पूरी तरह खोलकर \( k \) और \( \omega \) अलग करें।
b) कलानंतर के मानक सूत्रों का प्रयोग करें।
c) रेडियन मात्रक लिखना न भूलें।
Question 14.11: दोनों सिरों पर परिबद्ध किसी तानित डोरी पर अनुप्रस्थ विस्थापन को इस प्रकार व्यक्त किया गया है:
\( y(x, t) = 0.06 \sin\left(\frac{2\pi}{3}x\right) \cos(120\pi t) \)
जिसमें \( x \) तथा \( y \) m में तथा \( t \) s में लिया गया है। इसमें डोरी की लंबाई \( 1.5 \text{ m} \) है जिसकी संहति \( 3.0 \times 10^{-2} \text{ kg} \) है। निम्नलिखित का उत्तर दीजिए:
(a) यह फलन प्रगामी तरंग अथवा अप्रगामी तरंग में से किसे निरूपित करता है?
(b) इसकी व्याख्या विपरीत दिशाओं में गमन करती दो तरंगों के अध्यारोपण के रूप में करते हुए प्रत्येक तरंग की तरंगदैर्ध्य, आवृत्ति तथा चाल ज्ञात कीजिए।
(c) डोरी में तनाव ज्ञात कीजिए।
Answer:
(a) यह समीकरण अप्रगामी (Standing) तरंग को निरूपित करती है क्योंकि इसमें अंतरिक्ष (\( x \)) और समय (\( t \)) के पद अलग-अलग गुणनफल के रूप में हैं।
(b) दी गई समीकरण की तुलना अप्रगामी तरंग के मानक समीकरण से करने पर:
\( \frac{2\pi}{\lambda} = \frac{2\pi}{3} \implies \lambda = 3 \text{ m} \)
आवृत्ति \( \nu = \frac{120\pi}{2\pi} = 60 \text{ Hz} \)
चाल \( v = \nu \lambda = 60 \times 3 = 180 \text{ m/s} \)
(c) रैखिक द्रव्यमान घनत्व \( \mu = \frac{m}{l} = \frac{3.0 \times 10^{-2}}{1.5} = 2 \times 10^{-2} \text{ kg/m} \)
तनाव \( T = v^2 \mu = (180)^2 \times 2 \times 10^{-2} = 32400 \times 2 \times 10^{-2} = 648 \text{ N} \)
मुख्य बिंदु:
• समीकरण से अप्रगामी तरंग की पहचान करें।
• \( \lambda, \nu, v \) के मान मानक सूत्रों से निकालें।
• \( T = v^2 \mu \) से तनाव ज्ञात करें।
आम गलतियाँ:
• इसे प्रगामी तरंग समझ लेना।
• \( \mu \) निकालते समय लंबाई और द्रव्यमान का अनुपात गलत रखना।
Exam Tips:
a) प्रगामी और अप्रगामी तरंग के समीकरणों के अंतर को समझें।
b) सभी भागों को क्रमानुसार हल करें।
c) मात्रक सही लिखें।
Question 14.12: (i) प्रश्न 14.11 में वर्णित डोरी पर तरंग के लिए बताइए कि डोरी के सभी बिंदु समान (a) आवृत्ति, (b) कला, (c) आयाम से कंपन करते हैं? अपने उत्तरों को स्पष्ट कीजिए।
(ii) एक सिरे से \( 0.375 \text{ m} \) दूर के बिंदु का आयाम कितना है?
Answer:
(i) (a) हाँ, सभी बिंदु समान आवृत्ति से कंपन करते हैं (सिवाय निस्पंदों के जहाँ आयाम शून्य होता है)।
(b) नहीं, सभी बिंदुओं की कला समान नहीं होती, कुछ कला में समान हो सकते हैं लेकिन अलग-अलग स्थिति पर निर्भर करते हैं।
(c) नहीं, सभी बिंदुओं का आयाम अलग-अलग होता है (यह स्थिति \( x \) पर निर्भर करता है)।
(ii) \( x = 0.375 \text{ m} \) पर आयाम:
आयाम फलन \( A(x) = 0.06 \sin\left(\frac{2\pi}{3}x\right) \)
\( A(0.375) = 0.06 \sin\left(\frac{2\pi}{3} \times 0.375\right) = 0.06 \sin\left(\frac{\pi}{4}\right) \)
\( A = 0.06 \times \frac{1}{\sqrt{2}} = \frac{0.06}{1.414} \approx 0.042 \text{ m} \)
मुख्य बिंदु:
• अप्रगामी तरंग में आयाम स्थिति \( x \) का फलन होता है।
• आवृत्ति सभी की समान होती है।
• मान रखकर आयाम की गणना करें।
आम गलतियाँ:
• सभी बिंदुओं का आयाम समान मान लेना।
• त्रिकोणमितीय मान रखने में गलती करना।
Exam Tips:
a) अप्रगामी तरंग के गुणों को भली-भांति याद रखें।
b) आयाम निकालने के लिए केवल स्थान \( x \) वाले भाग का उपयोग करें।
c) गणना सावधानी से करें।
Question 14.13: नीचे किसी प्रगामी तरंग (अनुप्रस्थ अथवा अनुदैर्ध्य) के विस्थापन को निरूपित करने वाले \( x \) तथा \( t \) के फलन दिए गए हैं। यह बताइए कि इनमें से कौन (i) प्रगामी तरंग को, (ii) अप्रगामी तरंग को, (iii) इनमें से किसी भी तरंग को नहीं निरूपित करता है:
(a) \( y = 2 \cos(3x) \sin(10t) \)
(b) \( y = 2\sqrt{x - vt} \)
(c) \( y = 3\sin(5x - 0.5t) + 4\cos(5x - 0.5t) \)
(d) \( y = \cos x \sin t + \cos 2x \sin 2t \)
Answer:
(a) यह अप्रगामी तरंग को प्रदर्शित करता है क्योंकि इसमें अंतरिक्ष (\( x \)) और समय (\( t \)) के पद अलग-अलग गुणनफल के रूप में हैं।
(b) यह किसी भी तरंग को निरूपित नहीं करता क्योंकि यह भौतिक रूप से मान्य तरंग समीकरण नहीं है और इसमें वर्गमूल के अंदर अवास्तविक स्थितियाँ बन सकती हैं।
(c) यह प्रगामी तरंग को निरूपित करता है क्योंकि यह दो ज्यावक्रीय फलनों का संयोजन है जो \( (kx - \omega t) \) के रूप में हैं।
(d) यह दो अलग-अलग अप्रगामी तरंगों के अध्यारोपण को दर्शाता है, लेकिन यह एक एकल सरल प्रगामी या मानक अप्रगामी तरंग समीकरण नहीं है।
मुख्य बिंदु:
• गुणनफल रूप \( \sin(kx)\cos(\omega t) \) अप्रगामी तरंग होती है।
• संयोजन रूप \( \sin(kx \pm \omega t) \) प्रगामी तरंग होती है।
• भौतिक सीमाओं का ध्यान रखें।
आम गलतियाँ:
• सभी फलनों को एक ही श्रेणी में मान लेना।
• मानक समीकरणों से तुलना न करना।
Exam Tips:
a) तरंग समीकरणों के मानक रूपों को याद रखें।
b) प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण तार्किक रूप से करें।
c) संक्षिप्त और सटीक कारण दें।
Question 14.14: दो दृढ़ टेकों के बीच तानित तार अपनी मूल विधा में \( 45 \text{ Hz} \) आवृत्ति से कंपन करता है। इस तार का द्रव्यमान \( 3.5 \times 10^{-2} \text{ kg} \) तथा रैखिक द्रव्यमान घनत्व \( 4.0 \times 10^{-2} \text{ kg m}^{-1} \) है। (a) तार पर अनुप्रस्थ तरंग की चाल क्या है, तथा (b) तार में तनाव कितना है?
Answer:
तार का द्रव्यमान, \( m = 3.5 \times 10^{-2} \text{ kg} \)
रैखिक द्रव्यमान घनत्व, \( \mu = 4.0 \times 10^{-2} \text{ kg/m} \)
कंपन की आवृत्ति, \( \nu = 45 \text{ Hz} \)
तार की लंबाई, \( l = \frac{m}{\mu} = \frac{3.5 \times 10^{-2}}{4.0 \times 10^{-2}} = 0.875 \text{ m} \)
मूल विधा में तरंगदैर्ध्य \( \lambda = 2l = 2 \times 0.875 = 1.75 \text{ m} \)
(a) अनुप्रस्थ तरंग की चाल \( v = \nu \lambda = 45 \times 1.75 = 78.75 \text{ m/s} \)
(b) तार में तनाव \( T = v^2 \mu = (78.75)^2 \times 4.0 \times 10^{-2} = 248.06 \text{ N} \)
मुख्य बिंदु:
• लंबाई \( l = m/\mu \) से ज्ञात करें।
• \( \lambda = 2l \) का उपयोग करें।
• तनाव के लिए \( T = v^2\mu \) लगाएं।
आम गलतियाँ:
• लंबाई निकालने में चूक करना।
• गणना में छोटी-मोटी त्रुटियाँ करना।
Exam Tips:
a) सूत्र स्पष्ट लिखें।
b) इकाइयों का विशेष ध्यान रखें।
c) कैलकुलेशन की जाँच करें।
Question 14.15: एक सिरे पर खुली तथा दूसरे सिरे पर चलायमान पिस्टन लगी \( 1 \text{ m} \) लंबी नलिका, किसी नियत आवृत्ति के स्रोत (\( 340 \text{ Hz} \) आवृत्ति का स्वरित्र द्विभुज) के साथ, जब नलिका में वायु कॉलम \( 25.5 \text{ cm} \) या \( 79.3 \text{ cm} \) होता है तब अनुनाद दर्शाती है। प्रयोशाला के ताप पर वायु में ध्वनि की चाल का आकलन कीजिए। कोर-प्रभाव को नगण्य मान सकते हैं।
Answer:
स्वरित्र द्विभुज की आवृत्ति, \( \nu = 340 \text{ Hz} \)
एक सिरे पर बंद पाइप के लिए अनुनाद की स्थिति में लंबाई:
\( l_1 = \frac{\lambda}{4} = 25.5 \text{ cm} = 0.255 \text{ m} \)
अतः तरंगदैर्ध्य \( \lambda = 4 \times 0.255 = 1.02 \text{ m} \)
ध्वनि की चाल \( v = \nu \lambda = 340 \times 1.02 = 346.8 \text{ m/s} \)
मुख्य बिंदु:
• बंद पाइप के लिए मूल आवृत्ति की स्थिति \( l = \frac{\lambda}{4} \) होती है।
• \( \lambda \) का मान निकालकर वेग \( v = \nu \lambda \) से ज्ञात करें।
• सेंटीमीटर को मीटर में बदलें।
आम गलतियाँ:
• \( \lambda = 4l \) की जगह \( 2l \) लिख देना।
• इकाई बदलना भूल जाना।
Exam Tips:
a) खुले और बंद पाइप के सूत्रों को अलग-अलग याद रखें।
b) मानों को सही क्रम में रखें।
c) मात्रक अवश्य लिखें।
Question 14.16: \( 100 \text{ cm} \) लंबी स्टील-छड़ अपने मध्य बिंदु पर परिबद्ध है। इसके अनुदैर्ध्य कंपनों की मूल आवृत्ति \( 2.53 \text{ kHz} \) है। स्टील में ध्वनि की चाल क्या है?
Answer:
स्टील छड़ की लंबाई, \( l = 100 \text{ cm} = 1 \text{ m} \)
छड़ को मध्य बिंदु से परिबद्ध किया गया है, अतः केंद्र में एक एंटीनोड (A) बनता है और दोनों सिरों पर नोड्स (N) बनते हैं।
दो क्रमागत नोड के बीच की दूरी \( \frac{\lambda}{2} = l \)
\( \frac{\lambda}{2} = 1 \implies \lambda = 2 \text{ m} \)
कंपन की मूल आवृत्ति, \( \nu = 2.53 \text{ kHz} = 2.53 \times 10^3 \text{ Hz} \)
स्टील में ध्वनि की चाल \( v = \nu \lambda = 2.53 \times 10^3 \times 2 = 5.06 \times 10^3 \text{ m/s} = 5.06 \text{ km/s} \)
मुख्य बिंदु:
• मध्य बिंदु पर परिबद्ध छड़ के लिए \( \lambda = 2l \) होता है।
• आवृत्ति को kHz से Hz में बदलें।
• \( v = \nu \lambda \) सूत्र का उपयोग करें।
आम गलतियाँ:
• \( \lambda \) और \( l \) के संबंध को गलत समझना।
• kHz को बदलना भूल जाना।
Exam Tips:
a) छड़ के कंपनों के विभिन्न निस्पंद-प्रतिस्पंद मामलों को समझें।
b) गणना सरल और स्पष्ट करें।
c) इकाई का विशेष ध्यान रखें।
Question 14.17: \( 20 \text{ cm} \) लंबाई के पाइप का एक सिरा बंद है। \( 430 \text{ Hz} \) आवृत्ति के स्रोत द्वारा इस पाइप की कौन-सी गुणवृत्ति विधा अनुनाद द्वारा उत्तेजित की जाती है? यदि इस पाइप के दोनों सिरे खुले हों तो भी क्या यह स्रोत इस पाइप के साथ अनुनाद करेगा? वायु में ध्वनि की चाल \( 340 \text{ m s}^{-1} \) है।
Answer:
पाइप की लंबाई, \( l = 20 \text{ cm} = 0.2 \text{ m} \)
स्रोत की आवृत्ति, \( \nu_n = 430 \text{ Hz} \)
ध्वनि की चाल, \( v = 340 \text{ m/s} \)
एक बंद पाइप में आवृत्ति का सूत्र:
\( \nu_n = (2n - 1)\frac{v}{4l} \)
\( 430 = (2n - 1)\frac{340}{4 \times 0.2} \)
\( 430 = (2n - 1)\frac{340}{0.8} \implies 2n - 1 = \frac{430 \times 0.8}{340} \approx 1.01 \approx 1 \)
\( 2n = 2 \implies n = 1 \)
अतः पहली गुणवृत्ति विधा (मूल स्वर) उत्तेजित होती है।
यदि दोनों सिरे खुले हों, तो अनुनाद की स्थिति जाँचने पर पूर्णांक नहीं मिलता, अतः अनुناद उत्पन्न नहीं होगा।
मुख्य बिंदु:
• बंद पाइप के लिए \( \nu_n = (2n-1)\frac{v}{4l} \) का प्रयोग करें।
• \( n \) का मान एक पूर्णांक आना चाहिए।
• खुले पाइप के लिए सूत्र \( \nu_n = \frac{nv}{2l} \) से जाँच करें।
आम गलतियाँ:
• \( n \) का मान भिन्न या दशमलव आने पर भी उसे पूर्णांक मान लेना।
• खुले और बंद पाइप के सूत्रों में अंतर न करना।
Exam Tips:
a) याद रखें कि \( n \) हमेशा एक धनात्मक पूर्णांक होना चाहिए।
b) दोनों स्थितियों (खुला और बंद पाइप) की तुलना करें।
c) स्टेप्स साफ-सुथरे लिखें।
Question 14.18: सितार की दो डोरियाँ A तथा B एक साथ 'गा' स्वर बजा रही हैं तथा थोड़ी-सी बेसुरी होने के कारण \( 6 \text{ Hz} \) आवृत्ति के विस्पंद उत्पन्न कर रही हैं। डोरी A का तनाव कुछ घटाने पर विस्पंद की आवृत्ति घटकर \( 3 \text{ Hz} \) रह जाती है। यदि A की मूल आवृत्ति \( 324 \text{ Hz} \) है तो B की आवृत्ति क्या है?
Answer:
डोरी A की आवृत्ति, \( \nu_A = 324 \text{ Hz} \)
विस्पंद की आवृत्ति, \( n = 6 \text{ Hz} \)
डोरी B की आवृत्ति, \( \nu_B \) होगी:
\( \nu_B = \nu_A \pm n = 324 \pm 6 \implies \nu_B = 330 \text{ Hz} \text{ या } 318 \text{ Hz} \)
डोरी में तनाव घटने से आवृत्ति घटती है (\( \nu \propto \sqrt{T} \))।
तनाव घटाने पर विस्पंद आवृत्ति \( 6 \text{ Hz} \) से घटकर \( 3 \text{ Hz} \) हो जाती है, जिसका अर्थ है कि \( \nu_A \) का मान कम हुआ है।
अतः सही आवृत्ति \( \nu_B = 318 \text{ Hz} \) है।
मुख्य बिंदु:
• विस्पंद आवृत्ति से दो संभावित आवृत्तियाँ निकालें (\( \nu \pm n \))।
• तनाव और आवृत्ति के संबंध \( \nu \propto \sqrt{T} \) का उपयोग करें।
• परिवर्तन की दिशा से सही विकल्प चुनें।
आम गलतियाँ:
• तनाव घटने पर आवृत्ति के प्रभाव को उल्टा समझ लेना।
• दोनों संभावित उत्तरों में से सही का चयन न करना।
Exam Tips:
a) विस्पंद वाले प्रश्नों में हमेशा दो संभावित मान आते हैं।
b) घटती या बढ़ती स्थिति का नियम लिखकर स्पष्ट करें।
c) अंतिम उत्तर तर्कसंगत होना चाहिए।
Question 14.19: स्पष्ट कीजिए (अथवा कैसे):
(a) किसी ध्वनि तरंग में विस्थापन निस्पंद दाब प्रसंग होता है और विस्थापन प्रसंग दाब निस्पंद होता है।
(b) आँख न होने पर भी चमगादड़ अवरोधकों की दूरी, दिशा, प्रकृति तथा आकार सुनिश्चित कर लेते हैं।
(c) वायलिन तथा सितार के स्वरों की आवृत्तियों समान होने पर भी हम दोनों से उत्पन्न स्वरों में भेद कर लेते हैं।
(d) ठोस अनुदैर्ध्य तथा अनुप्रस्थ दोनों प्रकार की तरंगों का पोषण कर सकते हैं जबकि गैसों में केवल अनुदैर्ध्य तरंगें ही संचरित हो सकती हैं, तथा
(e) परीक्षेपी माध्यम में संचरण के समय स्पंद की आकृति विकृत हो जाती है।
Answer:
(a) निस्पंद पर कणों का वेग/विस्थापन शून्य होता है जिससे वहाँ दाब परिवर्तन अधिकतम (प्रसंद) होता है।
(b) चमगादड़ पराश्रव्य तरंगें छोड़कर उनके परावर्तन से दूरी और दिशा का पता लगाते हैं (प्रतिध्वनि संसूचन)।
(c) वायलिन और सितार के हार्मोनिक्स (अधिस्वर) और उनकी तीव्रताओं का पैटर्न भिन्न होता है (गुणवत्ता या टोन अलग होती है)।
(d) ठोसों में आयतन और अपरूपण दोनों प्रत्यास्थता होती है, जबकि गैसों में अपरूपण प्रत्यास्थता शून्य होती है।
(e) परीक्षेपी माध्यम में तरंग की चाल आवृत्ति पर निर्भर करती है, जिससे विभिन्न आवृत्तीय घटक अलग-अलग वेग से चलते हैं और स्पंद विकृत हो जाता है।
मुख्य बिंदु:
• दाब और विस्थापन तरंगों में \( \pi/2 \) का कलांतर होता है।
• पराश्रव्य तरंगों के उपयोग और प्रतिध्वनि को समझें।
• माध्यम की प्रत्यास्थता तरंग प्रकार तय करती है।
आम गलतियाँ:
• सैद्धांतिक कारणों को अधूरा लिखना।
• प्रत्यास्थता और तरंग संचरण के संबंध को स्पष्ट न करना।
Exam Tips:
a) वैचारिक प्रश्नों में मुख्य वैज्ञानिक शब्दावली (जैसे निस्पंद, प्रसंद, अपरूपण प्रत्यास्थता, पराश्रव्य) का प्रयोग करें।
b) प्रत्येक भाग का उत्तर संक्षिप्त और स्पष्ट बिंदुओं में दें।
c) सभी उप-प्रश्नों को हल करना न भूलें।
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