Download NCERT Solutions for Class 11 Physics Chapter 03 समतल में गति
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Question 3.1: निम्नलिखित भौतिक राशियों में से बतलाइए कि कौन-सी सदिश है और कौन-सी अदिश: आयतन, द्रव्यमान, चाल, त्वरण, घनत्व, मोल संख्या, वेग, कोणीय आवृत्ति, विस्थापन, कोणीय वेग।
Answer:
अदिश राशियाँ: आयतन, द्रव्यमान, चाल, घनत्व, मोल संख्या, कोणीय आवृत्ति
सदिश राशियाँ: त्वरण, वेग, विस्थापन, कोणीय वेग
मुख्य बिंदु:
• अदिश राशियों को व्यक्त करने के लिए केवल परिमाण और उचित मात्रक की आवश्यकता होती है।
• सदिश राशियों को व्यक्त करने के लिए परिमाण और दिशा दोनों की आवश्यकता होती है।
• चाल एक अदिश राशि है जबकि वेग एक सदिश राशि है।
आम गलतियाँ:
• चाल और वेग को एक ही मान लेना।
• कोणीय आवृत्ति को सदिश राशि समझ लेना।
• विस्थापन और दूरी में भ्रमित होना।
Exam Tips:
a) भौतिक राशियों के वर्गीकरण के लिए उनकी परिभाषा और गुणों को याद रखें।
b) अदिश और सदिश राशियों के उदाहरण अच्छी तरह तैयार करें।
c) उत्तर लिखते समय स्पष्ट रूप से अलग-अलग सूचियाँ बनाएँ।
Question 3.2: उपर्युक्त सूची में से दो अदिश राशियों को छाँटिए: बल, कोणीय संवेग, कार्य, धारा, रैखिक संवेग, विधुत क्षेत्र, औसत वेग, चुंबकीय आघूर्ण, आपेक्षित वेग।
Answer:
दी गई सूची में से दो अदिश राशियाँ कार्य और धारा हैं।
कार्य दो सदिशों (बल और विस्थापन) का अदिश गुणनफल होता है और धारा में दिशा होने के बावजूद यह सदिश नियमों का पालन नहीं करती है।
मुख्य बिंदु:
• कार्य बल और विस्थापन का अदिश (डॉट) गुणनफल है।
• विद्युत धारा में परिमाण और दिशा दोनों होते हैं फिर भी यह अदिश राशि है।
• अन्य सभी राशियाँ सदिश हैं क्योंकि उनमें दिशा और सदिश योग नियमों का पालन होता है।
आम गलतियाँ:
• विद्युत धारा को सदिश मान लेना क्योंकि इसमें दिशा होती है।
• कार्य को सदिश राशि समझ लेना।
• सदिश गुणनफल और अदिश गुणनफल में अंतर न समझना।
Exam Tips:
a) विद्युत धारा के अपवाद को विशेष रूप से ध्यान में रखें।
b) अदिश गुणनफल वाली भौतिक राशियों की सूची याद रखें।
c) उत्तर को संक्षिप्त और सटीक लिखें।
Question 3.3: निम्नलिखित सूची में से एक मात्र सदिश राशि को छाँटिए: आवेग, दाब, शक्ति, ऊर्जा, गुरुत्वीय विभव, विधुत आवेश, ताप, क्षेत्रफल।
Answer:
दी गई सूची में एकमात्र सदिश राशि आवेग है।
आवेग = बल \(\times\) समय, चूँकि बल एक सदिश राशि है इसलिए इसका समय के साथ गुणनफल भी एक सदिश राशि होता है।
मुख्य बिंदु:
• आवेग एक सदिश राशि है।
• दाब, शक्ति, ऊर्जा, गुरुत्वीय विभव, विद्युत आवेश, ताप और क्षेत्रफल सभी अदिश राशियाँ हैं।
• सदिश राशि को समय (अदिश) से गुणा करने पर सदिश ही प्राप्त होता है।
आम गलतियाँ:
• क्षेत्रफल को सदिश राशि मान लेना (सामान्यतः क्षेत्रफल को परिमाण माना जाता है)।
• आवेग की परिभाषा भूल जाना।
• अदिश और सदिश राशियों को आपस में मिला देना।
Exam Tips:
a) प्रत्येक राशि का भौतिक सूत्र याद रखें।
b) सदिश और अदिश राशियों के मूल अंतर को समझें।
c) परीक्षा में केवल सही विकल्प का चयन करें और कारण स्पष्ट करें।
Question 3.4: कारण सहित बताइए कि अदिश तथा सदिश राशियों के साथ निम्नलिखित बीजगणितीय संक्रियाएँ अर्थपूर्ण हैं?
(a) दो अदिशों को जोड़ना,
(b) एक ही विमाओं के एक सदिश व एक अदिश को जोड़ना,
(c) एक सदिश को एक अदिश से गुणा करना,
(d) दो अदिशों का गुणन,
(e) दो सदिशों को जोड़ना,
(f) एक सदिश के घटक को उसी सदिश से जोड़ना।
Answer:
(a) सार्थक - दो अदिश राशियों को तभी जोड़ा जा सकता है जब वे एक ही भौतिक राशि को प्रदर्शित करती हों।
(b) निरर्थक - एक सदिश और एक अदिश को जोड़ा नहीं जा सकता क्योंकि उनकी प्रकृति भिन्न होती है।
(c) सार्थक - एक सदिश को एक अदिश से गुणा किया जा सकता है (जैसे आवेग = बल \(\times\) समय)।
(d) सार्थक - दो अदिशों का गुणा संभव है।
(e) सार्थक - दो सदिशों को जोड़ा जा सकता है यदि वे एक ही भौतिक राशि के हों।
(f) सार्थक - एक सदिश के घटक को उसी सदिश से जोड़ा जा सकता है क्योंकि दोनों की विमाएँ समान होती हैं।
मुख्य बिंदु:
• समान प्रकृति की राशियाँ ही आपस में जुड़ सकती हैं।
• सदिश और अदिश का योग गणितीय रूप से मान्य नहीं है।
• सदिश का अदिश से गुणनफल संभव है।
आम गलतियाँ:
• सदिश और अदिश राशियों को आपस में जोड़ने का प्रयास करना।
• घटकों की विमाओं को अलग मान लेना।
• गणितीय नियमों की अनदेखी करना।
Exam Tips:
a) प्रत्येक उप-भाग का कारण स्पष्ट रूप से लिखें।
b) विमाओं और भौतिक प्रकृति के नियम को याद रखें।
c) उत्तर को क्रमबद्ध (a से f) रूप में प्रस्तुत करें।
Question 3.5: निम्नलिखित में से प्रत्येक कथन को ध्यानपूर्वक पढ़िए और कारण सहित बताइए कि यह सत्य है या असत्य:
(a) किसी सदिश का परिमाण सदैव एक अदिश होता है,
(b) किसी सदिश का प्रत्येक घटक सदैव अदिश होता है,
(c) किसी कण द्वारा चली गई पथ की कुल लंबाई सदैव विस्थापन सदिश के परिमाण के बराबर होती है,
(d) किसी कण की औसत चाल (पथ तय करने में लगे समय द्वारा विभाजित कुल पथ-लंबाई) समय के समान-अंतराल में कण के औसत वेग के परिमाण से अधिक या उसके बराबर होती है।
(e) तीन सदिशों का योग जो एक समतल में नहीं है, कभी भी शून्य सदिश नहीं होता।
Answer:
(a) सत्य - किसी सदिश का परिमाण केवल एक संख्या (अदिश) होता है।
(b) असत्य - सदिश का प्रत्येक घटक भी एक सदिश ही होता है (उसकी दिशा अक्ष के अनुदिष होती है)।
(c) असत्य - कुल पथ की लंबाई हमेशा विस्थापन के परिमाण से अधिक या उसके बराबर होती है, केवल सीधी रेखा में गति के दौरान ही यह बराबर होती है।
(d) सत्य - कुल पथ लंबाई हमेशा विस्थापन से अधिक या बराबर होती है, इसलिए औसत चाल भी औसत वेग के परिमाण से अधिक या बराबर होती है।
(e) सत्य - तीन असमतलीय सदिशों का परिणामी कभी भी शून्य नहीं हो सकता क्योंकि वे एक ही तल में बंद त्रिभुज नहीं बनाते।
मुख्य बिंदु:
• सदिश का परिमाण हमेशा एक धनात्मक वास्तविक संख्या (अदिश) होता है।
• दूरी हमेशा विस्थापन के परिमाण से बड़ी या बराबर होती है।
• असमतलीय सदिशों का योग शून्य नहीं हो सकता।
आम गलतियाँ:
• सदिश के घटकों को अदिश मान लेना।
• दूरी और विस्थापन को एक ही समझ लेना।
• औसत चाल और औसत वेग के परिमाण की तुलना में गलती करना।
Exam Tips:
a) प्रत्येक कथन का भौतिक कारणज दें।
b) सत्य/असत्य लिखते समय संक्षिप्त कारण अवश्य जोड़ें।
c) अवधारणाओं को स्पष्ट रखें।
Question 3.6: निम्नलिखित असमिकाओं की ज्यामिति या किसी अन्य विधि द्वारा स्थापना कीजिए:
(a) \(\left| \vec{a} + \vec{b} \right| \le \left| \vec{a} \right| + \left| \vec{b} \right|\)
(b) \(\left| \vec{a} + \vec{b} \right| \ge \left| \left| \vec{a} \right| - \left| \vec{b} \right| \right|\)
(c) \(\left| \vec{a} - \vec{b} \right| \le \left| \vec{a} \right| + \left| \vec{b} \right|\)
(d) \(\left| \vec{a} - \vec{b} \right| \ge \left| \left| \vec{a} \right| - \left| \vec{b} \right| \right|\)
इनमें संमिका (समता) का चिह्न कब लागू होता है?
Answer:
त्रिभुज नियम के अनुसार, किसी त्रिभुज की एक भुजा की लंबाई अन्य दो भुजाओं के योग से कम और उनके अंतर से अधिक होती है।
(a) त्रिभुज OMN में, तीसरी भुजा \(\left| \vec{a} + \vec{b} \right| \le \left| \vec{a} \right| + \left| \vec{b} \right|\)
(b) त्रिभुज की भुजाओं के अंतर के गुण से, \(\left| \vec{a} + \vec{b} \right| \ge \left| \left| \vec{a} \right| - \left| \vec{b} \right| \right|\)
(c) इसी प्रकार अंतर के लिए, \(\left| \vec{a} - \vec{b} \right| \le \left| \vec{a} \right| + \left| \vec{b} \right|\)
(d) और \(\left| \vec{a} - \vec{b} \right| \ge \left| \left| \vec{a} \right| - \left| \vec{b} \right| \right|\)
समता का चिह्न तब लागू होता है जब दोनों सदिश एक ही सीधी रेखा में एक ही दिशा में (योग के लिए) या विपरीत दिशा में (अंतर के लिए) कार्य कर रहे हों।
मुख्य बिंदु:
• यह त्रिभुज की भुजाओं के गुणों पर आधारित है।
• दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से बड़ा होता है।
• समता एकरेखीय सदिशों के लिए सत्य है।
आम गलतियाँ:
• त्रिभुज असमिकाओं को गलत लिखना।
• समता की स्थिति (एक ही रेखा में होना) को भूल जाना।
• मापांक के चिह्नों को छोड़ देना।
Exam Tips:
a) ज्यामितीय आरेख बनाकर इसे समझें।
b) त्रिभुज के नियमों का हवाला दें।
c) संमिका की शर्त स्पष्ट रूप से लिखें।
Question 3.7: दिया है \(\vec{a} + \vec{b} + \vec{c} + \vec{d} = 0\), नीचे दिए गए कथनों में से कौन-सा सही है:
(a) \(\vec{a}, \vec{b}, \vec{c}\) तथा \(\vec{d}\) में से प्रत्येक शून्य सदिश है,
(b) \(\left( \vec{a} + \vec{c} \right)\) के परिमाण \(\left( \vec{b} + \vec{d} \right)\) के परिमाण के बराबर है,
(c) \(\vec{a}\) का परिमाण \(\vec{b}, \vec{c}\) तथा \(\vec{d}\) के परिमाणों के योग से कभी भी अधिक नहीं हो सकता,
(d) यदि \(\vec{a}\) तथा \(\vec{d}\) संरेखीय नहीं हैं तो \(\vec{b} + \vec{c}\) अवश्य ही \(\vec{a}\) व \(\vec{d}\) के समतल में होगा, और यह \(\vec{a}\) तथा \(\vec{d}\) के अनुदिश होगा यदि वे संरेखीय हैं।
Answer:
(a) गलत - शून्य सदिश होना आवश्यक नहीं है, अन्य संयोजन भी शून्य हो सकते हैं।
(b) सही - \(\vec{a} + \vec{c} = -(\vec{b} + \vec{d})\) दोनों पक्षों का मापांक लेने पर बराबर होता है।
(c) सही - त्रिभुज नियम के अनुसार एक सदिश का परिमाण बाकी तीन के योग से अधिक नहीं हो सकता।
(d) सही - तीन सदिशों के शून्य परिणामी के लिए उन्हें एक ही तल में होना आवश्यक है।
मुख्य बिंदु:
• चार सदिशों का योग शून्य होने के कई संयोजन संभव हैं।
• सदिशों के संतुलन के लिए समतलीय होना जरूरी है।
• त्रिभुज/बहुभुज नियम यहाँ लागू होता है।
आम गलतियाँ:
• सभी को शून्य मान लेना।
• समतलीयता की शर्त को नजरंदाज करना।
• मापांक के गुणों को गलत समझना।
Exam Tips:
a) प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण तार्किक रूप से करें।
b) सदिश संतुलन के सिद्धांतों का प्रयोग करें।
c) सही और गलत कथनों के लिए उचित कारण दें।
Question 3.8: तीन लड़कियाँ 200 m त्रिज्या वाली वृत्तीय बर्फ़ीली सतह पर स्केटिंग कर रही हैं। वे सतह के किनारे के बिंदु P से स्केटिंग शुरू करती हैं तथा P के व्यापीय विपरीत बिंदु Q पर विभिन्न पथों से होकर पहुँचती हैं। जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। प्रत्येक लड़की के विस्थापन सदिश का परिमाण कितना है? किस लड़की के लिए यह वास्तव में स्केट किए गए पथ की लंबाई के बराबर है?
Answer:
सभी लड़कियों के लिए प्रारंभिक बिंदु P और अंतिम बिंदु Q समान हैं।
विस्थापन = प्रारंभिक और अंतिम स्थिति के बीच की न्यूनतम दूरी = वृत्त का व्यास
विस्थापन का परिमाण = \(2 \times \text{त्रिज्या} = 2 \times 200\text{ m} = 400\text{ m}\)
लड़की B के लिए पथ की लंबाई उसके विस्थापन के परिमाण (400 m) के बराबर है क्योंकि वह सीधे व्यास के अनुदिश गति करती है।
मुख्य बिंदु:
• विस्थापन पथ पर निर्भर नहीं करता, केवल प्रारंभिक और अंतिम बिंदु पर निर्भर करता है।
• वृत्त का व्यास त्रिज्या से दोगुना होता है।
• सीधी रेखा की गति में दूरी और विस्थापन बराबर होते हैं।
आम गलतियाँ:
• वृत्त की परिधि को विस्थापन मान लेना।
• सभी लड़कियों के लिए विस्थापन अलग-अलग बताना।
• त्रिज्या और व्यास में भ्रमित होना।
Exam Tips:
a) विस्थापन की परिभाषा (न्यूनतम दूरी) का उपयोग करें।
b) स्पष्ट करें कि पथ की लंबाई और विस्थापन अलग हैं।
c) अंतिम उत्तर मात्रक (m) के साथ लिखें।
Question 3.9: कोई साइकिल सवार किसी वृत्तीय पार्क के केंद्र O से चलना शुरू करता है तथा पार्क के किनारे P पर पहुँचता है। पुनः वह पार्क की परिधि के अनुदिश साइकिल चलाता हुआ O के रास्ते केंद्र पर वापस आ जाता है। पार्क की त्रिज्या 1 km है। यदि पूरे चक्कर में 10 मिनट लगते हों तो साइकिल सवार का (a) कुल विस्थापन, (b) औसत वेग, तथा (c) औसत चाल क्या होगी?
Answer:
(a) कुल विस्थापन शून्य है क्योंकि सवार प्रारंभिक बिंदु (केंद्र O) पर ही वापस आ जाता है।
(b) औसत वेग = \(\frac{\text{कुल विस्थापन}}{\text{कुल समय}} = \frac{0}{10} = 0\)
(c) कुल पथ की लंबाई = \(\text{त्रिज्या (OP)} + \text{चाप (PQ)} + \text{त्रिज्या (QO)}\)
\( = 1 + \left(\frac{1}{4} \times 2\pi \times 1\right) + 1 = 2 + \frac{\pi}{2} = 2 + \frac{3.14}{2} = 3.57\text{ km}\)
समय = \(10\text{ min} = \frac{10}{60}\text{ h} = \frac{1}{6}\text{ h}\)
औसत चाल = \(\frac{3.57}{\frac{1}{6}} = 21.42\text{ km/h}\)
मुख्य बिंदु:
• पूर्ण चक्र में विस्थापन शून्य होता है।
• औसत वेग विस्थापन पर आधारित होता है जबकि औसत चाल कुल दूरी पर।
• वृत्त के एक चौथाई चाप की लंबाई \(\frac{\pi R}{2}\) होती है।
आम गलतियाँ:
• विस्थापन को कुल दूरी के बराबर मान लेना।
• समय की इकाई (मिनट को घंटे में) बदलना भूल जाना।
• चाप की लंबाई के सूत्र में गलती करना।
Exam Tips:
a) वेग और चाल के अलग-अलग सूत्रों का स्पष्ट प्रयोग करें।
b) इकाइयों को एकसमान (SI या मानक इकाइयों में) रखें।
c) प्रत्येक भाग (a, b, c) को अलग-लग्ग हल करें।
Question 3.10: किसी खुले मैदान में कोई मोटर चालक एक ऐसा रास्ता अपनाता है जो प्रत्येक 500 m के बाद उसके बाईं ओर 60° के कोण पर मुड़ जाता है। किसी तीसरे मोड़ से शुरू होकर मोटर चालक का तीसरे, छठे व आठवें मोड़ पर विस्थापन बताइए। प्रत्येक स्थिति में मोटर चालक द्वारा इन मोड़ों पर तय की गई कुल पथ-लंबाई के साथ विस्थापन के परिमाण की तुलना कीजिए।
Answer:
नियमित षट्भुज के आकार का पथ बनता है जिसकी प्रत्येक भुजा 500 m है।
तीसरे मोड़ पर विस्थापन = \(1000\text{ m}\), कुल पथ लंबाई = \(1500\text{ m}\)
छठे मोड़ पर विस्थापन = \(0\text{ m}\) (प्रारंभिक बिंदु पर वापसी), कुल पथ लंबाई = \(3000\text{ m}\)
आठवें मोड़ पर विस्थापन = \(866.03\text{ m}\), कुल पथ लंबाई = \(4000\text{ m}\)
मुख्य बिंदु:
• षट्भुज के प्रत्येक कोने पर 60° का मोड़ होता है।
• विस्थापन प्रारंभिक और अंतिम बिंदुओं को मिलाने वाली सीधी रेखा होती है।
• कुल पथ लंबाई सभी भुजाओं का बीजगणितीय योग होती है।
आम गलतियाँ:
• सदिश योग के नियमों को भूल जाना।
• ज्यामितीय कोणों की गणना में गलती करना।
• पथ लंबाई और विस्थापन को समान मान लेना।
Exam Tips:
a) आरेख बनाकर विस्थापन की गणना करें।
b) समांतर चतुर्भुज नियम या त्रिकोणमिति का सही प्रयोग करें।
c) परिणामों की तुलना स्पष्ट रूप से सारणीबद्ध करें।
Question 3.11: कोई यात्री किसी नए शहर में आया है और वह स्टेशन से किसी सीधी सड़क पर स्थित किसी होटल तक जो 10 km दूर है, जाना चाहता है। कोई बेईमान टैक्सी चालक 23 km के चक्करदार रास्ते से उसे ले जाता है और 28 min मिनट में होटल में पहुँचता है। (a) टैक्सी की औसत चाल, और (b) औसत वेग का परिमाण क्या होगा? क्या वे बराबर हैं?
Answer:
(a) कुल दूरी = \(23\text{ km}\), कुल समय = \(28\text{ min} = \frac{28}{60}\text{ h}\)
औसत चाल = \(\frac{\text{कुल दूरी}}{\text{कुल समय}} = \frac{23}{\frac{28}{60}} = 49.29\text{ km/h}\)
(b) होटल और स्टेशन के बीच सीधी दूरी (विस्थापन) = \(10\text{ km}\)
औसत वेग = \(\frac{\text{विस्थापन}}{\text{समय}} = \frac{10}{\frac{28}{60}} = 21.43\text{ km/h}\)
नहीं, दोनों भौतिक मात्राएँ (औसत चाल और औसत वेग) समान नहीं हैं।
मुख्य बिंदु:
• औसत चाल कुल तय की गई दूरी पर निर्भर करती है।
• औसत वेग न्यूनतम दूरी (विस्थापन) पर निर्भर करता है।
• वक्र पथ पर चलने के कारण दूरी और विस्थापन भिन्न हैं।
आम गलतियाँ:
• विस्थापन को ही कुल दूरी मान लेना।
• समय को घंटों में बदलने में भूल करना।
• चाल और वेग को एक ही मान लेना।
Exam Tips:
a) चाल और वेग के दोनों सूत्रों को अलग-अलग लिखें।
b) समय को घंटे में बदलने की गणना सावधानी से करें।
c) अंत में निष्कर्ष अवश्य लिखें कि क्या वे बराबर हैं।
Question 3.12: किसी लंबे हॉल की छत 25 m ऊँची है। वह अधिकतम क्षैतिज दूरी कितनी होगी जिसमें 40 m/s की चाल से फेंकी गई कोई गेंद छत से टकराए बिना गुजर जाए?
Answer:
प्रारंभिक वेग \(u = 40\text{ m/s}\)
अधिकतम ऊँचाई \(h = 25\text{ m}\)
प्रक्षेपण कोण \(\theta\) ज्ञात करने के लिए:
\(h = \frac{u^2 \sin^2\theta}{2g}\)
\(25 = \frac{(40)^2 \sin^2\theta}{2 \times 9.8}\)
\(\sin^2\theta = 0.30625 \implies \sin\theta = 0.5534 \implies \theta = 33.60^\circ\)
क्षैतिज परास \(R = \frac{u^2 \sin 2\theta}{g}\)
\(R = \frac{(40)^2 \times \sin(67.2^\circ)}{9.8} = 150.53\text{ m}\)
मुख्य बिंदु:
• प्रक्षेप्य गति में अधिकतम ऊँचाई का सूत्र उपयोग होता है।
• परास निकालने के लिए प्रक्षेपण कोण की आवश्यकता होती है।
• गुरुत्वीय त्वरण \(g = 9.8\text{ m/s}^2\) का प्रयोग करें।
आम गलतियाँ:
• कोण निकाले बिना सीधे परास का सूत्र लगाना।
• त्रिकोणमितीय मानों की गणना में त्रुटि करना।
• सूत्रों में वर्ग (square) लगाना भूल जाना।
Exam Tips:
a) सभी आवश्यक सूत्र पहले लिखें।
b) कैलकुलेशन स्टेप-बाय-स्टेप करें।
c) अंत में मात्रक (m) लिखना न भूलें।
Question 3.13: क्रिकेट का कोई खिलाड़ी किसी गेंद को 100 m की अधिकतम क्षैतिज दूरी तक फेंक सकता है। वह खिलाड़ी उसी गेंद को जमीन से ऊपर कितनी उतनी ही ऊंचाई तक फेंक सकता है?
Answer:
अधिकतम क्षैतिज परास \(R = 100\text{ m}\)
\(R_{\max} = \frac{u^2}{g} = 100\text{ m}\) (जब \(\theta = 45^\circ\))
जब गेंद को ऊर्ध्वाधर ऊपर फेंका जाता है तो अधिकतम ऊँचाई \(H = \frac{u^2}{2g}\)
\(H = \frac{1}{2} \times \frac{u^2}{g} = \frac{1}{2} \times 100 = 50\text{ m}\)
मुख्य बिंदु:
• अधिकतम क्षैतिज परास \(45^\circ\) के कोण पर प्राप्त होता है।
• ऊर्ध्वाधर ऊपर फेंकने पर अधिकतम ऊँचाई परास की आधी होती है।
• गति के समीकरणों का सीधा उपयोग किया जाता है।
आम गलतियाँ:
• ऊँचाई को परास के बराबर मान लेना।
• \(2g\) और \(g\) के अंतर को नजरअंदाज करना।
• वेग \(u\) का मान निकालने में समय व्यर्थ करना।
Exam Tips:
a) सीधे संबंध \(H = R_{\max}/2\) का उपयोग करें।
b) संक्षिप्त और स्पष्ट हल प्रस्तुत करें।
c) मात्रक लिखना न भूलें।
Question 3.14: 80 cm लंबे धागे के एक सिरे पर एक पत्थर बँधा है और इसे किसी एकसमान चाल के साथ किसी क्षैतिज वृत्त में घुमाया जाता है। यदि पत्थर 25s में 14 चक्कर लगाता है तो पत्थर के त्वरण का परिमाण और उसकी दिशा क्या होगी?
Answer:
धागे की लंबाई (त्रिज्या) \(r = 80\text{ cm} = 0.8\text{ m}\)
चक्करों की संख्या \(n = 14\), लिया गया समय \(t = 25\text{ s}\)
आवृत्ति \(f = \frac{14}{25}\text{ Hz}\)
कोणीय आवृत्ति \(\omega = 2\pi f = 2 \times \frac{22}{7} \times \frac{14}{25} = \frac{88}{25}\text{ rad/s}\)
अभिकेंद्री त्वरण \(a_c = \omega^2 r = \left(\frac{88}{25}\right)^2 \times 0.8 = 9.91\text{ m/s}^2\)
त्वरण की दिशा हमेशा वृत्त के केंद्र की ओर होती है।
मुख्य बिंदु:
• वृत्तीय गति में अभिकेंद्री त्वरण का सूत्र \(a = \omega^2 r\) या \(\frac{v^2}{r}\) होता है।
• आवृत्ति प्रति सेकंड चक्करों की संख्या है।
• त्वरण की दिशा सदैव केंद्र की ओर होती है।
आम गलतियाँ:
cm को मीटर में बदलना भूल जाना।
• आवृत्ति और आवर्तकाल में भ्रमित होना।
• त्वरण की दिशा का उल्लेख न करना।
Exam Tips:
a) सभी राशियों को SI मात्रक में बदलें।
b) कोणीय वेग और त्वरण के सही सूत्र का चयन करें।
c) दिशा का वर्णन अवश्य करें।
Question 3.15: कोई वायुयान \(900\text{ km/h}\) की एकसमान चाल से उड़ रहा है और \(1.00\text{ km}\) त्रिज्या का कोई क्षैतिज लूप बनाता है। इसके अभिकेंद्र त्वरण की गुरुत्वीय त्वरण के साथ तुलना कीजिए।
Answer:
वायुयान की चाल \(v = 900\text{ km/h} = 900 \times \frac{5}{18} = 250\text{ m/s}\)
त्रिज्या \(r = 1.00\text{ km} = 1000\text{ m}\)
अभिकेंद्र त्वरण \(a_c = \frac{v^2}{r} = \frac{(250)^2}{1000} = \frac{62500}{1000} = 62.5\text{ m/s}^2\)
गुरुत्वीय त्वरण \(g = 9.8\text{ m/s}^2\)
तुलना: \(\frac{a_c}{g} = \frac{62.5}{9.8} = 6.38 \implies a_c = 6.38g\)
मुख्य बिंदु:
• चाल को \(\text{km/h}\) से \(\text{m/s}\) में बदलने के लिए \(\frac{5}{18}\) से गुणा करते हैं।
• अभिकेंद्र त्वरण का सूत्र \(a_c = \frac{v^2}{r}\) है।
• तुलना अनुपात के रूप में की जाती है।
आम गलतियाँ:
• चाल को बिना बदले सीधे गणना करना।
किलोमीटर को मीटर में न बदलना।
• गणना में दशमलव की गलती करना।
Exam Tips:
a) इकाइयों का रूपांतरण सबसे पहले करें।
b) सूत्र लिखकर मान प्रतिस्थापित करें।
c) अंतिम तुलना को स्पष्ट रूप से दर्शाएँ।
Question 3.16: नीचे दिए गए कथनों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और कारण देकर बताइए कि वे सत्य हैं या असत्य:
(a) वृत्तीय गति में किसी कण का नेट त्वरण हमेशा वृत्त की त्रिज्या के अनुदिश केंद्र की ओर होता है,
(b) किस बिंदु पर किसी कण का वेग सदिश सदैव उस बिंदु पर पथ की स्पर्श रेखा के अनुदिश होता है,
(c) किसी कण का एकसमान वृत्तीय गति में एक चक्र में लिया गया औसत त्वरण एक शून्य सदिश है।
Answer:
(a) असत्य - केवल एकसमान वृत्तीय गति में त्वरण केंद्र की ओर होता है, असमान वृत्तीय गति में इसका स्पर्शरेखीय घटक भी होता है।
(b) सत्य - किसी भी वक्र पथ पर तात्क्षणिक वेग हमेशा स्पर्श रेखा की दिशा में होता है।
(c) सत्य - एकसमान वृत्तीय गति में एक पूर्ण चक्र के दौरान औसत त्वरण शून्य होता है क्योंकि वेग सदिशों का सदिश योग शून्य हो जाता है।
मुख्य बिंदु:
• एकसमान वृत्तीय गति में केवल अभिकेंद्र त्वरण होता है।
• वेग की दिशा हमेशा स्पर्शरेखीय होती है।
• पूर्ण चक्र में औसत त्वरण शून्य होता है।
आम गलतियाँ:
• असमान और एकसमान वृत्तीय गति में अंतर न समझना।
• औसत त्वरण को तात्क्षणिक त्वरण समझ लेना।
• स्पर्शरेखीय दिशा की उपेक्षा करना।
Exam Tips:
a) प्रत्येक कथन का कारण भौतिक तर्कों के साथ दें।
b) सत्य/असत्य स्पष्ट लिखें।
c) वृत्तीय गति की मूल अवधारणाओं का ध्यान रखें।
Question 3.17: किसी कण की स्थिति सदिश निम्नलिखित है: \(\vec{r} = 3.0t\hat{i} - 2.0t^2\hat{j} + 4.0\hat{k}\text{ m}\)
समय \(t\) सेकंड में है तथा सभी गुणाकों के मात्रक इस प्रकार हैं कि \(\vec{r}\) मीटर में व्यक्त हो जाए।
(a) कण का \(\vec{v}\) तथा \(\vec{a}\) निकालिए,
(b) \(t = 2.0\text{ s}\) पर कण के वेग का परिमाण तथा दिशा कितनी होगी?
Answer:
(a) वेग \(\vec{v} = \frac{d\vec{r}}{dt} = \frac{d}{dt}(3.0t\hat{i} - 2.0t^2\hat{j} + 4.0\hat{k}) = 3.0\hat{i} - 4.0t\hat{j}\)
त्वरण \(\vec{a} = \frac{d\vec{v}}{dt} = \frac{d}{dt}(3.0\hat{i} - 4.0t\hat{j}) = -4.0\hat{j}\text{ m/s}^2\)
(b) \(t = 2.0\text{ s}\) पर वेग \(\vec{v} = 3.0\hat{i} - 4.0(2)\hat{j} = 3.0\hat{i} - 8.0\hat{j}\)
परिमाण \(\left| \vec{v} \right| = \sqrt{3^2 + (-8)^2} = \sqrt{9 + 64} = \sqrt{73} = 8.54\text{ m/s}\)
दिशा \(\theta = \tan^{-1}\left(\frac{v_y}{v_x}\right) = \tan^{-1}\left(\frac{-8}{3}\right) = -69.45^\circ\) (\(x\)-अक्ष से नीचे)
मुख्य बिंदु:
• स्थिति सदिश का समय के सापेक्ष अवकलन करने पर वेग प्राप्त होता है।
• वेग का अवकलन करने पर त्वरण प्राप्त होता है।
• परिमाण \(\sqrt{v_x^2 + v_y^2}\) सूत्र से निकाला जाता है।
आम गलतियाँ:
• अवकलन (differentiation) करते समय घातों की गलती करना।
ऋणात्मक चिह्न छोड़ देना।
• दिशा निकालते समय कोण का सही चतुर्थांश (quadrant) न पहचानना।
Exam Tips:
a) अवकलन के नियमों का सावधानीपूर्वक पालन करें।
b) परिमाण और दिशा दोनों के लिए सही सूत्र लगाएँ।
c) मात्रक लिखना न भूलें।
Question 3.18: कोई कण \(t = 0\text{ s}\) पर मूल बिंदु से \(10.0\text{ j m/s}\) के वेग से चलना प्रारंभ करता है तथा \(x-y\) समतल में एकसमान त्वरण \((8.0\hat{i} + 2.0\hat{j})\text{ m/s}^2\) से गति करता है।
(a) किस क्षण कण का \(x\)-निर्देशांक \(16\text{ m}\) होगा? इसी समय कण का \(y\)-निर्देशांक कितना होगा?
(b) इस क्षण कण की चाल कितनी होगी?
Answer:
(a) प्रारंभिक वेग \(\vec{u} = 10\hat{j}\), त्वरण \(\vec{a} = 8\hat{i} + 2\hat{j}\)
स्थिति सदिश \(\vec{r} = \vec{u}t + \frac{1}{2}\vec{a}t^2 = 10t\hat{j} + \frac{1}{2}(8\hat{i} + 2\hat{j})t^2 = 4t^2\hat{i} + (10t + t^2)\hat{j}\)
\(x = 4t^2 = 16 \implies t^2 = 4 \implies t = 2\text{ s}\)
\(y\)-निर्देशांक: \(y = 10(2) + (2)^2 = 20 + 4 = 24\text{ m}\)
(b) \(t = 2\text{ s}\) पर वेग \(\vec{v} = \vec{u} + \vec{at} = 10\hat{j} + (8\hat{i} + 2\hat{j})(2) = 16\hat{i} + 14\hat{j}\)
चाल \(\left| \vec{v} \right| = \sqrt{16^2 + 14^2} = \sqrt{256 + 196} = \sqrt{452} = 21.26\text{ m/s}\)
मुख्य बिंदु:
• गति के समीकरणों का सदिश रूप में उपयोग करें।
• \(x\) और \(y\) घटकों को अलग-अलग तुलना करें।
• चाल वेग सदिश का परिमाण होती है।
आम गलतियाँ:
• समीकरणों में सदिश घटकों को मिला देना।
• समय \(t\) का मान गलत निकालना।
• वर्गमूल की गणना में त्रुटि करना।
Exam Tips:
a) गति के द्वितीय और प्रथम समीकरणों का सही प्रयोग करें।
b) घटकों (\(\hat{i}\) और \(\hat{j}\)) की तुलना स्पष्ट दिखाएँ।
c) प्रत्येक भाग का उत्तर मात्रक सहित दें।
Question 3.19: \(\hat{i}\) व \(\hat{j}\) क्रमशः \(x-\) व \(y\)-अक्षों के अनुदिश एकांक सदिश हैं। सदिशों \(\hat{i} + \hat{j}\) तथा \(\hat{i} - \hat{j}\) का परिमाण तथा दिशा क्या होगा? सदिश \(\hat{i} + \hat{j}\) के \(\hat{i} - \hat{j}\) की दिशाओं के अनुदिश घटक निकालिए। (आप ग्राफीय विधि का उपयोग कर सकते हैं)।
Answer:
सदिश \(\vec{P} = \hat{i} + \hat{j}\) का परिमाण = \(\sqrt{1^2 + 1^2} = \sqrt{2}\), दिशा \(\theta = 45^\circ\)
सदिश \(\vec{Q} = \hat{i} - \hat{j}\) का परिमाण = \(\sqrt{1^2 + (-1)^2} = \sqrt{2}\), दिशा \(\theta = -45^\circ\)
\(\vec{A} = 2\hat{i} + 3\hat{j}\) का \(\vec{P}\) की दिशा में घटक = \((\vec{A} \cdot \hat{P})\hat{P} = \frac{25}{10}(\hat{i} + \hat{j}) = 2.5(\hat{i} + \hat{j})\)
मुख्य बिंदु:
• किसी सदिश का परिमाण \(\sqrt{a_x^2 + a_y^2}\) होता है।
• दिशा \(\tan^{-1}(a_y / a_x)\) से निकाली जाती है।
• एक सदिश का दूसरे की दिशा में घटक अदिश गुणनफल द्वारा निकाला जाता है।
आम गलतियाँ:
• घटकों के चिह्न में गलती करना।
• एकांक सदिश की गणना में भूल करना।
• अदिश और सदिश घटकों में अंतर न समझना।
Exam Tips:
a) डॉट प्रोडक्ट (अदिश गुणनफल) के सूत्र का सही उपयोग करें।
b) परिमाण और दिशा दोनों स्पष्ट लिखें।
c) ज्यामितीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखें।
Question 3.20: किसी दिक्स्थान पर एक स्वेच्छ गति के लिए निम्नलिखित संबंधों में से कौन-सा सत्य है:
(a) \(\vec{v}_{\text{औसत}} = \frac{1}{2}(\vec{v}(t_1) + \vec{v}(t_2))\)
(b) \(\vec{v}_{\text{औसत}} = \frac{\vec{r}(t_2) - \vec{r}(t_1)}{t_2 - t_1}\)
(c) \(\vec{v}(t) = \vec{v}(0) + \vec{a}t\)
(d) \(\vec{r}(t) = \vec{r}(0) + \vec{v}(0)t + \frac{1}{2}\vec{a}t^2\)
(e) \(\vec{a}_{\text{औसत}} = \frac{\vec{v}(t_2) - \vec{v}(t_1)}{t_2 - t_1}\)
यहाँ 'औसत' का आशय समय अंतराल \(t_1\) व \(t_2\) से संबंधित भौतिक राशि के औसत मान से है।
Answer:
(a) असत्य - यह केवल एकसमान त्वरण के लिए सत्य है, स्वेच्छ गति के लिए नहीं।
(b) सत्य - यह औसत वेग की मूल परिभाषा है।
(c) असत्य - यह केवल एकसमान त्वरण के लिए सत्य है।
(d) असत्य - यह भी केवल एकसमान त्वरण के लिए ही मान्य है।
(e) सत्य - यह औसत त्वरण की मूल परिभाषा है।
मुख्य बिंदु:
• औसत वेग और औसत त्वरण की परिभाषाएँ सभी प्रकार की गतियों के लिए सत्य होती हैं।
• गति के समीकरण (\(v = u + at\) आदि) केवल नियत त्वरण के लिए ही लागू होते हैं।
• स्वेच्छ गति में त्वरण परिवर्तित हो सकता है।
आम गलतियाँ:
• सभी समीकरणों को हर प्रकार की गति के लिए सही मान लेना।
• औसत और तात्क्षणिक वेग में अंतर न भूलना।
• परिभाषाओं को नजरअंदाज करना।
Exam Tips:
a) प्रत्येक विकल्प की जाँच उसकी मूल परिभाषा से करें।
b) एकसमान और परिवर्ती त्वरण की शर्तों को याद रखें।
c) संक्षिप्त व स्पष्ट कारण दें।
Question 3.21: निम्नलिखित में से प्रत्येक कथन को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा कारण एवं उदाहरण सहित बताइए कि क्या यह सत्य है या असत्य:
अदिश वह राशि है जो
(a) किसी प्रक्रिया में संरक्षित रहती है,
(b) कभी ऋणात्मक नहीं होती,
(c) विमाहीन होती है,
(d) किसी स्थान पर एक बिंदु से दूसरे बिंदु के बीच नहीं बदलती,
(e) उन सभी दर्शकों के लिए एक ही मान रखती है चाहे अक्षों के अभिविन्यास भिन्न-भिन्न क्यों न हों।
Answer:
(a) असत्य - ऊर्जा जैसी अदिश राशि संरक्षित रह सकती है लेकिन हर अदिश राशि संरक्षित रहे यह आवश्यक नहीं है (जैसे तापमान)।
(b) असत्य - तापमान जैसी अदिश राशि ऋणात्मक हो सकती है।
(c) असत्य - द्रव्यमान या चाल जैसी अदिश राशियों की विमाएँ होती हैं।
(d) असत्य - स्थिति के साथ अदिश राशि का मान बदल सकता है (जैसे गुरुत्वीय विभव)।
(e) सत्य - अदिश राशि का मान निर्देशांक अक्षों के बदलने पर नहीं बदलता (यह निर्देश तंत्र से स्वतंत्र होती है)।
मुख्य बिंदु:
• अदिश राशियों का मान निर्देशांक परिवर्तन से अपरिवर्तित रहता है।
• सभी अदिश राशियाँ न तो संरक्षित होती हैं और न ही हमेशा धनात्मक।
• कुछ अदिश राशियों की विमाएँ होती हैं और कुछ विमाहीन होती हैं।
आम गलतियाँ:
• यह मान लेना कि सभी अदिश राशियाँ धनात्मक होती हैं।
• विमाहीनता को अदिश राशि का अनिवार्य गुण समझ लेना।
• संरक्षण के नियम को हर अदिश पर लागू करना।
Exam Tips:
a) प्रत्येक उप-कथन के लिए उपयुक्त उदाहरण दें।
b) अदिश राशि के वास्तविक गुणों को ध्यान में रखें।
c) उत्तर को बिंदुवार स्पष्ट करें।
Question 3.22: कोई वायुयान पृथ्वी से \(3400\text{ m}\) की ऊँचाई पर उड़ रहा है। यदि पृथ्वी पर किसी अवलोकन बिंदु पर वायुयान की \(10.0\text{ s}\) की दूरी की स्थितियाँ \(30^\circ\) का कोण बनाती हैं तो वायुयान की चाल क्या होगी?
Answer:
जमीन से विमान की ऊँचाई \(OR = 3400\text{ m}\)
समय \(t = 10\text{ s}\)
\(\Delta PRO\) में, \(\tan 15^\circ = \frac{PR}{OR} \implies PR = OR \tan 15^\circ = 3400 \times \tan 15^\circ\)
कुल दूरी \(PQ = 2PR = 2 \times 3400 \times \tan 15^\circ = 6800 \times 0.2679 = 1822.4\text{ m}\)
विमान की चाल \(v = \frac{\text{कुल दूरी}}{\text{समय}} = \frac{1822.4}{10} = 182.24\text{ m/s}\)
मुख्य बिंदु:
• त्रिकोणमिति अनुपात (\(\tan \theta\)) का उपयोग करके क्षैतिज दूरी निकाली जाती है।
• कुल दूरी दोनों दूरियों (आधे-आधे कोणों) का योग होती है।
• चाल = दूरी / समय सूत्र का प्रयोग किया जाता है।
आम गलतियाँ:
• पूरे कोण \(30^\circ\) को त्रिभुज में सीधे उपयोग करना (इसे आधा \(15^\circ\) करना होता है)।
• \(\tan 15^\circ\) का मान गलत रखना।
• चाल की इकाई लिखना भूल जाना।
Exam Tips:
a) आरेख बनाकर कोणों को स्पष्ट रूप से दर्शाएँ।
b) त्रिकोणमितीय सारणी या मान का सही उपयोग करें।
c) अंतिम उत्तर उचित मात्रكة (\(\text{m/s}\)) में दें।
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