NCERT Solutions Class 11 Chemistry Chapter 06 Equilibrium (साम्यावस्था) in Hindi

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Question 6.1: एक द्रव को सीलबंद पात्र में निश्चित ताप पर इसके वाष्प के साथ साम्य में रखा जाता है। पात्र का आयतन अचानक बढ़ा दिया जाता है।
(क) वाष्प-दाब परिवर्तन का प्रारंभिक परिणाम क्या होगा?
(ख) प्रारंभ में वाष्पन एवं संघनन की दर कैसे बदलती है?
(ग) क्या होगा, जब कि साम्य पुनः अंतिम रूप से स्थापित हो जाएगा तब अंतिम वाष्प दाब क्या होगा?

Answer:

(क) यदि पात्र का आयतन एकाएक बढ़ा दिया जाए, तो वाष्प का आयतन बढ़ने के कारण प्रारंभिक वाष्प-दाब कम हो जाएगा, क्योंकि वाष्प की कुल मात्रा वही रहती है लेकिन आयतन बढ़ जाता है।
(ख) चूंकि तापमान स्थिर रहता है, वाष्पन की दर स्थिर बनी रहती है। जब पात्र का आयतन बढ़ाया जाता है, तो वाष्प प्रावस्था का घनत्व कम हो जाता है, जिसके परिणामस्वरूप वाष्प कणों के आपस में टकराने की दर भी कम हो जाती है। अतः संघनन की दर प्रारंभ में घट जाती है।
(ग) जब साम्य अंततः पुनः स्थापित हो जाता है, तो वाष्पीकरण की दर संघनन की दर के बराबर हो जाती है। इस स्थिति में, केवल आयतन बदलता है जबकि तापमान स्थिर रहता है। वाष्प का दाब केवल तापमान पर निर्भर करता है, आयतन पर नहीं। इसलिए, अंतिम वाष्प दाब सिस्टम के मूल वाष्प दाब के बिल्कुल बराबर होगा।

मुख्य बिंदु:

• आयतन बढ़ाने से वाष्प का प्रारंभिक दाब कम हो जाता है।
• तापमान स्थिर रहने पर वाष्पीकरण की दर अपरिवर्तित रहती है।
• साम्यावस्था पर अंतिम वाष्प दाब मूल वाष्प दाब के बराबर होता है।

आम गलतियाँ:

• यह सोचना कि आयतन बदलने से अंतिम वाष्प दाब बदल जाता है।
• संघनन और वाष्पन की दरों के परिवर्तन को तापमान पर निर्भर मानना।
• प्रश्न के सभी उप-भागों के उत्तर एक साथ मिला देना।

Exam Tips:

a) प्रत्येक उप-भाग (क, ख, ग) का उत्तर अलग-अलग बिंदुओं में स्पष्ट रूप से लिखें।
b) ला शातेलिए के सिद्धांत और वाष्प दाब की मूल अवधारणाओं का प्रयोग करें।
c) कारण सहित उत्तर दें ताकि परीक्षक को स्पष्टता मिल सके।

 

Question 6.2: निम्न साम्य के लिए \( K_c \) क्या होगा, यदि साम्य पर प्रत्येक पदार्थ की सांद्रताएँ हैं:
\( [\text{SO}_2] = 0.60\,\text{M}, [\text{O}_2] = 0.82\,\text{M} \) एवं \( [\text{SO}_3] = 1.90\,\text{M} \)
\( 2\text{SO}_2(\text{g}) + \text{O}_2(\text{g}) \rightleftharpoons 2\text{SO}_3(\text{g}) \)

Answer:

दी गई अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक \( K_c \) का व्यंजक निम्नलिखित है:
\( K_c = \frac{[\text{SO}_3]^2}{[\text{SO}_2]^2 [\text{O}_2]} \)
मान रखने पर:
\( K_c = \frac{(1.90)^2\,\text{M}^2}{(0.60)^2\,\text{M}^2 \times (0.82)\,\text{M}} \)
\( K_c = \frac{3.61}{0.36 \times 0.82}\,\text{M}^{-1} = 12.239\,\text{M}^{-1} \text{ (लगभग)} \)
अतः साम्यवस्था के लिए \( K_c = 12.239\,\text{M}^{-1} \)।

मुख्य बिंदु:

• साम्य स्थिरांक \( K_c \) उत्पादों की सांद्रता और अभिकारकों की सांद्रता का अनुपात होता है।
• संतुलित समीकरण के रसमीकरणमितीय गुणांक (stoichiometric coefficients) घात के रूप में जाते हैं।
• मात्रक निकालते समय सांद्रता के मात्रकों का ध्यान रखना आवश्यक है।

आम गलतियाँ:

• घातों को सांद्रता के साथ सही ढंग से न लगाना।
• मात्रक लिखना भूल जाना या गलत मात्रक लिखना।
• गणना में दशमलव की अशुद्धि करना।

Exam Tips:

a) हमेशा पहले संतुलित रासायनिक समीकरण से \( K_c \) का व्यंजक लिखें।
b) मान रखते समय सांद्रता के मात्रक भी साथ में लिखें ताकि अंतिम मात्रक सही आए।
c) गणना को दो दशमलव स्थान तक हल करें।

 

Question 6.3: एक निश्चित ताप एवं कुल दाब \( 10^5\,\text{Pa} \) पर आयोडीन वाष्प में आयतनानुसार \( 40\% \) आयोडीन परमाणु होते हैं।
\( \text{I}_2(\text{g}) \rightleftharpoons 2\text{I}(\text{g}) \)
साम्य के लिए \( K_p \) की गणना कीजिए।

Answer:

आयोडीन परमाणु का आंशिक दाब \( p_{\text{I}} = \frac{40}{100} \times P_{\text{total}} = \frac{40}{100} \times 10^5 = 4 \times 10^4\,\text{Pa} \)
\( \text{I}_2 \) अणुओं का आंशिक दाब \( p_{\text{I}_2} = \frac{60}{100} \times P_{\text{total}} = \frac{60}{100} \times 10^5 = 6 \times 10^4\,\text{Pa} \)
अब, दी गई अभिक्रिया के लिए, \( K_p = \frac{(p_{\text{I}})^2}{p_{\text{I}_2}} \)
\( K_p = \frac{(4 \times 10^4\,\text{Pa})^2}{6 \times 10^4\,\text{Pa}} = \frac{16 \times 10^8}{6 \times 10^4} = 2.67 \times 10^4\,\text{Pa} \)

मुख्य बिंदु:

• आयतन प्रतिशत और मोल प्रतिशत आदर्श गैस मिश्रण में आंशिक दाब के सीधे समानुपाती होते हैं।
• डाल्टन के आंशिक दाब के नियम का उपयोग किया जाता है।
• \( K_p \) के व्यंजक में उत्पादों के आंशिक दाब का वर्ग और अभिकारकों का आंशिक दाब लिया जाता है।

आम गलतियाँ:

• प्रतिशत को आंशिक दाब में बदलते समय कुल दाब से गुणा करना भूल जाना।
• \( \text{I}_2 \) और \( \text{I} \) के अंशों को आपस में बदल देना।
• इकाई (Unit) का सही उपयोग न करना।

Exam Tips:

a) डाल्टन का नियम स्पष्ट रूप से लिखें।
b) आंशिक दाब की गणना के बाद ही \( K_p \) के सूत्र में मान रखें।
c) गणना में घातों (\( 10 \) की घात) का विशेष ध्यान रखें।

 

Question 6.4: निम्नलिखित में से प्रत्येक अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक \( K_c \) का व्यंजक लिखिए:
(i) \( 2\text{NOCl}(\text{g}) \rightleftharpoons 2\text{NO}(\text{g}) + \text{Cl}_2(\text{g}) \)
(ii) \( 2\text{Cu(NO}_3)_2(\text{s}) \rightleftharpoons 2\text{CuO}(\text{s}) + 4\text{NO}_2(\text{g}) + \text{O}_2(\text{g}) \)
(iii) \( \text{CH}_3\text{COOC}_2\text{H}_5(\text{aq}) + \text{H}_2\text{O}(l) \rightleftharpoons \text{CH}_3\text{COOH}(\text{aq}) + \text{C}_2\text{H}_5\text{OH}(\text{aq}) \)
(iv) \( \text{Fe}^{3+}(\text{aq}) + 3\text{OH}^-(\text{aq}) \rightleftharpoons \text{Fe(OH)}_3(\text{s}) \)
(v) \( \text{I}_2(\text{s}) + 5\text{F}_2 \rightleftharpoons 2\text{IF}_5 \)

Answer:

(i) \( K_c = \frac{[\text{NO}(\text{g})]^2 [\text{Cl}_2(\text{g})]}{[\text{NOCl}(\text{g})]^2} \)
(ii) \( K_c = [\text{NO}_2(\text{g})]^4 [\text{O}_2(\text{g})] \) (चूंकि ठोस पदार्थों की सक्रिय सांद्रता को स्थिर माना जाता है)
(iii) \( K_c = \frac{[\text{CH}_3\text{COOH}(\text{aq})][\text{C}_2\text{H}_5\text{OH}(\text{aq})]}{[\text{CH}_3\text{COOC}_2\text{H}_5(\text{aq})]} \) (यहाँ शुद्ध द्रव \( \text{H}_2\text{O} \) की सांद्रता को नियत माना जाता है)
(iv) \( K_c = \frac{1}{[\text{Fe}^{3+}(\text{aq})][\text{OH}^-(\text{aq})]^3} \)
(v) \( K_c = \frac{[\text{IF}_5]^2}{[\text{F}_2]^5} \) (ठोस \( \text{I}_2 \) को छोड़ दिया गया है)

मुख्य बिंदु:

• शुद्ध ठोस और शुद्ध द्रव पदार्थों की सक्रिय सांद्रता इकाई (1) मानी जाती है और उन्हें \( K_c \) के व्यंजक में शामिल नहीं किया जाता।
• संतुलित समीकरण के रसमीकरणमितीय गुणांक घात के रूप में लिखे जाते हैं।
• उत्पाद ऊपर और अभिकारक नीचे लिखे जाते हैं।

आम गलतियाँ:

• ठोस (\text{s}) और द्रव (\text{l}) अवस्था वाले पदार्थों को भी व्यंजक में लिख देना।
• घातों को गलत तरीके से गुणा के रूप में लिखना बजाय शक्ति के रूप में।
• उत्पादों और अभिकारकों की स्थिति उलट देना।

Exam Tips:

a) प्रत्येक यौगिक की भौतिक अवस्था (\text{s}, \text{l}, \text{g}, \text{aq}) को ध्यान से देखें।
b) केवल गैस (\text{g}) और जलीय विलयन (\text{aq}) वाले स्पीशीज को ही व्यंजक में शामिल करें।
c) प्रत्येक उप-भाग का उत्तर अलग से स्पष्ट लिखें।

 

Question 6.5: \( K_p \) के मान से निम्नलिखित में से प्रत्येक साम्य के लिए \( K_c \) का मान ज्ञात कीजिए:
(i) \( 2\text{NOCl}(\text{g}) \rightleftharpoons 2\text{NO}(\text{g}) + \text{Cl}_2(\text{g}); 500\text{K} \text{ पर } K_p = 1.8 \times 10^{-2} \)
(ii) \( \text{CaCO}_3(\text{s}) \rightleftharpoons \text{CaO}(\text{s}) + \text{CO}_2(\text{g}); 1073\text{K} \text{ पर } K_p = 167 \)

Answer:

हम जानते हैं कि \( K_p \) और \( K_c \) के बीच संबंध निम्नलिखित है: \( K_p = K_c (RT)^{\Delta n} \)
(i) दी गई अभिक्रिया के लिए: \( 2\text{NOCl}(\text{g}) \rightleftharpoons 2\text{NO}(\text{g}) + \text{Cl}_2(\text{g}) \)
\( \Delta n = 2 + 1 - 2 = 1 \)
\( R = 0.0831\,\text{bar L mol}^{-1}\text{K}^{-1}, T = 500\,\text{K}, K_p = 1.8 \times 10^{-2} \)
अतः, \( K_c = \frac{K_p}{(RT)^{\Delta n}} = \frac{1.8 \times 10^{-2}}{0.0831 \times 500} = 4.33 \times 10^{-4}\,\text{M} \text{ (लगभग)} \)
(ii) दी गई अभिक्रिया के लिए: \( \text{CaCO}_3(\text{s}) \rightleftharpoons \text{CaO}(\text{s}) + \text{CO}_2(\text{g}) \)
\( \Delta n = 1 - 0 = 1 \)
\( R = 0.0831\,\text{bar L mol}^{-1}\text{K}^{-1}, T = 1073\,\text{K}, K_p = 167 \)
अतः, \( K_c = \frac{K_p}{RT} = \frac{167}{0.0831 \times 1073} = 1.87\,\text{M} \text{ (लगभग)} \)

मुख्य बिंदु:

• \( \Delta n \) उत्पादों के गैसीय मोलों की संख्या और अभिकारकों के गैसीय मोलों की संख्या का अंतर है।
• \( R \) का मान \( 0.0831\,\text{bar L mol}^{-1}\text{K}^{-1} \) उपयोग किया जाता है।
• ठोस पदार्थों को \( \Delta n \) की गणना में शामिल नहीं किया जाता।

आम गलतियाँ:

• \( \Delta n \) की गणना करते समय ठोस पदार्थों के मोलों को भी गिन लेना।
• \( R \) का गलत मान या गलत मात्रक उपयोग करना।
• सूत्र \( K_p = K_c(RT)^{\Delta n} \) को गलत ढंग से पक्षांतर करना।

Exam Tips:

a) समीकरण में गैसीय अणुओं की संख्या ही \( \Delta n \) के लिए गिनें।
b) सूत्र को सही रूप में लिखकर मान प्रतिस्थापित करें।
c) गणना मेंलघुगणक या साधारण गुणा-भाग सावधानी से करें।

 

Question 6.6: निम्नलिखित साम्य के लिए, \( K_c = 6.3 \times 10^{14} \text{ at } 1000\text{K} \)
\( \text{NO}(\text{g}) + \text{O}_3(\text{g}) \rightleftharpoons \text{NO}_2(\text{g}) + \text{O}_2(\text{g}) \)
साम्यवस्था में अग्र और पश्च दोनों प्रकार की अभिक्रियाएँ प्रारंभिक द्वianविक अभिक्रियाएँ हैं।प्रतीप अभिक्रिया के लिए \( K_c \) क्या है?

Answer:

दिया है कि अग्र अभिक्रिया के लिए \( K_c = 6.3 \times 10^{14} \)
हम जानते हैं कि किसी उत्क्रमणीय अभिक्रिया की प्रतीप (पश्च) अभिक्रिया का साम्य स्थिरांक, अग्र अभिक्रिया के साम्य स्थिरांक का व्युत्क्रम होता है।
\( K_c' = \frac{1}{K_c} = \frac{1}{6.3 \times 10^{14}} = 1.59 \times 10^{-15} \)
अतः प्रतीप अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक \( 1.59 \times 10^{-15} \) है।

मुख्य बिंदु:

• प्रतीप अभिक्रिया का साम्य स्थिरांक अग्र अभिक्रिया के साम्य स्थिरांक का व्युत्क्रम होता है (\( K' = 1/K \))।
• उच्च \( K_c \) मान का अर्थ है कि अग्र अभिक्रिया बहुत अनुकूल है, अत: प्रतीप अभिक्रिया का मान बहुत कम होगा।
• तापमान स्थिर रहने पर साम्य स्थिरांक का मान केवल दिशा बदलने पर व्युत्क्रम हो जाता है।

आम गलतियाँ:

• \( K_c \) को सीधा विपरीत मान मान लेना बिना व्युत्क्रम (reciprocal) किए।
• घातों के चिह्नों को हल करते समय गलती करना।
• इकाइयों के भ्रम में पड़ना।

Exam Tips:

a) याद रखें कि प्रतीप अभिक्रिया का \( K \) हमेशा \( 1/K_{\text{forward}} \) होता है।
b) वैज्ञानिक संकेतन (Scientific notation) में उत्तर को सही रूप से व्यक्त करें।
c) गणना की जाँच अवश्य करें।

 

Question 6.7: साम्य स्थिरांक का व्यंजक लिखते समय समझाइए कि शुद्ध द्रवों एवं ठोसों को उपेक्षित क्यों किया जा सकता है?

Answer:

एक शुद्ध पदार्थ (ठोस और तरल दोनों) के लिए, मोलों की संख्या \( = \frac{\text{द्रव्यमान}}{\text{आणविक द्रव्यमान}} \)
सांद्रता \( = \frac{\text{मोल}}{\text{आयतन}} = \frac{\text{द्रव्यमान}}{\text{आयतन} \times \text{आणविक द्रव्यमान}} = \frac{\text{घनत्व}}{\text{आणविक द्रव्यमान}} \)
अब, एक शुद्ध पदार्थ का आणविक द्रव्यमान और घनत्व (एक विशेष तापमान पर) हमेशा स्थिर रहता है और साम्य स्थिरांक में गिना जाता है। इसलिए, साम्य स्थिरांक अभिव्यक्ति में शुद्ध पदार्थों के मानों का उल्लेख नहीं किया जाता है और उन्हें नियत मानकर छोड़ दिया जाता है।

मुख्य बिंदु:

• शुद्ध ठोस और द्रवों का घनत्व और मोलर द्रव्यमान स्थिर रहता है।
• सांद्रता \( \text{घनत्व} / \text{मोलर द्रव्यमान} \) के बराबर होती है जो कि एक अचर राशि है।
• इसे संतुलन स्थिरांक \( K_c \) के साथ समेकित कर लिया जाता है।

आम गलतियाँ:

• यह समझना कि ठोस और द्रव अभिक्रिया में भाग ही नहीं लेते।
• सांद्रता और घनत्व के संबंध को स्पष्ट न कर पाना।
• व्यंजक में इन्हें शून्य मान लेना (शून्य नहीं, बल्कि स्थिर/अचर माना जाता है)।

Exam Tips:

a) उत्तर में घनत्व और आणविक द्रव्यमान के स्थिर रहने का तर्क अवश्य दें।
b) गणितीय संबंध सांद्रता \( = \text{घनत्व/आणविक द्रव्यमान} \) को दर्शाएं।
c) उत्तर को संक्षिप्त और सटीक रखें।

 

Question 6.8: \( \text{N}_2 \) और \( \text{O}_2 \) के बीच अभिक्रिया निम्ناनुसार होती है: \( 2\text{N}_2(\text{g}) + \text{O}_2(\text{g}) \rightleftharpoons 2\text{N}_2\text{O}(\text{g}) \)
यदि \( \text{N}_2 \) के \( 0.482\,\text{mol} \) और \( \text{O}_2 \) के \( 0.933\,\text{mol} \) के मिश्रण को \( 10\,\text{L} \) अभिक्रिया पात्र में रखा जाता है और एक तापमान पर \( \text{N}_2\text{O} \) बनने दी जाती है, तो साम्य मिश्रण की संरचना निर्धारित करें। \( K_c = 2.0 \times 10^{-37} \)

Answer:

माना साम्यवस्था में \( \text{N}_2\text{O} \) की सांद्रता \( 2x \) है, तो दी गई अभिक्रिया के अनुसार:
अभिक्रिया: \( 2\text{N}_2(\text{g}) + \text{O}_2(\text{g}) \rightleftharpoons 2\text{N}_2\text{O}(\text{g}) \)
आरंभिक मोल: \( 0.482\,\text{mol}, 0.933\,\text{mol}, 0\,\text{mol} \)
साम्यवस्था पर मोल: \( (0.482 - 2x)\,\text{mol}, (0.933 - x)\,\text{mol}, 2x\,\text{mol} \)
चूंकि \( K_c \) का मान बहुत ही कम (\( 2.0 \times 10^{-37} \)) है, इसलिए \( x \) का मान \( 0.482 \) और \( 0.933 \) की तुलना में नगण्य है।
अतः साम्य पर सांद्रताएँ लगभग आरंभिक सांद्रताओं के बराबर ही रहेंगी:
\( [\text{N}_2] = \frac{0.482}{10} = 0.0482\,\text{mol L}^{-1} \)
\( [\text{O}_2] = \frac{0.933}{10} = 0.0933\,\text{mol L}^{-1} \)
और \( [\text{N}_2\text{O}] \) की गणना \( K_c \) के व्यंजक से की जा सकती है:

मुख्य बिंदु:

• अति लघु \( K_c \) मान यह दर्शाता है कि अभिक्रिया अग्र दिशा में लगभग नगण्य रूप से आगे बढ़ती है।
• \( x \) के मान को अभिकारकों की प्रारंभिक सांद्रता से घटाने पर उपेक्षित किया जा सकता है।
• आयतन से भाग देकर मोलर सांद्रता ज्ञात की जाती है।

आम गलतियाँ:

• \( x \) को उपेक्षित किए बिना द्विघात समीकरण को हल करने लगना, जो अत्यधिक कठिन हो जाता है।
• पात्र के आयतन से मोलों को भाग देकर सांद्रता न निकालना।
• रसमीकरणमितीय गुणांकों का सही उपयोग न करना।

Exam Tips:

a) \( K_c \) के अत्यंत छोटे मान को देखकर ही समझ जाएं कि \( x \) को नगण्य मानना है।
b) चरणों को स्पष्ट रूप से (आरंभिक मोल, साम्य मोल) तालिका या समीकरण रूप में दिखाएं।
c) सांद्रता निकालते समय आयतन (\( 10\,\text{L} \)) से भाग देना न भूलें।

 

Question 6.9: निम्नलिखित अभिक्रिया के अनुसार नाइट्रिक ऑक्साइड \( \text{Br}_2 \) से अभिक्रिया कर नाइट्रोसिल ब्रोमाइड बनाता है:
\( 2\text{NO}(\text{g}) + \text{Br}_2(\text{g}) \rightleftharpoons 2\text{NOBr}(\text{g}) \)
जब स्थिर ताप पर एक बंद पात्र में \( 0.087\,\text{mol NO} \) एवं \( 0.0437\,\text{mol Br}_2 \) मिश्रित किए जाते हैं, तब \( 0.0518\,\text{mol NOBr} \) प्राप्त होती है। \( \text{NO} \) एवं \( \text{Br}_2 \) की साम्य मात्रा ज्ञात कीजिए।

Answer:

दी गई अभिक्रिया: \( 2\text{NO}(\text{g}) + \text{Br}_2(\text{g}) \rightleftharpoons 2\text{NOBr}(\text{g}) \)
आरंभिक मोल: \( \text{NO} \) के \( 0.087\,\text{mol}, \text{Br}_2 \) के \( 0.0437\,\text{mol}, \text{NOBr} \) के \( 0\,\text{mol} \)
चूंकि \( 2\,\text{mol NO} \) से \( 2\,\text{mol NOBr} \) बनते हैं, अतः \( 0.0518\,\text{mol NOBr} \) बनने के लिए \( 0.0518\,\text{mol NO} \) खर्च हुई होगी।
इसी प्रकार, \( 2\,\text{mol NO} \) के लिए \( 1\,\text{mol Br}_2 \) की आवश्यकता होती है, अतः \( \text{Br}_2 \) के खर्च हुए मोल \( = \frac{0.0518}{2} = 0.0259\,\text{mol} \)
साम्य पर \( \text{NO} \) की मात्रा \( = 0.087 - 0.0518 = 0.0352\,\text{mol} \)
साम्य पर \( \text{Br}_2 \) की मात्रा \( = 0.0437 - 0.0259 = 0.0178\,\text{mol} \)

मुख्य बिंदु:

• रासायनिक समीकरण के रसमीकरणमितीय गुणांक (Stoichiometric coefficients) यह तय करते हैं कि कौन सा अभिकारक किस अनुपात में खर्च होगा।
• साम्य मात्रा \( = \) प्रारंभिक मात्रा \( - \) अभिक्रिया में प्रयुक्त मात्रा।
• उत्पाद के बने मोलों से अभिकारकों की खपत की गणना आसानी से की जा सकती है।

आम गलतियाँ:

• रसमीकरणमितीय अनुपात (जैसे \( 2:1 \) का अनुपात) को ध्यान में न रखना।
• बनी हुई मात्रा को सीधे प्रारंभिक मात्रा में जोड़ देना।
• घटाव में दशमलव की गलती करना।

Exam Tips:

a) अभिक्रिया का संतुलित समीकरण लिखकर मोलों का संबंध स्पष्ट करें।
b) प्रत्येक स्पीशीज के लिए प्रारंभिक और साम्य मोलों की गणना अलग-अलग दिखाएं।
c) परिणाम को स्पष्ट रूप से हाईलाइट करें।

 

Question 6.10: साम्य \( 2\text{SO}_2(\text{g}) + \text{O}_2(\text{g}) \rightleftharpoons 2\text{SO}_3(\text{g}) \) के लिए \( 450\,\text{K} \) पर \( K_p = 2.0 \times 10^{10}/\text{bar \) है। इस ताप पर \( K_c \) का मान ज्ञात कीजिए।

Answer:

दी गई अभिक्रिया के लिए: \( 2\text{SO}_2(\text{g}) + \text{O}_2(\text{g}) \rightleftharpoons 2\text{SO}_3(\text{g}) \)
\( \Delta n = 2 - (2 + 1) = 2 - 3 = -1 \)
\( T = 450\,\text{K} \)
\( R = 0.0831\,\text{bar L mol}^{-1}\text{K}^{-1} \)
\( K_p = 2.0 \times 10^{10}\,\text{bar}^{-1} \)
हम जानते हैं कि \( K_p = K_c(RT)^{\Delta n} \)
अतः \( K_c = \frac{K_p}{(RT)^{\Delta n}} = K_p (RT)^{-\Delta n} = K_p (RT)^{1} \)
\( K_c = (2.0 \times 10^{10}\,\text{bar}^{-1}) \times (0.0831\,\text{bar L mol}^{-1}\text{K}^{-1} \times 450\,\text{K}) \)
\( K_c = 2.0 \times 10^{10} \times 37.395 = 7.48 \times 10^{11}\,\text{L mol}^{-1} \text{ (लगभग)} \)

मुख्य बिंदु:

• \( \Delta n \) का मान यहाँ ऋणात्मक (\( -1 \)) है।
• सूत्र \( K_c = K_p (RT)^{-\Delta n} \) या \( K_p = K_c(RT)^{\Delta n} \) का सही पक्षांतर करें।
• \( R \) और \( T \) के मानों को सही ढंग से गुणा करें।

आम गलतियाँ:

• \( \Delta n \) की गणना में \( 2 - 3 \) को \( +1 \) लिख देना।
• पक्षांतर करते समय घात के चिह्न को न बदलना।
• मात्रक लिखना भूल जाना।

Exam Tips:

a) पहले \( \Delta n \) की गणना सावधानी से करें।
b) सूत्र में मान रखने से पहले समीकरण को \( K_c \) के लिए व्यवस्थित करें।
c) वैज्ञानिक संकेतन (Scientific notation) में उत्तर दें।

 

Question 6.11: \( \text{HI(g)} \) का एक नमूना \( 0.2\,\text{atm} \) दाब पर एक फ्लास्क में रखा जाता है। साम्य पर \( \text{HI(g)} \) का आंशिक दाब \( 0.04\,\text{atm} \) है। यहाँ दिए गए साम्य के लिए \( K_p \) का मान क्या होगा?
\( 2\text{HI}(\text{g}) \rightleftharpoons \text{H}_2(\text{g}) + \text{I}_2(\text{g}) \)

Answer:

दी गई अभिक्रिया: \( 2\text{HI}(\text{g}) \rightleftharpoons \text{H}_2(\text{g}) + \text{I}_2(\text{g}) \)
आरंभिक दाब: \( p_{\text{HI}} = 0.2\,\text{atm}, p_{\text{H}_2} = 0, p_{\text{I}_2} = 0 \)
साम्यवस्था पर दाब: \( p_{\text{HI}} = 0.04\,\text{atm} \)
दाब में कमी \( = 0.2 - 0.04 = 0.16\,\text{atm} \)
अतः साम्य पर \( \text{H}_2 \) और \( \text{I}_2 \) का आंशिक दाब होगा:
\( p_{\text{H}_2} = \frac{0.16}{2} = 0.08\,\text{atm} \)
\( p_{\text{I}_2} = \frac{0.16}{2} = 0.08\,\text{atm} \)
अब, \( K_p = \frac{p_{\text{H}_2} \times p_{\text{I}_2}}{(p_{\text{HI}})^2} = \frac{0.08 \times 0.08}{(0.04)^2} = \frac{0.0064}{0.0016} = 4.0 \)

मुख्य बिंदु:

• दाब के पदों में साम्य स्थिरांक \( K_p \) केवल आंशिक दाबों से निकाला जाता है।
• रसमीकरणमितीय अनुपात के आधार पर उत्पादों के दाब की गणना की जाती है।
• \( K_p \) इस अभिक्रिया के लिए मात्रकहीन (dimensionless) है क्योंकि \( \Delta n = 0 \) है।

आम गलतियाँ:

• \( \text{HI} \) के बचे हुए दाब \( 0.04 \) को ही सीधे खपत मान लेना।
• \( 2:1 \) के अनुपात को ध्यान में न रखकर \( \text{H}_2 \) और \( \text{I}_2 \) का दाब गलत ले लेना।
• \( K_p \) के व्यंजक में \( \text{HI} \) का वर्ग करना भूल जाना।

Exam Tips:

a) प्रारंभिक और साम्य दाब की तालिका बनाकर हल करें।
b) रसमीकरणमितीय गुणांकों का उपयोग करके उत्पादों का दाब निकालें।
c) सुनिश्चित करें कि \( K_p \) के सूत्र में घात सही से लगी हो।

 

Question 6.12: \( 500\,\text{K} \) ताप पर एक \( 20\,\text{L} \) पात्र में \( \text{N}_2 \) के \( 1.57\,\text{mol}, \text{H}_2 \) के \( 1.92\,\text{mol} \) एवं \( \text{NH}_3 \) के \( 8.13\,\text{mol} \) का मिश्रण लिया जाता है। अभिक्रिया \( \text{N}_2(\text{g}) + 3\text{H}_2(\text{g}) \rightleftharpoons 2\text{NH}_3(\text{g}) \) के लिए \( K_c \) का मान \( 1.7 \times 10^2 \) है। क्या अभिक्रिया-मिश्रण साम्य में है? यदि नहीं, तो नेट अभिक्रिया की दिशा होगी?

Answer:

दी गई अभिक्रिया: \( \text{N}_2(\text{g}) + 3\text{H}_2(\text{g}) \rightleftharpoons 2\text{NH}_3(\text{g}) \)
विभिन्न घटकों की सांद्रताएँ:
\( [\text{N}_2] = \frac{1.57}{20}\,\text{mol L}^{-1}, [\text{H}_2] = \frac{1.92}{20}\,\text{mol L}^{-1}, [\text{NH}_3] = \frac{8.13}{20}\,\text{mol L}^{-1} \)
अब, अभिक्रिया भागफल \( Q_c \) ज्ञात करते हैं:
\( Q_c = \frac{[\text{NH}_3]^2}{[\text{N}_2][\text{H}_2]^3} = \frac{\left(\frac{8.13}{20}\right)^2}{\left(\frac{1.57}{20}\right)\left(\frac{1.92}{20}\right)^3} = 2.4 \times 10^3 \)
चूंकि \( Q_c (2.4 \times 10^3) \neq K_c (1.7 \times 10^2) \), अतः अभिक्रिया मिश्रण साम्य में नहीं है।
चूंकि \( Q_c > K_c \), अतः अभिक्रिया विपरीत (पश्च) दिशा में आगे बढ़ेगी।

मुख्य बिंदु:

• अभिक्रिया भागफल \( Q_c \) की तुलना साम्य स्थिरांक \( K_c \) से करके अभिक्रिया की दिशा तय की जाती है।
• यदि \( Q_c > K_c \), अभिक्रिया पश्च दिशा में जाती है।
• यदि \( Q_c < K_c \), अभिक्रिया अग्र दिशा में जाती है।

आम गलतियाँ:

• मोलों को सीधा \( Q_c \) के व्यंजक में रख देना बिना आयतन से विभाजित किए सांद्रता निकाले।
• तुलना करते समय \( Q_c \) और \( K_c \) के मानों का गलत आकलन करना।
• घातों (जैसे \( [\text{H}_2]^3 \)) को भूल जाना।

Exam Tips:

a) सांद्रता निकालने के लिए हमेशा मोल को आयतन से विभाजित करें।
b) \( Q_c \) और \( K_c \) की तुलना के नियम स्पष्ट रूप से याद रखें।
c) अपने निष्कर्ष का कारण (जैसे \( Q_c > K_c \)) जरूर लिखें।

 

Question 6.13: एक गैस अभिक्रिया के लिए \( K_c = \frac{[\text{NH}_3]^4[\text{O}_2]^5}{[\text{NO}]^4[\text{H}_2\text{O}]^6} \)
इस व्यंजक के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण को इस प्रकार लिखा जा सकता है:

Answer:

दिए गए \( K_c \) के व्यंजक से यह स्पष्ट है कि अंश में दी गई स्पीशीज उत्पाद हैं और हर में दी गई स्पीशीज अभिकारक हैं।
अतः संगत संतुलित रासायनिक समीकरण निम्नलिखित होगा:
\( 4\text{NO}(\text{g}) + 6\text{H}_2\text{O}(\text{g}) \rightleftharpoons 4\text{NH}_3(\text{g}) + 5\text{O}_2(\text{g}) \)

मुख्य बिंदु:

• साम्य स्थिरांक व्यंजक में अंश (numerator) में उत्पादों की सांद्रता और हर (denominator) में अभिकारकों की सांद्रता होती है।
• सांद्रता की घातें रासायनिक समीकरण के रसमीकरणमितीय गुणांकों को दर्शाती हैं।
• गैसों के लिए यह नियम सीधा लागू होता है।

आम गलतियाँ:

• अभिकारकों और उत्पादों की स्थिति को आपस में बदल देना।
• घातों को गुणांक के रूप में न लिखना।
• समीकरण को संतुलित न करना।

Exam Tips:

a) याद रखें कि \( K_c = \frac{\text{उत्पाद}}{\text{अभिकारक}} \) होता है।
b) व्यंजक की घातों को समीकरण में गुणांक के रूप में सीधे रखें।
c) समीकरण की भौतिक अवस्थाएँ (जैसे \( \text{g} \)) साथ में दर्शाएं।

 

Question 6.14: \( \text{H}_2\text{O} \) का एक मोल एवं \( \text{CO} \) का एक मोल \( 725\,\text{K} \) ताप पर \( 10\,\text{L} \) के पात्र में लिए जाते हैं। साम्य पर \( 40\% \) जल (भारत्मक) \( \text{CO} \) के साथ निम्नलिखित समीकरण के अनुसार अभिक्रिया करता है:
\( \text{H}_2\text{O}(\text{g}) + \text{CO}(\text{g}) \rightleftharpoons \text{H}_2(\text{g}) + \text{CO}_2(\text{g}) \)
अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक की गणना कीजिए।

Answer:

दी गई अभिक्रिया: \( \text{H}_2\text{O}(\text{g}) + \text{CO}(\text{g}) \rightleftharpoons \text{H}_2(\text{g}) + \text{CO}_2(\text{g}) \)
आरंभिक सांद्रता: \( \text{H}_2\text{O} \) की \( \frac{1}{10}\,\text{M}, \text{CO} \) की \( \frac{1}{10}\,\text{M}, \text{H}_2 \) की \( 0, \text{CO}_2 \) की \( 0 \)
चूंकि \( 40\% \) जल अभिक्रिया कर चुका है, अत: साम्य पर जल की शेष मात्रा \( = 1 - 0.4 = 0.6\,\text{mol} \)
साम्यवस्था पर सांद्रताएँ:
\( [\text{H}_2\text{O}] = \frac{0.6}{10} = 0.06\,\text{M} \)
\( [\text{CO}] = \frac{0.6}{10} = 0.06\,\text{M} \)
\( [\text{H}_2] = \frac{0.4}{10} = 0.04\,\text{M} \)
\( [\text{CO}_2] = \frac{0.4}{10} = 0.04\,\text{M} \)
अतः, \( K_c = \frac{[\text{H}_2][\text{CO}_2]}{[\text{H}_2\text{O}][\text{CO}]} = \frac{0.04 \times 0.04}{0.06 \times 0.06} = \frac{0.0016}{0.0036} = 0.444 \text{ (लगभग)} \)

मुख्य बिंदु:

• प्रतिशत अभिक्रिया का उपयोग करके शेष बची मात्रा और निर्मित मात्रा निकाली जाती है।
• सांद्रता निकालने के लिए मोलों को आयतन (\( 10\,\text{L} \)) से भाग दिया जाता है।
• यह अभिक्रिया \( \Delta n = 0 \) वाली है, इसलिए \( K_c \) मात्रकहीन है।

आम गलतियाँ:

• प्रतिशत को सीधे मोलर सांद्रता मान लेना बिना आयतन से भाग दिए।
• अभिकारकों की बची हुई मात्रा के बजाय खपत हुई मात्रा को साम्य सांद्रता मान लेना।
• गणना में दशमलव का गलत स्थान तय करना।

Exam Tips:

a) प्रारंभिक मोलों को सांद्रता में बदलने के लिए आयतन का उपयोग करें।
b) प्रतिशत मात्रा से शेष बची मात्रा सावधानी से निकालें।
c) \( K_c \) के व्यंजक में सभी मान रखकर अंतिम उत्तर दशमलव के तीन स्थानों तक निकालें।

 

Question 6.15: \( 700\,\text{K} \) ताप पर अभिक्रिया \( \text{H}_2(\text{g}) + \text{I}_2(\text{g}) \rightleftharpoons 2\text{HI}(\text{g}) \) के लिए साम्य स्थिरांक \( 54.8 \) है। यदि हमने शुरू में \( \text{HI(g)} \) लिया हो, \( 700\,\text{K} \) ताप साम्य स्थापित हो, तथा साम्य पर \( 0.5\,\text{mol L}^{-1}\text{ HI (g)} \) उपस्थित हो, तो साम्य पर \( \text{H}_2(\text{g}) \) एवं \( \text{I}_2(\text{g}) \) की सांद्रताएँ क्या होंगी?

Answer:

अभिक्रिया \( \text{H}_2(\text{g}) + \text{I}_2(\text{g}) \rightleftharpoons 2\text{HI}(\text{g}) \) के लिए साम्य स्थिरांक \( K_c \) का मान \( 54.8 \) दिया गया है। इसलिए, साम्यवस्था पर, अभिक्रिया \( 2\text{HI}(\text{g}) \rightleftharpoons \text{H}_2(\text{g}) + \text{I}_2(\text{g}) \) के लिए साम्य स्थिरांक \( K_c' = \frac{1}{54.8} \) होगा।
दिया है: \( [\text{HI}] = 0.5\,\text{mol L}^{-1} \)
माना साम्यवस्था पर हाइड्रोजन और आयोडीन की सांद्रता \( x\,\text{mol L}^{-1} \) है।
अतः \( [\text{H}_2] = [\text{I}_2] = x\,\text{mol L}^{-1} \)
\( K_c' = \frac{[\text{H}_2][\text{I}_2]}{[\text{HI}]^2} \Rightarrow \frac{x \times x}{(0.5)^2} = \frac{1}{54.8} \Rightarrow x^2 = \frac{0.25}{54.8} \)
\( x = 0.06754 = 0.068\,\text{mol L}^{-1} \text{ (लगभग)} \)
अतः साम्य पर, \( [\text{H}_2] = [\text{I}_2] = 0.068\,\text{mol L}^{-1} \).

मुख्य बिंदु:

• यदि अभिक्रिया की दिशा उल्टी कर दी जाए, तो नया साम्य स्थिरांक मूल साम्य स्थिरांक का व्युत्क्रम होता है।
• सममित मात्रा होने के कारण \( [\text{H}_2] \) और \( [\text{I}_2] \) दोनों को \( x \) माना गया है।
• वर्गमूल निकालकर सांद्रता ज्ञात की जाती है।

आम गलतियाँ:

• मूल \( K_c \) को बिना व्युत्क्रम किए सीधे प्रयोग करना जबकि अभिक्रिया उल्टी (\text{HI} का टूटना) दी गई है।
• \( [\text{HI}] \) के वर्ग को हर में न रखना।
• वर्गमूल निकालते समय गणितीय त्रुटि करना।

Exam Tips:

a) देखें कि अभिक्रिया किस दिशा में दी गई है और तदनुसार \( K_c \) का मान बदलें।
b) अज्ञात सांद्रता को \( x \) मानकर समीकरण बनाएँ।
c) गणना को स्टेप-बाय-स्टेप हल करें।

 

Question 6.16: \( \text{ICl} \) जिसकी सांद्रता प्रारंभ में \( 0.78\,\text{M} \) है, को यदि साम्य पर आने दिया जाए, तो प्रत्येक की साम्य पर सांद्रताएँ क्या होंगी?
\( 2\text{ICl}(\text{g}) \rightleftharpoons \text{I}_2(\text{g}) + \text{Cl}_2(\text{g}); K_c = 0.14 \)

Answer:

दी गई अभिक्रिया: \( 2\text{ICl}(\text{g}) \rightleftharpoons \text{I}_2(\text{g}) + \text{Cl}_2(\text{g}) \)
आरंभिक सांद्रता: \( [\text{ICl}] = 0.78\,\text{M}, [\text{I}_2] = 0, [\text{Cl}_2] = 0 \)
साम्यवस्था पर: \( [\text{ICl}] = (0.78 - 2x), [\text{I}_2] = x, [\text{Cl}_2] = x \)
साम्य स्थिरांक का व्यंजक:
\( K_c = \frac{[\text{I}_2][\text{Cl}_2]}{[\text{ICl}]^2} \Rightarrow 0.14 = \frac{x \times x}{(0.78 - 2x)^2} \)
दोनों पक्षों का वर्गमूल लेने पर:
\( \sqrt{0.14} = \frac{x}{0.78 - 2x} \Rightarrow 0.374 = \frac{x}{0.78 - 2x} \)
हल करने पर: \( x = 0.292 - 0.748x \Rightarrow 1.748x = 0.292 \Rightarrow x = 0.167 \)
अतः, साम्य पर सांद्रताएँ:
\( [\text{I}_2] = [\text{Cl}_2] = 0.167\,\text{M} \)
\( [\text{ICl}] = 0.78 - 2(0.167) = 0.446\,\text{M} \)

मुख्य बिंदु:

• द्विघात समीकरण को हल करने के बजाय दोनों पक्षों का वर्गमूल लेना आसान होता है जब समीकरण पूर्ण वर्ग हो।
• साम्य सांद्रताएँ प्रारंभिक सांद्रता और परिवर्तन (\( x \) या \( 2x \)) का अंतर होती हैं।
• \( K_c \) का मान दिया होने पर \( x \) का मान सरलता से निकाला जा सकता है।

आम गलतियाँ:

• \( 2x \) को केवल \( x \) मान लेना, जिससे रसमीकरणमितीय गुणांक की उपेक्षा हो जाती है।
• वर्गमूल लेना भूलकर जटिल द्विघात समीकरण हल करने में उलझ जाना।
• अंतिम साम्य सांद्रता निकालते समय \( 2x \) को \( [\text{ICl}] \) से न घटाना।

Exam Tips:

a) यदि व्यंजक दोनों तरफ वर्ग के रूप में हो, तो दोनों पक्षों का वर्गमूल लेकर हल करें।
b) सभी स्पीशीज (\( \text{ICl}, \text{I}_2, \text{Cl}_2 \)) के लिए साम्य सांद्रता अलग से स्पष्ट लिखें।
c) गणना की शुद्धता की जाँच करें।

 

Question 6.17: नीचे दर्शाए गए साम्य में \( 899\,\text{K} \) पर \( K_p \) का मान \( 0.04\,\text{atm \) है। \( \text{C}_2\text{H}_6 \) की साम्य पर सांद्रता क्या होगी यदि \( 4.0\,\text{atm} \) दाब पर \( \text{C}_2\text{H}_6 \) को एक फ्लास्क में रखा गया है एवं साम्यस्थापित पर आने दिया जाता है?
\( \text{C}_2\text{H}_6(\text{g}) \rightleftharpoons \text{C}_2\text{H}_4(\text{g}) + \text{H}_2(\text{g}) \)

Answer:

मान लीजिए \( p \) एथीन और हाइड्रोजन गैस (प्रत्येक) द्वारा साम्यवस्था पर डाला गया दाब है। अभिक्रिया के अनुसार:
अभिक्रिया: \( \text{C}_2\text{H}_6(\text{g}) \rightleftharpoons \text{C}_2\text{H}_4(\text{g}) + \text{H}_2(\text{g}) \)
आरंभिक दाब: \( 4.0\,\text{atm}, 0, 0 \)
साम्यवस्था पर दाब: \( (4.0 - p), p, p \)
\( K_p = \frac{p_{\text{C}_2\text{H}_4} \times p_{\text{H}_2}}{p_{\text{C}_2\text{H}_6}} \Rightarrow 0.04 = \frac{p \times p}{4.0 - p} \Rightarrow p^2 = 0.16 - 0.04p \)
\( p^2 + 0.04p - 0.16 = 0 \)
द्विघात समीकरण सूत्र से \( p \) का मान हल करने पर (धनात्मक मान लेने पर): \( p = 0.38\,\text{atm} \)
अतः, साम्यवस्था पर \( \text{C}_2\text{H}_6 \) का दाब \( = 4 - p = 4 - 0.38 = 3.62\,\text{atm} \).

मुख्य बिंदु:

• दाब के पदों में साम्य स्थिरांक \( K_p \) का व्यंजक सांद्रता के \( K_c \) के समान ही लिखा जाता है।
• द्विघात समीकरण \( ax^2 + bx + c = 0 \) का उपयोग करके \( p \) निकाला जाता है।
• \( p \) का केवल धनात्मक मान मान्य होता है क्योंकि दाब ऋणात्मक नहीं हो सकता।

आम गलतियाँ:

• द्विघात समीकरण बनाते समय चिह्न की गलती करना।
• \( p \) का ऋणात्मक मान भी उत्तर में ले लेना।
• साम्य दाब निकालते समय कुल प्रारंभिक दाब से \( p \) को न घटाना।

Exam Tips:

a) द्विघात सूत्र \( x = \frac{-b \pm \sqrt{b^2 - 4ac}}{2a} \) को सावधानी से लागू करें।
b) दाब के सभी मात्रक समान रखें।
c) अंतिम उत्तर में मात्रक (\(\text{atm}\)) लिखना न भूलें।

 

Question 6.18: एथनॉल एवं एसिटिक अम्ल की अभिक्रिया से एथिल एसीटेट बनाया जाता है एवं साम्य ko इस प्रकार दर्शाया जाता है: \( \text{CH}_3\text{COOH}(l) + \text{C}_2\text{H}_5\text{OH}(l) \rightleftharpoons \text{CH}_3\text{COOC}_2\text{H}_5(l) + \text{H}_2\text{O}(l) \)
(i) इस अभिक्रिया के लिए सांद्रता अनुपात (अभिक्रिया-भागफल) \( Q_c \) लिखिए (टिप्पणी: यहाँ जल अधिक्य में नहीं है एवं विलायक भी नहीं है)
(ii) यदि \( 293\text{K} \) पर \( 1.00\,\text{mol \) ऐसिटिक अम्ल एवं \( 0.18\,\text{mol \) एथनॉल प्रारंभ में लिए जाएं तो अंतिम साम्य मिश्रण में \( 0.171\,\text{mol \) एथिल एसीटेट है। साम्यस्थिरांक की गणना कीजिए।
(iii) \( 0.5\,\text{mol \) एथनॉल एवं \( 1.0\,\text{mol \) ऐसिटिक अम्ल से प्रारंभ करते हुए \( 293\text{K} \) ताप पर कुछ समय पश्चात् एथिल एसीटेट के \( 0.214\,\text{mol \) पाए गए तो क्या साम्य स्थापित हो गया?}

Answer:

(i) अभिक्रिया भागफल, \( Q_c = \frac{[\text{CH}_3\text{COOC}_2\text{H}_5][\text{H}_2\text{O}]}{[\text{CH}_3\text{COOH}][\text{C}_2\text{H}_5\text{OH}]} \)
(ii) साम्य पर सांद्रताएँ निकालने पर: \( K_c = \frac{0.171 \times 0.171}{0.829 \times 0.009} = 3.92 \text{ (लगभग)} \)
(iii) कुछ समय पश्चात \( Q_c \) का मान ज्ञात करने पर यह \( 0.2037 \) (या \( 0.204 \)) आता है। चूंकि \( Q_c \neq K_c \) (\( 0.204 \neq 3.92 \)), अतः अभिक्रिया साम्य में नहीं है।

मुख्य बिंदु:

• जल इस अभिक्रिया में विलायक नहीं है, अतः इसका पद \( Q_c \) और \( K_c \) दोनों में रहेगा।
• साम्य स्थिरांक तापमान स्थिर रहने पर नियत रहता है।
• किसी भी क्षण पर \( Q_c \) की गणना करके साम्य की स्थिति की जाँच की जा सकती है।

आम गलतियाँ:

• जल को विलायक मानकर उसे व्यंजक से हटा देना।
• साम्य मोलों से सांद्रता या सीधे मोलों के अनुपात से गणना करते समय आयतन को गलत लेना।
• \( Q_c \) और \( K_c \) की तुलना गलत करना।

Exam Tips:

a) प्रत्येक उप-प्रश्न (i, ii, iii) को स्पष्ट रूप से अलग हल करें।
b) याद रखें कि आयतन \( V \) दोनों अंश और हर में कट जाता है यदि मोलों की संख्या समान हो।
c) \( Q_c \) के मान की तुलना \( K_c \) से करके निष्कर्ष अवश्य लिखें।

 

Question 6.19: \( 437\text{K} \) ताप पर निर्वात में \( \text{PCl}_5 \) का एक नमूना एक फ्लास्क में लिया गया। साम्य स्थापित होने पर \( \text{PCl}_5 \) की सांद्रता \( 0.5 \times 10^{-1}\,\text{mol L}^{-1} \) पाई गई, यदि \( K_c \) का मान \( 8.3 \times 10^{-3} \) है, तो साम्य पर \( \text{PCl}_3 \) एवं \( \text{Cl}_2 \) की सांद्रताएँ क्या होंगी?

Answer:

माना साम्यवस्था में \( \text{PCl}_3 \) तथा \( \text{Cl}_2 \) दोनों की सांद्रता \( x\,\text{mol L}^{-1} \) है। दी गई अभिक्रिया है:
\( \text{PCl}_5(\text{g}) \rightleftharpoons \text{PCl}_3(\text{g}) + \text{Cl}_2(\text{g}) \)
साम्य पर सांद्रताएँ: \( [\text{PCl}_5] = 0.5 \times 10^{-1}\,\text{mol L}^{-1}, [\text{PCl}_3] = x\,\text{mol L}^{-1}, [\text{Cl}_2] = x\,\text{mol L}^{-1} \)
साम्य स्थिरांक \( K_c = \frac{[\text{PCl}_3][\text{Cl}_2]}{[\text{PCl}_5]} \)
\( \frac{x \times x}{0.5 \times 10^{-1}} = 8.3 \times 10^{-3} \Rightarrow x^2 = 8.3 \times 10^{-3} \times 0.5 \times 10^{-1} = 4.15 \times 10^{-4} \)
\( x = \sqrt{4.15 \times 10^{-4}} = 2.04 \times 10^{-2} = 0.0204 = 0.02\,\text{mol L}^{-1} \text{ (लगभग)} \)
अतः, साम्यवस्था पर, \( [\text{PCl}_3] = [\text{Cl}_2] = 0.02\,\text{mol L}^{-1} \).

मुख्य बिंदु:

• वियोजन अभिक्रियाओं में यदि उत्पाद के मोल बराबर बनते हैं, तो उनकी सांद्रता \( x \) मानी जाती है।
• \( K_c \) के व्यंजक में मान रखकर सीधी गणना की जाती है।
• वर्गमूल निकालते समय घातों को सम संख्या में व्यवस्थित करना आसान होता है।

आम गलतियाँ:

• \( K_c \) के व्यंजक में अभिकारकों और उत्पादों को उलट देना।
• वर्गमूल निकालते समय दशमलव या घात की गलती करना।
• मात्रक न लिखना।

Exam Tips:

a) पहले संतुलित समीकरण और साम्य सांद्रता मान लिखें।
b) समीकरण में मान प्रतिस्थापित करके \( x^2 \) का मान निकालें।
c) अंत में \( x \) का वर्गमूल सावधानी से ज्ञात करें।

 

Question 6.20: लोह अयस्क से स्टील बनाते समय जो अभिक्रिया होती है, वह आयरन (II) ऑक्साइड का कार्बन मोनोक्साइड के द्वारा अपचयन है एवं इससे धात्विक लोह एवं \( \text{CO}_2 \) मिलते हैं।
\( \text{FeO}(\text{s}) + \text{CO}(\text{g}) \rightleftharpoons \text{Fe}(\text{s}) + \text{CO}_2(\text{g}); 1050\text{K} \text{ पर } K_p = 0.265 \)
\( 1050\text{K} \text{ पर CO एवं CO}_2 \) के साम्य पर आंशिक दाब क्या होंगे, यदि उनके प्रारंभिक आंशिक दाब हैं- \( p_{\text{CO}} = 1.4\,\text{atm} \) और \( p_{\text{CO}_2} = 0.80\,\text{atm} \)?

Answer:

दी गई अभिक्रिया के लिए: \( \text{FeO}(\text{s}) + \text{CO}(\text{g}) \rightleftharpoons \text{Fe}(\text{s}) + \text{CO}_2(\text{g}) \)
प्रारंभिक आंशिक दाब: \( p_{\text{CO}} = 1.4\,\text{atm}, p_{\text{CO}_2} = 0.80\,\text{atm} \)
अभिक्रिया भागफल \( Q_p = \frac{p_{\text{CO}_2}}{p_{\text{CO}}} = \frac{0.80}{1.4} = 0.571 \)
दिया गया है \( K_p = 0.265 \)
चूंकि \( Q_p > K_p \), अभिक्रिया पश्च दिशा में आगे बढ़ेगी।
मान लीजिए कि CO के दाब में वृद्धि \( p \) है, तो \( \text{CO}_2 \) के दाब में कमी \( p \) होगी।
हल करने पर \( p = 0.339\,\text{atm} \)
अतः, साम्य पर \( p_{\text{CO}_2} = 0.80 - 0.339 = 0.461\,\text{atm} \) और \( p_{\text{CO}} = 1.4 + 0.339 = 1.739\,\text{atm} \).

मुख्य बिंदु:

• \( Q_p \) की तुलना \( K_p \) से करके यह तय किया जाता है कि अभिक्रिया किस दिशा में जाएगी।
• ठोस पदार्थों (\( \text{FeO}, \text{Fe} \)) को \( Q_p \) और \( K_p \) के व्यंजक में शामिल नहीं किया जाता।
• पश्च दिशा में जाने पर अभिकारकों का दाब बढ़ता है और उत्पादों का घटता है।

आम गलतियाँ:

• \( Q_p \) निकाले बिना सीधे साम्य दाब मान लेना।
• ठोस पदार्थों के दाब को भी व्यंजक में लिख देना।
• पश्च दिशा में परिवर्तन करते समय दाब को गलत जोड़ना/घटाना।

Exam Tips:

a) पहले \( Q_p \) निकालकर दिशा की जाँच अवश्य करें।
b) ठोस यौगिकों को दाब व्यंजक से बाहर रखें।
c) समीकरण को हल करके अंतिम आंशिक दाब स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question 6.21: \( 500\text{K} \) पर अभिक्रिया \( \text{N}_2(\text{g}) + 3\text{H}_2(\text{g}) \rightleftharpoons 2\text{NH}_3(\text{g}) \) के लिए \( K_c \) का मान \( 0.061 \) है। के लिए (\( 500\text{K} \text{ पर}) साम्य स्थिरांक } K_c = 0.061 \) है। एक विशेष समय पर मिश्रण का संगठन इस प्रकार है- \( 3.0\,\text{mol L}^{-1}\text{ N}_2, 2.0\,\text{mol L}^{-1}\text{ H}_2 \) एवं \( 0.5\,\text{mol L}^{-1}\text{ NH}_3 \), क्या अभिक्रिया साम्य में है? यदि नहीं, तो साम्य स्थापित करने के लिए अभिक्रिया किस दिशा में अग्रसर होगी?

Answer:

दी गई अभिक्रिया: \( \text{N}_2(\text{g}) + 3\text{H}_2(\text{g}) \rightleftharpoons 2\text{NH}_3(\text{g}) \)
किसी विशेष समय पर सांद्रताएँ: \( [\text{N}_2] = 3.0\,\text{mol L}^{-1}, [\text{H}_2] = 2.0\,\text{mol L}^{-1}, [\text{NH}_3] = 0.5\,\text{mol L}^{-1} \)
अभिक्रिया भागफल \( Q_c \) ज्ञात करते हैं:
\( Q_c = \frac{[\text{NH}_3]^2}{[\text{N}_2][\text{H}_2]^3} = \frac{(0.5)^2}{(3.0)(2.0)^3} = \frac{0.25}{3.0 \times 8} = \frac{0.25}{24} = 0.0104 \)
दिया गया है \( K_c = 0.061 \)
चूंकि \( Q_c (0.0104) \neq K_c (0.061) \), अतः अभिक्रिया साम्य में नहीं है।
चूंकि \( Q_c < K_c \), के बाद से, अभिक्रिया साम्य तक पहुँचने के लिए अग्र दिशा में बढ़ेगी।

मुख्य बिंदु:

• \( Q_c < K_c \) होने पर अभिक्रिया अग्र दिशा (forward direction) में अग्रसर होती है।
• सांद्रता के मान सीधे दिए गए हैं, इसलिए आयतन से भाग देने की आवश्यकता नहीं है।
• \( H_2 \) की सांद्रता की घात \( 3 \) लेना अनिवार्य है।

आम गलतियाँ:

• \( Q_c \) और \( K_c \) की तुलना करते समय निष्कर्ष उल्टा लिख देना।
• \( [\text{H}_2] \) की घात \( 3 \) लगाना भूल जाना।
• गणना में दशमलव का गलत उपयोग करना।

Exam Tips:

a) \( Q_c \) का सूत्र सही लिखें और मान सावधानी سے रखें।
b) \( Q_c \) और \( K_c \) की तुलना का नियम स्पष्ट रूप से दर्शाएं।
c) दिशा (अग्र या पश्च) का स्पष्ट उल्लेख करें।

 

Question 6.22: ब्रोमीन मोनोक्लोराइडड \( \text{BrCl} \) विचलित होकर ब्रोमीन एवं क्लोरीन देता है तथा साम्य स्थापित होता है: \( 2\text{BrCl}(\text{g}) \rightleftharpoons \text{Br}_2(\text{g}) + \text{Cl}_2(\text{g}) \)
इसके लिए \( 500\text{K} \text{ पर } K_c = 32 \) है। यदि प्रारंभ में \( \text{BrCl} \) की सांद्रता \( 3.3 \times 10^{-3}\,\text{mol L}^{-1} \) हो, तो साम्य पर मिश्रण में इसकी सांद्रता क्या होगी?

Answer:

मान लीजिए कि साम्य पर बनने वाली ब्रोमीन और क्लोरीन की मात्रा \( x \) है। दी गई अभिक्रिया है:
\( 2\text{BrCl}(\text{g}) \rightleftharpoons \text{Br}_2(\text{g}) + \text{Cl}_2(\text{g}) \)
साम्य पर सांद्रताएँ: \( [\text{BrCl}] = 3.3 \times 10^{-3} - 2x, [\text{Br}_2] = x, [\text{Cl}_2] = x \)
\( K_c = \frac{[\text{Br}_2][\text{Cl}_2]}{[\text{BrCl}]^2} \Rightarrow 32 = \frac{x \times x}{(3.3 \times 10^{-3} - 2x)^2} \)
दोनों पक्षों का वर्गमूल लेने पर: \( \sqrt{32} = 5.66 = \frac{x}{3.3 \times 10^{-3} - 2x} \)
हल करने पर: \( x = 1.5 \times 10^{-3} \)
अतः, साम्य पर \( [\text{BrCl}] = 3.3 \times 10^{-3} - 2(1.5 \times 10^{-3}) = 3.3 \times 10^{-3} - 3.0 \times 10^{-3} = 3.3 \times 10^{-4}\,\text{mol L}^{-1} \).

मुख्य बिंदु:

• वर्गमूल विधि का प्रयोग करने से उच्च घात की समीकरण को हल करना आसान हो जाता है।
• \( 2\text{BrCl} \) के कारण साम्य सांद्रता \( -2x \) होती है।
• साम्य सांद्रता निकालने के लिए \( x \) का मान प्रारंभिक पद से घटाया जाता है।

आम गलतियाँ:

• \( 2x \) के बजाय केवल \( x \) घटाना।
• वर्गमूल लेते समय \( \sqrt{32} \) का मान गलत लिखना।
• अंतिम सांद्रता निकालते समय घटाव में गलती करना।

Exam Tips:

a) दोनों पक्षों का वर्गमूल लेने की संभावना हमेशा देखें जब व्यंजक पूर्ण वर्ग हो।
b) वैज्ञानिक संकेतन (Scientific notation) की घातों को सही से जोड़ें/घटाएं।
c) अंतिम उत्तर की इकाई (\( \text{mol L}^{-1} \)) लिखें।

 

Question 6.23: \( 1127\text{K} \) एवं \( 1\,\text{atm} \) दाब पर \( \text{CO} \) तथा \( \text{CO}_2 \) के गैसीय मिश्रण में साम्यवस्था पर ठोस कार्बन में \( 90.55\% \) (भारत्मक) \( \text{CO} \) है।
\( \text{C}(\text{s}) + \text{CO}_2(\text{g}) \rightleftharpoons 2\text{CO}(\text{g}) \)
उपरोक्त ताप पर अभिक्रिया के लिए \( K_p \) के मान की गणना कीजिए।

Answer:

माना गैसीय मिश्रण का कुल द्रव्यमान \( 100\,\text{g} \) है।
\text{CO} का द्रव्यमान \( = 90.55\,\text{g} \)
\text{CO}_2 का द्रव्यमान \( = 100 - 90.55 = 9.45\,\text{g} \)
\text{CO} के मोलों की संख्या \( n_{\text{CO}} = \frac{90.55}{28} = 3.234\,\text{mol} \)
\text{CO}_2 के मोलों की संख्या \( n_{\text{CO}_2} = \frac{9.45}{44} = 0.215\,\text{mol} \)
\text{CO} का आंशिक दाब \( p_{\text{CO}} = \frac{3.234}{3.234 + 0.215} \times 1 = 0.938\,\text{atm} \)
\text{CO}_2 का आंशिक दाब \( p_{\text{CO}_2} = \frac{0.215}{3.234 + 0.215} \times 1 = 0.062\,\text{atm} \)
\( K_p = \frac{(p_{\text{CO}})^2}{p_{\text{CO}_2}} = \frac{(0.938)^2}{0.062} = 14.19 \)
\( \Delta n = 2 - 1 = 1 \), अतः \( K_p = K_c(RT)^{\Delta n} \Rightarrow K_c = \frac{14.19}{0.082 \times 1127} = 0.154 \text{ (लगभग)} \)

मुख्य बिंदु:

• भार प्रतिशत से मोलों की संख्या और फिर मोल अंश (Mole fraction) निकाले जाते हैं।
• डाल्टन के नियम से आंशिक दाब ज्ञात किया जाता है (\( p_i = x_i \times P_{\text{total}} \))।
• ठोस कार्बन \( \text{C}(\text{s}) \) को \( K_p \) व्यंजक में शामिल नहीं किया जाता।

आम गलतियाँ:

• द्रव्यमान प्रतिशत को सीधे आंशिक दाब मान लेना।
• मोलर द्रव्यमान से भाग दिए बिना सीधे द्रव्यमान का अनुपात निकालना।
• \( K_p \) के व्यंजक में \( \text{CO} \) का वर्ग करना भूल जाना।

Exam Tips:

a) द्रव्यमान से मोल और मोल से मोल अंश निकालने के चरणों को क्रमित रखें।
b) आंशिक दाब निकालने के लिए कुल दाब से गुणा करें।
c) \( K_p \) का व्यंजक लिखते समय ठोस को छोड़ दें।

 

Question 6.24: \( 298\text{K} \) पर \( \text{NO} \) एवं \( \text{O}_2 \) से \( \text{NO}_2 \) बनती है-
\( \text{NO}(\text{g}) + \frac{1}{2}\text{O}_2(\text{g}) \rightleftharpoons \text{NO}_2(\text{g}) \)
अभिक्रिया के लिए (क) \( \Delta_rG^\circ \) एवं (ख) साम्य स्थिरांक की गणना कीजिए-
\( \Delta_fG^\circ(\text{NO}_2) = 52.0\,\text{kJ mol}^{-1} \)
\( \Delta_fG^\circ(\text{NO}) = 87.0\,\text{kJ mol}^{-1} \)
\( \Delta_fG^\circ(\text{O}_2) = 0\,\text{kJ mol}^{-1} \)

Answer:

(क) दी गई अभिक्रिया के लिए मानक मुक्त ऊर्जा परिवर्तन \( \Delta_rG^\circ \):
\( \Delta_rG^\circ = \Delta_fG^\circ(\text{उत्पाद}) - \Delta_fG^\circ(\text{अभिकारक}) \)
\( \Delta_rG^\circ = \Delta_fG^\circ(\text{NO}_2) - [\Delta_fG^\circ(\text{NO}) + \frac{1}{2}\Delta_fG^\circ(\text{O}_2)] \)
\( \Delta_rG^\circ = 52.0 - \{87.0 + 0\} = -35.0\,\text{kJ mol}^{-1} = -35000\,\text{J mol}^{-1} \)
(ख) हम जानते हैं कि \( \Delta_rG^\circ = -RT \ln K = -2.303 RT \log K_c \)
\( -35000 = -2.303 \times 8.314 \times 298 \times \log K_c \)
\( \log K_c = \frac{35000}{5705.8} = 6.134 \)
\( K_c = \text{antilog}(6.134) = 1.36 \times 10^6 \)

मुख्य बिंदु:

• \( \Delta_rG^\circ = -RT \ln K \) संबंध ऊष्मागतिकी और रासायनिक साम्य को जोड़ता है।
• \( \Delta_fG^\circ \) उत्पादों में से अभिकारकों को घटाकर निकाला जाता है।
• \( \log \) से वास्तविक मान निकालने के लिए एंटीलॉग (Antilog) का प्रयोग किया जाता है।

आम गलतियाँ:

• किलोजूल (\(\text{kJ}\)) को जूल (\(\text{J}\)) में बदलना भूल जाना।
• अभिकारकों और उत्पादों के मानों को उल्टा घटा देना।
• तापमान या गैस नियतांक \( R \) का गलत मान रखना।

Exam Tips:

a) यूनिट्स का विशेष ध्यान रखें (\(\text{kJ}\) को जूल में बदलें)।
b) सूत्र \( \Delta G^\circ = -2.303 RT \log K \) का स्पष्ट उपयोग करें।
c) एंटीलॉग देखने का अभ्यास करें।

 

Question 6.25: निम्नलिखित में से प्रत्येक साम्य में जब आयतन बढ़ाकर दाब कम किया जाता है, तब बताइए कि अभिक्रिया के उत्पादों के मोलों की संख्या बढ़ती है या घटती है या समान रहती है?
(क) \( \text{PCl}_5(\text{g}) \rightleftharpoons \text{PCl}_3(\text{g}) + \text{Cl}_2(\text{g}) \)
(ख) \( \text{CaO}(\text{s}) + \text{CO}_2(\text{g}) \rightleftharpoons \text{CaCO}_3(\text{s}) \)
(ग) \( 3\text{Fe}(\text{s}) + 4\text{H}_2\text{O}(\text{g}) \rightleftharpoons \text{Fe}_3\text{O}_4(\text{s}) + 4\text{H}_2(\text{g}) \)

Answer:

(क) इस अभिक्रिया में गैसीय उत्पादों के मोलों की संख्या, अभिकारकों से अधिक है (\( \Delta n = +1 \))। ला शातेलिए के सिद्धांत के अनुसार, दाब कम करने पर (आयतन बढ़ाकर) साम्य उस दिशा में विस्थापित होता है जहाँ गैस के मोलों की संख्या अधिक होती है। अतः अभिक्रिया अग्र दिशा में बढ़ेगी और उत्पादों के मोलों की संख्या बढ़ेगी।
(ख) इस अभिक्रिया में बाएँ पक्ष में 1 मोल गैस है और दाएँ पक्ष में कोई गैस नहीं है। दाब कम करने पर साम्य उस दिशा में जाएगा जहाँ गैस के मोल अधिक हैं, यानी पश्च दिशा में। अतः उत्पादों के मोलों की संख्या घट जाएगी।
(ग) इस अभिक्रिया में दोनों पक्षों में गैसीय मोलों की संख्या समान (\( 4 \)) है। अतः दाब परिवर्तन का इस साम्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और उत्पादों के मोलों की संख्या समान रहेगी।

मुख्य बिंदु:

• ला शातेलिए का नियम: दाब घटाने पर (आयतन बढ़ाने पर) साम्य उस तरफ जाता है जहाँ गैसीय मोलों की संख्या अधिक होती है।
• केवल गैसीय पदार्थों के मोलों की संख्या (\( \Delta n \)) की गणना की जाती है।
• ठोस पदार्थों को इस नियम में दाब के संदर्भ में नहीं गिना जाता।

आम गलतियाँ:

• ठोस पदार्थों के मोलों को भी दाब प्रभाव में गिन लेना।
• दाब घटाने और आयतन बढ़ाने के प्रभाव को उल्टा समझ लेना।
• \( \Delta n \) का मान गलत निकालना।

Exam Tips:

a) प्रत्येक अभिक्रिया में केवल गैसीय अणुओं के गुणांकों की तुलना करें।
b) ला शातेलिए के नियम का कथन संक्षिप्त में लिखकर उत्तर दें।
c) तीनों भागों (क, ख, ग) को अलग-अलग समझाएं।

 

Question 6.26: निम्नलिखित में से प्रत्येक साम्य में जब आयतन बढ़ाकर दाब कम किया जाता है, तब बताइए कि अभिक्रिया के उत्पादों के मोलों की संख्या बढ़ती है या घटती है या समान रहती है?
(क) \( \text{COCl}_2(\text{g}) \rightleftharpoons \text{CO}(\text{g}) + \text{Cl}_2(\text{g}) \)
(ख) \( \text{CH}_4(\text{g}) + 2\text{S}_2(\text{g}) \rightleftharpoons \text{CS}_2(\text{g}) + 2\text{H}_2\text{S}(\text{g}) \)
(ग) \( \text{CO}_2(\text{g}) + \text{C}(\text{s}) \rightleftharpoons 2\text{CO}(\text{g}) \)
(घ) \( 2\text{H}_2(\text{g}) + \text{CO}(\text{g}) \rightleftharpoons \text{CH}_3\text{OH}(\text{g}) \)
(ङ) \( \text{CaCO}_3(\text{s}) \rightleftharpoons \text{CaO}(\text{s}) + \text{CO}_2(\text{g}) \)
(च) \( 4\text{NH}_3(\text{g}) + 5\text{O}_2(\text{g}) \rightleftharpoons 4\text{NO}(\text{g}) + 6\text{H}_2\text{O}(\text{g}) \)

Answer:

(क) अभिकारकों के गैसीय मोल \( = 1 \), उत्पादों के गैसीय मोल \( = 2 \)。दाब कम करने पर साम्य अग्र दिशा में जाएगा, अतः उत्पादों के मोल बढ़ेंगे।
(ख) अभिकारकों के गैसीय मोल \( = 3 \), उत्पादों के गैसीय मोल \( = 3 \)。दोनों और मोल समान हैं, अतः उत्पादों के मोल समान रहेंगे।
(ग) अभिकारकों के गैसीय मोल \( = 1 \), उत्पादों के गैसीय मोल \( = 2 \)。दाब कम करने पर साम्य अग्र दिशा में जाएगा, अतः उत्पादों के मोल बढ़ेंगे।
(घ) अभिकारकों के गैसीय मोल \( = 3 \), उत्पादों के गैसीय मोल \( = 1 \)。दाब कम करने पर साम्य उस दिशा में जाएगा जहाँ मोल अधिक हैं (यानी पश्च दिशा), अतः उत्पादों के मोल घटेंगे।
(ङ) अभिकारकों के गैसीय मोल \( = 0 \), उत्पादों के गैसीय मोल \( = 1 \)。दाब कम करने पर साम्य अग्र दिशा में जाएगा, अतः उत्पादों के मोल बढ़ेंगे।
(च) अभिकारकों के गैसीय मोल \( = 9 \), उत्पादों के गैसीय मोल \( = 10 \)。दाब कम करने पर साम्य अग्र दिशा में जाएगा, अतः उत्पादों के मोल बढ़ेंगे।

मुख्य बिंदु:

• गैसीय मोलों की कुल संख्या की तुलना अभिकारक और उत्पाद पक्ष में की जाती है।
• कम दाब पर साम्य अधिक गैसीय मोलों की दिशा में विस्थापित होता है।
• ठोस (\(\text{s}\)) पदार्थों को गैसीय मोलों की गिनती में शामिल नहीं करते।

आम गलतियाँ:

• ठोस कार्बन या ठोस कैल्शियम कार्बोनेट के मोलों को जोड़ लेना।
• मोलों की तुलना गलत करना।

Exam Tips:

a) प्रत्येक समीकरण के नीचे गैसीय मोलों की संख्या लिखकर स्पष्ट करें।
b) ला शातेलिए के नियम के अनुसार निष्कर्ष (बढ़ती है/घटती है) साफ-साफ लिखें।
c) सभी (क) से (च) तक के भागों के उत्तर क्रमानुसार दें।

 

Question 6.27: निम्नलिखित अभिक्रिया के लिए \( 1024\text{K} \) पर साम्य स्थिरांक \( 1.6 \times 10^5 \) है।
\( \text{H}_2(\text{g}) + \text{Br}_2(\text{g}) \rightleftharpoons 2\text{HBr}(\text{g}) \)
यदि \( \text{HBr} \) के \( 10.0\,\text{bar} \) सील्युक्त पात्र में डाले जाएँ, तो सभी गैसों के \( 1024\text{K} \) पर साम्य दाब ज्ञात कीजिए।

Answer:

दी गई अभिक्रिया: \( \text{H}_2(\text{g}) + \text{Br}_2(\text{g}) \rightleftharpoons 2\text{HBr}(\text{g}); K_p = 1.6 \times 10^5 \)
प्रतीप अभिक्रिया \( 2\text{HBr}(\text{g}) \rightleftharpoons \text{H}_2(\text{g}) + \text{Br}_2(\text{g}) \) के लिए साम्य स्थिरांक \( K_p' = \frac{1}{1.6 \times 10^5} = 6.25 \times 10^{-6} \)
मान लीजिए साम्यवस्था पर \( \text{H}_2 \) और \( \text{Br}_2 \) का दाब \( p \) है:
\( 2\text{HBr} \rightleftharpoons \text{H}_2 + \text{Br}_2 \)
आरंभिक दाब: \( 10\,\text{bar}, 0, 0 \)
साम्य पर दाब: \( 10 - 2p, p, p \)
\( K_p' = \frac{p \times p}{(10 - 2p)^2} = 6.25 \times 10^{-6} \)
वर्गमूल लेने पर: \( \frac{p}{10 - 2p} = 2.5 \times 10^{-3} \)
हल करने पर \( p = 2.49 \times 10^{-2}\,\text{bar} \text{ (लगभग)} \)
अतः साम्य पर, \( p_{\text{H}_2} = p_{\text{Br}_2} = 2.49 \times 10^{-2}\,\text{bar} \) और \( p_{\text{HBr}} = 10 - 2(2.49 \times 10^{-2}) \approx 10\,\text{bar} \).

मुख्य बिंदु:

• चूँकि शुरुआत में केवल उत्पाद (\(\text{HBr}\)) दिया गया है, अभिक्रिया प्रतीप दिशा से शुरू होगी।
• प्रतीप अभिक्रिया का साम्य स्थिरांक मूल मान का व्युत्क्रम होता है।
• पूर्ण वर्ग होने के कारण वर्गमूल विधि का प्रयोग किया जाता है।

आम गलतियाँ:

• \( K_p \) को बिना व्युत्क्रम किए सीधे प्रयोग करना।
• \( 10 - 2p \) के स्थान पर केवल \( 10 - p \) लिखना।
• वर्गमूल लेना भूल जाना।

Exam Tips:

a) अभिक्रिया की दिशा पहचानकर \( K_p \) का सही मान (व्युत्क्रम) निकालें।
b) वर्गमूल लेकर गणना को सरल बनाएं।
c) साम्य पर सभी गैसों के दाब अलग-अलग स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें।

 

Question 6.28: निम्नलिखित ऊष्माशोषी अभिक्रिया के अनुसारॉक्सीकरण द्वारा डाइहाइड्रोजन गैस प्राकृतिक गैस से प्राप्त की जाती है-
\( \text{CH}_4(\text{g}) + \text{H}_2\text{O}(\text{g}) \rightleftharpoons \text{CO}(\text{g}) + 3\text{H}_2(\text{g}) \)
(क) उपरोक्त अभिक्रिया के लिए \( K_p \) का व्यंजक लिखिए।
(ख) \( K_p \) एवं अभिक्रिया मिश्रण का साम्य पर संघटन किस प्रकार प्रभावित होगा, यदि:
(i) दाब बढ़ा दिया जाए (ii) ताप बढ़ा दिया जाए (iii) उत्प्रेरक प्रयुक्त किया जाए

Answer:

(क) \( K_p = \frac{(p_{\text{CO}})(p_{\text{H}_2})^3}{(p_{\text{CH}_4})(p_{\text{H}_2\text{O}})} \)
(ख) (i) दाब बढ़ाने पर साम्य उस दिशा में विस्थापित होगा जहाँ गैसीय मोल कम हैं (यानी पश्च दिशा में), जिससे \( K_p \) अपरिवर्तित रहता है लेकिन संघटन बदल जाता है।
(ii) चूँकि यह एक ऊष्माशोषी (endothermic) अभिक्रिया है, ताप बढ़ाने पर साम्य अग्र दिशा में विस्थापित होगा और \( K_p \) का मान बढ़ जाएगा।
(iii) उत्प्रेरक का साम्य स्थिति या \( K_p \) पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है, यह केवल साम्य प्राप्त करने की दर को बढ़ाता है।

मुख्य बिंदु:

• ला शातेलिए के नियम के अनुसार दाब और ताप का प्रभाव तय किया जाता है।
• ऊष्माशोषी अभिक्रियाओं के लिए ताप बढ़ाने पर साम्य अग्र दिशा में जाता है।
• उत्प्रेरक साम्य अवस्था को प्रभावित नहीं करता, केवल त्वरित करता है।

आम गलतियाँ:

• उत्प्रेरक को साम्य सांद्रता या \( K_p \) को बदलने वाला मान लेना।
• ऊष्माशोषी अभिक्रिया में ताप बढ़ाने पर साम्य को पीछे की ओर मान लेना।
• \( K_p \) के व्यंजक में घातों को छोड़ देना।

Exam Tips:

a) प्रत्येक उप-भाग (क, ख के i, ii, iii) का उत्तर अलग-अलग बिंदुओं में लिखें।
b) ला शातेलिए के सिद्धांत का स्पष्ट संदर्भ दें।
c) \( K_p \) का व्यंजक सही रसमीकरणमितीय गुणांकों के साथ लिखें।

 

Question 6.29: अभिक्रिया \( 2\text{H}_2(\text{g}) + \text{CO}(\text{g}) \rightleftharpoons \text{CH}_3\text{OH}(\text{g}) \) पर प्रभाव बताइए:
(क) \( \text{H}_2 \) का योग
(ख) \( \text{CH}_3\text{OH} \) का योग
(ग) \( \text{CO} \) को हटाना
(घ) \( \text{CH}_3\text{OH} \) को हटाना

Answer:

(क) \( \text{H}_2 \) मिलाने पर, ला शातेलिए के नियम के अनुसार साम्य अग्र दिशा में विस्थापित हो जाएगा ताकि अतिरिक्त \( \text{H}_2 \) का उपयोग हो सके।
(ख) \( \text{CH}_3\text{OH} \) मिलाने पर, साम्य पश्च दिशा में विस्थापित हो जाएगा ताकि उत्पाद की अधिकता कम हो सके।
(ग) \( \text{CO} \) को हटाने पर, साम्य पीछे (पश्च दिशा) में विस्थापित हो जाएगा क्योंकि अभिकारक की कमी को पूरा करना है।
(घ) \( \text{CH}_3\text{OH} \) को हटाने पर, साम्य अग्र दिशा में विस्थापित हो जाएगा ताकि उत्पाद की कमी पूरी की जा सके।

मुख्य बिंदु:

• किसी अभिकारक को मिलाने या उत्पाद को हटाने पर अभिक्रिया अग्र दिशा में जाती है।
• किसी उत्पाद को मिलाने या अभिकारक को हटाने पर अभिक्रिया पश्च दिशा में जाती है。
• यह ला शातेलिए के नियम का सीधा अनुप्रयोग है।

आम गलतियाँ:

• अभिकारक हटाने और मिलाने के प्रभावों को आपस में मिला देना।
• उत्पाद हटाने पर साम्य के पीछे जाने की भ्रान्ति रखना।

Exam Tips:

a) प्रत्येक स्थिति (क से घ) के लिए स्पष्ट रूप से 'अग्र दिशा' या 'पश्च दिशा' लिखें।
b) ला शातेलिए के सिद्धांत का मूल आधार (प्रभाव को कम करना) ध्यान में रखें।
c) उत्तर को संक्षिप्त और सटीक रखें।

 

Question 6.30: \( 473\text{K} \) पर फॉस्फोरस पेंटाक्लोराइड \( \text{PCl}_5 \) के विघटन के लिए \( K_c \) का मान \( 8.3 \times 10^{-3} \) है। यदि विघटन इस प्रकार दर्शाया जाए, तो:
\( \text{PCl}_5(\text{g}) \rightleftharpoons \text{PCl}_3(\text{g}) + \text{Cl}_2(\text{g}), \Delta H^\circ = 24.0\,\text{kJ mol}^{-1} \)
(क) अभिक्रिया के लिए \( K_c \) का व्यंजक लिखिए।
(ख) प्रतीप अभिक्रिया के लिए समान ताप पर \( K_c \) का मान क्या है?
(ग) यदि (i) और अधिक \( \text{PCl}_5 \) मिलाया जाए, (ii) दाब बढ़ाया जाए तथा (iii) ताप बढ़ाया जाए, तो \( K_c \) पर क्या प्रभाव होगा?

Answer:

(क) \( K_c = \frac{[\text{PCl}_3][\text{Cl}_2]}{[\text{PCl}_5]} \)
(ख) प्रतीप अभिक्रिया के लिए \( K_c' = \frac{1}{K_c} = \frac{1}{8.3 \times 10^{-3}} = 1.2048 \times 10^2 = 120.48 \)
(ग) (i) \( \text{PCl}_5 \) मिलाने पर साम्य संघटन बदलता है लेकिन साम्य स्थिरांक \( K_c \) अपरिवर्तित रहता है।
(ii) दाब बढ़ाने पर साम्य पीछे जाता है, किंतु \( K_c \) अपरिवर्तित रहता है क्योंकि \( K_c \) केवल ताप पर निर्भर करता है।
(iii) चूँकि यह ऊष्माशोषी अभिक्रिया है, ताप बढ़ाने पर \( K_c \) का मान बढ़ जाएगा।

मुख्य बिंदु:

• साम्य स्थिरांक (\( K_c \) या \( K_p \)) का मान केवल तापमान बदलने पर बदलता है, सांद्रता या दाब बदलने पर नहीं।
• प्रतीप अभिक्रिया का \( K_c \) अग्र अभिक्रिया के \( K_c \) का व्युत्क्रम होता है।
• ऊष्माशोषी अभिक्रिया में ताप बढ़ाने पर \( K \) का मान बढ़ता है।

आम गलतियाँ:

• सांद्रता या दाब बदलने पर भी \( K_c \) का मान बदल जाने की गलती करना।
• प्रतीप अभिक्रिया के लिए \( K_c \) निकालते समय व्युत्क्रम न करना।

Exam Tips:

a) यह बात हमेशा याद रखें कि साम्य स्थिरांक केवल ताप का फलन (function of temperature) है।
b) प्रत्येक उप-प्रश्न का उत्तर स्पष्ट रूप से अलग दें।
c) गणना को सही वैज्ञानिक रूप में लिखें।

 

Question 6.31: हाबर विधि में प्रयुक्त हाइड्रोजन को प्राकृतिक गैस से प्राप्त मेथेन को उच्च ताप की भाप से क्रिया कर बनाया जाता है। दो पदों वाली अभिक्रिया में प्रथम पद में \( \text{CO} \) एवं \( \text{H}_2 \) बनती हैं। दूसरे पद में प्रथम पद में बनने वाली \( \text{CO} \) और अधिक भाप से अभिक्रिया करती है:
\( \text{CO}(\text{g}) + \text{H}_2\text{O}(\text{g}) \rightleftharpoons \text{CO}_2(\text{g}) + \text{H}_2(\text{g}) \)
यदि \( 400^\circ\text{C} \) पर अभिक्रिया पात्र में \( \text{CO} \) एवं भाप का सममोलर मिश्रण लिया जाए कि \( p_{\text{CO}} = p_{\text{H}_2\text{O}} = 4.0\,\text{bar}, \text{H}_2 \) का साम्यवस्था पर आंशिक दाब क्या होगा? \( 400^\circ\text{C} \text{ पर } K_p = 10.1 \)

Answer:

माना कार्बन डाइऑक्साइड तथा हाइड्रोजन गैस दोनों का आंशिक दाब \( p \) है। दी गई अभिक्रिया है:
\( \text{CO}(\text{g}) + \text{H}_2\text{O}(\text{g}) \rightleftharpoons \text{CO}_2(\text{g}) + \text{H}_2(\text{g}) \)
आरंभिक दाब: \( 4.0\,\text{bar}, 4.0\,\text{bar}, 0, 0 \)
साम्य पर दाब: \( 4.0 - p, 4.0 - p, p, p \)
\( K_p = \frac{p_{\text{CO}_2} \times p_{\text{H}_2}}{p_{\text{CO}} \times p_{\text{H}_2\text{O}}} \Rightarrow 10.1 = \frac{p \times p}{(4.0 - p)(4.0 - p)} = \left(\frac{p}{4.0 - p}\right)^2 \)
दोनों पक्षों का वर्गमूल लेने पर: \( \sqrt{10.1} = 3.178 = \frac{p}{4.0 - p} \)
हल करने पर: \( p = 3.178(4.0 - p) \Rightarrow 4.178p = 12.712 \Rightarrow p = 3.04\,\text{bar} \)
अतः साम्यवस्था पर \( \text{H}_2 \) का आंशिक दाब \( 3.04\,\text{bar} \) होगा।

मुख्य बिंदु:

• सममोलर और समान दाब होने के कारण अभिकारकों की प्रारंभिक स्थिति समान ली जाती है।
• पूर्ण वर्ग बनने पर वर्गमूल विधि का प्रयोग करने से गणना सरल हो जाती है।
• \( K_p \) के व्यंजक में आंशिक दाब का उपयोग किया जाता है।

आम गलतियाँ:

• वर्गमूल लेने के स्थान पर द्विघात समीकरण को सीधे हल करने में गलती करना।
• साम्य दाब \( 4.0 - p \) के बजाय केवल \( p \) मान लेना।
• \( \sqrt{10.1} \) का मान गलत निकालना।

Exam Tips:

a) दोनों पक्षों का वर्गमूल लेकर समीकरण को रैखिक (linear) बनाएं।
b) \( p \) का मान सावधानी से हल करें।
c) उत्तर के साथ उचित इकाई (\(\text{bar}\)) लिखें।

 

Question 6.32: बताइए कि निम्नलिखित में से किस अभिक्रिया में अभिकारकों एवं उत्पादों की सांद्रता सुप्रेक्ष्य होगी:
(क) \( \text{Cl}_2(\text{g}) \rightleftharpoons 2\text{Cl}(\text{g}); K_c = 5 \times 10^{-39} \)
(ख) \( \text{Cl}_2(\text{g}) + 2\text{NO}(\text{g}) \rightleftharpoons 2\text{NOCl}(\text{g}); K_c = 3.7 \times 10^8 \)
(ग) \( \text{Cl}_2(\text{g}) + 2\text{NO}_2(\text{g}) \rightleftharpoons 2\text{NO}_2\text{Cl}(\text{g}); K_c = 1.8 \)

Answer:

जिन अभिक्रियाओं के लिए साम्य स्थिरांक \( K_c \) का मान \( 10^{-3} \) से \( 10^3 \) के बीच होता है, उनमें साम्य पर अभिकारकों और उत्पादों दोनों की सांद्रताएँ पर्याप्त मात्रा में (सुप्रेक्ष्य) उपस्थित होती हैं।
(क) \( K_c = 5 \times 10^{-39} \) (बहुत कम है, अतः केवल अभिकारक उपस्थित हैं)
(ख) \( K_c = 3.7 \times 10^8 \) (बहुत अधिक है, अतः लगभग पूर्णतः उत्पाद बन चुके हैं)
(ग) \( K_c = 1.8 \) (यह मान \( 10^{-3} \) और \( 10^3 \) की सीमा के भीतर है)
अतः केवल अभिक्रिया (ग) में अभिकारकों एवं उत्पादों की सांद्रताएँ सुप्रेक्ष्य होंगी।

मुख्य बिंदु:

• \( K \) का मान \( 10^{-3} \) से \( 10^3 \) के मध्य होने पर दोनों की पर्याप्त मात्रा होती है।
• अति उच्च \( K \) का अर्थ है कि अभिक्रिया लगभग पूर्ण हो चुकी है।
• अति अल्प \( K \) का अर्थ है कि अभिक्रिया मुश्किल से शुरू हुई है।

आम गलतियाँ:

• सीमा मानों (\( 10^{-3} \) और \( 10^3 \)) को भूल जाना।
• केवल संख्या को देखकर बिना घात का आकलन किए उत्तर देना।

Exam Tips:

a) सिद्धांत स्पष्ट रूप से लिखें कि सुप्रेक्ष्य सांद्रता के लिए \( K_c \) का मान किस परास (range) में होना चाहिए।
b) प्रत्येक भाग का विश्लेषण करके कारण सहित उत्तर दें।
c) सही विकल्प (ग) को चिह्नित करें।

 

Question 6.33: \( 25^\circ\text{C} \) पर अभिक्रिया \( 3\text{O}_2(\text{g}) \rightleftharpoons 2\text{O}_3(\text{g}) \) के लिए \( K_c \) का मान \( 2.0 \times 10^{-50} \) है। यदि \( 25^\circ\text{C} \) पर वायु में \( \text{O}_2 \) की साम्य सांद्रता \( 1.6 \times 10^{-2} \) है, तो \( \text{O}_3 \) की सांद्रता क्या है?

Answer:

दी गई अभिक्रिया: \( 3\text{O}_2(\text{g}) \rightleftharpoons 2\text{O}_3(\text{g}) \)
\( K_c = \frac{[\text{O}_3]^2}{[\text{O}_2]^3} = 2.0 \times 10^{-50} \)
दिया गया है: \( [\text{O}_2] = 1.6 \times 10^{-2}\,\text{M} \)
\( [\text{O}_3]^2 = K_c \times [\text{O}_2]^3 = (2.0 \times 10^{-50}) \times (1.6 \times 10^{-2})^3 \)
\( [\text{O}_3]^2 = (2.0 \times 10^{-50}) \times (4.096 \times 10^{-6}) = 8.192 \times 10^{-56} \)
\( [\text{O}_3] = \sqrt{8.192 \times 10^{-56}} = 2.86 \times 10^{-28}\,\text{M} \)
अतः, साम्य पर \( \text{O}_3 \) की सांद्रता \( 2.86 \times 10^{-28}\,\text{M} \) है।

मुख्य बिंदु:

• साम्य स्थिरांक के व्यंजक में मान प्रतिस्थापित करके अज्ञात सांद्रता निकाली जाती है।
• \( [\text{O}_2] \) की घात \( 3 \) और \( [\text{O}_3] \) की घात \( 2 \) का ध्यान रखें।
• घातांकों की गणना सावधानी से करें।

आम गलतियाँ:

• सांद्रता की घातों को गलत रखना (जैसे \( \text{O}_3 \) का घन कर देना)।
• वर्गमूल निकालते समय घातों को आधा न करना (\( 10^{-56} \) का वर्गमूल \( 10^{-28} \) होता है)।

Exam Tips:

a) पहले \( K_c \) का व्यंजक लिखें और उसे अज्ञात पद के लिए हल करें।
b) वैज्ञानिक संकेतन की गणना चरणों में करें।
c) अंत में सही इकाई (\(\text{M}\)) लगाएं।

 

Question 6.34: अभिक्रिया, \( \text{CO}(\text{g}) + 3\text{H}_2(\text{g}) \rightleftharpoons \text{CH}_4(\text{g}) + \text{H}_2\text{O}(\text{g}) \) एक लीटर फ्लास्क में \( 1300\text{K} \) पर साम्यवस्था में है। इसमें \( \text{CO} \) के \( 0.3\,\text{mol}, \text{H}_2 \) के \( 0.01\,\text{mol}, \text{H}_2\text{O} \) के \( 0.02\,\text{mol \) एवं \( \text{CH}_4 \) की अज्ञात मात्रा है। दिए गए ताप पर अभिक्रिया के लिए \( K_c \) का मान \( 3.90 \) है। मिश्रण में \( \text{CH}_4 \) की मात्रा ज्ञात कीजिए।

Answer:

मान लीजिए साम्यवस्था में मेथेन (\(\text{CH}_4\)) की सांद्रता \( x \) है।
आयतन \( V = 1\,\text{L} \) है, इसलिए मोल और सांद्रता समान हैं:
\( [\text{CO}] = 0.3\,\text{M}, [\text{H}_2] = 0.01\,\text{M}, [\text{H}_2\text{O}] = 0.02\,\text{M}, [\text{CH}_4] = x \)
साम्य स्थिरांक \( K_c = \frac{[\text{CH}_4][\text{H}_2\text{O}]}{[\text{CO}][\text{H}_2]^3} \)
\( 3.90 = \frac{x \times 0.02}{0.3 \times (0.01)^3} \Rightarrow 3.90 = \frac{0.02x}{0.3 \times 10^{-6}} \)
\( x = \frac{3.90 \times 0.3 \times 10^{-6}}{0.02} = \frac{1.17 \times 10^{-6}}{0.02} = 5.85 \times 10^{-5}\,\text{mol L}^{-1} \)
अतः साम्य पर \( \text{CH}_4 \) की सांद्रता \( 5.85 \times 10^{-5}\,\text{M} \) है।

मुख्य बिंदु:

• 1 लीटर पात्र होने के कारण मोलों की संख्या ही मोलर सांद्रता होती है।
• \( K_c \) के व्यंजक में सभी मान रखकर अज्ञात \( x \) का पक्षांतर किया जाता है।
• \( [\text{H}_2]^3 \) का विशेष ध्यान रखें।

आम गलतियाँ:

• \( [\text{H}_2] \) की घात \( 3 \) न लगाना।
• पक्षांतर करते समय दस की घातों (\( 10^{-6} \) आदि) में गलती करना।

Exam Tips:

a) आयतन 1 लीटर होने का लाभ उठाते हुए सीधे मोलों को सांद्रता मानकर हल करें।
b) समीकरण को \( x \) के लिए व्यवस्थित करके गणना करें।
c) परिणाम को मानक वैज्ञानिक संकेतन में दें।

 

Question 6.35: संयुग्मी अम्ल-क्षार युग्म का क्या अर्थ है? निम्नलिखित स्पीशीज के लिए संयुग्मी अम्ल/क्षार बताइए:
\( \text{HNO}_2, \text{CN}^-, \text{HClO}_4, \text{F}^-, \text{OH}^-, \text{CO}_3^{2-} \text{ and } \text{S}^{2-} \)

Answer:

संयुग्मी अम्ल-क्षार युग्म ऐसी जोड़ी है जो केवल एक प्रोटॉन (\(\text{H}^+\)) के आदान-प्रदान से भिन्न होती है। जब कोई अम्ल एक प्रोटॉन त्यागता है, तो जो स्पीशीज बनती है वह उसका संयुग्मी क्षार होती है, और जब कोई क्षार प्रोटॉन ग्रहण करता है, तो वह उसका संयुग्मी अम्ल बनता है।
दी गई जातियों के संयुग्मी अम्ल/क्षार निम्नलिखित हैं:
• \( \text{HNO}_2 \) का संयुग्मी क्षार \( \text{NO}_2^- \)
• \( \text{CN}^- \) का संयुग्मी अम्ल \( \text{HCN} \)
• \( \text{HClO}_4 \) का संयुग्मी क्षार \( \text{ClO}_4^- \)
• \( \text{F}^- \) का संयुग्मी अम्ल \( \text{HF} \)
• \( \text{OH}^- \) का संयुग्मी अम्ल \( \text{H}_2\text{O} \) तथा संयुग्मी क्षार \( \text{O}^{2-} \)
• \( \text{CO}_3^{2-} \) का संयुग्मी अम्ल \( \text{HCO}_3^- \)
• \( \text{S}^{2-} \) का संयुग्मी अम्ल \( \text{HS}^- \)

मुख्य बिंदु:

• संयुग्मी अम्ल प्राप्त करने के लिए स्पीशीज में एक \( \text{H}^+ \) जोड़ें।
• संयुग्मी क्षार प्राप्त करने के लिए स्पीशीज से एक \( \text{H}^+ \) हटाएं।
• दोनों में केवल एक प्रोटॉन (\(\text{H}^+\)) का अंतर होता है।

आम गलतियाँ:

• प्रोटॉन जोड़ने के स्थान पर इलेक्ट्रॉन जोड़ना/घटाना।
• आवेशों (Charges) का संतुलन सही से न रखना।

Exam Tips:

a) संयुग्मी अम्ल के लिए \( + \text{H}^+ \) और संयुग्मी क्षार के लिए \( - \text{H}^+ \) का नियम याद रखें।
b) उत्तर को तालिका या स्पष्ट बिंदुओं में लिखें।
c) आवेशों को ध्यान से संतुलित करें।

 

Question 6.36: निम्नलिखित में से कौन से लूइस अम्ल हैं? \( \text{H}_2\text{O}, \text{BF}_3, \text{H}^+ \text{ और } \text{NH}_3 \)

Answer:

लूइस अम्ल वे रासायनिक स्पीशीज हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म को ग्रहण कर सकते हैं (इलेक्ट्रॉन-न्यून स्पीशीज)।
दिए गए विकल्पों में से \( \text{BF}_3 \) और \( \text{H}^+ \) लूइस अम्ल हैं।
(\( \text{BF}_3 \) का अष्टक अधूरा होता है और \( \text{H}^+ \) के पास इलेक्ट्रॉन की कमी होती है, जबकि \( \text{H}_2\text{O} \) और \( \text{NH}_3 \) लूइस क्षार हैं क्योंकि उनके पास एकांकी इलेक्ट्रॉन युग्म होते हैं)

मुख्य बिंदु:

• लूइस अम्ल \( = \) इलेक्ट्रॉन युग्म ग्राही (Electron pair acceptor)।
• \( \text{BF}_3 \) में केंद्रीय परमाणु पर केवल 6 इलेक्ट्रॉन होते हैं, अतः यह इलेक्ट्रॉन न्यून है।
• \( \text{H}^+ \) धनायन होने के कारण इलेक्ट्रॉन युग्म आकर्षित करता है।

आम गलतियाँ:

• लूइस अम्ल और ब्रॉन्स्टेड अम्ल को आपस में मिला देना।
• \( \text{H}_2\text{O} \) या \( \text{NH}_3 \) को अम्ल मान लेना।

Exam Tips:

a) परिभाषा याद रखें: अम्ल = इलेक्ट्रॉन ग्राही, क्षार = इलेक्ट्रॉन दाता।
b) केंद्रीय परमाणु का अष्टक जाँचें।
c) सही स्पीशीज के नाम स्पष्ट रूप से चुनें।

 

Question 6.37: ब्रॉन्स्टेड अम्लों के लिए संयुग्मी क्षारक क्या होंगे: \( \text{HF}, \text{H}_2\text{SO}_4 \text{ और } \text{HCO}_3^- \)?

Answer:

किसी ब्रॉन्स्टेड अम्ल से एक प्रोटॉन (\(\text{H}^+\)) निकालने पर प्राप्त स्पीशीज उसका संयुग्मी क्षारक कहलाती है।
• \( \text{HF} \) का संयुग्मी क्षारक \( \text{F}^- \) है।
• \( \text{H}_2\text{SO}_4 \) का संयुग्मी क्षारक \( \text{HSO}_4^- \) है।
• \( \text{HCO}_3^- \) का संयुग्मी क्षारक \( \text{CO}_3^{2-} \) है।

मुख्य बिंदु:

• संयुग्मी क्षारक प्राप्त करने के लिए अम्ल से एक \( \text{H}^+ \) आयन हटा दें।
• परिणामी स्पीशीज पर आवेश एक इकाई कम हो जाता है।

आम गलतियाँ:

• प्रोटॉन जोड़ने के बजाय हटा देना या इसके विपरीत करना।
• आवेशों को सही से न दर्शाना (जैसे \( \text{SO}_4^{2-} \) की जगह \( \text{SO}_4^- \) लिख देना)।

Exam Tips:

a) अम्ल से एक \( \text{H}^+ \) कम करने का नियम अपनाएं।
b) प्रत्येक यौगिक के लिए अलग से उत्तर दें।
c) रासायनिक संकेत और आवेश शुद्ध लिखें।

 

Question 6.38: निम्नलिखित ब्रॉन्स्टेड क्षारों के लिए संयुग्मी अम्ल लिखिए: \( \text{NH}_2^-, \text{NH}_3 \text{ और } \text{HCO}_3^- \)

Answer:

किसी ब्रॉन्स्टेड क्षार में एक प्रोटॉन (\(\text{H}^+\)) जोड़ने पर प्राप्त स्पीशीज उसका संयुग्मी अम्ल कहलाती है।
• \( \text{NH}_2^- \) का संयुग्मी अम्ल \( \text{NH}_3 \) है।
• \( \text{NH}_3 \) का संयुग्मी अम्ल \( \text{NH}_4^+ \) है।
• \( \text{HCO}_3^- \) का संयुग्मी अम्ल \( \text{H}_2\text{CO}_3 \) है।

मुख्य बिंदु:

• संयुग्मी अम्ल प्राप्त करने के लिए क्षार में एक \( \text{H}^+ \) आयन जोड़ें।
• \( \text{H}^+ \) जुड़ने से ऋणावेश कम होता है या धनावेश बढ़ता है।

आम गलतियाँ:

• प्रोटॉन जोड़ने के बाद आवेश का संतुलन गलत करना (जैसे \( \text{NH}_2^- \) में \( \text{H}^+ \) जोड़ने पर \( \text{NH}_3 \) बनता है, न कि \( \text{NH}_4^+ \))।

Exam Tips:

a) क्षार में एक \( \text{H} \) और एक धन आवेश जोड़कर संयुग्मी अम्ल बनाएँ।
b) प्रत्येक स्पीशीज को क्रमानुसार हल करें।

 

Question 6.39: स्पीशीज: \( \text{H}_2\text{O}, \text{HCO}_3^-, \text{HSO}_4^- \text{ और } \text{NH}_3 \), ब्रॉन्स्टेड एसिड और बेस दोनों के रूप में कार्य कर सकते हैं। प्रत्येक स्थिति के लिए संबंधित संयम अम्ल और क्षार दें।

Answer:

ऐसी स्पीशीज जो प्रोटॉन दे भी सकती हैं और ले भी सकती हैं, उन्हें उभयधर्मी (Amphoteric) स्पीशीज कहा जाता है।
• \( \text{H}_2\text{O} \): संयुग्मी अम्ल \( \text{H}_3\text{O}^+ \), संयुग्मी क्षार \( \text{OH}^- \)
• \( \text{HCO}_3^- \): संयुग्मी अम्ल \( \text{H}_2\text{CO}_3 \), संयुग्मी क्षार \( \text{CO}_3^{2-} \)
• \( \text{HSO}_4^- \): संयुग्मी अम्ल \( \text{H}_2\text{SO}_4 \), संयुग्मी क्षार \( \text{SO}_4^{2-} \)
• \( \text{NH}_3 \): संयुग्मी अम्ल \( \text{NH}_4^+ \), संयुग्मी क्षार \( \text{NH}_2^- \)

मुख्य बिंदु:

• उभयधर्मी स्पीशीज अम्ल और क्षार दोनों रूप में व्यवहार कर सकती हैं।
• अम्ल के रूप में यह प्रोटॉन दान करती है, क्षार के रूप में यह प्रोटॉन ग्रहण करती है।

आम गलतियाँ:

• संयुग्मी अम्ल और क्षार की परिभाषा में भ्रमित होना।

Exam Tips:

a) प्रत्येक स्पीशीज के लिए एक तरफ अम्ल रूप (प्रोटॉन जोड़कर) और दूसरी तरफ क्षार रूप (प्रोटॉन हटाकर) दिखाएं।

 

Question 6.40: निम्नलिखित स्पीशीज को लूइस अम्ल तथा क्षारक में वर्गीकृत कीजिए तथा बताइए कि ये किस प्रकार लूइस अम्ल-क्षारक के समान कार्य करते हैं: (क) \( \text{OH}^- \) (ख) \( \text{F}^- \) (ग) \( \text{H}^+ \) (घ) \( \text{BCl}_3 \)

Answer:

(क) \( \text{OH}^- \) एक लूइस क्षारक है क्योंकि यह इलेक्ट्रॉनों की अपनी अकेली जोड़ी (lone pair) दान कर सकता है।
(ख) \( \text{F}^- \) एक लूइस क्षारक है क्योंकि यह इलेक्ट्रॉनों का एक जोड़ा दान कर सकता है।
(ग) \( \text{H}^+ \) एक लूइस अम्ल है क्योंकि यह इलेक्ट्रॉनों की एक जोड़ी स्वीकार कर सकता है।
(घ) \( \text{BCl}_3 \) एक लूइस अम्ल है क्योंकि बोरॉन का अष्टक अधूरा होने के कारण यह इलेक्ट्रॉनों की जोड़ी स्वीकार कर सकता है।

मुख्य बिंदु:

• लूइस क्षारक \( = \) इलेक्ट्रॉन युग्म दाता (Lone pair donor)।
• लूइस अम्ल \( = \) इलेक्ट्रॉन युग्म ग्राही (Lone pair acceptor)।

आम गलतियाँ:

• धनायनों को क्षारक और ऋणायनों को अम्ल मान लेना (जो कि विपरीत है)।

Exam Tips:

a) प्रत्येक स्पीशीज के पास मौजूद एकांकी युग्म (lone pair) या अष्टक की स्थिति की जाँच करें।
b) कारण स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question 6.41: एक मृदु पेय के नमूने में हाइड्रोजन आयन की सांद्रता \( 3.8 \times 10^{-3}\,\text{M} \) है। उसकी pH परिकलित कीजिए।

Answer:

दिया है: \( [\text{H}^+] = 3.8 \times 10^{-3}\,\text{M} \)
\( \text{pH} = -\log [\text{H}^+] \)
\( \text{pH} = -\log (3.8 \times 10^{-3}) = -(\log 3.8 + \log 10^{-3}) \)
\( \text{pH} = -(0.58 - 3) = 3 - 0.58 = 2.42 \)

मुख्य बिंदु:

• \( \text{pH} \) का सूत्र \( -\log[\text{H}^+] \) होता है।
• लघुगणक के गुणों (\( \log(a \times b) = \log a + \log b \) और \( \log a^n = n \log a \)) का प्रयोग किया जाता है।

आम गलतियाँ:

• \( \log \) लेते समय चिह्नों की गलती करना।
• \( \log 3.8 \) का मान गलत देखना।

Exam Tips:

a) लघुगणक की सारणी का उपयोग करना सीखें।
b) चरणबद्ध तरीके से ऋण चिह्न को अंदर गुणा करें।

 

Question 6.42: सिरके के एक नमूने की pH, \( 3.76 \) है, इसमें हाइड्रोजन आयन की सांद्रता ज्ञात कीजिए।

Answer:

दिया है: \( \text{pH} = 3.76 \)
हम जानते हैं कि \( \text{pH} = -\log [\text{H}^+] \Rightarrow -\text{pH} = \log [\text{H}^+] \)
\( [\text{H}^+] = \text{antilog} (-\text{pH}) = \text{antilog} (-3.76) = \text{antilog} (-4 + 0.24) = 1.74 \times 10^{-4}\,\text{M} \)
अतः दिए गए सिरके के नमूने में हाइड्रोजन आयन की सांद्रता \( 1.74 \times 10^{-4}\,\text{M} \) है।

मुख्य बिंदु:

• \( [\text{H}^+] \) निकालने के लिए एन्टीलॉग (Antilog) का उपयोग किया जाता है।
• ऋणात्मक दशमलव संख्या को पूर्णांक और धनात्मक अंश में तोड़कर एन्टीलॉग निकाला जाता है (\( -3.76 = -4 + 0.24 \))。

आम गलतियाँ:

• सीधे \( -3.76 \) का एन्टीलॉग देखने की कोशिश करना बिना पूर्णांक में बदले।

Exam Tips:

a) एंटीलॉग निकालने की विधि का अभ्यास करें।
b) इकाई (\(\text{M}\)) अवश्य लिखें।

 

Question 6.43: HF, HCOOH तथा HCN का \( 298\text{K} \) पर आयनन स्थिरांक क्रमशः \( 6.8 \times 10^{-4}, 1.8 \times 10^{-4} \text{ तथा } 4.8 \times 10^{-9} \) हैं। इनके संगत संयुग्म क्षारों के आयनन स्थिरांक ज्ञात कीजिए।

Answer:

हम जानते हैं कि \( K_a \times K_b = K_w \), जहाँ \( K_w = 1.0 \times 10^{-14} \) है।
अतः संयुग्मी क्षार का आयनन स्थिरांक \( K_b = \frac{K_w}{K_a} \)
• \( \text{HF} \) के लिए (\( K_a = 6.8 \times 10^{-4} \)):
\( K_b(\text{F}^-) = \frac{10^{-14}}{6.8 \times 10^{-4}} = 1.47 \times 10^{-11} \) (लगभग \( 1.5 \times 10^{-11} \))
• \( \text{HCOOH} \) के लिए (\( K_a = 1.8 \times 10^{-4} \)):
\( K_b(\text{HCOO}^-) = \frac{10^{-14}}{1.8 \times 10^{-4}} = 5.56 \times 10^{-11} \) (लगभग \( 5.6 \times 10^{-11} \))
• \( \text{HCN} \) के लिए (\( K_a = 4.8 \times 10^{-9} \)):
\( K_b(\text{CN}^-) = \frac{10^{-14}}{4.8 \times 10^{-9}} = 2.08 \times 10^{-6} \)

मुख्य बिंदु:

• \( K_a \times K_b = K_w \) अम्ल और उसके संयुग्मी क्षार के लिए हमेशा लागू होता है।
• \( K_w \) का मान \( 298\text{K} \) पर \( 1.0 \times 10^{-14} \) होता है।

आम गलतियाँ:

• \( K_w \) का गलत मान रखना।
• भाग देते समय दस की घातों का गलत संयोजन करना।

Exam Tips:

a) संबंध \( K_a \cdot K_b = K_w \) को स्पष्ट रूप से लिखें।
b) गणना को सावधानी से हल करें।

 

Question 6.44: फीनॉल का आयनन स्थिरांक \( 1.0 \times 10^{-10} \) है। \( 0.05\text{M} \) फीनॉल के विलयन में फीनोलैट आयन की सांद्रता तथा \( 0.01\text{M} \) सोडियम फीनेट विलयन में उसके आयनन की मात्र ज्ञात कीजिए।

Answer:

फीनॉल का आयनन: \( \text{C}_6\text{H}_5\text{OH} + \text{H}_2\text{O} \rightleftharpoons \text{C}_6\text{H}_5\text{O}^- + \text{H}_3\text{O}^+ \)
\( K_a = \frac{[\text{C}_6\text{H}_5\text{O}^-][\text{H}_3\text{O}^+]}{[\text{C}_6\text{H}_5\text{OH}]} \)
चूंकि \( K_a \) का मान बहुत कम है, \( 0.05 - x \approx 0.05 \) माना जा सकता है।
\( x^2 = K_a \times C = 1.0 \times 10^{-10} \times 0.05 = 5 \times 10^{-12} \)
\( x = \sqrt{5 \times 10^{-12}} = 2.24 \times 10^{-6}\,\text{M} = [\text{H}_3\text{O}^+] = [\text{C}_6\text{H}_5\text{O}^-] \)
अतः फीनोलैट आयन की सांद्रता \( 2.24 \times 10^{-6}\,\text{M \) है।

मुख्य बिंदु:

• दुर्बल अम्ल के लिए \( [\text{H}^+] = \sqrt{K_a \cdot C} \) सूत्र का उपयोग किया जाता है।
• वियोजन की मात्रा कम होने के कारण \( (C - x) \) को लगभग \( C \) मान लिया जाता है।

आम गलतियाँ:

• वर्गमूल निकालते समय घातों की गणना में त्रुटि करना।

Exam Tips:

a) दुर्बल अम्ल के आयनन के लिए अनुमानित सूत्र का उपयोग वैध होने का कारण बताएं।
b) इकाई (\(\text{M}\)) साथ में लिखें।

 

Question 6.45: \( \text{H}_2\text{S} \) का प्रथम आयनन स्थिरांक \( 9.1 \times 10^{-8} \) है। इसके \( 0.1\text{M} \) विलयन में \( \text{HS}^- \) आयनों की सांद्रता की गणना कीजिए तथा बताइए कि यदि इसमें \( 0.1\text{M HCl} \) भी उपस्थित हो, तो सांद्रता किस प्रकार प्रभावित होगी, यदि \( \text{H}_2\text{S} \) का द्वितीय वियोजन स्थिरांक \( 1.2 \times 10^{-13} \) हो, तो सल्फाइड \( \text{S}^{2-} \) आयनों की दोनों स्थितियों में सांद्रता की गणना कीजिए।

Answer:

स्थिति-I (\(\text{HCl}\) की अनुपस्थिति में):
\( \text{H}_2\text{S} \rightleftharpoons \text{H}^+ + \text{HS}^- \)
\( K_{a1} = \frac{[\text{H}^+][\text{HS}^-]}{[\text{H}_2\text{S}]} \Rightarrow 9.1 \times 10^{-8} = \frac{x \times x}{0.1 - x} \approx \frac{x^2}{0.1} \)
\( x^2 = 9.1 \times 10^{-9} = 91 \times 10^{-10} \Rightarrow x = 9.54 \times 10^{-5}\,\text{M} = [\text{HS}^-] \)
स्थिति-II (\(\text{HCl}\) की उपस्थिति में):
\(\text{HCl}\) के कारण \( [\text{H}^+] = 0.1\,\text{M} \) हो जाता है।
\( 9.1 \times 10^{-8} = \frac{0.1 \times y}{0.1} \Rightarrow y = 9.1 \times 10^{-8}\,\text{M} = [\text{HS}^-] \)
सल्फाइड आयन \( [\text{S}^{2-}] \) की सांद्रता दोनों स्थितियों में द्वितीय वियोजन स्थिरांक से निकाली जाती है, जो HCl की उपस्थिति में समन प्रभाव (Common ion effect) के कारण अत्यधिक घट जाती है।

मुख्य बिंदु:

• समन आयन प्रभाव (Common ion effect) के कारण दुर्बल अम्ल का वियोजन और कम हो जाता है।
• \( \text{H}_2\text{S} \) का प्रथम और द्वितीय वियोजन अलग-अलग चरणों में हल किया जाता है।

आम गलतियाँ:

• HCl से मिलने वाले \( \text{H}^+ \) आयनों को कुल सांद्रता में शामिल न करना।

Exam Tips:

a) दोनों स्थितियों (HCl की उपस्थिति और अनुपस्थिति) को अलग-अलग स्पष्ट headings के साथ हल करें।
b) द्वि-चरण वियोजन के समीकरण सही लिखें।

 

Question 6.46: एसिटिक अम्ल का आयनन स्थिरांक \( 1.74 \times 10^{-5} \) है। इसके \( 0.05\text{M} \) विलयन में वियोजन की मात्रा, ऐसिटेट आयन सांद्रता तथा pH का परिकलन कीजिए।

Answer:

दिया है: \( C = 0.05\,\text{M}, K_a = 1.74 \times 10^{-5} \)
वियोजन की मात्रा \( \alpha = \sqrt{\frac{K_a}{C}} = \sqrt{\frac{1.74 \times 10^{-5}}{0.05}} = \sqrt{34.8 \times 10^{-5}} = 0.0186 \) (या \( 1.86 \times 10^{-2} \))
एसिटेट आयन सांद्रता \( [\text{CH}_3\text{COO}^-] = C\alpha = 0.05 \times 0.0186 = 0.00093\,\text{M} \)
चूंकि \( [\text{H}^+] = [\text{CH}_3\text{COO}^-] = 0.00093\,\text{M} \)
\( \text{pH} = -\log [\text{H}^+] = -\log (0.00093) = 3.03 \)
अतः विलयन में ऐसिटेट आयन सांद्रता \( 0.00093\,\text{M} \) और pH मान \( 3.03 \) है।

मुख्य बिंदु:

• दुर्बल अम्ल के लिए वियोजन की मात्रा \( \alpha = \sqrt{K_a / C} \) होती है।
• \( [\text{H}^+] = C\alpha \) से हाइड्रोजन आयन सांद्रता ज्ञात की जाती है।
• pH की गणना \( -\log[\text{H}^+] \) से की जाती है।

आम गलतियाँ:

• \( \alpha \) निकालने में वर्गमूल की गलती करना।
• सांद्रता \( C \) का मान गलत रखना।

Exam Tips:

a) सभी सूत्र (\( \alpha, [\text{H}^+], \text{pH} \)) क्रमानुसार लिखें।
b) लघुगणक की गणना साफ-साफ दिखाएं।

 

Question 6.47: \( 0.01\text{M} \) कार्बनिक अम्ल (\text{HA}) के विलयन की pH, \( 4.15 \) है। इसके ऋणायन की सांद्रता, अम्ल का आयनन स्थिरांक तथा \( \text{p}K_a \) मान परिकलित कीजिए।

Answer:

दिया है: \( C = 0.01\,\text{M}, \text{pH} = 4.15 \)
\( \text{pH} = -\log [\text{H}^+] \Rightarrow 4.15 = -\log [\text{H}^+] \Rightarrow [\text{H}^+] = \text{antilog}(-4.15) = 7.08 \times 10^{-5}\,\text{M} \)
साम्य पर \( [\text{H}^+] = [\text{A}^-] = 7.08 \times 10^{-5}\,\text{M} \)
अम्ल की अवियोजित सांद्रता \( [\text{HA}] = C - [\text{H}^+] \approx 0.01\,\text{M} \)
आयनन स्थिरांक \( K_a = \frac{[\text{H}^+][\text{A}^-]}{[\text{HA}]} = \frac{(7.08 \times 10^{-5})^2}{0.01} = 5.01 \times 10^{-7} \)
\( \text{p}K_a = -\log K_a = -\log(5.01 \times 10^{-7}) = 6.3001 \)

मुख्य बिंदु:

• pH से \( [\text{H}^+] \) एंटीलॉग द्वारा निकाला जाता है।
• एकक्षारकीय अम्ल के लिए \( [\text{H}^+] = [\text{A}^-] \) होता है।
• \( \text{p}K_a = -\log K_a \) संबंध का प्रयोग किया जाता है।

आम गलतियाँ:

• एंटीलॉग निकालते समय दशमलव भाग को ठीक से न संभालना।
• \( \text{p}K_a \) निकालते समय ऋणात्मक चिह्न की उपेक्षा करना।

Exam Tips:

a) एंटीलॉग की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से दिखाएं।
b) \( K_a \) और \( \text{p}K_a \) के सूत्र स्पष्ट लिखें।

 

Question 6.48: पूर्ण वियोजन मानते हुए निम्नलिखित विलयनों के pH ज्ञात कीजिए:
(क) \( 0.003\text{M HCl} \) (ख) \( 0.005\text{M NaOH} \) (ग) \( 0.002\text{M HBr} \) (घ) \( 0.002\text{M KOH} \)}

Answer:

(क) \( 0.003\text{M HCl} \): पूर्ण वियोजन पर \( [\text{H}^+] = 0.003\,\text{M} = 3 \times 10^{-3}\,\text{M} \)
\( \text{pH} = -\log(3 \times 10^{-3}) = 3 - \log 3 = 3 - 0.477 = 2.52 \)
(ख) \( 0.005\text{M NaOH} \): \( [\text{OH}^-] = 0.005\,\text{M} = 5 \times 10^{-3}\,\text{M} \)
\( \text{pOH} = -\log(5 \times 10^{-3}) = 3 - \log 5 = 3 - 0.699 = 2.30 \)
\( \text{pH} = 14 - \text{pOH} = 14 - 2.30 = 11.70 \)
(ग) \( 0.002\text{M HBr} \): \( [\text{H}^+] = 0.002\,\text{M} = 2 \times 10^{-3}\,\text{M} \)
\( \text{pH} = -\log(2 \times 10^{-3}) = 3 - \log 2 = 3 - 0.301 = 2.69 \)
(घ) \( 0.002\text{M KOH} \): \( [\text{OH}^-] = 0.002\,\text{M} \)
\( \text{pOH} = -\log(2 \times 10^{-3}) = 2.69 \)
\( \text{pH} = 14 - 2.69 = 11.31 \)

मुख्य बिंदु:

• प्रबल अम्ल और प्रबल क्षार का पूर्ण वियोजन होता है, इसलिए \( [\text{H}^+] \) या \( [\text{OH}^-] \) की सांद्रता सीधे विलयन की मोलरता के बराबर होती ਹੈ।
• क्षार के लिए पहले \( \text{pOH} \) निकालकर \( \text{pH} = 14 - \text{pOH} \) सूत्र का उपयोग करते हैं।

आम गलतियाँ:

• क्षार वाले भाग में सीधे pH निकाल देना (बजाय pOH निकालने के)।
• लॉग मानों (\(\log 2, \log 3, \log 5\)) को गलत रखना।

Exam Tips:

a) अम्ल और क्षार के लिए अलग-अलग फार्मूले (\(\text{pH}\) बनाम \(\text{pOH}\)) ध्यान रखें।
b) सभी चारों भागों (क, ख, ग, घ) को स्पष्ट रूप से हल करें।

 

Question 6.49: निम्नलिखित विलयनों के pH ज्ञात कीजिए:
(क) \( 2\,\text{ग्राम TlOH} \) को जल में घोलकर 2 लीटर विलयन बनाया जाए।
(ख) \( 0.3\,\text{ग्राम Ca(OH)}_2 \) को जल में घोलकर \( 500\,\text{mL} \) विलयन बनाया जाए।
(ग) \( 0.3\,\text{ग्राम NaOH} \) को जल में घोलकर \( 200\,\text{mL} \) विलयन बनाया जाए।
(घ) \( 13.6\text{ M HCl} \) के \( 1\,\text{mL} \) को जल से तनुकृत करके कुल आयतन 1 लीटर किया जाए।

Answer:

(क) \(\text{TlOH}\) का मोलर द्रव्यमान \( = 221\,\text{g/mol} \)。मोटी सांद्रता \( C = \frac{2/221}{2} = \frac{1}{221}\,\text{M} = [\text{OH}^-] \)
इससे \( \text{pOH} \) और फिर \( \text{pH} = 11.65 \) प्राप्त होता है।
(ख) \(\text{CaOH}_2\) की सांद्रता से \( [\text{OH}^-] = 2 \times [\text{Ca(OH)}_2] \),हल करने पर \( \text{pH} = 12.098 \) (या \( 12.1 \) प्राप्त होता है)।
(ग) \(\text{NaOH}\) के मोल \( = \frac{0.3}{40} = 0.0075\,\text{mol} \),सांद्रता \( = \frac{0.0075 \times 1000}{200} = 0.0375\,\text{M} \),हल करने पर pH मान प्राप्त होता है।
(घ) तनुता सूत्र \( M_1V_1 = M_2V_2 \): \( 13.6 \times 1 = M_2 \times 1000 \Rightarrow M_2 = 0.0136\,\text{M} \)
\( [\text{H}^+] = 0.0136\,\text{M} \),अतः \( \text{pH} = -\log(1.36 \times 10^{-2}) = 1.87 \).

मुख्य बिंदु:

• मोलों की संख्या \( = \text{द्रव्यमान / मोलर द्रव्यमान} \)。
• मोलरता \( = \frac{\text{मोल}}{\text{आयतन (लीटर)}} \)。
• तनुकरण के लिए \( M_1V_1 = M_2V_2 \) का उपयोग किया जाता है।

आम गलतियाँ:

• \( \text{Ca(OH)}_2 \) के दो \( \text{OH}^- \) आयनों को ध्यान में न रखना।
• आयतन को मिलीलीटर से लीटर में न बदलना।

Exam Tips:

a) द्रव्यमान से मोल और मोल से सांद्रता निकालने के चरण स्पष्ट लिखें।
b) तनुता वाले प्रश्नों में \( M_1V_1 = M_2V_2 \) का स्पष्ट उल्लेख करें।

 

Question 6.50: ब्रोमोएसीटिक अम्ल की आयनन की मात्रा \( 0.132 \) है। \( 0.1\text{M} \) अम्ल की pH तथा \( \text{p}K_a \) का मान ज्ञात कीजिए।

Answer:

दिया है: वियोजन की मात्रा \( \alpha = 0.132, \text{सांद्रता } c = 0.1\,\text{M} \)
हाइड्रोजन आयन सांद्रता \( [\text{H}^+] = c\alpha = 0.1 \times 0.132 = 0.0132\,\text{M} \)
\( \text{pH} = -\log [\text{H}^+] = -\log(0.0132) = 1.879 \) (या \( 1.88 \))
आयनन स्थिरांक \( K_a = c\alpha^2 = 0.1 \times (0.132)^2 = 0.1 \times 0.0174 = 0.00174 \)
\( \text{p}K_a = -\log K_a = -\log(0.00174) = 2.76 \) (या \( 2.75 \))

मुख्य बिंदु:

• \( [\text{H}^+] = c\alpha \) से हाइड्रोजन आयन सांद्रता निकाली जाती है।
• \( K_a = c\alpha^2 \) ओस्टवाल्ड तनुता नियम से आता है।
• \( \text{p}K_a = -\log K_a \) होता है।

आम गलतियाँ:

• \( \alpha^2 \) करते समय वर्ग करना भूल जाना।
• लॉग की गणना में त्रुटि करना।

Exam Tips:

a) सभी सूत्र साफ-साफ लिखकर मान रखें।
b) pH और \( \text{p}K_a \) दोनों की अलग से गणना दिखाएं।

 

Question 6.51: \( 0.005\text{M} \) कोडीन (\(\text{C}_{18}\text{H}_{21}\text{NO}_3\)) विलयन की pH \( 9.95 \) है। इसका आयनन स्थिरांक \( K_b \) ज्ञात कीजिए।

Answer:

दिया है: \( c = 0.005\,\text{M}, \text{pH} = 9.95 \)
\( \text{pOH} = 14 - \text{pH} = 14 - 9.95 = 4.05 \)
हाइड्रॉक्साइड आयन सांद्रता \( [\text{OH}^-] = \text{antilog}(-4.05) = 8.913 \times 10^{-5}\,\text{M} \)
कोडीन का आयनन: \( \text{कोडीन} + \text{H}_2\text{O} \rightleftharpoons \text{कोडीन}\text{H}^+ + \text{OH}^- \)
\( K_b = \frac{[\text{कोडीन}\text{H}^+][\text{OH}^-]}{[\text{कोडीन}]} = \frac{(8.913 \times 10^{-5})^2}{0.005} = 1.588 \times 10^{-6} \)
\( \text{p}K_b = -\log(1.588 \times 10^{-6}) = 5.8 \)

मुख्य बिंदु:

• क्षार के लिए पहले pH से pOH निकाला जाता है (\( \text{pOH} = 14 - \text{pH} \))।
• \( [\text{OH}^-] \) निकालने के लिए एंटीलॉग का प्रयोग किया जाता है।
• \( K_b \) का व्यंजक अम्ल के \( K_a \) के जैसा ही क्षार के लिए लिखा जाता है।

आम गलतियाँ:

• सीधे pH से \( [\text{H}^+] \) निकाल कर \( K_b \) में रख देना।
• pOH और pH के संबंध में गलती करना।

Exam Tips:

a) pH से pOH निकालने का चरण पहले स्पष्ट करें।
b) एंटीलॉग की सही गणना दिखाएं।

 

Question 6.52: \( 0.001\text{M} \) एनिलीन विलयन का pH क्या है? एनिलीन का आयनन स्थिरांक सारणी 7.7 से ले सकते हैं। इसके संयुग्मी अम्ल का आयनन स्थिरांक ज्ञात कीजिए।

Answer:

एनिलीन के लिए \( K_b = 4.27 \times 10^{-10} \), सांद्रता \( c = 0.001\,\text{M} \)
वियोजन की मात्रा \( \alpha = \sqrt{\frac{K_b}{c}} = \sqrt{\frac{4.27 \times 10^{-10}}{0.001}} = \sqrt{4.27 \times 10^{-7}} = 6.53 \times 10^{-4} \)
\( [\text{OH}^-] = c\alpha = 0.001 \times 6.53 \times 10^{-4} = 6.53 \times 10^{-7}\,\text{M} \)
\( \text{pOH} = -\log(6.53 \times 10^{-7}) = 6.185 \)
\( \text{pH} = 14 - 6.185 = 7.815 \)
संयुग्मी अम्ल का आयनन स्थिरांक \( K_a = \frac{K_w}{K_b} = \frac{10^{-14}}{4.27 \times 10^{-10}} = 2.34 \times 10^{-5} \)

मुख्य बिंदु:

• दुर्बल क्षार के लिए \( [\text{OH}^-] = \sqrt{K_b \cdot c} \) होता है।
• \( K_a \cdot K_b = K_w \) संबंध से संयुग्मी अम्ल का \( K_a \) निकाला जाता है।

आम गलतियाँ:

• एनिलीन को अम्ल मानकर सीधे pH निकाल देना।
• \( K_a \) और \( K_b \) के संबंध में भाग देने में गलती करना।

Exam Tips:

a) पहले pOH और फिर pH निकालें।
b) संयुग्मी अम्ल के लिए \( K_a = K_w / K_b \) सूत्र का उपयोग स्पष्ट करें।

 

Question 6.53: यदि \( 0.05\text{M} \) ऐसिटिक अम्ल के \( \text{p}K_a \) का मान \( 4.74 \) है, तो आयनन की मात्रा ज्ञात कीजिए। यदि इसे (क) \( 0.01\text{M} (ख) 0.1\text{M HCl} \) विलयन में डाला जाए, तो वियोजन की मात्रा किस प्रकार प्रभावित होती है?

Answer:

दिया है: \( c = 0.05\,\text{M}, \text{p}K_a = 4.74 \Rightarrow K_a = 1.82 \times 10^{-5} \)
शुद्ध जल में आयनन की मात्रा \( \alpha = \sqrt{\frac{K_a}{c}} = \sqrt{\frac{1.82 \times 10^{-5}}{0.05}} = 1.908 \times 10^{-2} \)
(क) \( 0.01\text{M HCl} \) मिलाने पर (समन आयन प्रभाव):
\( [\text{H}^+] \) का कुल मान \( 0.01 \) हो जाता है। \( K_a = \frac{[\text{CH}_3\text{COO}^-][\text{H}^+]}{[\text{CH}_3\text{COOH}]} \Rightarrow 1.82 \times 10^{-5} = \frac{x \times 0.01}{0.05} \Rightarrow x = 9.1 \times 10^{-5} \)
अतः वियोजन की मात्रा значительно घट जाती है।
(ख) \( 0.1\text{M HCl} \) मिलाने पर वियोजन की मात्रा और अधिक कम हो जाती है।

मुख्य बिंदु:

• प्रबल अम्ल (\(\text{HCl}\)) मिलाने पर समन आयन प्रभाव के कारण दुर्बल अम्ल का वियोजन बहुत कम हो जाता है।
• \( \text{p}K_a \) से \( K_a \) निकालने के लिए एंटीलॉग का प्रयोग करते हैं (\( K_a = 10^{-\text{p}K_a} \))。

आम गलतियाँ:

• \(\text{HCl}\) के कारण उत्पन्न \( \text{H}^+ \) आयनों को साम्य सांद्रता में न जोड़ना।

Exam Tips:

a) समन आयन प्रभाव (Common ion effect) का सिद्धांत स्पष्ट लिखें।
b) दोनों स्थितियों (क और ख) के लिए अलग गणना दिखाएं।

 

Question 6.54: डाइमेथिल एमीन का आयनन स्थिरांक \( 5.4 \times 10^{-4} \) है। इसके \( 0.02\text{M} \) विलयन के आयनन की मात्रा की गणना कीजिए। यदि यह विलयन \(\text{NaOH}\) प्रति \( 0.1\text{M}\) हो तो डाइमेथिल एमीन का प्रतिशत आयनन क्या होगा?

Answer:

दिया है: \( K_b = 5.4 \times 10^{-4}, c = 0.02\,\text{M} \)
जल में आयनन की मात्रा \( \alpha = \sqrt{\frac{K_b}{c}} = \sqrt{\frac{5.4 \times 10^{-4}}{0.02}} = \sqrt{27 \times 10^{-3}} = 0.1643 \) (या \( 16.4\% \))
\( 0.1\text{M NaOH} \) की उपस्थिति में (प्रबल क्षार होने के कारण):
\( [\text{OH}^-] \) मुख्य रूप से \(\text{NaOH}\) से \( 0.1\,\text{M} \) प्राप्त होता है।
साम्य समीकरण से: \( K_b = \frac{x \times 0.1}{0.02} = 5.4 \times 10^{-4} \Rightarrow x = 1.08 \times 10^{-4} \)
प्रतिशत वियोजन \( = \frac{1.08 \times 10^{-4}}{0.02} \times 100 \approx 0.54\% \).

मुख्य बिंदु:

• प्रबल क्षार (\(\text{NaOH}\)) की उपस्थिति में दुर्बल क्षार का आयनन अत्यधिक संपीड़ित (समन आयन प्रभाव) हो जाता है।
• प्रतिशत वियोजन \( = \alpha \times 100 \) होता है।

आम गलतियाँ:

• \(\text{NaOH}\) के योगदान को नजरअंदाज करना।

Exam Tips:

a) दोनों भागों को स्पष्ट रूप से अलग-अलग हल करें।
b) प्रतिशत निकालते समय \( 100 \) से गुणा करना न भूलें।

 

Question 6.55: निम्नलिखित जैविक द्रव्यों, जिनमें pH दी गई है, की हाइड्रोजन आयन सांद्रता परिकलित कीजिए:
(क) मानव पेशीय द्रव, \( 6.83 \) (ख) मानव उदर द्रव, \( 1.2 \)
(ग) मानव रुधिर, \( 7.38 \) (घ) मानव लार, \( 6.4 \)}

Answer:

(क) मानव पेशीय द्रव (\(\text{pH} = 6.83\)):
\( [\text{H}^+] = \text{antilog}(-6.83) = \text{antilog}(-7 + 0.17) = 1.48 \times 10^{-7}\,\text{M} \)
(ख) मानव उदर तरल पदार्थ (\(\text{pH} = 1.2\)):
\( [\text{H}^+] = \text{antilog}(-1.2) = \text{antilog}(-2 + 0.8) = 6.3 \times 10^{-2}\,\text{M} \)
(ग) मानव रुधिर (\(\text{pH} = 7.38\)):
\( [\text{H}^+] = \text{antilog}(-7.38) = \text{antilog}(-8 + 0.62) = 4.17 \times 10^{-8}\,\text{M} \)
(घ) मानव लार (\(\text{pH} = 6.4\)):
\( [\text{H}^+] = \text{antilog}(-6.4) = \text{antilog}(-7 + 0.6) = 3.98 \times 10^{-7}\,\text{M} \)

मुख्य बिंदु:

• \( [\text{H}^+] \) निकालने के लिए pH मान का एंटीलॉग लिया जाता है (\( [\text{H}^+] = 10^{-\text{pH}} \))।
• ऋणात्मक दशमलव को पूर्णांक और धनात्मक अंश में बदलना एंटीलॉग के लिए आवश्यक है।

आम गलतियाँ:

• सीधे ऋणात्मक pH का एंटीलॉग देखना।

Exam Tips:

a) सभी चारों भागों के लिए एंटीलॉग निकालने की प्रक्रिया साफ-साफ दिखाएं।
b) इकाई (\(\text{M}\)) लिखना न भूलें।

 

Question 6.56: दूध, कॉफ़ी, टमाटर रस, नींबू रस तथा अंडे की सफेदी के pH का मान क्रमशः \( 6.8, 5.0, 4.2, 2.2 \) तथा \( 7.8 \) है। प्रत्येक के संगत \( \text{H}^+ \) आयन की सांद्रता ज्ञात कीजिए।

Answer:

(i) दूध (\(\text{pH} = 6.8\)): \( [\text{H}^+] = \text{antilog}(-6.8) = 1.58 \times 10^{-7}\,\text{M} \)
(ii) काली कॉफ़ी (\(\text{pH} = 5.0\)): \( [\text{H}^+] = \text{antilog}(-5.0) = 1.0 \times 10^{-5}\,\text{M} \)
(iii) टमाटर रस (\(\text{pH} = 4.2\)): \( [\text{H}^+] = \text{antilog}(-4.2) = 6.31 \times 10^{-5}\,\text{M} \)
(iv) नींबू रस (\(\text{pH} = 2.2\)): \( [\text{H}^+] = \text{antilog}(-2.2) = 6.31 \times 10^{-3}\,\text{M} \)
(v) अंडे की सफेदी (\(\text{pH} = 7.8\)): \( [\text{H}^+] = \text{antilog}(-7.8) = 1.58 \times 10^{-8}\,\text{M} \)

मुख्य बिंदु:

• pH से \( [\text{H}^+] \) ज्ञात करने का सूत्र \( [\text{H}^+] = 10^{-\text{pH}} \) है।
• प्रत्येक पदार्थ की अम्लीयता या क्षारीयता उसकी pH से पहचानी जा सकती है।

आम गलतियाँ:

• एंटीलॉग की गणना में घातों का चिह्न गलत लगाना।

Exam Tips:

a) सभी पाँचों पदार्थों के मानों को क्रम से हल करें।
b) वैज्ञानिक संकेतन में उत्तर दें।

 

Question 6.57: \( 298\text{K} \) पर \( 0.561\,\text{g KOH} \) जल में घोलने पर प्राप्त \( 200\,\text{mL} \) विलयन की pH क्या है? पोटैशियम, हाइड्रोजन तथा हाइड्रोक्सिल आयनों की सांद्रताएँ ज्ञात कीजिए।

Answer:

\(\text{KOH}\) का मोलर द्रव्यमान \( = 39 + 16 + 1 = 56\,\text{g/mol} \)
\(\text{KOH}\) के मोल \( = \frac{0.561}{56.1} = 0.01\,\text{mol} \)
विलयन की सांद्रता \( [\text{OH}^-] = \frac{0.01\,\text{mol}}{0.2\,\text{L}} = 0.05\,\text{M} \)
चूंकि \( \text{KOH} \) प्रबल क्षार है, \( [\text{K}^+] = [\text{OH}^-] = 0.05\,\text{M} \)
\( [\text{H}^+] = \frac{K_w}{[\text{OH}^-]} = \frac{10^{-14}}{0.05} = 2 \times 10^{-13}\,\text{M} \)
\( \text{pH} = -\log(2 \times 10^{-13}) = 13 - \log 2 = 13 - 0.30 = 12.70 \)

मुख्य बिंदु:

• मोलरता \( = \frac{\text{ग्राम / मोलर द्रव्यमान}}{\text{आयतन (लीटर)}} \)。
• प्रबल क्षार होने के कारण \( [\text{OH}^-] \) सीधे मोलरता के बराबर होता है।
• \( [\text{H}^+] = K_w / [\text{OH}^-] \) से हाइड्रोजन आयन सांद्रता निकाली जाती है।

आम गलतियाँ:

• आयतन को मिलीलीटर में ही रखकर मोलरता निकाल लेना।
• pH निकालते समय 14 से न घटाना (सीधे pOH को pH समझ लेना)।

Exam Tips:

a) मोल और मोलरता निकालने के चरण स्पष्ट दिखाएं।
b) सभी आयอนिक सांद्रताएँ अलग-अलग उल्लेखित करें।

 

Question 6.58: \( 298\text{K} \) पर \( \text{Sr(OH)}_2 \) विलयन की विलेयता \( 19.23\,\text{g/L} \) है। स्ट्रांशियम तथा हाइड्रोक्सिल आयन की सांद्रता तथा विलयन की pH ज्ञात कीजिए।

Answer:

\(\text{Sr(OH)}_2\) का मोलर द्रव्यमान \( = 87.6 + 2 \times (16 + 1) = 87.6 + 34 = 121.6\,\text{g/mol} \)
मोलर सांद्रता (विलेयता) \( s = \frac{19.23}{121.6} = 0.1581\,\text{M} \)
\( \text{Sr(OH)}_2(\text{aq}) \rightarrow \text{Sr}^{2+}(\text{aq}) + 2\text{OH}^-(\text{aq}) \)
अतः \( [\text{Sr}^{2+}] = 0.1581\,\text{M} \)
\( [\text{OH}^-] = 2 \times 0.1581 = 0.3162\,\text{M} \)
\( [\text{H}^+] = \frac{10^{-14}}{0.3162} = 3.16 \times 10^{-14}\,\text{M} \)
\( \text{pH} = -\log(3.16 \times 10^{-14}) = 13.50 \) (या \( 13.495 \))

मुख्य बिंदु:

• विलेयता (\(\text{g/L}\)) को मोलर द्रव्यमान से भाग देकर मोलरता निकाली जाती है।
• एक \( \text{Sr(OH)}_2 \) इकाई से दो \( \text{OH}^- \) आयن मिलते हैं, इसलिए सांद्रता दोगुनी हो जाती है।

आम गलतियाँ:

• \( [\text{OH}^-] \) निकालते समय 2 से गुणा करना भूल जाना।
• मोलर द्रव्यमान गलत जोड़ना।

Exam Tips:

a) वियोजन समीकरण लिखकर स्पष्ट करें कि कितने \( \text{OH}^- \) आयन बन रहे हैं।
b) pH निकालने के लिए पहले \( [\text{H}^+] \) ज्ञात करें।

 

Question 6.59: प्रोपेनोइक अम्ल का आयनन स्थिरांक \( 1.32 \times 10^{-5} \) है। \( 0.05\text{M} \) अम्ल विलयन के आयनन की मात्रा तथा pH ज्ञात कीजिए। यदि विलयन में \( 0.01\text{M HCl} \) मिलाया जाए तो उसके आयनन की मात्रा ज्ञात कीजिए।

Answer:

दिया है: \( K_a = 1.32 \times 10^{-5}, c = 0.05\,\text{M} \)
जल में आयनन की मात्रा \( \alpha = \sqrt{\frac{K_a}{c}} = \sqrt{\frac{1.32 \times 10^{-5}}{0.05}} = 1.63 \times 10^{-2} \)
\( [\text{H}^+] = c\alpha = 0.05 \times 1.63 \times 10^{-2} = 8.15 \times 10^{-4}\,\text{M} \)
\( \text{pH} = -\log(8.15 \times 10^{-4}) = 3.09 \)
\( 0.01\text{M HCl} \) की उपस्थिति में (समन आयन प्रभाव):
\( [\text{H}^+] = 0.01\,\text{M} \) (HCl से)
\( K_a = \frac{[\text{H}^+][\text{A}^-]}{[\text{HA}]} \Rightarrow 1.32 \times 10^{-5} = \frac{0.01 \times \alpha'}{0.05} \)
\( \alpha' = \frac{1.32 \times 10^{-5} \times 0.05}{0.01} = 1.32 \times 10^{-3} \)

मुख्य बिंदु:

• दुर्बल अम्ल के वियोजन पर प्रबल अम्ल का प्रभाव समन आयन प्रभाव के अंतर्गत आता है।
• \( \text{HCl} \) की उपस्थिति में \( [\text{H}^+] \) का मान लगभग \( \text{HCl} \) की सांद्रता के बराबर मान लिया जाता है।

आम गलतियाँ:

• HCl मिलाने के बाद भी \( \alpha \) के पुराने सूत्र का ही प्रयोग करते रहना।

Exam Tips:

a) दोनों स्थितियों (शुद्ध जल और HCl की उपस्थिति) को अलग-अलग हल करें।
b) समन आयन प्रभाव का उल्लेख अवश्य करें।

 

Question 6.60: यदि साइनिक अम्ल (\(\text{HCNO}\)) के \( 0.1\text{M} \) विलयन की pH, \( 2.34 \) हो, तो अम्ल के आयनन स्थिरांक तथा आयनन की मात्रा ज्ञात कीजिए।

Answer:

दिया है: \( c = 0.1\,\text{M}, \text{pH} = 2.34 \)
\( [\text{H}^+] = \text{antilog}(-2.34) = \text{antilog}(-3 + 0.66) = 4.57 \times 10^{-3}\,\text{M} \)
चूंकि \( [\text{H}^+] = c\alpha \),अतः वियोजन की मात्रा \( \alpha = \frac{[\text{H}^+]}{c} = \frac{4.57 \times 10^{-3}}{0.1} = 4.57 \times 10^{-2} \) (या \( 0.0457 \))
आयनन स्थिरांक \( K_a = c\alpha^2 = 0.1 \times (4.57 \times 10^{-2})^2 = 0.1 \times 2.09 \times 10^{-3} = 2.09 \times 10^{-4} \) (लगभग \( 2.02 \times 10^{-4} \))

मुख्य बिंदु:

• pH से पहले \( [\text{H}^+] \) निकाला जाता है।
• \( \alpha = [\text{H}^+] / c \) और \( K_a = c\alpha^2 \) संबंधों का प्रयोग किया जाता है।

आम गलतियाँ:

• एंटीलॉग निकालते समय गलती करना।
• \( \alpha \) निकालने में सांद्रता से भाग देना भूल जाना।

Exam Tips:

a) pH से \( [\text{H}^+] \) निकालने के चरण स्पष्ट लिखें।
b) \( \alpha \) और \( K_a \) दोनों के सूत्र लिखकर मान प्रतिस्थापित करें।

 

Question 6.61: यदि नाइट्रस अम्ल का आयनन स्थिरांक \( 4.5 \times 10^{-4} \) है, तो \( 0.04\text{M} \) सोडियम नाइट्रेट विलयन की pH तथा जलप्रयोजन की मात्रा ज्ञात कीजिए।

Answer:

\(\text{NaNO}_2\) प्रबल क्षार (\(\text{NaOH}\)) और दुर्बल अम्ल (\(\text{HNO}_2\)) का लवण है, अतः इसका जल-अपघटन (Hydrolysis) होगा।
\( K_h = \frac{K_w}{K_a} = \frac{10^{-14}}{4.5 \times 10^{-4}} = 2.22 \times 10^{-11} \)
जल-अपघटन की मात्रा \( h = \sqrt{\frac{K_h}{c}} = \sqrt{\frac{2.22 \times 10^{-11}}{0.04}} = 2.35 \times 10^{-5} \)
\( [\text{OH}^-] = c \cdot h = 0.04 \times 2.35 \times 10^{-5} = 0.938 \times 10^{-6}\,\text{M} \)
\( \text{pOH} = -\log(0.938 \times 10^{-6}) = 6.03 \)
\( \text{pH} = 14 - 6.03 = 7.97 \) (या \( 7.96 \))

मुख्य बिंदु:

• दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार के लवण के जल-अपघटन स्थिरांक का सूत्र \( K_h = K_w / K_a \) होता है।
• इस प्रकार के लवण का विलयन क्षारीय (\(\text{pH} > 7\)) होता है।

आम गलतियाँ:

• इसे सामान्य अम्ल या क्षार मानकर हल करना जबकि यह लवण का जल-अपघटन है।
• \( K_h \) निकालते समय \( K_a \) के बजाय \( K_b \) का प्रयोग करना।

Exam Tips:

a) पहचानें कि दिया गया यौगिक किस प्रकार का लवण है।
b) \( K_h, h, [\text{OH}^-], \text{pOH} \) और अंत में pH निकालने के क्रम का पालन करें।

 

Question 6.62: यदि पिरीडीनियम हाइड्रोजन क्लोराइड के \( 0.02\text{M} \) विलयन का pH \( 3.44 \) है, तो पिरीडीन का आयनन स्थिरांक ज्ञात कीजिए।

Answer:

\(\text{C}_5\text{H}_5\text{NH}^+\text{Cl}^-\) एक दुर्बल क्षार (पिरीडीन) और प्रबल अम्ल (\(\text{HCl}\)) का लवण है।
दिया है: \( c = 0.02\,\text{M}, \text{pH} = 3.44 \)
\( [\text{H}^+] = \text{antilog}(-3.44) = 3.63 \times 10^{-4}\,\text{M} \)
जल-अपघटन स्थिरांक \( K_h = \frac{[\text{H}^+]^2}{c} = \frac{(3.63 \times 10^{-4})^2}{0.02} = 6.6 \times 10^{-6} \)
पिरीडीन का आयनन स्थिरांक \( K_b = \frac{K_w}{K_h} = \frac{10^{-14}}{6.6 \times 10^{-6}} = 1.51 \times 10^{-9} \)

मुख्य बिंदु:

• दुर्बल क्षार और प्रबल अम्ल के लवण के लिए \( K_h = \frac{[\text{H}^+]^2}{c} \) होता है।
• \( K_b = \frac{K_w}{K_h} \) संबंध से क्षार का आयनन स्थिरांक निकाला जाता है।

आम गलतियाँ:

• \( K_h \) का सूत्र गलत लिखना।
• एंटीलॉग निकालने में त्रुटि करना।

Exam Tips:

a) लवण के प्रकार को पहचानकर सही \( K_h \) सूत्र का चयन करें।
b) गणना के सभी चरण स्पष्ट दिखाएं।

 

Question 6.63: निम्नलिखित लवणों के जलीय विलयनों के उदासीन, अम्लीय तथा क्षारीय होने की प्रागुक्ति कीजिए: \( \text{NaCl, KBr, NaCN, NH}_4\text{NO}_3, \text{NaNO}_2 \text{ और } \text{KF} \)

Answer:

• \( \text{NaCl} \): प्रबल अम्ल (\(\text{HCl}\)) और प्रबल क्षार (\(\text{NaOH}\)) का लवण है, अतः यह **उदासीन** है (\(\text{pH} = 7\))।
• \( \text{KBr} \): प्रबल अम्ल (\(\text{HBr}\)) और प्रबल क्षार (\(\text{KOH}\)) का लवण है, अतः यह **उदासीन** है।
• \( \text{NaCN} \): प्रबल क्षार (\(\text{NaOH}\)) और दुर्बल अम्ल (\(\text{HCN}\)) का लवण है, अतः यह **क्षारीय** है (\(\text{pH} > 7\))।
• \( \text{NH}_4\text{NO}_3 \): दुर्बल क्षार (\(\text{NH}_4\text{OH}\)) और प्रबल अम्ल (\(\text{HNO}_3\)) का लवण है, अतः यह **अम्लीय** है (\(\text{pH} < 7\))।
• \( \text{NaNO}_2 \): प्रबल क्षार (\(\text{NaOH}\)) और दुर्बल अम्ल (\(\text{HNO}_2\)) का लवण है, अतः यह **क्षारीय** है।
• \( \text{KF} \): प्रबल क्षार (\(\text{KOH}\)) और दुर्बल अम्ल (\(\text{HF}\)) का लवण है, अतः यह **क्षारीय** है।

मुख्य बिंदु:

• प्रबल अम्ल \( + \) प्रबल क्षार \( \rightarrow \) उदासीन लवण。
• प्रबल अम्ल \( + \) दुर्बल क्षार \( \rightarrow \) अम्लीय लवण。
• दुर्बल अम्ल \( + \) प्रबल क्षार \( \rightarrow \) क्षारीय लवण।

आम गलतियाँ:

• अम्ल और क्षार की प्रबलता का सही आकलन न करना।

Exam Tips:

a) प्रत्येक लवण को उसके मूल अम्ल और क्षार में तोड़कर देखें।
b) स्पष्ट रूप से 'अम्लीय', 'क्षारीय' या 'उदासीन' लिखें।

 

Question 6.64: क्लोरोएसिटिक अम्ल का आयनन स्थिरांक \( 1.35 \times 10^{-3} \) है। \( 0.1\text{M} \) अम्ल तथा इसके \( 0.1\text{M} \) सोडियम लवण की pH ज्ञात कीजिए।

Answer:

दिया है: \( K_a = 1.35 \times 10^{-3}, c = 0.1\,\text{M} \)
अम्ल के लिए वियोजन की मात्रा \( \alpha = \sqrt{\frac{K_a}{c}} = \sqrt{\frac{1.35 \times 10^{-3}}{0.1}} = 0.116 \)
\( [\text{H}^+] = c\alpha = 0.1 \times 0.116 = 0.0116\,\text{M} \)
\( \text{pH} = -\log(0.0116) = 1.94 \)
सोडियम लवण (\(\text{ClCH}_2\text{COONa}\)) के जलीय विलयन (जल-अपघटन) के लिए:
\( K_h = \frac{K_w}{K_a} = \frac{10^{-14}}{1.35 \times 10^{-3}} = 0.74 \times 10^{-11} \)
\( [\text{OH}^-] = \sqrt{K_h \cdot c} = \sqrt{0.74 \times 10^{-11} \times 0.1} = 0.86 \times 10^{-6}\,\text{M} \)
\( \text{pOH} = 6.06 \Rightarrow \text{pH} = 14 - 6.06 = 7.94 \)

मुख्य बिंदु:

• प्रश्न के दो भाग हैं: पहले अम्ल का pH और फिर उसके लवण के विलयन का pH निकालना है।
• लवण के लिए जल-अपघटन के सूत्रों का प्रयोग किया जाता है।

आम गलतियाँ:

• अम्ल और लवण दोनों के लिए एक ही सूत्र का प्रयोग करना।

Exam Tips:

a) दोनों भागों को अलग-अलग headings के तहत हल करें।
b) गणना के सभी चरण साफ दिखाएं।

 

Question 6.65: \( 310\text{K} \) पर जल का आयनिक गुणनफल \( 2.7 \times 10^{-14} \) है। इसी तापक्रम पर उदासीन जल का pH ज्ञात कीजिए।

Answer:

दिया है: \( K_w = 2.7 \times 10^{-14} \) (\( 310\text{K} \) पर)
उदासीन जल के लिए \( [\text{H}^+] = [\text{OH}^-] = x \)
\( K_w = [\text{H}^+][\text{OH}^-] = x^2 \Rightarrow x^2 = 2.7 \times 10^{-14} \)
\( [\text{H}^+] = \sqrt{2.7 \times 10^{-14}} = 1.64 \times 10^{-7}\,\text{M} \)
\( \text{pH} = -\log [\text{H}^+] = -\log(1.64 \times 10^{-7}) = 7 - \log 1.64 = 7 - 0.215 = 6.78 \)
अतः \( 310\text{K} \) पर उदासीन जल का pH मान \( 6.78 \) है।

मुख्य बिंदु:

• जल का आयनिक गुणनफल \( K_w \) तापमान के साथ बदलता है।
• \( 298\text{K} \) पर \( K_w = 10^{-14} \) होता है जिससे pH = 7 आती है, किंतु अन्य ताप पर उदासीन जल की pH 7 से भिन्न हो सकती है।

आम गलतियाँ:

• तापमान बदलने के बावजूद pH को हमेशा 7 ही मान लेना।

Exam Tips:

a) \( K_w \) का नया मान प्रयोग करते हुए \( [\text{H}^+] \) निकालें।
b) स्पष्ट करें कि तापमान बदलने पर उदासीन जल की pH 7 नहीं रहती।

 

Question 6.66: निम्नलिखित मिश्रणों की pH परिकलित कीजिए:
(i) \( 0.2\text{M Ca(OH)}_2 \) का \( 10\,\text{mL} + 0.1\text{M HCl} \) का \( 25\,\text{mL} \)
(ii) \( 0.01\text{M H}_2\text{SO}_4 \) का \( 10\,\text{mL} + 0.01\text{M Ca(OH)}_2 \) का \( 10\,\text{mL} \)
(iii) \( 0.1\text{M H}_2\text{SO}_4 \) का \( 10\,\text{mL} + 0.1\text{M KOH} \) का \( 10\,\text{mL} \)}

Answer:

(i) \( \text{OH}^- \) के मिलिमोल \( = 10 \times 0.2 \times 2 = 4\,\text{mmol} \); \( \text{H}^+ \) के मिलिमोल \( = 25 \times 0.1 = 2.5\,\text{mmol} \)
शेष \( \text{OH}^- \) मिलिमोल \( = 4 - 2.5 = 1.5\,\text{mmol} \); कुल आयतन \( = 10 + 25 = 35\,\text{mL} \)
\( [\text{OH}^-] = \frac{1.5}{35} = 0.0428\,\text{M} \Rightarrow \text{pOH} = 1.36 \Rightarrow \text{pH} = 12.64 \)
(ii) \(\text{H}^+\) के मिलिमोल \( = 10 \times 0.01 \times 2 = 0.2\,\text{mmol} \); \(\text{OH}^-\) के मिलिमोल \( = 10 \times 0.01 \times 2 = 0.2\,\text{mmol} \)
चूंकि दोनों समान हैं, विलयन **उदासीन** है और \( \text{pH} = 7 \)。
(iii) \(\text{H}^+\) के मिलिमोल \( = 10 \times 0.1 \times 2 = 2\,\text{mmol} \); \(\text{OH}^-\) के मिलिमोल \( = 10 \times 0.1 = 1\,\text{mmol} \)
शेष \( \text{H}^+ \) \( = 2 - 1 = 1\,\text{mmol} \); कुल आयतन \( = 20\,\text{mL} \)
\( [\text{H}^+] = \frac{1}{20} = 0.05\,\text{M} \Rightarrow \text{pH} = -\log(0.05) = 1.30 \)

मुख्य बिंदु:

• अम्ल और क्षार के मिश्रण वाले प्रश्नों में पहले मोलों (या मिलिमोलों) की तुलना की जाती है।
• जो आधिक्य (excess) में बचता है, उसी के आधार पर pH या pOH निकाली जाती है।

आम गलतियाँ:

• अम्लता (\(\text{H}_2\text{SO}_4\) या \(\text{Ca(OH)}_2\) के 2H/2OH) का ध्यान न रखना।

Exam Tips:

a) प्रत्येक भाग में मिलिमोल (Millimoles) की गणना सावधानी से करें।
b) आधिक्य (Excess) स्पीशीज की पहचान करके ही pH निकालें।

 

Question 6.67: सिल्वर क्रोमेट, बेरियम क्रोमेट, फेरिक हाइड्रोक्साइड, लीड क्लोराइड तथा मर्क्युरस आयोडाइड विलयन की सारणी 6.9 में दिए गए विलेयता गुणनफल स्थिरांक 11 की सहायता से विलेयता ज्ञात कीजिए तथा प्रत्येक आयन की मोलरता भी ज्ञात कीजिए।

Answer:

(i) सिल्वर क्रोमेट (\(\text{Ag}_2\text{CrO}_4\)): \( K_{sp} = 4s^3 \Rightarrow s = \sqrt[3]{\frac{K_{sp}}{4}} \approx 0.65 \times 10^{-4}\,\text{M} \)
\( [\text{Ag}^+] = 2s = 1.30 \times 10^{-4}\,\text{M}, [\text{CrO}_4^{2-}] = s = 0.65 \times 10^{-4}\,\text{M} \)
(ii) बेरियम क्रोमेट (\(\text{BaCrO}_4\)): \( K_{sp} = s^2 \Rightarrow s = \sqrt{K_{sp}} = 1.09 \times 10^{-5}\,\text{M} \)
\( [\text{Ba}^{2+}] = [\text{CrO}_4^{2-}] = 1.09 \times 10^{-5}\,\text{M} \)
(iii) फेरिक हाइड्रोक्साइड (\(\text{Fe(OH)}_3\)): \( K_{sp} = 27s^4 \Rightarrow s = \sqrt[4]{\frac{K_{sp}}{27}} = 1.39 \times 10^{-10}\,\text{M} \)
\( [\text{Fe}^{3+}] = s, [\text{OH}^-] = 3s \)
(iv) लीड क्लोराइड (\(\text{PbCl}_2\)): \( K_{sp} = 4s^3 \Rightarrow s = 1.58 \times 10^{-2}\,\text{M} \)
(v) मर्क्युरस आयोडाइड (\(\text{Hg}_2\text{I}_2\)): \( K_{sp} = 4s^3 \Rightarrow s = 2.24 \times 10^{-10}\,\text{M} \)

मुख्य बिंदु:

• विलेयता गुणनफल (\( K_{sp} \)) और विलेयता (\( s \)) के संबंध हर लवण के लिए उसके वियोजन समीकरण पर निर्भर करते हैं।
• जैसे \( \text{Ag}_2\text{CrO}_4 \rightarrow 2\text{Ag}^+ + \text{CrO}_4^{2-} \) के लिए \( K_{sp} = (2s)^2(s) = 4s^3 \)।

आम गलतियाँ:

• गुणांकों की घातों को गलत लेना (जैसे \( (2s)^2 \) को \( 2s^2 \) लिख देना)।

Exam Tips:

a) प्रत्येक लवण का वियोजन समीकरण लिखकर \( K_{sp} \) का व्यंजक बनाएं।
b) \( s \) का मान निकालने के बाद आयनों की सांद्रता (\( s, 2s, 3s \) आदि) स्पष्ट लिखें।

 

Question 6.68: \( \text{Ag}_2\text{CrO}_4 \) तथा \(\text{AgBr}\) की विलेयता गुणनफल स्थिरांक क्रमशः \( 1.1 \times 10^{-12} \text{ तथा } 5.0 \times 10^{-13} \) है। उनके संतृप्त विलयन की मोलरता का अनुपात ज्ञात कीजिए।

Answer:

• \( \text{Ag}_2\text{CrO}_4 \) के लिए: \( K_{sp} = 4s_1^3 = 1.1 \times 10^{-12} \)
\( s_1^3 = \frac{1.1 \times 10^{-12}}{4} = 0.275 \times 10^{-12} = 2.75 \times 10^{-13} \Rightarrow s_1 = 6.5 \times 10^{-5}\,\text{M} \)
• \( \text{AgBr} \) के लिए: \( K_{sp} = s_2^2 = 5.0 \times 10^{-13} \)
\( s_2 = \sqrt{5.0 \times 10^{-13}} = 7.07 \times 10^{-7}\,\text{M} \)
मोलरता का अनुपात \( \frac{s_1}{s_2} = \frac{6.5 \times 10^{-5}}{7.07 \times 10^{-7}} = 91.9 \) (या \( 91.9:1 \) लगभग)

मुख्य बिंदु:

• दोनों लवणों की विलेयता उनके दिए गए \( K_{sp} \) मानो से अलग-अलग निकाली जाती है।
• अनुपात निकालते समय दोनों की मोलर विलेयता का भाग दिया जाता है।

आम गलतियाँ:

• \( \text{Ag}_2\text{CrO}_4 \) के सूत्र से \( K_{sp} = 4s^3 \) के स्थान पर \( s^2 \) मान लेना।

Exam Tips:

a) दोनों लवणों के लिए विलेयता \( s_1 \) और \( s_2 \) स्वतंत्र रूप से निकालें।
b) अंत में दोनों का अनुपात स्पष्ट रूप से व्यक्त करें।

 

Question 6.69: यदि \( 0.002\text{M} \) सांद्रता वाले सोडियम आयोडेट तथा क्यूप्रिक क्लोराइड विलयन के समान आयतन को मिलाया जाए, तो क्या कॉपर आयोडेट का अवक्षेपण होगा? (कॉपर आयोडेट के लिए \( K_{sp} = 7.4 \times 10^{-8} \))

Answer:

समान आयतन मिलाने पर दोनों विलयनों की सांद्रता आधी हो जाती है:
\( [\text{Cu}^{2+}] = \frac{0.002}{2} = 0.001\,\text{M} \)
\( [\text{IO}_3^-] = \frac{0.002}{2} = 0.001\,\text{M} \)
कॉपर आयोडेट के लिए आयनिक गुणनफल (\(\text{Ionic Product}\)):
\( \text{IP} = [\text{Cu}^{2+}][\text{IO}_3^-]^2 = (0.001)(0.001)^2 = 10^{-3} \times (10^{-3})^2 = 10^{-9} \)
दिया गया है \( K_{sp} = 7.4 \times 10^{-8} \)
चूंकि आयनिक गुणनफल (\( 10^{-9} \)), विलेयता गुणनफल (\( 7.4 \times 10^{-8} \)) से कम है, अतः **अवक्षेपण नहीं होगा**।

मुख्य बिंदु:

• समान आयतन मिलाने पर सांद्रता आधी हो जाती है।
• अवक्षेपण की शर्त: यदि \( \text{IP} > K_{sp} \), तो अवक्षेपण होगा; यदि \( \text{IP} < K_{sp} \), तो अवक्षेपण नहीं होगा।

आम गलतियाँ:

• आयतन मिलाने पर सांद्रता आधी करना भूल जाना।
• \( \text{IP} \) और \( K_{sp} \) की तुलना गलत करना।

Exam Tips:

a) मिश्रण के बाद सांद्रता आधी करने का चरण अवश्य दिखाएं।
b) आयनिक गुणनफल निकाल कर \( K_{sp} \) से तुलना का नियम लिखें।

 

Question 6.70: बेंजोईक अम्ल का आयनन स्थिरांक \( 6.46 \times 10^{-5} \) तथा सिल्वर बेंजोएट का \( K_{sp} = 2.5 \times 10^{-13} \) है। \( 3.19 \) pH वाले बफर विलयन में सिल्वर बेंजोएट जल की तुलना में कितना गुना विलेय होगा?

Answer:

शुद्ध जल में सिल्वर बेंजोएट की विलेयता \( s = \sqrt{K_{sp}} = \sqrt{2.5 \times 10^{-13}} = 5 \times 10^{-7}\,\text{M} \)
\(\text{pH} = 3.19\) वाले बफर विलयन में: \( [\text{H}^+] = \text{antilog}(-3.19) = 6.46 \times 10^{-4}\,\text{M} \)
बफर विलयन में विलेयता \( x \) मानने पर, \( [\text{Ag}^+] = x \) और कुल बेंजोएट \( [\text{C}_6\text{H}_5\text{COO}^{-}] + [\text{C}_6\text{H}_5\text{COOH}] = x \)
इसे हल करने पर बफर में विलेयता \( x' \) प्राप्त होती है, और दोनों विलेयताओं का अनुपात लगभग \( 3.317 \) गुना आता है।

मुख्य बिंदु:

• अम्लीय बफर में लवण की विलेयता शुद्ध जल की तुलना में बढ़ जाती है क्योंकि \( \text{H}^+ \) आयन अम्ल के साथ मिलकर अवियोजित अम्ल बनाते हैं।
• \( K_{sp} \) और \( K_a \) दोनों का संयुक्त रूप से उपयोग किया जाता है।

आम गलतियाँ:

• बफर विलयन में सांद्रता के प्रभाव को समीकरण में सही से न रखना।

Exam Tips:

a) शुद्ध जल में विलेयता और बफर में विलेयता दोनों अलग-अलग निकालें।
b) दोनों का अनुपात ज्ञात करके उत्तर दें।

 

Question 6.71: फेरस सल्फाइड तथा सोडियम सल्फाइड के सममोलर विलयनों की अधिकतम सांद्रता बताइए जब उनके समान आयतन मिलाने पर आयरन सल्फाइड अवक्षेपित न हो। (आयरन सल्फाइड के लिए, \( K_{sp} = 6.3 \times 10^{-18} \))

Answer:

मान लीजिए कि मिलाने के बाद प्रत्येक विलयन की अधिकतम सांद्रता \( x\,\text{mol/L} \) है।
समान आयतन मिलाने पर सांद्रता आधी हो जाती है, अतः \( [\text{Fe}^{2+}] = \frac{x}{2} \) और \( [\text{S}^{2-}] = \frac{x}{2} \)
अवक्षेपण न होने की शर्त के लिए आयनिक गुणनफल \( K_{sp} \) से अधिक नहीं होना चाहिए:
\( [\text{Fe}^{2+}][\text{S}^{2-}] \leq K_{sp} \Rightarrow \left(\frac{x}{2}\right)\left(\frac{x}{2}\right) = 6.3 \times 10^{-18} \)
\( \frac{x^2}{4} = 6.3 \times 10^{-18} \Rightarrow x^2 = 25.2 \times 10^{-18} \)
\( x = \sqrt{25.2 \times 10^{-18}} = 5.02 \times 10^{-9}\,\text{M} \)

मुख्य बिंदु:

• अवक्षेपण न होने के लिए \( [\text{Fe}^{2+}][\text{S}^{2-}] \leq K_{sp} \) होना चाहिए।
• समान आयतन मिलाने पर सांद्रता आधी हो जाती है।

आम गलतियाँ:

• आयतन मिलाने के बाद सांद्रता आधी करना भूल जाना।

Exam Tips:

a) अधिकतम सांद्रता के लिए \( \text{IP} = K_{sp} \) की शर्त का उपयोग करें।
b) वर्गमूल निकालते समय घातों का ध्यान रखें।

 

Question 6.72: 1 ग्राम कैसियम सल्फेट को घोलने के लिए कम से कम कितने आयतन जल की आवश्यकता होगी? (कैल्शियम सल्फेट के लिए, \( K_{sp} = 9.1 \times 10^{-6} \))

Answer:

\(\text{CaSO}_4\) का वियोजन: \( \text{CaSO}_4(\text{s}) \rightleftharpoons \text{Ca}^{2+}(\text{aq}) + \text{SO}_4^{2-}(\text{aq}) \)
\( K_{sp} = s^2 \Rightarrow 9.1 \times 10^{-6} = s^2 \)
विलेयता \( s = \sqrt{9.1 \times 10^{-6}} = 3.02 \times 10^{-3}\,\text{mol L}^{-1} \)
\(\text{CaSO}_4\) का आणविक द्रव्यमान \( = 40 + 32 + 4 \times 16 = 136\,\text{g/mol} \)
ग्राम/लीटर में विलेयता \( = 3.02 \times 10^{-3} \times 136 = 0.41\,\text{g/L} \)
इसका अर्थ है कि \( 0.41\,\text{g CaSO}_4 \) को घोलने के लिए \( 1\,\text{L} \) पानी चाहिए।
अतः \( 1\,\text{g CaSO}_4 \) को घोलने के लिए आवश्यक जल का आयतन \( = \frac{1}{0.41} = 2.44\,\text{L} \)

मुख्य बिंदु:

• पहले \( K_{sp} \) से मोलर विलेयता (\( s \)) निकाली जाती है।
• मोलर विलेयता को मोलर द्रव्यमान से गुणा करके ग्राम/लीटर में विलेयता प्राप्त करते हैं।
• ऐकिक नियम (Unitary method) से दिए गए भार के लिए आवश्यक आयतन निकाला जाता है।

आम गलतियाँ:

• मोलर विलेयता को सीधे ग्राम/लीटर मान लेना।
• आणविक द्रव्यमान की गणना में त्रुटि करना।

Exam Tips:

a) मोलर विलेयता से ग्राम प्रति लीटर में रूपांतरण स्पष्ट दिखाएं।
b) अंतिम आयतन निकालते समय सही भाग दें।

 

Question 6.73: \( 0.1\text{M HCl} \) में हाइड्रोजन सल्फाइड से संतृप्त विलयन की सांद्रता \( 1.0 \times 10^{-19}\text{M} \) है। यदि इस विलयन का \( 10\,\text{mL} \) निम्नलिखित \( 0.04\text{M} \) विलयन के \( 5\,\text{mL} \) डाला जाए, तो किन विलयनों से अवक्षेप प्राप्त होगा? \( \text{FeSO}_4, \text{MnCl}_2, \text{ZnCl}_2 \text{ एवं } \text{CdCl}_2 \)

Answer:

मिलाने के बाद कुल आयतन \( = 10\,\text{mL} + 5\,\text{mL} = 15\,\text{mL} \)
\(\text{S}^{2-}\) की नई सांद्रता \( [\text{S}^{2-}] = \frac{1.0 \times 10^{-19} \times 10}{15} = 6.67 \times 10^{-20}\,\text{M} \)
धातु आयन \(\text{M}^{2+}\) की नई सांद्रता \( [\text{M}^{2+}] = \frac{0.04 \times 5}{15} = 1.33 \times 10^{-2}\,\text{M} \)
आयनिक गुणनफल \( \text{IP} = [\text{M}^{2+}][\text{S}^{2-}] = (1.33 \times 10^{-2}) \times (6.67 \times 10^{-20}) = 8.87 \times 10^{-22} \)
जिस धातु सल्फाइड का \( K_{sp} \) इस आयनिक गुणनफल से कम होगा, उसका अवक्षेप प्राप्त होगा। (विशेष रूप से \( \text{CdS} \) और \( \text{ZnS} \) आदि के लिए स्थिति के अनुसार जाँच की जाती है)

मुख्य बिंदु:

• मिश्रण के पश्चात तनुता सूत्र \( M_1V_1 = M_2V_2 \) से नए आयनों की सांद्रता निकाली जाती है।
• अवक्षेपण की शर्त: यदि \( \text{IP} > K_{sp} \), तो अवक्षेप बनेगा।

आम गलतियाँ:

• कुल आयतन (\( 15\,\text{mL} \)) से भाग देना भूल जाना।
• आयनिक गुणनफल की तुलना सही \( K_{sp} \) मानों से न करना।

Exam Tips:

a) मिश्रण के बाद सांद्रता निकालने के चरण स्पष्ट लिखें।
b) आयनिक गुणनफल की तुलना \( K_{sp} \) से करके निष्कर्ष दें।

 

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