NCERT Solutions Class 11 Biology Chapter 18 Neural Control and Coordination (तंत्रकीय नियंत्रण एवं समन्वय) in Hindi

Official NCERT Solutions for Class 11 Biology: Chapter 18 तंत्रकीय नियंत्रण एवं समन्वय

Review structured textbook solutions for Class 11 Biology Chapter 18 तंत्रकीय नियंत्रण एवं समन्वय. Built according to NCERT guidelines for the 2026-27 academic year, these downloadable answers support daily revision and problem-solving accuracy.

Chapter-wise Solutions for Biology: Chapter 18 तंत्रकीय नियंत्रण एवं समन्वय

Navigate directly to the solved Biology textbook exercises using the digital viewer below. Each solution includes detailed step-by-step explanations, allowing students to instantly cross-check their work and identify areas requiring further revision.

Question 1: निम्नलिखित संरचनाओं का संक्षेप में वर्णन कीजिए-
(अ) मस्तिष्क

Answer:

मस्तिष्क (Brain) हमारे शरीर का केंद्रीय सूचना प्रसारण अंग है और यह आदेश व नियंत्रण तंत्र की तरह कार्य करता है। यह ऐच्छिक गमन शरीर के संतुलन, प्रमुख अनैच्छिक अंगों के कार्य (जैसे फेफड़े, हृदय, वृक्क आदि), तापमान नियंत्रण, भूख एवं प्यास, परिवहन, लय, अनेकों अंतःस्रावी ग्रंथियों की क्रियाएं और मानव व्यवहार का नियंत्रण करता है। यह देखने, सुनने, बोलने की प्रक्रिया, याददाश्त, कुशाग्रता, भावनाओं और विचारों का भी स्थल है। मस्तिष्क को मुख्य रूप से अग्र मस्तिष्क, मध्य मस्तिष्क और पश्च मस्तिष्क में विभाजित किया जाता है।

मुख्य बिंदु:

• मस्तिष्क केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) का मुख्य भाग है जो खोपड़ी (क्रैनियम) के अंदर सुरक्षित रहता है।
• यह शरीर के सभी शारीरिक कार्यों और मानसिक गतिविधियों का नियंत्रण करता है।
• इसके प्रमुख भागों में सेरेब्रम, थैलेमस, हाइपोथैलेमस, सेरिबेलम और मेड्युला शामिल हैं।

आम गलतियाँ:

• मस्तिष्क के केवल एक कार्य (जैसे केवल सोचना) को लिखना और अन्य नियंत्रण कार्यों को छोड़ देना।
• इसके मुख्य भागों और उनके विशिष्ट कार्यों में भ्रमित होना।
• कपाल (skull) और मस्तिष्क की झिल्लियों (meninges) के अंतर को न समझना।

Exam Tips:

a) मस्तिष्क की संरचना और उसके मुख्य भागों के नाम स्पष्ट रूप से याद रखें।
b) इसके कार्यों को श्रेणियों (जैसे कायिक, अनैच्छिक और मानसिक) में बांटकर लिखें।
c) मानव मस्तिष्क का नामांकित चित्र बनाने का अभ्यास करें।

 

Question 2: निम्नलिखित की तुलना कीजिए-
(अ) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र और परिधीय तंत्रिका तंत्र
(ब) स्थिर विभव और सक्रिय विभव

Answer:

(अ) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) के अंतर्गत मस्तिष्क तथा मेरुरज्जु सम्मिलित हैं, जहाँ सूचनाओं का संसाधन एवं नियंत्रण होता है। इसके विपरीत, परिधीय तंत्रिका तंत्र (PNS) उन सभी तंत्रिकाओं से मिलकर बनता है जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (मस्तिष्क व मेरुरज्जु) से जुड़ी होती हैं और शरीर के अंगों तक संवेदनाएं पहुँचाती हैं। (ब) स्थिर विभव (Resting potential) में प्लाज्मा झिल्ली पर झिल्ली की बाहरी सतह ऋणात्मक आवेशित तथा आंतरिक सतह धनात्मक आवेशित होती है, और यह विराम अवस्था में होती है। सक्रिय विभव (Action potential) में जब किसी स्थान पर ध्रुवित झिल्ली पर आवेग होता है, तब ए स्थल की ओर स्थित झिल्ली Na+ के लिए मुक्त पारगम्य हो जाती है, जिससे बाहरी सतह ऋणात्मक और आंतरिक सतह धनात्मक हो जाती है।

मुख्य बिंदु:

• केंद्रीय तंत्रिका तंत्र सूचनाओं का प्रसंस्करण करता है जबकि परिधीय तंत्रिका तंत्र उन्हें अंगों तक पहुँचाता है।
• स्थिर विभव में आयनों का वितरण विश्राम अवस्था को बनाए रखता है, जबकि सक्रिय विभव उत्तेजना के समय उत्पन्न होता है।
• दोनों तुलनाओं में सोडियम और पोटेशियम आयनों की पारगम्यता मुख्य भूमिका निभाती है।

आम गलतियाँ:

• केंद्रीय और परिधीय तंत्रिका तंत्र के अंगों (मस्तिष्क/मेरुरज्जु बनाम तंत्रिकाएं) को आपस में मिला देना।
• स्थिर विभव और सक्रिय विभव के दौरान झिल्ली की ध्रुवता (Polarity) को विपरीत लिख देना।
• आयनों (Na+ और K+) की भूमिका को स्पष्ट न करना।

Exam Tips:

a) तुलनात्मक प्रश्नों को हमेशा तालिका (Table) बनाकर हल करें ताकि अंतर स्पष्ट दिखे।
b) विभव परिवर्तन के समय आयनिक सांद्रता और पारगम्यता के बिंदुओं को अवश्य शामिल करें।
c) तंत्रिका तंत्र के वर्गीकरण को प्रवाह चार्ट (Flowchart) से समझें।

 

Question 3: निम्नलिखित प्रक्रियाओं का वर्णन कीजिए-
(अ) तंत्रिका तंतु की झिल्ली की ध्रुवीकरण
(ब) तंत्रिका तंतु की झिल्ली का विध्रुवीकरण
(स) रासायनिक सिनेप्स द्वारा तंत्रिका आवेगों का संवहन

Answer:

(अ) तंत्रिका तंतु की झिल्ली का ध्रुवीकरण: प्रत्येक तंत्रिका विराम काल में ध्रुवित अवस्था में होती है, जिसके बाहर धनात्मक आवेश पाया जाता है और भीतर की ओर ऋणात्मक आवेश पाया जाता है। (ब) तंत्रिका तंतु की झिल्ली का विध्रुवीकरण: जब किसी एक स्थान पर ध्रुवित रूप से आवेग होता है, तब ए स्थल की ओर स्थित झिल्ली Na+ के लिए मुक्त पारगम्य हो जाती है, जिसके फलस्वरूप तीव्र गति से अंदर जाते हैं और एक सतह पर विपरीत ध्रुवता हो जाती है। (स) रासायनिक सिनेप्स द्वारा तंत्रिका आवेगों का संवहन: रासायनिक सिनेप्स द्वारा तंत्रिका आवेगों का संवहन सिनेप्स दो प्रकार के होते हैं, विद्युत सिनेप्स एवं रासायनिक सिनेप्स। रासायनिक सिनेप्स पर, पूर्व एवं पश्च सिनेप्सिक न्यूरोन्स की झिल्लियों द्रव से भरे अवकाश द्वारा पृथक होती हैं जिसे सिनेप्टिक दरार कहते हैं।

मुख्य बिंदु:

• ध्रुवीकरण अवस्था में तंत्रिका झिल्ली विश्राम अवस्था में होती है और सोडियम-पोटेशियम पंप सक्रिय रहता है।
• विध्रुवीकरण के दौरान Na+ आयनों की पारगम्यता अचानक बढ़ जाती है जिससे आवेश पलट जाता है।
• रासायनिक सिनेप्स में न्यूरोट्रांसमीटर (तंत्रिका संचारी पदार्थ) आवेगों को एक न्यूरॉन से दूसरे न्यूरॉन तक पहुँचाते हैं।

आम गलतियाँ:

• ध्रुवीकरण और विध्रुवीकरण की अवस्थाओं में आवेशों (+ और -) की स्थिति को उल्टा याद रखना।
• सिनेप्स के संवहन में विद्युत और रासायनिक सिनेप्स के अंतर को स्पष्ट न करना।
• न्यूरोट्रांसमीटर की भूमिका को भूल जाना।

Exam Tips:

a) तंत्रिका आवेग संचरण के चरणों को क्रमबद्ध रूप से याद रखें।
b) चित्र की सहायता से झिल्ली पर आवेशों के वितरण को समझें।
c) सिनेप्टिक दरार और न्यूरोट्रांसमीटर शब्दों का सही प्रयोग करें।

 

Question 4: निम्नलिखित का नामांकित चित्र बनाइए:
(अ) न्यूरॉन
(ब) मस्तिष्क

Answer:

आकृति का विवरण: यह न्यूरॉन और मानव मस्तिष्क की आंतरिक संरचना को दर्शाने वाले नामांकित चित्र हैं।
न्यूरॉन के चित्र में डेंड्राइट्स, कोशिकाकाय, एक्सॉन, मलीन आवरण, श्वान कोशिका और तंत्रिका अंत का स्पष्ट अंकन होता है। मस्तिष्क के चित्र में सेरेब्रम, कॉर्पस केलोसम, थैलेमस, हाइपोथैलेमस, सेरिबेलम, पोंस, मेड्युला और स्पाइनल कॉर्ड को दर्शाया जाता है। न्यूरॉन तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक एवं कार्यात्मक इकाई है, जबकि मस्तिष्क केंद्रीय नियंत्रण कक्ष है।

मुख्य बिंदु:

• न्यूरॉन में सूचनाएं डेंड्राइट से ग्रहण होकर एक्सॉन के माध्यम से आगे बढ़ती हैं।
• मस्तिष्क का नामांकित चित्र बनाते समय उसके सभी प्रमुख भागों (अग्र, मध्य, पश्च मस्तिष्क) को दर्शाना आवश्यक है।
• चित्र हमेशा साफ-सुथरा और पेंसिल से बनाया जाना चाहिए।

आम गलतियाँ:

• नामांकनों को गलत भागों पर दर्शा देना (जैसे सेरिबेलम और सेरेब्रम में भ्रम)।
• न्यूरॉन में माइलिन आवरण और रैनवीयर के नोड को ठीक से न दिखाना।
• चित्र में उचित तीर के निशान न लगाना।

Exam Tips:

a) परीक्षा में चित्र बनाते समय लेबलिंग स्पष्ट और एक तरफ होनी चाहिए।
b) न्यूरॉन और मस्तिष्क के चित्रों का बार-बार अभ्यास करें क्योंकि ये परीक्षा में अक्सर पूछे जाते हैं।
c) प्रत्येक भाग का मुख्य कार्य भी संक्षेप में याद रखें।

 

Question 5: निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए-
(क) तंकीय समन्वय
(ख) अग्र मस्तिष्क
(ग) मध्य मस्तिष्क
(घ) पश्च मस्तिष्क

Answer:

(क) तंकीय समन्वय: तंकीय तंत्र ऐसे व्यवस्थित जाल तंत्र गठित करता है, जो त्वरित समन्वय हेतु बिंदु दर बिंदु जुड़ा रहता है। (ख) अग्र मस्तिष्क: अग्र मस्तिष्क सेरीब्रम, थैलेमस और हाइपोथैलेमस का बना होता है और यह मानसिक गतिविधियों के केंद्र का कार्य करता है। (ग) मध्य मस्तिष्क: मध्य मस्तिष्क अग्र मस्तिष्क के थैलेमस/हाइपोथैलेमस तथा पश्च मस्तिष्क के पोंस के बीच स्थित होता है। (घ) पश्च मस्तिष्क: पश्च मस्तिष्क पोंस, अनुमस्तिष्क और मध्‍यांश (मेड्युला ओब्लोंगेटा) का बना होता है।

मुख्य बिंदु:

• तंकीय समन्वय शरीर के अंगों के बीच त्वरित और सटीक नियंत्रण प्रदान करता है।
• अग्र मस्तिष्क बुद्धि, चेतना और उच्च मानसिक कार्यों का नियंत्रण करता है।
• मध्य और पश्च मस्तिष्क अनैच्छिक क्रियाओं, संतुलन और श्वसन-हृदय गति को नियंत्रित करते हैं।

आम गलतियाँ:

• मस्तिष्क के तीनों भागों (अग्र, मध्य, पश्च) के घटकों को आपस में मिला देना।
• तंकीय समन्वय और हॉर्मोनीय समन्वय के अंतर को स्पष्ट न करना।
• प्रत्येक भाग के विशिष्ट कार्यों को भूल जाना।

Exam Tips:

a) मस्तिष्क के प्रत्येक भाग के अंतर्गत आने वाले उप-भागों की सूची बनाकर याद करें।
b) संक्षिप्त टिप्पणी लिखते समय परिभाषा और मुख्य कार्यों को अवश्य शामिल करें।
c) वैज्ञानिक शब्दावली (जैसे सेरीब्रम, मेड्युला) का सही वर्तनी के साथ प्रयोग करें।

 

Question 6: निम्न पर संक्षिप्त टिप्पणी दीजिए: सिनेप्टिक संचरण की क्रियाविधि

Answer:

सिनेप्टिक संचरण की क्रियाविधि: तंत्रिका आवेगों का एक न्यूरॉन से दूसरे न्यूरॉन तक संचरण सिनेप्स द्वारा होता है। एक सिनेप्स का निर्माण पूर्व सिनेप्सिन न्यूरॉन तथा पश्च सिनेप्सिन न्यूरॉन की झिल्ली द्वारा होता है, जो कि सिनेप्टिक दरार द्वारा विभक्त हो भी सकती है या नहीं भी। सिनेप्स दो प्रकार के होते हैं, विद्युत सिनेप्स एवं रासायनिक सिनेप्स। विद्युत सिनेप्स पर, पूर्व एवं पश्च सिनेप्सिक न्यूरोन्स की झिल्लियों द्रव से भरे अवकाश द्वारा होती हैं जिसे सिनेप्टिक दरार कहते हैं।

मुख्य बिंदु:

• सिनेप्स दो तंत्रिका कोशिकाओं (न्यूरॉन्स) के बीच का जंक्शन होता है।
• विद्युत सिनेप्स में आवेगों का संचरण बहुत तेजी से होता है क्योंकि झिल्लियां बहुत पास होती हैं।
• रासायनिक सिनेप्स में न्यूरोट्रांसमीटर रासायनिक संदेशवाहक के रूप में कार्य करते हैं।

आम गलतियाँ:

• विद्युत और रासायनिक सिनेप्स की संरचना और संचरण गति में अंतर न समझ पाना।
• सिनेप्टिक पुटिकाओं और न्यूरोट्रांसमीटर की भूमिका को छोड़ देना।
• संचरण की दिशा (पूर्व-सिनेप्स से पश्च-सिनेप्स) को उल्टा बताना.

Exam Tips:

a) सिनेप्स की परिभाषा और इसके दोनों प्रकारों को स्पष्ट रूप से लिखें।
b) न्यूरोट्रांसमीटर (तंत्रिका संचारी पदार्थ) का नाम और कार्य अवश्य उल्लेखित करें।
c) चित्र बनाकर सिनेप्टिक दरार और पुटिकाओं को दर्शाएं।

 

Question 7: (अ) सक्रिय विभव उत्पन्न करने में Na+ की भूमिका का वर्णन कीजिए।
(ब) सिनेप्स पर न्यूरोट्रांसमीटर मुक्त करने में Ca++ की भूमिका का वर्णन कीजिए।

Answer:

(अ) उद्दीपन के फलस्वरूप तनिकाइच्छद या न्यूरीलेमा की Na+ के लिए पारगम्यता बढ़ जाने से, Na+ ऊतक तरल से एक्सोप्लाज्म में तेजी से पहुँचने लगते हैं। इसके फलस्वरूप तंत्रिका तंतु का विध्रुवीकरण हो जाता है और तंत्रिका तंतु का विश्राम कला विमान भिन्न हो बदलकर प्रेरणा प्रसरण में सहायता करता है। (ब) जब कोई तन्त्रिकीय प्रेरणा क्रियात्मक विभव के रूप में सिनेप्टिक गाँठ पर पहुँचती है तो Ca++ ऊतक तरल से सिनेप्टिक गाँठ में प्रवेश कर जाते हैं। इसके प्रभाव से सिनेप्टिक पुटिकाओं से तंत्रिका संचारी पदार्थ (न्यूरोट्रांसमीटर) मुक्त होकर सिनेप्टिक विदर के ऊतक तरल में पहुँच जाता है और पश्चसिनेप्टिक तंत्रिका कोशिका के डेंड्राइट्स पर रासायनिक उद्दीपन द्वारा क्रियात्मक विभव को स्थापित कर देता है।

मुख्य बिंदु:

• सोडियम आयन (Na+) तंतु के विध्रुवीकरण और सक्रिय विभव के निर्माण के लिए उत्तरदायी होते हैं।
• कैल्शियम आयन (Ca++) सिनेप्टिक गाँठ में प्रवेश करके न्यूरोट्रांसमीटर के विमोचन को प्रेरित करते हैं।
• दोनों आयन तंत्रिका आवेगों के सुचारू संचरण के लिए अनिवार्य हैं।

आम गलतियाँ:

• Na+ और K+ आयनों की भूमिकाओं को आपस में बदल देना।
• सिनेप्स पर Ca++ आयनों के कार्य को नजरअंदाज करना।
• सक्रिय विभव और विश्राम विभव की आयनिक अवस्थाओं में भ्रम होना।

Exam Tips:

a) आयनों की गति (अंदर आना या बाहर जाना) को स्पष्ट रूप से तर्कों के साथ लिखें।
b) सक्रिय विभव में सोडियम की अंतःप्रवाह (influx) प्रक्रिया को रेखांकित करें।
c) सिनेप्स संचरण में कैल्शियम आयन की उत्प्रेरक भूमिका को विशेष रूप से याद रखें।

 

Question 8: निम्न के बीच में अंतर बताइए-
(अ) आच्छादित और अनाच्छादित तंत्रिकाक्ष
(ब) दुम्राक्ष और तंत्रिकाक्ष
(स) थैलेमस और हाइपोथैलेमस
(द) प्रमस्तिष्क और अनुमस्तिष्क

Answer:

(अ) आच्छादित तंत्रिकाक्ष (Myelinated axon) में माइलिन आवरण पाया जाता है और इनका रंग सफेद होता है, जबकि अनाच्छादित तंत्रिकाक्ष (Non-myelinated axon) में माइलिन आवरण अनुपस्थित होता है और ये धूसर रंग के होते हैं। (ब) दुम्राक्ष (Dendrite) छोटे, पतले और कई होते हैं जो आवेग को कोशिकाकाय की ओर लाते हैं, जबकि तंत्रिकाक्ष (Axon) लंबा व बड़ा होता है जो आवेग को कोशिकाकाय से दूर सिनेप्स या अन्य कोशिकाओं तक ले जाता है। (स) थैलेमस (Thalamus) प्रमस्तिष्क के चारों ओर से घिरा रहता है और संवेदी सूचनाओं के पुन:प्रसारण केंद्र के रूप में कार्य करता है, जबकि हाइपोथैलेमस (Hypothalamus) थैलेमस के आधार पर स्थित होता है और शरीर के तापमान, प्यास, भूख व हार्मोन नियंत्रण का कार्य करता है। (द) प्रमस्तिष्क (Cerebrum) अग्र मस्तिष्क का सबसे बड़ा और मुख्य भाग है जो उच्च मानसिक क्रियाओं के लिए जिम्मेदार है, जबकि अनुमस्तिष्क (Cerebellum) पश्च मस्तिष्क का भाग है जो शरीर का संतुलन और मांसपेशियों के समन्वय को बनाए रखता है।

मुख्य बिंदु:

• आच्छादित तंत्रिकाक्ष में आवेग संचरण की गति तेज होती है (साल्टेटरी संवहन)।
• दुम्राक्ष आवेग ग्रहण करते हैं जबकि तंत्रिकाक्ष आवेगों को आगे संचारित करते हैं।
• थैलेमस रिले केंद्र है और हाइपोथैलेमस अंतःस्रावी नियंत्रण व स्वायत्त कार्यों का नियंत्रण करता है।
• प्रमस्तिष्क बुद्धिमत्ता का केंद्र है और अनुमस्तिष्क संतुलन का केंद्र है।

आम गलतियाँ:

• दुम्राक्ष और तंत्रिकाक्ष के आवेग प्रवाह की दिशा को उल्टा लिख देना।
• थैलेमस और हाइपोथैलेमस के कार्यों में अतिव्यापन (overlap) न समझ पाना।
• प्रमस्तिष्क और अनुमस्तिष्क की स्थिति और मुख्य कार्यों को आपस में मिला देना।

Exam Tips:

a) सभी अंतरों को स्पष्ट तालिकाओं के रूप में प्रस्तुत करें।
b) प्रत्येक संरचना के अंग्रेजी नाम (जैसे Axon, Dendrite, Cerebrum) और उनके मुख्य कार्यों को याद रखें।
c) परीक्षा में अंतर पूछते समय कम से कम 3-4 आधारों पर तुलना करें।

 

Question 9: (अ) मानव मस्तिष्क का सर्वाधिक विकसित भाग कौन सा है?
(ब) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का कौन सा भाग मास्टर क्लॉक की तरह कार्य करता है?

Answer:

(अ) मानव मस्तिष्क का सर्वाधिक विकसित भाग प्रमस्तिष्क (Cerebrum) है, जो संपूर्ण मस्तिष्क का सबसे बड़ा हिस्सा बनाता है और उच्च मानसिक क्रियाओं, तर्क, विचार व स्मृति का नियंत्रण करता है। (ब) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का हाइपोथैलेमस (Hypothalamus) भाग मास्टर क्लॉक (जैविक घड़ी) की तरह कार्य करता है, जो शरीर की दैनिक लय (Circadian rhythm), जैसे सोने-जागने का चक्र, को नियंत्रित करता है।

मुख्य बिंदु:

• प्रमस्तिष्क मानव में अत्यधिक विकसित होता है जिससे जटिल बौद्धिक क्षमताएं संभव होती हैं।
• हाइपोथैलेमस शरीर की आंतरिक लय और मेलाटोनिन जैसे हॉर्मोन्स के माध्यम से जैविक घड़ी को संचालित करता है।
• ये दोनों मस्तिष्क के अग्र भाग से संबंधित हैं।

आम गलतियाँ:

• मास्टर क्लॉक के रूप में हाइपोथैलेमस के स्थान पर पीयूष ग्रंथि (Pituitary gland) को लिख देना (पीयूष मास्टर ग्रंथि है, मास्टर क्लॉक हाइपोथैलेमस है)।
• सर्वाधिक विकसित भाग के रूप में पूरे मस्तिष्क या सेरिबेलम का नाम लिख देना।

Exam Tips:

a) 'मास्टर ग्रंथि' और 'मास्टर क्लॉक' के अंतर को स्पष्ट रूप से समझें।
b) प्रमस्तिष्क के कार्यों को संक्षिप्त में याद रखें।
c) एक-दो वाक्यों वाले ऐसे प्रश्नों के सटीक उत्तर दें।

 

Question 10: निम्न में भेद स्पष्ट कीजिए-
(अ) संवेदी तंत्रिका एवं प्रेरक तंत्रिका
(ब) आच्छादित एवं अनाच्छादित तंत्रिका तंतु में आवेग संचरण
(स) कपालिय तंत्रिकाएँ एवं मेरूर तंत्रिकाएँ

Answer:

(अ) संवेदी तंत्रिका (Sensory nerve) अंगों से सूचनाओं को मस्तिष्क या मेरुरज्जु तक पहुँचाती हैं, जबकि प्रेरक तंत्रिका (Motor nerve) मस्तिष्क या मेरुरज्जु से निर्देश को कार्यकारी अंगों तक पहुँचाती हैं। (ब) आच्छादित तंत्रिका तंतु में माइलिन आवरण होने के कारण आवेग संचरण की गति बहुत अधिक होती है और यह 'साल्टेटरी संवहन' (saltatory conduction) के रूप में छलांग लगाकर चलता है, जबकि अनाच्छादित तंत्रिका तंतु में आवेग संचरण की गति धीमी होती है क्योंकि इसमें आवेग निरंतर तरंग के रूप में चलता है। (स) कपालिय तंत्रिकाएँ (Cranial nerves) सीधे मस्तिष्क से निकलती हैं और मुख्य रूप से सिर व चेहरे के अंगों से जुड़ी होती हैं (मनुष्यों में 12 जोड़ी), जबकि मेरूर तंत्रिकाएँ (Spinal nerves) मेरुरज्जु से निकलती हैं और शरीर के अन्य भागों में फैली होती हैं (मनुष्यों में 31 जोड़ी)।

मुख्य बिंदु:

• संवेदी तंत्रिकाएं अभिवाही (afferent) और प्रेरक तंत्रिकाएं अपवाही (efferent) प्रकृति की होती हैं।
• माइलिन आवरण इंसुलेटर का काम करता है जिससे आच्छादित तंतुओं में आवेग तेजी से आगे बढ़ता है।
• कपालिय और मेरूर तंत्रिकाएं मिलकर परिधीय तंत्रिका तंत्र (PNS) का निर्माण करती हैं।

आम गलतियाँ:

• संवेदी और प्रेरक तंत्रिकाओं की दिशा (अंदर जाना बनाम बाहर आना) को उलट देना।
• आच्छादित और अनाच्छादित में गति के अंतर के वैज्ञानिक कारण (साल्टेटरी संवहन) को न लिखना।
• कपालिय और मेरूर तंत्रिकाओं की संख्या में भ्रमित होना।

Exam Tips:

a) तंत्रिकाओं के वर्गीकरण को दिशा और कार्य के आधार पर समझें।
b) जोड़े की संख्या (12 और 31 जोड़ी) को ऑब्जेक्टिव और सब्जेक्टिव दोनों के लिए याद रखें।
c) साल्टेटरी संवहन की परिभाषा को आच्छादित तंत्रिका तंतु के साथ जरूर जोड़ें।

 

Step-by-Step Textbook Answers: Class 11 Biology Chapter 18 तंत्रकीय नियंत्रण एवं समन्वय

Accessing Chapter 18 तंत्रकीय नियंत्रण एवं समन्वय Solutions

Review comprehensive exercise answers for Class 11 Biology Chapter 18 तंत्रकीय नियंत्रण एवं समन्वय. Fully updated to match current NCERT syllabus guidelines, these textbook solutions help students verify their work and maintain accurate study notes.

Concept-Driven Answers for Class 11 Biology

Beyond providing final answers, these guides offer step-by-step breakdowns for complex queries in the Class 11 Biology module. This approach helps students balance theoretical depth with practical problem-solving skills required for NCERT exams.

Maximizing Study Efficiency

Consistent practice with these solution guides cultivates faster problem-solving habits and clearer logical structuring. For a complete preparation experience, pair these textbook answers with our dedicated revision notes and sample papers for Class 11 Biology.

FAQs

Where can I find the latest NCERT Solutions Class 11 Biology Chapter 18 Neural Control and Coordination (तंत्रकीय नियंत्रण एवं समन्वय) in Hindi for the 2026-27 session?

The complete and updated NCERT Solutions Class 11 Biology Chapter 18 Neural Control and Coordination (तंत्रकीय नियंत्रण एवं समन्वय) in Hindi is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 11 Biology are as per latest NCERT curriculum.

Are the Biology NCERT solutions for Class 11 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the NCERT Solutions Class 11 Biology Chapter 18 Neural Control and Coordination (तंत्रकीय नियंत्रण एवं समन्वय) in Hindi as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Biology concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 11 NCERT solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using NCERT language because NCERT marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our NCERT Solutions Class 11 Biology Chapter 18 Neural Control and Coordination (तंत्रकीय नियंत्रण एवं समन्वय) in Hindi will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer NCERT Solutions Class 11 Biology Chapter 18 Neural Control and Coordination (तंत्रकीय नियंत्रण एवं समन्वय) in Hindi in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 11 Biology. You can access NCERT Solutions Class 11 Biology Chapter 18 Neural Control and Coordination (तंत्रकीय नियंत्रण एवं समन्वय) in Hindi in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Biology NCERT solutions for Class 11 as a PDF?

Yes, you can download the entire NCERT Solutions Class 11 Biology Chapter 18 Neural Control and Coordination (तंत्रकीय नियंत्रण एवं समन्वय) in Hindi in printable PDF format for offline study on any device.