Get the most accurate NCERT Solutions for Class 9 Hindi पाठ 15 मेघ आए here. Updated for the 2026-27 academic session, these solutions are based on the latest NCERT textbooks for Class 9 Hindi. Our expert-created answers for Class 9 Hindi are available for free download in PDF format.
Step-by-Step NCERT Solutions: Class 9 Hindi पाठ 15 मेघ आए
Use these NCERT textbook questions for Class 9 to establish a solid grasp of Hindi. Our Class 9 Hindi solutions deliver detailed, step-by-step guidance for every problem. Working with these पाठ 15 मेघ आए solutions makes learning simple and improves exam readiness.
Download Solutions: पाठ 15 मेघ आए (Class 9 Hindi NCERT)
NCERT Solutions for Class 9 Hindi for Kshitiz पाठ 15 मेघ आए
प्रश्न अभ्यास
बादलों के आने पर प्रकृति में भिन्न तरह के परिवर्तन आते हैं। बादलों के आने की सूचना बयार नाचते-गाते देती हुई चलती है। बादलों के आगमन की सुचना पाकर लोग अतिथि सत्कार के लिए घर के दरवाज़े तथा खिड़कियाँ खोल देते हैं। वृक्ष कभी गर्दन झुकाकर तो कभी उठाकर उनको देखने का प्रयत्न कर रहे हैं। आंधी आकर धूलो को उड़ाती है। प्रकृति के अन्य रुपों के साथ नदी ठिठक गई तथा घूँघट सरकाकर आँधी को देखने का प्रयास करती है। सबसे बड़ा सदस्य होने के कारण बूढ़ा पीपल आगे बढ़कर आँधी का स्वागत करता है। तालाब पानी से भर जाते हैं। आकश में बिजली चमकती है और वर्षा के बून्द मिलान के आंसू बहाते हैं।
Question 2. निम्नलिखित किसके प्रतीक हैं ?
धूल, पेड़, नदी, लता, ताल
उत्तर
1 धूल - स्त्री
2 पेड़- नगरवासी
3 नदी - स्त्री
4 लता - मेघ की प्रतिक्षा करती नायिका
5 ताल - सेवक
Question 3. लता ने बादल रूपी मेहमान को किस तरह देखा और क्यों ?
उत्तर
लता ने बादल रुपी मेहमान को किवाड़ की ओट से देखा क्योंकि वह मेघ के देर से आने के कारण व्याकुल हो रही थी तथा संकोचवश उसके सामने नहीं आ सकती थी।
Question 4. भाव स्पष्ट कीजिए -
(क) क्षमा करो गाँठ खुल गई अब भरम की
(ख) बाँकी चितवन उठा, नदी ठिठकी, घूँघट सरके।
( क) नायिका को यह भ्रम था कि उसके प्रिय अर्थात् मेघ नहीं आएँगे परन्तु बादल रूपी नायक के आने से उसकी सारी शंकाएँ मिट जाती है और वह क्षमा याचना करने लगती है।
(ख) मेघ के आने का प्रभाव सभी पर पड़ा है। नदी ठिठककर कर जब ऊपर देखने की चेष्टा करती है तो उसका घूँघट सरक जाता है और वह तिरछी नज़र से आए हुए आंगतुक को देखने लगती है।
Question 5. मेघ रूपी मेहमान के आने से वातावरण में क्या परिवर्तन हुए ?
उत्तर
मेघ रूपी मेहमान के आने से हवा के तेज बहाव के कारण आँधी चलने लगती है जिससे दरवाजे - खिड़िकियां खुलने लगते हैं, पेड़ अपने संतुलन खो देते हैं। नदी और तालाब के पानी में उथल - पुथल होनी लगती है। पीपल का पुरांना पेड़ भी झुक जाता है। अंत में बिजली कड़कने के साथ वर्षा होने है।
Question 6. मेघों के लिए 'बन-ठन के, सँवर के' आने की बात क्यों कही गई है?
उत्तर
बहुत दिनों तक न आने के कारण गाँव में मेघ की प्रतीक्षा की जाती है। जिस प्रकार मेहमान (दामाद) बहुत दिनों बाद आते हैं, उसी प्रकार मेघ भी बहुत समय बाद आए हैं। अतिथि जब घर आते हैं तो सम्भवत: उनके देर होने का कारण उनका बन-ठन कर आना ही होता है। कवि ने मेघों में सजीवता डालने के लिए मेघों के 'बन-ठन के, सँवर के' आने की बात कही है।
Question 7. कविता में आए मानवीकरण तथा रूपक अलंकार के उदाहरण खोजकर लिखिए।
उत्तर
मानवीकरण अलंकार :
1. आगे-आगे नाचती बयार चली
यहाँ बयार का स्त्री के रुप में मानवीकरण हुआ है।
2. मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के।
मेघ का दामाद के रुप में मानवीकरण हुआ है।
3. पेड़ झुक झाँकने लगे गरदन उचकाए।
पेड़ो का नगरवासी के रुप में मानवीकरण किया गया है।
4. धूल भागी घाघरा उठाए।
धूल का स्त्री के रुप में मानवीकरण किया गया है।
5. बूढ़े पीपल ने आगे बढ़कर जुहार की
पीपल का पुराना वृक्ष गाँव के सबसे बुज़र्ग आदमी के रुप में है।
6. बोली अकुलाई लता
लता स्त्री की प्रतीक है।
रूपक अलंकार:
1. क्षितिज अटारी
यहाँ क्षितिज को अटारी के रुपक द्वारा प्रस्तुत किया गया है।
2. दामिनी दमकी
दामिनी दमकी को बिजली के चमकने के रुपक द्वारा प्रस्तुत किया गया है।
3. बाँध टूटा झर-झर मिलन के अश्रु ढरके।
झर-झर मिलन के अश्रु द्वारा बारिश को पानी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
Question 8. कविता में जिन रीति-रिवाजों का मार्मिक चित्रण हुआ है, उनका वर्णन कीजिए।
उत्तर
कविता में रीति - रिवाज़ों के माध्यम से वर्षा ऋतु का चित्रण किया गया है। मेहमान के आने पर पूरे गाँव में उलास और उमंग माहौल होता है। सभी लोग अपने-अपने तरीकों से मेहमान के स्वागत में जुट जाते हैं। गाँव की स्त्रियाँ मेहमान से पर्दा करने लगती है, बुजुर्ग झुककर उनका स्वागत करते हैं,पैरों को धोने के लिए परात में पानी लाया जाता है। इस प्रकार से इस कविता में कुछ ग्रामीण रीति-रिवाजों का चित्रण हुआ है।
Question 9. कविता में कवि ने आकाश में बादल और गाँव में मेहमान (दामाद) के आने का जो रोचक वर्णन किया है, उसे लिखिए।
उत्तर
कविता में मेघ और दामाद के आगमन में समानता बताई गई है। जब गाँव में मेघ दिखते हैं तो गाँव के सभी लोग उत्साह के साथ उसके आने की खुशियाँ मनाते हैं। हवा के तेज़ बहाव से पेड़ अपना संतुलन खो बैठते हैं, नदियों तथा तालाबों के जल में उथल-पुथल होने लगती है। मेघों के आगमन पर प्रकृति के अन्य अव्यव भी प्रभावित होते हैं।
ठीक इसी प्रकार किसी गाँव में जब कोई दामाद आता है तो गाँव के सभी सदस्य उसमें बढ़ चढ़कर भाग लेते हैं। स्त्रियाँ चिक की आड़ से दामाद को देखने का प्रयत्न करती है, गाँव के सबसे बुज़र्ग आदमी सर्वप्रथम उसके समक्ष जाकर उसका आदर-सत्कार करते हैं। पूरी सभा का केन्द्रिय पात्र वहीं होता है।
Question 10. काव्य-सौंदर्य लिखिए -
पाहुन ज्यों आए हों गाँव में शहर के।
मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के।
उत्तर
प्रस्तुत पंक्तियों में पाहुन अर्थात् दामाद के रूप में प्रकृति का मानवीकरण हुआ है। कवि ने प्रस्तुत कविता में चित्रात्मक शैली का उपयोग किया है। इसमें बादलों के सौंदर्य का मनोरम चित्रण हुआ है। कविता की भाषा सरल तथा सहज होने के साथ ग्रामीण भाषा जैसे पाहुन शब्द का भी इस्तेमाल किया गया है। यहाँ पर बन ठन में ब वर्ण की आवृत्ति होने के कारण अनुप्रास अलंकार है।
रचना और अभिव्यक्ति
Question 11. वर्षा के आने पर अपने आसपास के वातावरण में हुए परिवर्तनों को ध्यान से देखकर एक अनुच्छेद लिखिए।
उत्तर
वर्षा के आने पर वातावरण में ठंड बढ़ जाती है। पेड़ पौधे ताजा दिखाई देने लगते हैं। गड्ढो में पानी भर जाता है। सड़के चमकने लगती हैं। बच्चो का झुण्ड बारिश का मजा लेते दिखाई देने लगता है। सड़को पर पानी जमा होने कारण चलने में असुविधा भी होती है और यातायात सम्बन्धी दिक्कते भी होती हैं। वातावरण में गरमी की समाप्ति होने से लोगो को राहत मिलती है।
Question 12. कवि ने पीपल को ही बड़ा बुजुर्ग क्यों कहा है ? पता लगाइए।
उत्तर
पीपल वृक्ष की आयु सभी वृक्षों से बड़ी होती है। गाँवों में पीपल की पूजा की जाती है इसी कारण गाँव में पीपल वृक्ष का होना अनिवार्य माना जाता है इसीलिए पुराना और पूजनीय होने के कारण पीपल को बड़ा बुजुर्ग कहा गया है।
Question 13. कविता में मेघ को 'पाहुन' के रूप में चित्रित किया गया है। हमारे यहाँ अतिथि (दामाद) को विशेष महत्त्व प्राप्त है, लेकिन आज इस परंपरा में परिवर्तन आया है। आपको इसके क्या कारण नजर आते हैं, लिखिए।
उत्तर
हमारे यहाँ अतिथि को देवता तुल्य मन गया है। लोग आज भी इस परंपरा का पालन करते हैं। परन्तु बदलते समाज में इस व्यवस्था में कई परिवर्तन आएँ हैं । इसके कई कारण है जैसे संयुक्त परिवारों का टूटना, शहरीकरण, पाश्चात्य संस्कृति की और बढ़ता झुकाव, महँगाई, और व्यस्तता ऐसे कुछ कारण है। जिसके फलस्वरूप आज का मनुष्य केवल अपने बारे में ही सोचता है। उसके पास दूसरों को देने के लिए समय तथा इच्छा का अभाव हो चला है और परिणामस्वरूप यह परम्परा धीरे-धीरे गायब होती जा रही है।
भाषा अध्यन
Question 14. कविता में आए मुहावरों को छाँटकर अपने वाक्यों में प्रयुक्त कीजिए।
उत्तर
1. बन-ठन के - (तैयारी के साथ) मेहमान हमेशा बन-ठन के हैं ।
2. सुधि लेना - (खबर लेना) मैंने अपने प्रिया मित्र की कई दिनों तक सुधि नहीं ली है।
3. गाँठ खुलना - (समस्या का समाधान होना) आपसी बातचीत द्वारा मन की कई गाँठे खुल जाती है।
4. बाँध टूटना - (धैर्य समाप्त होना) कई घंटे बिजली कटी होने से मोहन के सब्र का बाँध टूट गया।
Question 15. कविता में प्रयुक्त आँचलिक शब्दों की सूची बनाइए।
उत्तर
बयार, पाहुन, उचकाना, जुहार, सुधि-लीन्हीं, किवार, अटारी, बन ठन, बाँकी, परात।
1. मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के।
2. पाहुन ज्यों आए हो गाँव में शहर के।
3. पेड़ झुककर झाँकने लगे गरदन उचकाए।
4. बरस बाद सुधि लीन्हीं
5. पेड़ झुककर झाँकने लगें
उपर्युक्त पंक्तियों में ज़्यादातर आम बोलचाल की भाषा का प्रयोग किया गया है। कहीं-कहीं पर गाँव का माहौल स्थापित करने के लिए ग्रामीण भाषा का भी प्रयोग किया गया है जिसे समझने में कठिनाई नही होती है।
Free study material for Hindi
Free NCERT Textbook Explanations: Class 9 Hindi
Comprehensive Textbook Solutions for पाठ 15 मेघ आए
Find reliable NCERT Solutions for पाठ 15 मेघ आए designed to simplify your homework and study sessions. Every question from the Class 9 Hindi textbook is thoroughly answered in accordance with current academic term requirements and the active NCERT syllabus.
Mastering Theoretical & Practical Questions
Benefit from expertly drafted, step-by-step explanations tackling the hardest items in the Class 9 Hindi curriculum. These breakdowns ensure Class 9 students grasp the core principles governing both theory and calculations, making our NCERT Questions and Answers an invaluable asset for foundational growth.
Benefits of using Hindi Class 9 Solved Papers
Integrating our Hindi solution guides into your routine enhances cognitive pacing and accuracy. These resources act as an effective roadmap for Class 9 homework tasks, which can be augmented further using our curated Revision Notes and Sample Papers for पाठ 15 मेघ आए to ensure comprehensive exam coverage.
FAQs
The complete and updated NCERT Solutions Class 9 Hindi Kshitiz पाठ 15 मेघ आए is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 9 Hindi are as per latest NCERT curriculum.
Yes, our experts have revised the NCERT Solutions Class 9 Hindi Kshitiz पाठ 15 मेघ आए as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Hindi concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using NCERT language because NCERT marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our NCERT Solutions Class 9 Hindi Kshitiz पाठ 15 मेघ आए will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 9 Hindi. You can access NCERT Solutions Class 9 Hindi Kshitiz पाठ 15 मेघ आए in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire NCERT Solutions Class 9 Hindi Kshitiz पाठ 15 मेघ आए in printable PDF format for offline study on any device.