CBSE Class 10 Hindi A Question Paper 2025 Solved Code 3-1-1

Previous Year Question Papers for Class 10 Hindi A

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Practice Class 10 Hindi A Exam Papers

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SECTION क (अपठित बोध)

 

1. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए : [7 Marks]

दिनकर जी ने माना है कि उन पर प्रारम्भ से ही जितना प्रभाव रवीन्द्रनाथ ठाकुर का रहा उतना ही मोहम्मद इकबाल का। बाद में इलियट की काव्य-शैली और विचार-दृष्टि ने उनके कवि मानस को छूकर दूर भीतर तक उन्मथित कर दिया। परिणामत: उनकी कविताओं ने एक नई भंगिमा को ग्रहण किया।
दिनकर जी अपने युग के एक प्रमुख कवि ही नहीं, सफल और प्रभावपूर्ण गद्य लेखक भी थे। सीधी-सरल भाषा और अत्यन्त प्रांजल शैली में उन्होंने विभिन्न साहित्यिक विषयों पर निबन्ध भी दिए हैं, तो बोधकथा, डायरी-संस्मरण भी, और दर्शन-इतिहासगत तथ्यों का विवेचन भी।
'दिनकर' जी जीवन भर संघर्षरत रहे। साहित्य और राजनीति दोनों के बीच उनका मन रमता था और इन दोनों ही क्षेत्रों में उनको सफलता मिली। साहित्य जगत द्वारा प्रदत्त ज्ञानपीठ पुरस्कार ने दिनकर जी को प्रफुल्लित कर दिया। उनके अन्तरंग मित्रों को यह ज्ञात है कि ज्ञानपीठ पुरस्कार उनके जीवन के अन्तिम अध्याय का स्वर्णिम क्षण सिद्ध हुआ। पुरस्कार प्राप्त कर 'दिनकर' जी अभिभूत थे क्योंकि कवि का मन अपनी रचनाओं की स्वीकृति, विशेष रूप से सुधीजनों द्वारा उनका प्रशंसित और समादृत होना, अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मानता है। ज्ञानपीठ पुरस्कार के मिलने के बाद उन्होंने अप्रैल, 1974 में तिरुपति की यात्रा की। जब 'दिनकर' जी मद्रास पहुँचे तो यह एक सुखद संयोग था कि उनके सर्वाधिक स्नेही मित्र थे गंगाशरण सिंह और जयप्रकाश बाबू भी वहीं थे। उसी शाम उन्होंने मद्रास के समुद्र तट पर अपने कुछ मित्रों को अपनी सुन्दर-सुन्दर रचनाएँ सुनाईं। तब कोई नहीं जानता था कि आज 23-24 अप्रैल की शाम गंगा की गोद में उत्पन्न दिनकर जी के अस्ताचल जाने की शाम थी। उसी रात मद्रास में ही 'दिनकर' जी की जीवन लीला समाप्त हो गई और फिर उनका पार्थिव शरीर मद्रास से दिल्ली होकर पटना लाया गया।

 

(i) दिनकर जी के लेखन पर किन-किन कवियों का प्रभाव रहा है ? [1 Mark]
I. इलियट
II. रवीन्द्रनाथ ठाकुर
III. मोहम्मद इकबाल
IV. गंगाशरण सिंह
(A) I, III और IV
(B) I, II और III
(C) II, III और IV
(D) I, II और IV

Answer: (B) I, II और III

Teacher's Note:
a) गद्यांश की पहली पंक्ति से ही तीनों प्रभावों का उत्तर मिल जाता है।
b) गंगाशरण सिंह उनके मित्र थे, कवि नहीं - यह भ्रम न करें।

 

(ii) दिनकर जी के बारे में कौन-सा तथ्य असत्य है ? [1 Mark]
(A) वे एक प्रमुख कवि थे परंतु असफल गद्य लेखक भी थे।
(B) उनकी शैली प्रांजल थी तथा वे साहित्यिक निबंध लिखते थे।
(C) ज्ञानपीठ पुरस्कार उनके जीवन के अंतिम अध्याय का स्वर्णिम पन्ना है।
(D) बोधकथा, डायरी, संस्मरण के अतिरिक्त दिनकर जी ने इतिहास के विषय में भी लिखा है।

Answer: (A) वे एक प्रमुख कवि थे परंतु असफल गद्य लेखक भी थे।

Teacher's Note:
a) गद्यांश में स्पष्ट लिखा है कि वे सफल और प्रभावपूर्ण गद्य लेखक थे।
b) 'असत्य' शब्द पर ध्यान देकर ही सही विकल्प चुनें।

 

(iii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए : [1 Mark]
कथन : पुरस्कार प्राप्त कर मन अभिभूत हो जाता है।
कारण : पुरस्कार विद्वज्जनों द्वारा दी जाने वाली सराहना और सम्मान का प्रतीक है।
विकल्प :
(A) कथन ग़लत है और कारण भी पूरी तरह ग़लत ही है।
(B) कथन सही है परंतु कारण आंशिक रूप से सही है।
(C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की उचित व्याख्या भी है।
(D) कथन और कारण दोनों सही हैं, परंतु कारण, कथन की उचित व्याख्या नहीं है।

Answer: (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की उचित व्याख्या भी है।

Teacher's Note:
a) कथन और कारण दोनों के आपसी संबंध पर ध्यान दें।
b) गद्यांश में स्पष्ट है कि प्रशंसा और सम्मान ही सबसे बड़ी उपलब्धि थी।

 

(iv) दिनकर जी की रचनाशीलता की दो विशेषताएँ उदाहरण सहित लिखिए। [2 Marks]

Answer:
1. कविता और गद्य दोनों पर समान अधिकार - वे महत्त्वपूर्ण कवि होने के साथ-साथ निबंध, बोधकथा और डायरी-संस्मरण जैसी विविध गद्य विधाओं में भी लेखन करते थे।
2. सरल और प्रांजल भाषा-शैली - सीधी-सरल भाषा के प्रयोग से उनकी कविताओं ने एक नई भंगिमा ग्रहण की।

Teacher's Note:
a) गद्यांश के दूसरे अनुच्छेद से दोनों बिंदु लें।
b) उदाहरण के बिना केवल आधे अंक मिलेंगे, इसलिए उदाहरण अवश्य दें।

 

(v) ज्ञानपीठ पुरस्कार का दिनकर जी के जीवन में क्या महत्त्व रहा ? [2 Marks]

Answer:
1. यह पुरस्कार उनके जीवन के अंतिम अध्याय का स्वर्णिम क्षण सिद्ध हुआ।
2. रचनाओं की स्वीकृति और सुधीजनों द्वारा प्रशंसा व सम्मान मिलने से वे अत्यंत हर्षित और अभिभूत हुए।

Teacher's Note:
a) गद्यांश के तीसरे अनुच्छेद पर आधारित उत्तर दें।
b) 'स्वर्णिम क्षण' और 'अभिभूत' जैसे कीवर्ड अवश्य लिखें।

 

2. निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए : [7 Marks]

संध्या ने मेघों के कितने चित्र बनाये -
हाथी, घोड़े, पेड़, आदमी, जंगल, क्या-क्या
नहीं रच दिया और कभी रंगों से क्रीड़ा
की, आकृतियाँ नहीं बनायीं। कभी चलाए
झीने से बादल जिनमें चटकीली लाली
उभर उठी थी, जिनकी आभा हरियाली पर
थिरक उठी थी। जाते-जाते क्षितिज-पटी पर
सूरज ने सोना बरसाया। छाया काली
बढ़ने लगी, रंग धीरे-धीरे फिर बदले,
पेंसिल के रेखा-चित्रों से बादल छाए।
विविध रूप आकार बदलते से, ज्यों नहाए
हुए प्रकाश और छाया में, अपना पद ले।
रात उतर आयी, दिखलायी दिये सितारे,
पेड़, गाँव अस्पष्ट दिखे, मानव-दृग हारे।

 

(i) संध्या के आसमान के बारे में कवि का क्या कहना है ? [1 Mark]
(A) आसमान को काले मेघों ने आच्छादित कर लिया है।
(B) चारों तरफ रंगों और आकृतियों की भीड़ है।
(C) आसमान में मेघों ने विभिन्न आकृतियाँ बनाईं।
(D) पशुओं की आकृतियों को बना उनमें रंग भरा।

Answer: (C) आसमान में मेघों ने विभिन्न आकृतियाँ बनाईं।

Teacher's Note:
a) काव्यांश की पहली दो पंक्तियों में हाथी, घोड़े, पेड़ आदि आकृतियों का उल्लेख है।
b) अन्य विकल्प गद्यांश की भावना से मेल नहीं खाते।

 

(ii) क्षितिज-पटी का रूप बार-बार क्यों बदलता रहा ? [1 Mark]
I. प्रकाश और छाया के बदलते स्वरूप के कारण
II. संध्या के सूर्य की बदलती रोशनी और रंगों के कारण
III. आसमान में बादलों से बनी हाथी, घोड़े, पेड़ आदि आकृतियों के कारण
विकल्प :
(A) केवल I और II
(B) I, II और III सभी
(C) केवल II और III
(D) केवल I और III

Answer: (A) केवल I और II

Teacher's Note:
a) आकृतियों का बनना कारण नहीं, बल्कि प्रकाश-छाया व रंग परिवर्तन ही मुख्य कारण है।
b) III को गलत मानने का कारण समझें - आकृतियाँ रूप बदलने का परिणाम हैं, कारण नहीं।

 

(iii) कथन और कारण को पढ़कर उपयुक्त विकल्प चुनिए : [1 Mark]
कथन : आसमान में छाए बादलों को कवि ने पेंसिल से बनाए रेखा-चित्र कहा है।
कारण : उनमें डूबते सूर्य की लाली भर गई है।
विकल्प :
(A) कथन ग़लत है, किंतु कारण सही है।
(B) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।
(C) कथन सही है और कारण ग़लत है।
(D) कथन सही है और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।

Answer: (C) कथन सही है और कारण ग़लत है।

Teacher's Note:
a) पेंसिल के रेखा-चित्र वाले बादल रात होने से पहले काले पड़ने के बाद बने, लाली उससे पहले थी।
b) कथन-कारण के समय-क्रम पर ध्यान दें।

 

(iv) काव्यांश के आधार पर संध्या के सौंदर्य का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए। [2 Marks]

Answer:
1. मेघों ने आकाश में हाथी, घोड़े, पेड़, आदमी जैसी विविध रंग-बिरंगी आकृतियाँ बनाईं।
2. डूबते सूरज की सुनहरी और लाल आभा से आकाश की छटा निखर उठी और अंत में तारों भरी रात उतर आई।

Teacher's Note:
a) पूरे काव्यांश का सार अपने शब्दों में लिखें, नकल न करें।
b) आरंभ से अंत तक के दृश्य-क्रम को शामिल करें।

 

(v) काव्यांश के लिए एक उपयुक्त शीर्षक दीजिए और उस शीर्षक को चुनने का तर्क भी लिखिए। [2 Marks]

Answer:
1. उपयुक्त शीर्षक - "संध्या का सौंदर्य" अथवा "मेघों ने कितने चित्र बनाए"
2. तर्क - काव्यांश में मुख्य रूप से मेघों द्वारा बनाई गई रंग-बिरंगी आकृतियों और संध्या के बदलते सौंदर्य का वर्णन किया गया है, इसलिए यह शीर्षक उपयुक्त है।

Teacher's Note:
a) शीर्षक संक्षिप्त और काव्यांश के केंद्रीय भाव से जुड़ा होना चाहिए।
b) तर्क में काव्यांश की मुख्य पंक्तियों का संदर्भ अवश्य दें।

 

SECTION ख (व्यावहारिक व्याकरण)

 

3. निर्देशानुसार 'रचना के आधार पर वाक्य-भेद' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए : [4x1=4 Marks]
(क) मुक्तेश्वर की यात्रा में हमने हिमालय की अभिराम छवि को देखा। (मिश्र वाक्य में बदलिए)
(ख) जब अधिक बारिश होती है तब सड़कों पर पानी भर जाता है। (सरल वाक्य में बदलिए)
(ग) कल सोते समय मैंने एक सुंदर सपना देखा। (संयुक्त वाक्य में बदलिए)
(घ) रेखा दीदी ने कहा कि शोर मत मचाओ। (आश्रित उपवाक्य पहचानिए और उसका भेद भी लिखिए)
(ङ) श्री लाल बहादुर शास्त्री ने 'जय जवान, जय किसान' का नारा दिया था। (रचना की दृष्टि से वाक्य का भेद पहचानकर लिखिए)

Answer:
(क) जब हमने मुक्तेश्वर की यात्रा की तब हिमालय की अभिराम छवि को देखा।
(ख) अधिक बारिश होने पर सड़कों पर पानी भर जाता है।
(ग) कल मैं सोया/सोई और मैंने एक सुंदर सपना देखा।
(घ) 'शोर मत मचाओ' - संज्ञा आश्रित उपवाक्य।
(ङ) सरल वाक्य।

Teacher's Note:
a) मिश्र वाक्य में एक प्रधान और एक या अधिक आश्रित उपवाक्य होते हैं।
b) किन्हीं चार का ही उत्तर दें, पाँचों के उत्तर देने पर अतिरिक्त अंक नहीं मिलेंगे।

 

4. निर्देशानुसार 'वाच्य' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए : [4x1=4 Marks]
(क) ड्राइवर ने ज़ोर से ब्रेक मारे। (कर्मवाच्य में बदलिए)
(ख) वे कबीर के आदेशों पर चलते। (भाववाच्य में बदलिए)
(ग) नवाब साहब द्वारा दृढ़ निश्चय कर खीरों को उठाया गया। (कर्तृवाच्य में बदलिए)
(घ) लेखक ने आत्मसम्मान निभाना ही उचित समझा। (वाच्य को पहचानकर उसका भेद लिखिए)
(ङ) कर्मवाच्य और भाववाच्य में मुख्य अंतर क्या है ?

Answer:
(क) ड्राइवर द्वारा ज़ोर से ब्रेक मारे गए।
(ख) उनसे/उनके द्वारा कबीर के आदेशों पर चला जाता।
(ग) नवाब साहब ने दृढ़ निश्चय कर खीरों को उठाया।
(घ) कर्तृवाच्य।
(ङ) कर्मवाच्य में सकर्मक क्रिया का प्रयोग अनिवार्य है जबकि भाववाच्य में अकर्मक क्रिया का।

Teacher's Note:
a) वाच्य बदलते समय कर्ता/कर्म के परसर्ग पर विशेष ध्यान दें।
b) भाववाच्य में सदैव अकर्मक क्रिया अन्य पुरुष एकवचन में रहती है।

 

5. निर्देशानुसार 'पद-परिचय' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [4x1=4 Marks]
(क) उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
(ख) मैं अक्सर बाग में घूमता हूँ।
(ग) अध्यापक ने बताया कि कल अवकाश है।
(घ) वह बी.ए. के अंतिम वर्ष का छात्र है।
(ङ) संन्यासी को भोजन दो।

Answer:
(क) उन्हें - सर्वनाम, पुरुषवाचक, अन्यपुरुष, पुल्लिंग/स्त्रीलिंग, बहुवचन, कर्म कारक।
(ख) अक्सर - अव्यय, क्रियाविशेषण, कालवाचक, 'घूमता हूँ' क्रिया की विशेषता बताता है।
(ग) कि - अव्यय, समुच्चयबोधक, अधिकरण, दो वाक्यों को जोड़ने वाला।
(घ) अंतिम - विशेषण, निश्चित संख्यावाचक, पुल्लिंग, एकवचन, 'वर्ष' विशेष्य।
(ङ) संन्यासी - संज्ञा, जातिवाचक, पुल्लिंग, एकवचन, संप्रदान कारक।

Teacher's Note:
a) पद-परिचय में शब्द भेद, उपभेद, लिंग, वचन, कारक सभी बताना आवश्यक है।
b) प्रत्येक बिंदु के लिए अलग-अलग अंक मिलता है, इसलिए कोई भी कोटि न छोड़ें।

 

6. निर्देशानुसार 'अलंकार' पर आधारित निम्नलिखित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए : [4x1=4 Marks]
(क) कोटि कुलिस सम बचनु तुम्हारा।
व्यर्थ धरहु धनु बान कुठारा॥ - (रेखांकित में कौन-सा अलंकार है ?)
(ख) चरण-कमल बंदौ हरि राई। - (पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार की पहचान कीजिए)
(ग) मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के। - (पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार की पहचान कीजिए)
(घ) अतिशयोक्ति अलंकार का एक उपयुक्त उदाहरण किसी काव्य पंक्ति के द्वारा दीजिए।
(ङ) उत्प्रेक्षा अलंकार का एक उपयुक्त उदाहरण कविता की पंक्तियों द्वारा समझाइए।

Answer:
(क) उपमा अलंकार।
(ख) रूपक अलंकार।
(ग) मानवीकरण अलंकार।
(घ) "एक साथ रघुनाथ ने पैरों से चाँपा अविकल, पितृ-दत्त सिंहासन और सकल अरिमंडल।" - अतिशयोक्ति अलंकार।
(ङ) "उस काल मारे क्रोध के तनु काँपने उसका लगा, मानो हवा के वेग से सोता हुआ सागर जगा।" - उत्प्रेक्षा अलंकार।

Teacher's Note:
a) उपमा में 'सम' जैसे वाचक शब्द होते हैं जबकि रूपक में उपमेय-उपमान में अभेद दिखाया जाता है।
b) उत्प्रेक्षा में 'मानो', 'जनु' जैसे शब्द पहचान का आधार हैं।

 

SECTION ग (पाठ्य-पुस्तक एवं पूरक पाठ्य-पुस्तक पर आधारित)

 

7. निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : [5x1=5 Marks]

ऊपर की तसवीर से यह नहीं माना जाए कि बालगोबिन भगत साधु थे। नहीं, बिलकुल गृहस्थ ! उनकी गृहिणी की तो मुझे याद नहीं, उनके बेटे और पतोहू को तो मैंने देखा था। थोड़ी खेती-बारी भी थी, एक अच्छा साफ़-सुथरा मकान भी था।
किंतु, खेती-बारी करते, परिवार रखते भी, बालगोबिन भगत साधु थे - साधु की सब परिभाषाओं में खरे उतरने वाले। कबीर को 'साहब' मानते थे, उन्हीं के गीतों को गाते, उन्हीं के आदेशों पर चलते। कभी झूठ नहीं बोलते, खरा व्यवहार रखते। किसी से भी दो-टूक बात करने में संकोच नहीं करते, न किसी से खामखाह झगड़ा मोल लेते। किसी की चीज़ नहीं छूते, न बिना पूछे व्यवहार में लाते। इस नियम को कभी-कभी इतनी बारीकी तक ले जाते कि लोगों को कुतूहल होता ! - कभी वह दूसरे के खेत में शौच के लिए भी नहीं बैठते ! वह गृहस्थ थे; लेकिन उनकी सब चीज़ 'साहब' की थी। जो कुछ खेत में पैदा होता, सिर पर लादकर पहले उसे साहब के दरबार में ले जाते - जो उनके घर से चार कोस दूरी पर था - एक कबीरपंथी मठ से मतलब ! वह दरबार में 'भेंट' रूप रख लिया जाकर 'प्रसाद' रूप में जो उन्हें मिलता, उसे घर लाते और उसी से गुज़र चलाते !

 

(i) लेखक के अनुसार बालगोबिन भगत 'बिलकुल गृहस्थ' कैसे थे ? [1 Mark]
I. उनके पास खेती-बारी थी।
II. उनका एक अच्छा और साफ़-सुथरा मकान था।
III. उनके परिवार में बेटे और बहू के साथ-साथ उनकी गृहिणी भी मौजूद थी।
IV. वे एक पारिवारिक व्यक्ति थे।
विकल्प :
(A) I, II और III
(B) II, III और IV
(C) III, IV और I
(D) I, II और IV

Answer: (D) I, II और IV

Teacher's Note:
a) लेखक ने स्पष्ट कहा कि गृहिणी की उसे याद नहीं, इसलिए III गलत है।
b) गद्यांश को ध्यान से पढ़कर तथ्य और अनुमान में अंतर करें।

 

(ii) कथन और कारण को पढ़कर उपयुक्त विकल्प चुनिए : [1 Mark]
कथन : गृहस्थ होते हुए भी बालगोबिन भगत साधु थे।
कारण : क्योंकि वे अपनी पारिवारिक भूमिका नहीं निभाते थे।
विकल्प :
(A) कथन सही है, परंतु कारण ग़लत है।
(B) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।
(C) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
(D) कथन और कारण दोनों सही हैं, परंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।

Answer: (A) कथन सही है, परंतु कारण ग़लत है।

Teacher's Note:
a) भगत खेती-बारी और परिवार दोनों निभाते थे, फिर भी साधुवत आचरण करते थे।
b) कारण गद्यांश के तथ्यों के विपरीत है, इसलिए ग़लत है।

 

(iii) बालगोबिन भगत कबीर को 'साहब' मानते थे - पंक्ति का आशय है : [1 Mark]
(A) बालगोबिन भगत कबीर को बड़ा संत मानते थे।
(B) बालगोबिन भगत कबीर को ईश्वर-तुल्य मानते थे।
(C) बालगोबिन भगत कबीर को पिता-तुल्य मानते थे।
(D) बालगोबिन भगत कबीर को समाज-सुधारक मानते थे।

Answer: (B) बालगोबिन भगत कबीर को ईश्वर-तुल्य मानते थे।

Teacher's Note:
a) 'साहब' शब्द का प्रयोग यहाँ ईश्वर/परमात्मा के अर्थ में हुआ है।
b) कबीरपंथी परंपरा में 'साहब' शब्द विशेष अर्थ रखता है।

 

(iv) गद्यांश में वर्णित उदाहरणों में से किस उदाहरण को हम सबसे बड़ा प्रमाण बता सकते हैं, जिससे यह साबित हो कि बालगोबिन भगत कबीर को सबसे अधिक मानते थे ? [1 Mark]
(A) सुबह-शाम, खेती-किसानी के समय भी कबीर के पदों को गाते रहना।
(B) कभी झूठ न बोलना और सबसे खरा व्यवहार करना।
(C) दूसरे के खेत में निवृत्त होने के लिए भी न जाना और सबसे दो-टूक व्यवहार करना।
(D) अपनी पूरी फ़सल को कबीर-दरबार में चढ़ाना और प्रसाद स्वरूप जो मिले उसे स्वयं के लिए लाना।

Answer: (D) अपनी पूरी फ़सल को कबीर-दरबार में चढ़ाना और प्रसाद स्वरूप जो मिले उसे स्वयं के लिए लाना।

Teacher's Note:
a) यह त्याग सबसे बड़ा है क्योंकि इसमें अपनी पूरी जीविका साहब को समर्पित करना शामिल है।
b) अन्य विकल्प भी सही व्यवहार दर्शाते हैं परंतु त्याग की मात्रा में यह सबसे अधिक है।

 

(v) अनुच्छेद में भगत के विषय में जो जानकारियाँ हैं, उस आधार पर वे हैं : [1 Mark]
I. सत्यवादी
II. स्पष्टतावादी
III. सच्चे भक्त
विकल्प :
(A) I, II और III तीनों
(B) केवल III
(C) केवल I और III
(D) केवल II और III

Answer: (A) I, II और III तीनों

Teacher's Note:
a) गद्यांश में सच बोलना, दो-टूक बात करना और कबीर के प्रति भक्ति तीनों गुण मिलते हैं।
b) सभी विकल्पों की पुष्टि गद्यांश की अलग-अलग पंक्तियों से होती है।

 

8. निर्धारित गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए : [3x2=6 Marks]
(क) 'नेताजी का चश्मा' पाठ में कैप्टन को देखकर हालदार साहब को धक्का क्यों लगा ? हालदार साहब के व्यक्तित्व, पाठ के घटना-क्रम और अपने विचारों के आधार पर किन्हीं दो कारणों को लिखिए।

Answer:
1. कैप्टन की अपेक्षा से भिन्न कद-काठी और दीन-हीन शारीरिक अवस्था देखकर हालदार साहब को आश्चर्य हुआ।
2. उन्हें पता चला कि कैप्टन कोई सैन्य अधिकारी नहीं बल्कि एक साधारण फेरीवाला था।

Teacher's Note:
a) हालदार साहब की कल्पना और वास्तविकता के अंतर को स्पष्ट करें।
b) दोनों कारण देशभक्ति के प्रतीकात्मक महत्त्व से जुड़े हैं।

(ख) 'एक कहानी यह भी' पाठ की लेखिका के जीवन के प्रसंगों के आधार पर सोदाहरण स्पष्ट कीजिए कि किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण में उसके बचपन की घटनाओं की बड़ी भूमिका होती है।

Answer:
1. पिता द्वारा बहन से तुलना किए जाने के कारण लेखिका में हीन भावना उत्पन्न हुई, जो उनके व्यक्तित्व को प्रभावित करती रही।
2. माँ के दब्बू और असहाय स्वभाव को देखकर लेखिका ने उनके जैसा न बनने का दृढ़ निर्णय लिया, जिससे उनका व्यक्तित्व स्वावलंबी बना।

Teacher's Note:
a) लेखिका के जीवन के दो अलग-अलग प्रसंगों का उदाहरण दें।
b) व्यक्तित्व-निर्माण पर बचपन के प्रभाव को स्पष्ट रूप से जोड़ें।

(ग) 'बिस्मिल्ला खाँ का जीवन, प्रतिभा और परिश्रम का अनूठा सम्मिश्रण है, कैसे ?' 'नौबतखाने में इबादत' पाठ के संदर्भ में उत्तर दीजिए।

Answer:
1. विशिष्ट प्रतिभा से संपन्न होने के कारण उन्हें बचपन से ही सुरों की गहरी समझ थी और वे बालाजी मंदिर में नियमित शहनाई वादन करते थे।
2. विश्वप्रसिद्धि प्राप्त करने के बावजूद वे अस्सी वर्ष की आयु तक नियमित रियाज़ करते रहे, यही उनकी प्रतिभा और परिश्रम का अनूठा सम्मिश्रण है।

Teacher's Note:
a) प्रतिभा और परिश्रम दोनों पहलुओं को अलग-अलग उदाहरण से दर्शाएँ।
b) 'रियाज़' शब्द उत्तर में अवश्य प्रयोग करें।

(घ) 'सभ्यता' और 'संस्कृति' के बीच के अंतर को 'संस्कृति' पाठ के आधार पर समझाइए।

Answer:
1. संस्कृति व्यक्ति विशेष की वह योग्यता, वृत्ति या प्रेरणा है जिसके बल पर वह नया आविष्कार, त्याग और परोपकार करता है।
2. सभ्यता संस्कृति का ही परिणाम है, अर्थात संस्कृति द्वारा किए गए आविष्कारों और उपलब्धियों को सभ्यता कहा जाता है।

Teacher's Note:
a) संस्कृति को कारण तथा सभ्यता को परिणाम के रूप में समझाएँ।
b) दोनों शब्दों को उदाहरण सहित परिभाषित करें।

 

9. निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : [5x1=5 Marks]

मधुप गुन-गुना कर कह जाता कौन कहानी यह अपनी,
मुरझाकर गिर रहीं पत्तियाँ देखो कितनी आज घनी।
इस गंभीर अनंत-नीलिमा में असंख्य जीवन-इतिहास
यह लो, करते ही रहते हैं अपना व्यंग्य-मलिन उपहास
तब भी कहते हो - कह डालूँ दुर्बलता अपनी बीती।
तुम सुनकर सुख पाओगे, देखोगे - यह गागर रीती।
किंतु कहीं ऐसा न हो कि तुम ही खाली करने वाले -
अपने को समझो, मेरा रस ले अपनी भरने वाले।
यह विडंबना ! अरी सरलते तेरी हँसी उड़ाऊँ मैं।
भूलें अपनी या प्रवंचना औरों की दिखलाऊँ मैं।

 

(i) कवि ने इन पंक्तियों में 'मधुप' का प्रयोग किस अर्थ में किया है ? [1 Mark]
(A) संसार रूपी भ्रमर
(B) मन रूपी भ्रमर
(C) लोलुप भ्रमरगण
(D) कविता के पाठक

Answer: (B) मन रूपी भ्रमर

Teacher's Note:
a) कविता में 'मधुप' का प्रतीकात्मक प्रयोग कवि के अपने मन के लिए हुआ है।
b) संदर्भ से समझें कि कवि आत्मकथा के बारे में बात कर रहा है।

 

(ii) 'मुरझाकर गिर रहीं हैं पत्तियाँ देखो' - के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं ? [1 Mark]
I. कवि के जीवन से सुख रूपी पत्तियाँ गिर रही हैं।
II. संसार में जीवन नश्वर है और एक न एक दिन सबको नष्ट होना है।
III. कवि के मित्र एक-एक कर साथ छोड़ते हुए जा रहे हैं।
विकल्प :
(A) केवल II सही है।
(B) I, II और III तीनों सही हैं।
(C) I और II सही हैं।
(D) I और III सही हैं।

Answer: (C) I और II सही हैं।

Teacher's Note:
a) पत्तियों का गिरना जीवन की नश्वरता और सुख के क्षीण होने का प्रतीक है।
b) मित्रों के छूटने का उल्लेख इस अंश में नहीं है।

 

(iii) कथन और कारण को पढ़कर उपयुक्त विकल्प चुनिए : [1 Mark]
कथन : कवि अपनी आत्मकथा नहीं लिखना चाहता है।
कारण : महान लोगों की असंख्य आत्मकथाएँ इस साहित्य संसार में पहले से ही मौजूद है।
विकल्प :
(A) कथन सही है, परंतु कारण ग़लत है।
(B) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।
(C) कथन सही है और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
(D) कथन और कारण दोनों सही हैं, परंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।

Answer: (D) कथन और कारण दोनों सही हैं, परंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।

Teacher's Note:
a) कवि की आत्मकथा न लिखने की असली वजह उपहास का भय है, न कि अन्य आत्मकथाओं का होना।
b) कारण के तथ्यात्मक सत्य और व्याख्यात्मक सत्य में अंतर समझें।

 

(iv) कवि ने अपने मित्रों/पाठकों से क्या-क्या सवाल किए हैं ? [1 Mark]
I. क्या तुम मेरे जीवन का खालीपन देख सुखी हो पाओगे ?
II. आत्मकथाओं का व्यंग्य और उपहास उड़ाया जाता है, ऐसे में तुम क्यों चाहते हो कि मैं अपनी दुर्बलता लिखूँ ?
III. क्या मेरे जीवन का सुख लेकर तुमने अपने जीवन को भर लिया है ?
विकल्प :
(A) I, II और III तीनों
(B) केवल I और III
(C) केवल I और II
(D) केवल II और III

Answer: (A) I, II और III तीनों

Teacher's Note:
a) काव्यांश की अंतिम पंक्तियों में तीनों सवाल सम्मिलित हैं।
b) प्रत्येक विकल्प को काव्यांश की पंक्तियों से मिलाकर जाँचें।

 

(v) कवि विडंबना किसे कह रहा है ? [1 Mark]
(A) इस संसार में सीधेपन का मज़ाक उड़ाया जाता है।
(B) दोस्त-मित्र ही अक्सर छल करते हैं।
(C) सच्ची आत्मकथाओं का भी उपहास उड़ाया जाता है।
(D) जीवन अपनी भूलों और दूसरों की प्रवंचनाओं का मिश्रण मात्र होता है।

Answer: (A) इस संसार में सीधेपन का मज़ाक उड़ाया जाता है।

Teacher's Note:
a) 'अरी सरलते तेरी हँसी उड़ाऊँ मैं' पंक्ति से सीधा संबंध जोड़ें।
b) विडंबना का अर्थ 'विपरीत परिणाम' समझकर उत्तर चुनें।

 

10. निर्धारित कविताओं के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए : [3x2=6 Marks]
(क) 'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' में राम की उपस्थिति शब्दों में कम परंतु प्रभाव में अधिक है, कैसे ? दो बिंदुओं में उनके प्रभाव को स्पष्ट कीजिए।

Answer:
1. राम का मृदु, शांत और शीतल स्वभाव परशुराम के तीव्र क्रोध को शांत करने में सक्षम है।
2. वे साहस के साथ-साथ अत्यंत विनम्र और मर्यादित व्यवहार करते हैं, जिससे उनका प्रभाव शब्दों से कहीं अधिक गहरा दिखाई देता है।

Teacher's Note:
a) राम की विनयशीलता और साहस दोनों का उल्लेख करना आवश्यक है।
b) 'शब्दों में कम, प्रभाव में अधिक' पंक्ति के आधार पर तुलना करें।

(ख) 'संगतकार' का मुख्य काम क्या होता है ? क्या कविता में वर्णित 'संगतकार' अपने काम में सफल है ? सोदाहरण लिखिए।

Answer:
1. संगतकार का मुख्य काम मुख्य गायक का साथ देना, उसका उत्साह बनाए रखना और उसे अकेलेपन का अहसास न होने देना है।
2. हाँ, कविता में वर्णित संगतकार अपने काम में सफल है - वह मुख्य गायक का स्वर बिखरने से पहले ही सँभाल लेता है और अपनी आवाज़ को कभी ऊँचा नहीं उठाता।

Teacher's Note:
a) प्रश्न के दोनों भाग - काम और सफलता - का उत्तर अलग-अलग दें।
b) उदाहरण के लिए कविता की पंक्तियों का संदर्भ दें।

(ग) 'उत्साह' कविता का कवि परिवर्तन की कामना किन कारणों से कर रहा है ? किन्हीं दो कारणों का उल्लेख कीजिए।

Answer:
1. शोषित और पीड़ित जनता के कल्याण के लिए कवि परिवर्तन चाहता है।
2. समाज के नव-निर्माण के लिए वह क्रांति रूपी बादल के आगमन की कामना करता है।

Teacher's Note:
a) बादल यहाँ क्रांति का प्रतीक है, इसे स्पष्ट करें।
b) दोनों कारण सामाजिक परिवर्तन से जुड़े होने चाहिए।

(घ) 'फ़सल' के लिए आवश्यक कारकों का उल्लेख अपने शब्दों में कीजिए।

Answer:
1. प्रकृति के तत्त्व जैसे मिट्टी, पानी, हवा और सूर्य का प्रकाश फ़सल के लिए अनिवार्य हैं।
2. इसके साथ ही किसानों/मनुष्य का परिश्रम भी फ़सल उगाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

Teacher's Note:
a) प्राकृतिक कारक और मानवीय परिश्रम दोनों का उल्लेख अवश्य करें।
b) कविता में प्रयुक्त सूची के अनुसार क्रमबद्ध उत्तर दें।

 

11. पूरक पाठ्य-पुस्तक के निर्धारित पाठों पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए : [2x4=8 Marks]
(क) 'माता का अँचल' पाठ में बच्चों का पशु-पक्षियों के प्रति कैसा व्यवहार दिखता है ? उदाहरण सहित लिखिए। पशु-पक्षियों के प्रति हमारा व्यवहार कैसा होना चाहिए ? अपने विचारों के आधार पर लिखिए।

Answer:
1. बच्चों का व्यवहार पशु-पक्षियों के प्रति अनजाने में निर्दयतापूर्ण था; वे उन्हें खेल का साधन समझते थे।
2. उदाहरण के रूप में वे खेत में चिड़ियों-तितलियों के पीछे भागकर उन्हें पकड़ने की कोशिश करते और चूहों के बिल में पानी डाल देते थे।
3. हमें पशु-पक्षियों के प्रति करुणा और सहानुभूति से भरा व्यवहार रखना चाहिए।
4. हमें उन्हें कभी सताना नहीं चाहिए और उनकी रक्षा करनी चाहिए।

Teacher's Note:
a) पहले भाग में पाठ आधारित उदाहरण और दूसरे भाग में अपने विचार अलग-अलग दें।
b) दोनों भागों के लिए बराबर अंक निर्धारित हैं, इसलिए दोनों का पूरा उत्तर दें।

(ख) 'पत्थर तोड़ती मज़दूर पहाड़ी महिलाओं के भीतर जीवन का उल्लास मौजूद था' - यह कथन किस आधार पर कहा जा सकता है ? उन स्त्रियों और उनकी जीवन स्थितियों का वर्णन करते हुए बताइए कि आप उनसे क्या सीख सकते हैं।

Answer:
1. यह कथन इस आधार पर कहा जा सकता है कि अत्यंत कठिन परिश्रम के बीच भी वे अचानक किसी बात पर ठहाका लगाकर हँस पड़ती हैं।
2. वे अथक परिश्रम करती हैं और साथ ही मातृत्व तथा श्रम-साधना में संतुलन बनाए रखती हैं - छोटे बच्चे भी पत्थर तोड़ने के स्थान पर उनके साथ रहते हैं।
3. वे गरीबी, अभावों और वंचनाओं की शिकार हैं तथा कठोर एवं विषम प्राकृतिक परिस्थितियों में जीवन बिताती हैं।
4. इनसे हम सीख सकते हैं कि कठिन परिस्थितियों में भी परिश्रमी बने रहना चाहिए और जीवन में आनंद व उल्लास बनाए रखना चाहिए।

Teacher's Note:
a) आधार, जीवन-स्थितियाँ और सीख - तीनों भागों को स्पष्ट रूप से अलग करें।
b) कविता की पंक्तियों का संदर्भ देकर उत्तर को प्रामाणिक बनाएँ।

(ग) 'मैं क्यों लिखता हूँ' पाठ के आधार पर प्रत्यक्ष अनुभव और अनुभूति का अंतर स्पष्ट करते हुए बताइए कि अगर आप कभी लेखन के क्षेत्र में गए तो दोनों में से किसे महत्त्व देंगे और क्यों ?

Answer:
1. प्रत्यक्ष अनुभव वह है जिसे हमने स्वयं घटित होते हुए देखा हो।
2. अनुभूति वह है जो घटना हमारे प्रत्यक्ष अनुभव की न हो, परंतु आंतरिक स्तर पर हमने उसे भोक्ता की भाँति महसूस किया हो।
3. दोनों ही लेखन के लिए महत्त्वपूर्ण हैं, परंतु प्रत्यक्ष अनुभव आधारित लेखन अधिक प्रामाणिक और सजीव होता है।
4. यदि मैं लेखन के क्षेत्र में जाऊँ तो अनुभव आधारित लेखन को अधिक महत्त्व दूँगा/दूँगी क्योंकि वह अधिक विश्वसनीय और प्रभावी होता है।

Teacher's Note:
a) दोनों शब्दों की स्पष्ट परिभाषा देकर ही अंतर बताएँ।
b) अपनी राय के लिए तर्कसंगत कारण अवश्य दें।

 

SECTION घ (रचनात्मक लेखन)

 

12. निम्नलिखित तीन विषयों में से किसी एक विषय पर दिए गए संकेत-बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए : [6 Marks]

(क) डिजिटल दौर में मानवीय संपर्क
संकेत-बिंदु
मानवीय संपर्कों और संबंधों की आवश्यकता
बढ़ते डिजिटल दौर में वास्तविक संबंधों में कमी और वायवीय (वर्चुअल) संबंधों के रूप
वर्तमान समय की माँग

Answer: आज के डिजिटल युग में तकनीक ने जीवन को सुविधाजनक बना दिया है, परंतु मानवीय संपर्कों की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस होती है। स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रयोग ने वास्तविक और आत्मीय संबंधों में कमी ला दी है। लोग आमने-सामने बातचीत करने के बजाय स्क्रीन पर संदेश भेजने में अधिक समय बिताते हैं, जिससे संबंध वायवीय अर्थात वर्चुअल होते जा रहे हैं और उनमें गहराई कम होती जा रही है। वर्तमान समय की माँग है कि हम तकनीक का उपयोग करें, परंतु आपसी संवाद और भावनात्मक जुड़ाव को भी जीवन में स्थान दें। सच्चे संबंध ही हमें मानसिक शांति और सुख प्रदान करते हैं, इसलिए हमें मानवीय संपर्कों को कभी नहीं भूलना चाहिए।

Teacher's Note:
a) सभी दिए गए संकेत-बिंदुओं को क्रम से शामिल करें।
b) भूमिका, विषय-वस्तु और निष्कर्ष तीनों भाग स्पष्ट रूप से हों।

OR

(ख) पारंपरिक खान-पान के लाभ
संकेत-बिंदु
पारंपरिक खान-पान क्या है ?
भोजन में स्थानीय पदार्थों का महत्त्व क्यों होता है ?
स्वास्थ्य की दृष्टि से इसका महत्त्व

Answer: पारंपरिक खान-पान वह भोजन-पद्धति है जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी हमारे पूर्वजों से चली आ रही है और स्थानीय संसाधनों तथा जलवायु के अनुकूल होती है। भोजन में स्थानीय पदार्थों का महत्त्व इसलिए है क्योंकि वे ताज़े, सुलभ और सस्ते होते हैं तथा शरीर की आवश्यकताओं के अनुरूप होते हैं। पारंपरिक भोजन में अनाज, दालें, मौसमी सब्जियाँ और फल शामिल होते हैं, जो पोषक तत्त्वों से भरपूर होते हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से देखें तो पारंपरिक खान-पान पाचन क्रिया को सुदृढ़ रखता है, रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और मोटापे तथा जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचाव करता है। आधुनिक फास्ट फूड की तुलना में यह अधिक संतुलित और स्वास्थ्यवर्धक होता है। इसलिए हमें अपने पारंपरिक खान-पान को अपनाकर स्वस्थ जीवन शैली अपनानी चाहिए।

Teacher's Note:
a) संकेत-बिंदुओं के क्रम में ही अनुच्छेद लिखें।
b) स्वास्थ्य लाभ का उल्लेख अंतिम भाग में करना उचित रहता है।

OR

(ग) पुस्तकें आज भी हमारी सबसे अच्छी मित्र हैं
संकेत-बिंदु
अच्छी पुस्तकें कैसे एक अच्छे मित्र की तरह होती हैं।
वर्तमान समय में भी पुस्तकों की जगह बची हुई है।
उम्र के हर मोड़ पर अलग-अलग तरह की पुस्तकें मददगार होती हैं।

Answer: अच्छी पुस्तकें एक सच्चे मित्र की भाँति होती हैं क्योंकि वे हमें अकेलेपन में साथ देती हैं, ज्ञान बढ़ाती हैं और सही मार्गदर्शन प्रदान करती हैं। जिस प्रकार मित्र हमारा साथ नहीं छोड़ता, उसी प्रकार पुस्तकें भी हर परिस्थिति में हमारा साथ देती हैं। वर्तमान डिजिटल युग में मनोरंजन के अनेक साधन उपलब्ध होने के बावजूद पुस्तकों की जगह आज भी बची हुई है, क्योंकि वे गहन चिंतन और कल्पनाशीलता को बढ़ावा देती हैं। उम्र के हर मोड़ पर अलग-अलग प्रकार की पुस्तकें सहायक सिद्ध होती हैं - बचपन में कहानियाँ, युवावस्था में प्रेरक और ज्ञानवर्धक पुस्तकें तथा वृद्धावस्था में आध्यात्मिक पुस्तकें। इसलिए यह कहना उचित है कि पुस्तकें आज भी हमारी सबसे अच्छी मित्र हैं।

Teacher's Note:
a) प्रत्येक आयु-वर्ग के लिए अलग उदाहरण देना अच्छे अंक दिलाता है।
b) निष्कर्ष में विषय-वाक्य को दोहराकर अनुच्छेद समाप्त करें।

 

13. (क) आपका नाम हिमानी/हेमराज है। आपने अपने माता-पिता को बातचीत करते सुना कि वे आपकी मोबाइल फोन में डूबे रहने और गेमिंग की दुनिया में खोने की आदतों से परेशान होकर आपको एक आवासीय विद्यालय (बोर्डिंग स्कूल) में भेजना चाह रहे हैं। अपने पिता को लगभग 100 शब्दों में एक पत्र लिखकर अनुरोध कीजिए कि वे ऐसा न करें। तर्कपूर्ण बिंदुओं में यह भी स्पष्ट कीजिए कि आप स्वयं में किस प्रकार सुधार लाएँगे। [5 Marks]

Answer:
परीक्षा भवन
दिनांक: 20 मार्च, 2025

पूज्य पिताजी,
सादर चरण स्पर्श।

मुझे पता चला है कि आप मेरी मोबाइल फोन और गेमिंग की आदतों से परेशान होकर मुझे आवासीय विद्यालय भेजना चाहते हैं। मैं आपसे अनुरोध करता/करती हूँ कि कृपया ऐसा न करें। मैं समझता/समझती हूँ कि यह आदत गलत है और इससे मेरी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। मैं वादा करता/करती हूँ कि अब प्रतिदिन निश्चित समय ही मोबाइल का उपयोग करूँगा/करूँगी, पढ़ाई पर अधिक ध्यान दूँगा/दूँगी और खेल-कूद तथा पारिवारिक समय को प्राथमिकता दूँगा/दूँगी। कृपया मुझे एक अवसर और दें, मैं अपने व्यवहार में सुधार लाकर दिखाऊँगा/दिखाऊँगी।

आपका/आपकी आज्ञाकारी पुत्र/पुत्री
हिमानी/हेमराज

Teacher's Note:
a) पत्र में तर्कपूर्ण बिंदु और सुधार की योजना दोनों अवश्य शामिल करें।
b) प्रारूप - दिनांक, संबोधन, विषयवस्तु और अंत में हस्ताक्षर सही रखें।

OR

(ख) आपका नाम हिमानी/हेमराज है। नगर-निगम ने आपके मोहल्ले में स्थित पार्क का सौंदर्यीकरण करवाया है साथ ही बच्चों के लिए झूलों की व्यवस्था की है। इस संदर्भ में धन्यवाद ज्ञापन देते हुए नगर-निगम अध्यक्ष को लगभग 100 शब्दों में एक पत्र लिखिए। [5 Marks]

Answer:
सेवा में,
अध्यक्ष महोदय,
नगर निगम, [शहर का नाम]

दिनांक: 20 मार्च, 2025

विषय: पार्क के सौंदर्यीकरण और झूलों की व्यवस्था हेतु धन्यवाद

महोदय,

मैं इस पत्र के माध्यम से आपका हार्दिक धन्यवाद व्यक्त करना चाहता/चाहती हूँ। हमारे मोहल्ले के पार्क का सौंदर्यीकरण करवाकर तथा बच्चों के लिए झूलों की व्यवस्था करके आपने सभी निवासियों को बहुत प्रसन्न किया है। अब पार्क में हरियाली बढ़ गई है और बच्चे सुरक्षित रूप से खेल सकते हैं। बुज़ुर्ग भी शाम को टहलने के लिए वहाँ जाने लगे हैं। यह कदम हमारे मोहल्ले के सामुदायिक जीवन के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ है। आपके इस प्रयास के लिए समस्त निवासियों की ओर से धन्यवाद।

भवदीय
हिमानी/हेमराज

Teacher's Note:
a) औपचारिक पत्र का प्रारूप - सेवा में, विषय, संबोधन आवश्यक हैं।
b) धन्यवाद पत्र में लाभ का उल्लेख अवश्य करें।

 

14. (क) आप अमन/आमना हैं और अभी-अभी आपने 'पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल' से एम.बी.बी.एस. की डिग्री पूरी की है। वहीं पर इंटर्न डॉक्टर के पद पर आवेदन करने के लिए लगभग 80 शब्दों में एक स्ववृत्त तैयार कीजिए। [5 Marks]

Answer:
स्ववृत्त

नाम: अमन/आमना
पता: [पता]
संपर्क: [मोबाइल नंबर/ई-मेल]

शैक्षणिक योग्यता:
एम.बी.बी.एस. - पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, पटना (वर्ष 2025)
उच्चतर माध्यमिक (विज्ञान वर्ग) - [स्कूल का नाम]

कौशल:
रोगी देखभाल में दक्षता, टीम भावना, परिश्रमी स्वभाव, अच्छा संचार कौशल

उद्देश्य:
पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में इंटर्न डॉक्टर के पद पर कार्य कर चिकित्सा क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करना तथा समाज सेवा करना।

दिनांक: 20 मार्च, 2025
हस्ताक्षर: अमन/आमना

Teacher's Note:
a) स्ववृत्त में व्यक्तिगत जानकारी, योग्यता और उद्देश्य क्रमबद्ध रूप से दें।
b) प्रारूप स्पष्ट और संक्षिप्त होना चाहिए।

OR

(ख) आप आमना/अमन हैं। अ.ब.स. बैंक के प्रबंधक को, एक शहर से दूसरे शहर में बचत खाता स्थानांतरित करने की प्रक्रिया जानने हेतु लगभग 80 शब्दों में एक ई-मेल लिखिए। [5 Marks]

Answer:
प्रति: manager@absbank.com
से: aman@email.com
विषय: बचत खाता स्थानांतरण की प्रक्रिया की जानकारी हेतु

महोदय,

मेरा नाम आमना/अमन है और मेरा बचत खाता आपकी शाखा में है। मुझे अपने कार्य के सिलसिले में दूसरे शहर स्थानांतरित होना पड़ रहा है, इसलिए मैं अपना बचत खाता भी उस शहर की शाखा में स्थानांतरित करवाना चाहता/चाहती हूँ। कृपया मुझे इस प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज़ों और लगने वाले समय के बारे में विस्तार से जानकारी दें। मैं आपके शीघ्र उत्तर की प्रतीक्षा करूँगा/करूँगी।

धन्यवाद।
भवदीय
आमना/अमन
खाता संख्या: XXXXXXX

Teacher's Note:
a) ई-मेल में प्रति, से और विषय अवश्य लिखें।
b) भाषा औपचारिक और संक्षिप्त रखें।

 

15. (क) आपकी बहन ने 'दियारा' नाम से पॉल्ट्री (मुर्गीपालन) का व्यवसाय ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से शुरू किया है। इस कंपनी की खूबियों को दर्शाने वाला एक आकर्षक विज्ञापन लगभग 40 शब्दों में बनाइए। [4 Marks]

Answer:
"दियारा" पॉल्ट्री फार्म

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Teacher's Note:
a) विज्ञापन में आकर्षक शब्दावली और स्पष्ट संपर्क विवरण होना चाहिए।
b) रंग-चित्र का प्रयोग अनिवार्य नहीं है, इसलिए इसके अभाव में अंक न कटें।

OR

(ख) आपका नाम सोमा/सोमप्रभ है। अपने मामा-मामी को नए घर की बधाई देते हुए गृहप्रवेश के अवसर पर शुभकामना संदेश लगभग 40 शब्दों में लिखिए। [4 Marks]

Answer:
शुभकामना संदेश

दिनांक: 20 मार्च, 2025
समय: सुबह 10:00 बजे

प्रिय मामा-मामी,

आपके नए घर में गृहप्रवेश के इस शुभ अवसर पर हार्दिक बधाई ! यह घर सदैव खुशियों, सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य से भरा रहे, यही मेरी हार्दिक कामना है। जल्द ही आपसे मिलने आऊँगा/आऊँगी।

आपका/आपकी
सोमा/सोमप्रभ

Teacher's Note:
a) संदेश में दिनांक, समय और संबोधन अवश्य लिखें।
b) भाषा सरल और भावनात्मक रखें, शब्द-सीमा का ध्यान रखें।

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How does solving CBSE Class 10 Hindi A Question Paper 2025 Solved Code 3-1-1 help in preparing for the 2026 exams?

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Yes, where applicable, CBSE Class 10 Hindi A Question Paper 2025 Solved Code 3-1-1 is available in both English and Hindi mediums. All students from Class 10 can access Hindi A study material in their preferred language.

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