Class 11 Hindi Practice Assignments: CBSE Class 11 Hindi Core Text Book Aaroh Questions
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नमक का दारोगा
मुंशी प्रेमचंद
प्रश्न 1. धर्म को बुद्धिहीन तथा देव-दुर्लभ त्याग क्यों कहा गया है?
Answer: धर्म धन की असीम शक्ति को नहीं जानता है। मुंशी वंशीधर, अलोपदीन के धन की शक्ति का अंदाज नहीं लगा पाए थे। उन्हें पता नहीं था कि धन के सन्मुख सभी नतमस्तक हो जाते हैं। यहाँ तक कि देवता भी इसका त्याग सरलता से नहीं कर पाते। इसलिए धर्म (वंशीधर) को बुद्धिहीन तथा देव-दुर्लभ त्याग कहा गया है।
In simple words: लेखक ने वंशीधर के अडिग और ईमानदार स्वभाव को 'बुद्धिहीन तथा देव-दुर्लभ' कहा है क्योंकि सांसारिक लोग धन के आगे झुक जाते हैं, पर वंशीधर नहीं झुके।
Exam Tip: चरित्र-चित्रण के प्रश्नों में पात्रों के विशेष गुणों (जैसे वंशीधर की ईमानदारी) को रेखांकित करें।
प्रश्न 2. धर्म किस प्रकार धन की सेना के सामने डटा रहा?
Answer: धर्म (वंशीधर) अलौकिक वीरता के साथ धन (अलोपदीन) की बड़ी सेना के सामने अकेला पर्वत के समान अटल अविचल डटा रहा अर्थात् वंशीधर पर पंडित अलोपदीन द्वारा दिए गए प्रलोभनों का कोई असर नहीं हो रहा था।
In simple words: वंशीधर ने अलोपदीन की रिश्वत और धन के बल को अपनी कर्तव्यनिष्ठा के आगे टिकने नहीं दिया।
Exam Tip: रूपकों और अलंकारों (जैसे 'अकेला पर्वत') का संदर्भ स्पष्ट करें।
प्रश्न 3. "दोनों भाक्तियों में संग्राम होने लगा" से लेखक का क्या अभिप्राय है?
Answer: धर्म और धन को लेखक ने दो भाक्तियों के रूप में पहचान की है। वंशीधर धर्मशक्ति के प्रतीक हैं तो अलोपदीन धन की भक्ति के। दोनों एक दूसरे पर विजय प्राप्त करने के लिए संघर्ष करते हैं।
In simple words: इसका अर्थ है कि वंशीधर के कर्तव्य और अलोपदीन के धन के बीच सीधी टक्कर हो रही थी।
Exam Tip: गद्यांश की पंक्तियों के आंतरिक अर्थ को समझकर उत्तर दें।
प्रश्न 1. बिछुड़न-समय से क्या आशय है? वह करुणोत्पादक क्यों होता है?
Answer: बिछुड़न-समय का आशय है-अलग होने का अवसर, विदाई का समय। एक-दूसरे से अलग होने का समय करुणा उत्पन्न करने वाला होता है क्योंकि विदाई में एक दूसरे से अलग होने की व्यथा होती है।
In simple words: किसी प्रिय व्यक्ति से बिछड़ने का समय हमेशा दुखद और पीड़ादायक होता है।
Exam Tip: लेखक की भावनात्मक शैली को उत्तर में दर्शाएं।
प्रश्न 2. बैर-भाव छूटकर शांत रस का आविर्भाव कब और क्यों होता है?
Answer: विदाई के समय भ्रातृका भाव समाप्त हो जाता है। पहले के समस्त गिले-शिकवे दूर हो जाते हैं क्योंकि व्यक्ति सोचता है कि यह तो अब यहाँ से जा रहा है, इससे बैर-भाव रखने से कोई लाभ नहीं है। वह पिछले कटु-अनुभवों को भुला देता है।
In simple words: विदाई के क्षणों में पुराने सारे मनमुटाव और द्वेष समाप्त हो जाते हैं।
Exam Tip: 'शांत रस' और 'बैर-भाव' जैसे साहित्यिक शब्दों के प्रयोग पर ध्यान दें।
प्रश्न 3. भारतवासी किसके दूसरी बार भारत आने से अप्रसन्न थे? वे दिन-रात क्या दुआ मनाते थे और क्यों?
Answer: भारतवासी लार्ड कर्जन के दुबारा वायसराय बनकर भारत आने से अप्रसन्न और दुखी थे। वे भगवान से दिन-रात यही दुआ मनाते थे कि लार्ड कर्जन भारत पुनः न आएँ क्योंकि उनके पहले कार्यकाल में भारतीयों ने उनकी क्रूर नीतियों के कारण बहुत दुख भोगे थे।
In simple words: जनता लार्ड कर्जन की तानाशाही नीतियों से त्रस्त थी, इसलिए उनके दोबारा आने से सब दुखी थे।
Exam Tip: ऐतिहासिक संदर्भ (लार्ड कर्जन का शासनकाल) का उल्लेख करना आवश्यक है।
प्रश्न 1. "किताबों की विद्या का ताप" का आशय स्पष्ट करते हुए बताइए कि इसकी सामर्थ्य धनराम के पिता में क्यों नहीं थी?
Answer: किताबों की विद्या का ताप से आशय है-पुस्तके पढ़ाकर ज्ञानी अथवा भाक्ति से तेजस्वी बनाना। धनराम के पिता निर्धन थे इसलिए उनमें धनराम को आगे पढ़ाने की सामर्थ्य नहीं थी।
In simple words: शिक्षा प्राप्त कराकर बच्चे का भविष्य उज्ज्वल करने की शक्ति धनराम के गरीब पिता में नहीं थी।
Exam Tip: पाठ 'लोहिया' या 'गलोज़' के आधार पर गरीबी और विवशता के प्रसंग को स्पष्ट करें।
प्रश्न 2. गंगाराम के निधन के बाद गाँव वालों को क्या याद नहीं रहा? और क्यों?
Answer: शिल्पकार गंगाराम के निधन के बाद उसके पुत्र धनराम ने अपने पिता का पारंपरिक व्यवसाय अपना लिया था। इसलिए आसपास के गाँव वालों को गंगाराम का अभाव नहीं खला। उन्हें पता ही नहीं चला कि वे कब गंगाराम के आफर को धनराम का आफर कहने लगे थे।
In simple words: धनराम ने पिता का काम संभाल लिया, जिससे गाँव वालों को कभी महसूस ही नहीं हुआ कि गंगाराम अब नहीं रहे।
Exam Tip: पारंपरिक पेशे और निरंतरता की भावना को उत्तर में स्पष्ट करें।
प्रश्न 3. धनराम किस प्रकार एक निपुण शिल्पकार बन गया था?
Answer: जैसे ही धनराम बड़ा हुआ उसके पिता जी ने उसे धौंकनी फूँकने, सान लगाने के कार्यों में लगाना आरंभ कर दिया। धीरे-धीरे उसे हथौड़े द्वारा धन कमाने की विद्या सिखा दी। इस प्रकार वह पिता के काम सीखकर निपुण शिल्पकार बन गया था।
In simple words: बचपन से ही पिता के साथ काम करने और अभ्यास करने से धनराम कुशल कारीगर बन गया।
Exam Tip: बाल-श्रम और पुश्तैनी हुनर के सामाजिक पहुलुओं को समझें।
प्रश्न 1. स्पीति की पहाड़ियों की ऊँचाई के संबंध में लेखक के क्या विचार हैं?
Answer: स्पीति की पहाड़ियों की ऊँचाई के संबंध में लेखक के विचार हैं कि उनकी ऊँचाई के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए क्योंकि इनकी ऊँचाई से होड़ लगाना मृत्यु है।
In simple words: स्पीति की अत्यंत ऊँची चोटियों से मुकाबला करना खतरनाक और विनाशकारी है।
Exam Tip: 'स्पीति में बारिश' पाठ के लेखकीय दृष्टिकोण को प्रस्तुत करें।
प्रश्न 2. लेखक किनका और क्यों आह्वान करता है?
Answer: लेखक देश और दुनिया के युवक-युवतियों का आह्वान करता है कि वे स्पीति जैसे दुर्गम स्थान पर आएँ। पहले अपने अहंकार का त्याग करें और फिर इन चोटियों पर चढ़कर उनका मान-मर्दन करें।
In simple words: लेखक युवाओं को प्रकृति के कठिन सौंदर्य का सामना करने और अपने अहंकार को मिटाने के लिए बुलाते हैं।
Exam Tip: युवाओं की ऊर्जा और प्रकृति के साथ उनके संबंध को समझाएं।
प्रश्न 3. स्पीति की चोटियाँ क्यों उदास हो गई हैं? वे कैसे हर्षित हो सकती हैं?
Answer: स्पीति की चोटियाँ बूढ़े लामाओं के जाप से उदास हो गई हैं। अगर युवक-युवती आकर किल्लाल करें तो ये हर्षित हो सकती हैं।
In simple words: निर्जनता और सन्नाटे के कारण उदास चोटियाँ युवाओं की चहल-पहल से खुश हो सकती हैं।
Exam Tip: पाठ में प्रयुक्त प्रतीकों (जैसे बूढ़े लामाओं का जाप) को स्पष्ट करें।
प्रश्न 1. लेखक के अनुसार चित्रकला क्या है और उसमें ठोस परिणाम कैसे मिल पाता है?
Answer: लेखक के अनुसार चित्रकला व्यवसाय नहीं है। वह तो चित्रकार के हृदय की पुकार है। चित्रकार अपने भावों-विचारों को हृदय की आंतरिक अनुभूतियों को चित्रों में उकेरता है। चित्रकला में अपना सब कुछ अर्पित करने के बाद ठोस सफलता प्राप्त होती है।
In simple words: चित्रकला केवल पेशा नहीं, आत्मा की अभिव्यक्ति है, जिसमें पूर्ण समर्पण से ही सफलता मिलती है।
Exam Tip: कला और साधना के संबंध पर आधारित पंक्तियों को उद्धृत करें।
प्रश्न 2. लेखक युवा मित्रों को क्या संदेश देना चाहता है?
Answer: लेखक यह संदेश देना चाहता है कि उन्हें विशेष अवसर की प्रतीक्षा में हाथ पर हाथ धरे बैठे रहने की अपेक्षा स्वयं ही कुछ करना चाहिए क्योंकि खाली बैठे रहने से कभी भी काम नहीं चलता।
In simple words: युवाओं को भाग्य के भरोसे न रहकर स्वयं कर्मशील बनना चाहिए।
Exam Tip: कर्म के महत्व को दर्शाने वाले वाक्यों का प्रयोग करें।
प्रश्न 3. जीवन-संबंध में भगवद गीता का क्या संदेश है?
Answer: जीवन के संबंध में भगवद गीता का संदेश है कि जीवन में जो कुछ भी है वह तनाव के कारण है। इसलिए हमें तनाव से दूर रहना चाहिए।
In simple words: गीता के अनुसार अनावश्यक तनाव और आसक्ति ही जीवन के दुखों का मूल कारण है।
Exam Tip: दार्शनिक प्रसंगों को सरल हिंदी में स्पष्ट करें।
गद्य पाठों की विषय-वस्तु पर आधारित बोधात्मक प्रश्न
Question 1. "नमक का दारोगा" कहानी का नायक कौन है? उसकी चारित्रिक विशेषताएँ लिखिए।
Answer: "नमक का दारोगा" कहानी का नायक मुंशी वंशीधर है, जिनकी चारित्रिक विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-
- मुंशी वंशीधर सद्वृत्ति, अच्छाई और सत्य का प्रतिनिधित्व करने वाले व्यक्ति थे।
- वे सुशिक्षित, धर्मनिष्ठ और ईमानदार थे।
- उनमें स्वाभिमान कूट-कूट कर भरा था।
- उनमें विनम्रता देखने को मिलती है। अलोपीदीन की सहृदयता को वे कृतज्ञता से स्वीकार कर लेते हैं।
In simple words: वंशीधर एक कर्तव्यनिष्ठ, ईमानदार और साहसी युवक थे जो अपने उस्रों पर अटल रहे।
Exam Tip: मुख्य पात्र के गुणों को बिंदुओं (bullet points) में लिखने से उत्तर अधिक प्रभावी बनता है।
Question 2. सत्यजित राय ने किसे अपनी खुशकिस्मती बताया है?
Answer: सत्यजित राय की फिल्म 'पथेर पांचाली' का निर्माण कार्य लगभग ढाई साल तक चला। उन्हें भय लगने लगा था कि कहीं अपू और दुर्गा की भूमिका निभाने वाले बच्चे ज्यादा बड़े न हो जाए। यदि वे ज्यादा बड़े हो गए तो वह फिल्म में जो दिखाना चाहते हैं, वह दिखाई न देगा। इसी प्रकार इंदिरा ठकुराइन की भूमिका निभाने वाली अस्सी वर्षीय चुन्नीबाला देवी भी ढाई साल तक जीवित रहीं और बच्चे भी अधिक बड़े नहीं हुए, लेखक ने इसे अपनी खुशकिस्मती बताया है।
In simple words: कलाकारों के उम्र न बढ़ने और जीवित रहने को निर्देशक ने अपनी बड़ी सफलता माना है।
Exam Tip: फिल्म निर्माण की कठिनाइयों और संयोगों का वर्णन करें।
Question 3. लार्ड कर्जन के जाने पर विषाद की जगह हर्ष क्यों था?
Answer: लार्ड कर्जन के वापस इंग्लैंड जाने पर भारतीय जनता में विषाद की जगह हर्ष की भावना थी क्योंकि लार्ड कर्जन के शासन काल में भारतीय जनता और अधिक बेबस दुखी और लाचार हो गई थी। उसके आतातायी रूप से हर भारतीय पीड़ित था। उसने आठ करोड़ भारतीय जनता की प्रार्थना ठुकराकर बंग-भंगकर देश में अशांति फैला दी थी। जिसको आने वाले कई सदियों तक भारतीय जनमानस भुला नहीं सका।
In simple words: लार्ड कर्जन की दमनकारी नीतियों के कारण जनता उनके जाने से बहुत खुश थी।
Exam Tip: जन-असंतुष्टि के ऐतिहासिक कारणों को स्पष्ट रूप से लिखें।
Question 4. मोहन गाँव की इन मान्यताओं से अपरिचित हो ऐसा संभव नहीं था-इस कथन में किन मान्यताओं की ओर संकेत किया गया है?
Answer: इस कथन में गाँव की निम्नलिखित मान्यताओं की ओर संकेत किया गया है -
- ब्राह्मण टोले का शिल्पकार टोले में उठना बैठना नहीं होता था।
- काम-काज के लिए जाने पर भी खड़े-खड़े ही बातचीत निपटा ली जाती थी।
- ब्राह्मण टोले के लोगों को बैठने के लिए कहना उनकी मर्यादा के विरुद्ध समझा था।
- निर्धनता के कारण गरीब लोगों को अपने पैतृक व्यवसाय को चुनने की विवशता थी।
In simple words: इसमें ग्रामीण समाज की जातिगत भेदभाव और ऊँच-नीच की रूढ़िवादी परंपराओं का संकेत है।
Exam Tip: समाज सुधार और जाति-व्यवस्था से जुड़े बिंदुओं को स्पष्ट करें।
Question 5. "शिव का अट्हास नहीं, हिम का आर्तनाद है"-से लेखक का क्या अभिप्राय है?
Answer: इस कथन से लेखक का आशय है कि स्पीति की पहाड़ियाँ बहुत ऊँची, नंगी, विरान और भव्य हैं। इन चोटियों पर स्पीति के नर-नारियों की दुख-दर्द भरी आवाज जमी हुई है।
In simple words: पहाड़ों की सुंदरता विनाशकारी और कष्टप्रद है, जिसमें वहाँ के लोगों का दर्द छुपा है।
Exam Tip: रूपक और उसके गहरे सामाजिक अर्थ को उत्तर में शामिल करें।
Question 6. संपादक रजनी का साथ किस प्रकार देता है?
Answer: संपादक अमित के उदाहरण के आधार पर एक अच्छा लेख तैयार करके पी०टी०आई० के द्वारा एक साथ सभी अखबारों के लिए प्रसारित करवा देता है। उसके साथ ही वह यह सूचना भी प्रकाशित करवाता है कि 25 तारीख को अभिभावकों की इस संबंध में एक मीटिंग होगी।
In simple words: संपादक अखबार के माध्यम से रजनी के अभियान को बड़े पैमाने पर जन-जन तक पहुँचाता है।
Question 7. जामुन का पेड़ कहानी के आधार पर कहानीकार के उद्देश्य को स्पष्ट कीजिए।
Answer: जामुन का पेड़ लेखक की एक हास्य-व्यंग्य कहानी है जिसमें कार्यालयी कार्य-पद्धति की निरर्थक के साथ-साथ व्यवस्था के संवेदनशून्य और अमानवीय पक्ष को उजागर किया गया है। इसके अतिरिक्त एक दूसरे पर टालने की प्रवृत्ति और कार्यालयों के चक्कर में व्यर्थ समय बिताने की परंपरा को भी उजागर किया गया है।
In simple words: इस कहानी का उद्देश्य सरकारी दफ्तरों की लालफीताशाही और असंवेदनशील कार्यशैली पर करारा व्यंग्य करना है।
Question 8. वर्तमान समय में किसानों की किस सीमा तक बदली है?
Answer: वर्तमान समय में किसानों की स्थिति में निरंतर परिवर्तन आ रहा है। अब उन्हें जमींदार, पूँजीपतियों के शिकंजे में नहीं फंसना। अब उन्हें बैंकों से आसान ब्याज पर कर्ज मिलता है। उन्हें उत्तम खाद बीज आधुनिक कृषियंत्र सिंचाई के साधन उपलब्ध हैं। परन्तु आजादी के पैंसठ वर्ष बाद भी किसानों के हित को ध्यान में रखकर कोई ऐसी योजनाएँ नहीं बनाई गई जिससे किसान के जीवन में खुशहाली आ सके।
In simple words: तकनीकी और वित्तीय सुधार होने के बावजूद किसानों की मूल स्थिति में बहुत अधिक सुधार नहीं हुआ है।
Question 9. लेखक की कला में कैसे निखार आया?
Answer: लेखक को वेनिस अकादमी के प्रोफेसर लैँग हैमर ने काम के लिए अपना स्टूडियो दे दिया वहाँ सारे दिन चित्र बनाते और सायंकाल उन चित्रों को दिखाकर बारीकी से उनका विश्लेषण करते। लेखक के काम में उनकी रुचि बढ़ती गई जिसके परिणाम स्वरूप कला में भी निखार आता गया।
In simple words: उचित मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और प्रोफेसर के प्रोत्साहन से लेखक की चित्रकला में निखार आया।
Question 10. वकील और भाहर की भीड़ समाज की किस सच्चाई को उजागर करते हैं?
Answer: वकील न्यायिक व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के साथ-साथ सत्य को असत्य बनाने की सच्चाई को उजागर करते हैं। वकील इस सत्य को भी पुष्ट करते हैं कि धन के बल पर उन्हें खरीदा जा सकता है। भाहर की भीड़ उन तमाशबीनों की तरह होती है जो भीड़ को देखकर साथ देते हैं और उन्हें जिस दिशा में हाँक दिया जाता है वह उसी ओर चल देती है।
In simple words: वे समाज की दिशाहीनता, स्वार्थ और न्याय व्यवस्था की कमजोरियों को दर्शाते हैं।
Chapter Assignment & Practice Material for Class 11 Hindi Aroh Chapter 01 Namak Ka Daroga
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