CBSE Class 11 Hindi Core Questions Set 01

School Assignments for Class 11 Hindi: All topics

Access comprehensive school assignments for All topics using the CBSE Class 11 Hindi Core Questions Set 01. Designed to align with the 2026-27 CBSE academic guidelines, these practice sets help Class 11 Hindi students reinforce core concepts and improve their problem-solving accuracy.

Practice Class 11 Hindi Assignments: All topics

Navigate directly to the solved Hindi assignments using the digital viewer below. Each practice set includes detailed step-by-step solutions, allowing students to instantly cross-check their work and identify areas requiring further revision.

खण्ड-क

प्रश्न-1. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
Answer:
1. विजयदशमी और शरद पूर्णिमा पर्व कब और क्यों मनाए जाते हैं?
विजयदशमी का पर्व आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है क्योंकि इस दिन राम ने रावण पर विजय प्राप्त की थी। शरद पूर्णिमा आश्विन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाई जाती है। इस रात लोग खीर पकाकर छत पर रखते हैं ताकि चंद्रमा की चांदनी उस पर पड़े और वह अमृत सिक्त हो जाए।
In simple words: विजयदशमी रावण पर राम की जीत की खुशी में और शरद पूर्णिमा आश्विन पूर्णिमा की चांदनी रात में खीर रखने के लिए मनाई जाती है।

Exam Tip: तिथियों और पर्वों के मनाने के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक कारणों को स्पष्ट लिखें।

 

2. दिग्विजय का उद्देश्य क्या था?
Answer:
प्राचीन दिग्विजयों का उद्देश्य किसी क्षेत्र पर आधिपत्य स्थापित करना, उपनिवेश बनाना या उस क्षेत्र की संस्कृति को समाप्त करना नहीं था। इसका उद्देश्य क्षेत्र को जीतकर पुन: उसी क्षेत्र के सुयोग्य शासक को सौंपना और यह सुनिश्चित करना था कि किसी सामान्य जन को सताया न जाए।
In simple words: दिग्विजय का उद्देश्य दूसरे देशों को गुलाम बनाना नहीं, बल्कि वहाँ सुशासन स्थापित करना और उनकी संस्कृति को पोषित करना था।

Exam Tip: दिग्विजय शब्द के पारंपरिक गलत अर्थ से बचते हुए लेखक द्वारा बताए गए वास्तविक उद्देश्य को दर्शाएं।

 

3. उत्खात-प्रतिरोपण का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
Answer:
'उत्खात-प्रतिरोपण' का शाब्दिक अर्थ है- उखाड़कर फिर से रोपना। कालिदास ने धान के बीज और पौधों का उदाहरण देते हुए समझाया है कि जिस प्रकार दुर्बल पौधों को उखाड़कर पास के खेत में पुन: रोप देने से वे अधिक सबल हो जाते हैं, उसी प्रकार किसी क्षेत्र विशेष के सुधार के लिए यह प्रक्रिया अपनाई जाती है।
In simple words: उत्खात-प्रतिरोपण का अर्थ है किसी पौधे या व्यवस्था को जड़ से उखाड़कर अधिक उपजाऊ या बेहतर स्थिति में पुन: स्थापित करना।

Exam Tip: कालिदास के धान के पौधे वाले उदाहरण का उल्लेख अवश्य करें।

 

4. दीपावली मनाने की परंपरा कब से और क्यों पड़ी?
Answer:
दीपावली कार्तिक कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मनाई जाती है। इस परंपरा के पीछे यह मान्यता है कि इस दिन राम का अयोध्या में राज्यभिषेक हुआ था और वहाँ घर-घर दीप जलाए गए थे। इसी खुशी में आज भी दीपावली पर घर-घर दीप जलाए जाते हैं।
In simple words: राम के अयोध्या लौटने और राज्याभिषेक के दिन घर-घर दीप जलाने की खुशी में दीपावली मनाई जाती है।

Exam Tip: तिथि (कार्तिक अमावस्या) और घटना (राम का अयोध्या आगमन व राज्याभिषेक) दोनों का उल्लेख करें।

 

5. दिग्विजय से जीते हुए देश का हित साधन कैसे होता था?
Answer:
दिग्विजय से जीते हुए देश का हित साधन इस प्रकार होता था कि विजेता देश उस क्षेत्र को जीतकर पुन: वहाँ के सुयोग्य शासक को सौंप देते थे, सामान्य जन को सताया नहीं जाता था, और भारत के बाहर के जीते हुए देशों की संस्कृति को समाप्त न करके उन्हें संस्कृति की पोषक सामग्री प्रदान की जाती थी।
In simple words: जीते हुए देशों की संस्कृति को नष्ट करने के बजाय उन्हें समृद्ध किया जाता था और योग्य शासक को सत्ता सौंपी जाती थी।

Exam Tip: सांस्कृतिक संरक्षण और सुयोग्य शासन को मुख्य बिंदुओं के रूप में प्रस्तुत करें।

 

प्रश्न-2. निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
Answer:
1. जीवन में कैसे व्यक्ति प्रगति करते हैं?
जीवन में वे व्यक्ति प्रगति करते हैं जो यह जानते हैं कि बीता हुआ समय कभी लौटकर नहीं आता। वे बाधा-रहित समय की प्रतीक्षा करने के बजाय अपनी योजना बनाकर, प्रबल आशा और दृढ़निश्चय के साथ आगे बढ़ते हैं।
In simple words: जो लोग समय के महत्व को समझकर बिना डरे दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़ते हैं, वे ही जीवन में सफल होते हैं।

Exam Tip: कर्मशीलता और दृढ़निश्चय जैसे शब्दों का प्रयोग उत्तर में अवश्य करें।

 

2. वसुंधरा किसका आह्वान करती है और क्यों?
Answer:
वसुंधरा (धरती) युगवीर का पुरुषत्व का आह्वान करती है क्योंकि यह पृथ्वी हमेशा से वीर भोग्या रही है। वह ऐसे साहसी और कर्मयोगी वीरों को चाहती है जो कठिनाइयों में मार्ग खोजकर ज्योति पूरित कर सकें और विजय प्राप्त कर अमरत्व प्राप्त करें।
In simple words: धरती ऐसे साहसी वीरों का आह्वान करती है जो हर कठिनाई का सामना कर रास्तों को रोशन कर सकें।

Exam Tip: 'वीर भोग्या वसुंधरा' की अवधारणा को स्पष्ट करें।

 

3. दृढ़ निश्चयी वीर को क्या-क्या लाभ प्राप्त होते हैं?
Answer:
दृढ़ निश्चयी वीर को सब ओर से तेज, बल और अनुकूलता प्राप्त होती है। वह कर्मयोगी वीर अनुपम और साहसी सुख पाता है तथा अंततः विजय प्राप्त कर अमरत्व का वरण करता है।
In simple words: दृढ़ निश्चयी व्यक्ति को हर तरफ से सफलता, बल और सुख मिलता है तथा वह अंत में विजयी बनता है।

Exam Tip: कविता की पंक्तियों में वर्णित फायदों (तेज, बल, सुख, अमरत्व) का सटीक क्रम दें।

 

4. विजय-सुत किसे कहा गया है?
Answer:
विजय-सुत उस साहसी, कर्मयोगी और दृढ़निश्चयी वीर को कहा गया है जो कठिनाइयों का सामना करते हुए अपने मार्ग को प्रकाशमय बनाता है और अंत में विजयश्री प्राप्त करता है।
In simple words: कठिन संघर्षों के बाद विजय प्राप्त करने वाले वीर को विजय का पुत्र (विजय-सुत) कहा गया है।

Exam Tip: 'विजयसुत' का तात्पर्य विजेता या विजयी पुरुष से है।

 

5. बहती नदी के उदाहरण से कवि ने क्या सिद्ध करना चाहा है?
Answer:
बहती नदी के उदाहरण से कवि यह सिद्ध करना चाहता है कि जिस प्रकार कोई व्यक्ति यह सोचकर बैठा रहे कि सूखी नदी के पार कैसे जाया जाए, तो वह कभी पार नहीं पहुँच सकता। जीवन में सफलता पाने के लिए संकोच छोड़कर सही योजना और प्रबल आशा के साथ कर्मपथ पर आगे बढ़ना आवश्यक है।
In simple words: कवि यह बताना चाहते हैं कि नदी पार करने के लिए जैसे कदम बढ़ाना जरूरी है, वैसे ही जीवन में आगे बढ़ने के लिए कर्म करना अनिवार्य है।

Exam Tip: कर्मशीलता के महत्व को नदी के दृष्टांत से जोड़कर समझाएं।

 

खण्ड-ख

प्रश्न-3. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबंध लिखिए।
1. नर हो न निराश करो मन को
2. परोपकार
3. बढ़ती जनसंख्या : घटते संसाधन
Answer:
विषय: परोपकार
भूमिका: परोपकार दो शब्दों के मेल से बना है - पर + उपकार, जिसका अर्थ है दूसरों पर भलाई करना। यह मनुष्य का सबसे बड़ा और श्रेष्ठ धर्म माना गया है। प्रकृति स्वयं परोपकार का सर्वोत्तम उदाहरण है; नदियाँ अपने लिए पानी नहीं बहतीं, पेड़ अपने फल खुद नहीं खाते और सूर्य सभी को समान रूप से प्रकाश देता है।
परोपकार का महत्व: जो व्यक्ति केवल अपने बारे में सोचता है, उसका जीवन पशु के समान होता है। इसके विपरीत, परोपकारी व्यक्ति समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देता है। इतिहास ऐसे महान संतों, ऋषियों और महापुरुषों के उदाहरणों से भरा है जिन्होंने अपना पूरा जीवन परोपकार के लिए समर्पित कर दिया।
निष्कर्ष: परोपकार करने से आत्मिक शांति और अपार प्रसन्नता मिलती है। सच्चे अर्थों में वही मनुष्य जीवित है जिसके हृदय में दूसरों के प्रति करुणा और सहायता की भावना हो।
In simple words: दूसरों की भलाई करना ही परोपकार है, जो जीवन का सबसे बड़ा गुण है।

Exam Tip: निबंध लिखते समय रूपरेखा (भूमिका, विस्तार, निष्कर्ष) का पालन करें और सुंदर सुविचारों का समावेश करें।

 

प्रश्न-4. आधुनिक फैशन में दूर रहते हुए, अपनी पढ़ाई पर ध्याना देने की सलाह देते हुए, अपनी छोटी बहन को पत्र लिखिए।
अथवा
नवभारत टाइम्स के संपादक को पत्र लिखकर अपने शहर में चोरी की बढ़ती घटनाओं पर चिंता प्रकट कीजिए।
Answer:
परीक्षा भवन,
क. ख. ग.
दिनांक: 15 अक्टूबर 2023
माननीय संपादक महोदय,
नवभारत टाइम्स,
नई दिल्ली।
विषय: शहर में चोरी की बढ़ती घटनाओं के संबंध में।
महोदय,
आपके लोकप्रिय समाचार पत्र के माध्यम से मैं अपने शहर में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं की ओर पुलिस प्रशासन और संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ।
इन दिनों हमारे शहर में चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि दिन-दहाड़े और रात में सूने मकानों को निशाना बनाया जा रहा है। हाल ही में कई घरों में ताले टूटने और कीमती सामान चोरी होने की घटनाएँ सामने आई हैं, जिससे आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना घर कर गई है। रात के समय पुलिस गश्त न होने के कारण असामाजिक तत्वों की गतिविधियाँ बढ़ गई हैं।
अतः आपसे अनुरोध है कि इस पत्र को अपने समाचार पत्र में प्रमुखता से प्रकाशित करें ताकि प्रशासन सतर्क हो सके और शहर में पुलिस गश्त बढ़ाकर चोरों पर अंकुश लगाया जा सके।
सधन्यवाद।
भवदीय,
क. ख. ग.
In simple words: समाचार पत्र के संपादक को पत्र लिखकर शहर में हो रही चोरियों की समस्या और सुरक्षा बढ़ाने की माँग की गई है।

Exam Tip: औपचारिक पत्र का प्रारूप (प्रेषक का पता, दिनांक, संपादक का पता, विषय, संबोधन, मुख्य भाग और समापन) सटीक होना चाहिए।

 

प्रश्न-5. निम्नलिखित के संक्षिप्त उत्तर दीजिए।
1. फीचर क्या है?
Answer:
फीचर किसी घटना, व्यक्ति, समस्या या विषय पर लिखा गया एक सुव्यवस्थित, रोचक और विस्तृत आलेख होता है, जिसका उद्देश्य पाठकों का मनोरंजन करने के साथ-साथ उन्हें सूचना और ज्ञान देना होता है।
In simple words: फीचर किसी विषय पर लिखा गया एक रोचक और मनोरंजक लेख होता है।

Exam Tip: फीचर समाचार से अधिक विस्तृत और रचनात्मक होता है।

 

2. विशेष रिपोर्ट के कितने प्रकार होते हैं?
Answer:
विशेष रिपोर्ट मुख्य रूप से खोजपूर्ण (इन्वेस्टिगेटिव), विश्लेषणात्मक, विवरणात्मक और डेटा आधारित (आँकड़ों पर आधारित) प्रकार की होती है।
In simple words: विशेष रिपोर्ट मुख्य रूप से खोजबीन, विश्लेषण और विवरण के आधार पर कई प्रकार की होती है।

Exam Tip: रिपोर्ट के प्रकारों के नाम संक्षेप में दें।

 

3. खोजी पत्रकारिता से क्या आशय है?
Answer:
खोजी पत्रकारिता (इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म) वह पत्रकारिता है जिसमें記者 (पत्रकार) गहराई से छानबीन करके ऐसे तथ्यों और सच्चाइयों को उजागर करते हैं जिन्हें छिपाने या दबाने का प्रयास किया जा रहा हो (जैसे भ्रष्टाचार या घोटाले)।
In simple words: छिपी हुई सच्चाइयों और घोटालों को गहराई से ढूँढकर बाहर लाना खोजी पत्रकारिता है।

Exam Tip: भ्रष्टाचार या अनियमितताओं को उजागर करना इसका मुख्य कार्य है।

 

4. पत्रकार कितने प्रकार के होते हैं?
Answer:
मुख्य रूप से पत्रकार तीन प्रकार के होते हैं: 1. पूर्णकालिक पत्रकार, 2. अंशकालिक पत्रकार (पार्ट-टाइम), और 3. फ्रीलांस (स्वतंत्र) पत्रकार।
In simple words: पत्रकार मुख्य रूप से पूर्णकालिक, अंशकालिक और स्वतंत्र (फ्रीलांस) तीन प्रकार के होते हैं।

Exam Tip: तीनों प्रकारों के नाम स्पष्ट रूप से लिखें।

 

5. सफल साक्षात्कार के लिए क्या जरूरी है?
Answer:
सफल साक्षात्कार के लिए साक्षात्कारकर्ता का विषय पर पूर्ण ज्ञान, अच्छे और तीखे प्रश्न तैयार करना, साक्षात्कार देने वाले के प्रति शिष्टाचार और संवाद कौशल का होना अत्यंत जरूरी है।
In simple words: अच्छे प्रश्नों की सूची, विषय की गहरी जानकारी और शालीनता सफल साक्षात्कार के लिए जरूरी है।

Exam Tip: पूर्व तैयारी और अच्छे संवाद कौशल को मुख्य बिंदु बनाएँ।

 

प्रश्न-6. देश की वर्तमान शिक्षा-प्रणाली पर एक संपादकीय लेख लिखिए।
अथवा
राजनीति का गिरता स्तर विषय पर एक फीचर लिखिए।
Answer:
विषय: देश की वर्तमान शिक्षा-प्रणाली
भूमिका: शिक्षा किसी भी राष्ट्र की रीढ़ होती है। आज़ादी के इतने वर्षों बाद भी हमारी शिक्षा प्रणाली पूरी तरह से रोजगारोन्मुखी और व्यावहारिक नहीं बन पाई है।
वर्तमान स्थिति और समस्याएँ: आज की शिक्षा प्रणाली मुख्य रूप से रटन विद्या (रट्टा मारने) पर आधारित है। यहाँ अंकों को अधिक महत्व दिया जाता है जबकि कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) की उपेक्षा होती है। नैतिक मूल्यों का पतन हो रहा है और शिक्षा आज एक व्यवसाय बन चुकी है जहाँ महंगी कोचिंग और डिग्री ही सफलता का पैमाना बन गए हैं।
सुझाव: शिक्षा प्रणाली में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी कौशल और नैतिक शिक्षा को अनिवार्य किया जाना चाहिए ताकि युवा आत्मनिर्भर बन सकें।
In simple words: वर्तमान शिक्षा प्रणाली केवल किताबी ज्ञान और रटने पर जोर देती है, जिसमें सुधार की आवश्यकता है।

Exam Tip: संपादकीय में समस्याओं के साथ-साथ रचनात्मक सुझाव अवश्य दें।

 

खण्ड-ग

प्रश्न-7. किन्हीं दो काव्यांशों की सप्रसंग व्याख्या कीजिए।
1. निकल रहा है जलनिधि तल पर दिनकर बिंब अधूरा / कमला के कंचन मंदिर का मानो कांत कंगुरा। / लाने को निज पुण्य-भूमि पर लक्ष्मी की असवारी। / रत्नाकर ने निर्मित कर दी स्वर्ण सड़क अति प्यारी।
Answer:
प्रसंग: यह काव्यांश 'नमक का दरोगा' या पाठ्यपुस्तक की सूर्योदय के वर्णन से संबंधित कविता (जैसे 'वे आँखें' या 'चंपा काले काले अक्षर नहीं चीन्हती' अथवा सुमित्रानंदन पंत की कविता) से है। यहाँ समुद्र तल पर सूर्योदय के प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत मानवीकरण किया गया है।
व्याख्या: कवि कहते हैं कि समुद्र (जलनिधि) के तल से सूर्य का आधा बिंब ऐसा निकल रहा है मानो वह लक्ष्मी के स्वर्ण मंदिर का कोई सुंदर कंगुरा हो। ऐसा प्रतीत होता है कि पुण्यभूमि पर लक्ष्मी की सवारी को लाने के लिए स्वयं समुद्र (रत्नाकर) ने अत्यंत प्यारी स्वर्ण सड़क का निर्माण कर दिया हो।
In simple words: सूर्योदय के समय समुद्र पर पड़ती सूरज की किरणें ऐसी लगती हैं मानो सोने की सड़क बिछ गई हो।

Exam Tip: प्रसंग में कवि और कविता का नाम तथा व्याख्या में उत्प्रेक्षा अलंकार व मानवीकरण का उल्लेख करें।

 

2. विना दवा दर्पण के घरनी-स्वरस्व चली आँखे आती भर, / देख-रेख के बिना दुध मुंडी, विटिया दो दिन बाद गई मर। / घर में विधवा रही पताहू लक्ष्मी थी यद्यपि पति घातिन / पकड़ मंगाया कोतवाल ने डूब कुएँ में मरी एक दिन।
Answer:
प्रसंग: यह काव्यांश सुमित्रानंदन पंत रचित कविता 'वे आँखें' से लिया गया है जिसमें किसान की दयनीय दशा और उसके परिवार पर आए दुखों का मार्मिक चित्रण किया गया है।
व्याख्या: कवि कहते हैं कि बिना दवा और इलाज के किसान की पत्नी आँखों में आँसू लिए स्वर्ग सिधार गई। उचित देख-रेख और दूध न मिलने के कारण उसकी छोटी दूधमुँही बच्ची भी दो दिन बाद मर गई। घर में केवल जवान बहू (पताहू) बची जिसे लोग पति की हत्या करने वाली (पति घातिन) कहते थे, जबकि वह लक्ष्मी के समान थी। एक दिन कोतवाल ने उसे पकड़वाने के लिए बुलवाया तो अपमान के कारण उसने कुएँ में डूबकर अपनी जान दे दी।
In simple words: गरीबी और इलाज के अभाव में किसान का पूरा परिवार नष्ट हो जाता है और बहू को भी आत्महत्या करनी पड़ती है।

Exam Tip: किसान के जीवन की त्रासदपूर्ण स्थिति को संवेदनशील तरीके से लिखें।

 

3. पाँचवां मैं हूँ अभागन जिसे सोने पर सुहागा / पिताजी कहते रहे हैं प्यार में बहते रहे हैं / आज उनके स्वर्ण बेटे, लगे होंगे उन्हें हेठे / क्योंकि मैं उनपर सुहागा-बँधा बैठा हूँ अभागा।
Answer:
प्रसंग: यह काव्यांश भवानी प्रसाद मिश्र की प्रसिद्ध कविता 'घर की याद' से लिया गया है, जिसमें कवि जेल में अपने परिवार और विशेषकर पिता को याद कर रहा है।
व्याख्या: कवि अपने चार भाइयों को स्वर्ण (सोना) के समान श्रेष्ठ बताता है और स्वयं को पाँचवाँ सबसे अभागा पुत्र मानता है जिसे पिता स्नेहवश 'सोने पर सुहागा' कहा करते थे। कवि सोचता है कि आज जेल में होने के कारण उसके स्वर्ण जैसे गुणी भाई भी पिता को कमतर (हेठे) लग रहे होंगे क्योंकि वह अभागा पुत्र उनसे दूर सजा काट रहा है।
In simple words: जेल में बंद कवि अपने पिता के सबसे प्रिय होने के बावजूद खुद को अभागा मानता है क्योंकि वह परिवार से दूर है।

Exam Tip: 'सोने पर सुहागा' मुहावरे का अर्थ और कवि की अपनी लाचारी का भाव स्पष्ट करें।

 

प्रश्न-8. किन्हीं दो काव्यांशों में निहित काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
1. अंधकार की गुहा सरीखी, उन आँखों से डरता है मन / भर दूर तक उनमें दारुण, दैवदुख का नीरव रोदन।
Answer:
काव्य-सौंदर्य: इन पंक्तियों में किसान की उजड़ी और दुखद आँखों का बहुत ही सजीव चित्रण किया गया है। 'अंधकार की गुहा सरीखी' में उपमा अलंकार है, जो आँखों के गहरे अंधकार और निराशा को दिखाता है। 'नीरव रोदन' में विरोधाभास व मानवीकरण है। भाषा खड़ी बोली है और शब्दों में असीम वेदना व करुणा झलकित होती है।
In simple words: किसान की सूनी और डरावनी आँखों में छिपे गहरे दुखों का सुंदर व मार्मिक वर्णन किया गया है।

Exam Tip: अलंकार (उपमा) और भाव पक्ष (दारूण दुख) की चर्चा अवश्य करें।

 

2. अंसुवन जल सींचि-सींचि, प्रेम बेलि बोयी / अब तो बेलि फेरि गई आणंद फल होई।
Answer:
काव्य-सौंदर्य: यह पद भक्त कवयित्री मीराबाई का है। इसमें प्रेम की साधना और उसकी सार्थकता को दर्शाया गया है। 'प्रेम बेलि' और 'अंसुवन जल' में रूपक अलंकार है। राजस्थानी मिश्रित ब्रजभाषा का सुंदर प्रयोग है। भक्ति की पराकाष्ठा और आनंद प्राप्ति का भाव स्पष्ट झलकता है।
In simple words: आंसुओं से सींचकर बोई गई प्रेम की बेल अब बड़ी हो गई है और आनंद रूपी फल देने लगी है।

Exam Tip: रूपक अलंकार और मीरा की अनन्य भक्ति का उल्लेख करें।

 

3. कहाँ तो तय था चराग़ हर एक घर के लिए / कहाँ چراغ मयस्सर नहीं शहर के लिए।
Answer:
काव्य-सौंदर्य: दुष्यंत कुमार की इन ग़ज़ल की पंक्तियों में व्यवस्था पर करारा व्यंग्य है। 'चराग़' प्रतीक है सुख-सुविधाओं और रोशनी (विकास) का। उर्दू शब्दों का सहज प्रयोग गज़ल की खूबसूरती को बढ़ाता है। समाज की विसंगति और झूठे वादों को बहुत प्रभावी ढंग से उजागर किया गया है।
In simple words: हर घर में सुख पहुँचाने के वादे किए गए थे, पर पूरे शहर के लिए भी दिया उपलब्ध नहीं है।

Exam Tip: राजनीतिक व्यंग्य और 'चराग़' के प्रतीकार्थ को स्पष्ट करें।

 

प्रश्न-9. किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में लिखिए।
1. कवि ने पिता के मन की तुलना किससे की है? 'घर की याद' कविता के आधार पर बताइए।
Answer:
'घर की याद' कविता में कवि भवानी प्रसाद मिश्र ने पिता के व्यक्तित्व और मन की तुलना अथाह पानी के खजाने (या विशाल व उदार समुद्र) से की है जो उत्साह और ऊर्जा से भरे हुए हैं। 80 वर्ष की आयु में भी वे युवाओं की तरह फुर्तीले और वज्र जैसे मजबूत दिल वाले हैं।
In simple words: कवि ने पिता के मन की तुलना ऊर्जावान और विशाल समुद्र या खुले दिल से की है।

Exam Tip: पिता की वृद्धावस्था में भी उनके अदम्य उत्साह का वर्णन करें।

 

2. 'वे आँखें' कविता में किसान की पीड़ा के लिए कवि ने किसे जिम्मेदार बताया है?
Answer:
'वे आँखें' कविता में सुमित्रानंदन पंत ने किसान की बर्बादी और पीड़ा के लिए समाज की शोषक व्यवस्था, जमींदारों, महाजनों, कोतवाल और उस व्यवस्था को चलाने वाले तंत्र को जिम्मेदार ठहराया है जो किसानों का लगातार शोषण करते हैं।
In simple words: जमींदार, महाजन और शोषक प्रशासनिक व्यवस्था किसान की बर्बादी के लिए जिम्मेदार हैं।

Exam Tip: शोषक वर्ग और भ्रष्ट तंत्र का उल्लेख जरूर करें।

 

3. कबीर ने जग को पागल क्यों कहा है?
Answer:
कबीर ने संसार को पागल इसलिए कहा है क्योंकि यह झूठी बातों और बाह्य आडंबरों पर तो तुरंत विश्वास कर लेता है, लेकिन सच्ची और खरी बात कहने पर मारने के लिए दौड़ता है। लोग ईश्वर को भूलकर माया-मोह में अंधे हो चुके हैं।
In simple words: संसार सत्य को नहीं समझता और झूठ पर विश्वास करता है, इसलिए कबीर ने इसे पागल कहा है।

Exam Tip: कबीर की दो टूक भाषा और बाह्य आडंबरों पर प्रहार को स्पष्ट करें।

 

प्रश्न-10. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
यह पावस यहाँ नहीं पहुँचता है... (लाहूल-स्पीति पाठ से)
Answer:
1. कालिदास लाहूल-स्पीति में आकर क्या कहेंगे?
Answer:
कालिदास यदि यहाँ आकर देखें कि वर्षा ऋतु में सुंदर गुण वाली, महिलाओं का मन खिलाने वाली और लता-पेड़ की सखी वर्षा ऋतु स्पीति में नहीं पहुँचती, तो वे यही पूछेंगे कि यह देवता कौन है, कहाँ रहता है और यहाँ क्यों नहीं आया?
In simple words: कालिदास स्पीति की सुंदरता देखकर यह पूछते कि यहाँ वर्षा ऋतु के देवता क्यों नहीं आते।

Exam Tip: कालिदास के मेघसंदेश के संदर्भ को ध्यान में रखकर उत्तर लिखें।

 

2. यहाँ के लोग क्या नहीं जानते?
Answer:
यहाँ के लोग यह नहीं जानते कि 'बरसात में नदियाँ बहती हैं, बादल बरसते हैं, मस्त हाथी चिंघाड़ते हैं और जंगल हरे-भरे हो जाते हैं।' वे वर्षा ऋतु के इन सामान्य प्राकृतिक सौंदर्य से परिचित नहीं हैं।
In simple words: स्पीति के लोग वर्षा में नदियों के बहने और बादलों के बरसने के आनंद से अनजान हैं।

Exam Tip: स्पीति की भौगोलिक स्थिति के कारण वहाँ वर्षा न होने का उल्लेख करें।

 

3. पावस कहाँ नही पहुँचता है? इसका वहाँ पर क्या प्रभाव पड़ता है?
Answer:
पावस (वर्षा ऋतु) लाहौल-स्पीति की घाटियों में नहीं पहुँचती है। इसका प्रभाव यह होता है कि वहाँ की भूमि सूखी, ठंडी और बंजर बनी रहती है तथा वहाँ सामान्य वर्षाकालीन हरियाली और नदियो का उफान देखने को नहीं मिलता।
In simple words: स्पीति में वर्षा न होने से वहाँ की प्रकृति शेष भारत से बिल्कुल अलग और शुष्क रहती है।

Exam Tip: स्पीति की अद्वितीय जलवायु और पावस की अनुपस्थिति का प्रभाव स्पष्ट करें।

 

प्रश्न-11. किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
1. 'नमक का दरोगा' कहानी में पंडित अलोपीदीन के व्यक्तित्व के कौन से दो पहलू (पक्ष) उभर कर आते हैं?
Answer:
पंडित अलोपीदीन के व्यक्तित्व के दो प्रमुख पहलू उभरकर आते हैं: पहला, वे एक भ्रष्ट, चालाक और धनी व्यवसायी हैं जो अपनी धन-शक्ति और घूस के बल पर कानून और प्रशासन को खरीदने की ताकत रखते हैं। दूसरा, वे गुणग्राही और न्यायप्रिय हैं; वे वंशीधर की ईमानदारी और निष्ठा से इतने प्रभावित होते हैं कि अंत में उन्हें अपनी सारी संपत्ति का स्थायी मैनेजर नियुक्त कर देते हैं।
In simple words: अलोपीदीन पहले भ्रष्ट और धन के घमंडी दिखते हैं, लेकिन बाद में वे ईमानदारी की कदर करने वाले सज्जन रूप में सामने आते हैं।

Exam Tip: नकारात्मक और सकारात्मक दोनों पक्षों का संतुलन बनाकर उत्तर लिखें।

 

2. पथेर पांचाली फिल्म की शूटिंग का काम ढाई साल तक क्यों चला?
Answer:
'पथेर पांचाली' फिल्म की शूटिंग लंबे समय (ढाई साल) तक चलने का मुख्य कारण संसाधनों और धन की कमी थी। निर्देशक सत्यजित राय और उनकी पूरी टीम के पास पर्याप्त पैसे नहीं थे, इसलिए जब पैसे आते थे तब शूटिंग होती थी, और जब पैसे खत्म हो जाते थे तो काम रुक जाता था। इसके अलावा अभिनेता और बाल कलाकार (अपु और दुर्गा) की उम्र बढ़ने जैसी समस्याएँ भी थीं।
In simple words: पैसों की कमी के कारण जब धन मिलता था तभी शूटिंग होती थी, जिससे काम ढाई साल तक चला।

Exam Tip: आर्थिक तंगी को मुख्य कारण के रूप में दर्शाएं।

 

3. मियाँ नसीरुद्दीन को नानवाइयों का मसीहा क्यों कहा गया है?
Answer:
मियाँ नसीरुद्दीन को नानवाइयों (रोटी बनाने वालों) का मसीहा इसलिए कहा गया है क्योंकि वे रोटी पकाने की कला को एक खानदानी हुनर मानते थे और इस कला के उस्ताद थे। वे मसीहाई अंदाज़ में बात करते थे और उनके पास विभिन्न प्रकार की छप्पन किस्म की रोटियाँ बनाने का अनुभव था जो अन्य कारीगरों के पास नहीं था।
In simple words: मियाँ नसीरुद्दीन रोटियाँ बनाने की कला में माहिर थे और खानदानी कारीगरों के नुमाइंदे थे।

Exam Tip: उनके पैतृक हुनर और बातचीत के अनूठे अंदाज का उल्लेख करें।

 

4. इतिहास में स्पीति का वर्णन क्यों नहीं मिलता है?
Answer:
इतिहास में स्पीति का वर्णन इसलिए नहीं मिलता क्योंकि यह एक अत्यंत दुर्गम, कठिन और विरल आबादी वाला क्षेत्र है जहाँ आना-जाना बहुत कठिन था। राजाओं और शासन के लिए यह क्षेत्र लाभांवित या उपजाऊ नहीं था, इसलिए बाहरी दुनिया और इतिहासकार इस क्षेत्र से कटे रहे।
In simple words: भौगोलिक रूप से दुर्गम और कटा होने के कारण स्पीति का इतिहास में अधिक उल्लेख नहीं मिलता।

Exam Tip: दुर्गमता और भौगोलिक अलगाव को मुख्य कारण बताएं।

 

प्रश्न-12. किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
1. लेखक ने लता की किन विशेषताओं को उजागर किया है? स्पष्ट कीजिए।
Answer:
लेखक कुमार गंधर्व ने लता मंगेशकर की गायकी की अनेक विशेषताओं को उजागर किया है जैसे- उनकी सुरीली और निर्मल आवाज, गानों में उच्चारण की शुद्धता, स्वरों की सुमधुरता, और शास्त्रीय संगीत व लोकसंगीत दोनों में अद्भुत पकड़। लता जी के गायन में एक खास किस्म का मर्म और गानपन होता है जो श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देता है।
In simple words: लता जी की सुरीली आवाज, शुद्ध उच्चारण और गानपन उनकी गायकी की मुख्य विशेषताएँ हैं।

Exam Tip: 'गानपन' शब्द का प्रयोग उत्तर में अवश्य करें।

 

2. कुईं का मुंह छोटा रखने के कौन-कौन से कारण हैं? राजस्थान की रजत बूंदें पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
Answer:
कुईं का मुँह छोटा रखने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं: 1. मुँह छोटा होने से कुईं के अंदर का पानी भा बनकर कम उड़ता है और सुरक्षित रहता है। 2. इसमें कचरा, धूल या मिट्टी गिरने की संभावना नहीं रहती। 3. मरुस्थल में रेत की आँधियों से पानी को बचाने के लिए छोटा मुँह ढक्कन से आसानी से बंद किया जा सके।
In simple words: वाष्पीकरण रोकने और कुईं के पानी को कचरे से बचाने के लिए उसका मुँह छोटा रखा जाता है।

Exam Tip: वाष्पीकरण (Evaporation) रोकना इसका सबसे बड़ा वैज्ञानिक कारण है।

 

3. राजस्थान में कुईं किसे कहते हैं? इसमें तथा सामान्य कुओं में अंतर स्पष्ट कीजिए।
Answer:
राजस्थान में कुईं एक बहुत ही संकीर्ण और छोटी जल-स्रोन संरचना होती है जो भूमिगत नमी से पानी प्राप्त करती है।
अंतर: सामान्य कुआँ भूगर्भिक जल-स्तर (Water table) तक पहुँचने के लिए खोदा जाता है और उसका व्यास बड़ा होता है, जबकि कुईं बहुत छोटी और संकरी होती है जो पालर पानी (वर्षा जल) को रेत के नीचे रेजाणी पानी के रूप में रोकती है।
In simple words: कुआँ बड़े जलस्रोत के लिए होता है, जबकि कुईं रेगिस्तान में नमी से पानी इकट्ठा करने की छोटी संरचना है।

Exam Tip: कुआँ और कुईं के आकार व जल स्रोत का अंतर स्पष्ट करें।

 

4. बेबी जब अपने लड़के से मिलने गई तो उसे वहाँ देखकर दुख हुआ? 'आलो औधरि' पाठ के आधार पर बताइए।
Answer:
बेबी जब अपने लड़के से मिलने गई तो उसे वहाँ देखकर दुख हुआ क्योंकि उसके लड़के का रहन-सहन और व्यवहार बदल चुका था। वह अपनी माँ के प्रति वह आत्मीयता और प्रेम नहीं दिखा पाया जिसकी एक माँ को अपेक्षा होती है, जिससे बेबी का हृदय आहत हुआ।
In simple words: बेटे का ठंडा और उपेक्षापूर्ण व्यवहार देखकर बेबी को बहुत दुख हुआ।

Exam Tip: ममता और बेटे की उपेक्षा के भाव को दर्शाएं।

 

प्रश्न-13. राजस्थान की रजत बूंदें पाठ में रेत के कणों के बारे में क्या बताया गया है?
अथवा
'बेबी की दिनचर्या कैसे चलने लगी? आलो-औधरि पाठ के आधार पर बताइए।
Answer:
'राजस्थान की रजत बूंदें' पाठ में बताया गया है कि मरुस्थल की रेत के कण बहुत विशेष होते हैं। यहाँ की रेत का हर कण अलग रहता है, वह आपस में चिपकता नहीं है। इसी विशेषता के कारण वर्षा का पानी रेत में समा तो जाता है लेकिन नीचे बैठी खट्टी चट्टानों (या पाताल में मौजूद नमी) के कारण वह भाप बनकर उड़ता नहीं है और 'रेजाणी पानी' के रूप में सुरक्षित रहता है।
In simple words: मरुस्थल की रेत के कण पानी को सोखकर उसे भाप बनने से रोकते हैं, जिससे नमी कुईं में एकत्र होती है।

Exam Tip: रेत के कणों की प्रकृति और भूजल संचयन की प्रक्रिया का वैज्ञानिक वर्णन करें।

 

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