CBSE Class 11 Geography Natural Hazards and Disasters Hindi Assignment

Class 11 Geography Practice Assignments: CBSE Class 11 Geography Natural Hazards and Disasters Hindi Assignment

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प्राकृतिक आपदाएं और संकट

आओ अध्ययन करें :- लघुउत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1 :- प्राकृतिक आपदाएं किसे कहते हैं?
Answer: मानव पर दुष्प्रभाव डालने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों को प्राकृतिक आपदाएं हैं।
In simple words: मानव जीवन और संपत्ति पर बुरा प्रभाव डालने वाली प्राकृतिक घटनाओं को प्राकृतिक आपदा कहा जाता है।

Exam Tip: प्राकृतिक आपदा की परिभाषा लिखते समय मानव जीवन पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव और प्राकृतिक कारक दोनों का उल्लेख करें।

 

प्रश्न 2 :- भू-स्खलन क्या है?
Answer: गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव से चट्टान तथा मिट्टी के अचानक नीचे की ओर खिसकने की क्रिया को भू-स्खलन कहते हैं।
In simple words: गुरुत्वाकर्षण के कारण पहाड़ी ढलानों से चट्टानों और मिट्टी का नीचे की ओर खिसकना भू-स्खलन कहलाता है।

Exam Tip: भू-स्खलन के मुख्य कारक के रूप में गुरुत्वाकर्षण और ढलान को अवश्य दर्शाएं।

 

प्रश्न 3 :- सूखा किसे कहते हैं?
Answer: जब किसी क्षेत्र में जल तथा नमी की मात्रा कुछ समय के लिए सामान्य से कम हो जाती है। उसे सूखा कहते हैं।
In simple words: पानी और नमी की लंबी कमी की स्थिति को सूखा कहा जाता है।

Exam Tip: 'सामान्य से कम वर्षा और जल की कमी' सूखे के मुख्य आधार हैं।

 

प्रश्न 4 :- त्रि-अकाल किसे कहते हैं?
Answer: जब अकाल तृण अकाल तथा जल अकाल की स्थिति उत्पन्न हो जाती है उसे त्रिकाल कहते हैं।
In simple words: जब एक साथ अनाज, चारा और पानी तीनों की भारी कमी हो जाए, उसे त्रि-अकाल या त्रिकाल कहते हैं।

Exam Tip: त्रिकाल में अन्न, जल और तृण (चारा) तीनों के अकाल का संयोजन होता है।

 

प्रश्न 5 :- पश्चिमी और मध्य भारत में सूखा क्यों पड़ता है?
Answer: पश्चिमी तथा मध्य भारत में किसी ऊंची पर्वतमाला के ना होने के कारण वर्षा सामान्य से कम होती है। इसलिए इन क्षेत्रों में सूखा पड़ता है।
In simple words: उचित पर्वतमालाओं की अनुपस्थिति के कारण इन क्षेत्रों में मानसून हवाएं पर्याप्त वर्षा नहीं कर पाती हैं।

Exam Tip: वर्षा की कमी और भौगोलिक स्थिति (वृष्टिछाया क्षेत्र) को कारण के रूप में स्पष्ट करें।

 

प्रश्न 6 :- तृण-अकाल किसे कहते हैं?
Answer: जब अकाल के कारण पशुओं के लिए चारा कम हो जाता है उस स्थिति को तृण-अकाल कहते हैं।
In simple words: पशुओं के लिए चारे की गंभीर कमी की स्थिति को तृण-अकाल कहा जाता है।

Exam Tip: 'तृण' शब्द का संबंध चारे या घास से है, इसे ध्यान रखें।

 

प्रश्न 7 :- महासागर में सुनामी लहर की गति कहां अधिक तीव्र तथा कहां, कम होती है?
Answer: सुनामी लहर की गति उथले समुद्र से अधिक और गहरे समुद्र में कम होती है।
In simple words: गहरे समुद्र में सुनामी की गति धीमी लेकिन उथले तटीय पानी में अत्यधिक तीव्र हो जाती है।

Exam Tip: गहराई के साथ सुनामी की गति के विपरीत संबंध को स्पष्ट याद रखें।

 

प्रश्न 8 :- भारत में सुनामी लहर कब आई थी?
Answer: 26 दिसम्बर 2004
In simple words: भारत में विनाशकारी सुनामी 26 दिसंबर 2004 को आई थी।

Exam Tip: तिथि और वर्ष (26 दिसंबर 2004) को सटीक रूप से याद रखें।

 

प्रश्न 9 :- बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में कौन-कौन सी बीमारियां फैल जाती है?
Answer: हैजा, आंत्रशोथ, हैपेटाइटिस और दूसरी जल जनित बीमारियां।
In simple words: दूषित जल के सेवन और स्वच्छता की कमी के कारण बाढ़ के बाद संक्रामक बीमारियां फैलती हैं।

Exam Tip: जल जनित रोगों जैसे हैजा और टायफाइड के नाम मुख्य रूप से लिखें।

 

प्रश्न 10 :- भारत में चक्रवाती तूफानों की आवृत्ति किन महीनों में सबसे अधिक होती है?
Answer: अक्टूबर-नवंबर में
In simple words: भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून के आगमन के समय (अक्टूबर-नवंबर) चक्रवात सबसे अधिक आते हैं।

Exam Tip: महीनों के नाम (अक्टूबर-नवंबर) बहुविकल्पीय प्रश्नों में भी अक्सर पूछे जाते हैं।

 

प्रश्न 11 :- 'योकोहोमा रणनीति तथा अधिक सुरक्षित संसार के लिए कार्य योजना' किस वर्ष में बनी?
Answer: मई 1994 में
In simple words: आपदा प्रबंधन से संबंधित योकोहोमा रणनीति वर्ष 1994 में तैयार की गई थी।

Exam Tip: वर्ष 1994 और स्थान योकोहोमा को आपदा प्रबंधन के संदर्भ में याद रखें।

 

लघुउत्तरात्मक प्रश्नों का अध्ययन कीजिए :-

प्रश्न 1 :- प्राकृतिक आपदा तथा संकट में अन्तर स्पष्ट कीजिए?
Answer: प्राकृतिक आपदाओं तथा संकटों में बहुत कम अन्तर है। इनका एक-दूसरे के साथ गहरा सम्बन्ध है। फिर भी इनमें अन्तर स्पष्ट करना अनिवार्य है।
प्राकृतिक संकट, पर्यावरण मे हालात के वे तत्व हैं जिनसे जन-धन को नुकसान पहुँचाने की संभावना होती है। जबकि आपदाएं बड़े पैमाने पर जन-धन की हानि तथा सामाजिक व आर्थिक व्यवस्था ठप्प हो जाती है।
In simple words: संकट केवल एक संभावित खतरा है, जबकि आपदा वास्तविक रूप से बड़े पैमाने पर विनाश लाती है।

Exam Tip: 'संभावना' (संकट) और 'वास्तविक व्यापक विनाश' (आपदा) दोनों के बीच के मुख्य अंतर को स्पष्ट करें।

 

प्रश्न 2 :- प्राकृतिक आपदाओं का वर्गीकरण कीजिए?
Answer: प्राकृतिक आपदाओं को उनकी उत्पत्ति के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। जैसे वायुमंडलीय (तड़ितझंझा, टारेनेडो, उष्णकटिबंधीय चक्रवात, सूखा, दंडाकार/कड़कापात आदि), भौमिक (भूूकंप, ज्वालामुखी, भू-स्खलन, मृदा अपरदन आदि), जलीय (बाढ़, सुनामी, ज्वार, महासागरीय धाराएं, तूफान आदि) तथा जैविक (पौधों व जानवरों के कीट, ग्रसन, फफूंद, बैक्टीरिया, वायरल संक्रमण, बर्डफ्लू, डेंगू इत्यादि)।
In simple words: उत्पत्ति के स्रोतों के आधार पर आपदाओं को वायुमंडलीय, भौमिक, जलीय और जैविक श्रेणियों में बांटा गया है।

Exam Tip: चारों प्रमुख वर्गों (वायुमंडलीय, भौमिक, जलीय, जैविक) के नाम और उनके दो-दो उदाहरण अवश्य दें।

 

प्रश्न 3 :- सुनामी के कारण तथा प्रभाव लिखिए?
Answer: कारण :- 'सुनामी समुद्र में भूकंप भूस्खलन अथवा उद्गार जैसी घटनाओं से पैदा होती है'।
प्रभाव :- तटीय क्षेत्रों के निवासियों के लिए सुनामी बहुत बड़ा खतरा होती है। सुनामी समुद्र तट पर विराट लहरों के रूप में अपार शक्ति के साथ प्रहार करती है और बिना किसी चेतावनी के पानी के बम की तरह टकराती है। ये घरों को गिरा देती है। गांवों को बहाकर ले जाती है। पेड़ों व बिजली के खम्बों को उखाड़ देती हैं, नाकों को तट से दूर बहाकर ले जाती है और अंत में वापस जाते समय हजारों असहाय पीड़ितों को समुद्र में घसीट ले जाती है। सुनामी का प्रभाव बहुत ही विध्वंसककारी है।
In simple words: सुनामी समुद्री भूकंप के कारण उत्पन्न होने वाली भयंकर लहरें हैं जो तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाती हैं।

Exam Tip: सुनामी के कारण (समुद्री भूकंप) और इसके विनाशकारी प्रभावों (तटीय तबाही) को अलग-अलग शीर्षकों में लिखें।

 

प्रश्न 4 :- हिमालय और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में अधिक भूकंप क्यों आते है?
Answer: हिमालय पर्वत नवीन वलित पर्वत है, जिसका निर्माण अभी भी पूरा नही हुआ। इसका कारण यह है कि हिमालय क्षेत्र में अभी भी भू-संतुलन की स्थिति उत्पन्न नही हुई है। भारतीय प्लेट निरन्तर उत्तर की ओर गतिशील है और इस क्षेत्र में प्रायः भूकंप आते रहते हैं जिस कारण इन क्षेत्रों में हलचल होती रहती है।
In simple words: भारतीय प्लेट के उत्तर की ओर खिसकने और हिमालय के नवीन वलित पर्वत होने के कारण यहां भू-संतुलन नहीं बन पाया है, जिससे बार-बार भूकंप आते हैं।

Exam Tip: 'भारतीय प्लेट की गति' और 'नवीन वलित पर्वत' जैसे मुख्य भौगोलिक कारणों का उल्लेख जरूर करें।

 

प्रश्न 5 :- किस स्थिति मे विकास कार्य आपदा का कारण बन सकता है?
Answer: संकट संभावित क्षेत्रों में विकास कार्य आपदा का कारण बन सकते है। ऐसा उस स्थिति में होता है, जब पर्यावरणीय परिस्थितियों की परवाह किए बिना ही विकास कार्य किया जाता है।
उदाहरणतया बाढ़ के समय बांध बनाया जाता ताकि बाढ़ का पानी और अधिक नुकसान न कर सके, लेकिन कुछ समय पश्चात उस रुके हुए पानी में महामारियां फैलनी आरम्भ हो जाती है इसलिए हम कह सकते हैं कि अक्सर विकास कार्य आपदा का कारण बन जाते हैं।
In simple words: पर्यावरण को नजरंदाज करके किए गए विकास कार्य अक्सर भविष्य में बड़ी आपदाओं का कारण बन जाते हैं।

Exam Tip: पर्यावरण और विकास के बीच असंतुलन का एक उपयुक्त उदाहरण दें।

 

प्रश्न 6 :- आपदा निवारण और प्रबंधन की तीन अवस्थाओं का वर्णन कीजिए?
Answer: 1. आपदा से पहले :- आपदा के विषय में आंकड़े और सूचना एकत्र करना, आपदा संभावित क्षेत्र का मानचित्र तैयार करना और लोगों को इसके बारे में जानकारी देना।
2. आपदा के समय :- युद्ध स्तर पर बचाव व राहत कार्य करना। आपदा प्रभावित क्षेत्रों से पीड़ित व्यक्तियों को निकालना, राहत कैंप में भोजन, जल और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना।
3. आपदा के पश्चात :- आपदा प्रभावित लोगों की पुनर्वस की व्यवस्था करना।
In simple words: आपदा प्रबंधन की तीन मुख्य अवस्थाएं हैं: आपदा पूर्व तैयारी, आपदा के दौरान राहत कार्य, और आपदा के बाद पुनर्वास।

Exam Tip: तीनों चरणों (पूर्व, के दौरान, पश्चात) को क्रमबद्ध रूप से लिखकर समझाएं।

 

प्रश्न 7 :- पश्चिमी भारत की बाढ़ पूर्वी भारत की बाढ़ से अलग कैसे होती है?
Answer: भारत के पूर्वी भाग असम, पश्चिम बंगाल बिहार तथा झारखंड जैसे क्षेत्र है। इन क्षेत्रों में बड़ी-बड़ी नदियां बहती है जैसे ब्रह्मपुत्र, हुगली, दामोदर, कोसी, तिस्ता तथा तोरसा आदि। इनमें प्रत्येक वर्ष लगभग बाढ़ आती रहती है जिसके चलते यहां के स्थानीय निवासी इन नदियों को विध्वंसककारी प्रभाव से भलीभांति परिचित है। लेकिन पश्चिमी भारत में कुछ नदियों को छोड़कर ज्यादातर मौसमी नदियां हैं जोकि कम ढाल व अधिक बरसात के कारण बाढ़ का कारण बन जाती है। दूसरे यहां पर स्थानीय व प्रशासनिक स्तर पर बाढ़ के बचाव के स्तरों व उपकरणों में कमी पाई जाती है इसलिए पश्चिमी भारत में जब बाढ़ आती है तो अधिक नुकसान उठाना पड़ता है।
In simple words: पूर्वी भारत की बाढ़ सदाानी नदियों की वजह से नियमित होती है, जबकि पश्चिमी भारत की बाढ़ मौसमी नदियों और कम तैयारियों के कारण अधिक विनाशकारी होती है।

Exam Tip: नदियों की प्रकृति (सदाानी बनाम मौसमी) और प्रशासनिक तैयारियों के अंतर को स्पष्ट करें।

 

विस्तार से जानिए

प्रश्न 1 :- भारत में भू-संख्लन क्षेत्रों की पहचान कीजिए और इस आपदा के निवारण के कुछ उपाय सुझाइये?
Answer: भू-संख्लन सुभेद्रता क्षेत्र भारत में निम्नलिखित है :-
1. अत्याधिक सुभेद्रता क्षेत्र :- इस क्षेत्र के अंतर्गत हिमालय की युवा पर्वत श्रंखलाएं अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, पश्चिमी घाट तथा नीलगिरी के अधिक वर्षा तथा तीव्र ढाल वाले क्षेत्र उत्तर-पूर्वी राज्य, अत्यधिक मानव क्रियाकलापों वाले क्षेत्र (विशेषतः सड़क निर्माण व बांध निर्माण) सम्मिलित हैं।
2. अधिक सुभेद्रता क्षेत्र :- इन क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियां अत्यधिक सुभेद्रता वाले क्षेत्रों की परिस्थितियों से मिलती-जुलती ही है। अंतर केवल इतना है कि इन क्षेत्रों में भू-स्खलन की गहनता एवं आवृत्ति कम होती है। इन क्षेत्रों में हिमालय क्षेत्र के सारे राज्य और उत्तर-पूर्वी भाग (असम को छोड़कर) सम्मिलित है।
3. मध्यम एवं कम सुमेद्रता वाले क्षेत्र :- इस क्षेत्र में लद्दाख, स्पीति, अरावली की पहाड़ियां पूर्वी तथा पश्चिमी घाट के वर्षा छाया क्षेत्र ढक्कन का पठार सम्मिलित है। इसके अतिरिक्त मध्य एक पूर्वी भारत के खदानों वाले क्षेत्रों में भूस्खलन होता रहता है।
भू-स्खलन को रोकने के उपाय :- 1. भू-स्खलन प्रभावित व सम्भावित क्षेत्रों में सड़क व बांध निर्माण कार्यों को रोक।
2. स्थानांतरित कृषि की अपेक्षा स्थायी व सीढ़ीनुमा कृषि को प्रोत्साहित करना।
3. तीव्र ढालों की अपेक्षा मन्द ढालों पर कृषि क्रियाएं करना।
4. वनों के कटाव को प्रतिबन्धित करना तथा नये पेड़-पौधे लगाना।
In simple words: भू-स्खलन संवेदनशील क्षेत्रों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है, और इसे रोकने के लिए वनीकरण व सीढ़ीदार खेती जैसे उपाय किए जाने चाहिए।

Exam Tip: सुभेद्रता के स्तर (अत्याधिक, अधिक, मध्यम/कम) और निवारण के उपायों को अलग-अलग बिंदुओं में लिखें।

 

प्रश्न 2 :- भारत में बाढ़ क्यों आती है? भारत में बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का वर्णन कीजिये तथा इसे रोकने के उपाय बताए?
Answer: 1. वर्षा ऋतु में नदी का जल उफान के समय नदी के तटबन्धों को तोड़ता हुआ मानव बस्तियों, खेतों और आसपास की जमीन के निचले हिस्सों में बाढ़ के रूप में भर जाता है। भारी वर्षा, उष्णकटिबंधीय चक्रवात, बांध टूटने और प्राकृतिक कारणों के अतिरिक्त मानव के कुछ अवांछित क्रियाकलाप भी बाढ़ को लाने में सहायक होते है।
2. भारत में बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र :- असम पश्चिमी बंगाल और बिहार राज्य सबसे अधिक बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है। इसके अतिरिक्त उत्तर भारत की अधिकांश नदियां विशेषकर पंजाब और उत्तर प्रदेश में बाढ़ लाती है। राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और पंजाब में आकस्मिक बाढ़ आती रहती है।
3. बाढ़ को रोकने के उपाय :-
(अ) बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में नदियों के तटबन्ध बनाना, नदियों पर बांध बनाना, वर्गीकरण और बाढ़ वाली नदियों के ऊपरी जल ग्रहण क्षेत्र में निर्माण कार्य पर प्रतिबंध लगाना।
(ब) नदियों के किनारे बसे लोगों को दूसरी जगह बसाना, बाढ़ के मैदानों में जनसंख्या के जमाव पर नियंत्रण रखना।
(स) तटीय क्षेत्रों चक्रवात सूचना, केंद्र, तूफान के उपमान से होने वाले प्रभाव को कम कर सकते है।
In simple words: अत्यधिक वर्षा, वनों की कटाई और तटबंध टूटने से बाढ़ आती है, जिसे तटबंधों के निर्माण और जल प्रबंधन से रोका जा सकता है।

Exam Tip: कारण, प्रभावित क्षेत्र और निवारण के उपायों को स्पष्ट रूप से अलग-अलग हेडिंग के तहत प्रस्तुत करें।

 

प्रश्न 3 :- सूखा क्या है? इसके प्रकार बताये तथा सूखे से निवारण के उपाय सुझाइये।
Answer: सूखा :- किसी विशेष क्षेत्र में, विशेष समय में, सामान्य से जल तथा नमी की मात्रा को सूखा कहते हैं। इसके निम्न चार प्रकार है।
(1) मौसम विज्ञान संबंधी सूखा : यह एक स्थिति है जिसमें लम्बे समय तक अपर्याप्त वर्षा होती है तथा सामयिक व स्थानिक वितरण भी असंतुलित होता है। जब वार्षिक वर्षा सामान्य से 35 प्रतिशत से कम होती है।
(2) कृषि सूखा : इसे भूमि आर्दता सूखा भी कहते हैं। जब जल के अभाव मं फसलें नष्ट हो जाती है उसे कृषि सूखा कहते हैं।
(3) जल विज्ञान संबंधी सूखा : जब धरातलीय एवं भूमिगत जलाशयों में जल स्तर एक सीमा से नीचे गिर जाए तथा वृष्टि द्वारा भी जलापूर्ति ना हो उसे जल विज्ञान संबंधी सूखा कहते हैं।
(4) पारिस्थितिक सूखा : जब प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र में जल की कमी से उत्पादकता में कमी हो जाती है और पर्यावरण मे तनाव उत्पन्न हो जाता है उसे पारिस्थितिक सूखा कहते हैं।
सूखे से निवारण के उपाय :-
(1) लोगो को तत्कालीन सेवाएं प्रदान करना जैसे सुरक्षित पेयजल वितरण, दवाइयां, पशुओं के लिए चारा, व्यक्तियों के लिए भोजन तथा उन्हें सुरक्षित स्थान प्रदान करना।
(2) भूमि जल भंडारों की खोज करना जिसके लिए भौगोलिक सूचना तंत्र की सहायता लेना।
(3) वर्षा के जल को संग्रहण एक संचय करना तथा इसके लिए लोगों को प्रोत्साहित करना तथा छोटे बांयजों का निर्माण करना।
(4) अधिक जल वाले क्षेत्रों को निम्न जल वाले क्षेत्रों से नदी तंत्र की सहायता से मिलाना
(5) वृक्षारोपण द्वारा सूखे से काफी हद तक छुटकारा पाया जा सकता है।
In simple words: वर्षा की कमी से उत्पन्न जल के अभाव को सूखा कहते हैं, जिसके चार प्रकार हैं और इसे जल संरक्षण तथा वृक्षारोपण से कम किया जा सकता है।

Exam Tip: सूखे के चारों प्रकारों (मौसम विज्ञानी, कृषि, जल विज्ञानी, पारिस्थितिक) और उनके निवारण के उपायों को ठीक से याद रखें।

 

प्रश्न 4 :- भूकम्प किसे कहते है तथा इसके कारणों एवं परिणामों की व्याख्या कीजिए?
Answer: भूकम्प :- भूकम्प पृथ्वी की पपड़ी की वह हलचल है जिससे पृथ्वी हिलने लगती है और भूमि आगे पीछे होने लगती है वास्तव में, पृथ्वी के अन्दर होने वाली किसी घटना के परिणाम स्वरूप जब धरातल का कोर भाग अकस्मात कांप उठता है तो उसे भूकम्प कहते हैं।
भूकंप के कारण : भूकंप को महाविनाशकारी आपदा माना जाता है। इससे प्रायः संकट की स्थिति पैदा होती है। भूकंप मुख्यतः विवर्तनिक हलचलों, ज्वालामुखी विस्फोटकों चट्टानों के फटने खानों धरातल (Epicentre) धरातल के धंसने जलाशय में जल के इकट्ठा होने से उत्पन्न होते हैं। विवर्तनिक हलचलों से पैदा होने वाले भूकम्प सबसे अधिक विनाशकारी होते हैं।
भूकम्पों का परिणाम :-
भूकंपों से होने वाले नुकसान को निम्न बिंदुओं की सहायता से देखा जा सकता है।
1. जाने तथा माल को यति
2. भूस्खलन
3. आग
4. बाढ़
5. सुनामी आदि
In simple words: पृथ्वी की आंतरिक हलचलों के कारण धरातल के कांपने को भूकंप कहते हैं, जिससे भारी जान-माल की हानि होती है।

Exam Tip: भूकंप के कारण (विशेषकर विवर्तनिक हलचल) और इसके परिणामों को स्पष्ट बिंदुओं में लिखें।

 

प्रश्न 5 :- भूकम्प से होने वाले नुकसान को कम करने के पांच उपाय बताइए?
Answer: 1. भूकम्प नियन्त्रण केन्द्रों की स्थापना करके, भूकंप संभावित क्षेत्रों में लोगों को सूचना प्रदान करना।
2. सुभेद्यता मानचित्र तैयार करना और संभावित जोखिम की सूचना लोगों तक देना तथा डनहें इसके प्रभाव को कम करने के बारे में शिक्षित करना।
3. भूकम्प प्रभावित क्षेत्रों में घरो के प्रकार और भवन डिजाइन में सुधार लाना।
4. भूकम्प प्रभावित क्षेत्रों में ऊंची इमारतें, बड़े औद्योगिक संस्थान और शहरीकरण को बढ़ावा न देना।
5. भूकम्प प्रभावित क्षेत्रों में भूकम्प प्रतिरोधी इमारतें बनाना और सुभेद्य क्षेत्रों में हल्के निर्माण सामग्री का प्रयोग करना।
In simple words: भूकंपीय क्षेत्रों में भूकंप-रोधी निर्माण और उचित नियोजन द्वारा नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

Exam Tip: भूकंप-रोधी डिजाइन और मानचित्र तैयार करने जैसे प्रभावी उपायों का उल्लेख करें।

 

प्रश्न 6 :- चक्रवाती आपदा क्या है? तथा इसके विध्वंसक प्रभावों की विवेचना कीजिए?
Answer: चक्रवात :- चक्रवात निम्न वायुदाब का वह भाग है जो चारो ओर से उच्च वायुदाब द्वारा घिरा हुआ होता है वायु चारो और से चक्रवात के निम्न वायुदाब वाले क्षेत्र की और चलती है। चक्रवाती आपदा में वर्षा सामान्य से 50-100 सेमी तक अधिक होती है साथ ही तेज हवाओं का परिसंचरण भी होता है।
चक्रवाती आपदा के विनाशकारी प्रभाव :-
चक्रवातों का आकार छोटा होता है और दाब प्रवणता तीव्र होने के कारण वायु बड़ी त्रीव गति से चलती है। अतः इससे जान-माल की भारी हानि होती है। लाखों की संख्या में लोग मर जाते हैं। पेड़ बिजली तथा टेलीफोन के खम्बे उखड़ जाते हैं और भवनों की इमारतें खस्ता हालत में पहुंच जाती है इन चक्रवातों से भारी वर्षा होती है जिससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। समुद्र में चक्रवात से ऊंची-ऊंची लहरें उठती है जिससे मछुआरो व नाविकों की जान का खतरा हो जाता है और तटीय क्षेत्रों के निवासियों को जान-माल की भारी हानि उठानी पड़ती है।
In simple words: निम्न वायुदाब के केंद्र के चारों ओर तेज हवाओं के घूमने से चक्रवात बनते हैं, जो भारी बारिश और तबाही लाते हैं।

Exam Tip: चक्रवात की परिभाषा (निम्न दाब केंद्र) और इसके प्रभावों (तेज हवा, भारी वर्षा, तटीय तबाही) को विस्तार से समझाइए।

 

CBSE Class 11 Geography Assignments for India Physical Environment Chapter 06 Natural Hazards And Disasters

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