CBSE Class 11 Geography Natural Vegetation Hindi Assignment

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प्राकृतिक वनस्पति

प्राकृतिक वनस्पति में वह पौधे सम्मिलित किए जाते हैं, जो मानव की प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष सहायता के बिना उगते हैं और अपने आकार संरचना तथा अपनी आवश्यकताओं को प्राकृतिक पर्यावरण के अनुसार ढाल लेते हैं।

एक अंक वाले प्रश्न

प्रश्न 1. चंदन वन किस तरह के वनों के उदाहरण हैं?
Answer: पर्णपाती या मानसूनी वनों के उदाहरण हैं।
In simple words: चंदन के पेड़ मानसूनी या पर्णपाती वनों में पाए जाते हैं।

Exam Tip: चंदन की लकड़ी आर्थिक दृष्टि से बहुत मूल्यवान होती है और यह मुख्य रूप से कर्नाटक और दक्षिणी राज्यों में पाई जाती है।

 

Question 2. सिमलीपाल जीवमंडल निचय किस राज्य में है?
Answer: उड़ीसा राज्य में।
In simple words: सिमलीपाल बायोस्फीयर रिजर्व उड़ीसा में स्थित है।

Exam Tip: भारत के प्रमुख जीवमंडल नीचे (बायोस्फीयर रिजर्व) और उनके राज्यों के नाम परीक्षा की दृष्टि से याद रखें।

 

Question 3. नंदा देवी जीव मंडल निचय किस राज्य में स्थित है?
Answer: उत्तराखंड या उत्तरांचल
In simple words: नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व उत्तराखंड राज्य में स्थित है।

Exam Tip: नंदा देवी भारत का एक प्रसिद्ध यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल भी है।

 

Question 4. एक आदर्श स्थिति में कुल भूमि के कितने प्रतिशत क्षेत्र पर वन होने चाहिये?
Answer: लगभग 33 प्रतिशत
In simple words: पर्यावरण संतुलन के लिए देश की कुल भूमि के 33 प्रतिशत भाग पर वन होना आवश्यक है।

Exam Tip: राष्ट्रीय वन नीति के अनुसार यह 33% का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

 

Question 5. उन राज्यों के नाम बताइए जिनके दो-तिहाई भौगोलिक क्षेत्र वन से ढके हैं?
Answer: अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड
In simple words: उत्तर-पूर्वी राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम और नागालैंड में उनके कुल क्षेत्रफल का दो-तिहाई हिस्सा वनों से ढका है।

Exam Tip: उत्तर-पूर्वी भारत में वनों का घनत्व देश के अन्य भागों की तुलना में बहुत अधिक है।

 

Question 6. भारत के उन राज्यों के नाम बताइए जिनके भौगोलिक क्षेत्र के 10 प्रतिशत से कम भाग पर वन हैं।
Answer: हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान
In simple words: हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में 10 प्रतिशत से भी कम भू-भाग पर वन पाए जाते हैं।

Exam Tip: इन राज्यों में शुष्क जलवायु, कृषि की प्रधानता और पशुचरों के दबाव के कारण वनों का प्रतिशत कम है।

 

Question 7. दो राष्ट्रीय उद्यानों के नाम बताइए जिनमें गैंडा प्रमुख संरक्षित वन्य जीव है?
Answer: काजीरंगा और मानस
In simple words: असम के काजीरंगा और मानस राष्ट्रीय उद्यान एक सींग वाले गैंडे के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध हैं।

Exam Tip: काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान एक सींग वाले गैंडे (One-horned Rhinoceros) की वैश्विक आबादी का एक बड़ा हिस्सा संरक्षित करता है।

 

Question 8. मणिपुर में कौन से मृग के संरक्षण की परियोजना चल रही है?
Answer: थामिन मृग
In simple words: मणिपुर में लुप्तप्राय थामिन मृग (संजीव मृग) के संरक्षण के लिए विशेष परियोजना चलाई जा रही है।

Exam Tip: थामिन मृग मणिपुर का राज्य पशु भी है जो लोकतक झील के पास केबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान में पाया जाता है।

 

तीन अंकों वाले प्रश्न

Question 1. प्राकृतिक वनस्पति किसे कहते हैं? उष्ण कटिबंधीय सदाहरित वन किस प्रकार की जलवायुद दशाओं में पाये जाते हैं?
Answer: प्राकृतिक वनस्पति में वे पौधे सम्मिलित किए जाते हैं जो मानव की प्रत्यक्ष या परोक्ष सहायता के बिना उगते हैं और अपने आकार, संरचना तथा अपनी आवश्यकताओं को प्राकृतिक पर्यावरण के अनुसार ढाल लेते हैं।
उष्ण कटिबंधीय सदापर्ण वन आर्द तथा उष्ण भागों में मिलते हैं। इन क्षेत्रों में औसत वार्षिक वर्षा 200 सेमी से अधिक और सापेक्ष आर्द्रता 70 प्रतिशत से अधिक होती है और औसत तापमान \(24^\circ\) से. होता है। ये वन भारत में पश्चिमी घाट पर्वत, उत्तर पूर्वी पहाड़ियों एवं अंडमान न निकोबार में पाये जाते हैं।
In simple words: प्राकृतिक रूप से उगने वाले पौधे प्राकृतिक वनस्पति कहलाते हैं। उष्ण कटिबंधीय सदाबहार वन वहाँ उगते हैं जहाँ बहुत अधिक वर्षा (200 सेमी से अधिक) और गर्म तापमान होता है।

Exam Tip: सदाबहार वनों के वृक्ष कभी भी अपने सभी पत्ते एक साथ नहीं गिराते, इसलिए वे साल भर हरे-भरे दिखाई देते हैं।

 

Question 2. सामाजिक वानिकी से आपका क्या अभिप्राय है?
Answer: सामाजिक वानिकी शब्दावली का प्रयोग सबसे पहले 1976 के राष्ट्रीय कृषि जनसंख्या के लिए जलावन, छोटी इमारती लकड़ी तथा छोटे-छोटे वन उत्पादों की आपूर्ति करना है। इसके मुख्य रूप से तीन अंग हैं:
(क) शहरी वानिकी
(ख) ग्रामीण वानिकी
(ग) फार्म वानिकी
- किसानों को अपनी भूमि पर वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहित करना।
- वन विभागों द्वारा लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सड़कों के किनारे नहर के दोनों ओर एवं सार्वजनिक भूमि पर वृक्षारोपण को प्रोत्साहित किया गया।
In simple words: सामाजिक वानिकी का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों की लकड़ी और चारे की मांग को पूरा करने के लिए खाली जमीनों और खेतों पर पेड़ लगाना है।

Exam Tip: सामाजिक वानिकी शब्द का सबसे पहले प्रयोग राष्ट्रीय कृषि आयोग (1976) द्वारा किया गया था।

 

Question 3. जीव मंडल निचय को परिभाषित कीजिए?
Answer: जीवमंडल निचय (आरक्षित क्षेत्र) विशेष प्रकार के भौमिक और तटीय पारिस्थितिक तंत्र है, जिन्हें यूनेस्को ने मानव और जीवमंडल कार्यक्रम के अन्तर्गत मान्यता प्राप्त है। जीव मंडल निचय के तीन मुख्य उद्देश्य हैं:
(क) संरक्षण (ख) विकास (ग) व्यवस्था
इसमें क्षेत्र को प्राकृतिक अवस्था में रखा जाता है। सभी प्रकार की वनस्पति और वन्य जीवों का संरक्षण किया जाता है। उदाहरणत्यः नंदा देवी, नीलगिरि सुन्दर वन आदि।
In simple words: बायोस्फीयर रिजर्व ऐसा संरक्षित क्षेत्र है जहाँ पौधे, जीव-जंतु और पर्यावरण के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति का भी वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण किया जाता है।

Exam Tip: यूनेस्को (UNESCO) के 'मैन एंड बायोस्फीयर' (MAB) प्रोग्राम के तहत इन नीचे (आरक्षित क्षेत्रों) को वैधानिक मान्यता दी जाती है।

 

Question 4. उष्ण कटिबंधीय पर्णपाती वनों पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखे?
Answer: उष्ण कटिबंधीय पर्णपाती वन - ये वे वन है जो 100 से 200 सेंटीमीटर वार्षिक वर्षा वाले क्षेत्रों में पाये जाते हैं। इन वनों का विस्तार गंगा की मध्य एवं निचली घाटी का विस्तार गंगा की मध्य एवं निचली घाटी अर्थात् भाबर एवं तराई प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ का उत्तरी भाग, झारखंड, पश्चिमी बंगाल, उड़ीसा, आन्ध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु तथा केरल के कुछ भागों में मिलता है। प्रमुख पेड़ साल, सागवान, सी राम, चंदन, आम आदि हैं। ये पेड़ ग्रीष्म ऋतु में अपने पत्ते गिरा देते हैं इसलिए इन्हे पतझड़ वन भी कहा जाता है। इनकी ऊंचाई 30 से 45 मीटर तक होती है। ये इमारती लकड़ी प्रदान करते हैं। जिससे इनका आर्थिक महत्व अधिक है। ये वन हमारे 25 प्रतिशत वन क्षेत्र में फैले हुए हैं।
In simple words: उष्ण कटिबंधीय पर्णपाती वनों को मानसूनी या पतझड़ वन भी कहते हैं। ये 100 से 200 सेमी वर्षा वाले क्षेत्रों में मिलते हैं और गर्मियों में अपनी पत्तियाँ गिरा देते हैं।

Exam Tip: ये वन भारत के सबसे बड़े भू-भाग पर फैले हुए हैं और इनसे बहुमूल्य इमारती लकड़ी (जैसे सागवान और साल) प्राप्त होती है।

 

Question 5. राष्ट्रीय उद्यान एवं अभ्यारण्य में अंतर स्पष्ट करें?
Answer:
- राष्ट्रीय उद्यान :-सुरक्षा की दृष्टि से राष्ट्रीय उद्यान का उच्च स्तर प्रदान किया जाता है। इसकी सीमा में पशुचारे की मनाही है। इसकी सीमा में किसी भी व्यक्ति की भूमि अधिकार नही मिलता।
- अभ्यारण्य :-में कम सुरक्षा का प्रावधान है। इसमें वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए गतिविधियों की अनुमति होती है। इसमें किसी अच्छे कार्य के लिए भूमि उपयोग हो सकता है।
In simple words: राष्ट्रीय उद्यानों में कड़े नियम होते हैं और पालतू जानवरों का चराना पूरी तरह प्रतिबंधित होता है, जबकि अभयारण्यों में कुछ सीमित मानवीय गतिविधियों की अनुमति मिल सकती है।

Exam Tip: राष्ट्रीय उद्यानों की घोषणा केंद्र या राज्य सरकार द्वारा विशेष कानून के तहत की जाती है, जहाँ मानव दखल न्यूनतम होता है।

 

Question 6. सदाहरित वन एवं पर्णपाती वनों के प्रमुख वृक्षों वितरण क्षेत्रों के बारे में संक्षेप में लिखे?
Answer:
- सदाहरित वन :-ये वनस्पति 200 सेमी से अधिक वर्षा वाले सह्याद्रि के पवनाभिमुख ढालों वर, असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अंडमान निकोबार द्वीप समूह में पाई जाती है।
मुख्‍य वृक्ष :-महोगनी, गर्जन, बांस ताड़ आदि है।
ये सदा हरे भरे होते है।
ये बहुत संघन होते है।
इनकी ऊंचाई 35 मीटर से 50 मीटर तक हो सकती है।
वृक्षों की लकड़ी काफी कठोर होती है।
पर्णपाती वन :-100 से 200 सेमी वाले क्षेत्रों में पाये जाते हैं। ये सह्याद्रि के पूर्वी ढाल प्रायद्वीप के उत्तर-पूर्वी पठार, हिमालय की तलहटी के भाबर और तराई तथा उत्तर-पूर्वी भारत में पाए जाते हैं।
मुख्य वृक्ष :-सागौन, साल, चंदन, हल्दू, महूआ, धूप, शीशम खैर आदि।
ये वन ग्रीष्म ऋतु में अपने पत्ते गिरा देते है।
ये कम घने होते है
वृक्षों की ऊंचाई अपेक्षाकृत कम होती है।
इन वनों लकड़ी कम कठोर होती है।
ये वन लगभग पूरे भारत में पाए जाते है।
इन वनों की लकड़ी बहुत उपयोगी होती है।
In simple words: सदाबहार वन अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में घने और हमेशा हरे रहने वाले होते हैं, जबकि पर्णपाती वन मध्यम वर्षा वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं और साल में एक बार अपनी पत्तियाँ गिरा देते हैं।

Exam Tip: उत्तर में दोनों प्रकार के वनों की विशेषताएँ और उनके मुख्य वृक्षों के नाम अक्सर अंतर स्पष्ट करने के लिए पूछे जाते हैं।

 

Question 7. अनूप वन किसे कहते हैं? भारत में आर्द या अनूप वनों के महत्व को स्पष्ट करे?
Answer: भारत के उन क्षेत्रों में जहां जमीन हमेशा जल युक्त या आर्द्र होती है वहां की प्राकृतिक वनस्पति को आर्द्रवन या अनूप वन कहते हैं। भारत में इस तरह की आठ आर्द्र भूमियां है जो अपने सघन में गांव वनों एवं जैव विविधता के लिए विख्यात है। भारत में प. बंगाल का सुंदर वन डेल्टा अपने मैग्रोव वनों के लिये विश्व विख्यात है। इन वनों में टाइगर से लेकर श्रिंप तक बड़े-छोटे जानवर पाये जाते हैं। पर्यावरण संरक्षण, जैवविविधता एवं प्राकृतिक वनस्पतियों के संरक्षण के लिये इन वनों को अस्तित्व की सुरक्षा आवश्यक है।
In simple words: अनूप वन या आर्द्र वन दलदली या पानी से भरे क्षेत्रों में उगते हैं, जैसे सुंदरबन के मैंग्रोव वन, जो जैव विविधता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

Exam Tip: सुंदरबन का डेल्टा दुनिया का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन क्षेत्र है जहाँ बंगाल टाइगर पाया जाता है।

 

Question 8. वन क्षेत्र एवं वास्तविक वन आवरण में क्या अंतर है?
Answer:
वन क्षेत्र :-ये वे क्षेत्र है जहां राजस्व विभाग के अनुसार वन होने चाहिये। इसके अन्तर्गत एक निश्चित क्षेत्र को वन क्षेत्र के रूप में अधिसूचित किया जाता है।
वास्तविक वन आवरण :-इसके अन्तर्गत वह क्षेत्र आता है जो वास्तव में प्राकृतिक वनस्पतियों के झुرمट से ढका होता है भारत में सन् 2001 में वास्तविक वन आवरण केवल 20.55 प्रतिशत था।
In simple words: वन क्षेत्र वह जमीन है जो कागजों (राजस्व विभाग) में जंगल के लिए तय है, जबकि वास्तविक वन आवरण वह जमीन है जहाँ असल में पेड़-पौधे और जंगल मौजूद हैं।

Exam Tip: हमेशा याद रखें कि 'वन क्षेत्र' एक प्रशासनिक और कानूनी श्रेणी है, जबकि 'वन आवरण' एक भौतिक (सैटलाइट इमेज आधारित) वास्तविकता है।

 

Question 9. वन्य प्राणी अधिनियम कब घास हुआ? इस अधिनियम के प्रमुख उद्देश्य क्या है?
Answer: भारत में वन्य प्राणी अधिनियम 1972 में पास हुआ। इस अधिनियम के दो प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित है :-
(1) इस अधिनियम के अनुसार कुछ सूचीबद्ध संकटआपन्न प्रजातियों को सुरक्षा प्रदान की जायेगी।
(2) सरकार द्वारा निर्धारित नेशनल पार्कों पशुविहारों जैसे संरक्षित क्षेत्रों को कानूनी सहायता प्रदान करना।
In simple words: वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 में पारित किया गया था, जिसका उद्देश्य लुप्तप्राय जीवों और राष्ट्रीय उद्यानों को कानूनी सुरक्षा देना है।

Exam Tip: वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 भारत में वन्य जीवों के अवैध शिकार और व्यापार को रोकने का मुख्य कानून है।

 

विस्तृत उत्तर वाले प्रश्न

Question. वन संरक्षण नीति कब लागू की गई। इस नीति के प्रमुख उद्देश्य क्या थे? वन संरक्षण (विस्तार से जानिए)
Answer:
- स्वतंत्रता के पश्चात भारत में पहली बार वन-नीति सन् 1952 में लागू की गई थी।
- सन् 1988 में नई राष्ट्रीय वन नीति वनों के क्षेत्रफल में हो रही कमी को रोकने के लिए बनाई गई थी।
इस नीति के प्रमुख उद्देश्य :-
- देश के 33 प्रतिशत भाग पर वन लगाना।
- पर्यावरण संतुलन बनाए रखना तथा पारिस्थितिक असंतुलित क्षेत्रों में वन लगाना।
- देश की प्राकृतिक धरोहर जैव-विविधता तथा आनुवांशिक मूल का संरक्षण :
- मृदा अपरदन और मरुस्थलीकरण रोकना तथा बाढ़ व सूखा नियंत्रण।
- निम्नीकृत भूमि पर सामाजिक वानिकी एवं वनरोपण द्वारा वन आवरण का विस्तार।
- वनों की उत्पादकता बढ़ाकर वनों पर निर्भर ग्रामीण जनजातियों को इमारती लकड़ी, ईंधन चारा और भोजन उपलब्ध करवाना और लकड़ी के स्थान पर अन्य वस्तुओं को प्रयोग मे लाना।
- पेड़ लगाने को बढ़ावा देने के लिए, पेड़ों की कटाई रोकने के लिए जन-आंदोलन चलाना, जिसमें महिलाएं भी शामिल हो ताकि वनों पर दबाव कम हो।
In simple words: देश में वनों की रक्षा और नए पेड़ लगाने के लिए 1952 और 1988 में राष्ट्रीय वन नीतियां बनाई गईं, जिनका मुख्य लक्ष्य 33% भूभाग पर वन रखना और पर्यावरण संतुलन बनाना था।

Exam Tip: 1988 की राष्ट्रीय वन नीति पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी पर विशेष बल देती है, न कि केवल राजस्व प्राप्ति पर।

 

Question 2. सामाजिक वानिकी से क्या तात्पर्य है? इसके प्रमुख उद्देश्य क्या है।
Answer: सामाजिक वानिकी का अर्थ है पर्यावरणीय, सामाजिक व ग्रामीण विकास में मदद के उद्देश्य से वनों के प्रबन्धन में समाज की भूमिका तय करना एवं ऊसर भूमि पर वन लगाना।
- सामाजिक वानिकी :-सामाजिक वानिकी शब्दावली का प्रयोग पहले 1976 के राष्ट्रीय कृषि आयोग ने किया था। इसके मुख्य उद्देश्य थे.
- जनसंख्या के लिए जलावन लकड़ी की उपलब्धता।
- छोटी इमारती लकड़ी
- छोटे-छोटे वन उत्पादों की आपूर्ति करना
इसके तीन अंग है
- शहरी वानिकी
- ग्रामीण वानिकी
- फार्म वानिकी
- समुदाय वानिकी में सार्वजनिक भूमि जैसे - गांव चारागाह, मंदिर भूमि, सड़कों, के दोनों ओर, नहर किनारे, रेल पट्टी के साथ पटरी और विद्यालयों में पेड़ लगाना शामिल है। इस उद्देश्य पूरे समुदाय को लाभ पहुंचाना शामिल है।
- फार्म वानिकी के अंतर्गत किसान अपने खेतों में व्यापारिक महत्व वाले या दूसरे पेड़ लगाते हैं।
In simple words: सामाजिक वानिकी का मतलब समाज के सहयोग से खाली पड़ी जमीनों, खेतों और सड़कों के किनारे पेड़ लगाकर ईंधन और लकड़ी की जरूरतें पूरी करना है।

Exam Tip: इसके तीनों रूपों (शहरी, ग्रामीण और फार्म वानिकी) को उनके उदाहरणों सहित याद रखें।

 

परियोजना/क्रियाकलाप

भारत के रेखा मानचित्र पर निम्नलिखित दर्शाइए :-
(1) मैग्रोव वन
(2) नंदा देवी
(3) सुन्दर वन
(4) मन्नार की खाड़ी
(5) नीलगिरी
(6) भारतीय वन सर्वेक्षण विभाग का मुख्यालय

Question. मानचित्र में दिए गए स्थलों की स्थिति का विवरण:
Answer:
(1) मैग्रोव वन - पश्चिम बंगाल (सुंदरबन) तथा अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह और तटीय क्षेत्रों में।
(2) नंदा देवी - उत्तराखंड राज्य के हिमालयी क्षेत्र में।
(3) सुन्दर वन - पश्चिम बंगाल के दक्षिणी भाग में गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा में।
(4) मन्नार की खाड़ी - तमिलनाडु के दक्षिण-पूर्वी तट और श्रीलंका के बीच।
(5) नीलगिरी - तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक की सीमा पर पश्चिमी घाट में।
(6) भारतीय वन सर्वेक्षण विभाग का मुख्यालय - देहरादून (उत्तराखंड)।
In simple words: इन सभी महत्वपूर्ण भौगोलिक और पारिस्थितिक स्थलों को भारत के मानचित्र पर उनकी सही राज्यों की स्थिति के अनुसार चिन्हित किया जाता है।

Exam Tip: मानचित्र कार्य में देहरादून (भारतीय वन सर्वेक्षण मुख्यालय) और विभिन्न बायोस्फीयर रिजर्व (जैसे नंदा देवी और नीलगिरी) की सही स्थिति पहचानना बहुत महत्वपूर्ण है।

 

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