Official CBSE Assignments for Class 11 Geography
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Solved Practice Assignments for Geography
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एक अंक वाले प्रश्न :-
प्रश्न 1 :- भारत में सबसे ठंडा स्थान कौन सा है?
Answer: द्रास (द्रास) न्यूनतम तापमान -40 डिग्री।
In simple words: भारत का सबसे ठंडा स्थान द्रास है जहाँ न्यूनतम तापमान -40 डिग्री तक पहुँच जाता है।
Exam Tip: स्थान का नाम तथा न्यूनतम तापमान का मान याद रखें।
प्रश्न 2 :- उत्तर पश्चिमी भारत में शीत कालीन वर्षा का क्या कारण है?
Answer: पश्चिमी विक्षोभ।
In simple words: सर्दियों में उत्तर-पश्चिम भारत में होने वाली वर्षा का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ है।
Exam Tip: 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbances) शब्द भूगोल की परीक्षाओं के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 3 :- मानसून पूर्व का वह कौन सा स्थानीय तूफान है जो कहवा की कृषि के लिए उपयोगी होता है?
Answer: फूलों वाली बौछार (चेरी ब्लॉसम)।
In simple words: कर्नाटक और केरल में मानसून से पहले होने वाली वर्षा फूलों वाली बौछार कहलाती है जो कहवा (कॉफी) की फसल के लिए फायदेमंद है।
Exam Tip: चेरी ब्लॉसम कहवा (कॉफी) की फसल से संबंधित है।
प्रश्न 4 :- जाड़े के आरंभ में तमिलनाडु के तटीय प्रदेशो में वर्षा किस कारण होती है?
Answer: उत्तर-पूर्वी मानसून।
In simple words: सर्दियों की शुरुआत में तमिलनाडु के तट पर उत्तर-पूर्वी मानसून या लौटते हुए मानसून से वर्षा होती है।
Exam Tip: लौटता हुआ मानसून या उत्तर-पूर्वी मानसून तमिलनाडु तट पर वर्षा करता है।
प्रश्न 5 :- भारत में कौन-सा स्थान सर्वाधिक वार्षिक वर्षा प्राप्त करता है?
Answer: मौसिनराम।
In simple words: मेघालय स्थित मौसिनराम दुनिया और भारत में सबसे अधिक वार्षिक वर्षा प्राप्त करने वाला स्थान है।
Exam Tip: मौसिनराम का नाम याद रखें (पूर्व में चेरीपुंजी माना जाता था)।
प्रश्न 6 :- कोपेन द्वारा भारत के जलवायु वर्गीकरण के क्या आधार है?
Answer: तापमान एवं वृष्टि के मासिक मान।
In simple words: कोपेन ने जलवायु का वर्गीकरण तापमान और वर्षा के मासिक आंकड़ों के आधार पर किया है।
Exam Tip: वर्गीकरण के मुख्य आधार तापमान और वर्षा (वृष्टि) हैं।
प्रश्न 7 :- कोपेन के वर्गीकरण के अनुसार भारत में AS प्रकार की जलवायु कहां पाई जाती है?
Answer: कोरोमंडल तट पर।
In simple words: तमिलनाडु के कोरोमंडल तटीय क्षेत्र में कोपेन के अनुसार AS प्रकार की जलवायु मिलती है।
Exam Tip: AS प्रकार शुष्क ग्रीष्म ऋतु वाली मानसूनी जलवायु को दर्शाता है।
प्रश्न 8 :- केरल व तटीय कर्नाटक में मानसून पूर्व की स्थानीय तूफानी वर्षा को क्या है? यह वर्षा आमों को जल्दी पकने में सहायता करती है।
Answer: आम्र वृष्टि (वर्षा)।
In simple words: इसे आम्र वृष्टि कहते हैं क्योंकि यह मानसून से पहले आम की फसल को जल्दी पकने में मदद करती है।
Exam Tip: स्थानीय नाम 'आम्र वृष्टि' और इसका कृषि महत्व याद रखें।
प्रश्न 9 :- असम और पश्चिम बंगाल में बैशाख के महीने में शाम को चलने वाली भयंकर व विनाशकारी वर्षायुक्त पवनें कहलाती है?
Answer: काल बैसाखी।
In simple words: वैशाख माह में शाम के समय पश्चिम बंगाल और असम में आने वाले तूफानों को काल बैसाखी कहते हैं।
Exam Tip: काल बैसाखी चाय, पटसन और चावल के लिए उपयोगी होती है परंतु विनाशकारी भी होती है।
प्रश्न 10 :- उत्तरी मैदान में पंजाब में बिहार तक चलने वाली शुष्क, गर्म व पीड़ादायक पवनें कहलाती है?
Answer: लू।
In simple words: गर्मियों में उत्तर भारत में चलने वाली अत्यंत गर्म और शुष्क हवाओं को लू कहा जाता है।
Exam Tip: ग्रीष्म ऋतु की प्रमुख विशेषता 'लू' है।
निम्न प्रश्न तीन अंको वाले हैं जिनकी शब्द सीमा 60 शब्दों की है।
प्रश्न 1 :- भारतीय मौसम तंत्र को प्रभावित करने तीन महत्वपूर्ण कारक कौन से है?
Answer: भारतीय मौसम तंत्र को प्रभावित करने में वायुदाब एवं पवन संबंधी कारक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनका अध्ययन अति आवश्यक है।
- दाब तथा वायु धरातलीय वितरण
- ऊपरी वायु परिसंचरण, वायुराशियों का
- अंतप्रवाह जेट प्रवाह
- शीत ऋतु में पश्चिमी विक्षोभों तथा वर्षा ऋतु में उष्ण कटिबंधीय चक्रواتों में वर्षा
In simple words: भारत का मौसम धरातलीय वायुदाब, ऊपरी वायु परिसंचरण, जेट प्रवाह और पश्चिमी विक्षोभों जैसे कारकों से नियंत्रित होता है।
Exam Tip: तीनों-चारों प्रमुख बिंदुओं को बुलेट पॉइंट्स में लिखें ताकि पूरे अंक मिल सकें।
प्रश्न 2 :- अतः उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र आईटीसीजैड क्या है?
Answer:
- भूमध्य रेखा के निकट वह कटिबंध है जहां उत्तरी गोलार्ध से उत्तर-पूर्वी व्यापारिक पवनें तथा दक्षिणी गोलार्ध से दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक पवनें आपस में मिलती हैं।
- सूर्य की लम्बवत किरणों के साथ इसकी स्थिति में परिवर्तन होता रहता है ग्रीष्मकाल में इसकी स्थिति उत्तर में कर्क रेखा के निकट तथा शीतकाल में मकर रेखा के निकट होती है।
- ग्रीष्म ऋतु में इसकी स्थिति 25 अंश उत्तरी अक्षांश पर होती है जिसके परिणामस्वरूप दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक पवनें भूमध्य रेखा को पार करके दक्षिणी-पश्चिमी मानसून के रूप में भारत में प्रवेश करती है।
In simple words: आईटीसीजैड वह निम्न वायुदाब पेटी है जहाँ दोनों गोलार्धों की व्यापारिक पवनें मिलती हैं और यह मानसून की उत्पत्ति में सहायक है।
Exam Tip: ITCZ (Inter Tropical Convergence Zone) की परिभाषा और इसकी मौसमी स्थिति में बदलाव को स्पष्ट करें।
प्रश्न 3 :- जेट-प्रवाह क्या है? इसका क्या प्रभाव पड़ता है?
Answer: क्षोभमंडल में भूपृष्ठ से लगभग 12 किमी की ऊंचाई पर क्षैतिज दिशा में तेज गति से चलने वाली वायुधाराओं को जेट वायु प्रवाह कहते हैं।
- शीत ऋतु में अत्यंत लाभकारी वर्षा वाले पश्चिमी विक्षोभों को भारत में जाने का काम यही जेट-स्ट्रीम करती है। जेट स्ट्रीम में अपनी स्थिति में परिवर्तन के कारण ही ये विक्षोभ भारत में प्रवेश पाते हैं।
- इसी प्रकार पूर्वी जेट-प्रवाह उष्ण-कटिबंधीय चक्रवातों को भारत की ओर आकर्षित करता है।
In simple words: वायुमंडल में उच्च ऊंचाई पर तीव्र गति से बहने वाली हवाओं को जेट प्रवाह कहते हैं जो भारत के मौसम को गहराई से प्रभावित करती हैं।
Exam Tip: जेट प्रवाह की ऊँचाई (लगभग 12 किमी) तथा इसके प्रभावों का उल्लेख अवश्य करें।
प्रश्न 4 :- भारतीय मानसून की प्रमुख विशेषताएं बताएं?
Answer: भारतीय मानसून की तीन प्रमुख विशेषताएं हैं।
- ऋतु के अनुसार वायु की दिशा में परिवर्तन होना।
- मानसून पवनों का अनिश्चित तथा संदिग्घ (अनियमित) होना।
- मानसून पवनों के प्रादेशिक स्वरूप में भिन्नता होते हुए भी भारतीय जलवायु को व्यापक एकरूपता प्रदान करना।
In simple words: भारतीय मानसून अपनी मौसमी दिशा-परिवर्तन, अनियमितता और देश भर में वर्षा की विविधता के बावजूद एकरूपता लाने के लिए जाना जाता है।
Exam Tip: मानसून की अनिश्चितता और मौसमी उलटफेर मुख्य बिंदु हैं।
प्रश्न 5 :- मानसून प्रस्फोट से आपका क्या अभिप्राय है?
Answer: आर्द्रता से लदी पवनें जब अत्यधिक भारी हो जाती है तो अपनी अवशेष नमी को अत्यधिक गर्जन के साथ छोड़ती है। जो मूसलाधार वर्षा के रूप में धरातल पर पहुंचती है। यह वर्षा इतनी अधिक होती है कि कुछ ही घंटों में एक विस्तृत क्षेत्र को बाढ़कृत कर देती है। दक्षिण पश्चिमी मानसून द्वारा वर्षा अकस्मात् ही शुरू हो जाती है। मानसून के इस अकस्मात् आरम्भ को ही मानसून प्रस्फोट कहते हैं।
In simple words: मानसून के आगमन पर अचानक होने वाली भारी और मूसलाधार गरज के साथ वर्षा को मानसून प्रस्फोट (Burst of Monsoon) कहते हैं।
प्रश्न 6 :- मानसून में विच्छेद किसे कहते हैं?
Answer: मानसून में विच्छेद जब पवनें दो सप्ताह या इससे अधिक अवधि के लिए वर्षा करने में असफल रहती है तो वर्षा काल में शुष्क दौर आ जाता है, इसे मानसून का विच्छेद कहते हैं। इसका कारण या तो उष्ण कटिबंधीय चक्रواتों में कमी आना या भारत में अंतः उष्ण कटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र की स्थिति में परिवर्तन आना है। पश्चिमी तटीय भाग में शुष्क दौर तब आता है जब वाष्प से लदी हुई वायु राशि तट के समान्तर चलती है। पश्चिमी राजस्थान में तापमान की विलोमता जलवायु से लदी हुई वायु को ऊपर उठने से रोकती है और वर्षा नही होती।
In simple words: मानसून वर्षा के बीच में कई दिनों तक वर्षा न होने के सूखे दौर को मानसून का विच्छेद (Break in Monsoon) कहते हैं।
Exam Tip: विच्छेद का अर्थ वर्षा का कुछ हफ्तों के लिए रुक जाना है।
प्रश्न 7 :- जलवायु प्रदेश क्या होते हैं? कोपेन की पद्धति के प्रमुख आधार कौन-से है?
Answer: जलवायु प्रदेश उस भूभाग को कहते हैं। जहाँ जलवायु के तत्वों के संयुक्त प्रभाव से जलवायु की एक जैसी दशाएं पाई जाती है। कोपेन के वर्गीकरण का मुख्य आधार है तापमान और वर्षा।
In simple words: एक जैसे जलवायु लक्षणों वाले क्षेत्रों को जलवायु प्रदेश कहते हैं और कोपेन ने इसके लिए तापमान तथा वर्षा को मुख्य आधार बनाया।
Exam Tip: कोपेन के आधार तापमान और वर्षा हैं।
प्रश्न 8 :- उत्तर पश्चिमी भारत में रबी की फसलें बोने वाले किसानों को किस प्रकार के चक्रवातों से वर्षा प्राप्त होती है? वे चक्रवात कहां उत्पन्न होते है?
Answer: उत्तर-पश्चिमी भारत में रबी की फसलें बोने वाले किसानों को पश्चिमी दिशा में आने वाले चक्रवातों से वर्षा प्राप्त होती है। इन चक्रваतों को पश्चिमी विक्षोभ कहते है और यह भूमध्य सागर से उत्पन्न होते है।
In simple words: रबी की फसलों (जैसे गेहूँ) के लिए लाभदायक शीतकालीन वर्षा भूमध्य सागर से उठने वाले पश्चिमी विक्षोभों के कारण होती है।
Exam Tip: उत्पत्ति स्थान 'भूमध्य सागर' और नाम 'पश्चिमी विक्षोभ' याद रखें।
प्रश्न 9 :- संसार में सर्वाधिक वर्षा मौसिनराम में क्यों होती है?
Answer: मानसून की बंगाल की खाड़ी की शाखा गंगा के डेल्टा को पार करके मेघालय की गारो, खाती तथा जयन्तिया की पहाड़ियों की आकृति कीप आकार की सी है। जिसमें वायु को एकदम ऊंचा उठना पड़ता है और इससे भारी वर्षा होती है। यहां पर स्थित चेरापूंजी में 1102 सेंटीमीटर वार्षिक वर्षा होती है जो अभी तक विश्व की सबसे अधिक मानी गई थी परन्तु नवीनतम आंकड़ों के अनुसार चेरापूंजी के पश्चिम में 16 कि.मी की दूरी पर स्थित मौसिन राम के स्थान पर 1221 से.मी. वार्षिक वर्षा रिकार्ड की गई है जो विश्व में सर्वाधिक है।
In simple words: कीप जैसी पहाड़ियों की बनावट के कारण मानसूनी हवाएँ वहाँ फंसकर ऊपर उठती हैं और अत्यधिक भारी वर्षा करती हैं।
Exam Tip: मेघालय की गारो, खासी और जयन्तिया पहाड़ियों की 'कीप जैसी आकृति' इसका मुख्य वैज्ञानिक कारण है।
प्रश्न 10 :- तमिलनाडु के तटीय प्रदेशों में जाड़े के मौसम में अधिक वर्षा क्यों होती है?
Answer: भारत का पूर्वी तट विशेषतः तमिलनाडु तट दक्षिण-पश्चिम मानसून द्वारा वर्षा प्राप्त नहीं करता है कि तमिलनाडु के तट बंगाल की खाड़ी की मानसून शाखा के समान्तर है और अरब सागर की धारा के वृष्टि क्षेत्र में स्थित है। इसलिए यहाँ उत्तर-पूर्व से लौटते मानसून की धारा बंगाल की खाड़ी में चक्रवातों के प्रभावधीन शीत ऋतु में यहां वर्षा करती है।
In simple words: तमिलनाडु तट पर जाड़े में वर्षा लौटते हुए (उत्तर-पूर्वी) मानसून तथा बंगाल की खाड़ी से नमी मिलने के कारण होती है।
Exam Tip: 'उत्तर-पूर्वी मानसून' या 'लौटता हुआ मानसून' तमिलनाडु की शीतकालीन वर्षा के लिए उत्तरदायी है।
दीर्घ-उत्तरात्मक प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1 :- भारतीय किसान के लिए मानसून जुआ है? व्याख्या कीजिए।
Answer: मानसून का भारत के आर्थिक जीवन पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है।
- कृषि की फसलें मानसून पर निर्भर करती है। कृषि उपज की सफलता अथवा असफलता इस बात पर निर्भर करती है कि दक्षिण पश्चिमी मानसून द्वारा की गई वर्षा सामान्य है या नहीं।
- भारत की 64 प्रतिशत जनसंख्या आजीविका के लिए कृषि पर ही निर्भर करती है।
- वर्षा की उच्च परिवर्तनशीलता के कारण देश के कुछ भागों में सूखे तथा अन्य भागों में बाढ़ का प्रकोप बना रहता है।
- भारतीय कृषि की सफलता मानसून वर्षा के निश्चित समय पर तथा नियमित रूप से वितरित होने पर निर्भर करती है।
- सिंचाई विहीन क्षेत्रों में वर्षा की अनियमितता और अनिश्चितता का विशेष प्रभाव पड़ता है।
- मानसून का अचानक प्रस्फोट देश के व्यापक क्षेत्रों में मृदा अपरदन की समस्या उत्पन्न कर देता है।
In simple words: भारतीय कृषि की पूरी सफलता मानसून की अनिश्चितता पर टिकी होती है, इसलिए इसे 'भारतीय कृषि का जुआ' कहा जाता है।
Exam Tip: कृषि की निर्भरता और मानसूની वर्षा की अनिश्चितता के बिंदुओं को विस्तार से समझाएं।
प्रश्न 2 :- भारत में वर्षा पर्वतकृत है। वर्षा के वितरण तथा इस पर उच्चावच के प्रभाव के संदर्भ में पांच उदाहरण दीजिए?
Answer:
- पश्चिमी घाट के कारण पश्चिमी तटीय मैदान में भारी वर्षा: अरब सागर की मानसून पवनें पश्चिमी घाट से टकराकर पश्चिमी तटीय मैदान में 250 सेंटीमीटर से भी अधिक वर्षा करती हैं।
- पश्चिमी घाट के वृष्टि छाया क्षेत्रों में कम वर्षा: पश्चिमी घाट को पार करने के बाद यह नीचे उतरती है फलस्वरूप इसका तापमान बढ़ जाता है तथा आर्द्रता में कमी आ जाती है। उससे दक्षिण पठार के वृष्टि छाया क्षेत्र में बहुत कम वर्षा होती है।
- मेघालय में पर्वतों की बनावट के कारण भारी वर्षा: बंगाल की खाड़ी की एक शाखा गंगा के डेल्टा को पार करके मेघालय की गारो, खासी तथा जयन्तिया की पहाड़ियों से टकराती है। इन पहाड़ियों की आकृति कीप जैसी है जिसके कारण से यहां भारी वर्षा होती है।
- अरावली के विस्तार की दिशा के कारण राजस्थान में कम वर्षा: अरब सागर की मानसून पवनों की तीसरी शाखा उत्तर-पूर्वी दिशा में अरावली के समान्तर न आने के कारण ये पूरे राजस्थान में वर्षा नही करती।
- मानसून पवनों की दिशा पर हिमालय का प्रभाव: बंगाल की खाड़ी की दूसरी शाखा सीधे हिमालय पर्वत से टकराती है। यह हिमालय पर्वत की ऊंचाइयों श्रेणियों को पार करने में असमर्थ होती है तथा पश्चिम की ओर हिमालय पर्वत के समानांतर चलना शुरू कर देती है। ज्यों-ज्यों यह पश्चिम की ओर बढ़ती है, त्यों-त्यों नमी कम होती जाती है।
In simple words: पर्वतों की स्थिति और दिशा का भारत में वर्षा के वितरण पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है, जिसे इन पाँच उदाहरणों से समझा जा सकता है।
Exam Tip: पश्चिमी घाट, मेघालय की पहाड़ियाँ, अरावली की दिशा और हिमालय के प्रभाव वाले पाँचों बिंदु स्पष्ट लिखें।
प्रश्न 3 :- भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार भारत में कितने स्पष्ट मौसम पाए जाते हैं? किसी एक मौसम की दशाओं की सविस्तार व्याख्या कीजिए।
Answer: भारतीय मौसम विभाग के अनुसार भारत में सामान्यतः चार ऋतुएँ मानी जाती हैं। वे हैं:
(क) शीत ऋतु
(ख) ग्रीष्म ऋतु
(ग) दक्षिणी-पश्चिमी मानसून की ऋतु
(घ) मानसून के निर्वतम अथवा प्रत्यावर्तन अर्थात मानसून के लौटने की ऋतु
मानसून के निर्वतम अथवा प्रत्यावर्तन अर्थात मानसून के लौटने की ऋतु: सितम्बर के दूसरे सप्ताह तक दक्षिण-पश्चिमी मानसून उत्तरी भारत से लौटने लगती है और दक्षिण में मध्य अक्टूबर तथा दिसम्बर के आरंभ तक लौटती रहती है। दक्षिण प्रस्फोट के विपरीत मानसून पवनों का लौटना काफी क्रमिक होता है। मानसून पवनों के लौटने आकाश साफ हो जाता है। दिन का तापमान कुछ बढ़ा जाता है परन्तु राते सुखद हो जाती है इस ऋतु में दैनिक तापान्तर अधिक हो जाता है। बंगाल की खाड़ी में पैदा होने वाले चक्रवात दक्षिण पूर्व से उत्तर पश्चिम दिशा में चलते हैं और पर्याप्त वर्षा करते हैं।
In simple words: मौसम विभाग भारत में चार ऋतुएँ मानता है, जिनमें से 'लौटते मानसून की ऋतु' (अक्टूबर-नवंबर) में आसमान साफ और मौसम सुहावना हो जाता है।
Exam Tip: चारों ऋतुओं के नाम लिखकर किसी एक का विस्तृत वर्णन करें।
प्रश्न 4 :- उदाहरण देकर समझाइये कि भारत की जलवायु भारत की स्थित तथा उच्चावच से प्रभावित है?
Answer: भारत विषुवत रेखा से उत्तर की तरफ विस्तृत है। कर्क रेखा इसके लगभग मध्य से गुजरती है हिमालय पर्वत श्रृंखला इसको उत्तर में घेरे हुए है एवं दक्षिण में हिन्द महासागर है ये परिस्थितियां यहां की जलवायु को निम्न प्रकार से प्रभावित करती है।
अक्षांश: भारत का दक्षिणी भाग विषुवत रेखा एवं कर्क रेखा के बीच में पड़ता है अतः यहां उष्ण कटिबंधीय प्रभाव रहता है जब कि कर्क रेखा से उत्तर का भाग शीतोष्ण कटिबंध में पड़ता है।
पर्वत श्रेणी: भारत के उत्तर में स्थित हिमालय पर्वत श्रेणी उत्तरी ध्रुव रेखा से उत्पन्न ठंडी हवाओं को भारत में आने से रोकती है जिससे भारतीय महाद्वीप में जलवायु का समताकारी स्वरूप बना रहता है। यही पर्वत श्रृंखला मानसून पवनों को रोककर वर्षा करने में सहायक होती है।
जल एवं स्थल का वितरण: भारत के प्रायद्वीपीय भाग का बंगाल की खाड़ी से एवं अरब सागर से घिरा होना वहां की जलवायु में तापमान को प्रभावित करता है साथ ही दं. पं. हवाओं को आर्द्रता से युक्त करने में भी सहायक है। भारत का उत्तरि भाग स्थलबद्ध है इसलिये यहां तापमान ग्रीष्म ऋतु में अत्यधिक एवं शीतऋतु में बहुत कम हो जाता है। इसके अतिरिक्त समुद्रतट से दूरी, समुद्रतल से ऊंचाई एवं उच्चावच भी जलवायु को प्रभावित करते हैं।
In simple words: भारत की अक्षांशीय स्थिति, उत्तर में हिमालय पर्वत और तीन ओर से घिरे समुद्र यहाँ की अनूठी जलवायु का निर्धारण करते हैं।
Exam Tip: अक्षांश, पर्वत श्रेणी और जल-स्थल वितरण जैसे कारकों को मुख्य रूप से दर्शाएँ।
प्रश्न :- भारतीय उपमहाद्वीप में दं. पश्चिमी मानसून के आगमन की प्रक्रिया का वर्णन कीजिये।
Answer: भारत के उत्तरी पश्चिमी मैदानों में मई जून में तापमान बहुत तेजी से बढ़ता है जिसके कारण यहां निम्नवायुदाब स्थापित हो जाता है निम्नवायुदाब की ये दशाये हिन्दमहासागर में चलने वाली व्यापारिक पवनों को अपनी ओर आकर्षित करती है। (क्योंकि पवनें उच्चदाब से निम्ンダब की ओर चलती है।)
ये पवनें भूमध्य रेखा में दक्षिण में दं. पूर्व दिशा से बहती है किन्तु भूमध्य रेखा पार करते समय कोरियोलिस बल के कारण इनकी दिशा दं. पश्चिमी हो जाती है महासागर के ऊपर से गुजरने के कारण ये आर्द्र होती है। भारत में प्रवेश के दौरान ये दक्षिणी पश्चिमी हवाएं दो भागों में बँट जाती है ऐसा भारत के प्रायद्वीपीय स्वरूप के कारण होता है।
(1) अरब सागर की शाखा।
(2) बंगाल की खाड़ी की शाखा।
In simple words: गर्मियों में उत्तर-पश्चिम भारत में बने तीव्र निम्न दाब के कारण हिंद महासागर से मानसूनी हवाएँ भारत की ओर खिंची चली आती हैं।
Exam Tip: निम्न वायुदाब का बनना, कोरियोलिस बल और दोनों शाखाओं (अरब सागर व बंगाल की खाड़ी) का उल्लेख करना आवश्यक है।
परियोजना क्रिया कलाप
भारत के रेखा मानचित्र पर निम्नलिखित को दर्शाइये :-
(1) शीत कालीन वर्षा का क्षेत्र (दक्षिण भारत)
(2) भारत में सबसे कम तापमान वाला स्थान (-45 डिग्री सेल्सियस)
(3) भारत में 100 सें.मी. की समवर्षा रेखा
(4) शीतकालीन वर्षा का क्षेत्र (उत्तर पश्चिम भारत)
1. (i) नीचे दिए गए आंकड़ों के आधार पर तिरुवनंतपुरम, दिल्ली और जोधपुर की वर्षा और तापमान के आरेख बनाइए
| स्थान | ज. | फ. | मा. | अ. | म. | जू. | जु. | अ. | सि. | अ. | न. | दि. |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| तिरुवनंतपुरम (औसत अधिकतम ता. से. अंश) | 31.3 | 31.7 | 31.4 | 32.3 | 31.9 | 29.5 | 29.2 | 29.1 | 29.7 | 30.0 | 30.1 | 30.7 |
| तिरुवनंतपुरम (औसत न्यूनतम ता. से. अंश) | 22.2 | 22.9 | 24.2 | 25.1 | 25.3 | 23.7 | 23.3 | 23.3 | 23.3 | 23.4 | 23.1 | 22.4 |
| तिरुवनंतपुरम (वर्षा मि.मी.) | 22.9 | 20.8 | 38.6 | 105.7 | 207.8 | 356.4 | 223.0 | 145.5 | 137.9 | 273.3 | 20.5 | 64.7 |
| दिल्ली (औसत अधिकतम ता. से. अंश) | 21.1 | 24.3 | 30.6 | 37.1 | 41.2 | 40.2 | 35.1 | 33.6 | 33.7 | 33.3 | 28.8 | 23.1 |
| दिल्ली (औसत न्यूनतम ता. से. अंश) | 7.3 | 9.4 | 14.8 | 21.4 | 26.7 | 28.7 | 26.9 | 26.1 | 24.3 | 18.5 | 11.4 | 6.8 |
| दिल्ली (वर्षा मि.मी.) | 20.8 | 23.6 | 12.9 | 9.7 | 9.7 | 67.6 | 186.2 | 169.9 | 134.9 | 14.2 | 2.0 | 8.6 |
| जोधपुर (औसत अधिकतम ता. से. अंश) | 24.5 | 27.1 | 32.7 | 37.7 | 40.9 | 39.8 | 35.9 | 33.1 | 34.5 | 35.4 | 31.0 | 26.2 |
| जोधपुर (न्यूनतम औसत ता. से. अंश) | 9.2 | 11.4 | 16.5 | 21.8 | 26.6 | 28.1 | 26.7 | 25.0 | 23.8 | 18.7 | 13.2 | 10.2 |
| जोधपुर (वर्षा मि.मी.) | 5.1 | 6.1 | 2.8 | 3.3 | 9.7 | 30.7 | 108.2 | 131.3 | 57.4 | 7.6 | 1.8 | 2.00 |
(संकेत-ता. : तापमान, से. : सेल्सियस, मि.मी. : मिलीमीटर)
(ii) इन स्थानों के तापमान और वर्षा के वितरण की एक दूसरे से तुलना कीजिए।
प्रश्न 2. नीचे दी गई तालिका में भारत के तीन स्थानों क, ख तथा ग के तापमान एवं वर्षा के आँकड़ों का अध्ययन कीजिए और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
| स्थान | ज. | फ. | मा. | अ. | म. | जू. | जु. | अ. | सि. | अ. | न. | दि. |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| क. (T) | 27 | 27 | 28 | 29 | 29 | 27 | 26 | 26 | 27 | 27 | 27 | 27 |
| क. (R) | 2.3 | 2.1 | 3.9 | 10.9 | 20.8 | 35.6 | 22.3 | 14.6 | 13.8 | 37.3 | 20.6 | 7.5 |
| ख. (T) | -8 | -7 | -1 | 6 | 10 | 14 | 17 | 17 | 12 | 6 | 0 | -6 |
| ख. (R) | 1.0 | 0.8 | 0.8 | 0.5 | 0.5 | 0.5 | 1.3 | 1.3 | 0.8 | 0.5 | 0 | 0.5 |
| ग. (T) | 24.5 | 25.7 | 27.7 | 30.4 | 33.0 | 32.5 | 31 | 30.2 | 29.8 | 28 | 25.9 | 24.7 |
| ग. (R) | 4.6 | 1.3 | 1.3 | 1.8 | 3.8 | 4.5 | 8.7 | 11.3 | 11.9 | 30.6 | 35.0 | 13.9 |
\(T = \text{Mean monthly temperature in } ^0\text{C (औसत मासिक तापमान सेल्सियस में (से.))}\)
\(R = \text{Average monthly rainfall in cms } ^0\text{C (औसत वर्षा सेंटीमीटर)}\)
(1) किस स्थान का वार्षिक ताप परिसर सर्वाधिक है?
Answer: 'ख' स्थान का वार्षिक ताप परिसर सर्वाधिक है।
In simple words: स्थान 'ख' में अधिकतम और न्यूनतम तापमान का अंतर सबसे अधिक है।
Exam Tip: ऋणात्मक तापमान वाले स्थान का ताप परिसर सबसे अधिक होता है।
(2) किस स्थान की जलवायु सर्वाधिक सम है?
Answer: 'क' स्थान की जलवायु सर्वाधिक सम है।
In simple words: स्थान 'क' में पूरे वर्ष तापमान लगभग एक समान रहता है।
(3) किस स्थान में सबसे अधिक वर्षा पीछे हटते मानसून की ऋतु में होती है?
Answer: 'ग' स्थान के पीछे हटते मानसून की ऋतु में वर्षा होती है।
In simple words: स्थान 'ग' (जैसे चेन्नई) में अक्टूबर-नवंबर के दौरान लौटते मानसून से अधिकतम वर्षा होती है।
Exam Tip: अक्टूबर-नवंबर महीनों में वर्षा के उच्च मान देखें।
(4) इन तीनों स्थानों में से कौन-सा स्थान चेन्नई की जलवायु के आँकड़े दर्शाता है?
Answer: 'ग' स्थान चेन्नई की जलवायु का प्रतिनिधित्व करता है।
In simple words: सर्दियों में वर्षा प्राप्त करने वाला स्थान 'ग' चेन्नई का प्रतिनिधित्व करता है।
(5) कौन-सा स्थान लेह के जलवायु आँकड़ों का प्रतिनिधित्व करता है?
Answer: 'ख' स्थान लेह की जलवायु का प्रतिनिधित्व करता है।
In simple words: अत्यधिक ठंड और न्यूनतम तापमान वाले स्थान 'ख' की जलवायु लेह जैसी है।
Exam Tip: लेह का तापमान सर्दियों में शून्य से नीचे चला जाता है।
(6) कौन-सा स्थान वर्षा के दो उच्छिष्ट दर्शाता है?
Answer: 'क' स्थान वर्षा के दो उत्कर्ष दर्शाता है।
In simple words: स्थान 'क' में वर्ष में दो बार वर्षा के अधिकतम मान (उच्छिष्ट) दिखाई देते हैं।
Exam Tip: दो बार वर्षा के उच्च आंकड़े होने का अर्थ दो उच्छिष्ट (Peaks) होना है।
Chapter Assignment & Practice Material for Class 11 Geography India Physical Environment Chapter 04 Climate
Revision Assignment: India Physical Environment Chapter 04 Climate (CBSE)
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