School Assignments for Class 11 Geography: India Physical Environment Chapter 03 Drainage System
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Practice Class 11 Geography Assignments: India Physical Environment Chapter 03 Drainage System
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निश्चित वाहिकाओं के माध्यम से हो रहे जलप्रवाह को अपवाह कहते हैं।
इन वाहिकाओं के जाल को अपवाह तंत्र कहते हैं।
किसी क्षेत्र का अपवाह तंत्र वहां के भूवैज्ञानिक समयावधि, चट्टानों की प्रकृति एवं संरचना, स्थलाकृति, ढाल बहते जलकी मात्रा और बहाव की अवधि का परिणाम है।
एक नदी किसी विशिष्ट क्षेत्र से अपना जल बहाकर लाती है जिसे जलग्रहण क्षेत्र कहा जाता है।
एक नदी एवं उस की सहायक नदियों द्वारा अपवाहित क्षेत्र को अपवाह द्रोणी कहते हैं।
एक अपवाह द्रोणी को दूसरी अपवाह द्रोणी से अलग करने वाली सीमा को जल विभाजक कहते हैं।
बड़ी नदियों के जलग्रहण क्षेत्र को नदी द्रोणी जबकि छोटी नदियों व नालो द्वारा अपवाहित क्षेत्र को जल-संभर कहा जाता है।
मुख्यतः चार प्रकार के अपवाह प्रतिरूप होते हैं:-
(1) वृक्षाकार प्रतिरूप :- जो अपवाह प्रतिरूप पेड़ की शाखाओं के अनुरूप हो उसे वृक्षाकार प्रतिरूप कहते हैं। जैसे उत्तरी मैदान की नदियां।
(2) अरीय प्रतिरूप :- जब नदियां किसी पर्वत से निकलकर सभी दिशाओं में बहती है उसे अरीय प्रतिरूप कहते हैं। अमरकंटक पर्वत श्रृंखला से निकलने वाली नदियां इस प्रतिरूप के अच्छे उदाहरण है।
(3) जालीनुमा प्रतिरूप :- जब मुख्य नदियां एक दूसरे के समांतर बहती हो तथा सहायक नदियां उनसे समकोण पर मिलती हो तो उसे जालीनुमा प्रतिरूप कहते हैं।
(4) अभिकेन्द्र्री प्रतिरूप :- जब सभी दिशाओं से नदियां बहकर किसी झील या गर्त में विसर्जित होती हैं, तो ऐसे अपवाह प्रतिरूप को अभिकेन्द्र्री प्रतिरूप कहते हैं।
अतिलघु प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1 :- कुल अपवाह क्षेत्र का लगभग कितना प्रतिशत हिस्सा बंगाल की खाड़ी में जल विसर्जित होता है?
Answer: 77 प्रतिशत
In simple words: भारत के कुल अपवाह क्षेत्र का 77% भाग बंगाल की खाड़ी में गिरता है।
Exam Tip: बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदियां भारत का अधिकांश अपवाह तंत्र बनाती हैं।
प्रश्न 2 :- किस नदी को बंगाल का शोक कहा जाता था?
Answer: दामोदर नदी को बंगाल का शोक कहा जाता था।
In simple words: दामोदर नदी अपने भयंकर बाढ़ के कारण बंगाल में भारी तबाही मचाती थी।
Exam Tip: इस नदी पर अब दामोदर घाटी परियोजना के तहत बांध बनाए गए हैं जिससे बाढ़ पर नियंत्रण पाया गया है।
प्रश्न 3 :- कौन सी नदी बिहार की शोक के नाम से जानी जाती है?
Answer: कोसी नदी।
In simple words: कोसी नदी बार-बार अपना मार्ग बदलने के लिए कुख्यात है जिससे बिहार में भीषण बाढ़ आती है।
Exam Tip: कोसी नदी को अपने मार्ग परिवर्तन के स्वभाव के कारण 'बिहार का शोक' कहा जाता है।
प्रश्न 4 :- सिंधु नदी का उद्गम स्थान क्या है?
Answer: कैलाश पर्वत श्रेणी में सिंगी खंबािन हिमनद।
In simple words: सिंधु नदी तिब्बत में कैलाश पर्वत के पास से निकलती है।
Exam Tip: उद्गम स्थल का नाम और पर्वत श्रेणी परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
प्रश्न 5 :- सिंधु नदी के दाहिने तट पर मिलने वाली कोई तीन सहायक नदियों के नाम बताइए?
Answer: खुर्रम, तोची, गोमल, विबोआ, काबुल और संगर नदियां।
In simple words: सिंधु नदी के दाहिने किनारे पर मिलने वाली प्रमुख नदियां काबुल, गोमल और खुर्रम हैं।
Exam Tip: दाहिने और बाएं तट की सहायक नदियों का वर्गीकरण मानचित्र कार्य में भी पूछा जाता है।
प्रश्न 6 :- भारत में सिंधु नदी जम्मू और कश्मीर राज्य के किस जिले में बहती है?
Answer: सिंधु नदी केवल लेह जिले में बहती है।
In simple words: भारत में सिंधु नदी मुख्य रूप से लद्दाख के लेह जिले से होकर गुजरती है।
Exam Tip: वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार यह क्षेत्र लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के अंतर्गत आता है।
प्रश्न 7 :- झेलम नदी का उद्गम स्थान कहाँ है?
Answer: झेलम नदी का उद्गम स्थान पीर पंजाल गिरिपद में स्थित वेरीनाग झरना है।
In simple words: झेलम नदी कश्मीर घाटी के वेरीनाग झरने से निकलती है।
Exam Tip: यह नदी श्रीनगर से होकर बहती है और वुलर झील में मिलती है।
प्रश्न 8 :- सिंधु नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी कौन सी है?
Answer: चेनाब नदी।
In simple words: चेनाब सिंधु की सबसे विशाल और प्रमुख सहायक नदी है।
Exam Tip: पंजाब की पांचों नदियां अंततः चेनाब में ही मिलती हैं।
प्रश्न 9 :- ब्यास नदी का उद्गम स्थान कहाँ स्थित है?
Answer: ब्यास नदी का उद्गम स्थान रोहतांग दर्रे के निकट ब्यास कुंड है जो समुद्र तल से 4,000 मीटर की ऊँचाई पर है।
In simple words: ब्यास नदी हिमाचल प्रदेश के रोहतांग दर्रे के पास ब्यास कुंड से निकलती है।
Exam Tip: यह भारत में ही प्रवाहित होने वाली और सतलुज में मिलने वाली एक प्रमुख नदी है।
प्रश्न 10 :- सतलुज नदी किस स्थान से निकलती है?
Answer: सतलुज नदी 4555 मीटर की ऊँचाई पर मानसरोवर झील के निकट राकस ताल से निकलती है।
In simple words: सतलुज नदी तिब्बत में मानसरोवर के पास राकस ताल से उद्गम होती है।
Exam Tip: यह एक पूर्ववर्ती (trans-Himalayan) नदी है जो भारत में शिपकी ला दर्रे से प्रवेश करती है।
प्रश्न 11 :- सतलुज नदी को तिब्बत में किस नाम से जाना जाता है?
Answer: इसे तिब्बत में लांग्चेन खंबाब नाम से जाना जाता है।
In simple words: तिब्बती भाषा में सतलुज को लांग्चेन खंबाब कहा जाता है।
प्रश्न 12 :- गंगा नदी का उद्गम स्थान कहाँ है?
Answer: उत्तराखण्ड राज्य के उत्तरकाशी जिले मे गंगोत्री हिमनद।
In simple words: गंगा नदी का उद्गम उत्तराखंड के गंगोत्री ग्लेशियर (गोमुख) से है।
प्रश्न 13 :- गंगा नदी किस स्थान के बाद गंगा के नाम से जानी जाती है?
Answer: देवप्रयाग।
In simple words: जब देवप्रयाग में भागीरथी और अलकनंदा नदियां मिलती हैं, तब यह गंगा कहलाती है।
प्रश्न 14 :- गंगा नदी की सबसे लंबी सहायक नदी कौन सी है?
Answer: यमुना नदी।
In simple words: यमुना नदी गंगा की सबसे लंबी और महत्वपूर्ण सहायक नदी है।
प्रश्न 15 :- घाघरा नदी का उद्गम स्थान कहाँ है?
Answer: मापचाचुंगो हिमनद।
In simple words: घाघरा नदी मापचाचुंगो ग्लेशियर से निकलती है।
प्रश्न 16 :- शारदा या सरयू नदी का उद्गम स्थान कहाँ है?
Answer: नेपाल हिमालय में मिलाम हिमनद।
In simple words: शारदा नदी नेपाल के मिलाम ग्लेशियर से उद्गम होती है।
प्रश्न 17 :- ब्रह्मपुत्र नदी का उद्गम स्थान कहाँ है?
Answer: कैलाश पर्वत श्रेणी में मानसरोवर झील के निकट चेमायुंगडुग हिमनद।
In simple words: ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बत में मानसरोवर के पास चेमायुंगडुग ग्लेशियर से निकलती है।
प्रश्न 18 :- ब्रह्मपुत्र नदी को तिब्बत में किस नाम से जाना जाता है?
Answer: तिब्बत में इसे सांगापो के नाम से जाना जाता है।
In simple words: तिब्बत में ब्रह्मपुत्र को सांग्पो (यात्सांगपो) कहते हैं।
प्रश्न 19 :- ब्रह्मपुत्र नदी बांग्लादेश में किस नाम से जानी जाती है?
Answer: ये बांग्लादेश में जमुना कहलाती है।
In simple words: बांग्लादेश में प्रवेश करने पर ब्रह्मपुत्र का नाम जमुना हो जाता है।
प्रश्न 20 :- महानदी का उद्गम स्थान कहाँ स्थित है?
Answer: छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में सिहावा के निकट।
In simple words: महानदी छत्तीसगढ़ के सिहावा पहाड़ी से निकलती है।
प्रश्न 21 :- किस नदी तंत्र को दक्षिण गंगा के नाम से जाना जाता है?
Answer: गोदावरी।
In simple words: प्रायद्वीपीय भारत की सबसे बड़ी नदी गोदावरी को दक्षिण गंगा कहा जाता है।
प्रश्न 22 :- गोदावरी नदी का उद्गम स्थान कहाँ है?
Answer: गोदावरी नदी का उद्गम स्थान त्र्यंबकेश्वर पठार है जो नासिक के पास है।
In simple words: गोदावरी महाराष्ट्र के नासिक जिले में त्र्यंबकेश्वर से निकलती है।
प्रश्न 23 :- कावेरी नदी का उद्गम स्थान कहाँ है?
Answer: कर्नाटक के कोकागु जिले में ब्रह्मगिरी पहाड़ियों में
In simple words: कावेरी नदी कर्नाटक की ब्रह्मगिरी पहाड़ियों से उद्गम होती है।
प्रश्न 24 :- दक्षिण भारत की एक नदी जो सदानीरा है? क्यों?
Answer: कावेरी नदी क्योंकि दक्षिणी-पश्चिम मानसून से इसके ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में वर्षा होती है और निचले क्षेत्रों में उत्तर-पूर्वी मानसून से वर्षा होती है।
In simple words: कावेरी में वर्ष में दो बार मानसूनी वर्षा से जल मिलता है, अतः यह सदाबहार रहती है।
प्रश्न 25 :- नर्मदा नदी का उद्गम स्थान कहाँ है?
Answer: अमरकंटक पठार का पश्चिमी पार्श्व जो 1057 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है।
In simple words: नर्मदा नदी मध्य प्रदेश के अमरकंटक पठार से पश्चिम की ओर बहती है।
प्रश्न 26 :- तापी नदी कहाँ से निकलती है? इसकी लंबाई क्या है?
Answer: तापी नदी मध्य प्रदेश के बेतुल जिले में मुलताई से निकलती है। यह 724 किलोमीटर लंबी नदी है।
In simple words: तापी नदी मध्य प्रदेश के मुलताई से निकलकर 724 किमी की दूरी तय करती है।
प्रश्न 27 :- गरसोप्पा (जोग) जलप्रपात किस नदी पर स्थित है?
Answer: शरावती नदी।
In simple words: प्रसिद्ध जोग जलप्रपात शरावती नदी पर स्थित है।
प्रश्न 28 :- केरल की सबसे बड़ी नदी का क्या नाम है? इसका उद्गम स्थान कहाँ है?
Answer: केरल की सबसे बड़ी नदी भरत पूजा है और यह अन्नमलाई पहाड़ियों से निकलती है।
In simple words: केरल की सबसे लंबी नदी भरतपुझा है जो अन्नमलाई पहाड़ियों से आती है।
लघुप्रश्नोत्तर
प्रश्न 1 :- भारत की नदियां प्रदूषित क्यों हैं? कोई तीन कारण लिखे।
Answer:
(1) औद्योगिक कूड़ा-कचरा गंदे नालों द्वारा बहाकर भारत की नदियों में लाया जाता है।
(2) बहुत से श्मशान घाट नदी किनारे हैं और कई बार मृत शरीरों को नदियों में डाल दिया जाता है।
(3) कुछ त्यौहारों पर फूलों और मूर्तियों को नदियों में प्रवाहित किया जाता है। बड़े पैमाने पर स्नान व कपड़े धोना भी नदी जल को प्रदूषित करता है।
In simple words: कारखानों का कचरा, धार्मिक अवशेष और घरेलू गंदा पानी नदियों के प्रदूषण के प्रमुख कारण हैं।
Exam Tip: नदी प्रदूषण और उसके निवारण (जैसे नमामि गंगे योजना) से जुड़े प्रश्न भूगोल में महत्वपूर्ण हैं।
प्रश्न 2 :- हिमालयी अपवाह तंत्र की कौन सी नदी बाढ़, मार्ग परिवर्तन और तटीय अपरदन के लिए जानी जाती है और क्यों?
Answer:
(1) ब्रह्मपुत्र नदी बाढ़, मार्ग परिवर्तन एवं तटीय अपरदन के लिए जानी जाती है।
(2) इसकी अधिकतर सहायक नदियां बड़ी है जो भारी मात्रा में जल प्रदान करती हैं जिससे यह वर्षा ऋतु में भारी बाढ़ से असम में तबाही मचाती है।
(3) ब्रह्मपुत्र के जलग्रहण क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण इसमें अत्याधिक अवसाद बहकर आता है जिससे इसकी तली में अवसाद जमा हो जाने से यह तटीय अपरदन करती है तथा कभी अपना मार्ग भी बदल लेती है।
In simple words: ब्रह्मपुत्र भारी बारिश और अत्यधिक सिल्ट (अवसाद) के कारण असम में भयंकर बाढ़ और मार्ग परिवर्तन करती है।
Exam Tip: अवसाद (Silt) की मात्रा और भारी वर्षा इस नदी की विशेषता है।
प्रश्न 3 :- जल संभर क्षेत्र के आधार पर भारतीय अपवाह द्रोणियो को कितने भाग में बांटा गया है? वर्णन करें?
Answer: जल-संभर क्षेत्र के आधार पर भारतीय अपवाह द्रोणियों को तीन भागों में बांटा गया है।
(1) प्रमुख नदी द्रोणी :- इनका अपवाह क्षेत्र 20,000 वर्ग किलो मीटर से अधिक है। इसमें 14 नदी द्रोणियां शामिल है जैसे गंगा, ब्रह्मपुत्र, कृष्णा, तापी, नर्मदा इत्यादि।
(2) मध्यम नदी द्रोणी जिनका अपवाह क्षेत्र 2,000 से 20,000 वर्ग किलोमीटर है। इसमे 44 नदी द्रोणियां है जैसे कालिंदी, पेरियार, मेघना आदि।
(3) लघु नदी द्रोणी, जिनका अपवाह क्षेत्र 2,000 वर्ग किलोमीटर से कम है। इसमें न्यून वर्षा के क्षेत्रों में बहने वाली बहुत सी नदियां शामिल है।
In simple words: द्रोणियों के आकार और जलग्रहण क्षेत्र के क्षेत्रफल के आधार पर इन्हें तीन श्रेणियों में बांटा गया है।
Exam Tip: तीनों श्रेणियों के वर्ग किलोमीटर के आंकड़े याद रखना आवश्यक है।
प्रश्न 4 :- नदी बहाव प्रवृत्ति क्या है? उदाहरण सहित टिप्पणी करें।
Answer: एक नदी के चैनल में वर्ष पर्याप्त जल प्रवाह के प्रारूप को नदी बहाव प्रवृत्ति कहा जाता है। उत्तर भारत की नदियां जो हिमालय से निकलती है सदानीरा अथवा बारहमासी हैं क्योंकि ये अपना जल बर्फ पिघलने तथा वर्षा होने से प्राप्त करती है। दक्षिण भारत की नदियां हिमनदों से नही निकलती जिससे इनकी बहाव प्रवृत्ति में उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है। इनका बहाव मानसून ऋतु में काफी ज्यादा बढ़ जाता है। इस प्रकार दक्षिण भारत की नदियों के बहाव की प्रवृत्ति वर्षा द्वारा नियंत्रित होती है, जो प्रायद्वीपीय पठार के एक स्थान से दूसरे स्थान पर भिन्न होता है।
गंगा नदी का न्यूनतम जल प्रवाह जनवरी से जून की अवधि के दौरान होता है। अधिकतम प्रवाह अगस्त या सितंबर में प्राप्त होता है। सितंबर के बाद प्रवाह में लगातार कमी होती चली जाती है। इस प्रकार इस नदी की वर्षा ऋतु में जल प्रवाह की प्रवृत्ति मानसूनी होती है।
नर्मदा नदी में जल विसर्जन का स्तर जनवरी से जुलाई माह तक बहुत कम रहता है, लेकिन अगस्त में इस नदी का जल प्रवाह अधिकतम हो जाता है, तो यह अचानक उफान पर आ जाती है। अक्टूबर महीने में बहाव की गिरावट उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितना अगस्त में उफान।
In simple words: वर्षभर नदी के जल प्रवाह में होने वाले उतार-चढ़ाव के पैटर्न को बहाव प्रवृत्ति कहते हैं।
Exam Tip: हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की बहाव प्रवृत्ति में मुख्य अंतर मानसूनी प्रभाव और हिमनदों की उपस्थिति का है।
प्रश्न 5 :- नदियों की उपयोगिता पर संक्षेप में टिप्पणी करे?
Answer:
(1) सिंचाई :- भारतीय नदियों के जल का सबसे अधिक उपयोग सिंचाई के लिए किया जाता है। भारतीय नदियों में प्रतिवर्ष 1,67,753 करोड़ धन मीटर जल बहता है जिसमें से 55,517 करोड़ घन मीटर अर्थात वार्षिक प्रवाह का 33 प्रतिशत का सिंचाई के लिए उपयोग किया जा सकता है।
(2) जल शक्ति :- उत्तर में हिमालय, पश्चिम में विन्ध्याचल, सतपुड़ा और अरावली, पूर्व में मैकल और छोटा नागपुर, उत्तर-पूर्व में मेघालय के पठार और पूर्वाचल तथा ढक्कन के पठार के पश्चिमी और पूर्वी घाट पर बड़े पैमाने पर जल शक्ति के विकास की संभावनाएं हैं। देश में इन नदियों से 60 प्रतिशत कार्यक्षमता के आधार पर लगभग 4.1 करोड़ किलोवाट जल शक्ति का उत्पादन किया जा सकता है।
(3) जलमार्ग :- देश के उत्तर तथा उत्तर पूर्व में क्रमशः गंगा ब्रह्मपुत्र में उड़ीसा में महानदी में आन्ध्र प्रदेश में गोदावरी और कृष्णा में, गुजरात में नर्मदा और तापी में तथा तटीय राज्यों में झीलों और ज्वारीय निवेशिकाओं में देश के प्रमुख और उपयोगी जलमार्ग हैं। देश के लगभग 10,600 कि.मी. लम्बे नाव्य जलमार्ग हैं। इनमें से 2480 कि.मी. लम्बी नाव्य नदियों में स्टीमर और बड़ी नावे, 3920 कि.मी. लम्बी नाव्य नदियों में मध्यम आकार की देशी नावे और 4200 कि.मी. लंबी नहरें और पश्छजलों में देशी नावे चल सकती है। गंगा, ब्रह्मपुत्र और महानदी प्रमुख नाव्य नदियां हैं। गोदावरी, कृष्णा, नर्मदा और तापी केवल मुहानों के निकट ही नाव्य हैं।
In simple words: नदियां सिंचाई, बिजली उत्पादन और नौकायन (जलमार्ग) के लिए अत्यंत उपयोगी होती हैं।
Exam Tip: कृषि प्रधान देश होने के कारण सिंचाई भारतीय अर्थव्यवस्था में नदियों का सबसे बड़ा योगदान है।
विस्तारित प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1 :- गंगा नदी तंत्र की पांच विशेषताओं का वर्णन कीजिए?
Answer:
(1) गंगा नदी उत्तराखण्ड राज्य के उत्तरकाशी जिले में गोमुख के निकट गंगोत्री हिमनद से 3900 मीटर की ऊँचाई से निकलती है।
(2) देव प्रयाग में भागीरथी और अलकनंदा मिलती है। इसके बाद गंगा कहलाती है। गंगा नदी हरिद्वार में मैदान में प्रवेश करती है।
(3) हरिद्वार से दक्षिण की ओर, फिर दक्षिण से पूर्व की ओर और फिर पूर्व की ओर बहती है। अन्त में यह दक्षिण मुख होकर दो धाराओं भागीरथी और हुगली में विभाजित हो जाती है। बांग्लादेश में प्रवेश होने पर इसका नाम पदमा हो जाता है।
(4) गंगा नदी की लम्बाई 2525 कि. मी. है। यह भारत का सबसे बड़ा अपवाह तन्त्र है। इसके उत्तर में हिमालय से निकलने वाली बारह मासी नदियां और दक्षिण में प्रायद्वीप से निकलने वाली मौसमी नदियां शामिल हैं।
(5) यमुना, गंगा की सबसे पश्चिमी और सबसे लंबी सहायक नदी है। सोन इसके दाहिने किनारे पर मिलने वाली प्रमुख सहायक नदी है। बायें तट पर मिलने वाली महत्वपूर्ण सहायक नदियां, रामगंगा, गोमती, घाघरा गंडक, कोसी व महानन्दा हैं।
In simple words: गंगा भारत की सबसे लंबी नदी है जो गोमुख से निकलकर बंगाल की खाड़ी में गिरती है और इसकी कई बड़ी सहायक नदियां हैं।
Exam Tip: गंगा की लंबाई (2525 किमी) और उसके संगम स्थलों (देवप्रयाग आदि) को भली-भांति याद रखें।
प्रश्न 2 :- हिमालयी अपवाह तन्त्र एवं प्रायद्वीपीय अपवाह तंत्र में कोई पांच अन्तर स्पष्ट कीजिए?
Answer:
हिमालयी अपवाह तन्त्र :-
(1) ये नदियां हिमालय से निकालकर उपजाऊ मैदानों में होकर बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
(2) हिमालयी अपवाह तंत्र नवीन है।
(3) यहाँ नदियां विसर्प बनाती है और अपने मार्ग भी बदल देती है।
(4) ये नदियां हिमालय के हिमाच्छादित क्षेत्रों से जल प्राप्त करती हैं और पूरे साल बहती रहती है। इसलिए बारह मासी है।
(5) ये नदियां अपने विकास की युवावस्था में है और अपने मार्ग में अपरदन का कार्य करती हुई अपने मुहाने पर डेल्टा का निर्माण करती है। गंगा-ब्रह्मपुत्र का डेल्टा विश्व प्रसिद्ध है।
प्रायद्वीपीय अपवाह तंत्र :-
(1) ये नदियां पश्चिमी घाट एवं पठार से निकालकर पश्चिम से पूर्व की ओर बहती है।
(2) प्रायद्वीपीय अपवाह तंत्र पुराना है।
(3) प्रायद्वीपीय नदियां सुनिश्चित मार्ग पर चलती हैं तथा ये विसर्प नहीं बनाती हैं।
(4) ये नदियां वर्षा पर निर्भर करती हैं इसलिए ग्रीष्म ऋतु में सूख जाती हैं।
(5) ये नदियां अपने विकास की प्रौढ़ावस्था में हैं। इनकी नदी घाटियां चौड़ी एवं उथली हैं।
In simple words: हिमालयी नदियां बारहमासी और नवीन हैं, जबकि प्रायद्वीपीय नदियां मौसमी (वर्षा पर आधारित) और पुरानी हैं।
Exam Tip: दोनों तंत्रों के बीच अंतर बोर्ड परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं का एक सदाबहार प्रश्न है।
मानचित्र कार्य
सिंधु नदी, सतलुज नदी, गंगा नदी, ब्रह्मपुत्र नदी, दामोदर नदी, महानदी, लूणी नदी, नर्मदा नदी, तापी नदी, गोदावरी नदी, कृष्णा नदी, कावेरी नदी
CBSE Class 11 Geography Assignments for India Physical Environment Chapter 03 Drainage System
Revision Assignment: India Physical Environment Chapter 03 Drainage System (CBSE)
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