Class 8 sanskrit Practice Sheet: CBSE Class 8 Sanskrit Practice Worksheet Set 03
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प्र.1 अपढ़ित गद्यांशं पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत-
अस्मिन् संसारी एकतायाः भावना सर्वेषु प्राणिषु दृश्यते। पशवो अपि विपत्तिं दूरीकर्तुम् मिलित्वा एवं वसन्ति पृथक भावः तेषां विनाशाय एवं भवति। एकतायाः अभावे राष्ट्राणि विनश्यन्ति। सम्प्रति अपि अस्माकं राष्ट्रं जातिषु सम्प्रदायेषु विभक्तमस्ति। यदि वयं राष्ट्रस्य इतिहासात् ऐक्यस्य शिक्षाम् अद्यापि न गृह्णीमः तर्हि अस्माकं विनाशः निश्चितः अस्ति।
एकपदेन उत्तरत -
1. संघस्य भावना कुत्र दृश्यते?
Answer: प्राणिषु
In simple words: एकता की भावना सभी प्राणियों में दिखाई देती है।
Exam Tip: एकपद वाले प्रश्नों में केवल एक शब्द में उत्तर लिखना अपेक्षित होता है।
2. के मिलित्वा तिष्ठन्ति?
Answer: पशवः
In simple words: पशु मिलकर रहते हैं।
Exam Tip: गद्यांश के दूसरे वाक्य से उत्तर सीधा प्राप्त होता है।
3. कस्याः अभावे राष्ट्राणि विनश्यन्ति?
Answer: एकतायाः
In simple words: एकता के अभाव में राष्ट्र नष्ट हो जाते हैं।
Exam Tip: षष्ठी विभक्ति एकवचन का प्रयोग प्रश्न और उत्तर दोनों में देखें।
4. पृथक- भावः किम्अर्थम् भवति?
Answer: विनाशाय
In simple words: अलगाव की भावना विनाश के लिए होती है।
Exam Tip: 'किम्अर्थम्' का अर्थ 'किस लिए' होता है, अतः यहाँ चतुर्थी विभक्ति (विनाशाय) का प्रयोग हुआ है।
यथानिर्देशम् उत्तरत -
1. 'दृश्यते' इति क्रियापदस्य किं कर्तृपदम् अत्र अस्ति?
(क) संसारे
(ख) एकतायाः
(ग) प्राणिषु
Answer: (क) संसारे (तथ्य गद्यांश के अनुसार कर्तृपद अन्वेषण)।
In simple words: इस वाक्य में क्रिया का आधार संसारी (संसार में) पद से संबंधित है।
Exam Tip: वाक्य में क्रियापद के साथ 'कः' या 'किम्' प्रश्न करके कर्तृपद ढूँढें।
2. 'राष्ट्राणि' इति कर्तृपदस्य क्रियापदं किम्?
(क) विनश्यन्ति
(ख) वसन्ति
(ग) भवति
Answer: (क) विनश्यन्ति
In simple words: 'राष्ट्राणि' बहुवचन संज्ञा के साथ 'विनश्यन्ति' बहुवचन क्रिया प्रयुक्त हुई है।
Exam Tip: कर्ता और क्रिया का वचन हमेशा समान होता है।
3. युष्माकं इत्यस्य विलोम शब्द लिखत।
(क) अस्मत्
(ख) अस्मान्
(ग) अस्माकम्
Answer: (ग) अस्माकम्
In simple words: 'युष्माकं' (तुम्हारा/आप सबका) का विपरीतार्थक 'अस्माकम्' (हमारा/हम सबका) होता है।
Exam Tip: सर्वनाम पदों के परस्पर विलोम और पर्यायों का विशेष ध्यान रखें।
प्र.2 विशेषणं विशेष्य मेलनं कुरुत
Answer:
1. राज्ये - अवस्थितै
2. मुगल्शासकस्य - अकबरस्य
3. विश्वस्तैः - भटैः
4. निराशः - नृपः
5. व्याकुलाः - जनाः
6. उपविष्टः - प्रतापः
7. उपस्थिताः - सैनिकाः
8. देशभक्तः - अमात्यः
In simple words: विशेषण और विशेष्य शब्दों को उनके लिंग, विभक्ति और वचन के अनुसार मिलाया गया है।
Exam Tip: मिलान करते समय विभक्ति और वचन की समानता अवश्य जाँच लें।
प्र.3 मञ्जूषातः विपरीतार्थक पदानि चित्वा लिखत -
मञ्जूषा: विपत्तिम्, देशद्रोही, विजेता, तत्परः, परगृहेषु, सुखी, परतन्त्रः, तत्पराः, परतन्त्रः, विघटनं, आशान्वितः
Answer:
1. देशहृक्तः - देशद्रोही
2. व्याकुलाः - तत्पराः
3. दुःखी - सुखी
4. उत्साहितः - आशान्वितः
5. विजयः - विजेता (अथवा तदनुरूप विपरीत पद)
6. विघटनम् - संघटनम् (मञ्जूषा अनुसार)
7. संगठन - विघटनम्
8. स्वतन्त्रः - परतन्त्रः
9. स्वगृहेषु - परगृहेषु
10. पराजितः - विजेता
11. सम्पत्तिम् - विपत्तिम्
12. निराशः - आशान्वितः
In simple words: दिए गए शब्दों के सटीक विलोम शब्द मञ्जूषा से चुनकर लिखे गए हैं।
Exam Tip: विपरीतार्थक शब्दों के अर्थ को भली-भांति समझकर ही उत्तर लिखें।
प्र.4 रेखांकित पदानि आधृत्य प्रत्यय विभाजनं कुरुत।
1. प्रतापः विश्वस्तैः भटैः सह प्रसादां परित्यज्य वने वसति।
Answer: परि + त्यज् + ल्यप् (परित्यज्य)
In simple words: 'परित्यज्य' पद में परि उपसर्ग, त्यज् धातु और ल्यप् प्रत्यय है।
Exam Tip: जहाँ धातु से पहले उपसर्ग हो और 'य' शेष बचे, वहाँ ल्यप् प्रत्यय होता है।
2. प्रतापः वने उषित्वा देशस्य स्वतन्त्रतायै प्रयत्नशीलः अस्ति।
Answer: वस् + क्त्वा (उषित्वा)
In simple words: 'उषित्वा' पद में वस् धातु और क्त्वा प्रत्यय है।
Exam Tip: 'त्वा' शेष रहने पर क्त्वा प्रत्यय होता है।
3. सैनिकाः देशत्यागं कर्तुम् इच्छन्ति।
Answer: कृ + तुम्ुन् (कर्तुम्)
In simple words: 'कर्तुम्' पद में कृ धातु और तुम्ुन् प्रत्यय है।
Exam Tip: जिसके अंत में 'तुम्' हो, वहाँ तुम्ुन् प्रत्यय होता है।
4. प्रतापः धनं प्राप्य उत्साहितः भवति।
Answer: प्र + आप् + ल्यप् (प्राप्य)
In simple words: 'प्राप्य' पद में प्र उपसर्ग, आप् धातु और ल्यप् प्रत्यय है।
Exam Tip: उपसर्गयुक्त धातुओं में क्त्वा के स्थान पर ल्यप् प्रत्यय का प्रयोग होता है।
5. भामाशाहं दुःखिनं दृष्ट्वा सैनिकाः क्रन्दनं कुर्वन्ति।
Answer: दृश् + क्त्वा (दृष्ट्वा)
In simple words: 'दृष्ट्वा' पद में दृश् धातु और क्त्वा प्रत्यय है।
प्र.5 उचित पंद चित्वा रिक्त स्थानानि पूरयत –
1. अध्यापक: .................... क्रुध्यति।
छात्रान् , छात्रेभ्यः , छात्रेषु
Answer: छात्रेभ्यः
In simple words: 'कुप्' धातु के योग में चतुर्थी विभक्ति का प्रयोग होता है, अतः 'छात्रेभ्यः' सही है।
Exam Tip: रुह्, कुप्, द्रोह आदि धातुओं के प्रयोग में चतुर्थी विभक्ति होती है।
2. .................... नमः।
इन्द्रम् , इन्द्रेण , इन्द्राय
Answer: इन्द्राय
In simple words: 'नमः' शब्द के योग में चतुर्थी विभक्ति होती है, अतः 'इन्द्राय' पद उचित है।
Exam Tip: 'नमः स्वस्ति स्वाहा स्वधा अलम् वषट्' योगे चतुर्थी।
3. .................... स्वस्ति।
प्रजाभ्यः , प्रजानाम् , प्रजाः
Answer: प्रजाभ्यः
In simple words: 'स्वस्ति' शब्द के योग में भी चतुर्थी विभक्ति (प्रजाभ्यः) का प्रयोग होता है।
Exam Tip: उपर्युक्त उपपद विभक्तियों के नियमों को अच्छी तरह याद रखें।
4. सः .................... विभेति।
कुक्कुरः , कुक्कुरेण , कुक्कुर्रात्
Answer: कुक्कुरात्
In simple words: 'भी' (डरना) धातु के योग में पंचमी विभक्ति होती है, अतः 'कुक्कुरात्' सही है।
Exam Tip: 'भयार्थकत्राणाथर्येषु पंचमी' नियम के अनुसार डरने के अर्थ में पंचमी विभक्ति होती है।
5. बालः .................... पठति।
आचार्येण , आचार्यम् , आचार्यात्
Answer: आचार्यम्
In simple words: यहाँ अध्ययन करने या आचार्य के समीप रहने के अर्थ में द्वितीया विभक्ति 'आचार्यम्' प्रयुक्त हुई है।
Exam Tip: वाक्य के अर्थ के अनुसार सही कारक चिह्न चुनें।
6. .................... ऋते न मुक्तिः।
ज्ञानं , ज्ञानेन , ज्ञानात्
Answer: ज्ञानेन (अथवा ज्ञानात, नियमानुसार)
In simple words: 'ऋते' (बिना) के योग में द्वितीया, तृतीया या पंचमी विभक्ति होती है, यहाँ 'ज्ञानेन' सही विकल्प है।
Exam Tip: 'ऋते' अव्यय के योग को भली-भांति समझें।
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