Class 9 Hindi Practice Sheet: CBSE Class 9 Hindi Revision Worksheet Set 10
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खंड: क (अपठित बोध)
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर, दिए गए प्रश्नों के उत्तर के सही विकल्प छाँटकर लिखिए-
जुलूस शहर की मुख्य सड़कों से गुजरता हुआ चला जा रहा था। दोनों ओर छतों, छज्जों, जंगलों और वृक्षों पर दर्शकों की दीवारें-सी खड़ी थीं। बीरबल सिंह को आज उनके चेहरों पर एक नई स्फूर्ति, एक नया उत्साह, एक नया गर्व झलकता हुआ मालूम होता था। वृद्धों के चेहरों पर स्फूर्ति, युवकों के चेहरों पर उत्साह और रमणियों के चेहरों पर गर्व छाया था। यह स्वराज्य के पथ पर चलने का उल्लास था। अब उनकी यात्रा का लक्ष्य अज्ञात न था, पथ-भ्रष्टों की भाँति इधर-उधर भटकना न था, दलितों की भाँति सिर झुकाकर रोना न था। स्वाधीनता का सुनहला शिखर सुदूर आकाश में चमक रहा था। ऐसा जान पड़ता था कि लोगों को बीच के नालों और जंगलों की परवाह नहीं है। सब उस सुनहले लक्ष्य पर पहुँचने के लिए उत्सुक हो रहे हैं।
Question 1(1). जुलूस शहर की किन सड़कों से गुजर रहा था ?
(a) छोटी-छोटी सड़कों से
(b) मुख्य सड़कों से
(c) सामान्य सड़कों से
(d) लंबी लंबी सड़कों से
Answer: (b) मुख्य सड़कों से
In simple words: गद्यांश की पहली पंक्ति से स्पष्ट है कि जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होकर आगे बढ़ रहा था।
Exam Tip: Always verify factual details directly from the opening lines of the passage to choose the accurate option.
Question 1(2). जिनके चेहरों पर गर्व था वे थे दर्शक,:
(a) युवक
(b) वृद्ध
(c) बीरबलसिंह
(d) रमणियाँ और बच्चे
Answer: (d) रमणियाँ और बच्चे
In simple words: गद्यांश में बताया गया है कि महिलाओं (रमणियाँ) के मुख पर स्वाधीनता के प्रति स्वाभिमान और गर्व का भाव था।
Exam Tip: Carefully match the specific emotion linked to each group of spectators mentioned in the text.
Question 1(3). 'अज्ञात' शब्द में उपसर्ग एवं मूल शब्द हैं,-
(a) अ + ज्ञात
(b) अज् + यात
(c) अज्ञ + अत
(d) अज्ञा + त
Answer: (a) अ + ज्ञात
In simple words: 'अज्ञात' शब्द में 'अ' उपसर्ग निषेध का बोध कराता है और 'ज्ञात' मूल शब्द है।
Exam Tip: Check that removing the prefix leaves an independent, meaningful Hindi root word.
Question 1(4). गद्यांश में वर्णित उल्लास का कारण था :
(a) राज पथ की रौनक
(b) धर्म पथ पर गमन
(c) स्वराज्य-पथ पर चले चलना
(d) अग्नि-पथ पर चलना।
Answer: (c) स्वराज्य-पथ पर चले चलना
In simple words: लोगों में यह उमंग और खुशी देश की आज़ादी के मार्ग पर आगे बढ़ने के संकल्प की वजह से थी।
Exam Tip: Focus on the central theme of patriotism and self-rule highlighted throughout the narrative.
Question 1(5). सभी के मनों में उत्सुकता बनी हुई थी,:
(a) उद्देश्य प्राप्ति की
(b) सुनहले लक्ष्य पर पहुँचने की
(c) शहर की ओर जाने की
(d) राजपथ की ओर जाने की
Answer: (b) सुनहले लक्ष्य पर पहुँचने की
In simple words: सभी नागरिक कठिनाइयों की चिंता किए बिना स्वतंत्रता रूपी सुनहरे लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बेताब थे।
Exam Tip: Look for exact concluding phrases in the reading passage to confirm the final objective.
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही उत्तर के लिए उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए।
स्वावलंबन मनुष्य में एक चमत्कारी शक्ति के समान है। जब व्यक्ति स्वावलंबी होगा, उसमें आत्मनिर्भरता होगी, तो ऐसा कोई कार्य नहीं, जिसे वह न कर सके। स्वावलंबी मनुष्य के सामने कोई भी कार्य आ जाए, वह अपने दृढ़ विश्वास से, अपने आत्मबल से उसे अवश्य ही संपूर्ण कर देगा। स्वावलंबी मनुष्य जीवन में कभी भी असफलता का मुँह नहीं देखता। वह कभी किसी के सामने नहीं झुकेगा। वह जो करेगा, सोच-समझकर धैर्य से करेगा। मनुष्य में सबसे बड़ी कमी स्वावलंबन का न होना है और सबसे बड़ा गुण आत्मनिर्भरता ही है।
आत्मनिर्भरता मनुष्य को श्रेष्ठ बनाती है। स्वावलंबी मनुष्य को स्वयं पर विश्वास होता है, जिससे वह किसी के भी कहने में नहीं आ सकता। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में कहा है - “जो स्वावलंबी व्यक्ति अपने कर्म और कर्तव्य के पालन में तत्पर रहता है, उसे ही सिद्धि प्राप्त होती है।” एकलव्य स्वयं के प्रयास से धनुर्विद्या में प्रवीण बना। निपट दरिद्र विद्यार्थी लाल बहादुर शास्त्री भारत के प्रधानमंत्री बने। साधारण से परिवार में जन्मे ज्ञानी जैल सिंह स्वावलंबन के सहारे ही भारत के राष्ट्रपति बने।
Question 2(1). स्वावलंबन चमत्कारी शक्ति के समान क्यों है?
(a) स्वावलंबन से प्रत्येक कार्य संपन्न किया जा सकता है।
(b) स्वावलंबन मनुष्य में दैवी शक्ति पैदा करता है।
(c) स्वावलंबन से व्यक्ति समर्थ बनता है।
(d) स्वावलंबन का गुण समाज में सम्मान दिलाता है?
Answer: (a) स्वावलंबन से प्रत्येक कार्य संपन्न किया जा सकता है।
In simple words: जो व्यक्ति अपने पैरों पर खड़ा होता है, वह अपनी मेहनत से हर असंभव काम को पूरा कर लेता है।
Exam Tip: Select the option that directly links self-reliance with the ability to achieve any task.
Question 2(2). स्वावलंबी मनुष्य की विशेषता होती है -
(a) वह कभी असफल नहीं होता।
(b) वह किसी से हीन नहीं होता।
(c) वह बिना विवेक से कार्य नहीं करता।
(d) वह कभी भी धैर्य का परित्याग नहीं करता।
Answer: (a) वह कभी असफल नहीं होता।
In simple words: स्वावलंबी व्यक्ति अपने आत्मबल और लगन के कारण जीवन में हमेशा सफलता पाता है।
Exam Tip: Pay attention to the explicit sentence in the text stating that self-reliant people do not face failure.
Question 2(3). संसार में श्रेष्ठता उसको मिलती है जो-
(a) वीर होता है।
(b) आत्मनिर्भर होता है।
(c) मित्रों पर विश्वास करता है।
(d) सर्वगुण सम्पन्न होता है।
Answer: (b) आत्मनिर्भर होता है।
In simple words: समाज में वही व्यक्ति सबसे ऊँचा स्थान पाता है जो दूसरों पर निर्भर नहीं रहता।
Exam Tip: Identify the central virtue emphasized by the author as the root of human greatness.
Question 2(4). 'सिद्धि' शब्द का अर्थ है -
(a) सजगता।
(b) सफलता।
(c) सुखमयता।
(d) सुंदरता।
Answer: (b) सफलता।
In simple words: गीता के श्लोक के संदर्भ में 'सिद्धि' का सीधा अर्थ कार्य में पूर्ण सफलता प्राप्त करना है।
Exam Tip: In contextual vocabulary questions, relate spiritual terms to practical life outcomes described in the text.
Question 2(5). मनुष्य को स्वयं पर विश्वास तब होता है जब वह -
(a) स्वावलंबी।
(b) आत्मप्रशंसा।
(c) आत्मरक्षा।
(d) आत्मनिर्भरता।
Answer: (a) स्वावलंबी।
In simple words: जब इंसान अपने सभी काम खुद करने लगता है, तभी उसका आत्मविश्वास मजबूत बनता है।
Exam Tip: Notice grammatical completion of the sentence to pick the appropriate adjective form 'स्वावलंबी'.
निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए -
अंधकार से घिरा हुआ, जब सोता था सारा संसार।
हमने ही था उसे जगाया, विमल प्रेम का दीपक बार।।
रहे कभी थे नहीं आज तक, किसी अन्य जन के आधीन।
थे शासक हम स्वयं देश के, और नृपति थे धर्म-धुरीण।।
समर भूमि के लिए सदा ही, हममें भरा रहा उत्साह।
कुरुक्षेत्र की पुण्य-भूमि में, सेनाओं का बहा प्रवाह।।
हम में अपने कुल गौरव का भरा रहा इतना अभिमान।
मान चले जाने से पहले, हमने सदा दे दिए प्राण।।
Question 3(i). 'सारे संसार के सोते रहने' का आशय है कि, -
(a) संसार के लोग गहरी नींद सो रहे थे।
(b) सूरज न निकलने से सारे संसार में अंधकार फैला हुआ था।
(c) दुनिया के अधिकांश देशों में ज्ञान का प्रकाश नहीं हुआ था।
(d) सारा संसार थक कर चूर था, इसलिए सो रहा था।
Answer: (c) दुनिया के अधिकांश देशों में ज्ञान का प्रकाश नहीं हुआ था।
In simple words: यहाँ सोने का प्रतीकात्मक अर्थ अज्ञान और पिछड़ेपन में डूबे रहना है, जिसे भारत ने ज्ञान देकर जगाया।
Exam Tip: Poetic expressions use metaphor; understand 'अंधकार' and 'सोना' as ignorance rather than physical sleep.
Question 3(ii). 'कुरुक्षेत्र' इसलिए प्रसिद्ध है कि, वहाँ, -
(a) महाभारत (युद्ध) हुआ था।
(b) एक प्राचीनकालीन शिक्षा केन्द्र है।
(c) मध्यकालीन प्रसिद्ध तीर्थ-स्थल मौजूद हैं।
(d) प्रसिद्ध पर्यटन-स्थल और पुण्य-सरोवर है।
Answer: (a) महाभारत (युद्ध) हुआ था।
In simple words: कुरुक्षेत्र की ऐतिहासिक भूमि पर कौरवों और पांडवों के बीच महाभारत का महान धर्मयुद्ध लड़ा गया था।
Exam Tip: Relate the line 'सेनाओं का बहा प्रवाह' to the legendary epic war of Kurukshetra.
Question 3(iii). गद्यांश के अनुसार भारतवासियों के हृदय में किस बात के लिए उत्साह भरा हुआ था ?
(a) युद्ध के लिए।
(b) संसार को ज्ञान का प्रकाश देने के लिए।
(c) मान के लिए प्राण देने के लिए।
(d) अपनी आन और कुल गौरव की रक्षा के लिए युद्ध हेतु।
Answer: (d) अपनी आन और कुल गौरव की रक्षा के लिए युद्ध हेतु।
In simple words: भारतीय वीरों के मन में अपने देश और कुल के आत्मसम्मान की रक्षा के लिए रणभूमि में लड़ने का जोश था।
Exam Tip: Look for options that combine the concepts of battle ('समर भूमि') and ancestral pride ('कुल गौरव').
Question 3(iv). कविता में निहित मूल भाव है, -
(a) भारत का आदर्श।
(b) भारतीय लोगों की पहचान।
(c) भारत का गौरव-गान।
(d) भारतीय परंपरा।
Answer: (c) भारत का गौरव-गान।
In simple words: पूरी कविता में भारत के प्राचीन गौरव, वीरता और उच्च मानवीय मूल्यों की महिमा का गान किया गया है।
Exam Tip: Identify the overall nationalistic and celebratory tone of the poem to determine its core message.
Question 3(v). 'विमल प्रेम का दीपक बार' का भाव है -
(a) दीपक जलाकर उजाला कर दिया।
(b) प्रेमपूर्वक दीपक जलाया और सफ़ेद उजाला हो गया।
(c) समस्त संसार को विश्व-बंधुत्व का स्नेहपूर्ण पाठ पढ़ाकर मानवता सिखलाई।
(d) पूरे संसार को मानवता का संदेश दिया।
Answer: (c) समस्त संसार को विश्व-बंधुत्व का स्नेहपूर्ण पाठ पढ़ाकर मानवता सिखलाई।
In simple words: भारत ने संपूर्ण दुनिया को निस्वार्थ प्रेम, शांति और भाईचारे का मार्ग दिखाकर नई रोशनी दी।
Exam Tip: 'विमल प्रेम' signifies pure, universal affection and brotherhood toward all living beings.
निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर, दिये गए प्रश्नों के उत्तरों में से सही विकल्प छाँटकर लिखिए।
हवस बुझाने से पहले साधन उपजाना सीखो,
जंग छेड़ने से पहले तलवार चलाना सीखो।
महज फूँकने से कब कोई श्रृंग टूट है गिरता,
गगन-सितारे तोड़ न कोई जलधि-पार है तिरता,
कंचनजंघा चढ़ा वही जो सहा बर्फ़ का रेला,
जो तरंग तट छोड़ बढ़ा, वह कब कगार फिर फिरता,
आग लगाने से पहले तुम आग बुझाना सीखो।
तलवार चलाना सीखो।।
Question 4(1). हवस बुझाने से पहले क्या सीखना चाहिए ?
(a) खेत तैयार करना।
(b) फसल उपजाना।
(c) साधन उपजाना।
(d) घर सही करना।
Answer: (c) साधन उपजाना।
In simple words: किसी भी इच्छा की पूर्ति से पहले उसके जरूरी संसाधन और उपाय तैयार करना जरूरी है।
Exam Tip: Directly trace the opening verse line 'हवस बुझाने से पहले साधन उपजाना सीखो'.
Question 4(2). जंग छेड़ने से पहले क्या सीखना चाहिए ?
(a) भाला-चलाना।
(b) घुड़सवारी करना।
(c) तलवार चलाना।
(d) हाथी पर चढ़ना।
Answer: (c) तलवार चलाना।
In simple words: किसी भी संघर्ष या मुकाबले में उतरने से पहले उसकी पूरी तैयारी और कौशल सीखना चाहिए।
Exam Tip: Match the direct rhyme and phrase 'जंग छेड़ने से पहले तलवार चलाना सीखो'.
Question 4(3). आग लगाने से पहले क्या सीखना चाहिए ?
(a) आग जलाना
(b) चूल्हा जलाना
(c) चक्की पीसना
(d) आग बुझाना
Answer: (d) आग बुझाना
In simple words: कोई भी जोखिम भरा कदम उठाने से पहले उसके संकट को सँभालने की क्षमता होनी चाहिए।
Exam Tip: Focus on the poet's warning about responsibility before initiating a conflict.
Question 4(4). कंचनजंघा कौन चढ़ सकता है ?
(a) बर्फ़ के रेला सहने वाला।
(b) दुख सहने वाला।
(c) पहाड़ी आदिवासी।
(d) बहादुर बच्चे।
Answer: (a) बर्फ़ के रेला सहने वाला।
In simple words: जो पर्वतारोही बर्फीली आंधियों और भीषण ठंड को झेलने की हिम्मत रखता है, वही शिखर पर पहुँचता है।
Exam Tip: Recall the exact poetic imagery 'कंचनजंघा चढ़ा वही जो सहा बर्फ़ का रेला'.
Question 4(5). श्रृंग कब नहीं टूटता ?
(a) कूकने से।
(b) फूँकने से।
(c) बोलने से।
(d) लड़ने से।
Answer: (b) फूँकने से।
In simple words: केवल बातें बनाने या फूँक मारने से पहाड़ की ऊँची चोटियाँ कभी नहीं ढहतीं; उसके लिए कठिन परिश्रम चाहिए।
Exam Tip: Verify against the third line of the poem: 'महज फूँकने से कब कोई श्रृंग टूट है गिरता'.
खंड: ख (व्यवहारिक व्याकरण)
Question 5. निर्देशानुसार उत्तर दीजिए।
(क) ‘सुशांत’ शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग और मूल शब्द लिखिए।
(ख) ‘अ’ उपसर्ग लगाकर एक शब्द बनाइए।
(ग) ‘खिलौना’ शब्द में प्रयुक्त प्रत्यय और मूल शब्द लिखिए।
(घ) ‘वाला’ प्रत्यय से एक शब्द बनाइए।
निम्नलिखित समस्त पदों का विग्रह कर समास का नाम लिखिए ।
(i) महात्मा (ii) विद्यालय (iii) त्रिलोचन
Answer:
(क) उपसर्ग: सु, मूल शब्द: शांत (सु + शांत)
(ख) अ + धर्म = अधर्म (अथवा असत्य, अज्ञान)
(ग) मूल शब्द: खेल, प्रत्यय: औना (खेल + औना = खिलौना)
(घ) फल + वाला = फलवाला (अथवा दूधवाला, सब्जीवाला)
(i) महात्मा = महान है जो आत्मा - कर्मधारय समास
(ii) विद्यालय = विद्या के लिए आलय - तत्पुरुष समास (संप्रदान तत्पुरुष)
(iii) त्रिलोचन = तीन हैं लोचन (नेत्र) जिसके अर्थात् शिव - बहुव्रीहि समास (अथवा तीन लोचनों का समाहार - द्विगु समास)
In simple words: उपसर्ग शब्द के शुरू में और प्रत्यय अंत में जुड़ते हैं, जबकि समास दो पदों के संक्षिप्त मेल को कहते हैं।
Exam Tip: Always write the grammatical vigrah clearly alongside the exact classification of Samas.
Question 6. (i) अर्थ के आधार पर निम्नलिखित वाक्यों की पहचान कर उनके भेद लिखिए :
(क) मैंने आज गृहकार्य नहीं किया।
(ख) धूप में मत खेलो।
(ii) निम्नलिखित वाक्यों को निर्देशानुसार बदलिए :
(क) तुम पढ़ने बैठ जाओ। (संदेहवाचक)
(ख) गर्मी में पानी नहीं पीने से बीमार होते हैं। (संकेतवाचक)
Answer:
(i) वाक्यों के भेद:
(क) मैंने आज गृहकार्य नहीं किया। - निषेधवाचक वाक्य
(ख) धूप में मत खेलो। - निषेधवाचक वाक्य (आज्ञार्थक निषेध)
(ii) वाक्य रूपांतरण:
(क) तुम पढ़ने बैठ जाओ। (संदेहवाचक) - शायद तुम पढ़ने बैठ जाओ। (अथवा संभवतः तुम पढ़ने बैठोगे।)
(ख) गर्मी में पानी नहीं पीने से बीमार होते हैं। (संकेतवाचक) - यदि गर्मी में पानी नहीं पियोगे, तो बीमार हो जाओगे।
In simple words: 'नहीं' या 'मत' वाले वाक्य निषेधवाचक होते हैं, 'शायद' से संदेहवाचक और 'यदि-तो' से संकेतवाचक वाक्य बनते हैं।
Exam Tip: For conditional sentences (संकेतवाचक), use the 'यदि... तो...' pair to guarantee full marks.
Question 7. निम्नलिखित पद्यांशों में प्रयुक्त अलंकारों की पहचान कर उनके नाम लिखिए :
(क) आए महंत वसंत।
(ख) वह दीप-शिखा-सी शांत भाव में लीन।
(ग) सुनत जोग लागत है ऐसो ज्यों करुई ककरी।
(घ) मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के।
Answer:
(क) आए महंत वसंत। - रूपक अलंकार (वसंत ऋतु पर महंत का अभेद आरोप) अथवा मानवीकरण अलंकार
(ख) वह दीप-शिखा-सी शांत भाव में लीन। - उपमा अलंकार ('सी' समतावाचक शब्द)
(ग) सुनत जोग लागत है ऐसो ज्यों करुई ककरी। - उत्प्रेक्षा अलंकार ('ज्यों' वाचक शब्द के प्रयोग से) अथवा उपमा अलंकार
(घ) मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के। - मानवीकरण अलंकार (बादलों पर सजने-सँवरने की मानवीय क्रिया का आरोप)
In simple words: 'सी' होने से उपमा, 'ज्यों' से उत्प्रेक्षा और प्रकृति पर इंसानी क्रियाएँ दिखाने से मानवीकरण अलंकार होता है।
Exam Tip: Look for distinct identifier clues like 'सा/सी/से' for Upama and 'मानो/जनु/ज्यों' for Utpreksha.
खंड: ग (पाठ्य-पुस्तक)
प्रस्तुत गद्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
उन जैसा 'बर्ड वाचर' शायद ही कोई हुआ हो। लेकिन एकांत क्षणों में सालिम अली बिना दूरबीन भी देखे गए हैं। दूर क्षितिज तक फैली ज़मीन और झुके आसमान को छूने वाली उनकी नजरों में कुछ-कुछ वैसा ही जादू था, जो प्रकृति को अपने घेरे में बाँध लेता है। सालिम अली उन लोगों में थे जो प्रकृति के प्रभाव में आने की बजाए प्रकृति को अपने प्रभाव में लाने के कायल होते हैं।
Question 8(i). ‘बर्ड वाचर’ का क्या अर्थ है ?
Answer: 'बर्ड वाचर' का तात्पर्य पक्षियों के जीवन, व्यवहार, आवास तथा क्रियाकलापों का सूक्ष्मता से निरीक्षण, अध्ययन और संरक्षण करने वाले पक्षी-प्रेमी से है।
In simple words: जो व्यक्ति चिड़ियों को ध्यान से देखता और उनके बारे में खोजबीन करता है, उसे 'बर्ड वाचर' कहते हैं।
Exam Tip: Define the term directly in the context of Salim Ali's lifelong ornithological devotion.
Question 8(ii). सालिम अली की नजरों में जादू था- का आशय स्पष्ट कीजिए।
Answer: इसका आशय यह है कि सालिम अली की दृष्टि में प्रकृति और पक्षियों के मर्म को पहचानने की विलक्षण अंतर्दृष्टि थी। उनकी आँखों में पर्यावरण के प्रति ऐसा गहरा अनुराग और सम्मोहन था कि वे प्राकृतिक परिवेश को गहराई से महसूस कर उसे अपनी ओर आकर्षित कर लेते थे।
In simple words: उनकी नजरों में प्रकृति की सुंदरता को समझने और उसे महसूस करने की अनोखी शक्ति थी।
Exam Tip: Highlight their deep emotional and observational connection with surrounding natural landscapes.
Question 8(iii). सालिम अली की प्रकृति कैसी थी ?
Answer: सालिम अली अत्यंत जिज्ञासु, संवेदनशील और समर्पित स्वभाव के थे। वे प्रकृति के सामान्य प्रभाव में विलीन होने के बजाय अपनी सक्रिय निष्ठा और संरक्षणवादी सोच से प्रकृति को सकारात्मक रूप से प्रभावित करने में विश्वास रखते थे।
In simple words: वे बहुत खोजी और प्रकृति से सच्चा प्यार करने वाले इंसान थे जो पर्यावरण की रक्षा के लिए तत्पर रहते थे।
Exam Tip: Reference the concluding sentence of the passage to explain their proactive stance toward nature.
Question 9(i). आज के उपभोक्तावादी युग में पनप रही दिखावे की संस्कृति पर अपने विचार ‘‘उपभोक्तावाद की संस्कृति’’ पाठ के आधार पर प्रकट कीजिए।
Answer: उपभोक्तावादी संस्कृति ने मनुष्य को विज्ञापनों का दास बना दिया है, जहाँ लोग अपनी वास्तविक आवश्यकताओं के बजाय सामाजिक प्रतिष्ठा और झूठे प्रदर्शन के लिए वस्तुएँ खरीद रहे हैं। यह दिखावा समाज में आर्थिक विषमता, ईर्ष्या, असंतोष और नैतिक मूल्यों के ह्रास को तेजी से बढ़ावा दे रहा है।
In simple words: लोग केवल दूसरों को दिखाने के लिए महँगी चीजें खरीद रहे हैं, जिससे समाज में जलन और बेचैनी बढ़ रही है।
Exam Tip: Emphasize the loss of traditional values and the growing social divide caused by consumerist trends.
Question 9(ii). हीरा और मोती ने साँड़ का सामना किस प्रकार किया ?
Answer: दोनों मित्रों ने सूझबूझ और एकता का परिचय देते हुए संयुक्त रणनीति बनाई। जब साँड़ एक पर वार करता, तो दूसरा उस पर पीछे से सींगों से हमला कर देता। इस दोतरफा वार से साँड़ घबरा गया और दोनों ने मिलकर उसे बुरी तरह जख्मी कर भागने पर विवश कर दिया।
In simple words: दोनों बैलों ने मिलकर आगे और पीछे से बारी-बारी हमला किया और साँड़ को हरा दिया।
Exam Tip: Mention teamwork and organized mutual defense as the key factors in defeating the beast.
Question 9(iii). वृंदावन में कृष्ण की मुरली का जादू हमेशा क्यों बना रहता है ? ‘‘साँवले सपनों की याद’’ पाठ के आधार पर बताइए।
Answer: वृंदावन का कण-कण, यमुना का सांवला जल और कुंजों की छांव आज भी श्रीकृष्ण की मधुर वंशी और बाल-लीलाओं की याद दिलाते हैं। वहाँ पहुँचते ही ऐसा प्रतीत होता है कि अभी कहीं से कन्हैया प्रकट होकर अपनी बाँसुरी की तान से सबको मुग्ध कर देंगे, इसी कारण वह जादू आज भी जीवंत है।
In simple words: वृंदावन की पावन भूमि पर आज भी कृष्ण की बाँसुरी की धुन और उनकी यादें चारों तरफ महसूस होती हैं।
Exam Tip: Mention how spiritual memory and landscape together keep the mythological ambiance perpetually alive.
Question 9(iv). भारत की महिलाओं की तुलना में तिब्बत की महिलाओं की सामाजिक स्थिति कैसी थी ? ‘‘ल्हासा की ओर’’ पाठ के आधार पर लिखिए।
Answer: तत्कालीन भारतीय समाज की तुलना में तिब्बत की महिलाओं की स्थिति काफी खुली और प्रगतिशील थी। वहाँ पर्दा-प्रथा, घूँघट और जातिगत छुआछूत नहीं था। महिलाएँ पूरी स्वतंत्रता के साथ घर का संचालन करती थीं तथा किसी भी अपरिचित यात्री को घर के भीतर आने और चाय पकवाने की अनुमति देती थीं।
In simple words: तिब्बत की औरतें पर्दे में नहीं रहती थीं और बिना भेदभाव के किसी भी अजनबी की मदद करती थीं।
Exam Tip: Highlight the absence of the purdah system and untouchability in traditional Tibetan domestic life.
Question 9(v). ‘दो बैलों की कथा’ कहानी में बैलों के माध्यम से कौन-कौन से नीति विषयक प्रमुख मूल्य उभर कर आए हैं?
Answer: इस कहानी के माध्यम से स्वतंत्रता के लिए निरंतर संघर्ष करना, संकट में मित्र का साथ निभाना, मूक प्राणियों के प्रति दयाभाव रखना, नारी जाति का आदर करना तथा अत्याचार के सामने कभी न झुकने जैसे शाश्वत नैतिक मूल्य उजागर हुए हैं।
In simple words: कहानी सिखाती है कि आज़ादी सबसे कीमती है, दोस्ती में वफादारी जरूरी है और कभी अन्याय नहीं सहना चाहिए।
Exam Tip: Enumerate values as distinct points: freedom struggle, true friendship, and non-violence toward the submissive.
निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
काली तू, रजनी भी काली,
शासन की करनी भी काली,
काली लहर कल्पना काली,
मेरी काल कोठरी काली,
टोपी काली, कमली काली,
मेरी लोह-श्रृंखला काली,
पहरे की हुंकृति की ब्याली,
तिस पर है गाली, ऐ आली !
इस काले संकट-सागर पर
मरने की मदमाती !
कोकिल बोलो तो !
अपने चमकीले गीतों को
क्योंकर हो तैराती !
कोकिल बोलो तो !
Question 10(क). कवि ने अपने आस-पास के वातावरण में किन-किन काली वस्तुओं की गणना की है ?
Answer: कवि ने कोयल, रात्रि, ब्रिटिश सरकार के कुकृत्य, निराशा भरी कल्पना, कालकोठरी, कैदियों की टोपी, कंबल, लोहे की भारी बेड़ियाँ और पहरेदारों की सर्पिणी जैसी हुंकार को काली वस्तुओं के रूप में गिनाया है।
In simple words: कवि ने जेल की कोठरी, रात, टोपी, कंबल, जंजीर और अंग्रेजों के काले शासन को काला बताया है।
Exam Tip: List both literal objects (टोपी, कमली, बेड़ी) and abstract concepts (शासन की करनी, कल्पना) to secure full marks.
Question 10(ख). कवि ने किस वातावरण का चित्रण किया है ?
Answer: कवि ने पराधीन भारत की जेलों में स्वतंत्रता सेनानियों पर होने वाले अमानवीय अत्याचार, असह्य मानसिक व शारीरिक यातना, घोर अंधकार, अपमान और चारों तरफ फैली निराशाजनक दासता के भयावह वातावरण का सजीव अंकन किया है।
In simple words: कवि ने अंग्रेजों की जेल के भयानक जुल्म, अंधेरे और कैदियों के दुख भरे माहौल का वर्णन किया है।
Exam Tip: Use strong descriptive words such as 'दमनकारी', 'क्रूरता' and 'अंधकारमय परिवेश'.
Question 10(ग). कोयल की कूक 'चमकीला गीत' क्यों है ?
Answer: कोयल की कूक निराशा और पराधीनता के काले संकट-सागर में देशवासियों के भीतर देशभक्ति, आशा, साहस और क्रांति की ज्योति प्रज्वलित करने वाली है, इसलिए उसके ओजस्वी व मधुर स्वरों को 'चमकीला गीत' कहा गया है।
In simple words: कोयल की आवाज़ अंधेरे और दुख के बीच आज़ादी की उम्मीद और रोशनी जगाने वाली है।
Exam Tip: Contrast the brightness of hope and freedom with the surrounding blackness of British tyranny.
Question 11(i). पंत जी ने हरियाली को मखमल के समान क्यों बताया है?
Answer: वसंत ऋतु में खेतों में उगी हरी-भरी, नई और घनी फसलें बिछे हुए मखमली कालीन के समान अत्यंत कोमल, चिकनी और चमकीली दिखाई देती हैं, इसलिए कवि ने हरियाली की तुलना कोमल मखमल से की है।
In simple words: खेतों में नई हरी फसलें मखमली कपड़े की तरह बहुत मुलायम और चमकदार लगती हैं।
Exam Tip: Mention both visual appearance (lush green) and texture (softness like velvet) in your answer.
Question 11(ii). गोपियाँ कानों को अंगुली से ढककर बन्द क्यों करना चाहती है?
Answer: गोपियाँ जानती हैं कि जब श्रीकृष्ण अपनी मुरली की मधुर और सम्मोहक तान बजाएँगे, तो वे स्वयं को वश में नहीं रख पाएँगी और लोक-लाज छोड़कर उनकी ओर खिंची चली जाएँगी, इसलिए वे अपने कानों में उँगली डाल लेना चाहती हैं।
In simple words: वे कृष्ण की बाँसुरी की धुन सुनकर अपनी सुध-बुध न खो दें, इसलिए कान बंद करना चाहती हैं।
Exam Tip: Focus on the irresistible power of Krishna's flute and the gopis' fear of losing social decorum.
Question 11(iii). बंद द्वार की साँकल कैसे खोली जा सकती है? वाख कविता के आधार पर बताइए।
Answer: कवयित्री ललद्यद के अनुसार भोग और त्याग के बीच संतुलन बनाकर समभावी होने से, तथा अहंकार का त्याग कर सहज ज्ञान और अंतःकरण की शुद्धि प्राप्त करने से अज्ञान रूपी बंद द्वार की साँकल खुल सकती है।
In simple words: सुख-दुख में एक समान रहकर और मन से घमंड मिटाकर ईश्वर के द्वार तक पहुँचा जा सकता है।
Exam Tip: Key concepts include 'मध्यम मार्ग' (moderate path) and avoiding extremes of asceticism and indulgence.
Question 11(iv). कबीर के अनुसार ईश्वर के सच्चे स्वरूप को कौन लोग नहीं जान पाते ?
Answer: जो लोग पक्ष-विपक्ष, हिंदू-मुस्लिम के धार्मिक झगड़ों, मंदिर-मस्जिद के पाखंडों तथा बाह्य आडंबरों में उलझे रहते हैं, वे संकीर्ण भेदभाव के कारण हर प्राणी के भीतर बसे सच्चे परमात्मा को नहीं पहचान पाते।
In simple words: जो लोग पूजा-पाठ के दिखावे और धर्म के नाम पर लड़ते हैं, वे भगवान के असली रूप को नहीं जान पाते।
Exam Tip: Cite Kabir's rejection of sectarian rivalries (पखापखी) and institutionalized ritualism.
Question 11(v). कवि माखनलाल चतुर्वेदी को कोयल से ईर्ष्या होने का क्या कारण है?
Answer: कवि जेल की तंग, अंधेरी दस फुट की कालकोठरी में जंजीरों से जकड़े हुए हैं जहाँ रोना भी गुनाह है, जबकि कोयल खुले आकाश में स्वच्छंद उड़ान भरती है और हरी-भरी डालियों पर बैठकर गाती है। इसी विषमता के कारण कवि को उससे ईर्ष्या होती है।
In simple words: कोयल आज़ाद होकर उड़ रही है जबकि कवि जेल की संकरी कोठरी में कैद हैं।
Exam Tip: Structure the contrast clearly: free flight in open skies versus chained confinement in a 10-foot cell.
Question 12. बाढ़ की सूचना मिलते ही, बाढ़ से बचने के लिए किए जाने वाले उपायों और प्रबंधों पर प्रकाश डालिए।
Answer: बाढ़ का पानी शहर में घुसने की खबर मिलते ही लोगों ने दैनिक गुजारे के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री (जैसे आलू, अनाज), स्वच्छ पेयजल, ईंधन, मोमबत्ती, दियासलाई तथा जरूरी दवाइयों (जैसे कंपोज की गोलियाँ) का प्रबंध करके घरों के ऊपरी तलों पर सुरक्षित रखना शुरू कर दिया। निचले इलाकों से आवश्यक सामान ऊँचे स्थानों पर पहुँचाया गया तथा सभी लोग रेडियो और समाचार माध्यमों से लगातार पानी के स्तर पर नजर रखने लगे।
In simple words: बाढ़ की खबर पाते ही लोगों ने खाना-पीना, मोमबत्ती, पानी और दवाइयाँ सुरक्षित ऊँची जगहों पर जमा कर लीं।
Exam Tip: Mention specific essential provisions (आलू, मोमबत्ती, दियासलाई, दवाइयाँ) detailed in Phanishwar Nath Renu's reportage.
खंड: घ (लेखन)
Question 13(i). चरित्र-धन
• भूमिका
• सबसे बड़ा धन-चरित्र-धन।
• उन्नति में सहायक
• उपसंहार
Answer: चरित्र-धन
भूमिका: मानव जीवन में धन, संपत्ति, पद और प्रतिष्ठा की तुलना में चरित्र का स्थान सर्वोपरि है। एक सुप्रसिद्ध उक्ति है - "यदि धन गया तो कुछ नहीं गया, यदि स्वास्थ्य गया तो कुछ गया, परंतु यदि चरित्र चला गया तो समझो सब कुछ नष्ट हो गया।" चरित्र ही व्यक्ति के व्यक्तित्व का सच्चा दर्पण होता है।
सबसे बड़ा धन - चरित्र-धन: भौतिक संपदा नश्वर है; आज है तो कल समाप्त हो सकती है, किंतु चरित्र रूपी धन जन्म-जन्मांतर तक व्यक्ति के साथ रहता है। सत्कर्म, ईमानदारी, सत्यवादिता, विनम्रता और परोपकार चरित्र-धन के मूल आभूषण हैं। चरित्रवान निर्धन व्यक्ति भी समाज में आदर पाता है, जबकि चरित्रहीन धनवान को केवल तिरस्कार मिलता है।
उन्नति में सहायक: चरित्रवान व्यक्ति अपने आत्मबल, सत्यनिष्ठा और कर्तव्यपरायणता से जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति करता है। ऐसा व्यक्ति कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने आदर्शों से विचलित नहीं होता। स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी और अब्राहम लिंकन जैसे महापुरुषों ने अपने चरित्र के बल पर ही विश्व का मार्गदर्शन किया।
उपसंहार: चरित्र निर्माण राष्ट्र निर्माण की पहली सीढ़ी है। हमें बाल्यावस्था से ही नैतिक मूल्यों और सदाचार को जीवन में अपनाना चाहिए। चरित्रवान नागरिक ही किसी भी देश को महान और सशक्त बना सकते हैं।
In simple words: चरित्र इंसान की सबसे अनमोल दौलत है जिसके बल पर वह समाज में सच्चा मान-सम्मान और सफलता हासिल करता है।
Exam Tip: Address every given outline point under a distinct subheading and stay within the 200-250 word limit.
Question 13(ii). विज्ञापनों का आकर्षण
• प्रस्तावना
• विज्ञापन का अर्थ
• महत्व
• उपयोगिता व अनुपयोगिता
• उपसंहार
Answer: विज्ञापनों का आकर्षण
प्रस्तावना: आज का युग प्रचार और प्रसार का युग है। सुबह समाचार पत्र खोलने से लेकर टेलीविजन, इंटरनेट और सड़कों के होर्डिंग्स तक हम चारों ओर विज्ञापनों की दुनिया से घिरे हुए हैं। आकर्षक विज्ञापन आधुनिक उपभोक्ता की मानसिकता को गहराई से प्रभावित कर रहे हैं।
विज्ञापन का अर्थ: 'विज्ञापन' शब्द 'वि' (विशेष) और 'ज्ञापन' (सूचना) के योग से बना है, जिसका अर्थ है किसी वस्तु, सेवा या विचार की विशेष जानकारी जनसाधारण तक पहुँचाना। इसका मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को आकर्षित कर वस्तु की बिक्री बढ़ाना है।
महत्व: आज के तीव्र प्रतिस्पर्धात्मक बाज़ार में विज्ञापन व्यापार की रीढ़ बन चुके हैं। इसके माध्यम से नए उत्पादों, उनकी विशेषताओं, उपयोग विधि तथा बाज़ार में उपलब्ध विकल्पों की त्वरित जानकारी उपभोक्ताओं तक पहुँचती है।
उपयोगिता व अनुपयोगिता: विज्ञापन जहाँ एक ओर ग्राहकों को गुणवत्ता और मूल्य की तुलना करने का अवसर देते हैं, वहीं दूसरी ओर भ्रामक और अतिरंजित विज्ञापन लोगों को अनावश्यक खरीदारी के लिए उकसाते हैं। चमक-दमक के पीछे कई बार घटिया सामग्री भी बेच दी जाती है, जिससे उपभोक्ता ठगा जाता है।
उपसंहार: विज्ञापन आधुनिक जीवनशैली का अनिवार्य अंग बन चुके हैं। अतः उपभोक्ताओं को चाहिए कि वे विज्ञापनों के सम्मोहन में आँख मूँदकर न फँसें, बल्कि अपनी विवेकशीलता और सूझबूझ से सही वस्तु का चयन करें।
In simple words: विज्ञापन नई चीजों की जानकारी देने में मददगार होते हैं, लेकिन हमें उनके झूठे दिखावे से बचकर समझदारी से खरीदारी करनी चाहिए।
Exam Tip: Balance your essay by explaining both positive utilities and misleading aspects of commercial advertising.
Question 13(iii). बेकारी की समस्या
• भूमिका
• बेकारी के कारण
• समाधान
• सरकार द्वारा सहयोग
• उपसंहार
Answer: बेकारी की समस्या
भूमिका: बेकारी अथवा बेरोज़गारी हमारे देश की प्रमुख सामाजिक और आर्थिक समस्याओं में से एक है। जब कोई शारीरिक व मानसिक रूप से सक्षम व्यक्ति काम करने की प्रबल इच्छा रखने के बावजूद उचित रोज़गार प्राप्त नहीं कर पाता, तो उस स्थिति को बेकारी कहते हैं।
बेकारी के कारण: बेकारी का सबसे प्रमुख कारण अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि है। इसके अतिरिक्त दोषपूर्ण शिक्षा प्रणाली, जो केवल किताबी ज्ञान देती है और व्यावहारिक कौशल नहीं सिखाती, कुटीर उद्योगों का पतन, कृषि पर अत्यधिक निर्भरता तथा मशीनीकरण एवं स्वचालन भी बेरोज़गारी को निरंतर बढ़ा रहे हैं।
समाधान: इस संकट से उबरने के लिए शिक्षा को रोज़गारपरक और तकनीकी बनाना अनिवार्य है। युवाओं को स्वरोज़गार, हस्तशिल्प और लघु उद्यमों की ओर प्रेरित करना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना भी आवश्यक है।
सरकार द्वारा सहयोग: सरकार द्वारा 'स्टार्ट-अप इंडिया', 'कौशल विकास योजना', 'मुद्रा ऋण' तथा मनरेगा जैसी अनेक कल्याणकारी योजनाएँ चलाई जा रही हैं। इनका उद्देश्य युवाओं को स्वावलंबी बनाना और रोज़गार के नए अवसर सृजित करना है।
उपसंहार: बेरोज़गारी केवल आर्थिक संकट नहीं, अपितु समाज में अपराध और हताशा का भी कारण बनती है। यदि युवा शक्ति को सही दिशा और अवसर मिलें, तो देश तीव्र गति से विकास के मार्ग पर अग्रसर हो सकता है।
In simple words: बेकारी दूर करने के लिए युवाओं को तकनीकी हुनर सिखाना और स्वरोज़गार को बढ़ावा देना सबसे जरूरी कदम है।
Exam Tip: Mention current governmental schemes and skill development initiatives to make your essay contemporary and impactful.
Question 14. बैंकिंग सेवा भर्ती बोर्ड,नई दिल्ली के सचिव को लिपिक के पद के लिए अपनी योग्यताओं का विवरण देते हुए आवेदन-पत्र लिखिए ।
Answer: परीक्षा भवन,
नई दिल्ली।
दिनांक: 15 मार्च 2013
सेवा में,
सचिव महोदय,
बैंकिंग सेवा भर्ती बोर्ड,
नई दिल्ली।
विषय: लिपिक (क्लर्क) के पद हेतु आवेदन-पत्र।
महोदय,
'दैनिक जागरण' के 10 मार्च 2013 के अंक में प्रकाशित आपके विज्ञापन के माध्यम से मुझे ज्ञात हुआ है कि आपके बोर्ड द्वारा लिपिक पदों के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। मैं इस पद के लिए अपनी सेवाएँ प्रस्तुत करना चाहता हूँ। मेरी शैक्षणिक योग्यताओं और व्यक्तिगत विवरण का विवरण निम्नलिखित है -
1. नाम: क. ख. ग.
2. जन्म तिथि: 12 अगस्त 1992
3. शैक्षणिक योग्यताएँ:
• सी.बी.एस.ई. से कक्षा दसवीं (प्रथम श्रेणी, 85%)
• सी.बी.एस.ई. से कक्षा बारहवीं - वाणिज्य वर्ग (प्रथम श्रेणी, 88%)
• दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम. (प्रथम श्रेणी, 72%)
4. तकनीकी योग्यता: कंप्यूटर एप्लीकेशन में एक वर्षीय डिप्लोमा तथा हिंदी-अंग्रेजी में 40 शब्द प्रति मिनट की टाइपिंग गति।
मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि यदि मुझे इस पद पर कार्य करने का अवसर प्रदान किया गया, तो मैं अपने कार्य को पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और परिश्रम से संपन्न करूँगा।
सधन्यवाद!
भवदीय,
क. ख. ग.
संलग्नक: प्रमाण-पत्रों की सत्यापित प्रतियाँ।
In simple words: नौकरी के आवेदन पत्र में औपचारिक भाषा, पद का संदर्भ और अपनी शैक्षणिक योग्यताओं की सूची साफ़-साफ़ लिखनी होती है।
Exam Tip: Present qualifications clearly in a tabular or bulleted bio-data format for formal job application letters.
Question 15. विद्यालय द्वारा आयोजित योग प्रशिक्षण शिविर की उपयोगिता तथा आयोजन का विस्तार से प्रतिवेदन लिखिए ।
Answer: विद्यालय में योग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन: एक प्रतिवेदन
स्थान: राजकीय सर्वोदय विद्यालय, नई दिल्ली
दिनांक: 25 अप्रैल 2013
हमारे विद्यालय के क्रीड़ा प्रांगण में 15 अप्रैल से 21 अप्रैल 2013 तक सात दिवसीय 'योग एवं स्वास्थ्य प्रशिक्षण शिविर' का भव्य आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाना, एकाग्रता बढ़ाना तथा शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति सजग करना था।
शिविर का उद्घाटन पतंजलि योगपीठ से पधारे प्रसिद्ध योगाचार्य स्वामी आत्मानंद जी के कर-कमलों द्वारा हुआ। प्रतिदिन प्रातः 6:30 बजे से 8:00 बजे तक कक्षा छह से बारहवीं तक के विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा स्थानीय अभिभावकों ने इसमें बढ़-चढ़कर भाग लिया। शिविर के दौरान प्रतिभागियों को ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, सूर्य नमस्कार जैसे उपयोगी आसनों का अभ्यास कराया गया। इसके साथ ही अनुलोम-विलोम, कपालभाति तथा भ्रामरी प्राणायाम के वैज्ञानिक महत्व और ध्यान (मेडिटेशन) के लाभों से अवगत कराया गया।
योगाचार्य जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास से स्मरण शक्ति में वृद्धि होती है और परीक्षा के समय होने वाली घबराहट दूर होती है। शिविर के अंतिम दिन प्राचार्य महोदय ने सभी योग प्रशिक्षकों को स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया तथा सभी विद्यार्थियों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प कराया। यह शिविर अत्यंत ज्ञानवर्धक, स्फूर्तिदायक और सफल सिद्ध हुआ।
प्रतिवेदक:
आशीष शर्मा
(छात्र प्रमुख / सचिव, स्वास्थ्य समिति)
In simple words: प्रतिवेदन में किसी कार्यक्रम की तारीख, स्थान, मुख्य गतिविधियों और उसके फायदों का क्रमवार ब्योरा दिया जाता है।
Exam Tip: An effective report (प्रतिवेदन) must include a catchy title, date, place, sequence of events, and the reporter's designation at the end.
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