CBSE Class 8 Hindi Revision Worksheet Set 25

Official Class 8 Hindi Worksheets: All Chapters

Access comprehensive chapter-wise worksheets for All Chapters using the CBSE Class 8 Hindi Revision Worksheet Set 25. Designed to align with the 2026-27 academic syllabus for Class 8 Hindi, these printable practice sets help students reinforce key concepts and improve their overall exam readiness.

Solved Practice Worksheets for Hindi

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वसंत भाग - 3

कहानी से - कामचोर

Question (क). कहानी में मोटे-मोटे किस काम के हैं? किन के बारे में और क्यों कहा गया?
Answer: यह वाक्य घर के बच्चों के बारे में कहा गया है क्योंकि वे दिनभर घर में कोई काम नहीं करते थे और निठल्ले बैठे रहते थे। जब घर के बड़े लोगों ने बच्चों को कामचोर और किसी काम का न होने का ताना दिया, तब बच्चों ने घर का काम करने का बीड़ा उठाया, लेकिन उन्होंने घर के सारे काम को और अधिक बिगाड़ दिया।
In simple words: यह बात घर के निकम्मे बच्चों के लिए कही गई थी जो कोई काम नहीं करते थे।

Exam Tip: बच्चों की कामचोरी और उनकी अक्षमता को दर्शाने के लिए इस व्यंग्यात्मक वाक्य का प्रयोग किया गया है।

 

Question (ख). बच्चों के अधम मचाने के कारण घर की क्या दुर्दशा हुई?
Answer: बच्चों द्वारा घर का काम करने के प्रयास में मचाए गए हुड़दंग के कारण पूरे घर का हाल बेहाल हो गया। पानी भरने की होड़ में सारा घर पानी-पानी हो गया, मुर्गियों और भेड़ों को घर में घुसा दिया गया जिससे पूरा घर गंदा हो गया, मटके और बर्तन टूट गए, और बच्चों ने दरी-मर्दों व राशन का सामान चारों तरफ बिखेर दिया।
In simple words: बच्चों ने काम करने के चक्कर में पूरे घर में ऐसा हुड़दंग मचाया कि सारा घर कचरे और पानी से भर गया।

Exam Tip: बच्चों के अव्यवस्थित और बिना प्रशिक्षण के काम करने के परिणामों को स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question (ग). "या तो बच्चा राज कायम कर लो या मुझे ही रख लो।" अम्मा ने कब कहा? और इसका परिणाम क्या हुआ?
Answer: अम्मा ने यह बात तब कही जब बच्चों के अथक और विनाशकारी प्रयासों से घर में भयंकर कोहराम मच गया, चारों तरफ गंदगी फैल गई, और पानी की कमी व अफरातफरी के कारण घर रहना मुश्किल हो गया। इसका परिणाम यह हुआ कि पिता जी ने तुरंत घर की व्यवस्था संभालने का निर्णय लिया और बच्चों को घर का कोई भी काम करने से सख्त मना कर दिया गया।
In simple words: अम्मा ने तंग आकर घर छोड़ने की धमकी दी, जिसके बाद बच्चों को काम करने से रोक दिया गया।

Exam Tip: अम्मा की इस चेतावनी से कहानी का चरम बिंदु (climax) और बच्चों की शरारतों का अंत पता चलता है।

 

Question (घ). 'कामचोर' कहानी क्या संदेश देती है?
Answer: 'कामचोर' कहानी यह संदेश देती है कि बच्चों को बचपन से ही उनकी क्षमता के अनुसार छोटे-मोटे कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। साथ ही, बच्चों को अनुशासित ढंग से काम सिखाना चाहिए न कि उन पर अचानक सारा काम थोप देना चाहिए जिससे वे काम बिगाड़ दें।
In simple words: यह कहानी सिखाती है कि बच्चों को प्यार और सही मार्गदर्शन से काम सिखाना चाहिए।

Exam Tip: उत्तर में आत्मनिर्भरता और उचित मार्गदर्शन जैसे मुख्य बिंदुओं का उल्लेख अवश्य करें।

 

पाठ से - जब सिनेमा ने बोलना सीखा

Question (क). जब पहली बोलती फिल्म प्रदर्शित हुई तो उसके पोस्टरों पर कौन-से वाक्य छापे गए? उस फिल्म में कितने चेहरे थे? स्पष्ट कीजिए।
Answer: जब भारत की पहली बोलती फिल्म 'आलम आरा' प्रदर्शित हुई, तो उसके प्रचार के लिए पोस्टरों पर यह वाक्य छापे गए: "वे सभी सजीव हैं, सांस ले रहे हैं, शत-प्रतिशत बोल रहे हैं - सतहत्तर मुर्दा इंसान जिंदा हो गए, उनको ज़िंदा देख लो।" उस फिल्म में कुल 78 (अठत्तर) चेहरे या अभिनेता-अभिनेत्रियां थे।
In simple words: पहली बोलती फिल्म के पोस्टर पर लिखा था कि ये सभी बोल और सांस ले रहे हैं, और उस फिल्म में 78 कलाकार थे।

Exam Tip: पोस्टरों पर छापे गए विशिष्ट वाक्य और कलाकारों की संख्या (78) को सही-सही याद रखें।

 

Question (ख). पहला बोलता सिनेमा बनाने के लिए फिल्मकार अर्देशिर एम. ईरानी को प्रेरणा कहाँ से मिली? उन्होंने 'आलम आरा' फिल्म के लिए आधार कहाँ से लिया? विचार व्यक्त कीजिए।
Answer: अर्देशिर एम. ईरानी को पहला बोलता सिनेमा बनाने की प्रेरणा वर्ष 1929 की एक हॉलीवुड बोलती फिल्म 'शो बोट' को देखकर मिली। उन्होंने 'आलम आरा' फिल्म के लिए आधार एक पारसी रंगमंच के नाटक को बनाया, जिसे आधार मानकर पटकथा तैयार की गई थी।
In simple words: ईरानी साहब को हॉलीवुड की बोलती फिल्म देखकर प्रेरणा मिली और उन्होंने पारसी नाटक को अपनी फिल्म का आधार बनाया।

Exam Tip: प्रेरणा के स्रोत (हॉलीवुड फिल्म 'शो बोट') और कथा के आधार (पारसी नाटक) का स्पष्ट अंतर बताएं।

 

Question (ग). पहली सवाकू फिल्म के निर्माता-निर्देशक अर्देशिर को जब सम्मानित किया गया तब सम्मानितकर्त्ताओं ने उनके लिए क्या कहा था? अर्देशिर ने क्या कहा? और इस प्रसंग में लेखक ने क्या टिप्पणी की है? लिखिए।
Answer: जब अर्देशिर को भारतीय सवाकू फिल्मों के जनक के रूप में सम्मानित किया गया, तो सम्मानितकर्त्ताओं ने उन्हें 'भारतीय सवाक फिल्मों का पिता' कहा। इस पर अर्देशिर ने विनम्रतापूर्वक कहा कि मुझे इतना बड़ा खिताब देने की आवश्यकता नहीं है, मैंने तो सिर्फ अपने देश के लिए अपने हिस्से का काम किया है। इस प्रसंग पर लेखक ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अर्देशिर ईरानी अत्यंत विनम्र और सच्चे कलाकार थे जो अपने यश के भूखे नहीं थे।
In simple words: अर्देशिर को 'सवाक फिल्मों का पिता' कहा गया, जिस पर उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल देश के लिए काम किया है।

Exam Tip: अर्देशिर की विनम्रता और लेखक के विचार को उत्तर में प्रमुखता से दर्शाएं।

 

पाठ - जहाँ पहिया है

Question (क). "उन कंजूसी को तोड़ने की जिनमें वे जकड़े हुए हैं, कोई-न-कोई तरीका लोग निकाल ही लेते हैं।" आपके विचार से लेखक 'जंजीरों' द्वारा किन समस्याओं की और इशारा कर रहा है?
Answer: लेखक 'जंजीरों' शब्द के माध्यम से रूढ़िवादिता, पुरुष-प्रधान समाज की कुप्रथाओं, सामाजिक पाबंदियों और उन अनगिनत बेड़ियों की ओर इशारा कर रहा है जिन्होंने ग्रामीण महिलाओं की स्वतंत्रता और गतिशीलता को जकड़ रखा था। महिलाओं ने साइकिल चलाना सीखकर इन सामाजिक बंधनों और जंजीरों को तोड़ दिया।
In simple words: 'जंजीरें' महिलाओं को पीछे खींचने वाली पुरानी रूढ़ियों और सामाजिक बंधनों का प्रतीक हैं।

Exam Tip: जंजीर शब्द का प्रतीकात्मक अर्थ (रूढ़िवादिता और सामाजिक बंधन) स्पष्ट करना आवश्यक है।

 

Question (ख). साइकिल आंदोलन से पुदुक्कोट्टई की महिलाओं के जीवन में कौन-कौन से बदलाव आए हैं?
Answer: साइकिल आंदोलन से पुदुक्कोट्टई की महिलाओं की जिंदगी में क्रांतिकारी बदलाव आए। वे अब अपनी स्वायत्तता और स्वतंत्रता महसूस करने लगीं, उन्हें पुरुषों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता, वे अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए अपने कृषि उत्पादों को गाँव-गाँव जाकर बेच सकती हैं, और उनका आत्मसम्मान व आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है।
In simple words: साइकिल चलाने से महिलाएँ आत्मनिर्भर हुईं, उनका समय बचा और उनका आत्मविश्वास बढ़ा।

Exam Tip: महिलाओं की आत्मनिर्भरता, आर्थिक लाभ और आत्मविश्वास जैसे मुख्य परिवर्तनों की सूची बनाएं।

 

Question (3). प्रारंभ में इस आंदोलन को चलाने में कौन-कौन सी बाधा आई?
Answer: प्रारंभ में इस महिला साइकिल आंदोलन को रूढ़िवादी पुरुषों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। पुरुषों ने महिलाओं पर फब्तियाँ कसीं, उन पर तरह-तरह के लांछन लगाए और साइकिल चलाने को अनैतिक व अपमानजनक बताया। इसके अलावा, आरंभ में महिलाओं के लिए साइकिल सीखने के बुनियादी साधन और महिला प्रशिक्षकों की भी कमी थी।
In simple words: शुरुआत में समाज के रूढ़िवादी पुरुषों ने महिलाओं पर ताने कसे और उनका बहुत विरोध किया।

Exam Tip: पुरुष समाज के विरोध और सामाजिक फब्तियों को मुख्य बाधा के रूप में उल्लेखित करें।

 

कविता - सुदामा चरित्र

Question (क). सुदामा की दीनदशा देखकर श्रीकृष्ण की क्या मनोदशा हुई? अपने शब्दों में लिखिए।
Answer: सुदामा की अत्यंत दयनीय, फटेहाल और दुखी हालत को देखकर श्रीकृष्ण का हृदय करुणा और पीड़ा से भर आया। मित्र की ऐसी दुर्दशा देखकर उनकी आँखों से बेतहाशा आंसू बहने लगे। उन्हें इस बात का गहरा दुःख हुआ कि उनके बचपन के अभिन्न मित्र को जीवन में इतना कष्ट सहना पड़ा।
In simple words: मित्र सुदामा की बुरी हालत देखकर श्री कृष्ण को बहुत रोना आया और उनका दिल भर आया।

Exam Tip: श्रीकृष्ण के प्रेम, करुणा और उनकी संवेदनशीलता का भावपूर्ण वर्णन करें।

 

Question (ख). "पानी परात को हाथ छुयो नहीं, नैनन के जल सौं पग धोए।" पंक्ति में वर्णित भाव का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
Answer: इस पंक्ति में कवि ने श्रीकृष्ण के सुदामा के प्रति अगाध प्रेम और करुणा का अतिशयोक्तिपूर्ण किंतु मार्मिक वर्णन किया है। श्रीकृष्ण ने जब अपने मित्र सुदामा के पैर धोने के लिए परात में पानी मँगवाया, तो सुदामा के पैरों की दयनीय स्थिति देखकर वे इतने अधिक रोए कि परात का पानी छूने की जरूरत ही नहीं पड़ी, बल्कि उनकी आँखों से गिरे आंसुओं की धाराओं से ही सुदामा के पैर धुल गए।
In simple words: कृष्ण इतने रोए कि परात के पानी की जरूरत नहीं पड़ी, बल्कि उनके आंसुओं से ही मित्र के पैर धुल गए।

Exam Tip: यह काव्य की अतिशयोक्ति शैली है जो कृष्ण के अगाध स्नेह को दर्शाती है।

 

Question (ग). द्वारका से खाली हाथ लौटते समय सुदामा मार्ग में क्या-क्या सोचते जा रहे थे? वह कृष्ण के व्यवहार से क्यों खीझ रहे थे? सुदामा के मन की द्विविधा को अपने शब्दों में प्रकट कीजिए।
Answer: द्वारका से बिना कुछ मिले खाली हाथ लौटते समय सुदामा सोच रहे थे कि द्वारकाधीश श्रीकृष्ण ने बचपन के प्रेम की केवल बातें ही कीं, असलियत में उन्होंने कुछ नहीं दिया। वे सोच रहे थे कि मैं अपनी पत्नी को क्या जवाब दूँगा। वे कृष्ण के इस व्यवहार से इसलिए खीझ रहे थे क्योंकि उन्हें लगा कि कृष्ण ने उनकी गरीबी का मज़ाक उड़ाया है और विदा करते समय संकोचवश कुछ भी मदद नहीं की।
In simple words: सुदामा सोच रहे थे कि कृष्ण ने मदद क्यों नहीं की, और वे खाली हाथ लौटने पर बहुत दुखी और झुंझलाए हुए थे।

Exam Tip: सुदामा की मानसिक दुविधा और संकोची स्वभाव का सुंदर वर्णन करें।

 

Question (घ). अपने गाँव लौटकर जब सुदामा अपनी झोपड़ी नहीं खोज पाए तब उनके मन में क्या-क्या विचार आए? कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
Answer: जब सुदामा अपने गाँव लौटे तो अपनी टूटी-फूट झोपड़ी की जगह भव्य महल देखकर चकित रह गए। उनके मन में विचार आया कि क्या वे रास्ता भटक गए हैं या यह कोई भ्रम है। वे अपनी पुरानी झोपड़ी को ढूँढने लगे और संशय में पड़ गए कि क्या यही उनका गाँव और उनकी अपनी जगह है।
In simple words: सुदामा अपनी झोपड़ी की जगह महल देखकर हैरान हो गए और सोचने लगे कि क्या वे गलत जगह आ गए हैं।

Exam Tip: कृष्ण द्वारा बिना बताए चुपचाप मदद करने और सुदामा के आश्चर्य को स्पष्ट करें।

 

Question (क). "लाला ने लोटा ले लिया, बोले कुछ नहीं, अपनी पत्नी का अदब मानते थे।"
Answer: लाला झाउलाल को वह बदरंग लोटा बिल्कुल पसंद नहीं था, फिर भी उन्होंने चुपचाप लोटा ले लिया क्योंकि वे अपनी पत्नी के सम्मान का खयाल रखते थे और घर में किसी प्रकार का वाद-विवाद या क्लेश नहीं चाहते थे। पत्नी ने जब एक सप्ताह में पच्चीस सौ रुपयों का प्रबंध न कर पाने पर ताना दिया, तो वे लाचारी में वह लोटा चुपचाप स्वीकार कर चुके थे।
In simple words: लाला जी अपनी पत्नी का सम्मान करते थे और घर में शांति बनाए रखने के लिए उन्होंने बेढंगा लोटा चुपचाप ले लिया।

Exam Tip: लाला झाउलाल की विवशता और पत्नी के प्रति उनके शिष्टाचार को समझाएं।

 

Question (ख). "लाला झाउलाल जी ने फौरन दो और दो जोड़कर स्थिति को समझ लिया।" आपके विचार से लाला झाउलाल ने कौन-कौन सी बातें समझ ली होंगी?
Answer: लाला झाउलाल ने समझ लिया होगा कि जिस अंग्रेज पर उन्होंने छत से लोटा गिराया था, वह कोई साधारण व्यक्ति नहीं बल्कि अत्यधिक गुस्से में अंग्रेजी हुकूमत का रौब दिखाने वाला व्यक्ति है। उन्होंने यह भी भांप लिया होगा कि यदि इस समय समझदारी से काम नहीं लिया गया, तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार करवा सकती है और उनकी भारी बेइज्जती हो सकती है।
In simple words: लाला जी ने तुरंत भांप लिया कि मामला गंभीर है और वह अंग्रेज उन पर भारी पड़ सकता है।

Exam Tip: लाला जी की बुद्धिमत्ता और संकटकालीन स्थिति के आकलन को स्पष्ट करें।

 

Question (ग). बिलवासी जी ने रुपयों का प्रबंध कहाँ से किया था? लिखिए।
Answer: बिलवासी मिश्र जी ने अपने मित्र लाला झाउलाल की मदद करने के लिए अपनी पत्नी के संदूक से चोरी-छिपे पच्चीस सौ रुपये निकाले थे। वे योजनाबद्ध तरीके से उन रुपयों को अपनी पत्नी के पास वापस भी रख देते, ताकि किसी को पता न चले और उनके मित्र की जान व इज्जत बच जाए।
In simple words: बिलवासी जी ने अपने मित्र को बचाने के लिए अपनी पत्नी के संदूक से चुपचाप पैसे निकाले थे।

Exam Tip: सच्ची मित्रता और संकट के समय मदद करने के बिलवासी जी के इस प्रयास को दर्शाएं।

 

कविता - सूरदास के पद

Question (क). बालक श्रीकृष्ण किस लोभ के कारण दूध पीने के लिए तैयार हुए?
Answer: बालक श्रीकृष्ण इस लोभ में दूध पीने के लिए तैयार हुए कि माता यशोदा ने उन्हें प्रलोभन दिया था कि दूध पीने से उनकी चोटी बलराम भैया जैसी लंबी और मोटी हो जाएगी, और नागिन जैसी घने बालों वाली बनेगी।
In simple words: यशोदा मैया ने कहा था कि दूध पीने से कृष्ण की चोटी बलराम जैसी लंबी हो जाएगी, इसलिए वे मान गए।

Exam Tip: माता यशोदा द्वारा श्रीकृष्ण को दिया जाने वाला प्रलोभन (चोटी लंबी होने का) मुख्य बिंदु है।

 

Question (ख). श्रीकृष्ण अपनी चोटी के विषय में क्या-क्या सोच रहे थे?
Answer: श्रीकृष्ण बार-बार अपनी चोटी को छूकर सोचते थे कि उनकी चोटी कब बलराम भैया जैसी लंबी और नागिन की तरह घनी होगी। वे सोचते थे कि दूध पीने के बाद भी उनकी चोटी क्यों नहीं बढ़ रही है, और वे मैया से शिकायत करते थे कि वह उन्हें रोज कच्चा दूध पिलाती है जिससे चोटी बढ़ नहीं रही है।
In simple words: कृष्ण सोचते थे कि उनकी चोटी कब लंबी होगी और वे बार-बार उसे नापते थे।

Exam Tip: बालसुलभ जिद और श्रीकृष्ण के मन में उठने वाली जिज्ञासा का सुंदर वर्णन करें।

 

Question (ग). मक्खन चुराते और खाते समय श्रीकृष्ण थोड़ा-सा मक्खन बिखरा क्यों देते हैं?
Answer: श्रीकृष्ण मक्खन चुराते और खाते समय थोड़ा-सा मक्खन इसलिए बिखरा देते हैं ताकि सबके सामने यह साबित किया जा सके कि उन्होंने अकेले नहीं बल्कि उनके सखाओं (मित्रों) ने भी मक्खन खाया है, और वे जानबूझकर नटखटपन दिखाते हुए चारों तरफ आनंद फैलाते हैं।
In simple words: कृष्ण थोड़ा मक्खन इधर-उधर इसलिए गिरा देते थे ताकि सब पर चोरी का इल्जाम लग जाए।

Exam Tip: श्रीकृष्ण की बाल-लीला और उनकी नटखट चतुराई को स्पष्ट करें।

 

कहानी - बाज़ और साँप

Question (क). घायल होने के बाद भी बाज़ ने यह क्यों कहा, "मुझे कोई शिकायत नहीं है।" विचार प्रकट कीजिए।
Answer: बाज़ ने घायल होने के बाद भी इसलिए कहा कि उसे कोई शिकायत नहीं है, क्योंकि उसने अपने जीवन का पूरा आनंद लिया था। उसने आसमान की असीम ऊँचाइयों में स्वच्छंद उड़ान भरी थी, अपनी जिंदगी पूरी बहादुरी और स्वतंत्रता के साथ जी थी। वह मौत से नहीं डरा क्योंकि उसने जीवन का असली सुख भोग लिया था।
In simple words: बाज़ ने कहा कि उसे कोई मलाल नहीं है क्योंकि उसने अपनी जिंदगी पूरी शान और स्वतंत्रता से जी थी।

Exam Tip: बाज़ के साहसी व्यक्तित्व और स्वतंत्रता प्रियता के भाव को उत्तर में प्रमुखता दें।

 

Question (ख). बाज़ ज़िन्दगी भर आकाश में ही उड़ता रहा फिर घायल होने के बाद भी वह उड़ना क्यों चाहता था?
Answer: बाज़ जन्मजात स्वतंत्रता प्रेमी था। उसके लिए आकाश में उड़ना ही उसका जीवन था। यद्यपि वह बुरी तरह घायल हो चुका था और उसकी हड्डियाँ टूट चुकी थीं, फिर भी उसके मन में आकाश की ऊँचाइयों को छूने की अदम्य इच्छा थी। वह ज़मीन पर घिसटकर मरने के बजाय एक बार फिर आसमान में उड़ना चाहता था।
In simple words: बाज़ को खुला आसमान बहुत पसंद था, इसलिए घायल होने पर भी वह आखिरी बार उड़ना चाहता था।

Exam Tip: बाज़ की अदम्य जिजीविषा और उड़ने के प्रति उसकी दीवानगी को स्पष्ट करें।

 

Question (ग). साँप उड़ने की इच्छा को मूर्खतापूर्ण मानता था। फिर उसने उड़ने की कोशिश क्यों की?
Answer: साँप हमेशा से उड़ने की इच्छा को मूर्खता मानता था क्योंकि वह ज़मीन पर रेंगने वाला जीव था। परंतु जब उसने बाज़ के मन में आकाश में उड़ने के लिए तड़प और उसकी वीरता को देखा, तो उसके मन में भी एक बार आसमान के उस रहस्य को जानने और उड़ने का तीव्र आकर्षण जागा। उसने सोचा कि शायद उड़ने में कोई ऐसा सुख हो जिसका उसे अनुभव न हो।
In simple words: बाज़ की लगन देखकर साँप के मन में भी एक बार उड़ने की इच्छा जाग उठी।

Exam Tip: बाज़ के व्यक्तित्व से प्रभावित होकर साँप के दृष्टिकोण में आए बदलाव को समझाएं।

 

Question (घ). बाज़ के लिए लहरों ने गीत क्यों गाया था?
Answer: लहरों ने बाज़ के अदम्य साहस, उसकी वीरता और उसकी बलिदान भरी गाथा की प्रशंसा में गीत गाया था। बाज़ ने अपने प्राणों की बाजी लगा दी थी लेकिन कभी अपनी हिम्मत नहीं हारी थी, इसलिए सागर की लहरें उसकी बहादुरी को सलाम कर रही थीं।
In simple words: सागर की लहरों ने बाज़ की बहादुरी और उसके असीम साहस की शान में गीत गाया।

Exam Tip: बाज़ के शौर्य और बलिदान के प्रति प्राकृतिक तत्वों (लहरों) के सम्मान को दर्शाएं।

 

Question (ङ). घायल बाज़ को देखकर साँप खुश क्यों हुआ होगा?
Answer: घायल बाज़ को देखकर साँप इसलिए खुश हुआ होगा क्योंकि वह बाज़ से हमेशा से ईर्ष्या रखता था और खुद को उससे सुरक्षित मानता था। साँप को लगता था कि आकाश में उड़ने वाला वह घमंडी बाज़ अब उसके सामने बेबस होकर ज़मीन पर गिरा है और उसका अहंकार टूट गया है।
In simple words: साँप खुश था क्योंकि उसे लगा कि अब आसमान में उड़ने वाला बाज़ लाचार होकर जमीन पर गिर गया है।

Exam Tip: साँप की संकीर्ण मानसिकता और बाज़ के प्रति उसके मन के भावों को स्पष्ट करें।

 

टोपी : कहानी

Question (क). गवरैया और गवरू के बीच किस बात पर बहस छिड़ी और गवरैया को अपनी इच्छा पूरी करने का अवसर कैसे मिला?
Answer: गवरैया और गवरू के बीच इस बात पर बहस छिड़ी कि मनुष्यों को कपड़े पहनने की क्या आवश्यकता है और क्या टोपी पहनने से राजा या आदमी सुंदर लगते हैं। गवरू इसे बेकार मानता था जबकि गवरैया जिद करती थी कि वह अपनी खुद की टोपी बनवाएगी। गवरैया को टोपी बनवाने की अपनी इच्छा पूरी करने का अवसर तब मिला जब उसे रुई का एक दाना मिल गया और उसने दर्जी से जिद करके टोपी सिलवा ली।
In simple words: गवरैया और गवरू में टोपी पहनने को लेकर बहस हुई, और रुई मिलने पर गवरैया ने टोपी बनवाने की ठान ली।

Exam Tip: गवरैया की जिद्द और उसकी कार्ययोजना के आरंभ को स्पष्ट करें।

 

Question (घ). टोपी बनवाने के लिए गवरैया किस-किस के पास गई? टोपी बनने तक के एक-एक कार्य को लिखें।
Answer: टोपी बनवाने के लिए गवरैया सबसे पहले धुनिया के पास गई जिसने रुई धुन दी, फिर वह सूत कटवाने के लिए कातने वाली के पास गई, उसके बाद बुनकर के पास जाकर कपड़ा बुनवाया, और अंत में दर्जी के पास जाकर अपनी नाप की सुंदर टोपी सिलवाई। इस प्रकार सभी ने उसकी मेहनत देखकर खुशी-खुशी उसका काम किया।
In simple words: गवरैया धुनिया, कातने वाली, बुनकर और दर्जी के पास जाकर अपनी टोपी तैयार करवाई।

Exam Tip: गवरैया के इस क्रमबद्ध संघर्ष और विभिन्न कारीगरों की भूमिका का उल्लेख करें।

 

Question (ग). गवरैया की टोपी पर दर्जी ने पाँच फुँदने क्यों जड़ दिए?
Answer: दर्जी ने गवरैया की टोपी पर पाँच फुँदने इसलिए जड़ दिए क्योंकि गवरैया ने अपनी मेहनत की कमाई (सूत का आधा हिस्सा) दर्जी को मजदूरी के रूप में दी थी और दर्जी उस छोटी सी चिड़िया के आत्मविश्वास तथा कलाप्रेम से बहुत प्रभावित हुआ था।
In simple words: दर्जी गवरैया की मेहनत और उसकी जिद से खुश होकर उसकी टोपी पर पाँच सुंदर फुँदने लगा दिए।

Exam Tip: दर्जी द्वारा गवरैया को दी गई इस विशेष प्राथमिकता का कारण उसकी ईमानदारी और मेहनत थी।

 

कविता - कबीर की साखियाँ

Question (क). "तलवार का महत्त्व होता है म्यान का नहीं" उक्त उदाहरण से कबीर क्या कहना चाहते हैं? स्पष्ट कीजिए।
Answer: इस उदाहरण के माध्यम से कबीर दास जी यह कहना चाहते हैं कि असली चीज़ मनुष्य का ज्ञान, उसकी क्षमता और उसका आंतरिक गुण होता है, न कि उसकी बाहरी रूप-रेखा, जाति या कुल। जैसे तलवार असली अस्त्र है जिससे युद्ध जीता जाता है, म्यान तो केवल उसे रखने का खोल है; ठीक वैसे ही मनुष्य का बाहरी आवरण या जाति महत्वहीन है, उसका वास्तविक मूल्य उसके ज्ञान से है।
In simple words: कबीर जी कहते हैं कि मनुष्य की बाहरी दिखावे या जाति की बजाय उसके ज्ञान और गुणों का महत्त्व होता है।

Exam Tip: तलवार और म्यान के प्रतीकार्थ को स्पष्ट करते हुए ज्ञान की महत्ता पर बल दें।

 

Question (ख). पाठ की तीसरी साखी - जिसकी एक पंक्ति है 'मनुवा तो दहुँ दिसि फिरै, यह तो सुमिरन नहिं' के द्वारा कबीर क्या कहना चाहते हैं?
Answer: कबीर दास जी इसके माध्यम से यह कहना चाहते हैं कि भगवान की भक्ति केवल माला फेरने या बाहरी दिखावे से नहीं होती। यदि आपका मन चारों दिशाओं में भटक रहा है और एकाग्र नहीं है, तो हाथ में माला फेरने मात्र से ईश्वर की प्राप्ति नहीं हो सकती। सच्ची भक्ति के लिए मन की स्थिरता और एकाग्रता आवश्यक है।
In simple words: कबीर जी कहते हैं कि यदि मन भटक रहा है तो हाथ में माला फेरने से भगवान नहीं मिलते।

Exam Tip: मन की एकाग्रता और सच्चे सुमिरन के सिद्धांत को उत्तर में लिखें।

 

Question (ग). कबीर घास की निंदा करने से क्यों मना करते हैं? दोहे के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
Answer: कबीर दास जी घास (पैर के नीचे रौंदे जाने वाली छोटी घास) की निंदा करने से इसलिए मना करते हैं क्योंकि जब वही घास का एक छोटा सा तिनका उड़कर आँख में पड़ जाता है, तो वह बहुत गहरी पीड़ा देता है। इसका अर्थ यह है कि समाज के किसी भी छोटे या कमजोर व्यक्ति को कभी भी लाचार या तुच्छ नहीं समझना चाहिए, क्योंकि हर व्यक्ति में अपनी ताकत होती है।
In simple words: कबीर जी कहते हैं कि पैर के नीचे की घास को छोटा न समझो, क्योंकि तिनका आँख में पड़ने पर बहुत कष्ट देता है।

Exam Tip: घास के प्रतीकात्मक अर्थ (कमजोर या उपेक्षित व्यक्ति) को स्पष्ट रूप से समझाएं।

 

Question (घ). मनुष्य के व्यवहार में ही दूसरों को विरोधी बना लेने वाले दोष होते हैं, यह भावार्थ किस दोहे से व्यक्त होता है?
Answer: यह भावार्थ कबीर के इस प्रसिद्ध दोहे से व्यक्त होता है:
"जग में बैरी कोई नहीं, जो मन शीतल होय।
या आपा को डारि दे, दया करे सब कोय।।"
इसका अर्थ है कि यदि हमारा स्वभाव और मन शांत व शीतल है, तो संसार में हमारा कोई शत्रु नहीं हो सकता। अहंकार छोड़ने पर सभी लोग मित्र बन जाते हैं।
In simple words: यदि हमारा स्वभाव अच्छा और अहंकारहीन है, तो दुनिया में हमारा कोई दुश्मन नहीं रहता।

Exam Tip: दोहे की पंक्तियों को उद्धृत करते हुए उसके केंद्रीय भाव को समझाएं।

 

व्याकरण एवं पाठ्यक्रम निर्देश

Question 1. संधि की परिभाषा और उदाहरण लिखिए।
Answer: दो निकटवर्ती वर्णों के मेल से जो विकार (परिवर्तन) उत्पन्न होता है, उसे संधि कहते हैं। जैसे: हिम + आलय = हिमालय, विद्या + आलय = विद्यालय।
In simple words: दो वर्णों के आपस में मिलने से जो नया बदलाव आता है, उसे संधि कहते हैं।

Exam Tip: संधि के प्रकार (स्वर, व्यंजन, विसर्ग संधि) और उनके उदाहरणों का अभ्यास करें।

 

Question 2. विलोम शब्द लिखिए।
Answer: किसी शब्द का विपरीत या उल्टा अर्थ बताने वाले शब्दों को विलोम शब्द कहते हैं। उदाहरणार्थ: सत्य - असत्य, अमृत - विष, जय - पराजय, अंधकार - प्रकाश।
In simple words: एक-दूसरे का उल्टा अर्थ देने वाले शब्दों को विलोम शब्द कहा जाता है।

Exam Tip: परीक्षा में पूछे जाने वाले सामान्य और महत्वपूर्ण विलोम शब्दों का उचित अभ्यास रखें।

 

Question 3. पत्र लेखन का अभ्यास करें।
Answer: पत्र लेखन के अंतर्गत औपचारिक (Formal) और अनौपचारिक (Informal) पत्रों के प्रारूप (Format), संबोधन, विषय और समाप्ति का सही ढंग से अभ्यास करें।
In simple words: पत्र के सही प्रारूप और भाषा शैली का अभ्यास करना आवश्यक है।

Exam Tip: पत्र के प्रारूप के अंक निश्चित होते हैं, अतः फॉर्मेट का विशेष ध्यान रखें।

 

Question 4. अनेकार्थक शब्द लिखिए।
Answer: जिन शब्दों के एक से अधिक अर्थ होते हैं, उन्हें अनेकार्थक शब्द कहते हैं। जैसे: 'अंबर' के अर्थ वस्त्र, आकाश और कपास होते हैं; 'पत्र' के अर्थ चिट्ठी, पत्ता और पंख होते हैं।
In simple words: एक ही शब्द के जब कई अलग-अलग अर्थ निकलते हैं, तो उन्हें अनेकार्थक शब्द कहते हैं।

Exam Tip: महत्वपूर्ण अनेकार्थक शब्दों के विभिन्न अर्थों को वाक्य प्रयोग द्वारा समझें।

 

Question 5. अनुच्छेद लेखन।
Answer: किसी विषय पर अपने विचारों को सीमित शब्दों में सुसंगत और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करना अनुच्छेद लेखन कहलाता है। इसमें प्रस्तावना, विषय-विस्तार और निष्कर्ष शामिल होने चाहिए।
In simple words: किसी एक विषय पर मुख्य बिंदुओं को समेटते हुए सुंदर पैराग्राफ लिखना अनुच्छेद लेखन है।

Exam Tip: अनुच्छेद की भाषा सरल, स्पष्ट और शब्द-सीमा के अंतर्गत होनी चाहिए।

 

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FAQs

Where can I download the 2026-27 CBSE printable worksheets for Class 8 Hindi All Chapters?

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Are these All Chapters Hindi worksheets based on the new competency-based education (CBE) model?

Yes, Class 8 Hindi worksheets for All Chapters focus on activity-based learning and also competency-style questions. This helps students to apply theoretical knowledge to practical scenarios.

Do the Class 8 Hindi All Chapters worksheets have answers?

Yes, we have provided solved worksheets for Class 8 Hindi All Chapters to help students verify their answers instantly.

Can I print these All Chapters Hindi test sheets?

Yes, our Class 8 Hindi test sheets are mobile-friendly PDFs and can be printed by teachers for classroom.

What is the benefit of solving chapter-wise worksheets for Hindi Class 8 All Chapters?

For All Chapters, regular practice with our worksheets will improve question-handling speed and help students understand all technical terms and diagrams.