Official NCERT Solutions for Class 3 Hindi: Veena Chapter 17 Bolne Wali Maand
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Chapter-wise Solutions for Hindi: Veena Chapter 17 Bolne Wali Maand
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Question 1. आपको भूख लगती है तो आप क्या-क्या खाने की कामना करते हैं?
Answer: जब मुझे तेज भूख लगती है, तो मेरे मन में कई प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों और पसंदीदा खाद्य पदार्थों के चित्र उभरने लगते हैं। मैं ताजे मीठे फल, गर्मागर्म भोजन, रसीली मिठाइयाँ तथा कुछ चटपटी नमकीन जैसी चीज़ें खाने की इच्छा करता हूँ। कभी-कभी मेरा मन पिज़्ज़ा, बर्गर या चॉकलेट खाने के लिए भी मचलने लगता है। [4]
In simple words: भूख लगने पर हमारा मन फल, मिठाइयाँ, पिज़्ज़ा और अपनी पसंदीदा चटपटी चीज़ें खाने के बारे में सोचने लगता है। [4]
Exam Tip: उत्तर में अपनी पसंद के कुछ साधारण और कुछ चटपटे खाद्य पदार्थों के नाम जोड़कर वाक्य बनाएँ।
Question 2. क्या आपने किसी पशु के पैर के चिह्न देखे हैं? किस-किस पशु के देखे हैं?
Answer: हाँ, मैंने अपने गाँव और आस-पास घूमते हुए कई घरेलू व पालतू जानवरों के पैरों के निशान (पदचिह्न) देखे हैं। मैंने मुख्य रूप से गाय, भैंस, कुत्ते, बिल्ली, घोड़े और बकरी के पैरों के निशान ज़मीन या गीली मिट्टी पर अंकित देखे हैं। [4]
In simple words: हाँ, मैंने गीली मिट्टी पर गाय, बिल्ली, कुत्ते और घोड़े जैसे जानवरों के पैरों के निशान देखे हैं। [4]
Exam Tip: पशुओं के पैरों के निशानों को हिंदी में 'पदचिह्न' भी कहते हैं, इसका प्रयोग उत्तर में करें।
Question 3. सिंह माँद यानी गुफा में रहता है। माँद में कौन-कौन से जानवर रहते हैं?
Answer: सिंह के अतिरिक्त कई अन्य जंगली और रेंगने वाले जीव भी गुफाओं (माँद) का आश्रय लेते हैं, जैसे:
- **भालू:** ये कड़ाके की ठंड और सर्दियों के मौसम में सुरक्षित रहने के लिए गुफाओं का उपयोग करते हैं। [4]
- **लोमड़ी:** ये अपने शावकों की सुरक्षा और जंगली शिकारियों से बचाव के लिए गुफाओं में रहती हैं। [4]
- **साँप:** अजगर और कोबरा जैसे विषैले व विशाल सर्प अक्सर गुफाओं के कोनों में अपना बिल बनाते हैं। [4]
- **चमगादड़:** ये अंधेरी गुफाओं की छतों से लटककर बड़े समूहों में निवास करती हैं। [4]
- **चूहे व नेवले:** कुछ छोटे कृंतक जीव भी गुफाओं के छोटे छेदों में छिपकर रहते हैं। [4]
In simple words: गुफाओं में शेर के अलावा भालू, लोमड़ी, चमगादड़, और बड़े साँप (जैसे अजगर) भी अपना घर बनाकर रहते हैं। [4]
Exam Tip: गुफा में रहने वाले जानवरों के नाम लिखते समय उनके रहने के कारणों (जैसे ठंड से बचाव, सुरक्षा) को संक्षेप में स्पष्ट करें।
Question 4. कठिन समय में बुद्धि अधिक काम आती है या शक्ति?
Answer: संकट या विपत्ति के समय शारीरिक बल (शक्ति) की तुलना में हमारी बौद्धिक क्षमता (बुद्धि) कहीं अधिक महत्वपूर्ण और जीवन रक्षक सिद्ध होती है। केवल शारीरिक बल से हम हर समस्या का हल नहीं निकाल सकते, परंतु तीक्ष्ण बुद्धि और धैर्य से हम बड़ी से बड़ी मुश्किल का विश्लेषण करके उसका सही समाधान और नया रास्ता खोज सकते हैं। [4]
In simple words: मुसीबत के समय हमारी बुद्धि ताकत से ज़्यादा काम आती है क्योंकि बुद्धि से हम बड़ी से बड़ी समस्या का हल निकाल सकते हैं। [4]
Exam Tip: बुद्धि को शक्ति से श्रेष्ठ बताते हुए इस पाठ (बोलनेवाली माँद) की घटना का संदर्भ भी संक्षेप में दे सकते हैं।
सोचिए और लिखिए
Question 1. दधिपुच्छ ने कैसे जाना कि माँद में खरनखर बैठा है?
Answer: जब गीदड़ दधिपुच्छ को माँद के बाहर शेर के पैरों के जाने के निशान दिखे पर बाहर आने के नहीं, तो उसे शक हुआ। [4] उसने अपनी बुद्धिमत्ता का प्रयोग करते हुए गुफा के द्वार पर जाकर आवाज़ लगाई, "ऐ मेरी प्यारी गुफा! आज तुम बोल क्यों नहीं रही हो? हमारा तो यह नियम था कि मेरे बाहर से आने पर जब तुम पुकारोगी, तभी मैं भीतर आऊँगा। यदि तुम आज उत्तर नहीं दोगी, तो मैं किसी दूसरी गुफा में चला जाऊँगा।" [4] गुफा के भीतर बैठा शेर खरनखर यह सोचकर घबरा गया कि यदि वह नहीं बोला तो उसका शिकार भाग जाएगा। अतः जैसे ही शेर ने गुफा के बदले गर्जना करते हुए उत्तर दिया, दधिपुच्छ समझ गया कि भीतर शेर घात लगाए बैठा है। [4]
In simple words: गीदड़ ने चालाकी से गुफा से बात करने का नाटक किया। जब मूर्ख शेर ने गुफा बनकर जवाब दिया, तो गीदड़ को पता चल गया कि अंदर शेर छिपा है। [4]
Exam Tip: गीदड़ द्वारा चली गई चाल (गुफा से बातचीत का नाटक) और शेर की मूर्खतापूर्ण गर्जना को उत्तर में मुख्य प्रसंग के रूप में लिखें।
Question 2. इस कहानी में सिंह का नाम खरनखर है और सियार का नाम दधिपुच्छ, आप इनके क्या नाम रखेंगे?
Answer: यदि मुझे इस कहानी के पात्रों के नए नाम रखने का अवसर मिले, तो मैं अपनी कल्पनाशक्ति से सिंह का नाम 'महाबली' या 'शेरू' रखना चाहूँगा, क्योंकि वह बहुत बलशाली था। चतुर सियार का नाम मैं 'चणक' या 'चतुरसेन' रखना पसंद करूँगा, क्योंकि उसने अपनी सूझबूझ से अपनी जान बचाई थी। [5]
In simple words: मैं शेर का नाम 'महाबली' और बुद्धिमान सियार का नाम 'चतुरसेन' रखना चाहूँगा। [5]
Exam Tip: आप अपनी पसंद के कोई भी दो सार्थक नाम सोचकर लिख सकते हैं, जैसे शेर के लिए वीर और सियार के लिए चतुर।
Question 3. यदि आप सिंह के स्थान पर होते तो क्या करते?
Answer: यदि मैं उस भूखे शेर खरनखर के स्थान पर गुफा के भीतर छिपा होता, तो सियार दधिपुच्छ की चालाकी भरी बातों में आकर अपनी आवाज़ बिल्कुल नहीं निकालता। [5] मैं बिल्कुल शांत रहकर चुपचाप गुफा के भीतर ही उसके अंदर प्रवेश करने का धैर्यपूर्वक इंतज़ार करता ताकि उसे आसानी से पकड़ सकूँ। [5]
In simple words: अगर मैं शेर होता तो गीदड़ की बात सुनकर बिल्कुल शांत रहता और उसके अंदर आने का चुपचाप इंतज़ार करता। [5]
Exam Tip: शेर की मूर्खतापूर्ण गर्जना के विपरीत शांत रहने और धैर्य से शिकार पकड़ने की योजना को उत्तर में लिखें।
Question 4. जब सियार ने पुकारा, “ऐ मेरी माँद, ऐ मेरी माँद”, तब सिंह ने उत्तर दिया। सिंह ने उत्तर में क्या कहा होगा?
Answer: जब सियार ने गुफा से उत्तर देने का हठ किया, तो मूर्ख शेर ने अपनी भारी आवाज़ में गुफा बनकर उत्तर दिया होगा, "अरे दधिपुच्छ भाई! मैं भूली नहीं हूँ, आज ज़रा मुझे गहरी नींद आ गई थी। आओ, तुम्हारा अपनी इस प्यारी गुफा में बहुत-बहुत स्वागत है, अंदर आ जाओ।" [5]
In simple words: शेर ने गुफा की आवाज़ बनाकर कहा होगा कि "हाँ भाई दधिपुच्छ, मैं भूली नहीं हूँ, अंदर आ जाओ, तुम्हारा स्वागत है।" [5]
Exam Tip: शेर द्वारा सियार का स्वागत करने और उसे बहलाकर अंदर बुलाने की बात को अपने संवाद रूप में प्रस्तुत करें।
शब्दों के खेल
Question 1. कहानी में 'माँद' शब्द कितनी बार आया है?
Answer: इस प्रस्तुत पाठ (कहानी) में 'माँद' (गुफा) शब्द का प्रयोग कुल अठारह बार किया गया है। [5]
In simple words: कहानी में 'माँद' शब्द अठारह (18) बार आया है। [5]
Exam Tip: पाठ को ध्यानपूर्वक पढ़कर विशिष्ट शब्दों की आवृत्ति (गिनती) को याद रखना परीक्षा के लिए सहायक होता है।
Question 2. कहानी में आए चंद्रबिंदु ( ँ ) वाले शब्द छाँटकर लिखिए-
Answer: कहानी में प्रयुक्त चंद्रबिंदु (अनुनासिक) वाले प्रमुख शब्द इस प्रकार हैं: [5]
- माँद
- अँधेरा
- लूँगा
- करूँगा
- आऊँगा
- जाऊँगा
- हूँ
- मुँह
- गूँज
- वहाँ
In simple words: ये वे शब्द हैं जिनके ऊपर चंद्रबिंदु ( ँ ) का प्रयोग किया गया है, जैसे माँद और अँधेरा। [5]
Exam Tip: चंद्रबिंदु वाले शब्दों को लिखते समय शिरोरेखा के ऊपर सही स्थान पर चंद्रबिंदु लगाना न भूलें।
Question 3. समान अर्थ वाले शब्दों की जोड़ी बनाकर लिखिए- (शेर, गुफा, जंगल, द्वार, माँद, दरवाजा, सिंह, वन):
Answer: दिए गए शब्दों की समान अर्थ वाली जोड़ियाँ नीचे दी गई तालिका में दर्शाई गई हैं: [5]
| शब्द 1 | समान अर्थ वाला शब्द (समानार्थी शब्द) |
|---|---|
| शेर | सिंह |
| जंगल | वन |
| गुफा | माँद |
| द्वार | दरवाजा |
In simple words: समान अर्थ देने वाले शब्दों को समानार्थी या पर्यायवाची शब्द कहते हैं, जैसे 'जंगल' को 'वन' भी कहते हैं। [5]
Exam Tip: परीक्षा में समानार्थी शब्दों के सही मेल को याद रखने के लिए इन्हें तालिका बनाकर याद करें।
Question 4. नीचे लिखे शब्दों की सहायता से वाक्य पूरा कीजिए- (नदी, पहाड़, झरना, पेड़, गुफा, माँद, तितली, हवा, बादल, जाल):
Answer: पुल्लिंग और स्त्रीलिंग संज्ञा शब्दों के आधार पर पूर्ण किए गए वाक्य नीचे दी गई तालिका में दिए गए हैं: [6]
| स्त्रीलिंग शब्द (भूल गई) | पुल्लिंग शब्द (भूल गया) |
|---|---|
| नदी! क्या तू भूल गई। | झरना! क्या तू भूल गया। |
| माँद! क्या तू भूल गई। | पहाड़! क्या तू भूल गया। |
| तितली! क्या तू भूल गई। | बादल! क्या तू भूल गया। |
| हवा! क्या तू भूल गई। | पेड़! क्या तू भूल गया। |
In simple words: स्त्रीलिंग शब्दों के साथ 'भूल गई' और पुल्लिंग शब्दों के साथ 'भूल गया' का प्रयोग किया जाता है। [6]
Exam Tip: वाक्य के अंत में क्रिया का लिंग (गई/गया) देखकर संज्ञा शब्द (जैसे तितली या पहाड़) का चुनाव करें।
Question 5. सही शब्द चुनकर रिक्त स्थान भरिए- (बाहर, चुप, जवान, सचमुच, याद, उजाला):
Answer: वाक्य के भाव के अनुसार विपरीत (विलोम) शब्दों से भरे गए रिक्त स्थान इस प्रकार हैं: [6]
- (क) सिंह इस समय भी माँद के **भीतर** है या **बाहर** निकल गया।
- (ख) आज **बोलती** क्यों नहीं? **चुप** क्यों है?
- (ग) मैं **बूढ़ा** हो गया हूँ। पहले तो मैं **जवान** था।
- (घ) यह माँद **झूठ-मूठ** ही जवाब देती है या फिर **सचमुच** बोलती है।
In simple words: यह खाली स्थान विलोम (उलटे अर्थ वाले) शब्दों जैसे भीतर-बाहर, बोलती-चुप, बूढ़ा-जवान और झूठ-मूठ-सचमुच से भरे गए हैं। [6]
Exam Tip: वाक्य के अर्थ को समझने के लिए दिए गए शब्दों के विलोम जोड़ों को पहचानकर सही स्थान पर भरें।
Question 6. सही अर्थ की जोड़ी बनाइए:
Answer: कहानी में प्रयुक्त प्रमुख वाक्यांशों/मुहावरों के सही अर्थ निम्नलिखित तालिका में दिए गए हैं: [7]
| वाक्यांश/मुहावरा | उसका सही अर्थ |
|---|---|
| (क) एक चूहा तक हाथ नहीं लगा | (iii) कोई शिकार नहीं मिला |
| (ख) मेरी जान पर ही आ जाती | (i) बड़ी संकट में फंस गया |
| (ग) सियार वहाँ से चंपत हो गया | (ii) भाग गया |
In simple words: यह मुहावरों और उनके सही अर्थों को मिलाने का अभ्यास है, जैसे 'चंपत हो जाना' का अर्थ 'भाग जाना' होता है। [7]
Exam Tip: मुहावरों के अर्थ को दैनिक बोलचाल की भाषा में समझकर उनका मिलान सही अर्थ से करें।
Question 7. अपने मन से वाक्य बनाइए:
Answer: कारण और परिणाम को दर्शाने वाले पूर्ण किए गए वाक्य निम्नलिखित हैं: [7]
- (क) यदि बोला तो **सबकी सच्चाई सामने आ जायेगी।**
- (ख) यदि अधिक वर्षा हुई तो **बाढ़ आ जायेगी।**
- (ग) यदि कड़ी धूप हुई तो **पौधे मुरझा जायेंगे।**
- (घ) यदि अँधेरा हुआ तो **रास्ता चलना मुश्किल हो जाएगा।**
In simple words: यह दिए गए अधूरे वाक्यों को सही और सार्थक परिस्थितियों के अनुसार पूरा करने का अभ्यास है। [7]
Exam Tip: वाक्य पूरा करते समय उसके पहले भाग (कारण) और दूसरे भाग (परिणाम) के आपसी तालमेल का ध्यान रखें।
कला की कलाकारियाँ
Question 1. यहाँ सिंह व सियार का मुखौटा दिया गया है। आप दोनों में से अपनी रुचि के अनुसार मुखौटा बनाइए- सिंह के मुँह की आकृति बनाइए, रंग भरिए, अब बाहरी रेखा से काट लीजिए, दोनों किनारों पर छेद कीजिए और धागा बाँधिए।
Answer: विद्यार्थी कागज़ या कार्डबोर्ड का उपयोग करके दिए गए चित्रों के आधार पर शेर या सियार का सुंदर मुखौटा (मास्क) तैयार करेंगे। [7] वे पहले चेहरे की आकृति बनाकर उसे चमकीले रंगों से सजाएँगे, फिर बड़ों की मदद से कैंची से काटकर दोनों ओर धागा बाँधकर पहनेंगे। मुखौटा बनाने के प्रमुख १० चरण पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ पर दर्शाए गए हैं। [7, 8]
In simple words: कागज़ पर शेर या सियार का चेहरा बनाकर उसमें रंग भरें, फिर उसे काटकर दोनों तरफ धागा बाँध लें। [7]
Exam Tip: कैंची का प्रयोग करते समय और मुखौटे में छेद करते समय हमेशा किसी बड़े सदस्य या शिक्षक की सहायता लें।
Question 2. क्या आपने किसी पशु के पदचिह्न देखे हैं? अपने आस-पास किसी पशु के पदचिह्न खोजिए और यहाँ उसका नाम लिखकर उसका चित्र बनाएँ। उदाहरण के लिए कुछ चित्र नीचे दिए गए हैं- (मेंढक, बतख, मुर्गी, भेड़िया, बिल्ली, बैल):
Answer: हाँ, मैंने कई घरेलू और जंगली पशु-पक्षियों के पदचिह्न (पैरों के निशान) देखे हैं। कुछ प्रमुख पशु-पक्षियों के पदचिह्न इस प्रकार हैं: [9]
- **मेंढक (Frog):** इसके छोटे पँजे ज़मीन पर हलके निशान छोड़ते हैं। [9]
- **बतख व मुर्गी (Duck & Hen):** इनके पैरों के निशान नुकीले और झिल्लीदार होते हैं। [9]
- **भेड़िया व बिल्ली (Wolf & Cat):** इनके पदचिह्नों में गोल गद्देदार पंजों की छाप दिखाई देती है। [9]
- **बैल (Bull):** बैल के पैरों के निशान बड़े और दो भागों में बँटे खुर जैसे होते हैं। [9]
In simple words: सभी पशु-पक्षियों के पैरों के निशान अलग-अलग होते हैं, जैसे मुर्गी के पैरों के निशान पतले पंजे जैसे और बैल के पैरों के निशान बड़े खुर जैसे दिखते हैं। [9]
Exam Tip: पशु-पक्षियों के पैरों के निशानों (जैसे बिल्ली के पंजे या गाय के खुर) के अंतर को देखकर उनके जीवन और रहने के स्थान की जानकारी मिल सकती है।
NCERT Solutions for Class 3 Hindi Veena Chapter 17 Bolne Wali Maand
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