NCERT Solutions for Class 3 Hindi: Veena Chapter 09 Prakriti Parv Phuldei
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Practice Class 3 Hindi Solutions: Veena Chapter 09 Prakriti Parv Phuldei
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Question 1. त्यौहार क्यों मनाए जाते हैं?
Answer: त्यौहार मनाने से हमारे समाज में एकता, प्यार और भाईचारा बढ़ता है। ये हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन को सुंदर बनाते हैं। त्यौहारों के बहाने हम सब एक साथ मिलते हैं, खुशियाँ बाँटते हैं और आपस में अपने रिश्तों को और मज़बूत करते हैं।
In simple words: त्यौहार हमें एक साथ मिलकर खुशियाँ मनाने और आपस में प्रेम बढ़ाने का मौका देते हैं।
Exam Tip: त्यौहार मनाने का मुख्य उद्देश्य समाज में एकता और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना है, इसे अपने उत्तर में ज़रूर लिखें।
Question 2. आपका प्रिय त्यौहार कौन-सा है?
Answer: यूँ तो हमारे देश भारत में अनेक प्रकार के त्यौहार मनाए जाते हैं, परंतु मुझे दीपावली का पर्व सबसे अधिक पसंद है।
In simple words: मुझे दीपावली का त्यौहार सबसे अच्छा लगता है।
Exam Tip: आप अपनी पसंद के किसी भी त्यौहार का नाम यहाँ लिख सकते हैं, जैसे होली, ईद, या क्रिसमस।
Question 3. आप अपना प्रिय त्यौहार कैसे मनाते हैं?
Answer: मैं अपना पसंदीदा पर्व दीपावली अत्यंत प्रसन्नता और उमंग के साथ मनाता हूँ। इस दिन हम अपने घर को सुंदर लड़ियों और दीयों से सजाते हैं। संध्याकाल में हम मिलकर लक्ष्मी जी का पूजन करते हैं, सुंदर रंगोली सजाते हैं और स्वादिष्ट मिठाइयों का आनंद लेते हैं। साथ ही, दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर खुशियाँ बाँटते हैं।
In simple words: हम दिवाली पर घर सजाते हैं, दीये जलाते हैं, पूजा करते हैं और दोस्तों के साथ मिलकर मिठाइयाँ खाते हैं।
Exam Tip: अपने प्रिय त्यौहार को मनाने के तरीकों (जैसे सजावट, पूजा, और पकवान) को बिंदुवार या छोटे वाक्यों में स्पष्ट करें।
Question 4. वसंत ऋतु के आगमन पर भारत में मनाए जाने वाले त्यौहार कौन-कौन से हैं?
Answer: वसंत ऋतु के शुरू होने पर भारत में कई सारे उत्सव मनाए जाते हैं। इनमें से कुछ मुख्य त्यौहार इस प्रकार हैं:
- होली: यह रंगों से भरा उत्सव है जो फाल्गुन मास में मनाया जाता है।
- वसंत पंचमी: इस दिन विद्या की देवी माँ सरस्वती की पूजा माघ मास के पाँचवें दिन की जाती है।
- बैसाखी: पंजाब और हरियाणा में नई फसल और वसंत के आने की खुशी में यह पर्व मनाया जाता है।
- उगादी और गुड़ी पाड़वा: इन त्यौहारों से नए साल की शुरुआत मानी जाती है।
- विषुव संक्रांति: यह देश के पहाड़ी इलाकों में अलग-अलग रूपों और नामों जैसे रोंगाली बिहू आदि से मनाया जाता है।
इसके अलावा, उत्तराखंड में वसंत के आगमन पर 'फूलदेई' नाम का एक पारंपरिक त्यौहार विशेष रूप से मनाया जाता है।
In simple words: वसंत ऋतु आने पर हमारे देश में होली, वसंत पंचमी, बैसाखी और फूलदेई जैसे कई सुंदर त्यौहार मनाए जाते हैं।
Exam Tip: वसंत ऋतु के त्यौहारों के नाम लिखते समय उनके राज्यों या मनाने के तरीकों का संक्षिप्त उल्लेख करने से अच्छे अंक मिलते हैं।
Question 5. उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में माँ को इजा कहकर पुकारते हैं। आप अपनी माँ को क्या कहकर पुकारते हैं?
Answer: हमारे यहाँ आमतौर पर माँ को बुलाने के लिए माताजी, मम्मी, अम्मा या माँ कहकर पुकारा जाता है।
In simple words: हम अपनी माताजी को मम्मी या माँ कहकर बुलाते हैं।
Exam Tip: इस प्रश्न में आप अपनी स्थानीय भाषा या बोली के अनुसार जो भी शब्द उपयोग करते हैं, उसे लिख सकते हैं।
सोचिए और लिखिए
Question 1. फुलारी किसे कहते हैं?
Answer: त्यौहार के दिन बच्चों का जो समूह हर घर के दरवाज़े की चौखट पर जाकर चावल और फूल चढ़ाता है, उसे 'फुलारी' कहते हैं।
In simple words: दरवाज़ों पर फूल और चावल डालने वाले बच्चों की टोली को फुलारी कहा जाता है।
Exam Tip: फुलारी शब्द उत्तराखंड के फूलदेई पर्व से जुड़ा है, इसका मुख्य कार्य दरवाज़ों पर फूल डालना है।
Question 2. फुलारी को मिले चावल और गुड़ से क्या-क्या बनाया जाता है?
Answer: फूलों की टोली (फुलारी) को जो चावल और गुड़ उपहार में मिलते हैं, उनसे बच्चों के लिए स्वादिष्ट स्थानीय पकवान जैसे हलवा, साईं, छोई और पापड़ी तैयार किए जाते हैं।
In simple words: इकट्ठा किए गए चावल और गुड़ से हलवा, पापड़ी और दूसरे मीठे पकवान बनाए जाते हैं।
Exam Tip: उत्तर में स्थानीय पकवानों के नाम जैसे 'हलवा', 'साईं' और 'पापड़ी' का उल्लेख ज़रूर करें।
Question 3. फूलदेई को बाल पर्व क्यों कहा जाता है?
Answer: चूँकि उत्तराखंड के इस पारंपरिक त्यौहार 'फूलदेई' को मनाने और इसके रीति-रिवाजों को पूरा करने में मुख्य भूमिका बच्चों की होती है, इसीलिए इसे 'बाल पर्व' के नाम से भी जाना जाता है।
In simple words: फूलदेई को बच्चे ही मनाते हैं, इसलिए इसे बच्चों का त्यौहार या बाल पर्व कहते हैं।
Exam Tip: फूलदेई में बच्चों की प्रमुख भागीदारी को स्पष्ट रूप से दर्शाएं।
Question 4. फूलदेई पर्व बच्चों को प्रकृति से कैसे जोड़ता है?
Answer: फूलदेई का पर्व बच्चों को पेड़-पौधों और फूलों के करीब लाता है जिससे उनमें प्रकृति के प्रति प्रेम जागता है। यह त्यौहार लोकगीतों और सामाजिक रीति-रिवाजों के माध्यम से बच्चों को अपनी संस्कृति तथा पर्यावरण की रक्षा करने की सीख देता है।
In simple words: इस त्यौहार में बच्चे फूल चुनते हैं और गीत गाते हैं, जिससे वे प्रकृति और अपनी संस्कृति को पसंद करने लगते हैं।
Exam Tip: प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण की भावना को इस उत्तर के मुख्य बिंदु के रूप में लिखें।
भाषा की बात
Question. नीचे दिए गए वाक्यों में पूर्ण विराम (।) और प्रश्नवाचक चिह्न (?) का उपयोग कर वाक्य ठीक कीजिए - गरिमा को फल खाना बहुत पसंद है वह अपने मित्र गौरव दीपक ममता और नवजोत को भी फल खाने की सलाह देती है क्या आपको भी फल खाना पसंद है
Answer: "गरिमा को फल खाना बहुत पसंद है। वह अपने मित्र गौरव, दीपक, ममता और नवजोत को भी फल खाने की सलाह देती है। क्या आपको भी फल खाना पसंद है?"
In simple words: सरल वाक्यों के अंत में पूर्ण विराम (।) और प्रश्न वाले वाक्यों के अंत में प्रश्नवाचक चिह्न (?) लगाते हैं।
Exam Tip: विराम चिह्नों का प्रयोग करते समय ध्यान रखें कि बात पूरी होने पर पूर्ण विराम और प्रश्न पूछे जाने पर प्रश्नवाचक चिह्न ही आए।
पता कीजिए
Question 1. फूलदेई वसंत ऋतु (मार्च-अप्रैल) में मनाया जाने वाला त्यौहार है। ऐसे ही शरद ऋतु (सितंबर-अक्टूबर) और हेमंत ऋतु (नवंबर-दिसंबर) में मनाए जाने वाले त्यौहारों की जानकारी खोजिए और लिखिए:
Answer: विभिन्न ऋतुओं में मनाए जाने वाले प्रमुख त्यौहारों की सूची नीचे दी गई तालिका में दी गई है:
| त्यौहार का नाम | मनाए जाने का समय |
|---|---|
| दशहरा | शरद ऋतु (सितंबर-अक्टूबर) |
| दीपावली | हेमंत ऋतु (नवंबर-दिसंबर) |
| होली | वसंत ऋतु (मार्च-अप्रैल) |
| फूलदेई | वसंत ऋतु (मार्च-अप्रैल) |
| छठ पूजा | हेमंत ऋतु (नवंबर-दिसंबर) |
In simple words: अलग-अलग मौसमों में अलग-अलग त्यौहार मनाए जाते हैं, जैसे ठंड की शुरुआत में दीपावली और गर्मी की शुरुआत में होली।
Exam Tip: ऋतुओं और त्यौहारों के सही तालमेल को याद रखने के लिए उन्हें तालिका बनाकर याद करना आसान होता है।
हमारे अवकाश
Question 2. आपके विद्यालय में मिलने वाले अवकाशों की जानकारी प्राप्त कीजिए और ऋतुओं के आधार पर नीचे दी गई तालिका में लिखिए:
Answer: विद्यालय में विभिन्न ऋतुओं के अनुसार मिलने वाले प्रमुख अवकाशों का विवरण इस प्रकार है:
| अवकाश | कब से कब तक | कितने दिनों तक |
|---|---|---|
| ग्रीष्मकालीन अवकाश | 21 मई से 30 जून | 1 महीना 10 दिन |
| शरदकालीन अवकाश | दशहरा और दीपावली | 4 से 5 दिन |
| शीतकालीन अवकाश | 25 दिसंबर से 10 जनवरी | 15 दिन |
In simple words: स्कूलों में अलग-अलग मौसम के अनुसार छुट्टियाँ मिलती हैं, जैसे गर्मियों में लंबी छुट्टी और सर्दियों में छोटी छुट्टी।
Exam Tip: छुट्टियों की कुल अवधि की गणना करते समय महीनों के दिनों (30 या 31 दिन) का विशेष ध्यान रखें।
आइए, अपना घर सजाएं
Question 3. फूलदेई के दिन घरों को स्वच्छ करके मुख्य द्वार की देहली को गोबर- मिट्टी से लीपकर तैयार किया जाता है। आप अपने घर को त्यौहारों के लिए सजाने हेतु किन-किन वस्तुओं का प्रयोग करते हैं?
Answer: त्यौहारों के शुभ अवसर पर हम अपने घरों को सजाने के लिए निम्नलिखित चीज़ों का इस्तेमाल करते हैं:
- विविध रंगों और रंगोली का उपयोग: घर के आँगन को सुंदर बनाने के लिए हम अनेक प्रकार के आकर्षक रंगों तथा रंगोली के गुलालों का प्रयोग करते हैं।
- ताजे फूल और पत्तियाँ: दरवाज़ों पर आम या अशोक के पत्तों का तोरण लगाते हैं और गेंदे के फूलों की सुंदर मालाओं से घर को सजाते हैं।
- दीये, मोमबत्तियाँ और बिजली की रोशनी: दीपावली जैसे बड़े त्यौहारों पर हम मिट्टी के दीयों, मोमबत्तियों तथा रंग-बिरंगी लाइटों से पूरे घर को जगमगाते हैं।
In simple words: हम त्यौहारों पर घर को फूलों, रंगोली और दीयों से सजाते हैं जिससे घर बहुत सुंदर और चमकीला दिखता है।
Exam Tip: सजावट की वस्तुओं को अलग-अलग बिंदुओं (जैसे फूल, रंग, और रोशनी) में विभाजित करके लिखने से उत्तर स्पष्ट और प्रभावकारी बनता है।
मेरी कलाकारी
Question. फूल, आम और अशोक के पत्तों से या अन्य किसी भी वस्तु के उपयोग से सुंदर तोरण बनाइए:
Answer: विद्यार्थी फूलों तथा पत्तों की मदद से एक तोरण बना सकते हैं। नीचे इसका एक प्रतीकात्मक चित्र (तोरण) दर्शाया गया है:
In simple words: तोरण बनाने के लिए धागे में आम या अशोक के पत्ते और गेंदे के फूल बारी-बारी से पिरोए जाते हैं।
Exam Tip: तोरण को मुख्य रूप से शुभ अवसरों पर मुख्य द्वार पर लटकाया जाता है, इसे आम, अशोक के पत्तों और गेंदे के फूलों से बनाना आसान होता है।
कल्पना कीजिए
Question. मधुरानी एक दिन उद्यान में गई। वह बहुत प्रसन्न थी। वहाँ उसे मिली सूरजमुखी बहन और सूरज मामा। सोचकर लिखिए, वे तीनों आपस में क्या बातचीत कर रहे होंगे?
Answer: मधुरानी जब बाग में पहुँची, तो वहाँ खिली सूरजमुखी और आसमान में चमकते सूरज दादा के बीच बहुत ही प्यारी चर्चा चल रही थी:
**सूरजमुखी:** प्रणाम सूरज दादा! आज आप बहुत ही सुनहरे और चमकदार दिखाई दे रहे हैं।
**सूरज:** धन्यवाद! आज आसमान में कोई बादल नहीं है, इसलिए धरती बहुत साफ़ और सुंदर दिख रही है।
**मधुरानी:** नमस्ते सूरजमुखी दीदी और सूरज दादा! आप दोनों को इस तरह सुबह-सुबह खुश देखकर मुझे बहुत अच्छा लगा।
**सूरजमुखी:** नमस्ते मधुरानी! आज तुम इतनी सुबह बाग में कैसे आ गईं?
**मधुरानी:** दीदी, दोपहर के समय सूरज दादा की धूप बहुत तेज़ हो जाती है, इसलिए मैंने सोचा कि सुबह ही अपने भोजन का कुछ प्रबंध कर लूँ।
**सूरज:** बहुत अच्छा विचार है मधुरानी। अब तुम दोनों बैठकर बातें करो, मुझे अपनी यात्रा पर आगे बढ़ना है।
In simple words: मधुरानी, सूरजमुखी और सूरज सुबह-सुबह बाग में मिलकर एक-दूसरे का हालचाल पूछ रहे हैं और धूप व भोजन की बातें कर रहे हैं।
Exam Tip: संवाद लेखन (Conversation writing) में पात्रों के स्वभाव के अनुसार सरल और प्रभावपूर्ण वाक्यों का प्रयोग करना चाहिए।
शब्दार्थ
पाठ में आए कुछ कठिन शब्द और उनके अर्थ नीचे दी गई तालिका में दिए गए हैं:
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| उपहार | भेंट, तोहफा |
| साहसी | हिम्मतवाला, बहादुर |
| उद्देश्य | लक्ष्य, प्रयोजन |
| वीरांगना | वीर नारी |
| स्वतंत्रता | आज़ादी |
| स्मरण | याद |
| शुभकामनाएँ | हार्दिक बधाई |
| प्रतिदिन | रोज़ |
| उत्साह | जोश |
| असीम | जिसकी सीमा न हो |
| लज्जित | शर्मिंदा |
| निश्चय | संकल्प, प्रण |
| स्वयं | खुद |
| नेतृत्व | अगुआई |
| शुभ | मंगल |
| संदेह | शक |
| हानि | नुकसान |
| आंदोलन | विद्रोह, क्रांति |
Exam Tip: परीक्षा में शब्दार्थ से संबंधित प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं, इसलिए प्रमुख शब्दों के अर्थ अवश्य याद रखें।
आपने क्या सीखा?
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
मौखिक
Question 1(क). नेहरू जी का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
Answer: पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर, 1889 को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद (जिसे वर्तमान में प्रयागराज कहा जाता है) शहर में हुआ था.
In simple words: जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 को प्रयागराज (इलाहाबाद) में हुआ था.
Exam Tip: जन्म की तारीख (14 नवंबर 1889) और स्थान (इलाहाबाद/प्रयागराज) दोनों का स्पष्ट उल्लेख करें.
Question 1(ख). स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधान मंत्री कौन थे?
Answer: आज़ाद भारत के सबसे पहले प्रधानमंत्री बनने का गौरव पंडित जवाहरलाल नेहरू को प्राप्त हुआ था.
In simple words: हमारे देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू थे.
Exam Tip: उत्तर में 'पंडित जवाहरलाल नेहरू' का पूरा नाम आदरपूर्वक लिखें.
Question 1(ग). इन्होंने इंदिरा जी को कब पत्र लिखा था?
Answer: पंडित नेहरू ने अपनी सुपुत्री इंदिरा गांधी को यह पत्र 26 अक्टूबर, 1930 के दिन नैनी जेल से भेजा था.
In simple words: नेहरू जी ने इंदिरा जी को यह पत्र 26 अक्टूबर 1930 को लिखा था.
Exam Tip: पत्र की तिथि 26/10/1930 पाठ के शुरू में दी गई है, इसे याद रखें.
लिखित
Question 1(क). नेहरूजी ने यह पत्र किसको और कब लिखा?
Answer: पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अपनी बेटी इंदिरा प्रियदर्शिनी को उनके तेरहवें जन्मदिन के विशेष अवसर पर 26 अक्टूबर 1930 को यह पत्र लिखा था.
In simple words: नेहरू जी ने अपनी बेटी इंदिरा को उनके जन्मदिन पर 26 अक्टूबर 1930 को यह पत्र लिखा था.
Exam Tip: उत्तर में पत्र पाने वाले (पुत्री इंदिरा) और तिथि (26 अक्टूबर 1930) दोनों की जानकारी अवश्य दें.
Question 1(ख). पुत्री के जन्मदिन पर नेहरूजी उपहार क्यों नहीं भेज सके?
Answer: चूँकि पंडित नेहरू उस समय इलाहाबाद की नैनी जेल में बंदी थे, इसलिए वे अपनी पुत्री के जन्मदिन पर जेल से कोई भौतिक भेंट या उपहार बाहर नहीं भेज सकते थे.
In simple words: नेहरू जी जेल में बंद थे, इसलिए वे अपनी बेटी को जन्मदिन पर कोई बाहरी तोहफा नहीं भेज सके.
Exam Tip: नेहरू जी की नैनी जेल में बंदी होने की स्थिति को ही इस असमर्थता का मुख्य कारण बताएं.
Question 1(ग). मनुष्य को किसी कार्य को करने या न करने के विषय में यदि कोई संदेह हो तो क्या करना चाहिए?
Answer: यदि कभी किसी काम को करने को लेकर मन में कोई दुविधा या शक पैदा हो, तो हमें स्वयं से पूछना चाहिए कि क्या हम उस काम को दूसरों से छिपाना चाहते हैं. यदि कोई काम ऐसा है जिसे छिपाने की ज़रूरत महसूस हो, तो समझें कि वह गलत है और उसे बिल्कुल नहीं करना चाहिए.
In simple words: अगर किसी काम को करने में शक हो, तो सोचें कि क्या उसे छिपाना पड़ेगा। जिसे छिपाना पड़े, वह काम कभी न करें.
Exam Tip: छुपाने की प्रवृत्ति को सही और गलत कार्य की पहचान करने का पैमाना बताएं.
Question 1(घ). यह पत्र कहाँ से लिखा गया? उस समय हमारे देश में क्या हो रहा था?
Answer: यह पत्र नैनी कारागार (जेल) से भेजा गया था. उस दौर में हमारे प्यारे देश भारत में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के कुशल नेतृत्व में स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए एक बहुत बड़ा आंदोलन चल रहा था.
In simple words: यह पत्र नैनी जेल से लिखा गया था और उस समय भारत की आज़ादी के लिए गांधी जी के नेतृत्व में आंदोलन चल रहा था.
Exam Tip: नैनी जेल और बापूजी के स्वतंत्रता आंदोलन, दोनों हिस्सों का उत्तर में समावेश होना चाहिए.
Question 1(ङ). किसके नेतृत्व में यह आंदोलन चलाया जा रहा था?
Answer: आज़ादी का यह ऐतिहासिक आंदोलन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, जिन्हें लोग आदर से बापूजी कहते थे, की अगुआई में संचालित हो रहा था.
In simple words: यह आंदोलन महात्मा गांधी (बापूजी) के नेतृत्व में चलाया जा रहा था.
Exam Tip: महात्मा गांधी जी के नेतृत्व का स्पष्ट उल्लेख करें.
Question 1(च). आगे चलकर इंदिरा ने अपने पिता की इच्छा कैसे पूरी की?
Answer: आगे चलकर इंदिरा जी ने अपने देश की निःस्वार्थ सेवा की और भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्र का गौरव बढ़ाया. उन्होंने एक साहसी सिपाही की तरह काम करते हुए अपने पिता के सपनों को साकार किया.
In simple words: इंदिरा जी आगे चलकर बहुत बहादुर बनीं और देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनकर अपने पिता का सपना पूरा किया.
Exam Tip: देश सेवा और भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री बनने के तथ्य को उत्तर में प्रमुखता दें.
Question 2(क). नेहरूजी ने पत्र किस तिथि को लिखा था?
(a) 26 जनवरी 1930
(b) 26 अक्टूबर 1930
(c) 26 सितम्बर 1930
(d) 26 अगस्त 1930
Answer: (b) 26 अक्टूबर 1930
In simple words: नेहरूजी ने यह प्रसिद्ध पत्र 26 अक्टूबर 1930 को अपनी बेटी के जन्मदिन पर लिखा था.
Exam Tip: पाठ में दी गई तिथि (26 अक्टूबर 1930) को अच्छे से याद रखें.
Question 2(ख). नेहरूजी ने पत्र किस जेल से लिखा था?
(a) तिहाड़ जेल
(b) नैनी जेल
(c) पटना जेल
(d) सैंट्रल जेल भागलपुर से
Answer: (b) नैनी जेल
In simple words: यह पत्र पंडित नेहरू ने इलाहाबाद की नैनी जेल से अपनी बेटी इंदिरा को भेजा था.
Exam Tip: 'नैनी जेल' का संबंध इलाहाबाद (प्रयागराज) से है, यह याद रखना वैकल्पिक प्रश्नों में सहायक होता है.
Question 2(ग). 'तुम सभी को मेरा 'प्यार' वाक्य में आए कारक चुनिए।
(a) अधिकरण कारक
(b) कर्म कारक
(c) करण कारक
(d) संप्रदान कारक
Answer: (d) संप्रदान कारक
In simple words: वाक्य में किसी को कुछ देने (प्यार देने) का भाव है, इसलिए यहाँ संप्रदान कारक ('को' परसर्ग) है।
Exam Tip: जब कोई वस्तु या भावना किसी को दी जाती है, तो वहाँ 'को' विभक्ति संप्रदान कारक की परिचायक होती है।
Question 2(घ). 'अपने कर्म पर ही सबसे ज़्यादा ज़ोर' दो वाक्य में से सही कारक चुनिए।
(a) संबंध कारक
(b) संबोधन कारक
(c) अधिकरण कारक
(d) अपादान कारक
Answer: (c) अधिकरण कारक
In simple words: 'कर्म पर' में 'पर' विभक्ति आई है, जो अधिकरण कारक को दर्शाती है।
Exam Tip: 'में' और 'पर' विभक्ति चिह्न हमेशा अधिकरण कारक की पहचान होते हैं।
Question 3(क). नीचे दिए गए वाक्यांश का भावार्थ लिखिए: "एक महान उद्देश्य हमारे सामने है और हमें इसकी पूर्ति के लिए बहुत कुछ करना है।"
Answer: इस पंक्ति का आशय यह है कि हमारे सामने भारत को आज़ाद कराने का एक बहुत ही बड़ा और पवित्र लक्ष्य है। इस महान लक्ष्य को पूरा करने के लिए हम सभी को एकजुट होकर बहुत परिश्रम और त्याग करने की आवश्यकता है।
In simple words: हमारे सामने देश को आज़ाद कराने का बड़ा लक्ष्य है और इसके लिए हमें बहुत मेहनत करनी होगी।
Exam Tip: भावार्थ लिखते समय वाक्य के गहरे अर्थ को सरल शब्दों में विस्तार से स्पष्ट करना चाहिए।
Question 3(ख). नीचे दिए गए वाक्यांश का भावार्थ लिखिए: "हमें कोई भी काम नहीं करना चाहिए जिससे हमें लज्जित होना पड़े।"
Answer: हमें अपने जीवन में कभी भी कोई ऐसा अनुचित या गलत कार्य नहीं करना चाहिए, जिसके उजागर होने पर हमें दूसरों के सामने शर्म से सिर झुकाना पड़े या आत्मग्लानि महसूस हो।
In simple words: हमें कोई भी ऐसा गलत काम नहीं करना चाहिए जिससे हमें बाद में शर्मिंदा होना पड़े।
Exam Tip: लज्जित होने वाले कार्यों का संबंध गलत कार्यों से है, इसे स्पष्ट करें।
Question 3(ग). नीचे दिए गए वाक्यांश का भावार्थ लिखिए: "हमें इतना अवश्य स्मरण रखना चाहिए कि उससे हमारे देश को हानि न पहुँचे।"
Answer: हमें सदा इस बात के प्रति सतर्क रहना चाहिए कि हमारे किसी भी छोटे या बड़े कदम से हमारे प्यारे देश की एकता, प्रगति या सम्मान को तनिक भी ठेस न पहुँचे।
In simple words: हम जो भी काम करें, हमेशा ध्यान रखें कि उससे हमारे देश का कोई नुकसान न हो।
Exam Tip: देशभक्ति और देश के प्रति हमारी ज़िम्मेदारी को इस भावार्थ का केंद्र बिंदु बनाएँ।
Question 3(घ). नीचे दिए गए वाक्यांश का भावार्थ लिखिए: "यदि तुम बहादुर बनोगी तो तुम ऐसी कोई बात नहीं करोगी जिससे तुम्हें डरना पड़े या जिससे लज्जित होना पड़े।"
Answer: यदि तुम अपने भीतर वीरता और साहस पैदा करोगी, तो तुम हमेशा सही और न्यायपूर्ण मार्ग चुनोगी। जो व्यक्ति सच्चा और बहादुर होता है, उसे न तो किसी का भय सताता है और न ही उसे कभी अपने कार्यों पर पछतावा या शर्मिंदगी होती है।
In simple words: बहादुर लोग कभी गलत काम नहीं करते, इसलिए उन्हें किसी बात का डर या शर्म नहीं होती।
Exam Tip: बहादुरी और सच्चाई के अटूट संबंध को इस उत्तर में उजागर करें।
भाषा-ज्ञान
Question 1. नीचे दिए गए शब्दों में 'इत' प्रत्यय लगाकर विशेषण बनाइए:
Answer: 'इत' प्रत्यय जोड़कर बने विशेषण शब्द इस प्रकार हैं:
| मूल शब्द + प्रत्यय | विशेषण शब्द |
|---|---|
| उत्साह + इत | उत्साहित |
| चिंता + इत | चिंतित |
| सम्मान + इत | सम्मानित |
| पराजय + इत | पराजित |
| परिचय + इत | परिचित |
In simple words: किसी शब्द के अंत में जुड़ने वाले शब्दांश को प्रत्यय कहते हैं। 'इत' लगाने से नया विशेषण शब्द बनता है।
Exam Tip: प्रत्यय लगाते समय मूल शब्द की अंतिम मात्रा और संधि के नियमों का ध्यान रखें, जैसे 'चिंता + इत' मिलकर 'चिंतित' (इ की मात्रा छोटी हो जाती है) बनता है।
Question 2. नीचे लिखे शब्दों के दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखिए:
Answer: पर्यायवाची शब्दों की सूची इस प्रकार है:
| शब्द | दो-दो पर्यायवाची शब्द |
|---|---|
| पिता | जनक, तात |
| उद्देश्य | लक्ष्य, ध्येय |
| स्मरण | याद, सुधि |
| वीर | बहादुर, शूरवीर |
| पुत्री | बेटी, सुता |
| हानि | नुकसान, घाटा |
| उत्साह | जोश, उमंग |
| साहसी | निडर, जाँबाज़ |
In simple words: समान अर्थ बताने वाले शब्दों को पर्यायवाची या समानार्थी शब्द कहते हैं।
Exam Tip: एक शब्द के कई पर्यायवाची होते हैं, परीक्षा के लिए हमेशा कम से कम दो सरल और शुद्ध पर्यायवाची शब्द याद रखें.
Question 3. निम्नलिखित शब्दों के लिंग बदलकर लिखिए:
Answer: दिए गए शब्दों का लिंग परिवर्तन इस प्रकार है:
| मूल शब्द | परिवर्तित लिंग |
|---|---|
| वीर | वीरांगना |
| पुरुष | स्त्री |
| पिता | माता |
| देवी | देव |
| सेवक | सेविका |
| गायक | गायिका |
In simple words: लिंग बदलने का मतलब है पुरुषवाचक शब्द को स्त्रीवाचक बनाना और स्त्रीवाचक शब्द को पुरुषवाचक बनाना।
Exam Tip: लिंग परिवर्तन करते समय वर्तनी (spelling) की शुद्धता का विशेष ध्यान रखें, जैसे 'गायक' का 'गायिका' और 'सेवक' का 'सेविका' होता है।
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