NCERT Solutions Class 8 Science Chapter 10 Light Mirrors and Lenses (प्रकाश दर्पण एवं लेंस) in Hindi

Download NCERT Solutions for Class 8 Science Chapter 10 प्रकाश दर्पण एवं लेंस

Explore reliable textbook solutions for Chapter 10 प्रकाश दर्पण एवं लेंस tailored for Class 8 learners. Utilizing these Science answers ensures thorough preparation and strengthens foundational knowledge before final NCERT evaluations.

Access NCERT Solutions and Answers

View or download the dedicated Chapter 10 प्रकाश दर्पण एवं लेंस solution resource below. Engaging with these textbook answers under focused study conditions ensures continuous academic progress and mastery of the 2026-27 curriculum for Science.

Question 1: किसी दर्पण पर आपतित प्रकाश की एक किरण एवं उसके संगत परावर्तित किरण चित्र 10.21 में दर्शाई गई है। आपतित किरण दर्पण पर अभिलंब के साथ 40° का कोण बनाती है। परावर्तित किरण और दर्पण के बीच बने कोण का मान कितना है?
(i) 40°
(ii) 50°
(iii) 45°
(iv) 60°

Answer:

सही विकल्प (ii) 50° है।
परावर्तन के नियम के अनुसार, आपतन कोण परावर्तन कोण के बराबर होता है।
अत: आपतन कोण = परावर्तन कोण = \( 40^\circ \)
परावर्तित किरण और दर्पण के बीच का कोण = \( 90^\circ - \text{परावर्तन कोण} \)
= \( 90^\circ - 40^\circ = 50^\circ \)

मुख्य बिंदु:

• आपतन कोण अभिलंब और आपतित किरण के बीच बनता है।
• परावर्तन के नियम के अनुसार आपतन कोण और परावर्तन कोण सदैव बराबर होते हैं।
• अभिलंब दर्पण की सतह के साथ \( 90^\circ \) का कोण बनाता है।

आम गलतियाँ:

• छात्र परावर्तन कोण को ही दर्पण के साथ बना कोण मान लेते हैं।
• अभिलंब और दर्पण के कुल कोण \( 90^\circ \) को ध्यान में न रखना।
• गणना में छोटी मोटी घटाव की गलती करना।

Exam Tips:

a) हमेशा चित्र बनाकर आपतन और परावर्तन कोण को स्पष्ट रूप से दर्शाएं।
b) याद रखें कि दर्पण की सतह के साथ अभिलंब हमेशा लंबवत (\( 90^\circ \)) होता है।
c) बहुविकल्पीय प्रश्नों में सही विकल्प के साथ उसका कारण भी समझकर टिक करें।

 

Question 2: चित्र 10.22 में तीन भिन्न स्थितियाँ दर्शाई गई हैं। जिनमे प्रकाश किरण एक दर्पण पर आपतित है –
(i) प्रकाश किरण अभिलंब के अनुदिश दर्पण पर आपतित है।
(ii) दर्पण को किसी कोण पर घुमा दिया गया है किंतु प्रकाश किरण अभी भी इस पर अभिलंब के अनुदिश आपतित है।
(iii) दर्पण को किसी कोण पर घुमा दिया गया है और प्रकाश किरण इस पर अभिलंब से 20° का कोण बनाती हुई आपतित होती है।

Answer:

(i) जब प्रकाश किरण अभिलंब के अनुदिश आपतित होती है तो आपतन कोण = \( 0^\circ \) । परावर्तन के नियम से, परावर्तन कोण = आपतन कोण = \( 0^\circ \) । अत: परावर्तित किरण उसी रास्ते वापस लौटेगी जिस रास्ते से आई थी।
(ii) यहाँ भी आपतन कोण = \( 0^\circ \) है क्योंकि किरण अभिलंब के अनुदिश ही आपतित है। परावर्तन कोण = \( 0^\circ \) । परावर्तित किरण पुनः वापस उसी मार्ग से लौटेगी।
(iii) आपतन कोण = \( 20^\circ \) । परावर्तन के नियम से, परावर्तन कोण = \( 20^\circ \) । परावर्तित किरण अभिलंब के दूसरी ओर \( 20^\circ \) का कोण बनाएगी।

मुख्य बिंदु:

• अभिलंब के अनुदिश आपतित किरण के लिए आपतन कोण शून्य होता है।
• परावर्तन का नियम हर स्थिति में समान रूप से लागू होता है।
• दर्पण की स्थिति बदलने पर भी यदि किरण अभिलंबवत् गिरे तो कोण नहीं बदलता।

आम गलतियाँ:

• अभिलंबवत आपतन में कोण को \( 90^\circ \) समझ लेना।
• दर्पण के घूमने पर आपतन कोण को दर्पण के तल से माप लेना।
• परावर्तित किरण की दिशा को गलत तरीके से दर्शाना।

Exam Tips:

a) अभिलंब और आपतित किरण के बीच के कोण को ही हमेशा आपतन कोण मानें।
b) लंबवत आपतन के विशेष मामले को याद रखें जहाँ किरण अपने ही मार्ग पर लौटती है।
c) उत्तर लिखते समय परावर्तन के नियम का स्पष्ट उल्लेख करें।

 

Question 3: चित्र 10.23 में तीन प्रकार के दर्पणों के सामने स्केच पेन का ढक्कन रखा गया है। प्रतिबिंब का मिलान सही दर्पण से कीजिए।
(i) समतल दर्पण
(ii) उत्तल दर्पण
(iii) अवतल दर्पण

Answer:

(i) समतल दर्पण — इसके सामने रखी वस्तु का प्रतिबिंब वस्तु के आकार के समान और सीधा बनता है।
(ii) उत्तल दर्पण — इसके सामने रखी वस्तु का प्रतिबिंब सदैव सीधा और आकार में छोटा बनता है।
(iii) अवतल दर्पण — इसके सामने रखी वस्तु का प्रतिबिंब स्थिति के अनुसार बड़ा, आवर्धित और कभी सीधा या उल्टा बन सकता है।

मुख्य बिंदु:

• समतल दर्पण समान आकार का प्रतिबिंब बनाता है।
• उत्तल दर्पण हमेशा छोटा और सीधा प्रतिबिंब देता है।
• अवतल दर्पण वस्तु के पास होने पर बड़ा और आवर्धित प्रतिबिंब बनाता है।

आम गलतियाँ:

• उत्तल और अवतल दर्पण के प्रतिबिंबों के आकार में भ्रमित होना।
• समतल दर्पण के प्रतिबिंब को छोटा या बड़ा समझ लेना।
• सही मिलान करते समय आकृतियों को ध्यान से न देखना।

Exam Tips:

a) तीनों दर्पणों की प्रतिबिंब बनाने की विशेषताओं की सूची याद रखें।
b) मिलान वाले प्रश्नों में प्रत्येक विकल्प को तार्किक रूप से जांचें।
c) आरेख आधारित प्रश्नों का अभ्यास करें।

 

Question 4: चित्र 10.24 में एक स्केच पेन के ढक्कन को एक उत्तल लेंस, एक अवतल लेंस और एक समतल काँच पट्टिका के पीछे समान दूरी पर रखिए और प्रतिबिंबों का अवलोकन कीजिए। प्रत्येक प्रतिबिंब का मिलान सही प्रकाशिक युक्ति के साथ कीजिए।

Answer:

(i) काँच की समतल पारदर्शी पट्टिका — वस्तु का आकार सामान्य और वास्तविक जैसा रहता है।
(ii) उत्तल लेंस — वस्तु का प्रतिबिंब बड़ा और आवर्धित दिखाई देता है (आवर्धक लेंस की तरह)।
(iii) अवतल लेंस — वस्तु का प्रतिबिंब छोटा दिखाई देता है।

मुख्य बिंदु:

• समतल काँच पट्टिका प्रकाशिक गुणों में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं करती।
• उत्तल लेंस वस्तुओं के आकार को बड़ा (आवर्धित) दिखाता है।
• अवतल लेंस वस्तुओं के आकार कोछोटा कर देता है।

आम गलतियाँ:

• उत्तल और अवतल लेंस के प्रतिबिंब के आकार को आपस में मिला देना।
• समतल पट्टिका और लेंस के प्रभाव को एक जैसा मान लेना।
• चित्रों का सही अवलोकन किए बिना उत्तर लिखना।

Exam Tips:

a) लेंसों के कार्य करने के बुनियादी सिद्धांतों को समझें।
b) उत्तल लेंस को आवर्धक लेंस के रूप में पहचानना सीखें।
c) पाठ्यपुस्तक के चित्रों का बार-बार अभ्यास करें।

 

Question 5: किसी समतल दर्पण पर प्रकाश अभिलंब के अनुदिश आपतित है। बताइए कि निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है —
(i) आपतन कोण 90° है।
(ii) आपतन कोण 0° है।
(iii) परावर्तन कोण 90° है।
(iv) इस स्थिति में प्रकाश परावर्तित नहीं होता है।

Answer:

सही कथन (ii) आपतन कोण 0° है।
स्पष्टीकरण: आपतन कोण वह कोण होता है जो आपतित किरण और अभिलंब के बीच बनता है। यदि प्रकाश अभिलंब के अनुदिश आपतित है तो आपतित किरण और अभिलंब एक ही दिशा में हैं। इसलिए उनके बीच का कोण शून्य (\( 0^\circ \)) होगा। परावर्तन के नियम से परावर्तन कोण भी \( 0^\circ \) होगा और प्रकाश वापस उसी मार्ग से लौट जाएगा।

मुख्य बिंदु:

• अभिलंबवत आपतन में किरण और अभिलंब के बीच कोई कोण नहीं बनता।
• आपतन कोण और परावर्तन कोण दोनों का मान \( 0^\circ \) होता है।
• किरण उसी पथ पर वापस लौटती है।

आम गलतियाँ:

• अभिलंबवत होने पर कोण को \( 90^\circ \) समझ लेना।
• यह सोचना कि इस स्थिति में परावर्तन नहीं होता।
• पृष्ठ के साथ बने कोण को आपतन कोण मान लेना।

Exam Tips:

a) हमेशा याद रखें कि अभिलंब के साथ बनने वाला कोण ही आपतन कोण है।
b) यदि किरण लंबवत पड़े तो कोण हमेशा शून्य होता है।
c) अवधारणा स्पष्ट होने पर ऐसे प्रश्न आसानी से हल हो जाते हैं।

 

Question 6: चित्र 10.25 में तीन दर्पण — समतल, अवतल एवं उत्तल रखे गए हैं। किसी ग्राफ पत्रक के दर्पण में बने प्रतिबिंब के आधार पर इन दर्पणों की पहचान कीजिए और चित्र में दर्पणों के ऊपर उनके नाम लिखिए।

Answer:

उत्तल दर्पण: जिस दर्पण में ग्राफ पत्रक की खानें छोटी दिखाई दें वह उत्तल दर्पण है। उत्तल दर्पण सदैव सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है।
अवतल दर्पण: जिस दर्पण में ग्राफ पत्रक की खानें बड़ी दिखाई दें वह अवतल दर्पण है। जब वस्तु अवतल दर्पण के समीप हो तो यह आवर्धित सीधा प्रतिबिंब बनाता है。
समतल दर्पण: जिस दर्पण में ग्राफ पत्रक की सभी खानों का आमाप समान रहे और कोई विकृति न आए वह समतल दर्पण है। समतल दर्पण वस्तु के बराबर आमाप का सीधा प्रतिबिंब बनाता है।

मुख्य बिंदु:

• उत्तल दर्पण खानों को छोटा यानी छोटा प्रतिबिंब दिखाता है।
• अवतल दर्पण खानों को बड़ा यानी आवर्धित प्रतिबिंब दिखाता है।
• समतल दर्पण में खानों का आकार अपरिवर्तित रहता है।

आम गलतियाँ:

• उत्तल और अवतल दर्पण के प्रतिबिंब के आकार में भ्रमित होना।
• ग्राफ पत्रक के खानों के बदलाव को सही से न पहचान पाना।
• दर्पणों के नाम गलत क्रम में लिख देना।

Exam Tips:

a) प्रतिबिंब के आकार से दर्पण की पहचान करने का नियम याद रखें।
b) उत्तल छोटा, समतल बराबर और अवतल बड़ा प्रतिबिंब बनाता है।
c) उत्तर लिखते समय प्रत्येक दर्पण का मुख्य गुण अवश्य बताएं।

 

Question 7: किसी संग्रहालय में कोई महिला एक विशाल अवतल दर्पण में अपना प्रतिबिंब देखती हुई चल कर उसकी ओर जाती है। वह देखेगी कि —
(i) उसके सीधे प्रतिबिंब का आमाप घटता जाता है।
(ii) उसके उल्टे प्रतिबिंब का आमाप घटता जाता है।
(iii) उसके उल्टे प्रतिबिंब का आमाप बढ़ता जाता है और अंततः यह सीधा तथा आवर्धित हो जाता है।
(iv) उसके सीधे प्रतिबिंब का आमाप बढ़ता जाता है।

Answer:

सही विकल्प (iii) उसके उल्टे प्रतिबिंब का आमाप बढ़ता जाता है और अंततः यह सीधा तथा आवर्धित हो जाता है।
जब महिला दूर से अवतल दर्पण की ओर चलना शुरू करती है तो पहले उसका प्रतिबिंब उल्टा और आवर्धित बनता है। जैसे-जैसे वह दर्पण के निकट आती जाती है उल्टा प्रतिबिंब और बड़ा होता जाता है। जब वह दर्पण के बहुत निकट पहुँच जाती है तो प्रतिबिंब सीधा और आवर्धित हो जाता है। यह अवतल दर्पण का एक महत्वपूर्ण गुण है।

मुख्य बिंदु:

• अवतल दर्पण वास्तविक और उल्टे के साथ-साथ आभासी और सीधे प्रतिबिंब भी बना सकता है।
• वस्तु के पास आने पर प्रतिबिंब का आकार बदलता है।
• बहुत पास होने पर प्रतिबिंब सीधा और आवर्धित हो जाता है।

आम गलतियाँ:

• यह मान लेना कि अवतल दर्पण हमेशा उल्टा प्रतिबिंब ही बनाता है।
• दूरी के साथ प्रतिबिंब के आकार में होने वाले परिवर्तन को भूल जाना।
• सीधे और उल्टे प्रतिबिंब की स्थिति में भ्रम होना।

Exam Tips:

a) अवतल दर्पण द्वारा बनने वाले विभिन्न प्रतिबिंबों की स्थितियों को याद रखें।
b) अत्यधिक निकट होने पर बनने वाला प्रतिबिंब हमेशा आभासी और सीधा होता है।
c) प्रश्न को ध्यान से पढ़कर ही सही विकल्प चुनें।

 

Question 8: एक आवर्धक लेंस को किसी मुद्रित पाठ्यसामग्री के ऊपर लाइए और उस दूरी को पहचानिए जिस पर पाठ्यसामग्री का आमाप बड़ा दिखाई देने लगता है। अब इसे पाठ्यसामग्री से दूर ले जाइए। आप क्या अवलोकन करते हैं? बताइए आवर्धक लेंस किस प्रकार का लेंस होता है?

Answer:

जब आवर्धक लेंस को पाठ्यसामग्री के समीप रखा जाता है तो अक्षर बड़े और स्पष्ट दिखाई देते हैं। जब लेंस को पाठ्यसामग्री से दूर ले जाया जाता है तो एक विशेष दूरी तक अक्षर बड़े दिखाई देते हैं। उसके बाद लेंस को और दूर ले जाने पर अक्षर उल्टे और पहले बड़े फिर छोटे होते जाते हैं। आवर्धक लेंस एक उत्तल लेंस होता है। उत्तल लेंस बीच में मोटा और किनारों पर पतला होता है। जब वस्तु उत्तल लेंस के बहुत समीप रखी जाती है तो यह वस्तु का सीधा और आवर्धित प्रतिबिंब बनाता है। इसीलिए इसे आवर्धक लेंस कहते हैं।

मुख्य बिंदु:

• आवर्धक लेंस वास्तव में एक उत्तल लेंस होता है।
• समीप रखने पर यह सीधा और आवर्धित प्रतिबिंब बनाता है।
• दूर ले जाने पर प्रतिबिंब वास्तविक और उल्टा होने लगता है।

आम गलतियाँ:

• आवर्धक लेंस को अवतल लेंस समझ लेना।
• लेंस को दूर ले जाने पर होने वाले बदलाव का सही वर्णन न करना।
• उत्तल लेंस की बनावट (बीच में मोटा, किनारों पर पतला) को उल्टा लिख देना।

Exam Tips:

a) उत्तल लेंस के उपयोग और उसकी संरचना को अच्छे से तैयार करें।
b) आवर्धक लेंस की कार्यप्रणाली का प्रयोगिक दृष्टिकोण याद रखें।
c) उत्तर में लेंस के प्रकार और उसके कारणों का स्पष्ट उल्लेख करें।

 

Question 9: स्तंभ I की प्रविष्टियों का मिलान स्तंभ II में की गई प्रविष्टियों से कीजिए।
स्तंभ I:
(i) अवतल दर्पण
(ii) उत्तल दर्पण
(iii) उत्तल लेंस
(iv) अवतल लेंस
स्तंभ II:
(क) एक ऐसा गोलीय दर्पण जिसका परावर्तक पृष्ठ भीतर की ओर वक्रित होता है।
(ख) यह सदैव सीधा और आमाप में वस्तु से छोटा प्रतिबिंब बनाता है।
(ग) इसके पीछे रखी वस्तु कुछ अधिक दूरी पर उल्टी रखी हुई प्रतीत होती है।
(घ) इसके पीछे रखी वस्तु आमाप में सदैव अपने वास्तविक आमाप से छोटी दिखाई देती है।

Answer:

सही मिलान निम्नलिखित है:
(i) अवतल दर्पण — (क) एक ऐसा गोलीय दर्पण जिसका परावर्तक पृष्ठ भीतर की ओर वक्रित होता है।
(ii) उत्तल दर्पण — (ख) यह सदैव सीधा और आमाप में वस्तु से छोटा प्रतिबिंब बनाता है।
(iii) उत्तल लेंस — (ग) इसके पीछे रखी वस्तु कुछ अधिक दूरी पर उल्टी रखी हुई प्रतीत होती है।
(iv) अवतल लेंस — (घ) इसके पीछे रखी वस्तु आमाप में सदैव अपने वास्तविक आमाप से छोटी दिखाई देती है।

मुख्य बिंदु:

• अवतल दर्पण का परावर्तक पृष्ठ अंदर की ओर धंसा होता है।
• उत्तल दर्पण हमेशा छोटा और सीधा प्रतिबिंब देता है।
• लेंसों और दर्पणों के गुण अलग-अलग होते हैं जिन्हें ध्यान से मिलाना चाहिए।

आम गलतियाँ:

• लेंस और दर्पण के कथनों को आपस में मिला देना।
• उत्तल और अवतल की परिभाषाओं में भ्रमित होना।
• मिलान करते समय गलत क्रम चुनना।

Exam Tips:

a) सभी प्रकार के लेंसों और दर्पणों के मुख्य लक्षण याद रखें।
b) मिलान वाले प्रश्नों में प्रत्येक विकल्प को ध्यान से पढ़कर ही उत्तर दें।
c) परिभाषाओं को सटीक रूप से याद करें।

 

Question 10: निम्नलिखित प्रश्न अभिकथन या कारण पर आधारित है।
अभिकथन : पीछे के यातायात के अवलोकन के लिए उत्तल दर्पणों को वरीयता दी जाती है।
कारण : उत्तल दर्पण समतल दर्पणों की तुलना में सार्थक रूप से व्यापक दृष्टि क्षेत्र प्रदान करता है।
सही विकल्प का चयन कीजिए:
(i) अभिकथन और कारण दोनों सही हैं और कारण अभिकथन की सही व्याख्या है।
(ii) अभिकथन और कारण दोनों सही हैं परंतु कारण अभिकथन की सही व्याख्या नहीं है।
(iii) अभिकथन सही है किंतु कारण असत्य है।
(iv) अभिकथन और कारण दोनों असत्य हैं।

Answer:

सही विकल्प (i) अभिकथन और कारण दोनों सही हैं और कारण अभिकथन की सही व्याख्या है।
स्पष्टीकरण: उत्तल दर्पण बाहर की ओर वक्रित होता है जिससे यह पीछे की सड़क का एक विस्तृत क्षेत्र दिखाता है। इसलिए वाहनों के पार्श्व-दृश्य दर्पण के रूप में उत्तल दर्पण का उपयोग किया जाता है। समतल दर्पण की तुलना में उत्तल दर्पण कहीं अधिक बड़ा दृष्टि क्षेत्र प्रदान करता है। यही सही व्याख्या है।

मुख्य बिंदु:

• उत्तल दर्पण पीछे का बड़ा क्षेत्र एक छोटे दर्पण में दिखा सकता है।
• वाहनों में रियर-व्यू मिरर के रूप में उत्तल दर्पण का प्रयोग होता है।
• कारण और अभिकथन दोनों एक दूसरे से पूरी तरह संबंधित हैं।

आम गलतियाँ:

• यह सोचना कि समतल दर्पण बड़ा क्षेत्र दिखाता है।
• उत्तल और अवतल दर्पण के उपयोग में अंतर न समझना।
• कारण को अभिकथन से असंबद्ध मान लेना।

Exam Tips:

a) वाहनों में उत्तल दर्पण के उपयोग का कारण हमेशा याद रखें (बड़ा दृष्टि क्षेत्र)।
b) अभिकथन-कारण प्रश्नों को हल करते समय पहले दोनों कथनों की सत्यता अलग-अलग जांचें।
c) देखें कि क्या कारण वास्तव में अभिकथन की सही व्याख्या करता है।

 

Question 11: चित्र 10.27 में O वस्तु, M दर्पण तथा I प्रतिबिंब को निरूपित करता है। निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?
(i) चित्र (क) समतल दर्पण और चित्र (ख) अवतल दर्पण निरूपित करता है।
(ii) चित्र (क) उत्तल दर्पण और चित्र (ख) अवतल दर्पण निरूपित करता है।
(iii) चित्र (क) अवतल दर्पण तथा चित्र (ख) उत्तल दर्पण निरूपित करता है।
(iv) चित्र (क) समतल दर्पण तथा चित्र (ख) उत्तल दर्पण निरूपित करता है।

Answer:

सही विकल्प (ii) चित्र (क) उत्तल दर्पण और चित्र (ख) अवतल दर्पण निरूपित करता है।
स्पष्टीकरण: चित्र (क) में प्रतिबिंब I वस्तु O की तुलना में छोटा है और दर्पण M के पीछे बना है — यह उत्तल दर्पण की विशेषता है जो सदैव छोटा और सीधा प्रतिबिंब बनाता है। चित्र (ख) में प्रतिबिंब I वस्तु O की तुलना में बड़ा है — यह अवतल दर्पण की विशेषता है जो वस्तु के समीप होने पर आवर्धित प्रतिबिंब बनाता है।

मुख्य बिंदु:

• उत्तल दर्पण सदैव वस्तु से छोटा प्रतिबिंब बनाता है।
• अवतल दर्पण वस्तु के समीप होने पर बड़ा (आवर्धित) प्रतिबिंब बनाता है。
• आरेखों के आधार पर दर्पण की पहचान की जा सकती है।

आम गलतियाँ:

• चित्र में वस्तु और प्रतिबिंब के आकार को ठीक से न देखना।
• उत्तल और अवतल दर्पण के प्रतिबिंब के लक्षणों को मिला देना।
• गलत विकल्प का चयन करना।

Exam Tips:

a) चित्र आधारित प्रश्नों में वस्तु और प्रतिबिंब के आकार की तुलना अवश्य करें।
b) उत्तल दर्पण की पहचान उसके छोटे प्रतिबिंब से होती है।
c) अवतल दर्पण के बड़े प्रतिबिंब की स्थिति को समझें।

 

Question 12: किसी पारदर्शी काँच के गिलास के पीछे एक पेंसिल रखिए। (चित्र 10.28)। अब गिलास को आधा जल से भरिए (चित्र 10.28)। जल भरे भाग से गिलास के पार देखने पर पेंसिल कैसी दिखती है? व्याख्या कीजिए कि इसकी आकृति में परिवर्तन क्यों प्रतीत होता है?

Answer:

जब खाली गिलास के पार पेंसिल को देखते हैं तो वह सीधी और सामान्य दिखाई देती है। लेकिन जब गिलास के आधे भाग में जल भरा जाता है तो जल भरे भाग से देखने पर पेंसिल मुड़ी हुई या टेढ़ी दिखाई देती है।
व्याख्या: जल भरे गिलास का पृष्ठ वक्रित जैसा काम करता है। जब प्रकाश एक माध्यम (हवा) से दूसरे माध्यम (जल) में जाता है तो उसकी दिशा में परिवर्तन होता है — इसे प्रकाश का अपवर्तन कहते हैं। गोल गिलास में जल भरने पर जल की वक्रित सतह एक लेंस की भाँति कार्य करती है। इस लेंस की क्रिया के कारण पेंसिल का प्रतिबिंब अपने वास्तविक स्थान से थोड़ा हटकर बनता है। जल के ऊपर वाले खाली भाग में पेंसिल सामान्य दिखती है जबकि जल वाले भाग में पेंसिल मुड़ी हुई दिखती है। इस प्रकार जल और वायु के सीमांत पर पेंसिल टूटी या मुड़ी हुई प्रतीत होती है।

मुख्य बिंदु:

• प्रकाश का एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाने पर मुड़ना अपवर्तन कहलाता है।
• जल और हवा की सतह पर माध्यम बदलता है।
• वक्रित जल सतह लेंस की तरह कार्य करती है जिससे पेंसिल मुड़ी हुई दिखती है।

आम गलतियाँ:

• इस परिघटना को परावर्तन मान लेना जबकि यह अपवर्तन है।
• माध्यम परिवर्तन के प्रभाव को नजरअंदाज करना।
• स्पष्ट कारण न लिखकर केवल यह कहना कि पेंसिल मुड़ जाती है।

Exam Tips:

a) प्रकाश के अपवर्तन की परिभाषा और उसके उदाहरण को अच्छी तरह याद रखें।
b) कारण स्पष्ट करते समय माध्यम (हوا और जल) का जिक्र अवश्य करें।
c) वैज्ञानिक शब्दावली जैसे 'अपवर्तन' और 'माध्यम' का सही प्रयोग करें।

 

NCERT Solutions for Class 8 Science Chapter 10 प्रकाश दर्पण एवं लेंस

Accessing Chapter 10 प्रकाश दर्पण एवं लेंस Solutions

Review comprehensive exercise answers for Class 8 Science Chapter 10 प्रकाश दर्पण एवं लेंस. Fully updated to match current NCERT syllabus guidelines, these textbook solutions help students verify their work and maintain accurate study notes.

Concept-Driven Answers for Class 8 Science

Each solution includes detailed reasoning to foster genuine comprehension of Chapter 10 प्रकाश दर्पण एवं लेंस concepts. Reviewing these step-by-step breakdowns allows learners to master both analytical and descriptive questions expected in school evaluations.

Maximizing Study Efficiency

Frequent review of these structured answers builds strong analytical capabilities and response efficiency. Maximize your academic readiness by combining these textbook solutions with our curated study materials and mock evaluations for Class 8 Science.

FAQs

Where can I find the latest NCERT Solutions Class 8 Science Chapter 10 Light Mirrors and Lenses (प्रकाश दर्पण एवं लेंस) in Hindi for the 2026-27 session?

The complete and updated NCERT Solutions Class 8 Science Chapter 10 Light Mirrors and Lenses (प्रकाश दर्पण एवं लेंस) in Hindi is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 8 Science are as per latest NCERT curriculum.

Are the Science NCERT solutions for Class 8 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the NCERT Solutions Class 8 Science Chapter 10 Light Mirrors and Lenses (प्रकाश दर्पण एवं लेंस) in Hindi as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Science concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 8 NCERT solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using NCERT language because NCERT marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our NCERT Solutions Class 8 Science Chapter 10 Light Mirrors and Lenses (प्रकाश दर्पण एवं लेंस) in Hindi will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer NCERT Solutions Class 8 Science Chapter 10 Light Mirrors and Lenses (प्रकाश दर्पण एवं लेंस) in Hindi in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 8 Science. You can access NCERT Solutions Class 8 Science Chapter 10 Light Mirrors and Lenses (प्रकाश दर्पण एवं लेंस) in Hindi in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Science NCERT solutions for Class 8 as a PDF?

Yes, you can download the entire NCERT Solutions Class 8 Science Chapter 10 Light Mirrors and Lenses (प्रकाश दर्पण एवं लेंस) in Hindi in printable PDF format for offline study on any device.