NCERT Solutions Class 8 Science Chapter 05 Exploring Forces (बलों को जानें) in Hindi

NCERT Solutions for Class 8 Science: Chapter 05 बलों को जानें

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Practice Class 8 Science Solutions: Chapter 05 बलों को जानें

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Question 1: स्तंभ ‘क’ में दिए गए बल का मिलान स्तंभ ‘ख’ के संगत उदाहरण से कीजिए।
स्तंभ ‘क’ (बल का प्रकार) — स्तंभ ‘ख’ (उदाहरण)
(i) पेशीय बल — (क) एक क्रिकेट की गेंद का सीमा रेखा को स्पर्श करने से ठीक पूर्व अपने आप रुकना
(ii) चुंबकीय बल — (ख) बच्चे द्वारा अपना बस्ता (स्कूल बैग) उठाना
(iii) घर्षण बल — (ग) पेड़ से फल का गिरना
(iv) गुरुत्व बल — (घ) ऊनी कपड़े पर रगड़े गए गुब्बारे द्वारा बालों को आकर्षित करना
(v) स्थिरवैद्युत बल — (ङ) उत्तर दिशा की ओर इंगित करती एक दिक्सूचक सुई

Answer:

स्तंभ ‘क’ के बलों का स्तंभ ‘ख’ के सही उदाहरणों के साथ मिलान इस प्रकार है:
(i) पेशीय बल — (ख) बच्चे द्वारा अपना बस्ता (स्कूल बैग) उठाना
(ii) चुंबकीय बल — (ङ) उत्तर दिशा की ओर इंगित करती एक दिक्सूचक सुई
(iii) घर्षण बल — (क) एक क्रिकेट की गेंद का सीमा रेखा को स्पर्श करने से ठीक पूर्व अपने आप रुकना
(iv) गुरुत्व बल — (ग) पेड़ से फल का गिरना
(v) स्थिरवैद्युत बल — (घ) ऊनी कपड़े पर रगड़े गए गुब्बारे द्वारा बालों को आकर्षित करना

मुख्य बिंदु:

• पेशीय बल हमारी मांसपेशियों द्वारा लगाया जाता है, जैसे बस्ता उठाना।
• चुंबकीय बल चुंबक द्वारा बिना छुए लगाया जाता है, जैसे दिक्सूचक सुई का उत्तर दिशा दिखाना।
• घर्षण बल दो सतहों के बीच गति का विरोध करता है।

आम गलतियाँ:

• चुंबकीय बल और स्थिरवैद्युत बल के उदाहरणों को आपस में मिला देना।
• गुरुत्व बल और पेशीय बल की परिभाषा में भ्रमित होना।
• मिलान करते समय क्रम का सही मिलान न करना।

Exam Tips:

a) सभी बलों के प्रकार और उनके दो-दो दैनिक जीवन के उदाहरण याद रखें।
b) परीक्षा में मिलान वाले प्रश्नों को उत्तर पुस्तिका में सही जोड़े बनाकर लिखें।
c) संपर्क और असंपर्क बलों के अंतर को स्पष्ट रूप से समझें।

 

Question 2: बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य।
(i) किसी गतिशील वस्तु की चाल में परिवर्तन हेतु सदैव एक बल की आवश्यकता होती है।
(ii) घर्षण के कारण समतल सतह पर लुढ़कती हुई गेंद की चाल में वृद्धि हो जाती है।
(iii) एक-दूसरे से कुछ दूरी पर स्थित दो आवेशित वस्तुओं के बीच कोई बल नहीं लगता है।

Answer:

(i) सत्य
(ii) असत्य
(iii) असत्य

मुख्य बिंदु:

• किसी वस्तु की चाल या दिशा बदलने के लिए बल की आवश्यकता होती है।
• घर्षण बल हमेशा गति का विरोध करता है, जिससे लुढ़कती गेंद की चाल घटती है न कि बढ़ती है।
• आवेशित वस्तुओं के बीच स्थिरवैद्युत बल दूरी पर भी कार्य करता है (असंपर्क बल)।

आम गलतियाँ:

• घर्षण को गति बढ़ाने वाला बल मान लेना।
• आवेशित वस्तुओं के बीच लगने वाले बल को न समझना।
• सत्य/असत्य लिखते समय भ्रमित होना।

Exam Tips:

a) कथनों को ध्यानपूर्वक पढ़कर उनका वैज्ञानिक कारण सोचें।
b) घर्षण बल के प्रभावों को अच्छे से याद रखें।
c) संपर्क और असंपर्क बलों के उदाहरणों का अभ्यास करें।

 

Question 3: दो गुब्बारों को ऊनी कपड़े से रगड़ कर एक-दूसरे के समीप लाया जाए तो क्या होगा और क्यों?

Answer:

दोनों गुब्बारों को एक-दूसरे के समीप लाने पर वे एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करेंगे अर्थात एक-दूसरे से दूर जाएँगे।
इसका कारण यह है कि ऊनी कपड़े से रगड़ने पर दोनों गुब्बारों पर एक जैसा (समान) आवेश आ जाता है और हम जानते हैं कि समान आवेश हमेशा एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं। यह स्थिरवैद्युत बल का एक उदाहरण है।

मुख्य बिंदु:

• रगड़ने से वस्तुओं पर आवेश उत्पन्न होता है।
• समान आवेश एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं।
• यह स्थिरवैद्युत बल (असंपर्क बल) का प्रभाव है।

आम गलतियाँ:

• यह सोचना कि समान आवेश एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।
• बल के प्रकार (स्थिरवैद्युत बल) का उल्लेख न करना।
• कारण को स्पष्ट रूप से न लिखना।

Exam Tips:

a) आवेशों के गुण (समान आवेश प्रतिकर्षित, विपरीत आवेश आकर्षित) हमेशा याद रखें।
b) उत्तर में 'प्रतिकर्षित' और 'स्थिरवैद्युत बल' जैसे मुख्य शब्दों का प्रयोग अवश्य करें।
c) गतिविधि आधारित प्रश्नों के वैज्ञानिक कारणों को विस्तार से लिखें।

 

Question 4: जब आप जल से भरे गिलास में एक सिक्के को डालते हैं तो वह डूब जाता है परंतु जब आप एक बड़ा लकड़ी का टुकड़ा जल में डालते हैं तो वह तैरता है। व्याख्या कीजिए।

Answer:

जल में वस्तुओं पर दो बल मुख्य रूप से काम करते हैं — नीचे की ओर गुरुत्वाकर्षण बल (भार) और ऊपर की ओर उत्प्लावन बल।
सिक्का धातु का बना होता है और उसका घनत्व जल के घनत्व से अधिक होता है, जिससे उसका भार उस पर लगने वाले उत्प्लावन बल से अधिक हो जाता है और वह डूब जाता है।
इसके विपरीत, लकड़ी का घनत्व जल से कम होता है, इसलिए उस पर लगने वाला उत्प्लावन बल उसके भार को संतुलित कर लेता है और लकड़ी तैरती है।
नियम: जिस वस्तु का घनत्व जल से कम होता है, वह तैरती है और जिसका घनत्व अधिक होता है, वह डूब जाती है।

मुख्य बिंदु:

• जल द्वारा ऊपर की ओर लगाया जाने वाला बल उत्प्लावन बल कहलाता है।
• वस्तु का घनत्व उसके तैरने या डूबने का निर्धारण करता है।
• भार और उत्प्लावन बल का संतुलन ही तैरने की स्थिति तय करता है।

आम गलतियाँ:

• केवल वस्तु के आकार को डूबने-तैरने का कारण बताना, घनत्व की उपेक्षा करना।
• उत्प्लावन बल का उल्लेख न करना।
• धातु और लकड़ी के घनत्व की तुलना न करना।

Exam Tips:

a) उत्तर में 'घनत्व' और 'उत्प्लावन बल' शब्दों का प्रयोग जरूर करें।
b) भारी और हल्की वस्तुओं के तैरने के नियम को स्पष्ट रूप से समझाएं।
c) दैनिक जीवन के उदाहरणों से जुड़े वैज्ञानिक कारणों का अभ्यास करें।

 

Question 5: यदि एक गेंद को ऊपर की ओर फेंका जाता है तो वह धीमी होती जाती है फिर एक क्षण के लिए विरामावस्था में आती है एवं पुनः धरती पर गिर जाती है। गेंद पर लगने वाले बलों का नाम एवं उसकी दिशाएँ बताइए —
(i) ऊपर की ओर गति की कालावधि में
(ii) नीचे की ओर गति की कालावधि में
(iii) इसकी सबसे ऊपरी स्थिति पर

Answer:

(i) ऊपर जाते समय:
• गुरुत्वाकर्षण बल — नीचे की ओर (जो गेंद की चाल को घटाता है)
• वायु घर्षण — नीचे की ओर (जो गति का विरोध करता है)

(ii) नीचे आते समय:
• गुरुत्वाकर्षण बल — नीचे की ओर (जो गेंद की चाल को बढ़ाता है)
• वायु घर्षण — ऊपर की ओर (जो गति का विरोध करता है)

(iii) सर्वोच्च स्थिति पर:
• गुरुत्वाकर्षण बल — नीचे की ओर (इसी बल के कारण गेंद वापस नीचे गिरती है)
• वायु घर्षण — शून्य (क्योंकि उस क्षण गेंद की चाल शून्य होती है)

मुख्य बिंदु:

• गुरुत्वाकर्षण बल हमेशा नीचे पृथ्वी की केंद्र की ओर कार्य करता है।
• वायु घर्षण हमेशा वस्तु की गति के विपरीत दिशा में कार्य करता है।
• सर्वोच्च बिंदु पर गेंद कुछ पल के लिए रुकती है, इसलिए वहाँ वायु घर्षण नगण्य या शून्य होता है।

आम गलतियाँ:

• ऊपर जाते समय गुरुत्वाकर्षण की दिशा ऊपर मान लेना।
• वायु घर्षण की दिशा को हमेशा एक ही तरफ समझना।
• सर्वोच्च बिंदु पर बलों की स्थिति को गलत बताना।

Exam Tips:

a) प्रत्येक स्थिति के लिए बलों के नाम और उनकी दिशाएँ अलग-अलग स्पष्ट लिखें।
b) गुरुत्वाकर्षण और घर्षण बल के प्रभाव को भली-भांति समझें।
c) इस प्रकार के वैचारिक प्रश्नों के उत्तर बिंदुवार (point-wise) दें।

 

Question 6: एक गेंद को बिंदु ‘क’ से छोड़ा जाता है और वह एक नत तल पर एवं इसके पश्चात एक क्षैतिज सतह पर गति करती है जैसाकि चित्र 5.16 में दर्शाया गया है। क्षैतिज सतह पर यह बिंदु ‘ख’ पर विरामावस्था में आ जाती है। एक ऐसी विधि लिखिए जिसमें गेंद को उसी बिंदु ‘क’ से छोड़ा जाए तो वह —
(i) बिंदु ‘ख’ से पूर्व विरामावस्था में आए।
(ii) बिंदु ‘ख’ को पार करने के पश्चात विरामावस्था में आए।

Answer:

(i) ‘ख’ से पहले रुके:
सतह को खुरदरा बना दें (जैसे उस पर रेत या मोटे कपड़े की परत बिछा दें) जिससे घर्षण बल बढ़ जाए और गेंद जल्दी रुक जाए।

(ii) ‘ख’ के बाद रुके:
सतह को अधिक चिकना बना दें (जैसे तेल या ग्रीस लगा दें) जिससे घर्षण बल कम हो जाए और गेंद अधिक दूरी तय करके आगे रुके।

मुख्य बिंदु:

• खुरदली सतह पर घर्षण अधिक होता है, जिससे वस्तुएं जल्दी रुक जाती हैं।
• चिकनी सतह पर घर्षण कम होता है, जिससे वस्तुएं अधिक दूर तक गति करती हैं।
• घर्षण बल ही सतह पर गति को नियंत्रित करता है।

आम गलतियाँ:

• खुरदरी और चिकنی सतह के प्रभाव को उलटा लिख देना।
• घर्षण बल का सही उपयोग न समझा पाना।
• प्रश्न के दोनों भागों का उत्तर स्पष्ट रूप से अलग न करना।

Exam Tips:

a) घर्षण बढ़ाने और घटाने के व्यावहारिक तरीकों को याद रखें।
b) उत्तर लिखते समय 'खुरदरी सतह' और 'चिकनी सतह' शब्दों का स्पष्ट उल्लेख करें।
c) चित्र आधारित प्रश्नों के उत्तर संदर्भ के अनुसार दें।

 

Question 7: यदि हम सावधान न रहें तो चिकनी सतहों जैसे बर्फ या पॉलिश की हुई सतह पर क्यों फिसल जाते हैं? समझाइए।

Answer:

सामान्य सतह पर हमारे पैरों और जमीन के बीच पर्याप्त घर्षण बल होता है जो हमें सुरक्षित रूप से चलने में मदद करता है।
परंतु बर्फ और पॉलिश की हुई सतहें बहुत चिकनी होती हैं, जिससे उनके बीच घर्षण बल का मान बहुत कम हो जाता है।
पर्याप्त घर्षण न होने के कारण हमारे पैर सतह पर अपनी पकड़ नहीं बना पाते और हम फिसल जाते हैं।

मुख्य बिंदु:

• चलने के लिए पैरों और जमीन के बीच घर्षण का होना आवश्यक है।
• चिकनी सतहें घर्षण को बहुत कम कर देती हैं।
• घर्षण की कमी से पैरों की पकड़ कम हो जाती है।

आम गलतियाँ:

• फिसलने का कारण बल का अधिक होना बताना।
• घर्षण और पकड़ के संबंध को स्पष्ट न करना।
• उत्तर में 'घर्षण बल' शब्द का प्रयोग न करना।

Exam Tips:

a) दैनिक जीवन के उदाहरणों को घर्षण बल के सिद्धांतों से जोड़कर लिखें।
b) उत्तर को सरल और वैज्ञानिक भाषा में प्रस्तुत करें।
c) मुख्य बिंदुओं को रेखांकित (underline) करें।

 

Question 8: यदि कोई वस्तु असमान गति से चल रही है तो क्या इस पर कोई बल लगाया जा रहा है?

Answer:

हाँ, यदि कोई वस्तु असमान गति से चल रही है, तो उस पर निश्चित रूप से कोई न कोई बल कार्य कर रहा है।
असमान गति का अर्थ है कि वस्तु की चाल में, या उसकी गति की दिशा में, या दोनों में लगातार परिवर्तन हो रहा है।
विज्ञान का नियम है कि किसी भी वस्तु की चाल या दिशा में परिवर्तन उत्पन्न करने के लिए बाह्य बल का होना अनिवार्य है।

मुख्य बिंदु:

• असमान गति का मतलब चाल या दिशा या दोनों का बदलना है।
• गति में परिवर्तन लाने के लिए बल की आवश्यकता होती है।
• बल ही किसी वस्तु की गति की अवस्था को बदल सकता है।

आम गलतियाँ:

• यह सोचना कि असमान गति के लिए बल जरूरी नहीं है।
• चाल और दिशा के परिवर्तन को बल से न जोड़ना।
• संक्षिप्त में 'हाँ' लिखकर कारण न बताना।

Exam Tips:

a) बल के प्रभावों (चाल बदलना, दिशा बदलना) को अच्छे से याद रखें।
b) कारण सहित उत्तर लिखें ताकि पूरे अंक मिल सकें।
c) वैज्ञानिक अवधारणाओं को स्पष्ट रूप से समझें।

 

Question 9: चंद्रमा पर किसी वस्तु का भार पृथ्वी पर उसके भार के छठवें भाग के समान हो जाता है। इस परिवर्तन का क्या कारण है? क्या वस्तु का द्रव्यमान चंद्रमा पर भी पृथ्वी पर उसके द्रव्यमान का छठवाँ भाग हो जाता है?

Answer:

भार में परिवर्तन का कारण:
भार वह गुरुत्वाकर्षण बल है जिससे कोई ग्रह किसी वस्तु को अपनी ओर खींचता है। चंद्रमा का द्रव्यमान और आकार पृथ्वी की तुलना में बहुत कम है, इसलिए चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण बल पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल का मात्र छठवाँ भाग है। चूँकि भार सीधे गुरुत्वाकर्षण बल पर निर्भर करता है, इसलिए चंद्रमा पर किसी वस्तु का भार पृथ्वी के भार का 1/6 हो जाता है।

द्रव्यमान में परिवर्तन:
नहीं, वस्तु का द्रव्यमान चंद्रमा पर भी पृथ्वी के समान ही रहता है। द्रव्यमान किसी वस्तु में मौजूद पदार्थ की कुल मात्रा है जो स्थान बदलने पर नहीं बदलती है। केवल भार बदलता है क्योंकि यह गुरुत्वाकर्षण बल पर निर्भर करता है।

मुख्य बिंदु:

• भार गुरुत्वाकर्षण बल पर निर्भर करता है और स्थान बदलने पर बदल सकता है।
• द्रव्यमान वस्तु के अंदर के पदार्थ की मात्रा है और यह हर जगह स्थिर रहता है।
• चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण बल पृथ्वी का 1/6 है।

आम गलतियाँ:

• भार और द्रव्यमान को एक ही भौतिक राशि मान लेना।
• यह सोचना कि चंद्रमा पर जाने से द्रव्यमान भी कम हो जाता है।
• गुरुत्वाकर्षण बल की भूमिका को स्पष्ट न करना।

Exam Tips:

a) भार और द्रव्यमान के बीच का अंतर अच्छी तरह तैयार कर लें।
b) दोनों प्रश्नों के भागों (भार और द्रव्यमान) का उत्तर अलग-अलग और स्पष्ट दें।
c) संख्यात्मक मान (1/6 भाग) का सही उल्लेख करें।

 

Question 10: समान आमाप और आकृति की भिन्न-भिन्न पदार्थों से बनी तीन वस्तुएँ 1, 2 और 3 जल में रखी गई हैं। वे भिन्न-भिन्न गहराई तक डूबती हैं जैसाकि चित्र 5.17 में दर्शाया गया है। यदि तीनों वस्तुओं 1, 2 और 3 के भार क्रमशः \( w_1, w_2 \) और \( w_3 \) हैं तो निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सत्य है?
(i) \( w_1 = w_2 = w_3 \)
(ii) \( w_1 > w_2 > w_3 \)
(iii) \( w_2 > w_3 > w_1 \)
(iv) \( w_3 > w_1 > w_2 \)

Answer:

(ii) \( w_1 > w_2 > w_3 \) है।

कारण:
जो वस्तु जल में जितनी अधिक गहराई तक डूबती है, वह उतनी ही भारी होती है। चित्र के अनुसार, वस्तु 1 सबसे अधिक गहराई तक डूबी है, इसलिए उसका भार सबसे अधिक है (\( w_1 \))। वस्तु 2 उससे कम और वस्तु 3 सबसे कम डूबी है, इसलिए वह सबसे हल्की है (\( w_3 \))। अतः सही क्रम \( w_1 > w_2 > w_3 \) है।

मुख्य बिंदु:

• अधिक गहराई तक डूबने वाली वस्तु का भार अधिक होता है।
• उत्प्लावन बल और वस्तु के भार का संतुलन गहराई निर्धारित करता है।
• आमाप समान होने पर घनत्व और भार सीधे संबंधित होते हैं।

आम गलतियाँ:

• कम डूबने वाली वस्तु को भारी मान लेना।
• गहराई और भार के संबंध को उल्टा समझ लेना।
• विकल्पों में से सही चिह्न (\( > \)) को गलत चुनना।

Exam Tips:

a) चित्र आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों में वस्तुओं की स्थिति का ध्यानपूर्वक विश्लेषण करें।
b) कारण सहित सही विकल्प का चयन करें।
c) उत्प्लावन और भार के नियमों को भली-भांति याद रखें।

 

Step-by-Step Textbook Answers: Class 8 Science Chapter 05 बलों को जानें

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