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Detailed Malhar Chapter 10 मीरा के पद (पद) NCERT Solutions for Class 7 Hindi
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Class 7 Hindi Malhar Chapter 10 मीरा के पद (पद) NCERT Solutions PDF
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मेरी समझ से
Question 1. "बसो मेरे नैनन में नंदलाल" पद में मीरा किनसे विनती कर रही हैं?
(a) संतों से
(b) भक्तों से
(c) वैजयंती से
(d) श्रीकृष्ण से
Answer: (d) श्रीकृष्ण से
In simple words: मीराबाई अपने प्यारे भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना कर रही हैं कि वे सदा के लिए उनकी आँखों में आकर बस जाएँ।
Exam Tip: मीराबाई के अधिकांश पद उनके आराध्य देव श्रीकृष्ण को समर्पित हैं, इसलिए उनकी प्रार्थनाएँ सदैव श्रीकृष्ण से ही जुड़ी होती हैं।
Question 2. "बसो मेरे नैनन में नंदलाल" पद का मुख्य विषय क्या है?
(a) प्रेम और भक्ति
(b) प्रकृति की सुंदरता
(c) युद्ध और शांति
(d) ज्ञान और शिक्षा
Answer: (a) प्रेम और भक्ति
In simple words: इस पद में मीराबाई का भगवान श्रीकृष्ण के प्रति सच्चा प्रेम और गहरी आस्था दिखाई देती है।
Exam Tip: मीराबाई के काव्य की मुख्य विशेषता सगुण कृष्ण-भक्ति है, जिसमें प्रेम और समर्पण सर्वोपरि होता है।
Question 3. "बरसे बदरिया सावन" पद में कौन-सी ऋतु का वर्णन किया गया है?
(a) सर्दी
(b) गरमी
(c) वर्षा
(d) वसंत
Answer: (c) वर्षा
In simple words: इस पद में सावन के महीने में होने वाली बारिश और सुहावने मौसम का सुंदर वर्णन है।
Exam Tip: 'सावन' शब्द सीधे तौर पर वर्षा ऋतु और बादलों के बरसने से जुड़ा हुआ है।
Question 4. "बरसे बदरिया सावन" पद को पढ़कर ऐसा लगता है, जैसे मीरा-
(a) प्रसन्न हैं
(b) दुखी हैं
(c) उदास हैं
(d) चिंतित हैं
Answer: (a) प्रसन्न हैं
In simple words: सावन में बारिश की बूँदों और श्रीकृष्ण के आने की आहट सुनकर मीराबाई का मन खुशी से झूम उठता है।
Exam Tip: सावन का सुहावना मौसम और प्रियतम के आगमन का संकेत हमेशा मन में प्रसन्नता और उमंग जगाता है।
Question (ख). हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
Answer: इन विकल्पों को सही चुनने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- पहले प्रश्न में मीराबाई बार-बार 'नंदलाल' कहकर पुकारती हैं और उनसे अपने नयनों में बसने का आग्रह करती हैं, जो स्पष्ट करता है कि वे श्रीकृष्ण से ही प्रार्थना कर रही हैं।
- दूसरे प्रश्न में मीराबाई ने श्रीकृष्ण के सुंदर रूप का गुणगान किया है, जिससे उनकी अनन्य भक्ति और निष्काम प्रेम साफ दिखाई देता है। अतः मुख्य विषय प्रेम और भक्ति ही है।
- तीसरे प्रश्न में बादलों के उमड़ने, बिजली चमकने और रिमझिम बूँदों के बरसने की बात कही गई है, जो वर्षा ऋतु के ही स्पष्ट लक्षण हैं।
- चौथे प्रश्न में श्रीकृष्ण के आने का समाचार पाकर मीरा का मन आनंद से भर गया है, इसलिए वे अत्यंत प्रसन्न दिखाई देती हैं।
इस प्रकार, कविता के भावों को गहराई से समझने पर ये ही उत्तर सबसे सटीक बैठते हैं।
In simple words: कविता की पंक्तियों में छिपे हुए गहरे अर्थों और प्रतीकों को समझकर ही हमने इन सही उत्तरों का चयन किया है।
Exam Tip: हिंदी साहित्य में प्रश्नों के उत्तर देते समय कविता के प्रसंग और कवयित्री के मूल भावों को आधार बनाना चाहिए।
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मिलकर करें मिलान
Question. पाठ में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें इनके सही अर्थों या संदर्भों से मिलाइए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने शिक्षकों की सहायता ले सकते हैं।
Answer:
दिए गए शब्दों का उनके सही अर्थों और संदर्भों के साथ सही मिलान इस प्रकार है:
| शब्द | सही अर्थ/संदर्भ |
|---|---|
| 1. नंदलाल | नंद के पुत्र, श्रीकृष्ण |
| 2. वैजयंती माल | वैजयंती पौधे के बीजों से बनने वाली सुंदर माला |
| 3. सावन | श्रावण का महीना, आषाढ़ के बाद का और भाद्रपद के पहले का महीना |
| 4. गिरधर | पर्वत को अपनी उँगली पर धारण करने वाले, श्रीकृष्ण |
Exam Tip: शब्दों के पारंपरिक और क्षेत्रीय रूपों के अर्थ समझने के लिए शब्दकोश का उपयोग करना एक उत्तम अभ्यास है।
पंक्तियों पर चर्चा
Question (क). "नन्हीं-नन्हीं बूँदन मेहा बरसे, शीतल पवन सुहावन की।" पंक्तियों का अर्थ अपने विचार के अनुसार लिखिए।
Answer: प्रस्तुत काव्यांश का अर्थ है कि श्रावण मास में आकाश से वर्षा की छोटी-छोटी बूँदें गिर रही हैं और ठंडी तथा मन को आनंदित करने वाली सुहावनी हवा चल रही है। यह दृश्य प्रकृति के अत्यंत सुंदर रूप और वर्षा ऋतु के मनमोहक वातावरण को दर्शाता है। इन पंक्तियों के माध्यम से मीराबाई सावन के आने पर अपनी बेहद खुशी व्यक्त कर रही हैं, क्योंकि यह सुहावना मौसम उन्हें श्रीकृष्ण के आने का सुखद संदेश देता है।
In simple words: सावन में छोटी-छोटी बूँदों वाली बारिश हो रही है और ठंडी हवा चल रही है, जिससे मीराबाई का मन खुशी से झूम रहा है।
Exam Tip: वर्षा ऋतु की प्राकृतिक सुंदरता का वर्णन करते समय शीतल पवन और रिमझिम वर्षा जैसे बिंबों को मुख्य रूप से रेखांकित करें।
Question (ख). "मीरा के प्रभु संतन सुखदाई, भक्त वछल गोपाल॥" पंक्तियों का अर्थ अपने विचार के अनुसार लिखिए।
Answer: इन पंक्तियों के माध्यम से मीराबाई कहती हैं कि उनके आराध्य देव श्रीकृष्ण सज्जनों और संतों को सुख प्रदान करने वाले हैं। वे अपने भक्तों पर असीम स्नेह बरसाने वाले दयालु गोपाल हैं। यहाँ मीराबाई श्रीकृष्ण के कृपालु और भक्तवत्सल रूप का यशगान कर रही हैं। यह पद प्रभु के प्रति उनकी अनन्य श्रद्धा, गहरा विश्वास और अगाध प्रेम को बहुत ही सुंदर ढंग से प्रकट करता है।
In simple words: मीराबाई के अनुसार उनके भगवान श्रीकृष्ण भले लोगों को सुख देते हैं और अपने सभी भक्तों से बहुत प्यार करते हैं।
Exam Tip: 'भक्त वछल' का मानक हिंदी रूप 'भक्त वत्सल' है, जिसका अर्थ है भक्तों से स्नेह करने वाला। उत्तर में इस शब्द का स्पष्टीकरण अवश्य दें।
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सोच-विचार के लिए
Question (क). पाठ को एक बार फिर से पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए - पहले पद में श्रीकृष्ण के बारे में क्या-क्या बताया गया है?
Answer: पहले पद के आधार पर श्रीकृष्ण के रूप-सौंदर्य और गुणों के बारे में निम्नलिखित बातें बताई गई हैं:
1. वे नंदबाबा के लाडले पुत्र (नंदलाल) हैं।
2. उनका रूप अत्यंत सुंदर, मनमोहक और श्याम वर्ण (साँवला) है।
3. उनके नेत्र बहुत बड़े, आकर्षक और विशाल हैं।
4. उनके अधरों (होंठों) पर अमृत के समान मधुर स्वर बिखेरने वाली बाँसुरी सजी हुई है।
5. उनके वक्षस्थल पर सुंदर वैजयंती पुष्पों की माला सुशोभित है।
6. उनकी कमर में छोटी-छोटी सुरीली घंटियाँ बंधी हुई हैं।
7. उनके चरणों में बंधे घुँघरू (नूपुर) बहुत ही मधुर और मीठी आवाज़ करते हैं।
8. वे साधु-संतों को परम आनंद और सुख देने वाले हैं।
9. वे अपने शरण में आए भक्तों की रक्षा करने वाले दयालु गोपाल हैं।
In simple words: श्रीकृष्ण का रूप बहुत ही सुंदर है, वे साँवले हैं, उनके पास बाँसुरी है, और वे संतों व भक्तों को बहुत प्यार करते हैं।
Exam Tip: श्रीकृष्ण के बाह्य सौंदर्य (जैसे वैजयंती माला, मुरली, नूपुर) और आंतरिक गुणों (जैसे संतों को सुख देना) दोनों का उल्लेख उत्तर में अवश्य करें।
Question (ख). दूसरे पद में सावन के बारे में क्या-क्या बताया गया है?
Answer: दूसरे पद में वर्षा ऋतु और सावन के विषय में निम्नलिखित बातें बताई गई हैं:
1. सावन के सुहावने बादल आसमान से बरस रहे हैं।
2. यह सावन का मौसम हर किसी के मन को बहुत भाता है।
3. सावन का आगमन होते ही हृदय में नई उमंग और प्रसन्नता का संचार हो जाता है।
4. आकाश में काले-काले बादल चारों दिशाओं से उमड़-घुमड़ कर घिर आए हैं।
5. बिजली चमक रही है और लगातार रिमझिम वर्षा हो रही है।
6. आसमान से पानी की नन्हीं-नन्हीं बूँदें बरस रही हैं।
7. ठंडी, शीतल और बहुत ही सुहावनी पवन बह रही है।
In simple words: सावन आते ही चारों तरफ ठंडी हवा चलती है, आसमान में बादल घिर जाते हैं, बिजली चमकती है और हल्की बारिश होती है जो मन को खुश कर देती है।
Exam Tip: सावन के प्राकृतिक दृश्यों जैसे - बिजली का चमकना, बादलों का घिरना और शीतल पवन का चलना - को क्रमबद्ध तरीके से लिखें।
कविता की रचना
Question (क). इस पाठ को एक बार फिर से पढ़िए और अपने-अपने समूह में मिलकर इस पाठ की विशेषताओं की सूची बनाइए।
Answer: मीराबाई के इन पदों को पढ़ने के बाद हमारे समूह ने इसकी निम्नलिखित काव्यात्मक विशेषताओं की सूची बनाई है:
1. सरल और प्रवाहमयी भाषा: कविता में बहुत ही सहज ब्रज और राजस्थानी मिश्रित भाषा का प्रयोग किया गया है, जिसे आसानी से गाया और समझा जा सकता है।
2. अनन्य भक्ति भाव: दोनों ही पदों में श्रीकृष्ण के प्रति अटूट श्रद्धा, आदर और निस्वार्थ प्रेम की अभिव्यक्ति हुई है।
3. गहरा आत्मीय जुड़ाव: कवयित्री ने अपने आराध्य देव के साथ बहुत ही भावुक और आत्मीय संबंध दर्शाया है।
4. सजीव प्राकृतिक चित्रण: दूसरे पद में वर्षा ऋतु के सौंदर्य का ऐसा जीवंत वर्णन है कि पाठक के मन में सावन का दृश्य सजीव हो उठता है।
5. संक्षिप्तता और गेयता: पद छोटे-छोटे हैं, जो अत्यधिक प्रभावशाली हैं और इन्हें राग-रागिनियों के साथ मधुरता से गाया जा सकता है।
6. सुंदर अलंकारों का प्रयोग: कविता में अनुप्रास, रूपक और पुनरुक्ति प्रकाश अलंकारों का बहुत ही स्वाभाविक और मनमोहक प्रयोग हुआ है।
7. कवयित्री का नामोल्लेख: पद के अंत में मीरा ने "मीरा के प्रभु" लिखकर स्वयं को ईश्वर की दासी के रूप में समर्पित किया है।
In simple words: इस कविता की भाषा बहुत आसान और मीठी है। इसे आसानी से गाया जा सकता है और इसमें सावन व श्रीकृष्ण का बहुत सुंदर वर्णन है।
Exam Tip: साहित्यिक विशेषताओं में भाषा-शैली, रस, अलंकार और गेयता जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल करने से उत्तर अधिक प्रभावशाली बनता है।
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Question (ख). अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।
Answer: हमने अपनी कक्षा में अन्य सहपाठियों के साथ जो सूची साझा की, उसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
1. कविता के पदों में मीराबाई ने अपने नाम 'मीरा' का स्पष्ट उल्लेख कर अपनी छाप छोड़ी है।
2. प्रत्येक पद की पंक्तियाँ बहुत संक्षिप्त, सुस्पष्ट और भावपूर्ण हैं।
3. प्रभु श्रीकृष्ण को याद करने के लिए विभिन्न सुंदर नामों (जैसे गिरधर, गोपाल, नंदलाल, हरि) का सुंदर प्रयोग हुआ है।
4. भाषा अत्यंत कोमल, मधुर और भक्ति रस से परिपूर्ण है।
5. पूरी कविता में संगीत और लय का अनूठा समन्वय देखने को मिलता है।
6. मीराबाई ने अपने मन की सच्ची अनुभूतियों को बिना किसी आडंबर के सीधे शब्दों में व्यक्त किया है।
In simple words: मीराबाई की कविता बहुत ही मीठी और सरल है, जिसे संगीत के साथ गाया जा सकता है और इसमें भगवान के कई प्यारे नामों का उपयोग किया गया है।
Exam Tip: समूह चर्चा के प्रस्तुतीकरण में स्पष्टता और सभी साथियों के विचारों का आदर करते हुए निष्कर्ष प्रस्तुत करना चाहिए।
अनुमान और कल्पना से
Question (क). मान लीजिए कि बादलों ने मीरा को श्रीकृष्ण के आने का संदेश सुनाया हो। आपको क्या लगता है कि उन्होंने क्या कहा होगा? कैसे कहा होगा?
Answer: यदि बादलों ने मीराबाई को श्रीकृष्ण के आने का संदेश दिया होता, तो उन्होंने आसमान में गर्जना करते हुए, बिजली चमकाते हुए और रिमझिम फुहारों की ताल पर बहुत ही मधुर स्वर में कहा होगा:
"हे मीरा! तुम्हारी लंबी प्रतीक्षा अब समाप्त होने वाली है। तुम्हारे प्यारे नंदलाल वापस लौट रहे हैं। हम उन्हीं के शुभागमन की मंगल सूचना लेकर आए हैं। देखो, हम आसमान में चारों तरफ उमड़-घुमड़ कर तुम्हारे मन को हर्षित करने आए हैं। हमारी इस गरजती आवाज़ में प्रभु की मुरली का मधुर राग है, हमारी इस चमकती बिजली में उनके मुकुट की सुंदर आभा है और हमारी इन बरसती बूँदों में उनके कोमल चरणों का सुखद स्पर्श है। अब तुम्हारे प्रियतम गोपाल तुमसे दूर नहीं हैं, इसलिए उठो और उनके स्वागत की तैयारी करो!"
बादलों ने यह संदेश अत्यंत उत्साह और उमंग से भरे वातावरण में गूँजती हुई आवाज़ में दिया होगा, जिसे सुनकर मीराबाई का मन मयूर नाच उठा होगा।
In simple words: बादलों ने बिजली चमकाकर और गरजकर मीराबाई से कहा होगा कि तुम्हारे श्रीकृष्ण आ रहे हैं, अब खुश हो जाओ और उनके स्वागत के गीत गाओ।
Exam Tip: ऐसे कल्पनाशील प्रश्नों में वर्षा ऋतु के प्राकृतिक उपादानों (जैसे बादलों का गरजना, बिजली का चमकना) को मानवीय भावनाओं से जोड़कर उत्तर लिखें।
Question (ख). यदि आपको मीरा से बातचीत करने का अवसर मिल जाए तो आप उनसे क्या-क्या कहेंगे और क्या-क्या पूछेंगे?
Answer: यदि मुझे मीराबाई से प्रत्यक्ष बातचीत करने का सौभाग्य मिले, तो मैं उनसे निम्नलिखित बातें कहना और पूछना चाहूँगा:
कहने के लिए बातें:
1. मैं मीराबाई के चरणों में सादर प्रणाम करके श्रीकृष्ण के प्रति उनकी निश्छल भक्ति और महान त्याग के प्रति अपना आदर व्यक्त करूँगा।
2. मैं उन्हें बताऊँगा कि उनके द्वारा गाए गए भजन सदियों बाद आज भी करोड़ों लोगों के दिलों में अपार शांति और भक्ति का संचार करते हैं।
3. मैं उनकी सादगी, साहस और अटूट विश्वास की हृदय से सराहना करूँगा, जिन्होंने समाज के बंधनों को तोड़कर ईश्वर प्रेम को चुना।
4. मैं उन्हें यह भी बताऊँगा कि आज के समय में भी वे नारी सशक्तिकरण और दृढ़ संकल्प की सबसे बड़ी प्रतीक मानी जाती हैं।
पूछने के लिए बातें:
1. मीराबाई जी, महलों के तमाम राजसी ऐश्वर्य और सुख-सुविधाओं को छोड़कर इस कठिन भक्ति मार्ग पर चलने की शक्ति आपको कहाँ से मिली?
2. जब समाज और परिवार के लोग आपकी भक्ति का विरोध कर रहे थे, तब आपने अपने मन को विचलित होने से कैसे बचाया?
3. क्या कभी आपको ऐसा महसूस हुआ कि इस संसार में कोई भी आपकी गहरी और निश्छल भक्ति को समझ नहीं पा रहा है?
4. आपने अपने आराध्य श्रीकृष्ण को किस रूप में अनुभव किया और प्रभु के साथ आपकी बातचीत का स्वरूप कैसा होता था?
5. आज के इस अशांत और भौतिकवादी युग के लोगों के लिए आपका क्या संदेश है?
In simple words: मैं मीराबाई को उनके सुंदर भजनों के लिए धन्यवाद दूँगा और उनसे पूछूँगा कि महलों का आराम छोड़कर भगवान की कठिन भक्ति करने की हिम्मत उन्हें कैसे मिली।
Exam Tip: साक्षात्कार शैली के प्रश्नों में प्रश्नों को बहुत ही शिष्ट, आदरसूचक और जिज्ञासापूर्ण भाषा में तैयार करना चाहिए।
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शब्दों के रूप
Question (क). "मोहनि मूरति साँवरि सूरति, नैना बने विसाल!" इस पंक्ति में 'साँवरि' शब्द आया है। इसके स्थान पर अधिकतर 'साँवली' शब्द का प्रयोग किया जाता है। इस पद में ऐसे कुछ और शब्द हैं, जिन्हें आप कुछ अलग रूप में लिखते और बोलते होंगे। नीचे दिए गए शब्दों को आप जिस रूप में बोलते-लिखते हैं, उस तरह से लिखिए: नैनन, सोभित, भक्त वछल, बदरिया, मेरो मनवा, आवन, दिस, मेहा।
Answer: पाठ में प्रयुक्त क्षेत्रीय शब्दों के आधुनिक मानक हिंदी रूप इस प्रकार हैं:
1. नैनन - नयनों / आँखों में
2. सोभित - सुशोभित
3. भक्त वछल - भक्त वत्सल
4. बदरिया - बदलियाँ / बादल
5. मेरो मनवा - मेरा मन
6. आवन - आगमन / आना
7. दिस - दिशा
8. मेहा - मेह / वर्षा / बादल
In simple words: कविता में पुराने समय की ब्रज और राजस्थानी भाषा के शब्द हैं, जिन्हें आज हम अपनी सरल भाषा में आँख, बादल, दिशा और आना कहते हैं।
Exam Tip: भाषा के विकास को समझने के लिए क्षेत्रीय बोलियों के शब्दों का मानक हिंदी रूप में परिवर्तन करने का अभ्यास बहुत उपयोगी है।
शब्द से जुड़े शब्द
Question. नीचे दिए गए स्थानों में श्रीकृष्ण से जुड़े शब्द पाठ में से चुनकर लिखिए -
Answer: कविता के आधार पर भगवान श्रीकृष्ण को पुकारने के लिए निम्नलिखित नामों और शब्दों का प्रयोग किया गया है:
• नंदलाल (नंद के लाल)
• मुरली (बाँसुरी बजाने वाले)
• गोपाल (गायों का पालन करने वाले)
• हरि (दुखों को हरने वाले)
• गिरधरनागर (पर्वत उठाने वाले चतुर प्रभु)
• कान्हा (प्यारे कृष्ण)
• गिरधर (गिरी यानी पर्वत को धारण करने वाले)
In simple words: पाठ में भगवान कृष्ण को नंदलाल, गोपाल, हरि, गिरधर और कान्हा जैसे कई प्यारे नामों से बुलाया गया है।
Exam Tip: एक ही संज्ञा के लिए प्रयुक्त होने वाले विभिन्न शब्दों को 'पर्यायवाची' शब्द कहा जाता है। इन्हें याद रखने से शब्दकोश समृद्ध होता है।
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पंक्ति से पंक्ति
Question. नीचे स्तंभ 1 और स्तंभ 2 में कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। मिली-जुली पंक्तियों को रेखा खींचकर मिलाइए -
Answer: स्तंभ 1 की काव्य पंक्तियों का स्तंभ 2 में दिए गए उनके सही अर्थों के साथ सटीक मिलान नीचे दिया गया है:
| स्तंभ 1 (काव्य पंक्ति) | स्तंभ 2 (सही अर्थ) |
|---|---|
| 1. अधर सुधा रस मुरली राजति, उर वैजंती माल | होठों पर अमृत जैसी मधुर धुन बिखेरती बाँसुरी है और वक्षस्थल पर वैजयंती माला सजी हुई है। |
| 2. क्षुद्र घंटिका कटितट सोभित, नूपुर सबद रसाल | कमर पर छोटी-छोटी घंटियाँ सुशोभित हैं और पैरों के पायल बहुत ही मीठी और सुरीली आवाज़ कर रहे हैं। |
| 3. मीरा के प्रभु संतन सुखदाई, भक्त वछल गोपाल | हे मीरा के स्वामी! आप सज्जनों को सुख पहुँचाने वाले हैं और अपने भक्तों से गहरा स्नेह रखने वाले हैं। |
| 4. सावन में उमग्यो मेरो मनवा, भनक सुनी हरि आवन की | सावन का महीना आते ही मेरे मन में खुशियों की लहर दौड़ गई है, क्योंकि मुझे प्रभु के आगमन का संकेत मिला है। |
| 5. उमड़ घुमड़ चहुँ दिस से आया, दामिन दमके झर लावन की | चारों दिशाओं से काले-काले बादल घिर आए हैं, बिजली चमक रही है और झमाझम बारिश की झड़ी लग गई है। |
Exam Tip: काव्य पंक्तियों का अर्थ समझते समय कठिन शब्दों जैसे - 'अधर' (होंठ), 'उर' (हृदय), 'कटितट' (कमर) और 'दामिन' (बिजली) के अर्थों को ध्यान में रखें।
कविता का सौंदर्य
Question. "बरसे बदरिया सावन की!" इस पंक्ति में 'बरसे' और 'बदरिया' दोनों शब्द साथ-साथ आए हैं और दोनों 'ब' वर्ण से शुरू हो रहे हैं। इस प्रकार 'ब' वर्ण की आवृत्ति से पंक्ति और सुंदर बन गई है। पाठ में से इस प्रकार के अन्य उदाहरण ढूँढ़कर लिखिए।
Answer: जब काव्य में एक ही वर्ण की बार-बार आवृत्ति होती है, तो वहाँ 'अनुप्रास अलंकार' होता है। इससे कविता में एक सुंदर लय और माधुर्य उत्पन्न होता है। पाठ से अनुप्रास अलंकार के कुछ अन्य सुंदर उदाहरण निम्नलिखित हैं:
1. "मोहन मूरति साँवरि सूरति" - यहाँ 'म' वर्ण की ("मोहन मूरति") और 'स' वर्ण की ("साँवरि सूरति") सुंदर आवृत्ति हुई है।
2. "नैनन में नंदलाल" - इस पंक्ति में 'न' वर्ण की आवृत्ति बार-बार हुई है।
3. "नन्हीं-नन्हीं बूँदन" - यहाँ 'न' वर्ण की आवृत्ति से भाषा अधिक प्रभावशाली बनी है।
4. "दामिन दमके" - यहाँ 'द' वर्ण की आवृत्ति से वर्षा के दृश्य का सुंदर वर्णन हुआ है।
In simple words: जब कविता में एक ही अक्षर बार-बार आता है, तो वह सुनने में बहुत मीठा लगता है। जैसे "मोहन मूरति" में 'म' दो बार आया है।
Exam Tip: परीक्षा में काव्य-सौंदर्य से जुड़े प्रश्नों में अलंकार का नाम (जैसे अनुप्रास अलंकार) स्पष्ट रूप से लिखने से पूरे अंक मिलते हैं।
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रूप बदलकर
Question. पाठ के किसी एक पद को एक अनुच्छेद (गद्य) के रूप में लिखिए। उदाहरण के लिए - 'सावन के बादल बरस रहे हैं', या 'सावन की बदरिया बरसती है...' आदि।
Answer: पाठ के दोनों पदों का सरल गद्य/अनुच्छेद रूप नीचे दिया गया है:
प्रथम पद ("बसो मेरे नैनन में नंदलाल") का गद्य रूप:
मीराबाई अपने आराध्य प्रभु श्रीकृष्ण से विनयपूर्वक प्रार्थना करती हैं कि वे सदैव के लिए उनकी आँखों में निवास करें। वे श्रीकृष्ण के उस मनमोहक स्वरूप का वर्णन करती हैं जो भक्तों के मन को मोह लेता है। वे कहती हैं कि प्रभु का रूप साँवला और सुंदर है तथा उनके नेत्र बहुत विशाल हैं। उनके अमृत रस बरसाने वाले सुंदर होठों पर बाँसुरी सजी हुई है और उनके हृदय पर सुंदर वैजयंती पुष्पों की माला सुशोभित है। उनकी कमर में छोटी-छोटी घंटियाँ बंधी हैं और पैरों में बंधे घुँघरू बहुत ही मीठी और सुरीली ध्वनि करते हैं। मीरा कहती हैं कि उनके स्वामी संतों को परम सुख देने वाले और अपने भक्तों से सच्चा प्रेम करने वाले कृपालु गोपाल हैं।
द्वितीय पद ("बरसे बदरिया सावन की") का गद्य रूप:
सावन के सुंदर बादल बरस रहे हैं, जो मन को बहुत सुहावने लगते हैं। सावन का महीना आते ही मीराबाई का मन प्रसन्नता और उत्साह से भर उठा है क्योंकि उन्हें अपने प्रिय हरि (श्रीकृष्ण) के आने की आहट मिल गई है। आसमान में चारों दिशाओं से काले-काले बादल उमड़-घुमड़ कर घिर आए हैं। बिजली जोर-जोर से चमक रही है और रिमझिम फुहारों के साथ वर्षा की झड़ी लग गई है। हवा अत्यंत ठंडी और सुहावनी चल रही है। ऐसे आनंदमयी समय में मीरा के स्वामी गिरधर गोपाल के शुभागमन की खुशी में चारों तरफ मंगल गीत गाए जा रहे हैं।
In simple words: कविता को कहानी की तरह लिखना गद्य कहलाता है। जैसे - मीराबाई कहती हैं कि सावन के बादल बरस रहे हैं और भगवान कृष्ण के आने की खुशी में ठंडी हवा चल रही है।
Exam Tip: पद्य (कविता) को गद्य (अनुच्छेद) में बदलते समय कविता की भावनाओं को सरल और सीधे वाक्यों में लिखना चाहिए, ध्यान रहे कि मूल अर्थ न बदले।
मुहावरे
Question. "बसो मेरे नैनन में नंदलाल!" नैनों या आँखों में बस जाना एक मुहावरा है। जब हमें कोई व्यक्ति या वस्तु इतनी अधिक प्रिय लगने लगती है कि उसका ध्यान हर समय मन में बना रहने लगता है तब हम इस मुहावरे का प्रयोग करते हैं। आँखों से जुड़े कुछ और मुहावरे नीचे दिए गए हैं। इनके अर्थ समझिए और इनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए:
1. आँखों का तारा
2. आँखों पर परदा पड़ना
3. आँखों के आगे अँधेरा छाना
4. आँख दिखाना
5. आँख का काँटा
6. आँखें फेरना
Answer: आँखों से जुड़े मुहावरों के अर्थ और उनके सरल वाक्य प्रयोग इस प्रकार हैं:
1. आँखों का तारा:
- अर्थ: बहुत अधिक प्रिय होना या अत्यधिक लाडला होना।
- वाक्य प्रयोग: छोटा बच्चा राहुल अपने दादा-दादी की आँखों का तारा है।
2. आँखों पर परदा पड़ना:
- अर्थ: सच को न देख पाना या अज्ञानता वश भले-बुरे का अंतर न समझ पाना।
- वाक्य प्रयोग: लालच में अंधे होने के कारण सोहन की आँखों पर ऐसा परदा पड़ा कि उसे अपने सच्चे मित्र की भलाई भी दिखाई नहीं दी।
3. आँखों के आगे अँधेरा छाना:
- अर्थ: अचानक घबरा जाना, घबराहट होना या भारी विपत्ति आने पर सुध-बुध खो देना।
- वाक्य प्रयोग: अचानक अपनी दुकान में आग लगने की खबर सुनकर मालिक की आँखों के आगे अँधेरा छा गया।
4. आँख दिखाना:
- अर्थ: गुस्से से देखना, डराना या किसी को चेतावनी देना।
- वाक्य प्रयोग: जब छोटे भाई ने मेहमानों के सामने शरारत की, तो माताजी ने उसे आँख दिखाकर शांत करा दिया।
5. आँख का काँटा:
- अर्थ: बहुत बुरा या अप्रिय लगने वाला व्यक्ति, जिससे लोग नफरत करें।
- वाक्य प्रयोग: अपनी बुरी आदतों और झूठ बोलने की वजह से वह पूरे मोहल्ले के लोगों की आँख का काँटा बन गया है।
6. आँखें फेरना:
- अर्थ: अपना व्यवहार बदल लेना, पहले जैसा स्नेह न रखना या उपेक्षा करना।
- वाक्य प्रयोग: संकट के समय मतलबी दोस्त तुरंत अपनी आँखें फेर लेते हैं और साथ छोड़ देते हैं।
In simple words: मुहावरे साधारण बातों को बहुत प्रभावशाली तरीके से कहने का माध्यम हैं। जैसे 'आँखों का तारा' का मतलब होता है बहुत प्यारा होना।
Exam Tip: मुहावरों का वाक्य प्रयोग करते समय हमेशा मूल मुहावरे का ही वाक्य में प्रयोग करें, उसके अर्थ का नहीं।
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Question. नीचे दिए गए अन्य मुहावरों के अर्थ समझिए और उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए:
7. आँख भर आना
8. आँखें चुराना
9. आँखों से उतारना
10. आँखों में खटकना
Answer: शेष मुहावरों के अर्थ और वाक्य प्रयोग निम्नलिखित हैं:
7. आँख भर आना:
- अर्थ: मन भावुक हो जाना या आँखों में आँसू आ जाना।
- वाक्य प्रयोग: विदाई के समय अपनी बेटी को जाते देखकर माँ की आँखें भर आईं।
8. आँखें चुराना:
- अर्थ: संकोच, लज्जा या डर के कारण सीधे सामने न देखना, नजरें बचाना।
- वाक्य प्रयोग: गलती पकड़े जाने के डर से नौकर अपने मालिक से आँखें चुरा रहा था।
9. आँखों से उतारना:
- अर्थ: आदर-सम्मान खो देना या किसी के प्रति मन में इज्जत कम हो जाना।
- वाक्य प्रयोग: बार-बार झूठ बोलने और चोरी करने के कारण वह अपने माता-पिता की आँखों से उतर गया है।
10. आँखों में खटकना:
- अर्थ: बुरा या खटकने वाला लगना, सहन न होना।
- वाक्य प्रयोग: मोहन की दिन-दूनी रात-चौगुनी तरक्की उसके विरोधियों की आँखों में खटकने लगी है।
In simple words: जैसे 'आँख भर आना' का अर्थ है रोने जैसा मन होना और 'आँखें चुराना' का अर्थ है शर्म या डर से नजरें न मिला पाना।
Exam Tip: वाक्यों को छोटा, सरल और अर्थपूर्ण रखें ताकि मुहावरे का सही संदर्भ स्पष्ट हो सके।
सबकी प्रस्तुति
Question. पाठ के किसी एक पद को चुनकर अपने समूह के साथ मिलकर अलग-अलग तरीके से कक्षा के सामने प्रस्तुत कीजिए, उदाहरण के लिए - • गायन करना। • भाव-नृत्य प्रस्तुत करना। • कविता पाठ करना आदि।
Answer: यह पूर्णतः एक गतिविधि आधारित रचनात्मक प्रश्न है। विद्यार्थी अपने सहपाठियों के साथ मिलकर कक्षा में अपनी रुचि के अनुसार गायन, अभिनय या काव्य पाठ का सुंदर प्रदर्शन अपने शिक्षक की देखरेख में स्वयं करें।
Exam Tip: समूह प्रस्तुति में तालमेल और आत्मविश्वास सबसे महत्वपूर्ण होता है, इससे प्रस्तुति अधिक सजीव लगती है।
आपकी बात
Question 1. "बरसे बदरिया सावन की" - इस पद में सावन का सुंदर चित्रण किया गया है। जब आपके गाँव या नगर में सावन आता है तो मौसम में क्या परिवर्तन आते हैं? वर्णन कीजिए।
Answer: हमारे गाँव या नगर में जब सावन का महीना आता है, तो मौसम में बहुत ही सुखद और क्रांतिकारी परिवर्तन देखने को मिलते हैं:
- ग्रीष्म ऋतु की तेज धूप और भीषण गर्मी से राहत मिलती है और चारों तरफ शीतलता छा जाती है।
- आकाश में गहरे काले रंग के घने बादल उमड़-घुमड़ कर छा जाते हैं और सूर्य की तपिश बहुत कम हो जाती है।
- ठंडी और सुहावनी हवाएँ चलने लगती हैं जिससे वातावरण बहुत ही खुशनुमा बन जाता है।
- पहली बारिश पड़ते ही सूखी मिट्टी से मन को मोहने वाली सोंधी खुशबू आने लगती है।
- पेड़-पौधों पर जमी धूल साफ हो जाती है, जिससे चारों ओर हरियाली और अधिक सघन तथा चमकदार दिखाई देने लगती है।
- नदियाँ, तालाब, नहरें और कुएँ पानी से लबालब भर जाते हैं, जिससे जल का स्तर ऊपर उठ जाता है।
- किसान भाई बेहद खुश हो जाते हैं क्योंकि सावन का पानी उनकी फसलों के लिए अमृत के समान होता है।
- कुल मिलाकर, सावन का आगमन पूरे पर्यावरण को एक नई ऊर्जा, ताजगी और नया जीवन प्रदान करता है।
In simple words: सावन आने पर गर्मी खत्म हो जाती है, आसमान में काले बादल छा जाते हैं, ठंडी हवा चलती है और पेड़-पौधे सुंदर और हरे-भरे हो जाते हैं।
Exam Tip: मौसम के बदलावों को लिखते समय प्रकृति के विभिन्न अंगों (जैसे हवा, मिट्टी, पेड़-पौधे और पानी के स्रोत) पर पड़ने वाले प्रभावों का क्रमानुसार उल्लेख करें।
Question 2. सावन की ऋतु में किस-किस प्रकार की ध्वनियाँ सुनाई देती हैं? इन ध्वनियों को सुनकर आपके मन में कौन-कौन सी भावनाएँ उठती हैं? आप कैसा अनुभव करते हैं? अपने अनुभवों के आधार पर बताइए। (उदाहरण के लिए - बिजली के कड़कने या बूँदों के टपकने की ध्वनियाँ!)
Answer: सावन के सुहावने मौसम में प्रकृति में कई प्रकार की मधुर और रोमांचक आवाजें गूँजती हैं:
1. बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली का कड़कना: यह तीव्र ध्वनि कभी-कभी डराती है, लेकिन यह प्रकृति की अपार शक्ति और भव्यता का सुंदर अहसास भी कराती है।
2. बारिश की बूँदों की टपटप: छतों, पत्तों और खिड़कियों पर जब पानी की बूँदें गिरती हैं, तो एक मधुर ताल सुनाई देती है जो मन को शांत और सुकून देती है।
3. मेंढकों की टर्र-टर्र: वर्षा होने के बाद जलाशयों के आसपास मेंढकों का समूह टर्राने लगता है, जो ग्रामीण जीवन में सावन के आगमन की पहचान है।
4. पक्षियों का चहचहाना: बारिश रुकने के बाद जब मौसम साफ होता है, तो पक्षी अत्यंत मधुर स्वर में चहकने लगते हैं, जिससे मन प्रसन्न हो जाता है।
5. बहते पानी की कल-कल ध्वनि: गलियों, नालियों और नदियों में बहते पानी की आवाज़ एक निरंतर लय का निर्माण करती है जो बहुत सुहावनी लगती है।
इन सभी प्राकृतिक ध्वनियों को सुनकर हमारा मन उत्साह, प्रसन्नता और ताजगी से भर जाता है। प्रकृति के इतने निकट होने का अनुभव हमें एक अनूठा मानसिक सुकून और शांति प्रदान करता है।
In simple words: सावन में बादलों के गरजने, पानी के टपकने, मेंढकों के बोलने और चिड़ियों के चहकने की मीठी आवाज़ें सुनाई देती हैं जो मन को बहुत खुश करती हैं।
Exam Tip: इंद्रिय बोध (सुनने की क्षमता) से जुड़े प्रश्नों में आवाजों को शब्दों में व्यक्त करने (जैसे टपटप, कल-कल, टर्र-टर्र) का प्रयास करना चाहिए।
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Question 3. वर्षा ऋतु में आपको कौन-कौन सी गतिविधियाँ करने या खेल खेलने में आनंद आता है?
Answer: वर्षा ऋतु में मुझे निम्नलिखित खेलों और मनोरंजक गतिविधियों को करने में बहुत आनंद मिलता है:
1. कागज़ की नावें चलाना: बहते हुए बारिश के पानी में रंग-बिरंगी कागज़ की नावें बनाकर तैराना बचपन का सबसे प्रिय और आनंदमयी खेल है।
2. बारिश में नहाना: दोस्तों के साथ घर की छत या आँगन में रिमझिम बारिश में नहाने और मस्ती करने का एक अलग ही मज़ा होता है।
3. पकौड़े और भुट्टा खाना: सुहावने मौसम में माँ के हाथ के बने गरमा-गरम पकौड़े या सेंका हुआ भुट्टा खाने का आनंद कई गुना बढ़ जाता है।
4. इंडोर गेम्स खेलना: जब बाहर बहुत तेज बारिश हो रही हो, तो घर के अंदर बैठकर परिवार या मित्रों के साथ लूडो, शतरंज या कैरम खेलना बहुत मजेदार होता है।
5. प्रकृति को निहारना: खिड़की के पास बैठकर या बालकनी से हरे-भरे पेड़ों पर गिरती बारिश की बूँदों को देखना मन को असीम सुकून देता है।
In simple words: बारिश में मुझे कागज़ की नाव तैराना, पानी में नहाना, लूडो खेलना और गरम-गरम पकौड़े खाना बहुत अच्छा लगता है।
Exam Tip: अपनी व्यक्तिगत पसंद और रुचि के अनुसार वास्तविक लगने वाली सरल गतिविधियों का वर्णन करें।
Question 4. सावन के महीने में हमारे देश में अनेक त्योहार मनाए जाते हैं। आपके घर, परिवार या गाँव में सावन में कौन-कौन से त्योहार मनाए जाते हैं? किसी एक के विषय में अपने अनुभव बताइए।
Answer: सावन के पवित्र महीने में हमारे देश में कई सांस्कृतिक और धार्मिक त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाए जाते हैं, जैसे - हरियाली तीज, नागपंचमी, रक्षाबंधन और सावन के सोमवार (शिव पूजा) आदि।
इनमें से 'रक्षाबंधन' हमारे घर में सबसे अधिक उल्लास के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार भाई-बहन के अटूट और पवित्र प्रेम का प्रतीक है। इस दिन घर में सुबह से ही बहुत उत्साह का माहौल होता है। सभी लोग नए और सुंदर वस्त्र पहनते हैं। बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाती हैं, उनकी आरती उतारती हैं और उनकी कलाई पर सुंदर राखी (रक्षासूत्र) बाँधकर उनके सुखी जीवन की मंगल कामना करती हैं। भाई अपनी बहनों की सदा रक्षा करने का वचन देते हैं और उन्हें सुंदर उपहार व मिठाइयाँ देते हैं। घर में इस दिन घेवर, खीर और तरह-तरह के स्वादिष्ट पकवान बनाए जाते हैं। यह त्योहार सभी परिजनों को एक सूत्र में पिरोता है और आपसी स्नेह को और गहरा करता है।
In simple words: सावन में तीज, नागपंचमी और रक्षाबंधन जैसे त्योहार मनाए जाते हैं। रक्षाबंधन के दिन बहनें भाइयों को राखी बाँधती हैं और सब मिलकर मीठे पकवान खाते हैं।
Exam Tip: त्योहार का वर्णन करते समय उसके पीछे के सामाजिक महत्व (जैसे भाई-बहन का प्रेम, आपसी भाईचारा) को भी संक्षेप में रेखांकित करें।
Question 1. (ख) "बसो मेरे नैनन में नंदलाल" इस पद में मीरा श्रीकृष्ण को 'संतों को सुख देने वाला' और 'भक्तों का पालन करने वाला' कहती हैं। क्या आपके जीवन में कोई ऐसा व्यक्ति है जो सदैव आपकी सहायता करता है और आपको आनंदित करता है? विस्तार से बताइए।
Answer: हाँ, मेरे जीवन में मेरी दादी जी एक ऐसी अनमोल और प्रिय व्यक्ति हैं जो सदैव मेरी हर परिस्थिति में सहायता करती हैं और मुझे बहुत खुश रखती हैं। वे मेरे लिए एक सच्चे मार्गदर्शक और रक्षक के समान हैं।
जब भी मैं किसी कठिनाई में होता हूँ, या पढ़ाई को लेकर तनाव में रहता हूँ, तो वे मुझे बहुत ही प्यार से समझाती हैं और सही रास्ता दिखाती हैं। उनकी दी हुई सलाह हमेशा मेरे काम आती है। उनके पास जीवन का बहुत बड़ा अनुभव है, जिससे वे मेरी हर समस्या को चुटकियों में सुलझा देती हैं। यदि मैं कभी बहुत उदास या थका हुआ महसूस करता हूँ, तो वे अपनी मीठी बातों और पुरानी कहानियों से मेरा मन बहला देती हैं। उनकी गोद में सिर रखकर सोने से मुझे दुनिया का सबसे बड़ा सुख और सुरक्षा महसूस होती है। उनका प्यार पूरी तरह से निस्वार्थ है, जो मुझे सदा जीवन में अच्छा इंसान बनने और दूसरों की मदद करने की सीख देता है। वे सचमुच मेरे जीवन की सबसे बड़ी मार्गदर्शक और खुशियों का आधार हैं।
In simple words: मेरे जीवन में मेरी दादी जी हमेशा मेरी मदद करती हैं। वे मुझे कहानियाँ सुनाकर और प्यार से समझाकर हमेशा खुश रखती हैं।
Exam Tip: ऐसे आत्मीय प्रश्नों में आप अपने माता-पिता, शिक्षक, बड़े भाई-बहन या मित्र का उदाहरण देकर उनके प्रति अपने वास्तविक सम्मान और कृतज्ञता को शब्दों में पिरोएं।
Question 2. कवयित्री ने पाठ में 'नूपुर' और 'क्षुद्र घंटिका' जैसे उदाहरणों का प्रयोग किया है। किसी का वर्णन करने के लिए हम केवल बड़ी-बड़ी ही नहीं, बल्कि उससे जुड़ी छोटी-छोटी बातें भी बता सकते हैं। आप भी अपने आस-पास के किसी व्यक्ति या वस्तु का वर्णन करते हुए उससे जुड़ी छोटी-छोटी बातों पर ध्यान दीजिए और उन्हें लिखिए।
Answer: मेरे स्कूल बैग का वर्णन:
मेरा स्कूल बैग नीले और काले रंग का है, जो देखने में बहुत ही साधारण किंतु सुंदर लगता है। इसकी कुछ छोटी-छोटी बातें इसे मेरे लिए बहुत ही विशेष और प्रिय बनाती हैं:
- इसके बिल्कुल सामने एक छोटा सा पॉकेट है, जिसमें मैं अपनी पेंसिल, रबर, कटर और एक छोटी डायरी बहुत संभालकर रखता हूँ।
- बैग के दोनों तरफ जालीदार जेबें बनी हुई हैं, जिनमें से एक तरफ मेरी नीले रंग की पानी की बोतल और दूसरी तरफ एक छोटा सा साफ तौलिया हमेशा रहता है।
- जब भी मैं बैग की मुख्य चेन को खोलता हूँ, तो 'चर्र-चर्र' की एक बहुत ही धीमी और अनोखी आवाज़ आती है, जो मुझे बहुत पसंद है।
- लगातार उपयोग और भारी पुस्तकों के कारण बैग का ऊपर का हैंडल थोड़ा सा घिस गया है क्योंकि मैं इसे उठाने के लिए अक्सर उसी हिस्से का प्रयोग करता हूँ।
- बैग के भीतर एक छोटा सा कोना है जहाँ नाम लिखने की जगह बनी हुई है, जहाँ मैंने बहुत ही सुंदर अक्षरों में अपना नाम लिखा हुआ है।
- इसके कंधे वाले पट्टे बहुत ही गद्देदार और मुलायम हैं, जिससे भारी किताबें होने पर भी मेरे कंधों में दर्द नहीं होता।
ये छोटी-छोटी विशेषताएँ ही हैं जो मेरे इस स्कूल बैग को बहुत ही खास और उपयोगी बनाती हैं।
In simple words: मेरा स्कूल बैग नीले रंग का है। इसमें पानी की बोतल रखने की जगह है, एक छोटा पॉकेट है और इसके मुलायम पट्टों की वजह से कंधों में दर्द नहीं होता।
Exam Tip: किसी वस्तु का सूक्ष्म वर्णन (Micro-description) करते समय उसकी बनावट, रंग, उपयोगिता और उससे जुड़ी अपनी भावनाओं को अवश्य शामिल करें।
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विशेषताएँ
Question (क). "मोहन मूरति साँवरि सूरति, नैना बने विसाल!" इस पंक्ति में कवयित्री ने श्रीकृष्ण की मोहनी मूरत, साँवली सूरत और विशाल नयनों की बात की है। आपको श्रीकृष्ण की कौन-कौन सी बातों ने सबसे अधिक आकर्षित किया?
Answer: भगवान श्रीकृष्ण का चरित्र और उनका स्वरूप अत्यंत दिव्य और आकर्षक है। उनकी निम्नलिखित बातें मुझे सबसे अधिक प्रभावित और आकर्षित करती हैं:
1. बाँसुरी की जादुई धुन: उनके होंठों पर सजी बाँसुरी से निकलने वाले मधुर स्वर न केवल मनुष्यों को बल्कि पशु-पक्षियों और पूरी प्रकृति को भी अपनी सुध-बुध खोने पर मजबूर कर देते हैं। यह धुन मन में अपार शांति भर देती है।
2. भक्तों के प्रति अनन्य प्रेम (भक्तवत्सलता): उनका अपने भक्तों के प्रति निस्वार्थ और अटूट स्नेह दिल को छू लेता है। मीराबाई ने उन्हें 'भक्त वछल गोपाल' कहा है, जो उनकी परम दयालुता को दर्शाता है।
3. बाल-लीलाएँ और नटखटपन: बालक कृष्ण के रूप में उनका माखन चुराना, मैया यशोदा को तंग करना और सखाओं के साथ वन में क्रीड़ा करना मन को बहुत ही आनंदित करता है।
4. दिव्य और आकर्षक रूप: सिर पर मोर मुकुट, पीले वस्त्र, साँवला सलोना रूप और बड़ी-बड़ी आँखें उनका एक ऐसा मनमोहक चित्र आँखों के सामने प्रस्तुत करती हैं जो बहुत ही शांत और सुंदर अनुभव देता है।
In simple words: मुझे भगवान कृष्ण की बाँसुरी की मधुर आवाज़, उनका साँवला रूप और अपने भक्तों के लिए उनका गहरा प्यार सबसे अच्छा लगता है।
Exam Tip: धार्मिक या पौराणिक पात्रों के बारे में लिखते समय उनके चारित्रिक गुणों (जैसे दयालुता, प्रेम) और शारीरिक विशेषताओं दोनों का उल्लेख करना चाहिए।
Question (ख). किसी व्यक्ति या वस्तु का कौन-सा गुण आपको सबसे अधिक आकर्षित करता है? क्यों? अपने जीवन से जुड़े किसी व्यक्ति या वस्तु के उदाहरण से बताइए।
Answer: मुझे किसी भी व्यक्ति का 'निस्वार्थ भाव से दूसरों की सहायता करने का गुण' सबसे अधिक आकर्षित करता है। जो लोग बिना किसी स्वार्थ या बदले की भावना के दूसरों के चेहरों पर मुस्कान लाते हैं, वे समाज के लिए सबसे सच्चे प्रेरणास्रोत होते हैं।
उदाहरण के लिए, मेरे बड़े भाई में यह गुण कूट-कूट कर भरा हुआ है। वे हमेशा दूसरों की मदद करने के लिए तत्पर रहते हैं। चाहे किसी सहपाठी को पढ़ाई में कोई कठिनाई आ रही हो, या मोहल्ले में किसी जरूरतमंद को कोई आवश्यकता हो, वे तुरंत आगे बढ़ते हैं। एक बार जब मैं अपनी वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी के दौरान बहुत चिंतित और परेषान था, तब उन्होंने अपने महत्वपूर्ण काम छोड़कर मुझे बहुत ही प्यार से पढ़ाया और मेरा खोया हुआ आत्मविश्वास वापस लौटाया। उनके इस दयालु और परोपकारी स्वभाव ने मुझे भी यह सिखाया कि दूसरों की मदद करने से जो खुशी मिलती है, वह दुनिया में सबसे अनमोल है।
In simple words: मुझे दूसरों की बिना किसी स्वार्थ के मदद करने का गुण सबसे अच्छा लगता है। मेरे बड़े भाई हमेशा दूसरों की मदद करते हैं, जिससे मुझे भी प्रेरणा मिलती है।
Exam Tip: अपने जीवन से जुड़े उदाहरण देते समय घटना को बहुत ही संक्षेप में और प्रभावशाली शब्दों में प्रस्तुत करें।
Question (ग). हम सबकी कुछ विशेषताएँ बाह्य तो कुछ आंतरिक होती हैं। बाह्य विशेषताएँ तो हमें दिखाई दे जाती हैं, लेकिन आंतरिक विशेषताएँ व्यक्ति के व्यवहार से पता चलती हैं। आप अपनी दोनों प्रकार की विशेषताओं के दो-दो उदाहरण दीजिए।
Answer: हम सभी के व्यक्तित्व में बाहरी और आंतरिक दोनों तरह के पहलू होते हैं। मेरी कुछ मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
मेरी बाह्य विशेषताएँ (जो बाहर से दिखाई देती हैं):
1. मध्यम लंबाई (कद): मेरी लंबाई मेरी उम्र के सामान्य बच्चों के जितनी ही है, जो मेरी शारीरिक पहचान को दर्शाती है।
2. घुँघराले काले बाल: मेरे सिर के बाल प्राकृतिक रूप से घुँघराले और घने काले हैं, जिससे लोग मुझे आसानी से पहचान लेते हैं।
मेरी आंतरिक विशेषताएँ (जो मेरे व्यवहार और आचरण से प्रकट होती हैं):
1. सत्यवादिता और ईमानदारी: मैं हमेशा सच बोलने का प्रयास करता हूँ और यदि मुझसे कभी कोई गलती हो जाती है, तो उसे छिपाने के बजाय स्वीकार कर लेता हूँ।
2. सहानुभूति और दयालुता: दूसरों को पीड़ा या कठिनाई में देखकर मेरा मन दुखी हो जाता है और मैं हमेशा अपनी क्षमता के अनुसार उनकी मदद करने की कोशिश करता हूँ।
In simple words: बाहरी रूप से मेरे बाल काले और घुँघराले हैं तथा आंतरिक रूप से मैं सच बोलने वाला और दूसरों की मदद करने वाला इंसान हूँ।
Exam Tip: आंतरिक विशेषताओं में मानवीय मूल्यों (जैसे ईमानदारी, दयालुता, धैर्य) का उल्लेख करें, जबकि बाह्य विशेषताओं में शारीरिक बनावट का।
मधुर ध्वनियाँ
Question. "अधर सुधारस मुरली राजति, उर वैजंती माला! क्षुद्र घंटिका कटि तट सोभित, नूपुर शब्द रसाला!" इन पंक्तियों में तीन ऐसी वस्तुओं के नाम आए हैं, जिनसे मधुर ध्वनियाँ उत्पन्न होती हैं। उन वस्तुओं के नाम पहचानिए और उनके नीचे रेखा खींचिए।
Answer: इन काव्य पंक्तियों में प्रयुक्त मधुर ध्वनि उत्पन्न करने वाली तीन वस्तुएँ निम्नलिखित हैं:
1. मुरली (बाँसुरी) - जो होठों पर रखकर बजाई जाती है और अत्यंत मधुर धुन उत्पन्न करती है।
2. घंटिका (छोटी घंटियाँ) - जो कमर में बंधी होती हैं और हिलने-डुलने पर सुरीली आवाज करती हैं।
3. नूपुर (पायल) - जो पैरों में बंधे होते हैं और चलने पर बहुत ही रसीली व मधुर झंकार उत्पन्न करते हैं।
In simple words: इस कविता में बाँसुरी (मुरली), कमर की घंटियाँ (घंटिका) और पैरों के पायल (नूपुर) जैसी तीन आवाज़ करने वाली चीज़ों के नाम आए हैं।
Exam Tip: परीक्षा में रेखांकित करने वाले प्रश्नों में केवल संबंधित शब्दों को ही स्पष्ट रूप से रेखांकित करें ताकि परीक्षक को उत्तर ढूँढ़ने में आसानी हो।
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Question. आगे मधुर ध्वनियाँ उत्पन्न करने वाले कुछ वाद्ययंत्रों के विषय में पहेलियाँ दी गई हैं। इन्हें पहचानकर सही वाद्ययंत्र का नाम लिखिए -
Answer: वाद्ययंत्रों से जुड़ी पहेलियों के सही उत्तर निम्नलिखित हैं:
1. पहेली: हवा से बोलती है, सुर में गीत सुनाती है, होठों से छू जाए, तो मन को लुभाती है।
उत्तर: बाँसुरी
2. पहेली: दो साथियों का जोड़ा, हाथों से है बजता, ताल मिलाए ताल से, हर संगत में सजता।
उत्तर: तबला
3. पहेली: शाहों में शामिल होती, फूँकों से संगीत सुनाती, सुख के सारे काम सजाती, दुख में भी ये साथ निभाती।
उत्तर: शहनाई
4. पहेली: तारों में छिपा संगीत, माँ सरस्वती का गहना, छेड़े जब उँगलियाँ, बहे रागों का झरना।
उत्तर: वीणा
5. पहेली: दो हाथों से बजती है ये, ताल से थिरकें पैर, हर उत्सव की है ये साथी, लटक गले ये करती सैर।
उत्तर: ढोलक
6. पहेली: नागिन-सी लहराती है जो, बड़ी खास आवाज है जिसकी, तीन, चीन, रंगीन, हीन से मिली-जुली पहचान है इसकी।
उत्तर: बीन / पुंगी
7. पहेली: सौ तारों का जादू, डंडियों से जो गाए, कश्मीर की वादियों जैसा मधुर संगीत लाए।
उत्तर: संतूर
8. पहेली: छोटा-सा यंत्र है, हाथों से बजता जाए, घर-मंदिर का साथी, झंकार से मन बहलाए।
उत्तर: मंजीरा / झाँझ
In simple words: ये पहेलियाँ हमें बाँसुरी, तबला, शहनाई, वीणा, ढोलक, बीन, संतूर और मंजीरा जैसे वाद्ययंत्रों को पहचानने में मदद करती हैं।
Exam Tip: पहेलियों में दिए गए संकेतों (जैसे 'माँ सरस्वती का गहना' यानी वीणा, 'कश्मीर की वादियाँ' यानी संतूर) पर विशेष ध्यान दें।
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चित्र करते हैं बातें
Question. नीचे दिए गए चित्र को ध्यान से देखिए। यह मीरा का कागज़ पर बना चित्र है। इस चित्र के आधार पर मीरा के संबंध में एक अनुच्छेद लिखिए।
Answer: प्रस्तुत सुंदर चित्र महान संत और कवयित्री मीराबाई के अत्यंत शांत, सौम्य और भक्तिमय स्वरूप को प्रदर्शित करता है। चित्र में मीराबाई को एक वीणा जैसा तंतुवाद्य बजाते हुए दर्शाया गया है, जो उनके संगीत और भजनों के प्रति गहरी लगन को प्रकट करता है। उनके चेहरे पर छाई अपार शांति और सात्विक भाव स्पष्ट रूप से यह संकेत देते हैं कि वे पूरी तरह से अपने आराध्य श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन हैं। उनके खुले हुए लंबे केश और साधारण गेरुए रंग के वस्त्र उनके सांसारिक वैराग्य को दर्शाते हैं; उन्होंने राजसी ठाट-बाट को त्यागकर एक साध्वी का सरल और सादा जीवन स्वीकार कर लिया था। चित्र में वे एक सुंदर खिले हुए कमल के पुष्प पर बैठी दिखाई दे रही हैं, जो उनकी पवित्रता, निर्मलता और उच्च आध्यात्मिक चेतना का सुंदर प्रतीक है। उनके पास शांत भाव से बैठा हुआ एक हिरण यह प्रदर्शित करता है कि उनका प्रेम केवल मनुष्यों तक ही सीमित नहीं था, बल्कि वे प्रकृति और सभी मूक जीवों से भी उतना ही गहरा स्नेह करती थीं। यह संपूर्ण चित्र मीराबाई के अनन्य कृष्ण-प्रेम, उनकी निश्चल भक्ति भावना और उनके शांत संत स्वभाव को बहुत ही सजीव और सुंदर ढंग से हमारे समक्ष प्रस्तुत करता है, जिससे मन श्रद्धा से भर उठता है।
In simple words: इस सुंदर चित्र में मीराबाई हाथ में वीणा लेकर भक्ति में मग्न बैठी हैं। उनके साधारण वस्त्र और पास बैठा हिरण उनके शांत और दयालु स्वभाव को दिखाते हैं।
Exam Tip: चित्र वर्णन (Picture Description) लिखते समय चित्र की मुख्य आकृतियों के साथ-साथ उसकी पृष्ठभूमि के प्रतीकों (जैसे कमल, हिरण) का भी उल्लेख अवश्य करें।
सावन से जुड़े गीत
Question. अपने परिजनों, मित्रों, शिक्षकों, पुस्तकालय या इंटरनेट की सहायता से सावन में गाए जाने वाले गीतों को ढूँढ़िए और किसी एक गीत को अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
Answer: सावन ऋतु के स्वागत और प्रसन्नता को प्रकट करने वाला एक बहुत ही लोकप्रिय और पारंपरिक लोकगीत निम्नलिखित है:
सावन गीत
सावन आयो रे झूम के,
घन-घन मेघा गगन में छायो रे।
कोयल गाए मधुर सुर में,
पी धरती पर हरियाली छायो रे।
यह गीत सावन के आगमन पर प्रकृति में आने वाले बदलावों और मानव मन में उठने वाली उमंगों को बहुत ही सरल शब्दों में व्यक्त करता है।
In simple words: सावन के मौसम में लोग खुशी से गीत गाते हैं, जिसमें बादलों के छाने और कोयल के गाने का सुंदर वर्णन होता है।
Exam Tip: अपनी कॉपी में लोकगीत लिखते समय पंक्तियों को बहुत ही सुंदर लिखावट में लिखें और उनके भाव को संक्षेप में स्पष्ट करें।
खोजबीन
Question. आपने पढ़ा कि मीरा श्रीकृष्ण की आराधना करती थीं। आपने कक्षा 6 की पुस्तक मल्हार में पढ़ा था कि सूरदास भी श्रीकृष्ण के भक्त थे। अपने समूह के साथ मिलकर सूरदास की कुछ रचनाएँ ढूँढ़कर कक्षा में सुनाइए।
Answer: महाकवि सूरदास जी हिंदी साहित्य की कृष्ण-भक्ति शाखा के सर्वोपरि कवि माने जाते हैं। उन्होंने श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं, उनके रूप-सौंदर्य और माता यशोदा के वात्सल्य भाव का अत्यंत सजीव और अनूठा वर्णन किया है। उनकी प्रमुख रचनाएँ 'सूरसागर', 'सूरसारावली' और 'साहित्य लहरी' हैं।
श्रीकृष्ण की बाल-लीला का एक बहुत ही प्रसिद्ध और मधुर पद निम्नलिखित है:
"मैया! मोही दाऊ बहुत खिझायो।
मोसों कहत मोल को लीन्हों, तू जसुमति कब जायो॥"
अर्थ: इस पद में बालक कृष्ण अपनी माता यशोदा से बड़े भाई बलराम की शिकायत करते हुए कहते हैं कि दाऊ उन्हें बहुत चिढ़ाते हैं और कहते हैं कि तुम्हें तो मोल देकर खरीदा गया है, यशोदा मैया ने तुम्हें जन्म नहीं दिया है।
वात्सल्य भाव का एक अन्य अनुपम उदाहरण:
"जसोदा हरि पालनै झुलावै।
हलरावै, दुलराइ मल्हावै, जोई सोई कछु गावै॥"
अर्थ: इस पद में माता यशोदा बालकृष्ण को पालने में झुला रही हैं, उन्हें पुचकारती हैं, प्यार करती हैं और लोरी गाते हुए सुलाने का प्रयास कर रही हैं।
ये रचनाएँ आज भी भारतीय घरों में बड़े ही चाव से गाई और सुनी जाती हैं।
In simple words: सूरदास जी भी श्रीकृष्ण के बहुत बड़े भक्त थे। उन्होंने कान्हा के बचपन की नटखट आदतों और माँ यशोदा के प्यार पर बहुत ही सुंदर कविताएँ लिखी हैं।
Exam Tip: भक्ति काल के कवियों का वर्णन करते समय उनकी मुख्य कृतियों (जैसे सूरसागर) और उनकी भक्ति की मुख्य विशेषता (जैसे वात्सल्य रस) का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है।
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आज की पहेली
Question. पाठ में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। इनका अंतिम ध्वनि से मिलती-जुलती ध्वनि वाले शब्द वर्ग में से खोजिए और लिखिए -
1. मूरित
2. सावन
3. उमड़
4. नागर
5. नंदलाल
Answer: दिए गए शब्दों के समान ध्वनि वाले (तुकबंदी वाले / Rhyming) शब्द निम्नलिखित हैं:
1. मूरित - सूरित
2. सावन - आवन
3. उमड़ - घुमड़
4. नागर - नगर
5. नंदलाल - गोपाल
In simple words: समान ध्वनि वाले शब्द वे होते हैं जिनका अंत एक जैसी आवाज़ पर होता है, जैसे 'सावन' और 'आवन' सुनने में एक जैसे लगते हैं।
Exam Tip: तुकबंदी वाले शब्दों की पहचान के लिए शब्द के अंतिम वर्ण और उस पर लगी मात्रा की ध्वनि पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
NCERT Solutions Class 7 Hindi Malhar Chapter 10 मीरा के पद (पद)
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