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Detailed Veena Chapter 12 गंगा की कहानी NCERT Solutions for Class 5 Hindi
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Class 5 Hindi Veena Chapter 12 गंगा की कहानी NCERT Solutions PDF
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बातचीत के लिए
Question 1. आपकी छुट्टीयाँ कब-कब होती हैं? आप छुट्टीयों में कहाँ-कहाँ जाते हैं?
Answer: मेरी स्कूल की छुट्टियाँ मुख्यतः गर्मी के मौसम, दीपावली और क्रिसमस के त्योहारों पर होती हैं। इन अवकाश के दिनों में मैं प्रायः अपने नाना-नानी से मिलने उनके गाँव चला जाता हूँ। इसके अतिरिक्त, कभी-कभी हम सब पर्वतीय स्थलों की सैर करने या अपने नगर के निकट स्थित पुराने ऐतिहासिक स्थलों को देखने भी जाते हैं।
In simple words: मुझे गर्मी, दिवाली और क्रिसमस में छुट्टियाँ मिलती हैं। मैं इन छुट्टियों में गाँव जाता हूँ या कहीं घूमने जाता हूँ।
Exam Tip: इस तरह के व्यक्तिगत प्रश्नों के उत्तर में अपनी पसंद के स्थान और त्योहारों के नाम साफ-साफ लिखें।
Question 2. अजंता और एलोरा की गुफ़ाओं के भीतर दीवारों पर अत्यंत सुंदर चित्र बने थे। आपके घर और घर के आस-पास कौन-कौन से चित्र बने या लगे हैं?
Answer: हमारे घर के कमरों की दीवारों पर कैलेंडर और सुंदर पेंटिंग्स टंगी हैं, जिनमें सुंदर प्राकृतिक दृश्य, विभिन्न देवी-देवताओं और नन्हे बच्चों के मनमोहक चित्र दिखाई देते हैं। हमारे पड़ोस की बाहरी दीवारों पर बच्चों द्वारा बनाई गई चित्रकारी, प्रचार-प्रसार के विज्ञापन पत्र और त्योहारों के अवसर पर फर्श तथा द्वारों के निकट रंगोली के आकर्षक चित्र बने होते हैं।
In simple words: मेरे घर में कैलेंडर और भगवान के चित्र हैं। बाहर दीवारों पर रंगोली, विज्ञापन और बच्चों के चित्र दिखते हैं।
Exam Tip: उत्तर लिखते समय अपने घर और आस-पास दिखने वाले अलग-अलग चित्रों के नाम अवश्य लिखें।
Question 3. आपके घर में कौन-कौन और कहाँ-कहाँ चित्रकारी करते हैं? (जैसे - कागज पर, धरती पर, दीवारों पर, मिट्टी की वस्तुओं पर, कपड़ों पर आदि।)
Answer: मेरे घर में मेरी अनुज (छोटी बहन) अपनी ड्राइंग बुक और स्लेट पर नए-नए चित्र उकेरती है। मेरी माताजी वस्त्रों पर सुई-धागे से सुंदर कढ़ाई का काम करती हैं, जो वास्तव में कला का एक सुंदर रूप है। दीपावली के पावन पर्व पर मेरे पिताजी घर की भीतों (दीवारों) को रंगने का कार्य करते हैं। मैं स्वयं भी अपनी अभ्यास-पुस्तिका, श्वेत कागज तथा कभी-कभार आंगन की भूमि पर भी विविध आकृतियाँ बनाता रहता हूँ।
In simple words: मेरी बहन कागज पर, माँ कपड़ों पर कढ़ाई से, पापा त्योहार पर दीवारों पर और मैं कॉपी तथा जमीन पर चित्र बनाता हूँ।
Exam Tip: इस प्रश्न का उत्तर देते समय घर के सदस्यों के कार्यों को बिंदुओं में स्पष्ट करें।
Question 4. गुफ़ाओं के चित्र देखते ही निशा के मुँह से ‘वाह!’ क्यों निकला? आपके मुँह से कब-कब ‘वाह!’ निकलता है?
Answer: अजंता की गुफाओं के भीतर बने चित्रों की अपूर्व सुंदरता और उनकी जीवंतता को देखकर निशा चकित रह गई, वे चित्र इतने वास्तविक लग रहे थे मानो अभी कुछ बोल पड़ेंगे; इसी कारण अचानक उसके मुख से 'वाह!' शब्द निकल पड़ा। व्यक्तिगत रूप से मेरे मुख से भी प्रशंसा सूचक 'वाह!' तब निकलता है जब मैं गगन में सतरंगी इंद्रधनुष देखता हूँ, कोई विस्मयकारी जादू का प्रदर्शन देखता हूँ अथवा किसी कलाकार की असाधारण पेंटिंग को निहारता हूँ।
In simple words: निशा को गुफाओं के चित्र बहुत सुंदर और असली जैसे लगे, इसलिए उसने 'वाह!' कहा। हम भी अच्छी चीज़ें देखकर ऐसा कहते हैं।
Exam Tip: उत्तर में 'सजीव चित्र' और अपनी किसी विस्मयकारी घटना का उल्लेख अवश्य करें।
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पाठ से
Question 1. निशा, अजंता और एलोरा जाने के लिए क्यों उत्साहित थी?
(a) वह पहली बार हवाई यात्रा करने वाली थी।
(b) उसने इन गुफ़ाओं के बारे में पुस्तकों में पढ़ा था।
(c) उसे मौसी जी से एक नया खिलौना मिलने वाला था।
(d) उसने अजंता और एलोरा के बारे में मित्रों से सुना था।
Answer: (b) उसने इन गुफ़ाओं के बारे में पुस्तकों में पढ़ा था।
In simple words: निशा ने किताबों में अजंता-एलोरा के बारे में पढ़ा था, इसलिए वह वहाँ जाने के लिए बहुत उत्सुक थी।
Exam Tip: सही विकल्प चुनते समय पाठ की मुख्य घटना को ध्यान में रखें।
Question 2. निशा को अजंता और एलोरा देखकर कैसा लगा?
(a) उसे निराशा हुई।
(b) उसे आश्चर्य हुआ।
(c) उसे दुख हुआ।
(d) वह उदास हो गई।
Answer: (b) उसे आश्चर्य हुआ।
In simple words: गुफाओं की कला और सुंदरता को देखकर निशा दंग रह गई और उसे बहुत अचंभा हुआ।
Exam Tip: निशा के मनोभावों को समझने के लिए पाठ के संवादों को ध्यान से पढ़ें।
Question 3. अजंता की गुफ़ाओं में बने रंग इतने वर्षों बाद भी क्यों फीके नहीं पड़े थे?
(a) वे विशेष प्रकार के कागज पर बनाए गए थे।
(b) चित्रों में प्रति वर्ष फिर से नया रंग भरा जाता था।
(c) रंग, फूलों जैसी प्राकृतिक सामग्रियों से बनाए गए थे।
(d) वे सभी गुफाएँ बहुत ठंडे स्थान पर स्थित थीं।
Answer: (c) रंग, फूलों जैसी प्राकृतिक सामग्रियों से बनाए गए थे।
In simple words: चित्रों में प्राकृतिक रंगों (जैसे पत्तों और फूलों) का इस्तेमाल हुआ था, इसलिए वे रंग हमेशा चमकते रहे।
Exam Tip: इस वैज्ञानिक और ऐतिहासिक तथ्य को अच्छी तरह याद रखें कि प्राकृतिक रंग लंबे समय तक बने रहते हैं।
Question 4. यात्रा से लौटने के बाद भी निशा को वे कलाकृतियाँ बार-बार क्यों याद आ रही थीं?
(a) उसने अपनी पाठ्य पुस्तक में उनके बारे में पढ़ा था।
(b) मौसी जी ने वादा किया था कि वे फिर वहाँ जाएँगे।
(c) यात्रा बहुत लंबी थी इसलिए उसे याद आ रही थी।
(d) गुफ़ाओं की सभी कलाकृतियाँ बहुत आकर्षक थीं।
Answer: (d) गुफ़ाओं की सभी कलाकृतियाँ बहुत आकर्षक थीं।
In simple words: गुफाओं के चित्र इतने लाजवाब और सुंदर थे कि वे निशा के मन में बस गए थे।
Exam Tip: कलाकृतियों के प्रभाव को दर्शाने वाले विकल्पों को ध्यान से पहचानें।
समूह चर्चा (उत्तर के कारणों पर विचार)
Question 1. निशा, अजंता और एलोरा जाने के लिए क्यों उत्साहित थी?
Answer: हमारे समूह के सदस्य राज ने विकल्प (ख) का चयन किया, जिसका अर्थ है कि उसने गुफाओं के विषय में पहले पुस्तकों में पढ़ा था। इसका मुख्य कारण यह है कि कहानी के आरंभ में ही स्पष्ट लिखा है कि निशा किताबों में अजंता के बारे में पढ़कर वहाँ जाने के लिए बहुत उत्सुक थी।
In simple words: किताबों में पढ़कर ही निशा के मन में अजंता देखने की इच्छा जागी थी।
Exam Tip: चर्चा वाले प्रश्नों में पात्रों के तर्क को स्पष्ट रूप से लिखना चाहिए।
Question 2. निशा को अजंता और एलोरा देखकर कैसा लगा?
Answer: प्रिया और सोनम ने सही विकल्प (ख) को चुना, जिससे पता चलता है कि उसे बहुत विस्मय हुआ था। पाठ में प्रयुक्त 'वाह!' जैसे विस्मयादिबोधक शब्द और सुंदर चित्रों की प्रशंसा से स्पष्ट है कि निशा बहुत प्रसन्न और चकित थी। उसे किसी प्रकार की निराशा या कष्ट नहीं हुआ।
In simple words: निशा के 'वाह' कहने से पता चलता है कि वह चित्रों को देखकर बहुत खुश और हैरान थी।
Exam Tip: पात्र के शब्दों के भावों से उसके मानसिक स्तर को समझना आसान होता है।
Question 3. अजंता की गुफाओं में बने रंग इतने वर्षों बाद भी क्यों फीके नहीं पड़े थे?
Answer: अमन ने विकल्प (ग) का चयन किया कि रंग प्राकृतिक सामग्रियों से बने थे। इसका कारण यह है कि पाठ में मौसी जी ने विस्तार से समझाया है कि प्राचीन काल में चित्रकार पत्तियों, औषधियों और विभिन्न प्रकार के फूलों से रंग तैयार करते थे, जिसके कारण उनकी चमक सदियों बाद भी बनी रही।
In simple words: प्राचीन समय में पत्तों और फूलों से बने प्राकृतिक रंगों का उपयोग किया जाता था जो कभी खराब नहीं होते।
Exam Tip: उत्तर में 'प्राकृतिक स्रोतों' जैसे पेड़-पौधों और फूलों का उल्लेख अवश्य करें।
Question 4. यात्रा से लौटने के बाद भी निशा को वे कलाकृतियाँ बार-बार क्यों याद आ रही थीं?
Answer: हमारे समूह के सभी विद्यार्थियों ने सर्वसम्मति से विकल्प (घ) चुना कि गुफाओं की कलाकृतियाँ अत्यंत आकर्षक थीं। इसका मूल कारण यह है कि जब हम किसी बेहद सुंदर और अनूठी वस्तु को देखते हैं, तो वह स्मृति पटल पर अमिट छाप छोड़ जाती है। निशा का मन भी उन बेजोड़ कलाकृतियों में खोया हुआ था।
In simple words: बहुत ही सुंदर चीज़ें हमारे मन से आसानी से नहीं निकलतीं, इसलिए निशा उन्हें याद कर रही थी।
Exam Tip: कला की संवेदनशीलता और मन पर उसके प्रभाव को स्पष्ट करने से पूरे अंक मिलते हैं।
चर्चा का निष्कर्ष
चर्चा का मुख्य परिणाम यह रहा कि हमारे समूह के सभी साथियों ने पाठ की घटनाओं और प्रमाणों के आधार पर ही उत्तरों का चयन किया। प्रत्येक सदस्य ने अपने-अपने तर्कों को साझा किया जिससे सभी में आपसी सहमति बनी। इस सामूहिक विमर्श से हमें अध्याय को गहराई से समझने की प्रेरणा मिली।
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सोचिए और लिखिए
नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए -
Question 1. अजंता में निशा ने क्या-क्या देखा?
Answer: अजंता पहुँचकर निशा ने एक अत्यंत मनभावन प्राकृतिक वातावरण देखा, जिसमें बहती हुई एक छोटी सरिता (नदी) और उसमें स्थित बड़े-बड़े पत्थर के टुकड़े (शिलाखंड) दिखाई दे रहे थे। उसने पर्वत श्रृंखला को काटकर बनाई गई कुल 29 गुफाएँ देखीं। इन गुफाओं के भीतर की भीतों पर महात्मा बुद्ध के जीवन प्रसंगों, विविध वनस्पतियों तथा पशु-पक्षियों के अत्यंत कलात्मक और जीवंत चित्र अंकित थे। इसके अलावा, उसने पहाड़ी के नीचे बने एक जलकुंड और तराई क्षेत्र में खिले रंग-बिरंगे पुष्पों की छटा का भी अवलोकन किया।
In simple words: निशा ने अजंता में बहती नदी, 29 गुफाएँ, बुद्ध के जीवन और प्रकृति के सुंदर चित्र, एक कुंड और प्यारे फूल देखे।
Exam Tip: उत्तर में अजंता की प्राकृतिक सुंदरता और मुख्य चित्रों का बिंदुवार वर्णन करें।
Question 2. कैलाश मंदिर के बारे में आपको कौन-सी बात सबसे अधिक आश्चर्यजनक लगी?
Answer: कैलाश मंदिर के संदर्भ में सर्वाधिक विस्मयकारी तथ्य यह है कि इस भव्य और विशाल देवालय का निर्माण किसी साधारण भवन की तरह जोड़-जोड़कर नहीं किया गया, बल्कि एक विशालकाय पर्वत को ऊपर से नीचे की तरफ तराशते हुए बनाया गया है। संपूर्ण मंदिर केवल एक ही विशाल प्रस्तर खंड (चट्टान) को काटकर रूप दिया गया है।
In simple words: कैलाश मंदिर एक बहुत ऊँचे पहाड़ की एक ही बड़ी चट्टान को ऊपर से नीचे काटकर बनाया गया है, जो बहुत अनोखा है।
Exam Tip: 'एक ही चट्टान' और 'ऊपर से नीचे काटकर निर्माण' जैसे मुख्य वाक्यांशों का प्रयोग अवश्य करें।
Question 3. मौसी जी ने छोटी और बड़ी गुफा के बारे में क्या बताया?
Answer: मौसी जी ने निशा को जानकारी दी कि वहाँ की कुछ गुफाएँ विशाल आकार की और बहुत अधिक लंबी-चौड़ी हैं, जबकि कुछ अन्य गुफाएँ अपेक्षाकृत लघु (छोटी) रूप की हैं। उन्होंने सबसे विस्मयकारी बात यह बताई कि आकार चाहे जो भी हो, इन सभी गुफाओं का निर्माण पर्वत श्रेणियों को काटकर ही प्राचीन शिल्पकारों द्वारा किया गया था।
In simple words: मौसी जी ने बताया कि कुछ गुफाएँ बड़ी और कुछ छोटी हैं, लेकिन सभी को ठोस पहाड़ों को काटकर ही बनाया गया है।
Exam Tip: गुफाओं के आकार के अंतर और उनकी निर्माण तकनीक (पहाड़ों को काटना) दोनों बिंदुओं को स्पष्ट करें।
Question 4. क्या कारण है कि अजंता की गुफ़ाओं का मुहँ पूर्व दिशा में बनाया गया है?
Answer: अजंता की इन ऐतिहासिक गुफाओं के द्वार पूर्व दिशा की ओर अभिमुख करने का मुख्य वैज्ञानिक कारण यह है कि प्रातःकाल की बेला में उदित होते सूर्य की स्वर्णिम किरणें सीधे गुफा के आंतरिक भाग तक पहुँच सकें। इससे गुफा के भीतर बने चमत्कारी और सुंदर चित्रों पर प्राकृतिक प्रकाश पड़ता है और वे स्पष्ट दिखाई देते हैं।
In simple words: गुफाओं का मुँह पूर्व में होने से सुबह की धूप सीधे अंदर जाती है जिससे वहाँ बने चित्र चमक उठते हैं।
Exam Tip: उत्तर में सूर्य की किरणों के सीधे प्रवेश और चित्रों पर प्रकाश पड़ने के संबंध को स्पष्ट करें।
Question 5. अजंता और एलोरा तक पहुँचने के लिए यातायात के कौन-कौन से साधनों का प्रयोग कर सकते हैं?
Answer: अजंता-एलोरा की यात्रा के लिए सबसे पहले हम लौहपथगामिनी (रेलगाड़ी) की सहायता से छत्रपति संभाजीनगर स्टेशन तक पहुँच सकते हैं। इसके पश्चात, वहाँ से स्थानीय स्तर पर चलने वाली सार्वजनिक बसों अथवा निजी टैक्सी वाहनों का उपयोग करके इन विश्वप्रसिद्ध गुफाओं तक सुगमता से पहुँचा जा सकता है।
In simple words: हम ट्रेन से छत्रपति संभाजीनगर जा सकते हैं और वहाँ से बस या टैक्सी लेकर गुफाओं तक पहुँच सकते हैं।
Exam Tip: यातायात के दोनों चरणों (मुख्य स्टेशन और वहाँ से स्थानीय साधन) को क्रमबद्ध तरीके से लिखें।
अनुमान एवं कल्पना
Question 1. यदि अजंता की दीवारों के चित्र बोल सकते तो वे हमें क्या कहानियाँ सुनाते?
Answer: यदि ये कलाकृतियाँ जीवित होकर बोलने में सक्षम होतीं, तो वे हमें भगवान बुद्ध के त्याग, सांसारिक सुखों को छोड़ने, गहन साधना करने और संपूर्ण मानवता को शांति का संदेश देने की गाथाएँ सुनातीं। वहाँ बने वन-उपवन के पशु-पक्षी तत्कालीन समय के सघन वनों और स्वच्छ पर्यावरण की दास्ताँ बयान करते। साथ ही, नारियों के सुंदर रेखाचित्र हमें उस प्राचीन काल की वेशभूषा, आभूषणों की शैली और आनंदपूर्वक मनाए जाने वाले सांस्कृतिक पर्वों की कहानियाँ सुनाते।
In simple words: अगर चित्र बोलते तो वे महात्मा बुद्ध के जीवन, पुराने जंगलों की बातें और उस समय के पहनावे तथा त्योहारों की कहानियाँ सुनाते।
Exam Tip: उत्तर को तीन भागों में बाँटें: बुद्ध का जीवन, प्रकृति/पशु-पक्षी, और प्राचीन जीवनशैली।
Question 2. मान लीजिए कि आप हजारों वर्ष पहले के संसार में चले गए हैं और आपको अजंता की गुफ़ाओं में एक नया चित्र बनाने का अवसर मिला है। आप क्या बनाएंगे और क्यों?
Answer: यदि मुझे सुदूर भूतकाल में जाकर अजंता की दीवारों पर अपनी कूची से नया चित्र उकेरने का सौभाग्य मिले, तो मैं वर्तमान आधुनिक युग की झांकी प्रस्तुत करूँगा। उस चित्र में विद्यालय जाते हुए नन्हे बालकों, संगणक (कंप्यूटर) एवं चल-दूरभाष (मोबाइल) पर व्यस्त आधुनिक मनुष्यों तथा चमचमाती चौड़ी सड़कों पर दौड़ते वाहनों को प्रदर्शित करूँगा। मेरी इस चित्रकारी का मुख्य उद्देश्य यह होगा कि आने वाली भावी पीढ़ियाँ हमारे समय के तकनीकी विकास और जीवनशैली को ठीक उसी प्रकार समझ सकें, जैसे आज हम प्राचीन काल के रहन-सहन को चित्रों के माध्यम से समझते हैं।
In simple words: मैं आज के जमाने के मोबाइल, कंप्यूटर और स्कूल जाते बच्चों का चित्र बनाऊँगा, ताकि भविष्य के लोग देख सकें कि हम कैसे जीते थे।
Exam Tip: रचनात्मक प्रश्नों में अपने निजी विचारों को तार्किक कारणों के साथ प्रस्तुत करना चाहिए।
भाषा की बात
Question 1. पाठ में से कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। इन्हें उनके मिलते-जुलते अर्थों के साथ रेखाएँ खींचकर मिलाइए -
Answer:
| शब्द | अर्थ (सही मिलान) |
|---|---|
| शिलाखंड | चट्टान, पत्थर |
| गुफा | कंदरा, गुहा |
| कुंड | तालाब, जलाशय |
| भिक्षु | संन्यासी, याचक |
Exam Tip: शब्दार्थ के मिलान वाले प्रश्नों में शब्दों के पर्यायवाची रूपों को याद रखना अत्यंत सहायक होता है.
Question 2. “निशा और मौसी ने स्टेशन पर ही विश्रामगृह में रात बिताई।”
यहाँ ‘विश्रामगृह’ शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है - ‘विश्राम’ और ‘गृह’। विश्राम का अर्थ है - आराम। गृह का अर्थ है - घर। अतः विश्रामगृह का अर्थ हुआ - आराम करने का घर या स्थान।
पाठ में से ऐसे ही दो शब्दों के मेल से बने अन्य शब्दों को खोजकर उनके अर्थ लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
Answer: दो सार्थक शब्दों के योग से बनने वाले कुछ अन्य यौगिक शब्द और उनके विस्तृत अर्थ इस प्रकार हैं:
1. शिला + खंड = शिलाखंड (अर्थात पाषाण या पत्थर का एक बड़ा हिस्सा या टुकड़ा)
2. कला + कृतियाँ = कलाकृतियाँ (अर्थात कलात्मक ढंग से निर्मित सुंदर रचनाएँ या वस्तुएँ)
3. पाठ्य + पुस्तक = पाठ्यपुस्तक (अर्थात अध्ययन या पाठन के काम आने वाली पुस्तक)
4. रेल + गाड़ी = रेलगाड़ी (अर्थात लोहे के पथ या पटरी पर दौड़ने वाला वाहन)
In simple words: जब दो अलग-अलग शब्द मिलकर एक नया शब्द बनाते हैं, तो उसे यौगिक शब्द कहते हैं, जैसे पत्थर का टुकड़ा यानी शिलाखंड।
Exam Tip: संधि या यौगिक शब्दों का विच्छेद करते समय ध्यान रखें कि दोनों खंडों का अपना स्वतंत्र अर्थ होना चाहिए।
Question 3. निशा ने आश्चर्यचकित होकर कहा - “दो हजार वर्ष! पर आज भी इनके रंग ज्यों के त्यों कैसे हैं?” ‘ज्यों का त्यों’ का अर्थ है - कोई परिवर्तन न होना। इसी प्रकार के कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। इनका प्रयोग करते हुए अपनी लेखन-पुस्तिका में वाक्य लिखिए -
Answer: दिए गए मुहावरेदार शब्दों और वाक्यांशों का सार्थक वाक्य प्रयोग निम्नलिखित है:
1. ज्यों का त्यों: भयंकर चक्रवात आने के पश्चात भी उस पुरानी हवेली का ढांचा ज्यों का त्यों खड़ा रहा।
2. जैसे का तैसा: जब मोहन ने सोहन से रूखा व्यवहार किया, तो सोहन ने भी उसे जैसे का तैसा उत्तर दे दिया।
3. बिल्कुल वैसा ही: यह खिलौना कार बिल्कुल वैसी ही दिखाई देती है, जैसी मैंने विज्ञापन में देखी थी।
4. वैसा का वैसा: मित्र ने मेरी खोई हुई घड़ी खोजकर उसे वैसी की वैसी अवस्था में मुझे वापस कर दिया।
5. जैसे थे वैसे ही: समय बीतने के बाद भी उनके उच्च आदर्श आज भी जैसे थे वैसे ही बने हुए हैं।
6. वास्तविक रूप में: यदि हमें किसी के चरित्र का आकलन करना है, तो हमें उसे उसके वास्तविक रूप में समझना होगा।
In simple words: यहाँ कुछ खास मुहावरों और शब्दों का प्रयोग करके वाक्य बनाए गए हैं जो उनके अर्थ को स्पष्ट करते हैं।
Exam Tip: वाक्य प्रयोग करते समय वाक्य का अर्थ स्पष्ट और व्याकरण सम्मत होना चाहिए ताकि पूर्ण अंक मिल सकें।
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Question 4. “ऐसे सजीव चित्र थे कि लगता था अभी बोल पड़ेंगे।”
“इन मूर्तियों की कारीगरी देखते ही बनती थी।” रेखांकित अंशों को ध्यान में रखते हुए अब नीचे दिए गए वाक्यांशों से वाक्य बनाइए -
(i) दंग रह जाना
(ii) ऐसा जैसे सपना हो
(iii) प्रशंसा के योग्य होना
(iv) आँखें न हटा पाना
(v) दिल को छू जाना
(vi) कल्पना से परे होना
(vii) मन मोह लेना
(viii) दृश्य भूल न पाना
(ix) दृष्टि थम जाना
Answer:
(i) दंग रह जाना: सर्कस के कलाकार के जोखिम भरे कारनामों को देखकर सभी दर्शक दंग रह गए।
(ii) ऐसा जैसे सपना हो: कश्मीर के बर्फीले पर्वतों की अनुपम छटा देखकर मन को लगा जैसे सब कुछ एक सुंदर सपना हो।
(iii) प्रशंसा के योग्य होना: परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने के लिए छात्र का अथक प्रयास सचमुच प्रशंसा के योग्य है।
(iv) आँखें न हटा पाना: मयूर को पंख फैलाकर नाचते हुए देखकर राहगीर अपनी आँखें हटा नहीं पा रहे थे।
(v) दिल को छू जाना: उस भूखे बालक की कृतज्ञता भरी मुस्कान हर किसी के दिल को छू गई।
(vi) कल्पना से परे होना: अंतरिक्ष के अनंत विस्तार के रहस्यों को समझना मानवीय कल्पना से परे प्रतीत होता है।
(vii) मन मोह लेना: वसंत ऋतु में वाटिका में खिले रंगीन फूलों ने सभी पर्यटकों का मन मोह लिया।
(viii) दृश्य भूल न पाना: केदारनाथ की पहाड़ियों के पीछे डूबते सूर्य के उस पावन दृश्य को मैं कभी भूल नहीं पाया।
(ix) दृष्टि थम जाना: विशाल राजमहल की बेजोड़ शिल्पकारी को देखते ही पर्यटकों की दृष्टि वहीं थम गई।
In simple words: मन के सुंदर भावों को व्यक्त करने के लिए इन विशेष वाक्यांशों से नए और रोचक वाक्य बनाए गए हैं।
Exam Tip: मुहावरों और वाक्यांशों के वाक्यों में संज्ञा और क्रिया का तालमेल बिल्कुल सही होना चाहिए।
Question 5. नीचे एक वर्ग पहेली दी गई है। इस वर्ग पहेली में कुछ विशेषण शब्द छिपे हुए हैं। शब्दों को खोजिए और उन शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए -
Answer: वर्ग पहेली से खोजे गए विशेषण शब्दों का वाक्य प्रयोग इस प्रकार है:
1. मनोरम: प्रात:काल के समय पहाड़ी वादियों का मनोरम दृश्य सैलानियों का मन हर्षित कर देता है।
2. प्रसिद्ध: भारत का कोणार्क सूर्य मंदिर अपनी अनूठी वास्तुकला के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।
3. बेजोड़: तंजौर की चित्रकारी अपनी बारीक नक्काशी और स्वर्ण कला के कारण सचमुच बेजोड़ है।
4. बड़ी: हमारे सामने आई यह बाधा उतनी बड़ी नहीं है कि हम इसका सामना न कर सकें।
5. छोटी: एक छोटी-सी जल की बूंद भी प्यासे पक्षी के प्राणों की रक्षा कर सकती है।
6. अद्भुत: सर्कस के नन्हे बालकों द्वारा दिखाए गए करतब सचमुच अद्भुत थे।
7. सुंदर: हमारी पाठशाला के मुख्य प्रांगण में रंग-बिरंगे गुलाब के अत्यंत सुंदर पौधे लगे हैं।
8. विशाल: समुद्र की विशाल लहरें देखकर तटीय इलाकों के लोग विस्मित रह गए।
9. कठिन: दृढ़ संकल्प और निरंतर अभ्यास से कोई भी कठिन कार्य सरल बन जाता है।
10. सजीव: चित्रकार की कूची ने कैनवास पर बहते झरने का ऐसा सजीव रूप उकेरा कि पानी की ध्वनि महसूस होने लगी।
11. रंगबिरंगा: दीपावली के शुभ अवसर पर पूरा बाज़ार रंगबिरंगे दीपकों और विद्युत मालाओं से सज जाता है।
In simple words: वर्ग पहेली से चुने गए विशेषण शब्दों का प्रयोग करके आसान और स्पष्ट वाक्य बनाए गए हैं जो उनके अर्थ को समझाते हैं।
Exam Tip: विशेषण वे शब्द होते हैं जो किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं। वाक्य में इनकी भूमिका को स्पष्ट रखना चाहिए।
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चित्र का वर्णन
Question. आपने पाठ में अजंता के चित्रों का सुन्दर वर्णन पढ़ा। नीचे अजंता का एक प्रसिद्ध चित्र दिया गया हैं। इसका वर्णन अपने शब्दों में लेखन-पुस्तिका में कीजिये -
Answer: अजंता की ऐतिहासिक गुफाओं की कला दीर्घा में स्थित यह चित्र भगवान बुद्ध की एक अत्यंत अलौकिक और मनमोहिनी मूर्ति का प्रतिनिधित्व करता है:
1. बैठने की विशिष्ट मुद्रा: इस दिव्य मूर्ति में तथागत बुद्ध एक नक्काशीदार आसन पर पद्मासन की एकाग्र मुद्रा में आसीन हैं। उनके दोनों चरण एक-दूसरे के ऊपर स्थित हैं तथा रीढ़ की हड्डी पूर्णतः सीधी व तनी हुई है, जो परम योग साधना, mental calmness और गंभीर ध्यान की सर्वोच्च अवस्था को प्रदर्शित करती है।
2. मुखाकृति एवं अंतर्भाव: भगवान बुद्ध का चेहरा अत्यंत प्रशांत, सौम्य और गंभीर भावों से युक्त है। उनकी दोनों आँखें अर्ध-निमीलित (आधी खुली और आधी बंद) हैं, जिससे प्रतीत होता है कि वे अंतर्मन के गहरे ध्यान में लीन हैं। उनके ओठों पर एक अत्यंत मृदु और सौम्य मुस्कान तैर रही है, जो दर्शकों के अशांत मन को भी तत्काल असीम शांति से भर देती है। उनके केश सघन घुंघराले हैं जो शीर्ष पर एक कलात्मक जूड़े के रूप में बंधे हुए हैं।
3. परिधान एवं आभूषण: उनके शरीर पर एक सादगीपूर्ण उत्तरीय (वस्त्र) है, जो उनके बाएँ कंधे से अत्यंत कलात्मक ढंग से नीचे की ओर लटकता हुआ लपेटा गया है। पत्थर पर इस परिधान की नक्काशी इतनी सूक्ष्मता से की गई है कि वह वास्तविक महीन धागों से निर्मित वस्त्र की भाँति दिखाई पड़ता है। मूर्ति पर किसी भी तरह के विलासी या चमकीले आभूषण नहीं उकेरे गए हैं, जो बुद्ध के सात्विक, वैरागी और संन्यासी जीवन के सादेपन की गवाही देते हैं।
4. बेजोड़ शिल्प सौंदर्य: पाषाण खंड को इतनी सूक्ष्मता और दक्षता से तराशा गया है कि मानव शरीर की शारीरिक सुघड़ता, कोमल मांसपेशियाँ और वस्त्रों पर पड़ने वाली लहरदार सिलवटें पूर्ण रूप से वास्तविक एवं जीवंत प्रतीत होती हैं। इस शिल्प की सजीवता को देखकर दर्शक को आभास होता है कि यह पाषाण प्रतिमा अभी चैतन्य होकर कुछ बोल पड़ेगी।
5. कुल प्रभाव: इस दिव्य प्रतिमा का दर्शन करते ही हृदय में आदर, श्रद्धा और अपूर्व शांति की पवित्र भावना जाग्रत होती है। यह उत्कृष्ट कलाकृति प्राचीन भारतीय शिल्पकारों की अद्वितीय वास्तुकला और उनके अद्भुत कौशल का एक अनुपम तथा कालजयी उदाहरण है।
In simple words: यह अजंता की गुफा में बनी बुद्ध जी की ध्यान वाली मूर्ति है। उनके चेहरे पर शांति और सादगी है, और पत्थर को बहुत सुंदर तरीके से तराशा गया है।
Exam Tip: चित्र वर्णन में मुख्य बिंदुओं जैसे बैठने की मुद्रा, चेहरे के भाव, वस्त्र और शिल्प कला को अलग-अलग शीर्षकों में लिखना अच्छे अंक दिलाता है।
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मानचित्र
Question 1. नदी का क्या नाम है?
Answer: अजंता की पहाड़ियों के निकट बहने वाली इस प्राकृतिक नदी का नाम 'वाघोरा नदी' है।
In simple words: गुफाओं के पास बहने वाली नदी का नाम वाघोरा नदी है।
Exam Tip: भौगोलिक नामों को बिना किसी वर्तनी (spelling) की त्रुटि के शुद्ध रूप में लिखें।
Question 2. कुल कितनी गुफाएँ दिखाई गई हैं?
Answer: दिए गए इस ऐतिहासिक मानचित्र में कुल 30 गुफाओं की अवस्थिति को दर्शाया गया है, जिनकी क्रम संख्या 1 से लेकर 30 तक अंकित है।
In simple words: इस नक्शे में कुल 30 गुफाएँ दिखाई दे रही हैं।
Exam Tip: मानचित्र आधारित प्रश्नों में संख्याओं को स्पष्टता से संकेत करना चाहिए।
Question 3. चारों दिशाओं में से कौन-सी दिशा का संकेत दिया गया हैं?
Answer: इस रेखाचित्र या मानचित्र के ऊपरी भाग में तीर के विशेष चिह्न द्वारा केवल 'उत्तर दिशा' (North) की ओर संकेत किया गया है।
In simple words: नक्शे में तीर के निशान से उत्तर दिशा को दिखाया गया है।
Exam Tip: मानचित्रों में दिशा सूचक तीर प्रायः उत्तर दिशा (N) को दर्शाता है, इस बात का ध्यान रखें।
Question 4. “आप यहाँ हैं” से क्या आशय है?
Answer: इस संकेतक 'आप यहाँ हैं' (You are here) का मुख्य अर्थ उस निश्चित प्रवेश बिंदु अथवा स्थान से है, जहाँ वर्तमान समय में कोई भी दर्शक या सैलानी खड़ा होकर पूरे क्षेत्र की गुफाओं का अवलोकन कर रहा होता है। यह मानचित्र पर पर्यटक की तात्कालिक वास्तविक स्थिति को रेखांकित करता है।
In simple words: इस निशान का मतलब है कि देखने वाला व्यक्ति अभी इसी जगह पर खड़ा है।
Exam Tip: मानचित्र के प्रतीकों और उनके व्यावहारिक उपयोग को सरल शब्दों में स्पष्ट करें।
Question 5. कुंड का क्या नाम हैं?
Answer: मानचित्र में दर्शित इस प्रसिद्ध जलकुंड का नाम 'विश्राम कुंड' अंकित है।
In simple words: मानचित्र में बने इस कुंड का नाम विश्राम कुंड है।
Exam Tip: ऐतिहासिक स्थलों के नामों को हमेशा शुद्ध हिंदी देवनागरी लिपि में लिखें।
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आइए मापें
लंबाई मापने के फीते की सहायता से अपने समूह के साथ मिलकर कक्षा में इन्हें मापिए और लिखिए -
Question 1. कक्षा की लंबाई
Answer: हमारी कक्षा की कुल लंबाई लगभग 8 मीटर है।
In simple words: कक्षा की लंबाई 8 मीटर मापी गई है।
Exam Tip: मापन वाले प्रश्नों में इकाई (जैसे मीटर या सेंटीमीटर) लिखना कभी न भूलें।
Question 2. कक्षा की चौड़ाई
Answer: हमारी कक्षा की कुल चौड़ाई लगभग 6 मीटर पाई गई है।
In simple words: कक्षा की चौड़ाई 6 मीटर है।
Exam Tip: लंबाई और चौड़ाई के मापन में मीटर पैमाने का सही प्रयोग करें।
Question 3. दरवाजे की चौड़ाई
Answer: कक्षा के मुख्य प्रवेश द्वार (दरवाजे) की चौड़ाई लगभग 1.0 मीटर है।
In simple words: दरवाजा 1 मीटर चौड़ा है।
Exam Tip: दरवाज़ों जैसी छोटी चीज़ों को मापने के लिए दशमलव का सही प्रयोग करें।
Question 4. खिड़की की चौड़ाई
Answer: हवादार खिड़की के फ्रेम की कुल चौड़ाई का माप 1.5 मीटर दर्ज किया गया है।
In simple words: खिड़की की चौड़ाई डेढ़ (1.5) मीटर है।
Exam Tip: मापन के उपकरणों का सावधानीपूर्वक पाठ्यांक (reading) लेना आवश्यक है।
Question 5. श्यामपट्ट की लंबाई-चौड़ाई
Answer: कक्षा के श्यामपट्ट (ब्लैकबोर्ड) का माप लेने पर उसकी कुल लंबाई 2.5 मीटर तथा उसकी कुल चौड़ाई 1.0 मीटर प्राप्त हुई है।
In simple words: बोर्ड की लंबाई ढाई मीटर और चौड़ाई एक मीटर है।
Exam Tip: श्यामपट्ट जैसे आयताकार उपकरणों के लिए लंबाई और चौड़ाई दोनों को स्पष्ट अलग-अलग लिखें।
रंगों का संसार
आपने पाठ में पढ़ा कि रंगों को प्राकृतिक वस्तुओं का उपयोग करके भी बनाया जा सकता है। आगे रंग बनाने की कुछ विधियाँ दी गई हैं। अपने अभिभावकों की सहायता से इनका प्रयोग करके आप भी प्राकृतिक रंग बनाइए -
प्राकृतिक रंग बनाने की विधियाँ:
- हरा रंग (Green):
- सामग्री: ताज़ा पालक के पत्ते, सूखी या गीली मेहंदी, पुदीना अथवा हरा धनिया और स्वच्छ जल।
- विधि: सबसे पहले पालक के पत्तों को पानी के साथ उबालकर छान लें और फिर उन्हें महीन पीस लें। इस मिश्रण को किसी महीन सूती कपड़े से छानने पर गाढ़ा और चमकीला हरा रंग मिल जाएगा। इसके अतिरिक्त पुदीने, धनिये और पालक की पत्तियों को धूप में सुखाकर बारीक पीसने पर हरा सूखा रंग (गुलाल) भी तैयार किया जा सकता है।
- पीला रंग (Yellow):
- सामग्री: शुद्ध पिसी हुई हल्दी का पाउडर और पर्याप्त पानी।
- विधि: एक कटोरी पानी में एक छोटी चम्मच हल्दी का चूर्ण मिलाएं और उसे अच्छी प्रकार से हिलाकर घोल लें। हल्दी के गुणकारी तत्वों से गहरा और मनभावन पीला रंग तैयार हो जाता है, जिसका उपयोग आसानी से चित्रकला के लिए किया जा सकता है।
- लाल रंग (Red):
- सामग्री: मध्यम आकार का चुकंदर और शुद्ध पानी।
- विधि: चुकंदर के छिलके निकालकर उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित कर लें और जल में डालकर अच्छी तरह उबाल लें। जब पानी पूरी तरह लाल हो जाए, तो इसे सामान्य तापमान पर ठंडा होने दें। फिर चुकंदर को पीसकर रस छान लें। इस गहरे लाल रंग के गाढ़े घोल को आवश्यकतानुसार जल मिलाकर चित्रकारी के रंग के रूप में प्रयुक्त कर सकते हैं।
- नीला रंग (Blue):
- सामग्री: वस्त्रों में प्रयुक्त होने वाला साधारण नील और स्वच्छ जल।
- विधि: मनमोहक नीला रंग बनाने के लिए नील की कुछ बूंदों अथवा पाउडर को पानी में डालकर अच्छी तरह मिला लें। कलाकृतियों में प्रयोग के लिए आपका प्राकृतिक नीला रंग बिल्कुल तैयार है।
- भूरा रंग (Brown):
- सामग्री: शुद्ध कॉफी पाउडर अथवा सूखी चाय की पत्तियाँ और गर्म पानी।
- विधि: थोड़े से गर्म पानी में आधा चम्मच कॉफी पाउडर या चाय की पत्तियों को डालकर अच्छी तरह उबालें। इसके बाद इस काढ़े को छानकर ठंडा कर लें। इससे एक अत्यंत सुंदर और गहरा भूरा रंग प्राप्त होता है।
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पुस्तकालय से
Question. इस पाठ में आपने अजंता-एलोरा के बारे में पढ़ा और उसके बारे में जाना। अब भारत के अन्य दर्शनीय स्थानों के बारे में अपने पुस्तकालय में खोजबीन कीजिए और उनके बारे में पढ़िए। साथ ही कक्षा में उनके बारे में चर्चा भी कीजिए।
Answer: हमारे देश भारत में ऐतिहासिक और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण अनेक दर्शनीय स्थल हैं, जिनमें से मुख्य निम्नलिखित हैं:
1. ताजमहल (आगरा): श्वेत संगमरमर से निर्मित यह अनुपम धरोहर वास्तुकला की दृष्टि से विश्व के सात आश्चर्यों में शामिल है। इसे मुगल सम्राट शाहजहाँ ने अपनी बेगम मुमताज़ महल की पुण्य स्मृति में बनवाया था।
2. लाल किला (दिल्ली): लाल बलुआ पत्थरों से निर्मित यह भारत का अत्यंत महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दुर्ग है। प्रतिवर्ष हमारे देश के प्रधानमंत्री स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर यहीं से राष्ट्रध्वज फहराते हैं और देशवासियों को संबोधित करते हैं।
3. कुतुब मीनार (दिल्ली): यह ईंटों की सहायता से बनाई गई संसार की सबसे ऊँची स्वतंत्र मीनार है। इसके प्रांगण में एक प्राचीन लौह स्तंभ भी स्थापित है, जिस पर सदियों से कभी जंग नहीं लगी है।
4. हवा महल (जयपुर): गुलाबी पत्थरों से निर्मित राजस्थान का यह सुंदर महल अपनी खिड़कियों और झरोखों की विशाल श्रृंखला के लिए प्रसिद्ध है। इसे 'पैलेस ऑफ विंड्स' के नाम से भी जाना जाता है।
5. केरल की बैकवाटर (केरल): नारियल के घने और सुंदर वृक्षों से घिरी शांत जलधाराएँ और नहरें सैलानियों को बहुत आकर्षित करती हैं। यहाँ हाउस बोट (तैरते घर) की सवारी का आनंद लिया जा सकता है।
6. विक्टोरिया मेमोरियल (कोलकाता): सफेद संगमरमर से बनी यह भव्य इमारत महारानी विक्टोरिया की स्मृति में निर्मित कराई गई थी। इसके चारों ओर सुंदर बगीचे और जलाशय इसके सौंदर्य को बढ़ाते हैं।
7. गोवा के समुद्र तट (गोवा): गोवा के सुरम्य रेतीले और विशाल समुद्र तट पर्यटकों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं, जहाँ देश-विदेश के लोग अपनी छुट्टियाँ मनाने और जल-क्रीड़ा का आनंद लेने आते हैं।
8. इंडिया गेट (दिल्ली): दिल्ली के हृदय स्थल में स्थित यह विशाल राष्ट्रीय स्मारक उन वीर सैनिकों की याद में निर्मित किया गया था, जिन्होंने देश की रक्षा हेतु अपने प्राणों का बलिदान दिया।
In simple words: भारत में ताजमहल, लाल किला, हवा महल जैसी कई ऐतिहासिक इमारतें और गोवा के सुंदर समुद्र तट हैं, जो हमारे देश के गौरव को बढ़ाते हैं।
Exam Tip: दर्शनीय स्थलों के उत्तर में उनके स्थान (शहर/राज्य) और उनकी मुख्य विशेषता को संक्षेप में लिखना पूरे अंक दिलाता है।
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धन्यवाद कार्ड
Question. निशा को उसकी मौसी ने अजंता और एलोरा की गुफ़ाई दिखाया। इस कारण निशा ने अपनी मौसी को धन्यवाद कार्ड लिखा। अब आप भी अपने किसी संबंधी को धन्यवाद कार्ड लिखिए -
Answer:
धन्यवाद पत्र (प्रारूप):
प्रिय मौसी जी,
सादर चरण स्पर्श।
यह धन्यवाद पत्र लिखते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। इस बार की छुट्टियों में आपने मुझे अजंता और एलोरा की अलौकिक गुफाओं का भ्रमण कराया, जिससे न केवल मेरा सामान्य ज्ञान समृद्ध हुआ बल्कि मेरा यह अवकाश हमेशा के लिए अविस्मरणीय बन गया। वहाँ की उत्कृष्ट चित्रकला और प्राचीन मूर्तियों को प्रत्यक्ष देखकर मैं पूरी तरह चकित रह गया।
मैं आशा करता हूँ कि आपका अपूर्व स्नेह और मार्गदर्शन मुझे सदा इसी प्रकार प्राप्त होता रहेगा। इस सुखद यात्रा के लिए आपका पुनः हृदय से आभार।
आपका प्रिय भांजा,
योगेश
Exam Tip: अनौपचारिक पत्रों या धन्यवाद कार्ड में अभिवादन (जैसे आदरणीय, प्रिय) और अंत में प्रेषक का संबंध स्पष्ट लिखना आवश्यक है।
हमारी धरोहर
हमारी ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण:
हमारे पावन भारत देश में प्राचीन काल से ही अत्यंत वैभवशाली और कलात्मक ऐतिहासिक इमारतें, मंदिर तथा प्राचीन कलाकृतियाँ स्थित हैं। ये सभी स्थल हमारे समृद्ध इतिहास की गवाही देते हैं और विश्व भर में हमारे राष्ट्र का मान-सम्मान बढ़ाते हैं। एक सजग नागरिक होने के नाते यह हमारा परम कर्तव्य है कि हम इन अमूल्य राष्ट्रीय धरोहरों के मूल स्वरूप और उनकी सुंदरता को अक्षुण्ण रखें। ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा के दौरान हमें कभी भी उनकी दीवारों को नहीं छूना चाहिए, उन पर स्क्रैच (निशान) नहीं बनाने चाहिए और न ही कोयले या कलम से कुछ लिखना चाहिए। ऐसा करने से इन कलाकृतियों को अपूरणीय क्षति पहुँचती है। अतः देश के प्राचीन स्मारकों का भ्रमण करते समय हमें पूर्णतः संयमित और अनुशासित व्यवहार अपनाना चाहिए।
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आपकी अभिव्यक्ति
Question. क्या आपने कभी कोई रेल यात्रा की है? अपनी किसी रेल यात्रा का कोई रोचक अनुभव साझा कीजिए। यदि आपने रेल यात्रा नहीं की हो तो अपने किसी मित्र या परिवार के सदस्य के अनुभव भी लिख सकते हैं।
Answer: जी हाँ, मुझे पूर्व में कई बार रेल यात्रा करने का अत्यंत आनंददायक अवसर मिला है। मेरी सबसे अविस्मरणीय रेल यात्रा पिछले वर्ष की है जब मैं अपने माता-पिता के साथ अपनी पूजनीय दादी जी से मिलने वाराणसी जा रहा था।
जैसे ही हमारी गाड़ी प्लेटफार्म से छूटी, मैं उत्साहपूर्वक खिड़की वाली मनपसंद सीट पर बैठ गया। रेल की गति तेज होते ही ठंडी हवा के झोंके मेरे मुख पर आने लगे। खिड़की के मार्ग से बाहर देखने पर हरे-भरे लहलहाते खेत, टेढ़ी-मेढ़ी नदियाँ और छोटे-छोटे ग्रामीण घर बहुत मनोरम लग रहे थे। मार्ग में जब ट्रेन धीमी हुई, तो मैंने पेड़ों की शाखाओं पर बंदरों के झुंड को कुलांचें भरते देखा, जो देखने में अत्यंत हास्यप्रद था।
यात्रा के दौरान डिब्बे में गरम चाय बेचने वाले की परिचित पुकार 'चाय-चाय!' सुनाई दी। मेरी माताजी ने हम सभी के लिए गरमा-गरम चाय और स्वादिष्ट समोसे खरीदे, जिनका स्वाद यात्रा के माहौल में और भी बढ़ गया था। संध्या ढलने के बाद जब रात का सन्नाटा पसरा, तब खिड़की से बाहर देखने पर टिमटिमाते तारों से भरा असीम आकाश ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो वे चमकीले तारे भी हमारी ट्रेन के समानांतर दौड़ लगा रहे हों।
अगले दिन की भोर होते ही हम सब सुरक्षित वाराणसी स्टेशन पहुँच गए जहाँ दादी जी उत्सुकता से हमारी प्रतीक्षा कर रही थीं। मेरी यह रेल यात्रा किसी सुंदर स्वप्न जैसी सुखद थी, जिसे मैं हमेशा याद रखूँगा।
In simple words: इस उत्तर में एक बच्चे की पहली रेल यात्रा का सुंदर वर्णन है, जिसमें उसने खिड़की से खेत, बंदर, चाय-समोसे और रात में टिमटिमाते तारे देखे।
Exam Tip: यात्रा वृतांत (travel experience) लिखते समय अपनी पाँचों ज्ञानेंद्रियों के अनुभवों (जैसे देखना, सुनना, स्वाद लेना) का वर्णन करने से लेखन अधिक सजीव हो जाता है।
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आपकी चित्रकारी
Question. हिंदी की गिनती मिलाकर चित्र पूरा कीजिए और उसमें अपनी रुचि के रंग भरिए -
Answer:
गतिविधि निर्देश:
इस मनोरंजक रचनात्मक गतिविधि को पूरा करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
1. चित्र में दी गई हिंदी की गिनती की बिंदियों को सही क्रम में पेंसिल की सहायता से मिलाएँ (जैसे: इक्कीस (21) से प्रारंभ कर क्रमशः बाईस (22), तेईस (23)... तीस (30) तक, और फिर इकतीस (31) से चालीस (40) तक)।
2. सभी बिंदुओं को मिलाने पर वृक्ष की शाखा पर बैठे एक सुंदर तोते (Parrot) का सुंदर चित्र बनकर तैयार हो जाएगा।
3. तोते के शरीर के पंखों में गहरा हरा रंग, उसकी सुंदर चोंच में चमकीला लाल रंग और शाखा के पत्तों में हरा तथा लटके हुए फल में लाल रंग भरकर इस सुंदर दृश्य को पूर्ण करें।
In simple words: हिंदी की गिनतियों के बिंदुओं को एक-दूसरे से जोड़ने पर एक तोते का चित्र बनेगा, जिसमें मनपसंद रंग भरना है।
Exam Tip: हिंदी की गिनती के शब्दों (जैसे इक्कीस, बत्तीस) की पहचान और शुद्ध उच्चारण का अभ्यास इस गतिविधि से आसानी से हो जाता है।
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