NCERT Solutions Class 11 Political Science Political Theory Chapter 03 Equality (समानता) in Hindi

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Question 1: कुछ लोगों का तर्क है कि असमानता प्राकृतिक है जबकि कुछ अन्य का कहना है कि वास्तव में समानता प्राकृतिक है और जो असमानता हम चारों ओर देखते हैं उसे समाज ने पैदा किया है। आप किस मत का समर्थन करते हैं? कारण दीजिए।

Answer:

हम इस मत से सहमत हैं कि प्राकृतिक असमानताओं और सामाजिक असमानताओं में अंतर किया जाना चाहिए। प्राकृतिक असमानताएँ लोगों की जन्मगत क्षमताओं, प्रतिभाओं और उनके अलग-अलग चयन के कारण पैदा होती हैं, जबकि सामाजिक असमानताएँ अवसरों की असमानता या किसी समूह द्वारा दूसरे के शोषण किए जाने से पैदा होती हैं। प्राकृतिक असमानताएँ जन्मगत योग्यताओं का परिणाम होती हैं, जिन्हें बदला नहीं जा सकता। दूसरी ओर, सामाजिक असमानताएँ मानव निर्मित होती हैं, जिन्हें समाज द्वारा दूर किया जा सकता है।

मुख्य बिंदु:

• प्राकृतिक असमानताएँ जन्मजात योग्यताओं और प्रतिभाओं पर आधारित होती हैं।
• सामाजिक असमानताएँ समाज की व्यवस्था और अवसरों की कमी के कारण उत्पन्न होती हैं।
• प्राकृतिक और सामाजिक असमानताओं में भेद करना समानता के सिद्धांतों को लागू करने में मदद करता है।

आम गलतियाँ:

• सभी असमानताओं को प्राकृतिक मान लेना।
• सामाजिक असमानताओं को बदलने योग्य न समझना।
• प्राकृतिक और सामाजिक असमानताओं के बीच अंतर स्पष्ट न करना।

Exam Tips:

a) उत्तर में प्राकृतिक तथा सामाजिक असमानता का स्पष्ट वर्गीकरण दें।
b) तार्किक उदाहरणों का प्रयोग करके अपने मत को सिद्ध करें।
c) उत्तर की शुरुआत मुख्य अवधारणा की परिभाषा से करें।

 

Question 2: एक मत है कि पूर्ण आर्थिक समानता न तो संभव है और न ही वांछनीय। एक समाज ज्यादा से ज्यादा बहुत अमीर और बहुत गरीब लोगों के बीच की खाई को कम करने का प्रयास कर सकता है। क्या इस तर्क से सहमत है? अपना तर्क दीजिए।

Answer:

हाँ, हम इस तर्क से सहमत हैं। पूर्ण आर्थिक समानता व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति की क्षमता, योग्यता और कार्य करने की शैली अलग-अलग होती है। यदि सभी को एक समान वेतन या धन दिया जाए, तो लोगों को अधिक मेहनत करने की प्रेरणा नहीं मिलेगी। हालांकि, सरकार का यह दायित्व है कि वह अत्यधिक धन और निर्धनता के बीच की खाई को कम करने का प्रयास करे, ताकि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जीवन की न्यूनतम आवश्यकताएँ और गरिमापूर्ण जीवन मिल सके।

मुख्य बिंदु:

• पूर्ण आर्थिक समानता मानव क्षमताओं की विविधता के कारण अव्यवहारिक है।
• धन की अत्यधिक असमानता लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के लिए हानिकारक होती है।
• न्यूनतम आवश्यकताओं की गारंटी और कर प्रणाली के माध्यम से असमानता को कम किया जा सकता है।

आम गलतियाँ:

• पूर्ण समानता और न्यायसंगत समानता के बीच अंतर न समझ पाना।
• आर्थिक असमानता के कारणों की उपेक्षा करना।

Exam Tips:

a) व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए अपने पक्ष को स्पष्ट करें।
b) समाज में अमीर और गरीब की खाई पाटने के उपायों का उल्लेख करें।
c) आर्थिक न्याय के महत्व को संक्षिप्त में समझाएँ।

 

Question 3: नीचे दी गई अवधारणा और उसके उचित उदाहरणों में मेल बैठाइये:
(क) सकारात्मक कार्रवाई     (1) प्रत्येक वयस्क नागरिक को मत देने का अधिकार है।
(ख) अवसर की समानता     (2) बैंक वरिष्ठ नागरिकों को ब्याज की ऊँची दर देते हैं।
(ग) समान अधिकार     (3) प्रत्येक बच्चे को नि:शुल्क शिक्षा मिलनी चाहिए।

Answer:

(क) सकारात्मक कार्रवाई - (2) बैंक वरिष्ठ नागरिकों को ब्याज की ऊँची दर देते हैं।
(ख) अवसर की समानता - (3) प्रत्येक बच्चे को नि:शुल्क शिक्षा मिलनी चाहिए।
(ग) समान अधिकार - (1) प्रत्येक वयस्क नागरिक को मत देने का अधिकार है।

मुख्य बिंदु:

• सकारात्मक कार्रवाई वंचित वर्गों को विशेष सहायता प्रदान करती है।
• अवसर की समानता सभी को अपनी प्रतिभा दिखाने के समान मौके देती है।
• समान अधिकार बिना किसी भेदभाव के सभी नागरिकों को प्राप्त होते हैं।

आम गलतियाँ:

• सकारात्मक कार्रवाई और समान अधिकारों को आपस में मिला देना।
• विकल्पों का मिलान करते समय संख्यात्मक क्रम की अनदेखी करना।

Exam Tips:

a) मिलान करने वाले प्रश्नों में प्रत्येक विकल्प को ध्यान से पढ़ें।
b) सही मिलान को स्पष्ट रूप से जोड़े बनाकर लिखें।
c) अवधारणाओं की परिभाषाओं को याद रखें।

 

Question 4: किसानों की समस्या से संबंधित एक सरकारी रिपोर्ट के अनुसार छोटे और सीमांत किसानों को बाजार से अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिलता। रिपोर्ट में सलाह दी गई कि सरकार को बेहतर मूल्य सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप करना चाहिए। लेकिन यह प्रयास केवल लघु और सीमांत किसानों तक ही सीमित रहना चाहिए। क्या यह सलाह समानता के सिद्धांत से संभव है?

Answer:

हाँ, यह कथन समानता के सिद्धांत के अनुसार है। समानता का अर्थ केवल सबको एक जैसा ट्रीट करना नहीं है, बल्कि यह भी है कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को विशेष संरक्षण दिया जाए ताकि वे मुख्यधारा में आ सकें। छोटे और सीमांत किसानों के पास बड़े किसानों की तुलना में संसाधन और सौदेबाजी की शक्ति कम होती है, इसलिए उनके हितों की रक्षा के लिए सरकारी हस्तक्षेप समानता की मांग है।

मुख्य बिंदु:

• कमजोर वर्गों के लिए विशेष सहायता समानता के सिद्धांत के अनुकूल है।
• बाजार की प्रतिस्पर्धा में छोटे किसानों को नुकसान से बचाने के लिए सरकारी मदद जरूरी है।
• यह न्यायसंगत समाज की स्थापना का एक साधन है।

आम गलतियाँ:

• समानता का अर्थ केवल 'समानतावादी उपचार' मान लेना।
• विशेष सुरक्षा और असमानता में अंतर न समझ पाना।

Exam Tips:

a) सकारात्मक भेदभाव (सकारात्मक कार्रवाई) की अवधारणा का प्रयोग करें।
b) उत्तर को व्यावहारिक उदाहरण के साथ समाप्त करें।

 

Question 5: निम्नलिखित में से किस में समानता के किस सिद्धांत का उल्लंघन होता है और क्यों?
(क) कक्षा का हर बच्चा नाटक का पाठ अपना क्रम आने पर पढ़ेगा।
(ख) कनाडा सरकार ने दूसरे विश्वयुद्ध की समाप्ति से 1960 तक यूरोप के श्वेत नागरिकों को कनाडा में आने और बसने के लिए प्रोत्साहित किया।
(ग) वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से रेलवे आरक्षण की एक खिड़की खोली गई।
(घ) कुछ वन क्षेत्रों को निश्चित आदिवासी समुदायों के लिए आरक्षित कर दिया गया है।

Answer:

(क) कक्षा का हर बच्चा नाटक का पाठ अपना क्रम आने पर पढ़ेगा - इसमें समानता के सिद्धांत का उल्लंघन नहीं है, क्योंकि यह एक निष्पक्ष और अनुशासित व्यवस्था है।
(ख) कनाडा सरकार की श्वेत नीति - इसमें नस्लीय भेदभाव के कारण समानता के सिद्धांत का स्पष्ट उल्लंघन होता है।
(ग) वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग खिड़की - इसमें समानता का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह विशेष जरूरत वाले लोगों को दी गई सुविधा है।
(घ) आदिवासियों के लिए आरक्षित वन क्षेत्र - इसमें भी समानता का उल्लंघन नहीं है, क्योंकि यह उनकी संस्कृति और आजीविका की रक्षा के लिए आवश्यक है।

मुख्य बिंदु:

• नस्लीय आधार पर भेदभाव समानता के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध है।
• वृद्धों और आदिवासियों को विशेष सुविधा देना समानता के दायरे में आता है।
• नियम और अनुशासन के तहत सबको समान अवसर देना निष्पक्षता है।

आम गलतियाँ:

• विशेष सुविधाओं (जैसे आरक्षण या अलग खिड़की) को असमानता मान लेना।
• नस्लीय भेदभाव और सकारात्मक कार्रवाई में भेद न कर पाना।

Exam Tips:

a) प्रत्येक उप-भाग (क, ख, ग, घ) का उत्तर अलग-अलग बिंदुओं में दें।
b) कारण स्पष्ट रूप से लिखें कि कहाँ उल्लंघन है और कहाँ नहीं।

 

Question 6: यहाँ महिलाओं को मताधिकार देने के पक्ष में कुछ तर्क दिए गए हैं। इनमें से कौन-से तर्क समानता के विचार से संगत हैं। कारण भी दीजिए।
(क) स्त्रियाँ हमारी माताएँ हैं। हम अपनी माताओं को मताधिकार से वंचित करके अपमानित करेंगे?
(ख) सरकार के निर्णय पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं को भी प्रभावित करते हैं इसलिए शासकों के चुनाव में उनका भी मत होना चाहिए।
(ग) महिलाओं को मताधिकार न देने से परिवारों में मतभेद पैदा हो जाएँगे।
(घ) महिलाओं से मिलकर आधी दुनिया बनती है। मताधिकार से वंचित करके लंबे समय तक उन्हें दबाकर नहीं रखा जा सकता है।

Answer:

(ख) और (घ) तर्क समानता के विचार से पूरी तरह संगत हैं।
कारण:
(ख) के अनुसार, लोकतांत्रिक शासन प्रणाली में सरकार के निर्णय सभी नागरिकों को प्रभावित करते हैं, इसलिए जिस पर निर्णय लागू होता है, उसे शासक चुनने का अधिकार भी होना चाहिए।
(घ) के अनुसार, महिलाएँ जनसंख्या का आधा हिस्सा हैं और उन्हें मताधिकार से वंचित करना उनके साथ अन्याय है।

मुख्य बिंदु:

• निर्णय प्रभावित होने वाले व्यक्ति को चुनाव में भाग लेने का अधिकार होना चाहिए।
• महिलाओं की आधी आबादी की राजनीतिक भागीदारी न्यायसंगत है।
• भावना या परंपरा आधारित तर्क समानता के वैचारिक आधार पर कमजोर होते हैं।

आम गलतियाँ:

• भावनात्मक तर्कों को समानता का तार्किक आधार मान लेना।
• सही और प्रासंगिक विकल्पों का चयन करने में भ्रमित होना।

Exam Tips:

a) केवल सही तर्कों को चुनकर उनके समर्थन में ठोस कारण दें।
b) लोकतांत्रिक सिद्धांतों के आधार पर उत्तर की पुष्टि करें।

 

Political Science Class 11 Curriculum Solutions: Chapter 03 समानता

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