NCERT Solutions Class 11 Physics Chapter 01 Units and Measurements (मात्रक और मापन) in Hindi

Official NCERT Solutions for Class 11 Physics: Chapter 01 मात्रक और मापन

Review structured textbook solutions for Class 11 Physics Chapter 01 मात्रक और मापन. Built according to NCERT guidelines for the 2026-27 academic year, these downloadable answers support daily revision and problem-solving accuracy.

Chapter-wise Solutions for Physics: Chapter 01 मात्रक और मापन

Access the complete solution PDF for Class 11 Physics below. Regular practice with these targeted textbook answers builds familiarity with standard question patterns and helps secure higher marks in final school evaluations.

Question 1.1: रिक्त स्थान भरिए
(a) किसी \( 1\text{ cm} \) भुजा वाले घन का आयतन ......... \( \text{m}^3 \) के बराबर है।
(b) किसी \( 2\text{ cm} \) त्रिज्या व \( 10\text{ cm} \) ऊँचाई वाले सिलिंडर का पृष्ठ क्षेत्रफल ......... \( (\text{mm})^2 \) के बराबर है।
(c) कोई गाड़ी \( 18\text{ km/h} \) की चाल से चल रही है तो यह \( 1\text{s} \) में ......... \( \text{m} \) चलती है।
(d) सीसे का आपेक्षिक घनत्व \( 11.3 \) है। इसका घनत्व ......... \( \text{g cm}^{-3} \) या ......... \( \text{kg m}^{-3} \) है।

Answer:

(a) \( 1\text{ cm} = \frac{1}{100}\text{ m} \)
घन का आयतन \( = 1\text{ cm}^3 \)
\( = \left(\frac{1}{100}\text{ m}\right) \times \left(\frac{1}{100}\text{ m}\right) \times \left(\frac{1}{100}\text{ m}\right) \)
\( = 10^{-6}\text{ m}^3 \)
अतः रिक्त स्थान में \( 10^{-6} \) आएगा।

(b) बेलन का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल \( S = 2\pi r(r + h) \)
दिया है: \( r = 2\text{ cm} = 2 \times 10\text{ mm} = 20\text{ mm} \)
\( h = 10\text{ cm} = 10 \times 10\text{ mm} = 100\text{ mm} \)
\( S = 2 \times 3.14 \times 20 \times (20 + 100) \)
\( = 15072 = 1.5 \times 10^4\text{ mm}^2 \)

(c) \( 1\text{ km/h} = \frac{5}{18}\text{ m/s} \)
\( 18\text{ km/h} = 18 \times \frac{5}{18} = 5\text{ m/s} \)
दूरी \( = \text{चाल} \times \text{समय} = 5 \times 1 = 5\text{ m} \)

(d) आपेक्षिक घनत्व \( = \frac{\text{पदार्थ का घनत्व}}{\text{पानी का घनत्व}} \)
सीसे का घनत्व \( = \text{सीसे का आपेक्षिक घनत्व} \times \text{पानी का घनत्व} \)
\( = 11.3 \times 1 = 11.3\text{ g/cm}^3 \)
चूँकि \( 1\text{ g} = 10^{-3}\text{ kg} \) और \( 1\text{ cm}^3 = 10^{-6}\text{ m}^3 \)
\( 1\text{ g/cm}^3 = 10^3\text{ kg/m}^3 \)
अतः \( 11.3\text{ g/cm}^3 = 11.3 \times 10^3\text{ kg/m}^3 \)

मुख्य बिंदु:

• इकाइयों के रूपांतरण के लिए मानक गुणकों का प्रयोग किया जाता है।
• \( 1\text{ cm} = 10^{-2}\text{ m} \) और \( 1\text{ m} = 10^3\text{ mm} \) होता है।
• आपेक्षिक घनत्व एक विमाहीन राशि है।

आम गलतियाँ:

• घातों के कैलकुलेशन में गलती करना (जैसे \( 10^{-6} \) की जगह \( 10^{-3} \) लिखना)।
• सेंटीमीटर को मिलीमीटर या मीटर में बदलते समय गलत गुणांक उपयोग करना।
• इकाई रूपांतरण के बाद सही मात्रक न लिखना।

Exam Tips:

a) इकाइयों को बदलते समय घातांक के नियमों का सावधानीपूर्वक पालन करें।
b) प्रत्येक भाग को चरणबद्ध तरीके से हल करें ताकि भ्रम न हो।
c) अंतिम उत्तर में उचित मात्रक अवश्य दर्शाएँ।

 

Question 1.2: रिक्त स्थानों को मात्रकों के उचित परिवर्तन द्वारा भरिए
(a) \( 1\text{ kg m}^2\text{s}^{-2} = ......... \text{g cm}^2\text{s}^{-2} \)
(b) \( 1\text{ m} = ......... \text{ly} \)
(c) \( 3.0\text{ m s}^{-2} = ......... \text{km h}^{-2} \)
(d) \( G = 6.67 \times 10^{-11}\text{ N m}^2(\text{kg})^{-2} = ......... (\text{cm})^3\text{s}^{-2}\text{g}^{-1} \)

Answer:

(a) \( 1\text{ kg} = 10^3\text{ g} \), \( 1\text{ m}^2 = 10^4\text{ cm}^2 \)
\( 1\text{ kg m}^2\text{s}^{-2} = 10^3\text{ g} \times 10^4\text{ cm}^2 \times 1\text{ s}^{-2} = 10^7\text{ g cm}^2\text{s}^{-2} \)

(b) प्रकाश वर्ष (ly) \( = (3 \times 10^8\text{ m/s}) \times (365 \times 24 \times 60 \times 60\text{ s}) = 9.46 \times 10^{15}\text{ m} \)
\( 1\text{ m} = \frac{1}{9.46 \times 10^{15}} = 1.057 \times 10^{-16}\text{ ly} \)

(c) \( 1\text{ m} = 10^{-3}\text{ km} \), \( 1\text{ s} = \frac{1}{3600}\text{ h} \)
\( 3\text{ m s}^{-2} = 3 \times (10^{-3}\text{ km}) \times (3600)^2\text{ h}^{-2} = 3.88 \times 10^4\text{ km h}^{-2} \)

(d) \( G = 6.67 \times 10^{-11}\text{ N m}^2\text{ kg}^{-2} \)
\( 1\text{ N} = 10^5\text{ dyn} = 10^5\text{ g cm s}^{-2} \)
\( G = 6.67 \times 10^{-11} \times (10^5\text{ g cm s}^{-2}) \times (10^2\text{ cm})^2 \times (10^3\text{ g})^{-2} \)
\( = 6.67 \times 10^{-8}\text{ cm}^3\text{s}^{-2}\text{g}^{-1} \)

मुख्य बिंदु:

• \( 1\text{ kg} = 1000\text{ g} \) और \( 1\text{ m} = 100\text{ cm} \) होता है।
• प्रकाश वर्ष दूरी का मात्रक है, समय का नहीं।
• गुरुत्वाकर्षण नियतांक \( G \) का विमीय सूत्र \( [M^{-1}L^3T^{-2}] \) है।

आम गलतियाँ:

• समय की इकाइयों (सेकंड और घंटे) के रूपांतरण में व्युत्क्रम घातों का ध्यान न रखना।
• न्यूटन को CGS मात्रक में बदलते समय भूल जाना।

Exam Tips:

a) प्रत्येक राशि को मूल SI मात्रकों में तोड़कर CGS में बदलें।
b) घातों की गणना करते समय ब्रैकेट का सही उपयोग करें।
c) गणना के प्रत्येक चरण को स्पष्ट लिखें।

 

Question 1.3: ऊष्मा (परागमन में ऊर्जा) का मात्रक कैलोरी है और यह लगभग \( 4.2\text{ J} \) के बराबर है, जहाँ \( 1\text{ J} = 1\text{ kg m}^2\text{s}^{-2} \) मान लीजिए कि हम मात्रकों की कोई ऐसी प्रणाली उपयोग करते हैं जिससे द्रव्यमान का मात्रक \(\alpha\text{ kg}\), लंबाई का मात्रक \(\beta\text{ m}\), समय का मात्रक \(\gamma\text{ s}\) के बराबर है। यह प्रदर्शित कीजिए कि नए मात्रकों के पदों में कैलोरी का परिमाण \(4.2\,\alpha^{-1}\beta^{-2}\gamma^2\) है।

Answer:

दिया गया है, \( 1\text{ कैलोरी} = 4.2\text{ J} = 4.2\text{ kg m}^2\text{s}^{-2} \)
नए मात्रक प्रणाली में:
द्रव्यमान की नई इकाई \( = \alpha\text{ kg} \), अतः \( 1\text{ kg} = \alpha^{-1} \)
लंबाई की नई इकाई \( = \beta\text{ m} \), अतः \( 1\text{ m} = \beta^{-1} \) जिससे \( 1\text{ m}^2 = \beta^{-2} \)
समय की नई इकाई \( = \gamma\text{ s} \), अतः \( 1\text{ s} = \gamma^{-1} \) जिससे \( 1\text{ s}^{-2} = \gamma^2 \)
इन मानों को कैलोरी के व्यंजक में रखने पर:
\( 1\text{ कैलोरी} = 4.2 \, (\alpha^{-1}) \, (\beta^{-2}) \, (\gamma^2) = 4.2\alpha^{-1}\beta^{-2}\gamma^2 \)

मुख्य बिंदु:

• भौतिक राशि का परिमाण मात्रक बदलने पर भी अपरिवर्तित रहता है (\( n_1u_1 = n_2u_2 \))।
• विमीय विश्लेषण का उपयोग करके नए मात्रकों में मान निकाला जाता है।

आम गलतियाँ:

• विमीय घातों को नए मात्रकों के साथ गलत तरीके से संयोजित करना।
• व्युत्क्रम संबंधों में ऋणात्मक चिह्नों को छोड़ देना।

Exam Tips:

a) प्रश्न में दिए गए संबंध को मूल SI मात्रकों में लिखें।
b) प्रत्येक मूल मात्रक (\( M, L, T \)) को नए चरों से प्रतिस्थापित करें।
c) अंत में परिणाम को सिद्ध रूप में दिखाएँ।

 

Question 1.4: इस कथन की स्पष्ट व्याख्या कीजिए: तुलना के मानक का विशेष उल्लेख किए बिना 'किसी विमीय राशि को 'बड़ा' या 'छोटा' कहना अर्थहीन है।' इसे ध्यान में रखते हुए नीचे दिए गए कथनों को जहाँ कहीं भी आवश्यक हो, दूसरे शब्दों में व्यक्त कीजिए:
(a) परमाणु बहुत छोटे पिण्ड होते हैं।
(b) जेट वायुयान अत्यधिक गति से चलता है।
(c) बृहस्पति का द्रव्यमान बहुत ही अधिक है।
(d) इस कमरे के अंदर वायु में अणुओं की संख्या बहुत अधिक है।
(e) इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन से बहुत भारी होता है।
(f) ध्वनि की गति प्रकाश की गति से बहुत ही कम होती है।

Answer:

दिया गया कथन सत्य है क्योंकि आयामहीन माना कुछ मानक संदर्भ की तुलना में बड़ी या छोटी हो सकती है।
(a) एक सॉकर बॉल की तुलना में एक परमाणु बहुत छोटी वस्तु है।
(b) एक जेट वायुयान साइकिल की गति से अधिक गति से चलता है।
(c) क्रिकेट गेंद के द्रव्यमान की तुलना में बृहस्पति का द्रव्यमान बहुत अधिक है।
(d) एक ज्यामिति बॉक्स में मौजूद अणुओं की संख्या की तुलना में इस कमरे के अंदर की हवा में अणुओं की संख्या ज्यादा है।
(e) एक प्रोटॉन एक इलेक्ट्रॉन से अधिक विशाल होता है।
(f) ध्वनि की गति प्रकाश की गति से कम होती है।

मुख्य बिंदु:

• किसी भी तुलनात्मक विशेषण ('बड़ा', 'छोटा', 'भारी') के लिए एक संदर्भ मानक का होना अनिवार्य है।
• भौतिक राशियों की तुलना समान विमाओं वाली राशियों के बीच ही संभव है।

आम गलतियाँ:

• मानक संदर्भ का उल्लेख किए बिना सीधे तुलना करना।
• विमाहीन और विमीय राशियों के अंतर को न समझना।

Exam Tips:

a) प्रत्येक कथन का उत्तर देते समय एक उपयुक्त संदर्भ वस्तु या मानक का उल्लेख करें।
b) उत्तर को संक्षिप्त और तार्किक रखें।

 

Question 1.5: लंबाई का कोई ऐसा मात्रक चुना गया है जिसके अनुसार निर्वात में प्रकाश की चाल 1 है। लंबाई के नए मात्रक के पदों में सूर्य तथा पृथ्वी के बीच की दूरी कितनी है, प्रकाश इस दूरी को तय करने में 8 min और 20s लगाता है।

Answer:

सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी \( = \text{प्रकाश की चाल} \times \text{प्रकाश द्वारा तय करने में लिया गया समय} \)
यहाँ दिया गया है कि नई इकाई में, प्रकाश की गति \( = 1 \) इकाई, लिया गया समय \( t = 8\text{ min } 20\text{ s} = 500\text{ s} \)
\( \therefore \text{सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी} = 1 \times 500 = 500 \) इकाई

मुख्य बिंदु:

• जब चाल को 1 मान लिया जाता है, तब दूरी और समय का संख्यात्मक मान समान हो जाता है।
• समय को सेकंड में बदलना आवश्यक है (\( 8 \times 60 + 20 = 500\text{ s} \))。

आम गलतियाँ:

• मिनट को सेकंड में बदले बिना सीधे \( 8.20 \) से गुणा करना।
• मात्रक की नई परिभाषा को ठीक से न समझना।

Exam Tips:

a) समय को हमेशा SI पद्धति (सेकंड) में परिवर्तित करें।
b) सूत्र \( \text{दूरी} = \text{चाल} \times \text{समय} \) का स्पष्ट उल्लेख करें।

 

Question 1.6: लंबाई मापने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा सबसे परिशुद्ध यंत्र है?
(a) एक वर्नियर कैलिपर्स जिसके वर्नियर पैमाने पर 20 विभाजन हैं।
(b) एक स्क्रूगेज जिसका चूड़ी अंतराल \(1\text{ mm}\) और वृत्तीय पैमाने पर 100 विभाजन हैं।
(c) कोई प्रकाशी यंत्र जो प्रकाश की तरंगदैर्ध्य की सीमा के अंदर लंबाई माप सकता है।

Answer:

न्यूनतम गणना वाला उपकरण लंबाई मापने के लिए सबसे उपयुक्त है।
वर्नियर कैलिपर्स की न्यूनतम माप \( = 1\text{ मानक विभाजन (SD)} - 1\text{ वर्नियर विभाजन (VD)} \)
\( = 1 - \frac{19}{20} = \frac{1}{20} = 0.05\text{ cm} \)
स्क्रूगेज की न्यूनतम माप \( = \frac{\text{चूड़ी अंतराल}}{\text{विभाजनों की संख्या}} = \frac{1\text{ mm}}{100} = 0.01\text{ mm} = 0.001\text{ cm} \)
प्रकाशीय युक्ति का अल्पमांक \( = \text{प्रकाश की तरंगदैर्ध्य} \sim 10^{-5}\text{ cm} = 0.00001\text{ cm} \)
अतः प्रकाशीय यंत्र सबसे अधिक परिशुद्ध है क्योंकि इसका अल्पमांक सबसे कम है।

मुख्य बिंदु:

• जिस यंत्र का अल्पमांक (least count) सबसे कम होता है, वह सबसे अधिक परिशुद्ध होता है।
• प्रकाशीय विधियाँ प्रकाश की तरंगदैर्ध्य तक की सूक्ष्म दूरियाँ माप सकती हैं।

आम गलतियाँ:

• केवल वर्नियर या स्क्रूगेज को सबसे अच्छा मान लेना और प्रकाशीय उपकरणों की सीमा पर ध्यान न देना।
• अल्पमांक की गणना में इकाई की गलती करना।

Exam Tips:

a) सभी दिए गए उपकरणों के अल्पमांक की तुलना करें।
b) स्पष्ट करें कि कम अल्पमांक अधिक परिशुद्धता को दर्शाता है।

 

Question 1.7: कोई छात्र 100 आवर्धन के एक सूक्ष्मदर्शी के द्वारा देखकर मनुष्य के बाल की मोटाई मापता है। वह 20 बार प्रेक्षण करता है और उसे ज्ञात होता है कि सूक्ष्मदर्शी के दृश्य क्षेत्र में बाल की औसत मोटाई \(3.5\text{ mm}\) है। बाल की मोटाई का अनुमान क्या है?

Answer:

सूक्ष्मदर्शी का आवर्धन \( = 100 \)
सूक्ष्मदर्शी के दृश्य क्षेत्र में बाल की औसत मोटाई \( = 3.5\text{ mm} \)
\( \therefore \text{बालों की वास्तविक मोटाई} = \frac{3.5}{100} = 0.035\text{ mm} \)

मुख्य बिंदु:

• वास्तविक आकार निकालने के लिए प्रेक्षित आकार को आवर्धन क्षमता से विभाजित किया जाता है।
• औसत मान का उपयोग करके यादृच्छिक त्रुटियों को कम किया जाता है।

आम गलतियाँ:

• आवर्धन से भाग देने के बजाय गुणा कर देना।
• दशमलव स्थान की गलती करना।

Exam Tips:

a) सूत्र \( \text{वास्तविक आकार} = \frac{\text{प्रेक्षित आकार}}{\text{आवर्धन}} \) का प्रयोग करें।
b) गणना के बाद इकाई लिखना न भूलें।

 

Question 1.8: निम्नलिखित के उत्तर दीजिए:
(a) आपको एक धागा और मीटर पैमाना दिया जाता है। आप धागे के व्यास का अनुमान किस प्रकार लगाएंगे?
(b) एक स्क्रूगेज का चूड़ी अंतराल \(1.0\text{ mm}\) है और उसके वृत्तीय पैमाने पर 200 विभाजन हैं। क्या आप यह सोचते हैं कि वृत्तीय पैमाने पर विभाजनों की संख्या को स्वेच्छा से बढ़ा देने पर स्क्रूगेज की यथार्थता में वृद्धि करना संभव है?
(c) वर्नियर कैलिपर्स द्वारा पीतल की किसी पतली छड़ का माध्य व्यास मापा जाना है। केवल 5 मापों के समुच्चय की तुलना में 100 मापों के समुच्चय के द्वारा अधिक विश्वसनीय अनुमान प्राप्त होने की संभावना क्यों है?

Answer:

(a) एक समान चिकनी छड़ पर धागे को इस तरह लपेटें कि इस प्रकार बनने वाली कुंडली एक दूसरे के बहुत करीब हो। मीटर स्केल से धागे की लंबाई मापें।
धागे का व्यास प्राप्त कर सकते हैं, व्यास \( = \frac{\text{धागे की लंबाई}}{\text{फेरों की संख्या}} \)

(b) स्क्रूगेज के विभाजनों की संख्या में वृद्धि करके स्क्रूगेज की सटीकता में वृद्धि करना संभव नहीं है। वृत्तीय पैमाने के संख्या विभाजनों को बढ़ाने से इसकी सटीकता एक निश्चित सीमा तक ही बढ़ेगी।

(c) 100 मापों का एक सेट 5 मापों के एक सेट की तुलना में अधिक विश्वसनीय है क्योंकि पहली माप में शामिल यादृच्छिक त्रुटियाँ बाद की तुलना में बहुत कम हैं।

मुख्य बिंदु:

• अत्यधिक विभाजन बढ़ाने से पेंच की यांत्रिक त्रुटि और घर्षण बढ़ जाते हैं।
• प्रेक्षणों की संख्या बढ़ाने से यादृच्छिक त्रुटियाँ (random errors) औसत हो जाती हैं।

आम गलतियाँ:

• यह सोचना कि जितने अधिक विभाजन होंगे, यंत्र उतना ही अनंत रूप से यथार्थ होगा।
• प्रायोगिक सीमाओं की उपेक्षा करना।

Exam Tips:

a) प्रायोगिक प्रश्नों के उत्तर तार्किक और व्यावहारिक रूप से दें।
b) यादृच्छिक त्रुटियों को कम करने के लिए बड़ी संख्या में प्रेक्षण लेने के सिद्धांत का उल्लेख करें।

 

Question 1.9: किसी मकान का फोटोग्राफ \(35\text{ mm}\) स्लाइड पर \(1.75\text{ cm}^2\) क्षेत्र घेरता है। स्लाइड को किसी स्क्रीन पर प्रक्षेपित किया जाता है और स्क्रीन पर मकान का क्षेत्रफल \(1.55\text{ m}^2\) है। प्रक्षेपित्र-परदा व्यवस्था का रेखीय आवर्धन क्या है?

Answer:

स्लाइड पर घर का क्षेत्रफल \( = 1.75\text{ cm}^2 \)
स्क्रीन पर बने घर का प्रतिबिंब का क्षेत्रफल \( = 1.55\text{ m}^2 = 1.55 \times 10^4\text{ cm}^2 \)
क्षेत्रीय आवर्धन, \( m_a = \frac{\text{प्रतिबिंब का क्षेत्रफल}}{\text{वस्तु का क्षेत्रफल}} = \frac{1.55}{1.75} \times 10^4 \)
\( \therefore \text{रेखीय आवर्धन, } m_l = \sqrt{m_a} = \sqrt{\frac{1.55}{1.75} \times 10^4} = 94.11 \)

मुख्य बिंदु:

• क्षेत्रीय आवर्धन \( m_a \) रेखीय आवर्धन \( m_l \) के वर्ग के बराबर होता है (\( m_a = m_l^2 \))।
• गणना से पहले दोनों क्षेत्रफलों की इकाइयाँ समान होनी चाहिए।

आम गलतियाँ:

• \( \text{cm}^2 \) और \( \text{m}^2 \) को बिना बदले सीधे भाग देना।
• वर्गमूल लेना भूल जाना।

Exam Tips:

a) क्षेत्रफल और रेखीय आवर्धन के संबंध \( m_l = \sqrt{m_a} \) को स्पष्ट लिखें।
b) इकाई परिवर्तन (मीटर से सेंटीमीटर) सावधानीपूर्वक करें।

 

Question 1.10: निम्नलिखित में सार्थक अंकों की संख्या लिखिए:
(a) \( 0.007\text{ m}^2 \)
(b) \( 2.64 \times 10^{24}\text{ kg} \)
(c) \( 0.2370\text{ g cm}^{-3} \)
(d) \( 6.320\text{ J} \)
(e) \( 6.032\text{ N m}^{-2} \)
(f) \( 0.0006032\text{ m}^2 \)

Answer:

(a) दी गई मात्रा \( 0.007\text{ m}^2 \) है।
यहाँ सार्थक अंकों की संख्या 1 है, क्योंकि दशमलव बिंदु के दाईं ओर और सभी शून्य (लेकिन पहले गैर-शून्य के बाएं) महत्वहीन हैं।

(b) दी गई मात्रा \( 2.64 \times 10^{24}\text{ kg} \) है।
यहाँ 10 की घात अप्रासंगिक है, अतः सभी अंक (2, 6 और 4) सार्थक अंक हैं।

(c) दी गई मात्रा \( 0.2370\text{ g cm}^{-3} \) है।
दशमलव वाली किसी संख्या के लिए, अनुगामी शून्य सार्थक होते हैं। अतः 2, 3, 7 और 0, कुल 4 सार्थक अंक हैं।

(d) दी गई मात्रा \( 6.320\text{ J} \) है।
दशमलव वाली किसी संख्या के लिए, अनुगामी शून्य सार्थक होते हैं। अतः कुल 4 सार्थक अंक हैं।

(e) दी गई मात्रा \( 6.032\text{ N m}^{-2} \) है।
दो शून्येतर अंकों के बीच के सभी शून्य हमेशा सार्थक होते हैं। अतः 4 सार्थक अंक हैं।

(f) दी गई मात्रा \( 0.0006032\text{ m}^2 \) है।
यहाँ 6 से पहले आने वाले तीनों शून्य सार्थक नहीं हैं। दो गैर-शून्य अंकों के बीच सभी शून्य हमेशा सार्थक हैं, अतः शेष चार अंक सार्थक हैं।

मुख्य बिंदु:

• सभी शून्येतर अंक सार्थक होते हैं।
• दो शून्येतर अंकों के बीच के सभी शून्य सार्थक होते हैं।
• दशमलव संख्या में अंत में आने वाले शून्य (अनुगामी शून्य) सार्थक होते हैं।

आम गलतियाँ:

• शुरुआती (leading) शून्यों को सार्थक मान लेना।
• वैज्ञानिक संकेतन (powers of 10) में घात को सार्थक अंकों में गिन लेना।

Exam Tips:

a) सार्थक अंकों के सभी नियमों को याद रखें।
b) प्रत्येक भाग के लिए नियम का संक्षिप्त कारण दें।

 

Question 1.11: धातु की किसी आयताकार शीट की लंबाई, चौड़ाई व मोटाई क्रमशः \(4.234\text{ m}\), \(1.005\text{ m}\), व \(2.01\text{ cm}\) है। उचित सार्थक अंकों तक इस शीट का क्षेत्रफल व आयतन ज्ञात कीजिए।

Answer:

शीट की लंबाई, \( l = 4.234\text{ m} \) (4 सार्थक अंक)
शीट की चौड़ाई, \( b = 1.005\text{ m} \) (4 सार्थक अंक)
शीट की मोटाई, \( h = 2.01\text{ cm} = 0.0201\text{ m} \) (3 सार्थक अंक)
क्षेत्रफल \( A = 2(l \times b + b \times h + h \times l) \)
\( = 2(4.234 \times 1.005 + 1.005 \times 0.0201 + 0.0201 \times 4.234) \)
\( = 2(4.25517 + 0.02620 + 0.08510) = 2 \times 4.360 = 8.72\text{ m}^2 \)
आयतन \( V = l \times b \times h = 4.234 \times 1.005 \times 0.0201 = 0.0855\text{ m}^3 \) (3 सार्थक अंक)

मुख्य बिंदु:

• गुणा या भाग में परिणाम में उतने ही सार्थक अंक होने चाहिए जितने न्यूनतम सार्थक अंकों वाली संख्या में हैं।
• सभी दूरियों को एक ही मात्रक (मीटर) में बदलना आवश्यक है।

आम गलतियाँ:

• मोटाई की इकाई सेंटीमीटर को मीटर में बदले बिना सीधे गणना करना।
• अंतिम परिणाम में सार्थक अंकों के नियमों का पालन न करना।

Exam Tips:

a) गणना से पहले सभी राशियों को SI मात्रक (मीटर) में बदलें।
b) न्यूनतम सार्थक अंकों (यहाँ 3) के आधार पर अंतिम उत्तर को राउंड-ऑफ़ करें।

 

Question 1.12: पंसारी की तुला द्वारा मापे गए डिbbe का द्रव्यमान \(2.30\text{ kg}\) है। सोने के दो टुकड़े जिनका द्रव्यमान \(20.15\text{ g}\) व \(20.17\text{ g}\) हैं, डिब्बे में रखे जाते हैं। (a) डिब्बे का कुल द्रव्यमान कितना है, (b) उचित सार्थक अंकों तक टुकड़ों के द्रव्यमानों में कितना अंतर है?

Answer:

किराने के डिब्बे का द्रव्यमान \( = 2.30\text{ kg} \)
सोने के टुकड़े I का द्रव्यमान \( = 20.15\text{ g} = 0.02015\text{ kg} \)
सोने के टुकड़े II का द्रव्यमान \( = 20.17\text{ g} = 0.02017\text{ kg} \)
(a) डिब्बे का कुल द्रव्यमान \( = 2.3 + 0.02015 + 0.02017 = 2.34032\text{ kg} \)
योग या घटाव में, अंतिम परिणाम में उतने ही दशमलव स्थान होने चाहिए जितने कम से कम दशमलव स्थानों वाली संख्या में हैं। अतः डिब्बे का कुल द्रव्यमान \( 2.3\text{ kg \) है।

(b) द्रव्यमान में अंतर \( = 20.17 - 20.15 = 0.02\text{ g} \)

मुख्य बिंदु:

• जोड़ और घटाव के लिए नियम: परिणाम में दशमलव के बाद उतने ही अंक होने चाहिए जितने सबसे कम सटीक संख्या में हैं।
• विभिन्न इकाइयों को जोड़ने से पहले उन्हें एक समान इकाई में बदलना चाहिए।

आम गलतियाँ:

• सभी संख्याओं को जोड़कर दशमलव स्थानों को ध्यान में रखे बिना पूरा लिख देना।
• ग्राम और किलोग्राम को बिना बदले सीधे जोड़ना।

Exam Tips:

a) जोड़-घटाव में 'दशमलव स्थानों' के नियम का प्रयोग करें (गुणा-भाग वाले सार्थक अंकों के नियम का नहीं)।
b) उत्तर को उचित दशमलव स्थान तक पूर्णांकित करें।

 

Question 1.13: भौतिकी का एक प्रसिद्ध संबंध किसी कण के 'चल द्रव्यमान (moving mass)' \(m\), 'विराम द्रव्यमान (rest mass)' \(m_0\), इसकी चाल \(v\), और प्रकाश की चाल \(c\) के बीच है। (यह संबंध सबसे पहले अल्बर्ट आइंस्टीन के विशेष आपेक्षिकता के सिद्धांत के परिणामस्वरूप उत्पन्न हुआ था)। कोई छात्र इस संबंध को लगभग सही याद रखता है लेकिन स्थिरांक \(c\) को लगाना भूल जाता है। वह लिखता है: \(m = \frac{m_0}{(1 - v^2)^{1/2}}\) । अनुमान लगाइए कि \(c\) कहाँ लगेगा।

Answer:

दिया गया संबंध है: \( m = \frac{m_0}{(1 - v^2)^{1/2}} \)
विमीय रूप से:
\( m \) की विमा \( = [M^1L^0T^0] \)
\( m_0 \) की विमा \( = [M^1L^0T^0] \)
\( v \) की विमा \( = [M^0L^1T^{-1}] \)
\( v^2 \) की विमा \( = [M^0L^2T^{-2}] \)
\( c \) की विमा \( = [M^0L^1T^{-1}] \)
दिया गया सूत्र तभी सही होगा जब L.H.S का विमा R.H.S के समान हो। यह तभी संभव है जब गुणankखण्ड \( (1 - v^2)^{1/2} \) विमाहीन हो अर्थात \( (1 - v^2) \) विमाहीन हो।
यह तभी संभव है जब \( v^2 \) को \( c^2 \) से विभाजित किया जाए। अतः सही संबंध है:
\( m = \frac{m_0}{\left(1 - \frac{v^2}{c^2}\right)^{1/2}} \)

मुख्य बिंदु:

• समांगता के सिद्धांत (Principle of homogeneity) के अनुसार केवल समान विमाओं वाली राशियों को ही जोड़ा या घटाया जा सकता है।
• त्रिकोणमितीय, घातांकी और लघुगणकीय फलन हमेशा विमाहीन होते हैं।

आम गलतियाँ:

• विमीय विश्लेषण में स्थिरांकों और संख्याओं की उपेक्षा करना।
• पद \( (1 - v^2) \) में सीधे वेग घटाने जैसी विमीय असंगति न देखना।

Exam Tips:

a) दोनों पक्षों की विमाओं की तुलना करके सूत्र की सत्यता की जाँच करें।
b) याद रखें कि संख्या '1' से केवल विमाहीन राशि ही घटाई जा सकती है।

 

Question 1.14: परमाण्विक पैमाने पर लंबाई का सुविधाजनक मात्रक एंग्स्ट्रम है और इसे \(1\text{ \AA} = 10^{-10}\text{ m}\) द्वारा निर्दिष्ट किया जाता है। हाइड्रोजन के परमाणु का आपाप लगभग \(0.5\text{ \AA}\) है। हाइड्रोजन परमाणुओं के एक मोल का \(\text{m}^3\) में कुल आण्विक आयतन कितना होगा?

Answer:

हाइड्रोजन परमाणु की त्रिज्या, \( r = 0.5 = 0.5 \times 10^{-10}\text{ m} \)
हाइड्रोजन परमाणु का आयतन \( = \frac{4}{3}\pi r^3 \)
\( = \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times (0.5 \times 10^{-10})^3 \)
\( = 0.524 \times 10^{-30}\text{ m}^3 \)
1 मोल हाइड्रोजन में \( 6.023 \times 10^{23} \) हाइड्रोजन परमाणु होते हैं।
हाइड्रोजन परमाणुओं के 1 मोल का आयतन \( = 6.023 \times 10^{23} \times 0.524 \times 10^{-30} = 3.16 \times 10^{-7}\text{ m}^3 \)

मुख्य बिंदु:

• परमाणु को गोलाकार मानकर गोले के आयतन के सूत्र \( \frac{4}{3}\pi r^3 \) का प्रयोग किया जाता है।
• आवोगाद्रो संख्या (\( 6.023 \times 10^{23} \)) का उपयोग एक मोल के कणों की संख्या निकालने के लिए किया जाता है।

आम गलतियाँ:

• त्रिज्या और व्यास में भ्रमित होना (यहाँ \( 0.5 \text{ \AA} \) त्रिज्या दी गई है)।
• घातों के गुणन में गलती करना।

Exam Tips:

a) त्रिज्या को मीटर में बदलकर ही आयतन निकालें।
b) एक परमाणु के आयतन को आवोगाद्रो संख्या से गुणा करना न भूलें।

 

Question 1.15: किसी आदर्श गैस का एक मोल (ग्राम अणुंक) मानक ताप व दाब पर \(22.4\text{ L}\) आयतन (ग्राम अणुुक आयतन) घेरता है। हाइड्रोजन के ग्राम अणुुक आयतन तथा उसके एक मोल के परमाण्विक आयतन का अनुपात क्या है? (हाइड्रोजन के अणु की आमाप लगभग \(1\text{ \AA}\) मानिए)। यह अनुपात इतना अधिक क्यों है?

Answer:

हाइड्रोजन परमाणु की त्रिज्या, \( r = 0.5\text{ \AA} = 0.5 \times 10^{-10}\text{ m} \)
हाइड्रोजन परमाणु का आयतन \( = \frac{4}{3}\pi r^3 = \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times (0.5 \times 10^{-10})^3 = 0.524 \times 10^{-30}\text{ m}^3 \)
1 मोल हाइड्रोजन में \( 6.023 \times 10^{23} \) हाइड्रोजन परमाणु होते हैं।
\( \therefore \) हाइड्रोजन परमाणुओं के 1 मोल का आयतन, \( V_a = 6.023 \times 10^{23} \times 0.524 \times 10^{-30} = 3.16 \times 10^{-7}\text{ m}^3 \)
STP पर हाइड्रोजन परमाणुओं के 1 मोल का मोलर आयतन, \( V_m = 22.4\text{ L} = 22.4 \times 10^{-3}\text{ m}^3 \)
अनुपात \( \frac{V_m}{V_a} = \frac{22.4 \times 10^{-3}}{3.16 \times 10^{-7}} = 7.08 \times 10^4 \)
इसलिए, मोलर आयतन परमाणु आयतन से \( 7.08 \times 10^4 \) गुना अधिक है। इसका कारण है, हाइड्रोजन गैस में अंतर-परमाणु पृथक्करण हाइड्रोजन परमाणु के आकार से बहुत ज्यादा होता है।

मुख्य बिंदु:

• गैसों में अणुओं के बीच की दूरी उनके आकार की तुलना में बहुत अधिक होती है।
• \( 1\text{ L} = 10^{-3}\text{ m}^3 \) होता है।

आम गलतियाँ:

• लीटर को घन मीटर में बदलते समय गलत रूपांतरण गुणांक उपयोग करना।
• परमाणु आयतन और आण्विक आयतन में अंतर न समझना।

Exam Tips:

a) दोनों आयतन एक ही मात्रक (\(\text{m}^3\)) में होने चाहिए।
b) सैद्धांतिक कारण (अंतर-परमाणु दूरी का अधिक होना) स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question 1.16: इस सामान्य प्रेक्षण की स्पष्ट व्याख्या कीजिए: यदि आप तीव्र गति से गतिमान किसी रेलगाड़ी की खिड़की से बाहर देखें तो समीप के पेड़, मकान आदि रेलगाड़ी की गति की विपरीत दिशा में तेजी से गति करते प्रतीत होते हैं, परन्तु दूरस्थ पिण्ड (पहाड़ियाँ, चंद्रमा, तारे आदि) स्थिर प्रतीत होते हैं। (वास्तव में, क्योंकि आपको ज्ञात है कि आप चल रहे हैं, इसलिए, ये दूरस्थ वस्तुएं आपको अपने साथ चलती हुई प्रतीत होती हैं)।

Answer:

दृष्टि रेखा को किसी वस्तु और प्रेक्षक की आंख को मिलाने वाली एक काल्पनिक रेखा के रूप में परिभाषित किया गया है। जब हम चलती ट्रेन में बैठे हुए अपने आस-पास की स्थिर वस्तुओं जैसे: पेड़, घर आदि को देखते हैं, तो वे विपरीत दिशा में तेजी से भागते हुए दिखाई देते हैं क्योंकि दृष्टि रेखा की स्थिति बहुत तेजी से बदलती है। दूसरी ओर, दूर की वस्तुएँ जैसे पेड़, तारे आदि दूरी के कारण स्थिर दिखाई देते हैं। नतीजतन, दृष्टि रेखा तेजी से अपनी दिशा नहीं बदलती है।

मुख्य बिंदु:

• यह परिघटना लंबन (parallax) के सिद्धांत पर आधारित है।
• पास की वस्तुओं के लिए दृष्टि रेखा तेजी से घूमती है, जबकि दूर की वस्तुओं के लिए यह लगभग स्थिर रहती है।

आम गलतियाँ:

• इसे वास्तविक गति समझ लेना जबकि यह केवल आपेक्षिक दृश्य प्रभाव है।
• लंबन कोण की अवधारणा को स्पष्ट न करना।

Exam Tips:

a) 'दृष्टि रेखा' (line of sight) और 'लंबन' शब्दों का प्रयोग उत्तर में अवश्य करें।
b) समीप और दूर की वस्तुओं के अंतर को स्पष्ट रूप से समझाएँ।

 

Question 1.17: सूर्य एक ऊष्म प्लाज्मा (आयनिकीकृत पदार्थ) है जिसके आंतरिक क्रोड का ताप \(10^7\text{ K}\), से अधिक और बाह्य पृष्ठ का ताप लगभग \(6000\text{ K}\) है। इतने अधिक ताप पर कोई भी पदार्थ ठोस या तरल प्रावस्था में नहीं रह सकता। आपको सूर्य का द्रव्यमान किस परिसर में होने की आशा है? क्या यह ठोस, तरलों या गैसों के घनत्वों के परिसर में है? क्या आपका अनुमान सही है, इसकी जाँच आप निम्नलिखित आंकड़ों के आधार पर कर सकते हैं: सूर्य का द्रव्यमान \(= 2.0 \times 10^{30}\text{ kg}\), सूर्य की त्रिज्या \(= 7.0 \times 10^8\text{ m}\)

Answer:

सूर्य का द्रव्यमान, \( M = 2.0 \times 10^{30}\text{ kg} \)
सूर्य की त्रिज्या, \( R = 7.0 \times 10^8\text{ m} \)
सूर्य का आयतन, \( V = \frac{4}{3}\pi R^3 = \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times (7.0 \times 10^8)^3 \)
\( = \frac{88}{21} \times 343 \times 10^{24} = 1437.3 \times 10^{24}\text{ m}^3 \)
सूर्य का घनत्व \( = \frac{\text{द्रव्यमान}}{\text{आयतन}} \)
\( = \frac{2.0 \times 10^{30}}{1437.3 \times 10^{24}} = 1.4 \times 10^3\text{ kg/m}^3 \)
सूर्य का घनत्व ठोस और तरल पदार्थ की घनत्व सीमा में है। यह उच्च घनत्व सूर्य की बाहरी परत पर आंतरिक परतों के तीव्र गुरुत्वाकर्षण के कारण है।

मुख्य बिंदु:

• गोले के आयतन के सूत्र का उपयोग करके औसत घनत्व निकाला जाता है।
• अत्यधिक उच्च गुरुत्वाकर्षण के कारण केंद्र के पास गैसों का घनत्व ठोस या द्रव जैसा हो जाता है।

आम गलतियाँ:

• त्रिज्या का घन करते समय घातों की गणना में त्रुटि करना।
• प्लाज्मा अवस्था और घनत्व के बीच के संबंध को गलत समझना।

Exam Tips:

a) पहले आयतन निकालें और फिर घनत्व के सूत्र \( d = \frac{M}{V} \) का प्रयोग करें।
b) परिणाम की तुलना सामान्य पदार्थों के घनत्व से करके निष्कर्ष लिखें।

 

Step-by-Step Textbook Answers: Class 11 Physics Chapter 01 मात्रक और मापन

Accessing Chapter 01 मात्रक और मापन Solutions

Access structured NCERT textbook solutions for Chapter 01 मात्रक और मापन. Designed in alignment with the latest academic curriculum for Class 11 Physics, these answers cover all end-of-chapter exercises to support daily learning and homework completion.

Concept-Driven Answers for Class 11 Physics

Each solution includes detailed reasoning to foster genuine comprehension of Chapter 01 मात्रक और मापन concepts. Reviewing these step-by-step breakdowns allows learners to master both analytical and descriptive questions expected in school evaluations.

Maximizing Study Efficiency

Frequent review of these structured answers builds strong analytical capabilities and response efficiency. Maximize your academic readiness by combining these textbook solutions with our curated study materials and mock evaluations for Class 11 Physics.

FAQs

Where can I find the latest NCERT Solutions Class 11 Physics Chapter 01 Units and Measurements (मात्रक और मापन) in Hindi for the 2026-27 session?

The complete and updated NCERT Solutions Class 11 Physics Chapter 01 Units and Measurements (मात्रक और मापन) in Hindi is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 11 Physics are as per latest NCERT curriculum.

Are the Physics NCERT solutions for Class 11 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the NCERT Solutions Class 11 Physics Chapter 01 Units and Measurements (मात्रक और मापन) in Hindi as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Physics concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 11 NCERT solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using NCERT language because NCERT marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our NCERT Solutions Class 11 Physics Chapter 01 Units and Measurements (मात्रक और मापन) in Hindi will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer NCERT Solutions Class 11 Physics Chapter 01 Units and Measurements (मात्रक और मापन) in Hindi in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 11 Physics. You can access NCERT Solutions Class 11 Physics Chapter 01 Units and Measurements (मात्रक और मापन) in Hindi in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Physics NCERT solutions for Class 11 as a PDF?

Yes, you can download the entire NCERT Solutions Class 11 Physics Chapter 01 Units and Measurements (मात्रक और मापन) in Hindi in printable PDF format for offline study on any device.