Official CBSE Assignments for Class 11 History
Explore structured practice materials through the CBSE Class 11 History Paths to Modernization Hindi Assignment. Tailored for Class 11 learners, utilizing these History assignments ensures thorough preparation and strengthens foundational knowledge before final CBSE evaluations.
Solved Practice Assignments for History
Navigate directly to the solved History assignments using the digital viewer below. Each practice set includes detailed step-by-step solutions, allowing students to instantly cross-check their work and identify areas requiring further revision.
अति लघु प्रश्न (2 अंक वाले)
Question 1. शोगुण के अर्थ को स्पष्ट कीजिए।
Answer: शोगुण का अर्थ 'सर्वविजयी सेनानी' है। 19वीं शताब्दी से पहले जापान में सामंती शासन-पद्धति का प्रचलन था, और शासन पर अधिकार करने वाले सामंत को शोगुण कहा जाता था जो सैद्धांतिक रूप से राजा के नाम पर शासन करते थे।
In simple words: शोगुण जापान के वे शक्तिशाली सामंत थे जो राजा के नाम पर शासन करते थे।
Exam Tip: 'सर्वविजयी सेनानी' शब्द को मुख्य रूप से याद रखें क्योंकि यह परीक्षा में अक्सर एक अंक के प्रश्न में पूछा जाता है।
Question 2. जापान को अमीर देश क्यों समझा जाता था? स्पष्ट कीजिए।
Answer: जापान को एक अमीर देश समझा जाता था क्योंकि वह चीन से रेशम और भारत से कपड़ा जैसी विलासिता की वस्तुएँ आयात करता था और इसके बदले में उनकी कीमत सोने या चाँदी के रूप में चुकाता था।
In simple words: महंगे रेशम और कपड़े जैसे विलासिता के सामान आयात करने के कारण जापान को अमीर माना जाता था।
Exam Tip: चीन से रेशम और भारत से कपड़े के आयात के बिंदुओं को स्पष्ट रूप से लिखें।
Question 3. मेजी की पुनर्रस्थापना के दो महत्वपूर्ण कारण लिखिए।
Answer: मेजी पुनर्रस्थापना के दो महत्वपूर्ण कारण निम्नलिखित थे:
1. देश में राजनीतिक और आर्थिक स्तर पर जनता में भारी असंतोष था।
2. देश के भीतर अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और कूटनीतिक संबंधों को स्थापित करने की तीव्र मांग की जा रही थी।
In simple words: आंतरिक असंतोष और बाहरी व्यापार की मांग ने मेजी पुनर्रस्थापना का मार्ग प्रशस्त किया।
Exam Tip: कारणों को बिंदुओं में लिखने से परीक्षक पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।
Question 4. फुकुजावा यूकिची कौन थे? उनके उद्देश्यों को स्पष्ट कीजिए।
Answer: फुकुजावा यूकिची मेजी काल के एक प्रमुख बुद्धिजीवी और विचारक थे। उनका मुख्य उद्देश्य यह था कि जापान को अपनी पुरानी एशियाई रूढ़ियों और विशेषताओं को छोड़ देना चाहिए तथा पश्चिमी आधुनिकता और संस्कृति को अपनाकर पश्चिम का हिस्सा बन जाना चाहिए।
In simple words: वे मेजी काल के महान विचारक थे जो जापान को पश्चिमी रंग में रंगना चाहते थे।
Exam Tip: फुकुजावा यूकिची का नाम और उनका पश्चिमीकरण का विचार इतिहास के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Question 5. जापान का 'एक आधुनिक समाज' में रूपांतरण किस प्रकार हुआ? स्पष्ट कीजिए।
Answer: जापान का आधुनिक समाज में रूपांतरण इस प्रकार हुआ कि वहाँ पारंपरिक पैतृक परिवार व्यवस्था, जिसमें कई पीढ़ियाँ एक साथ रहती थीं, धीरे-धीरे एकल परिवार व्यवस्था में बदल गई क्योंकि लोग आर्थिक रूप से समृद्ध होने लगे और जीवनशैली में बदलाव आया।
In simple words: आर्थिक समृद्धि के साथ संयुक्त परिवार टूटकर एकल परिवारों में बदलने लगे, जिससे आधुनिक समाज का निर्माण हुआ।
Exam Tip: 'पैतृक परिवार व्यवस्था' से 'एकल परिवार' में बदलाव इस प्रश्न का मुख्य केंद्रीय बिंदु है।
Question 6. अमेरिका द्वारा जापान के कौन से दो शहरों पर नाभिकीय बम गिराए गए और क्यों?
Answer: अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी नगरों पर नाभिकीय बम गिराए। ऐसा इसलिए किया गया ताकि द्वितीय विश्व युद्ध को बहुत जल्दी समाप्त किया जा सके और जापान को घुटने टेकने पर मजबूर किया जा सके।
In simple words: युद्ध को जल्द खत्म करने के लिए अमेरिका ने हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए थे।
Exam Tip: शहरों के नाम (हिरोशिमा और नागासाकी) तथा युद्ध का संदर्भ अवश्य दें।
Question 7. एक युद्धोत्तर 'चमत्कार' से क्या तात्पर्य है?
Answer: युद्धोत्तर 'चमत्कार' से तात्पर्य द्वितीय विश्व युद्ध में भयानक हार और भारी तबाही के बावजूद जापानी अर्थव्यवस्था का अत्यंत अल्प समय में आश्चर्यजनक रूप से पुनർनिर्माण और तीव्र विकास होना है।
In simple words: युद्ध में बर्बाद होने के बाद जापान की अर्थव्यवस्था का बहुत तेजी से दोबारा खड़ा होना ही युद्धोत्तर चमत्कार कहलाता है।
Exam Tip: इस अवधारणा को समझाते समय युद्ध की बर्बादी और तीव्र आर्थिक विकास दोनों का उल्लेख करें।
Question 8. सन यात-सेन के तीन सिद्धांत कौन से थे?
Answer: आधुनिक चीन के निर्माता सन यात-सेन के तीन प्रमुख सिद्धांत (सैन मिन चुई) निम्नलिखित थे:
1. राष्ट्रवाद
2. गणतंत्र
3. समाजवाद
In simple words: राष्ट्रवाद, गणतंत्र और समाजवाद सन यात-सेन के तीन प्रसिद्ध राजनीतिक सिद्धांत थे।
Exam Tip: तीनों सिद्धांतों के नाम क्रमानुसार याद रखें।
Question 9. जापान में नई विद्यालय व्यवस्था क्या थी? इसका क्या परिणाम हुआ?
Answer: जापान में 1870 के दशक से नई विद्यालय व्यवस्था शुरू हुई जिसके अंतर्गत लड़कों और लड़कियों दोनों के लिए स्कूल जाना अनिवार्य कर दिया गया और पढ़ाई की फीस बहुत कम रखी गई। इसका परिणाम यह हुआ कि 1910 तक देश में शिक्षा से कोई भी बच्चा वंचित नहीं रहा।
In simple words: अनिवार्य और सस्ती स्कूली शिक्षा के कारण 1910 तक जापान में शत-प्रतिशत बच्चे स्कूल जाने लगे।
Exam Tip: वर्ष '1870 के दशक' और '1910' के आंकड़ों को उत्तर में जरूर शामिल करें।
Question 10. जापान में स्थापित पहली संसद कौन सी थी तथा यह किस देश की सोच से प्रभावित थी?
Answer: जापान में स्थापित पहली संसद का नाम 'डाइट' (Diet) था और यह जर्मनी की राजनीतिक सोच तथा शासन प्रणाली से अत्यधिक प्रभावित थी।
In simple words: जापान की पहली संसद का नाम डाइट था, जो जर्मन विचारधारा पर आधारित थी।
Exam Tip: संसद का नाम 'डाइट' और प्रभावित देश 'जर्मनी' दोनों ऑब्जेक्टिव प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
लघु प्रश्न (5 अंक वाले)
Question 1. जापान की भौगोलिक स्थिति का पांच बिन्दुओं में वर्णन कीजिए।
Answer: जापान की भौगोलिक स्थिति की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित पाँच बिंदुओं में वर्णित हैं:
1. जापान एक द्वीप श्रृंखला वाला देश है।
2. देश की 50 प्रतिशत से अधिक जमीन पहाड़ी और असमतल है।
3. यह एक सक्रिय भूकंप वाला क्षेत्र है जहाँ अक्सर भूकम्प आते रहते हैं।
4. ओकिनावा द्वीपों की श्रृंखला इसके दक्षिण में स्थित है।
5. इसके चार सबसे बड़े मुख्य द्वीप होोंशू, क्यूशू, शिकोकु तथा होक्काइडो हैं।
In simple words: जापान द्वीपों का देश है जहाँ पहाड़ और भूकंप अधिक हैं, और इसके चार मुख्य बड़े द्वीप हैं।
Exam Tip: चार प्रमुख द्वीपों के नाम (होंशू, क्यूशू, शिकोकु, होक्काइडो) अवश्य लिखें।
Question 2. जापान पर तोकुगावा परिवार के शोगुनों ने कब से कब तक शासन किया? तथा उनकी शासन व्यवस्था का वर्णन कीजिए।
Answer: जापान पर तोकुगावा परिवार के शोगुनों ने 1603 से 1867 ईसवी तक शासन किया। उनकी शासन व्यवस्था की विशेषताएँ इस प्रकार थीं:
1. वे राजा (सम्राट) के नाम पर शासन करते थे।
2. देश लगभग 250 भागों में विभाजित था जिनका शासन 'दैम्यो' (सामंत) चलाते थे।
3. शोगुण का उन दैम्यों पर कड़ा नियंत्रण रहता था।
4. शोगुण देश के प्रमुख बड़े शहरों और खानों पर भी सीधा नियंत्रण रखते थे।
In simple words: तोकुगावा शोगुनों ने 1603 से 1867 तक सम्राट के नाम पर शासन किया और देश को छोटे क्षेत्रों में बांटकर दैम्यों के जरिए नियंत्रित किया।
Exam Tip: समयकाल (1603-1867) और 'दैम्यो' शब्द का उल्लेख करना अनिवार्य है।
Question 3. उन कारणों का वर्णन कीजिये जिनके कारण जापान समृद्ध देश माना जाता था।
Answer: जापान को एक समृद्ध देश माने जाने के प्रमुख कारण निम्नलिखित थे:
1. वह चीन से रेशम और भारत से कपड़ा जैसी महँगी विलासिता की वस्तुएँ आयात करता था।
2. इन आयातों के भुगतान के लिए उसे भारी मात्रा में सोना और चाँदी के रूप में कीमत चुकानी पड़ती थी।
3. बाद में अर्थव्यवस्था नई दिशाओं में विकसित हुई जहाँ मुद्रा का बढ़ता इस्तेमाल और चावल का शेयर बाजार स्थापित हुआ।
4. जापान के 'निशिजिन' का रेशम पूरी दुनिया में बेहतरीन रेशम माना जाने लगा था।
In simple words: विलासिता के सामानों के बड़े पैमाने पर आयात और मजबूत आंतरिक अर्थव्यवस्था के कारण जापान समृद्ध कहलाता था।
Exam Tip: 'निशिजिन का रेशम' और सोने-चांदी से भुगतान के बिंदुओं को विशेष रूप से हाइलाइट करें।
Question 4. जापान में 1870 के दशक में अपनाई गई नई विद्यालय व्यवस्था का उल्लेख कीजिए।
Answer: 1870 के दशक में जापान में लागू की गई नई शिक्षा व्यवस्था के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
1. लड़कों और लड़कियों दोनों के लिए स्कूल जाना अनिवार्य कर दिया गया।
2. पढ़ाई की फीस बहुत कम रखी गई ताकि सभी बच्चे पढ़ सकें।
3. शिक्षा मंत्रालय पाठ्यचर्या, किताबों के चयन और शिक्षकों के प्रशिक्षण पर कड़ा नियंत्रण रखता था।
4. स्कूली किताबों में माता-पिता के प्रति, राष्ट्र के प्रति वफादारी और अच्छे नागरिक बनने की प्रेरणा दी जाती थी।
In simple words: 1870 के दशक में सस्ती और अनिवार्य स्कूली शिक्षा शुरू हुई जिसमें राष्ट्रभक्ति और अच्छे संस्कारों पर जोर दिया गया।
Exam Tip: अनिवार्य शिक्षा और नैतिक मूल्यों (माता-पिता व राष्ट्रभक्ति) के पाठों का जिक्र अवश्य करें।
Question 5. सन यात-सेन कौन थे? उनके तीन सिद्धांतों का विस्तार से वर्णन कीजिए।
Answer: सन यात-सेन (1866-1925) आधुनिक चीन के संस्थापक माने जाते हैं। उनके तीन प्रमुख सिद्धांत (सैन मिन चुई) निम्नलिखित थे:
1. राष्ट्रवाद - इसका अर्थ मांचू राजवंश को सत्ता से हटाकर विदेशी शासन का अंत करना था।
2. गणतंत्र - इसका उद्देश्य चीन में एक लोकतांत्रिक और गणतांत्रिक सरकार की स्थापना करना था।
3. समाजवाद - इसका तात्पर्य पूंजी का नियमन करना तथा भू-स्वामित्व में बराबरी लाना था ताकि गरीबों का कल्याण हो सके।
In simple words: सन यात-सेन आधुनिक चीन के निर्माता थे जिन्होंने राष्ट्रवाद, गणतंत्र और समाजवाद का सिद्धांत दिया।
Exam Tip: उनके जीवनकाल (1866-1925) और तीनों सिद्धांतों की परिभाषा स्पष्ट रूप से लिखें।
Question 6. चीन की पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की सरकार कब कायम हुई तथा यह किस सिद्धांत पर आधारित थी? इसकी सफलताओं का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
Answer: चीन की पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की सरकार 1949 में कायम हुई। यह 'नए लोकतंत्र' के सिद्धांतों पर आधारित थी।
इसकी प्रमुख सफलताएँ निम्नलिखित थीं:
1. इसमें सभी सामाजिक वर्गों का संगठन करके एक व्यापक लोकतंत्र की स्थापना की गई।
2. अर्थव्यवस्था के मुख्य क्षेत्रों को सरकार के प्रत्यक्ष नियंत्रण में रखा गया।
3. निजी कारखानों और भूमि के निजी स्वामित्व को धीरे-धीरे समाप्त कर सामाजिक स्वामित्व लाया गया।
Answer: पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की स्थापना 1949 में हुई, जिसने अर्थव्यवस्था पर सरकारी नियंत्रण स्थापित किया।
In simple words: 1949 में स्थापित नई चीनी सरकार ने समाजवादी और लोकतांत्रिक तरीकों से अर्थव्यवस्था और समाज को नियंत्रित किया।
Exam Tip: वर्ष 1949 और 'नए लोकतंत्र' के सिद्धांत को उत्तर की शुरुआत में जरूर लिखें।
दीर्घ प्रश्न (10 अंक वाले)
Question 1. मेजी शासन के अन्तर्गत जापान में अर्थव्यवस्था का आधुनिकीकरण किस प्रकार हुआ? पर्यावरण पर उद्योगों के विकास का क्या प्रभाव पड़ा।
Answer: मेजी शासन के अंतर्गत जापान की अर्थव्यवस्था का आधुनिकीकरण बहुत तेजी से हुआ। सरकार ने कृषि पर कर लगाकर धन एकत्रित किया, देश भर में आधुनिक रेल लाइनों का विकास किया गया, वस्त्र उद्योग में आधुनिक मशीनों का प्रयोग शुरू हुआ और मजदूरों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही आधुनिक बैंकिंग संस्थाओं का भी प्रारंभ हुआ।
पर्यावरण पर प्रभाव: उद्योगों और कारखानों के तीव्र विकास के कारण पर्यावरण पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा। औद्योगीकरण से निकलने वाले धुएँ, कचरे और रासायनिक प्रदूषण ने जापान के प्राकृतिक पर्यावरण और स्वास्थ्य को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचाया, जिसके विरुद्ध उस समय आवाज भी उठाई गई थी।
In simple words: मेजी शासन में रेल, बैंक और कारखाने बनाकर अर्थव्यवस्था तो चमका दी गई, लेकिन प्रदूषण बढ़ने से पर्यावरण को भारी नुकसान हुआ।
Exam Tip: आधुनिकीकरण के आर्थिक उपायों (रेल, बैंक, मशीनें) के साथ-साथ पर्यावरण पर पड़े नकारात्मक प्रभावों का संतुलन बनाकर उत्तर लिखें।
Question 2. कुओमिनतांग के नेता के रूप में 'चियांग काई-शेक' के कार्यों का उल्लेख कीजिए। तथा कुओमिनतांग की असफलता के कारणों को वर्णित कीजिए।
Answer: कुओमिनतांग (नेशनल पीपुल्स पार्टी) के नेता के रूप में चियांग काई-शेक ने सन यात-सेन की मृत्यु के बाद पार्टी की कमान संभाली। उनके प्रमुख कार्य और असफलता के कारण निम्नलिखित हैं:
चियांग काई-शेक के कार्य: उन्होंने एक बड़े सैन्य अभियान के जरिए देश के ताकतवर वारलार्ड्स (स्थानीय सैन्य सरदारों) को अपने नियंत्रण में लिया और चीन से साम्यवादियों को खत्म करने का प्रयास किया। उन्होंने देश में सैन्य शासन को मजबूत किया और विदेशी ताकतों का सामना करने की नीति अपनाई।
कुओमिनतांग की असफलता के कारण:
1. यह पार्टी केवल शहरी एलीट और भूस्वामियों के हितों का ध्यान रखती थी, जिससे आम किसान और जनता इससे कट गई।
2. पार्टी के भीतर भारी भ्रष्टाचार और कुप्रशासन फैल गया था।
3. वे जापानी आक्रमण का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने और जनता की बुनियादी समस्याओं (जैसे गरीबी और भूमि सुधार) को हल करने में असफल रहे, जिससे चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को मजबूती मिली।
In simple words: चियांग काई-शेक ने वारलार्ड्स को कुचला, लेकिन भ्रष्टाचार और किसानों की उपेक्षा के कारण कुओमिनतांग असफल हो गई।
Exam Tip: चियांग काई-शेक के सैन्य अभियानों और पार्टी की असफलता के सामाजिक-आर्थिक कारणों को अलग-अलग हेडिंग में स्पष्ट करें।
Question 3. मेजी पुनर्रस्थापना से पूर्व जापान की राजनीतिक स्थिति का वर्णन कीजिए।
Answer: मेजी पुनर्रस्थापना (1868) से पूर्व जापान की राजनीतिक स्थिति अत्यधिक जटिल और सामंती थी। इसकी मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित थीं:
1. देश में शोगुण शासन प्रणाली प्रचलित थी जहाँ वास्तविक सत्ता तोकुगावा वंश के शोगुनों के हाथ में थी, जबकि सम्राट केवल नाममात्र का शासक (क्योतो में) रह गया था.
2. देश लगभग 250 छोटे-बड़े प्रशासनिक भागों (राज्यों) में बंटा हुआ था जिन पर स्थानीय सामंत जिन्हें 'दैम्यो' कहा जाता था, शासन करते थे.
3. शोगुण इन सभी दैम्यों पर कड़ा नियंत्रण रखते थे और प्रमुख शहरों तथा खानों पर उनका सीधा अधिकार था.
4. समाज सख्त पदानुक्रम (Hierarchy) में बंटा हुआ था जिसमें समुराई योद्धा वर्ग का विशेष प्रभाव था.
In simple words: मेजी पुनर्रस्थापना से पहले जापान में शोगुण और सामंतों (दैम्यो) का राज था, जहाँ सम्राट के पास कोई असली ताकत नहीं थी।
Exam Tip: 'शोगुण', 'दैम्यो' और नाममात्र के सम्राट की स्थिति का जिक्र इस उत्तर की रीढ़ है।
Question 4. ताइवान का एक लोकतंत्र में रूपांतरण एक नाटकीय मोड़ था? स्पष्ट कीजिए।
Answer: ताइवान का एक लोकतंत्र में रूपांतरण वाकई एक नाटकीय मोड़ था क्योंकि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा मुख्य भूमि चीन में पराजित होने के बाद चियांग काई-शेक और उनकी पार्टी कुओमिनतांग ने 30 करोड़ से अधिक अमेरिकी डॉलर और बेशकीमती कलाकृतियाँ लेकर 1949 में ताइवान की ओर पलायन किया था। वहाँ उन्होंने शुरुआत में एक कठोर सत्तावादी और तानाशाही नियंत्रण वाली सरकार स्थापित की थी। परंतु समय के साथ, जनता के संघर्ष और राजनीतिक सुधारों के फलस्वरूप इस तानाशाही सत्ता का एक जीवंत और सफल लोकतंत्र में रूपांतरण हो गया, जिसे एक नाटकीय ऐतिहासिक घटना माना जाता है।
In simple words: चीन से हारकर ताइवान भागे चियांग काई-शेक ने तानाशाही राज कायम किया था, जो बाद में नाटकिए रूप से एक पूर्ण लोकतंत्र बन गया।
Exam Tip: 1949 के पलायन और तानाशाही से लोकतंत्र की ओर यात्रा के नाटकीय बदलाव को बिंदुओं के साथ समझाएं।
Question 5. आधुनिकता के दो मार्ग से क्या तात्पर्य है? तथा चीन और जापान में ये मार्ग किस प्रकार भिन्न-भिन्न है? उल्लेख कीजिए।
Answer: आधुनिकता के दो मार्ग से तात्पर्य राष्ट्रों द्वारा अपने समाज, अर्थव्यवस्था और राजनीतिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए चुने गए अलग-अलग रास्तों से है। चीन और जापान ने आधुनिकीकरण के लिए बिल्कुल भिन्न मार्ग अपनाए:
1. जापान का मार्ग: जापान ने पश्चिम के उपनिवेशवाद के खतरे से बचने के लिए 'स्वयं को पश्चिमी देशों के समान शक्तिशाली बनाओ' की नीति अपनाई। उसने राजा (सम्राट) के नेतृत्व में तेजी से पश्चिमी तर्ज पर सैन्य, शैक्षिक, औद्योगिक और संस्थागत सुधार किए, बिना अपनी संप्रभुता खोए आधुनिकता हासिल की।
2. चीन का मार्ग: इसके विपरीत, चीन को पश्चिमी और जापानी साम्राज्यवाद के कारण भारी अपमान, विदेशी कब्जों और आंतरिक पतन का सामना करना पड़ा। चीन ने अपनी संप्रभुता की पुनर्प्राप्ति के लिए पहले मांचू राजवंश को उखाड़ फेंका, फिर लंबे संघर्ष और गृहयुद्ध के बाद साम्यवादी क्रांति (1949) का मार्ग चुना, जिसमें राज्य के कड़े नियंत्रण के तहत समाज और अर्थव्यवस्था का कायापलट किया गया।
In simple words: जापान ने सम्राट के अधीन तेजी से पश्चिमी तौर-तरीके अपनाए, जबकि चीन ने विदेशी शोषण और आंतरिक संघर्ष के बाद साम्यवादी क्रांति के जरिए आधुनिकता पाई।
Exam Tip: चीन और जापान के ऐतिहासिक अनुभवों (जापान का स्वतंत्र आधुनिकीकरण बनाम चीन का विदेशी हस्तक्षेप और क्रांति) की तुलना स्पष्ट रूप से करें।
फुकुजावा यूकिची (1835-1901)
Question 1. जापान के एक बुद्धिजीवी का नाम लिखिए। जापान के विषय में उनका क्या मत था?
Answer: जापान के एक प्रमुख बुद्धिजीवी का नाम फुकुजावा यूकिची था। जापान के विषय में उनका यह मत था कि जापान को अपनी पुरानी एशियाई परंपराओं और लक्षणों को पूरी तरह से त्याग देना चाहिए तथा पश्चिमी संस्कृति और आधुनिकता को अपनाकर पश्चिम का हिस्सा बन जाना चाहिए।
In simple words: फुकुजावा यूकिची का मानना था कि जापान को एशिया को छोड़कर पश्चिमी देशों की तरह आधुनिक बन जाना चाहिए।
Exam Tip: बुद्धिजीवी का नाम और उनका पश्चिमीकरण का दृष्टिकोण मुख्य बिंदु है।
Question 2. "स्वर्ग ने इंसान को इंसान के ऊपर नहीं बनाया है" यह कथन किस पुस्तक से लिया गया है।
Answer: यह प्रसिद्ध कथन उनकी पुस्तक 'ज्ञान के लिए प्रोत्साहन' (गाकुनोसु सुसुमे, 1872-78) से लिया गया है।
In simple words: यह विचार उनकी प्रसिद्ध पुस्तक 'ज्ञान के लिए प्रोत्साहन' में दर्ज है।
Exam Tip: पुस्तक का नाम और उसका जापानी शीर्षक दोनों याद रखें।
Question 3. लेखक ने किस चीज को बढ़ावा देने की बात कही है?
Answer: लेखक ने आधुनिक कारखानों, संस्थाओं तथा पश्चिम के सांस्कृतिक सारतत्व को बढ़ावा देने की बात कही है जिसे वे सभ्यता की असली आत्मा मानते थे ताकि एक नए और आधुनिक नागरिक का निर्माण किया जा सके।
In simple words: लेखक ने पश्चिमी संस्कृति, आधुनिक कारखानों और संस्थाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया है।
Exam Tip: पश्चिमी संस्कृति के सारतत्व और आधुनिक संस्थानों के विकास के बिंदु को लिखें।
परीक्षा प्रणाली
Question 1. चीन में अभिजात सत्ताधारी वर्ग में प्रवेश परीक्षा की प्रणाली का वर्णन कीजिए।
Answer: चीन में अभिजात वर्ग में प्रवेश मुख्य रूप से कठिन परीक्षाओं के जरिए होता था। इसमें शास्त्रीय चीनी भाषा में 8 भागों वाला निबंध (पा-कू वेन) निर्धारित प्रपत्र में लिखना होता था। यह परीक्षा हर 3 साल में 2 बार आयोजित की जाती थी जिसमें केवल 1 से 2 प्रतिशत लोग ही सफल हो पाते थे।
In simple words: चीन में शास्त्रीय चीनी भाषा की कठिन निबंध परीक्षाओं के जरिए ही उच्च वर्गीय पदों पर प्रवेश मिलता था।
Exam Tip: 'पा-कू वेन' और शास्त्रीय चीनी भाषा का उल्लेख अवश्य करें।
Question 2. 1850 से पूर्व सिविल और सैन्य प्रान्तिय डिग्री वालों की संख्या कितनी थी?
Answer: 1850 से पूर्व पूरे देश में 526,869 सिविल और 212,330 सैन्य प्रांतीय ('शेंग ग्वुआन') डिग्री वाले लोग मौजूद थे।
In simple words: 1850 से पहले सिविल डिग्रीधारक 5,26,869 और सैन्य डिग्रीधारक 2,12,330 थे।
Exam Tip: दोनों आंकड़ों (सिविल और सैन्य) को सटीक रूप से याद रखें।
Question 3. चीन में यह प्रणाली कब व क्यों समाप्त हुई?
Answer: चीन में यह परीक्षा प्रणाली 1905 में समाप्त कर दी गई क्योंकि यह केवल साहित्यिक कौशल और क्लासिक चीनी सीखने के हुनर पर आधारित थी, जिसकी आधुनिक विश्व में कोई प्रासंगिकता नहीं बची थी और यह विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के विकास में बाधक बन रही थी।
In simple words: आधुनिक दुनिया में उपयोगी न होने और विज्ञान के विकास में बाधा बनने के कारण 1905 में यह परीक्षा प्रणाली बंद कर दी गई।
Exam Tip: समाप्ति का वर्ष '1905' और उसका कारण (आधुनिक युग में अप्रासंगिक होना) परीक्षा की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है।
Question 4. पुरानी चीनी परीक्षा-प्रणाली कब तथा किस युद्ध के बाद समाप्त की गई?
Answer: पुरानी चीनी परीक्षा-प्रणाली 1905 में, पहले अफीम युद्ध (1839-1842) के पश्चात और बदलते राजनीतिक-सामाजिक सुधारों के दबाव के दौर में समाप्त की गई।
In simple words: अफीम युद्धों के बाद आए बदलावों के परिणामस्वरूप 1905 में यह पुरानी परीक्षा प्रणाली समाप्त हुई।
Exam Tip: 1905 का वर्ष और अफीम युद्धों के प्रभाव का संदर्भ दें।
कार क्लब
Question 1. मोगा शब्द से क्या तात्पर्य है?
Answer: 'मोगा' शब्द 'आधुनिक लड़की' के लिए एक संक्षिप्त (शॉर्ट) शब्द है। यह 20वीं शताब्दी में लिंग बराबरी, कॉस्मोपॉलिटन (विश्वजनीन) संस्कृति और विकसित अर्थव्यवस्था के विचारों के एक साथ मिलने का सूचक था।
In simple words: 'मोगा' 20वीं सदी में आधुनिक और स्वतंत्र विचारों वाली जापानी लड़की के लिए इस्तेमाल होने वाला शब्द था।
Exam Tip: 'मोगा' का अर्थ 'आधुनिक लड़की' है, इसे बहुविकल्पीय प्रश्नों के लिए भी याद रखें।
Question 2. 1978 में जनता के लिए किये गये किन्हीं दो कार्यों का वर्णन कीजिए।
Answer: 1878 (पाठ्यक्रमानुसार 1878) में जनता के लिए किए गए दो प्रमुख कार्य निम्नलिखित थे:
1. जनता के सैर-सपाटे और मनोरंजन के लिए सार्वजनिक बाग (Parks) बनाए गए।
2. बड़े पैमाने पर डिपार्टमेंट स्टोर जैसी आधुनिक बड़ी दुकानें खुलने लगीं।
In simple words: जनता के लिए पार्क बनाए गए और बड़ी दुकानें यानी डिपार्टमेंट स्टोर खुलने लगे।
Question 3. 'गिनबुरा' और 'बुरबुरा' का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
Answer: 'गिनबुरा' टोक्यो का एक फैशनेबल इलाका था जो 'गिन्जा' और 'बुरबुरा' शब्दों को मिलाकर बनाया गया था। यहाँ 'बुरबुरा' का अर्थ 'बिना किसी निश्चित लक्ष्य के आवारा की तरह घूमना' होता है।
In simple words: 'बुरबुरा' का मतलब बिना उद्देश्य के घूमना है, जिससे मिलकर फैशनेबल क्षेत्र 'गिनबुरा' बना।
Exam Tip: 'बुरबुरा' का शाब्दिक अर्थ (बिना लक्ष्य के घूमना) परीक्षा में अक्सर पूछा जाता है।
Question 4. पहला रेडियो-स्टेशन कब खुला तथा फिल्में कब बनने लगीं?
Answer: जापान में पहला रेडियो-स्टेशन 1925 में खुला तथा फिल्में 1899 में बनना शुरू हुईं, जिसके बाद जल्द ही दर्जनों कंपनियाँ सैकड़ों की संख्या में फिल्में बनाने लगीं।
In simple words: पहला रेडियो स्टेशन 1925 में खुला और फिल्में 1899 से बननी शुरू हो गईं।
Exam Tip: दोनों वर्षों (रेडियो: 1925, फिल्में: 1899) को ठीक से याद रखें।
जापानी भाषा और लिपियाँ
Question 1. जापानी भाषा में एक साथ कितनी लिपियों का प्रयोग होता है? एक का नाम लिखिये तथा वह कहां से ली गई?
Answer: जापानी भाषा में एक साथ तीन लिपियों का प्रयोग होता है। उनमें से एक लिपि 'कांजी' है, जिसे जापानियों ने चीनियों से छठी शताब्दी में लिया था।
In simple words: जापानी भाषा में तीन लिपियों का प्रयोग होता है, जिसमें कांजी चीन से ली गई है।
Exam Tip: तीन लिपियों का प्रयोग और कांजी का चीनी मूल याद रखें।
Question 2. दो ध्वनात्मक वर्णमालाओं के नाम लिखिए।
Answer: जापानी भाषा की दो ध्वनात्मक वर्णमालाएँ 'हिर्रागाना' और 'कताकाना' हैं।
In simple words: हिर्रागाना और कताकाना जापानी भाषा की दो ध्वनात्मक वर्णमालाएँ हैं।
Exam Tip: दोनों वर्णमालाओं के नाम सही वर्तनी के साथ लिखें।
Question 3. 1880 के दशक में क्या सुझाव दिया गया? क्या वह सफल हुआ?
Answer: 1880 के दशक में यह सुझाव दिया गया कि जापानी भाषा को या तो पूरी तरह से ध्वनात्मक लिपि में विकसित कर लिया जाए या फिर किसी यूरोपीय भाषा को अपना लिया जाए। परंतु, इनमें से कुछ भी नहीं किया गया और पुरानी मिश्रित लिपि प्रणाली ही जारी रही।
In simple words: 1880 के दशक में भाषा को पूरी तरह ध्वनात्मक बनाने या यूरोपीय भाषा अपनाने का सुझाव दिया गया था, जो सफल नहीं हुआ।
Exam Tip: सुझाव और उसकी असफलता (कुछ भी नहीं बदला गया) का उल्लेख करें।
Question 4. हीरागाना नारी सुलभ समझी जाती थी क्यों? स्पष्ट कीजिए।
Answer: हीरागाना को नारी सुलभ इसलिए समझा जाता था क्योंकि हेआन काल में बहुत सी महिला लेखिकाओं (जैसे मुरासाकी) ने इसका बड़े पैमाने पर अपनी रचनाओं में इस्तेमाल किया था, जबकि पुरुष शास्त्रीय चीनी भाषा का प्रयोग करते थे।
In simple words: हेआन काल की महिला लेखिकाओं द्वारा बड़े पैमाने पर उपयोग किए जाने के कारण हीरागाना को महिलाओं की लिपि माना गया।
Exam Tip: हेआन काल और महिला लेखिकाओं (मुरासाकी) का संदर्भ इस उत्तर का मुख्य आधार है।
मानचित्र कार्य (Map Work)
Question 1. दिये गये पूर्वी एशिया के मानचित्र में निम्नलिखित स्थानों को अंकित कीजिए - 1. तोकिया, 2. क्योतो, 3. हिरोशिमा, 4. शंघाई, 5. नागासाकी।
Answer: 1. टोकियो (Tokyo) - जापान के होंशू द्वीप के पूर्वी मध्य भाग में स्थित राजधानी।
2. क्योतो (Kyoto) - टोकियो के दक्षिण-पश्चिम में जापान का प्राचीन सांस्कृतिक नगर।
3. हिरोशिमा (Hiroshima) - होंशू द्वीप के पश्चिमी भाग (चुगोकू क्षेत्र) में स्थित शहर।
4. शंघाई (Shanghai) - चीन के पूर्वी तट पर यांग्त्ज़ी नदी के मुहाने के पास स्थित प्रमुख बंदरगाह शहर।
5. नागासाकी (Nagasaki) - क्यूशू द्वीप के पश्चिमी तट पर स्थित ऐतिहासिक नगर।
In simple words: दिए गए मानचित्र में टोकियो, क्योतो, हिरोशिमा, शंघाई और नागासाकी की सही भौगोलिक स्थिति को चिह्नित किया गया है।
Exam Tip: मानचित्र में जापान के द्वीपों और चीन के तटीय क्षेत्रों की सही स्थिति का अभ्यास करें।
Question 2. दिये गये पूर्वी एशिया के मानचित्र में 1-5 स्थानों को पहचानकर अंकित कीजिए।
Answer: 1. टोकियो
2. क्योतो
3. हिरोशिमा
4. नागासाकी
5. शंघाई
In simple words: मानचित्र में दिए गए अंकों (1 से 5) के स्थान पर क्रमशः टोकियो, क्योतो, हिरोशिमा, नागासाकी और शंघाई स्थित हैं।
Exam Tip: मानचित्र आधारित प्रश्नों में अंकों के क्रम और उनकी सही पहचान का विशेष ध्यान रखें।
Download Practice Assignments: Class 11 History Themes In World History Chapter 07 Paths To Modernisation
Revision Assignment: Themes In World History Chapter 07 Paths To Modernisation (CBSE)
Access structured practice assignments for Themes In World History Chapter 07 Paths To Modernisation designed in alignment with the latest CBSE curriculum for Class 11 History. These printable sets cover objective and descriptive problem types to support thorough revision.
Why Practice Class 11 History Assignments?
- Curriculum Standards: Assignments match modern CBSE sample formats to ensure relevant preparation.
- Thorough Revision: Detailed problem sets reinforce core concepts and eliminate conceptual weak spots.
- Execution Speed: Timed practice with assignment sets sharpens overall response timing.
Effective Strategy for Class 11 History Assignments
- Initial Reading: Begin by reading the NCERT book for Class 11 History to build a baseline understanding.
- Independent Testing: Attempt assignment questions unassisted, then verify work using provided answer keys.
- Supplementary Aids: Leverage revision notes and worksheets whenever you encounter difficult topics.
FAQs
You can download free PDF assignments for Class 11 History Themes In World History Chapter 07 Paths To Modernisation from StudiesToday.com. These practice sheets have been updated for the 2026-27 session covering all concepts from latest NCERT textbook.
Yes, our teachers have given solutions for all questions in the Class 11 History Themes In World History Chapter 07 Paths To Modernisation assignments. This will help you to understand step-by-step methodology to get full marks in school tests and exams.
Yes. These assignments are designed as per the latest CBSE syllabus for 2026. We have included huge variety of question formats such as MCQs, Case-study based questions and important diagram-based problems found in Themes In World History Chapter 07 Paths To Modernisation.
Practicing topicw wise assignments will help Class 11 students understand every sub-topic of Themes In World History Chapter 07 Paths To Modernisation. Daily practice will improve speed, accuracy and answering competency-based questions.
Yes, all printable assignments for Class 11 History Themes In World History Chapter 07 Paths To Modernisation are available for free download in mobile-friendly PDF format.