Class 9 Hindi Practice Assignments: CBSE Class 9 Hindi Grammar Assignment Set 02
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खण्ड - ख
(व्याकरण)
शब्द निर्माण - उपसर्ग - प्रत्यय
उपसर्ग
उपसर्ग वे शब्दांश हैं जो किसी शब्द के पूर्व लगकर उस शब्द का अर्थ बदल देते हैं या उसमें नई विशेषता उत्पन्न कर देते हैं।
जैसे - कु + पुत्र = कुपुत्र।
यहाँ 'कु' शब्दांश 'पुत्र' के साथ बैठकर नया शब्द गढ़ देता है। ध्यान रहे कि 'कु' शब्दांश है, शब्द नहीं। शब्द वाक्य में स्वतंत्र रूप से प्रयुक्त हो सकता है, शब्दांश नहीं। शब्दांश तो किसी शब्द के साथ जुड़कर ही नए अर्थ की रचना में सहायक होता है।
प्रश्न - अभ्यास
Question 1. निम्नलिखित शब्द में कौन - सा उपसर्ग प्रयुक्त हुआ है -
१. उन्नत
(क) उन्न
(খ) उत्
(ग) उन्
(घ) उत
Answer: (ख) उत्
उन्नत शब्द में 'उत्' उपसर्ग और 'नत' मूल शब्द है।
In simple words: उन्नत शब्द 'उत्' उपसर्ग के मिलने से बना है।
Exam Tip: व्यंजन संधि के नियमों के अनुसार 'त' का 'न' हो जाता है।
Question 2. निर्गुण
(क) नि
(খ) निर्गु
(ग) निर्
(घ) निः
Answer: (ग) निर्
निर्गुण शब्द में 'निर्' उपसर्ग तथा 'गुण' मूल शब्द है।
In simple words: निर् + गुण मिलकर निर्गुण बनता है।
Exam Tip: रेफ (र) का प्रयोग उपसर्ग के रूप में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
Question 3. उद्योग
(क) उत
(খ) उद्
(ग) उ
(घ) उय
Answer: (ख) उद्
उद्योग शब्द 'उद् + योग' से मिलकर बना है।
In simple words: उद्योग में 'उद्' उपसर्ग है।
Exam Tip: तवर्ग के प्रथम वर्ण का तृतीय वर्ण में परिवर्तन संबंधी नियम यहाँ लागू होता है।
Question 4. निश्छल
(क) निः
(খ) निश्
(ग) निस्
(घ) नि
Answer: (ख) निश्
निश्छल शब्द में 'निश्' उपसर्ग और 'छल' मूल शब्द है।
In simple words: 'निश्' उपसर्ग लगने से निश्छल बना है।
Exam Tip: विसर्ग संधि या श्चुत्व संधि के प्रभाव से 'स्' का 'श्' बनता है।
Question 5. निम्नलिखित उपसर्ग से निर्मित शब्द छाँटिए -
1. परि
(क) प्रगति
(খ) परित
(ग) परिचय
(घ) परिंदा
Answer: (ग) परिचय
परिचय शब्द 'परि + चय' से बना है।
In simple words: 'परि' उपसर्ग से बना सही शब्द परिचय है।
Exam Tip: उपसर्ग शब्द के आरंभ में जुड़कर नया अर्थ देता है।
Question 6. निर्
(क) नियम
(খ) निषेध
(ग) निपात
(घ) निर्जन
Answer: (घ) निर्जन
निर्जन शब्द 'निर् + जन' से निर्मित है जिसमें 'निर्' उपसर्ग है।
In simple words: निर्जन में 'निर्' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है।
Exam Tip: अन्य विकल्पों में 'नि' उपसर्ग का प्रयोग किया गया है।
Question 7. निम्नलिखित में मूल शब्द कौन - सा है -
१. अभिजात
(क) अभि
(খ) अभििज
(ग) जात
(घ) अभिजा
Answer: (ग) जात
अभिजात शब्द में 'अभि' उपसर्ग और 'जात' मूल शब्द है।
In simple words: 'जात' इस शब्द का मूल रूप है।
Exam Tip: उपसर्ग हटाने के बाद जो सार्थक शब्द बचे वही मूल शब्द होता है।
Question 8. न्यून
(क) यून
(খ) ऊन
(ग) न्यु
(घ) न्यू
Answer: (ख) ऊन
न्यून शब्द में 'नि' उपसर्ग तथा 'ऊन' मूल शब्द है।
In simple words: 'ऊन' इसका मूल शब्द है।
Exam Tip: यण संधि के नियमों को समझकर मूल शब्द की पहचान करें।
Question 9. स्वच्छ
(क) स्वा
(খ) वच्छ
(ग) अच्छ
(घ) छ
Answer: (ग) अच्छ
स्वच्छ शब्द 'सु + अच्छ' से बना है जिसमें 'अच्छ' मूल शब्द है।
In simple words: 'अच्छ' स्वच्छ शब्द का मूल भाग है।
Exam Tip: सु + अच्छ = स्वच्छ (यण संधि)।
Question 10. निम्नलिखित में से उपसर्ग एवं मूल शब्द अलग कीजिए -
१. प्रबल
(क) पर + बल
(খ) पर + बल्
(ग) प + बलं
(घ) प्र + बल
Answer: (घ) प्र + बल
प्रबल शब्द 'प्र' उपसर्ग और 'बल' मूल शब्द से मिलकर बना है।
In simple words: प्रबल का सही विच्छेद 'प्र + बल' है।
Exam Tip: उपसर्ग हमेशा आगे जुड़ता है।
Question 11. अनुभव
(क) अन + उभव
(খ) अनु + भव
(ग) अनू + भव
(घ) अम + उभव्
Answer: (ख) अनु + भव
अनुभव शब्द 'अनु' उपसर्ग और 'भव' मूल शब्द से बना है।
In simple words: अनु + भव मिलकर अनुभव बनाते हैं।
Exam Tip: 'अनु' एक संस्कृत का उपसर्ग है।
Question 12. धार्मिक
(क) धाम + इक
(খ) धरम + इक
(ग) धाम + ईक
(घ) धर्म + इक
Answer: (घ) धर्म + इक
धार्मिक शब्द 'धर्म' मूल शब्द और 'इक' प्रत्यय के योग से बना है।
In simple words: धर्म और इक मिलकर धार्मिक बनते हैं।
Exam Tip: यहाँ प्रत्यय का प्रयोग हुआ है, उपसर्ग का नहीं।
Question 13. निम्नलिखित में से किस शब्द में रेखांकित उपसर्ग नहीं है -
१. अनु
(क) अनुभव
(খ) अनुमान
(ग) अनुवाद
(घ) अनादर
Answer: (घ) अनादर
अनादर शब्द में 'अन्' उपसर्ग है, 'अनु' नहीं।
In simple words: अनादर में 'अनु' उपसर्ग नहीं है।
Exam Tip: शब्दों के उपसर्गों को ध्यान से पढ़ें।
Question 14. कु
(क) कुमार्ग
(খ) कुरूप
(ग) कुबुद्धि
(घ) कुरुक्षेत्र
Answer: (घ) कुरुक्षेत्र
कुरुक्षेत्र एक सामासिक/संज्ञा शब्द है, इसमें 'कु' उपसर्ग नहीं है।
In simple words: कुरुक्षेत्र में 'कु' उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है।
Exam Tip: कुरुक्षेत्र का अर्थ कौरवों का क्षेत्र है।
Question 15. अव
(क) अवगुण
(খ) अवनति
(ग) अवतरण
(घ) अवतार
Answer: (घ) अवतार
अवतार शब्द में 'अव' उपसर्ग है, किंतु विकल्पों के अनुसार सभी में 'अव' है, यहाँ मुद्रण त्रुटि के कारण उपयुक्त विकल्प का चयन करना है। (सभी में 'अव' उपसर्ग है)।
In simple words: इन सभी शब्दों में 'अव' उपसर्ग है।
Exam Tip: सभी शब्दों के आरंभ में 'अव' जुड़ा हुआ है।
प्रत्यय
जो शब्दांश धातु रूप या शब्दों के अंत में लगकर नए शब्दों का निर्माण करते हैं, उन्हें प्रत्यय कहते हैं।
जैसे - महान + ता = महानता
महानता शब्द में 'ता' प्रत्यय है।
प्रत्यय मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं -
(१) कृत प्रत्यय
(२) तद्धित प्रत्यय
(१) कृत प्रत्यय
जो प्रत्यय क्रिया के मूल धातु-रूप के साथ लगकर संज्ञा और विशेषणों का निर्माण करते हैं, वे कृत प्रत्यय कहलाते हैं। जैसे - पढ़ाई = पढ़ + आई। इसमें 'आई' प्रत्यय है।
कुछ अन्य उदाहरण -
शब्द - धातूपरूप - प्रत्यय
होनहार - हो - ना + हार
सजावट - सज - आवट
पठनीय - पठ - नीय
(२) तद्धित प्रत्यय
जो प्रत्यय क्रिया के धातु-रूपों को छोड़कर अन्य शब्दों - जैसे संज्ञा, विशेषण, सर्वनाम आदि के साथ लगकर नए शब्द बनाते हैं, वे तद्धित प्रत्यय कहलाते हैं।
जैसे - बंगाल + ई = बंगाली। यहाँ 'ई' तद्धित प्रत्यय है, क्योंकि यह बंगाल नामक शब्द के साथ मिलकर नया शब्द बना रहा है।
कुछ अन्य उदाहरण -
1. भूख + आ = भूखा
2. बुरा + आई = बुराई
3. चमक + ईला = चमकीला
4. गुण + वान = गुणवान
Question 16. निम्नलिखित शब्द में कौन - सा प्रत्यय है -
१. पारलौकिक
(क) इक
(খ) ईक
(ग) लौकिक
(घ) लोक
Answer: (क) इक
पारलौकिक शब्द में 'इक' प्रत्यय है।
In simple words: पारलौकिक में 'इक' प्रत्यय जुड़ा है।
Exam Tip: इक प्रत्यय लगने से आदि स्वर में वृद्धि हो जाती है।
Question 17. ईमानदारी
(क) ईमान
(খ) दार
(ग) बेईमान
(घ) बेईमानी
Answer: (ख) दार
ईमानदारी में 'ईमानदार' मूल शब्द के साथ 'ई' प्रत्यय है, किंतु मुख्य प्रत्यय 'दार' भी है (ईमान + दार + ई)। यहाँ विकल्प 'दार' उचित है।
In simple words: इसमें 'दार' प्रत्यय प्रमुख रूप से जुड़ा है।
Exam Tip: एक से अधिक प्रत्यय भी शब्दों में हो सकते हैं।
Question 18. घुमक्कड़
(क) क्कड़
(খ) कड़
(ग) मक्कड़
(घ) अक्कड़
Answer: (घ) अक्कड़
घुमक्कड़ शब्द में 'अक्कड़' प्रत्यय है।
In simple words: घूम + अक्कड़ मिलकर घुमक्कड़ बनाते हैं।
Exam Tip: घुमक्कड़ में 'घुम' धातु के साथ 'अक्कड़' प्रत्यय है।
Question 19. मिलावट
(क) मिल
(খ) वट
(ग) आवट
(घ) लावट
Answer: (ग) आवट
मिलावट शब्द 'मिल + आवट' से बना है।
In simple words: मिलावट में 'आवट' प्रत्यय है।
Exam Tip: क्रिया के साथ 'आवट' प्रत्यय जुड़ा है।
Question 20. निम्नलिखित में मूल शब्द कौन - सा है -
१. अपमानित
(क) अपमान
(খ) मान
(ग) नत
(घ) अप
Answer: (क) अपमान
अपमानित शब्द में 'अपमान' मूल शब्द है और 'इत' प्रत्यय है।
In simple words: 'अपमान' इसका मूल शब्द है।
Exam Tip: प्रत्यय हटाने के बाद मूल शब्द प्राप्त होता है।
Question 21. संभव
(क) सम्
(খ) संभ
(ग) साव
(घ) भव
Answer: (घ) भव
संभव शब्द में 'सम्' उपसर्ग और 'भव' मूल शब्द है।
In simple words: 'भव' इसका मूल शब्द है।
Exam Tip: संभव में सम + भव बनता है।
Question 22. भौतिकता
(क) भौतिक
(খ) भू
(ग) भूत
(घ) भौ
Answer: (क) भौतिक
भौतिकता शब्द में 'भौतिक' मूल शब्द तथा 'ता' प्रत्यय है।
In simple words: 'भौतिक' इसका मूल शब्द है।
Exam Tip: मूल शब्द में प्रत्यय जोड़कर नए शब्द बनते हैं।
Question 23. निम्नलिखित प्रत्यय से निर्मित शब्द निम्नलिखित में से नहीं है -
१. ईय
(क) पर्वतीय
(খ) स्थानीय
(ग) जातीय
(घ) पापनीय
Answer: (घ) पापनीय
पापनीय शब्द 'ईय' प्रत्यय से निर्मित नहीं है।
In simple words: पापनीय में 'ईय' प्रत्यय नहीं लगा है।
Exam Tip: प्रत्यय की पहचान शब्दों के अंत को देखकर की जाती है।
Question 24. ई
(क) घंटी
(খ) पहाड़ी
(ग) रस्सी
(घ) चौड़ाई
Answer: (घ) चौड़ाई
चौड़ाई शब्द में 'आई' प्रत्यय है, केवल 'ई' नहीं।
In simple words: चौड़ाई में 'आई' प्रत्यय का प्रयोग है।
Question 25. हार
(क) सुनार
(খ) पनिहार
(ग) खेवनहार
(घ) मनिहार
Answer: (क) सुनार
सुनार शब्द में 'हार' प्रत्यय नहीं है।
In simple words: सुनार में 'हार' प्रत्यय का प्रयोग नहीं हुआ है।
Exam Tip: अन्य सभी में 'हार' प्रत्यय जुड़ा है।
Question 26. ईला
(क) नीला
(খ) हठीला
(ग) खर्चीला
(घ) ज़हरीला
Answer: (क) नीला
नीला शब्द में 'ईला' प्रत्यय नहीं है, यह मूल रंग वाचक शब्द है।
In simple words: नीला में 'ईला' प्रत्यय नहीं है।
Exam Tip: नीला एक स्वतंत्र शब्द है।
समास
समास का तात्पर्य है 'संक्षिप्तलीकरण'। दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर बने हुए एक नवीन एवं सार्थक शब्द को समास कहते हैं। जैसे - 'रसोई के लिए घर' इसे हम 'रसोईघर' भी कह सकते हैं।
सामासिक शब्द -
समास के नियमों से निर्मित शब्द सामासिक शब्द कहलाता है। इसे समस्तपद भी कहते हैं। समास होने के बाद विभक्तियों के चिह्न (परसर्ग) लुप्त हो जाते हैं। जैसे - राजपुत्र।
समास-विग्रह -
सामासिक शब्दों के बीच के संबंध को स्पष्ट करना समास-विग्रह कहलाता है। जैसे - राजपुत्र - राजा का पुत्र।
पूर्वपद और उत्तरपद -
समास में दो पद (शब्द) होते हैं। पहले पद को पूर्वपद और दूसरे पद को उत्तरपद कहते हैं। जैसे - गंगाजल। इसमें गंगा पूर्वपद और जल उत्तरपद है।
समास के भेद -
समास के छः भेद हैं -
1. अव्ययीभाव समास।
2. तत्पुरुष समास।
3. कर्मधारय समास।
4. द्विगु समास।
5. द्वंद्व समास।
6. बहुव्रीहि समास।
1. अव्ययीभाव समास
जिस समास का पहला पद प्रधान हो और वह अव्यय हो उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं। जैसे - यथामति (मति के अनुसार), आमरण (मृत्यु तक) इनमें 'यथा' और 'आ' अव्यय हैं।
कुछ अन्य उदाहरण -
आजीवन - जीवन-भर, यथासामर्थ्य - सामर्थ्य के अनुसार
यथाशक्ति - शक्ति के अनुसार, यथाविधि - विधि के अनुसार
यथाक्रम - क्रम के अनुसार, भरपेट - पेट भरकर
हररोज़ - रोज़-रोज़, हाथोंहाथ - हाथ ही हाथ में
रातोंरात - रात ही रात में, प्रतिदिन - प्रत्येक दिन
बेशक - शक के बिना, निडर - डर के बिना
निस्संदेश - संदेह के बिना, हरसाल - हरेक साल
अव्ययीभाव समास की पहचान - इसमें समस्त पद अव्यय बन जाता है अर्थात समास होने के बाद उसका रूप कभी नहीं बदलता है। इसके साथ विभक्ति चिह्न भी नहीं लगता।
2. तत्पुरुष समास
जिस समास का उत्तरपद प्रधान हो और पूर्वपद गौण हो उसे तत्पुरुष समास कहते हैं।
जैसे - तुलसीदासकृत = तुलसी द्वारा कृत (रचित)
ज्ञातव्य - विग्रह में जो कारक प्रकट हो उसी कारक वाला वह समास होता है। विभक्तियों के नाम के अनुसार इसके छह भेद हैं -
(1) कर्म तत्पुरुष - गिरहकट (गिरह को काटनेवाला)
(2) करण तत्पुरुष - मनचाहा (मन से चाहा)
(3) संप्रदान तत्पुरुष - रसोईघर (रसोई के लिए घर)
(4) अपादान तत्पुरुष - देशनिकाला (देश से निकाला)
(5) संबंध तत्पुरुष - गंगाजल (गंगा का जल)
(6) अधिकरण तत्पुरुष - नगरवास (नगर में वास)
3. कर्मधारय समास
जिस समास का उत्तरपद प्रधान हो और पूर्वपद व उत्तरपद में विशेषण-विशेष्य अथवा उपमान-उपमेय का संबंध हो वह कर्मधारय समास कहलाता है।
| समस्त पद | समास-विग्रह | समस्त पद | समास-विग्रह |
|---|---|---|---|
| चंद्रमुख | चंद्र जैसा मुख | कमलनयन | कमल के समान नयन |
| देहलता | देह रूपी लता | दहीबड़ा | दही में डूबा बड़ा |
| नीलकमल | नीला कमल | पीतांबर | पीला अंबर (वस्त्र) |
| सज्जन | सत् (अच्छा) जन | नरसिंह | नरों में सिंह के समान |
4. द्विगु समास
जिस समास का पूर्वपद संख्यावाचक विशेषण हो उसे द्विगु समास कहते हैं। इससे समूह अथवा समाहार का बोध होता है।
| समस्त पद | समास-विग्रह | समस्त पद | समास-विग्रह |
|---|---|---|---|
| नवग्रह | नौ ग्रहों का समूह | दोपहर | दो पहरों का समाहार |
| त्रिलोक | तीनों लोकों का समाहार | चौमासा | चार मासों का समूह |
| नवरात्र | नौ रात्रियों का समूह | शताब्दी | सौ अब्दों (सालों) का समूह |
| अठन्नी | आठ आनों का समूह | - | - |
5. द्वंद्व समास
जिस समास के दोनों पद प्रधान होते हैं तथा विग्रह करने पर 'और', 'अथवा', 'या', 'एवं' लगता है, वह द्वंद्व समास कहलाता है।
| समस्त पद | समास-विग्रह | समस्त पद | समास-विग्रह |
|---|---|---|---|
| पाप-पुण्य | पाप और पुण्य | अन्न-जल | अन्न और जल |
| सीता-राम | सीता और राम | खरा-खोटा | खरा और खोटा |
| ऊँच-नीच | ऊँच और नीच | राधा-कृष्ण | राधा और कृष्ण |
6. बहुव्रीहि समास
जिस समास के दोनों पद अप्रधान हों और समस्तपद के अर्थ के अतिरिक्त कोई सांकेतिक अर्थ प्रधान हो उसे बहुव्रीहि समास कहते हैं।
त्मा
| समस्त पद | समास-विग्रह |
|---|---|
| दशानन | दश हैं आनन (मुख) जिसके अर्थात रावण |
| नीलकंठ | नीला है कंठ जिसका अर्थात शिव |
| सुलोचना | सुंदर है लोचन जिसके अर्थात् मेघनाद की पत्नी |
| पीले हैं अंबर (वस्त्र) जिसके अर्थात् श्रीकृष्णा | |
| लंबोदर | लंबा है उदर (पेट) जिसका अर्थात् गणेशजी |
| दुरात्मा | बुरी आत्मा वाला (कोई दुष्ट) |
| श्वेतांबर | श्वेत है जिसके अंबर (वस्त्र) अर्थात् सरस्वती |
संधि और समास में अंतर
संधि वर्णों में होती है। इसमें विभक्ति या शब्द का लोप नहीं होता है। जैसे - देव + आलय = देवालय। समास दो पदों में होता है। समास होने पर विभक्ति या शब्दों का लोप भी हो जाता है। जैसे - माता-पिता = माता और पिता।
कर्मधारय और बहुव्रीहि समास में अंतर - कर्मधारय में समस्त-पद का एक पद दूसरे का विशेषण होता है। इसमें शब्दाथ प्रधान होता है। जैसे - नीलकंठ = नीला कंठ। बहुव्रीहि में समस्त पद के दोनों पदों में विशेषण-विशेष्य का संबंध नहीं होता अपितु वह समस्त पद ही किसी अन्य संज्ञ आदि का विशेषण होता है। इसके साथ ही शब्दाथ गौण होता है और कोई भिन्नार्थक ही प्रधान हो जाता है। जैसे - नील + कंठ = नीला है कंठ जिसका अर्थात शिव।
प्रश्न - अभ्यास
Question 27. निम्नलिखित समस्त पद का विग्रह करके समास का नाम लिखिए -
(i) राजीवलोचन
(क) राजीव के समान लोचन - कर्मधारय समास
(খ) राजीव और लोचन - द्वंद्व समास
(ग) राजीव के लोचन - तत्पुरुष समास
(घ) राजीव जैसे लोचन हैं जिसके - बहुव्रीहि समास
Answer: (क) राजीव के समान लोचन - कर्मधारय समास
राजीवलोचन में राजीव (कमल) के समान लोचन उपमेय-उपमान संबंध है।
In simple words: यहाँ कर्मधारय समास है।
Exam Tip: उपमान-उपमेय होने पर कर्मधारय समास होता है।
Question 28. जीवनसाथी
(क) जीवन और साथी - द्वंद्व समास
(খ) जीवन का साथी - तत्पुरुष समास
(ग) जीवन में साथी - तत्पुरुष समास
(घ) जीवन जैसा साथी - कर्मधारय समास
Answer: (ख) जीवन का साथी - तत्पुरुष समास
जीवनसाथी का विग्रह 'जीवन का साथी' है, अतः संबंध तत्पुरुष समास है।
In simple words: इसमें संबंध तत्पुरुष समास है।
Exam Tip: 'का' विभक्ति चिह्न संबंध तत्पुरुष को दर्शाता है।
Question 29. चौमासा
(क) चार मासों का समाहार - द्विगु समास
(খ) चार हैं जो मास - कर्मधारय समास
(ग) चार हैं मास जिसमें - बहुव्रीहि समास
(घ) चार और मास - द्वंद्व समास
Answer: (क) चार मासों का समाहार - द्विगु समास
पूर्वपद संख्यावाचक होने के कारण यह द्विगु समास है।
In simple words: संख्यावाची होने से यह द्विगु समास है।
Exam Tip: समूह का बोध कराने वाले संख्यावाची शब्द द्विगु होते हैं।
Question 30. मुरलीधर
(क) मुरली का धारी - तत्पुरुष समास
(খ) मुरली धारण की है जिसने - बहुव्रीहि समास
(ग) मुरली और धर - द्वंद्व समास
(घ) मुरली है जो धर - कर्मधारय समास
Answer: (ख) मुरली धारण की है जिसने - बहुव्रीहि समास
मुरलीधर श्रीकृष्ण के लिए प्रयुक्त विशेष अर्थ देता है।
In simple words: श्रीकृष्ण का बोध कराने के कारण बहुव्रीहि समास है।
Exam Tip: अन्य अर्थ प्रधान होने पर बहुव्रीहि समास होता है।
Question 31. पाठशाला
(क) पाठ और शाला - द्वंद्व
(খ) पाठ है जो शाला - कर्मधारय
(ग) पाठ के लिए शाला - तत्पुरुष
(घ) पाठ है जिसका शाला - बहुव्रीहि समास
Answer: (ग) पाठ के लिए शाला - तत्पुरुष
पाठशाला का विग्रह पाठ के लिए शाला है (संप्रदान तत्पुरुष)।
In simple words: इसमें तत्पुरुष समास है।
Question 32. निम्नलिखित पदों में कौन-सा समास है -
१. आजीवन
(क) तत्पुरुष समास
(খ) द्विगु समास
(ग) अव्ययीभाव समास
(घ) कर्मधारय समास
Answer: (ग) अव्ययीभाव समास
आजीवन में 'आ' उपसर्ग/अव्यय है।
In simple words: यह अव्ययीभाव समास है।
Exam Tip: आ, यथा, प्रति से शुरू होने वाले शब्द प्रायः अव्ययीभाव होते हैं।
Question 33. देशप्रेम
(क) अव्ययीभाव समास
(খ) तत्पुरुष समास
(ग) द्विगु समास
(घ) द्वंद्व समास
Answer: (ख) तत्पुरुष समास
देशप्रेम का विग्रह देश के लिए प्रेम है।
In simple words: यह तत्पुरुष समास है।
Exam Tip: कारक चिह्नों के लोप से तत्पुरुष समास बनता है।
Question 34. नीलगगन
(क) द्वंद्व समास
(খ) बहुव्रीहि समास
(ग) अव्ययीभाव समास
(घ) कर्मधारय समास
Answer: (घ) कर्मधारय समास
नीला है जो गगन (विशेषण-विशेष्य)।
In simple words: यह कर्मधारय समास है।
Exam Tip: रंग बताने वाले शब्द कर्मधारय के अंतर्गत आते हैं।
Question 35. रूपलता
(क) कर्मधारय समास
(খ) तत्पुरुष समास
(ग) बहुव्रीहि समास
(घ) द्विगु समास
Answer: (क) कर्मधारय समास
रूप रूपी लता (उपमान-उपमेय)।
In simple words: यहाँ कर्मधारय समास है।
Exam Tip: रूपी शब्द कर्मधारय समास को स्पष्ट करता है।
Question 36. यथारुचि
(क) कर्मधारय समास
(খ) तत्पुरुष समास
(ग) बहुव्रीहि समास
(घ) अव्ययीभाव समास
Answer: (घ) अव्ययीभाव समास
रुचि के अनुसार (अव्यय पद प्रधान)।
In simple words: यह अव्ययीभाव समास है।
Exam Tip: 'यथा' उपसर्गयुक्त शब्द अव्ययीभाव होते हैं।
Question 37. चंद्रशेखर
(क) अव्ययीभाव समास
(খ) तत्पुरुष समास
(ग) बहुव्रीहि समास
(घ) कर्मधारय समास
Answer: (ग) बहुव्रीहि समास
चंद्र है शिखर पर जिसके अर्थात शिव।
In simple words: यह बहुव्रीहि समास है।
Exam Tip: देवताओं के नाम वाले विशेष सामासिक पद बहुव्रीहि होते हैं।
Question 38. पाप-पुण्य
(क) द्वंद्व समास
(খ) बहुव्रीहि समास
(ग) द्विगु समास
(घ) कर्मधारय समास
Answer: (क) द्वंद्व समास
पाप और पुण्य (दोनों पद प्रधान)।
In simple words: यह द्वंद्व समास है।
Exam Tip: योजक चिह्न वाले विपरीतार्थक पद द्वंद्व समास बनाते हैं।
संज्ञा
किसी व्यक्ति, स्थान, वस्तु आदि तथा नाम के गुण, धर्म, स्वभाव का बोध कराने वाले शब्द संज्ञा कहलाते हैं। जैसे - श्याम, आम, मिठास, हाथी आदि।
संज्ञा के प्रकार - संज्ञा के तीन भेद हैं -
1. व्यक्तिवाचक संज्ञा।
2. जातिवाचक संज्ञा।
3. भाववाचक संज्ञा।
विशेष वक्तव्य - कुछ विद्वान अंग्रेजी व्याकरण के प्रभाव के कारण संज्ञा शब्द के दो भेद और बतलाते हैं -
1. समुदायवाचक संज्ञा।
2. द्रव्यवाचक संज्ञा।
प्रश्न - अभ्यास
Question 39. भाववाचक संज्ञा पहचान कर लिखिए -
१. (क) दास
(ख) दासता
(ग) पंडित
(घ) बंधु
Answer: (ख) दासता
दासता एक भाववाचक संज्ञा है।
In simple words: दासता भाववाचक संज्ञा है।
Exam Tip: 'ता' प्रत्यय जोड़कर भाववाचक संज्ञा बनाई जाती है।
Question 40. (क) बंधुत्व
(খ) क्षत्रिय
(ग) पुरुष
(घ) प्रभु
Answer: (क) बंधुत्व
बंधुत्व भाववाचक संज्ञा है।
In simple words: बंधुत्व भाववाचक संज्ञा है।
Exam Tip: 'त्व' प्रत्यय भाववाचक संज्ञा का द्योतक है।
Question 41. (क) प्रभुता
(খ) पशु
(ग) ब्राह्मण
(घ) मित्र
Answer: (क) प्रभुता
प्रभुता भाववाचक संज्ञा है।
In simple words: प्रभुता भाववाचक संज्ञा है।
Exam Tip: गुण या अवस्था दर्शाने वाले शब्द भाववाचक होते हैं।
Question 42. (क) बालक
(খ) बच्चा
(ग) बचपन
(घ) नारी
Answer: (ग) बचपन
बचपन भाववाचक संज्ञा है।
In simple words: बचपन भाववाचक संज्ञा है।
Question 43. (क) अपना
(খ) अपनापन
(ग) निज
(घ) पराया
Answer: (ख) अपनापन
अपनापन भाववाचक संज्ञा है।
In simple words: अपनापन भाववाचक संज्ञा है।
Exam Tip: सर्वनाम से बनी भाववाचक संज्ञा अपनापन है।
सर्वनाम
संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्द को सर्वनाम कहते हैं। संज्ञा की पुनרוक्ति को दूर करने के लिए ही सर्वनाम का प्रयोग किया जाता है। जैसे - मैं, हम, तू, तुम, वह, यह, आप, कौन, कोई, जो आदि।
सर्वनाम के भेद - सर्वनाम के छह भेद हैं -
1. पुरुषवाचक सर्वनाम।
2. निश्चयवाचक सर्वनाम।
3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम।
4. संबंधवाचक सर्वनाम।
5. प्रश्नवाचक सर्वनाम।
6. निजवाचक सर्वनाम।
प्रश्न - अभ्यास
Question 44. निम्नलिखित वाक्यों में मोटे छपे सर्वनाम शब्दों के भेद का उचित नाम छाँटकर लिखिए -
१. मैं अपने आप काम कर लूँगा।
(क) पुरुषवाचक सर्वनाम
(খ) निजवाचक सर्वनाम
(ग) निश्चयवाचक सर्वनाम
(घ) संबंधवाचक सर्वनाम
Answer: (ख) निजवाचक सर्वनाम
'अपने आप' शब्द निजवाचक सर्वनाम है।
In simple words: यहाँ 'अपने आप' निजवाचक सर्वनाम है।
Exam Tip: स्वंय या अपने आप का बोध कराने वाले शब्द निजवाचक होते हैं।
Question 45. कुछ खाकर ही बाहर जाओ।
(क) निश्चयवाचक सर्वनाम
(খ) अनिश्चयवाचक सर्वनाम
(ग) प्रश्नवाचक सर्वनाम
(घ) निजवाचक सर्वनाम
Answer: (ख) अनिश्चयवाचक सर्वनाम
'कुछ' शब्द अनिश्चयवाचक सर्वनाम है।
In simple words: 'कुछ' अनिश्चयवाचक सर्वनाम है।
Exam Tip: अनिश्चितता का बोध कराने वाले शब्द अनिश्चयवाचक होते हैं।
Question 46. यह मेरा छोटा भाई कपिल है।
(क) पुरुषवाचक सर्वनाम
(খ) संबंधवाचक सर्वनाम
(ग) प्रश्नवाचक सर्वनाम
(घ) निजवाचक सर्वनाम
Answer: (क) पुरुषवाचक सर्वनाम (या निश्चयवाचक)
'यह' यहाँ निश्चयवाचक/पुरुषवाचक के रूप में प्रयुक्त है (विकल्पानुसार ग/क)।
In simple words: 'यह' सही सर्वनाम भेद है।
Exam Tip: पास की वस्तु का संकेत निश्चयवाचक होता है।
Question 47. जो अपना काम पूरा कर लेगा वही खेलने जाएगा।
(क) पुरुषवाचक सर्वनाम
(খ) संबंधवाचक सर्वनाम
(ग) निजवाचक सर्वनाम
(घ) अनिश्चयवाचक सर्वनाम
Answer: (ख) संबंधवाचक सर्वनाम
'जो - वही' संबंधवाचक सर्वनाम है।
In simple words: 'जो - वही' संबंध दर्शाते हैं।
Exam Tip: संबंध बताने वाले युग्म शब्द संबंधवाचक होते हैं।
Question 48. वहाँ कौन खड़ा है?
(क) पुरुषवाचक सर्वनाम
(খ) संबंधवाचक सर्वनाम
(ग) प्रश्नवाचक सर्वनाम
(घ) निजवाचक सर्वनाम
Answer: (ग) प्रश्नवाचक सर्वनाम
'कौन' प्रश्नवाचक सर्वनाम है।
In simple words: 'कौन' से प्रश्न का बोध होता है।
Question 49. निम्नलिखित शब्द का जो पर्यायवाची शब्द नहीं है, उसे चुनकर लिखिए -
१. अंग
(क) अवयव
(খ) भाग
(ग) खंड
(घ) अव्यय
Answer: (घ) अव्यय
अव्यय अंग का पर्यायवाची नहीं है।
In simple words: अव्यय इसका पर्यायवाची नहीं है।
Exam Tip: अव्यय एक व्याकरणिक कोटि है।
Question 50. घोड़ा
(क) अश्व
(খ) घोटक
(ग) घटिका
(घ) बाजि
Answer: (ग) घटिका
घटिका घोड़े का पर्यायवाची नहीं है (घटिका समय से संबंधित है)।
In simple words: घटिका घोड़ा नहीं होता।
Exam Tip: अन्य सभी शब्द अश्व के पर्यायवाची हैं।
Question 51. अहंकार
(क) अहं
(খ) दंभ
(ग) अभिमान
(घ) महिमा
Answer: (घ) महिमा
महिमा अहंकार का पर्यायवाची नहीं है।
In simple words: महिमा का अर्थ बड़प्पन है।
Exam Tip: महिमा सकारात्मक अर्थ में प्रयुक्त होती है।
Question 52. आकाश
(क) नभ
(খ) अंबर
(ग) गगन
(घ) सोम
Answer: (घ) सोम
सोम आकाश का पर्यायवाची नहीं है (सोम अमृत या चंद्रमा का है)।
In simple words: सोम आकाश नहीं है।
Exam Tip: सोम का अर्थ अमृत भी होता है।
Question 53. इन्द्र
(क) देवेन्द्र
(খ) सुरेन्द्र
(ग) सुरेश
(घ) रमेश
Answer: (घ) रमेश
रमेश इन्द्र का नहीं बल्कि विष्णु का पर्यायवाची है।
In simple words: रमेश विष्णु का पर्यायवाची है।
Question 54. एकांत
(क) अंत
(খ) विजन
(ग) निर्जन
(घ) शून्य
Answer: (क) अंत
अंत एकांत का पर्यायवाची नहीं है।
In simple words: अंत का अर्थ समाप्ति है।
Exam Tip: विजन और निर्जन एकांत के पर्यायवाची हैं।
Question 55. कमल
(क) जलज
(খ) अम्बुज
(ग) नीरज
(घ) मनुज
Answer: (घ) मनुज
मनुज कमल का पर्यायवाची नहीं है (मनुज मनुष्य का है)।
In simple words: मनुज मनुष्य को कहते हैं।
Exam Tip: जलज, अम्बुज, नीरज कमल के पर्यायवाची हैं।
Question 56. शत्रु
(क) दुश्मन
(খ) रिपु
(ग) सखा
(घ) वैरी
Answer: (ग) सखा
सखा शत्रु का पर्यायवाची नहीं है (सखा मित्र का है)।
In simple words: सखा मित्र को कहते हैं।
Exam Tip: रिपु और वैरी शत्रु के पर्यायवाची हैं।
Question 57. सिंह
(क) शेर
(খ) केसरी
(ग) मृग
(घ) मृगराज
Answer: (ग) मृग
मृग सिंह का पर्यायवाची नहीं है (मृग हिरण को कहते हैं)।
In simple words: मृग का अर्थ हिरण है।
Exam Tip: मृगराज सिंह है, किंतु केवल 'मृग' हिरण है।
Question 58. हाथ
(क) कर
(খ) हस्त
(ग) पाणि
(घ) वाणी
Answer: (घ) वाणी
वाणी हाथ का पर्यायवाची नहीं है (वाणी बोली का है)।
In simple words: वाणी हाथ नहीं है।
Exam Tip: कर, हस्त, पाणि हाथ के पर्यायवाची हैं।
Question 59. अमृत
(क) पीयूष
(খ) सुधा
(ग) सोम
(घ) जल
Answer: (घ) जल
जल अमृत का पर्याय नहीं है (यद्यपि पानी को जीवन कहा जाता है, पर यहाँ विकल्प घ सही है)।
In simple words: जल सही विकल्प है।
Exam Tip: पीयूष, सुधा, सोम अमृत के पर्याय हैं।
विपरीतार्थक (विलोम शब्द)
शब्द - विलोम
अथ - इति
आविर्भाव - तिरोभाव
आकर्षण - विकर्षण
आमिश - निरामिष
अभिज्ज्ञ - अनभिज्ञ
आजादी - गुलामी
अनुकूल - प्रतिकूल
आर्द्र - शुष्क
अनुराग - विराग
आहार - निराहार
अल्प - अधिक
अनिवार्य - वैकल्पिक
अमृत - विष
अगम - सुगम
अभिमान - नम्रता
आकाश - पाताल
आशा - निराशा
अर्थ - अनर्थ
अल्पायु - दीर्घायु
अनुग्रह - विग्रह
अपमान - सम्मान
आश्रित - निराश्रित
अंधकार - प्रकाश
अनुज - अग्रज
अरुचि - रुचि
आदि - अंत
आदान - प्रदान
आरंभ - अंत
आय - व्यय
अर्वाचीन - प्राचीन
अवनति - उन्नति
कटु - मधुर
अवनी - अंबर
क्रिया - प्रतिक्रिया
कृतज्ञ - कृतघ्न
आदर - अनादर
कड़वा - मीठा
आलोक - अंधकार
क्रुद्ध - शान्त
उदय - अस्त
क्रय - विक्रय
आयात - निर्यात
कर्म - निष्कर्म
अनुपस्थित - उपस्थित
खिलना - मुरझाना
आलस्य - स्फूर्ति
खुशी - दुख, गम
आर्य - अनार्य
गहरा - उथला
अतिवृष्टि - अनावृष्टि
गुरु - लघु
आदि - अनादि
जीवन - मरण
इच्छा - अनिच्छा
गुण - दोष
इष्ट - अनिष्ट
गरीब - अमीर
इच्छित - अनिच्छित
घर - बाहर
इहलोक - परलोक
चर - अचर
उपकार - अपकार
छूत - अछूत
उदार - अनुदार
जल - थल
उत्तीर्ण - अनुत्तीर्ण
जड़ - चेतन
उधार - नकद
जीवन - मरण
उत्थान - पतन
जंगम - स्थावर
उत्कर्ष - अपकर्ष
उत्तर - दक्षिण
जटिल - सरल
गुप्त - प्रकट
एक - अनेक
तुच्छ - महान
ऐसा - वैसा
दिन - रात
देव - दानव
दुराचारी - सदाचारी
मानवता - दानवता
धर्म - अधर्म
महात्मा - दुरात्मा
धीर - अधीर
मान - अपमान
धूप - छाँव
मित्र - शत्रु
नूतन - पुरातन
मधुर - कटु
नकली - असली
मिथ्या - सत्य
निर्माण - विनाश
मौखिक - लिखित
आस्तिक - नास्तिक
मोक्ष - बंधन
निकट - दूर
रक्षक - भक्षक
निंदा - स्तुति
पतिव्रता - कुलटा
राजा - रंक
पाप - पुण्य
राग - द्वेष
प्रलय - सृष्टि
रात्रि - दिवस
पवित्र - अपवित्र
लाभ - हानि
विधवा - सधवा
प्रेम - घृणा
विजय - पराजय
प्रश्न - उत्तर
पूर्ण - अपूर्ण
वसंत - पतझर
परतंत्र - स्वतंत्र
विरोध - समर्थन
बाढ़ - सूखा
शूर - कायर
बंधन - मुक्ति
शयन - जागरण
बुराई - भलाई
शीत - उष्ण
भाव - अभाव
स्वर्ग - नरक
मंगल - अमंगल
सौभाग्य - दुर्भाग्य
स्वीकृत - अस्वीकृत
शुक्ल - कृष्ण
हित - अहित
साक्षर - निरक्षर
स्वदेश - विदेश
हर्ष - शोक
हिंसा - अहिंसा
स्वाधीन - पराधीन
क्षणिक - शाश्वत
साधु - असाधु
ज्ञान - अज्ञान
सुजन - दुर्जन
शुभ - अशुभ
सुपुत्र - कुपुत्र
सुमति - कुमति
सरस - नीरस
सच - झूठ
साकार - निराकार
श्रम - विश्राम
स्तुति - निंदा
विशुद्ध - दूषित
सजीव - निर्जीव
विषम - सम
सुर - असुर
विद्वान - मूर्ख
प्रश्न - अभ्यास
Question 60. दिए गए शब्दों के सही विकल्प छाँट कर लिखिए -
1. अंतर
(क) अंतरीय
(খ) अंतिम
(ग) भीतर
(घ) समानता
Answer: (घ) समानता
अंतर का विलोम समानता है।
In simple words: अंतर का विपरीत समानता है।
Exam Tip: विलोम शब्द विपरीत अर्थ देते हैं।
Question 2. अंतिम
(क) प्रथम
(খ) प्रारम्भ
(ग) आदि
(घ) इति
Answer: (क) प्रथम
अंतिम का विलोम प्रथम है।
In simple words: अंतिम का उल्टा प्रथम है।
Exam Tip: अंतिम का अर्थ आखिरी होता है।
Question 3. अपमान
(क) सम्मान
(খ) प्रशंसा
(ग) कीर्ति
(घ) अभिमान
Answer: (क) सम्मान
अपमान का विलोम सम्मान है।
In simple words: अपमान का विलोम सम्मान है।
Exam Tip: आदर या सम्मान अपमान का विपरीत है।
Question 4. दुर्गम
(क) सरल
(খ) सुगम
(ग) आगम
(घ) दुर्लभ
Answer: (ख) सुगम
दुर्गम का विलोम सुगम है।
In simple words: दुर्गम का सुगम होता है।
Exam Tip: दुः उपसर्ग सु उपसर्ग से बदलता है।
Question 5. उपेक्षा
(क) सापेक्ष
(খ) आदर
(ग) सम्मान
(घ) अपेक्षा
Answer: (घ) अपेक्षा
उपेक्षा का विलोम अपेक्षा है।
In simple words: उपेक्षा का विलोम अपेक्षा है।
Exam Tip: उपसर्ग परिवर्तन द्वारा विलोम बना है।
Question 6. गौण
(क) छोटा
(খ) मुख्य
(ग) सामान्य
(घ) अनिवार्य
Answer: (ख) मुख्य
गौण का विलोम मुख्य है।
In simple words: गौण का विलोम मुख्य है।
Exam Tip: गौण का अर्थ अप्रधान होता है।
Question 7. कृतज्ञ
(क) निर्दय
(খ) उदार
(ग) कृतघ्न
(घ) कृपालु
Answer: (ग) कृतघ्न
कृतज्ञ का विलोम कृतघ्न है।
In simple words: उपकार मानने वाले का विलोम कृतघ्न है।
Exam Tip: वर्तनी पर विशेष ध्यान दें (कृतघ्न)।
Question 8. प्रशंसा
(क) दोष
(খ) निंदा
(ग) द्वेष
(घ) उपेक्षा
Answer: (ख) निंदा
प्रशंसा का विलोम निंदा है।
In simple words: प्रशंसा का उल्टा निंदा है।
Exam Tip: बुराई करना निंदा कहलाता है।
Question 9. जड़
(क) जड़हीन
(খ) स्थूल
(ग) चेतन
(घ) सचेत
Answer: (ग) चेतन
जड़ का विलोम चेतन है।
In simple words: जड़ का विलोम चेतन है।
Exam Tip: जड़-चेतन प्रसिद्ध युग्म है।
Question 10. लौकिक
(क) आध्यात्मिक
(খ) सांसारिक
(ग) पारलौकिक
(घ) स्वर्गिक
Answer: (ग) पारलौकिक
लौकिक का विलोम पारलौकिक है।
In simple words: लौकिक का पारलौकिक होता है।
Exam Tip: इस लोक से संबंधित और परलोक से संबंधित।
Question 11. हर्ष
(क) खेद
(খ) वेदना
(ग) दुःख
(घ) विषाद
Answer: (घ) विषाद
हर्ष का विलोम विषाद है।
In simple words: हर्ष का विलोम विषाद है।
Exam Tip: हर्ष का अर्थ खुशी और विषाद का अर्थ दुःख है।
Question 12. ज्येष्ठ
(क) कनिष्ठ
(খ) अग्रज
(ग) अनुज
(घ) प्रवर
Answer: (क) कनिष्ठ
ज्येष्ठ का विलोम कनिष्ठ है।
In simple words: ज्येष्ठ का अर्थ बड़ा और कनिष्ठ का छोटा है।
Exam Tip: उम्र या पद में बड़ा ज्येष्ठ कहलाता है।
Question 13. शाश्वत
(क) मृत्यु
(খ) मर्त्य
(ग) नश्वर
(घ) क्षणिक
Answer: (ग) नश्वर (या क्षणिक)
शाश्वत (हमेशा रहने वाला) का विलोम नश्वर या क्षणिक है।
In simple words: शाश्वत का विलोम नश्वर है।
Exam Tip: जो नष्ट होने वाला हो वह नश्वर है।
श्रुतिसमभिन्नार्थ शब्द
वर्तनी में भिन्नता रहते हुए भी कुछ शब्दों के उच्चारण में इतना कम अंतर होता है कि वे एक समान सुनाई देते हैं, किंतु उनके अर्थ सर्वथा भिन्न होते हैं। ऐसे शब्दों को श्रुतिसमभिन्नार्थक अथवा समानाभासी शब्द कहते हैं।
1. अनल = आग
अनिल = हवा, वायु
2. उपकार = भलाई, भला करना
अपकार = बुराई, बुरा करना
3. अन्न = अनाज
अन्य = दूसरा
4. अणु = कण
अनु = पश्चात
5. ओर = तरफ
और = तथा
6. असित = काला
अशित = खाया हुआ
7. अपेक्षा = तुलना में
उपेक्षा = निरादर, लापरवाही
8. कल = सुंदर, पुरजा
काल = समय
9. अंदर = भीतर
अंतर = भेद
10. अंक = गोद
अंग = देह का भाग
11. कुल = वंश
कूल = किनारा
12. अश्व = घोड़ा
अश्म = पत्थर
13. अलि = भ्रमर
आली = सखी
14. कृमि = कीट
कृषि = खेती
15. अपचार = अपराध
उपचार = इलाज
16. अन्याय = गैर-इंसाफी
अन्योन्य = दूसरे-दूसरे
17. कृति = रचना
कृती = निपुण, परिश्रमी
18. आमरण = मृत्युपर्यंत
आभरण = गहना
19. अवसान = अंत
आसान = सरल
20. कलि = कलियुग, झगड़ा
कली = अधखिला फूल
21. इतर = दूसरा
इतर = सुगंधित द्रव्य
22. क्रम = सिलसिला
कर्म = काम
23. पुरुष = कठोर
पुरुष = आदमी
24. कुट = घर, किला
कूट = पर्वत
25. कुच = स्तन
कूच = प्रस्थान
26. प्रसाद = कृपा
प्रासाद = महल
27. कुजन = दुर्जन
कूजन = पक्षियों का कलरव
28. गत = बीता हुआ
गति = चाल
29. पानी = जल
पाणि = हाथ
30. गुर = उपाय
गुरु = शिक्षक, भारी
31. ग्रह = सूर्य, चंद्र
गृह = घर
32. प्रकार = तरह
प्राकार = किला, घेरा
33. चरण = पैर
चारण = भाट
34. चिर = पुराना
चीर = वस्त्र
35. फन = साँप का फन
फ़न = कला
36. छद = छाया
छत्र = क्षत्रिय, शक्ति
37. दीठ = दुष्ट, जिद्दी
दृष्टि = दृष्टि
38. बदन = देह
वदन = मुख
39. तरुणि = सूर्य
तरणी = नौका
40. तरंग = लहर
तुरंग = घोड़ा
41. भवन = घर
भुवन = संसार
42. तप्त = गरम
तृप्त = संतुष्ट
43. दिन = दिवस
दीन = दरिद्र
44. भीति = भय
भित्ति = दीवार
45. दशा = हालत
दिशा = तरफ़
46. द्रव = तरल पदार्थ
द्रव्य = धन
47. भाषण = व्याख्यान
भीषण = भयंकर
48. धरा = पृथ्वी
धारा = प्रवाह
49. नय = नीति
नव = नया
50. निर्वाण = मोक्ष
निर्माण = बनाना
51. निर्जर = देवता
निर्झर = झरना
52. मत = राय
मति = बुद्धि
53. नेक = अच्छा
नेकु = तनिक
54. पथ = राह
पथ्य = रोगी का आहार
55. मद = मस्ती
मद्य = मदिरा
56. परिणाम = फल
परिमाण = वजन
57. मणि = रत्न
फणी = सर्प
58. मलिन = मैला
म्लान = मुरझाया हुआ
59. मातृ = माता
मात्र = केवल
60. रीति = तरीका
रीता = खाली
61. राज = शासन
राज = रहस्य
62. ललित = सुंदर
ललिता = गोपी
63. लक्ष्य = उद्देश्य
लक्ष = लाख
64. वक्ष = छाती
वृक्ष = पेड़
65. वसन = वस्त्र
व्यसन = नशा, आदत
66. वासना = कुत्सित विचार
बास = गंध
67. वस्तु = चीज
वास्तु = मकान
68. विजन = सुनसान
व्यजन = पंखा
69. शंकर = शिव
संकर = मिश्रित
70. हिय = हृदय
हय = घोड़ा
71. शर = बाण
सर = तालाब
72. शम = संयम
सम = बराबर
73. चक्रवाक = चकवा
चक्रवात = बवंडर
74. शूर = वीर
सूर = अंधा
75. सुधि = स्मरण
सुधी = बुद्धिमान
76. अभेद = अंतर नहीं
अभेद्य = न टूटने योग्य
77. संघ = समुदाय
संग = साथ
78. सर्ग = अध्याय
स्वर्ग = एक लोक
79. प्रणय = प्रेम
परिणय = विवाह
80. समर्थ = सक्षम
सामर्थ्य = शक्ति
81. कटिबंध = कमरबंध
कटिबद्ध = तैयार
82. क्रांति = विद्रोह
क्लांति = थकावट
83. इंदिरा = लक्ष्मी
इंद्रा = इंद्राणी
प्रश्न - अभ्यास
Question 61. दिए गए शब्द युग्मों से मिलते-जुल्ते सही विकल्प को चुनकर लिखिए -
1. अन्न-अन्य
(क) अनाज - अतिरिक्त
(খ) दूसरा - घान
(ग) अनाज - दूसरा
(घ) अनाज - तीसरा
Answer: (ग) अनाज - दूसरा
अन्न का अर्थ अनाज तथा अन्य का अर्थ दूसरा होता है।
In simple words: अन्न और अन्य का सही अर्थ युग्म विकल्प (ग) है।
Exam Tip: श्रुतिसमभिन्नार्थक शब्दों के अर्थ स्पष्ट होने चाहिए।
Question 2. अभिराम - अविराम
(क) चमकदार - सुन्दर
(খ) विशाल - सुन्दर
(ग) सुन्दर - विशाल
(घ) सुन्दर - लगातार
Answer: (घ) सुन्दर - लगातार
अभिराम का अर्थ सुन्दर और अविराम का अर्थ लगातार होता है।
In simple words: अभिराम सुंदर है और अविराम निरंतर है।
Exam Tip: 'अविराम' में 'अ' उपसर्ग का अर्थ 'नहीं' (रुकना नहीं) है।
Question 3. दिन-दीन
(क) गरीब - दिवस
(খ) बार - गरीब
(ग) वासर - धनी
(घ) दिवस - गरीब
Answer: (घ) दिवस - गरीब
दिन का अर्थ दिवस तथा दीन का अर्थ गरीब होता है।
In simple words: दिन मतलब दिवस, दीन मतलब गरीब।
Exam Tip: मात्रा के अंतर से अर्थ बदल जाता है।
Question 4. अवलंब - अविलंब
(क) शीघ्र - सहारा
(খ) सहारा - शीघ्र
(ग) निराश्रित - शीघ्र
(घ) आश्रित - शीघ्र
Answer: (घ) आश्रित - शीघ्र (या सहारा - शीघ्र)
अवलंब का अर्थ सहारा और अविलंब का अर्थ शीघ्र होता है।
In simple words: अवलंब सहारा है, अविलंब तुरंत है।
Exam Tip: अविलंब का अर्थ बिना विलंब (शीघ्र) होता है।
Question 5. जलद - जलज
(क) कमल - बादल
(খ) बादल - कमल
(ग) सागर - कमल
(घ) कमल - सागर
Answer: (ख) बादल - कमल
जलद (जल देने वाला) बादल है और जलज (जल में उत्पन्न) कमल है।
In simple words: जलद बादल है, जलज कमल है।
Exam Tip: 'द' देने वाला और 'ज' जन्म लेने वाला होता है।
Question 6. आवास - आभास
(क) घर - चिन्हा
(খ) मकान - झलक
(ग) मकान - सुगन्ध
(घ) मकान - प्रतीत
Answer: (घ) मकान - प्रतीत
आवास का अर्थ मकान और आभास का अर्थ प्रतीत होना है।
In simple words: आवास निवास स्थान है, आभास अनुभव है।
Question 7. अनिल - अनल
(क) हवा - जल
(খ) आग - हवा
(ग) हवा - अग्नि
(घ) जल - वायु
Answer: (ग) हवा - अग्नि
अनिल का अर्थ हवा तथा अनल का अर्थ अग्नि होता है।
In simple words: अनिल हवा है, अनल आग है।
Exam Tip: यह परीक्षा की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण युग्म है।
Question 8. कुल - कूल
(क) परिवार - योग
(খ) योग - वंश
(ग) वंश - किनारा
(घ) वंश - ठंडा
Answer: (ग) वंश - किनारा
कुल का अर्थ वंश तथा कूल का अर्थ किनारा होता है।
In simple words: कुल वंश है, कूल किनारा है।
Exam Tip: बड़े ऊ की मात्रा वाले 'कूल' का अर्थ किनारा है।
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