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Detailed Chapter 9 बल और गति के नियम UP Board Solutions for Class 9 Science
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Class 9 Science Chapter 9 बल और गति के नियम UP Board Solutions PDF
पाठच - पुस्तक के प्रश्नोत्तर
पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या - 131)
Question 1. निम्न में किसका जड़त्व अधिक है?
(a) एक रबर की गेंद एवं उसी आकार को पत्थर
(b) एक साइकिल एवं एक रेलगाड़ी
(c) पाँच रुपये का एक सिक्का एवं एक रुपये का सिक्का ।
Answer: (a) समान आकार का पत्थर, (b) रेलगाड़ी, (c) पाँच रुपये का सिक्का ।
In simple words: जड़त्व वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर करता है; जिसका द्रव्यमान अधिक होता है, उसका जड़त्व भी अधिक होता है। इसलिए, पत्थर, रेलगाड़ी और पाँच रुपये का सिक्का इन युग्मों में अधिक जड़त्व वाले वस्तुएँ हैं।
🎯 Exam Tip: जड़त्व की अवधारणा को समझने के लिए द्रव्यमान के साथ इसके संबंध को स्पष्ट रूप से समझाना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह न्यूटन के गति के पहले नियम का आधार है।
Question 2. नीचे दिए गए उदाहरण में, गेंद का वेग कितनी बार बदलता है, जानने का प्रयास करें|
“फुटबाल का एक खिलाड़ी गेंद पर किक लगाकर गेंद को अपनी टीम के दूसरे खिलाड़ी के पास पहुँचाता है। दूसरा खिलाड़ी उस गेंद को किक लगाकर गोल की ओर पहुँचाने का प्रयास करता है। विपक्षी टीम का गोलकीपर गेंद को पकड़ता है और अपनी टीम के खिलाड़ी की ओर किक लगाता है।”
इसके साथ ही उस कारक की भी पहचान करें जो प्रत्येक अवस्था में बल प्रदान करता है।
Answer:
1. प्रथम खिलाड़ी गेंद पर बल आरोपित करता है और बल के कारण गेंद का वेग बढ़ता है।
2. दूसरा खिलाड़ी पहले बल आरोपित करके गेंद को रोकता है जिससे गेंद का वेग घटता है। पुनः वह खिलाड़ी गेंद पर बल आरोपित करता है और उसे गोल की ओर त्वरित करता है।
3. गोल रक्षक गेंद पर बल आरोपित करता है और उसे अपने साथी की तरफ बढ़ाता है।
In simple words: गेंद का वेग हर बार बदलता है जब कोई खिलाड़ी उस पर बल लगाता है - किक मारकर गति बढ़ाने, उसे रोकने या दिशा बदलने पर।
🎯 Exam Tip: न्यूटन के गति के दूसरे नियम को लागू करके बल की दिशा और वेग परिवर्तन के बीच संबंध को स्पष्ट करें, जिससे छात्रों को क्रिया-प्रतिक्रिया की समझ मजबूत होगी।
Question 3. किसी पेड़ की शाखा को तीव्रता से हिलाने पर कुछ पत्तियाँ झड़ जाती हैं। क्यों?
Answer: पेड़ की शाखा तथा पत्तियाँ विराम में रहती हैं। जब शाखा को हिलाते हैं तो शाखा गतिमान हो जाती हैं तथा पत्तियाँ स्थिर जड़त्व के कारण विराम में रहने की कोशिश करती हैं। अतः पत्तियों पर एक बल लगता है। जिसके कारण पत्तियाँ टूटकर गिर जाती हैं।
In simple words: पत्तियाँ अपने जड़त्व के कारण विराम में रहना चाहती हैं, जबकि शाखा के हिलने से वह गति में आ जाती है, जिससे वे टूटकर गिर जाती हैं।
🎯 Exam Tip: जड़त्व के उदाहरणों में विराम जड़त्व और गति जड़त्व के बीच के अंतर को स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है।
Question 4. जब कोई गतिशील बस अचानक रुकती है तो आप आगे की ओर झुक जाते हैं और जब विरामावस्था से गतिशील होती है तो पीछे की ओर हो जाते हैं, क्यों?
Answer: गतिशील बस में बैठा हुआ यात्री भी समान गति से बस की दिशा में गति करता है। जब बस अचानक रुक जाती है तो यात्री का निचला हिस्सा बल के कारण विरामावस्था में आ जाता है जबकि ऊपरी हिस्सा गति में रहता है। परिणामस्वरूप हम आगे की ओर झुक जाते हैं। ऐसा ही जब विरामावस्था से बसे गतिशील होती है तो हम बल के कारण पीछे की ओर हो जाते हैं।
In simple words: यह जड़त्व के कारण होता है; जब बस रुकती है, आपका शरीर गतिमान रहना चाहता है, और जब बस चलती है, आपका शरीर विराम में रहना चाहता है।
🎯 Exam Tip: जड़त्व के इस प्रत्यक्ष अनुभव को न्यूटन के गति के पहले नियम से जोड़ें, जो स्पष्ट रूप से समझाता है कि वस्तुएँ अपनी गति की अवस्था को बनाए रखना चाहती हैं।
पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या - 140)
Question 1. यदि क्रिया सदैव प्रतिक्रिया के बराबर है तो स्पष्ट कीजिए कि घोड़ा गाड़ी को कैसे खींच पाता है?
Answer: यह सत्य है कि प्रत्येक क्रिया सदैव प्रतिक्रिया के बराबर होती है। जब घोड़ा गाड़ी को खींचता है तो वह अपने नीचे की पृथ्वी की सतह को पेशीय बल लगाकर अपने पैरों से पीछे की ओर धकेलता है। इस बल की प्रतिक्रिया जो कि लगाए गए बल के बराबर तथा विपरीत दिशा में होती है, के फलस्वरूप घोड़ा गाड़ी आगे की ओर चलती है।
In simple words: घोड़ा गाड़ी को इसलिए खींच पाता है क्योंकि वह अपने पैरों से जमीन को पीछे धकेलता है, और बदले में जमीन घोड़े व गाड़ी को आगे की ओर धकेलती है।
🎯 Exam Tip: न्यूटन के तीसरे नियम की क्रिया-प्रतिक्रिया जोड़ी को विभिन्न वस्तुओं पर काम करते हुए स्पष्ट करें, न कि एक ही वस्तु पर।
Question 2. एक अग्निशमन कर्मचारी को तीव्र गति से बहुतायत मात्रा में पानी फेंकने वाली रबड़ की नली को पकड़ने में कठिनाई क्यों होती है? स्पष्ट करें ।
Answer: जब फायर ब्रिगेड के किसी हौज-पाइप से तीव्र गति से अत्यधिक मात्रा व उच्च वेग से पानी बाहर निकलता है तो गति के तीसरे नियम के अनुसार बाहर निकलता हुआ पानी हौज-पाइप को प्रतिक्रिया स्वरूप पीछे की ओर धकेलता है जिसके कारण अग्निशमन कर्मचारियों को पाइप सँभालना कठिन हो जाता है।
In simple words: न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार, जब पानी तेजी से बाहर निकलता है, तो वह नली पर पीछे की ओर एक प्रतिक्रिया बल लगाता है, जिससे उसे पकड़ना मुश्किल हो जाता है।
🎯 Exam Tip: संवेग संरक्षण के सिद्धांत और न्यूटन के तीसरे नियम को इस प्रकार के व्यावहारिक अनुप्रयोगों के साथ जोड़ना सुनिश्चित करें।
Question 3. एक 50 g द्रव्यमान की गोली 4 kg द्रव्यमान की राइफल से 35 ms-1 के प्रारंभिक वेग से छोड़ी जाती है। राइफल के प्रारंभिक प्रतिक्षेपित वेग की गणना कीजिए ।
हल-
गोली का द्रव्यमान \(m_1\) = 50 g = 0.05 kg
गोली का प्रारंभिक वेग \(u_1\) = 35 m/s
गोली का संवेग = \(m_1u_1\) = \(0.05 \times 35 = 1.75 kg m/s^{-1}\)
राइफल का द्रव्यमान \(m_2\) = 4 kg
राइफल का प्रतिक्षेप का वेग = \(u_2\)
राइफल का संवेग = \(m_2u_2\) = \(4 \times u_2\)
परन्तु राइफल का संवेग = - गोली का संवेग
\(4 \times u_2 = -1.75\)
\(u_2 = -0.4375 m/s\)
ऋणात्मक चिन्ह प्रदर्शित करता है राइफल \(0.4375 = 0.44 m/s^{-1}\) के वेग से गोली की दिशा के विपरीत दिशा में गति करेगी।
अतः राइफल का प्रतिक्षेप का वेग = \(0.44 m/s^{-1}\).
In simple words: संवेग संरक्षण के अनुसार, राइफल पर लगने वाला कुल संवेग शून्य होना चाहिए। गोली के आगे जाने से राइफल पीछे की ओर हटती है, और इसका वेग नकारात्मक होता है क्योंकि यह गोली की दिशा के विपरीत है।
🎯 Exam Tip: संवेग संरक्षण के नियमों को लागू करते समय, हमेशा दिशाओं का ध्यान रखें, और विपरीत दिशाओं के लिए ऋणात्मक संकेतों का उपयोग करें।
Question 4. 100 g और 200 g द्रव्यमान की दो वस्तुएँ एक ही रेखा के अनुदिश एक ही दिशा में क्रमशः 2 ms-1 और 1 ms-1 के वेग से गति कर रही हैं। दोनों वस्तुएँ टकरा जाती हैं। टक्कर के पश्चात् प्रथम वस्तु का वेग 1.87 ms-1 हो जाता है, तो दूसरी वस्तु का वेग ज्ञात करें।
हल-दिया है?
\(m_1\) = 100 g = 0.1 kg
\(m_2\) = 200 g = 0.2 kg
\(u_1 = 2 m/s^{-1}\) \(u_2 = 1 m/s^{-1}\)
टक्कर से पहले दोनों वस्तुओं का कुल संवेग
= \(m_1u_1 + m_2u_2\)
= \(0.1 \times 2 + 0.2 \times 1\)
= \(0.2 + 0.2 = 0.4 kg m/s^{-1}\)
टक्कर के बाद पहली वस्तु का वेग
\(v_1 = 1.67 m/s^{-1}\)
टक्कर के बाद दूसरी वस्तु का वेग = \(v_2\)
टक्कर के पश्चात् कुल संवेग
= \(m_1v_1 + m_2v_2\)
= \(0.1 \times 1.67 + 0.2 \times v_2\)
= \(0.167 + 0.2v_2\)
परन्तु संवेग संरक्षण के नियम के अनुसार
टक्कर के बाद संवेग = टक्कर से पहले कुल संवेग
\(0.167 + 0.2v_2 = 0.4\)
\(0.2v_2 = 0.4 – 0.167 = 0.233\)
\(v_2 = \frac{0.233}{0.2}\) = \(1.165 m/s^{-1}\).
अतः दूसरी वस्तु का वेग = \(1.165 m/s^{-1}\) उत्तर
In simple words: संवेग संरक्षण का नियम बताता है कि वस्तुओं के टकराने से पहले और बाद का कुल संवेग समान रहता है। इस नियम का उपयोग करके हम टकराने के बाद दूसरी वस्तु के वेग की गणना कर सकते हैं।
🎯 Exam Tip: संवेग संरक्षण के नियम का उपयोग करते समय सभी द्रव्यमान और वेगों को SI इकाइयों में बदलना सुनिश्चित करें, और प्रारंभिक और अंतिम संवेगों को समान करें।
अभ्यास प्रश्न (पृष्ठ 141-143)
Question 1. कोई वस्तु शून्य बाह्य असंतुलित बल अनुभव करती है। क्या किसी भी वस्तु के लिए अशून्य वेग से गति करना संभव है? यदि हाँ, तो वस्तु के वेग के परिमाण एवं दिशा पर लगने वाली शर्तों का उल्लेख करें। यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें।
Answer: हाँ, कोई वस्तु अशून्य वेग से चल सकती है। यदि उस पर लगा बाह्य असंतुलित बल शून्य हो। इस स्थिति में वस्तु एकसमान परिमाण के वेग से चलेगी तथा उसकी दिशा एक सरल रेखीय है अर्थात् वस्तु एकसमान वेग से एक सरल रेखा में चलती रहेगी जब तक उस पर संतुलित बल कार्य करते रहेंगे।
In simple words: हाँ, कोई वस्तु शून्य असंतुलित बल के साथ भी अशून्य (नियत) वेग से गति कर सकती है, बशर्ते वह पहले से गतिमान हो और उस पर कोई बाहरी बल न लग रहा हो।
🎯 Exam Tip: न्यूटन के पहले नियम को स्पष्ट करते हुए असंतुलित बल और वेग के बीच संबंध को रेखांकित करें।
Question 2. जब किसी छड़ी से एक दरी (कार्पेट) को पीटा जाता है, तो धूल के कण बाहर आ जाते हैं। स्पष्ट करें।
Answer: जब दरी (कार्पेट) को डंडे से पीटा जाता है। तो दरी (कार्पेट) के कण गति अवस्था में आ जाते हैं। परन्तु धूल के कण अपने जड़त्व के कारण स्थिर अवस्था में रहने का प्रयत्न करते हैं जिसके कारण धूल के कण दरी से अलग होकर बाहर निकल जाते हैं।
In simple words: दरी को पीटने पर वह गति में आती है, लेकिन धूल के कण अपने विराम जड़त्व के कारण स्थिर रहने की कोशिश करते हैं और दरी से अलग हो जाते हैं।
🎯 Exam Tip: जड़त्व के उदाहरणों को समझाते समय, विराम जड़त्व और गति जड़त्व के बीच के अंतर को स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है।
Question 3. बस की छत पर रखे सामान को रस्सी से क्यों बाँधा जाता है?
Answer: किसी बस की छत पर रखे सामान को रस्सी से बाँधने की सलाह इसलिए दी जाती है ताकि बस की छत पर रखा सामान, बस के अचानक चलने, रुकने या दिशा बदलने पर या असमतल सड़क पर चलने से जड़त्व के कारण सामान आगे-पीछे खिसककर या झटके लग कर नीचे न गिरे ।
In simple words: जड़त्व के कारण सामान बस के अचानक चलने या रुकने पर अपनी स्थिति बनाए रखना चाहता है, इसलिए उसे गिरने से बचाने के लिए रस्सी से बाँधा जाता है।
🎯 Exam Tip: जड़त्व के व्यावहारिक अनुप्रयोगों को समझाते समय, सुरक्षा उपायों के साथ इसके संबंध को स्पष्ट करें।
Question 4. किसी बल्लेबाज द्वारा क्रिकेट की गेंद को मारने पर गेंद जमीन पर लुढकती है। कुछ दूरी चलने के पश्चात् गेंद रुक जाती है। गेंद रुकने के लिए धीमी होती है, क्योंकि-
(a) बल्लेबाज ने गेंद को पर्याप्त प्रयास से हिट नहीं किया है।
(b) वेग गेंद पर लगाए गए बल के समानुपाती है।
(c) गेंद पर गति की दिशा के विपरीत एक बल कार्य कर रहा है।
(d) गेंद पर कोई असंतुलित बल कार्यरत नहीं है, अतः गेंद विरामावस्था में आने के लिए प्रयासरत है।
(सही विकल्प का चयन करें)
Answer: (c) गेंद पर गति की दिशा के विपरीत एक बल कार्य कर रहा है।
In simple words: गेंद घर्षण बल के कारण रुकती है, जो हमेशा उसकी गति की दिशा के विपरीत लगता है।
🎯 Exam Tip: घर्षण बल की अवधारणा को स्पष्ट करें और समझाएँ कि यह गति को कैसे प्रभावित करता है।
Question 5. एक टुक विरामावस्था से किसी पहाड़ी से नीचे की ओर नियत त्वरण से लुढकना शुरू करता है। यह 20 s में 400 m की दूरी तय करता है। इसका त्वरण ज्ञात करें। अगर इसका द्रव्यमान 7 टन हो तो इस पर लगने वाले बल की गणना करें। (1 टन = 1000 kg)
हल-
ट्रक का आरंभिक वेग (u) = 0
तय की गई दूरी (S) = 400 m
लिया गया समय (t) = 20 s
त्वरण \(a\) = ?
हम जानते हैं-
\(S = ut + \frac{1}{2}at^2\)
\(400 = 0 \times 20 + \frac{1}{2}a(20)^2\)
\(400 = \frac{1}{2}a \times 400\)
\(a = 2 m/s^2\)
ट्रक की संहति \(m\) = 7 टन
= \(7 \times 1000 = 7000 kg\)
ट्रक पर लगाया गया बल \(F = ma\)
= \(7000 \times 2\)
= \(14000 N\)
अतः,
त्वरण \(a\) = \(2 m/s^2\),
बल \(F\) = \(14000 N\) उत्तर
In simple words: ट्रक के त्वरण को गति के दूसरे समीकरण का उपयोग करके गणना की जाती है, और फिर न्यूटन के दूसरे नियम (\(F=ma\)) का उपयोग करके उस पर लगने वाले बल की गणना की जाती है।
🎯 Exam Tip: गति के समीकरणों का सही उपयोग और SI इकाइयों में द्रव्यमान और त्वरण के बीच संबंध को समझना सुनिश्चित करें।
Question 6. 1 kg द्रव्यमान के एक पत्थर को 20 ms-1 के वेग से झील की जमी हुई सतह पर फेंका जाता है। पत्थर 50 m की दूरी तय करने के बाद रुक जाता है। पत्थर और बर्फ के बीच लगने वाले घर्षण बल की गणना करें।
हल-
द्रव्यमान, \(m\) = 1 किग्रा
प्रारम्भिक वेग, \(u\) = \(20 m/s\)
अन्तिम वेग, \(v\) = 0
दूरी = 50 m
गति के तीसरे समीकरण से,
\(v^2 = u^2 + 2as\)
\(0 = 20^2 + 2 \times a \times 50\)
\(a = -4 m/s^2\)
बर्फ व पत्थर के बीच लगा घर्षण बल, \(F = ma\)
\(F = 1 \times (-4)\)
\(F = -4 N\)
ऋणात्मक चिन्ह दर्शाता है कि बल गति के विपरीत दिशा में कार्य कर रहा है।
In simple words: घर्षण बल पत्थर को धीमा कर देता है। पत्थर का त्वरण गति के तीसरे समीकरण से निकाल कर, न्यूटन के दूसरे नियम से घर्षण बल का मान ज्ञात किया जाता है, जो गति की विपरीत दिशा में होता है।
🎯 Exam Tip: गति के समीकरणों का उपयोग करते समय त्वरण के चिन्ह पर ध्यान दें (नकारात्मक त्वरण का अर्थ मंदी है), और फिर \(F=ma\) का उपयोग करके बल की गणना करें।
Question 7. एक 8000 kg द्रव्यमान का रेल इंजन प्रति 2000 kg द्रव्यमान वाले पाँच डिब्बों को सीधी पटरी पर खींचता है। यदि इंजन 40000N का बल आरोपित करता है तथा यदि पटरी 5000 N का घर्षण बल लगाती है, तो ज्ञात करें
(a) नेट त्वरण बल
(b) रेल का त्वरण तथा
(c) डिब्बे 1 द्वारा डिब्बे 2 पर लगाया गया बल ।
हल-
इंजन द्वारा लगाया गया बल = \(40,000 N\)
डिब्बों द्वारा लगाया गया घर्षण बल = \(5000 N\)
(a) इंजन द्वारा लगाया गया त्वरक बल = \(40,000 – 5000 = 35,000 N\)
(b) इंजन द्वारा लगाया गया त्वरक बल = \(35000 N\)
रेलगाड़ी के डिब्बों का कुल द्रव्यमान = \(5 \times 2000 = 10000 kg\)
हम जानते हैं कि \(F = ma\)
\(a = \frac{35000}{10000} = 3.5 m/s^2\)
अतः रेलगाड़ी \(3.5 m/s^2\) के त्वरण से गति करती है।
(c) चार डिब्बों को कुल द्रव्यमान = \(4 \times 2000 = 8000 kg\)
त्वरण = \(3.5 m/s^2\)
पहले डिब्बे द्वारा लगाया गया बल = \(8000 \times 3.5 = 28000 N\).
In simple words: नेट त्वरण बल कुल लगाए गए बल और घर्षण बल का अंतर होता है। इस बल को कुल द्रव्यमान से विभाजित करके त्वरण ज्ञात किया जाता है। डिब्बे 1 द्वारा डिब्बे 2 पर लगाया गया बल उसके पीछे के डिब्बों के कुल द्रव्यमान और त्वरण का गुणनफल होता है।
🎯 Exam Tip: विभिन्न भागों में बल और द्रव्यमान को सही ढंग से पहचानें, जैसे कि कुल ट्रेन पर नेट बल और फिर विशिष्ट डिब्बों पर बल।
Question 8. एक गाड़ी का द्रव्यमान 1500 kg है। यदि गाड़ी को 1.7 ms-2 के ऋणात्मक त्वरण (अवमंदन) के साथ विरामावस्था में लाना है, तो गाड़ी तथा सड़क के बीच लगने वाला बल कितना होगा?
हल-
गाड़ी का द्रव्यमान \(m\) = \(1500 kg\)
त्वरण \(a\) = \(-1.7 m/s^2\)
गाड़ी तथा सड़क के बीच लगने वाला बल = \(m \times a = 1500 \times (-1.7) = -2550 N\).
In simple words: गाड़ी को धीमा करने के लिए सड़क और गाड़ी के बीच एक नकारात्मक त्वरण की आवश्यकता होती है, और न्यूटन के दूसरे नियम का उपयोग करके आवश्यक बल की गणना की जाती है।
🎯 Exam Tip: ऋणात्मक त्वरण को अवमंदन के रूप में पहचानें और बल की गणना करते समय त्वरण के ऋणात्मक चिन्ह का उपयोग करें।
Question 9. किसी \(m\) द्रव्यमान की वस्तु जिसका वेग \(v\) है का संवेग क्या होगा?
(a) \((mv)^2\)
(b) \(mv^2\)
(c) \(mv^2\)
(d) \(mv\)
(उपरोक्त में सही विकल्प चुनें)।
Answer: (d) mv
In simple words: संवेग (momentum) द्रव्यमान और वेग का गुणनफल होता है।
🎯 Exam Tip: संवेग की परिभाषा और इसके सूत्र को याद रखें, जो द्रव्यमान और वेग के बीच संबंध स्थापित करता है।
Question 10. हम एक लकड़ी के बक्से को 200 N बल लगाकर उसे नियत वेग से फर्श पर धकेलते हैं। बक्से पर लगने वाला घर्षण बल क्या होगा?
Answer: क्षैतिज दिशा में बक्से पर लगाया गया बल = \(200 N\). घर्षण बल बक्से पर क्षैतिज दिशा में लगाए गए बल के बराबर तथा विपरीत दिशा में होगा। अतः घर्षण बल = \(-200 N\) ऋणात्मक चिन्ह दर्शाता है कि घर्षण बल लगाए गए बल के विपरीत दिशा में लग रहा है।
In simple words: यदि कोई वस्तु नियत वेग से चल रही है, तो उस पर लगने वाला नेट बल शून्य होता है। इसलिए, लगाया गया बल घर्षण बल द्वारा संतुलित होता है, जो विपरीत दिशा में कार्य करता है।
🎯 Exam Tip: नियत वेग से गति में नेट बल शून्य होता है, जिसका अर्थ है कि लगाए गए बल और घर्षण बल का परिमाण समान होता है लेकिन दिशा विपरीत होती है।
Question 11. दो वस्तुएँ, प्रत्येक का द्रव्यमान 1.5 किग्रा है, एक ही सीधी रेखा में एक-दूसरे के विपरीत दिशा में गति कर रही हैं। टकराने के पहले प्रत्येक का वेग 2.5 ms-1 है। टकराने के बाद यदि दोनों एक-दूसरे से जुड़ जाती हैं, तब उनका सम्मिलित वेग क्या होगा?
Answer:
दिया है : वस्तुओं के द्रव्यमान ।
\(m_1 = m_2 = 1.5 kg\)
टकराने से पहले इनके वेग ।
\(u_1 = 2.5 m/s\)
\(u_2 = -2.5 m/s\)
(ऋण चिह्न विपरीत दिशा के कारण लिया है।)
माना टकराने के बाद दोनों का सम्मिलित वेग \(v\) हो जाता है।
दोनों के जुड़ जाने से बनी नई वस्तु का द्रव्यमान \((m_1 + m_2)\) होगा।
तब टक्कर के पहले दोनों का कुल संवेग = \(m_1u_1 + m_2u_2\)
= \(1.5 \times 2.5 + 1.5 \times (-2.5) = 3.75 – 3.75 = 0\).
तथा टक्कर के बाद दोनों का कुल संवेग = \((m_1 + m_2)v = (1.5 + 1.5)v = 3v\)
संवेग संरक्षण के नियम से, टक्कर के बाद कुल संवेग = टक्कर के पहले कुल संवेग अर्थात् \(3v = 0 \implies v = 0\)
अतः टक्कर के बाद दोनों वस्तुओं का सम्मिलित वेग शून्य होगा अर्थात् वे विरामावस्था में आ जाएँगी।
In simple words: संवेग संरक्षण के नियम के अनुसार, टकराने से पहले और बाद का कुल संवेग समान रहता है। क्योंकि वस्तुएँ समान द्रव्यमान और विपरीत वेग से गति कर रही हैं, उनका कुल प्रारंभिक संवेग शून्य है, इसलिए टकराने के बाद उनका सम्मिलित वेग भी शून्य होगा।
🎯 Exam Tip: संवेग संरक्षण के नियम को लागू करते समय, विपरीत दिशाओं में गतिमान वस्तुओं के लिए वेगों को ऋणात्मक मान देना याद रखें।
Question 12. गति के तृतीय नियम के अनुसार जब हम किसी वस्तु को धक्का देते हैं, तो वस्तु उतने ही बल के साथ हमें भी विपरीत दिशा में धक्का देती है। यदि वह वस्तु एक टुक है जो सड़क के किनारे खड़ा है; संभवतः हमारे द्वारा बल आरोपित करने पर भी गतिशील नहीं हो पाएगा। एक विद्यार्थी इसे सही साबित करते हुए कहता है कि दोनों बल विपरीत एवं बराबर हैं जो एक-दूसरे को निरस्त कर देते हैं। इस तर्क पर अपने विचार दें और बताएँ कि दुक गतिशील क्यों नहीं हो पाता?
Answer: विद्यार्थी का तर्क गलत है, यह सही है कि क्रिया तथा प्रतिक्रिया के बल विपरीत एवं बराबर होते हैं, परंतु ये बल कभी भी एक ही वस्तु पर कार्य नहीं करते। जैसे कि उपर्युक्त उदाहरण में, हमारे द्वारा आरोपित बल ट्रक पर लगेगा, जबकि ट्रक का प्रतिक्रिया बल हम पर लगेगा। ट्रक के गतिमान होने का संबंध केवल ट्रैक पर लगने वाले बल से है न कि हमारे द्वारा लगे प्रतिक्रिया बल से। अतः क्रिया-प्रतिक्रिया के बलों के निरस्त होने का यहाँ कोई प्रश्न ही नहीं उठता। हमारे द्वारा ट्रक पर बल आरोपित किए जाने पर भी ट्रक गतिशील नहीं हो पाता, इसका कारण यह है कि ट्रक पर इस बल के अतिरिक्त पृथ्वी द्वारा आरोपित घर्षण बल भी लगा है जो कि हमारे द्वारा आरोपित बल को संतुलित कर देता है।
In simple words: न्यूटन के तीसरे नियम में क्रिया और प्रतिक्रिया बल हमेशा अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं, इसलिए वे एक-दूसरे को रद्द नहीं करते। ट्रक इसलिए नहीं हिलता क्योंकि उस पर लगने वाला घर्षण बल हमारे द्वारा लगाए गए बल को संतुलित कर देता है।
🎯 Exam Tip: न्यूटन के तीसरे नियम की क्रिया-प्रतिक्रिया को समझने में यह महत्वपूर्ण है कि बल हमेशा दो अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं, न कि एक ही वस्तु पर।
Question 13. 200 g द्रव्यमान की एक हॉकी की गेंद 10 ms-1 की वेग से सीधी रेखा में चलती हुई 5 kg द्रव्यमान के लकड़ी के गुटके से संघट्ट करती है तथा उससे जुड़ जाती है। उसके बाद दोनों एक साथ उसी रेखा में गति करते हैं। संघट्ट से पहले तथा संघट्ट के बाद कुल संवेगों की गणना करें। दोनों वस्तुओं की जुडी हुई अवस्था में वेग की गणना करें।
हल-
गेंद का द्रव्यमान, \(m\) = 200, g = 0.2 kg
गेंद का वेग, \(v\) = \(10 m/s^{-1}\)
गेंद का संघट्ट से पहले संवेग = \(m.v = 0.2 \times 10 = 2.0 kg m/s^{-1}\)
5 kg द्रव्यमान के लकड़ी के टुकड़े का संघट्ट से पहले वेग, \(v\) = 0
लकड़ी के टुकड़े का संघट्ट से पहले संवेग = \(5 \times 0 = 0\)
(i) संघट्ट से पहले कुल संवेग = \(2 + 0 = 2 kg m/s^{-1}\)
(ii) संघट्ट से पहले संवेग = संघट्ट के बाद संवेग = \(2.0 kg m/s^{-1}\)
अतः दोनों वस्तुओं का संघट्ट के बाद संवेग = \(2.0 kg m/s^{-1}\)
(iii) मान लिया दोनों वस्तुओं का जुड़ी हुई अवस्था में वेग = 0
दोनों वस्तुओं का जुड़ी हुई अवस्था में द्रव्यमान, \(m\) = \(0.2 + 5 = 5.2 kg\)
दोनों वस्तुओं का संघट्ट के पश्चात जुड़ी हुई अवस्था में संवेग = \(m.v = 5.2 \times v\)
परन्तु संघट्ट के बाद दोनों वस्तुओं का संवेग \(v\) = \(2.0 kg m/s^{-1}\)
अतः \(5.2 v = 2.0\)
\(v = 0.39 m/s^{-1}\)
अतः जुडी हुई अवस्था में दोनों वस्तुओं का वेग = \(0.39 m/s^{-1}\)
In simple words: संवेग संरक्षण के नियम का उपयोग करके टकराने से पहले और बाद का कुल संवेग बराबर होता है। इस सिद्धांत का उपयोग करके टकराने के बाद संयुक्त वेग की गणना की जाती है।
🎯 Exam Tip: संवेग संरक्षण के नियम को लागू करते समय सभी इकाइयों को SI में बदलें और संयुक्त प्रणाली के द्रव्यमान को सही ढंग से जोड़ना सुनिश्चित करें।
Question 14. 10 द्रव्यमान की एक गोली सीधी रेखा में 150 ms-1 के वेग से चलकर एक लकड़ी के गुटके से टकराती है और 0.03 s के बाद रुक जाती है। गोली लकड़ी को कितनी दूरी तक भेदेगी? लकड़ी के गुटके द्वारा गोली पर लगाए गए बल के परिमाण की गणना कीजिए।
Answer:
बन्दूक की गोली का द्रव्यमान \(m\) = 10 g = 0.01 kg
गोली का आरंभिक वेग \(u\) = \(150 m/s\)
अन्तिम वेग \(v\) = 0
लिया गया समय \(t\) = 0.03 s
गोली का त्वरण = \(a = \frac{v-u}{t}\)
= \(\frac{0-(150)}{0.03}\)
= \(\frac{-150 \times 100}{3}\)
= \(-5000 m/s^2\)
माना गोली जितनी अन्दर धँसी \(S\) = ?
हम जानते हैं कि
\(2aS = v^2 – u^2\)
\(2(-5000) S = 0 – (150)^2\)
\(-10000 S = -22500\)
\(S = \frac{22500}{10000}\)
= 2.25 m
लकड़ी के गुटके का गोली पर लगा बल = \(F\)
\(F = ma = 0.01 \times (-5000)\)
= \(-50 N\)
गोली पर \(50 N\) का बल गोली की गति के विपरीत
दिशा में लगेगा। उत्तर
In simple words: पहले गति के समीकरणों का उपयोग करके गोली का त्वरण ज्ञात करें, फिर तय की गई दूरी का पता लगाने के लिए एक और समीकरण का उपयोग करें। अंत में, न्यूटन के दूसरे नियम से लगाए गए बल की गणना करें, जो गति की विपरीत दिशा में होता है।
🎯 Exam Tip: दिए गए प्रारंभिक और अंतिम वेग, दूरी और समय का उपयोग करके गति के सही समीकरणों का चयन करें और गणना में नकारात्मक संकेतों पर ध्यान दें।
Question 15. एक वस्तु जिसका द्रव्यमान 1 kg है, 10 ms-1 के वेग से एक सीधी रेखा में चलते हुए एक विरामावस्था में रखे 5 kg द्रव्यमान के एक लकड़ी के गुटके से टकराती है। उसके बाद दोनों साथ-साथ उसी सीधी रेखा में गति करते हैं। संघट के पहले तथा बाद के कुल संवेगों की गणना करें। आपस में जुड़े हुए संयोजन के वेग की भी गणना करें।
Answer:
हल-
पिंड की संहति \((m_1)\) = 1 kg
गुटके की संहति \((m_2)\) = 5 kg
पिंड का आरंभिक वेग \((v_1)\) = 10 m/s
गुटके का आरंभिक वेग \((v_2)\) = 0
गोली व गुटके का टकराने के तुरन्त पहले संवेग = \(m_1v_1 + m_2 \times 0 = 1 \times 10 + 5 \times 0 = 10 kg m/s\)
टकराने के तुरन्त पश्चात् संवेग = टकराने के तुरन्त
पहले संवेग = \(10 kg m/s\)
पिंडों की संयुक्त (कुल) संहति = \(m_1 + m_2 = 1 + 5 = 6 kg\)
मान लिया आपस में जुड़े संयोजन का वेग = \(v\)
आपस में जुड़े संयोजन का संवेग = \(mv = 6 \times v = 6v\)
लेकिन संवेग = \(10 kg m/s\)
अतः
\(6v = 10\)
\(v = \frac{10}{6} m/s\).
In simple words: संवेग संरक्षण के नियम का उपयोग करके, टकराने से पहले का कुल संवेग टकराने के बाद के कुल संवेग के बराबर होता है। इस नियम का उपयोग करके संयुक्त वस्तुओं का अंतिम वेग ज्ञात किया जाता है।
🎯 Exam Tip: संवेग संरक्षण के नियमों को सही ढंग से लागू करें और टकराव के बाद संयुक्त द्रव्यमान के लिए इकाइयों का ध्यान रखें।
Question 16. 100 kg द्रव्यमान की एक वस्तु का वेग समान त्वरण से चलते हुए 6s में 5 ms-1 से 8 ms-1 हो जाता है। वस्तु के पहले और बाद के संवेगों की गणना करें। उस बल के परिमाण की भी गणना करें जो उस वस्तु पर आरोपित है।
Answer:
हल-
आरंभिक वेग \((u)\) = \(5 m/s\)
अन्तिम वेग \((v)\) = \(8 m/s\)
लगा समय \((t)\) = \(6 s\)
वस्तु का आरंभिक संवेग = \(mu = 100 \times 5\)
= \(500 kg m/s^{-1}\)
वस्तु का अन्तिम संवेग = \(mv = 100 \times 8\)
= \(800 kg m/s^{-1}\)
त्वरण \(a = \frac{v-u}{t}\)
= \(\frac{8-5}{6}\)
= \(\frac{3}{6}\) = \(0.5 m/s^2\)
वस्तु की संहति \((m)\) = 100 kg
वस्तु पर लगा बल \((F) = m \times a\)
= \(100 \times 0.5 = 50 N\).
In simple words: संवेग द्रव्यमान और वेग का गुणनफल होता है। त्वरण वेग में परिवर्तन की दर है। न्यूटन का दूसरा नियम (F=ma) बल, द्रव्यमान और त्वरण से संबंधित है, जिसका उपयोग बल की गणना के लिए किया जाता है।
🎯 Exam Tip: संवेग और त्वरण की गणना करने के लिए सही सूत्र लागू करें, और न्यूटन के दूसरे नियम का उपयोग करके बल के परिमाण का निर्धारण करें।
Question 17. अख्तर, किरण और राहुल किसी राजमार्ग पर बहुत तीव्र गति से चलती हुई कार में सवार हैं, अचानक उड़ता हुआ कोई कीड़ा गाड़ी के सामने के शीशे से आ टकराया और वह शीशे से चिपक गया। अख्तर और किरण इस स्थिति पर विवाद करते हैं। किरण का मानना है कि कीड़े के संवेग परिवर्तन का परिमाण कार के संवेग परिवर्तन के परिमाण की अपेक्षा बहुत अधिक है। (क्योंकि कीड़े के वेग में परिवर्तन का मान कार के वेग में परिवर्तन के मान से बहुत अधिक है ।) अख्तर ने कहा कि चूंकि कार का वेग बहुत अधिक था अतः कार ने कीड़े पर बहुत अधिक बल लगाया जिसके कारण कीड़े की मौत हो गई। राहुल ने एक नया तर्क देते हुए कहा कि कार तथा कीड़ा दोनों पर समान बल लगा और दोनों के संवेग में बराबर परिर्वतन हुआ। इन विचारों पर अपनी प्रतिक्रिया दें।
Answer: राहुल का उत्तर सही था क्योंकि- संवेग संरक्षण के सिद्धांत के अनुसार, टक्कर के समय तंत्र की कुल संवेग संरक्षित रहता है, इसलिए दोनों ही में एकसमान संवेग परिर्वतन होगा। किंतु कीड़ा का द्रव्यमान कम है, इसलिए उसके वेग में अधिक परिवर्तन होगा एवं कार का द्रव्यमान अधिक होने के कारण, उसके वेग में अपेक्षाकृत कम परिवर्तन होगा।
In simple words: राहुल सही है क्योंकि संवेग संरक्षण के नियम के अनुसार, टक्कर में कार और कीड़े दोनों का संवेग परिवर्तन बराबर होगा। हालांकि, कीड़े का कम द्रव्यमान होने के कारण उसके वेग में अधिक बदलाव होता है।
🎯 Exam Tip: संवेग संरक्षण के नियम को स्पष्ट रूप से समझाएं, और समझाएं कि द्रव्यमान में अंतर के बावजूद संवेग में परिवर्तन क्यों समान होता है।
Question 18. एक 10 किग्रा द्रव्यमान की घंटी 80 सेमी की ऊँचाई से फर्श पर गिरी। इस अवस्था में घंटी द्वारा फर्श पर स्थानांतरित संवेग के मान की गणना करें। परिकलन में सरलता हेतु नीचे की ओर दिष्ट त्वरण का मान 10 ms-1 लें।
Answer:
हल-
दिया है। घंटी का द्रव्यमान, \(m\) = 10 किग्रा
प्रारंभिक ऊँचाई \(s\) = 80 सेमी = 0.8 मीटर,
घंटी का त्वरण \(a\) = \(10 m/s^2\),
गिरते समय प्रारंभिक वेग \(u\) = 0
माना फर्श पर पहुँचकर घंटी \(v\) वेग से फर्श से टकराती है। तब समीकरण
\(v^2 = u^2 + 2as\) से, .
\(v^2 = 0^2 + 2 \times 10 \times 0.8 = 16 m/s^2\)
घंटी का वेग \(v = \sqrt{16} = 4 m/s\)।
माना कि फर्श से टकराने के बाद घंटी विरामावस्था में आ जाती है।
फर्श से टकराते समय घंटी का वेग \(v_1 = 4 m/s\)
तथा फर्श से टकराने के बाद घंटी का वेग \(v_2 = 0\)
घंटी के संवेग में परिवर्तन = \(m (v_2 – v_1) = 10 (0 – 4) = – 40 kg-m/s\)।
क्रिया-प्रतिक्रिया के नियम से फर्श को स्थानान्तरित संवेग = घंटी का संवेग-परिवर्तन = \((-40) = 40 kg-m/s\)
In simple words: घंटी के संवेग में परिवर्तन की गणना करने के लिए, पहले गति के समीकरण का उपयोग करके फर्श से टकराने से पहले घंटी का वेग ज्ञात करें। फिर, संवेग में परिवर्तन और क्रिया-प्रतिक्रिया के नियम से फर्श को स्थानांतरित संवेग ज्ञात करें।
🎯 Exam Tip: गति के समीकरणों का उपयोग करके अंतिम वेग की गणना करें, फिर संवेग में परिवर्तन \((m \Delta v)\) का सटीक मूल्यांकन करें। क्रिया-प्रतिक्रिया के नियम के अनुसार, फर्श को स्थानांतरित संवेग घंटी के संवेग परिवर्तन के परिमाण के बराबर होगा।
अतिरिक्त अभ्यास प्रश्न (पृष्ठ संख्या - 144)
Question A1. एक वस्तु की गति की अवस्था में दूरी-समय सारणी निम्नवत् है-
| समय (सेकण्ड) | दूरी (मीटर) |
|---|---|
| 0 | 0 |
| 1 | 1 |
| 2 | 8 |
| 3 | 27 |
| 4 | 64 |
| 5 | 125 |
| 6 | 216 |
| 7 | 343 |
(a) त्वरण के बारे में आप क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं,? क्या यह नियत है? बढ़ रहा है? घट रहा है? या शून्य है?
(b) आप वस्तु पर लगने वाले बल के बारे में क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं?
Answer:
हल-
| समय (सेकण्ड में) | दूरी (मीटर में) | चाल (m/s) |
|---|---|---|
| 0 | 0 | Rest |
| 1 | 1 | 1 |
| 2 | 8 | 4 |
| 3 | 27 | 9 |
| 4 | 64 | 16 |
| 5 | 125 | 25 |
| 6 | 216 | 36 |
| 7 | 343 | 49 |
(a) उपर्युक्त टेबल दर्शाता है कि वेग
परिवर्तन की दर बढ़ रही है अतः वस्तु का त्वरण लगातार बढ़ रहा है।
(b) चूँकि बल, वस्तु में उत्पन्न त्वरण के समानुपाती होता है, इसलिए वस्तु पर लगने वाला बल भी लगातार बढ़ रहा है।
In simple words: सारणी से पता चलता है कि वेग लगातार बढ़ रहा है, इसलिए त्वरण बढ़ रहा है। चूंकि बल त्वरण के समानुपाती होता है, इसलिए वस्तु पर लगने वाला बल भी बढ़ रहा है।
🎯 Exam Tip: दूरी-समय सारणी से वेग और त्वरण की गणना करने के लिए डेटा का विश्लेषण करें, और न्यूटन के दूसरे नियम का उपयोग करके बल के साथ त्वरण के संबंध को स्पष्ट करें।
Question A2. 1200 kg द्रव्यमान की कार को एक समतल सड़क पर दो व्यक्ति समान वेग से धक्का देते हैं। उसी कार को तीन व्यक्तियों द्वारा धक्का देकर 0.2 ms-1 का त्वरण उत्पन्न किया जाता है। कितने बल के साथ प्रत्येक व्यक्ति कार को धकेल पाते हैं। (मान लें कि सभी व्यक्ति समान पेशीय बल के साथ कार को धक्का देते हैं।)
Answer:
हल-
स्थिति I :
द्रव्यमान, \(m\) = 1200 kg
\(u = v\) (समान वेग)
\(a\) = 0
बल = \(m \times a = 1200 \times 0 = 0 N\)
स्थिति II :
द्रव्यमान, \(m\) = 1200 kg
त्वंरण, \(a\) = \(0.2 m/s^2\)
बल = \(m \times a = 1200 \times 0.2 = 240 N\)
प्रत्येक व्यक्ति द्वारा लगाया गया बल = \(\frac{240 N}{3}\) = \(80 N\)
In simple words: जब कार नियत वेग से चलती है तो उस पर नेट बल शून्य होता है। जब तीन व्यक्ति कार को धक्का देकर उसे त्वरित करते हैं, तो न्यूटन के दूसरे नियम का उपयोग करके कुल बल ज्ञात किया जाता है, और फिर प्रति व्यक्ति बल की गणना की जाती है।
🎯 Exam Tip: नियत वेग पर नेट बल शून्य होता है, और बल की गणना करते समय त्वरण और द्रव्यमान को सही ढंग से जोड़ना सुनिश्चित करें।
Question A3. 500 g द्रव्यमान के एक हथौड़े द्वारा 50 ms-1 वेग से एक कील पर प्रहार किया जाता है। कील द्वारा हथौड़े को बहुत कम समय 0.01s में ही रोक दिया जाता है। कील के द्वारा हथौड़े पर लगाए गये बल की गणना करें।
Answer:
हल-द्रव्यमान,
\(m\) = 500 g = 0.5 kg
प्रारंभिक वेग, \(u\) = \(50 m/s\)
अंतिम वेग, \(v\) = 0 m/s
समय, \(t\) = 0.01 s
त्वरण, \(a = \frac{v-u}{t}\)
= \(\frac{0-50}{0.01}\)
= \(-5000 m/s^2\)
बल, \(F = ma\).
\(F = 0.5 \times (-5000)\)
\(F = -2500 N\)
उत्तर
In simple words: हथौड़े के वेग में परिवर्तन और इसमें लगने वाले समय का उपयोग करके हथौड़े का त्वरण ज्ञात करें। फिर, न्यूटन के दूसरे नियम का उपयोग करके कील द्वारा हथौड़े पर लगाए गए बल की गणना करें।
🎯 Exam Tip: त्वरण की गणना में प्रारंभिक और अंतिम वेग के सही चिन्हों का उपयोग करना महत्वपूर्ण है, और बल की दिशा को दर्शाने के लिए ऋणात्मक चिन्ह को ध्यान में रखें।
Question A4. एक 1200 kg द्रव्यमान की मोटरकार 90 km/h की वेग से एक सीधी रेखा के अनुदिश चल रही है। उसका वेग बाहरी असंतुलित बल लगने के कारण 4s में घटकर 18 km/h हो जाता है। त्वरण और परिवर्तन का परिकलन करें। लगने वाले बल के परिमाण की भी परिकलन करें।
Answer:
हल-
द्रव्यमान, \(m\) = 1200 kg
प्रारंभिक वेग, \(u\) = \(90 km/h\)
= \(90 \times \frac{5}{18}\)
= \(25 m/s\)
अंतिम वेग, \(v\) = \(18 km/h\)
= \(18 \times \frac{5}{18}\)
= \(5 m/s\)
\(\Delta t\) = 4 सेकण्ड
त्वरण \(a = \frac{v-u}{\Delta t}\)
= \(\frac{5-25}{4}\)
= \(\frac{-20}{4}\)
= \(-5 m/s^2\)
संवेग में परिवर्तन = \(mv - mu\)
= \(m(v-u)\)
= \(1200(5-25)\)
= \(1200(-20)\)
= \(-24000 kg m/s\)
बल, \(F = ma\)
= \(1200 \times (-5)\)
= \(-6000 N\)
In simple words: त्वरण की गणना वेग में परिवर्तन और समय के अंतर से की जाती है। संवेग में परिवर्तन द्रव्यमान और वेग में परिवर्तन का गुणनफल होता है। न्यूटन के दूसरे नियम का उपयोग करके बल के परिमाण की गणना की जाती है।
🎯 Exam Tip: वेग को किलोमीटर प्रति घंटा से मीटर प्रति सेकंड में बदलने के लिए सही रूपांतरण कारक का उपयोग करें, और त्वरण और संवेग परिवर्तन की गणना में ऋणात्मक मानों को ध्यान में रखें।
अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
Question 1. बल' से क्या समझते हो ? बल के मात्रक लिखिए।
Answer: बल (Force) - वह बाह्य कारक जो किसी पिण्ड की विराम अवस्था अथवा गति अवस्था में परिवर्तन करे अथवा परिवर्तन की प्रवृत्ति उत्पन्न करे, बल कहलाता है। बल के मात्रक
• C.G.S. पद्धति में- डाइन'
• M.K.S. पद्धति में- न्यूटन'
In simple words: बल वह बाहरी कारक है जो किसी वस्तु की गति या विराम अवस्था को बदलता या बदलने का प्रयास करता है; इसके मात्रक डाइन (CGS) और न्यूटन (MKS) हैं।
🎯 Exam Tip: बल की परिभाषा और उसके विभिन्न मात्रकों (डाइन और न्यूटन) को स्पष्ट रूप से याद रखें।
Question 2. बल का S.I. मात्रक लिखिए।
Answer: बल का S.I. मात्रक न्यूटन है।
In simple words: बल का SI मात्रक न्यूटन है।
🎯 Exam Tip: भौतिक राशियों के SI मात्रकों को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 3. 'एक न्यूटन बल' से क्या समझते हो?
Answer: एक न्यूटन बल-बल की वह मात्रा जो एक किलोग्राम द्रव्यमान की वस्तु पर आरोपित करने से उस वस्तु में 1 मीटर/सेकण्ड का त्वरण पैदा कर सके एक न्यूटन बल कहलाती है।
In simple words: एक न्यूटन बल वह बल है जो 1 किलोग्राम द्रव्यमान की वस्तु में 1 मीटर/सेकंड\(^2\) का त्वरण उत्पन्न करता है।
🎯 Exam Tip: एक न्यूटन की परिभाषा को याद रखें, जो द्रव्यमान और त्वरण के साथ इसके संबंध को दर्शाती है।
Question 4. बल सदिश राशि क्यों है? समझाइये ।
Answer: बल एक सदिश राशि है, क्योंकि इसे पूर्णरूप से व्यक्त करने के लिए उसका परिमाण और दिशा दोनों को उल्लेख करना आवश्यक है।
In simple words: बल एक सदिश राशि है क्योंकि इसे पूरी तरह से परिभाषित करने के लिए परिमाण (कितना) और दिशा (किस ओर) दोनों की आवश्यकता होती है।
🎯 Exam Tip: सदिश और अदिश राशियों के बीच अंतर को स्पष्ट करें, और बल के सदिश होने का कारण समझाएं।
Question 5. मांसपेशीय बल किसे कहते हैं?
Answer: मांसपेशीय बल (Muscular Force)- किसी वस्तु को खींचने, ठेलने या हटाने के लिए व्यक्ति या पशुओं की मांसपेशियों द्वारा लगाया गया बल, मांसपेशीय बल कहलाता है।
In simple words: मांसपेशीय बल वह बल है जो मनुष्यों या जानवरों की मांसपेशियों द्वारा वस्तुओं को हिलाने के लिए लगाया जाता है।
🎯 Exam Tip: विभिन्न प्रकार के बलों के उदाहरणों को याद रखें और उन्हें उनकी परिभाषाओं से जोड़ें।
Question 6. 'गुरुत्वीय बल' या भार' से क्या समझते हे?
Answer: गुरुत्वीय बल या भार (Gravitational Force or weight)- किसी वस्तु को पृथ्वी जितने बल से अपने केन्द्र की ओर खींचती है उस बल को उस वस्तु का गुरुत्वीय बल या भार कहते हैं।
In simple words: गुरुत्वीय बल या भार वह बल है जिससे पृथ्वी किसी वस्तु को अपने केंद्र की ओर खींचती है।
🎯 Exam Tip: गुरुत्वीय बल और भार की परिभाषा को याद रखें और समझाएं कि ये कैसे संबंधित हैं।
Question 7. प्रत्यानयन बल' किसे कहते हैं?
Answer: प्रत्यानयन बल (Restoring Force)- यदि किसी वस्तु को उसकी मध्यमान स्थिति से विस्थापित किया जाये तो उस पर एक ऐसा बल लगता है जो उसे मध् यमान स्थिति में लाने का प्रयास करता है। इस बल को प्रत्यानयन बल कहते हैं।
In simple words: प्रत्यानयन बल वह बल है जो किसी विस्थापित वस्तु को उसकी मूल या संतुलन स्थिति में वापस लाने का प्रयास करता है।
🎯 Exam Tip: प्रत्यानयन बल की परिभाषा और इसे सरल आवर्त गति जैसे संदर्भों में कैसे लागू किया जाता है, इसे समझें।
Question 8. 'गुरुत्वाकर्षण बल' से क्या समझते हो?
Answer: गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational Force)- ब्रह्माण्ड में आकाशीय पिण्डों के मध्य लगने वाले आकर्षण बल को, गुरुत्वाकर्षण बल कहते हैं।
In simple words: गुरुत्वाकर्षण बल वह आकर्षण बल है जो ब्रह्मांड में किसी भी दो द्रव्यमान वाली वस्तुओं के बीच लगता है।
🎯 Exam Tip: गुरुत्वाकर्षण बल को सार्वभौमिक बल के रूप में समझें जो बड़े पैमाने पर वस्तुओं के बीच कार्य करता है।
Question 9. 'तनाव बल' से क्या समझते हो?
Answer: तनाव बल' (Tension) किसी वस्तु को डोरी या जंजीर द्वारा बाँधकर लटकाने, खींचने या घुमाने पर डोरी या जंजीर में उत्पन्न हुआ बल, तनाव, बल कहलाता है।
In simple words: तनाव बल वह बल है जो डोरी, रस्सी या जंजीर में उत्पन्न होता है जब उसे खींचा जाता है, लटकाया जाता है या घुमाया जाता है।
🎯 Exam Tip: तनाव बल की परिभाषा को याद रखें और समझें कि यह कैसे उत्पन्न होता है।
Question 10. 'प्रतिक्रिया बल' से क्या समझते हो?
Answer: प्रतिक्रिया बल (Reaction Force)- किसी वस्तु पर बल लगने पर लगाये गये बल की विपरीत दिशा में वस्तु द्वारा कारक वस्तु पर लगाया गया बल, प्रतिक्रिया बल कहलाता है।
In simple words: प्रतिक्रिया बल वह बल है जो न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार, किसी वस्तु पर लगने वाले क्रिया बल के विपरीत और बराबर दिशा में लगता है।
🎯 Exam Tip: न्यूटन के तीसरे नियम को क्रिया-प्रतिक्रिया बल की अवधारणा से जोड़कर स्पष्ट रूप से समझाएं।
Question 11. 'चुम्बकीय बल' से क्या समझते हो?
Answer: चुम्बकीय बल (Magnetic Force)- चुम्बकीय ध्रुव द्वारा अन्य चुम्बकीय ध्रुव या चुम्बकीय वस्तु पर लगने वाला बल, चुम्बकीय बल कहलाता है।
In simple words: चुम्बकीय बल वह बल है जो चुम्बकीय ध्रुवों के बीच या चुम्बक द्वारा अन्य चुम्बकीय वस्तुओं पर लगता है।
🎯 Exam Tip: चुम्बकीय बलों के मूलभूत सिद्धांतों को समझें, विशेष रूप से आकर्षण और प्रतिकर्षण के संदर्भ में।
Question 12. 'विद्युत बल' से क्या समझते हो?
Answer: विद्युत बल (Electric Force)- विद्युत आवेश द्वारा अन्य आवेश या वस्तुओं पर लगने वाला बल, विद्युत बल कहलाता है।
In simple words: विद्युत बल वह बल है जो विद्युत आवेशों द्वारा अन्य आवेशों या वस्तुओं पर लगता है।
🎯 Exam Tip: विद्युत बलों के मूल सिद्धांतों को समझें, विशेष रूप से आकर्षण और प्रतिकर्षण के संदर्भ में।
Question 13. 'विद्युत चुम्बकीय बल' से क्या समझते हो?
Answer: विद्युत चुम्बकीय बल (Electromagnetic Force)- धारावाही चालकों द्वारा चुम्बक पर अथवा चुम्बक द्वारा धारावाही चालकों पर लगने वाला बल, विद्युत चुम्बकीय बल कहलाता है।
In simple words: विद्युत चुम्बकीय बल वह बल है जो धारावाही चालकों पर चुम्बक या चुम्बक पर धारावाही चालकों द्वारा लगता है।
🎯 Exam Tip: विद्युत और चुम्बकीय बलों के बीच संबंध को समझें और यह कैसे एक एकीकृत बल के रूप में कार्य करता है।
Question 14. नाभिकीय बल' से क्या समझते हो?
Answer: नाभिकीय बल (Nuclear Force) परमाणु के नाभिक में नाभिक के घटकों के मध्य लगने वाला बल, नाभिकीय बल कहलाता है।
In simple words: नाभिकीय बल वह शक्तिशाली बल है जो परमाणु के नाभिक के अंदर प्रोटॉन और न्यूट्रॉन को एक साथ बांधे रखता है।
🎯 Exam Tip: परमाणु नाभिक में नाभिकीय बलों की भूमिका और वे कैसे परमाणुओं की स्थिरता को बनाए रखते हैं, इसे स्पष्ट करें।
Question 15. असन्तुलित बल' किसे कहते हैं?
Answer: असन्तुलित बल (Unbalanced Force)- वे बल जो किसी वस्तु पर लगाने से उस वस्तु की गति में परिवर्तन कर दें, असन्तुलित बल कहलाते हैं।
In simple words: असंतुलित बल वे बल होते हैं जो किसी वस्तु की गति या स्थिति में बदलाव लाते हैं, जिससे वस्तु त्वरित होती है।
🎯 Exam Tip: असंतुलित बल हमेशा वस्तु की गति की अवस्था में परिवर्तन करते हैं, जो न्यूटन के दूसरे नियम का आधार है।
Question 16. बल (F), द्रव्यमान (m) तथा त्वरण (a) में सम्बन्ध लिखिए ।
Answer: बल (F) = द्रव्यमान (m) x त्वरण (a)
In simple words: बल, द्रव्यमान और त्वरण का गुणनफल होता है, यानी \(F = ma\)।
🎯 Exam Tip: यह संबंध न्यूटन के गति के दूसरे नियम को दर्शाता है और भौतिकी में बल की गणना का मूल सूत्र है।
Question 17. सन्तुलित बल' किसे कहते हैं?
Answer: सन्तुलित बल (Balanced Force)- वे बल जो किसी वस्तु पर लगाने से उस वस्तु की गति में कोई परिवर्तन नहीं करते, सन्तुलित बल कहलाते हैं।
In simple words: संतुलित बल वे होते हैं जब किसी वस्तु पर लगने वाले सभी बलों का कुल प्रभाव शून्य होता है, जिससे वस्तु की गति की अवस्था में कोई परिवर्तन नहीं आता।
🎯 Exam Tip: संतुलित बल वस्तु को या तो विराम अवस्था में रखते हैं या उसे एकसमान वेग से गतिमान रखते हैं, जिससे त्वरण शून्य होता है।
Question 18. जड़त्व' किसे कहते हैं? अथवा जड़त्व क्या है?
Answer: जड़त्व (Inertia)- वस्तुओं का वह गुण जिसके द्वारा वह उसकी गति या विराम अवस्था में परिवर्तन का विरोध करता है, जड़त्व कहलाता है।
In simple words: जड़त्व किसी वस्तु का वह प्राकृतिक गुण है जो उसकी गति या विराम अवस्था में किसी भी बदलाव का विरोध करता है।
🎯 Exam Tip: जड़त्व सीधे वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर करता है; जितना अधिक द्रव्यमान, उतना अधिक जड़त्व।
Question 19. जड़त्व कितने प्रकार का होता है? उनके नाम लिखिए।
Answer: जड़त्व दो प्रकार का होता है
• गति अवस्था का जड़त्व (Inertia of motion)
• विराम अवस्था का जड़त्व (Inertia of rest)
In simple words: जड़त्व दो प्रकार का होता है - गति का जड़त्व (जो गति में बदलाव का विरोध करता है) और विराम का जड़त्व (जो विराम अवस्था में बदलाव का विरोध करता है)।
🎯 Exam Tip: इन दो प्रकारों को समझने से न्यूटन के पहले नियम को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है, जो वस्तु की स्वाभाविक अवस्था को बनाए रखने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।
Question 20. गति के जड़त्व' से क्या समझते हो?
Answer: गति अवस्था का जड़त्व (Inertia of Motion)- वस्तुओं का वह गुण जिसके द्वारा वह उसकी गति अवस्था में परिवर्तन को रोकता है, गति अवस्था का जड़त्व कहलाता है।
In simple words: गति का जड़त्व वह प्रवृत्ति है जिससे वस्तुएँ अपनी गति की अवस्था में होने वाले किसी भी परिवर्तन का विरोध करती हैं।
🎯 Exam Tip: गति का जड़त्व तब महत्वपूर्ण होता है जब कोई वस्तु चलती है और उसे धीमा करने या रोकने का प्रयास किया जाता है।
Question 21. गति के जड़त्व का उदाहरण दीजिए ।
Answer: गति के जड़त्व का उदाहरण-मैदान में लुढ़कती गेंद को जब तक कोई रोक नहीं, वह दूर तक लुढ़कती चली जायेगी ।
In simple words: एक चलती हुई गेंद तब तक चलती रहती है जब तक कोई बाहरी बल उसे रोकता नहीं, यह गति के जड़त्व का एक उदाहरण है।
🎯 Exam Tip: यह उदाहरण न्यूटन के पहले नियम को स्पष्ट करता है कि गतिमान वस्तु अपनी गतिमान अवस्था को बनाए रखती है।
Question 22. विराम (स्थिर) अवस्था का जड़त्व' किसे कहते हैं?
Answer: विराम अवस्था का जड़त्व (Inertia of Rest)- वस्तुओं का वह गुण जिसके द्वारा वह उसकी विराम अवस्था में परिवर्तन को रोकता है, विराम अवस्था का जड़त्व कहलाता है।
In simple words: विराम का जड़त्व वह गुण है जिससे वस्तुएँ अपनी स्थिर अवस्था में होने वाले किसी भी परिवर्तन का विरोध करती हैं।
🎯 Exam Tip: विराम का जड़त्व यह समझाने में मदद करता है कि स्थिर वस्तुएँ तब तक हिलती नहीं हैं जब तक उन पर कोई बाहरी बल न लगे।
Question 23. विराम (स्थिर) अवस्था के जड़त्व का उदाहरण दीजिए।
Answer: विराम (स्थिर) अवस्था के जड़त्व का उदाहरण-कमरे में रखी मेज पर जब तक कोई बल नहीं लगाया जायेगा तब तक वह खिसकेगी नहीं।
In simple words: एक मेज पर रखी किताब तब तक वहीं रहती है जब तक उसे कोई धक्का न दे, यह विराम के जड़त्व का उदाहरण है।
🎯 Exam Tip: यह दैनिक जीवन का एक सरल उदाहरण है जो न्यूटन के गति के पहले नियम (जड़त्व के नियम) को दर्शाता है।
Question 24. जड़त्व एवं द्रव्यमान में क्या सम्बन्ध है? अथवा जड़त्व द्रव्यमान पर किस प्रकार निर्भर करता है?
Answer: जड़त्व की द्रव्यमान पर निर्भरता-जड़त्व द्रव्यमान के समानुपाती होता है अर्थात् जड़त्व (Inertia) द्रव्यमान (m) दूसरे शब्दों में, जितना अधिक द्रव्यमान होगा उतना ही अधिक जड़त्व होगा।
In simple words: जड़त्व और द्रव्यमान सीधे संबंधित हैं; जिस वस्तु का द्रव्यमान जितना अधिक होगा, उसे गति में लाने या रोकने के लिए उतना ही अधिक बल लगाना पड़ेगा क्योंकि उसका जड़त्व अधिक होगा।
🎯 Exam Tip: द्रव्यमान जड़त्व का एक मात्रात्मक माप है, जिसका अर्थ है कि भारी वस्तुओं में हल्की वस्तुओं की तुलना में स्थिति बदलने का विरोध करने की अधिक प्रवृत्ति होती है।
Question 25. न्यूटन के गति-विषयक तृतीय नियम अथवा क्रिया-प्रतिक्रिया के नियम का उल्लेख कीजिए।
Answer: न्यूटन का गति-विषयक तृतीय नियम अथवा क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम-प्रत्येक क्रिया के बराबर एवं विपरीत प्रतिक्रिया होती है। ये दो विभिन्न वस्तुओं पर कार्य करती हैं।
In simple words: न्यूटन का तीसरा नियम कहता है कि हर क्रिया की हमेशा एक बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है, और ये बल हमेशा अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं।
🎯 Exam Tip: यह नियम बताता है कि बल हमेशा युग्मों में कार्य करते हैं और प्रकृति में कभी अकेले नहीं होते, जो विभिन्न भौतिक घटनाओं की व्याख्या करता है।
Question 26. किसी वस्तु के जड़त्व' एवं उसकी संहति' में क्या सम्बन्ध है?
Answer: किसी वस्तु की संहति जितनी अधिक होती है उसका जड़त्व भी उतना ही अधिक होगा।
In simple words: वस्तु का द्रव्यमान जितना अधिक होता है, उसमें अपनी गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करने का गुण (जड़त्व) उतना ही अधिक होता है।
🎯 Exam Tip: यह सीधा संबंध यह समझने में महत्वपूर्ण है कि क्यों भारी वस्तुओं को धकेलना या रोकना मुश्किल होता है।
Question 27. 'अन्योन्य क्रिया' से क्या समझते हो?
Answer: अन्योन्य क्रिया (Mutual Action) जब कोई वस्तु किसी दूसरी वस्तु पर बल लगाकर उसे प्रभावित करती है तो पहली तथा दूसरी वस्तु के बीच होने वाली क्रिया, अन्योन्य क्रिया कहलाती है।
In simple words: अन्योन्य क्रिया वह स्थिति है जहाँ दो वस्तुएँ एक-दूसरे पर बल लगाती हैं और एक-दूसरे को प्रभावित करती हैं।
🎯 Exam Tip: अन्योन्य क्रियाएँ न्यूटन के तीसरे नियम का आधार हैं, जहाँ बल हमेशा युग्मों में कार्य करते हैं।
Question 28. अन्योन्य क्रिया के दो उदाहरण दीजिए।
Answer: अन्योन्य क्रिया के उदाहरण- (i) चुम्बक द्वारा लोहे के टुकड़े को अपनी ओर आकर्षित करना । (ii) कंचों का आपस में टकराना।
In simple words: चुंबक का लोहे को खींचना और कंचों का आपस में टकराना, दोनों ही अन्योन्य क्रिया के उदाहरण हैं जहाँ वस्तुएँ एक-दूसरे पर बल लगाती हैं।
🎯 Exam Tip: इन उदाहरणों से स्पष्ट होता है कि अन्योन्य क्रियाएँ संपर्क बल और गैर-संपर्क बल दोनों में होती हैं।
Question 29. घर्षण से आप क्या समझते हो?
Answer: घर्षण (Friction)- खुरदरी सतह पर गतिमान वस्तु पर लगने वाले गति विरोधी बल को घर्षण बल या घर्षण कहते हैं।
In simple words: घर्षण एक बल है जो दो सतहों के संपर्क में होने पर गति का विरोध करता है।
🎯 Exam Tip: घर्षण बल हमेशा वस्तु की गति की दिशा के विपरीत कार्य करता है और यह संपर्क सतहों की प्रकृति पर निर्भर करता है।
Question 30. रॉकेट किस सिद्धान्त पर कार्य करता है?
Answer: रॉकेट न्यूटन के गति के तीसरे नियम पर कार्य करता है।
In simple words: रॉकेट न्यूटन के तीसरे नियम, यानी क्रिया-प्रतिक्रिया के सिद्धांत पर काम करता है, जहाँ ईंधन के जलने से निकलने वाली गैसों का बल रॉकेट को आगे धकेलता है।
🎯 Exam Tip: संवेग संरक्षण का सिद्धांत भी रॉकेट प्रणोदन में महत्वपूर्ण है, क्योंकि गैसों का पीछे की ओर निकलना रॉकेट को आगे की ओर संवेग प्रदान करता है।
Question 31. एक टुक और एक कार ॥ वेग से गतिशील हैं, दोनों एक-दूसरे से आमने-सामने संघट्ट करते हैं तथा कुछ समय बाद दोनों रुक जाते हैं। अगर संघट्ट समयांतराल 1s है, तो
(a) कौन-सी गाड़ी पर बल का सबसे अधिक प्रभाव पड़ेगा?
(b) किस गाड़ी के संवेग में सबसे अधिक परिवर्तन होगा?
(c) किस गाड़ी का त्वरण सबसे अधिक होगा?
(d) ट्रक की अपेक्षा कार को अधिक नुकसान क्यों होगा?
Answer: (a) कार पर टक्कर का अधिक प्रभाव पड़ेगा । (b) दोनों ही सवारियों में संवेग परिवर्तन एकसमान रहेगा। (c) कार की गति में उत्पन्न त्वरण का मान अधिक होगा । (d) कार में अधिक क्षति होगी, क्योंकि उसमें उत्पन्न त्वरण का मान अधिक होगा।
In simple words: टकराव में, दोनों वाहनों पर बल समान होता है और उनके संवेग में परिवर्तन भी समान होता है, लेकिन कार का द्रव्यमान कम होने के कारण उसमें त्वरण अधिक होगा और उसे अधिक क्षति होगी।
🎯 Exam Tip: न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार क्रिया और प्रतिक्रिया बल हमेशा बराबर और विपरीत होते हैं, लेकिन समान बल लगने पर हल्की वस्तु में अधिक त्वरण और अधिक क्षति होती है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
Question 1. एक-से दो टूक सड़क पर समान वेग से चल रहे हैं। उनमें से एक खाली है और दूसरा बोझ से लदा हुआ है। किस ट्रक को रोकने के लिए अधिक बल की आवश्यकता होगी?
Answer: भरे ट्रक का द्रव्यमान अधिक होने के कारण इसका संवेग अधिक होगा। अतः भरे ट्रक को रोकने के लिए अधिक बल की आवश्यकता होगी।
In simple words: भरे हुए ट्रक को रोकने के लिए अधिक बल की आवश्यकता होगी क्योंकि उसका द्रव्यमान और संवेग खाली ट्रक की तुलना में अधिक होता है।
🎯 Exam Tip: न्यूटन के दूसरे नियम के अनुसार, संवेग में परिवर्तन की दर लगाए गए बल के समानुपाती होती है, इसलिए अधिक संवेग को रोकने के लिए अधिक बल की आवश्यकता होती है।
Question 2. चलती हुई रेलगाड़ी में बैठे व्यक्ति द्वारा ऊर्ध्वाधर दिशा में फेंकी गेंद लौटकर उसके हाथ में वापस क्यों आ जाती है?
Answer: जड़त्व के कारण व्यक्ति एवं गेंद बराबर गाड़ी के साथ उसी वेग से क्षैतिज दिशा में चलते रहते हैं इसलिए यदि गेंद उछालने के पश्चात् व्यक्ति का हाथ गेंद के नीचे ही रहता है तो गेंद उसके हाथ में आ जाती है।
In simple words: चलती ट्रेन में गेंद को ऊपर फेंकने पर वह वापस हाथ में आ जाती है क्योंकि जड़त्व के कारण गेंद और व्यक्ति दोनों ट्रेन के साथ क्षैतिज दिशा में समान गति से आगे बढ़ते रहते हैं।
🎯 Exam Tip: यह घटना सापेक्ष गति और जड़त्व के सिद्धांत पर आधारित है, जहाँ क्षैतिज गति समान बनी रहती है जबकि ऊर्ध्वाधर गति गुरुत्वाकर्षण के अधीन होती है।
Question 3. घर्षण कितने प्रकार का होता है? उनके नाम लिखिए।
Answer: घर्षण के प्रकार-घर्षण निम्न तीन प्रकार का होता है-
1. स्थैतिक घर्षण (Static Friction),
2. सीमान्त घर्षण (Limiting Friction),
3. गतिक घर्षण (Kinetic Friction)
In simple words: घर्षण मुख्य रूप से तीन प्रकार का होता है: स्थैतिक (स्थिर वस्तु को चलाने से रोकने वाला), सीमान्त (गति शुरू होने से ठीक पहले का अधिकतम स्थैतिक घर्षण), और गतिक (चलती वस्तु पर लगने वाला घर्षण)।
🎯 Exam Tip: घर्षण के इन प्रकारों को समझना विभिन्न इंजीनियरिंग और भौतिकी अनुप्रयोगों में वस्तुओं की गति का विश्लेषण करने के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 4. गतिक घर्षण कितने प्रकार का होता है? उनके नाम लिखिए।
Answer: गतिक घर्षण के प्रकार-गतिक घर्षण निम्न दो प्रकार का होता है
1. सर्षी घर्षण (Sliding Friction),
2. बेलन घर्षण (Rolling Friction)
In simple words: गतिक घर्षण दो प्रकार का होता है: सर्षी घर्षण (जब वस्तु खिसकती है) और बेलन घर्षण (जब वस्तु लुढ़कती है)।
🎯 Exam Tip: बेलन घर्षण आमतौर पर सर्षी घर्षण से कम होता है, यही कारण है कि पहियों का उपयोग भारी वस्तुओं को स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है।
Question 5. स्थैतिक घर्षण से क्या समझते हो?
Answer: स्थैतिक घर्षण (Static Friction)- जब किसी वस्तु पर अन्य किसी वस्तु अथवा सतह पर गति करने के लिए बल आरोपित किया जाये किन्तु वह वस्तु स्थिर ही रहे तब ऐसी स्थिति में लगने वाले घर्षण बल को स्थैतिक घर्षण कहते हैं।
In simple words: स्थैतिक घर्षण वह बल है जो किसी स्थिर वस्तु पर तब लगता है जब उस पर गति कराने की कोशिश की जाती है, और यह बल वस्तु को गति करने से रोकता है।
🎯 Exam Tip: स्थैतिक घर्षण का मान लगाए गए बल के बराबर होता है जब तक कि वह सीमान्त घर्षण से अधिक न हो जाए।
Question 6. सीमान्त घर्षण किसे कहते हैं?
Answer: सीमान्त घर्षण (Limiting Friction) स्थैतिक घर्षण का वह चरम मान जो उस समय उत्पन्न हो जब वस्तु चलने वाली हो, सीमान्त घर्षण कहलाता है।
In simple words: सीमान्त घर्षण स्थैतिक घर्षण का अधिकतम मान है, ठीक उस क्षण पर जब कोई वस्तु गति करना शुरू करने वाली होती है।
🎯 Exam Tip: यह वह बिंदु है जिस पर लगाया गया बल घर्षण बल पर हावी हो जाता है और वस्तु गति में आ जाती है।
Question 7. गतिक घर्षण किसे कहते हैं?
Answer: गतिक घर्षण (Kinetic Friction)- जब वस्तु एवं सतह के मध्य आपेक्षिक गति होती है तब उनके स्पर्श तल पर कार्य करने वाले गति विरोधी घर्षण बल को, गतिक घर्षण कहते हैं।
In simple words: गतिक घर्षण वह बल है जो तब उत्पन्न होता है जब दो संपर्क सतहें एक-दूसरे के सापेक्ष गति कर रही होती हैं, और यह गति का विरोध करता है।
🎯 Exam Tip: गतिक घर्षण आमतौर पर सीमान्त घर्षण से कम होता है, जिसका अर्थ है कि एक बार वस्तु गति में आ जाए तो उसे गतिमान रखना थोड़ा आसान होता है।
Question 8. सर्षी घर्षण से क्या समझते हो?
Answer: सर्ष घर्षण (Sliding Friction)- जब किसी वस्तु को किसी सतह पर सरकाया जाता है या सरकाने का प्रयास किया जाता है, तब वस्तु और सतह के स्पर्श तल पर कार्य करने वाले गतिविरोधी घर्षण बल को सर्ष घर्षण कहते हैं।
In simple words: सर्षी घर्षण वह घर्षण बल है जो तब लगता है जब एक वस्तु किसी दूसरी सतह पर खिसकती या सरकती है।
🎯 Exam Tip: सर्षी घर्षण का मान बेलन घर्षण से अधिक होता है, यही कारण है कि वस्तुओं को स्लाइड करने के बजाय रोल करना अक्सर आसान होता है।
Question 9. बेलन घर्षण किसे कहते हैं?
Answer: बेलन घर्षण (Rolling Friction)- जब किसी वस्तु को किसी सतह पर लुढ़काया जाता है तो उनके सम्पर्क पृष्ठ के मध्य लगने वाले घर्षण बल को बेलन घर्षण कहते हैं।
In simple words: बेलन घर्षण वह बल है जो तब लगता है जब कोई वस्तु किसी सतह पर लुढ़कती है, और यह आमतौर पर सर्षी घर्षण से काफी कम होता है।
🎯 Exam Tip: पहियों और बॉल बेयरिंग का उपयोग बेलन घर्षण को कम करके गति को आसान बनाने के लिए किया जाता है।
Question 10. किसी चिकनी या पॉलिश की हुई फर्श अथवा बर्फ पर चलना कठिन प्रतीत क्यों होता है?
Answer: किसी चिकनी या पॉलिश की हुई फर्श अथवा बर्फ की सतह पर घर्षण बहुत कम होता है और आसानी से चलने के लिए घर्षण चाहिए। इसलिए इन पर चलना कठिन प्रतीत होता है।
In simple words: चिकनी फर्श या बर्फ पर चलना मुश्किल होता है क्योंकि इन सतहों पर घर्षण बहुत कम होता है, जिससे हमें आगे बढ़ने के लिए आवश्यक पकड़ नहीं मिल पाती।
🎯 Exam Tip: घर्षण चलने के लिए एक आवश्यक बल है; अत्यधिक चिकनी सतहों पर घर्षण की कमी संतुलन बनाए रखना और आगे बढ़ना चुनौतीपूर्ण बना देती है।
Question 11. एक यात्री बस तीव्र वेग से सरल रेखा में गतिमान है। बस के एकाएक रुकने पर यात्री को सिर किस ओर झुकेगा? ।
Answer: यात्री का सिर आगे की ओर अर्थात् बस के चलने की दिशा में गति के जड़त्व के कारण झुकेगा।
In simple words: जब चलती बस अचानक रुकती है, तो गति के जड़त्व के कारण यात्री का शरीर आगे की ओर झुक जाता है क्योंकि शरीर गतिमान अवस्था में बने रहना चाहता है।
🎯 Exam Tip: यह न्यूटन के गति के पहले नियम का एक सीधा उदाहरण है, जो जड़त्व को दर्शाता है कि वस्तु अपनी गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करती है।
Question 12. यदि एक दीवार पर समान वेग एवं समान आकार की लोहे और लकड़ी की गेंदें टकराएँ तो किस गेंद के द्वारा दीवार पर अधिक बल लगेगा?
Answer: यदि एक दीवार पर समान वेग एवं समान आकार की लोहे और लकड़ी की गेंदें टकराएँ तो लोहे की गेंद द्वारा दीवार पर अधिक बल लगेगा, क्योंकि लोहे की गेंद का द्रव्यमान अधिक होने के कारण उसका संवेग अधिक होगा ।
In simple words: समान वेग और आकार की लोहे की गेंद लकड़ी की गेंद की तुलना में दीवार पर अधिक बल लगाएगी क्योंकि लोहे की गेंद का द्रव्यमान अधिक होता है, जिससे उसका संवेग भी अधिक होता है।
🎯 Exam Tip: बल, संवेग में परिवर्तन की दर के समानुपाती होता है। चूंकि लोहे की गेंद का द्रव्यमान अधिक होता है, इसलिए समान वेग पर उसका संवेग अधिक होगा, जिससे टकराने पर अधिक बल उत्पन्न होगा।
Question 13. बन्दूक और गोली का कुल संवेग बन्दूक चलाने के पश्चात् क्या होगा? यदि प्रारम्भ में बन्दूक विराम में हो? ।
Answer: चूँकि प्रारम्भ में बन्दूक विराम में है इसलिए उसका कुल संवेग शून्य है अतः संवेग संरक्षण के नियमानुसार, बन्दूक को चलाने के पश्चात् बन्दूक और गोली का कुल संवेग शून्य ही रहेगा।
In simple words: संवेग संरक्षण के नियम के अनुसार, यदि शुरुआत में बंदूक और गोली का कुल संवेग शून्य था, तो गोली चलने के बाद भी उनका कुल संवेग शून्य ही रहेगा।
🎯 Exam Tip: यह नियम बताता है कि एक बंद प्रणाली में कुल संवेग हमेशा संरक्षित रहता है, भले ही आंतरिक बल कार्य कर रहे हों।
Question 14. कुएँ से पानी खींचते समय यदि रस्सी टूट जाती है तो हम पीछे की ओर गिर जाते हैं। क्यों?
Answer: जब कुएँ से पानी खींचते हैं तो हमारे द्वारा लगाये गये बल के विपरीत रस्सी पर प्रतिक्रिया बल लगता है। जब रस्सी टूट जाती है तो प्रतिक्रिया बल समाप्त होने से हम अपने बल से पीछे की ओर गिर जाते हैं।
In simple words: कुएँ से पानी खींचते समय रस्सी पर लगाए गए बल की प्रतिक्रिया में रस्सी हम पर आगे की ओर बल लगाती है, लेकिन जब रस्सी टूट जाती है, तो यह प्रतिक्रिया बल समाप्त हो जाता है और हम अपने द्वारा लगाए गए बल के कारण पीछे गिर जाते हैं।
🎯 Exam Tip: यह न्यूटन के तीसरे नियम का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जहाँ क्रिया-प्रतिक्रिया बल प्रणाली में संतुलन बनाए रखते हैं, और एक बल के हटने पर संतुलन बिगड़ जाता है।
Question 15. तोप, बन्दूक या पिस्तौल से गोली छोड़ते समय पीछे की ओर झटका लगता है। क्यों? अथवा गोली चलने पर बन्दूक प्रक्षेपित क्यों होती है?
Answer: तोप, बन्दूक से जिस संवेग से गोली निकलती है उसी संवेग से तोप या बन्दूक पीछे की ओर झटका देती है। इसलिए पीछे की ओर झटका लगता है।
In simple words: गोली चलने पर बंदूक को पीछे की ओर झटका लगता है क्योंकि न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार, गोली आगे बढ़ती है तो बंदूक पर पीछे की ओर समान प्रतिक्रिया बल लगता है।
🎯 Exam Tip: यह संवेग संरक्षण के सिद्धांत का एक प्रत्यक्ष परिणाम है; गोली को आगे की ओर संवेग मिलने पर, बंदूक को पीछे की ओर बराबर और विपरीत संवेग मिलता है।
Question 16. आवर्त गति' से क्या समझते हो? उदाहरण दीजिए।
Answer: आवर्त गति (Periodic Motion)- जब कोई पिण्ड या कण गति करते हुए एक निश्चित समयान्तराल में अपनी मध्यमान स्थिति को प्राप्त करता है तो उस पिण्ड की गति, आवर्त गति कहलाती है। आवर्त गति के उदाहरण-
• सरल लोलक की गति ।
• आकाशीय पिण्डों की गति ।
In simple words: आवर्त गति वह गति है जिसमें एक वस्तु निश्चित समय अंतराल के बाद अपने पथ को दोहराती है।
🎯 Exam Tip: आवर्त गति के उदाहरणों में घड़ी का पेंडुलम और ग्रहों की सूर्य के चारों ओर की गति शामिल है, जो एक नियमित पैटर्न में दोहरावदार व्यवहार दर्शाते हैं।
Question 17. सरल आवर्त गति' से क्या समझते हो?
Answer: सरल आवर्त गति (Simple Harmonic Motion)- जब कोई पिण्ड एक सरल रेखा में अपनी मध्यमान स्थिति के इधर-उधर आवर्त गति करता है तो उस गति को सरल आवर्त गति कहते हैं।
In simple words: सरल आवर्त गति एक विशेष प्रकार की आवर्त गति है जहाँ कोई वस्तु एक सीधी रेखा में अपनी मध्यमान स्थिति के इर्द-गिर्द दोलन करती है।
🎯 Exam Tip: सरल आवर्त गति का एक प्रमुख लक्षण यह है कि इसमें प्रत्यानयन बल विस्थापन के समानुपाती होता है और हमेशा संतुलन स्थिति की ओर निर्देशित होता है।
Question 18. प्रणोद किसे कहते हैं? इसको मात्रक लिखिए।
Answer: प्रणोद (Thrust) – किसी वस्तु की सतह पर लम्बवत् लगने वाले बल को प्रणोद कहते हैं। प्रणोद को मात्रक – न्यूटन ।
In simple words: प्रणोद किसी सतह पर लंबवत लगने वाला बल है, और इसका मात्रक न्यूटन होता है।
🎯 Exam Tip: प्रणोद बल का एक विशेष प्रकार है जो सतह पर सीधा दबाव डालता है, जो आमतौर पर तरल पदार्थ या गैसों के माध्यम से गति में देखा जाता है।
Question 19. दाब से क्या समझते हो? इसको मात्रक लिखिए । अथवा दाब को परिभाषित कीजिए एवं इसका S.I. मात्रक लिखिए।
Answer: दाब (Pressure)- एकांक क्षेत्रफल पर आरोपित प्रणोद को दाब कहते हैं। दूसरे शब्दों में, एकांक क्षेत्रफल पर आरोपित लम्बवत् बल को दाब कहते हैं। इसे P से निरूपित करते हैं। अर्थात्
\(a = \frac{5 - 25}{4}\)
\( = -5 \, m/s^2\)
\(संवेग में परिवर्तन = mv - mu\)
\( = m (v - u)\)
\( = 1200 (-20)\)
\(संवेग परिवर्तन = 24000 \, kg \, ms^{-1}\)
\(बल, F = m \times a\)
\( = -6000 \, kg \, m/s^2 = 1200 \, kg \times (-5 \, m/s^2)\)
\(F = -6000 \, N\)
दाब का मात्रक- न्यूटन/मीटर या पास्कल ।।
In simple words: दाब प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लगने वाला लंबवत बल है, और इसका S.I. मात्रक पास्कल (Pa) या न्यूटन प्रति वर्ग मीटर (\(N/m^2\)) होता है।
🎯 Exam Tip: दाब क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है; समान बल के लिए, जितना छोटा क्षेत्रफल होगा, दाब उतना ही अधिक होगा।
Question 20. दाब एवं क्षेत्रफल में क्या सम्बन्ध है?
Answer: दाब एवं क्षेत्रफल में सम्बन्ध-दाब क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है। अर्थात्
\[दाब (P) = \frac{प्रणोद (F)}{क्षेत्रफल (A)}\]
In simple words: दाब और क्षेत्रफल में व्युत्क्रमानुपाती संबंध होता है; इसका मतलब है कि समान बल के लिए, जिस सतह पर बल लगता है उसका क्षेत्रफल जितना कम होगा, दाब उतना ही अधिक होगा।
🎯 Exam Tip: यह संबंध बताता है कि नुकीली वस्तुएँ अधिक दाब क्यों डालती हैं (छोटा क्षेत्रफल), जबकि भारी वस्तुएँ बड़े क्षेत्रफल पर कम दाब डालती हैं।
Question 21. भारी सामान ढोने वाले वाहन में अतिरिक्त पहिए क्यों लगाए जाते हैं?
Answer: भारी सामान ढोने वाले वाहन में अतिरिक्त पहिए। लगाने से वाहन का पृथ्वी तल में सम्पर्क क्षेत्रफल बढ़ जाता है इससे उसके द्वारा पृथ्वी पर आरोपित दाब कम हो जाता है। इसलिए उसमें अतिरिक्त पहिए लगाए जाते हैं।
In simple words: भारी वाहनों में अतिरिक्त पहिए इसलिए लगाए जाते हैं ताकि वजन को अधिक सतह पर फैलाया जा सके, जिससे जमीन पर पड़ने वाला दाब कम हो जाए और वाहन आसानी से चल सके।
🎯 Exam Tip: दाब को कम करने से सड़क पर घिसाव कम होता है और वाहन का धँसना भी कम होता है, जिससे सुरक्षा और दक्षता बढ़ती है।
Question 22. चाकू या कुल्हाड़ी धारदार क्यों बनाये जाते हैं? अथवा पिन या कील नुकीली क्यों बनाई जाती है?
Answer: चाकू या कुल्हाड़ी धारदार एवं पिन या कील नुकीली इसलिए बनाई जाती है जिससे सम्पर्क क्षेत्र कम हो जाता है। इससे दाब बढ़ जाता है जिसके कारण चाकू या कुल्हाड़ी द्वारा वस्तुओं को काटने एवं पिन या कील को गाड़ने में आसानी होती है।
In simple words: चाकू, कुल्हाड़ी, पिन और कील को नुकीला या धारदार इसलिए बनाया जाता है ताकि संपर्क क्षेत्रफल कम हो जाए, जिससे लगाए गए बल से बहुत अधिक दाब उत्पन्न हो और वे आसानी से काट या प्रवेश कर सकें।
🎯 Exam Tip: दाब का सिद्धांत, जहाँ \(P = F/A\), यहाँ सीधे लागू होता है; क्षेत्रफल कम होने से समान बल पर दाब बहुत अधिक हो जाता है, जो काटने और छेदने के लिए आवश्यक है।
Question 23. सरल आवर्त (हार्मोनिक) गति की विशेषताएँ लिखिए।
Answer: सरल आवर्त गति की विशेषताएँ
1. यह गति आवर्त गति होती है।
2. यह गति एक सरल रेखा में मध्यमान स्थिति के इधर-उधर होती है।
3. त्वरण विस्थापन के समानुपाती होता है।
4. त्वरण की दिशा सदैव मध्यमान स्थिति की ओर होती है।
In simple words: सरल आवर्त गति एक आवर्त गति है जो एक सीधी रेखा में संतुलन बिंदु के इर्द-गिर्द होती है, जिसमें त्वरण विस्थापन के समानुपाती और हमेशा संतुलन की ओर निर्देशित होता है।
🎯 Exam Tip: ये विशेषताएँ सरल आवर्त गति को अन्य प्रकार की गति से अलग करती हैं और दोलन प्रणालियों का वर्णन करने के लिए आधार प्रदान करती हैं।
Question 24. जब कोई बस या रेलगाड़ी अचानक चल पड़ती है तो उसमें सवार यात्री पीछे की ओर गिर पड़ते हैं। क्यों? अथवा क्या कारण है कि बस के अचानक चलने पर सवार यात्रियों को पीछे की ओर धक्का लगता है?
Answer: बस या रेलगाड़ी में सवार यात्री गाड़ी के समान स्थिर अवस्था में होते हैं। जब बस या रेलगाड़ी अचानक चल पड़ती है तो यात्री के शरीर का निचला भाग तो गाड़ी की दिशा में गाड़ी की चाल से गतिमान हो जाता है लेकिन उसके शरीर का शेष ऊपरी भाग अपनी विराम अवस्था के जड़त्व के कारण स्थिर बनी रहने का प्रयत्न करता है। अतः शरीर का निचला भाग तो आगे निकल जाता है। लेकिन ऊपरी भाग पीछे रह जाता है और यात्री पीछे की ओर गिर पड़ता है।
In simple words: जब बस अचानक चलती है, तो यात्री का निचला शरीर बस के साथ आगे बढ़ जाता है, लेकिन ऊपरी शरीर विराम के जड़त्व के कारण अपनी जगह पर बने रहने की कोशिश करता है, जिससे यात्री पीछे की ओर गिर जाता है।
🎯 Exam Tip: यह न्यूटन के गति के पहले नियम (जड़त्व के नियम) का एक क्लासिक उदाहरण है, जो दर्शाता है कि वस्तु अपनी विराम अवस्था को बनाए रखने का प्रयास करती है।
Question 25. क्या कारण है कि यात्रा के दौरान हम काँच के सामान को थर्मोकोल या अखबारी कागज में ही रखते हैं? आवेग की अवधारणा के आधार पर उत्तर दीजिए।
Answer: यात्रा के दौरान हम काँच के सामान को थर्मोकोल या अखबारी कागज में लपेटकर रखते हैं जिससे झटका लगने पर उत्पन्न हुए आवेग का समयान्तराल अधिक हो जाता है? क्योंकि थर्मोकोल एवं कागज मुलायम होते हैं। समयान्तराल अधिक होने से आवेग बल का मान कम हो जाता है जिससे काँच के सामान को झटका बहुत कम लगता है इससे काँच का सामान टूटने से बच जाता है।
In simple words: कांच के सामान को थर्मोकोल या कागज में लपेटने से टक्कर के दौरान लगने वाले आवेग का समय बढ़ जाता है, जिससे कांच पर लगने वाला बल कम हो जाता है और सामान टूटने से बच जाता है।
🎯 Exam Tip: आवेग (बल x समय) संवेग में परिवर्तन के बराबर होता है। आवेग के समय को बढ़ाकर बल को कम किया जा सकता है, जिससे संवेदनशील वस्तुओं को झटके से बचाया जा सके।
Question 26. घर्षण से क्या हानियाँ हैं?
Answer: घर्षण से हानियाँ-घर्षण से निम्न हानियाँ हैं
1. घर्षण के कारण ऊष्मा उत्पन्न होती है जिससे मशीनों के पुर्जे अत्यधिक गर्म होने के कारण जल्दी खराब हो जाते हैं।
2. घर्षण के कारण मशीन के पुर्जी में टूट-फूट बहुत होती है तथा वे घिसते रहते हैं। इससे मशीन के पुर्जे जल्दी-जल्दी बदलने पड़ते हैं।
3. घर्षण से मशीन की दक्षता कम हो जाती है।
In simple words: घर्षण से मशीनों में ऊष्मा उत्पन्न होती है जिससे पुर्जे गर्म होकर घिस जाते हैं और खराब हो जाते हैं, जिससे मशीनों की दक्षता भी कम हो जाती है।
🎯 Exam Tip: घर्षण ऊर्जा हानि का कारण बनता है (ऊष्मा के रूप में), जिससे मशीनों के रखरखाव की लागत बढ़ती है और उनकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है।
Question 27. घर्षण से क्या-क्या लाभ होते हैं?
Answer: घर्षण के लाभ-घर्षण के निम्नलिखित लाभ
1. घर्षण से आग उत्पन्न होती है इसी आधार पर दियासलाई एवं लाइटर कार्य करते हैं।
2. घर्षण के कारण ही रेलगाड़ी एवं अन्य वाहन चल पाते हैं।
3. वाहनों को ब्रेक लगाकर घर्षण के द्वारा ही रोका जा सकता है।
4. घर्षण के कारण ही हम पृथ्वी पर आसानी से चल पाते हैं।
In simple words: घर्षण हमें चलने, वाहनों को चलाने और रोकने, तथा माचिस जलाने जैसी कई दैनिक क्रियाओं में मदद करता है।
🎯 Exam Tip: घर्षण के बिना, हम न तो चल पाते, न वाहन चला पाते, और न ही वस्तुओं को पकड़ पाते, जो दर्शाता है कि घर्षण हमारे जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा है।
Question 28. घर्षण को कम करने के उपाय लिखिए।
Answer: घर्षण को कम करने के उपाय-घर्षण को निम्नलिखित उपायों से कम किया जा सकता है
1. स्नेहक का उपयोग करके – घर्षण कम करने के लिए सम्पर्क पृष्ठों के बीच स्नेहक जैसे-ग्रीस, तेल आदि का उपयोग किया जाता है।
2. पॉलिश करके – सम्पर्क पृष्ठों को चिकना कर देने से घर्षण कम हो जाता है।
3. बॉल-बियरिंग का उपयोग करके – बॉलबियरिंग के उपयोग करने से सम्पर्क क्षेत्रफल कम हो जाता है इससे घर्षण कम हो जाता है।
4. धारारेखीय आकृति – नाव, जलयान, वायुयान एवं कारों की आकृति विशेष प्रकार की अर्थात् मछली के आकार की बनाई जाती है जिससे पिण्डों के सम्पर्क के तरल (जल एवं वायु) की परतों का प्रवाह धारारेखीय हो जाने से घर्षण कम हो जाता है।
In simple words: घर्षण को कम करने के लिए सतहों को चिकना किया जा सकता है, स्नेहक (तेल/ग्रीस) का उपयोग किया जा सकता है, बॉल बेयरिंग का इस्तेमाल किया जा सकता है, और वायुगतिकीय या जलगतिकीय डिज़ाइन (धारारेखीय आकृति) का उपयोग किया जा सकता है।
🎯 Exam Tip: घर्षण कम करने के ये उपाय मशीनों की दक्षता बढ़ाने और ऊर्जा की बर्बादी को कम करने में सहायक होते हैं।
Question 29. घर्षण बढ़ाने के उपाय बताइए ।
Answer: घर्षण बढ़ाने के उपाय-घर्षण को निम्न प्रकार से बढ़ाया जा सकता है।
1. घरों के ढाले पर लाइनें डालकर घर्षण बढ़ाया जा सकता है।
2. चिकनी सतह जैसे-बर्फ, तेल पर सूखी मिट्टी या बालू डालकर घर्षण बढ़ाया जा सकता है।
3. जूतों के तले खुरदरे या खाँचेदार बनाकर ।
4. वाहनों के टायरों में खाँचे बनाकर ।
In simple words: घर्षण को बढ़ाने के लिए सतहों को खुरदरा किया जा सकता है, जैसे ढलान पर लाइनें बनाना, चिकनी सतहों पर रेत या मिट्टी डालना, जूतों के तले और टायर में खाँचे बनाना।
🎯 Exam Tip: घर्षण बढ़ाना सुरक्षा और पकड़ के लिए महत्वपूर्ण है, खासकर फिसलन भरी परिस्थितियों में, ताकि गिरने या फिसलने से बचा जा सके।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
Question 1. (i) द्रव्यमान तथा जड़त्व में क्या सम्बन्ध है? (ii) द्रव्यमान तथा जड़त्व का S.I. मात्रक क्या है? (iii) न्यूटन के पहले नियम को जड़त्व का नियम भी क्यों कहते हैं?
Answer: (i) किसी भी वस्तु का जड़त्व उसका वह प्राकृतिक गुण है जो उसकी विराम या गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करता है। इस प्रकार किसी वस्तु का द्रव्यमान उसके जड़त्व की माप है। (ii) द्रव्यमान तथा जड़त्व का S.I. मात्रक किलोग्राम (kg) है। (iii) सभी वस्तुएँ अपनी गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करती हैं। गुणात्मक रूप में किसी वस्तु के विरामावस्था में रहने या एकसमान वेग में गतिशील रहने की प्रवृत्ति को जड़त्व कहते हैं। यही कारण है कि गति के पहले नियम को जड़त्व का नियम भी कहते हैं।
In simple words: (i) द्रव्यमान वस्तु के जड़त्व का सीधा माप है, (ii) द्रव्यमान और जड़त्व दोनों का S.I. मात्रक किलोग्राम (kg) है, और (iii) न्यूटन के पहले नियम को जड़त्व का नियम कहा जाता है क्योंकि यह वस्तु के अपनी अवस्था को बनाए रखने की स्वाभाविक प्रवृत्ति को दर्शाता है।
🎯 Exam Tip: न्यूटन का पहला नियम जड़त्व की अवधारणा को परिभाषित करता है, यह बताता है कि एक वस्तु तब तक अपनी गति की अवस्था नहीं बदलती जब तक उस पर कोई बाहरी असंतुलित बल न लगे।
Question 2. कारण बताइए, क्यों?
(a) पेड़ की शाखा को हिलाने से फल नीचे गिर जाते हैं।
(b) केले के छिलके पर पैर पड़ने से हम अपना संतुलन खो देते हैं।
(c) टायरों को लहरदार तथा खुरदरा बनाया जाता है।
Answer: (a) पेड़ की शाखा को हिलाने से फलों का नीचे गिर जाना इस तथ्य पर आधारित है कि शाखा को हिलाने पर शाखा गति में आ जाती है। जबकि फल विराम के जड़त्व के कारण विराम में रहने का प्रयत्न करते हैं और नीचे गिर जाते है। (b) केले का छिलका पैर एवं पृथ्वी के बीच का घर्षण बल कम कर देता है जिसके फलस्वरूप चलने के लिए आवश्यक घर्षण बल उपयुक्त मात्रा में उत्पन्न नहीं होता है। तथा हमारा संतुलन बिगड़ जाता है। (c) सड़क की सतह तथा टायर के मध्य घर्षण बल बढ़ाने के लिए वाहनों के टायरों की ऊपरी सतह को लहरदार तथा खुरदरा बनाया जाता है जिससे कि तीव्र गति पर वाहन अनियंत्रित होकर अथवा ब्रेक लगाने पर फिसले नहीं।
In simple words:
(a) जड़त्व के कारण हिलने पर फल गिरते हैं।
(b) कम घर्षण के कारण केले के छिलके पर फिसलते हैं।
(c) टायरों को खुरदरा बनाया जाता है ताकि घर्षण बढ़े और फिसलने से बचा जा सके।
🎯 Exam Tip: यह तीनों उदाहरण जड़त्व और घर्षण के दैनिक जीवन में महत्व को दर्शाते हैं, जो गति और बलों के मूलभूत सिद्धांतों से संबंधित हैं।
Question 3. कारण दीजिए :
(a) बन्दूक की गोली शरीर में क्यों घुस जाती है?
(b) यदि कोई व्यक्ति नाव से किनारे पर कूदे तो | नाव विपरीत दिशा में चली जाती है, क्यों?
(c) जूते के तले क्यों घिस जाते हैं?
Answer: (a) इसका कारण यह है कि बन्दूक से निकली गोली का वेग बहुत अधिक होता है तथा शरीर से टकराने पर यह बहुत कम समय में शून्य हो जाता है। अतः गोली में वेग परिवर्तन की दर (अर्थात् मदन) a एवं बल (F = ma) बहुत अधिक होता है। परिणामस्वरूप गोली शरीर में घुस जाती है । (b) जब कोई व्यक्ति नाव से कूदता है तो वह अपने पैरों से बल लगाकर नाव को पीछे की ओर धकेलता है। इस क्रिया बल के कारण नाव पीछे की ओर हट जाती है। नाव द्वारा बराबर व विपरीत बल (प्रतिक्रिया बल) मनुष्य पर आगे की ओर लगता है जिससे वह किनारे पर कूद जाता है। (c) जब हम सड़क पर चलते हैं तो जूतों के तलों तथा सड़क के बीच घर्षण बल कार्य करता है जिससे जूतों के तले घिस जाते हैं।
In simple words:
(a) गोली का उच्च वेग और कम समय में संवेग परिवर्तन से अत्यधिक बल लगता है, जिससे वह शरीर में घुस जाती है।
(b) नाव से कूदने पर क्रिया-प्रतिक्रिया के नियम के कारण नाव पीछे हटती है।
(c) चलने के दौरान जमीन और जूते के बीच घर्षण से जूते घिस जाते हैं।
🎯 Exam Tip: ये उदाहरण गति के नियमों-न्यूटन के दूसरे नियम (बल और संवेग परिवर्तन) और न्यूटन के तीसरे नियम (क्रिया-प्रतिक्रिया) के व्यावहारिक अनुप्रयोगों को समझाते हैं।
Question 4. न्यूटन के गति के द्वितीय नियम को लिखिए। न्यूटन की गति के द्वितीय नियम के लिए गणितीय सम्बन्ध स्थापित कीजिए।
Answer: न्यूटन का गति का द्वितीय नियम- यदि किसी वस्तु पर कोई असंतुलित बल कार्य करे तो वस्तु के संवेग परिवर्तन की दर बल के समानुपाती एवं लगाए गए। बल की दिशा में होती है।
माना कि m द्रव्यमान की कोई वस्तु एक सीधी रेखा में u प्रारंभिक वेग तथा समान त्वरण 'a' के साथ गति करते हुए t समय में v अंतिम वेग प्राप्त करती है।
प्रारंभिक संवेग = mu
अंतिम संवेग = mv
संवेग में परिवर्तन = mv - mu
गति के नियम से, बल \(\propto\) संवेग में परिवर्तन की दर
\(F \propto \frac{mv - mu}{t}\)
\(F \propto \frac{m(v - u)}{t}\)
चूंकि त्वरण \(a = \frac{v - u}{t}\)
\(F \propto ma\)
\(F = kma\) (जहाँ k एक आनुपातिकता स्थिरांक है)
यदि F न्यूटन में, m kg में तथा a \(m/s^2\) में हो, तो \(k = 1\)
\(\implies F = ma\)
In simple words: न्यूटन का दूसरा नियम बताता है कि किसी वस्तु के संवेग में परिवर्तन की दर उस पर लगाए गए असंतुलित बल के सीधे समानुपाती होती है, और यह परिवर्तन बल की दिशा में होता है, जिसका गणितीय रूप \(F = ma\) है।
🎯 Exam Tip: यह नियम बल, द्रव्यमान और त्वरण के बीच मात्रात्मक संबंध स्थापित करता है और भौतिकी में सबसे महत्वपूर्ण नियमों में से एक है।
Question 5. बताइये क्यों एक क्रिकेट खिलाड़ी तेजी से आती हुई गेंद को पकड़ते समय अपने हाथ पीछे की ओर खींचता है।
Answer: मान लीजिए कि तेजी से आती हुई गेंद को रोकने के लिए खिलाड़ी हाथ सीधे रखकर यकायक रोकता है, इस प्रकार बहुत कम समय में उसे गेंद के तेज वेग को स्थिर (शून्य) करना पड़ेगा और जैसा कि हम जानते हैं कि \(F \propto \frac{\Delta p}{\Delta t}\) अतः t कम होने पर, संवेग परिवर्तन की दर अधिक होगी और खिलाड़ी को अधिक चोट लगेगी। अतः खिलाड़ी गेंद के साथ-साथ अपने हाथों को पीछे की ओर ले जाकर समय है को बढ़ाता है ताकि संवेग परिवर्तन की दर कम हो और तेज गति से आ रही गेंद का प्रभाव हाथ पर पड़े।
In simple words: क्रिकेट खिलाड़ी तेजी से आती गेंद को पकड़ते समय अपने हाथ पीछे खींचते हैं ताकि गेंद को रुकने में लगने वाला समय बढ़ जाए, जिससे गेंद द्वारा हाथों पर लगाया गया बल कम हो जाए और चोट लगने का जोखिम कम हो।
🎯 Exam Tip: यह न्यूटन के दूसरे नियम का व्यावहारिक अनुप्रयोग है, जो आवेग और संवेग में परिवर्तन के बीच संबंध को दर्शाता है; आवेग के समय को बढ़ाकर बल के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
Question 6. न्यूटन के गति के तीसरे नियम का वर्णन कीजिए। उचित उदाहरण भी दीजिए।
Answer: न्यूटन के गति के तीसरे नियम को समझने के लिए हमें पहले अन्योन्य क्रिया को समझना होगा। जब कोई वस्तु किसी दूसरी वस्तु पर बल लगाकर प्रभावित करती है तो हम कहते हैं कि वस्तुओं के बीच अन्योन्य (Interaction) क्रिया हुई। उदाहरण के लिए, जब कोई चुम्बक लोहे के टुकड़े के पास लायी जाती है तो चुम्बक उसे अपनी ओर आकर्षित करती है। अतः चुम्बक व लोहे के टुकड़े के मध्य अन्योन्य क्रिया हुई। इसी प्रकार जब हम फुटबाल को ठोकर मारते हैं तो हमारे पैर व फुटबाल के मध्य अन्योन्य क्रिया होती है। न्यूटन का गति का तीसरा नियम हमें अन्योन्य क्रिया के समय उत्पन्न बलों के विषय में बताता है। एक वस्तु | द्वारा लगाये गये बल को क्रिया और दूसरी वस्तु द्वारा लगाये गये बल को प्रतिक्रिया कहा जाता है। न्यूटन के अनुसार, जब दो वस्तुएँ आपस में अन्योन्य क्रिया करती हैं तो प्रत्येक क्रिया के बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसको इस प्रकार समझा जा सकती है-वस्तु A जब वस्तु B पर बल लगाती है तो वस्तु B भी उस पर परिमाण में बराबर किन्तु विपरीत दिशा में बल लगाती है। इसे निम्न उदाहरणों से और अधिक स्पष्ट किया जा सकता है
1. यह सामान्य अनुभव की बात है कि जब बन्दूक से गोली छोड़ी जाती है तो गोली आगे की तरफ जाती है और बन्दूक पीछे की तरफ । क्यों? क्योंकि गोली को आगे की तरफ ले जाने में बल लगता है जिसकी प्रतिक्रिया के फलस्वरूप बन्दूक पर पीछे की ओर बल लगता है।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र न्यूटन के गति के तीसरे नियम को दर्शाता है, जहाँ 'क्रिया' और 'प्रतिक्रिया' बल युग्मों को तीर के निशानों से दिखाया गया है। एक वस्तु (P) दूसरी वस्तु (R) पर बल लगाती है (क्रिया), और दूसरी वस्तु (R) पहली वस्तु (P) पर समान और विपरीत बल लगाती है (प्रतिक्रिया), जबकि Q एक तीसरे बिंदु को दर्शाता है।
2. तैरते समय मनुष्य पानी को पीछे की ओर धकेलता है। (क्रिया)। परिमणामस्वरूप जल मनुष्य को आगे की तरफ धकेलता है (प्रतिक्रिया)।
3. यदि हम मेज पर पैंसा मारते हैं (क्रिया), तो मेज भी उतना ही बल विपरीत दिशा में लगाती है। (प्रतिक्रिया)।
In simple words: न्यूटन का तीसरा नियम कहता है कि हर क्रिया का एक समान और विपरीत प्रतिक्रिया होती है, और ये बल हमेशा दो अलग-अलग वस्तुओं पर लगते हैं, जैसे बंदूक से गोली चलने पर बंदूक को पीछे झटका लगना या तैरते समय पानी को धकेलना।
🎯 Exam Tip: न्यूटन का तीसरा नियम गति के अध्ययन के लिए मौलिक है, यह समझाता है कि बल हमेशा युग्मों में क्यों मौजूद होते हैं और संवेग संरक्षण का आधार भी प्रदान करता है।
Question 7. घर्षण क्या है? इसके क्या कारण हैं? वर्णन कीजिए ।
Answer: घर्षण- जब हम मेज पर रखी किसी वस्तु को धीरे से धक्का देते हैं तो वह आगे नहीं बढ़ती। इसका अर्थ यह है कि सम्पर्क में रखी दो वस्तुओं के मध्ये एक प्रकार का बल कार्य करता है जो वस्तु के गति करने में उसका विरोध करता है। यह बल घर्षण बल या घर्षण कहलाता है। इसी प्रकार कैरम के बोर्ड पर बिना पाउडर डाले गोट आसानी से नहीं बढ़ती । घर्षण का कारण – यदि हम ध्यान से सड़क, मेज या कैरम-बोर्ड की सतह को देखें तो ज्ञात होगा कि इनकी सतह पूर्णतः चिकनी और सपाट नहीं होती, बल्कि उसमें छोटे-छोटे गड्ढे एवं उभार होते हैं जिससे दो सतहों के गड्ढे एवं उभार आपस में फंस जाते हैं और वस्तु आसानी से गति नहीं करती। अतः घर्षण का मुख्य कारण वस्तुओं की सतह का खुरदरा या विषम होना है।
In simple words: घर्षण एक विरोधी बल है जो दो संपर्क सतहों के बीच गति का विरोध करता है, और यह सतहों की सूक्ष्म खुरदरापन या अनियमितताओं के कारण होता है जो एक-दूसरे में फंस जाती हैं।
🎯 Exam Tip: घर्षण बल की समझ मशीनों के डिजाइन, सड़क सुरक्षा और दैनिक जीवन की कई अन्य घटनाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 8. कारण दीजिए :
1. यदि हथौड़ा हत्थे में ढीला हो, तो हत्थे को पृथ्वी पर ऊर्ध्वाधर पटकने से हथौड़ा हत्थे में कस जाता है।
2. कंबल को जमीन पर जोर से पटकने से उस पर लगी धूल के कण अलग हो जाते हैं।
3. चलती गाड़ी से उतरने के लिए मनुष्य को बाद में गाड़ी की दिशा में कुछ दूर दौड़ना पड़ता
4. जैवलीन थ्रो (भाला फेंकने) में यदि खिलाड़ी किसी निश्चित रेखा को पार कर लेता है तो यह फाउल माना जाता है, किंतु खिलाड़ी इसे रेखा पर रुकने में प्रायः असफल रहते हैं।
5. नाव से किनारे पर कूदने पर नाव पीछे की ओर गति करती है।
Answer: 1. हथौड़े का हत्था ऊपर से कुछ पतला तथा नीचे की ओर मोटा होता है। हथौड़े के र्वाधर पटकने से पहले हथौड़ा और हत्था दोनों ही नीचे की ओर गतिमान होते हैं। पृथ्वी पर लगते ही हत्थे का वेग शून्य हो जाता है, परंतु न्यूटन के प्रथम नियम के अनुसार हथौड़ा अपने जड़त्व के कारण गतिमान रहता है और हत्थे में कस जाता है।
2. पृथ्वी पर पटकने से पहले तो कंबल और पूल के कण गतिमान रहते हैं, परंतु पटकते ही कंबल का वेग शून्य हो जाता है, जबकि धूल के कण गतिमान रहते हैं और कंबल में। अलग हो जाते हैं।
3. गाड़ी के भीतर मनुष्य का सम्पूर्ण शरीर गाड़ी की चाल से गति कर रहा होता है। जैसे ही वह चलती गाड़ी से कूदता है, तुरंत ही उसके शरीर का निचला भाग रुक जाता है, जबकि ऊपरी भाग जड़त्व के कारण उसी चाल से चलने का प्रयत्न करता है। इसलिए चलती गाड़ी से उतरने पर हमें कुछ दूरी तक गाड़ी के साथ उसी दिशा में दौड़ना पड़ता है, अन्यथा हम आगे की ओर गिर पड़ते हैं।
4. एथलीट अपनी गति के जड़त्व के कारण अपने आपको जल्दी नहीं रोक पाता और वह दौड़ता रह जाता है। फलस्वरूप वह सीमा रेखा के बाहर पैर रख देता है। गति का जड़त्व उसे विराम अवस्था में आने से रोकता है।
5. नाव से कूदने हेतु व्यक्ति को कुछ संवेग की आवश्यकता होती है। इस संवेग को प्राप्त करने हेतु व्यक्ति आगे की ओर बल लगाता है। इसी बल के प्रतिक्रिया के रूप में नाव पीछे की ओर चलती है। अतः आगे की ओर गति करने के लिए आवश्यक संवेग प्राप्त करने हेतु व्यक्ति जो बल आरोपित करता है उसके विपरीत दिशा में प्रतिक्रियात्मक बल के कार्य करने के कारण नाव पीछे की ओर चलती है।
In simple words: (1) हथौड़ा जड़त्व के कारण कसता है, (2) कंबल पटकने पर धूल जड़त्व के कारण अलग होती है, (3) चलती गाड़ी से उतरने पर गति के जड़त्व के कारण दौड़ना पड़ता है, (4) एथलीट गति के जड़त्व के कारण रुक नहीं पाते, और (5) नाव से कूदने पर क्रिया-प्रतिक्रिया के कारण नाव पीछे हटती है।
🎯 Exam Tip: ये सभी उदाहरण जड़त्व और न्यूटन के गति के नियमों के व्यावहारिक अनुप्रयोग हैं, जो बताते हैं कि वस्तुएँ अपनी गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध कैसे करती हैं और बल कैसे युग्मों में कार्य करते हैं।
आंकिक प्रश्न
Question 1. 70 g द्रव्यमान की क्रिकेट की कोई गेंद 0.5 m/s के वेग से गतिमान है। क्रिकेट का कोई खिलाड़ी इसे 0.5s में रोक लेता है। खिलाड़ी द्वारा बॉल को रोकने के लिए लगाए गये बल की गणना कीजिए ।
Answer: हल-दिया है-
गेंद का द्रव्यमान \((m) = 70 \, g = 0.07 \, kg\)
आरम्भिक वेग \((u) = 0.5 \, m/s\)
समय \((t) = 0.5 \, s\)
अन्तिम वेग \((v) = 0\)
गोली का त्वरण \(a = \frac{v - u}{t} = \frac{0 - 0.5}{0.5}\)
\( = -1.0 \, m/s^2\)
बल \(F = m \times a = 0.07 \times (-1.0)\)
\( = -0.07 \, N\). उत्तर
In simple words: गेंद का द्रव्यमान 0.07 kg है, प्रारंभिक वेग 0.5 m/s, अंतिम वेग 0 और समय 0.5 s है, जिससे त्वरण -1.0 m/s\(^2\) और आवश्यक बल -0.07 N आता है।
🎯 Exam Tip: यह प्रश्न न्यूटन के गति के दूसरे नियम (\(F=ma\)) और गति के पहले समीकरण (\(v=u+at\)) का उपयोग करके बल की गणना करने के लिए है। ऋणात्मक चिन्ह बल की दिशा को दर्शाता है जो गति के विपरीत है।
Question 2. 45 km/h के वेग से चलती हुई 1000 kg द्रव्यमान की कोई कार एक पेड़ से टकराकर 5s में रुक जाती है। कार द्वारा पेड़ पर कितना बल लगाया गया?
Answer: हल-दिया है-
कार का द्रव्यमान \((m) = 1000 \, kg\)
आरम्भिक वेग \((u) = 45 \, km/h\)
\( = \frac{45 \times 1000}{60 \times 60} \, m/s = 12.5 \, m/s\).
समय \((t) = 5 \, s\)
अन्तिम वेग \((v) = 0\)
त्वरण \(a = \frac{v - u}{t} = \frac{0 - 12.5}{5}\)
\( = -2.5 \, m/s^2\)
बल \(F = m \times a = 1000 \times 2.5\)
\( = 2500 \, N\). उत्तर
In simple words: कार का द्रव्यमान 1000 kg है, प्रारंभिक वेग 12.5 m/s, अंतिम वेग 0, और रुकने में 5 सेकंड लगे, जिससे त्वरण -2.5 m/s\(^2\) और पेड़ पर लगाया गया बल 2500 N आता है।
🎯 Exam Tip: गति के समीकरणों और न्यूटन के दूसरे नियम का उपयोग करते समय, इकाइयों को सुसंगत रखना (जैसे km/h को m/s में बदलना) महत्वपूर्ण है।
Question 3. 4 किग्रा वजन की एक राइफल से 20 ग्राम वजन की एक गोली चलायी जाती है। यदि गोली 400 m/s के वेग से राइफल की नली को छोड़ती है तो राइफल कितने वेग से पीछे हटेगी?
Answer: हल-\(m_1 = 4 \, kg, m_2 = 20 \, g = 0.02 \, kg\),
\(u_1 = u_2 = 0, v_2 = 400 \, m/s, v_1 = ?\)
आरम्भिक संवेग \( = m_1 u_1 + m_2 u_2\)
\( = 4 \times 0 + 0.02 \times 0 = 0\).
अन्तिम संवेग \( = 4 \times v_1 + 0.02 \times 400\)
संवेग संरक्षण के नियमानुसार,
\(0 = 4 \times v_1 + 0.02 \times 400\)
\(0 = 4 \times v_1 + 8\)
\( -4 v_1 = 8\)
\(v_1 = \frac{8}{-4}\)
\( = -2 \, m/s\). उत्तर
In simple words: संवेग संरक्षण के नियम का उपयोग करते हुए, गोली के आगे बढ़ने से उत्पन्न संवेग के बराबर और विपरीत संवेग राइफल को पीछे की ओर धकेलता है, जिससे राइफल का प्रतिक्षेपित वेग -2 m/s होता है।
🎯 Exam Tip: यह संवेग संरक्षण के सिद्धांत का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जहाँ गोली और राइफल की प्रणाली का कुल संवेग फायरिंग से पहले और बाद में समान रहता है। ऋणात्मक चिन्ह प्रतिक्षेप गति की दिशा को दर्शाता है।
Question 4. एक कार का द्रव्यमान 1200 kg है। यह 108 km/h की चाल से चल रही है। ब्रेक लगाने पर उसकी चाल 36 km/h हो गयी। कार के संवेग परिवर्तन की गणना कीजिए।
Answer: हल-दिया है,
कार का द्रव्यमान \((m) = 1200 \, kg\)
प्रारम्भिक वेग \((v_1) = 108 \, km/h\)
\( = \frac{108 \times 1000}{60 \times 60} \, m/s = 30 \, m/s\)
कार का अंतिम वेग \((v_2) = 36 \, km/h\)
\( = \frac{36 \times 1000}{60 \times 60} \, m/s = 10 \, m/s\)
संवेग में परिवर्तन \( = m v_2 - m v_1\)
\( = 1200 \, kg \times (10 \, m/s - 30 \, m/s)\)
\( = 1200 \, kg \times (-20 \, m/s)\)
\( = -24000 \, kg \, m/s\)
In simple words: कार का द्रव्यमान 1200 kg है, प्रारंभिक वेग 30 m/s और अंतिम वेग 10 m/s है, जिससे कार के संवेग में -24000 kg m/s का परिवर्तन होता है।
🎯 Exam Tip: संवेग परिवर्तन की गणना करते समय, प्रारंभिक और अंतिम वेग को एक ही इकाई (जैसे m/s) में व्यक्त करना और द्रव्यमान को kg में रखना सुनिश्चित करें। ऋणात्मक मान संवेग में कमी को दर्शाता है।
Question 5. यदि 10 kg द्रव्यमान का लोहे का कोई गोला 0.8 m की ऊँचाई से फर्श पर गिरे तो वह फर्श को कितना संवेग स्थानांतरित करेगा? गोले का नीचे की ओर त्वरण 10 m/s लीजिए ।
Answer: हल-दिया है-
गोले का द्रव्यमान \((m) = 10 \, kg\)
ऊँचाई \((h) = 0.8 \, m\)
गुरुत्वीय त्वरण \((g) = 10 \, m/s^2\)
हम जानते हैं कि गति के तीसरे समीकरण से,
\(v^2 = u^2 + 2gh\)
\(v^2 = 0^2 + 2 \times 10 \times 0.8 = 16\)
\(v = \sqrt{16} = 4 \, m/s\)
गोले द्वारा फर्श पर स्थानांतरित संवेग = गोले के संवेग में परिवर्तन
\( = mv - m(0)\)
\( = 10 \, kg \times 4 \, m/s\)
\( = 40 \, kg \, m/s\)
In simple words: 10 kg का गोला 0.8 मीटर की ऊँचाई से गिरने पर 4 m/s का वेग प्राप्त करता है, जिससे वह फर्श पर 40 kg m/s का संवेग स्थानांतरित करेगा।
🎯 Exam Tip: संवेग स्थानांतरण की गणना के लिए, पहले गोले का फर्श से टकराने से ठीक पहले का वेग ज्ञात करें, और फिर संवेग (\(p=mv\)) का उपयोग करें।
Question 6. किसी 1200 N भार वाला ब्लॉक 4 m² के क्षेत्रफल पर स्थित है, उसके द्वारा आरोपित दाब की गणना कीजिए ।
Answer: उत्तर - ज्ञात है-
बल भार \((F) = 1200 \, N\)
क्षेत्रफल \((A) = 4 \, m^2\)
दाब \((P) = ?\)
दाब \((P) = \frac{भार (F)}{क्षेत्रफल (A)}\)
\(P = \frac{1200N}{4 \, m^2}\)
\( = 300 \, N \, m^{-2}\)
या \(300 \, Pa\)
अतः अभीष्ट दाब \( = 300 \, N \, m^{-2}\)
या \(300 \, Pa\)
In simple words: 1200 N भार वाला एक ब्लॉक 4 m\(^2\) क्षेत्रफल पर स्थित है, इसलिए दाब की गणना बल को क्षेत्रफल से विभाजित करके 300 N/m\(^2\) (या पास्कल) आती है।
🎯 Exam Tip: दाब की गणना के लिए बल को न्यूटन में और क्षेत्रफल को वर्ग मीटर में व्यक्त करना सुनिश्चित करें, ताकि परिणाम पास्कल या N/m\(^2\) में सही ढंग से प्राप्त हो सके।
अभ्यास प्रश्न
बहुविकल्पीय प्रश्न
Question 1. निम्न में कौन संवेग का सही सूत्र है?
(a) P = mv
(b) m = Pv
(c) v = Pm
(d) P = mv²
Answer: (a) P = mv
In simple words: संवेग (P) किसी वस्तु के द्रव्यमान (m) और उसके वेग (v) का गुणनफल होता है।
🎯 Exam Tip: संवेग एक सदिश राशि है और यह वस्तु की गति की मात्रा को दर्शाता है।
Question 2. घर्षण हमारे लिए है
(a) लाभदायक
(b) हानिकारक
(c) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं।
Answer: (c) दोनों
In simple words: घर्षण हमारे लिए लाभदायक और हानिकारक दोनों होता है; यह हमें चलने में मदद करता है लेकिन मशीनों को घिसता भी है।
🎯 Exam Tip: घर्षण के लाभों में चलने, वाहनों को रोकना शामिल है, जबकि हानियों में ऊर्जा की हानि, पुर्जों का घिसना और मशीनी दक्षता में कमी शामिल है।
Question 3. कार्य करने की क्षमता आती है
(a) भोजन से
(b) ऊर्जा से
(c) शक्ति से
(d) ये सभी ।
Answer: (b) ऊर्जा से
In simple words: कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं।
🎯 Exam Tip: ऊर्जा विभिन्न रूपों में मौजूद होती है जैसे गतिज, स्थितिज, रासायनिक और विद्युत ऊर्जा, और यह कार्य करने की कुंजी है।
Question 4. घर्षण कम किया जा सकता है
(a) स्नेहक के उपयोग से
(b) पॉलिश करके
(c) बॉल-बियरिंग का उपयोग करके
(d) इन सभी से ।
Answer: (d) इन सभी से ।
In simple words: घर्षण को कम करने के लिए स्नेहक का उपयोग, सतहों को पॉलिश करना और बॉल-बियरिंग का इस्तेमाल करना सभी प्रभावी तरीके हैं।
🎯 Exam Tip: घर्षण कम करने के इन तरीकों का उपयोग मशीनी दक्षता बढ़ाने और पुर्जों के घिसाव को कम करने के लिए औद्योगिक और दैनिक अनुप्रयोगों में किया जाता है।
Question 5. किसी वस्तु पर बले आरोपित होने पर
(a) उसकी गति बदल सकती है।
(b) उसकी गति की दिशा बदल सकती है।
(c) उसका आकार बदल सकता है।
(d) उपर्युक्त में से कोई भी ।
Answer: (d) उपर्युक्त में से कोई भी ।
In simple words: जब किसी वस्तु पर बल लगाया जाता है, तो उसकी गति, दिशा या आकार में परिवर्तन हो सकता है।
🎯 Exam Tip: बल एक सदिश राशि है जो वस्तु की गति की अवस्था या उसके रूप में परिवर्तन ला सकता है।
Question 6. बल का मात्रक है
(a) जूल
(b) किग्रा मी/से\(^2\)
(c) मी/से²
(d) मी/से ।
Answer: (b) किग्रा मी/से\(^2\)
In simple words: बल का SI मात्रक न्यूटन है, जो किलोग्राम मीटर प्रति सेकंड वर्ग (किग्रा मी/से\(^2\)) के बराबर होता है।
🎯 Exam Tip: बल के मात्रक को याद रखना न्यूटन के गति के दूसरे नियम (\(F=ma\)) से सीधे संबंधित है।
Question 7. किग्रा द्रव्यमान की वस्तु का भार होगा
(a) 1 न्यूटन
(b) 9.08 न्यूटन
(c) 9.8 न्यूटन
(d) 8.9 न्यूटन ।
Answer: (c) 9.8 न्यूटन
In simple words: 1 किग्रा द्रव्यमान की वस्तु का भार पृथ्वी पर लगभग 9.8 न्यूटन होता है, क्योंकि भार गुरुत्वाकर्षण बल के कारण होता है।
🎯 Exam Tip: भार (\(W\)) द्रव्यमान (\(m\)) और गुरुत्वाकर्षण त्वरण (\(g\)) का गुणनफल होता है (\(W=mg\)), जहाँ \(g \approx 9.8 \, m/s^2\)।
Question 8. यदि वस्तु का द्रव्यमान m, वेग v व त्वरण a और लगने वाला बल F है तो
(a) \(a = \frac{F}{m}\)
(b) F = m x v
(c) a x F = m
(d) F x m = a
Answer: (a) \(a = \frac{F}{m}\)
In simple words: न्यूटन के दूसरे नियम (\(F=ma\)) के अनुसार, त्वरण (a) लगाए गए बल (F) को द्रव्यमान (m) से विभाजित करने पर प्राप्त होता है।
🎯 Exam Tip: यह सूत्र बल, द्रव्यमान और त्वरण के बीच का मौलिक संबंध है, जो भौतिकी में कई समस्याओं को हल करने के लिए उपयोग किया जाता है।
Question 9. यदि वस्तु का द्रव्यमान m, वेग v व त्वरण a है। तो संवेग P होगा
(a) P = m x a
(b) P = m x v
(c) P = \(F \times t\)
(d) P = \(\frac{F}{t}\)
Answer: (b) P = m x v
In simple words: संवेग (P) किसी वस्तु के द्रव्यमान (m) और उसके वेग (v) का गुणनफल होता है।
🎯 Exam Tip: संवेग एक सदिश राशि है जो किसी वस्तु की गति की मात्रा को दर्शाता है; यह वस्तु के द्रव्यमान और वेग दोनों पर निर्भर करता है।
Question 10. कोई वस्तु अपनी स्थिर या गति की अवस्था में परिवर्तन नहीं कर सकती
(a) अपने द्रव्यमान के कारण
(b) अपने भार के कारण
(c) अपने त्वरण के कारण
(d) अपने जड़त्व के कारण।
Answer: (d) अपने जड़त्व के कारण।
In simple words: कोई भी वस्तु अपने जड़त्व के गुण के कारण अपनी स्थिर या गति की अवस्था में अपने आप बदलाव नहीं कर सकती।
🎯 Exam Tip: जड़त्व, न्यूटन के पहले नियम का आधार है, जो वस्तु की अवस्था (विराम या गति) को बनाए रखने की स्वाभाविक प्रवृत्ति को बताता है।
Question 11. बल के परिमाण का परिकलन .......................... कर सकते हैं।
(a) न्यूटन के गति के प्रथम नियम द्वारा
(b) न्यूटन के गति के द्वितीय नियम द्वारा
(c) न्यूटन के गति के तृतीय नियम द्वारा
(d) उपर्युक्त तीनों के द्वारा।
Answer: (b) न्यूटन के गति के द्वितीय नियम द्वारा
In simple words: बल के परिमाण की गणना न्यूटन के गति के द्वितीय नियम (\(F=ma\)) का उपयोग करके की जाती है।
🎯 Exam Tip: न्यूटन का दूसरा नियम बल, द्रव्यमान और त्वरण के बीच मात्रात्मक संबंध स्थापित करता है, जिससे बल की गणना संभव होती है।
Question 12. चलती बस में से उतरने पर आगे की ओर गिरने की व्याख्या .......................... की जा सकती है।
(a) न्यूटन के गति के प्रथम नियम द्वारा
(b) न्यूटन के गति के द्वितीय नियम द्वारा
(c) न्यूटन के गति के तृतीय नियम द्वारा
(d) उपर्युक्त तीनों के द्वारा ।
Answer: (a) न्यूटन के गति के प्रथम नियम द्वारा
In simple words: चलती बस से उतरने पर यात्री का आगे की ओर गिरना न्यूटन के गति के प्रथम नियम (जड़त्व के नियम) द्वारा समझाया जाता है।
🎯 Exam Tip: जड़त्व के कारण यात्री का शरीर बस की गति को बनाए रखना चाहता है, जबकि पैर जमीन पर रुक जाते हैं, जिससे यात्री आगे की ओर गिर जाता है।
Question 13. रॉकेट छोड़ने का सिद्धान्त .......................... आधारित है।
(a) न्यूटन के गति के प्रथम नियम पर
(b) न्यूटन के गति के द्वितीय नियम पर
(c) न्यूटने के गति के तृतीय नियम पर
(d) उपर्युक्त तीनों पर ।
Answer: (c) न्यूटने के गति के तृतीय नियम पर
In simple words: रॉकेट का प्रक्षेपण न्यूटन के गति के तीसरे नियम (क्रिया-प्रतिक्रिया) और संवेग संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है।
🎯 Exam Tip: रॉकेट द्वारा गैसों को पीछे धकेलना क्रिया है, और गैसों द्वारा रॉकेट को आगे की ओर धकेलना प्रतिक्रिया है, जिससे वह गति करता है।
Question 14. 2 किग्रा की वस्तु में 3 मी/से का त्वरण उत्पन्न करने के लिए बल चाहिए
(a) 2 न्यूटन
(b) 3 न्यूटन
(c) 6 न्यूटन
(d) 1.5 न्यूटन ।
Answer: (c) 6 न्यूटन
In simple words: न्यूटन के दूसरे नियम (\(F=ma\)) के अनुसार, 2 किग्रा की वस्तु में 3 मी/से\(^2\) का त्वरण उत्पन्न करने के लिए 6 न्यूटन बल की आवश्यकता होगी।
🎯 Exam Tip: बल की गणना करते समय, द्रव्यमान (kg) और त्वरण (m/s\(^2\)) को गुणा करें ताकि परिणाम न्यूटन में मिल सके।
Question 15. किसी वस्तु में संवेग परिवर्तन की दर बराबर होती है
(a) ऊर्जा के
(b) बल के
(c) त्वरण के
(d) आवेग के।
Answer: (b) बल के
In simple words: किसी वस्तु में संवेग परिवर्तन की दर उस पर लगाए गए असंतुलित बल के बराबर होती है।
🎯 Exam Tip: यह न्यूटन के गति के दूसरे नियम की एक प्रमुख परिभाषा है, जो बल को संवेग में समय के साथ होने वाले परिवर्तन के रूप में व्यक्त करती है।
Question 16. यदि पिंड A का द्रव्यमान पिंड B के द्रव्यमान से दुगुना हो और दोनों पर समान बल लगाया जाये तो
(a) दोनों में समान त्वरण उत्पन्न होगा
(b) पिंड A में पिंड B से दुगुना त्वरण होगा ।
(c) पिंड B में पिंड A से दुगुना त्वरण उत्पन्न होगा
(d) उपर्युक्त सभी कथन गलत है।
Answer: (c) पिंड B में पिंड A से दुगुना त्वरण उत्पन्न होगा
In simple words: यदि पिंड A का द्रव्यमान पिंड B से दुगुना है और दोनों पर समान बल लगता है, तो पिंड B में पिंड A से दुगुना त्वरण उत्पन्न होगा, क्योंकि त्वरण द्रव्यमान के व्युत्क्रमानुपाती होता है (\(a=F/m\)).
🎯 Exam Tip: न्यूटन के दूसरे नियम के अनुसार, समान बल के लिए, हल्की वस्तु का त्वरण भारी वस्तु की तुलना में अधिक होता है।
Question 17. किसी वस्तु पर लगाया गया बल
(a) वस्तु के द्रव्यमान व त्वरण के गुणनफल के बराबर होता है।
(b) वस्तु के द्रव्यमान व त्वरण के योगफल के बराबर होता है।
(c) वस्तु के द्रव्यमान व त्वरण के भागफल के बराबर | होता है।
(d) उपर्युक्त सभी कथन गलत है।
Answer: (a) वस्तु के द्रव्यमान व त्वरण के गुणनफल के बराबर होता है।
In simple words: किसी वस्तु पर लगाया गया बल उसके द्रव्यमान और उसमें उत्पन्न त्वरण के गुणनफल के बराबर होता है।
🎯 Exam Tip: यह न्यूटन के गति के दूसरे नियम (\(F=ma\)) की सीधी परिभाषा है, जो बल की मात्रात्मक गणना के लिए मूलभूत है।
Question 18. समान आकार की फुटबाल और पत्थर में, जड़त्व अधिक होगा
(a) फुटबाल का
(b) पत्थर का
(c) दोनों का समान
(d) फुटबाल व पत्थर में कोई समानता नहीं है।
Answer: (b) पत्थर का
In simple words: समान आकार की फुटबॉल और पत्थर में से पत्थर का जड़त्व अधिक होगा क्योंकि पत्थर का द्रव्यमान फुटबॉल से अधिक होता है।
🎯 Exam Tip: जड़त्व सीधे द्रव्यमान के समानुपाती होता है; जिस वस्तु का द्रव्यमान अधिक होता है, उसमें अपनी गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करने की प्रवृत्ति अधिक होती है।
Question 19. एक खिलाड़ी लम्बी कूद लगाने से पहले दौड़ता है
(a) आवेग बढ़ाने के लिए
(b) जड़त्व बढ़ाने के लिए
(c) संवेग बढ़ाने के लिए
(d) यह कोई वैज्ञानिक तथ्य नहीं है।
Answer: (c) संवेग बढ़ाने के लिए
In simple words: एक लंबी कूद लगाने से पहले खिलाड़ी इसलिए दौड़ता है ताकि वह अपना संवेग बढ़ा सके और कूदने के बाद अधिक दूरी तक जा सके।
🎯 Exam Tip: संवेग (\(p=mv\)) को बढ़ाकर, खिलाड़ी को अधिक गतिज ऊर्जा मिलती है, जिससे वह कूदने के दौरान अधिक दूरी तय कर पाता है।
Question 20. संवेग का मात्रक है
(a) kg ms-1
(b) kg ms-2
(c) kg ms
(d) ये सभी ।
Answer:
(a) kg ms-1
In simple words: The standard unit for momentum is kilogram meter per second.
🎯 Exam Tip: Always remember the correct SI units for physical quantities as they are frequently asked in objective questions and are essential for numerical accuracy.
Question 21. पिंड A का द्रव्यमान 5 kg व पिंड B का द्रव्यमान 2 kg है, विरामावस्था में
(a) पिण्ड A का संवेग पिंड B के संवेग से अधिक है।
(b) पिण्ड B का संवेग पिंड A के संवेग से अधिक है ।
(c) दोनों का संवेग बराबर है ।
(d) यह कोई वैज्ञानिक तथ्य नहीं है।
Answer: (c) दोनों का संवेग बराबर है ।
In simple words: Since both objects are in a state of rest, their velocities are zero, resulting in both having zero momentum, hence their momenta are equal.
🎯 Exam Tip: Momentum is directly proportional to velocity. If an object is at rest, its velocity is zero, and therefore its momentum is also zero, regardless of its mass.
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