UP Board Solutions Class 9 Science Chapter 13 Why Do we Fall Ill

Get the most accurate UP Board Solutions for Class 9 Science Chapter 13 हम बीमार क्यों पड़ते हैं? here. Updated for the 2026 27 academic session, these solutions are based on the latest UP Board textbooks for Class 9 Science. Our expert-created answers for Class 9 Science are available for free download in PDF format.

Detailed Chapter 13 हम बीमार क्यों पड़ते हैं? UP Board Solutions for Class 9 Science

For Class 9 students, solving UP Board textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 9 Science solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 13 हम बीमार क्यों पड़ते हैं? solutions will improve your exam performance.

Class 9 Science Chapter 13 हम बीमार क्यों पड़ते हैं? UP Board Solutions PDF

Up Board Solutions For Class 9 Science Chapter 13 Why Do We Fall Iii (हम बिमार क्यों होते हैं ।)

पाठच – पुस्तक के प्रश्नोत्तर

पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या - 200)

Question 1. अच्छे स्वास्थ्य की दो आवश्यक स्थितियाँ बताइए ।
Answer: (i) व्यक्ति को रोग रहित होना चाहिए तभी व्यक्ति स्वस्थ कहा जा सकता है। (ii) व्यक्ति को मानसिक तनाव तथा सामाजिक समस्याओं से मुक्त होना चाहिए क्योंकि शारीरिक, मानसिक व सामाजिक दृष्टि से फिट व्यक्ति ही स्वस्थ कहलाता है।
In simple words: अच्छे स्वास्थ्य के लिए व्यक्ति को शारीरिक रोगों से मुक्त होना चाहिए और मानसिक तथा सामाजिक रूप से भी तनाव-मुक्त और संतुलित होना आवश्यक है।

🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य के तीनों पहलुओं को स्पष्ट रूप से बताना महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. रोगमुक्ति की कोई दो आवश्यक परिस्थितियाँ बताइए।
Answer: (i) रोग मुक्त होने के लिए व्यक्तिगत तथा सामुदायिक सफाई तथा अच्छा वातावरण आवश्यक है। (ii) पर्याप्त तथा संतुलित भोजन भी शरीर को रोगमुक्त करने के लिए आवश्यक है।
In simple words: रोगमुक्त रहने के लिए व्यक्तिगत और सामुदायिक स्वच्छता बनाए रखना तथा पौष्टिक और संतुलित भोजन करना बहुत जरूरी है।

🎯 Exam Tip: स्वच्छता (व्यक्तिगत और सामुदायिक) और पोषण (संतुलित भोजन) को रोगमुक्ति की प्रमुख परिस्थितियों के रूप में उल्लेख करना स्कोरिंग होता है।

 

Question 3. क्या उपरोक्त प्रश्नों के उत्तर एक जैसे हैं अथवा भिन्न क्यों?
Answer: दोनों प्रश्नों का उत्तर अलग-अलग है। क्योंकि स्वास्थ्य से हमारा अर्थ है कि व्यक्ति मानसिक, शारीरिक व सामाजिक दृष्टि से स्वस्थ है जबकि रोग मुक्त होने से अर्थ है शारीरिक स्वास्थ्य, अतः प्रश्न दोनों अलग-अलग हैं।
In simple words: दोनों प्रश्नों के उत्तर भिन्न हैं क्योंकि 'स्वास्थ्य' एक व्यापक अवधारणा है जिसमें शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण शामिल है, जबकि 'रोगमुक्ति' केवल शारीरिक बीमारियों की अनुपस्थिति को संदर्भित करती है।

🎯 Exam Tip: 'स्वास्थ्य' और 'रोगमुक्ति' के बीच के सूक्ष्म अंतर को स्पष्ट करना और दोनों की परिभाषाओं को संक्षेप में प्रस्तुत करना महत्वपूर्ण है।

 

पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या - 203)

Question 1. ऐसे तीन कारण लिखिए, जिससे आप सोचते हैं कि आप बीमार हैं तथा चिकित्सक के पास जाना चाहते हैं। यदि इनमें से एक भी लक्षण हो तो क्या आप फिर भी चिकित्सक के पास जाना चाहेंगे? क्यों अथवा क्यों नहीं?
Answer:
• यदि आप बीमार हैं तो आपको रोग का कोई चिह्न दिखाई देगा।
• यदि आप बीमार हैं तो रोग का कोई लक्षण दिखाई देगा जैसे दस्त होना, सिरदर्द आदि ।
• यदि आप बीमार हैं तो शरीर का कोई अंग सही कार्य नहीं कर रहा होगा। रोग का चिह्न/लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर के पास जाना चाहिए ।
In simple words: आप बीमार होने पर डॉक्टर के पास जाते हैं क्योंकि आपको शारीरिक संकेत (जैसे दर्द या बुखार), लक्षण (जैसे दस्त या सिरदर्द), या किसी अंग के असामान्य कार्य का अनुभव होता है, जो बीमारी का संकेत देते हैं। भले ही एक लक्षण हो, फिर भी डॉक्टर के पास जाना चाहिए ताकि सही निदान और उपचार मिल सके, जिससे बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सके।

🎯 Exam Tip: बीमारी के संकेतों और लक्षणों को पहचानना तथा शुरुआती चिकित्सा सलाह के महत्व पर जोर देना आवश्यक है।

 

Question 2. निम्नलिखित में से किसके लम्बे समय तक रहने के कारण आप समझते हैं कि आपके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ेगा तथा क्यों?
(a) यदि आप पीलिया रोग से ग्रस्त हैं।
(b) यदि आपके शरीर पर जू (lice) हैं।
(c) यदि आप मुँहासों से ग्रस्त हैं।
Answer: यदि हम पीलिया से ग्रस्त हैं और यह बीमारी लम्बे समय तक रहती है तो यह हमारे शरीर पर बहुत बुरा प्रभाव डालती है। पीलिया यकृत का रोग है। पीलिया के कारण इसके उत्तेजन से पाचन क्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। यदि यह रोग लम्बे समय तक रहे तो हमारे शरीर में बहुत अधिक कमजोरी आ जाती है। कार्य करते समय जल्दी थकावट महसूस करते हैं।
In simple words: पीलिया लंबे समय तक रहने पर स्वास्थ्य पर सबसे बुरा प्रभाव डालेगा क्योंकि यह यकृत को प्रभावित करता है, जिससे पाचन क्रिया खराब होती है, शरीर कमजोर हो जाता है और थकान महसूस होती है। जू और मुँहासे असुविधाजनक होते हैं लेकिन दीर्घकालिक रूप से यकृत रोग जितने गंभीर नहीं होते।

🎯 Exam Tip: विभिन्न बीमारियों के दीर्घकालिक प्रभावों की तुलना करते समय, अंग-विशिष्ट क्षति और समग्र शारीरिक कार्यों पर पड़ने वाले प्रभाव पर ध्यान दें।

 

पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या - 210)

Question 1. जब आप बीमार होते हैं तो सुपाच्य तथा पोषणयुक्त भोजन करने का परामर्श क्यों दिया जाता है?
Answer: बीमार होने पर सुपाच्य एवं पोषणयुक्त भोजन द्वारा हमारा स्वास्थ्य सही रहता है। भोजन हमें ऊर्जा देता है। तथा हमारे टूटे-फूटे ऊतकों की मरम्मत करता है।
In simple words: बीमार होने पर सुपाच्य और पोषणयुक्त भोजन की सलाह दी जाती है ताकि शरीर को आसानी से ऊर्जा और आवश्यक पोषक तत्व मिल सकें, जिससे बीमारी से उबरने और क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत में मदद मिलती है।

🎯 Exam Tip: पोषणयुक्त भोजन के दो मुख्य कार्यों - ऊर्जा प्रदान करना और ऊतकों की मरम्मत - को स्पष्ट रूप से उल्लेख करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. संक्रामक रोग फैलने की विभिन्न विधियाँ कौन-कौन सी हैं?
Answer: संक्रमित रोगों के फैलने के माध्यम निम्नलिखित हैं-
1. वायु द्वारा - रोगी के छींकने, खाँसने या थूकते समय हजारों की संख्या में रोगाणु वायु में छोड़ दिये जाते हैं। आस-पास कोई व्यक्ति अगर वहाँ खड़ा होता है तो श्वास के साथ रोगाणु उसके शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। वायु द्वारा सर्दी-जुकाम, निमोनिया, क्षयरोग आदि के रोगाणु फैलते हैं।
2. भोजन और जल द्वारा - जब संक्रामक कारक रोगी के अपशिष्ट के साथ जल में मिल जाता है और कोई व्यक्ति उस संक्रमित जल को पीता है तो रोगाणु उसके शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। जैसे-हैजा, अमीबीय पेचिस आदि ।
3. लैंगिक सम्पर्क - कुछ रोग जैसे-AIDS अथवा सिफलिस लैंगिक क्रिया अथवा संपर्क के समय एक साथी से दूसरे साथी में स्थानांतरित हो जाते हैं, यद्यपि ये लैंगिक संचारी रोग सामान्य हाथ मिलाने, गले मिलने, खेलकूद, जैसे कुश्ती आदि से नहीं फैलते ।
4. जन्तुओं द्वारा - कुछ रोग जन्तुओं जैसे मच्छर, मक्खी आदि द्वारा भी एक व्यक्ति से दूसरे स्वस्थ व्यक्ति तक फैल जाते हैं। जो जन्तु रोग फैलाते हैं इन्हें वेक्टर (vector) भी कहते हैं। जैसे मलेरिया एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। रेबीज से संक्रमित कुत्ता, बिल्ली अथवा बन्दर के काटने से रेबीज हो सकती है। रेबीज से संक्रमित जन्तु की लार में रेबीज के विषाणु होते हैं। जब ये जन्तु किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटते हैं तो ये विषाणु लार के साथ स्वस्थ मनुष्य के रुधिर में प्रवेश कर जाते हैं।
In simple words: संक्रामक रोग विभिन्न माध्यमों से फैलते हैं, जिनमें हवा (छींकने-खाँसने से), दूषित भोजन और पानी, लैंगिक संपर्क और संक्रमित जन्तुओं (जैसे मच्छर या कुत्ते) के माध्यम से शामिल हैं।

🎯 Exam Tip: संक्रामक रोगों के प्रमुख संचरण मार्गों - वायु, जल/भोजन, लैंगिक संपर्क और वाहक जन्तु - को उदाहरणों सहित याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 3. संक्रामक रोगों को फैलने से रोकने के लिए आपके विद्यालय में कौन-कौन सी सावधानियाँ आवश्यक हैं?
Answer: संक्रामक रोगों को फैलने से रोकने के लिए हमें अपने विद्यालय में निम्नलिखित सावधानियाँ बरतनी चाहिए-
1. विद्यालय में छात्रों के लिए पीने के लिए स्वच्छ तथा जीवाणुरहित पानी की व्यवस्था करना इसके लिए वाटर फिल्टर की व्यवस्था की जा सकती है।
2. छात्रों को समय-समय पर व्यक्तिगत स्वच्छता तथा सार्वजनिक स्वच्छता के बारे में अवगत कराना चाहिए।
3. छात्रों को सुपाच्य तथा पौष्टिक भोजन करने की सलाह देनी चाहिए।
4. क्योंकि मक्खी, मच्छर अनेक रोगों को फैलाते हैं। अतः बच्चों को बाजार से कटे हुए फल, चाट या अन्य वस्तुएँ जिन पर मक्खियाँ बैठती हैं, न खाने की सलाह देनी चाहिए।
5. यदि आवश्यक हो तो छात्रों को हिपेटाइटिस-B का टीका उपलब्ध कराना चाहिए ताकि छात्र पीलिया आदि रोग के प्रति प्रतिरक्षी हो जाएँ।
In simple words: विद्यालय में संक्रामक रोगों को रोकने के लिए स्वच्छ पेयजल, व्यक्तिगत और सार्वजनिक स्वच्छता को बढ़ावा देना, पौष्टिक भोजन की सलाह देना, दूषित भोजन से बचना और आवश्यक टीकाकरण सुनिश्चित करना चाहिए।

🎯 Exam Tip: इस प्रश्न के उत्तर में स्वच्छता (पानी, व्यक्तिगत, सार्वजनिक), पोषण और टीकाकरण जैसे उपायों का समावेश करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 4. प्रतिरक्षीकरण क्या है?
Answer: हमारे शरीर में प्रतिरक्षा तंत्र होता है जो रोगाणुओं से लड़ता है। जैसे ही कोई संक्रामक रोगाणु शरीर के अन्दर प्रवेश करता है तो हमारे शरीर की विशिष्ट कोशिकाएँ सक्रिय हो जाती हैं और यदि ये रोगाणुओं को मार देती है। तो हमें रोग नहीं होता। हम टीकाकरण द्वारा प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत कर सकते हैं। टीकाकरण का सामान्य नियम यह है कि हम शरीर में विशिष्ट संक्रमण प्रविष्ट कराकर प्रतिरक्षा तंत्र को मूर्ख बना सकते हैं। वह उन रोगाणुओं की नकल रहता है। जो टीके के द्वारा शरीर में पहुँचे हैं। वह वास्तव में रोग उत्पन्न करने वाले रोगाणुओं को नष्ट करता है अर्थात् उन्हें रोग फैलाने से रोकता है जिससे हमारा प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत हो जाता है। आजकल टिटनस, डिप्थीरिया, कुकर खाँसी, पोलियो आदि के टीके उपलब्ध हैं जो इन रोगों से निवारण का विशिष्ट साधन प्रदान करते हैं।
In simple words: प्रतिरक्षीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें टीके के माध्यम से शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को किसी विशेष रोगाणु से लड़ने के लिए तैयार किया जाता है, जिससे भविष्य में उस रोग के वास्तविक संक्रमण से बचाव होता है।

🎯 Exam Tip: प्रतिरक्षीकरण की परिभाषा में प्रतिरक्षा तंत्र की भूमिका, टीकों का कार्य (नकली संक्रमण) और उसके परिणामस्वरूप उत्पन्न होने वाली प्रतिरक्षा को स्पष्ट करना चाहिए।

 

Question 5. आपके पास में स्थित स्वास्थ्य केन्द्र में टीकाकरण के कौन-कौन से कार्यक्रम उपलब्ध हैं? आपके क्षेत्र में कौन-कौन सी स्वास्थ्य-सम्बन्धी मुख्य समस्या है?
Answer: हमारे पास के स्वास्थ्य केन्द्र में टिटनेस, डिप्थीरिया, कुकर खाँसी, चेचक, क्षयरोग, पोलियो आदि के टीके उपलब्ध हैं। यह बच्चों की संक्रामक रोगों से रक्षा करने के लिए सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रम है। हमारे क्षेत्र में स्वास्थ्य-सम्बन्धी समस्याएँ निम्नलिखित हैं-
1. सुरक्षित तथा स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था उचित नहीं है।
2. घरेलू अपशिष्ट पदार्थ जैसे कूड़ा-कर्कट आदि के विसर्जन या निपटान की उचित व्यवस्था नहीं है।
3. नालियाँ ढकी हुई नहीं हैं और न ही समय पर उनकी सफाई की उचित व्यवस् है। जगह-जगह पर गड्डों में गन्दा पानी जमा रहता है जिससे मच्छर एवं सूक्ष्मता जीवों का प्रकोप बढ़ता है। जिससे बीमारी फैलने का भय रहता है।
In simple words: स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों पर टिटनेस, डिप्थीरिया, पोलियो आदि जैसे रोगों के टीके उपलब्ध होते हैं। हमारे क्षेत्र में मुख्य स्वास्थ्य समस्याएँ स्वच्छ पेयजल की कमी, अपशिष्ट निपटान की अनुचित व्यवस्था और खुली नालियाँ हैं, जो बीमारियों के फैलने का कारण बनती हैं।

🎯 Exam Tip: टीकाकरण कार्यक्रमों के नाम और स्थानीय स्वास्थ्य समस्याओं (जल, स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन) का उल्लेख करना आवश्यक है।

 

अभ्यास के प्रश्न (पृष्ठ 211 - 212)

Question 1. पिछले एक वर्ष में ध कितनी बार बीमार हुए? बीमारी क्या थीं?
(a) इन बीमारियों को हटाने के लिए आप अपनी दिनचर्या में क्या परिवर्तन करेंगे ?
(b) इन बीमारियों से बचने के लिए आप अपने पास-पड़ोस में क्या परिवर्तन करना चाहेंगे?
Answer: पिछले एक वर्ष में हम दो आर बीमार हुए। पहली बार गर्मियों में हैजे से पीड़ित हुए तथा दूसरी बार अक्टूबर में मलेरिया से । (a) हमें हैजे से बचने के लिए अपनी आदतों में निम्नलिखित परिवर्तन करने चाहिए
(i) व्यक्तिगत स्वच्छता तथा घरेलू स्वच्छता का विशेष ध्यान देना चाहिए।
(ii) पीने के लिए उबला हुआ जल तथा पका हुआ भोजन लेना चाहिए।
(iii) खाना खाने से पहले अपने हाथ एवं मुँह को साबुन से धोएँ।
(iv) बर्तनों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें । मलेरिया से बचने के लिए हमें अपनी आदतों में निम्न सुधार करना चाहिए-
(i) खिड़की तथा दरवाजों पर महीन जाली लगाएँ। जिससे मच्छरों का प्रवेश रोका जा सके ।
(ii) रात के समय मच्छरदानी लगाकर सोएँ।
(iii) व्यक्तिगत स्वच्छता तथा घरेलू स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें। (b)
(i) हैजे की रोकथाम के लिए अपने पास-पड़ोस में सफाई (स्वच्छता) का विशेष प्रयास करना चाहिए। व्यक्तियों को कटे हुए तथा बिना ढके हुए फलों को बाजार से लेकर न खाने की सलाह देनी चाहिए। हैजा प्रभावित क्षेत्र में गन्ने आदि के रस को न पीने की सलाह देनी चाहिए।
(ii) मलेरिया से बचने के लिए आ पड़ोस में ठहरे हुए पानी पर मिट्टी का तेल छिड़कवा देना चाहिए। ताकि मच्छर के लारवे मर जाएँ। मच्छर के प्रजनन स्थानों को भी नष्ट करवा देना चाहिए। आस-पड़ोस में कीटनाशक दवाओं का छिड़कावे भी करना चाहिए।
In simple words: पिछले वर्ष हैजा और मलेरिया जैसी बीमारियाँ हुईं। इन्हें रोकने के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता, उबला पानी, ढके भोजन और मच्छरदानी का उपयोग करना चाहिए। आस-पड़ोस में साफ-सफाई, ठहरे पानी में मिट्टी का तेल छिड़कना और कीटनाशकों का प्रयोग करना भी आवश्यक है।

🎯 Exam Tip: व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर हैजा और मलेरिया दोनों के लिए विशिष्ट रोकथाम उपायों को सूचीबद्ध करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. डॉक्टर/नर्स/स्वास्थ्य कर्मचारी अन्य व्यक्तियों की अपेक्षा रोगियों के सम्पर्क में अधिक रहते हैं। पता करो कि वे अपने आपको बीमार होने से कैसे बचाते हैं?
Answer: डॉक्टर/नर्स या स्वास्थ्य कर्मचारी रोगी की जाँच करते समय या उसको दवाई देते समय अपने नाक तथा मुँह पर कपड़ा बाँधे रखते हैं ताकि रोग के सूक्ष्मजीव उसके अन्दर प्रवेश न कर सके । कुछ विशेष रोगियों जैसे-फेफड़ों के क्षय रोग से पीड़ित रोगी के सम्पर्क में रहने वाले स्वास्थ्य कर्मचारी एक विशेष प्रकार के टीके द्वारा अपने आपको प्रतिरक्षित करते हैं जिससे उनका प्रतिरक्षा-तंत्र मजबूत हो जाता है। ये लोग रोगी की जाँच करते समय रोग से बचने के लिए हाथों में दस्ताने पहनते हैं, मास्क पहनते हैं, विशेष प्रकार के चश्मे पहनते हैं और X-किरणों से बचने के लिए विशेष प्रकार के कपड़े पहनते हैं। रोगी व्यक्ति की जाँच करने के बाद प्रत्येक बार साबुन या कार्बोलिक सोप द्वारा अपने हाथों को धोते हैं। अन्त में रोगी का इलाज करते समय जो अपशिष्ट पदार्थ उत्सर्जित होते हैं उनका सुरक्षित तरीके से निपटान करके अपने आपको बीमारी से बचा सकते हैं।
In simple words: स्वास्थ्यकर्मी रोगियों से संपर्क के दौरान मास्क, दस्ताने, चश्मे जैसे सुरक्षात्मक उपकरण पहनकर, नियमित रूप से हाथ धोकर और विशिष्ट रोगों के लिए टीके लगवाकर खुद को संक्रामक बीमारियों से बचाते हैं।

🎯 Exam Tip: स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा अपनाई जाने वाली व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) और स्वच्छता प्रक्रियाओं को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए।

 

Question 3. अपने पास-पड़ोस में एक सर्वेक्षण कीजिए तथा पता लगाइए कि सामान्यतः कौन-सी तीन बीमारियाँ होती हैं? इन बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए अपने स्थानीय प्रशासन को तीन सुझाव दें।
Answer: हमने अपने आस-पड़ोस के सर्वेक्षण से पाया कि हैजा, पीलिया तथा मलेरिया ये तीन बीमारियाँ सामान्यतः होती हैं। इन बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन को निम्नलिखित तरीके अपनाने चाहिए
1. मलेरिया को फैलने से रोकने के लिए निम्नलिखित तरीके अपनाने चाहिए-
• स्थानीय प्रशासन को कूड़े-कर्कट के निपटान की समुचित व्यवस्था करनी चाहिए ताकि मच्छर प्रजनन न कर सकें ।
• ठहरे हुए गंदे पानी पर मिट्टी के तेल का छिड़काव करवा देना चाहिए ताकि मच्छरों के लारवे मर जाएँ।
• कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी करवाना चाहिए ताकि व्यस्क मच्छर मर सकें।
• मच्छरों के प्रकोप को कम करने के लिए धुआँ भी छोड़ना चाहिए।
2. पीलिया को फैलने से रोकने के लिए निम्नलिखित तरीके अपनाने चाहिए-
• प्रशासन को क्लोरीनीकृत तथा ओजोन उपचारित जल की सप्लाई करनी चाहिए।
• हिपेटाइटिस-B के टीके मुफ्त उपलब्ध कराने चाहिए।
• रेडियो, टेलिविजन या सामान्य घोषणा द्वारी व्यक्तियों को पीलिया रोग के लक्षणों के बारे में अवगत कराना चाहिए तथा रोगी के वस्त्र, बर्तन, बिछौने आदि के सम्पर्क में रहने वाले व्यक्ति को अपने हाथ अच्छी तरह साबुन से धोने की सलाह देनी चाहिए।
3. हैजे को फैलने से रोकने के लिए निम्नलिखित तरीके अपनाने चाहिए-
• हैजे के टीके द्वारा प्रतिरक्षीकरण । इसकी एक खुराक का प्रयोग लगभग छह महीने तक रहती है।
• हैजा प्रभावित क्षेत्र में लोगों को उबले हुए पानी को पीने की तथा पका हुआ भोजन करने की सलाह देनी चाहिए ।
• व्यक्तिगत तथा सामाजिक स्वच्छता के लिए विशेष प्रयास करने चाहिए जो कि हैजे के बचाव के लिए अत्यन्त आवश्यक हैं।
• हैजा प्रभावित क्षेत्र में रोगियों को जीवन रक्षक घोल (O.R.S.) को अविलम्ब लेने की घोषणा करनी चाहिए ।
In simple words: हमारे पड़ोस में हैजा, पीलिया और मलेरिया सामान्य बीमारियाँ हैं। इन्हें रोकने के लिए प्रशासन को कूड़े का उचित निपटान, ठहरे पानी पर मिट्टी का तेल छिड़कना, स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति, टीकाकरण कार्यक्रम और हैजा प्रभावित क्षेत्रों में जीवन रक्षक घोल की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।

🎯 Exam Tip: प्रत्येक बीमारी के लिए विशिष्ट, प्रशासन-स्तर के रोकथाम उपायों को सूचीबद्ध करना और स्वच्छता व जल प्रबंधन पर जोर देना महत्वपूर्ण है।

 

Question 4. एक बच्चा अपनी बीमारी के विषय में नहीं बता पा रहा है। हम कैसे पता करेंगे कि
1. बच्चो बीमार है,
2. उसे कौन-सी बीमारी है?
Answer:
1. एक बच्चा जो अपनी बीमारी के बारे में नहीं बता पा रहा हो तो उसकी बीमारी के बहुत-से चिन्ह हमें यह बताने में सहायता करते हैं कि बच्चा बीमार है या नहीं, जैसे-
• बच्चा अधिक तेजी से रो रहा हो।
• बच्ची अच्छी प्रकार से दूध न पी रहा हो ।
• बच्चा सुस्त हो तथा वह खेल में रही हो ।
• बच्चे को बुखार हुआ हो या उसका शरीर पीला पड़ गया हो।
• बच्चे की साँस ठीक प्रकार से न चल रही हो।
• बच्चे को पतले दस्त लगे हों। उपर्युक्त लक्षण में से यदि कोई लक्षण बच्चे में हों तो हम कहेंगे कि बच्चा बीमार है।
2. बच्चे की बीमारी का पता लगाने के लिए हमें कुछ विशेष चिन्ह तथा लक्षणों को देखेंगे, जैसे
• यदि बच्चा बार-बार दस्त तथा उल्टी कर रहा है। तथा दस्त पतले हैं तो उसे डायरिया होगा।
• यदि बुखार के साथ साँस तेज चल रही हो तो निमोनिया होगा।
• यदि बच्चे की आँखें धंसी हुई हों, पेशियों में ऐंठन हो तथा भार में कमी हो, पानी जैसे पतले दस्त हों तो हैजा हो सकता है।
In simple words: एक बच्चा बीमार है या नहीं, यह उसके असामान्य व्यवहार जैसे अधिक रोना, दूध न पीना, सुस्ती, बुखार, पीलापन, साँस लेने में तकलीफ या दस्त से पता चलता है। बीमारी का प्रकार दस्त और उल्टी (डायरिया), तेज साँस के साथ बुखार (निमोनिया), या धंसी आँखें, ऐंठन और पतले दस्त (हैजा) जैसे विशिष्ट लक्षणों से पहचाना जा सकता है।

🎯 Exam Tip: बच्चों में बीमारी के सामान्य संकेतों और कुछ विशिष्ट बीमारियों के लक्षणों को स्पष्ट रूप से पहचानना और सूचीबद्ध करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 5. निम्नलिखित में किन परिस्थितियों में कोई व्यक्ति पुनः बीमार हो सकता है? क्यों?
(a) जब वह मलेरिया से ठीक हो रहा है।
(b) वह मलेरिया से ठीक हो चुका है और वह चेचक के रोगी की सेवा कर रहा है।
(c) मलेरिया से ठीक होने के बाद चार दिन उपवास करता है और चेचक के रोगी की सेवा कर रह्म है?
Answer: एक व्यक्ति पुनः बीमार हो सकता है यदि वह मलेरिया से ठीक होने के बाद चार दिन तक उपवास रखता है और चेचक के रोगी की सेवा कर रहा है क्योंकि मलेरिया से ठीक होने के बाद उसे तुरन्त सुपाच्य तथा पौष्टिक भोजन की आवश्यकता होती है ताकि मलेरिया से हुई कमजोरी को दूर किया जा सके। परन्तु चार दिन तक उपवास रखने के कारण उसे आवश्यक ऊर्जा प्राप्त नहीं हो सकती है और उसका प्रतिरक्षा-तंत्र भी मजबूत नहीं होता। अतः चेचक के रोगी की सेवा करते रहने से उसे भी। संक्रमण हो सकता है तथा वह पुनः बीमार हो सकता है।
In simple words: मलेरिया से ठीक होने के बाद उपवास रखने और चेचक के रोगी की सेवा करने से व्यक्ति दोबारा बीमार हो सकता है क्योंकि उपवास प्रतिरक्षा तंत्र को कमजोर करता है, और चेचक एक संक्रामक रोग है जो कमजोर प्रतिरक्षा वाले व्यक्ति को आसानी से संक्रमित कर सकता है।

🎯 Exam Tip: कमजोरी (उपवास के कारण) और संक्रामक रोग के संपर्क (चेचक) के संयोजन को पुनः बीमार होने के मुख्य कारणों के रूप में उजागर करना आवश्यक है।

 

Question 6. निम्नलिखित में से किन परिस्थितियों में आप बीमार हो सकते हैं? क्यों?
(a) जब आपकी परीक्षा का समय है?
(b) जब आप बस तथा रेलगाड़ी में दो दिन तक यात्रा कर चुके हैं?
(c) जब आपका मित्र खसरा से पीड़ित है।
Answer: जब हम अपने मित्र की देखभाल कर रहे हो। जो खसरा से पीड़ित है तो हमें बीमार होने की अधिक संभावना होती है क्योंकि हम संक्रमण करने वाले सूक्ष्म जीवों के संपर्क में रहते हैं। यदि हमारा प्रतिरक्षा-तंत्र सक्रिय नहीं होगा और यह हमारे शरीर में प्रवेश करने वाले सूक्ष्म जीवों को मारने में सक्षम नहीं है तो हमारे बीमार होने की संभावना अधिक बढ़ जाती है। खसरा एक संक्रामक रोग है जो वायरस के संक्रमण से बीमार आदमी के संपर्क में रहने से अधिक फैलता है।
In simple words: खसरा से पीड़ित मित्र की देखभाल करते समय हम बीमार हो सकते हैं क्योंकि खसरा एक संक्रामक वायरल रोग है जो सीधे संपर्क से फैलता है, और यदि हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है, तो संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है।

🎯 Exam Tip: संक्रामक रोगों के सीधे संपर्क में आने से बीमारी का खतरा बढ़ जाता है, खासकर जब प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो। परीक्षा के तनाव या यात्रा से थकान सीधे बीमारी का कारण नहीं बनती, बल्कि प्रतिरक्षा को कमजोर कर सकती है।

 

Question 7. यदि आप किसी एक संक्रामक रोग के टीके की खोज कर सकते हो तो आप किसको चुनते हैं?
(a) स्वयं को,
(b) अपने क्षेत्र में फैले एक सामान्य रोग की ।
Answer: यदि हम किसी संक्रामक रोग का टीका तैयार करते हैं तो हम इसका प्रयोग अपने क्षेत्र में सामान्य रोगों के निवारण के लिए करेंगे क्योंकि ऐसा करने से हम अपने क्षेत्र के बहुत-से व्यक्तियों में सामान्य रोगों को फैलने से रोक सकते हैं। यदि हम टीके का प्रयोग केवल स्वयं पर करेंगे तो केवल हम अपने आप को ही रोगों से बचा सकते हैं।
In simple words: यदि मुझे किसी संक्रामक रोग के टीके की खोज करनी हो, तो मैं अपने क्षेत्र में फैले एक सामान्य रोग के लिए टीका चुनूँगा, क्योंकि इससे अधिक से अधिक लोगों को लाभ होगा और समुदाय में बीमारी के प्रसार को रोका जा सकेगा।

🎯 Exam Tip: व्यक्तिगत बनाम सामुदायिक लाभ के तर्क में, जन स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से सामुदायिक लाभ को प्राथमिकता देना सही उत्तर होगा।

 

अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

Question 1. स्वास्थ्य की परिभाषा दीजिए ।
Answer: स्वास्थ्य व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक तथा सामाजिक जीवन की एक समग्र समन्वयित अवस्था है।
In simple words: स्वास्थ्य शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से पूरी तरह ठीक होने की अवस्था है, न कि केवल बीमारी का न होना।

🎯 Exam Tip: स्वास्थ्य की परिभाषा में शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण के तीनों आयामों को शामिल करना आवश्यक है।

 

Question 2. किसी व्यक्ति का स्वास्थ्य किन कारकों पर निर्भर करता है?
Answer: किसी व्यक्ति का स्वास्थ्य उसके भौतिक पर्यावरण तथा आर्थिक अवस्था पर निर्भर करता है।
In simple words: किसी व्यक्ति का स्वास्थ्य उसके आस-पास के वातावरण (जैसे स्वच्छता) और उसकी आर्थिक स्थिति (जैसे भोजन और चिकित्सा तक पहुँच) पर निर्भर करता है।

🎯 Exam Tip: भौतिक पर्यावरण (स्वच्छता, आवास) और आर्थिक स्थिति (पोषण, स्वास्थ्य सेवा) को स्वास्थ्य के प्रमुख निर्धारकों के रूप में पहचानें।

 

Question 3. रोग के लक्षण से आप क्या समझते हैं?
Answer: किसी अंग या तंत्र की संरचना या क्रिया में परिवर्तन परिलक्षित होना रोग का लक्षण कहलाता है।
In simple words: रोग का लक्षण शरीर के किसी अंग या कार्यप्रणाली में होने वाला वह बदलाव है जिसे हम देख या महसूस कर सकते हैं, जो बीमारी का संकेत देता है।

🎯 Exam Tip: 'लक्षण' को शरीर के भीतर के परिवर्तनों के बाहरी या महसूस किए जाने वाले संकेत के रूप में परिभाषित करना चाहिए।

 

Question 4. दो असंक्रामक रोगों के नाम लिखिए।
Answer: (i) कैंसर, (ii) हृदय रोग।
In simple words: कैंसर और हृदय रोग दो ऐसे असंक्रामक रोग हैं जो सीधे संपर्क से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलते।

🎯 Exam Tip: असंक्रामक रोगों के उदाहरणों में जीवनशैली से संबंधित बीमारियाँ शामिल हैं जो रोगाणुओं से नहीं फैलतीं।

 

Question 5. लैंगिक संपर्क से होने वाले दो रोगों के नाम लिखिए।
Answer: (i) सिफिलिस, (ii) एड्स (AIDS)।
In simple words: सिफिलिस और एड्स (AIDS) दो ऐसे रोग हैं जो मुख्य रूप से लैंगिक संपर्क से फैलते हैं।

🎯 Exam Tip: लैंगिक संपर्क से फैलने वाले रोगों (STDs) के सामान्य उदाहरणों को याद रखें।

 

Question 6. प्रोटोजोआ से होने वाले दो रोगों के नाम लिखिए।
Answer: मलेरिया, अमीबी पेचिश ।
In simple words: मलेरिया और अमीबी पेचिश दो रोग हैं जो प्रोटोजोआ नामक सूक्ष्मजीवों के कारण होते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रोटोजोआ जनित रोगों के लिए मलेरिया और अमीबी पेचिस सामान्य उदाहरण हैं।

 

Question 7. मलेरिया के रोगाणु का नाम लिखो ।
Answer: प्लाज्मोडियम वाइवैक्स या मलेरिया परजीवी ।
In simple words: मलेरिया का कारण प्लाज्मोडियम वाइवैक्स नामक परजीवी है।

🎯 Exam Tip: मलेरिया के कारक जीव के रूप में 'प्लाज्मोडियम' का नाम याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 8. मलेरिया परजीवी का वाहक कौन-सा मच्छर है?
Answer: मादा एनोफिलीज ।
In simple words: मादा एनोफिलीज मच्छर मलेरिया परजीवी का वाहक है, जो बीमारी फैलाता है।

🎯 Exam Tip: मलेरिया के वाहक के रूप में 'मादा एनोफिलीज' मच्छर को स्पष्ट रूप से बताना आवश्यक है।

 

Question 9. AIDS का पूरा नाम क्या है?
Answer: AIDS = Acquired Immuno Deficiency Syndrome. (एक्वायर्ड इमनो डेफिसिंसी सिनड्रोम)।
In simple words: AIDS का पूर्ण रूप 'एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिसिएंसी सिंड्रोम' है।

🎯 Exam Tip: AIDS के पूर्ण रूप को अंग्रेजी और हिंदी दोनों में सही वर्तनी के साथ याद रखना चाहिए।

 

Question 10. तीव्र रोग क्या हैं?
Answer: वे रोग जो कम अवधि के लिए होते हैं, तीव्र रोग कहलाते हैं।
In simple words: तीव्र रोग वे होते हैं जो कम समय के लिए रहते हैं और आमतौर पर तेजी से ठीक हो जाते हैं।

🎯 Exam Tip: तीव्र रोगों की मुख्य विशेषता उनकी 'कम अवधि' है।

 

Question 11. दीर्घकालिक रोग क्या हैं?
Answer: वे रोग जो लम्बी अवधि के लिए होते हैं, दीर्घकालिक रोग कहलाते हैं।
In simple words: दीर्घकालिक रोग वे होते हैं जो लंबे समय तक बने रहते हैं और अक्सर ठीक होने में भी लंबा समय लेते हैं।

🎯 Exam Tip: दीर्घकालिक रोगों की मुख्य विशेषता उनकी 'लम्बी अवधि' है।

 

Question 12. रोगों के कोई लक्षण लिखिए।
Answer: दर्द, सिर दर्द, बुखार, वमन (उल्टी आना), चक्कर आना, कमजोरी अनुभव होना ।
In simple words: रोगों के सामान्य लक्षणों में दर्द, सिरदर्द, बुखार, उल्टी, चक्कर आना और कमजोरी शामिल हैं।

🎯 Exam Tip: विभिन्न रोगों के सामान्य और आसानी से पहचाने जाने वाले लक्षणों को याद रखना उपयोगी होता है।

 

Question 13. एक व्यक्ति का स्वास्थ्य लगातार खराब चल रहा है, वह तीव्र या दीर्घकालिक किस रोग से पीड़ित है?
Answer: व्यक्ति दीर्घकालिक रोग से पीड़ित हैं।
In simple words: यदि किसी व्यक्ति का स्वास्थ्य लगातार खराब चल रहा है, तो वह दीर्घकालिक रोग से पीड़ित माना जाएगा क्योंकि ऐसे रोग लंबे समय तक बने रहते हैं।

🎯 Exam Tip: 'लगातार खराब स्वास्थ्य' का संकेत दीर्घकालिक रोग की ओर इशारा करता है, न कि तीव्र रोग की ओर।

 

Question 14. कोई दो संक्रामक रोग के नाम लिखिए।
Answer: सर्दी-जुकाम, क्षयरोग, AIDS आदि ।
In simple words: सर्दी-जुकाम, क्षयरोग और एड्स ऐसे रोग हैं जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकते हैं।

🎯 Exam Tip: संक्रामक रोगों के उदाहरणों में आसानी से फैलने वाली बीमारियाँ शामिल होती हैं।

 

Question 15. क्या संक्रामक और संचारित रोग एक ही हैं?
Answer: हाँ, क्योंकि संक्रामक रोग ही संचारित होते हैं।
In simple words: हाँ, संक्रामक रोग और संचारित रोग एक ही होते हैं, क्योंकि संक्रामक रोग ही एक व्यक्ति से दूसरे में संचारित होते हैं।

🎯 Exam Tip: 'संक्रामक' और 'संचारित' शब्द अक्सर एक दूसरे के स्थान पर उपयोग किए जाते हैं, जो रोगजनकों द्वारा फैलने वाली बीमारियों का वर्णन करते हैं।

 

Question 16. संक्रामक कारकों के फैलने के क्या साधन हैं?
Answer: संक्रामक कारक वायु, जल, सम्पर्क या लैंगिक सम्पर्क द्वारा फैलते हैं।
In simple words: संक्रामक कारक हवा, पानी, सीधा संपर्क या लैंगिक संपर्क जैसे विभिन्न माध्यमों से फैलते हैं।

🎯 Exam Tip: संक्रामक रोगों के संचरण के मुख्य माध्यमों - वायु, जल, संपर्क और लैंगिक संपर्क - को याद रखना चाहिए।

 

Question 17. विषाणु (वायरस) से होने वाले रोगों के नाम लिखिए ।
Answer: चेचक, खसरा, चिकन पॉक्स, पोलियो माइलिटिस, डेंगू, ल्यूकेमिया, रेबीज ।
In simple words: विषाणु (वायरस) से होने वाले कुछ रोग चेचक, खसरा, चिकन पॉक्स, पोलियो, डेंगू और रेबीज हैं।

🎯 Exam Tip: वायरस जनित रोगों के कुछ सामान्य उदाहरणों को याद रखना उपयोगी है।

 

Question 18. जीवाणु से उत्पन्न होने वाले चार रोगों के नाम लिखो ।
Answer: क्षयरोग (T.B.), कुष्ठ रोग, हैजा, टेटनेस, न्यूमोनिया, भोजन विषाक्तता।
In simple words: जीवाणु (बैक्टीरिया) से होने वाले कुछ रोग क्षयरोग, कुष्ठ रोग, हैजा और टेटनस हैं।

🎯 Exam Tip: जीवाणु जनित रोगों के लिए क्षयरोग, हैजा, टिटनेस और निमोनिया जैसे सामान्य उदाहरणों को याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 19. फीलपाँव किसके कारण होता है?
Answer: फील पाँव कृमि की विभिन्न स्पीशीज द्वारा उत्पन्न होता है।
In simple words: फीलपाँव, जिसे हाथीपाँव भी कहते हैं, कृमि (परजीवी कीड़े) की विभिन्न प्रजातियों के कारण होता है।

🎯 Exam Tip: फीलपाँव के कारक के रूप में 'कृमि' या 'परजीवी कीड़े' को पहचानना सही है।

 

Question 20. दो एंटीबायोटिक के नाम लिखिए।
Answer: दो एंटीबायोटिक-पेनिसिलीन एवं टेट्रासाइक्लीन ।
In simple words: पेनिसिलीन और टेट्रासाइक्लीन दो प्रमुख एंटीबायोटिक दवाएं हैं।

🎯 Exam Tip: दो सामान्य एंटीबायोटिक दवाओं के नाम - पेनिसिलीन और टेट्रासाइक्लीन - को याद रखना चाहिए।

 

Question 21. मलेरिया बुखार के लिए प्रयोग की जाने वाली दवा का नाम लिखिए।
Answer: कुनैन ।
In simple words: मलेरिया बुखार के उपचार के लिए कुनैन नामक दवा का उपयोग किया जाता है।

🎯 Exam Tip: मलेरिया के उपचार में प्रयुक्त होने वाली मुख्य दवा 'कुनैन' को याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 22. पीलिया के मुख्य लक्षण क्या हैं?
Answer: पीलिया के मुख्य लक्षण हैं, भूख न लगना, मितली एवं उल्टी होना।
In simple words: पीलिया के मुख्य लक्षण भूख न लगना, मतली, उल्टी और त्वचा/आँखों का पीला पड़ना शामिल हैं।

🎯 Exam Tip: पीलिया के प्रमुख लक्षणों में भूख न लगना और मितली/उल्टी के साथ-साथ त्वचा और आँखों का पीला पड़ना भी शामिल होता है।

 

Question 23. कुत्ते या बंदर के काटने से कौन-सा रोग ले सकता है?
Answer: रैबीज ।
In simple words: कुत्ते या बंदर के काटने से रैबीज नामक खतरनाक रोग हो सकता है।

🎯 Exam Tip: कुत्ते और बंदर के काटने से होने वाले प्रमुख रोग के रूप में 'रेबीज' को याद रखें।

 

Question 24. एड्स के रोगाणु का नाम लिखिए ।
Answer: एड्स का रोगाणु है HIV।
In simple words: एड्स का कारण बनने वाला रोगाणु ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस (HIV) है।

🎯 Exam Tip: एड्स के कारक जीव के रूप में 'HIV' का नाम याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 25. शारीरिक अंगों की कुसंक्रिया से उत्पन्न कोई दो रोगों के नाम लिखिए।
Answer: हृदय गति रुक जाना, गुर्दा खराब हो जाना, मोतियाबिन्द ।
In simple words: शारीरिक अंगों के ठीक से काम न करने से हृदय गति रुकना और गुर्दा खराब होना जैसे रोग हो सकते हैं।

🎯 Exam Tip: अंग-विशिष्ट कुसंक्रिया से संबंधित रोगों के उदाहरणों में हृदय, गुर्दे और आँखों के विकार शामिल हैं।

 

Question 26. हवा द्वारा फैलने वाले दो रोगों के नाम लिखिए।
Answer: खाँसी-जुकाम, निमोनिया ।
In simple words: खाँसी-जुकाम और निमोनिया दो ऐसे रोग हैं जो मुख्य रूप से हवा के माध्यम से फैलते हैं।

🎯 Exam Tip: हवा से फैलने वाले रोगों के उदाहरणों में श्वसन संबंधी बीमारियाँ जैसे जुकाम और निमोनिया शामिल हैं।

 

Question 27. जल द्वारा फैलने वाले दो रोगों के नाम लिखिए ।
Answer: हैजा, पीलिया।
In simple words: हैजा और पीलिया दो ऐसे रोग हैं जो दूषित पानी पीने से फैलते हैं।

🎯 Exam Tip: जल जनित रोगों के उदाहरणों में हैजा और पीलिया जैसे पाचन संबंधी बीमारियाँ शामिल हैं।

 

Question 28. यदि कोई व्यक्ति जल्दी-जल्दी थक जाये तथा शरीर का वजन कम हो रहा हो, तो वह संभवतः कौन-सी बीमारी से पीड़ित है?
Answer: क्षयरोग (T.B.)।
In simple words: यदि कोई व्यक्ति जल्दी थकता है और उसका वजन कम हो रहा है, तो उसे क्षयरोग (T.B.) होने की संभावना हो सकती है।

🎯 Exam Tip: वजन कम होना और थकान क्षयरोग के प्रमुख लक्षण हैं, जो अन्य बीमारियों में भी दिख सकते हैं, लेकिन क्षयरोग एक मजबूत संभावना है।

 

Question 29. BCG का टीका किस रोग के लिए लगाया जाता है?
Answer: क्षयरोग ।
In simple words: BCG का टीका क्षयरोग (टी.बी.) से बचाव के लिए लगाया जाता है।

🎯 Exam Tip: BCG टीके का संबंध सीधे 'क्षयरोग' से है।

 

Question 30. DPT का टीका किस-किस रोग के लिए लगाया जाता है?
Answer: DPT का टीका डिफ्थीरिया, कुकर खाँसी एवं टेटनस के लिए लगाया जाता है।
In simple words: DPT का टीका डिफ्थीरिया, कुकर खाँसी और टेटनस नामक तीन रोगों से बचाने के लिए लगाया जाता है।

🎯 Exam Tip: DPT टीके द्वारा प्रतिरक्षित तीन बीमारियों - डिप्थीरिया, कुकर खाँसी, टेटनस - को याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

लघु उत्तरीय प्रश्न

Question 1. क्या टीके व दवायें बाँटकर स्वास्थ्य को बनाये रखा जा सकता है?
Answer: नहीं, टीके व दवाएँ बाँटकर स्वास्थ्य को नहीं बनाए रखा जा सकता, उसके लिए सन्तुलित आहार, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्वच्छता भी आवश्यक है।
In simple words: केवल टीके और दवाएं बांटकर स्वास्थ्य को पूरी तरह बनाए नहीं रखा जा सकता; इसके लिए संतुलित आहार और व्यक्तिगत व सामुदायिक स्वच्छता भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।

🎯 Exam Tip: स्वास्थ्य एक समग्र अवधारणा है जिसमें दवाओं के साथ-साथ पोषण और स्वच्छता जैसे अन्य कारक भी शामिल हैं।

 

Question 2. हमें स्वच्छ कपड़े क्यों पहनने चाहिए?
Answer: कपड़ों में रोग उत्पन्न करने वाले रोगाणु एवं सूक्ष्मजीव चिपक जाते हैं। अगर कपड़े न बदले जाएँ व न धोये जाएँ तो वे लगातार वृद्धि करते रहते हैं। यही कारण है कि कपड़ों को रोगाणुओं की वृद्धि रोकने के लिए धोया जाता है।
In simple words: हमें स्वच्छ कपड़े पहनने चाहिए क्योंकि गंदे कपड़ों में रोगाणु और सूक्ष्मजीव पनपते हैं, जो बीमारी का कारण बन सकते हैं; कपड़ों को धोना इन रोगाणुओं को हटाकर संक्रमण को रोकता है।

🎯 Exam Tip: कपड़ों की स्वच्छता का सीधा संबंध रोगाणुओं के संचय और उनके द्वारा संक्रमण के जोखिम को कम करने से है।

 

Question 3. ट्रिपल वैक्सीन जो D.P.T. के नाम से जाना जाता है, कोई ऐसी दो बीमारियों के नाम बताओ जिनसे इस वैक्सीन द्वारा बचा जा सकता है।
Answer: (i) डिप्थीरिया, (ii) टेटनस ।
In simple words: DPT वैक्सीन डिप्थीरिया और टेटनस जैसी बीमारियों से बचाव करती है।

🎯 Exam Tip: DPT वैक्सीन द्वारा लक्षित तीनों रोगों - डिप्थीरिया, कुकर खाँसी, टेटनस - में से कोई भी दो नाम स्वीकार्य हैं।

 

Question 4. प्रत्यक्ष सम्पर्क से होने वाले दो मानव रोगों के नाम लिखो।
Answer: चेचक, क्षयरोग, खसरा ।
In simple words: चेचक और खसरा दो ऐसे रोग हैं जो सीधे शारीरिक संपर्क से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकते हैं।

🎯 Exam Tip: सीधे संपर्क से फैलने वाले संक्रामक रोगों के सामान्य उदाहरणों को याद रखें।

 

Question 5. क्षयरोग या टायफाइड के लक्षण लिखो ।
Answer:
टायफाइड के लक्षण-
1. लगातार तेज बुखार रहना ।
2. हरे दस्त एवं आँख व नाक से पानी बहना ।
क्षय रोग के लक्षण -
1. लगातार खाँसी रहना।
2. कफ के साथ रुधिर आना।
In simple words: टायफाइड के लक्षणों में लगातार तेज बुखार, हरे दस्त और आँख-नाक से पानी बहना शामिल है, जबकि क्षयरोग के लक्षणों में लगातार खाँसी और कफ के साथ खून आना शामिल है।

🎯 Exam Tip: टायफाइड और क्षयरोग दोनों के लिए कम से कम दो विशिष्ट लक्षणों का उल्लेख करना चाहिए।

 

Question 6. संक्रामक रोग क्या हैं?
Answer: संक्रामक कारकों द्वारा फैलने वाले रोग। संक्रामक रोग कहलाते हैं, क्योंकि संक्रामक कारक पीड़ित व्यक्ति से उसके सम्पर्क में आने वाले अन्य व्यक्ति को संचरित हो सकते हैं।
In simple words: संक्रामक रोग वे बीमारियाँ हैं जो सूक्ष्मजीवों (रोगजनकों) के कारण होती हैं और एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे स्वस्थ व्यक्ति में सीधे या परोक्ष रूप से फैल सकती हैं।

🎯 Exam Tip: संक्रामक रोगों की परिभाषा में 'कारक जीव' (रोगजनक) और 'संचरण क्षमता' दोनों को शामिल करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 7. शरीर के उस भाग/अंग का नाम लिखिए जिसे HIV एवं मलेरिया का रोगाणु प्रभावित करता है। फैलाने वाले सूक्ष्मजीव का नाम भी लिखिए ।
Answer: शरीर में प्रवेश करने के बाद HIV लिम्फ ग्रन्थियों को और मलेरिया फैलाने वाला रोगाणु यकृत एवं रक्त की लाल रुधिर कोशिकाओं (RBCs) को प्रभावित करता है। मलेरिया फैलाने वाला सूक्ष्मजीव प्लाज्मोडियम वाइवैक्स है।
In simple words: HIV लिम्फ ग्रंथियों को प्रभावित करता है, जबकि मलेरिया परजीवी (प्लाज्मोडियम वाइवैक्स) यकृत और लाल रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करता है।

🎯 Exam Tip: HIV लिम्फ नोड्स और प्रतिरक्षा कोशिकाओं को प्रभावित करता है, जबकि प्लाज्मोडियम यकृत और RBCs को प्रभावित करता है; दोनों के कारक जीवों का नाम भी उल्लेख करें।

 

Question 8. एंटीबायोटिक जीवाणु को कैसे समाप्त करता है?
Answer: जीवाणु अपनी सुरक्षा के लिए एक कोशिका भित्ति बना लेते हैं। एंटीबायोटिक कोशिका भित्ति बनाने वाली प्रक्रिया को बाधित कर देता है और जीवाणु आसानी से मर जाते हैं।
In simple words: एंटीबायोटिक जीवाणुओं को मारकर या उनकी वृद्धि रोककर काम करते हैं, अक्सर उनकी कोशिका भित्ति के निर्माण में बाधा डालकर, जिससे जीवाणु कमजोर हो जाते हैं और मर जाते हैं।

🎯 Exam Tip: एंटीबायोटिक की कार्यप्रणाली में 'कोशिका भित्ति संश्लेषण को बाधित करना' एक प्रमुख तंत्र है।

 

Question 9. 'जन स्वास्थ्य कार्यक्रम' के अन्तर्गत कौन सी बीमारियाँ रोकने का प्रयास किया जाता है?
Answer: डिप्थीरिया, काली खाँसी, टेटनस, खसरा और पोलियो के उन्मूलन का प्रयास 'जन-स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत किया जाता है।
In simple words: जन स्वास्थ्य कार्यक्रम डिप्थीरिया, काली खाँसी, टेटनस, खसरा और पोलियो जैसी संक्रामक बीमारियों को रोकने और समाप्त करने पर केंद्रित होता है।

🎯 Exam Tip: जन स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत शामिल प्रमुख टीकाकरण योग्य बीमारियों को सूचीबद्ध करें।

 

Question 10. हिपेटाइटिस के होने का कारण लिखिए ।
Answer: हिपेटाइटिस, हिपेटाइटिस वायरस के कारण. होता है। अलग-अलग प्रकार के हिपेटाइटिस वायरस अलग-अलग तरह की हिपेटाइटिस फैलाते हैं।
In simple words: हिपेटाइटिस मुख्य रूप से हिपेटाइटिस वायरस के विभिन्न प्रकारों (जैसे A, B, C) के संक्रमण के कारण होता है।

🎯 Exam Tip: हिपेटाइटिस के कारण के रूप में 'हिपेटाइटिस वायरस' का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 11. संक्रामक रोगों के निवारण के लिए कोई दो प्रभावशाली उपाय बताइए ।
Answer: संक्रामक रोगों के निवारण को प्रभावशाली बनाने के लिए आवश्यक है कि सार्वजनिक स्वच्छता तथा टीकाकरण की सुविधा सभी को उपलब्ध हो ।
In simple words: संक्रामक रोगों को रोकने के लिए सार्वजनिक स्वच्छता बनाए रखना और सभी के लिए टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराना दो सबसे प्रभावशाली उपाय हैं।

🎯 Exam Tip: संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए 'सार्वजनिक स्वच्छता' और 'टीकाकरण' दो प्रमुख और व्यापक उपाय हैं।

 

Question 12. AIDS (एड्स) रोग कैसे फैलता है?
Answer: AIDS असुरक्षित यौन सम्बन्धों एवं संक्रमित सुई के उपयोग द्वारा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। जब शरीर में AIDS के वायरस प्रवेश कर जाते हैं तो वे तेजी से प्रतिरक्षण संस्थान को निष्क्रिय करना शुरू कर देते हैं जिससे व्यक्ति कमजोर होता जाता है और अन्त में उसकी मृत्यु हो जाती है।
In simple words: एड्स असुरक्षित यौन संबंध और संक्रमित सुइयों के साझा उपयोग से फैलता है; यह वायरस शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को कमजोर कर देता है, जिससे व्यक्ति रोगों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है और अंततः मृत्यु हो जाती है।

🎯 Exam Tip: एड्स के संचरण के मुख्य माध्यमों - असुरक्षित यौन संबंध और संक्रमित सुई का उपयोग - को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए, साथ ही प्रतिरक्षा प्रणाली पर इसके प्रभाव का भी उल्लेख करें।

 

Question 13. जीवन रक्षक घोल या ORS बनाने की विधि लिखिए ।
Answer: जीवन रक्षक घोल या ORS बनाने की विधि-एक गिलास उबले पानी में एक चम्मच शक्कर एवं एक चुटकी नमक डालकर अच्छी तरह घोल लीजिए। आपका जीवन रक्षक घोल या ORS बनकर तैयार है।
In simple words: ORS बनाने के लिए एक गिलास उबले हुए पानी में एक चम्मच चीनी और एक चुटकी नमक मिलाकर अच्छी तरह घोल लें।

🎯 Exam Tip: ORS बनाने की विधि के लिए सही अनुपात (पानी, चीनी, नमक) और उबले पानी का उपयोग आवश्यक है।

 

Question 14. संक्रामक रोगों में क्या सावधानियाँ रखनी चाहिए?
Answer: संक्रामक रोगों में निम्नलिखित सावधानियाँ रखनी चाहिए-
• घर एवं घर के आसपास स्वच्छता रखनी चाहिए।
• अपने शरीर की नियमित सफाई करनी चाहिए।
In simple words: संक्रामक रोगों से बचने के लिए घर और आस-पास स्वच्छता बनाए रखनी चाहिए, साथ ही व्यक्तिगत स्वच्छता का भी नियमित ध्यान रखना चाहिए।

🎯 Exam Tip: संक्रामक रोगों की रोकथाम में व्यक्तिगत और पर्यावरणीय स्वच्छता के महत्व पर जोर दें।

 

Question 15. अच्छे स्वास्थ्य हेतु तीन मूल बातें क्या हैं?
Answer: अच्छे स्वास्थ्य हेतु निम्नलिखित तीन मूल बातें आवश्यक हैं-
• शरीर के विभिन्न भागों की उचित देखभाल तथा प्रबंध ।
• अच्छे तथा संतुलित आहार का लेना।
• उचित जैविक एवं भौतिक वातावरण।
In simple words: अच्छे स्वास्थ्य के लिए शरीर के अंगों की उचित देखभाल, संतुलित और पौष्टिक आहार तथा एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण आवश्यक है।

🎯 Exam Tip: अच्छे स्वास्थ्य के लिए पोषण, शारीरिक देखभाल और स्वच्छ वातावरण के संयोजन को याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 16. एंटीबायोटिक क्या हैं? ये कैसे कार्य करते हैं? ये जीवाणुजनित रोगों के नियंत्रण में किस प्रकार प्रभावकारी हैं?
Answer: एंटीबायोटिक वे रासायनिक पदार्थ हैं जो सूक्ष्म जीव (जीवाणु, कवक एवं मोल्ड) के द्वारा उत्पन्न किये जाते हैं और जो जीवाणु की वृद्धि को रोकते हैं या उन्हें मार देते हैं। जैसे- पेनिसिलीन, टेट्रासाइक्लीन, क्लोरएम्फेनीकॉल । बहुत-से जीवाणु अपनी सुरक्षा के लिए एक कोशिका भित्ति बना लेते हैं। एंटीबायोटिक कोशिका भित्ति बनाने की प्रक्रिया को रोक देते हैं और जीवाणु मर जाता है। पेनिसिलीन जीवाणु की कई स्पीशीज में कोशिका भित्ति बनाने की प्रक्रिया को रोक देता है और उन सभी स्पीशीज को मारने के लिए प्रभावकारी है।
In simple words: एंटीबायोटिक रासायनिक पदार्थ हैं जो जीवाणुओं की वृद्धि को रोकते या उन्हें मारते हैं, अक्सर उनकी कोशिका भित्ति के निर्माण को बाधित करके, जिससे जीवाणुजनित रोगों का प्रभावी ढंग से इलाज होता है।

🎯 Exam Tip: एंटीबायोटिक की परिभाषा, कार्यप्रणाली (कोशिका भित्ति अवरोध) और जीवाणुजनित रोगों के उपचार में उनकी प्रभावशीलता को स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question 17. संचरणीय तथा असंचरणीय रोगों में अन्तर कीजिए।
Answer: संचरणीय तथा असंचरणीय रोगों में प्रमुख अन्तर निम्नलिखित हैं-

संचरणीय या संक्रामक रोगअसंचरणीय या असंक्रामक रोग
1. ये रोग हानिकारक सूक्ष्म-जीवों या रोगाणुओं द्वारा होते हैं।1. ये रोग परजीवी जीव-धारियों के कारण, पोषक तत्त्वों की हीनता के कारण या उपापचयी त्रुटियों के कारण होते हैं।
2. रोगाणु (विषाणु, जीवाणु, कवक, प्रोटोजोआ आदि) वायु, जल, भोजन, कीट या शारीरिक संपर्क द्वारा रोगी व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में पहुँचते हैं।2. ये रोग, रोगी व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में नहीं फैलते।
3. सीधे सम्पर्क द्वारा इसका प्रसारण होता है।3. प्रसारण नहीं होता है।
4. यह रोगी व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में संचरित हो सकता है।4. इसका रोगी व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में संचरण नहीं होता।
उदाहरण-एड्स, चेचक, फ्लू, क्षयरोग, हैजा, मलेरिया आदि ।उदाहरण- मैरेस्मस, क्वाशिओरकोर, अरक्तता, बेंघा, स्कर्वी, सूखा रोग, मधुमेह आदि ।

In simple words: संचरणीय रोग सूक्ष्मजीवों (जैसे बैक्टीरिया, वायरस) के कारण होते हैं और एक व्यक्ति से दूसरे में फैलते हैं, जबकि असंक्रामक रोग पोषण की कमी, आनुवंशिक कारकों या जीवनशैली से संबंधित होते हैं और फैलते नहीं हैं।

🎯 Exam Tip: संचरणीय और असंक्रामक रोगों के बीच अंतर करते समय, उनके कारण, संचरण के तरीके और उदाहरणों को स्पष्ट रूप से बताना महत्वपूर्ण है।

 

Question 18. भारत में उच्च मृत्युःक्षके दो कारण बताइए ।
Answer: भारत में उच्च मृत्यु दर के कारणः (Reasons for High Mortality Rate in India)-
• गरीबी (Poverty) - यह उच्च मृत्यु दर का मुख्य कारण है जिसने लोग बच्चों को संतुलित आहार नहीं दे पाते|
• शिक्षा की कमी - अधिसंख्य लोग अशिक्षित हैं। तथा वे बच्चों की बीमारियाँ, व्यक्तिगत स्वच्छता, संतुलित आहार के महत्त्व के बारे में नहीं जानते।
In simple words: भारत में उच्च मृत्यु दर के प्रमुख कारणों में गरीबी शामिल है, जिससे पोषण की कमी होती है, और शिक्षा की कमी, जिसके कारण लोग स्वास्थ्य और स्वच्छता के महत्व को नहीं समझ पाते।

🎯 Exam Tip: उच्च मृत्यु दर के सामाजिक-आर्थिक कारकों जैसे गरीबी और शिक्षा की कमी पर ध्यान केंद्रित करें।

 

Question 19. निम्नलिखित रोगों के कारक जीव का नाम लिखिए।
मलेरिया, रैबीज, एन्फ्लु एंजा, क्षय रोग ।
Answer:

रोगकारक जीव
1. मलेरिया (Malaria)1. प्लाज्मोडियम (Plasmodium) प्रोटोजोआ परजीवी।
2. रैबीज (Rabies)2. रैबीज विषाणु (Rabies Virus)
3. इन्फ्लुन्जा (Influenza)3. मिक्सो वाइरस इंफ्लुएन्जाई (Myxo Virus Influenzae)
4. क्षय रोग (Tuberculosis)4. माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस (Myco-bacterium tuberculosis) ।

In simple words: मलेरिया प्लाज्मोडियम परजीवी से, रैबीज रैबीज वायरस से, इन्फ्लुएंजा मिक्सोवायरस इंफ्लुएंजाई से और क्षयरोग माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस से होता है।

🎯 Exam Tip: प्रत्येक रोग के कारक जीव (प्रोटोजोआ, वायरस, बैक्टीरिया) के नाम को सही ढंग से याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 20. खाने में आयोडीन युक्त नमक का उपयोग क्यों किया जाता है?
Answer: थॉयराइड अंतःस्रावी ग्रंथि से थाइरॉक्सिन स्रावित होता है। थाइरॉक्सिन हार्मोन स्रावण के लिए आयोडीन अनिवार्य तत्त्व है। शरीर में आयोडीन की कमी से थाइरॉइड ग्रंथि से थाइरॉक्सिन हार्मोन उचित मात्रा में स्रावित नहीं हो पाता।। शरीर की आवश्यकता की पूर्ति हेतु ग्रंथि आकार में बड़ी । हो जाती है, जिससे घेघा (goiter) रोग हो जाता है। आयोडीन प्राकृतिक रूप में हमें जल या समुद्री खाद्य पदार्थों के माध्यम से प्राप्त होता है। शरीर में आयोडीन की पूर्ति हेतु आयोडीनयुक्त नमक का प्रयोग किया जाता है।
In simple words: खाने में आयोडीन युक्त नमक का उपयोग इसलिए किया जाता है क्योंकि आयोडीन थायरॉयड ग्रंथि द्वारा थायरोक्सिन हार्मोन के उत्पादन के लिए आवश्यक है, जिसकी कमी से घेघा रोग हो सकता है।

🎯 Exam Tip: आयोडीन के महत्व को थायरॉयड हार्मोन उत्पादन और घेघा रोग की रोकथाम से जोड़कर स्पष्ट करें।

 

Question 21. अल्पपोषण एवं कुपोषण के फलस्वरूप प्रदर्शित होने वाले चार लक्षण लिखिए।
Answer: अल्पपोषण एवं कुपोषण के लक्षण-
• व्यक्ति दुबला-पतला दिखाई देता है।
• मांसपेशियों के अभाव में त्वचा झुर्सदार हो जाती है।
• चेहरा पीलापन प्रदर्शित करता है।
• नेत्र थके हुए एवं पलकें भारी-भारी दिखाई देती हैं।
In simple words: अल्पपोषण और कुपोषण के लक्षणों में शरीर का दुबलापन, मांसपेशियों की कमी से झुर्रीदार त्वचा, चेहरे का पीलापन और थकी हुई व भारी पलकें शामिल हैं।

🎯 Exam Tip: अल्पपोषण और कुपोषण के शारीरिक संकेतों जैसे वजन, त्वचा और आँखों के प्रभावों को याद रखें।

 

Question 22. “जीवाणु को एंटीबायोटिक प्रभावित करते हैं, पर मानव को नहीं।” क्यों?
Answer: एंटीबायोटिक सामान्यतया जीवाणु कोशिका में कोशिका भित्ति बनने की प्रक्रिया को बाधित करते हैं। कोशिका भित्ति रक्षात्मक आवरण है। कोशिका भित्ति ने बनने के कारण जीवाणु कोशिकाएँ सुगमता से नष्ट हो जाती हैं। मानव कोशिकाओं में कोशिका भित्ति नहीं होती । अतः मनुष्य एंटीबायोटिक से प्रभावित नहीं होता ।
In simple words: एंटीबायोटिक जीवाणुओं को प्रभावित करते हैं क्योंकि वे उनकी कोशिका भित्ति के निर्माण को रोकते हैं, जबकि मानव कोशिकाओं में कोशिका भित्ति नहीं होती, इसलिए वे एंटीबायोटिक दवाओं से अप्रभावित रहती हैं।

🎯 Exam Tip: एंटीबायोटिक की चयनात्मक विषाक्तता का कारण कोशिका भित्ति की अनुपस्थिति को मानव कोशिकाओं में और जीवाणु कोशिकाओं में इसकी उपस्थिति को स्पष्ट करना है।

 

Question 23. एन्टीबैक्टीरियल ओषधि की अपेक्षा ऐन्टीवायरल ओषधि बनाना अधिक कठिन है। क्यों?
Answer: वाइरस की अपनी जैव रासायनिक प्रक्रिया बहुत कम होती है। ये हमारे शरीर की कोशिकाओं में प्रवेश करके अपने जीवन-प्रक्रम के लिए हमारे कोशिका तंत्र का उपयोग करते हैं। इसका अर्थ है कि ऐसे बहुत कम विशिष्ट वाइरस हैं जिन पर आक्रमण किया जा सके।
In simple words: एंटीवायरल दवाएं बनाना एंटीबैक्टीरियल दवाओं की तुलना में अधिक कठिन है क्योंकि वायरस मेजबान कोशिका की मशीनरी का उपयोग करते हैं और उनमें अपनी बहुत कम जैव-रासायनिक प्रक्रियाएं होती हैं, जिससे उन्हें लक्षित करना मुश्किल हो जाता है।

🎯 Exam Tip: एंटीवायरल दवाओं की कठिनाई को वायरस की 'सीमित जैव-रासायनिक प्रक्रियाओं' और 'मेजबान कोशिका मशीनरी का उपयोग' करने से जोड़कर समझाएं।

 

Question 24. निम्नलिखित प्रत्येक रोगों के कारक जीव सारणी रूप में बताइए-
(a) सिफिलिस
(b) क्षयरोग
(c) पीलिया
(d) जापानी मस्तिष्क ज्वर
Answer:

रोग का नामरोग फैलने के साधन
1. सिफिलिसलैंगिक सम्पर्क
2. क्षयरोगवायु
3. पीलियाजल
4. जापानी मस्तिष्क ज्वरमच्छर के काटने से

In simple words: सिफिलिस लैंगिक संपर्क से, क्षयरोग वायु से, पीलिया दूषित जल से और जापानी मस्तिष्क ज्वर मच्छर के काटने से फैलता है।

🎯 Exam Tip: प्रत्येक रोग के सही संचरण माध्यम को स्पष्ट रूप से बताना महत्वपूर्ण है।

 

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

Question 1. मलेरिया के लक्षण और बचने के उपाय लिखिए।
Answer: मलेरिया के लक्षण-मलेरिया से पीड़ित व्यक्ति निम्न लक्षण प्रदर्शित करता है|
• सर्दी तथा कंपकंपी के साथ तेज बुखार, मितली तथा सिरदर्द मलेरिया के मुख्य लक्षण हैं।
• बुखार उतरने के बाद शरीर का ताप सामान्य स्तर तक आ जाता है।
• बुखार कुछ घंटे या कुछ दिनों के अंतराल से लगातार आता है।
बचाव व रोकथाम के उपाय - मलेरिया मादा एनोफिलीज के काटने से पीड़ित व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में फैलता है। अतः मच्छर के काटने से बचना ही मलेरिया से रोकथाम का एकमात्र उपाय है। इसके लिए निम्नलिखित उपाय करें-
• खिड़की तथा दरवाजों पर महीन जाली लगाएँ।
• मच्छर भगाने या मारने वाले रसायन का प्रयोग करें।
• पानी का जमाव न होने दें। कूलर, टंकी या टायरों में पानी जमा न होने दें। मच्छर हमेशा रुके हुए पानी में अंडे देते हैं।
• गड्डों व नालियों में कीटनाशक दवाओं, जैसे- डी.डी.टी., बी.एच.सी. आदि का छिड़काव करें।
• मच्छरों के प्रजनन स्थानों को नष्ट कर दें। रोग का नियंत्रण-रोग होने पर कुनैन (सिनकोना वृक्ष की छाल से प्राप्त) ओषधि का प्रयोग करें।
In simple words: मलेरिया के लक्षणों में सर्दी, कंपकंपी के साथ तेज बुखार, मितली और सिरदर्द शामिल हैं, जो अंतराल पर आते हैं। इससे बचने के लिए मच्छरों के काटने से बचाव जरूरी है; जैसे जाली लगाना, मच्छरदानी का उपयोग करना, पानी जमा न होने देना और कीटनाशकों का छिड़काव करना।

🎯 Exam Tip: मलेरिया के मुख्य लक्षणों (बुखार के पैटर्न सहित) और रोकथाम के उपायों (मच्छर नियंत्रण पर केंद्रित) को विस्तार से बताएं।

 

Question 2. उदाहरण देकर उल्लेख कीजिए जब रोगाणु द्वारा प्रवेश स्थान से सम्बन्धित अंग संक्रमित नहूँ किये जाते।
Answer: कई रोगाणु ऐसे हैं जो संक्रमण उन अंगों में करते हैं जो उसके प्रवेश स्थान से सम्बन्धित नहीं हैं। जैसे HIV का विषाणु (Virus) जनन अंगों से प्रवेश करता है। लेकिन पूरे शरीर की लसिका ग्रन्थियों में फैल जाता है। और शरीर के प्रतिरक्षी संस्थान को हानि पहुँचाता है। इसी तरह मलेरिया का रोगाणु त्वचा के द्वारा प्रवेश करता है, रक्त की लाल रुधिर कोशिकाओं को नष्ट करता है। इसी प्रकार जापानी मस्तिष्क ज्वर का विषाणु मच्छर के काटने से त्वचा से प्रवेश करता है और मस्तिष्क को संक्रमित करता है।
In simple words: कुछ रोगाणु शरीर में प्रवेश के स्थान से अलग अंगों को संक्रमित करते हैं; जैसे HIV जनन अंगों से प्रवेश कर लिम्फ ग्रंथियों को प्रभावित करता है, मलेरिया त्वचा से प्रवेश कर रक्त और यकृत को, और जापानी मस्तिष्क ज्वर मच्छर के काटने से त्वचा से प्रवेश कर मस्तिष्क को संक्रमित करता है।

🎯 Exam Tip: HIV, मलेरिया और जापानी मस्तिष्क ज्वर के उदाहरणों के माध्यम से समझाएं कि कैसे रोगजनक प्रवेश स्थान से दूर के अंगों को लक्षित करते हैं।

 

Question 3. शोथ (Inflammation) क्या है? इसके लक्षण एवं फैलने के कारण लिखिए।
Answer: जब शरीर के किसी अंग में संक्रमण होता है, तो शरीर का प्रतिरक्षी तंत्र रोगाणुओं से लड़ने और उन्हें मारने के लिए अनेक विशिष्ट प्रकार की कोशिकाएँ निर्मित करता है। नयी कोशिकाओं के निर्माण का प्रक्रम शोथ (Inflammation) कहलाता है। उसे प्रक्रम के परिणामस्वरूप सूजन (Swelling), दर्द एवं बुखार जैसे लक्षण परिलक्षित होते
In simple words: शोथ (Inflammation) शरीर की वह प्रतिक्रिया है जो संक्रमण या चोट के जवाब में होती है, जिसमें प्रतिरक्षा तंत्र रोगाणुओं से लड़ने के लिए नई कोशिकाएं बनाता है, जिसके परिणामस्वरूप सूजन, दर्द और बुखार जैसे लक्षण होते हैं।

🎯 Exam Tip: शोथ की परिभाषा में प्रतिरक्षा तंत्र की प्रतिक्रिया, नई कोशिकाओं का निर्माण और उसके विशिष्ट लक्षणों (सूजन, दर्द, बुखार) को स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question 4. रोगों के उपचार के सिद्धान्त एवं उपाय लिखिए।
Answer: रोगों के उपचार के उपाय दो प्रकार के हैं जो निम्न दो चरणों में पूरे होते हैं
(i) रोग के लक्षणों को कम करने के लिए उपचार ।
(ii) रोगाणु को मारने के लिए उपचार।
(i) रोग के लक्षणों को कम करने के लिए उपचार - प्रथम चरण में दवाएँ रोग के लक्षण दूर और कम करने के लिए दी जाती हैं। जैसे-शोथ के लक्षण परिलक्षित होने पर दर्द तथा बुखार को कम करने के लिए दवाएँ दी जाती हैं। यह लक्षण आधारित उपचार कहलाता है।
(ii) रोगाणु को मारने के लिए उपचार - प्रथम चरण में, रोग के लक्षण और प्रभाव से आराम पाने के लिए उपचार किया जाता है, लेकिन दूसरे चरण में रोगाणु को मारने के लिए दवाएँ दी जाती हैं। उदाहरणार्थ-जीवाणु (Bacteria) को मारने के लिए एंटीबायोटिक या मलेरिया परजीवी को मारने के लिए कुनैन का प्रयोग किया जाता है।
In simple words: रोगों के उपचार के दो मुख्य सिद्धांत हैं: पहला, लक्षणों को कम करना (जैसे दर्द या बुखार के लिए दवाएं देना), और दूसरा, रोग पैदा करने वाले रोगाणु को सीधे मारना (जैसे जीवाणु के लिए एंटीबायोटिक या मलेरिया परजीवी के लिए कुनैन)।

🎯 Exam Tip: उपचार के दोहरे सिद्धांत - लक्षणों का प्रबंधन और रोगजनकों का उन्मूलन - को स्पष्ट रूप से समझाएं और प्रत्येक के लिए उदाहरण दें।

 

Question 5. “उपचार से निवारण (रोकथाम) बेहतर है”, विवेचना कीजिए ।
अथवा
किसी रोग के हानिप्रद प्रभाव क्या हैं?
Answer: यदि कोई व्यक्ति रोग से पीड़ित है और उचित उपचार के पश्चात् रोग से छुटकारा पा जाता है, फिर भी रोग होने के कारण निम्न हानिप्रद प्रभाव होते हैं-
(i) यदि व्यक्ति बीमार हो जाए तो उसकी शारीरिक क्रियाओं को बहुत हानि होती है और वे पूर्णतः सुचारु नहीं हो पातीं।
(ii) उपचार में लम्बा समय लगता है और उसे काफी समय तक विस्तर पर आराम करना पड़ता है।
(iii) पीड़ित व्यक्ति, यदि संक्रमित है तो संक्रमण अन्य व्यक्तियों तक फैला सकता है। इसीलिए कहा गया है कि निवारण रोग के उपचार से बेहतर है (Prevention is better than cure)।
In simple words: रोग का उपचार करने से कहीं बेहतर है उसे रोकना, क्योंकि बीमार होने पर शारीरिक कार्य बाधित होते हैं, उपचार में लंबा समय लगता है, और संक्रमित व्यक्ति दूसरों में रोग फैला सकता है।

🎯 Exam Tip: रोकथाम के महत्व को शारीरिक क्षति, उपचार की लंबी अवधि और संक्रमण के प्रसार के जोखिम जैसे बीमारी के नकारात्मक प्रभावों से जोड़कर समझाएं।

 

Question 6. झोपड़ियों की किसी बस्ती में मलेरिया फैला हुआ है। उस अस्वास्थ्यकर परिस्थिति का विवरण दीजिए जो उस बस्ती में अवश्य उपस्थित होगी। डॉक्टर मलेरिया के निदान की पुष्टि किस प्रकार करते हैं?


Answer: मलेरिया के लिए अस्वास्थ्यकर परिस्थिति है-गंदे पानी का जमाव और वहाँ पर मादा एनोफिलीज मच्छरों का होना। मलेरिया के निदान की पुष्टि के लिए डॉक्टर रोगी का रुधिर लेकर उसका सूक्ष्मदर्शी द्वारा परीक्षण करते हैं। रुधिर में मलेरिया रोगाणु की उपस्थिति मलेरिया की पुष्टि करती है।
In simple words: मलेरिया उन बस्तियों में फैलता है जहाँ गंदा पानी जमा होता है, जिससे मादा एनोफिलीज मच्छर पैदा होते हैं। डॉक्टर रोगी के खून की जाँच कर उसमें मलेरिया के परजीवी की पहचान करके बीमारी की पुष्टि करते हैं।

🎯 Exam Tip: मलेरिया फैलने की परिस्थितियों और उसके निदान की प्रक्रिया का सटीक विवरण दें।

 

Question 7. ऊतकों या अंगों में संक्रमण रोगाणु के शरीर में प्रवेश पर किस प्रकार निर्भर करता है?


Answer: जैसा कि हम जानते हैं रोगाणु विभिन्न माध्यमों से शरीर में प्रवेश करते हैं। किसी ऊतक या अंग में संक्रमण उसके शरीर में प्रवेश के स्थान पर निर्भर करता है। उदाहरणार्थ- (i) यदि रोगाणु वायु के द्वारा नाक से प्रवेश करता है तो संक्रमण फेफड़ों में होता है, जैसे कि क्षयरोग में। (ii) यदि रोगाणु मुँह से प्रवेश करता है तो संक्रमण आहार नाल में होता है जैसे कि खसरा का रोगाणु आहार नाल में और हिपेटाइटिस का रोगाणु यकृत में संक्रमण करता है।
In simple words: रोगाणु शरीर में किस अंग को संक्रमित करते हैं, यह उनके प्रवेश मार्ग पर निर्भर करता है। जैसे, वायु से फेफड़ों में और मुँह से आहार नाल में संक्रमण होता है।

🎯 Exam Tip: विभिन्न रोगाणुओं के प्रवेश मार्गों और उनसे प्रभावित होने वाले अंगों के उदाहरण देना महत्वपूर्ण है।

 

Question 8. रोग होने के कारण बताइये और उनकी व्याख्या कीजिए।


Answer: रोग होने के मुख्य कारक जिनके कारण रोग होता है, निम्न प्रकार हैं। (i) रोगाणु (ii) पोषक तत्वों की कमी (iii) आनुवंशिक विकार (iv) गलत आदत (i) रोगाणु - कई जीवाणु, विषाणु, कवक, कृमि तथा प्रोटोजोआ रोग फैलाते हैं। किसी भी प्रकार जब वे हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं या सम्पर्क में आते हैं, रोग होने की आशंका बढ़ जाती है। (ii) पोषक तत्वों की कमी - जब कोई व्यक्ति सन्तुलित आहार नहीं लेता है या उसे सन्तुलित आहार प्राप्त। नहीं होता है, खनिज और विटामिन की कमी से कई रोग हो जाते हैं, जैसे- मरास्मस, क्वाशिओरकर, घेघा आदि। आवश्यकता से अधिक आहार लेना, मोटापे को जन्म देता है जो कई रोगों का कारण है। (iii) आनुवंशिक विकार - कुछ रोगों का कारण आनुवंशिकता होता है। (iv) गलत आदतें - कुछ रोग व्यक्ति की गलत आदतों के कारण होते हैं। जैसे स्वच्छता का ध्यान न रखना, धूम्रपान, तम्बाकू और नशीले पदार्थों का सेवन आदि।
In simple words: रोग कई कारणों से होते हैं, जिनमें रोगाणुओं का संक्रमण, शरीर में पोषक तत्वों की कमी, आनुवंशिक समस्याएं और गलत जीवनशैली की आदतें शामिल हैं।

🎯 Exam Tip: रोग के प्रत्येक कारण का संक्षिप्त और स्पष्ट विवरण देना सुनिश्चित करें।

 

Question 9. “हमारे देश में अधिकांश बच्चे हिपेटाइटिस A के प्रति प्रतिरक्षी हो जाते हैं।” इस कथन की प्रासंगिकता की व्याख्या कीजिए ।


Answer: हिपेटाइटिस A के कुछ विषाणु (वायरस) पानी द्वारा संचारित होते हैं। हमारे देश के अधिकतर भागों में पीने के लिए सुरक्षित जल उपलब्ध नहीं है जिसके कारण पाँच वर्ष से कम उम्र में ही बच्चे दूषित पानी पीने के कारण हिपेटाइटिस A के विषाणु से उद्भासित (Expose) हो जाते हैं और एक बार उद्भासित होने पर उनके शरीर में इस रोग की प्रतिरक्षी उत्पन्न हो जाती हैं।
In simple words: भारत में दूषित पानी की उपलब्धता के कारण, अधिकांश बच्चे बचपन में ही हेपेटाइटिस A वायरस के संपर्क में आ जाते हैं, जिससे उनके शरीर में इस बीमारी के खिलाफ प्राकृतिक प्रतिरक्षा विकसित हो जाती है।

🎯 Exam Tip: हेपेटाइटिस A के संचरण के तरीके और प्राकृतिक प्रतिरक्षा विकसित होने के बीच के संबंध को स्पष्ट करें।

 

Question 10. हम रोगों का निवारण (रोकथाम) कैसे कर सकते हैं?


Answer: रोगों के निवारण (रोकथाम) के लिए दो विधियाँ अपनायी जाती हैं (i) सामान्य विधियाँ (General ways) (ii) रोग विशिष्ट विधियाँ (Disease specific ways)। (i) सामान्य विधियाँ - इसमें हम निम्नलिखित उपाय प्रयोग करते हैं (a) संक्रमित होने से बचाव - ये उपाय रोग के संक्रमण होने पर आधारित हैं। वातोढ़ (वायु से फैलने वाले) रोगाणु से बचने के लिए इस तरह की परिस्थितियाँ बनायी जाती हैं कि रोगाणु दूसरे व्यक्ति में न फैल सके और पर्यावरण में जीवित न रह सकें। उदाहरणार्थ-रोगाणु यदि वायु द्वारा फैलता है तो पीड़ित व्यक्ति को अलग रखा जाए व देखभाल करने वाले व्यक्ति नासिका पर कपड़ा या फिल्टर का प्रयोग करें। रोगी के परिवेश को स्वच्छ एवं स्वास्थ्यवर्धक रखें। जलोढ़ (जल, द्वारा फैलने वाले) रोगाणुओं से बचाव के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित (safe) पेयजल आवश्यक है तथा रोगी के अपशिष्ट पदार्थों को जल में न मिलने दें, अच्छा हो जमीन में गाढ़ दें। रोगवाहकों जैसे मच्छर, मक्खी व कॉकरोच आदि द्वारा होने वाले संक्रमण से बचने के लिए उनको समाप्त करना या वृद्धि रोकना आवश्यक है। मच्छरों के जनन को रोकने के लिए पानी का जमाव न होने दें तथा साफ व स्वच्छ वातावरण रखें। खाने की वस्तुओं को ढककर तथा मक्खी और कॉकरोच की पहुँच से दूर रखें। (b) शक्तिशाली प्रतिरक्षा तंत्र - जब कोई रोगाणु शरीर में प्रवेश करता है तो प्रतिरक्षा तंत्र की विशिष्ट कोशिकाएँ सक्रिय हो जाती हैं और उससे लड़ने लगती हैं। यदि कोशिकाएँ रोगाणु को मारने में सफल हो जाती हैं। तो हमें वह रोग नहीं होता। यदि ऐसा नहीं हो पाता तो हम उस रोग से पीड़ित हो जाते हैं। अतः रोग से बचने के लिए हमारे प्रतिरक्षा तंत्र का शक्तिशाली होना आवश्यक है। यह तभी संभव है जब हम पौष्टिक एवं संतुलित आहार समुचित मात्रा में लें और बुरी आदतों से दूर रहें जैसे धूम्रपान, नशीले पदार्थ एवं असुरक्षित यौन सम्बन्ध। (ii) रोग विशिष्टि विधियाँ - रोगों के निवारण (रोकथाम) का अत्यधिक विशिष्ट एवं उचित उपाय हैं। प्रतिरक्षाकरण (Immunisation) या टीकाकरण इस विधि में, बहुत थोड़ी संख्या (मात्रा) में रोगाणु स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में डाल दिये जाते हैं। रोगाणु के प्रवेश करते ही प्रतिरक्षा तंत्र 'धोखे' में आ जाता है, और उस रोगाणु से लड़ने वाली विशिष्ट कोशिकाओं का उत्पादन आरम्भ कर देता है। इस प्रकार रोगाणु को मारने वाली विशिष्ट कोशिकाएँ शरीर में पहले से ही निर्मित हो जाती हैं और जब रोग का रोगाणु वास्तव में शरीर में प्रवेश करता है तो रोगाणु से ये विशिष्ट कोशिकाएँ लड़ती हैं और उसे मार देती हैं। पोलियो, टेटनस, कुकर खाँसी, डिप्थीरिया, चेचक, क्षयरोग तथा अन्य रोगों के लिए टीके उपलब्ध हैं। बच्चों को DPT का टीका डिप्थीरिया (Diphtheria), कुकर खाँसी (Pertussis) और टेटनस (Tetanus) के लिए दिया जाता है। भयंकर रोग हिपेटाइटिस 'A' के लिए टीका उपलब्ध है। पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यह दिया जाना चाहिए। रैबीज का विषाणु (वायरस) कुत्ते, बिल्ली, बन्दर तथा खरगोश के काटने से फैलता है। रैबीज का प्रतिरक्षी (Vaccine) मनुष्य तथा पशु दोनों के लिए उपलब्ध है।
In simple words: रोगों की रोकथाम दो तरीकों से की जा सकती है: सामान्य विधियाँ, जिनमें स्वच्छता और एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली शामिल है, और रोग-विशिष्ट विधियाँ, जिनमें टीकाकरण शामिल है जो शरीर को विशिष्ट रोगाणुओं से लड़ने के लिए तैयार करता है।

🎯 Exam Tip: रोगों के निवारण के सामान्य और विशिष्ट तरीकों को उदाहरणों के साथ समझाना आवश्यक है।

 

Question 11. संक्रामक तथा असंक्रामक रोगों में से प्रत्येक का एक उदाहरण देते हुए उनमें चार बिन्दुओं में विभेदन कीजिए ।


Answer: संक्रामक तथा असंक्रामक रोगों में प्रमुख चार अन्तर निम्नलिखित हैं-
संचरणीय या संक्रामक रोगअसंचरणीय या असंक्रामक रोग
1. ये रोग हानिकारक सूक्ष्मजीवों (रोगाणुओं-pathogens) द्वारा होते हैं।1. ये रोग परजीवी जीवधारियों के कारण पोषक तत्त्वों की हीनता के कारण या उपापचयी त्रुटियों के कारण होते हैं।
2. रोगाणु वायु, जल, भोजन, कीट या शारीरिक संपर्क द्वारा रोगी व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में पहुँचते हैं।2. ये रोग रोगी व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में नहीं फैलते।
3. सीधे सम्पर्क द्वारा इसका प्रसारण होता है।3. प्रसारण नहीं होता है।
4. यह रोगी व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में संचरित हो सकता है।4. इसका रोगी व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में संचरण नहीं होता।
उदाहरण-एड्सउदाहरण-मैरेस्मस

In simple words: संक्रामक रोग सूक्ष्मजीवों द्वारा फैलते हैं और एक व्यक्ति से दूसरे में फैल सकते हैं, जबकि असंक्रामक रोग पोषण की कमी या आनुवंशिक कारणों से होते हैं और फैलते नहीं हैं।

🎯 Exam Tip: संक्रामक और असंक्रामक रोगों के बीच मुख्य अंतरों को स्पष्ट करें और प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दें। तालिका प्रारूप में उत्तर देना प्रभावी होता है।

 

Question 12.
(a) जब हम बीमार होते हैं तब हमें किस प्रकार का भोजन लेने का परामर्श दिया जाता है और क्यों?
(b) अच्छे स्वास्थ्य के लिए किन्हीं तीन आधारभूत अवस्थाओं को व्यक्त कीजिए ।


Answer: (a) जब हम बीमार होते हैं तो हमें सुपाच्य तथा पोषणयुक्त भोजन लेने का परामर्श दिया जाता है। जीवधारियों के शरीर में प्रतिरक्षा तन्त्र होता है। प्रतिरक्षा तन्त्र निरन्तर रोगाणुओं से लड़ती रहता है। हमारे शरीर में विशिष्ट कोशिकाएँ पाई जाती हैं जो रोगाणुओं का भक्षण करके या प्रतिरक्षी संश्लेषण द्वारा उन्हें नष्ट करती रहती हैं। इससे रोगाणुओं की संख्या नियन्त्रित रहती है और प्रायः रोग प्रदर्शित नहीं होता। रोग प्रतिरक्षा तन्त्र की असफलता को दर्शाता है। अन्य अंग तन्त्रों की भाँति प्रतिरक्षा तन्त्र को भी पर्याप्त पोषक युक्त सुपाच्य भोजन की आवश्यकता होती है। इसके अतिरिक्त रोग की स्थिति में आहारनाल की कार्य-क्षमता भी प्रभावित होती है, इसलिए रोगी को सुपाच्य आहार दिया जाना चाहिए। (b) अच्छे स्वास्थ्य के लिए आधारभूत अवस्थाएँ हैं-
(i) मनुष्य को शारीरिक रूप में तनावरहित तथा विकाररहित रहना।
(ii) मनुष्य का सामाजिक रूप में तनावरहित तथा विकाररहित रहना।
(iii) मनुष्य को मानसिक रूप में तनावरहित तथा विकाररहित रहना।
In simple words: बीमार होने पर सुपाच्य और पौष्टिक भोजन इसलिए दिया जाता है क्योंकि यह शरीर को ऊर्जा और मरम्मत के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है, और हमारा पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से तनावमुक्त और स्वस्थ रहना महत्वपूर्ण है।

🎯 Exam Tip: बीमार व्यक्ति के लिए भोजन की आवश्यकता और अच्छे स्वास्थ्य के मूलभूत आयामों को विस्तार से समझाएं।

 

Question 13.
(a) कुत्ते के काटने से कौन-सा रोग हो सकता है? इस रोग का कारक कौन-सा रोगाणु है?
(b) जलभीति (रैबीज) से क्या तात्पर्य है? इसके चार प्रमुख लक्षण लिखिए। इसकी रोकथाम के लिए चार सुझाव लिखिए।


Answer: (a) कुत्ते के काटने से रैबीज (Rabies) रोग हो सकता है। इस रोग का कारक रैबीज विषाणु (rabies virus) होता है। (b) रैबीज (Rabies) - इसे हाइड्रोफोबिया (जल से डर) भी कहते हैं। यह रोग रैबीज विषाणु के कारण होता है। यह वायरस मानव शरीर में पागल कुत्ते या बिल्ली के काटने पर पहुँचता है।रैबीज के लक्षण-
• जल से डर लगना मुख्य लक्षण है।
• वायरस मनुष्य के मस्तिष्क तथा स्पाइनल कॉर्ड को नष्ट कर देता है।रैबीज से बचाव-
• पालतू कुत्ते तथा अन्य जानवरों का अनिवार्य प्रतिरक्षीकरण (Immunization) कराना चाहिए।
• रैबीज संक्रमित कुत्ते को तुरंत मार देना चाहिए।
• जख्म को कार्बोनिक साबुन से धोकर साफ करें तथा स्वच्छ जल से धोयें। डॉक्टर की सलाह लें।
• कुत्ते काटे व्यक्ति को एंटी-रैबीज इंजेक्शन लगवायें।
In simple words: कुत्ते के काटने से रैबीज रोग हो सकता है, जिसका कारक रैबीज विषाणु है। रैबीज को जलभीति भी कहते हैं क्योंकि इसमें पानी से डर लगता है, और इसके लक्षणों में मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को नुकसान शामिल है। इससे बचने के लिए पालतू जानवरों का टीकाकरण कराना और कटे हुए स्थान को तुरंत साफ करना महत्वपूर्ण है।

🎯 Exam Tip: रैबीज के कारक, लक्षणों और रोकथाम के उपायों का विस्तृत वर्णन करें।

अभ्यास प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न

 

Question 1. BCG टीके का प्रयोग इसके निरोध के लिए किया जाता है
(a) न्यूमोनिया
(b) ट्यूबरकुलोसिस
(c) पोलियो
(d) अमीबिआसिस ।
Answer: (b) ट्यूबरकुलोसिस
In simple words: BCG टीका तपेदिक (ट्यूबरकुलोसिस) नामक बीमारी से बचाव के लिए लगाया जाता है।

🎯 Exam Tip: टीके और संबंधित बीमारियों को याद रखें।

 

Question 2. AIDS प्रायः इसके द्वारा उत्पन्न होता है
(a) मैथुन
(b) रक्त आधान
(c) प्लैसन्टीय आधान
(d) उपर्युक्त सभी ।
Answer: (d) उपर्युक्त सभी
In simple words: AIDS असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त चढ़ाने या गर्भवती माँ से बच्चे में जैसे कई तरीकों से फैलता है।

🎯 Exam Tip: AIDS के विभिन्न संचरण मार्गों को जानें।

 

Question 3. कॉलरा इसके कारण होता है
(a) प्रोटोजोअन
(b) फंगस
(c) वाइरस
(d) बैक्टीरियम ।
Answer: (d) बैक्टीरियम
In simple words: हैजा एक जीवाणु (बैक्टीरिया) के कारण होने वाला रोग है।

🎯 Exam Tip: हैजा के कारक जीव का नाम याद रखें।

 

Question 4. पीलिया इसका रोग है
(a) किडनी
(b) लिवर
(c) पैंक्रियास
(d) डिओडिनम ।
Answer: (b) लिवर
In simple words: पीलिया एक ऐसी बीमारी है जो मुख्य रूप से लिवर को प्रभावित करती है, जिससे त्वचा और आँखें पीली पड़ जाती हैं।

🎯 Exam Tip: पीलिया द्वारा प्रभावित शरीर के अंग को जानें।

 

Question 5. AIDS वाइरस में होता है
(a) एकल लड़ DNA
(b) युग्म लड़ DNA
(c) एकल लड़ RNA
(d) युग्म लड़ RNA.
Answer: (c) एकल लड़ RNA
In simple words: AIDS फैलाने वाला HIV वायरस एकल-लड़ी RNA से बना होता है, जो इसकी आनुवंशिक सामग्री है।

🎯 Exam Tip: HIV वायरस की आनुवंशिक सामग्री की संरचना को याद रखें।

 

Question 6. T.B. का रोगकारक है
(a) सैलमोनेला
(b) माइकोबैक्टीरियम
(c) स्ट्रेप्टोकॉकस
(d) न्यूमोकॉकस ।
Answer: (b) माइकोबैक्टीरियम
In simple words: T.B. (तपेदिक) माइकोबैक्टीरियम नामक बैक्टीरिया के कारण होता है।

🎯 Exam Tip: T.B. के कारक जीव का नाम याद रखें।

 

Question 7. इम्यूनो-डेफीसिएन्सी सिण्ड्रोम विकसित होने का कारण हो सकता है-
(a) खराब लिवर
(b) खराब थाइमस
(c) AIDS वाइरस
(d) कमजोर असंक्राम्य तन्त्र ।
Answer: (c) AIDS वाइरस
In simple words: इम्यूनो-डेफीसिएन्सी सिण्ड्रोम (AIDS) मुख्य रूप से HIV वायरस के कारण होता है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करता है।

🎯 Exam Tip: इम्यूनो-डेफीसिएन्सी सिण्ड्रोम के मुख्य कारण को पहचानें।

 

Question 8. T.B. का उपचार इसके द्वारा किया जाता है
(a) ग्रिजियोफुल्विन
(b) यूबिक्वीनोन
(c) स्ट्रेप्टोमाइसिन
(d) एनसिटॉल ।
Answer: (c) स्ट्रेप्टोमाइसिन
In simple words: T.B. का उपचार आमतौर पर स्ट्रेप्टोमाइसिन जैसी एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग करके किया जाता है।

🎯 Exam Tip: T.B. के उपचार में प्रयुक्त होने वाली मुख्य दवा का नाम याद रखें।

 

Question 9. निम्नलिखित में से कौन-सा जीवाणुक रोग है
(a) पोलियोमाइलिटिस
(b) फाइलेरियासिस
(c) टिटेनस
(d) मलेरिया
Answer: (c) टिटेनस
In simple words: टिटेनस एक जीवाणु (बैक्टीरियल) संक्रमण है, जबकि अन्य विकल्प वायरस या परजीवी के कारण होते हैं।

🎯 Exam Tip: विभिन्न रोगों के कारक जीवों (जीवाणु, विषाणु, प्रोटोजोआ) को पहचानना सीखें।

 

Question 10. AIDS इसके द्वारा फैलता है
(a) समलिंग कामुकता
(b) जीवन की अनश्वर रीति
(c) संक्रमित सूई और सिरिंज
(d) उपर्युक्त सभी ।
Answer: (d) उपर्युक्त सभी
In simple words: AIDS संक्रमित सुई, यौन संपर्क और अन्य माध्यमों से फैल सकता है जो शरीर के तरल पदार्थों को सीधे प्रसारित करते हैं।

🎯 Exam Tip: AIDS के संचरण के विभिन्न माध्यमों को सूचीबद्ध करें।

 

Question 11. AIDS इसके कारण होता है
(a) सहायक T-कोशिकाओं की संख्या में कमी
(b) हन्ता T-कोशिकाओं की संख्या में कमी
(c) स्वअसंक्राम्यता
(d) इन्टरफेरॉनों का अनुत्पादन ।
Answer: (a) सहायक T-कोशिकाओं की संख्या में कमी
In simple words: AIDS मुख्य रूप से सहायक T-कोशिकाओं की संख्या में कमी के कारण होता है, जिससे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है।

🎯 Exam Tip: AIDS के मुख्य प्रतिरक्षात्मक प्रभाव को समझें।

 

Question 12. निम्नलिखित में से संक्रामक रोग है
(a) डायबिटीज
(b) क्वाशिओरकर
(c) हाइपरटेन्शन
(d) डिप्थीरिया ।
Answer: (d) डिप्थीरिया
In simple words: डिप्थीरिया एक संक्रामक रोग है जो बैक्टीरिया से फैलता है, जबकि अन्य विकल्प असंक्रामक रोग हैं।

🎯 Exam Tip: संक्रामक और असंक्रामक रोगों के बीच अंतर को जानें और उदाहरणों से पहचानें।

 

Question 13. टाइफॉइड इसके द्वारा उत्पन्न होता है
(a) एशरिकिआ
(b) गिआर्डिया
(c) सैलमोनेला
(d) शिजेला
Answer: (d) शिजेला
In simple words: टाइफॉइड साल्मोनेला नामक बैक्टीरिया के कारण होता है।

🎯 Exam Tip: टाइफॉइड के कारक जीव का सही नाम याद रखें।

 

Question 14. निम्नलिखित में से कौन अमेलित है
(a) लेप्रोसी-बैक्टीरियल संक्रमण
(b) AIDS-बैक्टीरियल संक्रमण
(c) मलेरिया-प्रोटोजोअन संक्रमण
(d) एलिफैन्टिआसिस-नीमैटोड संक्रमण
Answer: (c) मलेरिया-प्रोटोजोअन संक्रमण
In simple words: मलेरिया प्रोटोजोआ (प्लाज्मोडियम) के कारण होता है, इसलिए यह विकल्प मेल नहीं खाता क्योंकि इसमें बैक्टीरिया गलत रूप से सूचीबद्ध है।

🎯 Exam Tip: विभिन्न रोगों और उनके कारक सूक्ष्मजीवों के प्रकार को सही ढंग से मिलाएं।

 

Question 15. ज्वर, सरसाम, मंदनब्ज़, उदीय दर्द और गुलाबी रंगे के ददोरा इस रोग को सूचित करते हैं-
(a) टाइफॉइड
(b) मीजल्स
(c) टिटैनस
(d) चिकेनपॉक्स ।
Answer: (a) टाइफॉइड
In simple words: टाइफॉइड के लक्षणों में तेज बुखार, सरसाम, धीमी नब्ज, पेट दर्द और गुलाबी दाने शामिल हैं।

🎯 Exam Tip: प्रमुख रोगों के विशिष्ट लक्षणों को पहचानना सीखें।

 

Question 16. एड्स का एक कारण है-
(a) आनुवंशिक विकार
(b) विटामिन में कमी
(c) हॉरमोन असन्तुलन
(d) स्वच्छन्द यौन सम्पर्क ।
Answer: (d) स्वच्छन्द यौन सम्पर्क
In simple words: असुरक्षित यौन संबंध AIDS के संचरण का एक प्रमुख कारण है।

🎯 Exam Tip: AIDS के मुख्य संचरण मार्गों में से एक को याद रखें।

 

Question 17. सर्दी-जुकाम तथा इन्फ्लुन्जा के विषाणु फैलते हैं-
(a) वायु द्वारा
(b) जल तथा भोजन द्वारा
(c) त्वचीय स्पर्श द्वारा
(d) यौन सम्पर्क द्वारा ।
Answer: (a) वायु द्वारा
In simple words: सर्दी-जुकाम और इन्फ्लुएंजा जैसे श्वसन संक्रमण मुख्य रूप से हवा में मौजूद बूंदों के माध्यम से फैलते हैं।

🎯 Exam Tip: श्वसन संबंधी रोगों के संचरण के सामान्य तरीके को जानें।

 

Question 18. हैजे तथा मियादी बुखार के जीवाणु फैलते हैं-
(a) वायु द्वारा।
(b) जल तथा भोजन द्वारा
(c) त्वचीय स्पर्श द्वारा।
(d) यौन सम्पर्क द्वारा।
Answer: (b) जल तथा भोजन द्वारा
In simple words: हैजा और मियादी बुखार (टाइफॉइड) के जीवाणु दूषित जल और भोजन के माध्यम से फैलते हैं।

🎯 Exam Tip: जल-जनित रोगों के संचरण के मुख्य तरीके को याद रखें।

 

Question 19. एड्स का संचरण लेता है-
(a) रोगग्रस्त व्यक्ति का खून दूसरे व्यक्ति को देने से
(b) एक ही सूई द्वारा इन्जेक्शन लगाने से
(c) यौन सम्पर्क से
(d) उपर्युक्त सभी ।
Answer: (d) उपर्युक्त सभी
In simple words: एड्स संक्रमित खून, सुइयों के साझा उपयोग और यौन संपर्क सहित कई माध्यमों से फैलता है।

🎯 Exam Tip: एड्स के सभी प्रमुख संचरण मार्गों को समझें।

 

Question 20. एक व्यक्ति को सिर दर्द से सकता है0
(a) परीक्षा के तनाव के कारण
(b) अधिक कार्य के कारण
(c) मस्तिष्क ज्वर के कारण
(d) उपर्युक्त में से कोई भी।
Answer: (d) उपर्युक्त में से कोई भी
In simple words: सिरदर्द कई कारणों से हो सकता है, जैसे परीक्षा का तनाव, अत्यधिक काम या मस्तिष्क ज्वर जैसी गंभीर बीमारियां।

🎯 Exam Tip: सिरदर्द के संभावित कारणों की विस्तृत श्रृंखला को पहचानें।

 

Question 21. हम जल को स्वच्छ एवं जीवाणु रहित कर सकते है-
(a) उबालकर
(c) निथारकर
(b) फ्रिज में रखकर
(d) उपर्युक्त सभी ।
Answer: (a) उबालकर
In simple words: जल को उबालकर उसमें मौजूद अधिकांश जीवाणुओं को नष्ट किया जा सकता है, जिससे वह स्वच्छ और पीने योग्य हो जाता है।

🎯 Exam Tip: पानी को शुद्ध करने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक को पहचानें।

 

Question 22. रैबीज .................. के द्वारा होने वाला रोग है-
(a) विषाणु
(b) जीवाणु
(c) कवक
(d) प्रोटोजोआ ।
Answer: (a) विषाणु
In simple words: रैबीज एक वायरल बीमारी है जो संक्रमित जानवरों के काटने से फैलती है।

🎯 Exam Tip: रैबीज के कारक जीव के प्रकार को याद रखें।

 

Question 23. क्षयरोग ................... के द्वारा ह्येने वाला रोग है।
(a) विषाणु
(b) जीवाणु
(c) कवक
(d) प्रोटोजोआ ।
Answer: (b) जीवाणु
In simple words: क्षयरोग (T.B.) एक जीवाणु संक्रमण है जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक बैक्टीरिया के कारण होता है।

🎯 Exam Tip: क्षयरोग के कारक जीव के प्रकार को जानें।

 

Question 24. मलेरिया ................... के द्वारा झेने वाला रोग है।
(a) विषाणु
(b) जीवाणु
(c) कवक
(d) प्रोटोजोआ ।
Answer: (d) प्रोटोजोआ
In simple words: मलेरिया प्लाज्मोडियम नामक एक प्रोटोजोआ परजीवी के कारण होता है, जो मच्छरों द्वारा फैलता है।

🎯 Exam Tip: मलेरिया के कारक जीव के प्रकार को याद रखें।

 

Question 25. दाद ................... के द्वारा होने वाला रोग है।
(a) विषाणु
(b) जीवाणु
(c) कवक
(d) प्रोटोजाओ ।
Answer: (c) कवक
In simple words: दाद एक फंगल संक्रमण है जो त्वचा को प्रभावित करता है।

🎯 Exam Tip: दाद के कारक जीव के प्रकार को पहचानें।

 

Question 26. असंचरणीय रोग है
(a) एड्स और सिफिलिस
(b) धमनी काठिन्य एवं मधुमेह
(c) दाद और हैजा
(d) खसरा और चेचक ।
Answer: (b) धमनी काठिन्य एवं मधुमेह
In simple words: धमनी काठिन्य (एथेरोस्क्लेरोसिस) और मधुमेह (डायबिटीज) ऐसे रोग हैं जो एक व्यक्ति से दूसरे में नहीं फैलते, बल्कि जीवनशैली या आनुवंशिक कारकों से संबंधित होते हैं।

🎯 Exam Tip: संक्रामक और असंक्रामक रोगों के उदाहरणों को सही ढंग से वर्गीकृत करें।

 

Question 27. रोगवाहक नहीं है
(a) कॉकरोच
(b) मक्खी
(c) नर एनोफिलीज
(d) मादा एनोफिलीज
Answer: (c) नर एनोफिलीज
In simple words: नर एनोफिलीज मच्छर रक्त नहीं चूसते, इसलिए वे रोग नहीं फैलाते, जबकि मादा एनोफिलीज मच्छर मलेरिया के वाहक होते हैं।

🎯 Exam Tip: विभिन्न रोगवाहकों और उनके विशिष्ट भूमिकाओं को समझें।

उत्तरमाला

1. (b) 2. (d) 3. (d) 4. (b) 5. (c) 6. (b) 7. (c) 8. (c) 9. (c) 10. (d) 11. (a) 12. (d) 13. (c) 14. (b) 15. (a) 16. (d) 17. (a) 18. (b) 19. (d) 20. (d) 21. (a) 22. (a) 23. (b) 24. (d) 25. (c) 26. (b) 27. (c)

UP Board Solutions Class 9 Science Chapter 13 हम बीमार क्यों पड़ते हैं?

Students can now access the UP Board Solutions for Chapter 13 हम बीमार क्यों पड़ते हैं? prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 9 Science textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest UP Board syllabus.

Detailed Explanations for Chapter 13 हम बीमार क्यों पड़ते हैं?

Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 9 Science chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 9 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these UP Board Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.

Benefits of using Science Class 9 Solved Papers

Using our Science solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 9 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 13 हम बीमार क्यों पड़ते हैं? to get a complete preparation experience.

FAQs

Where can I find the latest UP Board Solutions Class 9 Science Chapter 13 हम बीमार क्यों पड़ते हैं? for the 2026 27 session?

The complete and updated UP Board Solutions Class 9 Science Chapter 13 हम बीमार क्यों पड़ते हैं? is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 9 Science are as per latest UP Board curriculum.

Are the Science UP Board solutions for Class 9 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 9 Science Chapter 13 हम बीमार क्यों पड़ते हैं? as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Science concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 9 UP Board solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 9 Science Chapter 13 हम बीमार क्यों पड़ते हैं? will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer UP Board Solutions Class 9 Science Chapter 13 हम बीमार क्यों पड़ते हैं? in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 9 Science. You can access UP Board Solutions Class 9 Science Chapter 13 हम बीमार क्यों पड़ते हैं? in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Science UP Board solutions for Class 9 as a PDF?

Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 9 Science Chapter 13 हम बीमार क्यों पड़ते हैं? in printable PDF format for offline study on any device.