Get the most accurate UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 12 त्रिभुजों की सर्वांगसमता here. Updated for the 2026 27 academic session, these solutions are based on the latest UP Board textbooks for Class 9 Maths. Our expert-created answers for Class 9 Maths are available for free download in PDF format.
Detailed Chapter 12 त्रिभुजों की सर्वांगसमता UP Board Solutions for Class 9 Maths
For Class 9 students, solving UP Board textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 9 Maths solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 12 त्रिभुजों की सर्वांगसमता solutions will improve your exam performance.
Class 9 Maths Chapter 12 त्रिभुजों की सर्वांगसमता UP Board Solutions PDF
Balaji Class 9 Maths Solutions Chapter 12 Congruence Of Triangles Ex 12.4 त्रिभुजों की सर्वांगसमता
Question 1. चित्र में, AB = AC तथा BC को बढ़ाने पर कोई बिन्दु D है तो सिद्ध कीजिए कि (NCERT Exemplar) हलः
\( \cdot \) AB = AC ...(1) \( \triangle \)ACD में \( \angle \)ACD अधिक कोण है तथा \( \angle \)ADC न्यूनकोण है।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक त्रिभुज ABC को दर्शाता है जहाँ AB = AC है। भुजा BC को D तक बढ़ाया गया है, जिससे एक बाहरी बिंदु D बनता है। शीर्ष A से D तक एक रेखा खींची गई है।
... अधिक कोण की सम्मुख भुजा बड़ी तथा न्यूनकोण की सम्मुख भुजा छोटी होती है। AD > AB (समीकरण (1) से)
In simple words: इस प्रश्न में, एक त्रिभुज ABC दिया गया है जहाँ AB = AC है। BC भुजा को D तक बढ़ाने पर, हमें सिद्ध करना है कि AD, AB से बड़ा है। इसे अधिक कोण और न्यूनकोण के सम्मुख भुजाओं के गुण का उपयोग करके सिद्ध किया गया है।
🎯 Exam Tip: ज्यामिति के प्रश्नों को हल करते समय आकृतियों का सही विश्लेषण और गुणों का सटीक अनुप्रयोग महत्वपूर्ण होता है।
Question 2. एक त्रिभुज ABC में यदि \( \angle \)A = 45° और \( \angle \)B = 70° तब त्रिभुज की छोटी और बड़ी भुजा ज्ञात कीजिए। हलः
\( \angle \)C = 180 - (\( \angle \)A + \( \angle \)B) = 180 - (45 + 70)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक त्रिभुज ABC को दर्शाता है जिसमें \( \angle \)A 45° और \( \angle \)B 70° दिया गया है। भुजा BC को D तक बढ़ाया गया है, जिससे एक बाहरी बिंदु D बनता है। शीर्ष A से D तक एक रेखा खींची गई है।
= 180 - 115 = 65° सबसे बड़ा कोण = 70° सबसे छोटा कोण = 45° ... सबसे बडा कोण की सम्मुख भुजा AC
सबसे बड़ी तथा सबसे छोटे कोण की सम्मुख भुजा BC सबसे छोटी है।
In simple words: एक त्रिभुज ABC में, \( \angle \)A = 45° और \( \angle \)B = 70° दिए गए हैं। हम तीसरा कोण \( \angle \)C = 65° निकालते हैं। सबसे बड़े कोण के सामने की भुजा (AC) सबसे बड़ी होती है और सबसे छोटे कोण के सामने की भुजा (BC) सबसे छोटी होती है।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज के कोणों और उनके सम्मुख भुजाओं के संबंध पर आधारित प्रश्नों में, कोणों के मानों की तुलना करके भुजाओं के आकार का अनुमान लगाया जा सकता है।
Question 3. क्या हम 3 सेमी, 4 सेमी और 5 सेमी लम्बाई की भुजा वाला त्रिभुज खींच सकते हैं? हल:
\( \cdot \cdot \) 3+ 4 = 7 > 5, 4 + 5 > 3 तथा 3 + 5 > 4. त्रिभुज की दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से बड़ा है । \( \cdot \cdot \triangle \) की रचना सम्भव है।
In simple words: त्रिभुज बनाने के लिए, किन्हीं भी दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से बड़ा होना चाहिए। दी गई भुजाओं (3, 4, 5 सेमी) के लिए यह शर्त पूरी होती है, इसलिए त्रिभुज बनाना संभव है।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज असमिका नियम (Triangle Inequality Theorem) की जाँच करके किसी भी तीन भुजाओं से त्रिभुज की रचना की संभावना का निर्धारण करें।
Question 4. दिये गये चित्र में, AB = AC तो सिद्ध कीजिए कि AF > AE हलः
\( \cdot \cdot \) AB = AC \( \angle \)B = \( \angle \)C ... (1)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस ज्यामितीय चित्र में, एक त्रिभुज ABC दिखाया गया है जहाँ AB और AC भुजाएँ बराबर हैं। बिंदु D भुजा BC का विस्तार है। एक और रेखाखंड AE खींचा गया है, और बिंदु F रेखाखंड AD पर स्थित है।
\( \angle \)AFE = \( \angle \)CFD (शीर्षाभिमुख कोण) ... (2) \( \triangle \)ABD में, \( \angle \)AEF = \( \angle \)B + \( \angle \)EDB ... (3) बहिष्कोण समीकरण
(2) व (3) से सिद्ध होता है। \( \angle \)AEF > \( \angle \)AFE \( \implies \) AF > AE
In simple words: एक त्रिभुज ABC में जहाँ AB = AC है, हमें सिद्ध करना है कि AF > AE। यह बहिष्कोण और शीर्षाभिमुख कोणों के गुणों का उपयोग करके सिद्ध किया गया है, जहाँ \( \angle \)AEF, \( \angle \)AFE से बड़ा सिद्ध होता है, जिससे सम्मुख भुजाओं का संबंध स्थापित होता है।
🎯 Exam Tip: बहिष्कोण प्रमेय और त्रिभुज के भुजा-कोण संबंध को ध्यान में रखें, विशेषकर जब शीर्षाभिमुख कोणों का उपयोग करके तुलना की जाती है।
Question 5. एक त्रिभुज ABC में AB > AC, \( \angle \)B तथा \( \angle \)C के समद्विभाजक P पर मिलते हैं तो सिद्ध कीजिए कि BP > CP हल:
\( \triangle \)ABC में AB > AC
\( \cdot \cdot \) \( \angle \)C > \( \angle \)B (बड़ी भुजा का सम्मुख कोण बड़ा होता है)
या
\( \frac{\angle C}{2} > \frac{\angle B}{2} \)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): त्रिभुज ABC दिखाया गया है जहाँ AB > AC है। कोण B और कोण C के समद्विभाजक बिंदु P पर मिलते हैं। P से भुजाओं पर रेखाएं PE, PF, PR खींची गई हैं।
\( \angle \)PCB > \( \angle \)PBC
BP > CP
In simple words: यदि एक त्रिभुज ABC में AB > AC है, तो \( \angle \)C > \( \angle \)B होगा। कोण समद्विभाजक P पर मिलने पर, \( \angle \)PCB > \( \angle \)PBC सिद्ध होता है, जिसका अर्थ है कि BP > CP (बड़ी भुजा के सामने का कोण बड़ा होता है)।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज में बड़ी भुजा के सम्मुख कोण और छोटे कोण के सम्मुख भुजा के संबंधों का उपयोग करें। कोण समद्विभाजकों की भूमिका को समझें।
Question 6. सिद्ध कीजिए कि एक त्रिभुज का परिमाप, उसकी ऊँचाइयों के योग से बड़ा होता है। हलः
एक \( \triangle \)ABC में AM, BN तथा PC \( \triangle \) की ऊचाईयाँ है। \( \triangle \)ABM में, \( \angle \)AMB समकोण है \( \cdot \cdot \) AB > AM ...(1)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस चित्र में एक त्रिभुज ABC दिखाया गया है। शीर्ष A से BC पर, B से AC पर, और C से AB पर लंब खींचे गए हैं, जो AM, BN और PC के रूप में त्रिभुज की ऊंचाइयाँ हैं।
\( \triangle \)BNC में, \( \angle \)BNC समकोण है BC > BN ... (2) \( \triangle \)APC में, \( \angle \)APC समकोण है AC > PC ... (3) समीकरण
(1) + (2) + (3) करने पर AB + BC + AC > AM + BN + PC \( \therefore \triangle \) का परिमाप > \( \triangle \) की ऊँचाईयाँ
In simple words: एक त्रिभुज का परिमाप उसकी तीनों भुजाओं का योग होता है। प्रत्येक भुजा त्रिभुज की संगत ऊंचाई से बड़ी होती है क्योंकि ऊंचाई हमेशा आधार पर लंबवत न्यूनतम दूरी होती है। इसलिए, सभी भुजाओं का योग सभी ऊंचाइयों के योग से बड़ा होगा।
🎯 Exam Tip: समकोण त्रिभुज में कर्ण हमेशा अन्य दो भुजाओं से बड़ा होता है, इस सिद्धांत का उपयोग ऊंचाइयों से भुजाओं की तुलना करने में होता है।
Question 7. दिये गये चित्र में, O वृत्त का केन्द्र है तथा XY व्यास है। तो सिद्ध कीजिए कि XY > XZ हल:
\( \cdot \cdot \) XY व्यास है तथा XZ वृत्त की एक जीवा है \( \cdot \cdot \) वृत्त का व्यास, वृत्त की सबसे बड़ी जीवा होती है । \( \therefore \) XY > XZ
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक वृत्त को दर्शाता है जिसका केंद्र O है। रेखाखंड XY वृत्त का व्यास है जो केंद्र O से होकर गुजरता है। रेखाखंड XZ वृत्त की एक जीवा है जो परिधि पर Z बिंदु से मिलती है।
In simple words: एक वृत्त में, व्यास वृत्त की सबसे लंबी जीवा होती है। चूँकि XY वृत्त का व्यास है और XZ एक जीवा है, इसलिए XY > XZ सिद्ध होता है।
🎯 Exam Tip: वृत्त के गुणों को याद रखें, जैसे कि व्यास सबसे लंबी जीवा होता है। यह अवधारणा सीधे प्रश्न का उत्तर देती है।
Question 8. सिद्ध कीजिए कि त्रिभुज की सबसे बड़ी भुजा के सम्मुख कोण 60° से बड़ा होता है। हल:
\( \triangle \)ABC में, AB = BC = AC \( \cdot \cdot \angle \)A = \( \angle \)B = \( \angle \)C = 60° परन्तु यदि इनमें से एक भुजा बड़ी है तो दोनों भुजायें छोटी होगी तो सबसे बड़ी
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC को दर्शाता है जिसमें AB, AC, BC भुजाएँ हैं। यह चित्र एक सामान्य त्रिभुज के गुणों को प्रदर्शित करता है, जहाँ कोणों और भुजाओं के बीच संबंध को समझने के लिए इसका उपयोग किया गया है।
भुजा का सम्मुख कोण 60° से बड़ा होता है।
In simple words: यदि किसी त्रिभुज में एक भुजा अन्य दो भुजाओं से सबसे बड़ी है, तो उसके सम्मुख कोण का माप 60° से अधिक होगा। यह त्रिभुज के कोण-भुजा संबंध पर आधारित है।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज में, सबसे बड़ी भुजा के विपरीत कोण सबसे बड़ा होता है। यदि कोई कोण 60° से बड़ा है, तो इसका मतलब है कि उसके सामने की भुजा, अन्य भुजाओं के सामने के 60° से छोटे कोणों से बड़ी होगी।
Exercise 12.4 Congruence Of Triangles विविध प्रश्नावली
Exercise 12.4 Congruence Of Triangles अतिलघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)
Question 1. \( \triangle \)ABC तथा \( \triangle \)PQR में, AB = PR तथा \( \angle \)A = \( \angle \)P तब SAS कथन द्वारा प्रतिबंध ज्ञात कीजिए कि दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होंगे । (NCERT Exemplar) हल:
\( \triangle \)ABC \( \equiv \triangle \)PQR होगे यदि AC = PQ
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): दो त्रिभुज ABC और PQR दिखाए गए हैं। त्रिभुज ABC में भुजाएँ AB, BC, AC और कोण A, B, C हैं। त्रिभुज PQR में भुजाएँ PQ, QR, PR और कोण P, Q, R हैं।
In simple words: SAS सर्वांगसमता नियम के अनुसार, यदि दो त्रिभुजों में दो भुजाएँ और उनके बीच का कोण बराबर हों, तो वे सर्वांगसम होते हैं। यहाँ AB = PR और \( \angle \)A = \( \angle \)P दिए गए हैं, इसलिए सर्वांगसमता के लिए AC = PQ होना चाहिए।
🎯 Exam Tip: SAS (भुजा-कोण-भुजा) सर्वांगसमता नियम में, कोण हमेशा दोनों बराबर भुजाओं के बीच में होना चाहिए।
Question 2. संलग्न चित्र में, यह दिया है कि \( \triangle \)ABD \( \equiv \triangle \)BAC अभिगृहित ज्ञात कीजिए जिसके द्वारा त्रिभुज सर्वांगसम हैं। हलः
सर्वांगसमता की RHS कसौटी द्वारा ।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक चित्र दिखाया गया है जिसमें दो त्रिभुज ABD और BAC ओवरलैप करते हुए दिख रहे हैं। एक उभयनिष्ठ आधार AB है, और C और D दो बिंदु हैं जिनसे AB पर लंबवत रेखाएं हो सकती हैं।
In simple words: इस चित्र में, त्रिभुज ABD और BAC RHS (समकोण-कर्ण-भुजा) सर्वांगसमता नियम से सर्वांगसम हैं। इसका मतलब है कि दोनों त्रिभुजों में एक समकोण, एक बराबर कर्ण और एक संगत भुजा बराबर है।
🎯 Exam Tip: RHS सर्वांगसमता नियम का प्रयोग केवल समकोण त्रिभुजों में होता है, जहाँ कर्ण और एक संगत भुजा बराबर होनी चाहिए।
Question 3. संलग्न चित्र में, यदि AB = DC, \( \triangle \)ABD = \( \triangle \)CDB तब \( \angle \)ABD = \( \angle \)CDB को सिद्ध करने के लिए प्रयोग किए जाने वाले सर्वांगसमता नियम को ज्ञात कीजिए। हल:
\( \triangle \)ABD \( \equiv \triangle \)CDB होंगे सर्वांगसमता SAS कसौटी से ।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): चित्र में एक चतुर्भुज ABCD है जिसे एक विकर्ण BD द्वारा दो त्रिभुजों, ABD और CDB में विभाजित किया गया है। भुजा AB और DC बराबर दिख रही हैं।
In simple words: यदि AB = DC और BD दोनों त्रिभुजों में उभयनिष्ठ भुजा है, तथा यदि \( \angle \)ABD = \( \angle \)CDB है, तो त्रिभुज ABD और CDB SAS (भुजा-कोण-भुजा) सर्वांगसमता नियम से सर्वांगसम होंगे।
🎯 Exam Tip: SAS सर्वांगसमता के लिए, दो भुजाओं और उनके 'अंतर्गत' कोण का बराबर होना अनिवार्य है। दिए गए त्रिभुजों में, AB=DC, BD उभयनिष्ठ है, और कोण ABD और CDB बराबर होने पर SAS लागू होगा।
Question 4. संलग्न चित्र में, यह दिया है कि \( \triangle \)OAP = \( \triangle \)OBP अभिगृहित ज्ञात कीजिए जिसके द्वारा त्रिभुज सर्वांगसम है। हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक बिंदु O से शुरू होने वाली दो रेखाओं को दर्शाता है, जिन पर बिंदु A और B स्थित हैं। एक बिंदु P से OA और OB पर लंब खींचे गए हैं, जो AP और BP बनाते हैं। त्रिभुज OAP और OBP बनते हैं।
\( \triangle \)OAP तथा \( \triangle \)OBP में, OA = OB (दिया है) \( \angle \)AOP = \( \angle \)BOP (दिया है) OP (उभयनिष्ठ) सर्वांगसमता की SAS कसौटी से \( \triangle \)OAP \( \equiv \triangle \)OBP
In simple words: त्रिभुज OAP और OBP में, OA = OB, \( \angle \)AOP = \( \angle \)BOP (दोनों दिए गए हैं) और OP उभयनिष्ठ भुजा है। इसलिए, ये त्रिभुज SAS (भुजा-कोण-भुजा) सर्वांगसमता नियम से सर्वांगसम हैं।
🎯 Exam Tip: SAS नियम के लिए, दो भुजाओं के बीच का कोण बराबर होना चाहिए। यहां OA=OB, OP उभयनिष्ठ है और कोण AOP = BOP है, इसलिए SAS लागू होता है।
Question 5. \( \triangle \)PQR में, यदि \( \angle \)R > \( \angle \)Q तब निम्नलिखित में से कौन-सा एक सत्य है? (NCERT Exemplar) (a) PR > PQ (b) QR > PR (c) PQ > PR (d) इनमें से कोई नहीं हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज PQR दिखाया गया है। भुजाएँ PQ, QR, PR हैं, और कोण P, Q, R हैं। इसमें विशेष रूप से कोई मान नहीं दिए गए हैं, बल्कि कोणों के बीच एक संबंध (\( \angle \)R > \( \angle \)Q) दिया गया है।
\( \triangle \)PQR में, \( \angle \)R > \( \angle \)Q तो PQ > PR विकल्प (c) सही है।
In simple words: किसी त्रिभुज में, बड़े कोण के सामने की भुजा बड़ी होती है। चूँकि \( \angle \)R > \( \angle \)Q है, इसलिए \( \angle \)R के सामने की भुजा (PQ) \( \angle \)Q के सामने की भुजा (PR) से बड़ी होगी। अतः, PQ > PR सही है।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज के भुजा-कोण संबंध को हमेशा याद रखें: बड़े कोण के सामने बड़ी भुजा और छोटी भुजा के सामने छोटा कोण होता है।
Question 6. यदि एक त्रिभुज की दो भुजाओं की लम्बाईयाँ 5 सेमी तथा 1.5 सेमी हैं। तब त्रिभुज की तीसरी भुजा की लम्बाई निम्न में से कौन-सी नहीं हो सकती है? (NCERT Exemplar) (a) 3.4 सेमी (b) 3.6 सेमी (c) 3.8 सेमी (d) 4.1 सेमी हलः
\( \cdot \cdot \triangle \) की रचना करने के लिए दो भुजाओं का योग हमेशा तीसरी भुजा से अधिक होना चाहिए । \( \cdot \cdot \) विकल्प (a) में 3.4 सेमी लेने पर त्रिभुज की रचना सम्भव नहीं है इसलिए \( \triangle \) की तीसरी भुजा 3.4 सेमी नहीं हो सकती ।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस चित्र में एक सामान्य त्रिभुज दिखाया गया है जिसकी भुजाएँ अज्ञात लंबाई की हैं। हालांकि, प्रश्न में दो भुजाओं की लंबाई (5 सेमी और 1.5 सेमी) दी गई है, और यह चित्र तीसरी भुजा की संभावित लंबाई को समझने में मदद करता है।
In simple words: त्रिभुज असमिका नियम के अनुसार, किसी भी दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से अधिक होना चाहिए, और दो भुजाओं का अंतर तीसरी भुजा से कम होना चाहिए। दी गई भुजाएँ 5 और 1.5 सेमी हैं, इसलिए तीसरी भुजा (x) 3.5 < x < 6.5 सेमी के बीच होनी चाहिए। 3.4 सेमी इस श्रेणी में नहीं आता है, इसलिए यह तीसरी भुजा नहीं हो सकती।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज की दो भुजाओं के योग और अंतर के नियम को हमेशा ध्यान में रखें ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि तीसरी भुजा की कौन सी लंबाई संभव है।
Question 7. \( \triangle \)AOC में तथा \( \triangle \)XYZ में \( \angle \)A = \( \angle \)X, AO = XZ, AC = XY, तब सर्वांगसमता नियम ज्ञात कीजिए जिसके द्वारा \( \triangle \)AOC \( \equiv \triangle \)XZY हल:
SAS कसौटी द्वारा ।
In simple words: दिए गए हैं कि \( \angle \)A = \( \angle \)X, AO = XZ, AC = XY। चूंकि दो भुजाएँ (AO, AC) और उनके बीच का कोण (\( \angle \)A) दूसरे त्रिभुज (XZ, XY, \( \angle \)X) की संगत भुजाओं और कोण के बराबर हैं, इसलिए SAS (भुजा-कोण-भुजा) सर्वांगसमता नियम लागू होता है।
🎯 Exam Tip: SAS सर्वांगसमता नियम की पहचान तब होती है जब दो त्रिभुजों में दो भुजाएँ और उनके 'अंतर्गत' कोण बराबर हों।
Question 8. संलग्न चित्र में, AD = BC तथा \( \angle \)BAD = \( \angle \)ABC तब \( \angle \)ACB ज्ञात D कीजिए। हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक चतुर्भुज ABCD को दर्शाता है। एक विकर्ण AC और दूसरा विकर्ण BD खींचा गया है। भुजा AD और BC बराबर हैं, और \( \angle \)BAD और \( \angle \)ABC भी बराबर हैं।
\( \triangle \)ACB तथा \( \triangle \)ADB में
| AD = BC | (दिया है) |
| \( \angle \)BAD = \( \angle \)ABC | (दिया है) |
| AB | (उभयनिष्ठ) |
SAS कसौटी से \( \triangle \)ACB \( \equiv \triangle \)ADB
\( \therefore \) \( \triangle \)ADB \( \equiv \triangle \)ACB
In simple words: दिए गए चित्र में, AD = BC, \( \angle \)BAD = \( \angle \)ABC, और AB उभयनिष्ठ भुजा है। इसलिए, SAS सर्वांगसमता नियम से \( \triangle \)ACB और \( \triangle \)ADB सर्वांगसम हैं।
🎯 Exam Tip: सर्वांगसमता सिद्ध करते समय, सुनिश्चित करें कि आप नियम (जैसे SAS) के लिए आवश्यक सभी शर्तों को पहचानते हैं, जिसमें उभयनिष्ठ भुजाएँ और दिए गए कोण शामिल हैं।
Question 9. यदि दो समकोण त्रिभुज ABC और DEF क्रमश: B और E पर समकोण है जो RHS द्वारा सर्वांगसम है तब निम्न में से कौन-सा एक सत्य है? (a) AC = DF (b) AB = DE (c) (a) और (b) दोनों सत्य हैं (d) इनमें से कोई नहीं हलः
विकल्प (c) सत्य है।
In simple words: RHS (समकोण-कर्ण-भुजा) सर्वांगसमता नियम के अनुसार, यदि दो समकोण त्रिभुजों में एक समकोण, कर्ण और एक भुजा बराबर हों, तो वे सर्वांगसम होते हैं। यदि \( \triangle \)ABC और \( \triangle \)DEF RHS सर्वांगसम हैं, तो उनके संगत कर्ण (AC=DF) और संगत भुजाएँ (AB=DE) बराबर होंगी। इसलिए, विकल्प (c) सही है।
🎯 Exam Tip: RHS सर्वांगसमता में, कर्ण (90° के सामने की भुजा) हमेशा संगत होना चाहिए। अन्य संगत भुजाएँ या तो आधार या लंबवत भुजाएँ हो सकती हैं।
Question 10. एक समकोण त्रिभुज में, एक न्यूनकोण अन्य का दोगुना है तब निम्न में से कौन-सा सत्य है? (a) कर्ण = छोटी भुजा का दोगुना (b) कर्ण = \( \frac{3}{4} \) × छोटी भुजा (c) एक न्यूनकोण 40° है (d) इनमें से कोई नहीं हलः
कर्ण = छोटी भुजा का दो गुना । अतः विकल्प (a) सही है।
In simple words: एक समकोण त्रिभुज में, यदि एक न्यूनकोण दूसरे का दोगुना है, तो कोण 30°, 60° और 90° होंगे। 30° के सामने की भुजा कर्ण की आधी होती है, जिसका अर्थ है कि कर्ण सबसे छोटी भुजा का दोगुना होगा।
🎯 Exam Tip: 30-60-90 त्रिभुज के गुणों को याद रखना महत्वपूर्ण है, जहाँ 30° के सामने की भुजा कर्ण की आधी होती है।
Question 11. \( \triangle \)ABC में, यदि AD माध्यिका है तब निम्न में से कौन-सा एक सत्य है? (a) AB + AC > 2AD (d) इनमें से कोई नहीं हलः
विकल्प (a) सही है।
In simple words: त्रिभुज असमिका नियम के अनुसार, किसी भी त्रिभुज की दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से बड़ा होता है। माध्यिका को शामिल करते हुए, AB + AC > 2AD सही है।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज में, दो भुजाओं का योग हमेशा तीसरी भुजा से अधिक होता है। माध्यिका से संबंधित प्रश्नों में, इस नियम का उपयोग अक्सर होता है।
Question 12. संलग्न चित्र में, \( \angle \)ABD : \( \angle \)ACD का अनुपात ज्ञात कीजिए। हल:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC है जहाँ AB = AC है। भुजा BC को D तक बढ़ाया गया है। A से D तक एक रेखा खींची गई है।
\( \triangle \)ABC में, AB = AC \( \therefore \angle \)B = \( \angle \)C ...(1) \( \triangle \)BCD में, DB = DC \( \angle \)DBC = \( \angle \)DCB ...(2) समीकरण (1) - (2) करने पर, \( \angle \)B - \( \angle \)DBC = \( \angle \)C - \( \angle \)DCB \( \angle \)ABD = \( \angle \)DCA \( \implies \) ABD : ACD = 1 : 1
In simple words: दिए गए चित्र में AB=AC और DB=DC है। इससे \( \angle \)B = \( \angle \)C और \( \angle \)DBC = \( \angle \)DCB मिलता है। इन समीकरणों को घटाने पर \( \angle \)ABD = \( \angle \)DCA प्राप्त होता है, अतः उनका अनुपात 1:1 है।
🎯 Exam Tip: समद्विबाहु त्रिभुज के गुणों का उपयोग करें कि समान भुजाओं के सामने के कोण बराबर होते हैं। यह कोणों के अंतर को सरल बनाने में मदद करता है।
Question 13. निम्न में से कौन-सी त्रिभुजों की सर्वांगसमता के लिए एक कसौटी नहीं है? (NCERT Exemplar) (a) SAS (b) SSS (c) ASA (d) SSA हल:
विकल्प (d) SSA
In simple words: त्रिभुजों की सर्वांगसमता के लिए चार मुख्य कसौटियाँ हैं: SSS (भुजा-भुजा-भुजा), SAS (भुजा-कोण-भुजा), ASA (कोण-भुजा-कोण) और RHS (समकोण-कर्ण-भुजा)। SSA (भुजा-भुजा-कोण) सर्वांगसमता कसौटी नहीं है क्योंकि यह अद्वितीय त्रिभुज का निर्धारण नहीं करती।
🎯 Exam Tip: सभी सर्वांगसमता नियमों को याद रखना महत्वपूर्ण है और यह जानना भी कि कौन सा नियम (जैसे SSA) सर्वांगसमता को सिद्ध नहीं कर सकता।
Question 14. \( \triangle \)ABC में \( \angle \)B = 35°, \( \angle \)C = 65° तथा AD, \( \angle \)BAC का समद्विभाजक BC से D पर मिलता है। तब निम्न में से कौन-सा सत्य है? (d) इनमें से कोई नहीं
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC दिखाया गया है। \( \angle \)B 35° है, \( \angle \)C 65° है। AD रेखा \( \angle \)BAC को समद्विभाजित करती है और BC भुजा पर बिंदु D पर मिलती है।
हलः विकल्प (a) सही है।
In simple words: त्रिभुज ABC में \( \angle \)A = 180° - (35° + 65°) = 80° होगा। चूंकि AD, \( \angle \)BAC का समद्विभाजक है, \( \angle \)BAD = \( \angle \)CAD = 40°। अब, त्रिभुज ADB में, \( \angle \)ADB = 180° - 35° - 40° = 105°। त्रिभुज ADC में, \( \angle \)ADC = 180° - 65° - 40° = 75°। इन कोणों से भुजाओं की तुलना की जा सकती है।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज के कोण योग गुण और कोण समद्विभाजक की परिभाषा का उपयोग करके सभी कोणों की गणना करें, फिर भुजा-कोण संबंध लागू करें।
Question 15. यदि एक त्रिभुज के दो शीर्षलम्बों की ऊँचाईयाँ, विपरीत भुजाओं के बराबर है तब त्रिभुज का नाम बताइये । हलः
समद्विबाहु त्रिभुज ।
In simple words: यदि किसी त्रिभुज के दो शीर्षलम्बों की ऊँचाईयाँ बराबर हैं, तो उनके विपरीत भुजाएँ भी बराबर होंगी, जिससे त्रिभुज समद्विबाहु बन जाएगा।
🎯 Exam Tip: यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि यदि किसी त्रिभुज में दो ऊंचाइयाँ बराबर हैं, तो वह एक समद्विबाहु त्रिभुज होगा।
Question 16. यदि \( \triangle \)PQR = \( \triangle \)EFD तब \( \angle \)E ज्ञात कीजिए। हलः
\( \angle \)E = \( \angle \)P
In simple words: यदि दो त्रिभुज सर्वांगसम हैं, तो उनके संगत कोण बराबर होते हैं। \( \triangle \)PQR \( \equiv \triangle \)EFD में, \( \angle \)P \( \equiv \angle \)E, \( \angle \)Q \( \equiv \angle \)F और \( \angle \)R \( \equiv \angle \)D होते हैं। इसलिए, \( \angle \)E, \( \angle \)P के बराबर होगा।
🎯 Exam Tip: सर्वांगसम त्रिभुजों में, संगत भाग (कोण और भुजाएँ) हमेशा बराबर होते हैं। अक्षरों के क्रम का ध्यान रखें।
Question 17. यदि \( \triangle \)PQR = \( \triangle \)EFD तब ED ज्ञात कीजिए। हलः
ED = PR
In simple words: यदि दो त्रिभुज सर्वांगसम हैं, तो उनकी संगत भुजाएँ बराबर होती हैं। \( \triangle \)PQR \( \equiv \triangle \)EFD में, PR भुजा ED भुजा के संगत है, इसलिए ED = PR होगा।
🎯 Exam Tip: सर्वांगसम त्रिभुजों में संगत भुजाओं को पहचानना महत्वपूर्ण है, जो अक्सर नामकरण के क्रम से निर्धारित होता है।
Question 18. एक समद्विबाहु त्रिभुज में, यदि शीर्ष कोण, आधार कोणों के योग से दोगुना है तब त्रिभुज के शीर्ष कोण की माप ज्ञात कीजिए। हल:
दिया है,
\( \angle \)A = 2(\( \angle \)B + \( \angle \)C) ... (1)
या
\( \frac{\angle A}{2} = \angle B + \angle C \) ... (2)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC को दर्शाता है जिसमें शीर्ष कोण A है और आधार कोण B और C हैं। AB और AC भुजाएँ बराबर हैं, इसलिए \( \angle \)B = \( \angle \)C।
\( \angle \)A + \( \angle \)B + \( \angle \)C = 180
\( \angle \)A + \( \frac{\angle A}{2} = 180 \)
\( \frac{3}{2} \angle A = 180 \)
या
\( \angle \)A = \( \frac{180 \times 2}{3} = 120^\circ \)
\( \cdot \cdot \triangle \) का शीर्षकोण = 120°
In simple words: एक समद्विबाहु त्रिभुज में, आधार कोण बराबर होते हैं। यदि शीर्ष कोण आधार कोणों के योग का दोगुना है, तो त्रिभुज के कोणों के योग 180° के नियम का उपयोग करके शीर्ष कोण 120° होगा।
🎯 Exam Tip: समद्विबाहु त्रिभुज के गुणों (आधार कोण बराबर होते हैं) और त्रिभुज के कोणों के योग (180°) के नियम का एक साथ उपयोग करें।
Question 19. \( \triangle \)ABC में यदि AB = AC तथा BC को D तक इस प्रकार बढ़ाया गया है कि \( \angle \)ACD = 100° तब \( \angle \)A ज्ञात कीजिए। हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC को दर्शाता है जहाँ AB = AC है। भुजा BC को बिंदु D तक बढ़ाया गया है, जिससे एक बाहरी कोण \( \angle \)ACD बनता है, जिसका माप 100° है।
\( \cdot \cdot \) AB = AC
\( \angle \)ABC = \( \angle \)ACB ...(1)
\( \angle \)ACB = 180 - 100 = 80° ...(2)
समीकरण (2) से,
\( \angle \)ABC = \( \angle \)ACB = 80°
\( \angle \)A = 180 - (80 + 80)
= 180 - 160 = 20°
In simple words: त्रिभुज ABC में AB = AC है, तो \( \angle \)ABC = \( \angle \)ACB। बाहरी कोण \( \angle \)ACD = 100° है, तो आंतरिक कोण \( \angle \)ACB = 180° - 100° = 80°। इस प्रकार, \( \angle \)ABC भी 80° होगा। त्रिभुज के कोणों का योग 180° होता है, तो \( \angle \)A = 180° - (80° + 80°) = 20°।
🎯 Exam Tip: रैखिक युग्म (linear pair) के कोणों का उपयोग करके आंतरिक कोण ज्ञात करें, फिर समद्विबाहु त्रिभुज के गुणों और कोण योग प्रमेय का उपयोग करें।
Question 20. यदि \( \triangle \)ABC = \( \triangle \)ACB तब कौन-सी भुजाओं के लिए \( \triangle \)ABC समद्विबाहु है । हलः
AB = BC
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक त्रिभुज ABC को दर्शाता है जिसकी भुजाएँ AB, BC, AC हैं। यदि \( \triangle \)ABC \( \equiv \triangle \)ACB है, तो यह दर्शाता है कि त्रिभुज में कुछ भुजाएँ बराबर हैं, जो इसे समद्विबाहु बनाती हैं।
In simple words: यदि \( \triangle \)ABC \( \equiv \triangle \)ACB है, तो इसका मतलब है कि त्रिभुज अपने आप में सर्वांगसम है, लेकिन एक अलग क्रम में। यह तभी संभव है जब संगत भुजाएँ बराबर हों। यहां, AB = AC (पहले और दूसरे बिंदु), BC = CB (दूसरे और तीसरे बिंदु), और AC = AB (पहले और तीसरे बिंदु)। इसका मतलब है कि AB = AC, तो यह एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
🎯 Exam Tip: सर्वांगसमता के अक्षरों के क्रम पर ध्यान दें। \( \triangle \)ABC \( \equiv \triangle \)ACB का अर्थ है कि पहला शीर्ष (A) पहले (A) के संगत है, दूसरा शीर्ष (B) दूसरे (C) के संगत है, और तीसरा शीर्ष (C) तीसरे (B) के संगत है। इससे भुजाओं की समानता निकलती है।
Exercise 12.4 Congruence Of Triangles लघु उत्तरीय प्रश्न-I (Short Answer Type Questions-1)
Question 21. एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC है जिसमें AB = AC, BE और CF इसकी दो माध्यिकाएँ हैं तो सिद्ध कीजिए कि BE = CF हलः
समद्विबाहु \( \triangle \)ABC में, AB = AC
\( \cdot \cdot \angle \)ABC = \( \angle \)ACB
\( \triangle \)BEC तथा \( \triangle \)BCF में,
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC है जहाँ AB = AC है, यह इसे समद्विबाहु त्रिभुज बनाता है। BE और CF इस त्रिभुज की दो माध्यिकाएँ हैं, जो क्रमशः AC और AB भुजाओं के मध्यबिंदुओं E और F पर मिलती हैं।
| BC | उभयनिष्ठ |
| \( \angle \)ABC = \( \angle \)ACB | (समीकरण (1) से) |
| CE = BF | (दिया है) |
अतः \( \triangle \)BEC \( \equiv \triangle \)BCF
BE = CF
In simple words: एक समद्विबाहु त्रिभुज में (AB=AC), आधार कोण (\( \angle \)ABC और \( \angle \)ACB) बराबर होते हैं। यदि BE और CF माध्यिकाएँ हैं, तो \( \triangle \)BEC और \( \triangle \)BCF को SAS नियम से सर्वांगसम सिद्ध किया जा सकता है (BC उभयनिष्ठ, \( \angle \)B = \( \angle \)C, और BF = CE चूंकि माध्यिकाएँ समान भुजाओं के मध्यबिंदुओं को जोड़ती हैं)। इस प्रकार, BE = CF।
🎯 Exam Tip: समद्विबाहु त्रिभुज में माध्यिकाएँ और ऊँचाईयाँ संबंधित गुणों को याद रखें। SAS सर्वांगसमता नियम के लिए सही भुजा-कोण-भुजा क्रम की पहचान करें।
Question 22. एक वर्ग ABCD की एक भुजा CD पर, एक समद्विबाहु त्रिभुज CDE है तो दिखाइये कि \( \triangle \)ADE = \( \triangle \)BCE हलः
\( \triangle \)CDE समद्विबाहु \( \triangle \) है
\( \cdot \cdot \angle \)EDC = \( \angle \)ECD ...(1)
\( \triangle \)ADE तथा \( \triangle \)BCE में
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक वर्ग ABCD है। भुजा CD पर एक समद्विबाहु त्रिभुज CDE बना हुआ है, जिसका शीर्ष E वर्ग के बाहर की ओर है।
| AD = BC | (वर्ग की भुजाएं) |
| DE = EC | (दिया है) |
| \( \angle \)EDC = \( \angle \)ECD | (समीकरण (1) में दिखाया है) |
अतः \( \triangle \)ADE \( \equiv \triangle \)BCE
In simple words: वर्ग ABCD में AD = BC। समद्विबाहु त्रिभुज CDE में DE = EC और \( \angle \)EDC = \( \angle \)ECD। \( \triangle \)ADE और \( \triangle \)BCE में, AD = BC, DE = EC, और \( \angle \)ADE = \( \angle \)BCE (चूंकि \( \angle \)ADC = \( \angle \)BCD = 90°)। इसलिए, SAS सर्वांगसमता से \( \triangle \)ADE \( \equiv \triangle \)BCE।
🎯 Exam Tip: वर्ग के गुणों (सभी भुजाएँ बराबर, सभी कोण 90°) और समद्विबाहु त्रिभुज के गुणों (आधार कोण बराबर) का एक साथ उपयोग करें।
Question 23. एक रेखाखंड AB है तथा रेखा । इसकी लाम्बिक समद्विभाजक है यदि एक बिंदु P, l पर स्थित है तो दिखाइये कि P, A तथा B से समदूरस्थ है। (NCERT) हल:
माना बिन्दु P, AB के लाम्बिक समद्विभाजक । पर स्थित है।
P को A तथा B से मिलाया
\( \triangle \)PAM तथा \( \triangle \)PBM में
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक रेखाखंड AB है। एक रेखा 'l' AB की लंब समद्विभाजक है, जो AB को बिंदु M पर काटती है। एक बिंदु P रेखा 'l' पर स्थित है, और P से A और B तक रेखाखंड खींचे गए हैं।
| AM = MB | (दिया है) |
| \( \angle \)PMA = \( \angle \)PMB | (प्रत्येक 90°) |
| PM | (उभयनिष्ठ) |
अतः \( \triangle \)PAM \( \equiv \triangle \)PBM
\( \cdot \cdot \) PA = PB इतिसिद्धम्
In simple words: यदि रेखा P, रेखाखंड AB की लंब समद्विभाजक पर स्थित है, तो यह AB को M पर समकोण पर विभाजित करती है। \( \triangle \)PAM और \( \triangle \)PBM में, AM = MB, \( \angle \)PMA = \( \angle \)PMB = 90°, और PM उभयनिष्ठ है। इसलिए, SAS सर्वांगसमता से \( \triangle \)PAM \( \equiv \triangle \)PBM, जिसका अर्थ है कि PA = PB।
🎯 Exam Tip: लम्ब समद्विभाजक की परिभाषा को स्पष्ट रूप से समझें: यह रेखाखंड को समकोण पर दो बराबर भागों में विभाजित करता है।
Question 24. एक चतुर्भुज ABCD में, AC = AD तथा AB, \( \angle \)A को समद्विभाजित करता है तो दिखाइये कि \( \triangle \)ABC = \( \triangle \)ABD हल:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक चतुर्भुज ABCD दिखाया गया है। विकर्ण AC और AD बराबर हैं। विकर्ण AB कोण A को समद्विभाजित करता है।
\( \triangle \)ABC तथा \( \triangle \)ABD में
| AC = AD | (ज्ञात है) |
| \( \angle \)CAB = \( \angle \)DAB | (ज्ञात है) |
| AB | (उभयनिष्ठ) |
अतः \( \triangle \)ABC \( \equiv \triangle \)ABD
\( \cdot \cdot \) \( \angle \)CBA = \( \angle \)CDA
In simple words: चतुर्भुज ABCD में, AC = AD, AB \( \angle \)A को समद्विभाजित करता है (\( \angle \)CAB = \( \angle \)DAB) और AB उभयनिष्ठ भुजा है। SAS सर्वांगसमता नियम से, \( \triangle \)ABC \( \equiv \triangle \)ABD। इसलिए, संगत भाग के रूप में \( \angle \)CBA = \( \angle \)CDA।
🎯 Exam Tip: SAS सर्वांगसमता के लिए, कोण हमेशा दो बराबर भुजाओं के बीच में होना चाहिए। यहां AB, AC और AD के बीच का कोण है।
Question 25. एक समद्विबाहु त्रिभुज का ऊर्ध्वाधर कोण 100° है तो दिखाइये कि इसका आधार कोण 40° है। हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC दिखाया गया है जहाँ शीर्ष कोण A 100° है। AB और AC भुजाएँ बराबर हैं, और B और C आधार कोण हैं।
\( \cdot \cdot \triangle \)ABC में AB = BC \( \angle \)BAC = \( \angle \)ACB = 40°
In simple words: एक समद्विबाहु त्रिभुज में, यदि शीर्ष कोण 100° है, तो शेष दो आधार कोणों का योग 180° - 100° = 80° होगा। चूंकि आधार कोण बराबर होते हैं, प्रत्येक आधार कोण 80° / 2 = 40° होगा।
🎯 Exam Tip: समद्विबाहु त्रिभुज के गुणों और कोण योग प्रमेय का उपयोग करें। आधार कोण हमेशा बराबर होते हैं।
Question 26. संलग्न चित्र में, एक वर्ग ABCD है तथा P, AD का मध्य बिंदु है, BP और CP मिलाये गये हैं। तो सिद्ध कीजिए कि \( \angle \)PCB = \( \angle \)PBC हल:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक वर्ग ABCD दिखाया गया है। भुजा AD का मध्य बिंदु P है। P को B और C से जोड़ा गया है, जिससे त्रिभुज ABP, CDP, BPC बनते हैं।
\( \triangle \)ABP तथा \( \triangle \)CDP में
| AB = DC | (वर्ग की भुजाऐं) |
| \( \angle \)PAB = \( \angle \)PDC | (प्रत्येक 90°) |
| DP = PA | (: P, AD का मध्म बिन्दु है) |
अतः \( \triangle \)ABP \( \equiv \triangle \)CDP
अतः BP = CP
तथा \( \angle \)PBC = \( \angle \)PCB
In simple words: वर्ग ABCD में, P, AD का मध्य बिंदु है, इसलिए AP = PD। \( \triangle \)ABP और \( \triangle \)CDP में, AB = CD (वर्ग की भुजाएँ), \( \angle \)A = \( \angle \)D = 90°, और AP = PD। अतः, SAS सर्वांगसमता से \( \triangle \)ABP \( \equiv \triangle \)CDP। इससे BP = CP सिद्ध होता है। यदि BP = CP है, तो \( \triangle \)BPC एक समद्विबाहु त्रिभुज है, और \( \angle \)PCB = \( \angle \)PBC।
🎯 Exam Tip: वर्ग के गुणों और मध्यबिंदु की परिभाषा का उपयोग करें। SAS सर्वांगसमता का अनुप्रयोग करके संगत भुजाओं और कोणों की समानता सिद्ध करें।
Question 27. संलग्न चित्र में, बिंदु P और Q, BC पर इस प्रकार है कि BQ = CP तथा AP = AQ तो दिखाइये कि AB = AC हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC है। भुजा BC पर बिंदु P और Q इस तरह स्थित हैं कि BQ = CP है। शीर्ष A से P और Q तक रेखाखंड खींचे गए हैं, और AP = AQ है।
\( \cdot \cdot \) BQ = CP ...(1)
दोनो ओर से PQ घटाने पर
BQ - PQ = PC - PQ
BP = QC ...(2)
अब \( \triangle \)ABP तथा \( \triangle \)AQC में
| BP = QC | (अभी सिद्ध किया है) |
| AP = AQ | (दिया है) |
| \( \angle \)AQP = \( \angle \)APQ | (अभी सिद्ध किया है) |
\( \triangle \)APQ में
\( \cdot \cdot \) AP = AQ \( \implies \angle \)AQP = \( \angle \)APQ
अतः \( \triangle \)ABP \( \equiv \triangle \)AQC
अतः AB = AC
In simple words: दिए गए चित्र में, BQ = CP और AP = AQ। BQ = CP से, PQ घटाने पर BP = QC मिलता है। \( \triangle \)APQ में AP = AQ का अर्थ है \( \angle \)APQ = \( \angle \)AQP। अब \( \triangle \)ABP और \( \triangle \)AQC में, AP = AQ, BP = QC और \( \angle \)B = \( \angle \)C (यदि \( \triangle \)ABC समद्विबाहु है)।
🎯 Exam Tip: सर्वांगसमता सिद्ध करने के लिए सही कोणों और भुजाओं का मिलान करें। यहां, \( \angle \)APQ = \( \angle \)AQP एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
Question 28. सिद्ध कीजिए कि एक त्रिभुज की बराबर भुजाओं के विपरीत कोण भी बराबर होते हैं। हलः
रचना - बिन्दु A से आधार BC पर एक लम्ब AP डाला।
\( \angle \)APB = \( \angle \)APC = 90°
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC को दर्शाता है जिसमें AB = AC है। शीर्ष A से आधार BC पर एक लंब AP खींचा गया है, जो BC को बिंदु P पर काटता है। इससे दो समकोण त्रिभुज APB और APC बनते हैं।
समकोण \( \triangle \)APB तथा समकोण \( \triangle \)APC में
| AB = AC | (दिया है) |
| AP | (उभयनिष्ठ) |
सर्वांगसमता की RHS कसौटी से \( \triangle \)APB \( \equiv \triangle \)APC
\( \cdot \cdot \) \( \angle \)ABC = \( \angle \)ACB
In simple words: एक त्रिभुज ABC में, यदि AB = AC है, तो A से BC पर लंब AP खींचें। अब \( \triangle \)APB और \( \triangle \)APC में, AB = AC (कर्ण), AP उभयनिष्ठ है, और \( \angle \)APB = \( \angle \)APC = 90°। RHS सर्वांगसमता से, \( \triangle \)APB \( \equiv \triangle \)APC, इसलिए \( \angle \)B = \( \angle \)C (बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण)।
🎯 Exam Tip: RHS सर्वांगसमता नियम को लागू करने के लिए, हमेशा एक समकोण, कर्ण और एक भुजा की समानता सिद्ध करें।
Exercise 12.4 Congruence Of Triangles लघु उत्तरीय प्रश्न-II (Short Answer Type Questions-II)
Question 29. एक चतुर्भुज ABCD में, यदि विकर्ण AC, \( \angle \)A को समद्विभाजित करता है तथा AB = AD तब दिखाइये कि \( \angle \)CBA = \( \angle \)CDA हल:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक चतुर्भुज ABCD दिखाया गया है। विकर्ण AC खींचा गया है। AB और AD भुजाएँ बराबर हैं, और AC रेखा \( \angle \)A को समद्विभाजित करती है।
\( \triangle \)ABC तथा \( \triangle \)ADC में
| AB = AD | (दिया है) |
| \( \angle \)BAC = \( \angle \)CAD | (दिया है) |
| AC | (उभयनिष्ठ) |
अतः \( \triangle \)ABC \( \equiv \triangle \)ADC
\( \cdot \cdot \) \( \angle \)CBA = \( \angle \)CDA
In simple words: चतुर्भुज ABCD में, AB = AD और AC, \( \angle \)A को समद्विभाजित करता है, जिसका अर्थ है \( \angle \)BAC = \( \angle \)CAD। AC दोनों त्रिभुजों ABC और ADC में उभयनिष्ठ भुजा है। SAS सर्वांगसमता नियम से, \( \triangle \)ABC \( \equiv \triangle \)ADC। इसलिए, संगत भाग के रूप में \( \angle \)CBA = \( \angle \)CDA।
🎯 Exam Tip: SAS सर्वांगसमता के लिए, कोण हमेशा दो बराबर भुजाओं के बीच होना चाहिए। इस प्रश्न में, \( \angle \)BAC और \( \angle \)CAD, भुजाओं AB, AC और AD, AC के बीच हैं।
Question 30. संलग्न चित्र में, \( \triangle \)ABC में, \( \angle \)B = 30°, \( \angle \)C=65° तथा \( \angle \)A का समद्विभाजक BC पर X में मिलता है। दिखाइये कि CX < AX < BX हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC को दर्शाया गया है जहाँ \( \angle \)B = 30° और \( \angle \)C = 65° है। \( \angle \)A का कोण समद्विभाजक AX है जो भुजा BC को बिंदु X पर काटता है।
\( \angle \)BAC = 180-(30+65)
= 180-95
= 85
\( \angle \)BAX = \( \angle \)CAX = \( \frac{85}{2} = 42.5 \)
CX < AX < BX
In simple words: \( \triangle \)ABC में, \( \angle \)A = 180° - (30° + 65°) = 85°। चूंकि AX, \( \angle \)A का समद्विभाजक है, \( \angle \)BAX = \( \angle \)CAX = 42.5°। \( \triangle \)ABX में, \( \angle \)AXB = 180° - 30° - 42.5° = 107.5°। \( \triangle \)ACX में, \( \angle \)AXC = 180° - 65° - 42.5° = 72.5°। कोणों की तुलना करके भुजाओं की असमानता सिद्ध होती है।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज के कोण योग प्रमेय और कोण समद्विभाजक की परिभाषा का उपयोग करके सभी कोणों की गणना करें। फिर, त्रिभुज में भुजा-कोण संबंध (बड़े कोण के सामने बड़ी भुजा) लागू करें।
Question 31. संलग्न चित्र में, O, AB तथा CD का मध्य बिंदु है। तो सिद्ध कीजिए कि AC = BD हल:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र दो रेखाखंड AB और CD को दर्शाता है जो एक बिंदु O पर प्रतिच्छेद करते हैं। O, AB और CD दोनों का मध्य बिंदु है। बिंदुओं A, C, B, D को जोड़ने पर त्रिभुज AOC और BOD बनते हैं।
\( \triangle \)AOC तथा \( \triangle \)BOD में
| OA = OB | (दिया है) |
| OC = OD | (दिया है) |
| \( \angle \)AOC = \( \angle \)BOD | (शीर्षाभिमुख कोण) |
अतः \( \triangle \)AOC \( \equiv \triangle \)BOD
\( \cdot \cdot \) AC = BD
In simple words: चित्र में, O, AB और CD का मध्य बिंदु है, जिसका अर्थ है OA = OB और OC = OD। \( \angle \)AOC और \( \angle \)BOD शीर्षाभिमुख कोण हैं, इसलिए वे बराबर हैं। SAS सर्वांगसमता नियम से, \( \triangle \)AOC \( \equiv \triangle \)BOD। इसलिए, संगत भाग के रूप में AC = BD।
🎯 Exam Tip: मध्यबिंदु की परिभाषा और शीर्षाभिमुख कोणों की समानता को पहचानें। SAS सर्वांगसमता का अनुप्रयोग करके संगत भुजाओं की समानता सिद्ध करें।
Question 32. सिद्ध कीजिए कि एक त्रिभुज की बराबर कोणों की विपरीत भुजाएँ भी बराबर होती हैं। हलः
रचना- बिन्दु A से आधार BC पर लम्ब AM डाला।
समकोण \( \triangle \)AMB तथा समकोण \( \triangle \)AMC में
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC दिखाया गया है जहाँ \( \angle \)B = \( \angle \)C है। शीर्ष A से आधार BC पर एक लंब AM खींचा गया है, जो BC को बिंदु M पर काटता है। इससे दो समकोण त्रिभुज AMB और AMC बनते हैं।
In simple words: एक त्रिभुज ABC में, यदि \( \angle \)B = \( \angle \)C है, तो A से BC पर लंब AM खींचें। \( \triangle \)AMB और \( \triangle \)AMC में, \( \angle \)B = \( \angle \)C (दिया है), \( \angle \)AMB = \( \angle \)AMC = 90° (रचना से), और AM उभयनिष्ठ है। ASA सर्वांगसमता से, \( \triangle \)AMB \( \equiv \triangle \)AMC, इसलिए AB = AC।
🎯 Exam Tip: इस प्रमेय को सिद्ध करने के लिए ASA (कोण-भुजा-कोण) या AAS (कोण-कोण-भुजा) सर्वांगसमता नियम का प्रयोग किया जा सकता है। एक लंब खींचना अक्सर सहायक होता है।
Question 33. एक न्यूनकोण त्रिभुज ABC है । B से AC पर लम्ब, C से AB पर लम्ब के बराबर है तो सिद्ध कीजिए कि AB = AC हलः
समकोण \( \triangle \)MCB तथा समकोण \( \triangle \)NCB में
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक न्यूनकोण त्रिभुज ABC दिखाया गया है। शीर्ष B से भुजा AC पर लंब BM खींचा गया है, और शीर्ष C से भुजा AB पर लंब CN खींचा गया है। BM और CN दोनों की लंबाई बराबर दी गई है।
| BC | (उभयनिष्ठ) |
| BM = CN | (दिया है) |
अतः RHS कसौटी से,
\( \triangle \)MCB \( \equiv \triangle \)NCB
\( \cdot \cdot \) MC = NB ...(1)
इस प्रकार सिद्ध कर सकते है कि
AM = AN ...(2)
समीकरण (1) व (2) को जोड़ने पर
MC + AM = NB + AN
AC = AB
In simple words: यदि किसी त्रिभुज में दो शीर्षलम्ब बराबर हों (BM = CN), तो \( \triangle \)MCB और \( \triangle \)NCB RHS सर्वांगसम होंगे (BC उभयनिष्ठ, 90° कोण, BM = CN)। इससे MC = NB सिद्ध होता है। यदि A से शीर्षलंब खींचते हैं, तो समान तर्क से AN = AM सिद्ध होता है। अंत में, AC = AB सिद्ध होता है, जिसका अर्थ है कि त्रिभुज समद्विबाहु है।
🎯 Exam Tip: RHS सर्वांगसमता नियम का प्रयोग करें। उभयनिष्ठ भुजा और बराबर शीर्षलंबों का उपयोग करके त्रिभुजों को सर्वांगसम सिद्ध करें।
Question 34. सिद्ध कीजिए कि किसी त्रिभुज (समबाहु त्रिभुज से अलग) सबसे बड़ी भुजा के विपरीत कोण 60° से बड़ा होता है। (NCERT Exemplar) हलः
समबाहु \( \triangle \) से अलग दो स्थिति होगी
(i) अधिक कोण त्रिभुज में सबसे बड़ी भुजा के विपरीत कोण 60° से बड़ा होता है।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक अधिक कोण त्रिभुज ABC को दर्शाता है, जिसमें \( \angle \)A अधिक कोण (90° से अधिक) है। सबसे बड़ी भुजा (BC) इस अधिक कोण के सम्मुख है।
(ii) न्यूनकोण त्रिभुज में सबसे बड़ी भुजा के विपरीत कोण 60° से अधिक ही होगा ।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक न्यूनकोण त्रिभुज ABC को दर्शाता है, जिसमें सभी कोण 90° से कम हैं। भुजा BC सबसे बड़ी है और उसके सम्मुख कोण A भी सबसे बड़ा कोण होगा।
In simple words: किसी भी त्रिभुज में, सबसे बड़ी भुजा के विपरीत कोण का माप हमेशा सबसे बड़ा होता है। चूंकि एक समबाहु त्रिभुज में सभी कोण 60° होते हैं, एक गैर-समबाहु त्रिभुज में, सबसे बड़ी भुजा का सम्मुख कोण 60° से बड़ा ही होगा (या तो अधिक कोण त्रिभुज में, या न्यूनकोण त्रिभुज में जहां एक कोण 60° से बड़ा हो)।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज के भुजा-कोण संबंध को समझें: सबसे बड़ी भुजा के सामने हमेशा सबसे बड़ा कोण होता है। समबाहु त्रिभुज के संदर्भ में 60° की तुलना करें।
Exercise 12.4 Congruence Of Triangles दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Type Questions)
Question 35. सिद्ध कीजिए कि एक समबाहु त्रिभुज की माध्यिकाएँ बराबर होती हैं। हल:
\( \triangle \)ADC तथा \( \triangle \)ABE में
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक समबाहु त्रिभुज ABC दिखाया गया है। इसकी माध्यिकाएँ AD, BE, और CF खींची गई हैं, जो क्रमशः भुजाओं BC, AC, और AB के मध्यबिंदुओं D, E, और F पर मिलती हैं।
| AB = AC | (दिया है) |
| \( \angle \)A = \( \angle \)C | (दिया है) |
| AE = DC | (: D, E मध्यबिन्दु है) |
अतः \( \triangle \)ADC \( \equiv \triangle \)ABE ...(1)
AD = BE
\( \cdot \cdot \) इसी प्रकार, \( \triangle \)ABE \( \equiv \triangle \)ACF ...(2)
BE = CF
\( \cdot \cdot \) समीकरण (1), (2) से सिद्ध होता है कि AD = BE = CF
\( \cdot \cdot \) समबाहु त्रिभुज की माध्यिकाऐं बराबर होती हैं।
In simple words: एक समबाहु त्रिभुज में, सभी भुजाएँ बराबर होती हैं (AB=BC=CA) और सभी कोण 60° होते हैं। यदि AD, BE, CF माध्यिकाएँ हैं, तो ABE और ADC जैसे त्रिभुजों को SAS सर्वांगसमता नियम से सर्वांगसम सिद्ध किया जा सकता है। इससे यह सिद्ध होगा कि सभी माध्यिकाएँ बराबर हैं।
🎯 Exam Tip: समबाहु त्रिभुज के गुणों (भुजाएँ और कोण बराबर) का उपयोग करें। SAS सर्वांगसमता का अनुप्रयोग करके दो माध्यिकाओं की समानता सिद्ध करें, फिर इसे तीसरी के लिए सामान्यीकृत करें।
Question 36. संलग्न चित्र में, AB = AC, CH = CB तथा HK || BC यदि \( \angle \)CAX = 137° तब \( \angle \)CHR ज्ञात कीजिए । हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक चित्र दिखाया गया है जिसमें त्रिभुज ABC और CBH हैं। AB = AC, CH = CB दिया गया है। रेखा HK, BC के समांतर है। \( \angle \)CAX एक बाहरी कोण है।
AB = AC ...(1)
CH = CB ...(2)
HK || BC ...(3)
\( \angle \)CHB = \( \angle \)CBH
\( \angle \)XAC = \( \angle \)B + \( \angle \)C
\( \implies \) 137 = \( \angle \)B + \( \angle \)C
\( \implies \) 137 = \( \angle \)B + \( \angle \)B
\( \implies \) 137 = 2\( \angle \)B
\( \implies \angle \)B = \( \frac{137}{2} = 68.5^\circ \)
\( \angle \)AHK = 68.5° (संगत कोण)
\( \triangle \)CBH में समीकरण (2) से
\( \angle \)CBH = \( \angle \)BHC = 68.5
\( \angle \)AHK = \( \angle \)ABC = 68.5
\( \angle \)CHK = 180-(\( \angle \)BHC + \( \angle \)AHK)
= 180-(68.5 + 68.5) = 180-137 = 43°
In simple words: \( \triangle \)ABC में AB=AC से \( \angle \)B = \( \angle \)C। \( \triangle \)CBH में CH=CB से \( \angle \)CHB = \( \angle \)CBH। \( \angle \)CAX = 137° त्रिभुज का बहिष्कोण है, इसलिए \( \angle \)B + \( \angle \)C = 137°। \( \angle \)B = 137/2 = 68.5°। चूंकि HK || BC, \( \angle \)AHK = \( \angle \)ABC = 68.5° (संगत कोण)। \( \triangle \)CBH में \( \angle \)CBH = 68.5°, तो \( \angle \)BHC = 68.5°। अंत में, \( \angle \)CHK = 180° - (\( \angle \)BHC + \( \angle \)AHK) = 180° - (68.5° + 68.5°) = 43°।
🎯 Exam Tip: समद्विबाहु त्रिभुज के गुणों, बहिष्कोण प्रमेय, संगत कोणों और रैखिक युग्म की अवधारणाओं का व्यवस्थित रूप से प्रयोग करें।
Question 37. दिखाइये कि एक चतुर्भुज ABCD में AB + BC + CD + DA > AC + BD हल:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक चतुर्भुज ABCD दिखाया गया है, जिसमें विकर्ण AC और BD हैं। विकर्ण एक बिंदु O पर प्रतिच्छेद करते हैं।
In simple words: त्रिभुज असमिका नियम के अनुसार, किसी भी त्रिभुज में दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से बड़ा होता है। चतुर्भुज ABCD के अंदर विकर्णों द्वारा बने चार त्रिभुजों (जैसे \( \triangle \)AOB, \( \triangle \)BOC, \( \triangle \)COD, \( \triangle \)DOA) में इस नियम को लागू करके, भुजाओं का योग विकर्णों के योग से बड़ा सिद्ध होता है।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज असमिका नियम का बार-बार प्रयोग करें। चतुर्भुज के विकर्णों द्वारा बने चार छोटे त्रिभुजों पर ध्यान दें और प्रत्येक के लिए असमिका लिखें।
Question 38. संलग्न चित्र में, एक समबाहु त्रिभुज ABC है। PQ||AC तथा AC को R तक इस प्रकार बढ़ाया है कि CR = BP तो दिखाइये कि QR, PC को समद्विभाजित करता है। हलः
PQ|| AC तथा AB तिर्यक रेखा है।
\( \cdot \cdot \angle \)BAC = \( \angle \)BQP = 60° (संगत कोण)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक समबाहु त्रिभुज ABC है। भुजा AC को R तक बढ़ाया गया है। एक रेखा PQ खींची गई है जो AC के समांतर है। CR = BP दिया गया है। QR रेखा PC को काटती है।
\( \triangle \)ABPQ में,
| BP = QP | ...(1) |
| \( \angle \)QPM = \( \angle \)MCR | (एकान्तर कोण) |
परन्तु CR = BP ...(2)
समीकरण (1) व (2) से
QP = CR ...(3)
अब \( \triangle \)AQPM तथा \( \triangle \)AMCR में
| \( \angle \)QMP = \( \angle \)CMR | (शीर्षाभिमुख कोण) |
| \( \angle \)QPM = \( \angle \)MCR | (एकान्तर कोण) |
| QP = CR | (समीकरण (3) से सिद्ध किया है।) |
अतः \( \triangle \)AQPM \( \equiv \triangle \)AMCR
\( \cdot \cdot \) PM = MC
\( \cdot \cdot \) QR रेखा, PC को समद्विभाजित करती है।
In simple words: एक समबाहु त्रिभुज ABC में, PQ || AC और CR = BP दिया है। संगत कोणों और एकान्तर कोणों का उपयोग करके, हम \( \triangle \)QPM और \( \triangle \)RCM को सर्वांगसम सिद्ध कर सकते हैं। इससे PM = MC सिद्ध होता है, जिसका अर्थ है कि QR, PC को समद्विभाजित करता है।
🎯 Exam Tip: समांतर रेखाओं के गुणों (संगत कोण, एकांतर कोण) का उपयोग करें। सर्वांगसमता के लिए सही त्रिभुजों की पहचान करें और उन्हें सिद्ध करें।
Question 39. सिद्ध कीजिए कि एक समद्विबाहु त्रिभुज के शीर्ष से माध्यिका, उर्ध्वाधर कोण को समद्विभाजित करती है। हलः
\( \triangle \)ABC एक समद्विबाहु \( \triangle \) है तथा AM, \( \triangle \)ABC की माध्यिका है।
\( \cdot \cdot \) AB = AC ...(1)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC दिखाया गया है जहाँ AB = AC है। शीर्ष A से आधार BC पर एक माध्यिका AM खींची गई है, जो BC के मध्यबिंदु M पर मिलती है।
तथा BM = MC ...(2)
\( \angle \)B = \( \angle \)C ...(3)
\( \triangle \)ABM तथा \( \triangle \)ACM में
| AB = AC | (दिया है) |
| AM | (उभयनिष्ठ) |
| BM = MC | (दिया है) |
अतः \( \triangle \)ABM \( \equiv \triangle \)ACM ...(2)
\( \angle \)BAM = \( \angle \)CAM
\( \cdot \cdot \) माध्यिका AM, \( \angle \)BAC को समद्विभाजित करती है।
In simple words: एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC में AB = AC और AM एक माध्यिका है (अर्थात BM = MC)। \( \triangle \)ABM और \( \triangle \)ACM में, AB = AC, BM = MC, और AM उभयनिष्ठ है। SSS सर्वांगसमता नियम से, \( \triangle \)ABM \( \equiv \triangle \)ACM। इसलिए, संगत कोण के रूप में \( \angle \)BAM = \( \angle \)CAM, जिसका अर्थ है कि माध्यिका AM, \( \angle \)BAC को समद्विभाजित करती है।
🎯 Exam Tip: समद्विबाहु त्रिभुज के गुणों और माध्यिका की परिभाषा का उपयोग करें। SSS सर्वांगसमता नियम से त्रिभुजों को सर्वांगसम सिद्ध करें।
Question 40. संलग्न चित्र में, यदि x = y तथा AB = CB तब सिद्ध कीजिए कि AE = CD हल:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस चित्र में दो त्रिभुज, संभवतः ABC और CDE, एक सामान्य शीर्ष C या किसी अन्य बिंदु पर जुड़े हुए हैं। x और y कोणों को दर्शाते हैं, और AB = CB दिया गया है।
\( \triangle \)ABE तथा \( \triangle \)CBD में
| \( \angle \)AEB = \( \angle \)BDC | (ज्ञात है) |
| AB = CB | (ज्ञात है) |
| \( \angle \)B | (उभयनिष्ठ) |
अतः \( \triangle \)ABE \( \equiv \triangle \)CBD
\( \cdot \cdot \) AE = CD
In simple words: दिए गए चित्र में, \( \angle \)x = \( \angle \)y और AB = CB। \( \triangle \)ABE और \( \triangle \)CBD में, AB = CB, \( \angle \)ABE = \( \angle \)CBD (उभयनिष्ठ कोण) और \( \angle \)BAE = \( \angle \)BCD (यदि x=y तो 180-x = 180-y)। इस प्रकार, ASA या AAS सर्वांगसमता से \( \triangle \)ABE \( \equiv \triangle \)CBD। इसलिए, संगत भाग के रूप में AE = CD।
🎯 Exam Tip: सर्वांगसमता नियम (जैसे ASA या AAS) को लागू करने के लिए सही कोणों और भुजाओं को पहचानें। उभयनिष्ठ कोण और दिए गए समान कोणों का ध्यान रखें।
Exercise 12.4 Congruence Of Triangles बहु विकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions)
Question 1. सही विकल्प का चयन कीजिए। प्रश्न 1. एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC इस प्रकार है कि AB = AC तथा AD आधार BC की माध्यिका है तब \( \angle \)BAD = (a) 50° (b) 55° (c) 65° (d) 75° हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC दिखाया गया है जहाँ AB = AC है। AD एक माध्यिका है जो आधार BC को बिंदु D पर काटती है। \( \angle \)BAD को पूछा गया है।
अतः विकल्प (b) सही है।
In simple words: एक समद्विबाहु त्रिभुज में (AB=AC), यदि AD माध्यिका है, तो AD शीर्ष कोण A को समद्विभाजित करता है और BC पर लंबवत भी होता है। यदि \( \angle \)A 70° होता, तो \( \angle \)BAD 35° होता। यदि \( \angle \)A 110° होता तो \( \angle \)BAD 55° होता। इस तरह के प्रश्न में आमतौर पर कोई कोण दिया होता है।
🎯 Exam Tip: एक समद्विबाहु त्रिभुज में, शीर्ष से आधार पर खींची गई माध्यिका शीर्ष कोण को समद्विभाजित करती है और आधार पर लंबवत भी होती है।
Question 2. संलग्न चित्र में, AB > AC निम्न में से कौन-सा एक सत्य है? (d) इनमें से कोई नहीं हलः
\( \cdot \cdot \) AB > AC ...(1)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC दिखाया गया है। भुजा BC पर एक बिंदु D है, और A से D तक एक रेखा खींची गई है। \( \angle \)1, \( \angle \)2, \( \angle \)3, \( \angle \)4, \( \angle \)5 कोणों को दर्शाया गया है।
\( \implies \angle \)3 > \( \angle \)2 [ \( \cdot \) बड़ी भुजा के सामने का कोण बड़ा होता है] परन्तु \( \angle \)4 > \( \angle \)2 क्योंकि \( \angle \)4, \( \triangle \)ABD का बहिष्कोण है तथा यह किसी भी अन्तकोण से बड़ा होता है। तब \( \angle \)5 > \( \angle \)2 से अतः विकल्प (a) सही है।
In simple words: त्रिभुज में, बड़ी भुजा के सम्मुख कोण बड़ा होता है। यदि AB > AC, तो \( \angle \)C > \( \angle \)B। \( \angle \)4, \( \triangle \)ABD का बहिष्कोण है, इसलिए \( \angle \)4 > \( \angle \)BAD और \( \angle \)4 > \( \angle \)B। इसी तरह, \( \angle \)5, \( \triangle \)ADC का बहिष्कोण है। कोणों की तुलना करके सही संबंध स्थापित किया जाता है।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज की भुजा-कोण संबंधिका और बहिष्कोण प्रमेय का उपयोग करें। ध्यान दें कि बहिष्कोण हमेशा आंतरिक सम्मुख कोणों से बड़ा होता है।
Question 3. संलग्न चित्र में, BE \( \perp \) CA तथा CF \( \perp \) BA इस प्रकार हैं कि BE = CF तो निम्न में से कौन-सा सत्य है? (a) \( \triangle \)ABE = \( \triangle \)AFC (b) \( \triangle \)ABE = \( \triangle \)ACF (c) (a) व (b) दोनों सत्य हैं (d) इनमें से कोई नहीं हल:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC दिखाया गया है। शीर्ष B से AC पर एक लंब BE खींचा गया है (BE \( \perp \) CA), और शीर्ष C से AB पर एक लंब CF खींचा गया है (CF \( \perp \) BA)। BE और CF की लंबाई बराबर दी गई है।
\( \triangle \)ABE तथा \( \triangle \)ACF में, BE = CF (दिया है) \( \angle \)AEB = \( \angle \)AFC (प्रत्येक 90°) \( \angle \)BAE = \( \angle \)CAF (उभयनिष्ठ)
अतः \( \triangle \)ABE \( \equiv \triangle \)ACF अतः विकल्प (b) सही है।
In simple words: दिए गए चित्र में, BE \( \perp \) CA और CF \( \perp \) BA, तथा BE = CF। \( \triangle \)ABE और \( \triangle \)ACF में, \( \angle \)AEB = \( \angle \)AFC = 90°, BE = CF (दिया है), और \( \angle \)BAE = \( \angle \)CAF (उभयनिष्ठ कोण A)। AAS (कोण-कोण-भुजा) सर्वांगसमता नियम से, \( \triangle \)ABE \( \equiv \triangle \)ACF।
🎯 Exam Tip: AAS सर्वांगसमता नियम का प्रयोग तब होता है जब दो कोण और एक गैर-अंतर्गत भुजा बराबर हों। उभयनिष्ठ कोणों को पहचानना महत्वपूर्ण है।
**Question 4. संलग्न चित्र में, AE = DB, CB = EF तथा ∠ABC = ∠FED तब निम्न में से कौन-सा सत्य है?**
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र दो त्रिभुजों को दर्शाता है. पहला त्रिभुज ABC है, जिसके शीर्ष A, B, C हैं. दूसरा त्रिभुज EFD है, जिसके शीर्ष E, F, D हैं. इन त्रिभुजों के भुजाओं और कोणों के बीच संबंधों का उपयोग करके सर्वांगसमता का निर्धारण करना है.
(a) ∆ABC = ADEF
(b) ∆ABC = ∆EFD
(c) (a) व (b) दोनों सत्य हैं
(d) इनमें से कोई नहीं
Answer: (a) ∆ABC = ADEF
हलः
\( \implies \)
△ABC तथा ∆EFD में,
AE = DB
AE + EB = DB + EB
AB = ED
CB = EF
∠ABC = ∠FED
तब भुजा-कोण-भुजा सर्वांगसमता में,
∆ABC = ∆DEF
अतः विकल्प (a) सही है।
In simple words: हमें दिए गए चित्र और शर्तों के आधार पर त्रिभुजों की सर्वांगसमता की जांच करनी थी. भुजा-कोण-भुजा (SAS) सर्वांगसमता नियम का उपयोग करने पर, यह सिद्ध होता है कि त्रिभुज ABC त्रिभुज DEF के सर्वांगसम है.
🎯 Exam Tip: सर्वांगसमता के प्रश्नों में, दिए गए सभी डेटा बिंदुओं (भुजाओं की समानता, कोणों की समानता) को ध्यान से देखें और उचित सर्वांगसमता नियम (जैसे SSS, SAS, ASA, AAS, RHS) को लागू करें. आकृतियों को सही ढंग से नाम देना भी महत्वपूर्ण है.
Ex 12.4 Congruence Of Triangles स्विमूल्यांकन परीक्षण (Self Assessment Test)
**Question 1. रेखा l कोण A की समद्विभाजक है तथा l पर कोई बिंदु B है । BP और BQ बिन्दु B से ∠A की भुजाओं पर लम्ब हैं तो दिखाइये कि-**
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): चित्र में एक कोण A दिखाया गया है, जिसकी किरणें हैं. एक रेखा l कोण A को समद्विभाजित कर रही है. रेखा l पर एक बिंदु B स्थित है, और बिंदु B से कोण की दोनों भुजाओं पर क्रमशः BP और BQ लम्ब डाले गए हैं.
(i) △APB = ∆AQB
(ii) BP = BQ
Answer:
हलः
△APB तथा ∆ABQ में
∠PAB = ∠QAB (दिया है)
AB = AB (उभयनिष्ठ)
∠APB = ∠AQB (प्रत्येक समकोण)
(i) अतः ∆APB = ∆AQB
(ii)
\( \implies \) ∆APB = ∆ABQ तो BP = BQ
In simple words: कोण समद्विभाजक रेखा पर स्थित किसी भी बिंदु से कोण की दोनों भुजाओं पर डाले गए लम्ब समान लंबाई के होते हैं. यहाँ, रेखा l कोण A को समद्विभाजित करती है, और B इस पर एक बिंदु है, इसलिए BP और BQ लम्बों की लंबाई बराबर होगी.
🎯 Exam Tip: कोण समद्विभाजक की यह संपत्ति एक महत्वपूर्ण ज्यामितीय प्रमेय है. इसे सिद्ध करने के लिए AAS (कोण-कोण-भुजा) सर्वांगसमता नियम का उपयोग किया जाता है. ध्यान दें कि उभयनिष्ठ भुजा AB का उपयोग दोनों त्रिभुजों को सर्वांगसम सिद्ध करने में किया गया है.
**Question 2. C पर समकोण, एक समकोण △ABC में M, कर्ण AB का मध्य बिंदु है। C को M से मिलाया गया है तथा एक बिन्दु D तक इस प्रकार बढ़ाया गया है कि DM = CM बिंदु D को बिंदु B से मिलाया गया है तो दिखाइये कि**
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस चित्र में एक समकोण त्रिभुज ABC है, जिसका समकोण C पर है. कर्ण AB का मध्य बिंदु M है. बिंदु C को M से मिलाया गया है और इस रेखा को D तक इस प्रकार बढ़ाया गया है कि CM = DM. अंत में, बिंदु D को बिंदु B से जोड़ा गया है.
(i) △AMC = ∆BMD
(ii) ∠DBC एक समकोण है।
(iii) △DBC = ∆ACB
(iv) CM = \( \frac{1}{2} \)FAB
Answer:
(i) △AMC तथा △BMD में
MC = MD (दिया है)
∠AMC = ∠BMD (शीर्षाभिमुख कोण)
AM = BM (दिया है)
अतः ∆AMC = ∆BMD
(ii)
\( \implies \) ∆AMC = ∆BMD तो CM = MD तथा AM = BM
विकर्ण परस्पर समद्विभाजित कर रहे हैं।
BCAD एक समान्तर चतुर्भुज है
∠BCA + ∠DBC = 180°
90 + ∠DBC = 180
∠DBC = 180 - 90 = 90° = 1 समकोण
AC = BD
(iii) △DBC तथा ∆ACB में
AC = BD (अभी सिद्ध किया है)
∠ACB = ∠CBD (प्रत्येक 90°)
BC = BC (उभयनिष्ठ)
अतः ∆DBC = ∆ACB
(iv)
\( \implies \) AB = CD
AB = 2 CM
\( \implies \) \( \frac{1}{2} \) AB = CM
In simple words: इस प्रश्न में एक समकोण त्रिभुज के कर्ण के मध्यबिंदु से संबंधित गुणधर्मों को सिद्ध करना था. हमने सर्वांगसमता (SAS) और समांतर चतुर्भुज के गुणों का उपयोग करके विभिन्न भुजाओं की समानता और कोणों के समकोण होने को दर्शाया, अंततः यह सिद्ध किया कि कर्ण का मध्यबिंदु, शीर्ष से दूरी में कर्ण का आधा होता है.
🎯 Exam Tip: यह प्रश्न एक महत्वपूर्ण प्रमेय को सिद्ध करता है: "एक समकोण त्रिभुज के कर्ण का मध्यबिंदु उसके तीनों शीर्षों से समदूरस्थ होता है." इस प्रकार, CM = AM = BM = \( \frac{1}{2} \) AB. इस प्रमेय को याद रखना त्रिभुज से संबंधित कई समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है.
**Question 3. एक समद्विबाहु △ABC में AB = AC, ∠B तथा ∠C के समद्विभाजक परस्पर O पर प्रतिच्छेद करते हैं A को O से मिलाया तो दिखाइये कि-**
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): चित्र में एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC दर्शाया गया है, जिसमें AB = AC है. कोण B और कोण C के समद्विभाजक एक बिंदु O पर प्रतिच्छेद करते हैं. बिंदु A को बिंदु O से भी जोड़ा गया है.
(i) OB = OC
(ii) AO, ∠A को समद्विभाजित करता है।
Answer:
: ∠B तथा ∠C के समद्विभाजक खींचे गये हैं।
तथा
∠ABO = ∠OBC ... (1)
∠ACQ = ∠QCB ... (2)
∠B = ∠C ... (3)
समीकरण (3) से समीकरण (1) घटाने पर
∠B - ∠ABO = ∠C - ∠OBC
\( \implies \) ∠OBC = ∠OCB
\( \implies \) OC = OB ... (5)
(i) △OBR तथा △OCR में
OB = OC (अभी सिद्ध किया है)
∠OBC = ∠OCB (अभी सिद्ध किया है)
OR = OR (उभयनिष्ठ)
अतः △OBR = △OCR
OB = OC
(ii) ∠B तथा ∠C के समद्विभाजक परस्पर O पर काटते हैं।
A को O से मिलाती हुई एक रेखा AO खींची गयी है।
O इस ∆ABC का अन्तः केन्द्र है।
अतः AO, ∠A को भी अवश्य ही समद्विभाजित करेगा।
In simple words: एक समद्विबाहु त्रिभुज में, बराबर भुजाओं के सम्मुख कोणों के समद्विभाजक भी बराबर होते हैं और जहां वे मिलते हैं, वह बिंदु (O) त्रिभुज के अंदर स्थित होता है, जिसे अंतःकेंद्र कहते हैं. यह बिंदु शीर्ष कोण को भी समद्विभाजित करता है, जिससे OB = OC सिद्ध होता है.
🎯 Exam Tip: समद्विबाहु त्रिभुज में, समान भुजाओं के सम्मुख कोण समान होते हैं. इस गुण का उपयोग करके कोण समद्विभाजकों की समानता और अंतःकेंद्र के गुणधर्मों को सिद्ध किया जा सकता है. याद रखें कि कोण समद्विभाजकों का प्रतिच्छेद बिंदु (अंतःकेंद्र) तीनों शीर्षों से समान दूरी पर नहीं होता, बल्कि तीनों भुजाओं से समान दूरी पर होता है.
**Question 4. एक त्रिभुज ABC है जिसमें ऊँचाईयाँ BE और CF भुजाओं AC और AB के बराबर हैं तो दिखाइये कि-**
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): चित्र एक त्रिभुज ABC को दर्शाता है. इसमें BE भुजा AC पर एक ऊँचाई है (अर्थात BE ⊥ AC), और CF भुजा AB पर एक ऊँचाई है (अर्थात CF ⊥ AB). यह भी दिया गया है कि ऊँचाईयाँ BE और CF की लंबाई बराबर है.
(i) ∆ABE = ∆ACF
(ii) AB = AC, अर्थात् ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
Answer:
(i) △ABE तथा △ACF में
BE = CF (दिया है)
∠AEB = ∠AFC (प्रत्येक 90°)
∠BAE = ∠CAF (उभयनिष्ठ)
अतः ∆ABE = ∆ACF
(ii)
\( \implies \) ∆ABE = ∆ACF
अतः AB = AC अर्थात् ABC एक समद्विबाहु ∆ है।
In simple words: यदि किसी त्रिभुज की दो ऊँचाईयाँ बराबर हों, तो उन ऊँचाईयों के संगत भुजाएँ भी बराबर होती हैं. इस प्रकार, यदि BE = CF है, तो AB = AC होगा, जिससे त्रिभुज ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज सिद्ध होता है.
🎯 Exam Tip: यह एक महत्वपूर्ण प्रमेय है: "यदि किसी त्रिभुज की दो ऊँचाईयाँ बराबर हों, तो त्रिभुज समद्विबाहु होता है." इसे AAS (कोण-कोण-भुजा) सर्वांगसमता नियम का उपयोग करके सिद्ध किया जा सकता है, जहाँ उभयनिष्ठ कोण और दी गई बराबर ऊँचाईयाँ प्रमुख भूमिका निभाती हैं.
**Question 5. समान आधार BC पर दो समद्विबाहु त्रिभुज ABC तथा DBC हैं तथा BC की समान भुजा पर शीर्ष A और D हैं यदि AD को बढ़ाने पर, BC को P पर प्रतिच्छेद करती है।**
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस चित्र में एक उभयनिष्ठ आधार BC पर दो समद्विबाहु त्रिभुज ABC और DBC बने हुए हैं. बिंदु A और D, BC के एक ही तरफ स्थित हैं. रेखा AD को आगे बढ़ाया गया है, जो BC को बिंदु P पर काटती है.
(i) △ABD = ∆ACD
(ii) ∆ABP = ∆ACP
(iii) AP, ∠A व ∠D को समद्विभाजित करते हैं।
(iv) AP, BC का लम्बअर्द्धक है।
Answer:
हलः
(i) ∆ABD तथा ∆ACD में
AB = AC (दिया है)
DB = DC (दिया है)
AD = AD (उभयनिष्ठ)
अतः ∆ABD = ∆ACD
(ii) △ABP तथा ∆ACP में
AB = AC (ज्ञात है)
\( \implies \) ∠B = ∠C
\( \implies \) ∠PAB = ∠PAC
AP = AP (उभयनिष्ठ)
अतः ∆ABP = ∆ACP
(iii) : ∆ABP = ∆ACP
\( \implies \) ∠BAP = ∠PAC
AP, ∠A का समद्विभाजन करती है।
इसी प्रकार ∠BDP = ∠CDP
AP, ∠D का समद्विभाजन करती है
(iv) ∆APB = ∆APC
\( \implies \) ∠APB = ∠APC ... (1)
∠APB + ∠APC = 180°
\( \implies \) 2∠APB = 180°
\( \implies \) ∠APB = \( \frac{180}{2} \) = 90°
AP, BC का लम्बअर्द्धक है।
In simple words: एक ही आधार पर बने दो समद्विबाहु त्रिभुजों के शीर्षों को जोड़ने वाली रेखा (AD) न केवल शीर्ष कोणों को समद्विभाजित करती है, बल्कि यह उभयनिष्ठ आधार को भी लंबवत रूप से समद्विभाजित करती है.
🎯 Exam Tip: यह प्रश्न एक महत्वपूर्ण ज्यामितीय गुणधर्म को दर्शाता है. इसे सिद्ध करने के लिए SSS (भुजा-भुजा-भुजा) और SAS (भुजा-कोण-भुजा) सर्वांगसमता नियमों का क्रमिक उपयोग किया जाता है. यह भी याद रखें कि AP रेखा, ∠A और ∠D दोनों को समद्विभाजित करती है, जो यह दर्शाता है कि यह दोनों त्रिभुजों की समरूपता अक्ष है.
**Question 6. ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है जिसमें AB = AC, AD ⊥ BC खींच तो दिखाइये कि ∠B = ∠C हल:**
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC है, जिसमें भुजा AB और AC बराबर हैं (समद्विबाहु त्रिभुज). शीर्ष A से भुजा BC पर एक लम्ब AD खींचा गया है, जिसका बिंदु D, BC पर स्थित है.
Answer:
∆ABD तथा ∆ADC में
∠ADB = ∠ADC (प्रत्येक समकोण)
AB = AC (दिया है)
AD = AD (उभयनिष्ठ)
अतः RHS कसौटी से ∆ABD = ∆ADC
∠B = ∠C
In simple words: यदि किसी समद्विबाहु त्रिभुज में, समान भुजाओं वाले शीर्ष से आधार पर एक लंब खींचा जाए, तो वह लंब त्रिभुज को दो सर्वांगसम समकोण त्रिभुजों में विभाजित करता है, जिससे आधार कोण समान सिद्ध होते हैं.
🎯 Exam Tip: यह समद्विबाहु त्रिभुज का एक मौलिक गुणधर्म है कि समान भुजाओं के सम्मुख कोण समान होते हैं. इसे सिद्ध करने के लिए RHS (समकोण-कर्ण-भुजा) सर्वांगसमता नियम का उपयोग किया जाता है. ध्यान दें कि AD लंब खींचने से दो समकोण त्रिभुज बनते हैं, जिनमें कर्ण (AB, AC) और एक भुजा (AD) समान होती हैं.
**Question 7. संलग्न चित्र में, ∠B < ∠A, ∠C < ∠D तो दिखाइये कि AD > BC हल:**
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): चित्र एक चतुर्भुज ABCD को दर्शाता है. इसकी विकर्ण AC और BD एक बिंदु O पर प्रतिच्छेद करती हैं. कोणों के संबंध (∠B < ∠A, ∠C < ∠D) दिए गए हैं.
Answer:
△OAB में
∠B < ∠A
OA < OB ... (1)
△OCD में,
∠C < ∠D
OD < OC ... (2)
समीकरण (1) + (2) करने पर
OA + OD < OB + OC
AD < BC
In simple words: एक त्रिभुज में, बड़ी भुजा के सामने का कोण बड़ा होता है और छोटे कोण के सामने की भुजा छोटी होती है. इस सिद्धांत को दो त्रिभुजों (△OAB और △OCD) पर लागू करके और परिणामों को जोड़कर, हमने सिद्ध किया कि AD, BC से छोटा है. (यहां दिए गए हल में AD < BC सिद्ध हो रहा है, जो प्रश्न में दिए गए AD > BC से विरोधाभासी है. प्रश्न या हल में त्रुटि हो सकती है.)
🎯 Exam Tip: त्रिभुज में भुजा-कोण संबंध का उपयोग करें: "बड़े कोण के सम्मुख भुजा बड़ी होती है, और छोटे कोण के सम्मुख भुजा छोटी होती है." जब असमानताओं को जोड़ते हैं, तो उनकी दिशा समान होनी चाहिए. यदि परिणाम प्रश्न की आवश्यकता से भिन्न आता है, तो अपनी गणना या प्रश्न की शर्तों की पुनः जांच करें.
**Question 8. यदि एक उभयनिष्ठ आधार के दो समद्विबाहु त्रिभुज हैं। तो सिद्ध कीजिए कि इनके शीर्षों को मिलाने वाली रेखा इन दोनों को समकोण पर समद्विभाजित करती है। हल:**
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): चित्र में दो समद्विबाहु त्रिभुज ABC और DBC हैं, जो एक उभयनिष्ठ आधार BC पर बने हैं. शीर्ष A और D को जोड़ने वाली एक रेखा AD है, जो आधार BC को बिंदु M पर प्रतिच्छेद करती है.
Answer:
: AB = BC ... (1)
तथा
DC = BC ... (2)
समीकरण (1) व (2) से
AB = DC
△ABC तथा △BCD में
AB = DC (अभी सिद्ध किया है)
BC = BC (उभयनिष्ठ)
∠ABC = ∠BCD (दिया है)
अतः ∆ABC = ∆BCD
∠BAC = ∠BDC
तथा ∠DAC = ∠ACB
∠MAB = ∠NDC = 90°
अतः
In simple words: यदि दो समद्विबाहु त्रिभुज एक ही आधार पर स्थित हों, तो उनके शीर्षों को जोड़ने वाली रेखा (AD) उस उभयनिष्ठ आधार को समकोण पर समद्विभाजित करती है, और साथ ही दोनों शीर्ष कोणों को भी समद्विभाजित करती है.
🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रश्न में, पहले दोनों त्रिभुजों को सर्वांगसम सिद्ध करने का प्रयास करें (यदि संभव हो). इसके बाद, C.P.C.T. (सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग) का उपयोग करके वांछित गुणों को सिद्ध करें. यहां, SSA कसौटी का उपयोग किया गया है जो कि सर्वांगसमता के लिए एक मान्य कसौटी नहीं है, अतः इस हल की जांच आवश्यक है. आमतौर पर, SSS, SAS, ASA, AAS या RHS का उपयोग किया जाता है.
**Question 9. संलग्न चित्र में, AD, △ABC की माध्यिका है यदि AD पर दो लम्ब BL और CM खींचे गये हैं तथा AD को बढ़ाया गया है तो सिद्ध कीजिए कि BL = CM हलः**
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): चित्र एक त्रिभुज ABC को दर्शाता है, जिसमें AD एक माध्यिका है (यानी D, BC का मध्यबिंदु है). बिंदु B से AD पर एक लम्ब BL खींचा गया है, और बिंदु C से AD पर एक लम्ब CM खींचा गया है. AD को आगे बढ़ाया गया है, और L तथा M इसी विस्तारित रेखा पर स्थित हैं.
Answer:
△BLD तथा △DMC में ∠BLP = ∠DMC (प्रत्येक 90°)
∠BDL = ∠MDC (शीर्षाभिमुख कोण)
BD = DC ['' D, BC का मध्य बिन्दु है]
अतः △BLD = ∆DMC
BL = CM
In simple words: यदि किसी त्रिभुज की माध्यिका पर विपरीत शीर्षों से लंब डाले जाएं, तो उन लंबों की लंबाई बराबर होती है. यह दो त्रिभुजों को AAS (कोण-कोण-भुजा) सर्वांगसमता नियम द्वारा सिद्ध करके दर्शाया जाता है.
🎯 Exam Tip: माध्यिका से संबंधित प्रश्नों में, मध्यबिंदु गुणधर्म का उपयोग करें (जैसे BD = DC). दो समकोण और एक भुजा (BD = DC) या एक कोण (शीर्षाभिमुख कोण) का उपयोग करके AAS या ASA सर्वांगसमता नियम लागू करें. C.P.C.T. का उपयोग करके वांछित भुजाओं की समानता को सिद्ध करें.
**Question 10. संलग्न चित्र में, एक त्रिभुज ABC है, जो B पर समकोण है। यदि भुजा BC पर एक वर्ग BCDE है तथा AC पर एक वर्ग ACFG है तो दिखाइये कि AD = BF हलः**
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): चित्र में एक समकोण त्रिभुज ABC है, जिसमें कोण B समकोण है. भुजा BC पर एक वर्ग BCDE बनाया गया है, और कर्ण AC पर एक वर्ग ACFG बनाया गया है. विभिन्न बिंदुओं A, B, C, D, E, F, G को दर्शाया गया है.
Answer:
तथा
∠BCF = ∠BCA + 90 ... (1)
∠ACD = ∠BAC + 90° ... (2)
△ADC तथा △BCF में
BC = CD (वर्ग की भुजाएँ)
AC = FC (वर्ग की भुजाएँ)
∠BCF = ∠ACD (समीकरण (1) व (2) से)
अतः ∆ADC = ∆BCF
AD = BF
In simple words: इस प्रश्न में, एक समकोण त्रिभुज की भुजाओं पर बने वर्गों के गुणों का उपयोग करके दो रेखाखंडों (AD और BF) की समानता सिद्ध की गई है. SAS (भुजा-कोण-भुजा) सर्वांगसमता नियम का उपयोग करके त्रिभुज ADC और BCF को सर्वांगसम सिद्ध किया गया, जिससे AD = BF प्राप्त हुआ.
🎯 Exam Tip: ज्यामितीय निर्माण वाले प्रश्नों में, वर्गों या अन्य आकृतियों के गुणों का उपयोग करें (जैसे कि सभी भुजाएँ और कोण समान होते हैं). कोणों को जोड़ने या घटाने से अक्सर सर्वांगसमता के लिए आवश्यक कोण प्राप्त होते हैं. SAS सर्वांगसमता के लिए दो भुजाएँ और उनके बीच का कोण पहचानें.
**Question 11. संलग्न चित्र में, OA = OB तथा OP = OQ तो सिद्ध कीजिए किः**
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): चित्र में दो रेखाएँ दिखाई गई हैं जो एक बिंदु O पर प्रतिच्छेद करती हैं. एक रेखा पर बिंदु A और P हैं, जबकि दूसरी रेखा पर बिंदु B और Q हैं. इन बिंदुओं के बीच की दूरियों OA = OB और OP = OQ दी गई हैं.
(i) PX = Qx
(ii) AX = BX
Answer:
△PAX तथा ∆QBX में
OA = OB ... (1)
OP = OQ ... (2)
समीकरण (1) - समीकरण (2) से
OA - OP = OB - OQ
\( \implies \) PA = QB
△PXA तथा ∆QBX में
PA = QB (अभी सिद्ध किया है)
∠PXA = ∠BXQ (शीर्षाभिमुख कोण)
∠OAQ = ∠OBP (दिया है)
अतः PX = QX तथा AX = BX
In simple words: दिए गए भुजा-संबंधों का उपयोग करके, हमने यह दिखाया कि त्रिभुज PAX और QBX सर्वांगसम हैं. इससे उनकी संगत भुजाएँ और कोण बराबर होते हैं, जिससे PX = QX और AX = BX सिद्ध होता है.
🎯 Exam Tip: जब रेखाखंडों को घटाने या जोड़ने की आवश्यकता हो, तो दिए गए संबंधों का सावधानीपूर्वक उपयोग करें. शीर्षाभिमुख कोणों को पहचानें क्योंकि वे सर्वांगसमता सिद्ध करने में अक्सर महत्वपूर्ण होते हैं. AAS (कोण-कोण-भुजा) सर्वांगसमता नियम का उपयोग किया गया है.
**Question 12. यदि एक समद्विबाहु त्रिभुज के आधार को दोनों ओर को बढ़ाया गया है तो सिद्ध कीजिए की इस प्रकार बने बहिष्कोण परस्पर बराबर हैं। हल:**
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): चित्र में एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC दिखाया गया है, जिसका आधार BC है और भुजाएँ AB = AC हैं. आधार BC को बाईं ओर बिंदु E तक और दाईं ओर बिंदु F तक बढ़ाया गया है. इससे दो बहिष्कोण ∠ABE और ∠ACF बनते हैं.
Answer:
△ABC एक समद्विबाहु △ है
AB = AC ... (1)
∠ABC = ∠ACB ... (2)
बहिष्कोण ∠ACF = ∠A + ∠ABC ... (3)
बहिष्कोण ∠ABE = ∠A + ∠ACB ... (4)
समीकरण (1) से ∠ABE = ∠A + ∠ABO
समीकरण (2) व (4) से सिद्ध होता है
बहिष्कोण ∠ACF = बहिष्कोण ∠ABE
In simple words: एक समद्विबाहु त्रिभुज के आधार को बढ़ाने पर बनने वाले दोनों बहिष्कोण हमेशा बराबर होते हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि समद्विबाहु त्रिभुज के आधार कोण बराबर होते हैं, और बहिष्कोण अपने सम्मुख अंतःकोणों के योग के बराबर होता है.
🎯 Exam Tip: इस प्रमेय को सिद्ध करने के लिए त्रिभुज के आधार कोणों की समानता और बहिष्कोण गुणधर्म (बहिष्कोण अपने सम्मुख अंतःकोणों के योग के बराबर होता है) का उपयोग करें. यह एक सीधा प्रमाण है जो मूलभूत कोण गुणों पर आधारित है.
**Question 13. सिद्ध कीजिए किं △ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज होगा यदि निम्न में से कोई एक शर्त पूरी होती है।**
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): चित्र एक त्रिभुज ABC को दर्शाता है. शीर्ष A से भुजा BC पर एक रेखा AD खींची गई है, जो D पर BC को मिलती है. यह रेखा AD या तो लंबवत है या कोण समद्विभाजक है.
(i) शीर्षलम्ब AD, ∠BAC को समद्विभाजित करता है।
(ii) ∠BAC का समद्विभाजक आधार BC पर लम्ब है।
Answer:
(i) ∆ABC एक समद्विबाहु है। अतः
AB = AC
∠B = ∠C
△ABD तथा △ADC में,
AB = AC
AD = AD (उभयनिष्ठ)
∠B = ∠C
अतः ∆ABD = ∆ADC
अतः शीर्षलम्ब AD, ∠BAC को समद्विभाजित करता है।
(ii) उपरोक्त से,
अतः ∆ABD = ∆ACD
∠ADB = ∠ADC
अतः ∠BAC का समद्विभाजक आधार BC पर लम्ब है।
In simple words: कोई भी त्रिभुज समद्विबाहु होता है यदि उसका शीर्षलंब (ऊँचाई) शीर्ष कोण को समद्विभाजित करता है, या यदि शीर्ष कोण का समद्विभाजक आधार पर लंब होता है. ये दोनों शर्तें एक समद्विबाहु त्रिभुज की पहचान हैं.
🎯 Exam Tip: यह दो महत्वपूर्ण प्रमेय हैं जो समद्विबाहु त्रिभुज के गुणों को परिभाषित करते हैं. इन्हें ASA (कोण-भुजा-कोण) या AAS (कोण-कोण-भुजा) सर्वांगसमता का उपयोग करके सिद्ध किया जा सकता है, यह दर्शाते हुए कि AD एक ही समय में माध्यिका, ऊँचाई और कोण समद्विभाजक के रूप में कार्य करता है.
**Question 14. बिन्दु A पर प्रतिच्छेद करने वाली दो रेखाओं l व m से समान दूरी पर स्थित एक बिन्दु P है । सिद्ध कीजिए कि AP उनके बीच के कोण को समद्विभाजित करते हैं। हलः**
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): चित्र में दो रेखाएँ l और m दिखाई गई हैं, जो एक बिंदु A पर प्रतिच्छेद करती हैं. एक बिंदु P इन दोनों रेखाओं से समान दूरी पर स्थित है. बिंदु P को बिंदु A से जोड़ा गया है, जिससे रेखाखंड AP बनता है.
Answer:
∆ABP तथा ∆ACP में,
BP = PC (दिया है)
AP = AP (उभयनिष्ठ)
∠BAP = ∠PAC
[समान भुजाओं के सामने के कोण समान होते हैं]
अतः रेखा AP रेखा l व m के बीच के कोण को समद्विभाजित करती है।
In simple words: किसी कोण के समद्विभाजक पर स्थित कोई भी बिंदु कोण की दोनों भुजाओं से समान दूरी पर होता है, और इसका विलोम भी सत्य है: यदि कोई बिंदु कोण की दोनों भुजाओं से समान दूरी पर है, तो वह बिंदु उस कोण के समद्विभाजक पर स्थित होता है.
🎯 Exam Tip: कोण समद्विभाजक की यह संपत्ति एक मौलिक प्रमेय है. इसे सिद्ध करने के लिए RHS (समकोण-कर्ण-भुजा) सर्वांगसमता नियम का उपयोग करें, क्योंकि रेखाओं से "समान दूरी" का अर्थ लम्बवत दूरी है. फिर C.P.C.T. का उपयोग करके कोणों की समानता सिद्ध करें.
**Question 15. दो रेखायें AB व CD बिन्दु पर इस प्रकार प्रतिच्छेद करती हैं कि BC, AD के बराबर तथा समान्तर हैं। सिद्ध कीजिए कि AB व CD रेखाएँ, बिन्दु O पर प्रतिच्छेद करती हैं। हलः दिया है- BC = AD तथा BC || AD सिद्ध करना है- AB तथा CD रेखाएँ, बिन्दु O पर प्रतिच्छेद करती हैं। उपपत्ति- △AOD तथा △BOC में, ∠OAD = ∠OBD (एकान्तर कोण) ∠ADO = ∠OCB (एकान्तर कोण) △AOD = ∆BOC अत: ∠AOD = ∠BOC अत: AB तथा CD रेखाएँ, बिन्दु O पर प्रतिच्छेद करती हैं।**
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक चतुर्भुज ABCD को दर्शाता है, जहाँ AB और CD रेखाएँ बिंदु O पर प्रतिच्छेद करती हुई प्रतीत होती हैं. यह दिया गया है कि भुजा BC, AD के बराबर और उसके समानांतर है.
Answer:
△AOD तथा △BOC में,
∠OAD = ∠OCB (एकान्तर कोण)
∠ADO = ∠OBC (एकान्तर कोण)
AD = BC (दिया है)
अतः △AOD = ∆BOC (AAS सर्वांगसमता)
∠AOD = ∠BOC (C.P.C.T.)
अतः AB तथा CD रेखाएँ, बिन्दु O पर प्रतिच्छेद करती हैं।
In simple words: जब दो रेखाखंड (AD और BC) बराबर और समानांतर हों और अन्य दो रेखाखंड (AB और CD) एक बिंदु पर प्रतिच्छेद करते हों, तो यह सिद्ध किया जा सकता है कि प्रतिच्छेद बिंदु (O) उन त्रिभुजों के सर्वांगसम होने के कारण ही बनता है. यहाँ, त्रिभुज AOD और BOC AAS नियम से सर्वांगसम सिद्ध होते हैं.
🎯 Exam Tip: समानांतर रेखाओं द्वारा बनाए गए एकांतर कोणों को पहचानना इस प्रकार के प्रश्नों में महत्वपूर्ण है. AAS (कोण-कोण-भुजा) सर्वांगसमता नियम का उपयोग करें. ध्यान दें कि यदि दो त्रिभुज सर्वांगसम हैं, तो उनके सभी संगत भाग (कोण और भुजाएँ) बराबर होते हैं, जिससे यह सिद्ध होता है कि रेखाएँ एक ही बिंदु पर प्रतिच्छेद करती हैं.
Free study material for Maths
UP Board Solutions Class 9 Maths Chapter 12 त्रिभुजों की सर्वांगसमता
Students can now access the UP Board Solutions for Chapter 12 त्रिभुजों की सर्वांगसमता prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 9 Maths textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest UP Board syllabus.
Detailed Explanations for Chapter 12 त्रिभुजों की सर्वांगसमता
Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 9 Maths chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 9 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these UP Board Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.
Benefits of using Maths Class 9 Solved Papers
Using our Maths solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 9 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 12 त्रिभुजों की सर्वांगसमता to get a complete preparation experience.
FAQs
The complete and updated UP Board Solutions Class 9 Maths Chapter 12 त्रिभुजों की सर्वांगसमता Exercise 12.4 is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 9 Maths are as per latest UP Board curriculum.
Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 9 Maths Chapter 12 त्रिभुजों की सर्वांगसमता Exercise 12.4 as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Maths concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 9 Maths Chapter 12 त्रिभुजों की सर्वांगसमता Exercise 12.4 will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 9 Maths. You can access UP Board Solutions Class 9 Maths Chapter 12 त्रिभुजों की सर्वांगसमता Exercise 12.4 in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 9 Maths Chapter 12 त्रिभुजों की सर्वांगसमता Exercise 12.4 in printable PDF format for offline study on any device.