UP Board Solutions Class 9 Maths Chapter 12 Congruence of Triangles Ex 12.1

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Chapter 12 त्रिभुजों की सर्वांगसमता Answers & Solutions for Class 9 Maths (UP Board)

Balaji Class 9 Maths Solutions Chapter 12 Congruence of Triangles Ex 12.1

त्रिभुजों की सर्वांगसमता

 

Question 1. चित्र में वर्ग ABCD में एक बिन्दु x है। AX पर एक वर्ग AXYZ बनाया जाता है। सिद्ध कीजिए कि BX = DZ
Answer: हलः समकोण △AXB तथा समकोण △AZD में AB = AD (वर्ग की भुजाएँ) AZ = AX (वर्ग की भुजाएँ)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक वर्ग ABCD को दर्शाता है जिसके अंदर एक बिंदु X है। बिंदु X से शुरू होकर AX पर एक दूसरा वर्ग AXYZ बनाया गया है। इसमें, A, B, C, D वर्ग के शीर्ष हैं और A, X, Y, Z दूसरे वर्ग के शीर्ष हैं।
R.H.S समरूपता से △AXB = ∆AZD :: BX = DZ
In simple words: प्रश्न में दिए गए वर्गों की भुजाओं की समानता और समकोण त्रिभुजों की सर्वांगसमता का उपयोग करके, हम यह सिद्ध करते हैं कि रेखाखंड BX और DZ बराबर हैं।

🎯 Exam Tip: सर्वांगसमता सिद्ध करते समय सही कसौटी (जैसे RHS, SAS, ASA, SSS) का चयन करना और संगत भुजाओं तथा कोणों को स्पष्ट रूप से दर्शाना महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. दिये गये चित्र में AD और BC परस्पर O पर प्रतिच्छेद करते हैं तो सिद्ध कीजिए: (i) AB = CD तथा AC = BD (ii) ∠BCD = ∠CBA तथा ∠DAC = ∠ADB
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस ज्यामितीय चित्र में, दो रेखाखंड AD और BC एक बिंदु O पर एक-दूसरे को काटते हैं। इस प्रतिच्छेदन से चार त्रिभुज बनते हैं, विशेष रूप से △AOB और △COD जैसे त्रिभुज बनते हैं जिनकी भुजाओं और कोणों का उपयोग दिए गए कथनों को सिद्ध करने के लिए किया जाता है। (i) △AOB तथा △COD में,
AO = OD (दिया है)
BO = OC (दिया है)
∠AOB = ∠COD (शीर्षाभिमुख कोण)
अतः ΔΑΟΒ = ACOD
इसी प्रकार △AOC = ABOD
. . AB = CD
. . AC = BD
(ii)
ΔΑΟΒ = ACOD
. .
तथा ΔΑΟΣ ΔBOD
. . ZDAC = ADB
In simple words: दी गई रेखाखंडों की समानताओं और प्रतिच्छेदन से बने शीर्ष कोणों का उपयोग करके, हम त्रिभुजों की सर्वांगसमता (SAS) सिद्ध करते हैं, जिससे संगत भुजाएँ और कोण बराबर हो जाते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रतिच्छेदी रेखाओं से बनने वाले शीर्ष कोणों की समानता का उपयोग अक्सर त्रिभुजों की सर्वांगसमता सिद्ध करने में किया जाता है। प्रश्नों के सभी उप-भागों को हल करने के लिए क्रमबद्ध तरीके से आगे बढ़ें।

 

Question 3. एक त्रिभुज ABC की माध्यिकाएँ BE और CF बराबर हैं। तो सिद्ध कीजिए कि त्रिभुज समद्विबाहु है। (संकेतः माध्यिकाओं का प्रतिच्छेद बिन्दु इन्हें 2:1 के अनुपात में विभाजित करता है ।)
Answer: हल:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): चित्र एक त्रिभुज ABC को दर्शाता है जिसमें BE और CF दो माध्यिकाएँ हैं, जो बराबर लंबाई की हैं। ये माध्यिकाएँ त्रिभुज के अंदर एक बिंदु पर प्रतिच्छेद करती हैं। यह व्यवस्था यह सिद्ध करने के लिए महत्वपूर्ण है कि त्रिभुज ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है। ABCE तथा ABCF में
BE = CF (△ की माध्यिकाऐं)
BC (उभयनिष्ठ)
तथा BCF = ∠EBC (माध्यिकाओं का प्रतिच्छेद बिन्दु इन्हे 2:1 के अनुपात में विभाजित करता है)
अतः ABCE = ABCF
. . ∠B = ∠C
. . △ABC एक समद्विबाहु है,
In simple words: यदि एक त्रिभुज की दो माध्यिकाएँ बराबर हों, तो उन माध्यिकाओं से बनी भुजाएँ भी बराबर होती हैं, जिससे त्रिभुज समद्विबाहु सिद्ध होता है।

🎯 Exam Tip: माध्यिकाओं की लंबाई और उनके प्रतिच्छेदन बिंदु (केंद्रक) के गुणों को समझना, विशेष रूप से 2:1 के अनुपात में विभाजन, सर्वांगसमता समस्याओं को हल करने में सहायक होता है।

 

Question 4. दिये गये चित्र में, एक वर्ग PQRS तथा SRT एक समबाहु त्रिभुज है तो सिद्ध कीजिए (NCERT) (i) PT = QT (ii) ZQRT = 150°
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस चित्र में एक वर्ग PQRS और एक समबाहु त्रिभुज SRT हैं। वर्ग के सभी कोण 90° के होते हैं और समबाहु त्रिभुज के सभी कोण 60° के होते हैं। S, R, T, Q और P विभिन्न शीर्षों को दर्शाते हैं जो दी गई भुजाओं की समानताओं और कोणों का उपयोग करके सिद्ध किए जाने वाले कथनों के लिए महत्वपूर्ण हैं। (i) APST तथा AQRT में-
TS = TR (दिया है)
SP = RQ (वर्ग की भुजाएँ)
/TSP = ∠TRQ
अतः APST = AQRT
अतः PT = QT
(ii)
ZQRT = ZQRS + ZSRT
= 90+60= 150°
In simple words: वर्ग की भुजाओं और समबाहु त्रिभुज की भुजाओं की समानता का उपयोग करके, हम त्रिभुज PST और QRT की सर्वांगसमता स्थापित करते हैं, जिससे PT = QT सिद्ध होता है। फिर, कोण QRT को वर्ग के कोण QRS (90°) और समबाहु त्रिभुज के कोण SRT (60°) के योग के रूप में ज्ञात किया जाता है।

🎯 Exam Tip: वर्ग और समबाहु त्रिभुज जैसे मानक ज्यामितीय आकृतियों के गुणों (जैसे सभी भुजाएँ और कोण समान) को याद रखना ऐसे प्रश्नों को हल करने के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 5. ABC एक समबाहु त्रिभुज है, D कोई इसका अन्तः केन्द्र है । DC पर एक समद्विबाहु त्रिभुज DEC खींचा गया है। [चित्र में दिखाये (DE = DC) अनुसार] तो सिद्ध कीजिए कि △BDC तथा △CDE सर्वांगसम हैं।
Answer: हल:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): चित्र एक समबाहु त्रिभुज ABC को दर्शाता है, जिसमें D इसका अंतःकेंद्र है। DC भुजा पर एक समद्विबाहु त्रिभुज DEC बनाया गया है, जहाँ DE = DC। इस व्यवस्था का उपयोग यह सिद्ध करने के लिए किया जाता है कि त्रिभुज BDC और CDE सर्वांगसम हैं। ADBC तथा ADCE में-
DC (उभयनिष्ठ)
/BDC = ∠CDE (प्रत्येक 60°)
CE = BD (रचना से)
अतः ADBC = ADCE
In simple words: हम त्रिभुज BDC और CDE की भुजाओं और कोणों की समानताओं का उपयोग करके, उन्हें सर्वांगसम सिद्ध करते हैं, खासकर समबाहु त्रिभुज के गुणों और दिए गए समद्विबाहु त्रिभुज की रचना का उपयोग करके।

🎯 Exam Tip: समबाहु त्रिभुज के सभी कोणों का 60° होना और अंतःकेंद्र की स्थिति ऐसे प्रश्नों को हल करने के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान करती है। सर्वांगसमता की कसौटी को ध्यान से लागू करें।

 

Question 6. भुजा AB = AC का एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC है तथा ∠B तथा ∠C के समद्विभाजक परस्पर O पर प्रतिच्छेद करते हैं। तो सिद्ध कीजिए कि BO = CO तथा AO, ∠BAC का समद्विभाजक है ।
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC को दर्शाता है जिसमें AB = AC। कोण B और कोण C के समद्विभाजक बिंदु O पर प्रतिच्छेद करते हैं। यह व्यवस्था BO = CO और AO के कोण BAC का समद्विभाजक होने को सिद्ध करने के लिए आवश्यक है। ДАОВ तथा ∆AOC में
AB = AC (∆ABC समद्विबाहु △)
AO (उभयनिष्ठ)
∠B ∠C अर्थात् ∠ABO = ∠ACO
2 2
अतः ΔΑΟΒ = ΑOC
. . BO = OC
तथा ∠BAO = ∠CAO
. . AO, ∠BAC का समद्विभाजक है।
In simple words: समद्विबाहु त्रिभुज ABC में, यदि कोण B और C के समद्विभाजक O पर मिलते हैं, तो त्रिभुज BOC भी समद्विबाहु होता है (BO = CO), और AO कोण BAC को भी समद्विभाजित करता है।

🎯 Exam Tip: समद्विबाहु त्रिभुजों के गुणों, विशेष रूप से समान भुजाओं के सामने के कोणों की समानता, और कोण समद्विभाजकों की अवधारणा को समझना इस तरह के प्रमाणों के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 7. दिये गये चित्र में, BA | AC तथा DE | EF इस प्रकार है कि BA = DE तथा DF = BC तो सिद्ध कीजिए कि AC = EF
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस चित्र में दो त्रिभुज, △ABC और △DEF दिखाए गए हैं। इसमें BA, AC पर लंबवत है (अर्थात, ∠BAC = 90°) और DE, EF पर लंबवत है (अर्थात, ∠DEF = 90°)। हमें यह भी दिया गया है कि BA = DE और DF = BC। इन शर्तों का उपयोग करके AC = EF सिद्ध करना है। . . DF = BC
समकोण ∆ABC तथा ADEF में
BA = DE (दिया है)
DF = BC (दिया है)
अतः AABC = ADEF
इसलिए AC = EF
In simple words: दिए गए समकोण त्रिभुजों में, यदि एक त्रिभुज की एक भुजा और कर्ण दूसरे त्रिभुज की संगत भुजा और कर्ण के बराबर हों, तो RHS सर्वांगसमता मानदंड का उपयोग करके दोनों त्रिभुजों को सर्वांगसम सिद्ध किया जा सकता है, जिससे उनकी अन्य संगत भुजाएँ भी बराबर हो जाती हैं।

🎯 Exam Tip: RHS (समकोण-कर्ण-भुजा) सर्वांगसमता कसौटी का उपयोग समकोण त्रिभुजों के लिए विशेष रूप से किया जाता है। लंबवतता का अर्थ 90° का कोण होता है, जो RHS कसौटी के लिए आवश्यक है।

 

Question 8. दिये गये चित्र में, QX तथा RX, APQR के क्रमशः ∠Q तथा ∠R के समद्विभाजक हैं यदि XS | QR तथा XT | PQ तो सिद्ध कीजिए- (i) △XTQ = ∆XSQ (ii) PX, ZP का समद्विभाजक है।
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): चित्र एक त्रिभुज PQR को दर्शाता है, जहाँ QX और RX क्रमशः कोण Q और कोण R के समद्विभाजक हैं। XS, QR पर लंबवत है और XT, PQ पर लंबवत है। इन शर्तों का उपयोग करके △XTQ = △XSQ और PX के कोण P का समद्विभाजक होने को सिद्ध करना है। (i) AXTQ तथा AXSQ में
ZQTX = XSQ (दिया है)
QX (उभयनिष्ठ)
ZTQX = अतः AXTQ = AXS
इस प्रकार QX को आगे Y तक खीचकर सिद्ध कर सकते हैं
ΔΡΤΧ = ΔΡΥΧ
. . PX, ∠P का समद्विभाजक है।
In simple words: कोण समद्विभाजक QX का उपयोग करके और दिए गए लंबवत खंडों (XS और XT) की समानता के साथ, हम त्रिभुज XTQ और XSQ को सर्वांगसम सिद्ध करते हैं। यह आगे सिद्ध करने में मदद करता है कि PX कोण P का भी समद्विभाजक है।

🎯 Exam Tip: कोण समद्विभाजक की परिभाषा (जो एक कोण को दो बराबर भागों में विभाजित करता है) और लंबवत रेखाओं के गुणों का प्रयोग त्रिभुजों की सर्वांगसमता सिद्ध करने के लिए करें।

 

Question 9. चित्र में, ∠1 = ∠2, AC | CD तथा AB | BD तो सिद्ध कीजिए कि BD = CD
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): चित्र एक ज्यामितीय आकृति को दर्शाता है जिसमें एक त्रिभुज ABD और एक त्रिभुज ACD शामिल हैं। इसमें कोण 1 और कोण 2 बराबर दिए गए हैं। साथ ही, AC, CD पर लंबवत है (∠ACD = 90°) और AB, BD पर लंबवत है (∠ABD = 90°)। इन शर्तों का उपयोग करके BD = CD सिद्ध करना है। ZACD = ∠ABD (प्रत्यक 90°)
Z1 = ∠2
समीकरण (1) - (2) करने पर
. . ZACD-1 = ∠ABD-2
ZDCM = ∠DBM
. . ABCD में
∠DCM = ∠DBM (अभी सिद्ध किया है)
. . BD = CD
In simple words: दिए गए समान कोणों और लंबवतता की शर्तों का उपयोग करके, हम यह स्थापित करते हैं कि त्रिभुज के कुछ कोण भी बराबर हैं। इन कोणों की समानताओं से, हम यह सिद्ध करते हैं कि भुजाएँ BD और CD बराबर हैं।

🎯 Exam Tip: दिए गए कोणों की समानताओं और लंबवतता (जो 90° के कोण दर्शाती है) का ध्यान रखें। समीकरणों को घटाने या जोड़ने से नए कोणों की समानताएँ प्राप्त हो सकती हैं जो प्रमाण में सहायक होती हैं।

 

Question 10. एक △PQR की भुजाएँ PQ व PR समान हैं तथा PR और PQ पर बिंदु S और T इस प्रकार है कि ∠PSQ और ∠PTR समकोण हैं तो सिद्ध कीजिए कि त्रिभुज PTR और PSQ सर्वांगसम हैं। यदि QS तथा RT, X पर प्रतिच्छेद करते हैं तो सिद्ध कीजिए कि PTX तथा PSX सर्वांगसम हैं।
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): चित्र एक त्रिभुज PQR को दर्शाता है जहाँ PQ = PR। बिंदु S, PR पर है और बिंदु T, PQ पर है, इस प्रकार कि ∠PSQ और ∠PTR दोनों समकोण हैं। QS और RT, बिंदु X पर प्रतिच्छेद करते हैं। इस व्यवस्था का उपयोग यह सिद्ध करने के लिए किया जाता है कि त्रिभुज PTR और PSQ सर्वांगसम हैं, और त्रिभुज PTX और PSX भी सर्वांगसम हैं। (i) APTR तथा APSQ में
ZP (उभयनिष्ठ)
/PTR = ∠PSQ (प्रत्येक 90°)
PT = PS (दिया है)
अत: APTR = APSQ
(ii) APTX तथा APSX में
PTX = ∠PSX (प्रत्येक 90°)
PX (उभयनिष्ठ)
PT = PS (दिया है)
अतः APTX = APSX
In simple words: समकोण त्रिभुजों के गुणों और उभयनिष्ठ कोणों का उपयोग करके, हम पहले त्रिभुज PTR और PSQ को सर्वांगसम सिद्ध करते हैं। फिर, उसी तर्क का विस्तार करते हुए, हम त्रिभुज PTX और PSX को भी सर्वांगसम सिद्ध करते हैं।

🎯 Exam Tip: समकोणों, उभयनिष्ठ भुजाओं/कोणों, और दी गई समान भुजाओं पर विशेष ध्यान दें। सही सर्वांगसमता कसौटी (जैसे ASA, AAS) का चयन करना और उसे चरण-दर-चरण लागू करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 11. दिये गये चित्र में, AB = EF, BC = DE, AB ⊥ BD तथा FE | CE तो सिद्ध कीजिए कि △ABD = AFEC
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र दो आकृतियों को दर्शाता है जो त्रिभुज ABD और FEC से संबंधित हैं। इसमें AB = EF, BC = DE दिया गया है। AB, BD पर लंबवत है (∠ABD = 90°) और FE, CE पर लंबवत है (∠FEC = 90°)। हमें इन शर्तों का उपयोग करके त्रिभुज ABD और FEC की सर्वांगसमता सिद्ध करनी है। . . BC = DE ... (1)
BC+CD = DE + CD
BD = CE ... (2)
तथा AB = EF तो AD = FC
समकोण △ABD तथा AЕРС में
BD = CE (अभी सिद्ध किया है)
AD = FC (अभी सिद्ध किया है)
RHS सर्वांगसम कसौटी से सिद्ध होता है।
AABD = AFEC
In simple words: दिए गए भुजाओं की समानताओं और लंबवतता (जो समकोण बनाती है) का उपयोग करके, हम RHS सर्वांगसमता कसौटी लागू करते हैं ताकि त्रिभुज ABD और FEC सर्वांगसम सिद्ध हो सकें।

🎯 Exam Tip: RHS (समकोण-कर्ण-भुजा) सर्वांगसमता कसौटी समकोण त्रिभुजों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। लंबवतता का अर्थ हमेशा 90° का कोण होता है।

 

Question 12. चित्र में, AB = AC तथा ∠ACD = 115°, तब ∠BAC = ?
Answer: हल:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): चित्र एक त्रिभुज ABC को दर्शाता है जिसमें AB = AC, जिसका अर्थ है कि यह एक समद्विबाहु त्रिभुज है। भुजा BC को एक बिंदु D तक बढ़ाया गया है, जिससे बाह्य कोण ∠ACD = 115° बनता है। हमें त्रिभुज के आंतरिक कोण ∠BAC का मान ज्ञात करना है। AB = AC
. . ZABC = ∠ACB ... (1)
. . ZACD = ∠BAC + ∠ABC
115°= ∠BAC + ∠ACB
115 = ∠BAC + 65° (समीकरण (1) से)
(∠ACB = 180-115 = 65°)
115°-65°= ∠BAC
50° = ∠BAC
In simple words: एक समद्विबाहु त्रिभुज में, समान भुजाओं के सामने के कोण बराबर होते हैं। बाह्य कोण प्रमेय और रैखिक युग्म की अवधारणा का उपयोग करके, हम अज्ञात कोण ∠BAC का मान ज्ञात कर सकते हैं।

🎯 Exam Tip: त्रिभुज के बाह्य कोण प्रमेय (बाह्य कोण = दो सुदूर आंतरिक कोणों का योग) और रैखिक युग्म (एक सीधी रेखा पर कोणों का योग 180°) को याद रखना ऐसे प्रश्नों को हल करने के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 13. चित्र में, ABCD एक वर्ग है तथा EF, BD के समांतर है। R, EF का मध्य बिन्दु है A तो सिद्ध कीजिए कि- (i) BE = DF (ii) AR, ∠BAD का समद्विभाजक है। (iii) यदि AR को बढ़ाते हैं तो यह C से होकर गुजरेगा।
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): चित्र एक वर्ग ABCD को दर्शाता है। एक रेखाखंड EF, विकर्ण BD के समांतर है। R, EF का मध्यबिंदु है। यह व्यवस्था BE = DF को सिद्ध करने, AR को ∠BAD के समद्विभाजक के रूप में दिखाने, और यह स्थापित करने के लिए उपयोग की जाती है कि AR का विस्तार C से होकर गुजरता है। (i) ACER तथा ACRF में
ER = RF (दिया है)
CR (उभयनिष्ठ)
ZECR = /FCR (वर्ग का विकर्ण ∠C को अमद्विभाजित करेगा।)
अत: ACER = ACRF
मरन्तु CE = CF ... (1)
BC = CD
(2) - (1) करने पर, BC - CE = CD - CF
BE = DF
(ii) △ABM तथा △AMD में
AB = AD (वर्ग की भुजाएं)
AM (उभयनिष्ठ)
ZABM = ∠ADM (रचना से)
अत: ∆ABM = AAMD
. . ZBAM = ZMAD

\(\implies \) AR, ∠BAD का समद्विभाजक है
(iii) समीकरण (1) व (2) से सिद्ध हुआ कि, ∠BAD का समद्विभाजिक वर्ग में हमेशा सम्मुख बिन्दु C से होकर गुजरेगा।
In simple words: वर्ग के गुणों और EF के BD के समांतर होने की शर्त का उपयोग करके, हम त्रिभुजों की सर्वांगसमता स्थापित करते हैं, जिससे BE = DF सिद्ध होता है। फिर, हम यह दिखाते हैं कि AR कोण BAD को समद्विभाजित करता है और यदि इसे आगे बढ़ाया जाए तो यह वर्ग के शीर्ष C से होकर गुजरेगा।

🎯 Exam Tip: वर्ग के गुणों (समान भुजाएँ, 90° के कोण, विकर्णों की विशेषताएँ) और समांतर रेखाओं के गुणों को अच्छी तरह से समझें। विभिन्न प्रमाणों के लिए संगत कोणों और भुजाओं को ध्यान से पहचानें।

 

Question 14. चित्र में, यदि AB = 3 सेमी, AC = 3 सेमी तथा ∠A = 50° तब ∠B = ?
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक त्रिभुज ABC को दर्शाता है, जिसमें भुजा AB = 3 सेमी और AC = 3 सेमी है। कोण A का मान 50° दिया गया है। हमें त्रिभुज के कोण B का मान ज्ञात करना है। . . ∆ABC एक समद्विबाहु △ है।
. . ∠B = ∠C ... (1)
. . ZB+ZC+50 = 180
∠B + ∠B + 50 = 180 (समीकरण (1) से)
2∠B = 130

\(\implies \) ∠B = \( \frac{130}{2} \) = 65°
In simple words: दिए गए त्रिभुज में दो भुजाएँ (AB और AC) समान होने के कारण, यह एक समद्विबाहु त्रिभुज है। इसलिए, समान भुजाओं के सामने के कोण (∠B और ∠C) भी बराबर होंगे। त्रिभुज के आंतरिक कोणों के योग (180°) का उपयोग करके, हम अज्ञात कोण B का मान ज्ञात करते हैं।

🎯 Exam Tip: समद्विबाहु त्रिभुज के गुणों (समान भुजाओं के सामने के कोण समान होते हैं) और त्रिभुज के कोण योग गुण (सभी आंतरिक कोणों का योग 180° होता है) का उपयोग करना याद रखें।

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