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Detailed Chapter 11 त्रिभुज और उसके कोण UP Board Solutions for Class 9 Maths
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Class 9 Maths Chapter 11 त्रिभुज और उसके कोण UP Board Solutions PDF
Balaji Class 9 Maths Solutions Chapter 11 Triangles And Its Angles Ex 11.2 त्रिभुज एवं उसके गुण
Ex 11.2 Triangles And Its Angles अतिलघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)
Question 1. संलग्न चित्र में, ∠BAC = 30°, ∠ABC = 50° तथा ∠CDE = 40°, तो ∠AED ज्ञात कीजिए।
Answer: हलः बहिष्कोण \( \angle ACD = \angle ABC + \angle CAB = 50 + 30 = 80^\circ \)
बहिष्कोण \( \angle AED = \angle ACD + \angle EDC = 80 + 40 = 120^\circ \)
(.' A का बहिष्कोण, अपने सम्मुख अन्तः कोणों के योग के बराबर होता है ।)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक त्रिभुज ABC और एक रेखाखंड CD को दर्शाता है, जिसमें BC को D तक बढ़ाया गया है। बिंदु C पर एक बाहरी कोण बनता है। A, B, C त्रिभुज के शीर्ष हैं, और D, E रेखाखंड के बिंदु हैं।
In simple words: किसी त्रिभुज का बाहरी कोण उसके सम्मुख आंतरिक कोणों के योग के बराबर होता है। इस नियम का उपयोग करके, पहले कोण ACD और फिर कोण AED की गणना की जाती है।
🎯 Exam Tip: बहिष्कोण प्रमेय का सही अनुप्रयोग स्कोरिंग का एक महत्वपूर्ण बिंदु है। चरणों को स्पष्ट रूप से दर्शाएँ।
Question 2. ∆ABC में, भुजा BC को D तक बढ़ाया गया है। यदि ∠ABC = 40° और ∠ACD = 120° तो ∠A ज्ञात कीजिए।
Answer: हल: △ABC का बहिष्कोण ∠ACD है।
\( \angle ACD = \angle ABC + \angle BAC \)
\( 120 = 40 + \angle BAC \)
\( 120 - 40 = \angle BAC \)
\( 80^\circ = \angle BAC \)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC दिखाया गया है जिसकी भुजा BC को D तक बढ़ाया गया है। इस प्रकार, C पर एक बाहरी कोण ∠ACD बनता है। त्रिभुज के आंतरिक कोण ∠ABC और ∠BAC भी दर्शाए गए हैं।
In simple words: त्रिभुज के एक बहिष्कोण (बाहरी कोण) का मान उसके दो सम्मुख अंतः कोणों के योग के बराबर होता है। इस सिद्धांत का उपयोग करके, दिए गए कोणों से अज्ञात कोण A का मान ज्ञात किया जाता है।
🎯 Exam Tip: बहिष्कोण प्रमेय का सीधा उपयोग करके कोणों को हल करना सीखें। दिए गए मानों को सही ढंग से प्रतिस्थापित करना सुनिश्चित करें।
Question 3. संलग्न चित्र में, BO तथा CO क्रमशः ∠B और ∠C के समद्विभाजक है यदि ∠A = 50° तब ∠BOC ज्ञात कीजिए।
Answer: हलः
माना \( \angle ABC = x \)
\( \implies \angle OBC = \frac{x}{2} \)
माना \( \angle ACB = y \)
\( \implies \angle OCB = \frac{y}{2} \)
△ABC में,
\( 50^\circ + x + y = 180^\circ \)
\( x + y = 180^\circ - 50^\circ \)
\( x + y = 130^\circ \)
△OBC में,
\( \angle BOC = 180^\circ - \left(\frac{x}{2}+\frac{y}{2}\right) \)
\( = 180^\circ - \frac{1}{2} (x+y) \)
\( = 180^\circ - \frac{130^\circ}{2} \)
\( = 180^\circ - 65^\circ \)
\( = 115^\circ \)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC को दर्शाया गया है जिसमें कोण A का मान 50° है। कोण B और कोण C के समद्विभाजक (bisectors) बिंदु O पर मिलते हैं, जिससे त्रिभुज OBC बनता है।
In simple words: त्रिभुज ABC में, कोणों के योग के गुणधर्म का उपयोग करके पहले कोण B और C के योग को ज्ञात किया जाता है। फिर, त्रिभुज OBC में, कोण B और C के समद्विभाजकों द्वारा बने कोणों का उपयोग करके कोण BOC का मान ज्ञात किया जाता है।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म और कोण समद्विभाजक की अवधारणा को समझें। समीकरणों को हल करते समय सटीक गणना करें।
Question 4. एक त्रिभुज ABC की भुजा BC को बायीं ओर को D तक बढ़ाया गया है तथा दाँयी ओर को E तक बढ़या गया है तथा यहाँ ∠ABD = 125° और ∠ACE = 130° तब ∠A ज्ञात कीजिए।
Answer: हल:
△ABC में,
\( \angle ABC = 180^\circ - 125^\circ = 55^\circ \) (रैखिक युग्म)
\( \angle ACB = 180^\circ - 130^\circ = 50^\circ \) (रैखिक युग्म)
△ABC में,
\( \angle ABC + \angle ACB + \angle BAC = 180^\circ \)
\( 55^\circ + 50^\circ + \angle BAC = 180^\circ \)
\( 105^\circ + \angle BAC = 180^\circ \)
\( \angle BAC = 180^\circ - 105^\circ \)
\( \angle BAC = 75^\circ \)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC दिखाया गया है। भुजा BC को बाईं ओर D तक और दाईं ओर E तक बढ़ाया गया है। बाहरी कोण ∠ABD और ∠ACE दर्शाए गए हैं।
In simple words: रैखिक युग्म की अवधारणा का उपयोग करके त्रिभुज के आंतरिक कोण ∠ABC और ∠ACB ज्ञात किए जाते हैं। फिर, त्रिभुज के कोणों के योग गुणधर्म का उपयोग करके कोण A का मान निकाला जाता है।
🎯 Exam Tip: रैखिक युग्म और त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म का सही तरीके से प्रयोग करें। बहिष्कोण से आंतरिक कोणों की गणना में सावधानी बरतें।
Question 5. ∆ABC में, BD⊥AC, ∠CAE = 30° और ∠CBD = 40° तब ∠AEB ज्ञात कीजिए।
Answer: हलः
समकोण त्रिभुज BCD में,
\( \angle BDC = 90^\circ \)
\( \angle BCD + \angle CBD + \angle BDC = 180^\circ \)
\( \angle BCD + 40^\circ + 90^\circ = 180^\circ \)
\( \angle BCD = 180^\circ - (40^\circ + 90^\circ) = 180^\circ - 130^\circ = 50^\circ \)
अब, त्रिभुज AEC में,
\( \angle AEB = \angle EAC + \angle ACE \) (बहिष्कोण प्रमेय)
\( \angle AEB = 30^\circ + 50^\circ \)
\( \angle AEB = 80^\circ \)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC को दर्शाता है जिसमें BD भुजा AC पर लंबवत है, जिससे ∠BDC = 90° बनता है। एक अन्य बिंदु E को AC के विस्तार पर दर्शाया गया है। दिए गए कोण ∠CAE = 30° और ∠CBD = 40° हैं।
In simple words: पहले, समकोण त्रिभुज BCD में कोणों के योग के नियम से कोण BCD का मान ज्ञात किया जाता है। फिर, त्रिभुज AEC के लिए बहिष्कोण प्रमेय का उपयोग करके कोण AEB का मान निकाला जाता है।
🎯 Exam Tip: समकोण त्रिभुज के कोणों के योग और बहिष्कोण प्रमेय का सही तरीके से प्रयोग करें। दिए गए लंबवत संबंध से 90° का कोण पहचानना महत्वपूर्ण है।
Ex 11.2 Triangles And Its Angles लघु उत्तरीय प्रश्न – I (Short Answer Type Questions – I)
Question 6. △ABC में, यदि 3∠A = 4∠B = 6∠C तो ∠A, ∠B और ∠C ज्ञात कीजिए।
Answer: हल:
माना \( 3\angle A = 4\angle B = 6\angle C = k \)
तब, \( \angle A = \frac{k}{3} \), \( \angle B = \frac{k}{4} \), \( \angle C = \frac{k}{6} \)
त्रिभुज ABC में,
\( \angle A + \angle B + \angle C = 180^\circ \)
\( \frac{k}{3} + \frac{k}{4} + \frac{k}{6} = 180^\circ \)
\( \frac{4k + 3k + 2k}{12} = 180^\circ \)
\( \frac{9k}{12} = 180^\circ \)
\( \frac{3k}{4} = 180^\circ \)
\( k = \frac{180^\circ \times 4}{3} \)
\( k = 60^\circ \times 4 = 240^\circ \)
अब,
\( \angle A = \frac{k}{3} = \frac{240^\circ}{3} = 80^\circ \)
\( \angle B = \frac{k}{4} = \frac{240^\circ}{4} = 60^\circ \)
\( \angle C = \frac{k}{6} = \frac{240^\circ}{6} = 40^\circ \)
In simple words: त्रिभुज के तीनों कोणों को एक समानुपातिक स्थिरांक (k) के रूप में व्यक्त किया जाता है। फिर, त्रिभुज के कोणों के योग के नियम (180°) का उपयोग करके k का मान ज्ञात किया जाता है, जिससे प्रत्येक कोण का मान निकाला जा सकता है।
🎯 Exam Tip: अनुपातिक कोणों को एक सामान्य स्थिरांक के माध्यम से व्यक्त करना और त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म का उपयोग करना इस प्रकार के प्रश्नों को हल करने की कुंजी है।
Question 7. ∆PQR में, यदि ∠P – ∠Q = 42° और ∠Q – ∠R = 21° तब ∠P, ∠Q और ∠R ज्ञात कीजिए।
Answer: हलः
दिया है:
\( \angle P - \angle Q = 42^\circ \implies \angle P = 42^\circ + \angle Q \)
\( \angle Q - \angle R = 21^\circ \implies \angle R = \angle Q - 21^\circ \)
त्रिभुज PQR में,
\( \angle P + \angle Q + \angle R = 180^\circ \)
\( (42^\circ + \angle Q) + \angle Q + (\angle Q - 21^\circ) = 180^\circ \)
\( 3\angle Q + 21^\circ = 180^\circ \)
\( 3\angle Q = 180^\circ - 21^\circ \)
\( 3\angle Q = 159^\circ \)
\( \angle Q = \frac{159^\circ}{3} \)
\( \angle Q = 53^\circ \)
अब,
\( \angle P = 42^\circ + \angle Q = 42^\circ + 53^\circ = 95^\circ \)
\( \angle R = \angle Q - 21^\circ = 53^\circ - 21^\circ = 32^\circ \)
In simple words: दिए गए समीकरणों का उपयोग करके सभी कोणों को एक ही अज्ञात कोण (∠Q) के पदों में व्यक्त किया जाता है। फिर, त्रिभुज के कोणों के योग के नियम (180°) का उपयोग करके ∠Q का मान ज्ञात किया जाता है, जिसके बाद अन्य कोणों P और R का मान भी निकाला जा सकता है।
🎯 Exam Tip: कोणों के बीच दिए गए संबंधों को समीकरणों में बदलकर हल करें। सभी कोणों को एक ही चर के रूप में व्यक्त करने से समाधान सरल हो जाता है।
Question 8. △ABC में, ∠A + ∠B = 125° और ∠A + ∠C = 113° तब ∠A, ∠B और ∠C ज्ञात कीजिए।
Answer: हल:
△ABC में,
\( \angle A + \angle B = 125^\circ \) ...........(1)
\( \angle A + \angle C = 113^\circ \) ............ (2)
हम जानते हैं कि \( \angle A + \angle B + \angle C = 180^\circ \)
समीकरण (1) से, \( \angle A = 125^\circ - \angle B \) (3)
समीकरण (2) से, \( \angle C = 113^\circ - \angle A \) (4)
अब, \( \angle A + \angle B + \angle C = 180^\circ \) में (3) और (4) का मान रखने पर:
\( (125^\circ - \angle B) + \angle B + (113^\circ - \angle A) = 180^\circ \)
\( 125^\circ + 113^\circ - \angle A = 180^\circ \)
\( 238^\circ - \angle A = 180^\circ \)
\( \implies \angle A = 238^\circ - 180^\circ \)
\( \implies \angle A = 58^\circ \)
समीकरण (3) में ∠A का मान रखने पर:
\( 58^\circ = 125^\circ - \angle B \)
\( \angle B = 125^\circ - 58^\circ \)
\( \angle B = 67^\circ \)
समीकरण (2) में ∠A का मान रखने पर:
\( 58^\circ + \angle C = 113^\circ \)
\( \angle C = 113^\circ - 58^\circ \)
\( \angle C = 55^\circ \)
In simple words: त्रिभुज के कोणों के योग के नियम का उपयोग करके और दिए गए कोण संबंधों को समीकरणों के रूप में लिखकर, एक कोण का मान ज्ञात किया जाता है। फिर, इस मान को अन्य समीकरणों में प्रतिस्थापित करके शेष कोणों का मान निकाला जाता है।
🎯 Exam Tip: दिए गए संबंधों को तीन समीकरणों में व्यवस्थित करें और त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म का उपयोग करके एक चर को हल करें। यह विधि सभी अज्ञात कोणों को खोजने में सहायक होती है।
Question 9. ∆ABC में, यदि ∠A + ∠B = 108° और ∠B + ∠C = 130° तो ∠A, ∠B और ∠C ज्ञात कीजिए।
Answer: हलः
दिया है:
\( \angle A + \angle B = 108^\circ \)
\( \implies \angle A = 108^\circ - \angle B \) ........(1)
तथा \( \angle B + \angle C = 130^\circ \)
\( \implies \angle C = 130^\circ - \angle B \)
हम जानते हैं कि त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है।
\( \angle A + \angle B + \angle C = 180^\circ \)
\( (108^\circ - \angle B) + \angle B + (130^\circ - \angle B) = 180^\circ \)
\( 108^\circ + 130^\circ - \angle B = 180^\circ \)
\( 238^\circ - \angle B = 180^\circ \)
\( \implies \angle B = 238^\circ - 180^\circ \)
\( \implies \angle B = 58^\circ \)
अब,
\( \angle C = 130^\circ - 58^\circ = 72^\circ \)
\( \angle A = 108^\circ - 58^\circ = 50^\circ \)
In simple words: दिए गए कोणों के योग वाले समीकरणों का उपयोग करके त्रिभुज के तीनों कोणों में से एक (कोण B) का मान ज्ञात किया जाता है। फिर, इस मान को वापस समीकरणों में रखकर शेष कोणों (कोण A और C) का मान निकाला जाता है।
🎯 Exam Tip: कोणों के योग संबंधी दिए गए समीकरणों का उपयोग करके सभी कोणों को एक ही चर के पदों में व्यक्त करें। त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म का सही ढंग से प्रयोग करें।
Question 10. निम्न चित्र में x का मान ज्ञात कीजिए।
Answer: हलः
त्रिभुज ABC में,
\( \angle ACB = 180^\circ - \angle ACD \) (रैखिक युग्म)
\( \angle ACB = 180^\circ - 120^\circ = 60^\circ \)
अब, त्रिभुज ABE में,
बहिष्कोण \( \angle BAE = \angle ABC + \angle ACB \)
\( 110^\circ = x + 60^\circ \)
\( 110^\circ - 60^\circ = x \)
\( 50^\circ = x \)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक जटिल आकृति है जिसमें त्रिभुज ABC, और C से D तक तथा A से E तक विस्तारित रेखाएँ हैं। कुछ आंतरिक और बाहरी कोणों के मान दिए गए हैं, जिसमें कोण x को ज्ञात करना है।
In simple words: सबसे पहले, रैखिक युग्म की मदद से कोण ACB का मान ज्ञात किया जाता है। फिर, बहिष्कोण प्रमेय का उपयोग करके (जिसमें बाहरी कोण आंतरिक सम्मुख कोणों के योग के बराबर होता है), अज्ञात कोण x का मान निकाला जाता है।
🎯 Exam Tip: रैखिक युग्म की अवधारणा और बहिष्कोण प्रमेय को सही ढंग से लागू करें। दिए गए कोणों को ध्यान से पहचानें और उन्हें समीकरणों में डालें।
Ex 11.2 Triangles And Its Angles लघु उत्तरीय प्रश्न – II (Short Answer Type Questions – II)
Question 11. निम्न प्रत्येक में x का मान ज्ञात कीजिए।
Answer: हलः
चित्र (i) में,
\( \angle ACB = 180^\circ - 110^\circ = 70^\circ \) (रैखिक युग्म)
△ABC में, ∠EBA बहिष्कोण है।
\( \angle EBA = \angle BAC + \angle ACB \)
\( 120^\circ = x + 70^\circ \)
\( 120^\circ - 70^\circ = x \)
\( \implies x = 50^\circ \)
चित्र (ii) में,
दिया है AD = DC.
इसलिए, △ADC एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
\( \implies \angle DAC = \angle DCA = a \) (माना)
△ADC में,
\( x + \angle DAC + \angle DCA = 180^\circ \)
\( x + a + a = 180^\circ \)
\( x + 2a = 180^\circ \) ..............(1)
△ABC में,
\( \angle A = \angle BAC = \angle DAB + \angle DAC = 45^\circ + a \)
\( \angle B = 35^\circ \)
\( \angle C = \angle BCA = \angle BCD + \angle DCA = 50^\circ + a \)
त्रिभुज ABC के कोणों का योग:
\( (45^\circ + a) + 35^\circ + (50^\circ + a) = 180^\circ \)
\( 130^\circ + 2a = 180^\circ \)
\( 2a = 180^\circ - 130^\circ \)
\( 2a = 50^\circ \)
\( a = \frac{50^\circ}{2} = 25^\circ \)
समीकरण (1) में a का मान रखने पर:
\( x + 2 \times 25^\circ = 180^\circ \)
\( x + 50^\circ = 180^\circ \)
\( \implies x = 180^\circ - 50^\circ \)
\( \implies x = 130^\circ \)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): चित्र (i) एक त्रिभुज ABC को दर्शाता है जिसमें भुजा BC को E तक बढ़ाया गया है। कोण EBA और एक आंतरिक कोण का मान दिया गया है, और x अज्ञात कोण है। चित्र (ii) एक त्रिभुज ABC को दर्शाता है जिसे AD रेखाखंड द्वारा दो त्रिभुजों में विभाजित किया गया है। कुछ कोणों के मान दिए गए हैं, और x अज्ञात कोण है, साथ ही AD=DC दिया गया है।
In simple words: चित्र (i) में, रैखिक युग्म और बहिष्कोण प्रमेय का उपयोग करके x का मान ज्ञात किया जाता है। चित्र (ii) में, समद्विबाहु त्रिभुज के गुणधर्म और त्रिभुज के कोण योग प्रमेय का उपयोग करके पहले 'a' का मान ज्ञात किया जाता है, फिर 'a' का उपयोग करके 'x' का मान निकाला जाता है।
🎯 Exam Tip: रैखिक युग्म, बहिष्कोण प्रमेय और त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म को समझें। समद्विबाहु त्रिभुज के गुणों का भी सही उपयोग करें, जहाँ समान भुजाओं के सम्मुख कोण समान होते हैं।
Question 12. चित्र में, एक समबाहु △EAB, एक वर्ग ABCD के ऊपर अध्यारोपित है । x और y के मान ज्ञात कीजिए।
Answer: हलः
समबाहु △EAB में,
\( \angle ABE = 60^\circ \) (समबाहु त्रिभुज के कोण)
वर्ग ABCD में,
\( \angle ABC = 90^\circ \) (वर्ग ABCD के कोण)
इसलिए, \( \angle EBC = \angle ABE + \angle ABC = 60^\circ + 90^\circ = 150^\circ \)
△EBC में,
EB = AB (समबाहु △EAB की भुजा)
AB = BC (वर्ग ABCD की भुजा)
\( \implies EB = BC \)
इसलिए, △EBC एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
\( \angle CEB = \angle BCE = y \) (समान भुजाओं के सम्मुख कोण)
त्रिभुज EBC में,
\( \angle EBC + \angle BCE + \angle CEB = 180^\circ \)
\( 150^\circ + y + y = 180^\circ \)
\( 150^\circ + 2y = 180^\circ \)
\( 2y = 180^\circ - 150^\circ \)
\( 2y = 30^\circ \)
\( y = \frac{30^\circ}{2} = 15^\circ \)
अब, ∠AEB समबाहु △EAB का कोण है,
\( \angle AEB = 60^\circ \)
चित्र से, \( x + \angle CEB = \angle AEB \)
\( x + y = 60^\circ \)
\( x + 15^\circ = 60^\circ \)
\( \implies x = 60^\circ - 15^\circ \)
\( \implies x = 45^\circ \)
इस प्रकार, \( x = 45^\circ \) और \( y = 15^\circ \)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक वर्ग ABCD के ऊपर बने एक समबाहु त्रिभुज EAB को दर्शाता है। बिंदु E वर्ग के बाहर है और A तथा B वर्ग की भुजाएँ हैं। x और y अज्ञात कोण हैं जिन्हें ज्ञात करना है।
In simple words: सबसे पहले, वर्ग और समबाहु त्रिभुज के गुणों का उपयोग करके कोण EBC का मान ज्ञात किया जाता है। फिर, त्रिभुज EBC को एक समद्विबाहु त्रिभुज सिद्ध करके कोण y का मान निकाला जाता है। अंत में, कोण AEB के समबाहु गुणधर्म का उपयोग करके x का मान ज्ञात किया जाता है।
🎯 Exam Tip: समबाहु त्रिभुज (प्रत्येक कोण 60°) और वर्ग (प्रत्येक कोण 90°) के गुणों को याद रखें। समद्विबाहु त्रिभुज के गुणधर्म (समान भुजाओं के सम्मुख कोण समान होते हैं) को भी ध्यान में रखें।
Question 13. चित्र में, AB, ∠DAC को 1 : 3 के अनुपात में विभाजित करता है और AB = DB, x का मान ज्ञात कीजिए।
Answer: हलः
दिया है कि AB, ∠DAC को 1 : 3 के अनुपात में विभाजित करती है।
माना \( \angle DAB = a \)
तब, \( \angle BAC = 3a \)
इसलिए, \( \angle DAC = \angle DAB + \angle BAC = a + 3a = 4a \)
△ADB में, AB = DB (दिया है)
तो, △ADB एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
\( \implies \angle ADB = \angle DAB = a \)
△ABC में, कोणों का योग:
\( \angle BAC + \angle ABC + \angle BCA = 180^\circ \)
\( 3a + 108^\circ + \angle BCA = 180^\circ \)
\( \angle BCA = 180^\circ - 108^\circ - 3a = 72^\circ - 3a \)
△ABC के लिए, बाहरी कोण \( \angle ADB = \angle DAC + \angle BCA \)
\( a = 4a + (72^\circ - 3a) \)
\( a = a + 72^\circ \)
\( 0 = 72^\circ \) (यह गलत है, इसका मतलब है कि प्रश्न में दी गई जानकारी में कुछ असंगतता है या मैंने आकृति का गलत अनुमान लगाया है।)
**आइए, प्रश्न में दिए गए चित्र और समीकरणों के आधार पर पुनः जाँच करें:**
चित्र में \( \angle A \) पर \( 108^\circ \) दिया है, जो \( \angle BAC \) को दर्शाता है।
तो, \( \angle BAC = 108^\circ \).
दिया है AB, \( \angle DAC \) को 1:3 में विभाजित करता है, जो चित्र के अनुसार नहीं है। चित्र में \( \angle DAB \) और \( \angle BAC \) अलग-अलग कोण हैं। \( \angle DAB \) और \( \angle BAC \) को 1:3 अनुपात में विभाजित करने का मतलब \( \angle DAC \) को \( \angle DAB \) और \( \angle BAC \) में विभाजित करना नहीं है।
**चित्र के आधार पर समाधान:**
माना \( \angle DAB = a \)
यदि AB, \( \angle DAC \) को 1:3 में विभाजित करता है, तो यह \( \angle CAD \) का समद्विभाजक है। (यह वाक्य की गलत व्याख्या थी)
**सही व्याख्या:**
माना \( \angle DAB = a \)
तो \( \angle BAC = 3a \)
\( \angle DAC = a + 3a = 4a \)
△ADB में, AB = DB (दिया है)
तो \( \angle ADB = \angle DAB = a \)
त्रिभुज ADC में,
\( \angle ADC + \angle DAC + \angle ACD = 180^\circ \)
चित्र में \( \angle ADC = 18^\circ \)
\( \angle BAC = 108^\circ \)
\( \angle DAB \) चित्र में नहीं दिया है।
**OCR पाठ के अनुसार समाधान का विश्लेषण:**
माना \( \angle DAB = a \)
\( \angle BAC = 3a \)
\( a + 3a + 108 = 180 \) (यह त्रिभुज ABC के कोणों का योग है, जहाँ 108° कोण C है)
\( 4a + 108 = 180 \)
\( 4a = 180 - 108 = 72^\circ \)
\( a = \frac{72^\circ}{4} = 18^\circ \)
\( \implies \angle DAB = 18^\circ \)
और \( \angle BAC = 3 \times 18^\circ = 54^\circ \)
अब, △ADB में, AB = DB (दिया है), तो \( \angle ADB = \angle DAB = 18^\circ \)
\( \angle DAC = \angle DAB + \angle BAC = 18^\circ + 54^\circ = 72^\circ \)
△ADC में,
\( \angle DAC + \angle ADC + x = 180^\circ \)
\( 72^\circ + 18^\circ + x = 180^\circ \)
\( 90^\circ + x = 180^\circ \)
\( \implies x = 180^\circ - 90^\circ \)
\( \implies x = 90^\circ \)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC दिखाया गया है। भुजा AC पर एक बिंदु D है, जिससे एक रेखाखंड BD बनता है। कोण ∠BAC = 108° दिया गया है। एक अन्य कोण x भी दर्शाया गया है। AB = DB दिया गया है, और AB, ∠DAC को 1:3 के अनुपात में विभाजित करता है।
In simple words: दिए गए अनुपात और AB = DB की स्थिति का उपयोग करके, पहले अज्ञात कोण 'a' का मान ज्ञात किया जाता है। फिर, इस मान का उपयोग करके त्रिभुज ADC के कोणों के योग के नियम से 'x' का मान निकाला जाता है।
🎯 Exam Tip: अनुपात को चर के रूप में व्यक्त करना और समद्विबाहु त्रिभुज के गुणधर्म (समान भुजाओं के सम्मुख कोण समान होते हैं) का उपयोग करना महत्वपूर्ण है। कोण योग गुणधर्म को सही ढंग से लागू करें।
Question 14. चित्र में, CD⊥AB, ∠ABE = 130° तथा ∠BAC = 70°, तो x और y ज्ञात कीजिए ।
Answer: हलः
दिया है CD⊥AB,
\( \implies \angle CDB = 90^\circ \)
अब, △ADC में, \( \angle BDC \) (गलत) \( \angle ADC \) है।
त्रिभुज ADC में,
\( \angle DAC = 70^\circ \) (दिया है)
\( \angle ADC = 90^\circ \)
\( \angle ACD = 180^\circ - (70^\circ + 90^\circ) = 180^\circ - 160^\circ = 20^\circ \)
तो, \( y = \angle ACD = 20^\circ \)
चित्र में \( \angle BDC \) को △ADC का बहिष्कोण बताया गया है, जो गलत है। \( \angle BDC \) एक आंतरिक कोण है।
प्रश्न के हल के अनुसार आगे बढ़ते हैं:
\( \angle BDC = \angle DAC + \angle ACD \) (यह बहिष्कोण प्रमेय है, लेकिन यहां \( \angle BDC \) त्रिभुज ADC का आंतरिक कोण है।)
शायद, \( \angle BDC \) का मतलब कुछ और है, या यह त्रिभुज BDC की बात कर रहा है जहाँ \( \angle CDB = 90^\circ \).
**OCR पाठ के हल के अनुसार:**
\( \angle BDC = \angle DAC + \angle ACD \)
\( 90^\circ = 70^\circ + y \)
\( 90^\circ - 70^\circ = y \)
\( \implies y = 20^\circ \)
अब, △ABC में, ∠ABE बहिष्कोण है।
\( \angle ABE = \angle BAC + \angle BCA \)
\( 130^\circ = 70^\circ + (x + y) \)
\( 130^\circ = 70^\circ + x + 20^\circ \)
\( 130^\circ = 90^\circ + x \)
\( 130^\circ - 90^\circ = x \)
\( 40^\circ = x \)
इस प्रकार, \( x = 40^\circ \) और \( y = 20^\circ \)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC दर्शाया गया है। भुजा AB पर एक बिंदु D है, और CD भुजा AB पर लंबवत है। भुजा CB को E तक बढ़ाया गया है। कोण ∠ABE = 130° और ∠BAC = 70° दिए गए हैं। अज्ञात कोण x और y को ज्ञात करना है।
In simple words: पहले, CD⊥AB के कारण कोण BDC (या ADC) को 90° मानकर, त्रिभुज ADC के कोणों के योग के नियम से y का मान ज्ञात किया जाता है। फिर, त्रिभुज ABC के लिए बहिष्कोण प्रमेय का उपयोग करके, x का मान निकाला जाता है।
🎯 Exam Tip: लंबवत रेखाओं से 90° के कोण की पहचान करना और बहिष्कोण प्रमेय का सही ढंग से प्रयोग करना महत्वपूर्ण है। कोणों को ध्यान से लेबल करें और उनकी गणना में सावधानी बरतें।
Question 15. यदि ∠ABD = 125° तथा ∠ACE = 130° तब ∠ BAC ज्ञात कीजिए।
Answer: हलः
रैखिक युग्म कोणों से,
\( \angle ABC = 180^\circ - \angle ABD = 180^\circ - 125^\circ = 55^\circ \)
त्रिभुज ABC के लिए, बहिष्कोण प्रमेय से:
\( \angle ACE = \angle ABC + \angle BAC \)
\( 130^\circ = 55^\circ + \angle BAC \)
\( \angle BAC = 130^\circ - 55^\circ \)
\( \angle BAC = 75^\circ \)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक त्रिभुज ABC को दर्शाता है जिसकी भुजा AB को D तक और AC को E तक बढ़ाया गया है। बाहरी कोण ∠ABD = 125° और ∠ACE = 130° दिए गए हैं।
In simple words: रैखिक युग्म की अवधारणा का उपयोग करके आंतरिक कोण ABC का मान ज्ञात किया जाता है। फिर, त्रिभुज के बहिष्कोण प्रमेय का उपयोग करके, दिए गए बाहरी कोण ACE और आंतरिक कोण ABC से अज्ञात कोण BAC का मान निकाला जाता है।
🎯 Exam Tip: रैखिक युग्म की पहचान करना और बहिष्कोण प्रमेय को सही ढंग से लागू करना इस प्रकार के प्रश्नों को हल करने के लिए महत्वपूर्ण है।
Ex 11.2 Triangles And Its Angles दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Type Questions)
Question 16. △ABC में, भुजाओं AB और AC को क्रमश: D तथा E तक बढ़ाया गया है। ∠DBC और ∠ECB के समद्विभाजक एक बिन्दु O पर प्रतिच्छेद करते हैं तो सिद्ध कीजिए कि ∠BOC = 90° – \(\frac{1}{2}\) ∠A
Answer: हलः
△ABC में, भुजा AB को D तक और भुजा AC को E तक बढ़ाया गया है।
BO, ∠DBC का समद्विभाजक है, इसलिए \( \angle OBC = \frac{1}{2} \angle DBC \)
CO, ∠ECB का समद्विभाजक है, इसलिए \( \angle OCB = \frac{1}{2} \angle ECB \)
त्रिभुज OBC में,
\( \angle BOC + \angle OBC + \angle OCB = 180^\circ \)
\( \angle BOC = 180^\circ - (\angle OBC + \angle OCB) \)
\( \angle BOC = 180^\circ - \left(\frac{1}{2} \angle DBC + \frac{1}{2} \angle ECB\right) \)
\( \angle BOC = 180^\circ - \frac{1}{2} (\angle DBC + \angle ECB) \)
हम जानते हैं कि बहिष्कोण प्रमेय से:
\( \angle DBC = \angle A + \angle ACB \)
\( \angle ECB = \angle A + \angle ABC \)
तो, \( \angle DBC + \angle ECB = (\angle A + \angle ACB) + (\angle A + \angle ABC) \)
\( = 2\angle A + (\angle ACB + \angle ABC) \)
हम जानते हैं कि \( \angle A + \angle ABC + \angle ACB = 180^\circ \)
तो, \( \angle ABC + \angle ACB = 180^\circ - \angle A \)
\( \angle DBC + \angle ECB = 2\angle A + (180^\circ - \angle A) \)
\( = 180^\circ + \angle A \)
इस मान को (1) में रखने पर:
\( \angle BOC = 180^\circ - \frac{1}{2} (180^\circ + \angle A) \)
\( = 180^\circ - \left(90^\circ + \frac{1}{2} \angle A\right) \)
\( = 180^\circ - 90^\circ - \frac{1}{2} \angle A \)
\( \implies \angle BOC = 90^\circ - \frac{1}{2} \angle A \)
यही सिद्ध करना था।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC दिखाया गया है। भुजा AB को D तक और भुजा AC को E तक बढ़ाया गया है, जिससे बाहरी कोण ∠DBC और ∠ECB बनते हैं। इन बाहरी कोणों के समद्विभाजक बिंदु O पर प्रतिच्छेद करते हैं।
In simple words: बहिष्कोण प्रमेय और त्रिभुज के कोणों के योग गुणधर्म का उपयोग करके, पहले बाहरी कोणों DBC और ECB के योग को कोण A के पदों में व्यक्त किया जाता है। फिर, कोण OBC और OCB को इनके समद्विभाजकों के रूप में दर्शाया जाता है, और त्रिभुज OBC के कोणों के योग के नियम से ∠BOC का मान 90° - (1/2)∠A सिद्ध किया जाता है।
🎯 Exam Tip: बहिष्कोण प्रमेय और कोण समद्विभाजक की अवधारणाओं को अच्छी तरह समझें। बीजगणितीय प्रतिस्थापन में सावधानी बरतें।
Question 17. एक △ABC की भुजा BC को दोनों ओर को बढ़ाया गया है तो सिद्ध कीजिए कि दोनों बाह्य कोणों का योग ∠A से 180° बड़ा होगा।
Answer: हलः सिद्ध करना है: \( \angle ABD + \angle ACE = \angle A + 180^\circ \)
उपपत्तिः
त्रिभुज ABC के लिए, बहिष्कोण प्रमेय से:
\( \angle ABD = \angle A + \angle ACB \) ..........(1)
\( \angle ACE = \angle A + \angle ABC \) ..........(2)
समीकरण (1) और (2) को जोड़ने पर:
\( \angle ABD + \angle ACE = (\angle A + \angle ACB) + (\angle A + \angle ABC) \)
\( \angle ABD + \angle ACE = 2\angle A + (\angle ACB + \angle ABC) \)
हम जानते हैं कि त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है।
\( \angle A + \angle ABC + \angle ACB = 180^\circ \)
\( \implies \angle ABC + \angle ACB = 180^\circ - \angle A \)
इस मान को (3) में रखने पर:
\( \angle ABD + \angle ACE = 2\angle A + (180^\circ - \angle A) \)
\( \angle ABD + \angle ACE = \angle A + 180^\circ \)
यही सिद्ध करना था।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC दिखाया गया है। भुजा BC को बाईं ओर D तक और दाईं ओर E तक बढ़ाया गया है, जिससे दो बाहरी कोण ∠ABD और ∠ACE बनते हैं।
In simple words: बहिष्कोण प्रमेय का उपयोग करके प्रत्येक बाहरी कोण को आंतरिक सम्मुख कोणों के योग के रूप में व्यक्त किया जाता है। फिर, इन दोनों बाहरी कोणों को जोड़कर और त्रिभुज के कोणों के योग के नियम का उपयोग करके सिद्ध किया जाता है कि उनका योग कोण A से 180° अधिक है।
🎯 Exam Tip: बहिष्कोण प्रमेय को सही ढंग से लागू करें और त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म का प्रभावी ढंग से उपयोग करें। बीजगणितीय प्रतिस्थापन में सावधानी बरतें।
Question 18. यदि एक त्रिभुज के आधार कोण के समद्विभाजक द्वारा 135° का एक कोण बना है। तो सिद्ध कीजिए कि त्रिभुज समकोण है।
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC है। बिंदु D त्रिभुज के अंदर है, जहाँ आधार कोणों ∠ABC और ∠ACB के समद्विभाजक बिंदु D पर मिलते हैं, जिससे ∠BDC = 135° बनता है।
माना △ABC में,
\( \angle B = 2x \) और \( \angle C = 2y \)
BD और CD क्रमशः ∠B और ∠C के समद्विभाजक हैं।
\( \implies \angle DBC = \frac{2x}{2} = x \)
और \( \angle DCB = \frac{2y}{2} = y \)
त्रिभुज BDC में,
\( \angle BDC + \angle DBC + \angle DCB = 180^\circ \)
\( 135^\circ + x + y = 180^\circ \)
\( x + y = 180^\circ - 135^\circ \)
\( x + y = 45^\circ \) ..........(1)
त्रिभुज ABC में,
\( \angle A + \angle B + \angle C = 180^\circ \)
\( \angle A + 2x + 2y = 180^\circ \)
\( \angle A + 2(x + y) = 180^\circ \)
समीकरण (1) से x+y का मान रखने पर:
\( \angle A + 2(45^\circ) = 180^\circ \)
\( \angle A + 90^\circ = 180^\circ \)
\( \angle A = 180^\circ - 90^\circ \)
\( \angle A = 90^\circ \)
\( \implies \) △ABC एक समकोण त्रिभुज है।
यही सिद्ध करना था।
In simple words: आधार कोणों के समद्विभाजकों द्वारा बनाए गए कोण (135°) और छोटे त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म का उपयोग करके, आधार कोणों के आधे-आधे योग का मान ज्ञात किया जाता है। फिर, इस मान को बड़े त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म में प्रतिस्थापित करके, शीर्ष कोण (∠A) का मान 90° सिद्ध किया जाता है, जो यह दर्शाता है कि त्रिभुज समकोण है।
🎯 Exam Tip: कोण समद्विभाजक की परिभाषा और त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म का सही उपयोग करें। छोटे त्रिभुज से प्राप्त जानकारी को बड़े त्रिभुज में लागू करने की विधि समझें।
Question 19. एक त्रिभुज ABC है। B पर बाह्य कोण का समद्विभाजक तथा ∠C का समद्विभाजक परस्पर D पर प्रतिच्छेद करते हैं तो सिद्ध कीजिए कि ∠D = \(\frac{1}{2}\) ∠A
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC दिखाया गया है। भुजा AB को E तक बढ़ाया गया है। बाहरी कोण ∠EBC का समद्विभाजक BD है और आंतरिक कोण ∠BCA का समद्विभाजक CD है। ये दोनों समद्विभाजक बिंदु D पर मिलते हैं।
त्रिभुज ABC में,
∠EBC बाहरी कोण है।
\( \angle EBC = \angle A + \angle ACB \) ..........(1) (बहिष्कोण प्रमेय)
BD, ∠EBC का समद्विभाजक है, इसलिए \( \angle DBC = \frac{1}{2} \angle EBC \)
CD, ∠ACB का समद्विभाजक है, इसलिए \( \angle DCB = \frac{1}{2} \angle ACB \)
त्रिभुज BDC में,
\( \angle D + \angle DBC + \angle DCB = 180^\circ \)
\( \angle D = 180^\circ - (\angle DBC + \angle DCB) \)
\( \angle D = 180^\circ - \left(\frac{1}{2} \angle EBC + \frac{1}{2} \angle ACB\right) \)
\( \angle D = 180^\circ - \frac{1}{2} (\angle EBC + \angle ACB) \)
समीकरण (1) से \( \angle EBC \) का मान रखने पर:
\( \angle D = 180^\circ - \frac{1}{2} ((\angle A + \angle ACB) + \angle ACB) \)
\( \angle D = 180^\circ - \frac{1}{2} (\angle A + 2\angle ACB) \)
\( \angle D = 180^\circ - \frac{1}{2} \angle A - \angle ACB \)
यह सिद्ध किए जाने वाले परिणाम से मेल नहीं खाता है। हमें प्रश्न में दी गई जानकारी और चित्र का उपयोग करना होगा।
**OCR पाठ के हल के अनुसार:**
\( \angle DBE + \angle ABD = \angle A + \angle ACB \) (यह गलत समीकरण है। \( \angle DBE \) और \( \angle ABD \) एक रैखिक युग्म बनाते हैं।)
सही बहिष्कोण प्रमेय है: \( \angle CBE = \angle A + \angle ACB \) (यदि E भुजा AB का विस्तार है)
या \( \angle (बाहरी कोण B) = \angle A + \angle C \)
**यदि प्रश्न में B पर बाहरी कोण और C पर आंतरिक कोण के समद्विभाजक की बात है:**
मान लीजिए कि AB को E तक बढ़ाया गया है, तो बाहरी कोण \( \angle CBE = \angle A + \angle C \).
BD, \( \angle CBE \) का समद्विभाजक है, तो \( \angle DBC = \frac{1}{2} \angle CBE = \frac{1}{2}(\angle A + \angle C) \).
CD, \( \angle C \) का समद्विभाजक है, तो \( \angle DCB = \frac{1}{2} \angle C \).
त्रिभुज BDC में,
\( \angle D + \angle DBC + \angle DCB = 180^\circ \)
\( \angle D + \frac{1}{2}(\angle A + \angle C) + \frac{1}{2} \angle C = 180^\circ \)
\( \angle D + \frac{1}{2} \angle A + \frac{1}{2} \angle C + \frac{1}{2} \angle C = 180^\circ \)
\( \angle D + \frac{1}{2} \angle A + \angle C = 180^\circ \)
त्रिभुज ABC में, \( \angle A + \angle B + \angle C = 180^\circ \implies \angle A + \angle B = 180^\circ - \angle C \)
\( \implies \angle C = 180^\circ - (\angle A + \angle B) \)
इस मान को ऊपर के समीकरण में रखने पर यह सरल नहीं होगा।
**हमें दिए गए OCR पाठ के हल का ही पालन करना होगा, भले ही वह ज्यामितीय रूप से पूरी तरह सही न लगे।**
OCR पाठ के अनुसार:
\( \angle ABD = \angle A + \angle ACB \) (बहिष्कोण प्रमेय)
∠DBE यह ∠ABD का ही भाग है।
\( 2 \angle ABD = \angle A + 2 \angle ACD \) (यह गलत है, समीकरण का कोई ज्यामितीय आधार नहीं है)
**सही तरीका (यदि B पर बाहरी कोण और C पर आंतरिक कोण के समद्विभाजक D पर मिलते हैं):**
मान लीजिए त्रिभुज ABC की भुजा AB को बिंदु E तक बढ़ाया गया है, तो \( \angle CBE \) बाहरी कोण है।
\( \angle CBE = \angle A + \angle ACB \) ...(1)
D, \( \angle CBE \) का समद्विभाजक है, तो \( \angle DBC = \frac{1}{2} \angle CBE \).
D, \( \angle ACB \) का समद्विभाजक है, तो \( \angle DCB = \frac{1}{2} \angle ACB \).
त्रिभुज DBC में,
\( \angle D + \angle DBC + \angle DCB = 180^\circ \)
\( \angle D + \frac{1}{2} \angle CBE + \frac{1}{2} \angle ACB = 180^\circ \)
\( \angle D + \frac{1}{2} (\angle A + \angle ACB) + \frac{1}{2} \angle ACB = 180^\circ \) (समीकरण 1 से)
\( \angle D + \frac{1}{2} \angle A + \frac{1}{2} \angle ACB + \frac{1}{2} \angle ACB = 180^\circ \)
\( \angle D + \frac{1}{2} \angle A + \angle ACB = 180^\circ \)
हमें \( \angle D = \frac{1}{2} \angle A \) सिद्ध करना है।
इस स्थिति में, \( \angle B \) का बाहरी समद्विभाजक और \( \angle C \) का आंतरिक समद्विभाजक D पर प्रतिच्छेद करते हैं, तो \( \angle D = \frac{1}{2} \angle A \) नहीं होता।
यह प्रमेय तब सत्य होता है जब \( \angle B \) का आंतरिक समद्विभाजक और \( \angle C \) का आंतरिक समद्विभाजक D पर प्रतिच्छेद करते हैं, तो \( \angle BDC = 90^\circ + \frac{1}{2} \angle A \).
और यदि \( \angle B \) का बाहरी समद्विभाजक और \( \angle C \) का बाहरी समद्विभाजक D पर प्रतिच्छेद करते हैं, तो \( \angle BDC = 90^\circ - \frac{1}{2} \angle A \).
**यहां प्रश्न में एक बाहरी कोण का समद्विभाजक और दूसरे आंतरिक कोण का समद्विभाजक D पर मिलते हैं।**
इस स्थिति में, \( \angle D = \frac{1}{2} \angle A \) **नहीं** होता।
इसकी बजाय, \( \angle D = \frac{1}{2} (\angle C - \angle B) \) या \( \frac{1}{2} (\angle B - \angle C) \) (यदि बाहरी कोण B पर है और आंतरिक C पर है)
**चूंकि मुझे OCR पाठ का अक्षरशः पालन करना है, मैं उसी हल को प्रारूपित करूँगा, भले ही वह ज्यामितीय रूप से मानक प्रमेय से भिन्न हो।**
**OCR पाठ का हल:**
त्रिभुज ABC में, \( \angle B \) पर बाहरी कोण का समद्विभाजक तथा \( \angle C \) पर आंतरिक कोण का समद्विभाजक D पर प्रतिच्छेद करते हैं।
दिया है:
\( \angle DBE \) बाहरी कोण है।
\( \angle ABD = \angle A + \angle ACB \) (गलत, यह \( \angle CBE \) या \( \angle EBD \) होना चाहिए)
\( \angle ABD \) (चित्र में) A के बगल में एक बिंदु M से गुजरता है।
यह प्रश्न थोड़ा अस्पष्ट है, चित्र और पाठ के बीच कुछ विसंगतियाँ हो सकती हैं।
**OCR हल को अक्षरशः प्रस्तुत करना (त्रुटियों को बरकरार रखते हुए):**
\( \angle DBE + \angle ABD = \angle A + \angle ACB \)
\( \angle ABD = \frac{1}{2} \angle A + \angle ACD \) (यह भी गलत प्रतीत होता है)
त्रिभुज MBD में, \( \angle D + \angle DMB + \angle MBD = 180^\circ \) ...(2)
त्रिभुज AMC में, \( \angle A + \angle AMC + \angle ACM = 180^\circ \)
\( \angle DMB = \angle AMC \) (शीर्षाभिमुख कोण)
\( \angle D + \frac{1}{2} \angle A + \angle ACD = \angle A + \angle ACD \)
\( \angle D = \frac{1}{2} \angle A \)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC दर्शाया गया है। भुजा AB को E तक और AC को M तक बढ़ाया गया है। बाहरी कोण B और आंतरिक कोण C के समद्विभाजक बिंदु D पर मिलते हैं।
In simple words: यह सिद्ध करना है कि बिंदु D पर बनने वाला कोण, कोण A का आधा होता है, जब B पर बाहरी कोण का समद्विभाजक और C पर आंतरिक कोण का समद्विभाजक D पर मिलते हैं। (नोट: यह प्रमेय आमतौर पर मान्य नहीं होता है, यह केवल विशेष मामलों में ही लागू होता है या प्रश्न में कुछ अस्पष्टता है, लेकिन OCR के हल का ही पालन किया गया है)।
🎯 Exam Tip: इस प्रमेय के मानक रूप को समझना महत्वपूर्ण है। यदि बाहरी समद्विभाजक और आंतरिक समद्विभाजक प्रतिच्छेद करते हैं, तो कोण D का संबंध \( \frac{1}{2} \angle A \) से होता है, लेकिन सूत्र की जाँच करें।
Question 20. एक △ABC में, AD, ∠A का समद्विभाजक है तथा ∠C > ∠B तो सिद्ध कीजिए कि ∠ADB > ∠ADC
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC को दर्शाता है जिसमें AD, कोण A का समद्विभाजक है, जो भुजा BC पर D पर मिलता है।
दिया है, △ABC में, AD, ∠A का समद्विभाजक है।
\( \implies \angle BAD = \angle CAD = \frac{1}{2} \angle A \)
दिया है \( \angle C > \angle B \)
हम जानते हैं कि बड़े कोण की सम्मुख भुजा बड़ी होती है।
तो, AB > AC
त्रिभुज ADC में, ∠ADB बाहरी कोण है।
\( \angle ADB = \angle CAD + \angle C \)
त्रिभुज ABD में, ∠ADC बाहरी कोण है।
\( \angle ADC = \angle BAD + \angle B \)
हमें सिद्ध करना है \( \angle ADB > \angle ADC \)
\( \angle CAD + \angle C > \angle BAD + \angle B \)
चूँकि \( \angle CAD = \angle BAD \) (AD कोण A का समद्विभाजक है)
तो, हमें सिद्ध करना है \( \angle C > \angle B \)
और यह दिया गया है कि \( \angle C > \angle B \)
अतः \( \angle ADB > \angle ADC \)
यही सिद्ध करना था।
In simple words: बहिष्कोण प्रमेय का उपयोग करके कोण ADB और ADC को त्रिभुज के आंतरिक कोणों के पदों में व्यक्त किया जाता है। चूंकि AD कोण A का समद्विभाजक है, और यह दिया गया है कि कोण C कोण B से बड़ा है, तो यह सीधा सिद्ध हो जाता है कि कोण ADB कोण ADC से बड़ा है।
🎯 Exam Tip: कोण समद्विभाजक की परिभाषा और बहिष्कोण प्रमेय को सही ढंग से लागू करें। त्रिभुज में बड़े कोण के सामने बड़ी भुजा होती है, यह गुणधर्म यहाँ सहायक है।
Ex 11.2 Triangles And Its Angles बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions)
Question 1. एक △ABC में, ∠B = ∠C तथा किरण AX, बहिष्कोण DAC को समद्विभाजित करती है। यदि ∠DAX = 70° तब ∠ACB =
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC दिखाया गया है। भुजा BA को D तक बढ़ाया गया है, जिससे बाहरी कोण ∠DAC बनता है। AX, ∠DAC का समद्विभाजक है। ∠DAX = 70° दिया गया है।
दिया है, \( \angle B = \angle C \)
AX, बहिष्कोण DAC को समद्विभाजित करती है।
इसलिए, \( \angle DAX = \angle XAC = 70^\circ \)
अतः \( \angle DAC = \angle DAX + \angle XAC = 70^\circ + 70^\circ = 140^\circ \)
हम जानते हैं कि त्रिभुज ABC का बहिष्कोण \( \angle DAC \) है।
\( \angle DAC = \angle B + \angle C \)
चूँकि \( \angle B = \angle C \) है,
\( 140^\circ = \angle C + \angle C \)
\( 140^\circ = 2\angle C \)
\( \angle C = \frac{140^\circ}{2} = 70^\circ \)
अतः \( \angle ACB = 70^\circ \)
अतः विकल्प (b) सही है।
In simple words: बहिष्कोण DAC को किरण AX द्वारा समद्विभाजित करने की जानकारी का उपयोग करके पहले ∠DAC का पूरा मान ज्ञात किया जाता है। फिर, बहिष्कोण प्रमेय और दिए गए ∠B = ∠C संबंध का उपयोग करके, कोण C (अर्थात् ∠ACB) का मान निकाला जाता है।
🎯 Exam Tip: कोण समद्विभाजक की परिभाषा और बहिष्कोण प्रमेय को सही ढंग से लागू करें। दिए गए संबंधों को समीकरणों में बदलकर हल करें।
Question 2. यदि एक समकोण त्रिभुज के न्यूनकोण के समद्विभाजक O पर मिलते हैं तब दोनों समद्विभाजकों के बीच कोण O है
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक समकोण त्रिभुज ABC दिखाया गया है, जहाँ ∠B = 90°। न्यूनकोण ∠A और ∠C के समद्विभाजक बिंदु O पर मिलते हैं।
माना △ABC एक समकोण त्रिभुज है, जहाँ \( \angle B = 90^\circ \)
माना \( \angle BAC = 2x \) और \( \angle BCA = 2y \)
OA, ∠BAC का समद्विभाजक है, तो \( \angle BAO = \angle OAC = x \)
OC, ∠BCA का समद्विभाजक है, तो \( \angle BCO = \angle OCA = y \)
त्रिभुज AOC में,
\( \angle AOC + \angle OAC + \angle OCA = 180^\circ \)
\( \angle AOC = 180^\circ - (x + y) \) ..........(1)
त्रिभुज ABC में,
\( \angle A + \angle B + \angle C = 180^\circ \)
\( 2x + 90^\circ + 2y = 180^\circ \)
\( 2(x + y) = 180^\circ - 90^\circ \)
\( 2(x + y) = 90^\circ \)
\( x + y = \frac{90^\circ}{2} = 45^\circ \) ..........(2)
समीकरण (1) में (2) से मान रखने पर:
\( \angle AOC = 180^\circ - 45^\circ \)
\( \angle AOC = 135^\circ \)
अतः विकल्प (d) सही है।
In simple words: त्रिभुज के कोणों के योग के गुणधर्म का उपयोग करके पहले न्यूनकोणों (A और C) के योग का आधा मान ज्ञात किया जाता है। फिर, इस मान को त्रिभुज AOC के कोणों के योग के नियम में प्रतिस्थापित करके, समद्विभाजकों के बीच के कोण O का मान निकाला जाता है।
🎯 Exam Tip: समकोण त्रिभुज के कोणों के योग और कोण समद्विभाजक की अवधारणा को समझें। समीकरणों को हल करते समय सटीक गणना करें।
Question 3. ∆ABC में, यदि ∠A = 100°, AD, ∠A को समद्विभाजित करता है तथा AD⊥BC तब ∠B =
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC दिखाया गया है, जहाँ ∠A = 100°। AD, ∠A का समद्विभाजक है और भुजा BC पर लंबवत है, जिससे ∠ADC = 90° बनता है।
दिया है, AD, ∠A को समद्विभाजित करता है।
\( \implies \angle BAD = \angle CAD = \frac{1}{2} \angle A = \frac{100^\circ}{2} = 50^\circ \)
दिया है, AD⊥BC,
\( \implies \angle ADB = \angle ADC = 90^\circ \)
त्रिभुज ABD में,
\( \angle ABD + \angle BAD + \angle ADB = 180^\circ \)
\( \angle ABD + 50^\circ + 90^\circ = 180^\circ \)
\( \angle ABD + 140^\circ = 180^\circ \)
\( \angle ABD = 180^\circ - 140^\circ \)
\( \angle ABD = 40^\circ \)
अतः विकल्प (a) सही है।
In simple words: कोण A के समद्विभाजक और AD के BC पर लंबवत होने की जानकारी का उपयोग करके, त्रिभुज ABD में कोणों के योग के नियम से कोण B का मान ज्ञात किया जाता है।
🎯 Exam Tip: कोण समद्विभाजक और लंबवत रेखाओं के गुणों को समझें। त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म का सही उपयोग करें।
Question 4. एक समद्विबाहु त्रिभुज में शीर्ष पर एक बहिष्कोण 95° है तथा इसका एक बना हुआ अभिमुख कोण है
Answer: हल:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC दिखाया गया है, जहाँ AB = AC। भुजा BA को D तक बढ़ाया गया है, जिससे शीर्ष A पर एक बाहरी कोण ∠DAC बनता है, जिसका मान 95° है।
माना समद्विबाहु त्रिभुज ABC में, AB = AC
\( \implies \angle B = \angle C \) (समान भुजाओं के सम्मुख कोण)
शीर्ष पर बहिष्कोण \( \angle DAC = 95^\circ \)
हम जानते हैं कि बहिष्कोण प्रमेय से,
\( \angle DAC = \angle B + \angle C \)
\( 95^\circ = \angle C + \angle C \)
\( 95^\circ = 2\angle C \)
\( \angle C = \frac{95^\circ}{2} = 47.5^\circ \)
अतः एक अभिमुख कोण 47.5° है।
अतः विकल्प (b) सही है।
In simple words: समद्विबाहु त्रिभुज के गुणधर्म (समान भुजाओं के सम्मुख कोण समान होते हैं) और बहिष्कोण प्रमेय का उपयोग करके, शीर्ष पर दिए गए बाहरी कोण से आधार के प्रत्येक आंतरिक कोण का मान ज्ञात किया जाता है।
🎯 Exam Tip: समद्विबाहु त्रिभुज के गुणों और बहिष्कोण प्रमेय को सही ढंग से लागू करें। दशमलव में कोण मान की गणना में सावधानी बरतें।
Question 5. एक △ABC में, ∠A = 50° तथा BC को एक बिंदु D तक बढ़ाया गया है। यदि ∠ABC और ∠ACD के समद्विभाजक E पर मिलते हैं तब ∠E =
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC दिखाया गया है, जहाँ ∠A = 50°। भुजा BC को D तक बढ़ाया गया है। कोण ∠ABC का समद्विभाजक BE है और बाहरी कोण ∠ACD का समद्विभाजक CE है। ये दोनों समद्विभाजक बिंदु E पर मिलते हैं।
माना \( \angle ABC = 2x \) और \( \angle ACD = 2y \)
BE, ∠ABC का समद्विभाजक है, तो \( \angle EBC = x \)
CE, ∠ACD का समद्विभाजक है, तो \( \angle ECD = y \)
त्रिभुज ABC में, बहिष्कोण प्रमेय से:
\( \angle ACD = \angle A + \angle ABC \)
\( 2y = 50^\circ + 2x \)
दोनों पक्षों को 2 से भाग देने पर:
\( y = 25^\circ + x \)
\( y - x = 25^\circ \) ..........(1)
त्रिभुज BCE में,
\( \angle E + \angle EBC + \angle ECB = 180^\circ \)
\( \angle E + x + \angle ECB = 180^\circ \)
हम जानते हैं कि \( \angle ECB + \angle ACD = 180^\circ \) (रैखिक युग्म)
\( \angle ECB + 2y = 180^\circ \)
\( \angle ECB = 180^\circ - 2y \)
इस मान को त्रिभुज BCE के कोण योग समीकरण में रखने पर:
\( \angle E + x + (180^\circ - 2y) = 180^\circ \)
\( \angle E + x - 2y = 0 \)
\( \angle E = 2y - x \)
\( \angle E = y + (y - x) \)
समीकरण (1) से \( y - x = 25^\circ \) का मान रखने पर:
\( \angle E = y + 25^\circ \)
यह सीधे \( 25^\circ \) नहीं है।
**हमें \( \angle E = y - x \) सिद्ध करना था (OCR पाठ में) जो कि \( 25^\circ \) के बराबर है।**
\( \angle E = 2y - x \)
हम जानते हैं \( y = 25^\circ + x \)
\( \angle E = (25^\circ + x) + (25^\circ + x) - x = 50^\circ + 2x - x = 50^\circ + x \)
यह भी मैच नहीं हो रहा है।
**OCR पाठ के हल का ही पालन करते हैं:**
माना \( \angle ABC = 2x \) तथा \( \angle ACD = 2y \)
BE, ∠ABC का समद्विभाजक है, अतः \( \angle ABE = \angle EBC = x \)
CE, ZACD का समद्विभाजक है, अतः \( \angle ACE = \angle ECD = y \)
∠ACD, △ABC का बहिष्कोण है।
\( \angle ACD = \angle CAB + \angle ABC \)
\( 2y = 50^\circ + 2x \)
\( \implies y - x = 25^\circ \) ..............(1)
△BCE में,
\( \angle EBC + \angle ECB + \angle BEC = 180^\circ \)
\( x + (180^\circ - y) + \angle BEC = 180^\circ \) (यहाँ \( \angle ECB \) को \( 180^\circ - \angle ACE \) के रूप में लिया गया है, लेकिन यह \( \angle ACE \) नहीं बल्कि \( \angle BCA \) का बहिष्कोण \( \angle ACD \) का आधा है। \( \angle ECB \) असल में \( \angle BCA \) के साथ रैखिक युग्म बनाता है।)
यह होना चाहिए: \( \angle ECB = 180^\circ - \angle ACD = 180^\circ - 2y \). यह \( \angle BCE \) है।
**OCR हल में \( \angle ECB \) को \( (180^\circ - y) \) के रूप में प्रयोग किया गया है, जो \( \angle BCA \) का मान है, यदि \( \angle ACB = y \) हो तो। लेकिन ऊपर \( \angle BCA \) को \( 2y \) माना है, और \( \angle OCB \) को \( y \). यहाँ भ्रम है।**
**OCR पाठ के हल को अक्षरशः प्रयोग करें:**
△BCE में,
\( \angle EBC + \angle ECB + \angle BEC = 180^\circ \)
\( x + (180^\circ - y) + \angle BEC = 180^\circ \)
(यहाँ \( \angle ECB \) का अर्थ शायद \( \angle BCA \) है और \( \angle BCA = y \), जो ऊपर परिभाषित \( \angle OCB = y \) से भिन्न है)
\( \angle BEC = 180^\circ - 180^\circ - x + y \)
\( \angle BEC = y - x \)
समीकरण (1) से \( y - x = 25^\circ \)
तो, \( \angle E = 25^\circ \)
अतः विकल्प (c) सही है।
In simple words: त्रिभुज ABC के बहिष्कोण प्रमेय का उपयोग करके कोणों x और y के बीच एक संबंध स्थापित किया जाता है। फिर, त्रिभुज BCE के कोणों के योग के नियम का उपयोग करके और रैखिक युग्म की अवधारणा का प्रयोग करके, कोण E का मान ज्ञात किया जाता है।
🎯 Exam Tip: कोण समद्विभाजक, बहिष्कोण प्रमेय और त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म के संयोजन को समझें। समीकरणों में कोणों को सही ढंग से प्रतिस्थापित करना महत्वपूर्ण है।
Question 6. △ABC के B तथा C पर बहिष्कोणों के समद्विभाजक O पर मिलते हैं यदि ∠A = x° तब ∠BOC =
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC दिखाया गया है। भुजा AB को D तक और AC को E तक बढ़ाया गया है। बाहरी कोण ∠CBD और ∠BCE के समद्विभाजक बिंदु O पर मिलते हैं।
माना \( \angle CBD = 2y \) और \( \angle BCE = 2z \)
BO, ∠CBD का समद्विभाजक है, तो \( \angle OBC = y \)
CO, ∠BCE का समद्विभाजक है, तो \( \angle OCB = z \)
त्रिभुज OBC में,
\( \angle BOC + \angle OBC + \angle OCB = 180^\circ \)
\( \angle BOC = 180^\circ - (y + z) \) ..........(1)
हम जानते हैं कि बहिष्कोण प्रमेय से:
\( \angle CBD = \angle A + \angle C \)
\( 2y = \angle A + \angle C \)
और \( \angle BCE = \angle A + \angle B \)
\( 2z = \angle A + \angle B \)
इन दोनों समीकरणों को जोड़ने पर:
\( 2y + 2z = (\angle A + \angle C) + (\angle A + \angle B) \)
\( 2(y + z) = 2\angle A + (\angle B + \angle C) \)
हम जानते हैं कि \( \angle A + \angle B + \angle C = 180^\circ \)
तो, \( \angle B + \angle C = 180^\circ - \angle A \)
\( 2(y + z) = 2\angle A + (180^\circ - \angle A) \)
\( 2(y + z) = 180^\circ + \angle A \)
\( y + z = \frac{180^\circ + \angle A}{2} = 90^\circ + \frac{\angle A}{2} \)
समीकरण (1) में \( y + z \) का मान रखने पर:
\( \angle BOC = 180^\circ - \left(90^\circ + \frac{\angle A}{2}\right) \)
\( = 180^\circ - 90^\circ - \frac{\angle A}{2} \)
\( \angle BOC = 90^\circ - \frac{\angle A}{2} \)
दिया है \( \angle A = x^\circ \)
अतः \( \angle BOC = 90^\circ - \frac{x^\circ}{2} \)
अतः विकल्प (c) सही है।
In simple words: बाहरी कोणों CBD और BCE के मानों को कोण A, B और C के पदों में व्यक्त किया जाता है। फिर, इन बाहरी कोणों के समद्विभाजकों द्वारा बने कोणों (y और z) का उपयोग करके और त्रिभुज के कोणों के योग के नियम से, कोण BOC का मान 90° - (∠A/2) के रूप में प्राप्त किया जाता है।
🎯 Exam Tip: बाहरी कोणों के समद्विभाजकों द्वारा बनाए गए कोणों के बीच के संबंध का प्रमेय याद रखें। यह एक मानक परिणाम है जो कई समस्याओं को हल करने में मदद करता है।
Question 7. यदि एक त्रिभुज के कोण 3 : 4 : 5 के अनुपात में है तब छोटा कोण है
Answer: हलः
कोणों का अनुपात = 3 : 4 : 5
माना कोण हैं \( 3k, 4k, 5k \)
त्रिभुज के कोणों का योग 180° होता है।
\( 3k + 4k + 5k = 180^\circ \)
\( 12k = 180^\circ \)
\( k = \frac{180^\circ}{12} \)
\( k = 15^\circ \)
सबसे छोटा कोण = \( 3k = 3 \times 15^\circ = 45^\circ \)
अतः विकल्प (a) सही है।
In simple words: कोणों को एक सामान्य अनुपात स्थिरांक (k) के रूप में व्यक्त किया जाता है। त्रिभुज के कोणों के योग के नियम का उपयोग करके k का मान ज्ञात किया जाता है, जिससे सबसे छोटे कोण का मान निकाला जा सकता है।
🎯 Exam Tip: अनुपातिक समस्याओं को हल करने के लिए एक सामान्य स्थिरांक का उपयोग करें। त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म को सही ढंग से लागू करें।
Question 8. यदि एक त्रिभुज का एक कोण 110° का है, तब अन्य दो कोणों के समद्विभाजकों के बीच कोण हो सकता है
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC दिखाया गया है, जहाँ ∠A = 110°। शेष दो कोणों ∠B और ∠C के समद्विभाजक बिंदु O पर मिलते हैं।
माना त्रिभुज ABC में, \( \angle A = 110^\circ \)
माना ∠B के समद्विभाजक और ∠C के समद्विभाजक O पर मिलते हैं।
तब, \( \angle BOC = 90^\circ + \frac{1}{2} \angle A \)
\( \angle BOC = 90^\circ + \frac{110^\circ}{2} \)
\( \angle BOC = 90^\circ + 55^\circ \)
\( \angle BOC = 145^\circ \)
अतः विकल्प (c) सही है।
In simple words: यह एक मानक प्रमेय का उपयोग करता है जिसमें त्रिभुज के दो कोणों के समद्विभाजकों के बीच का कोण 90° प्लस तीसरे कोण के आधे के बराबर होता है। दिए गए कोण A का मान रखकर कोण BOC का मान ज्ञात किया जाता है।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज के आंतरिक कोण समद्विभाजकों द्वारा बनाए गए कोण का मानक प्रमेय \( (90^\circ + \frac{1}{2}\angle A) \) याद रखें। यह वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के लिए बहुत उपयोगी है।
Question 9. संलग्न चित्र में, OA तथा OB, ∠A और ∠B के समद्विभाजक है यदि ∠C = 30° तब ∠AOB =
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC दिखाया गया है, जहाँ ∠C = 30°। कोण ∠A और ∠B के समद्विभाजक बिंदु O पर मिलते हैं।
माना \( \angle CAB = 2x \) और \( \angle CBA = 2y \)
त्रिभुज ABC में,
\( \angle CAB + \angle CBA + \angle ACB = 180^\circ \)
\( 2x + 2y + 30^\circ = 180^\circ \)
\( 2(x + y) = 180^\circ - 30^\circ \)
\( 2(x + y) = 150^\circ \)
\( x + y = \frac{150^\circ}{2} = 75^\circ \) ..........(1)
त्रिभुज OAB में,
\( \angle AOB + \angle OAB + \angle OBA = 180^\circ \)
\( \angle AOB + x + y = 180^\circ \)
समीकरण (1) से \( x + y \) का मान रखने पर:
\( \angle AOB + 75^\circ = 180^\circ \)
\( \angle AOB = 180^\circ - 75^\circ \)
\( \angle AOB = 105^\circ \)
अतः विकल्प (d) सही है।
In simple words: त्रिभुज के कोणों के योग के गुणधर्म का उपयोग करके पहले कोण A और B के आधे के योग का मान ज्ञात किया जाता है। फिर, इस मान को त्रिभुज OAB के कोणों के योग के नियम में प्रतिस्थापित करके, समद्विभाजकों के बीच के कोण AOB का मान निकाला जाता है।
🎯 Exam Tip: आंतरिक कोण समद्विभाजकों द्वारा बनाए गए कोण का मानक प्रमेय \( (90^\circ + \frac{1}{2}\angle C) \) को लागू करें। यहाँ \( 90^\circ + \frac{30^\circ}{2} = 90^\circ + 15^\circ = 105^\circ \).
Question 10. चित्र में एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC है जिसमें ∠A = ∠B तथा PQ||AB यदि ∠C = 70° तब ∠APQ =
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC दिखाया गया है, जहाँ ∠A = ∠B और ∠C = 70°। एक रेखाखंड PQ भुजा AB के समानांतर है, P भुजा AC पर और Q भुजा BC पर है।
समद्विबाहु त्रिभुज ABC में, \( \angle A = \angle B \)
और \( \angle C = 70^\circ \)
त्रिभुज ABC में,
\( \angle A + \angle B + \angle C = 180^\circ \)
\( \angle A + \angle A + 70^\circ = 180^\circ \)
\( 2\angle A = 180^\circ - 70^\circ \)
\( 2\angle A = 110^\circ \)
\( \implies \angle A = \frac{110^\circ}{2} = 55^\circ \)
इसलिए, \( \angle A = 55^\circ \) और \( \angle B = 55^\circ \)
दिया है PQ||AB
अतः \( \angle CPQ = \angle CAB \) (संगत कोण)
\( \angle CPQ = \angle A = 55^\circ \)
अब, रेखाखंड CQ पर,
\( \angle APQ + \angle CPQ = 180^\circ \) (रैखिक युग्म)
\( \angle APQ + 55^\circ = 180^\circ \)
\( \angle APQ = 180^\circ - 55^\circ \)
\( \angle APQ = 125^\circ \)
अतः विकल्प (c) सही है।
In simple words: समद्विबाहु त्रिभुज के गुणधर्म और कोणों के योग के नियम से पहले कोण A का मान ज्ञात किया जाता है। फिर, PQ||AB के कारण संगत कोणों के गुणधर्म का उपयोग करके कोण CPQ का मान निकाला जाता है। अंत में, रैखिक युग्म की अवधारणा का उपयोग करके कोण APQ का मान ज्ञात किया जाता है।
🎯 Exam Tip: समद्विबाहु त्रिभुज के गुणधर्म और समानांतर रेखाओं द्वारा बनाए गए संगत कोणों के गुणों का सही उपयोग करें। रैखिक युग्म की पहचान करना भी महत्वपूर्ण है।
Ex 11.2 Triangles And Its Angles स्वमूल्यांकन परीक्षण (Self Assessment Test)
Question 1. यदि एक त्रिभुज का एक कोण, अन्य दो के योग के बराबर है तब सिद्ध कीजिए कि त्रिभुज एक समकोण त्रिभुज है।
Answer: हलः
माना △ के तीन कोण \( \angle A, \angle B, \angle C \) हैं।
दिया है: एक कोण अन्य दो के योग के बराबर है।
मान लीजिए \( \angle A = \angle B + \angle C \) ................(1)
हम जानते हैं कि त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है।
\( \angle A + \angle B + \angle C = 180^\circ \)
समीकरण (1) से \( (\angle B + \angle C) \) के स्थान पर \( \angle A \) रखने पर:
\( \angle A + \angle A = 180^\circ \)
\( 2\angle A = 180^\circ \)
\( \angle A = \frac{180^\circ}{2} \)
\( \angle A = 90^\circ \)
अतः △ABC एक समकोण त्रिभुज है।
यही सिद्ध करना था।
In simple words: त्रिभुज के कोणों के योग के नियम और दिए गए संबंध (एक कोण अन्य दो के योग के बराबर है) का उपयोग करके, शीर्ष कोण (∠A) का मान 90° सिद्ध किया जाता है, जो यह दर्शाता है कि त्रिभुज एक समकोण त्रिभुज है।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म और दिए गए संबंध को समीकरण में बदलने पर ध्यान दें। यह एक सीधा प्रमाण है।
Question 2. संलग्न चित्र में यदि AB||DE, ∠ BAC = 35° तथा ∠CDE = 53° तब दिखाइये कि ∠DCE = 92°
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक आकृति दिखाई गई है जिसमें दो समानांतर रेखाएँ AB और DE हैं। एक तिर्यक रेखा AC इन समानांतर रेखाओं को काटती है। एक त्रिभुज CDE बनता है। ∠BAC = 35° और ∠CDE = 53° दिए गए हैं।
दिया है AB||DE
और AC एक तिर्यक रेखा है।
\( \implies \angle BAE = \angle AED \) (गलत, यह \( \angle BAC \) और \( \angle CED \) होना चाहिए)
\( \angle BAC = \angle ACE = 35^\circ \) (एकान्तर अंतः कोण)
अब, त्रिभुज CDE में,
\( \angle CDE + \angle CED + \angle DCE = 180^\circ \)
\( 53^\circ + 35^\circ + \angle DCE = 180^\circ \)
\( 88^\circ + \angle DCE = 180^\circ \)
\( \angle DCE = 180^\circ - 88^\circ \)
\( \angle DCE = 92^\circ \)
यही दिखाना था।
In simple words: समानांतर रेखाओं और तिर्यक रेखा के गुणधर्म का उपयोग करके पहले कोण CED का मान ज्ञात किया जाता है। फिर, त्रिभुज CDE के कोणों के योग के नियम का उपयोग करके अज्ञात कोण DCE का मान निकाला जाता है।
🎯 Exam Tip: समानांतर रेखाओं और तिर्यक रेखा द्वारा बनाए गए एकान्तर अंतः कोणों को पहचानना महत्वपूर्ण है। त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म को सही ढंग से लागू करें।
Question 3. एक त्रिभुज ABC की भुजा BC दोनों ओर को बढ़ायी गयी है तो दिखाइये कि बने हुए बहिष्कोणों का योग, दो समकोण द्वारा ∠A से बड़ा है।
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC दिखाया गया है जिसकी भुजा BC को बाईं ओर E तक और दाईं ओर D तक बढ़ाया गया है।
त्रिभुज ABC में, भुजा BC को दोनों ओर E और D तक बढ़ाया गया है।
बहिष्कोण प्रमेय से:
\( \angle ACD = \angle BAC + \angle ABC \) ..........(1)
\( \angle ABE = \angle BAC + \angle ACB \) ..........(2)
समीकरण (1) व (2) को जोड़ने पर:
\( \angle ACD + \angle ABE = (\angle BAC + \angle ABC) + (\angle BAC + \angle ACB) \)
\( \angle ACD + \angle ABE = 2\angle BAC + (\angle ABC + \angle ACB) \)
हम जानते हैं कि त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है।
\( \angle BAC + \angle ABC + \angle ACB = 180^\circ \)
\( \implies \angle ABC + \angle ACB = 180^\circ - \angle BAC \)
इस मान को ऊपर के समीकरण में रखने पर:
\( \angle ACD + \angle ABE = 2\angle BAC + (180^\circ - \angle BAC) \)
\( \angle ACD + \angle ABE = \angle BAC + 180^\circ \)
यह दर्शाता है कि दोनों बहिष्कोणों का योग ∠A से 180° अधिक है।
180° = दो समकोण।
तो, बहिष्कोणों का योग ∠A से दो समकोण बड़ा है।
यही दिखाना था।
In simple words: बहिष्कोण प्रमेय का उपयोग करके प्रत्येक बाहरी कोण को उसके सम्मुख आंतरिक कोणों के योग के रूप में व्यक्त किया जाता है। फिर, इन दोनों बाहरी कोणों को जोड़कर और त्रिभुज के कोणों के योग के नियम का उपयोग करके सिद्ध किया जाता है कि उनका योग कोण BAC से 180° अधिक है (जो दो समकोण के बराबर है)।
🎯 Exam Tip: बहिष्कोण प्रमेय और त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म को सही ढंग से लागू करें। बीजगणितीय प्रतिस्थापन में सावधानी बरतें।
Question 4. ∆ABC में, BD⊥AC तथा CE⊥AB, यदि BD तथा CE, O पर प्रतिच्छेद करते हैं तो सिद्ध कीजिए कि ∠BOC = 180° – ∠A
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC दिखाया गया है। BD, AC पर लंबवत है और CE, AB पर लंबवत है। BD और CE बिंदु O पर प्रतिच्छेद करते हैं।
दिया है BD⊥AC \( \implies \angle BDC = 90^\circ \)
दिया है CE⊥AB \( \implies \angle CEB = 90^\circ \)
त्रिभुज BOC में,
\( \angle BOC + \angle OBC + \angle OCB = 180^\circ \) ..........(1)
त्रिभुज ABD में,
\( \angle A + \angle ABD + \angle ADB = 180^\circ \)
\( \angle A + \angle ABD + 90^\circ = 180^\circ \)
\( \angle ABD = 90^\circ - \angle A \)
तो, \( \angle OBC = 90^\circ - \angle A \)
त्रिभुज ACE में,
\( \angle A + \angle ACE + \angle AEC = 180^\circ \)
\( \angle A + \angle ACE + 90^\circ = 180^\circ \)
\( \angle ACE = 90^\circ - \angle A \)
तो, \( \angle OCB = 90^\circ - \angle A \)
समीकरण (1) में \( \angle OBC \) और \( \angle OCB \) के मान रखने पर:
\( \angle BOC + (90^\circ - \angle A) + (90^\circ - \angle A) = 180^\circ \)
\( \angle BOC + 180^\circ - 2\angle A = 180^\circ \)
\( \angle BOC = 180^\circ - 180^\circ + 2\angle A \)
\( \angle BOC = 2\angle A \)
**यह सिद्ध किए जाने वाले \( 180^\circ - \angle A \) से मेल नहीं खाता है।**
**आइए, OCR पाठ के हल का ही पालन करते हैं, जहाँ कुछ त्रुटियाँ प्रतीत होती हैं।**
**OCR पाठ का हल:**
\( \angle BOC = 180^\circ - (\angle OBC + \angle OCB) \) ..........(1)
चतुर्भुज AFOE (चित्र में F और E के बीच का कोण 90°)
या, चतुर्भुज AEOH (चित्र में D और C के बीच का कोण 90°)
चित्र में चतुर्भुज BDCE बन रहा है (या AFOE, AHOE जहाँ F, H लंब के बिंदु हैं)
**यदि यह चतुर्भुज BCOI (जहां I CE पर कोई बिंदु है) के लिए है:**
या, त्रिभुज BDC में, \( \angle DBC + \angle BCD + \angle BDC = 180^\circ \)
\( \angle DBC + \angle BCD + 90^\circ = 180^\circ \)
\( \angle DBC + \angle BCD = 90^\circ \) ..........(2)
त्रिभुज CEB में,
\( \angle ECB + \angle CBE + \angle CEB = 180^\circ \)
\( \angle ECB + \angle CBE + 90^\circ = 180^\circ \)
\( \angle ECB + \angle CBE = 90^\circ \) ..........(3)
त्रिभुज ABC में, \( \angle A + \angle B + \angle C = 180^\circ \) ..........(4)
समीकरण (2) व (3) को जोड़ने पर:
\( (\angle DBC + \angle BCD) + (\angle ECB + \angle CBE) = 90^\circ + 90^\circ = 180^\circ \)
\( (\angle OBC + \angle OCB) + (\angle CBE + \angle BCD) = 180^\circ \)
\( \angle OBC + \angle OCB + (\angle B - \angle OBC) + (\angle C - \angle OCB) = 180^\circ \)
यह तरीका भी जटिल है।
**एक वैकल्पिक तरीका, चतुर्भुज AEOD पर विचार करें, जहाँ ∠A = ∠A, ∠AEO = 90°, ∠ADO = 90°**
चतुर्भुज AEOD में,
\( \angle A + \angle AEO + \angle EOD + \angle ADO = 360^\circ \)
\( \angle A + 90^\circ + \angle EOD + 90^\circ = 360^\circ \)
\( \angle A + 180^\circ + \angle EOD = 360^\circ \)
\( \angle EOD = 180^\circ - \angle A \)
चूंकि \( \angle BOC \) और \( \angle EOD \) शीर्षाभिमुख कोण हैं,
\( \angle BOC = \angle EOD \)
\( \implies \angle BOC = 180^\circ - \angle A \)
यही सिद्ध करना था।
In simple words: BD और CE के लंबवत होने से चतुर्भुज AEOD के कोण AEO और ADO 90° होते हैं। चतुर्भुज के कोणों के योग के नियम का उपयोग करके, कोण EOD का मान 180° - ∠A के रूप में ज्ञात किया जाता है। चूंकि BOC और EOD शीर्षाभिमुख कोण हैं, तो ∠BOC = 180° - ∠A सिद्ध होता है।
🎯 Exam Tip: लंबवत रेखाओं से 90° के कोणों की पहचान करना और चतुर्भुज के कोण योग गुणधर्म का उपयोग करना इस प्रकार के प्रश्नों को हल करने की कुंजी है। शीर्षाभिमुख कोणों का सही अनुप्रयोग भी महत्वपूर्ण है।
Question 5. यदि एक त्रिभुज के दो कोणों का योग, तीसरे कोण के बराबर है तब तीसरा कोण ज्ञात कीजिए।
Answer: हलः
माना △ के तीन कोण \( x, y, z \) हैं।
दिया है: दो कोणों का योग तीसरे कोण के बराबर है।
माना \( x + y = z \) .............(1)
हम जानते हैं कि त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है।
\( x + y + z = 180^\circ \)
समीकरण (1) से \( (x+y) \) के स्थान पर \( z \) रखने पर:
\( z + z = 180^\circ \)
\( 2z = 180^\circ \)
\( z = \frac{180^\circ}{2} \)
\( z = 90^\circ \)
अतः तीसरा कोण 90° है।
In simple words: त्रिभुज के कोणों के योग के नियम और दिए गए संबंध (दो कोणों का योग तीसरे के बराबर) का उपयोग करके, तीसरे कोण का मान 90° सिद्ध किया जाता है।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म का सही ढंग से उपयोग करें और दिए गए संबंध को समीकरण में बदलें।
Question 6. यदि एक त्रिभुज का प्रत्येक कोण, अन्य दो कोणों के योग से छोटा है तो दिखाइए कि यह न्यूनकोण त्रिभुज है।
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक सामान्य त्रिभुज ABC दिखाया गया है।
माना त्रिभुज के कोण \( \angle A, \angle B, \angle C \) हैं।
दिया है कि प्रत्येक कोण अन्य दो कोणों के योग से छोटा है।
\( \angle A < \angle B + \angle C \) .............(1)
\( \angle B < \angle A + \angle C \) .............(2)
\( \angle C < \angle A + \angle B \) .............(3)
समीकरण (1) में दोनों ओर \( \angle A \) जोड़ने पर:
\( \angle A + \angle A < \angle A + \angle B + \angle C \)
\( 2\angle A < 180^\circ \) (त्रिभुज के कोणों के योग से)
\( \angle A < \frac{180^\circ}{2} \)
\( \angle A < 90^\circ \)
इसी प्रकार, समीकरण (2) में दोनों ओर \( \angle B \) जोड़ने पर:
\( \angle B + \angle B < \angle B + \angle A + \angle C \)
\( 2\angle B < 180^\circ \)
\( \angle B < 90^\circ \)
और समीकरण (3) में दोनों ओर \( \angle C \) जोड़ने पर:
\( \angle C + \angle C < \angle C + \angle A + \angle B \)
\( 2\angle C < 180^\circ \)
\( \angle C < 90^\circ \)
चूँकि त्रिभुज के सभी कोण 90° से कम हैं, अतः यह एक न्यूनकोण △ होगा।
यही दिखाना था।
In simple words: त्रिभुज के प्रत्येक कोण के लिए दिए गए संबंध (अन्य दो के योग से छोटा) का उपयोग करके, त्रिभुज के कोणों के योग के नियम के साथ यह सिद्ध किया जाता है कि प्रत्येक कोण 90° से कम है। यदि त्रिभुज के सभी कोण 90° से कम होते हैं, तो वह एक न्यूनकोण त्रिभुज होता है।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म और असमानता संबंधों को सही ढंग से लागू करें। न्यूनकोण त्रिभुज की परिभाषा (सभी कोण 90° से कम) को याद रखें।
Question 7. एक △ABC की भुजा BC को नीचे दिये गये चित्र में दिखाये अनुसार एक बिन्दु D तक बढ़ाया गया है। ∠A का समद्विभाजक BC से L पर मिलता है। तो सिद्ध कीजिए कि ∠ABC + ∠ACD = 2∠ ALC
Answer: हल:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC दिखाया गया है। भुजा BC को D तक बढ़ाया गया है। AD, ∠A का समद्विभाजक है और भुजा BC को बिंदु L पर मिलता है। (OCR टेक्स्ट में D तक बढ़ाया गया है, पर AD कोण A का समद्विभाजक है और BC को L पर मिलता है, तो L बिंदु D के बराबर हो सकता है या BC पर कोई बिंदु हो सकता है।)
यहाँ, चित्र के अनुसार, AD नहीं, बल्कि AL, ∠A का समद्विभाजक है।
दिया है: AL, ∠A का समद्विभाजक है।
\( \implies \angle BAL = \angle CAL = \frac{1}{2} \angle A \)
हम जानते हैं कि त्रिभुज ALC में,
\( \angle ALC = \angle BAL + \angle B \) (यह गलत है, \( \angle ALC \) त्रिभुज ALB का बहिष्कोण है)
**सही प्रमेय:**
त्रिभुज ALB में,
बहिष्कोण \( \angle ALC = \angle BAL + \angle B \) ..........(1)
त्रिभुज ALC में,
बहिष्कोण \( \angle ACB = \angle LAC + \angle ALC \)
\( \angle ACD \) बहिष्कोण है,
\( \angle ACD = \angle A + \angle B \) ..........(2)
हमें सिद्ध करना है: \( \angle ABC + \angle ACD = 2\angle ALC \)
समीकरण (1) से, \( \angle B = \angle ALC - \angle BAL \)
\( \angle B = \angle ALC - \frac{1}{2} \angle A \)
समीकरण (2) में \( \angle B \) का मान रखने पर:
\( \angle ACD = \angle A + (\angle ALC - \frac{1}{2} \angle A) \)
\( \angle ACD = \frac{1}{2} \angle A + \angle ALC \)
अब, हमें सिद्ध करना है \( \angle ABC + \angle ACD = 2\angle ALC \)
बायाँ पक्ष: \( \angle B + \angle ACD \)
\( = (\angle ALC - \frac{1}{2} \angle A) + (\frac{1}{2} \angle A + \angle ALC) \)
\( = \angle ALC - \frac{1}{2} \angle A + \frac{1}{2} \angle A + \angle ALC \)
\( = 2\angle ALC \)
जो कि दाएँ पक्ष के बराबर है।
यही सिद्ध करना था।
In simple words: बहिष्कोण प्रमेय का उपयोग करके कोण ALC और ACD को त्रिभुज के आंतरिक कोणों और कोण A के समद्विभाजक के पदों में व्यक्त किया जाता है। फिर, इन संबंधों को जोड़कर और प्रतिस्थापित करके, यह सिद्ध किया जाता है कि ∠ABC और ∠ACD का योग 2∠ALC के बराबर है।
🎯 Exam Tip: कोण समद्विभाजक की परिभाषा और बहिष्कोण प्रमेय का सही ढंग से लागू करें। संबंधों को स्पष्ट रूप से लिखें और चरणों को व्यवस्थित करें।
Question 8. संलग्न चित्र में, चतुर्भुज PQRS के दो आसन्न कोण P और S के समद्विभाजक PA और SA हैं। तो सिद्ध कीजिए कि 2∠PAS = ∠Q +∠R
Answer: हल:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक चतुर्भुज PQRS दिखाया गया है। कोण P और कोण S के समद्विभाजक PA और SA बिंदु A पर मिलते हैं।
सिद्ध करना है। \( 2\angle PAS = \angle Q + \angle R \)
त्रिभुज PAS में,
\( \angle PAS + \angle APS + \angle ASP = 180^\circ \)
\( \angle PAS = 180^\circ - (\angle APS + \angle ASP) \)
दोनों पक्षों को 2 से गुणा करने पर:
\( 2\angle PAS = 360^\circ - 2(\angle APS + \angle ASP) \)
चूँकि PA, ∠P का समद्विभाजक है, \( 2\angle APS = \angle P \)
चूँकि SA, ∠S का समद्विभाजक है, \( 2\angle ASP = \angle S \)
\( 2\angle PAS = 360^\circ - (\angle P + \angle S) \)
हम जानते हैं कि चतुर्भुज के चारों कोणों का योग 360° होता है।
\( \angle P + \angle Q + \angle R + \angle S = 360^\circ \)
\( \implies \angle P + \angle S = 360^\circ - (\angle Q + \angle R) \)
इस मान को ऊपर के समीकरण में रखने पर:
\( 2\angle PAS = 360^\circ - (360^\circ - (\angle Q + \angle R)) \)
\( 2\angle PAS = 360^\circ - 360^\circ + \angle Q + \angle R \)
\( 2\angle PAS = \angle Q + \angle R \)
यही सिद्ध करना था।
In simple words: पहले, त्रिभुज PAS के कोणों के योग के नियम का उपयोग करके कोण PAS को कोण APS और ASP के पदों में व्यक्त किया जाता है। फिर, चतुर्भुज के कोणों के योग के नियम और कोण समद्विभाजकों की परिभाषा का उपयोग करके, यह सिद्ध किया जाता है कि 2∠PAS = ∠Q + ∠R।
🎯 Exam Tip: चतुर्भुज के कोणों के योग (360°) और कोण समद्विभाजक की परिभाषा को याद रखें। समीकरणों को सरल बनाने के लिए सही प्रतिस्थापन करें।
Question 9. संलग्न चित्र में, DE||QR और AP और BP क्रमश: ∠EAB तथा ∠RBA के समद्विभाजक है। तो दिखाइए कि ∠APB = 90°
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक आकृति दिखाई गई है जिसमें दो समानांतर रेखाएँ DE और QR हैं। एक तिर्यक रेखा AB इन्हें काटती है। AP, ∠EAB का समद्विभाजक है और BP, ∠RBA का समद्विभाजक है। AP और BP बिंदु P पर मिलते हैं।
दिया है DE||QR तथा AB एक तिर्यक रेखा है।
हम जानते हैं कि समानांतर रेखाओं के एक ही ओर के अंतः कोणों के युग्मों का योग 180° होता है।
\( \angle EAB + \angle RBA = 180^\circ \)
AP, ∠EAB का समद्विभाजक है, तो \( \angle PAB = \frac{1}{2} \angle EAB \)
BP, ∠RBA का समद्विभाजक है, तो \( \angle PBA = \frac{1}{2} \angle RBA \)
दोनों पक्षों को \(\frac{1}{2}\) से गुणा करने पर:
\( \frac{1}{2} \angle EAB + \frac{1}{2} \angle RBA = \frac{1}{2} \times 180^\circ \)
\( \angle PAB + \angle PBA = 90^\circ \) ..........(1)
अब △PAB में,
\( \angle APB + \angle PAB + \angle PBA = 180^\circ \)
समीकरण (1) से मान रखने पर:
\( \angle APB + 90^\circ = 180^\circ \)
\( \angle APB = 180^\circ - 90^\circ \)
\( \angle APB = 90^\circ \)
यही दिखाना था।
In simple words: समानांतर रेखाओं के एक ही ओर के आंतरिक कोणों के योग (180°) के गुणधर्म का उपयोग किया जाता है। फिर, कोण समद्विभाजकों की परिभाषा का उपयोग करके, त्रिभुज PAB के कोणों के योग के नियम से ∠APB का मान 90° सिद्ध किया जाता है।
🎯 Exam Tip: समानांतर रेखाओं और तिर्यक रेखा द्वारा बनाए गए अंतः कोणों के गुणों को याद रखें। कोण समद्विभाजक की परिभाषा और त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म का सही ढंग से लागू करें।
Question 10. यदि एक त्रिभुज का एक कोण अन्य दो कोणों के योग से बड़ा है तो सिद्ध कीजिए कि त्रिभुज अधिक कोण वाला है।
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC दिखाया गया है।
माना त्रिभुज के कोण \( \angle A, \angle B, \angle C \) हैं।
दिया है कि एक कोण अन्य दो कोणों के योग से बड़ा है।
मान लीजिए \( \angle A > \angle B + \angle C \)
दोनों पक्षों में \( \angle A \) जोड़ने पर:
\( \angle A + \angle A > \angle A + \angle B + \angle C \)
\( 2\angle A > 180^\circ \) (त्रिभुज के कोणों के योग से)
\( \angle A > \frac{180^\circ}{2} \)
\( \angle A > 90^\circ \)
चूँकि त्रिभुज का एक कोण 90° से बड़ा है, अतः यह एक अधिककोण त्रिभुज है।
यही सिद्ध करना था।
In simple words: त्रिभुज के कोणों के योग के नियम और दिए गए संबंध (एक कोण अन्य दो के योग से बड़ा है) का उपयोग करके, यह सिद्ध किया जाता है कि वह कोण 90° से बड़ा है। यदि त्रिभुज का एक कोण 90° से बड़ा होता है, तो वह एक अधिककोण त्रिभुज होता है।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म और असमानता संबंधों को सही ढंग से लागू करें। अधिककोण त्रिभुज की परिभाषा (एक कोण 90° से बड़ा) को याद रखें।
Question 11. यदि एक त्रिभुज का प्रत्येक कोण, अन्य दो कोणों के योग से कम है तो सिद्ध कीजिए कि त्रिभुज न्यूनकोण वाला है।
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक सामान्य त्रिभुज ABC दिखाया गया है।
माना त्रिभुज के कोण \( \angle A, \angle B, \angle C \) हैं।
दिया है कि प्रत्येक कोण अन्य दो कोणों के योग से कम है।
\( \angle A < \angle B + \angle C \) ............(1)
\( \angle B < \angle A + \angle C \) ............(2)
\( \angle C < \angle A + \angle B \) ............(3)
समीकरण (1) में दोनों पक्षों में \( \angle A \) जोड़ने पर:
\( \angle A + \angle A < \angle A + \angle B + \angle C \)
\( 2\angle A < 180^\circ \) (त्रिभुज के कोणों के योग से)
\( \angle A < \frac{180^\circ}{2} \)
\( \angle A < 90^\circ \)
इसी प्रकार, समीकरण (2) और (3) से भी सिद्ध किया जा सकता है कि:
\( \angle B < 90^\circ \)
\( \angle C < 90^\circ \)
चूँकि त्रिभुज के सभी कोण 90° से कम हैं, अतः यह एक न्यूनकोण त्रिभुज है।
यही सिद्ध करना था।
In simple words: त्रिभुज के प्रत्येक कोण के लिए दिए गए संबंध (अन्य दो के योग से कम) का उपयोग करके, त्रिभुज के कोणों के योग के नियम के साथ यह सिद्ध किया जाता है कि प्रत्येक कोण 90° से कम है। यदि त्रिभुज के सभी कोण 90° से कम होते हैं, तो वह एक न्यूनकोण त्रिभुज होता है।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म और असमानता संबंधों को सही ढंग से लागू करें। न्यूनकोण त्रिभुज की परिभाषा (सभी कोण 90° से कम) को याद रखें।
Question 12. यदि एक त्रिभुज की भुजाएँ क्रम में बढ़ायी गयी है तो सिद्ध कीजिए कि बने हुए बहिष्कोणों का योग, चार सम कोणों के बराबर है।
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज ABC दिखाया गया है जिसकी भुजाओं को क्रम से बढ़ाया गया है जिससे प्रत्येक शीर्ष पर एक बाहरी कोण बनता है।
माना त्रिभुज ABC के कोण \( \angle A, \angle B, \angle C \) हैं।
भुजाओं को क्रम में बढ़ाने पर बने बहिष्कोणों को \( \angle ext A, \angle ext B, \angle ext C \) मान लीजिए।
बहिष्कोण प्रमेय से:
\( \angle ext A = \angle B + \angle C \) ..........(1)
\( \angle ext B = \angle A + \angle C \) ..........(2)
\( \angle ext C = \angle A + \angle B \) ..........(3)
समीकरण (1), (2) व (3) को जोड़ने पर:
\( \angle ext A + \angle ext B + \angle ext C = (\angle B + \angle C) + (\angle A + \angle C) + (\angle A + \angle B) \)
\( \angle ext A + \angle ext B + \angle ext C = 2\angle A + 2\angle B + 2\angle C \)
\( \angle ext A + \angle ext B + \angle ext C = 2(\angle A + \angle B + \angle C) \)
हम जानते हैं कि त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है।
\( \angle A + \angle B + \angle C = 180^\circ \)
तो, बहिष्कोणों का योग:
\( \angle ext A + \angle ext B + \angle ext C = 2 \times 180^\circ \)
\( = 360^\circ \)
चूँकि एक समकोण 90° के बराबर होता है,
\( 360^\circ = 4 \times 90^\circ \)
\( = 4 \) समकोण
यही सिद्ध करना था।
In simple words: बहिष्कोण प्रमेय का उपयोग करके प्रत्येक बाहरी कोण को आंतरिक सम्मुख कोणों के योग के रूप में व्यक्त किया जाता है। फिर, सभी बाहरी कोणों को जोड़कर और त्रिभुज के कोणों के योग के नियम का उपयोग करके यह सिद्ध किया जाता है कि उनका कुल योग 360° है, जो चार समकोण के बराबर होता है।
🎯 Exam Tip: बहिष्कोण प्रमेय को सही ढंग से लागू करें और त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म का प्रभावी ढंग से उपयोग करें। परिणामों को समकोण के पदों में व्यक्त करना सुनिश्चित करें।
Question 13. यदि एक त्रिभुज का एक कोण, अन्य दो कोणों के योग के बराबर है तो सिद्ध कीजिए कि त्रिभुज समकोण है।
Answer: हलः
माना △ABC में, तीन कोण \( \angle A, \angle B, \angle C \) हैं।
दिया है: एक कोण अन्य दो कोणों के योग के बराबर है।
मान लीजिए \( \angle A = \angle B + \angle C \)
हम जानते हैं कि त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है।
\( \angle A + \angle B + \angle C = 180^\circ \)
\( \angle A + (\angle B + \angle C) = 180^\circ \)
\( \angle A + \angle A = 180^\circ \)
\( 2\angle A = 180^\circ \)
\( \angle A = \frac{180^\circ}{2} \)
\( \angle A = 90^\circ \)
अतः △ABC एक समकोण त्रिभुज है।
यही सिद्ध करना था।
In simple words: त्रिभुज के कोणों के योग के नियम और दिए गए संबंध (एक कोण अन्य दो के योग के बराबर) का उपयोग करके, शीर्ष कोण (∠A) का मान 90° सिद्ध किया जाता है, जो यह दर्शाता है कि त्रिभुज एक समकोण त्रिभुज है।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म का सही ढंग से उपयोग करें और दिए गए संबंध को समीकरण में बदलें। यह एक सीधा और महत्वपूर्ण प्रमेय है।
Question 14. ∆ABC में, ∠B = 90° तथा BD⊥AC तो सिद्ध कीजिए कि ∠ABD = ∠ACB
Answer: हल:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक समकोण त्रिभुज ABC दिखाया गया है, जहाँ ∠B = 90°। बिंदु D, भुजा AC पर है, जहाँ BD, AC पर लंबवत है, जिससे ∠BDA = 90° बनता है।
दिया है △ABC में, \( \angle B = 90^\circ \)
और BD⊥AC, \( \implies \angle BDA = 90^\circ \)
त्रिभुज ABD में,
\( \angle ABD + \angle BAD + \angle BDA = 180^\circ \)
\( \angle ABD + \angle BAD + 90^\circ = 180^\circ \)
\( \angle ABD = 180^\circ - 90^\circ - \angle BAD \)
\( \angle ABD = 90^\circ - \angle BAD \) ..........(1)
त्रिभुज ABC में,
\( \angle BAC + \angle ABC + \angle BCA = 180^\circ \)
\( \angle BAD + 90^\circ + \angle BCA = 180^\circ \) (चूँकि ∠BAC = ∠BAD)
\( \angle BCA = 180^\circ - 90^\circ - \angle BAD \)
\( \angle BCA = 90^\circ - \angle BAD \) ..........(2)
समीकरण (1) व (2) से,
\( \angle ABD = \angle BCA \)
\( \implies \angle ABD = \angle ACB \)
यही सिद्ध करना था।
In simple words: त्रिभुज ABD और ABC दोनों में कोणों के योग के नियम का उपयोग किया जाता है। BD के AC पर लंबवत होने से 90° के कोण बनते हैं। इन संबंधों का उपयोग करके, यह सिद्ध किया जाता है कि कोण ABD और कोण ACB दोनों (90° - ∠BAD) के बराबर हैं, जिससे वे समान सिद्ध होते हैं।
🎯 Exam Tip: समकोण त्रिभुज के गुणों और त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म का सही ढंग से उपयोग करें। दिए गए लंबवत संबंध से 90° का कोण पहचानना महत्वपूर्ण है।
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