UP Board Solutions Class 9 Maths Chapter 11 Constructions

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Class 9 Maths Chapter 11 कंस्ट्रक्शन UP Board Solutions PDF

UP Board Solutions For Class 9 Maths Chapter 11 Constructions

प्रश्नावली 11.1

Question 1. एक दी हुई किरण के प्रारम्भिक बिन्दु पर 90° के कोण की रचना कीजिए और कारण सहित रचना की पुष्टि कीजिए ।
Answer:
हल :
दिया है : AB एक दी हुई किरण है जिसका प्रारम्भिक बिन्दु A है।
रचना करनी है: किरण AB के बिन्दु A पर 90° के कोण की।
विश्लेषण : हम 60° का कोण बना सकते हैं।
इस कोण के साथ 60° का एक संलग्न कोण बनाकर उसे समद्विभाजित करें और इसमें जोड़ दें तो 90° का कोण प्राप्त होगा ।
अर्थात 90° = 30° + 60°
रचना :
1. किरण AB खींची।
2. A को केन्द्र मानकर किसी त्रिज्या का चाप खींचा जो किरण AB को बिन्दु P पर काटता है।
3. अब P को केन्द्र मानकर उसी त्रिज्या का एक चाप खींचा जो पहले चाप को बिन्दु Q पर काटता है। \( \angle PAQ = 60° \) है।
4. पुनः Q को केन्द्र मानकर उसी (AP) त्रिज्या से एक अन्य चाप खींचा जो पहले चाप को बिन्दु R पर काटे । \( \angle QAR = 60° \) है।
5. बिन्दु Q तथा R को केन्द्र मानकर चाप खींचे जो परस्पर बिन्दु C पर काटते हैं। रेखाखण्ड CA खींचा। \( \angle CAQ = 30° \) है।
प्रकार \( \angle CAB = \angle BAQ + \angle QAC = 60° + 30° = 90° \) हुआ । अतः \( \angle CAB \) अभीष्ट कोण है।
In simple words: 90° के कोण की रचना के लिए, पहले एक 60° का कोण बनाते हैं। फिर उस 60° के कोण को समद्विभाजित करके 30° का कोण बनाते हैं, और इन दोनों को जोड़कर कुल 90° का कोण प्राप्त करते हैं।

🎯 Exam Tip: इस प्रकार की रचनाओं में कोणों के सही माप और चापों का सटीक प्रतिच्छेदन महत्वपूर्ण है। प्रत्येक चरण को सावधानी से करें और उचित कोण माप की पुष्टि करें।

 

Question 2. एक दी हुई किरण के प्रारम्भिक बिन्दु पर 45° के कोण की रचना कीजिए और कारणसहित रचना की पुष्टि कीजिए ।
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक किरण पर 90° के कोण की रचना और फिर उसे समद्विभाजित करके 45° का कोण बनाने की विधि को दर्शाता है। इसमें विभिन्न चाप और प्रतिच्छेदन बिन्दु दिखाए गए हैं जो कोणों को मापने और उन्हें समद्विभाजित करने में मदद करते हैं।
हल :
दिया है : OP एक दी हुई किरण है जिसका प्रारम्भिक बिन्दू O है।
रचना करनी है : किरण OP के बिन्दु O पर 45° के कोण की।
विश्लेषण : 45° = x 90° अत: 90° का कोण बनाकर उसे समद्विभाजित करके 45° का कोण प्राप्त होगा। रचना :
1. किरण OP खींची।
2. O को केन्द्र मानकर किसी त्रिज्या OA का एक चाप लगाया जो किरण OP को A पर काटता है।
3. A को केन्द्र मानकर उसी त्रिज्या का एक चाप खींचा जो पहले चाप को B पर काटता है।
4. B को केन्द्र मानकर उसी त्रिज्या का एक अन्य चाप खींचा जो केन्द्र O वाले चाप को C पर काटता है।
5. B तथा C को केन्द्र मानकर किसी त्रिज्या के चाप खींचे जो परस्पर बिन्दु R पर काटते हैं। रेखाखण्ड OR खींचा जो चाप BC को D पर काटता है। \( \angle POR = 90° \) है ।
6. बिन्दुओं A तथा D को केन्द्र मानकर किसी त्रिज्या के दो। चाप खींचे जो परस्पर बिन्दु Q पर काटते हैं। रेखाखण्ड OQ खींचा। \( \angle POQ = 45° \) क्योंकि OQ, \( \angle POR = 90° \) का समद्विभाजक है।
अतः \( \angle POQ \) अभीष्ट कोण है।
In simple words: 45° का कोण बनाने के लिए, सबसे पहले एक 90° का कोण बनाते हैं। फिर इस 90° के कोण को एक परकार और रूलर की मदद से समद्विभाजित करते हैं, जिससे हमें 45° का कोण प्राप्त होता है।

🎯 Exam Tip: 45° के कोण की रचना में 90° का कोण बनाना एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक चरण है। कोण समद्विभाजक का सही ढंग से उपयोग करें और अंतिम कोण की सटीकता सुनिश्चित करें।

 

Question 3. निम्नलिखित मापों के कोणों की रचना कीजिए :
(i) 30°
(ii) 22°
(iii) 15°

Answer:
(i) रचना करनी है : 30° के कोण की । विश्लेषण : 30° = x 60° रचना :
1. एक किरण OA खींची।
2. किरण OA के अन्त्य बिन्दु O को केन्द्र मानकर कोई त्रिज्या OB लेकर एक चाप लगाया जो GA को B पर काटता है।
3. अब B को केन्द्र मानकर उसी त्रिज्या से एक अन्य चाप खींचा जो पहले चाप को बिन्दु, C पर काटता है। \( \angle AOC = 60° \) है।
4. बिन्दुओं B तथा C को केन्द्र मानकर किसी त्रिज्या के दो चाप खींचे जो परस्पर बिन्दु D पर काटते हैं।
5. \( \angle AOC \) का अर्धक (समद्विभाजक) OD खींचा। तब \( \angle AOD = 30° \) जो कि अभीष्ट कोण है।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र 30° के कोण की रचना को दर्शाता है। इसमें पहले 60° का कोण बनाया गया है, और फिर उस 60° के कोण को समद्विभाजित करके 30° का कोण प्राप्त किया गया है। विभिन्न चाप और प्रतिच्छेदन बिन्दु इस प्रक्रिया को स्पष्ट करते हैं।
(ii) रचना करनी है : 22° के कोण की।
विश्लेषण : 90° के कोण का समद्विभाजक खींचने पर 45° का कोण प्राप्त होता है और इस 45° के कोण का समद्विभाजक खींचने पर 22° का कोण प्राप्त होगा।
22° = x = x 45° रचना :
1. एक किरण OA खींची ।।
2. किरण OA के अन्त्य बिन्दु O को केन्द्र मानकर OP त्रिज्या का एक चाप खींचा जो किरण OA को बिन्दु P पर काटता है।
3. P को केन्द्र मानकर OP त्रिज्या से एक चाप खींचा जो पहले चाप को Q पर काटता है।
4. Q को केन्द्र मानकर उसी OP त्रिज्या का चाप खींचा जो चाप PQ को R पर काटता है।
5. Q और R को केन्द्र मानकर चाप खींचे जो परस्पर T पर काटता है। रेखाखण्ड OT खींचा जो चाप PQR को S पर काटता है। \( \angle AOT = 90° \) है ।।
6. बिन्दुओं P तथा S को केन्द्र मानकर किसी त्रिज्या के दो चाप खींचे जो परस्पर बिन्दु C पर काटते हैं।
7. \( \angle AOT \) का समद्विभाजक OC खींचा। जो चाप PQR को U पर काटता है। \( \angle AOC = 45° \) है।
8. बिन्दुओं P तथा U को केन्द्र मानकर किसी त्रिज्या के दो चाप खींचे जो परस्पर बिन्दु B पर काटते हैं।
9. \( \angle POU \) का समद्विभाजक OB खींचा।
अतः \( \angle AOB = 22° \) जो कि अभीष्ट कोण है।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र 22.5° के कोण की रचना को दर्शाता है। इसमें पहले 90° का कोण बनाया जाता है, फिर उसे समद्विभाजित करके 45° का कोण, और अंत में 45° के कोण को फिर से समद्विभाजित करके 22.5° का कोण प्राप्त किया जाता है। सभी चाप और प्रतिच्छेदन बिन्दु स्पष्ट रूप से चिह्नित हैं।
(iii) रचना करनी है : 15° के कोण की ।
विश्लेषण : 60° के कोण का समद्विभाजक 30° का कोण बनाया। अब 30°C के कोण का समद्विभाजक 15° का कोण बनाया ।
अर्थात 15° = () = रचना :
1. किरण OA के अन्त्य बिन्दु O से किरण OA पर \( \angle AOC = 60° \) इस अध्याय की रचना-3 में वर्णित विधि से बनाया ।
2. \( \angle AOC \) का समद्विभाजक OD खींचा। \( \angle AOD = 30° \) है जिसे इस प्रश्न के भाग (i) में वर्णित विधि से बनाया।
3. बिन्दुओं B तथा P को केन्द्र मानकर किसी त्रिज्या के दो चाप खींचे जो परस्पर बिन्दु E पर काटते हैं।
4. अब \( \angle AOD \) का समद्विभाजक OE खींचा। तब \( \angle AOE = 15° \) जो कि अभीष्ट कोण है।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र 15° के कोण की रचना को दर्शाता है। इसमें पहले 60° का कोण, फिर उसका समद्विभाजन करके 30° का कोण, और अंत में 30° के कोण का समद्विभाजन करके 15° का कोण बनाया गया है। विभिन्न चाप और कोणों के माप स्पष्ट रूप से चिह्नित हैं।
In simple words: 30° का कोण बनाने के लिए 60° के कोण को समद्विभाजित करते हैं। 22.5° के कोण के लिए 90° के कोण को दो बार समद्विभाजित करते हैं (90°->45°->22.5°)। 15° के कोण के लिए 30° के कोण को समद्विभाजित करते हैं, जो स्वयं 60° के कोण का समद्विभाजन होता है।

🎯 Exam Tip: छोटे कोणों की रचना के लिए बड़े कोणों के समद्विभाजन की अवधारणा का उपयोग किया जाता है। प्रत्येक समद्विभाजन चरण में परकार की सही स्थिति और चापों का सटीक प्रतिच्छेदन महत्वपूर्ण है।

 

Question 4. निम्नलिखित कोणों की रचना कीजिए और चाँदे द्वारा मापकर पुष्टि कीजिए :
(i) 75°
(ii) 105°
(iii) 135°

Answer:
हल :
(i) रचना करनी है : 75° के कोण की।
विश्लेषण : 75° = 90° – 15° = 90° – (30° के कोण) रचना :
1. प्रश्न-1 की भाँति वर्णित विधि से \( \angle POQ = 90° \) बनाया और किरण OB खींची।
2. बिन्दुओं B तथा T को केन्द्र मानकर किसी त्रिज्या के दो चाप खींचे जो परस्पर बिन्दु S पर काटते हैं।
3. \( \angle BOQ = \angle POQ – \angle POB = 90° – 60° = 30° \) का। समद्विभाजक OS खींचा। जिससे \( \angle QOS = 15° \)
4. स्पष्ट है कि \( \angle POS = \angle POQ – \angle QOS = 90° – 15° = 75° \) अतः \( \angle POS \) अभीष्ट कोण है।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र 75° के कोण की रचना को दर्शाता है। इसमें पहले 90° का कोण बनाया गया है, और फिर 60° और 90° के बीच के 30° के क्षेत्र को समद्विभाजित करके 15° प्राप्त किया गया है, जिसे 60° में जोड़कर 75° का कोण बनाया जाता है। विभिन्न चाप और कोणों के माप स्पष्ट रूप से चिह्नित हैं।
(ii) रचना करनी है : 105° के कोण की। विश्लेषण : 60° + 30° + (30° x ) = 105°
अथवा 90 अथवा 90° + (30° x ) = 105° रचना :
1. प्रश्न-1 की भाँति वर्णित विधि से सर्वप्रथम \( \angle POQ = 90° \) बनाया ।
2. किरण OC खींची। (स्पष्ट है कि \( \angle QOC = 30° \))
3. बिन्दुओं T तथा C को केन्द्र मानकर किसी त्रिज्या के दो चाप खींचे जो परस्पर बिन्दु S पर काटते हैं।
4. \( \angle QOC \) का समद्विभाजक OS खींचा जिससे \( \angle QOS = 15° \) । स्पष्ट है कि \( \angle POS = \angle POQ + \angle QOS = 90° + 15° = 105° \) इस प्रकार, \( \angle POS = 105° \) का अभीष्ट कोण है।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र 105° के कोण की रचना को दर्शाता है। इसमें पहले 90° का कोण बनाया गया है, और फिर 90° और 120° के बीच के कोण को समद्विभाजित करके 15° प्राप्त किया गया है, जिसे 90° में जोड़कर 105° का कोण बनाया जाता है। विभिन्न चाप और कोणों के माप स्पष्ट रूप से चिह्नित हैं।
(iii) रचना करनी है : 135° के कोण की। विश्लेषण : 135° = 90° + 45° रचना :
1. रेखा QP खींची और इस पर एक बिन्दु O लिया।
2. प्रश्न-1 की भाँति वर्णित विधि से O से OR \( \perp \) QP खींची जिससे \( \angle POR = 90° \)
3. प्रश्न-2 की भाँति वर्णित विधि से \( \angle QOR \) का समद्विभाजक OS खींचा। \( \angle ROS = \) x \( \angle QOR = \) x \( 90° = 45° \) [\( \angle POR = \angle QOR = 90° \)]
तथा \( \angle POS = \angle POR + \angle ROS = 90° + 45° = 135° \)
तब \( \angle POS \) अभीष्ट 135° का कोण है।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र 135° के कोण की रचना को दर्शाता है। इसमें पहले एक सीधी रेखा पर 90° का कोण बनाया गया है, फिर दूसरी ओर से 90° के कोण को समद्विभाजित करके 45° प्राप्त किया गया है, जिसे प्रारंभिक 90° के कोण में जोड़कर 135° का कोण बनाया जाता है। विभिन्न चाप और कोणों के माप स्पष्ट रूप से चिह्नित हैं।
In simple words: 75° का कोण बनाने के लिए 90° और 60° के बीच के कोण को समद्विभाजित करते हैं और 60° में जोड़ते हैं। 105° के लिए, 90° और 120° के बीच के कोण को समद्विभाजित करके 90° में जोड़ते हैं। 135° के लिए, 90° और 180° के बीच के कोण के 90° भाग को समद्विभाजित करके 90° में जोड़ते हैं।

🎯 Exam Tip: संयुक्त कोणों की रचना में, विभिन्न मानक कोणों (जैसे 60°, 90°, 120°) के संयोजन और उनके समद्विभाजन का उपयोग होता है। प्रत्येक चरण में सटीक माप और चाप का प्रयोग करें।

 

Question 5. एक समबाहु त्रिभुज की रचना कीजिए, जब इसकी भुजा दी हो तथा कारण सहित रचना कीजिए।
Answer:
हल : दिया है : समबाहु त्रिभुज ABC की भुजा BC रचना करनी है : समबाहु त्रिभुज ABC की। रचना :
1. रेखाखण्ड BC दी गई माप का खींचा।
2. B तथा C को केन्द्र मानकर BC त्रिज्या के दो चाप लगाए जो परस्पर A पर काटते हैं।
3. रेखाखण्ड AB तथा AC खींचे। त्रिभुज ABC अभीष्ट समबाहु त्रिभुज है । उपपत्ति : AB = BC और AC = BC (रचना से) \( \implies \) AB = BC = AC त्रिभुज ABC समबाहु ही है।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक समबाहु त्रिभुज ABC की रचना को दर्शाता है, जहाँ BC दी गई भुजा है। बिन्दु B और C को केंद्र मानकर समान त्रिज्या (BC के बराबर) के चाप खींचे गए हैं जो बिन्दु A पर प्रतिच्छेद करते हैं। AB और AC को मिलाने पर समबाहु त्रिभुज ABC बनता है, जिसमें सभी भुजाएँ समान होती हैं।
In simple words: एक समबाहु त्रिभुज बनाने के लिए, दी गई भुजा की लम्बाई का एक रेखाखंड खींचते हैं। फिर इस रेखाखंड के दोनों सिरों को केंद्र मानकर, उसी लम्बाई की त्रिज्या से दो चाप लगाते हैं। जहाँ ये चाप काटते हैं, वह त्रिभुज का तीसरा शीर्ष होता है, जिसे रेखाखंड के सिरों से जोड़ने पर समबाहु त्रिभुज प्राप्त होता है।

🎯 Exam Tip: समबाहु त्रिभुज की रचना में, सभी भुजाओं की लंबाई समान होती है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी भुजाएँ समान हैं, परकार का उपयोग करके त्रिज्या को बिल्कुल समान रखें।

प्रश्नावली 11.2

Question 1. एक त्रिभुज ABC की रचना कीजिए जिसमें BC = 7 सेमी, \( \angle B = 75° \) और AB + AC = 13 सेमी हो ।
Answer:
हल : दिया है : \( \triangle ABC \) में BC = 7 सेमी, \( \angle B = 75° \) और AB+ AC = 13 सेमी है। रचना करनी है : \( \triangle ABC \) की। रचना :
1. एक किरण BX खींचकर उसमें से रेखाखण्ड BC = 7.0 सेमी काटा।
2. BC के बिन्दु B से BC पर \( \angle CBY = 75° \) बनाया।
3. BY में से BD = 13 सेमी काटा।
4. CD को मिलाया और उसका लम्ब समद्विभाजक खींचा जिसने BD को बिन्दु A पर काटा।
5. रेखाखण्ड AC खींचा। \( \triangle ABC \) अभीष्ट त्रिभुज है।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र त्रिभुज ABC की रचना को दर्शाता है। यहाँ आधार BC = 7 सेमी, \( \angle B = 75° \) और AB + AC = 13 सेमी दिया गया है। BX पर BD = 13 सेमी काटा गया है, और CD के लम्ब समद्विभाजक ने BD को A पर काटा है, जिससे वांछित त्रिभुज बनता है।
In simple words: इस त्रिभुज की रचना के लिए, पहले आधार और एक कोण बनाते हैं। फिर, भुजाओं के योग के बराबर लंबाई का एक रेखाखंड खींचते हैं। इस रेखाखंड के अंत बिन्दु और आधार के दूसरे अंत बिन्दु को जोड़ते हैं, और इस नए रेखाखंड का लम्ब समद्विभाजक खींचते हैं। यह समद्विभाजक पहले खींचे गए लंबे रेखाखंड को जहाँ काटता है, वह त्रिभुज का तीसरा शीर्ष होता है।

🎯 Exam Tip: इस प्रकार की रचनाओं में, योग दी गई भुजाओं की लम्बाई के बराबर रेखाखंड को काटना महत्वपूर्ण है। लम्ब समद्विभाजक की शुद्धता और उसके प्रतिच्छेदन बिन्दु को सही ढंग से पहचानना आवश्यक है।

 

Question 2. एक त्रिभुज ABC की रचना कीजिए जिसमें BC = 8 सेमी, \( \angle B = 45° \) और AB – AC = 3.5 सेमी हो।
Answer:
हल : दिया है : ABC एक त्रिभुज है जिसमें BC = 8 सेमी, \( \angle B = 45° \) व AB – AC = 3.5 सेमी है। रचना करनी है : \( \triangle ABC \) की। रचना :
1. एक रेखाखण्ड BC = 8.0 सेमी खींचा।
2. बिन्दु B से BC पर \( \angle XBC = 45° \) बनाया।
3. BX में से BD = 3.5 सेमी काटा।
4. CD को मिलाया।
5. CD को लम्बे समद्विभाजक खींचा जो बढ़ी हुई BD को A पर काटता है।
6. AC को मिलाया । \( \triangle ABC \) अभीष्ट त्रिभुज है।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र त्रिभुज ABC की रचना को दर्शाता है। यहाँ आधार BC = 8 सेमी, \( \angle B = 45° \) और AB - AC = 3.5 सेमी दिया गया है। BX पर BD = 3.5 सेमी काटा गया है। CD के लम्ब समद्विभाजक को खींचा गया है जो बढ़े हुए BD को A पर काटता है, जिससे वांछित त्रिभुज बनता है।
In simple words: इस त्रिभुज की रचना के लिए, आधार और एक कोण बनाते हैं। फिर, भुजाओं के अंतर के बराबर लम्बाई का रेखाखंड कोण वाली किरण पर काटते हैं। इस बिन्दु को आधार के दूसरे सिरे से जोड़कर उसका लम्ब समद्विभाजक खींचते हैं, जो पहले खींची गई किरण को जहाँ काटता है, वह त्रिभुज का तीसरा शीर्ष होता है।

🎯 Exam Tip: भुजाओं के अंतर (AB - AC) के मामले में, BD को कोण वाली किरण पर काटना महत्वपूर्ण है। लम्ब समद्विभाजक को सही ढंग से बढ़ाना और प्रतिच्छेदन बिन्दु को सटीकता से निर्धारित करना आवश्यक है।

 

Question 3. एक त्रिभुज PQR की रचना कीजिए जिसमें QR = 6 सेमी, \( \angle Q = 60° \) और PR – PQ = 2 सेमी हो ।
Answer:
हल : दिया है : \( \triangle PQR \) में, QR = 6 सेमी, \( \angle Q = 60° \), भुजा PQ < PR और PR – PG = 2 सेमी है। रचना करनी है : \( \triangle PQR \) की। रचना :
1. रेखाखण्ड QR = 6 सेमी खींचा।
2. Q से QR पर \( \angle XQR = 60° \) बनाया।
3. X को आगे बढ़ाया और उसमें से QS = (PR – PQ) = 2 सेमी काट लिया।
4. SR को मिलाया।
5. SR का लम्ब समद्विभाजक खींचा जो OX को P पर काटता है।
6. रेखाखण्ड PR खींचा। \( \triangle PQR \) अभीष्ट त्रिभुज है।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र त्रिभुज PQR की रचना को दर्शाता है। यहाँ आधार QR = 6 सेमी, \( \angle Q = 60° \) और PR - PQ = 2 सेमी दिया गया है। कोण XQR को 60° पर बनाया गया है और QS = 2 सेमी काटा गया है। SR के लम्ब समद्विभाजक ने OX को P पर काटा, जिससे वांछित त्रिभुज बना।
In simple words: इस त्रिभुज की रचना के लिए, आधार और एक कोण बनाते हैं। फिर, भुजाओं के अंतर के बराबर लम्बाई का रेखाखंड कोण वाली किरण की विपरीत दिशा में बढ़ाते हुए काटते हैं। इस बिन्दु को आधार के दूसरे सिरे से जोड़कर उसका लम्ब समद्विभाजक खींचते हैं, जो पहले खींची गई किरण को जहाँ काटता है, वह त्रिभुज का तीसरा शीर्ष होता है।

🎯 Exam Tip: जब PR > PQ हो (यानी PR - PQ > 0), तो अंतर वाली लम्बाई (QS) को कोण वाली किरण की विपरीत दिशा में बढ़ाना महत्वपूर्ण है। लम्ब समद्विभाजक की सटीकता पर ध्यान दें।

 

Question 4. एक त्रिभुज XYZ की रचना कीजिए, जिसमें \( \angle Y = 30° \), \( \angle Z = 90° \) और XY + YZ + ZX = 11 सेमी हो ।
Answer:
हल : दिया है : \( \triangle XYZ \) में, \( \angle Y = 30° \), \( \angle Z = 90° \) है तथा XY + YZ + ZX = 11 सेमी है। रचना करनी है : \( \triangle XYZ \) की। रचना :
1. त्रिभुज की परिमाप (XY + YZ + ZX)= 11 सेमी के बराबर माप का रेखाखण्ड PQ खींचा।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र त्रिभुज XYZ की रचना को दर्शाता है, जहाँ त्रिभुज का परिमाप 11 सेमी है और \( \angle Y = 30° \), \( \angle Z = 90° \) दिए गए हैं। पहले परिमाप के बराबर एक रेखाखंड PQ खींचा गया है। फिर P और Q पर दिए गए कोणों के आधे (15° और 45°) बनाते हुए रेखाएँ खींची गई हैं, जो X पर प्रतिच्छेद करती हैं। PX और QX के लम्ब समद्विभाजक से Y और Z बिन्दु प्राप्त होते हैं।
2. P पर \( \angle RPQ = 30° \) व Q पर \( \angle SQP = 90° \) दिए हुए आधार कोण बनाए ।
3. \( \angle RPQ \) व \( \angle SQP \) के समद्विभाजक खींचे जो परस्पर शीर्ष X पर काटते हैं।
4. PX का लम्ब समद्विभाजक खींचा जो PQ को Y पर काटता है।
5. QX का लम्ब समद्विभाजक खींचा जो PQ को Z पर काटता है।
6. XY और XZ को मिलाया । \( \triangle XYZ \) अभीष्ट त्रिभुज है।
In simple words: त्रिभुज के परिमाप, दो कोणों के योग के साथ त्रिभुज बनाने के लिए, पहले परिमाप के बराबर एक रेखाखंड खींचते हैं। फिर इस रेखाखंड के दोनों सिरों पर दिए गए कोणों के आधे कोण बनाते हैं। जहाँ ये रेखाएँ काटती हैं, वह त्रिभुज का पहला शीर्ष होता है। इस शीर्ष को रेखाखंड के सिरों से जोड़ने वाले रेखाखंडों के लम्ब समद्विभाजक खींचते हैं, जो आधार रेखा को काट कर अन्य दो शीर्ष देते हैं।

🎯 Exam Tip: परिमाप-आधारित रचनाओं में, दिए गए कोणों के आधे कोण बनाना और उनके समद्विभाजक खींचना महत्वपूर्ण है। लम्ब समद्विभाजक का सही प्रतिच्छेदन और अंतिम त्रिभुज की भुजाओं की पुष्टि करें।

 

Question 5. एक समकोण त्रिभुज की रचना कीजिए जिसका आधार 12 सेमी और कर्ण व अन्य भुजा का योग 18 सेमी हो ।
Answer:
हल : दिया है : समकोण \( \triangle ABC \) में आधार BC = 12 सेमी, \( \angle C = 90° \) तथा कर्ण AB व एक अन्य भुजा AC का योग 18 सेमी हो। रचना करनी है : समकोण \( \triangle ABC \) की। रचना :
1. रेखाखण्ड BC = 12 सेमी खींचा ।
2. बिन्दु C से BC पर \( \angle BCX = 90° \) बनाया।
3. CX में से CD = (AB + AC) = 18 सेमी काट लिया।
4. रेखाखण्ड BD खींचा।
5. BD का लम्ब समद्विभाजक खींचा जिसने CD को बिन्दु A पर काटा।
6. रेखाखण्ड AB खींचा। \( \triangle ABC \) अभीष्ट त्रिभुज है।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक समकोण त्रिभुज ABC की रचना को दर्शाता है। यहाँ आधार BC = 12 सेमी और \( \angle C = 90° \) दिया गया है। कर्ण AB और दूसरी भुजा AC का योग 18 सेमी है। CX पर CD = 18 सेमी काटा गया है। BD के लम्ब समद्विभाजक ने CD को A पर काटा, जिससे वांछित समकोण त्रिभुज बनता है।
In simple words: एक समकोण त्रिभुज बनाने के लिए, आधार खींचते हैं और समकोण बनाते हैं। फिर, समकोण वाली किरण पर कर्ण और दूसरी भुजा के योग के बराबर लंबाई का रेखाखंड काटते हैं। इस बिन्दु को आधार के दूसरे सिरे से जोड़ते हैं और इस नए रेखाखंड का लम्ब समद्विभाजक खींचते हैं, जो पहले खींची गई लंबी किरण को जहाँ काटता है, वह त्रिभुज का तीसरा शीर्ष होता है।

🎯 Exam Tip: समकोण त्रिभुज की रचना में, समकोण बनाने के साथ-साथ कर्ण और अन्य भुजा के योग का सही उपयोग महत्वपूर्ण है। लम्ब समद्विभाजक का सटीक निर्माण और प्रतिच्छेदन बिन्दु का निर्धारण त्रिभुज को सही ढंग से बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।

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Are the Maths UP Board solutions for Class 9 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 9 Maths Chapter 11 कंस्ट्रक्शन as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Maths concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 9 UP Board solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 9 Maths Chapter 11 कंस्ट्रक्शन will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer UP Board Solutions Class 9 Maths Chapter 11 कंस्ट्रक्शन in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 9 Maths. You can access UP Board Solutions Class 9 Maths Chapter 11 कंस्ट्रक्शन in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Maths UP Board solutions for Class 9 as a PDF?

Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 9 Maths Chapter 11 कंस्ट्रक्शन in printable PDF format for offline study on any device.