UP Board Solutions Class 8 Maths Chapter 10 Chaturbhuj ki rachanayein

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UP Board Textbook Solutions for Class 8 Maths Chapter 10 चतुर्भुज की रचनाएं

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चतुर्भुज की रचनाएँ

UP Board Solution Class 8 Math Chapter 10 अभ्यास 10 (A)

Question 1. निम्नांकित चतुर्भुजों के चित्रों के आधार पर क्रमानुसार उनके नाम तथा उनकी भुजाओं, शीर्षों, कोणों और विकर्णो के नाम बताइए ।
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): (i) यह एक चतुर्भुज DEFG है जिसमें D, E, F, G चार शीर्ष हैं। (ii) यह एक चतुर्भुज UVWX है जिसमें U, V, W, X चार शीर्ष हैं। (iii) यह एक चतुर्भुज QRST है जिसमें Q, R, S, T चार शीर्ष हैं। इन सभी चतुर्भुजों के नाम, भुजाएँ, शीर्ष, कोण और विकर्ण नीचे दी गई तालिका में दर्शाए गए हैं।

चतुर्भुज का नामभुजाओं के नामशीर्षों के नामकोणों के नामविकर्णों के नाम
(i)DEFGDE, EF, FG तथा GDD, E, F तथा G∠D, ∠E, ∠F तथा ∠GDF तथा EG
(ii)UVWXUV, VW, WX तथा XUU, V, W तथा X∠U, ∠V, ∠W तथा ∠XUW तथा VX
(iii)QRSTQR, RS, ST तथा TQQ, R, S तथा T∠Q, ∠R, ∠S तथा ∠TQS तथा RT

In simple words: एक चतुर्भुज की भुजाएँ, शीर्ष, कोण और विकर्ण उसके मूल घटक होते हैं। इस प्रश्न में दिए गए चित्रों के आधार पर प्रत्येक चतुर्भुज के इन सभी तत्वों की पहचान करके सूचीबद्ध किया गया है।

🎯 Exam Tip: चतुर्भुज के घटकों (भुजाएँ, शीर्ष, कोण, विकर्ण) को सही ढंग से पहचानना और सूचीबद्ध करना महत्वपूर्ण है। यह आपको ज्यामिति के बुनियादी सिद्धांतों को समझने में मदद करता है।

 

Question 2. किसी चतुर्भुज के तीन कोण क्रमशः 75°, 95° और 110° हैं। चौथे कोण का मान ज्ञात कीजिए।
Answer:चतुर्भुज के चारों अंतःकोणों का योग 360° होता है। माना चौथा कोण = x
\( \implies \) 75° + 95° + 110° + x = 360°
\( \implies \) 280° + x = 360°
\( \implies \) x = 360° - 280° = 80°
In simple words: एक चतुर्भुज के चारों अंदरूनी कोणों का जोड़ हमेशा 360 डिग्री होता है। जब तीन कोण दिए हों, तो उन्हें जोड़कर 360 में से घटाने पर चौथा कोण मिल जाता है।

🎯 Exam Tip: चतुर्भुज के अंतःकोणों के योग का नियम (360°) एक मौलिक ज्यामितीय सिद्धांत है। इस प्रकार के प्रश्नों में इस नियम को सही ढंग से लागू करना सुनिश्चित करें।

 

Question 3. यदि किसी चतुर्भुज के दो कोण 60° तथा 120° के हैं तथा शेष दोनों कोण समान हैं, तो उनके मान ज्ञात कीजिए।
Answer:माना चतुर्भुज के दो समान कोण x हैं । चतुर्भुज के चारों कोणों का योग = 360°
\( \implies \) x + x + 60° + 120° = 360°
\( \implies \) 2x + 180° = 360°
\( \implies \) 2x = 360° - 180° = 180°
\( \implies \) x = \( \frac{180°}{2} \) = 90°
In simple words: चतुर्भुज के कोणों का कुल योग 360 डिग्री होता है। यदि दो कोण दिए गए हैं और अन्य दो कोण समान हैं, तो आप दिए गए कोणों को 360 में से घटाकर शेष दो समान कोणों का योग प्राप्त कर सकते हैं, फिर उसे दो से विभाजित करके प्रत्येक समान कोण का मान निकाल सकते हैं।

🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्नों में, अज्ञात समान कोणों को 'x' मानकर एक समीकरण बनाएं और चतुर्भुज के अंतःकोणों के योग के नियम का उपयोग करके उसे हल करें।

 

Question 4. निम्नलिखित चतुर्भुजों की आकृतियाँ खीचिए ।
(i) समलम्ब
(ii) उत्तल चतुर्भुज
(iii) अवतल चतुर्भुज
(iv) पतंग (Kite)
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यहाँ चार अलग-अलग प्रकार के चतुर्भुजों की आकृतियाँ प्रदर्शित की गई हैं: (i) एक समलम्ब (Trapezium) जिसमें भुजाओं का एक युग्म समानांतर होता है। (ii) एक उत्तल चतुर्भुज (Convex Quadrilateral) जिसके सभी आंतरिक कोण 180° से कम होते हैं। (iii) एक अवतल चतुर्भुज (Concave Quadrilateral) जिसमें एक आंतरिक कोण 180° से अधिक होता है। (iv) एक पतंग (Kite) जिसमें आसन्न भुजाओं के दो जोड़े समान लंबाई के होते हैं।

In simple words: यह प्रश्न विभिन्न प्रकार के चतुर्भुजों जैसे समलम्ब, उत्तल, अवतल और पतंग के आकार को दर्शाने के लिए कहता है, ताकि छात्र उनकी दृश्य विशेषताओं को पहचान सकें।

🎯 Exam Tip: विभिन्न प्रकार के चतुर्भुजों की परिभाषाओं और उनकी विशिष्ट ज्यामितीय विशेषताओं को याद रखना महत्वपूर्ण है। उनके आरेखण में मुख्य विशेषताओं को सही ढंग से दर्शाना सुनिश्चित करें।

 

कक्षा 8 प्रश्नावली 7 चतुर्भुज की रचना अभ्यास 10 (B)

Question 1. एक चतुर्भुज ABCD बनाइए, जबकि AB=4.0 सेमी, BC=6.0 सेमी, CD=DA= 5.2 सेमी और AC = 8 सेमी ।।
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस चित्र में एक चतुर्भुज ABCD दिखाया गया है जिसकी भुजाएँ AB=4.0 सेमी, BC=6.0 सेमी, CD=5.2 सेमी, DA=5.2 सेमी और विकर्ण AC=8.0 सेमी है। यह चतुर्भुज दो त्रिभुजों, ABC और ADC, से मिलकर बना है, जिनकी भुजाओं की लम्बाइयाँ दर्शाई गई हैं।
रचना : 1. सर्वप्रथम रेखाखंड AB = 4.0 सेमी खींचा। 2. फिर A को केन्द्र मानकर 8 सेमी की त्रिज्या का एक चाप खींचा। 3. B को केन्द्र मानकर 6 सेमी की त्रिज्या का दूसरा चाप खींचा जो पहले चाप को बिन्दु C पर काटता है। 4. AC तथा BC को मिलाया । 5. फिर क्रमशः A को और C को केन्द्र मानकर 5.2 सेमी के चाप खींचे। 6. AD तथा CD को मिलाया। अतः ABCD अभीष्ट चतुर्भुज है।
In simple words: दिए गए भुजाओं और एक विकर्ण की लंबाई का उपयोग करके, आप दो त्रिभुज बनाकर एक चतुर्भुज बना सकते हैं। पहले विकर्ण और दो भुजाओं से एक त्रिभुज बनाएं, फिर शेष भुजाओं से दूसरा त्रिभुज पूरा करें।

🎯 Exam Tip: चतुर्भुज की रचना करते समय, सबसे पहले आधार रेखा और एक विकर्ण को खींचना फायदेमंद होता है। इससे दो त्रिभुज बनते हैं, जिनकी रचना आसान हो जाती है। सभी माप सटीकता से लें।

 

Question 2. चतुर्भुज ABCD की रचना कीजिए जिसमें AB = 4.4 सेमी, BC=4 सेमी, CD=6.4 सेमी, DA = 2.8 सेमी और BD = 6.6 सेमी, AC की लम्बाई नापकर लिखिए।
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस चित्र में एक चतुर्भुज ABCD की रचना दिखाई गई है, जिसकी भुजाएँ AB=4.4 सेमी, BC=4.0 सेमी, CD=6.4 सेमी, DA=2.8 सेमी और विकर्ण BD=6.6 सेमी हैं। विकर्ण AC की लंबाई को मापा जाना है।
रचना : 1. सर्वप्रथम रेखाखंड AB = 4.4 सेमी खींचा । 2. फिर A को केन्द्र मानकर 2.8 सेमी की त्रिज्या का एक चाप खींचा ।। 3. B को केन्द्र मानकर 6.6 सेमी की त्रिज्या का दूसरा चाप खींचा जो पहले चाप को बिन्दु D पर काटता है। 4. AD तथा BD को मिलाया। 5. फिर B को केन्द्र मानकर 4 सेमी की त्रिज्या का एक चाप खींचा । 6. फिर D को केन्द्र मानकर 6.4 सेमी की त्रिज्या का दूसरा चाप खींचा जो पहले चाप को बिन्दु C पर काटता है। 7. BC तथा DC को मिलाया। अतः ABCD अभीष्ट चतुर्भुज है। नापने पर, AC = 6 सेमी ।
In simple words: चतुर्भुज बनाने के लिए, पहले एक भुजा और एक विकर्ण खींचकर एक त्रिभुज बनाएं। फिर शेष भुजाओं और दूसरे विकर्ण के माप का उपयोग करके दूसरा त्रिभुज बनाएं। अंत में, अनमापी गई विकर्ण की लंबाई को मापें।

🎯 Exam Tip: चतुर्भुज रचना के प्रश्नों में, दिए गए माप के साथ दो त्रिभुजों का निर्माण करने पर ध्यान केंद्रित करें। सभी चापों और रेखाखंडों को सटीकता से खींचें। अंत में, पूछे गए माप को सही ढंग से मापें।

 

Question 3. एक चतुर्भुज PQRS बनाइये, जहाँ PQ = 3 सेमी, QR = 5 सेमी, QS = 5 सेमी, PS = 4 सेमी और SR = 4 सेमी । PR को नापिए ।
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस चित्र में एक चतुर्भुज PQRS की रचना दिखाई गई है, जिसमें भुजाएँ PQ=3 सेमी, QR=5 सेमी, PS=4 सेमी, SR=4 सेमी और विकर्ण QS=5 सेमी है। रचना के बाद, विकर्ण PR की लंबाई को मापा जाना है।
रचना : 1. सर्वप्रथम रेखाखंड PQ= 3 सेमी खींचा। 2. फिर P को केन्द्र मानकर 4 सेमी की त्रिज्या का एक चाप खींचा। 3. Q को केन्द्र मानकर 5 सेमी की त्रिज्या का दूसरा चाप खींचा जो पहले चाप को बिन्दु S पर काटता है। 4. PS तथा QS को मिलाया। 5. फिर Q को केन्द्र मानकर 5 सेमी की त्रिज्या का एक चाप खींचा ।। 6. S को केन्द्र मानकर 4 सेमी की त्रिज्या का दूसरा चाप खींचा जो पहले चाप को बिन्दु R पर काटता है । 7. QR तथा SR को मिलाया। अतः PQRS अभीष्ट चतुर्भुज है । नापने पर, PR = 6.3 सेमी
In simple words: दिए गए भुजाओं और एक विकर्ण का उपयोग करके, आप दो त्रिभुज (PQS और QRS) बनाकर एक चतुर्भुज बना सकते हैं। पहले त्रिभुज की रचना करें, फिर दूसरे की, और अंत में अनमापी गई विकर्ण की लंबाई को मापें।

🎯 Exam Tip: चतुर्भुज की रचना करते समय, सबसे पहले उन भुजाओं और विकर्णों का उपयोग करें जो एक पूर्ण त्रिभुज बनाते हैं। सटीक माप और चाप काटना आवश्यक है।

 

Question 4. एक समचतुर्भुज ABCD की रचना कीजिए, जिसकी प्रत्येक भुजा 4.5 सेमी और एक विकर्ण 6.0 सेमी हो। दूसरे विकर्ण को नापकर लिखिए।
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस चित्र में एक समचतुर्भुज ABCD की रचना दिखाई गई है, जिसकी सभी भुजाएँ 4.5 सेमी हैं और एक विकर्ण 6.0 सेमी है। रचना के बाद, दूसरे विकर्ण की लंबाई को मापा जाना है।
रचना : 1. सर्वप्रथम रेखाखंड AB = 4.5 सेमी खींची । 2. फिर A को केन्द्र मानकर 6 सेमी की त्रिज्या का एक चाप । खींचा। 3. इसी प्रकार B को केन्द्र मानकर 4.5 सेमी का दूसरा चाप खींचा जो पहले चाप को बिन्दु C पर काटता है। 4. AC तथा BC को मिलाया। 5. फिर A तथा C को केन्द्र मानकर 4.5 सेमी की त्रिज्या के चाप खींचे, जो एक-दूसरे को बिन्दु D पर काटते हैं। 6. AD तथा DC को मिलाया। अतः ABCD अभीष्ट चतुर्भुज है । नापने पर, BD = 6.7 सेमी
In simple words: एक समचतुर्भुज बनाने के लिए, पहले एक भुजा और दिए गए विकर्ण से एक त्रिभुज बनाएं। चूंकि सभी भुजाएँ समान होती हैं, शेष दो भुजाओं का उपयोग करके दूसरे त्रिभुज को पूरा करें और फिर दूसरे विकर्ण को मापें।

🎯 Exam Tip: समचतुर्भुज की रचना में, सभी भुजाओं की लंबाई समान होती है। एक विकर्ण और तीन भुजाओं की जानकारी का उपयोग करके आप एक अद्वितीय समचतुर्भुज बना सकते हैं।

 

Question 5. समान्तर चतुर्भुज ABCD की रचना कीजिए, जहाँ AB = 3.6 सेमी, BC = 4.2 सेमी और AC = 6.5 सेमी और शेष भुजा नापकर अपनी उत्तर पुस्तिका पर लिखिए।
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस चित्र में एक समांतर चतुर्भुज ABCD की रचना दिखाई गई है, जिसमें भुजाएँ AB=3.6 सेमी, BC=4.2 सेमी और विकर्ण AC=6.5 सेमी है। समांतर चतुर्भुज के गुणों का उपयोग करके शेष भुजाओं और विकर्ण की लंबाई ज्ञात की गई है।
रचना : 1. सर्वप्रथम रेखाखंड AB = 3.6 सेमी खींचा। 2. फिर A से 6.5 सेमी की त्रिज्या को एक चाप खींचा तथा B से 4.2 सेमी की त्रिज्या का दूसरा चाप खींचा जो कि एक-दूसरे को बिन्दु C पर काटते हैं। 3. AC तथा BC को मिलाया। 4. फिर C से 3.6 सेमी त्रिज्या का एक चाप खींचो तथा A से 4.2 सेमी त्रिज्या का दूसरा चाप खींचा जो कि एक-दूसरे को बिन्दु D पर काटते हैं। 5. AD तथा CD को मिलाया। अतः ABCD अभीष्ट समान्तर चतुर्भुज है। नापने पर, BD = 4.4 सेमी
In simple words: एक समांतर चतुर्भुज बनाने के लिए, सबसे पहले एक भुजा और एक विकर्ण की सहायता से एक त्रिभुज बनाएं। फिर समांतर चतुर्भुज के गुणधर्मों (विपरीत भुजाएँ समान और समानांतर होती हैं) का उपयोग करके अन्य शीर्षों को ज्ञात करें और शेष भुजाओं को पूरा करें।

🎯 Exam Tip: समांतर चतुर्भुज के गुणों को याद रखें (विपरीत भुजाएँ बराबर और समानांतर होती हैं)। रचना करते समय, इन गुणों का उपयोग करके आसानी से चतुर्भुज का निर्माण कर सकते हैं। अंत में, पूछे गए मान को मापें।

 

Chaturbhuj Ki Rachna Karo अभ्यास 10 (C)

Question 1. चतुर्भुज ABCD की रचना कीजिए, जबकि AB = 3.8 सेमी, BC = 3 सेमी, AD = 2.3 सेमी, AC = 4.5 सेमी और BD = 3.8 सेमी । CD की माप नापकर ज्ञात कीजिए ।
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस चित्र में चतुर्भुज ABCD की रचना दर्शाई गई है जिसमें भुजाएँ AB=3.8 सेमी, BC=3.0 सेमी, AD=2.3 सेमी तथा विकर्ण AC=4.5 सेमी और BD=3.8 सेमी हैं। रचना के बाद, CD की लंबाई को मापा जाना है।
रचना : 1. सर्वप्रथम रेखाखंड AB = 3.8 सेमी खींचा। 2. फिर A को केन्द्र मानकर 2.3 सेमी की त्रिज्या का एक चाप खींचा। 3. B को केन्द्र मानकर 3.8 सेमी की त्रिज्या का दूसरा चाप है खींचा जो पहले चाप को बिन्दु D पर काटता है । 4. AD तथा BD को मिलाया । 5. फिर पुनः A को केन्द्र मानकर 4.5 सेमी की त्रिज्या का एक चाप खींचा। 6. पुनः B को केन्द्र मानकर 3 सेमी की त्रिज्या का दूसरा चाप खींचा जो पहले चाप को बिन्दु C पर काटता है। 7. AC तथा BC को मिलाया। अतः ABCD अभीष्ट चतुर्भुज है। नापने पर, CD = 2.3 सेमी
In simple words: दिए गए भुजाओं और दोनों विकर्णों की लंबाई का उपयोग करके, पहले एक त्रिभुज (जैसे ABD) बनाएं, फिर दूसरा त्रिभुज (जैसे ABC) बनाएं, और अंत में शेष बिंदुओं को जोड़कर चतुर्भुज को पूरा करें।

🎯 Exam Tip: जब चतुर्भुज की भुजाएँ और विकर्ण दिए हों, तो रचना के लिए दो त्रिभुजों को आधार बनाना सबसे अच्छा तरीका है। प्रत्येक चरण में सटीक माप और चाप का उपयोग करें।

 

Question 2. चतुर्भुज ABCD बनाइए जिसमें BC = 7.5 सेमी, AC = AD = 6 सेमी, CD = 5 सेमी और BD = 10 सेमी । चौथी भुजा की माप नापकर ज्ञात कीजिए।
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस चित्र में एक चतुर्भुज ABCD की रचना प्रदर्शित की गई है, जिसमें भुजा BC=7.5 सेमी, AD=6 सेमी, CD=5 सेमी और विकर्ण AC=6 सेमी, BD=10 सेमी हैं। चौथी भुजा AB की लंबाई को मापा जाना है।
रचना : 1. सर्वप्रथम रेखाखंड CD = 5.0 सेमी खींचा।। 2. फिर C तथा D को केन्द्र मानकर 6 सेमी की त्रिज्या के दो चाप खींचे जो एक-दूसरे को बिन्दु A पर काटते हैं। 3. D को केन्द्र मानकर 10 सेमी की त्रिज्या का एक तथा C को केन्द्र मानकर 7.5 सेमी त्रिज्या का दूसरा चाप खींचा जो पहले चाप को बिन्दु B पर काटता है । 4. AB, BD तथा CB को मिलाया। अतः ABCD अभीष्ट चतुर्भुज है। नापने पर, AB = 4.8 सेमी
In simple words: एक चतुर्भुज बनाने के लिए, दिए गए भुजाओं और विकर्णों का उपयोग करें। आप पहले एक विकर्ण और संबंधित भुजाओं से एक त्रिभुज बना सकते हैं, फिर दूसरे विकर्ण और शेष भुजाओं का उपयोग करके चतुर्भुज को पूरा कर सकते हैं।

🎯 Exam Tip: चतुर्भुज की रचना करते समय, दिए गए सभी मापों का सही उपयोग करें। रचना के चरणों में स्पष्टता और सटीकता बनाए रखें, खासकर जब चाप काटते हों।

 

Question 3. एक समान्तर चतुर्भुज बनाइए, जिससे एक भुजा 4.4 सेमी तथा दोनों विकर्ण क्रमशः 5.6 सेमी और 7.0 सेमी हो। दूसरी भुजा की माप ज्ञात कीजिए।
[संकेत- समांतर चतुर्भुज के विकर्ण एक दूसरे को समविभाजित करते हैं ।]
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक समांतर चतुर्भुज ABCD की रचना को दर्शाता है जिसमें एक भुजा AB=4.4 सेमी है और दोनों विकर्ण AC=5.6 सेमी तथा BD=7.0 सेमी हैं। विकर्णों के गुणधर्म (एक-दूसरे को समद्विभाजित करना) का उपयोग करके दूसरी भुजा की लंबाई ज्ञात की गई है, जो 4.8 सेमी है।
रचना : 1. सर्वप्रथम रेखाखंड AB = 4.4 सेमी खींचा।। 2. फिर A को केन्द्र मानकर 2.8 सेमी तथा 3.5 सेमी त्रिज्या के दो चाप लगाए जो एक-दूसरे को बिन्दु 0 पर काटते हैं। 3. BO को BD = 7.0 सेमी तथा AO को AC=5.6 सेमी तक आगे बढ़ाया। 4. DA, BC तथा CD को मिलाया। अतः ABCD अभीष्ट समान्तर चतुर्भुज है। दूसरी भुजा की माप = 4.8 सेमी
In simple words: समांतर चतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को आधे में काटते हैं। इस गुण का उपयोग करके आप विकर्णों के आधे हिस्सों और एक भुजा से एक त्रिभुज बना सकते हैं, फिर अन्य बिंदुओं को जोड़कर पूरा समांतर चतुर्भुज बना सकते हैं और दूसरी भुजा को माप सकते हैं।

🎯 Exam Tip: समांतर चतुर्भुज के विकर्णों के समद्विभाजन गुण का उपयोग करना महत्वपूर्ण है। इससे एक त्रिभुज की रचना आसान हो जाती है जिसके द्वारा पूरा चतुर्भुज बनाया जा सकता है।

 

Question 4. एक चतुर्भुज ABCD बनाइए जिसमें AB = 3.0 सेमी, CD = 3.0 सेमी, DA= 7.5 सेमी, AC = 8.0 सेमी और BD = 5.5 सेमी ।।
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस चित्र में एक चतुर्भुज ABCD की रचना दिखाई गई है, जिसकी भुजाएँ AB=3.0 सेमी, CD=3.0 सेमी, DA=7.5 सेमी और विकर्ण AC=8.0 सेमी, BD=5.5 सेमी हैं। यह रचना दिए गए भुजाओं और विकर्णों का उपयोग करके की गई है।
रचना : 1. सर्वप्रथम रेखाखंड AD = 7.5 सेमी खींचा। 2. फिर बिन्दु A को केन्द्र मानकर 8 सेमी एवं बिन्दु D को केन्द्र मानकर 3 सेमी के चाप लगाए, जो एक-दूसरे को बिन्दु C पर काटते हैं। 3. AC एवं CD को मिलाया। 4. पुनः बिन्दु A को केन्द्र मानकर 3 सेमी एवं. बिन्दु D को केन्द्र मानकर 5.5 सेमी के चाप लगाए, जो एक-दूसरे को बिन्दु B पर काटते हैं। 5. अब AB, BD एवं BC को मिलाया। अतः ABCD अभीष्ट चतुर्भुज है ।
In simple words: दिए गए भुजाओं और दोनों विकर्णों का उपयोग करके, चतुर्भुज बनाने के लिए पहले दो त्रिभुज (जैसे ADC और ABD) बनाएं।

🎯 Exam Tip: चतुर्भुज की रचना करते समय, यदि पाँच माप दिए गए हों (चार भुजाएँ और एक विकर्ण, या तीन भुजाएँ और दो विकर्ण), तो दो त्रिभुजों का निर्माण करके रचना को आसान बनाया जा सकता है।

 

Question 5. एक वर्ग बनाइए जिसका विकर्ण 6.4 सेमी हो ।
[संकेत – वर्ग के विकर्ण एक दूसरे को समकोण पर समविभाजित करते हैं।]
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक वर्ग ABCD की रचना को प्रदर्शित करता है, जिसका विकर्ण AC = 6.4 सेमी है। वर्ग के विकर्ण एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं, इस गुण का उपयोग करके विकर्ण AC का लम्बार्द्धक खींचा गया है और उस पर विकर्ण के आधे हिस्से (3.2 सेमी) को चिह्नित करके अन्य शीर्ष B और D प्राप्त किए गए हैं।
रचना : 1. सर्वप्रथम AC = 6.4 सेमी का रेखाखंड खींचा। 2. फिर AC का लम्बार्द्धक खींचा जो AC को 0 पर काटता है। 3. बिन्दु 0 से विकर्ण का आधा 6.4 = 3.2 सेमी के चाप दोनों ओर लगाए जो लम्बार्द्धक को क्रमशः बिन्दु B तथा D पर काटते हैं । 4. AB, BC, CD तथा DA को मिलाया । अतः ABCD अभीष्ट वर्ग है ।
In simple words: एक वर्ग बनाने के लिए जब केवल एक विकर्ण दिया हो, तो विकर्णों के गुणों का उपयोग करें: वे एक-दूसरे को समकोण पर काटते हैं और एक-दूसरे को आधा करते हैं। पहले विकर्ण को खींचें, उसका लम्बार्द्धक बनाएं, और विकर्ण के आधे माप का उपयोग करके अन्य शीर्षों को चिह्नित करें।

🎯 Exam Tip: वर्ग के विकर्णों के गुणों (लम्ब समद्विभाजन) को याद रखें। यह रचना करते समय एक महत्वपूर्ण संकेत प्रदान करता है। सभी चापों और रेखाखंडों को सटीकता से खींचें।

 

अभ्यास 10 (D)

Question 1. चतुर्भुज ABCD बनाइए जिसमें AB = 5.5 सेमी, BC = 3.7 सेमी, ∠A = 60°, ∠B = 105° और ∠D = 90°।।
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक चतुर्भुज ABCD की रचना को दर्शाता है जिसमें भुजाएँ AB=5.5 सेमी, BC=3.7 सेमी और कोण ∠A=60°, ∠B=105°, ∠D=90° दिए गए हैं। अज्ञात कोण ∠C को 360° - (60°+105°+90°) = 105° गणना द्वारा प्राप्त किया गया है।
रचना : ∠C = 360° – (60° + 105° + 90°) = 105° 1. सर्वप्रथम रेखाखंड AB = 5.5 सेमी खींचा। 2. फिर AB के बिन्दु A तथा B से क्रमशः 60° तथा 105° के कोण बनाए। 3. बिन्दु B से 3.7 सेमी की त्रिज्या का चाप लगाकर BC काटा। 4. बिन्दु C से 105 का कोण बनाया जो 60° के कोण को बिन्दु D पर काटता है। अतः ABCD अभीष्ट चतुर्भुज है।
In simple words: एक चतुर्भुज बनाने के लिए जब तीन कोण और दो भुजाएँ दी हों, तो पहले अज्ञात कोण (चतुर्भुज के कोणों का योग 360° होता है) की गणना करें। फिर एक आधार भुजा खींचें, दिए गए कोणों को बनाएं, और भुजाओं की लंबाई के अनुसार चाप लगाकर शीर्षों को चिह्नित करें।

🎯 Exam Tip: चतुर्भुज की रचना करते समय यदि कुछ कोण दिए गए हों, तो पहले अज्ञात कोण की गणना करने के लिए 360° नियम का उपयोग करें। यह सुनिश्चित करता है कि आपके पास सभी आवश्यक जानकारी है।

 

Question 2. एक आयत की रचना कीजिये जिसकी भुजायें 4.5 सेमी और 6.0 सेमी हो । इसके दोनों विकर्ण को नापिए ।
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस चित्र में एक आयत ABCD की रचना दिखाई गई है जिसकी भुजाएँ 6 सेमी और 4.5 सेमी हैं। आयत के सभी कोण 90° होते हैं। रचना के बाद, दोनों विकर्णों (जैसे BD) की लंबाई को मापा जाना है।
रचना : 1. सर्वप्रथम रेखाखंड AB = 6 सेमी खींचा। 2. फिर बिन्दु A तथा B पर 90° का कोण बनाया । 3. बिन्दु A तथा B को केन्द्र मानकर 4.5 सेमी की त्रिज्या से चाप लगाये जो क्रमशः D तथा C हैं । 4. बिन्दु C तथा D को मिलाया । अतः ABCD अभीष्ट आयत है । नापने पर, विकर्ण BD = 7.5 सेमी
In simple words: एक आयत बनाने के लिए, पहले आधार भुजा खींचें। आयत के गुण के अनुसार, सभी कोण 90 डिग्री होते हैं, इसलिए प्रत्येक कोने पर समकोण बनाएं। फिर चौड़ाई के बराबर चाप लगाकर शेष शीर्षों को चिह्नित करें और भुजाओं को जोड़ दें।

🎯 Exam Tip: आयत के गुणों को याद रखें: सभी कोण 90° होते हैं और विपरीत भुजाएँ बराबर होती हैं। ये गुण रचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विकर्णों की लंबाई समान होनी चाहिए।

 

Question 3. चतुर्भुज PQRS की रचना कीजिए, जिसमें PQ = 3.5 सेमी, QR = 6.5 सेमी, ∠P=∠R = 105° और ∠S = 75°।
[संकेत – ∠Q= 360°- (105° +105° + 75°) = 75°]
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस चित्र में एक चतुर्भुज PQRS की रचना दर्शाई गई है जिसमें भुजाएँ PQ=3.5 सेमी, QR=6.5 सेमी और कोण ∠P=105°, ∠R=105°, ∠S=75° दिए गए हैं। अज्ञात कोण ∠Q को 360° - (105°+105°+75°) = 75° गणना द्वारा प्राप्त किया गया है।
रचना : ∠Q= 360° – (105° + 105° + 75°) = 75° 1. सर्वप्रथम रेखाखंड PQ= 3.5 सेमी खींचा। 2. PQ के बिन्दु P तथा Q से क्रमशः 105° तथा 75° के कोण बनाए। 3. फिर Q को कोण मानकर 6.5 सेमी का चाप लगाया। 4. बिन्दु R से 105° का कोण बनाया जो कोण P को बिन्दु S पर काटता है। अतः PQRS अभीष्ट चतुर्भुज है ।
In simple words: चतुर्भुज बनाने के लिए, पहले अज्ञात कोण (Q) की गणना करें। फिर आधार भुजा (PQ) को खींचें, उसके सिरों पर दिए गए कोणों (P और Q) को बनाएं। इसके बाद, भुजा QR की लंबाई के बराबर चाप काटें और बिंदु R से कोण R बनाएं, जो कोण P की रेखा को बिंदु S पर काटेगा।

🎯 Exam Tip: चतुर्भुज के सभी आंतरिक कोणों का योग 360° होता है। यदि तीन कोण दिए हों, तो चौथे कोण की गणना पहले करें। रचना करते समय कोणों और भुजाओं के मापों में सटीकता आवश्यक है।

 

Question 4. एक चतुर्भुज ABCD बनाइए जबकि BC = 5.5 सेमी, CD = 4.1 सेमी, ∠A = 70°, ∠B = 110 और ∠D= 85°। AB और DA को नापिए।
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक चतुर्भुज ABCD की रचना को दर्शाता है जिसमें भुजाएँ BC=5.5 सेमी, CD=4.1 सेमी और कोण ∠A=70°, ∠B=110°, ∠D=85° दिए गए हैं। अज्ञात कोण ∠C को 360° - (70°+110°+85°) = 95° गणना द्वारा प्राप्त किया गया है। रचना के बाद, भुजाओं AB और DA को मापा जाना है।
रचना : ∠C = 360° – (70° + 110° + 85°) = 95° 1. सर्वप्रथम रेखाखंड BC = 5.5 सेमी खींचा। 2. फिर BC के बिन्दु B तथा C से क्रमशः 110° तथा 95° के कोण बनाये । 3. बिन्दु C से 4.1 सेमी का एक चाप खींचा जो ∠C को बिन्दु D पर काटता है। 4. बिन्दु D से 85° का कोण बनाया जो 110° का कोण बनाने वाली रेखा को बिन्दु A पर काटता है। अतः ABCD अभीष्ट चतुर्भुज है। नापने पर, AB = 4.5 सेमी और DA= 6.6 सेमी
In simple words: चतुर्भुज बनाने के लिए, पहले अज्ञात कोण (C) की गणना करें। फिर आधार भुजा (BC) खींचें और उसके सिरों पर कोण B और C बनाएं। भुजा CD की लंबाई के बराबर चाप काटें और बिंदु D से कोण D बनाएं, जो कोण B की रेखा को बिंदु A पर काटेगा।

🎯 Exam Tip: चतुर्भुज की रचना में, यदि कोण और दो आसन्न भुजाएँ दी गई हों, तो सभी कोणों की गणना करना और फिर भुजाओं और कोणों का उपयोग करके चरण-दर-चरण निर्माण करना सबसे प्रभावी होता है।

 

अभ्यास 10 (E)

Question 1. एक चतुर्भुज ABCD बनाइए, जबकि AB = 4.2 सेमी, BC = 3.6 सेमी, CD = 4.8 सेमी, ∠B = 30° और ∠C = 150° । भुजा AD मापिए ।
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक चतुर्भुज ABCD की रचना को दर्शाता है जिसमें भुजाएँ AB=4.2 सेमी, BC=3.6 सेमी, CD=4.8 सेमी और कोण ∠B=30°, ∠C=150° दिए गए हैं। रचना के बाद, भुजा AD की लंबाई को मापा जाना है।
रचना : 1. सर्वप्रथम रेखाखंड AB = 4.2 सेमी खींचा। 4.8 सेमी । 2. फिर AB के बिन्दु B से 30° का कोण बनाया। 3. बिन्दु B से 3.6 सेमी की त्रिज्या का एक चाप लगाया जो । 30° के कोण को बिन्दु C पर काटता है। 4. बिन्दु C से 150° का कोण बनाकर 4.8 सेमी की त्रिज्या का चाप लगाया जो 150° के कोण को बिन्दु D पर काटता है। 5. DA को मिलाया। अतः ABCD अभीष्ट चतुर्भुज है। नापने पर, भुजा AD = 4.2 सेमी
In simple words: एक चतुर्भुज बनाने के लिए, पहले आधार भुजा (AB) खींचें, फिर कोण B और कोण C बनाएं। भुजा BC और CD की लंबाई के बराबर चाप काटें। अंत में, सभी बिंदुओं को जोड़कर चतुर्भुज पूरा करें और AD भुजा को मापें।

🎯 Exam Tip: जब दो कोण और तीन भुजाएँ दी हों, तो रचना करते समय कोणों को सही ढंग से अंकित करना और चापों को सटीक रूप से काटना महत्वपूर्ण है। सभी मापकों का सही उपयोग सुनिश्चित करें।

 

Question 2. चतुर्भुज PQRS बनाइए, जिसमें PQ= 3.5 सेमी, QR = 2.5 सेमी, RS = 4.1 सेमी, ∠Q= 75°, ∠R = 120°। भुजा PS मापिए ।
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस चित्र में एक चतुर्भुज PQRS की रचना को दर्शाया गया है जिसमें भुजाएँ PQ=3.5 सेमी, QR=2.5 सेमी, RS=4.1 सेमी और कोण ∠Q=75°, ∠R=120° दिए गए हैं। रचना के बाद, भुजा PS की लंबाई को मापा जाना है।
रचना : 1. सर्वप्रथम रेखाखंड PQ = 3.5 सेमी खींचा। 2. PQ के बिन्दु Q से 75° का कोण बनाया तथा 2.5 सेमी त्रिज्या का एक चाप खींचा जो 75° के कोण को बिन्दु R पर काटता है । 3. बिन्दु R से 120° का कोण बनाकर 4.1 सेमी की त्रिज्या का चाप खींचा जो 120° के कोण को बिन्दु S पर काटता है। 4. SP को मिलाया। अतः PQRS अभीष्ट चतुर्भुज है। नापने पर भुजा SP = 3.4 सेमी ।
In simple words: एक चतुर्भुज बनाने के लिए, पहले आधार भुजा (PQ) खींचें। कोण Q बनाएं और भुजा QR की लंबाई से बिंदु R को चिह्नित करें। फिर कोण R बनाएं और भुजा RS की लंबाई से बिंदु S को चिह्नित करें। अंत में, PS को जोड़कर चतुर्भुज पूरा करें।

🎯 Exam Tip: इस प्रकार की रचना में, एक भुजा और दो आसन्न कोणों का उपयोग करके एक त्रिभुज बनाना और फिर अन्य भुजाओं और कोणों को पूरा करना महत्वपूर्ण है। कोणों और लंबाई में सटीकता पर विशेष ध्यान दें।

 

Question 3. चतुर्भुज ABCD बनाइये जिसमें AB = BC = 3 सेमी, AD = 5 सेमी, ∠A = 90°, ∠B = 105°।
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक चतुर्भुज ABCD की रचना को दर्शाता है जिसमें भुजाएँ AB=3 सेमी, BC=3 सेमी, AD=5 सेमी और कोण ∠A=90°, ∠B=105° दिए गए हैं। रचना चरणों का पालन करते हुए चतुर्भुज का निर्माण किया गया है।
रचना : 1. सर्वप्रथम रेखाखंड AB = 3 सेमी खींचा। 2. फिर AB के बिन्दु B से 105° का कोण बनाया तथा 3 सेमी की त्रिज्या को चाप लगाया जो 105° के कोण को बिन्दु C पर काटता है | 3. AB के बिन्दु A से 90° का कोण बनाया तथा 5 सेमी की त्रिज्या का चाप लगाया जो 90° के कोण को बिन्दु D पर काटता है। 4. CD को मिलाया। अतः ABCD अभीष्ट चतुर्भुज है।
In simple words: एक चतुर्भुज बनाने के लिए, पहले आधार भुजा (AB) खींचें। कोण A और B बनाएं, फिर भुजा BC और AD की लंबाई के बराबर चाप काटें। अंत में, शेष बिंदुओं को जोड़कर चतुर्भुज को पूरा करें।

🎯 Exam Tip: चतुर्भुज की रचना करते समय, दिए गए कोणों को सही ढंग से बनाना और भुजाओं की लंबाई के अनुसार चाप काटना महत्वपूर्ण है। सभी मापकों का सटीक उपयोग करें।

 

Question 4. एक चतुर्भुज PQRS की रचना कीजिए जिसमें ∠Q=135°, ∠R = 90°, QR = 5.0 सेमी, PQ=9 सेमी और RS = 7 सेमी ।
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस चित्र में एक चतुर्भुज PQRS की रचना दिखाई गई है, जिसमें भुजाएँ QR=5 सेमी, PQ=9 सेमी, RS=7 सेमी और कोण ∠Q=135°, ∠R=90° दिए गए हैं। दिए गए मापों का उपयोग करके चतुर्भुज का निर्माण किया गया है।
रचना : 1. सर्वप्रथम रेखाखंड QR = 5 सेमी खींचा। 2. फिर QR के बिन्दु Q तथा R से क्रमशः 135° तथा 90° के कोण बनाए। 3. बिन्दु R पर 7 सेमी की त्रिज्या का चाप खींचा जो ∠R को S पर काटता है। 4. बिन्दु Qपर 9 सेमी की त्रिज्या का चाप खींचा जो ∠Q को P पर काटता है। 5. PS को मिलाया। अतः PQRS अभीष्ट चतुर्भुज है।
In simple words: एक चतुर्भुज बनाने के लिए, पहले आधार भुजा (QR) खींचें। उसके सिरों पर कोण Q और R बनाएं। भुजा RS और PQ की लंबाई के बराबर चाप काटें, और फिर शेष बिंदुओं को जोड़कर चतुर्भुज को पूरा करें।

🎯 Exam Tip: जब दो कोण और तीन भुजाएँ दी हों, तो रचना करते समय कोणों को सही ढंग से बनाना और भुजाओं की लंबाई के अनुसार चाप काटना महत्वपूर्ण है। सभी मापकों का सटीक उपयोग करें।

 

अभ्यास 10 (F)

Question 1. चतुर्भुज ABCD की रचना कीजिए, जिसमें AB = BC = 3 सेमी, AD = CD =5 सेमी. तथा ∠ABC = 120° हो।
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस चित्र में एक चतुर्भुज ABCD की रचना दिखाई गई है जिसमें भुजाएँ AB=3 सेमी, BC=3 सेमी, AD=5 सेमी, CD=5 सेमी और कोण ∠ABC=120° दिए गए हैं। दिए गए मापों का उपयोग करके चतुर्भुज का निर्माण किया गया है।
रचना : 1. सर्वप्रथम रेखाखंड AB = 3 सेमी खींचा । 2. फिर बिन्दु B पर 120° का कोण बनाया तथा BC = 3 सेमी त्रिज्या का चाप लगाया। 3. फिर C को केन्द्र मानकर 5 सेमी त्रिज्या का चाप लगाया । 4. A को केन्द्र मानकर 5 सेमी त्रिज्या का चाप लगाया जो पहले चाप को बिन्दु D पर काटता है । 5. CD,DA को मिलाया। अतः ABCD अभीष्ट चतुर्भुज है।
In simple words: एक चतुर्भुज बनाने के लिए, पहले आधार भुजा (AB) खींचें। कोण B बनाएं और भुजा BC की लंबाई से बिंदु C को चिह्नित करें। फिर बिंदुओं A और C को केंद्र मानकर भुजा AD और CD की लंबाई के बराबर चाप काटें, जिससे बिंदु D प्राप्त होगा।

🎯 Exam Tip: जब भुजाएँ और एक कोण दिया हो, तो पहले ज्ञात भुजा और कोण का उपयोग करके एक त्रिभुज बनाने पर ध्यान केंद्रित करें। फिर, शेष भुजाओं की लंबाई का उपयोग करके दूसरे त्रिभुज को पूरा करें।

 

Question 2. चतुर्भुज ABCD की रचना कीजिए, जिसमें AB= 2.8 सेमी, BC=3.1 सेमी, CD=2.6 सेमी, DA = 3.3 सेमी और ∠A = 60° हो ।
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस चित्र में एक चतुर्भुज ABCD की रचना को दर्शाया गया है जिसमें भुजाएँ AB=2.8 सेमी, BC=3.1 सेमी, CD=2.6 सेमी, DA=3.3 सेमी और कोण ∠A=60° दिए गए हैं। रचना के बाद, विकर्ण AC की लंबाई 4.8 सेमी मापी गई है।
रचना : 1. सर्वप्रथम रेखाखंड AB = 2.8 सेमी खींचा। 2. फिर AB के बिन्दु A पर 60° का कोण बनाया तथा 3.3 सेमी का चाप लगाया जो ∠A को बिन्दु D पर काटता है। 3. बिन्दु B से 3.1 सेमी का तथा बिन्दु D से 2.6 सेमी को चाप लगाया जो एक-दूसरे को बिन्दु C पर काटते हैं। 4. BC, CD को मिलाया। अतः ABCD अभीष्ट चतुर्भुज है । विकर्ण AC = 4.8 सेमी
In simple words: एक चतुर्भुज बनाने के लिए, पहले आधार भुजा (AB) खींचें और कोण A बनाएं, फिर भुजा AD की लंबाई से बिंदु D को चिह्नित करें। उसके बाद, बिंदुओं B और D को केंद्र मानकर भुजा BC और CD की लंबाई के बराबर चाप काटें, जिससे बिंदु C प्राप्त होगा।

🎯 Exam Tip: जब चार भुजाएँ और एक कोण दिया हो, तो पहले उस कोण को आधार भुजा के एक सिरे पर बनाएं। फिर उस कोण और आसन्न भुजाओं का उपयोग करके एक त्रिभुज बनाएं, जिसके बाद शेष भुजाओं से दूसरा त्रिभुज पूरा करें।

 

Question 3. एक आयत की रचना कीजिए, जिसकी भुजाएँ 4.2 सेमी और 2.5 सेमी हो । इसके विकर्ण की लम्बाई नापिए ।
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस चित्र में एक आयत ABCD की रचना दिखाई गई है, जिसकी भुजाएँ 4.2 सेमी (लंबाई) और 2.5 सेमी (चौड़ाई) हैं। आयत के सभी आंतरिक कोण 90° होते हैं। रचना के बाद, विकर्ण AC की लंबाई 4.8 सेमी मापी गई है।
रचना : 1. सर्वप्रथम रेखाखंड AB = 4.2 सेमी खींचा। 2. बिन्दु A तथा B प्रत्येक पर 90° का कोण बनाए। 3. बिन्दु A तथा B को केन्द्र मानकर 2.5 सेमी त्रिज्या से चाप लगाए जो क्रमशः बिन्दु D तथा C हैं। 4. CD को मिलाया। अतः ABCD अभीष्ट आयत है। विकर्ण AC = 4.8 सेमी
In simple words: एक आयत बनाने के लिए, पहले आधार भुजा खींचें। आयत के गुण के अनुसार, सभी कोण 90 डिग्री होते हैं, इसलिए प्रत्येक कोने पर समकोण बनाएं। फिर चौड़ाई के बराबर चाप लगाकर शेष शीर्षों को चिह्नित करें और भुजाओं को जोड़ दें।

🎯 Exam Tip: आयत की रचना करते समय, 90 डिग्री के कोणों का सटीक निर्माण और भुजाओं की सही लंबाई महत्वपूर्ण है। विकर्णों की लंबाई समान होनी चाहिए।

 

Question 4. एक समचतुर्भुज की रचना कीजिए जिसमें एक कोण 75° तथा एक भुजा 5.2 सेमी हो ।
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस चित्र में एक समचतुर्भुज ABCD की रचना दर्शाई गई है जिसमें एक भुजा की लंबाई 5.2 सेमी और एक कोण 75° है। समचतुर्भुज की सभी भुजाएँ समान होती हैं और आसन्न कोणों का योग 180° होता है, जिससे दूसरा कोण (180°-75° = 105°) ज्ञात किया गया है।
रचना : 1. सर्वप्रथम रेखाखंड AB = 5.2 सेमी खींचा। 2. फिर बिन्दु A से 75° का कोण बनाती हुई रेखा खींची तथा AD = 5.2 सेमी काटा। 3. फिर बिन्दु B तथा D को केन्द्र मानकर 5.2 सेमी त्रिज्या के चाप लगाए जो एक-दूसरे को बिन्दु C पर काटते हैं। 4. BC तथा DC को मिलाया। अतः ABCD अभीष्ट समचतुर्भुज है।
In simple words: एक समचतुर्भुज बनाने के लिए, पहले एक भुजा खींचें। दिए गए कोण को एक सिरे पर बनाएं और उस कोण पर दूसरी भुजा की लंबाई (जो पहली के बराबर होगी) से बिंदु चिह्नित करें। फिर शेष दो भुजाओं की लंबाई के बराबर चाप लगाकर अंतिम बिंदु को ज्ञात करें।

🎯 Exam Tip: समचतुर्भुज की रचना में, सभी भुजाओं की लंबाई समान होती है और आसन्न कोणों का योग 180° होता है। इन गुणों का उपयोग रचना को सरल बनाता है।

 

Question 5. एक वर्ग बनाइए, जिसकी एक भुजा 5.0 सेमी हो ।
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस चित्र में एक वर्ग ABCD की रचना प्रदर्शित की गई है, जिसकी प्रत्येक भुजा 5 सेमी है। वर्ग के सभी कोण 90° होते हैं। रचना चरणों का पालन करते हुए, सभी भुजाएँ 5 सेमी और सभी कोण 90° के साथ एक वर्ग बनाया गया है।
रचना : 1. सर्वप्रथम रेखाखंड AB = 5 सेमी खींचा। 2. फिर बिन्दु A तथा B से क्रमशः 90° के कोण बनाती हुई रेखा खींची । 3. बिंदु A तथा B से 5 सेमी त्रिज्या लेकर चाप लगाए जो ∠A तथा ∠B को क्रमशः बिन्दु D तथा C काटते हैं। 4. c तथा D को मिलाया। अतः ABCD अभीष्ट वर्ग है।
In simple words: एक वर्ग बनाने के लिए, पहले एक भुजा खींचें। वर्ग के सभी कोण 90 डिग्री होते हैं और सभी भुजाएँ समान होती हैं। इसलिए, प्रत्येक सिरे पर 90 डिग्री का कोण बनाएं और भुजा की लंबाई के बराबर चाप लगाकर शेष शीर्षों को चिह्नित करें।

🎯 Exam Tip: वर्ग की रचना करते समय, सभी भुजाओं की समान लंबाई और सभी कोणों के 90° होने के गुणों पर ध्यान दें। यह रचना के लिए सबसे महत्वपूर्ण मापदंड हैं।

 

दक्षता अभ्यास – 10

Question 1. निम्नांकित नाप से चतुर्भुज ABCD की रचना कीजिए।
(i) AB = 2.5 सेमी, BC = 7.5 सेमी CD = 10 सेमी, DA= 7.5 सेमी, BD = 6.5 सेमी ।
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस चित्र में चतुर्भुज ABCD की रचना प्रदर्शित की गई है, जिसमें भुजाएँ AB=2.5 सेमी, BC=7.5 सेमी, CD=10 सेमी, DA=7.5 सेमी और विकर्ण BD=6.5 सेमी दिए गए हैं। यह रचना दिए गए भुजाओं और एक विकर्ण का उपयोग करके की गई है।
रचना : 1. सर्वप्रथम रेखाखंड CD = 10 सेमी खींचा। 2. फिर बिन्दु C तथा D को केन्द्र मानकर क्रमशः 7.5 सेमी तथा 6.5 सेमी की त्रिज्या के चाप लगाए जो एक-दूसरे को बिन्दु B पर काटते हैं। 3. फिर बिन्दु B को केन्द्र मानकर 2.5 सेमी त्रिज्या का तथा पुनः बिन्दु D को केन्द्र मानकर 7.5 सेमी त्रिज्या का एक चाप लगाया जो एक-दूसरे को बिन्दु A पर काटते हैं। 4. DA, AB, BC, तथा BD को मिलाया। अतः ABCD अभीष्ट चतुर्भुज है।
In simple words: एक चतुर्भुज बनाने के लिए, सबसे पहले एक भुजा (CD) खींचें। फिर दिए गए भुजाओं और विकर्ण का उपयोग करके दो त्रिभुज (CBD और DBA) बनाएं।

🎯 Exam Tip: जब चतुर्भुज की चार भुजाएँ और एक विकर्ण दिया हो, तो सबसे पहले उस विकर्ण को आधार मानकर दो त्रिभुजों का निर्माण करने का प्रयास करें। सटीक माप और चाप काटना महत्वपूर्ण है।

 

(ii) AB = 4 सेमी, BC = 3 सेमी, CD = 6 सेमी, ∠B = 135°, ∠C = 60°|
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस चित्र में चतुर्भुज ABCD की रचना को दर्शाया गया है जिसमें भुजाएँ AB=4 सेमी, BC=3 सेमी, CD=6 सेमी और कोण ∠B=135°, ∠C=60° दिए गए हैं। रचना चरणों का पालन करते हुए चतुर्भुज का निर्माण किया गया है।
रचना : 1. सर्वप्रथम रेखाखंड AB = 4 सेमी खींचा। 2. AB के बिन्दु B से 135° का कोण बनाते हुए BC = 3 सेमी । का चाप काटा। 3. C पर 60° का कोण बनाते हुए CD= 6 सेमी का चाप काटा। अतः ABCD अभीष्ट चतुर्भुज है।
In simple words: चतुर्भुज बनाने के लिए, पहले आधार भुजा (AB) खींचें। कोण B बनाएं और भुजा BC की लंबाई से बिंदु C को चिह्नित करें। फिर कोण C बनाएं और भुजा CD की लंबाई से बिंदु D को चिह्नित करें।

🎯 Exam Tip: जब दो कोण और तीन भुजाएँ दी हों, तो रचना करते समय कोणों को सही ढंग से बनाना और भुजाओं की लंबाई के अनुसार चाप काटना महत्वपूर्ण है। सभी मापकों का सटीक उपयोग करें।

 

Question 2. एक वर्ग ABCD की रचना कीजिए, जिसकी भुजा 4 सेमी हो । AC को नापिए।
Answer:


ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक वर्ग ABCD को दर्शाता है जिसकी प्रत्येक भुजा 4 सेमी लंबी है। इसमें विकर्ण AC और BD भी दिखाए गए हैं, जो वर्ग के आंतरिक संरचना को दर्शाते हैं। कोण A और B को 90 डिग्री के रूप में चिह्नित किया गया है, जो एक वर्ग की विशेषता है।

रचना :
1. सर्वप्रथम रेखाखंड AB = 4 सेमी खींचा ।
2. फिर बिन्दु A तथा B पर 90° का कोण बनाया।
3. बिन्दु A तथा C से 4 सेमी की त्रिज्या लेकर चाप लगाये जो 90° के कोणों को क्रमशः D तथा C बिन्दु पर काटते हैं ।
4. CD तथा AC को मिलाया ।
अतः ABCD अभीष्ट वर्ग है । नापने पर, विकर्ण AC = 5.6 सेमी
In simple words: एक 4 सेमी भुजा वाले वर्ग ABCD की रचना करने के लिए, पहले आधार AB खींचें, फिर A और B पर 90° के कोण बनाएं। A और C से 4 सेमी की त्रिज्या के चाप खींचकर D और C बिंदु प्राप्त करें और भुजाओं को मिलाएं। अंत में, विकर्ण AC की लंबाई 5.6 सेमी पाई जाती है।

🎯 Exam Tip: वर्ग की रचना करते समय सभी भुजाओं की लंबाई और कोणों का सटीक माप महत्वपूर्ण होता है। विकर्ण की लंबाई की गणना और माप को ध्यान से जांचें।

 

Question 3. एक आयत ABCD बनाइए जब कि AB = 4 सेमी और AC = 6 सेमी हो । AD को नापिए ।
Answer:


ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक आयत ABCD को दर्शाता है जिसमें आधार AB 4 सेमी है और विकर्ण AC 6 सेमी है। आयत के सभी आंतरिक कोण 90 डिग्री के होते हैं। AD भुजा की लंबाई 4.5 सेमी के रूप में चिह्नित है, जो रचना के बाद मापी गई है।

रचना :
1. सर्वप्रथम रेखाखंड AB = 4 सेमी खींचा।
2. बिन्दु A तथा B पर 90° का कोण बनाया।
3. बिन्दु A को केन्द्र मानकर 6 सेमी त्रिज्या का चाप लगाया जो ∠B को बिन्दु C पर काटता है।
4. बिन्दु C पर 90° का कोण बनाया जो ∠A को बिन्दु D पर काटता है,
अतः ABCD अभीष्ट आयत है । नापने पर, भुजा AD = 4.5 सेमी
In simple words: एक आयत ABCD की रचना करने के लिए, पहले AB = 4 सेमी खींचें और A तथा B पर 90° का कोण बनाएं। A से 6 सेमी का चाप लगाकर C प्राप्त करें, फिर C पर 90° का कोण बनाकर D प्राप्त करें। भुजा AD की लंबाई 4.5 सेमी आती है।

🎯 Exam Tip: आयत की रचना में 90° के कोण और विकर्ण की लंबाई का सही उपयोग महत्वपूर्ण है। भुजा AD का माप पाइथागोरस प्रमेय से भी सत्यापित किया जा सकता है।

 

Question 4. समांतर चतुर्भुज ABCD की रचना कीजिए जिसकी भुजायें 5.8 सेमी, 6.2 सेमी तथा विकर्ण 7.3 सेमी हों। इसका दूसरा विकर्ण मापकर लिखिए।
Answer:


ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक समांतर चतुर्भुज ABCD को दर्शाता है जिसमें भुजा AB 5.8 सेमी और BC 6.2 सेमी है। एक विकर्ण AC 7.3 सेमी लंबा है, और दूसरा विकर्ण BD 9.4 सेमी के रूप में मापा गया है। यह चित्र समांतर चतुर्भुज की भुजाओं और विकर्णों के बीच संबंध को दिखाता है।

रचना :
1. सर्वप्रथम रेखाखंड AB = 5.8 सेमी खींचा।
2. बिन्दु A से 7.3 सेमी तथा B से 6.2 सेमी की त्रिज्या के चाप लगाए जो एक-दूसरे को बिन्दु C पर काटते है।
3. अब C से 5.8 सेमी तथा A से 6.2 सेमी की त्रिज्या के चाप लगाए जो एक-दूसरे को बिन्दु D पर काटते हैं।
4. AC, BC, AD तथा DC को मिलाया।
अतः ABCD अभीष्ट समान्तर चतुर्भुज है। नापने पर, विकर्ण BD = 9.4 सेमी
In simple words: एक समांतर चतुर्भुज ABCD बनाने के लिए, AB (5.8 सेमी) खींचें। फिर A और B से चाप लगाकर C बिंदु प्राप्त करें (AC = 7.3 सेमी, BC = 6.2 सेमी)। अब C और A से चाप लगाकर D बिंदु प्राप्त करें (CD = 5.8 सेमी, AD = 6.2 सेमी)। सभी बिंदुओं को मिलाने पर, दूसरा विकर्ण BD 9.4 सेमी मापा गया।

🎯 Exam Tip: समांतर चतुर्भुज की रचना में विपरीत भुजाओं की समानता और विकर्णों की लंबाई का सही उपयोग महत्वपूर्ण है। रचना के बाद दूसरे विकर्ण का सटीक माप करना सुनिश्चित करें।

 

Question 5. एक आयत ABCD बनाइए जबकि AB = 5 सेमी, AC = 6 सेमी। ∠BAD मापिए ।
Answer:


ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक आयत ABCD को दर्शाता है जिसमें भुजा AB 5 सेमी लंबी है और विकर्ण AC 6 सेमी लंबा है। आयत के सभी कोण 90 डिग्री होते हैं, जिसमें ∠BAD भी शामिल है। भुजा AD की लंबाई 4.5 सेमी के रूप में दिखाई गई है।

रचना :
1. सर्वप्रथम रेखाखंड AB =5 सेमी खींचा।
2. फिर बिदु A तथा B पर 90° का कोण बनाया।
3. बिन्दु A से 6 सेमी की त्रिज्या का चाप लगाया जो बिन्दु B पर 90° के कोण को बिन्दु C पर काटता है।
4. बिन्दु C को केन्द्र मानकर 5 सेमी की त्रिज्या का चाप लगाया जो बिन्दु A पर 90° के कोण को बिन्दु D पर काटता है।
5. AC तथा CD को मिलाया।
अतः ABCD अभीष्ट आयत है। नापने पर, ∠BAD = 90°
In simple words: एक आयत ABCD की रचना के लिए, AB = 5 सेमी खींचें और A व B पर 90° के कोण बनाएं। A से 6 सेमी का चाप लगाकर C प्राप्त करें, जो B पर बने कोण को काटेगा। फिर C से 5 सेमी का चाप लगाकर D प्राप्त करें, जो A पर बने कोण को काटेगा। ∠BAD का माप 90° है।

🎯 Exam Tip: आयत के सभी आंतरिक कोण 90° होते हैं। इस गुण का उपयोग रचना करते समय कोणों को सही ढंग से बनाने के लिए किया जाता है। विकर्ण की लंबाई का उपयोग तीसरे बिंदु को खोजने में मदद करता है।

 

Question 6. एक-चतुर्भुज ABCD बनाइए, जिसमें AB = 4.1 सेमी, BC = 4.5 सेमी, CD = 3 सेमी, AD = 3.7 सेमी तथा विकर्ण AC = 4.2 सेमी ।।
Answer:


ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक चतुर्भुज ABCD को दर्शाता है जिसकी भुजाएँ AB=4.1 सेमी, BC=4.5 सेमी, CD=3.0 सेमी, और AD=3.7 सेमी हैं। विकर्ण AC 4.2 सेमी लंबा है। चित्र में सभी भुजाएँ और विकर्ण की लंबाई स्पष्ट रूप से अंकित है।

रचना :
1. सर्वप्रथम रेखाखंड AB = 4.1 सेमी खींचा।
2. फिर बिन्दु A को केन्द्र मानकर 4.2 सेमी त्रिज्या का एक चाप खींचा।
3. विन्दु B को केन्द्र मानकर 4.5 सेमी त्रिज्या का दूसरा चाप खींचा जो पहले चाप को बिन्दु C पर काटता है।
4. फिर A को केन्द्र मानकर 3.7 सेमी तथा C को केन्द्र मानकर 3 सेमी की त्रिज्या के चाप लगाएँ जो एक-दूसरे को बिन्दु D पर काटते हैं।
5. AC, BC, AD तथा CD को मिलाया।
अतः ABCD अभीष्ट चतुर्भुज है ।
In simple words: एक चतुर्भुज ABCD बनाने के लिए, पहले AB (4.1 सेमी) खींचें। फिर A (4.2 सेमी) और B (4.5 सेमी) से चाप लगाकर C प्राप्त करें। इसके बाद, A (3.7 सेमी) और C (3 सेमी) से चाप लगाकर D प्राप्त करें। सभी बिंदुओं को जोड़ने पर आवश्यक चतुर्भुज ABCD प्राप्त होता है।

🎯 Exam Tip: चतुर्भुज की रचना में, दी गई भुजाओं और विकर्णों की लंबाई का सही उपयोग करके बिंदुओं को सटीक रूप से चिह्नित करना महत्वपूर्ण है। प्रत्येक चाप और उसके प्रतिच्छेदन बिंदु को ध्यान से बनाएं।

 

Question 7. एक समबहुभुज के अन्तःकोण की माप 108° है तो उसके भुजाओं की संख्या होगी।
Answer: भुजाओं की संख्या = 5 (क्योंकि पंचभुज के अन्तःकोणों का योग = 540° होता है ।)
In simple words: किसी समबहुभुज के एक अंतःकोण का माप 108° होने पर, वह बहुभुज एक पंचभुज होता है, क्योंकि पंचभुज के सभी अंतःकोणों का योग 540° होता है, और प्रत्येक कोण 108° का होता है।

🎯 Exam Tip: समबहुभुज के अंतःकोणों के योग का सूत्र \((n-2) \times 180^\circ\) और एक अंतःकोण का सूत्र \(\frac{(n-2) \times 180^\circ}{n}\) याद रखें, जहाँ \(n\) भुजाओं की संख्या है।

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Do you offer UP Board Solutions Class 8 Maths Chapter 10 चतुर्भुज की रचनाएं in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 8 Maths. You can access UP Board Solutions Class 8 Maths Chapter 10 चतुर्भुज की रचनाएं in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Maths UP Board solutions for Class 8 as a PDF?

Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 8 Maths Chapter 10 चतुर्भुज की रचनाएं in printable PDF format for offline study on any device.