Get the most accurate UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 19 रामकृष्ण परमहंस here. Updated for the 2026 27 academic session, these solutions are based on the latest UP Board textbooks for Class 8 Hindi. Our expert-created answers for Class 8 Hindi are available for free download in PDF format.
Detailed Chapter 19 रामकृष्ण परमहंस UP Board Solutions for Class 8 Hindi
For Class 8 students, solving UP Board textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 8 Hindi solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 19 रामकृष्ण परमहंस solutions will improve your exam performance.
Class 8 Hindi Chapter 19 रामकृष्ण परमहंस UP Board Solutions PDF
पाठ का सारांश
रामकृष्ण परमहंस का जन्म 18 फरवरी, 1836 को बंगाल प्रांत के एक छोटे से गाँव कामरपुकुर में एक निर्धन परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम खुदीराम तथा माता का नाम चंद्रमणि था। इनके बचपन का नाम गदाधर था। इनमें बचपन से ईश्वर के प्रति अटूट आस्था, अपार श्रद्धा एवं प्रबल प्रेम था। सत्रह वर्ष की आयु में ये कोलकाता आ गए। कोलकाता आने के बाद इन्होंने मन ही मने संकल्प किया कि वे अपना जीवन केवल आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने में लगाएँगे। कोलकाता आने के थोड़े समय बाद ही ये कोलकाता के दक्षिणेश्वर स्थित मशहूर काली मंदिर के पुजारी बन गए। ये दिन-रात साधना में लीन रहते। दूर-दूर से लोग उनके दर्शन को आने लगे। इसी समय मुरु के रूप में इनको एक महान संत तोता राम जी मिले, जिनके सानिध्य में इन्हें देवी दर्शन एवं ज्ञान की प्राप्ति हुई। एक महान विचारक व उपदेशक के रूप में इन्होंने बहुत से लोगों को प्रेरित किया। रामकृष्ण परमहंस का महाप्रयाग 16 अगस्त 1866 को हुआ। इनके परम शिष्य परम तेजस्वी स्वामी विवेकानंद ने 'राम कृष्ण मिशन' की स्थापना की। विवेकानंद ने रामकृष्ण परमहंस के संदेशों का भारत तथा विश्व में अन्य देशों में प्रचार-प्रसार किया तथा विश्व पटल पर भारत को गौरवान्वित किया।
अभ्यास-प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए
Question 1. स्वामी रामकृष्ण परमहंस का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
Answer: स्वामी रामकृष्ण परमहंस का जन्म 18 फरवरी, 1836 को बंगाल प्रांत के एक छोटे से गाँव कामारपुकुर में हुआ था।
In simple words: रामकृष्ण परमहंस का जन्म 18 फरवरी, 1836 को बंगाल के कामारपुकुर गाँव में हुआ था।
🎯 Exam Tip: जन्म स्थान और तारीख का सही उल्लेख करना महत्वपूर्ण है।
Question 2. सत्रह वर्ष की आयु में कोलकाता आने पर रामकृष्ण ने क्या अनुभव किया?
Answer: सत्रह वर्ष की आयु में कोलकाता आने पर रामकृष्ण ने अनुभव किया कि सभी प्रकार के सांसारिक ज्ञान का लक्ष्य केवल भौतिक उन्नति ही है।
In simple words: कोलकाता आने पर रामकृष्ण ने महसूस किया कि दुनियावी ज्ञान सिर्फ सांसारिक तरक्की के लिए है।
🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में रामकृष्ण परमहंस के आध्यात्मिक विचार को स्पष्ट करना चाहिए।
Question 3. रामकृष्ण की भक्ति देखकर लोग क्यों आश्चर्य करते थे?
Answer: रामकृष्ण दिन-रात साधना में लीन रहते थे। अतः लोग राम कृष्ण की भक्ति देखकर आश्चर्य करते थे।
In simple words: लोग रामकृष्ण की दिन-रात की गहन साधना को देखकर उनकी भक्ति पर चकित रह जाते थे।
🎯 Exam Tip: यह उत्तर रामकृष्ण परमहंस की साधना की गहराई को दर्शाता है।
Question 4. रामकृष्ण परमहंस के प्रमुख उपदेशों का वर्णन कीजिए।
Answer: रामकृष्ण परमहंस के प्रमुख उपदेश निम्नलिखित हैं-
(i) कर्म के लिए भक्ति का आधार होना आवश्यक है।
(ii) उसका जन्म वृथा है जो दुर्लभ मानव जनम पाकर भी इसी जीवन में भगवान को पाने की चेष्टा नहीं करता।
(iii) जिसने आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त कर लिया, उस पर काम और लाभ का विष नहीं चढ़ता।
(iv) जब हवा चलने लगे तो पंखा छोड़ देना चाहिए परन्तु ईश्वर की कृपा जब होने लगे तो प्रार्थना तपस्या नहीं छोड़नी चाहिए।
(v) यदि तुम ईश्वर की दी गई शक्तियों को सदुपयोग नहीं करोगे तो वह अधिक नहीं देगा अर्थात ईश-कृपा के योग्य बनने के लिए भी पुरुषार्थ चाहिए।
(vi) पानी और उसका बुलबुला एक ही चीज है उसी प्रकार जीवात्मा और परमात्मा एक ही चीज है।
(vii) मैले शीशे से सूर्य की किरणों का प्रतिबिंब नही पड़ता, उसी प्रकार जिनका अंत:करण मलिन और अपवित्र है उनके हृदय में ईश्वर के प्रकाशं का प्रतिबिंब नहीं पड़ सकता।
(viii) मैं भौतिक सुखों को प्रदान करने वाली विद्या नहीं चाहता हूँ। मैं उस विद्या का चाहता हूँ। जिससे हृदय में ज्ञान का उदय होता है।
In simple words: रामकृष्ण परमहंस ने सिखाया कि भक्ति कर्म का आधार है, मानव जीवन ईश्वर प्राप्ति के लिए है, और आध्यात्मिक ज्ञान से मोह माया से मुक्ति मिलती है। उन्होंने यह भी बताया कि ईश्वर की कृपा मिलने पर साधना नहीं छोड़नी चाहिए और परमात्मा तथा जीवात्मा एक ही हैं।
🎯 Exam Tip: उपदेशों को क्रमबद्ध और स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध करना महत्वपूर्ण है। प्रत्येक उपदेश के मुख्य बिंदु को समझना चाहिए।
Question 5. रामकृष्ण परमहंस के व्यक्तित्व की विशेषताओं को अपने शब्दों में लिखिए।
Answer: रामकृष्ण परमहंस बहुत ही सरल इंसान थे। सत्रह वर्ष की आयु में वे अपने गाँव से कोलकाता आ गए। कोलकाता आने के कुछ दिनों बाद वे कोलकाता के नजदीक दक्षिणेश्वर स्थित काली मंदिर के पुजारी बन गए। वहाँ वे दिन रात साधना में लीन रहते थे। इसी समय एक महान संत तोताराम उन्हें गुरु के रूप में मिले, जिनके सानिध्य में इन्हें देवी दर्शन एवं ज्ञान की प्राप्ति हुई। रामकृष्ण जी ने अपनी आध्यात्मिक साधना के बल पर अनेक सिधियों को प्राप्त किया। एक महान विचारक एवं उपदेशक के रूप में उन्होंने बहुत से लोगों को प्रेरित किया। उनके परम शिष्य परम तेजस्वी स्वामी विवेकानंद थे। विवेकानंद जी ने अपने कुछ सहयोगियों के साथ मिलकर रामकृष्ण मिशन की स्थापना की एवं इनके. उपदेशों की भारत सहित विश्व के अनेक देशों में प्रचारित किया।
In simple words: रामकृष्ण परमहंस एक सरल व्यक्तित्व के धनी, गहन साधक और आध्यात्मिक गुरु थे, जिन्होंने कई लोगों को प्रेरित किया। उन्हें देवी दर्शन की प्राप्ति हुई और उनके शिष्य विवेकानंद ने उनके संदेशों को विश्व भर में फैलाया।
🎯 Exam Tip: व्यक्तित्व की विशेषताओं को संक्षिप्त और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करें, जिसमें उनकी साधना, गुरुत्व और प्रभाव का उल्लेख हो।
Free study material for Hindi
UP Board Solutions Class 8 Hindi Chapter 19 रामकृष्ण परमहंस
Students can now access the UP Board Solutions for Chapter 19 रामकृष्ण परमहंस prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 8 Hindi textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest UP Board syllabus.
Detailed Explanations for Chapter 19 रामकृष्ण परमहंस
Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 8 Hindi chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 8 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these UP Board Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.
Benefits of using Hindi Class 8 Solved Papers
Using our Hindi solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 8 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 19 रामकृष्ण परमहंस to get a complete preparation experience.
FAQs
The complete and updated UP Board Solutions Class 8 Hindi Chapter 19 रामकृष्ण परमहंस is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 8 Hindi are as per latest UP Board curriculum.
Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 8 Hindi Chapter 19 रामकृष्ण परमहंस as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Hindi concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 8 Hindi Chapter 19 रामकृष्ण परमहंस will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 8 Hindi. You can access UP Board Solutions Class 8 Hindi Chapter 19 रामकृष्ण परमहंस in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 8 Hindi Chapter 19 रामकृष्ण परमहंस in printable PDF format for offline study on any device.