UP Board Solutions Class 7 Hindi Chapter 18 Kartavyapalan

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Detailed Chapter 18 कार्तव्यापालन UP Board Solutions for Class 7 Hindi

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Chapter 18 कार्तव्यापालन Answers & Solutions for Class 7 Hindi (UP Board)

महत्त्वपूर्ण गद्यांश की व्याख्या

नहीं, मेरे सच्चे बहादुर मित्र .................. रहेगा।

संदर्भ: प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक 'मंजरी' के 'कर्तव्यपालन' नामक पाठ से अवतरित है। इसके लेखक रामनरेश त्रिपाठी हैं।

प्रसंग: राजा वन में वनरक्षक से मिलता है। वनरक्षक ने उसके साथ ईमानदारी से अपने कर्तव्यपालन का ध्यान रखकर समुचित व्यवहार किया। उसे पहले राजा का परिचय न था, परन्तु बाद में एक दरबारी के कुशल पूछने पर राजा को पहचाना और क्षमा माँगी ।

व्याख्या: राजा वनरक्षक पुंडरीक के कर्तव्यपालन का ध्यान रखने के कारण बहुत प्रसन्न हुआ। उसने उसे बहादुर मित्र कहा और अपनी योग्य पदवी के लिए उसे तलवार प्रमाण के रूप में भेंट की। उसके लिए एक हजार रुपया सालाना पुरस्कार भी घोषित किया जो उसे जीवनपर्यंत अपनी अच्छी सेवा के कारण मिलता रहेगा। राजा ने पुंडरीक को राजरत्न कहा।

पाठ का सार (सारांश)

राजा अँधेरे में जंगल में खड़ा है। वनरक्षक आकर पूछता है कि वह कहाँ जाएगा। वह राजा को बाहर निकलने को कहता है। राजा पूछता है कि उसे इसका क्या अधिकार है। वनरक्षक बताता है कि वह राजा का वनरक्षक पुंडरीक है। राजा स्वयं को एक राजा का अधिकारी बताता है, लेकिन पुंडरीक उस पर विश्वास नहीं करता। राजा उसकी ओर एक रुपया बढ़ाता है। पुंडरीक कहता है कि तुम (राजा) सच में एक दरबारी ही हो, जो आज छोटी रिश्वत देता है और कल के लिए बड़ा वायदा करता है परन्तु यह दरबार नहीं है। राजा कहता है “तू नीच आदमी है। तेरे बारे में ज्यादा परिचय चाहता हूँ।” पुंडरीक 'तू' और 'तेरे शब्दों के सम्बोधने से नाराज होकर कहता है, “मैं भी उतना ही भला आदमी हूँ जितने तुम हो ।” राजा मित्र कहकर उससे क्षमा माँगता है। पुंडरीक को राजा पर परिचय न देने के कारण सन्देह है। फिर भी वह राजा को राजधानी का रास्ता बताने को तैयार है। यही नहीं वह राजा को रात अपने घर में बिताने का प्रस्ताव भी देता है जिसे राजा स्वीकार लेता है। उसी समय घोड़े पर सवार सैनिक आता है और राजा से कुशल-क्षेम पूछता है। उसके द्वारा राजा को जब महाराज कहकर संबोधित किया जाता है तब पुंडरीक राजा को पहचानता है। वह राजा से क्षमा माँगता है। राजा उसे बहादुर और सच्चा मित्र कहकर अपनी तलवार, उसकी पदवी के प्रमाण के रूप में देता है तथा उसको एक हजार रुपया सालाना पुरस्कार भी जीवनभर देने की घोषणा करता है। पुंडरीक घुटने टेककर राजा को प्रणाम करता है। राजा पुंडरीक से उसे महल तक पहुंचाने के लिए कहता है। राजा उसे रात को अपने महल में मेहमान बनाकर रखता है।

प्रश्न-अभ्यास

कुछ करने को नोट- विद्यार्थी स्वयं करें ।

विचार और कल्पना नोट- विद्यार्थी स्वयं करें ।

एकांकी से

 

Question 1. राजा द्वारा ली गई परीक्षा में वनरक्षक किस प्रकार खरा उतरता है?
Answer: राजा जब वनरक्षक पुंडरीक को उसकी झोपड़ी में ठहरने देने के बदले में कुछ रुपए देना चाहते हैं, तो वनरक्षक इसे रिश्वत कहकर मना कर देता है। वह पैसे नहीं लेता है। इसके बाद, जब राजा उसे राजधानी तक अपने साथ चलने को कहते हैं, तो वनरक्षक यह कहकर मना कर देता है कि इस समय वह राजधानी नहीं जाएगा, चाहे राजा खुद भी उसे कहें। इस प्रकार, वनरक्षक अपनी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से राजा की परीक्षा में सफल होता है। वनरक्षक पुंडरीक ने अपनी जिम्मेदारी को पैसों या पद से ऊपर रखा।
In simple words: राजा ने वनरक्षक को पैसे देने चाहे, तो उसने लेने से मना कर दिया। जब राजा ने उसे अपने साथ राजधानी चलने को कहा, तो उसने अपने कर्तव्य को पूरा करने के लिए मना कर दिया। ऐसे वह राजा की परीक्षा में पास हो गया।

🎯 Exam Tip: किसी भी व्यक्ति की ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की पहचान तब होती है, जब वह प्रलोभन के सामने झुकता नहीं है।

 

Question 2. नीचे लिखे वाक्य के तीन सम्भावित उत्तर दिए गए हैं, सही उत्तर पर सही (√) का चिह्न लगाइए (चिह्न लगाकर ) राजा ने तलवार खींच ली क्योंकि
(क) वह वनरक्षक को दण्ड देना चाहता था।
(ख) वह वनरक्षक को क्षमा करना चाहता था।
(ग) वह वनरक्षक को सम्मान देना चाहता था। (√)
Answer: (ग) वह वनरक्षक को सम्मान देना चाहता था।
In simple words: राजा ने वनरक्षक की बहादुरी देखकर उसे सम्मान देना चाहा, इसलिए तलवार निकाली।

🎯 Exam Tip: बहुविकल्पीय प्रश्नों में सभी विकल्पों को ध्यान से पढ़ें और सबसे सटीक उत्तर चुनें, भले ही आपको पहला विकल्प सही लगे।

 

Question 3. वनरक्षक द्वारा परिचय पूछे जाने पर राजा क्या उत्तर देते हैं?
Answer: वनरक्षक द्वारा परिचय पूछे जाने पर राजा यह जवाब देते हैं कि उन्हें इस तरह के सवालों के जवाब देने का अभ्यास नहीं है। वह अपनी पहचान तुरंत नहीं बताना चाहते थे ताकि वनरक्षक की ईमानदारी की परीक्षा ले सकें।
In simple words: जब वनरक्षक ने राजा का परिचय पूछा, तो राजा ने कहा कि उन्हें ऐसे सवालों के जवाब देने की आदत नहीं है।

🎯 Exam Tip: पाठ आधारित प्रश्नों में, पात्रों के संवादों को याद रखना महत्वपूर्ण होता है ताकि सही उत्तर दे सकें।

 

Question 4. वनरक्षक को राजा पर क्या सन्देह होता है?
Answer: वनरक्षक को राजा पर एक बदमाश व्यक्ति होने का सन्देह होता है। उसे लगता है कि राजा कोई साधारण दरबारी है जो उसे छोटी रिश्वत देने की कोशिश कर रहा है और उसे बहका रहा है।
In simple words: वनरक्षक को लगा कि राजा एक बदमाश आदमी है।

🎯 Exam Tip: कहानी में पात्रों के बीच के संदेह या गलतफहमी वाले बिंदुओं को रेखांकित करें, क्योंकि यह कहानी के मोड़ को दर्शाते हैं।

 

Question 5. राजा द्वारा यह कहने पर कि यदि एक रुपया कम हो तो सवेरे और भी दूंगा, वनरक्षक ने राजदरबार और दरबारी का कैसा चित्र खींचा?
Answer: राजा के यह कहने पर कि यदि एक रुपया कम पड़ गया तो वह सुबह और दे देगा, वनरक्षक ने राजदरबार और वहाँ के दरबारियों का ऐसा चित्र खींचा कि वे छोटे-मोटे कामों के लिए भी रिश्वत लेते या देते हैं। उसे लगा कि दरबार में सच्चाई से काम नहीं होता है और हर काम के लिए मोल-भाव होता है।
In simple words: वनरक्षक ने कहा कि राजदरबार के लोग हर छोटे काम के लिए रिश्वत लेते या देते हैं, जैसे राजा कर रहा था।

🎯 Exam Tip: पात्रों के संवादों से उनके विचारों और धारणाओं को समझने का प्रयास करें, यह उनकी चारित्रिक विशेषताओं को उजागर करता है।

 

Question 6. वनरक्षक को उसकी नेकी और ईमानदारी का क्या फल मिला?
Answer: वनरक्षक पुंडरीक को उसकी नेकी और ईमानदारी के लिए एक तलवार मिली। इसके साथ ही उसे जीवन भर के लिए हर साल 1000 रुपये का पुरस्कार भी दिया गया। यह उसकी सेवा और कर्तव्यनिष्ठा का सम्मान था, जिससे उसकी पहचान एक सच्चे और बहादुर व्यक्ति के रूप में हुई।
In simple words: वनरक्षक को उसकी ईमानदारी के लिए राजा से एक तलवार और हर साल 1000 रुपये का इनाम मिला।

🎯 Exam Tip: किसी भी कहानी में अच्छे कर्मों के परिणाम को हमेशा याद रखें, क्योंकि यह अक्सर नैतिक शिक्षा का मुख्य बिंदु होता है।

 

Question 7. एकांकी में वनरक्षक के व्यक्तित्व की किन-किन विशेषताओं का पता चलता है?
Answer: इस एकांकी से वनरक्षक के व्यक्तित्व की कई महत्वपूर्ण विशेषताएँ सामने आती हैं। वह कर्तव्यनिष्ठ, ईमानदार, राजा के प्रति वफादार, बहादुर और अपनी बात कहने में स्पष्टवादी है। उसकी निडरता और सच्चाई ने राजा को प्रभावित किया और उसे सम्मान दिलवाया।
In simple words: वनरक्षक बहुत कर्तव्यनिष्ठ, ईमानदार, राजा का सम्मान करने वाला, बहादुर और सच बोलने वाला व्यक्ति था।

🎯 Exam Tip: किसी पात्र की विशेषताओं को बताने के लिए कहानी में उसके कार्यों और संवादों पर ध्यान दें।

 

भाषा की बात

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दों में से उपसर्ग और प्रत्यय युक्त शब्दों को छाँटकर अलग-अलग लिखिए ( छाँटकर )
Answer:
उपसर्ग वाले शब्द: अभिमान, विशेष, सम्मान।
प्रत्यय वाले शब्द: चमकीला, सच्चाई, ईमानदारी, प्रसन्नता, पुरस्कार, निकलकर।
ये शब्द मूल शब्द में उपसर्ग या प्रत्यय जोड़कर बने हैं और उनके अर्थ में परिवर्तन लाते हैं।
In simple words: कुछ शब्द ऐसे होते हैं जिनके आगे (उपसर्ग) या पीछे (प्रत्यय) कुछ और जुड़कर नया शब्द बनाते हैं।

🎯 Exam Tip: उपसर्ग शब्द के पहले जुड़कर अर्थ बदलते हैं (जैसे 'अभि-मान'), जबकि प्रत्यय शब्द के अंत में जुड़कर नया अर्थ देते हैं (जैसे 'चमक-ईला')।

 

Question 2. निम्नलिखित शब्दों के अर्थ लिखकर उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए (प्रयोग करके
Answer:

शब्दअर्थवाक्य प्रयोग
तिरस्कारअवहेलनाराजा ने वनरक्षक का तिरस्कार करते हुए उसे नीच कहा।
यकीनविश्वासमुझे पूरा यकीन है कि सच हमेशा सामने आता है।
मुनासिबउचितआपको जो मुनासिब लगे, वही फैसला करें।
रिश्वतघूससरकारी दफ्तर में रिश्वत लेना एक जुर्म है।
ढिठाईअकड़ के साथबच्चों को बड़ों से ढिठाई से बात नहीं करनी चाहिए।
फर्जकर्तव्यहर नागरिक का फर्ज है कि वह अपने देश की सेवा करे।
प्रत्येक शब्द का सही अर्थ जानना और उसे वाक्य में इस्तेमाल करना भाषा को मजबूत बनाता है। यह शब्दों के सही प्रयोग की समझ को बढ़ाता है।
In simple words: इन शब्दों का अर्थ समझकर हमने इन्हें वाक्यों में इस्तेमाल किया है, ताकि उनका मतलब साफ हो सके।

🎯 Exam Tip: शब्दार्थ और वाक्य प्रयोग में, अर्थ को स्पष्ट रूप से लिखें और वाक्य ऐसा बनाएं जिससे शब्द का सही उपयोग दिखे।

 

Question 3. निम्नलिखित वाक्यांशों के लिए एक-एक शब्द लिखिए (लिखकर )
(क) किसी बात की परवाह न करने वाला।
(ख) वन की रक्षा करने वाला।
(ग) जो विश्वास करने योग्य हो।
(घ) जो रिश्वत लेता हो।
(ङ) जो क्षमा करने योग्य न हो।
Answer:
(क) किसी बात की परवाह न करने वाला - लापरवाह
(ख) वन की रक्षा करने वाला - वनरक्षक
(ग) जो विश्वास करने योग्य हो - विश्वसनीय
(घ) जो रिश्वत लेता हो - रिश्वतखोर
(ङ) जो क्षमा करने योग्य न हो - अक्षम्य
ये सभी शब्द कई शब्दों के समूह को छोटे रूप में बताते हैं, जिससे भाषा संक्षिप्त और स्पष्ट बनती है।
In simple words: हमने लंबे वाक्यों के लिए एक छोटा शब्द लिखा है।

🎯 Exam Tip: वाक्यांशों के लिए एक शब्द लिखते समय, दिए गए वाक्यांश के मुख्य भाव को समझें और फिर सबसे उपयुक्त एकल शब्द चुनें।

 

Question 4. नीचे दिये गये वाक्यों में से सरल वाक्य, संयुक्त वाक्य और मिश्रित वाक्य अलग-अलग कीजिए ( अलग-अलग करके)
(क) मुझे पता तो चल गया कि मैं मनुष्य भी हूँ ।
(ख) आज मेरा सारा अभिमान मुझे झूठा जाने पड़ रहा है ।
(ग) तुम कहाँ रहते हो और करते क्या हो ?
(घ) मैंने माना कि तुम दरबारी हो, आज के लिए तो एक छोटी और कल के लिए एक बड़ा-सा वादा।
Answer:
(क) मुझे पता तो चल गया कि मैं मनुष्य भी हूँ। - मिश्रित वाक्य
(ख) आज मेरा सारा अभिमान मुझे झूठा जाने पड़ रहा है। - सरल वाक्य
(ग) तुम कहाँ रहते हो और करते क्या हो? - संयुक्त वाक्य
(घ) मैंने माना कि तुम दरबारी हो, आज के लिए तो एक छोटी और कल के लिए एक बड़ा-सा वादा। - मिश्रित वाक्य
वाक्यों के प्रकार को समझना भाषा के सही प्रयोग और संरचना के लिए महत्वपूर्ण है। इससे वाक्यों को बेहतर ढंग से समझा और बनाया जा सकता है।
In simple words: हमने वाक्यों को पहचाना है कि कौन-सा वाक्य सरल है, कौन-सा संयुक्त और कौन-सा मिश्रित है।

🎯 Exam Tip: सरल वाक्य में एक ही क्रिया होती है, संयुक्त वाक्य में दो या दो से अधिक सरल वाक्य 'और', 'या' जैसे शब्दों से जुड़े होते हैं, और मिश्रित वाक्य में एक मुख्य वाक्य के साथ एक या अधिक आश्रित वाक्य होते हैं।

 

Question 5. नोट- विद्यार्थी स्वयं करें ।

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