UP Board Solutions Class 7 Agricultural Science Chapter 3 Bhu Parishkaran

Step-by-Step Textbook Solutions for Class 7 Agricultural Science Chapter 03 भू परिश्करण

Access comprehensive textbook solutions for Chapter 03 भू परिश्करण using the official curriculum guides for Class 7 Agricultural Science. Designed to align with the 2026 27 UP Board standards, these detailed answers help students reinforce core academic concepts.

Download Chapter 03 भू परिश्करण Textbook Solutions PDF

View or download the dedicated Chapter 03 भू परिश्करण solution resource below. Engaging with these textbook answers under focused study conditions ensures continuous academic progress and mastery of the 2026 27 curriculum for Agricultural Science.

भू-परिष्करण

अभ्यास

 

Question 1. सही पर सही (√) का निशान लगाइए
(i) भू-परिष्करण से
(क) केवल जल का संचार होता है।
(ख) केवल वायु का संचार होता है।
(ग) जल एवं वायु दोनों का संचार होता है। (√)
(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं।
Answer: (ग) जल एवं वायु दोनों का संचार होता है।
In simple words: भू-परिष्करण मिट्टी को ढीला करता है, जिससे हवा और पानी दोनों आसानी से मिट्टी में जा पाते हैं। यह पौधों के लिए बहुत अच्छा होता है।

🎯 Exam Tip: भू-परिष्करण के प्राथमिक लाभों में वायु और जल संचार का महत्व समझना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये दोनों ही पौधों के विकास के लिए आवश्यक हैं।

 

(ii) पाटा लगाने से
(क) केवल बड़े-बड़े ढेले टूटते हैं।
(ख) केवल छोटे-छोटे ढेले टूटते हैं।
(ग) बड़े एवं छोटे दोनों प्रकार के ढेले टूटते हैं। (√)
(घ) ढेले टूटते नहीं हैं।
Answer: (ग) बड़े एवं छोटे दोनों प्रकार के ढेले टूटते हैं।
In simple words: पाटा चलाने से खेत में बड़े और छोटे दोनों तरह के मिट्टी के ढेले टूटकर समतल हो जाते हैं। इससे खेत बुवाई के लिए तैयार हो जाता है।

🎯 Exam Tip: पाटा लगाने का मुख्य उद्देश्य मिट्टी को समतल करना और ढेलों को तोड़ना है, जो बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनाता है।

 

(iii) पतली पपड़ी या टिल्थ से
(क) मृदा की नमी नष्ट हो जाती है।
(ख) मृदा की नमी बढ़ जाती है।
(ग) मृदा की नमी सुरक्षित रहती है। (√)
(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं।
Answer: (ग) मृदा की नमी सुरक्षित रहती है।
In simple words: मिट्टी की पतली पपड़ी, जिसे टिल्थ कहते हैं, मिट्टी के ऊपर एक परत बना देती है। यह परत सूरज की गर्मी से मिट्टी की नमी को उड़ने से रोकती है, जिससे नमी बनी रहती है।

🎯 Exam Tip: पतली पपड़ी या टिल्थ बनाकर मिट्टी की नमी को बचाना एक प्रभावी तरीका है, जो जल संरक्षण में मदद करता है।

 

(iv) मिट्टी चढ़ाने से-
(क) कंदवाली फसलों को नुकसान होता है।
(ख) कंदवाली फसलों को लाभ होता है। (√)
(ग) कंदवाली फसलों को लाभ एवं नुकसान होता है।
(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं।
Answer: (ख) कंदवाली फसलों को लाभ होता है।
In simple words: मिट्टी चढ़ाने से कंदवाली फसलें जैसे आलू और शकरकंद को बहुत फायदा होता है। मिट्टी चढ़ाने से उनके कंदों को बढ़ने के लिए ज़्यादा जगह और सहारा मिलता है, जिससे पैदावार अच्छी होती है।

🎯 Exam Tip: मिट्टी चढ़ाना कंदवाली फसलों के लिए एक महत्वपूर्ण कृषि क्रिया है, जो उन्हें अधिक उपज देने और सुरक्षित रखने में मदद करती है।

 

(v) बाहर से अन्दर की जुताई-
(क) सीधे-सीधे करते हैं।
(ख) तिरछे-तिरछे करते हैं।
(ग) गोल-आकार में करते हैं।
(घ) बाहर से अन्दर की ओर करते हैं। (√)
Answer: (घ) बाहर से अन्दर की ओर करते हैं।
In simple words: जब खेत की जुताई बाहर से केंद्र की तरफ की जाती है, तो इसे बाहर से अंदर की जुताई कहते हैं। यह खेत के किनारों से शुरू होकर बीच में खत्म होती है।

🎯 Exam Tip: विभिन्न जुताई विधियों को समझना महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रत्येक विधि का अपना विशिष्ट उद्देश्य और प्रभाव होता है।

 

(vi) देशी हल से
(क) मिट्टी की खुदाई होती है।
(ख) मिट्टी की पलटाई होती है।
(ग) मिट्टी की जुताई होती है। (√)
(घ) मिट्टी की सिंचाई होती है।
Answer: (ग) मिट्टी की जुताई होती है।
In simple words: देशी हल का उपयोग मुख्य रूप से खेत में मिट्टी को खोदने और उलटने के लिए किया जाता है। यह मिट्टी को ढीला करने और उसे खेती के लिए तैयार करने में मदद करता है, जिसे हम जुताई कहते हैं।

🎯 Exam Tip: देशी हल का पारंपरिक उपयोग मिट्टी की जुताई के लिए होता है, जो बीज बोने से पहले खेत तैयार करने का एक मूलभूत कदम है।

 

Question 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
Answer:
(i) भू-परिष्करण से भूमि की उर्वरा शक्ति **बढ़** जाती है।
(ii) पाटा लगाने से कृषि कार्यों में **सुविधा** होती है।
(iii) मिट्टी चढ़ाने से कंद **बड़े** बनते हैं।
(iv) पटियों में जुताई **पहाड़ी** भागों में की जाती है।
(v) उथली जुताई में भूमि को **10-20** सेमी० की गहराई तक जुताई करते हैं।
(vi) कुदाल से खेत की **गुडाई** होती है।
In simple words: यहाँ पर कृषि से जुड़े अलग-अलग कामों के प्रभाव बताए गए हैं। भू-परिष्करण से मिट्टी उपजाऊ बनती है, पाटा लगाने से काम आसान होता है, मिट्टी चढ़ाने से कंद बड़े होते हैं, पहाड़ी इलाकों में पटियों वाली जुताई होती है, उथली जुताई कम गहराई पर होती है, और कुदाल से गुडाई की जाती है।

🎯 Exam Tip: रिक्त स्थानों की पूर्ति करते समय, दिए गए विकल्पों और वाक्य के संदर्भ को ध्यान से समझें ताकि सही शब्द का चुनाव किया जा सके।

 

Question 3. निम्नलिखित कथनों में सही पर सही (√) तथा गलत पर (x) का निशान लगाइए-
Answer:
(क) भू-परिष्करण द्वारा भूमि की भौतिक एवं रासायनिक दशाओं में सुधार होता है। (√)
(ख) पाटा लगाने से खेत ऊबड़-खाबड़ हो जाता है। (X)
(ग) मृदा की ऊपरी सतह पर बनी पपड़ी मृदा नमी को नष्ट कर देती है। (X)
(घ) पाटा लगाने से बीजों का अंकुरण अच्छा होता है। (√)
(ङ) मिट्टी चढ़ाने से गन्ने की फसलें अधिक वर्षा एवं तेज हवा से गिर जाती है। (X)
(च) अन्दर से बाहर की ओर जुताई में खेत के एक कोने से प्रारंभ करके धीरे-धीरे अन्दर की ओर ले जाते हैं। (X)
(छ) गहरी जुताई को उथली जुताई भी कहते हैं। (X)
(ज) देशी हल आधुनिक हल है। (X)
In simple words: यहाँ खेती से जुड़ी कुछ बातों के सही या गलत होने की पहचान की गई है। भू-परिष्करण मिट्टी को बेहतर बनाता है और पाटा लगाने से बीज अच्छे उगते हैं, ये बातें सही हैं। वहीं पाटा लगाने से खेत ऊबड़-खाबड़ होना या गहरी जुताई को उथली जुताई कहना गलत है।

🎯 Exam Tip: सही/गलत प्रश्नों में प्रत्येक कथन को ध्यान से पढ़ें और कृषि विज्ञान के सिद्धांतों के आधार पर उसका मूल्यांकन करें।

 

Question 4. निम्नलिखित में स्तम्भ 'क' को स्तम्भ 'ख' से मिलाइए (मिलान करके)-
Answer:
स्तम्भ 'क' को स्तम्भ 'ख' से सही मिलाना इस प्रकार है:
(i) देशी हल - जुताई
(ii) मेस्टन हल - मिट्टी पलटना
(iii) कंदवाली फसल - मिट्टी चढ़ाना
(iv) डिबलर - बीज बोने का यंत्र
In simple words: यहाँ खेती के अलग-अलग उपकरणों और उनके कामों को मिलाया गया है। देशी हल जुताई करता है, मेस्टन हल मिट्टी पलटता है, कंदवाली फसलों में मिट्टी चढ़ाई जाती है, और डिबलर से बीज बोए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: कृषि उपकरणों और उनके विशिष्ट कार्यों को याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह कृषि पद्धतियों की समझ को बढ़ाता है।

 

Question 5. भूमि का कटाव किस क्रिया द्वारा कम हो जाता है?
Answer: भूमि का कटाव **भू-परिष्करण** द्वारा कम हो जाता है। भू-परिष्करण से मिट्टी की ऊपरी परत ढीली और भुरभुरी हो जाती है, जिससे बारिश या हवा से मिट्टी के बहने की संभावना कम हो जाती है। यह मिट्टी को अपनी जगह पर बनाए रखने में मदद करता है।
In simple words: भू-परिष्करण करने से मिट्टी का कटाव रुक जाता है।

🎯 Exam Tip: मृदा कटाव को रोकने में भू-परिष्करण की भूमिका को याद रखें, क्योंकि यह मिट्टी की संरचना को सुधारकर उसे स्थायित्व प्रदान करता है।

 

Question 6. कन्दवाली फसलों के नाम लिखिए।
Answer: कंदवाली फसलों के नाम हैं: शकरकन्द, आलू, अरबी और बंडा। ये फसलें अपनी जड़ों में भोजन जमा करती हैं और उन्हें जमीन के अंदर उगाया जाता है।
In simple words: शकरकन्द, आलू, अरबी और बंडा कंदवाली फसलें हैं।

🎯 Exam Tip: कंदवाली फसलों के उदाहरणों को याद रखना महत्वपूर्ण है, जो भूमिगत भागों में भोजन जमा करती हैं।

 

Question 7. कौन-सी फसल मिट्टी न चढ़ाने से तेज हवा से गिर जाती है?
Answer: **गन्ना** की फसल अगर उस पर मिट्टी न चढ़ाई जाए, तो तेज हवा से आसानी से गिर जाती है। गन्ने के पौधों को मजबूत सहारा देने के लिए उन पर मिट्टी चढ़ाना बहुत जरूरी होता है।
In simple words: गन्ना की फसल मिट्टी न चढ़ाने पर तेज हवा से गिर जाती है।

🎯 Exam Tip: गन्ने जैसी लंबी फसलों के लिए मिट्टी चढ़ाने के महत्व को समझें, क्योंकि यह उन्हें प्राकृतिक आपदाओं से बचाता है।

 

Question 8. अन्दर से बाहर की ओर जुताई विधि का सचित्र वर्णन कीजिए।
Answer: **अन्दर से बाहर की ओर जुताई**
अन्दर से बाहर की ओर जुताई वह विधि है जहाँ खेत की जुताई बीच से शुरू होकर धीरे-धीरे बाहर की तरफ की जाती है। इस विधि में, किसान पहले खेत के बीचो-बीच से जुताई करना शुरू करता है और फिर हल को बाहर की ओर ले जाता है, जिससे जुताई का पैटर्न बाहर की ओर बढ़ता जाता है। इस तरह की जुताई से खेत के बीच का हिस्सा ऊंचा रह जाता है। इस विधि का उपयोग तब किया जाता है जब खेत में लगातार बाहर से अंदर की ओर जुताई करने से तल नीचा हो जाता है।
 

In simple words: इस जुताई में खेत के बीच से शुरू करके हल को बाहर की तरफ ले जाया जाता है। यह तरीका तब अच्छा होता है जब खेत के किनारे नीचे हो गए हों, जिससे खेत का बीच वाला हिस्सा थोड़ा ऊंचा हो जाता है।

🎯 Exam Tip: जुताई की विभिन्न विधियों, जैसे अंदर से बाहर और बाहर से अंदर, के बीच का अंतर और उनके उपयोग के विशिष्ट कारणों को याद रखें।

 

Question 9. गहरी जुताई क्यों की जाती है? यदि गहरी जुताई न की जाये तो क्या नुकसान होगा?
Answer: **गहरी जुताई** भूमि में 40 सेमी या उससे अधिक गहराई तक की जाती है। इसके दो मुख्य उद्देश्य होते हैं: पहला, मिट्टी में नमी को लंबे समय तक सुरक्षित रखना और दूसरा, भूमि की निचली कठोर परत को तोड़ना। यह निचली कठोर परत पौधों की जड़ों को गहराई तक जाने से रोकती है। यदि गहरी जुताई न की जाए, तो मिट्टी में नमी ठीक से सुरक्षित नहीं रह पाएगी और पौधों की जड़ें भी मिट्टी में गहराई तक नहीं पहुँच पाएंगी, जिससे फसल की वृद्धि पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
In simple words: गहरी जुताई इसलिए करते हैं ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे और नीचे की सख्त परत टूट जाए। अगर यह नहीं करेंगे तो मिट्टी में नमी कम हो जाएगी और पौधों की जड़ें ठीक से नहीं बढ़ पाएंगी।

🎯 Exam Tip: गहरी जुताई के दोहरे लाभों – नमी संरक्षण और कठोर परत तोड़ने – को समझें और यह भी जानें कि इसे न करने पर क्या नुकसान हो सकते हैं।

 

Question 10. देशी हल बनाकर उसके भागों के नाम लिखिए।
Answer: देशी हल के मुख्य भाग इस प्रकार हैं:
1. **हरीस:** यह हल का वह भाग होता है जिसे बैल या अन्य पशुओं से जोड़ा जाता है।
2. **मुठिया:** यह वह हैंडल है जिसे किसान पकड़कर हल को नियंत्रित करता है।
3. **हत्या:** यह भी हैंडल का ही एक हिस्सा होता है, जो किसान को पकड़ने में मदद करता है।
4. **परोठा:** यह लकड़ी का वह हिस्सा होता है जो हल की फार को सहारा देता है।
5. **लोहे की फार:** यह हल का सबसे निचला और नुकीला हिस्सा होता है, जो मिट्टी में घुसकर उसे चीरता है।
 

हरीस मुठिया हत्या परोठा लोहे की फार देशी हल

In simple words: देशी हल में कुछ खास हिस्से होते हैं। सबसे आगे 'हरीस' होता है जिसे बैल खींचते हैं। किसान जिस डंडे को पकड़ता है उसे 'मुठिया' या 'हत्या' कहते हैं। हल के निचले हिस्से को 'परोठा' और मिट्टी खोदने वाले नुकीले लोहे के हिस्से को 'लोहे की फार' कहते हैं।

🎯 Exam Tip: देशी हल के विभिन्न भागों और उनके कार्यों को समझें, क्योंकि यह कृषि उपकरणों के मूलभूत ज्ञान को दर्शाता है।

 

Question 11. डिबलर का चित्र बनाइए।
Answer: डिबलर का चित्र यहाँ उपलब्ध नहीं है। यह एक छोटा औजार होता है जिसका उपयोग छोटे पौधों या बीजों को जमीन में बोने के लिए छेद बनाने में किया जाता है। इसमें आमतौर पर एक नुकीला सिरा और एक हैंडल होता है।
In simple words: डिबलर से जमीन में छोटे छेद बनाकर बीज या पौधे लगाए जाते हैं। इसका चित्र यहाँ नहीं दिया गया है।

🎯 Exam Tip: डिबलर एक सरल कृषि उपकरण है जिसका उपयोग बागवानी और छोटे पैमाने की खेती में बुवाई के लिए किया जाता है। इसके कार्य को समझना महत्वपूर्ण है।

 

Question 12. शून्य भू-परिष्करण का क्या अर्थ है? इसके लाभ एवं हानियाँ बताइये।
Answer: **शून्य भू-परिष्करण** का अर्थ है कि बिना जुताई किए, पिछली फसल के अवशेषों (जैसे डंठल) में ही सीधे अगली फसल की बुवाई कर देना। इसमें मिट्टी को पलटा या ढीला नहीं किया जाता है।

**शून्य भू-परिष्करण के लाभ:**
1. खेती की लागत में कमी आती है, क्योंकि जुताई का खर्च बच जाता है।
2. मृदा क्षरण (मिट्टी का कटाव) कम होता है, क्योंकि मिट्टी की ऊपरी परत बनी रहती है।
3. मृदा संरचना को प्राकृतिक रूप से बनाए रखने में मदद मिलती है।
4. श्रम (मेहनत) और धन की बचत होती है।

**शून्य भू-परिष्करण के हानि:**
1. मृदा में सख्त सतह बन सकती है, क्योंकि मिट्टी को ढीला नहीं किया जाता।
2. पिछली फसल के बचे हुए कीटों और रोगों का असर अगली फसल पर हो सकता है।
3. खरपतवारों को नियंत्रित करने के लिए शाकनाशी (खरपतवारनाशक) रसायनों का अधिक प्रयोग करना पड़ सकता है।
In simple words: शून्य भू-परिष्करण का मतलब है कि बिना खेत जोते ही सीधे बीज बो देना। इससे पैसे और मेहनत बचते हैं और मिट्टी का कटाव भी कम होता है। लेकिन इसमें मिट्टी सख्त हो सकती है, पुराने कीड़े-मकोड़े फसल को नुकसान पहुँचा सकते हैं और खरपतवार मारने वाली दवाइयाँ ज़्यादा इस्तेमाल करनी पड़ सकती हैं।

🎯 Exam Tip: शून्य भू-परिष्करण की परिभाषा, उसके लाभ और हानियों को विस्तार से याद रखें, क्योंकि यह आधुनिक कृषि की एक महत्वपूर्ण तकनीक है।

UP Board Solutions for Class 7 Agricultural Science Chapter 03 भू परिश्करण

Official UP Board Solutions for Chapter 03 भू परिश्करण

Review comprehensive exercise answers for Class 7 Agricultural Science Chapter 03 भू परिश्करण. Fully updated to match current UP Board syllabus guidelines, these textbook solutions help students verify their work and maintain accurate study notes.

Step-by-Step Explanations for Chapter 03 भू परिश्करण

Clear, methodical explanations accompany every challenging problem within the Class 7 Agricultural Science text. Engaging with these detailed answers lays a solid foundation for advanced learning and improves foundational clarity for upcoming assessments.

Next Steps in Your Agricultural Science Revision

These resources act as an effective roadmap for daily homework tasks and independent study. Supplement your review of Chapter 03 भू परिश्करण with official sample papers and interactive practice tests available on our platform free of charge.

FAQs

Where can I find the latest UP Board Solutions Class 7 Agricultural Science Chapter 3 भू परिश्करण for the 2026 27 session?

The complete and updated UP Board Solutions Class 7 Agricultural Science Chapter 3 भू परिश्करण is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 7 Agricultural Science are as per latest UP Board curriculum.

Are the Agricultural Science UP Board solutions for Class 7 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 7 Agricultural Science Chapter 3 भू परिश्करण as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Agricultural Science concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 7 UP Board solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 7 Agricultural Science Chapter 3 भू परिश्करण will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer UP Board Solutions Class 7 Agricultural Science Chapter 3 भू परिश्करण in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 7 Agricultural Science. You can access UP Board Solutions Class 7 Agricultural Science Chapter 3 भू परिश्करण in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Agricultural Science UP Board solutions for Class 7 as a PDF?

Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 7 Agricultural Science Chapter 3 भू परिश्करण in printable PDF format for offline study on any device.