UP Board Solutions Class 6 Maths Chapter 9 Lamb aur samantar rekhayein

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अभ्यास 9(a)

 

प्रश्न 1. अपने आस-पास की वस्तुओं से समान्तर रेखाओं के युग्मों के चार उदाहरण दीजिए।
Answer: समान्तर रेखाओं के युग्मों के चार उदाहरण इस प्रकार हैं:
(i) मेज के आमने-सामने के किनारे।
(ii) कमरे के फर्श के आमने-सामने के किनारे।
(iii) स्केल के आमने-सामने के किनारे।
(iv) ब्लेड की धारें।
ये सभी वस्तुएँ हमारे दैनिक जीवन में समान्तर रेखाओं का आसान उदाहरण प्रस्तुत करती हैं, जहाँ रेखाएँ कभी नहीं मिलतीं।
In simple words: अपने आस-पास से समान्तर रेखाओं के चार उदाहरण बताइए। मेज के किनारे, कमरे के फर्श के किनारे, स्केल के किनारे और ब्लेड की धारें समान्तर रेखाओं के अच्छे उदाहरण हैं।

🎯 Exam Tip: जब भी उदाहरण दें, सुनिश्चित करें कि रेखाएँ वास्तव में समान्तर हों और कभी आपस में न मिलें।

 

प्रश्न 2. चित्र में l और m दो समान्तर रेखाएँ हैं। AB और CD इनके बीच की लम्बवत दूरी है, यदि AB = 3 सेमी, तो CD की लम्बाई बताइए।
Answer: चित्र में रेखाएँ l और m समान्तर हैं, और AB तथा CD इनके बीच की लम्बवत दूरी दर्शाती हैं। समान्तर रेखाओं के बीच की लम्बवत दूरी हर जगह समान होती है। इसलिए, यदि AB = 3 सेमी है, तो CD की लम्बाई भी 3 सेमी होगी।
In simple words: समान्तर रेखाओं के बीच की दूरी हमेशा एक जैसी रहती है। अगर AB 3 सेमी है, तो CD भी 3 सेमी होगी।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि समान्तर रेखाओं के बीच की लम्बवत दूरी हमेशा स्थिर रहती है; यह एक महत्वपूर्ण ज्यामितीय गुण है।

 

प्रश्न 3. चित्र में आयत ABCD के नाप लिखे गए हैं।
(i) क्या AB || CD है? यदि है तो क्यों?
(ii) क्या AD || BC है? यदि है तो क्यों?
Answer:
(i) हाँ, AB || CD है क्योंकि एक आयत में सम्मुख भुजाएँ समान्तर होती हैं और उनके बीच की लम्बवत दूरी (जैसे AD और BC) समान होती है। यह आयत के मूल गुणों में से एक है।
(ii) हाँ, AD || BC है क्योंकि एक आयत में सम्मुख भुजाएँ समान्तर होती हैं और उनके बीच की लम्बवत दूरी (जैसे AB और CD) समान होती है। समान्तर रेखाओं के बीच की दूरी हमेशा बराबर होती है।
In simple words: (i) हाँ, AB और CD समान्तर हैं, क्योंकि आयत की आमने-सामने की भुजाएँ हमेशा समान्तर होती हैं और उनके बीच की दूरी एक जैसी होती है। (ii) हाँ, AD और BC भी समान्तर हैं, क्योंकि आयत की आमने-सामने की भुजाएँ हमेशा समान्तर होती हैं।

🎯 Exam Tip: आयत की परिभाषा और उसके गुणों को याद रखें, जैसे कि उसकी सम्मुख भुजाएँ समान्तर होती हैं और सभी कोण 90 डिग्री के होते हैं।

अभ्यास 9(b)

 

प्रश्न 1. पार्श्व चित्र में तिर्यक रेखाओं की पहचान कर अपनी अभ्यास पुस्तिका पर लिखिए।
Answer: चित्र में, दो रेखाओं को काटने वाली रेखाओं को तिर्यक रेखाएँ कहते हैं। इस चित्र में रेखाएँ n तथा k, तिर्यक रेखाएँ हैं। वे दो अन्य रेखाओं को अलग-अलग बिंदुओं पर काटती हैं।
In simple words: चित्र में, n और k रेखाएँ तिर्यक रेखाएँ हैं। तिर्यक रेखा वह होती है जो दो या दो से अधिक रेखाओं को काटती है।

🎯 Exam Tip: तिर्यक रेखा हमेशा दो या दो से अधिक रेखाओं को अलग-अलग बिंदुओं पर काटती है, जिससे विभिन्न प्रकार के कोण बनते हैं।

 

प्रश्न 2. पार्श्व चित्र में बताइए कि रेखा AB और रेखा CD के अन्तःक्षेत्र और बाह्य क्षेत्र में क्रमशः कौन-कौन से बिन्दु हैं।
Answer: जब एक तिर्यक रेखा दो रेखाओं को काटती है, तो उनके बीच का क्षेत्र अन्तःक्षेत्र कहलाता है, और उनके बाहर का क्षेत्र बाह्य क्षेत्र कहलाता है। चित्र के अनुसार:
रेखा AB और CD के अन्तःक्षेत्र में स्थित बिन्दु G, H और J हैं।
और बाह्य क्षेत्र में स्थित बिन्दु I, K और L हैं।
इन क्षेत्रों को समझना कोणों को पहचानने में मदद करता है।
In simple words: AB और CD रेखाओं के बीच के बिन्दु (G, H, J) अन्तःक्षेत्र में हैं। इन रेखाओं के बाहर के बिन्दु (I, K, L) बाह्य क्षेत्र में हैं।

🎯 Exam Tip: अन्तःक्षेत्र दो रेखाओं के बीच का क्षेत्र होता है, जबकि बाह्य क्षेत्र उन रेखाओं के बाहर का क्षेत्र होता है।

 

प्रश्न 3. पार्श्व चित्र को देखकर रिक्त स्थानों की पूर्ति अपनी अभ्यास पुस्तिका पर कीजिए-
Answer: चित्र को देखकर, रिक्त स्थान इस प्रकार भरे जा सकते हैं:
(i) ∠2 और ∠8 एकान्तर कोण हैं। एकान्तर कोण तिर्यक रेखा के विपरीत दिशा में और समान्तर रेखाओं के अंदर होते हैं।
(ii) ∠2 और ∠6 संगत कोण हैं। संगत कोण तिर्यक रेखा के एक ही ओर और समान स्थिति में होते हैं।
(iii) ∠2 और ∠5 तिर्यक रेखा के एक ही ओर स्थित अन्तः कोण हैं। ये कोण समान्तर रेखाओं के अंदर एक ही तरफ होते हैं।
(iv) ∠3 और ∠8 तिर्यक रेखा के एक ही ओर स्थित कोण हैं।
In simple words: चित्र को देखकर बताइए कि ∠2 और ∠8 एकान्तर कोण हैं, ∠2 और ∠6 संगत कोण हैं, ∠2 और ∠5 तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अन्तः कोण हैं, और ∠3 और ∠8 तिर्यक रेखा के एक ही ओर स्थित कोण हैं।

🎯 Exam Tip: एकान्तर, संगत और अन्तः कोणों की परिभाषाओं को अच्छे से समझें ताकि आप उन्हें किसी भी चित्र में पहचान सकें।

 

प्रश्न 4. पार्श्व चित्र को देखकर उत्तर दीजिए।
Answer: चित्र को देखकर कोणों के युग्म इस प्रकार हैं:
(i) एकान्तर कोणों के युग्म: ∠2, ∠3 तथा ∠6, ∠7। ये कोण तिर्यक रेखा के विपरीत दिशा में और रेखाओं के अंदर या बाहर होते हैं।
(ii) संगत कोणों के युग्म: ∠1, ∠3; ∠7, ∠4; ∠2, ∠5 तथा ∠8, ∠6। ये कोण तिर्यक रेखा के एक ही ओर और समान स्थिति में होते हैं।
(iii) तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अन्तः कोणों के युग्म: ∠2, ∠6 तथा ∠7, ∠3। ये कोण समान्तर रेखाओं के अंदर एक ही तरफ होते हैं।
(iv) तिर्यक रेखा के एक ही ओर स्थित बाह्य कोणों के युग्म: ∠1, ∠8 तथा ∠4, ∠5। ये कोण समान्तर रेखाओं के बाहर एक ही तरफ होते हैं।
In simple words: चित्र में एकान्तर कोणों के जोड़े ∠2, ∠3 और ∠6, ∠7 हैं। संगत कोणों के जोड़े ∠1, ∠3; ∠7, ∠4; ∠2, ∠5 और ∠8, ∠6 हैं। तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अन्तः कोणों के जोड़े ∠2, ∠6 और ∠7, ∠3 हैं। तिर्यक रेखा के एक ही ओर स्थित बाह्य कोणों के जोड़े ∠1, ∠8 और ∠4, ∠5 हैं।

🎯 Exam Tip: विभिन्न प्रकार के कोणों के युग्मों को पहचानने का अभ्यास करें, खासकर जब रेखाएँ समान्तर न हों तब भी ये कोण बनते हैं।

अभ्यास 9(c)

 

प्रश्न 1. निम्नांकित चित्रों में दो रेखाओं l और m को एक तिर्यक रेखा t काटती है। कुछ कोणों के माप भी लिखे गए हैं। बताइए कि क्या l और m समान्तर हैं? यदि है तो इसका कारण बताइए। यदि समान्तर नहीं हैं तो उसका भी कारण बताइए।
Answer: हम प्रत्येक स्थिति को अलग-अलग देखते हैं:
(i) चित्र में, एक कोण 50° दिया गया है। तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अन्तः कोणों का योग 180° होना चाहिए यदि रेखाएँ समान्तर हों। एक अन्य कोण \( \angle 1 \) है।
\( \angle 1 + 50^\circ = 180^\circ \)
\( \implies \angle 1 = 180^\circ - 50^\circ = 130^\circ \)
चित्र में दिया गया संगत कोण 120° है, जो \( \angle 1 \) के बराबर नहीं है।
\( \implies \angle 1 \neq 120^\circ \)
क्योंकि संगत कोण बराबर नहीं हैं, इसलिए l और m समान्तर नहीं हैं।

(ii) चित्र में, एक कोण 125° दिया गया है।
\( \angle 1 + 125^\circ = 180^\circ \)
\( \implies \angle 1 = 180^\circ - 125^\circ = 55^\circ \)
चित्र में दिया गया संगत कोण 60° है, जो \( \angle 1 \) के बराबर नहीं है।
\( \implies \angle 1 \neq 60^\circ \)
क्योंकि संगत कोण बराबर नहीं हैं, इसलिए l और m समान्तर नहीं हैं।

(iii) चित्र में, एक कोण 35° दिया गया है।
\( \angle 1 + 35^\circ = 180^\circ \)
\( \implies \angle 1 = 180^\circ - 35^\circ = 145^\circ \)
चित्र में दिया गया संगत कोण 135° है, जो \( \angle 1 \) के बराबर नहीं है।
\( \implies \angle 1 \neq 135^\circ \)
क्योंकि संगत कोण बराबर नहीं हैं, इसलिए l और m समान्तर नहीं हैं।
In simple words: (i) यदि रेखाएँ समान्तर होतीं, तो कोणों का योग 180 डिग्री होता या संगत कोण बराबर होते। यहाँ संगत कोण बराबर नहीं हैं (130 डिग्री और 120 डिग्री), इसलिए रेखाएँ समान्तर नहीं हैं। (ii) यहाँ भी संगत कोण बराबर नहीं हैं (55 डिग्री और 60 डिग्री), इसलिए रेखाएँ समान्तर नहीं हैं। (iii) यहाँ भी संगत कोण बराबर नहीं हैं (145 डिग्री और 135 डिग्री), इसलिए रेखाएँ समान्तर नहीं हैं।

🎯 Exam Tip: समान्तर रेखाओं के लिए संगत कोण, एकान्तर कोण और तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अन्तः कोणों के गुणों को हमेशा याद रखें। यदि ये गुण संतुष्ट नहीं होते हैं, तो रेखाएँ समान्तर नहीं होंगी।

 

प्रश्न 2. चित्र में AB || CD और CD || EF, क्या AB || EF ? कारण बताइए।
Answer: हाँ, AB || EF है। इसका कारण 'समान्तरता का संक्रामक गुण' है।
यदि AB || CD है, तो संगत कोण ∠1 और ∠2 बराबर होंगे।
\( \implies \angle 1 = \angle 2 \) (संगत कोण)
इसी प्रकार, यदि CD || EF है, तो संगत कोण ∠2 और ∠3 बराबर होंगे।
\( \implies \angle 2 = \angle 3 \) (संगत कोण)
चूँकि ∠1 = ∠2 और ∠2 = ∠3, इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि ∠1 = ∠3।
\( \implies \angle 1 = \angle 3 \)
चूँकि ∠1 और ∠3 संगत कोण हैं और वे बराबर हैं, इसलिए रेखाएँ AB और EF समान्तर होंगी।
In simple words: हाँ, AB और EF समान्तर हैं। यदि पहली रेखा दूसरी के समान्तर है और दूसरी रेखा तीसरी के समान्तर है, तो पहली रेखा भी तीसरी के समान्तर होगी। इसे समान्तरता का संक्रामक गुण कहते हैं।

🎯 Exam Tip: समान्तरता का संक्रामक गुण (Transitive Property of Parallelism) यह कहता है कि यदि दो रेखाएँ एक ही तीसरी रेखा के समान्तर हों, तो वे आपस में भी समान्तर होती हैं।

 

प्रश्न 3. चित्र में, ∠1 और ∠2 समान हैं। कारण बताइए जिससे यह सिद्ध हो सके कि l || m
Answer: चित्र में, रेखाएँ l और m को एक तिर्यक रेखा काट रही है, और ∠1 तथा ∠2 संगत कोण हैं। यदि संगत कोण बराबर होते हैं, तो रेखाएँ समान्तर होती हैं। यही कारण है कि ∠1 = ∠2 होने पर रेखा l, रेखा m के समान्तर होगी।
\( \angle 1 = \angle 2 \) (संगत कोण)
संगत कोण बराबर हैं \( \implies \) l || m.
In simple words: चित्र में, ∠1 और ∠2 संगत कोण हैं। जब संगत कोण बराबर होते हैं, तो रेखाएँ समान्तर होती हैं। इसलिए l और m समान्तर हैं।

🎯 Exam Tip: संगत कोणों के बराबर होने की स्थिति समान्तर रेखाओं को सिद्ध करने के लिए सबसे सामान्य कसौटियों में से एक है।

दक्षता अभ्यास-9

 

प्रश्न 1. नीचे दिए गए चित्रों को देखकर एकान्तर कोणों के युग्म लिखिए-
Answer: चित्र को देखकर एकान्तर कोणों के युग्म इस प्रकार हैं:
(i) ∠AQR और ∠QRD आंतरिक एकान्तर कोणों का युग्म है। इसी प्रकार, ∠BQR और ∠QRC भी आंतरिक एकान्तर कोणों का युग्म है। एकान्तर कोण तिर्यक रेखा के विपरीत ओर बनते हैं।
(ii) ∠1 और ∠4 बाहरी एकान्तर कोणों का युग्म है। इसी तरह, ∠2 और ∠3 भी बाहरी एकान्तर कोणों का युग्म है।
In simple words: चित्र में, एकान्तर कोणों के जोड़े (i) ∠AQR और ∠QRD, तथा ∠BQR और ∠QRC हैं। (ii) ∠1 और ∠4, तथा ∠2 और ∠3 भी एकान्तर कोणों के जोड़े हैं।

🎯 Exam Tip: आंतरिक एकान्तर कोण और बाहरी एकान्तर कोण दोनों को पहचानने का अभ्यास करें; वे तिर्यक रेखा के विपरीत दिशा में होते हैं।

 

प्रश्न 2. नीचे दिए गए चित्रों में समान्तर रेखाओं के जोड़े को बताइए तथा तिर्यक रेखाओं के नाम लिखिए-
Answer: चित्र को देखकर समान्तर रेखाओं के जोड़े और तिर्यक रेखाएँ इस प्रकार हैं:
(i) यहाँ, AC || ED समान्तर रेखाएँ हैं। तिर्यक रेखाएँ AB और BC हैं, जो इन समान्तर रेखाओं को काटती हैं।
(ii) यहाँ, AB || EC समान्तर रेखाएँ हैं। तिर्यक रेखाएँ AC और BD हैं, जो इन समान्तर रेखाओं को काटती हैं।
समान्तर रेखाएँ कभी मिलती नहीं, और तिर्यक रेखाएँ उन्हें काटती हैं।
In simple words: (i) इस चित्र में AC और ED समान्तर रेखाएँ हैं, और AB, BC तिर्यक रेखाएँ हैं। (ii) इस चित्र में AB और EC समान्तर रेखाएँ हैं, और AC, BD तिर्यक रेखाएँ हैं।

🎯 Exam Tip: एक आकृति में समान्तर रेखाओं और तिर्यक रेखाओं को पहचानने के लिए, देखें कि कौन सी रेखाएँ कभी नहीं मिलेंगी और कौन सी रेखाएँ उन्हें काट रही हैं।

 

प्रश्न 3. नीचे दिए गये चित्रों में तिर्यक रेखाओं द्वारा समान्तर रेखाओं पर बने अन्तः कोणों को बताइए।
Answer: चित्र में, F और G समान्तर रेखाएँ हैं, और AB तथा AC तिर्यक रेखाएँ हैं।
तिर्यक रेखा AB द्वारा F और G पर बने अन्तः कोण: ∠EDB तथा ∠CBD हैं।
तिर्यक रेखा AC द्वारा F और G पर बने अन्तः कोण: ∠DEC तथा ∠BCE हैं।
ये सभी कोण समान्तर रेखाओं के बीच में बनते हैं।
In simple words: AB रेखा द्वारा बनने वाले अंदर के कोण ∠EDB और ∠CBD हैं। AC रेखा द्वारा बनने वाले अंदर के कोण ∠DEC और ∠BCE हैं।

🎯 Exam Tip: अन्तः कोण हमेशा समान्तर रेखाओं के 'अंदर' (बीच में) और तिर्यक रेखा के अलग-अलग या एक ही ओर स्थित होते हैं।

 

प्रश्न 4. यहाँ दिए गए चित्र को देखकर बताइए-
(i) संगत कोणों के जोड़े कौन-कौन से हैं?
(ii) तिर्यक रेखा के एक ओर बने अन्तः कोणों के जोड़े कौन से हैं?
(iii) एकान्तर कोणों के जोड़े कौन-कौन से हैं।
Answer: चित्र को देखकर कोणों के जोड़े इस प्रकार हैं:
(i) संगत कोणों के जोड़े: ∠1, ∠2 तथा ∠3, ∠5। संगत कोण तिर्यक रेखा के एक ही ओर और समान स्थिति में होते हैं।
(ii) तिर्यक रेखा के एक ओर बने अन्तः कोणों के जोड़े: ∠3, ∠2। ये कोण समान्तर रेखाओं के अंदर और तिर्यक रेखा के एक ही तरफ होते हैं।
(iii) एकान्तर कोणों के जोड़े: ∠3, ∠4। ये कोण समान्तर रेखाओं के अंदर और तिर्यक रेखा के विपरीत तरफ होते हैं।
In simple words: (i) संगत कोण ∠1 और ∠2, तथा ∠3 और ∠5 हैं। (ii) तिर्यक रेखा के एक ओर के अंदर वाले कोण ∠3 और ∠2 हैं। (iii) एकान्तर कोण ∠3 और ∠4 हैं।

🎯 Exam Tip: प्रत्येक प्रकार के कोण की पहचान के लिए, उनकी स्थिति (तिर्यक रेखा के किस ओर, रेखाओं के अंदर या बाहर) पर ध्यान दें।

 

प्रश्न 5. यदि दो समान्तर रेखाओं को कोई तिर्यक रेखा काटे, तो निम्नलिखित कथनों में से सही कथनों को छाँटिए (छाँटकर)-
(i) एकान्तर कोणों के दो जोड़े बनते हैं।
(ii) प्रत्येक अन्तःकोण के लिए एक संगत कोण होता है।
(iii) संगत कोण सदैव बराबर होते हैं।
(iv) संगत कोण एक दूसरे के संपूरक होते हैं।
(v) एकान्तर कोण सदैव बराबर होते हैं।
Answer: जब दो समान्तर रेखाओं को एक तिर्यक रेखा काटती है, तो सही कथन इस प्रकार हैं:
(i) एकान्तर कोणों के दो जोड़े बनते हैं। (सही) - ये आंतरिक और बाहरी दोनों तरह के हो सकते हैं।
(ii) प्रत्येक अन्तःकोण के लिए एक संगत कोण होता है। (सही) - यह कोणों की स्थिति के अनुसार होता है।
(iii) संगत कोण सदैव बराबर होते हैं। (सही) - यह समान्तर रेखाओं का एक महत्वपूर्ण गुण है।
(iv) संगत कोण एक दूसरे के संपूरक होते हैं। (गलत) - संगत कोण बराबर होते हैं, संपूरक नहीं (संपूरक कोणों का योग 180° होता है)।
(v) एकान्तर कोण सदैव बराबर होते हैं। (सही) - यह भी समान्तर रेखाओं का एक महत्वपूर्ण गुण है।
In simple words: (i) एकान्तर कोणों के दो जोड़े होते हैं - यह सही है। (ii) हर अंदर के कोण का एक संगत कोण होता है - यह सही है। (iii) संगत कोण हमेशा बराबर होते हैं - यह सही है। (iv) संगत कोण एक-दूसरे के संपूरक होते हैं - यह गलत है, वे बराबर होते हैं। (v) एकान्तर कोण हमेशा बराबर होते हैं - यह सही है।

🎯 Exam Tip: समान्तर रेखाओं और तिर्यक रेखा द्वारा बनने वाले कोणों के गुणों को अच्छी तरह याद कर लें: संगत कोण बराबर होते हैं, एकान्तर कोण बराबर होते हैं, और तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अन्तः कोण संपूरक होते हैं।

 

प्रश्न 6. नीचे दिए गए चित्र में ∠QRS कितना होगा, जबकि PQ || RS
Answer: चित्र में, रेखा PQ और RS समान्तर हैं, और QR एक तिर्यक रेखा है।
जब दो समान्तर रेखाओं को एक तिर्यक रेखा काटती है, तो एकान्तर कोण बराबर होते हैं।
इसलिए, ∠QRS और ∠PQR एकान्तर कोण हैं।
दिया गया है कि ∠PQR = \( 30^\circ \)
अतः, ∠QRS = ∠PQR = \( 30^\circ \)
In simple words: चित्र में, PQ और RS समान्तर रेखाएँ हैं। ∠QRS और ∠PQR एकान्तर कोण हैं, और जब रेखाएँ समान्तर होती हैं तो एकान्तर कोण बराबर होते हैं। इसलिए, ∠QRS का मान भी \( 30^\circ \) होगा।

🎯 Exam Tip: यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि समान्तर रेखाओं के बीच एकान्तर कोण हमेशा बराबर होते हैं। चित्र को ध्यान से देखकर कोणों को पहचानें।

 

प्रश्न 7. 5.4 सेमी का रेखाखण्ड खीचिंए। इससे 3.2 सेमी दूरी पर गुनिया और पटरी की सहायता से एक समान्तर रेखा खींचिए।
Answer: एक रेखाखण्ड से दी गई दूरी पर समान्तर रेखा खींचने के चरण इस प्रकार हैं:
(i) सबसे पहले, 5.4 सेमी लम्बाई का एक रेखाखण्ड AB खींचिए। इस रेखाखण्ड पर कहीं भी एक बिन्दु C अंकित कीजिए।
(ii) गुनिया की सहायता से, बिन्दु C पर रेखा AB के लम्बवत एक रेखा CD खींचिए। लम्बवत रेखा 90 डिग्री का कोण बनाती है।
(iii) अब, पटरी का उपयोग करके, रेखा CD पर बिन्दु C से 3.2 सेमी की दूरी पर बिन्दु N अंकित कीजिए।
(iv) अंत में, गुनिया की सहायता से बिन्दु N पर रेखा CD के लम्बवत एक और रेखा PQ खींचिए। यह रेखा PQ, रेखा AB के समान्तर होगी।
In simple words: पहले 5.4 सेमी की एक सीधी रेखा AB खींचें। फिर AB पर एक बिन्दु C लेकर, C पर CD नाम की एक सीधी खड़ी रेखा (लंब) खींचें। CD पर C से 3.2 सेमी दूर एक बिन्दु N लगाएँ। अब N पर CD के लंबवत एक और रेखा PQ खींचें। यही PQ रेखा AB के समान्तर होगी।

🎯 Exam Tip: ज्यामितीय रचनाओं में, लंब खींचने और माप लेने के लिए गुनिया (सेट-स्क्वायर) और पटरी का सही उपयोग महत्वपूर्ण है। सभी चरण स्पष्ट और सटीक होने चाहिए।

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