UP Board Solutions Class 6 Hindi Chapter 17 Badal Chale Gaye Ve

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UP Board Textbook Solutions for Class 6 Hindi Chapter 17 बादल चले गए वे

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Class 6 Hindi Chapter 17 बादल चले गए वे Textbook Solutions with Answers

समस्त पधाशों की व्याख्या

बना बना कर ................................... चले गए वे ।

संदर्भ: प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक 'मंजरी' के 'बादल चले गए वे' नामक कविता से ली गई हैं। इसके रचयिता त्रिलोचन जी हैं।

प्रसंग: प्रस्तुत कविता में कवि ने बादलों के माध्यम से सुख और दुख के आने-जाने की बात कही है। जैसे बादल आते हैं और फिर चले जाते हैं, वैसे ही जीवन में सुख और दुख भी आते-जाते रहते हैं।

व्याख्या: बादलों ने अपने सुंदर, रंग-बिरंगे रूप से खाली आकाश को सजा दिया। आकाश में मधुर संगीत की तरह अलग-अलग रंग दिखने लगे, जिससे आकाश की शोभा ने मन को मोह लिया। फिर वे बादल चले गए।

आसमान अब ................................... चले गए वे ।

संदर्भ और प्रसंग: पूर्ववत्।

व्याख्या: बादलों के चले जाने के बाद आकाश साफ नीला-नीला और स्वच्छ दिखाई दे रहा था। वह दूर-दूर तक रसीले और गहरे रंग से सजा हुआ था। धरती पीली से हरी-भरी और रस से भर गई थी। सर्दी के मौसम में सुबह की ओस से भीगी हुई धरती चमक रही थी, यानी बादलों के बरसने से धरती की सुंदरता सभी को अपनी ओर खींच रही थी। फिर वे बादल चले गए।

दो दिन दुःखे ................................... जैसे रहकर ।

संदर्भ और प्रसंग: पूर्ववत्।

व्याख्या: संसार में दो दिन सुख और दो दिन दुख का चक्र लगातार चलता रहता है। असल में, सुख और दुख एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं। मनुष्य के जीवन में हँसी और आँसुओं की नई लहरें आती-जाती रहती हैं। बादल इस तरह आए थे, जैसे दो दिनों के लिए मेहमान आते हैं और फिर चले जाते हैं, ठीक वैसे ही सुख और दुख का आना-जाना लगा रहता है।

 

प्रश्न-अभ्यास

कुछ करने को

Question. (क) बादल से संबंधित अन्य गीत, कविताओं का संकलन कीजिए ।
Answer:
(i) पक्षी और बादल
ये भगवान के डाकिये हैं,
जो एक बड़े देश से
दूसरे बड़े देश को जाते हैं।
हम तो यह समझ नहीं पाते हैं,
मगर उनकी लाई चिट्ठियाँ
पेड़, पौधे, पानी और पहाड़ पढ़ते हैं।
हम तो बस यह सोचते हैं
कि एक देश की धरती
दूसरे देश को अपनी खुशबू भेजती है।
और वह खुशबू हवा में तैरती है।
और एक देश का भाप
दूसरे देश में पानी बनकर गिरता है।
(ii) मेरा कोई धर्म नहीं, मेरी कोई जाति नहीं,
मैं निस्वार्थ भाव से दुनिया की सेवा करता हूँ।
मैं बादल हूँ। बस बरस पड़ता हूँ।
चाहे मंदिर की ईंटें हों, चाहे मस्जिद की
दीवार अपने पानी से धोकर नई करता हूँ।
मैं बादल हूँ, बस बरस पड़ता हूँ।
चाहे गरीब की क्यारी हो, चाहे राजा की फुलवारी हो,
मैं बूँदों के मोती गिराकर हरा करता हूँ।
मैं बादल हूँ। बस बरस पड़ता हूँ।
चाहे भारत की धरती हो, चाहे पाक की धरती हो,
मैं सबकी प्यास बुझाने की कोशिश करता हूँ।
मैं बादल हूँ। बस बरस पड़ता हूँ।
In simple words: प्रश्न में बादलों से संबंधित कविताएँ लिखने को कहा गया है, जो ऊपर दी गई हैं। ये कविताएँ बादलों के महत्व और उनकी निस्वार्थ सेवा को बताती हैं।

🎯 Exam Tip: जब कविताओं का संकलन करने को कहा जाए, तो पूरी कविता को स्पष्ट और सही ढंग से प्रस्तुत करें।

 

Question. (ख) बादल कैसे बनते हैं? पता लगाकर लिखिए।
Answer: नदियों, झीलों, तालाबों और समुद्रों का पानी सूरज की गर्मी से भाप में बदल जाता है। यह भाप हवा में मिलकर ऊपर उठती है। यह भाप से भरी गर्म हवा हल्की होकर आसमान में ऊपर चली जाती है। जब यह हवा एक जगह जमा होती है, तो यह बादलों का रूप ले लेती है। यही प्रक्रिया हमें बारिश के रूप में पानी लौटाती है।
In simple words: सूरज की गर्मी से पानी भाप बनता है। यह भाप ऊपर जाकर बादल बन जाती है।

🎯 Exam Tip: जलचक्र की प्रक्रिया को सरल और क्रमबद्ध तरीके से समझाएँ, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बादल कैसे बनते हैं।

 

विचार और कल्पना

 

Question 1. बताइए- आपको बादल कब-कब अच्छे लगते हैं, कब नहीं?
Answer: बादल गर्मियों के मौसम में बहुत अच्छे लगते हैं, खासकर जब तेज धूप हो और अचानक आसमान में काले-काले बादल छा जाएँ और ठंडी हवा चलने लगे। बादलों से मौसम सुहावना हो जाता है। इसके उलट, सर्दियों में बादल अच्छे नहीं लगते क्योंकि वे सूरज को ढक लेते हैं और मौसम को और भी ठंडा कर देते हैं, जिससे बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है।
In simple words: गर्मी में बादल बहुत अच्छे लगते हैं, जब वे धूप से राहत देते हैं। सर्दी में वे अच्छे नहीं लगते, क्योंकि वे ठंड बढ़ा देते हैं।

🎯 Exam Tip: अपने अनुभव के आधार पर उत्तर दें, लेकिन वाक्यों को स्पष्ट और तार्किक बनाएँ। दोनों स्थितियों (कब अच्छे लगते हैं और कब नहीं) का कारण जरूर बताएँ।

 

Question 2. आसमान में बादलों को उमड़ता-घुमड़ता देखकर कुछ लोग प्रसन्न हो जाते हैं और कुछ चिंचित । नीचे लिखे नामों में कौन प्रसन्न होता है और कौन चिंचित? कारण भी लिखिए – किसान, यात्री, मोर, कुम्भकार,
Answer:
किसान: बादल देखकर प्रसन्न होते हैं, क्योंकि उनकी फसलों को पानी की जरूरत होती है और बादल ही बारिश लाकर यह जरूरत पूरी करते हैं। बादलों का आना उनके लिए अच्छी फसल का संकेत होता है।
यात्री: बादल देखकर चिंतित हो जाते हैं, क्योंकि बारिश के कारण उनकी यात्रा में रुकावट आ सकती है या उन्हें कहीं जाने में दिक्कत हो सकती है।
मोर: मोर की पसंदीदा ऋतु वर्षा है। बादल देखकर वह खुश हो जाता है और मनमोहक नृत्य करता है। यह उसके स्वभाव में शामिल है।
कुम्हार: कुम्हार चिंतित होते हैं, क्योंकि उन्हें अपने मिट्टी के बर्तन धूप में सुखाने होते हैं। अगर बारिश हो जाए तो उनके बर्तन गल सकते हैं और उनका काम खराब हो सकता है।
In simple words: किसान और मोर बादल देखकर खुश होते हैं, क्योंकि उन्हें बारिश की जरूरत होती है। यात्री और कुम्हार चिंतित होते हैं, क्योंकि बारिश उनके काम में बाधा डाल सकती है।

🎯 Exam Tip: हर व्यक्ति के लिए खुशी या चिंता का कारण स्पष्ट रूप से समझाएँ। अपने उत्तर में हर एक नाम का उल्लेख करें और उसका कारण बताएं।

 

Question 3. आपने इन्द्रधनुष देखा होगा, सोचकर बताइए कि इन्द्रधनुष में कौन-कौन से रंग होते हैं तथा इन्द्रधनुष कैसे बनते हैं।
Answer: इंद्रधनुष में सात रंग होते हैं: हरा, नीला, पीला, नारंगी, बैंगनी, आसमानी और लाल। इंद्रधनुष बरसात के दिनों में बनता है जब सूरज की किरणें हवा में मौजूद पानी की छोटी-छोटी बूँदों से गुजरती हैं। ये बूँदें प्रिज्म की तरह काम करती हैं और सूरज की सफेद रोशनी को सात रंगों में बाँट देती हैं, जिससे हमें आसमान में एक सुंदर रंगीन चाप दिखाई देता है।
In simple words: इंद्रधनुष में सात रंग होते हैं। यह तब बनता है जब सूरज की रोशनी बारिश की बूँदों से होकर गुजरती है।

🎯 Exam Tip: इंद्रधनुष के सभी सात रंगों का सही क्रम में उल्लेख करें और उसके बनने की प्रक्रिया को सरल शब्दों में समझाएँ।

 

कविता से

 

Question 1. निम्नलिखित पद्यांशों के भाव स्पष्ट कीजिए –
Answer: इस प्रश्न में पद्यांशों का भाव स्पष्ट करने को कहा गया है। इसके लिए विद्यार्थी संबंधित व्याख्या भाग पढ़ें, जहाँ कविताओं की विस्तृत व्याख्या दी गई है। यह भाग कविता के हर अंश का गहरा अर्थ समझाता है।
In simple words: छात्रों को कविता का अर्थ समझने के लिए पहले दिया गया व्याख्या वाला हिस्सा पढ़ना चाहिए।

🎯 Exam Tip: जब किसी पद्यांश का भाव स्पष्ट करने को कहा जाए, तो कविता के मुख्य विषय और कवि के संदेश को सरल शब्दों में प्रस्तुत करें।

 

Question 2. निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए (स्पष्ट करके) –
Answer:
• रंग दिखाया – इसका मतलब है रंगीन शोभा या सुंदर दृश्य दिखाना।
• चित्त चुराया – इसका अर्थ है मन को मोह लेना या किसी चीज से बहुत आकर्षित होना।
• श्याम-सजीला – यह गहरे नीले या काले रंग से सजा हुआ या सुंदर दिखना बताता है।
• नवल-तरंगी – इसका मतलब है सुख-दुख की नई-नई लहरें, यानी जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव।
इन वाक्यांशों से कवि ने प्राकृतिक दृश्यों और मानवीय भावनाओं को व्यक्त किया है।
In simple words: यहाँ कुछ शब्दों का मतलब समझाया गया है, जैसे 'रंग दिखाया' का मतलब सुंदर दिखना और 'चित्त चुराया' का मतलब मन मोह लेना है।

🎯 Exam Tip: हर वाक्यांश का अर्थ स्पष्ट और सीधा लिखें। जहाँ संभव हो, एक या दो छोटे वाक्यों में उसका आशय समझाएँ।

 

Question 3. कविता में कुल तीन पद हैं। तीनों पदों के तुकान्त शब्दों के अलग-अलग जोड़ा बनाकर लिखिए।
Answer: कविता के तीनों पदों के तुकान्त शब्द जोड़े इस प्रकार हैं:
• सजाया-चुराया
• सजीला-गीला
• दुख-सुख
ये शब्द कविता को एक लय और प्रवाह देते हैं।
In simple words: कविता के तीन हिस्सों के आखिर में जो शब्द एक जैसी आवाज वाले हैं, वे हैं सजाया-चुराया, सजीला-गीला और दुख-सुख।

🎯 Exam Tip: तुकान्त शब्द लिखते समय ध्यान दें कि वे कविता के प्रत्येक पद के अंतिम या समान ध्वनि वाले शब्द हों।

 

Question 4. बादल की तुलना पाहुन से क्यों की गयी है?
Answer: बादल की तुलना पाहुन (मेहमान) से की गई है क्योंकि वे मेहमान की तरह थोड़े समय के लिए आते हैं और फिर चले जाते हैं। जैसे मेहमान घर में कुछ दिनों के लिए आकर वापस चला जाता है, वैसे ही बादल भी दो दिन रहकर गायब हो जाते हैं। यह तुलना बादलों की अस्थिर प्रकृति को दर्शाती है।
In simple words: बादल की तुलना मेहमान से की गई है क्योंकि वे मेहमान की तरह थोड़े समय के लिए आते हैं और फिर चले जाते हैं।

🎯 Exam Tip: तुलना के पीछे का मुख्य कारण स्पष्ट करें। यहाँ बादलों के थोड़े समय के लिए आने और फिर चले जाने को मेहमान के आने-जाने से जोड़कर समझाएँ।

 

भाषा की बात

 

Question 1. दुःख-सुख में दोनों शब्द एक-दूसरे के विपरीतार्थी हैं। इसी तरह के पाँच शब्द-युग्म लिखिए ।
Answer: दुख-सुख की तरह पाँच विपरीतार्थी (उल्टे अर्थ वाले) शब्द-युग्म इस प्रकार हैं:
• आयात - निर्यात
• उन्नति - अवनति
• एक - अनेक
• मान - अपमान
• आस्तिक - नास्तिक
ये शब्द भाषा में विविधता लाते हैं और अर्थ को स्पष्ट करने में मदद करते हैं।
In simple words: दुख-सुख जैसे उल्टे अर्थ वाले पाँच शब्द जोड़े यहाँ दिए गए हैं।

🎯 Exam Tip: विपरीतार्थी शब्द-युग्म लिखते समय यह सुनिश्चित करें कि दोनों शब्दों का अर्थ एक-दूसरे से बिल्कुल उल्टा हो।

 

Question 2. निम्नलिखित शब्दों के तीन-तीन पर्यायवाची लिखिए (लिखकर) –
Answer: दिए गए शब्दों के तीन-तीन पर्यायवाची शब्द इस प्रकार हैं:
• आकाश - नभ, गगन, अम्बर
• धरती – धरा, वसुधा, पृथ्वी
• प्रभात – सुबह, भोर, प्रातःकाल
• बादल - मेघ, घन, जलधर
पर्यायवाची शब्द किसी भी भाषा को समृद्ध बनाते हैं।
In simple words: यहाँ कुछ शब्दों के तीन-तीन समान अर्थ वाले शब्द दिए गए हैं।

🎯 Exam Tip: पर्यायवाची शब्द लिखते समय, हर शब्द के लिए कम से कम तीन सही पर्यायवाची याद रखें।

 

Question 3. कविता में आए उन शब्दों को छाँटकर लिखिए जिनका अर्थ आपको नहीं पता है।
• इन शब्दों के अर्थ शब्दकोश से ढूंढकर लिखिए।
• अब इन शब्दों का पने वाक्यों में प्रयोग कीजिए ।
Answer: इस प्रश्न का उत्तर छात्रों को स्वयं करना है। उन्हें कविता से ऐसे शब्द चुनने हैं जिनके अर्थ उन्हें नहीं पता, फिर शब्दकोश से उनके अर्थ ढूंढने हैं और उन शब्दों का अपने वाक्यों में प्रयोग करना है।
उदाहरण -

शब्दअर्थवाक्य
शिशिरजाड़ा, शीतकालशिशिर ऋतु में आग तापना बहुत अच्छा लगता है।
चित्तहृदय, मनउसका चित्त उदास है।


In simple words: छात्रों को कविता से नए शब्द ढूंढने हैं, उनके अर्थ जानने हैं, और फिर उन शब्दों से वाक्य बनाने हैं।

🎯 Exam Tip: यह गतिविधि शब्दावली को मजबूत करने में मदद करती है। चुने गए शब्द कविता से ही होने चाहिए और उनके वाक्य सही ढंग से बने हों।

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