Get the most accurate UP Board Solutions for Class 6 Hindi Chapter 16 सूफी संत निज़ामुद्दीन और अमीर खुसरो here. Updated for the 2026 27 academic session, these solutions are based on the latest UP Board textbooks for Class 6 Hindi. Our expert-created answers for Class 6 Hindi are available for free download in PDF format.
Detailed Chapter 16 सूफी संत निज़ामुद्दीन और अमीर खुसरो UP Board Solutions for Class 6 Hindi
For Class 6 students, solving UP Board textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 6 Hindi solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 16 सूफी संत निज़ामुद्दीन और अमीर खुसरो solutions will improve your exam performance.
Class 6 Hindi Chapter 16 सूफी संत निज़ामुद्दीन और अमीर खुसरो UP Board Solutions PDF
UP Board Solutions for Class 6 Hindi Chapter 16 सूफी सन्त : निजामुद्दीन और अमीर खुसरो (महान व्यक्तित्व)
पाठ का सारांश
शेख निजामुद्दीन औलिया – शेख निजामुद्दीन औलिया का जन्म 1236 ई. में बदायूँ में हुआ था। पिता के निधन के बाद माता जुलेखा ने उनका पालन-पोषण किया। उन्होंने बदायूँ के बाद आगे की शिक्षा दिल्ली में प्राप्त की और जल्द ही वे एक प्रसिद्ध विद्वान बन गए। प्रसिद्ध सूफी संत हजरत ख्वाजा फरीदुद्दीन ने शेख निजामुद्दीन को अपना शिष्य बनाकर आध्यात्मिक चिंतन और साधना का रहस्य सिखाया। उन्होंने अजोधन से दिल्ली आकर गयासपुर में एक मठ की स्थापना की। 1265 ई. में बाबा फरीद की मृत्यु के बाद वे उनके उत्तराधिकारी बने। शेख का नाम दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में प्रसिद्ध हो गया। उनकी खानकाह (मठ) में अच्छे कव्वाल आते थे। उनमें गरीबों के प्रति करुणा थी। खानकाह में उनका भंडारा सभी के लिए खुला रहता था। उनकी शिष्य-मण्डली में सभी वर्गों और क्षेत्रों के लोग थे। उन्होंने जीवनभर मानव प्रेम का प्रचार किया। निजामुद्दीन औलिया अपने शिष्यों का ध्यान हमेशा सामाजिक उत्तरदायित्व की ओर आकर्षित करते रहे। 1325 ई. में उनका निधन हो गया।
मानवता के प्रति प्रेम और सेवा भावना जैसे गुणों के कारण निजामुद्दीन औलिया को महबूब-ए-इलाही का दर्जा मिला। आज भी उनकी मजार पर लाखों लोग मन्नत मांगते और श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
अमीर खुसरो – शेख निजामुद्दीन औलिया के शिष्य अमीर खुसरो का जन्म 1253 ई. में एटा के पटियाली कस्बे में हुआ था। उनके पिता अमीर सैफुद्दीन महमूद प्रकृति, कला और काव्य से प्रेम करते थे। अमीर खुसरो को खिलजी सुल्तानों ने अपने दरबार में कवि, साहित्यकार और संगीतज्ञ के रूप में सम्मान दिया। अमीर खुसरो को फारसी, हिन्दी, संस्कृत, अरबी आदि भाषाओं का ज्ञान था। उनकी रचनाओं में भारत की जलवायु, फल-फूल और पशु-पक्षी की प्रशंसा मिलती है। खुसरो ने दिल्ली को बगदाद से बेहतर माना। उन्होंने भारतीय दर्शन को यूनान और रोम से श्रेष्ठ बताया।
खुसरो की मुकरियां और पहेलियां भारतीय जनता में बहुत पसंद की जाती हैं। हिंदी कृतियों के कारण इन्हें आम लोगों में बहुत लोकप्रियता मिली। उनकी हिंदी रचनाओं में गीत, दोहे, पहेलियां और मुकरियां खास तौर पर मशहूर हैं। अमीर खुसरो को भारतीय होने पर गर्व था। अमीर खुसरो बहुत अच्छे संगीतकार थे। उन्होंने कई नए राग बनाए। गायन में 'खयाल' अमीर खुसरो की ही देन है। उन्होंने सितार का आविष्कार किया और मृदंग को सुधारकर तबला बनाया। उन पर सूफी संतों का गहरा प्रभाव था। विदेशों के फारसी कवियों में भी उनका महत्वपूर्ण स्थान है। 1325 ई. में उनका निधन हो गया। खुसरो एक धर्मनिष्ठ व्यक्ति थे। धार्मिक सहिष्णुता और लोगों से मेलजोल रखने के कारण वे जनता में बहुत लोकप्रिय थे। उनका व्यक्तित्व अपने समय के लोगों में अतुलनीय और अद्वितीय था।
अभ्यास
Question 1. शेख निजामुद्दीन औलिया अजोधन क्यों गए?
Answer: शेख निजामुद्दीन औलिया बाबा फरीद से मिलने और उनका आशीर्वाद लेने अजोधन गए थे। वे बाबा फरीद के आध्यात्मिक मार्गदर्शन से प्रभावित थे। यह उनके आध्यात्मिक सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव था।
In simple words: शेख निजामुद्दीन औलिया बाबा फरीद से मिलने अजोधन गए थे।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में व्यक्ति का नाम और यात्रा का उद्देश्य स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 2. बाबा फरीद के निधन के बाद शेख निजामुद्दीन औलिया को उनका उत्तराधिकारी क्यों घोषित किया गया?
Answer: शेख निजामुद्दीन औलिया बाबा फरीद के सबसे खास और काबिल शिष्य थे। इसी कारण बाबा फरीद के निधन के बाद, उन्हें उनका आध्यात्मिक उत्तराधिकारी बनाया गया। यह दर्शाता है कि वे अपने गुरु की शिक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह योग्य थे।
In simple words: शेख निजामुद्दीन बाबा फरीद के मुख्य शिष्य थे, इसलिए उन्हें उनका उत्तराधिकारी बनाया गया।
🎯 Exam Tip: उत्तराधिकारी बनने का कारण बताते समय गुरु-शिष्य संबंध और योग्यता पर ज़ोर दें।
Question 3. शेख निजामुद्दीन अपने शिष्यों का ध्यान किस ओर और क्यों आकृष्ट कराते रहे?
Answer: शेख निजामुद्दीन अपने शिष्यों को हमेशा सामाजिक जिम्मेदारियों पर ध्यान देने को कहते थे। वे ऐसा इसलिए करते थे क्योंकि वे समाज में सभी लोगों के बीच तालमेल और मिल-जुलकर रहने की भावना बढ़ाना चाहते थे। उनका मानना था कि समाज में एकता और शांति बनी रहनी चाहिए।
In simple words: शेख निजामुद्दीन शिष्यों को सामाजिक काम करने और मिल-जुलकर रहने पर ध्यान देने को कहते थे, ताकि समाज में एकता बनी रहे।
🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्नों में 'क्या' और 'क्यों' दोनों हिस्सों का स्पष्ट उत्तर दें, ताकि पूरा अर्थ व्यक्त हो।
Question 4. अमीर खुसरो को किन-किन भाषाओं का ज्ञान था?
Answer: अमीर खुसरो को फारसी, अरबी, हिंदी और संस्कृत, इन चार मुख्य भाषाओं का अच्छा ज्ञान था। वे कई भाषाओं के जानकार थे, जिससे उन्हें अलग-अलग संस्कृतियों को समझने में मदद मिली।
In simple words: अमीर खुसरो को फारसी, अरबी, हिंदी और संस्कृत भाषाएँ आती थीं।
🎯 Exam Tip: भाषाओं के नाम सही और पूरे लिखें।
Question 5. अमीर खुसरो का संगीत के क्षेत्र में क्या योगदान रहा है?
Answer: अमीर खुसरो ने संगीत के क्षेत्र में बहुत खास काम किए हैं। उन्होंने 'खयाल' गायन शैली की शुरुआत की, सितार बनाया, और मृदंग को सुधारकर तबले का रूप दिया। उनके इन योगदानों ने भारतीय संगीत को बहुत आगे बढ़ाया।
In simple words: अमीर खुसरो ने 'खयाल' गाना शुरू किया, सितार बनाया और तबला भी उन्हीं की देन है।
🎯 Exam Tip: संगीत से जुड़े उनके प्रमुख योगदानों - खयाल, सितार, तबला - का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है।
Question 6. अमीर खुसरो जनसाधारण में क्यों प्रसिद्ध थे?
Answer: अमीर खुसरो लोगों के बीच इसलिए बहुत लोकप्रिय थे क्योंकि वे सभी धर्मों का सम्मान करते थे और हर किसी से घुल-मिलकर रहते थे। उनका व्यक्तित्व बहुत खास और बेजोड़ था, जो उन्हें दूसरों से अलग बनाता था। वे अपनी सरल स्वभाव के कारण सबको प्रिय थे।
In simple words: अमीर खुसरो सभी धर्मों का सम्मान करते थे और लोगों से मिल-जुलकर रहते थे, इसलिए वे बहुत प्रसिद्ध थे।
🎯 Exam Tip: किसी व्यक्ति की लोकप्रियता के कारणों में उसके गुणों और व्यवहार को स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 7. सही वाक्य पर सही (√) और गलत वाक्य पर (X) का चिह्न लगाइए (चिह्न लगाकर)
(क) अमीर खुसरो ने हिन्दू-मुस्लिम समाज और संस्कृति के बीच समन्वय को मार्ग प्रशस्त किया। (√)
(ख) अमीर खुसरो ने गयासपुर नामक स्थान पर एक मठ की स्थापना की। (X)
(ग) शेख निजामुद्दीन औलिया को बाबा फरीद के निधन के बाद उनका उत्तराधिकारी घोषित किया गया। (√)
(घ) बदायूं में शिक्षा प्राप्त करने के बाद अमीर खुसरो दिल्ली चले गए। (X)
(ङ) शेख निजामुद्दीन ने अपनी कविताओं में भारत की सराहना की है। (X)
(च) अमीर खुसरो ने वीणा और तम्बूरा के संयोग से सितार का आविष्कार किया। (√)
Answer: यहां सही और गलत वाक्यों की पहचान करके उत्तर दिए गए हैं:
(क) अमीर खुसरो ने हिन्दू-मुस्लिम समाज और संस्कृति के बीच समन्वय को मार्ग प्रशस्त किया। (सही)
(ख) अमीर खुसरो ने गयासपुर नामक स्थान पर एक मठ की स्थापना की। (गलत - यह शेख निजामुद्दीन औलिया ने किया था)
(ग) शेख निजामुद्दीन औलिया को बाबा फरीद के निधन के बाद उनका उत्तराधिकारी घोषित किया गया। (सही)
(घ) बदायूं में शिक्षा प्राप्त करने के बाद अमीर खुसरो दिल्ली चले गए। (गलत - यह शेख निजामुद्दीन औलिया के बारे में है)
(ङ) शेख निजामुद्दीन ने अपनी कविताओं में भारत की सराहना की है। (गलत - यह अमीर खुसरो ने किया था)
(च) अमीर खुसरो ने वीणा और तम्बूरा के संयोग से सितार का आविष्कार किया। (सही)
In simple words: आपको हर वाक्य को पढ़कर बताना है कि वह सही है या गलत। अगर वाक्य में बताई गई बात सच है तो 'सही' लिखें, और अगर गलत है तो 'गलत' लिखें।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में हर कथन को ध्यान से पढ़ें और सुनिश्चित करें कि आप 'सही' या 'गलत' का निशान सही व्यक्ति या घटना से जोड़ रहे हैं।
Question 8. भाव स्पष्ट कीजिए (भाव स्पष्ट करके) – गोरी सोवे सेज पर, मुख पर डारे केस । चल खुसरो घर आपने, रैन भई चहँ देस ।
Answer: इस पंक्ति का अर्थ है कि यह दुनिया बहुत छोटी है और यहाँ हर चीज़ कुछ समय के लिए ही रहती है। जो लोग हमें प्यारे होते हैं, वे भी एक दिन हमसे बिछड़ जाते हैं (मर जाते हैं)। इस दुनिया में मोह-माया के अंधेरे के अलावा कुछ नहीं है। इसलिए, खुसरो कहते हैं कि हमें ईश्वर की ओर चलना चाहिए और सांसारिक बंधनों को त्याग देना चाहिए। यह पंक्ति जीवन की नश्वरता और वैराग्य की भावना को दर्शाती है।
In simple words: इस दुनिया में सब कुछ थोड़े समय के लिए है। जो प्यारे होते हैं, वे भी चले जाते हैं। खुसरो कहते हैं कि हमें भगवान के पास जाना चाहिए, क्योंकि यह दुनिया सिर्फ मोह-माया है।
🎯 Exam Tip: काव्य पंक्तियों का भाव स्पष्ट करते समय, पहले उनका सीधा अर्थ बताएं और फिर उनके गहरे अर्थ या कवि के संदेश को सरल शब्दों में समझाएं।
Question 9. एवं 10. नोट – विद्यार्थी अपने शिक्षक/शिक्षिका की सहायता से स्वयं करें। योग्यता विस्तार –
Answer:
- पता करके लिखिए कि अमीर खुसरो हज़रत निजामुद्दीन औलिया के सबसे प्रिय शिष्य कैसे बने?
- अमीर खुसरो को अपने भारतीय होने पर क्यों गर्व था?
Free study material for Hindi
UP Board Solutions Class 6 Hindi Chapter 16 सूफी संत निज़ामुद्दीन और अमीर खुसरो
Students can now access the UP Board Solutions for Chapter 16 सूफी संत निज़ामुद्दीन और अमीर खुसरो prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 6 Hindi textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest UP Board syllabus.
Detailed Explanations for Chapter 16 सूफी संत निज़ामुद्दीन और अमीर खुसरो
Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 6 Hindi chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 6 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these UP Board Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.
Benefits of using Hindi Class 6 Solved Papers
Using our Hindi solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 6 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 16 सूफी संत निज़ामुद्दीन और अमीर खुसरो to get a complete preparation experience.
FAQs
The complete and updated UP Board Solutions Class 6 Hindi Chapter 16 सूफी संत निज़ामुद्दीन और अमीर खुसरो is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 6 Hindi are as per latest UP Board curriculum.
Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 6 Hindi Chapter 16 सूफी संत निज़ामुद्दीन और अमीर खुसरो as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Hindi concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 6 Hindi Chapter 16 सूफी संत निज़ामुद्दीन और अमीर खुसरो will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 6 Hindi. You can access UP Board Solutions Class 6 Hindi Chapter 16 सूफी संत निज़ामुद्दीन और अमीर खुसरो in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 6 Hindi Chapter 16 सूफी संत निज़ामुद्दीन और अमीर खुसरो in printable PDF format for offline study on any device.