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Detailed Chapter 12 साधारण ब्याज UP Board Solutions for Class 5 Maths
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Class 5 Maths Chapter 12 साधारण ब्याज UP Board Solutions PDF
अभ्यास
Question 1. ब्याज की गणना करो-
(क) मूलधन Rs. 700, दर 5%, समय 2 वर्ष । हलः
(ख) मूलधन Rs. 450, दर 7%, समय 3 वर्ष
(ग) मूलधन Rs. 1000, दर 6%, समय 1 वर्ष
Answer: साधारण ब्याज की गणना करने के लिए, हम मूलधन, दर और समय को गुणा करते हैं और फिर 100 से भाग देते हैं।
(क) मूलधन (P) = Rs. 700, दर (R) = 5%, समय (T) = 2 वर्ष
ब्याज = \( \frac{P \times R \times T}{100} = \frac{700 \times 5 \times 2}{100} = \frac{7000}{100} = \) Rs. 70
(ख) मूलधन (P) = Rs. 450, दर (R) = 7%, समय (T) = 3 वर्ष
ब्याज = \( \frac{P \times R \times T}{100} = \frac{450 \times 7 \times 3}{100} = \frac{9450}{100} = \) Rs. 94.50
(ग) मूलधन (P) = Rs. 1000, दर (R) = 6%, समय (T) = 1 वर्ष
ब्याज = \( \frac{P \times R \times T}{100} = \frac{1000 \times 6 \times 1}{100} = \frac{6000}{100} = \) Rs. 60
In simple words: साधारण ब्याज निकालने के लिए, जितने पैसे लिए गए, जितनी दर लगी और जितने समय के लिए लिए गए, उन सबको गुणा करके 100 से भाग देते हैं। हर एक भाग (क), (ख), (ग) के लिए यह गणना अलग-अलग की गई है।
🎯 Exam Tip: साधारण ब्याज निकालते समय हमेशा याद रखें कि दर वार्षिक होनी चाहिए और समय भी वर्षों में होना चाहिए।
Question 2. दिनेश ने घर बनवाने के लिए 15000 रुपए, 15% वार्षिक ब्याज की दर से बैंक से ऋण लिया। 3 वर्ष बीतने पर दिनेश को कितने रुपए वापस करने होंगे? हल: मूलधन = 15000 रु०, दर = 15 % वार्षिक, समय = 3 वर्ष ब्याज = \( \frac{15000 \times 15 \times 3}{100} \) = 6750 रु० अतः 3 वर्ष बाद दिनेश को धन वापस करना होगा = 15000 + 6750 = 21750 रु.
Answer: दिनेश ने घर बनाने के लिए Rs. 15,000 का कर्ज लिया था। ब्याज की दर 15% प्रति वर्ष थी और उसे 3 साल बाद पैसे वापस करने थे।
सबसे पहले, हम साधारण ब्याज की गणना करते हैं:
मूलधन (P) = Rs. 15,000
दर (R) = 15% प्रति वर्ष
समय (T) = 3 वर्ष
ब्याज (I) = \( \frac{P \times R \times T}{100} \)
\( = \frac{15000 \times 15 \times 3}{100} \)
\( = \frac{675000}{100} \)
\( = \) Rs. 6,750
अब, कुल राशि जो दिनेश को वापस करनी होगी, वह मूलधन और ब्याज का योग होगी:
कुल वापस करने योग्य राशि = मूलधन + ब्याज
\( = 15000 + 6750 \)
\( = \) Rs. 21,750
इसलिए, 3 साल बाद दिनेश को बैंक को Rs. 21,750 वापस करने होंगे। मूलधन पर ब्याज लगने के बाद, कुल राशि बढ़ जाती है।
In simple words: दिनेश ने Rs. 15,000 कर्ज लिया। 3 साल में 15% ब्याज के साथ, उसे Rs. 6,750 ब्याज देना होगा। तो, कुल मिलाकर उसे Rs. 15,000 + Rs. 6,750 = Rs. 21,750 वापस करने होंगे।
🎯 Exam Tip: कुल देय राशि निकालने के लिए हमेशा ब्याज को मूलधन में जोड़ना न भूलें। यह एक सामान्य गलती है।
Question 3. मथुरा ने दुकान खोलने के लिए 16000 रु० बैंक से 10% वार्षिक ब्याज पर ऋण लिया। 2 वर्ष बाद उसे कितने रुपए वापस करने होंगे। मथुरा के पास इस समय 15000 रुपए हैं। ऋण चुकाने के लिए उसे कितने रुपए और चाहिए? हल: मूलधन = 16000 रु०, दर = 10%, समय = 2 वर्ष ब्याज = \( \frac{16000 \times 10 \times 2}{100} \) = 3200 रु.
Answer: मथुरा ने दुकान के लिए Rs. 16,000 का ऋण लिया था, जिस पर 10% वार्षिक ब्याज 2 साल के लिए लगा।
सबसे पहले, हम साधारण ब्याज की गणना करते हैं:
मूलधन (P) = Rs. 16,000
दर (R) = 10% प्रति वर्ष
समय (T) = 2 वर्ष
ब्याज (I) = \( \frac{P \times R \times T}{100} \)
\( = \frac{16000 \times 10 \times 2}{100} \)
\( = \frac{320000}{100} \)
\( = \) Rs. 3,200
2 वर्ष बाद वापस करने वाली कुल राशि:
कुल वापस करने योग्य राशि = मूलधन + ब्याज
\( = 16000 + 3200 \)
\( = \) Rs. 19,200
मथुरा के पास अभी Rs. 15,000 हैं। उसे ऋण चुकाने के लिए और कितने पैसे चाहिए, इसकी गणना करेंगे:
शेष राशि = कुल वापस करने योग्य राशि - मथुरा के पास मौजूद राशि
\( = 19200 - 15000 \)
\( = \) Rs. 4,200
तो, मथुरा को ऋण चुकाने के लिए Rs. 4,200 और चाहिए। ब्याज से कुल देय राशि बढ़ जाती है, जिसे चुकाने के लिए अतिरिक्त धन की आवश्यकता होती है।
In simple words: मथुरा ने Rs. 16,000 कर्ज लिया। 2 साल में 10% ब्याज के साथ, उसे Rs. 3,200 ब्याज देना होगा। कुल मिलाकर उसे Rs. 19,200 वापस करने हैं। अगर उसके पास Rs. 15,000 हैं, तो उसे Rs. 19,200 - Rs. 15,000 = Rs. 4,200 और चाहिए।
🎯 Exam Tip: ऐसे सवालों में दो चरणों में उत्तर दें: पहले कुल देय राशि ज्ञात करें, फिर बची हुई राशि निकालने के लिए उसे मौजूदा राशि से घटाएँ।
Question 4. जुबैदा ने सिलाई मशीन खरीदने के लिए 4000 रुपए 12% वार्षिक ब्याज की दर से उधार लिए। 3 वर्ष बाद उसे कितने रुपए लौटाने होंगे? हल: मूलधन = 4000रु०, दर = 12% वार्षिक, समय = 3 वर्ष ब्याज = \( \frac{4000 \times 12 \times 3}{100} \) = 1440 रु० अतः 3 वर्ष बाद जुबैदा को रुपए लौटाने होंगे = 4000 + 1440 = 5440 रु.
Answer: जुबैदा ने सिलाई मशीन खरीदने के लिए Rs. 4,000 उधार लिए थे। ब्याज की दर 12% प्रति वर्ष थी और उसे 3 साल बाद पैसे वापस करने थे।
सबसे पहले, हम साधारण ब्याज की गणना करते हैं:
मूलधन (P) = Rs. 4,000
दर (R) = 12% प्रति वर्ष
समय (T) = 3 वर्ष
ब्याज (I) = \( \frac{P \times R \times T}{100} \)
\( = \frac{4000 \times 12 \times 3}{100} \)
\( = \frac{144000}{100} \)
\( = \) Rs. 1,440
अब, कुल राशि जो जुबैदा को वापस करनी होगी, वह मूलधन और ब्याज का योग होगी:
कुल वापस करने योग्य राशि = मूलधन + ब्याज
\( = 4000 + 1440 \)
\( = \) Rs. 5,440
इसलिए, 3 साल बाद जुबैदा को Rs. 5,440 लौटाने होंगे। यह राशि उसके द्वारा लिए गए मूलधन और उस पर लगे ब्याज का कुल योग है।
In simple words: जुबैदा ने Rs. 4,000 कर्ज लिया। 3 साल में 12% ब्याज के साथ, उसे Rs. 1,440 ब्याज देना होगा। तो, कुल मिलाकर उसे Rs. 4,000 + Rs. 1,440 = Rs. 5,440 वापस करने होंगे।
🎯 Exam Tip: ब्याज की गणना करते समय मूलधन, दर और समय को सही ढंग से गुणा करना सुनिश्चित करें, खासकर जब संख्याएँ बड़ी हों।
कितना सीखा-3
Question 1. 8, 0, 6, 0, 1 से बनने वाली पाँच अंकों की सबसे बड़ी और सबसे छोटी संख्याएँ लिखो । जबकि शून्य के अतिरिक्त कोई अंक दोहराया नहीं जाता है। हलः सबसे बड़ी संख्या = 86100 सबसे छोटी संख्या = 10068
Answer: दिए गए अंक 8, 0, 6, 0, 1 हैं, और शून्य के अलावा कोई अंक दोहराया नहीं जा सकता है।
सबसे बड़ी पाँच अंकों की संख्या बनाने के लिए, हम अंकों को सबसे बड़े से छोटे क्रम में लिखते हैं:
\( 8, 6, 1, 0, 0 \implies \) 86100
सबसे छोटी पाँच अंकों की संख्या बनाने के लिए, हमें सबसे छोटे अंक से शुरुआत करनी होती है। लेकिन, अगर शून्य सबसे पहले आता है, तो वह पाँच अंकों की संख्या नहीं बनेगी। इसलिए, हम सबसे छोटे गैर-शून्य अंक से शुरुआत करते हैं और फिर शून्यों को लगाते हैं, उसके बाद बाकी अंकों को बढ़ते क्रम में लिखते हैं:
सबसे छोटा गैर-शून्य अंक 1 है। फिर दो शून्य और उसके बाद बचे हुए अंक 6 और 8 को बढ़ते क्रम में लगाते हैं।
\( 1, 0, 0, 6, 8 \implies \) 10068
In simple words: सबसे बड़ी संख्या बनाने के लिए, अंकों को सबसे बड़े से छोटे क्रम में लगाओ। सबसे छोटी संख्या बनाने के लिए, सबसे पहले सबसे छोटा गैर-शून्य अंक रखो, फिर शून्य, फिर बाकी अंक छोटे से बड़े क्रम में।
🎯 Exam Tip: सबसे छोटी संख्या बनाते समय हमेशा ध्यान रखें कि शून्य को पहले स्थान पर रखने से संख्या के अंकों की संख्या कम हो जाती है, इसलिए शून्य से ठीक पहले सबसे छोटे गैर-शून्य अंक को रखें।
Question 2. दी गई संख्याओं का मस. निकालो। (क) 32,48. हल:
Answer: हम 32 और 48 का महत्तम समापवर्तक (मस.) यूक्लिडियन एल्गोरिथम विधि से निकालेंगे।
\( 32 \overline{\text{) } 48 \text{ (}} 1 \)
\( \quad \underline{-32} \)
\( \quad 16 \overline{\text{) } 32 \text{ (}} 2 \)
\( \quad \quad \underline{-32} \)
\( \quad \quad \quad 0 \)
अंतिम भाजक 16 है।
इसलिए, 32 और 48 का मस. = 16
(ख) 21,35 हल:
हम 21 और 35 का महत्तम समापवर्तक (मस.) यूक्लिडियन एल्गोरिथम विधि से निकालेंगे।
\( 21 \overline{\text{) } 35 \text{ (}} 1 \)
\( \quad \underline{-21} \)
\( \quad 14 \overline{\text{) } 21 \text{ (}} 1 \)
\( \quad \quad \underline{-14} \)
\( \quad \quad \quad 7 \overline{\text{) } 14 \text{ (}} 2 \)
\( \quad \quad \quad \quad \underline{-14} \)
\( \quad \quad \quad \quad \quad 0 \)
अंतिम भाजक 7 है।
इसलिए, 21 और 35 का मस. = 7
In simple words: मस. निकालने के लिए, हम बड़ी संख्या को छोटी संख्या से भाग देते हैं। जो शेष बचता है, उससे पहले वाले भाजक को भाग देते हैं। यह तब तक करते हैं जब तक शेष शून्य न आ जाए। आखिरी भाजक ही मस. होता है।
🎯 Exam Tip: मस. ज्ञात करने के लिए लंबी भाग विधि (यूक्लिडियन एल्गोरिथम) सबसे कुशल तरीकों में से एक है, खासकर बड़ी संख्याओं के लिए।
Question 3. वह बड़ी से बड़ी संख्या बताओ, जिससे 15, 30 और 45 को पूरा-पूरा विभाजित किया जा सके । हल:
Answer: हमें वह सबसे बड़ी संख्या ज्ञात करनी है जो 15, 30 और 45 को पूरी तरह से भाग दे सके। यह उन संख्याओं का महत्तम समापवर्तक (HCF या मस.) है। हम इसे लंबी भाग विधि से ज्ञात करेंगे, पहले दो संख्याओं के लिए, फिर परिणाम का तीसरी संख्या के साथ।
पहले 15 और 30 का मस. निकालेंगे:
\( 15 \overline{\text{) } 30 \text{ (}} 2 \)
\( \quad \underline{-30} \)
\( \quad \quad 0 \)
15 और 30 का मस. 15 है।
अब, हम इस 15 का और तीसरी संख्या 45 का मस. निकालेंगे:
\( 15 \overline{\text{) } 45 \text{ (}} 3 \)
\( \quad \underline{-45} \)
\( \quad \quad 0 \)
अंतिम भाजक 15 है।
अतः, वह बड़ी से बड़ी संख्या जो 15, 30 और 45 को पूरा-पूरा विभाजित कर सके, 15 है। यह संख्या इन सभी संख्याओं का सबसे बड़ा सामान्य गुणनखंड है।
In simple words: हमें ऐसी सबसे बड़ी संख्या ढूंढनी है जो 15, 30 और 45, तीनों को बिना शेषफल के भाग कर सके। यह संख्या 15 है।
🎯 Exam Tip: तीन या अधिक संख्याओं का मस. ज्ञात करने के लिए, पहले दो संख्याओं का मस. ज्ञात करें, फिर उस परिणाम का और तीसरी संख्या का मस. ज्ञात करें, और इसी तरह आगे बढ़ें।
Question 4. एक टोकरी के फूलों से 18, 48 और 40 फूलों की मालाएँ बन सकती हैं। टोकरी में कम से कम कितने फूल हैं?
Answer: टोकरी में कम से कम फूलों की संख्या ज्ञात करने के लिए, हमें 18, 48 और 40 का लघुत्तम समापवर्त्य (LCM या ल०स०) निकालना होगा। यह वह सबसे छोटी संख्या होगी जो इन सभी संख्याओं से पूरी तरह विभाजित हो जाए।
हम अभाज्य गुणनखंड विधि का उपयोग करेंगे:
\( \begin{array}{c|ccc} 2 & 18, & 48, & 40 \\ 2 & 9, & 24, & 20 \\ 2 & 9, & 12, & 10 \\ 3 & 9, & 6, & 5 \\ 3 & 3, & 2, & 5 \\ & 1, & 2, & 5 \end{array} \)
ल०स० = \( 2 \times 2 \times 2 \times 3 \times 3 \times 2 \times 5 \)
\( = 8 \times 9 \times 10 \)
\( = 72 \times 10 \)
\( = \) 720
अतः, टोकरी में कम से कम 720 फूल हैं, जिनसे 18, 48 और 40 फूलों की मालाएँ बनाई जा सकती हैं। यह संख्या इन सभी मालाओं की संख्या का न्यूनतम सामान्य गुणज है।
In simple words: टोकरी में कम से कम कितने फूल हैं, यह जानने के लिए हमें 18, 48 और 40 का ल०स० (सबसे छोटी संख्या जो इन सभी से भाग हो जाए) निकालना होगा। ल०स० 720 है, तो टोकरी में कम से कम 720 फूल हैं।
🎯 Exam Tip: 'कम से कम' या 'सबसे छोटी संख्या' जैसे शब्दों का उपयोग करने वाले प्रश्नों में आमतौर पर ल०स० (LCM) ज्ञात करना होता है।
Question 5. मान बताओ (मान बताकर)- हलः
(क)
(ख)
(ग)
Answer: इस प्रश्न में, हमें कुछ गणितीय व्यंजकों का मान बताना था। हालांकि, प्रश्न के उप-भागों (क), (ख), (ग) के लिए कोई विशिष्ट संख्यात्मक मान या व्यंजक प्रदान नहीं किए गए हैं।
सामान्यतः, मान बताने के लिए, हमें दिए गए व्यंजक में संख्याओं पर उचित गणितीय संक्रियाएँ (जैसे जोड़ना, घटाना, गुणा करना या भाग देना) करनी होती हैं। यदि व्यंजक में चर (variables) होते हैं, तो उनका मान ज्ञात करने के लिए समीकरणों को हल करना पड़ता है। संख्यात्मक मानों के बिना, किसी विशिष्ट उत्तर की गणना नहीं की जा सकती।
In simple words: मान निकालने के लिए, हमें संख्याओं वाले सवाल चाहिए होते हैं। यहां कोई सवाल नहीं दिया गया है, इसलिए हम कोई खास मान नहीं बता सकते।
🎯 Exam Tip: गणित के प्रश्नों को हल करते समय, हमेशा सुनिश्चित करें कि सभी आवश्यक संख्याएँ या व्यंजक स्पष्ट रूप से दिए गए हों ताकि आप सही उत्तर की गणना कर सकें।
Question 6. निम्नलिखित भिन्नों को दशमलव में बदलो (बदलकर) हन:
Answer: भिन्नों को दशमलव में बदलने के लिए, हम अंश को हर से भाग देते हैं।
\( \frac{7}{10} = 0.7 \)
\( \frac{29}{10} = 2.9 \)
\( \frac{31}{10} = 3.1 \)
\( \frac{43}{1000} = 0.043 \)
जब हर 10, 100, 1000 आदि हो, तो दशमलव बिंदु को अंश में बाईं ओर उतने ही स्थान खिसकाते हैं जितने शून्य हर में होते हैं।
In simple words: भिन्न को दशमलव में बदलने के लिए, ऊपर वाली संख्या को नीचे वाली संख्या से भाग करते हैं। अगर नीचे 10, 100 या 1000 हो, तो ऊपर वाली संख्या में दशमलव को उतने ही स्थान बाईं ओर खिसका देते हैं जितने शून्य नीचे हों।
🎯 Exam Tip: यदि हर 10 की घात में हो, तो अंश में दशमलव बिंदु को दाईं से बाईं ओर उतने स्थान खिसकाएँ जितने हर में शून्य हों।
Question 7. निम्नलिखित दशमलव संख्याओं को भिन्नों में बदलो (बदलकर) हलः
(क)
(ख)
(ग)
(घ)
Answer: इस प्रश्न में, हमें दशमलव संख्याओं को भिन्नों में बदलना था। हालांकि, प्रश्न के उप-भागों (क), (ख), (ग), (घ) के लिए कोई विशिष्ट दशमलव संख्याएँ प्रदान नहीं की गई हैं।
सामान्यतः, दशमलव संख्या को भिन्न में बदलने के लिए, हम दशमलव बिंदु के बाद के अंकों की संख्या देखते हैं। यदि दशमलव के बाद एक अंक है, तो संख्या को 10 से विभाजित करते हैं; यदि दो अंक हैं, तो 100 से विभाजित करते हैं, और इसी तरह। फिर भिन्न को उसके सबसे सरल रूप में बदल देते हैं। उदाहरण के लिए, 0.5 को \( \frac{5}{10} \) या \( \frac{1}{2} \) में बदला जा सकता है। संख्याओं के बिना, हम इस विधि का प्रदर्शन नहीं कर सकते।
In simple words: दशमलव को भिन्न में बदलने के लिए, दशमलव के बाद जितने अंक होते हैं, उतने ही शून्य वाली 1 के साथ की संख्या (जैसे 10, 100) से भाग देते हैं। फिर उसे सरल करते हैं। पर यहां कोई दशमलव संख्या दी नहीं गई है।
🎯 Exam Tip: दशमलव संख्या को भिन्न में बदलने के बाद, हमेशा भिन्न को उसके सबसे सरल रूप में लिखने के लिए अंश और हर को उनके महत्तम समापवर्तक से विभाजित करें।
Question 8. मान बताओ (मान बताकर)- हल: (क) 0.023 × 100 = 2.3 (ख)1.541 × 1000 = 1541
Answer: दशमलव संख्याओं को 10, 100, 1000 आदि से गुणा करने पर दशमलव बिंदु दाईं ओर खिसकता है।
(क) 0.023 × 100
जब हम 100 से गुणा करते हैं (जिसमें दो शून्य हैं), तो दशमलव बिंदु दो स्थान दाईं ओर खिसकता है।
0.023 \( \times \) 100 = 2.3
(ख) 1.541 × 1000
जब हम 1000 से गुणा करते हैं (जिसमें तीन शून्य हैं), तो दशमलव बिंदु तीन स्थान दाईं ओर खिसकता है।
1.541 \( \times \) 1000 = 1541
इस तरह की गुणा बहुत तेजी से की जा सकती है।
In simple words: किसी दशमलव संख्या को 10, 100 या 1000 जैसी संख्या से गुणा करने पर, दशमलव बिंदु उतने ही स्थान दाहिनी ओर खिसक जाता है जितने शून्य गुणा करने वाली संख्या में होते हैं।
🎯 Exam Tip: 10 की घातों से गुणा करते समय, दशमलव बिंदु को गुणा करने वाली संख्या में शून्यों की संख्या के बराबर दाईं ओर खिसकाएँ।
Question 9. एक दुकानदार को 500 रुपए की लागत पर 8% का लाभ हुआ। उसे कुल कितने रुपए का लाभ हुआ? हलः दुकानदार को लाभ हुआ = 500 रुपए का 8% = \( \frac{500 \times 8}{100} \) = 40 रुपए
Answer: एक दुकानदार ने Rs. 500 की लागत वाली वस्तु पर 8% का लाभ कमाया। हमें यह पता लगाना है कि उसे कितने रुपए का लाभ हुआ।
लाभ की गणना लागत मूल्य पर की जाती है।
लागत मूल्य = Rs. 500
लाभ प्रतिशत = 8%
लाभ की राशि = लागत मूल्य का 8%
लाभ की राशि = \( \frac{500 \times 8}{100} \)
\( = \frac{4000}{100} \)
\( = \) Rs. 40
इसलिए, दुकानदार को Rs. 40 का कुल लाभ हुआ। यह प्रतिशत लाभ को वास्तविक धन राशि में बदलता है।
In simple words: दुकानदार को Rs. 500 के सामान पर 8% का फायदा हुआ। इसका मतलब है कि उसे \( \frac{500 \times 8}{100} \) यानी Rs. 40 का फायदा हुआ।
🎯 Exam Tip: लाभ या हानि प्रतिशत की गणना हमेशा लागत मूल्य पर ही की जाती है, जब तक कि अन्यथा न कहा गया हो।
Question 10. \( \frac{3}{4} \) को प्रतिशत में लिखो । हल:
Answer: किसी भी भिन्न को प्रतिशत में बदलने के लिए, हमें उसे 100 से गुणा करना होता है।
भिन्न = \( \frac{3}{4} \)
प्रतिशत में बदलने के लिए = \( \frac{3}{4} \times 100 \% \)
\( = 3 \times \frac{100}{4} \% \)
\( = 3 \times 25 \% \)
\( = 75 \% \)
अतः, \( \frac{3}{4} \) को प्रतिशत में 75% लिखा जाता है। यह अक्सर भिन्नों को समझने का एक आसान तरीका होता है।
In simple words: किसी भी भिन्न को प्रतिशत में बदलने के लिए उसे 100 से गुणा करते हैं। \( \frac{3}{4} \) को 100 से गुणा करने पर 75% आता है।
🎯 Exam Tip: प्रतिशत का अर्थ 'प्रति सौ' होता है, इसलिए किसी भी संख्या को प्रतिशत में बदलने के लिए हमेशा 100 से गुणा करें।
Question 11. निम्नांकित सारिणी में रिक्त स्थान की पूर्ति करके (पाठ्यपुस्तक के अनुसार)- हल: (क) लाभ = 90 रु० (ख) विक्रय मूल्य = 580 रु० (ग) क्रय मूल्य = 13000 रु०
Answer: इस प्रश्न में एक सारिणी में रिक्त स्थानों की पूर्ति करनी थी, लेकिन सारिणी की जानकारी या संदर्भ प्रश्न में नहीं दिया गया है। दिए गए उत्तरों से, हम सामान्य अवधारणाओं को समझ सकते हैं:
(क) लाभ = Rs. 90
लाभ तब होता है जब विक्रय मूल्य क्रय मूल्य से अधिक होता है।
(ख) विक्रय मूल्य = Rs. 580
यह वह मूल्य है जिस पर कोई वस्तु बेची जाती है।
(ग) क्रय मूल्य = Rs. 13000
यह वह मूल्य है जिस पर कोई वस्तु खरीदी जाती है।
इन उत्तरों को देने के लिए, मूल सारिणी में क्रय मूल्य, विक्रय मूल्य और लाभ/हानि प्रतिशत जैसे अन्य मान दिए गए होंगे, जिनसे ये परिणाम प्राप्त किए गए। लाभ निकालने के लिए, विक्रय मूल्य में से क्रय मूल्य घटाया जाता है।
In simple words: लाभ का मतलब होता है फायदा, जब हम कोई चीज़ जितने में खरीदते हैं उससे ज़्यादा में बेचते हैं। विक्रय मूल्य वह दाम है जिस पर हम चीज़ बेचते हैं, और क्रय मूल्य वह दाम है जिस पर हम चीज़ खरीदते हैं।
🎯 Exam Tip: लाभ की गणना हमेशा विक्रय मूल्य से क्रय मूल्य को घटाकर की जाती है, जबकि हानि क्रय मूल्य से विक्रय मूल्य को घटाकर ज्ञात की जाती है।
Question 12. रु. 750 का 3 वर्ष में 5% वार्षिक ब्याज की दर से साधारण ब्याज ज्ञात कीजिए । हल: मूलधन = 750 रु०, समय = 3 वर्ष, दर = 5 % वार्षिक साधायान ब्याज = \( \frac{750 \times 3 \times 5}{100}=\frac{225}{2} \) = 112.50 रुपए
Answer: हमें Rs. 750 का 3 वर्ष के लिए 5% वार्षिक ब्याज दर पर साधारण ब्याज ज्ञात करना है।
मूलधन (P) = Rs. 750
समय (T) = 3 वर्ष
दर (R) = 5% प्रति वर्ष
साधारण ब्याज (I) = \( \frac{P \times R \times T}{100} \)
\( = \frac{750 \times 5 \times 3}{100} \)
\( = \frac{11250}{100} \)
\( = 112.50 \)
इसलिए, साधारण ब्याज Rs. 112.50 होगा। यह एक सीधा ब्याज गणना है।
In simple words: Rs. 750 पर 3 साल के लिए 5% ब्याज की दर से, साधारण ब्याज Rs. 112.50 बनता है। यह मूलधन, दर और समय को गुणा करके 100 से भाग देने पर मिलता है।
🎯 Exam Tip: साधारण ब्याज के सूत्र \( I = \frac{PRT}{100} \) को हमेशा याद रखें और सभी मानों को सही इकाइयों में (दर वार्षिक, समय वर्षों में) रखें।
Question 13. सरल करोहलः
(क) 112.48 +72.84 185.32
(ख) 149.85 -12.08 137.77
(ग) 526880 + 32 = 16465
(घ) 598292 × 267 = 159743964
Answer: हम दिए गए गणितीय व्यंजकों को सरल करेंगे:
(क) जोड़ना:
\( \quad 112.48 \)
\( + \quad 72.84 \)
\( \overline{\quad 185.32} \)
जोड़ 185.32 है। दशमलव के नीचे दशमलव रखकर जोड़ें।
(ख) घटाना:
\( \quad 149.85 \)
\( - \quad 12.08 \)
\( \overline{\quad 137.77} \)
घटाने पर 137.77 आता है। दशमलव के नीचे दशमलव रखकर घटाएँ।
(ग) भाग देना:
\( 526880 \div 32 = 16465 \)
भागफल 16465 है।
(घ) गुणा करना:
\( 598292 \times 267 = 159743964 \)
गुणनफल 159743964 है।
In simple words: दिए गए सवालों को हल किया गया है। (क) में हमने जोड़ा, (ख) में घटाया, (ग) में भाग किया, और (घ) में गुणा किया। दशमलव वाली संख्याओं को जोड़ते या घटाते समय दशमलव बिंदु को एक लाइन में रखना ज़रूरी है।
🎯 Exam Tip: दशमलव संख्याओं को जोड़ते या घटाते समय, दशमलव बिंदु को हमेशा एक सीध में रखें। गुणा और भाग में सावधानी से गणना करें।
Question 14. 15 पुस्तकों का मूल्य 85.50 हैं। ऐसी ही 37 पुस्तकों का मूल्य कितना होगा?
(क) 555 रुपए
(ख) 210.90 रुपए
(ग) 2843.50 रुपए
(घ) 2109 रुपए
Answer: (ख) 210.90 रुपए
पहले हम 1 पुस्तक का मूल्य ज्ञात करेंगे।
15 पुस्तकों का मूल्य = Rs. 85.50
1 पुस्तक का मूल्य = \( \frac{85.50}{15} \) रुपये
\( = \) Rs. 5.70
अब, हम 37 पुस्तकों का मूल्य ज्ञात करेंगे।
37 पुस्तकों का मूल्य = 1 पुस्तक का मूल्य \( \times \) 37
\( = 5.70 \times 37 \)
\( = \) Rs. 210.90
इसलिए, 37 पुस्तकों का मूल्य Rs. 210.90 होगा। यह एक-एक नियम (unitary method) का उपयोग करके किया जाता है।
In simple words: अगर 15 किताबों का दाम Rs. 85.50 है, तो पहले 1 किताब का दाम \( \frac{85.50}{15} \) = Rs. 5.70 होगा। फिर 37 किताबों का दाम निकालने के लिए Rs. 5.70 को 37 से गुणा करेंगे, जो Rs. 210.90 आएगा।
🎯 Exam Tip: जब कई वस्तुओं का कुल मूल्य दिया हो और कुछ अन्य वस्तुओं का मूल्य पूछा जाए, तो हमेशा पहले एक वस्तु का मूल्य ज्ञात करने के लिए 'एक-एक नियम' (unitary method) का उपयोग करें।
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