UP Board Solutions Class 4 Hindi Chapter 13 Bhakti Neeti Madhuri

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Detailed Chapter 13 भक्ति नीति माधुरी UP Board Solutions for Class 4 Hindi

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Class 4 Hindi Chapter 13 भक्ति नीति माधुरी UP Board Solutions PDF

भक्ति-नीति माधुरी शब्दार्थ

अधर = होठ
परलै = प्रलय, महाविनाश
उर = हृदय
बहरि = फिर, पुनः
हिरदै = हृदय
संचै = इकट्ठा करना
भखै = खाता है
परमारथ = दूसरों की भलाई
गोय = छिपाकर
पोहिए = पिरोइए
सुजन = सज्जन
अठिलैहैं = उपहास करेंगे
धाम = घर
मकराकृत कुंडल = मछली के आकार का कुंडल
टेरि = बुलाना
अरुन = लाल
बैन = वाणी
भाल = मस्तक
रज = धूल
मोहनि = मोह लेने वाली
खेह = धूल या मिट्टी
कटि-तट = कमर के नीचे का भाग
ऊँचाई = उठाकर
अनमोल = अमूल्य, जिसका मूल्य न आँका जा सके
ते = से
राजत = शोभित
भगत बछल = भक्त को प्यार करने वाला
सुधा-रस = अमृत-रस
बिसाल = बड़े, विशाल
छुद्रघंटिका = घुँघरू या छोटी-छोटी घंटियाँ।

कबीर

साँच बराबर..................हिरदै आप ।

यह पद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक 'कलरव' के 'भक्ति-नीति माधुरी' नामक पाठ से लिया गया है। इसके रचयिता 'कबीरदास जी' हैं।

कबीरदास जी कहते हैं कि सच्चाई के समान कोई तपस्या नहीं है और झूठ बोलने के समान कोई पाप नहीं है। जिस व्यक्ति के हृदय में सच्चाई होती है, उसके हृदय में स्वयं ईश्वर निवास करते हैं। सच बोलना व्यक्ति को भीतर से शुद्ध करता है।

काल्ह करे..................कब ।

कबीरदास जी कहते हैं कि हमें कल का काम आज ही कर लेना चाहिए और आज का काम अभी ही कर लेना चाहिए, क्योंकि यदि पल भर में प्रलय आ जाए, तो हमें फिर काम करने का मौका नहीं मिलेगा। जीवन की क्षणभंगुरता को समझना चाहिए।

वृच्छ कबहुँ..................शरीर ।

कबीरदास जी कहते हैं कि पेड़ अपने फल खुद नहीं खाते और नदियाँ अपना पानी खुद नहीं पीतीं। इसी तरह, सज्जन लोग भी दूसरों की भलाई के लिए ही मनुष्य जन्म लेते हैं। परोपकार करना सज्जन व्यक्ति का स्वभाव होता है।

रहीम

बिगरी बात..................माखन होय ॥

यह पद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक 'कलरव' के 'भक्ति-नीति माधुरी' नामक पाठ से लिया गया है। इसके रचयिता 'रहीम जी' हैं।

रहीम जी कहते हैं कि एक बार जब बात बिगड़ जाती है, तो वह फिर से नहीं बन पाती, चाहे कोई कितनी भी कोशिश क्यों न करे। यह बिल्कुल ऐसा ही है, जैसे दूध के फट जाने पर उसमें से मक्खन नहीं निकलता। बिगड़ी हुई बात को संभालना बहुत मुश्किल होता है।

जो रहीम..................रहत भुजंग ॥

रहीम जी कहते हैं कि अच्छे स्वभाव वाले व्यक्ति पर बुरी संगति का कोई गलत असर नहीं पड़ता। यह ठीक उसी तरह है, जैसे चंदन के पेड़ पर ज़हरीले साँप लिपटे रहते हैं, पर चंदन के पेड़ पर उनके ज़हर का कोई प्रभाव नहीं होता है। अच्छी संगति हमें बुराई से बचाती है।

सूरदास

मैया कबहि..................जोटी ॥

यह पद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक 'कलरव' के 'भक्ति-नीति माधुरी' नामक पाठ से लिया गया है। इसके रचयिता 'सूरदास जी' हैं।

बालक कृष्ण अपनी माता यशोदा से पूछते हैं, "माँ, मेरी चोटी कब बड़ी होगी? मुझे दूध पीते हुए बहुत समय हो गया है, लेकिन अभी भी यह छोटी ही है।" कृष्ण अपनी माता यशोदा को कहते हैं, "आप तो कहती थीं कि बाल झाड़ते और गूंथते-गूंथते मेरी चोटी बलराम की चोटी की तरह लंबी और मोटी हो जाएगी, और नागिन की तरह ज़मीन को छूने लगेगी। आप मुझे कच्चा दूध पकाकर पिलाती हैं और मक्खन, रोटी खाने को नहीं देतीं।" सूरदास जी कहते हैं कि कृष्ण और बलराम की जोड़ी हमेशा सलामत रहे। बाल लीलाओं का यह वर्णन मन को मोह लेता है।

मीरा

बसौ मोरे..................गोपाल ॥

यह पद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक 'कलरव' के 'भक्ति-नीति माधुरी' नामक पाठ से लिया गया है। इसकी रचयिता 'मीरा' हैं।

मीराबाई कहती हैं, "हे नंद के पुत्र कृष्ण! तुम हमेशा के लिए मेरी आँखों में बस जाओ। जिनके सिर पर मोर का मुकुट है, जिनके कानों में मछली के आकार के कुंडल हैं, और माथे पर लाल तिलक है, जिनकी साँवली सूरत मन को मोह लेती है, जिनके नेत्र बहुत बड़े-बड़े हैं।" वे आगे कहती हैं, "जिनके अमृत भरे रसीले होठों पर बांसुरी विराजमान है, जिनके वक्ष पर वैजयंती माला शोभा दे रही है, जिनकी कमर के नीचे छोटी घंटी सुंदर लगती है, और जिनके पैरों के घुँघरू मधुर आवाज़ करते हैं।" मीरा जी ऐसे भगवान श्रीकृष्ण को, जो भक्तों से प्यार करते हैं, गायों का पालन करते हैं और सभी को सुख देते हैं, उन्हें हमेशा अपने मन में बसाना चाहती हैं।

भक्ति-नीति माधुरी अभ्यास प्रश्न

बोध प्रश्न

 

Question 1. सज्जन व्यक्तियों की तुलना वृक्षों और नदियों से क्यों की गई है?
Answer: पेड़ फल देकर और नदियाँ पानी बहाकर सभी का भला करती हैं। इसी प्रकार, सज्जन व्यक्ति भी दूसरों के कल्याण के लिए काम करते हैं। वे अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर दूसरों की मदद करते हैं।
In simple words: सज्जन लोग पेड़ों और नदियों जैसे होते हैं, जो सिर्फ दूसरों को फायदा पहुँचाते हैं, खुद के लिए कुछ नहीं रखते।

🎯 Exam Tip: इस तरह के तुलनात्मक प्रश्नों में हमेशा दोनों चीज़ों की समानता स्पष्ट करें और एक वाक्य में निष्कर्ष दें।

 

Question 2. बुरी संगत का प्रभाव किस प्रकार के लोगों पर नहीं पड़ता है?
Answer: बुरी संगत का प्रभाव उन लोगों पर नहीं पड़ता है जिनका स्वभाव अच्छा और मजबूत होता है। जैसे चंदन पर ज़हरीले सांपों का असर नहीं होता, वैसे ही अच्छे लोग गलत प्रभावों से बचे रहते हैं।
In simple words: जिनका स्वभाव अच्छा होता है, उन पर बुरी संगति का बुरा असर नहीं होता।

🎯 Exam Tip: उत्तर में 'उत्तम स्वभाव' या 'मजबूत चरित्र' जैसे शब्दों का प्रयोग करें।

 

Question 3. श्रीकृष्ण की चोटी नागिन की तरह लंबी और मोटी क्यों हो जाएगी?
Answer: श्रीकृष्ण की चोटी बार-बार बाल बनाने और गूंथने से नागिन की तरह लंबी और मोटी हो जाएगी। माता यशोदा के वात्सल्य भरे वचन बच्चों को ऐसे ही आकर्षित करते हैं।
In simple words: श्रीकृष्ण की चोटी लंबी और मोटी इसलिए हो जाएगी क्योंकि उन्हें रोज़ बनाया और गूंथा जाएगा।

🎯 Exam Tip: यह एक बाल लीला का वर्णन है, जिसमें माता यशोदा के प्रेम भरे आश्वासन को दर्शाया गया है।

 

Question 4. मीरा ने कृष्ण के किस रूप का वर्णन किया है?
Answer: मीरा ने कृष्ण के बहुत सुंदर और मनमोहक रूप का वर्णन किया है। उन्होंने उनके मोर मुकुट, कुंडल, तिलक, साँवली सूरत और बड़े-बड़े नेत्रों का जिक्र किया है, जो भक्त के मन को शांति देते हैं।
In simple words: मीरा ने कृष्ण के बहुत ही सुंदर रूप का वर्णन किया है।

🎯 Exam Tip: जब रूप-वर्णन पूछा जाए, तो मुख्य शारीरिक विशेषताओं का उल्लेख अवश्य करें।

 

Question 5. मीरा ने कृष्ण के किन गुणों का बखान किया है?
Answer: मीरा ने कृष्ण के तीन मुख्य गुणों का बखान किया है: वे संत लोगों को सुख देने वाले हैं, भक्तों की रक्षा करने वाले हैं, और गऊओं को पालने वाले हैं। ये गुण उनके भक्तवत्सल स्वभाव को दर्शाते हैं।
In simple words: मीरा ने कहा कि कृष्ण संतों को सुख देते हैं, भक्तों की रक्षा करते हैं और गायों को पालते हैं।

🎯 Exam Tip: गुणों का बखान करते समय, कवि के दृष्टिकोण से उन गुणों का महत्व समझाएं।

 

Question 6. नीचे दी गई पंक्तियों का भाव स्पष्ट करो: 'परमारथ के कारने साधन धरा शरीर ।'
Answer: इस पंक्ति का भाव है कि सज्जन लोग केवल दूसरों की भलाई (परोपकार) करने के लिए ही इस धरती पर मनुष्य शरीर धारण करते हैं। उनका जीवन दूसरों की सेवा में ही समर्पित होता है।
In simple words: इसका मतलब है कि सज्जन लोग दुनिया में सिर्फ दूसरों की मदद करने के लिए जन्म लेते हैं।

🎯 Exam Tip: भाव स्पष्ट करते समय, पंक्ति का मूल अर्थ सरल शब्दों में बताएं और उसका निहितार्थ भी समझाएं।

 

Question 7. नीचे दी गई पंक्तियों का भाव स्पष्ट करो: “सांच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप'
Answer: इस पंक्ति का भाव है कि सच्चाई बोलने के समान कोई बड़ी तपस्या नहीं है और झूठ बोलने के समान कोई बड़ा पाप नहीं है। सत्य को धारण करना सबसे बड़ा धर्म है।
In simple words: इसका मतलब है कि सच बोलने से बड़ा कोई अच्छा काम नहीं और झूठ बोलने से बड़ा कोई बुरा काम नहीं है।

🎯 Exam Tip: ऐसी पंक्तियों में 'तप' और 'पाप' के महत्व को स्पष्ट करें।

 

Question 8. नीचे दी गई पंक्तियों का भाव स्पष्ट करो: 'रहिमन बिगरे दूध को मथे न माखन होय ।'
Answer: इस पंक्ति का भाव है कि जिस प्रकार एक बार दूध फट जाने के बाद उसे मथने से मक्खन नहीं निकलता, उसी प्रकार एक बार कोई काम बिगड़ जाने पर उसे दोबारा ठीक नहीं किया जा सकता, चाहे कितने भी प्रयास किए जाएं। कुछ चीजें अपरिवर्तनीय होती हैं।
In simple words: इसका मतलब है कि एक बार कोई चीज़ खराब हो जाए, तो फिर उसे ठीक नहीं किया जा सकता, जैसे फटे दूध से मक्खन नहीं बनता।

🎯 Exam Tip: रहीम के दोहों में अक्सर उपमा या दृष्टांत होता है, उसे स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question 9. नीचे दी गई पंक्तियों का भाव स्पष्ट करो: “काचो दूध पियावत पचि-पचि देत न माखन रोटी'
Answer: इस पंक्ति में बालक श्रीकृष्ण अपनी माता यशोदा से शिकायत करते हैं कि वे उन्हें कच्चा दूध पका-पकाकर पिलाती हैं, लेकिन मक्खन और रोटी खाने को नहीं देतीं। यह बाल मन की सहज शिकायत और माँ से शिकायत का मीठा अंदाज़ है।
In simple words: इसमें श्रीकृष्ण माँ यशोदा से कहते हैं कि वे उन्हें सिर्फ दूध पिलाती हैं, मक्खन-रोटी नहीं देतीं।

🎯 Exam Tip: इसमें माँ और बच्चे के बीच के संवाद और बाल सुलभ शिकायत को रेखांकित करें।

 

Question 10. नीचे दी गई पंक्तियों का भाव स्पष्ट करो: 'मोर मुकुट मकराकृत कुण्डल अरुन तिलक दिए भाल ।'
Answer: इस पंक्ति का भाव है कि भगवान बालकृष्ण का रूप अत्यंत मनोहर है। उनके सिर पर मोर का मुकुट है, कानों में मछली के आकार के कुंडल हैं, और माथे पर लाल (चंदन का) तिलक लगा हुआ है। यह उनके दिव्य और आकर्षक रूप का वर्णन करता है।
In simple words: इस पंक्ति में भगवान कृष्ण के सुंदर रूप का वर्णन है, जिसमें उनके मोर मुकुट, मछली जैसे कुंडल और माथे पर लाल तिलक का जिक्र है।

🎯 Exam Tip: यह पंक्ति श्रीकृष्ण के श्रृंगार का वर्णन करती है, इसे स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question 11. कॉलम 'क' में लिखे गए अशुद्ध शब्दों का मिलान कॉलम 'ख' में लिखे गए शुद्ध शब्दों से करो।
Answer: कॉलम 'क' के अशुद्ध शब्दों का कॉलम 'ख' के शुद्ध शब्दों से मिलान इस प्रकार है:
सोभित - शोभित
बिसाल - विशाल
परमारथ - परमार्थ
अरुन - अरुण
संचै - संचय
भखै - भक्षण
वृच्छ - वृक्ष
मूरति - मूर्ति
In simple words: यहाँ गलत शब्दों को उनके सही शब्दों से मिलाया गया है।

🎯 Exam Tip: वर्तनी संबंधी प्रश्नों में ध्यान से देखकर सही शब्द पहचानें।

तुम्हारी कलम से

 

Question 12. कबीर और रहीम के दोहों से तुमने क्या सीखा?
Answer: कबीर के दोहों से हमने सीखा कि हमें हमेशा सच बोलना चाहिए, क्योंकि सच बोलने वाले के हृदय में स्वयं भगवान वास करते हैं। हमने यह भी सीखा कि जिस प्रकार वृक्ष फल देकर और नदियाँ जल देकर दूसरों का भला करती हैं, उसी प्रकार सज्जन लोगों का जीवन भी दूसरों की भलाई के लिए ही होता है। रहीम के दोहों से हमने सीखा कि अच्छे स्वभाव वाले व्यक्ति पर बुरी संगति का कोई गलत असर नहीं पड़ता। इसके अलावा, एक बार बात बिगड़ जाने पर उसे फिर से ठीक नहीं किया जा सकता। ये शिक्षाएं हमें एक बेहतर इंसान बनने में मदद करती हैं।
In simple words: कबीर के दोहों से हमने सच बोलने और परोपकार करने का महत्व सीखा। रहीम के दोहों से हमने सीखा कि अच्छे स्वभाव वाले पर बुरी संगत का असर नहीं होता और बिगड़ी बात फिर नहीं बनती।

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में दोनों कवियों की शिक्षाओं को अलग-अलग बिंदुवार या संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत करें।

अब करने की बारी

 

Question 13. मीरा और सूरदास के पद में किसका वर्णन किया गया है?
Answer: मीरा और सूरदास के पदों में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और उनके सुंदर रूप का वर्णन किया गया है। सूरदास ने कृष्ण के बचपन की शरारतों और माँ यशोदा से उनकी बातचीत को दर्शाया है, जबकि मीरा ने उनके दिव्य रूप का बखान किया है।
In simple words: मीरा और सूरदास ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और उनके सुंदर रूप के बारे में बताया है।

🎯 Exam Tip: जब दो कवियों के बारे में पूछा जाए, तो उनके अलग-अलग योगदानों को भी स्पष्ट करें।

कितना सीखा - ३

 

Question 14. माधो सिंह ने अपनी पत्नी को खेतों तक पानी लाने के लिए क्या उपाय बताया?
Answer: माधो सिंह ने अपनी पत्नी को खेतों तक पानी लाने के लिए पहाड़ काटकर एक सुरंग बनाने का उपाय बताया, जिससे नदी का पानी गाँव में लाया जा सके। यह एक कठिन लेकिन स्थायी समाधान था।
In simple words: माधो सिंह ने पहाड़ काटकर सुरंग बनाकर नदी का पानी गाँव में लाने का उपाय बताया।

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में समस्या और उसके समाधान दोनों का उल्लेख स्पष्ट रूप से करें।

 

Question 15. माधो सिंह के किस कथन से सिद्ध होता है कि वह एक उत्साही और दृढ़ निश्चयी व्यक्ति था?
Answer: माधो सिंह ने यह प्रतिज्ञा की थी कि, "जब तक मेरे शरीर में खून की एक भी बूंद रहेगी, मैं अपने गाँव मलेथा तक नहर खोदकर पानी लाने की कोशिश करूंगा। मैं तब तक चैन से नहीं सोऊँगा; जब तक मलेथा के हर खेत तक पानी नहीं आ जाता!" यह कथन सिद्ध करता है कि वह एक उत्साही और दृढ़ निश्चयी व्यक्ति था। इस प्रकार के संकल्प व्यक्ति के मजबूत इरादों को दर्शाते हैं।
In simple words: माधो सिंह ने कहा था कि जब तक उनके शरीर में खून रहेगा, वे अपने गाँव के खेतों तक पानी ज़रूर लाएंगे और जब तक पानी नहीं आएगा, तब तक आराम नहीं करेंगे। इससे पता चलता है कि वह बहुत मेहनती और पक्का इरादे वाले थे।

🎯 Exam Tip: जब किसी व्यक्ति के गुण पूछे जाएं, तो उनके कार्यों या कथनों से उदाहरण देना प्रभावशाली होता है।

 

Question 16. कबीरदास ने सज्जन पुरुषों की तुलना वृक्षों तथा नदियों से क्यों की है?
Answer: कबीरदास ने सज्जन पुरुषों की तुलना वृक्षों और नदियों से इसलिए की है क्योंकि सज्जन, वृक्ष और नदियाँ तीनों बहुत परोपकारी होते हैं। वृक्ष फल देते हैं, नदियाँ पानी देती हैं, और सज्जन दूसरों का भला करते हैं - ये सभी निःस्वार्थ भाव से सेवा करते हैं।
In simple words: कबीरदास ने सज्जनों की तुलना पेड़ों और नदियों से की क्योंकि वे तीनों हमेशा दूसरों की भलाई करते हैं।

🎯 Exam Tip: तुलना के आधार को स्पष्ट रूप से समझाएं।

 

Question 17. “फटे दूध से मक्खन नहीं निकलता' इस उदाहरण से रहीम दास जी क्या कहना चाहते हैं?
Answer: उपर्युक्त उदाहरण से रहीम दास जी यह कहना चाहते हैं कि यदि एक बार कोई बात या काम बिगड़ जाए, तो वह अनेक कोशिशें करने पर भी नहीं सुधरती। जिस प्रकार फटे दूध से मक्खन निकालना असंभव है, उसी प्रकार बिगड़ी हुई चीज़ को ठीक करना भी कठिन है।
In simple words: इस उदाहरण से रहीम दास जी यह समझाना चाहते हैं कि एक बार कोई चीज़ खराब हो जाए, तो उसे ठीक करना बहुत मुश्किल होता है।

🎯 Exam Tip: रहीम के दृष्टांतों का अर्थ बताते समय, मूल दृष्टांत को वर्तमान स्थिति से जोड़ें।

 

Question 18. माँ यशोदा ने बालक कृष्ण को गोद में उठाकर क्या किया और क्या कहा?
Answer: माँ यशोदा ने बालक कृष्ण को गोद में उठाकर उनके आँचल से उनकी देह पोंछी। उन्होंने कृष्ण से कहा कि "सारे शरीर में कहाँ से मिट्टी लगा ली है?" यह माँ के प्रेम और चिंता को दर्शाता है।
In simple words: माँ यशोदा ने कृष्ण को गोद में उठाकर आँचल से उनकी देह पोंछी और पूछा कि उन्होंने पूरे शरीर में कहाँ से मिट्टी लगा ली है।

🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रश्न में क्रिया और कथन दोनों को शामिल करें।

 

Question 19. उस घटना का वर्णन करो जब तिलक ने गणित के प्रश्नों को कक्षा में मौखिक ही हल कर दिया था।
Answer: एक बार बालक तिलक कक्षा में गणित के प्रश्नों को हल करने में बहुत व्यस्त थे। जब एक बालक बैठा था, तो शिक्षक ने पूछा, "क्यों बैठे हो?" इस पर बालक तिलक ने कहा, "मैंने प्रश्न मौखिक रूप से ही हल कर लिए हैं।" शिक्षक द्वारा पूछने पर बालक ने सभी प्रश्नों के सही उत्तर दिए। यह उनकी तीव्र बुद्धि का प्रमाण था।
In simple words: तिलक ने गणित के प्रश्नों को कक्षा में मुंह से ही हल कर दिया था। जब शिक्षक ने पूछा, तो उन्होंने सभी जवाब सही दिए।

🎯 Exam Tip: घटना का वर्णन करते समय, प्रमुख पात्र, उनकी क्रिया और संवादों को क्रमबद्ध तरीके से लिखें।

 

Question 20. स्वतन्त्रता प्राप्ति में बाल गंगाधर तिलक का क्या योगदान रहा?
Answer: स्वतन्त्रता प्राप्ति में बाल गंगाधर तिलक का बहुत बड़ा योगदान रहा। उन्होंने शिक्षा के माध्यम से और अपने कार्यों व विचारों के प्रचार से लोगों में जागरूकता फैलाई। उन्होंने 'मराठा' और 'केसरी' समाचार पत्रों से ब्रिटिश शासन के खिलाफ लोगों को तैयार किया। उन्होंने लोगों को जागरूक करने के लिए "स्वतंत्रता मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा," का नारा दिया। 1914 में माँडले जेल से निकलने के बाद भी वे स्वतंत्रता प्राप्ति में पूरी मेहनत से जुट गए। उनका योगदान अतुलनीय है।
In simple words: बाल गंगाधर तिलक ने शिक्षा और अखबारों से लोगों को जगाया। उन्होंने "स्वतंत्रता मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है" का नारा दिया और भारत की आज़ादी के लिए बहुत संघर्ष किया।

🎯 Exam Tip: योगदान वाले प्रश्नों में व्यक्ति के प्रमुख कार्यों, विचारों और नारों को शामिल करें।

 

Question 21. नीचे दी गई पंक्तियों का भाव स्पष्ट करो: रूठे सुजन मनाइए, जो रूठे सौ बार । रहिमन फिरि-फिरि पोहिए टूटे मुक्ताहार ॥
Answer: इस पंक्ति का भाव है कि जिस प्रकार मोतियों का हार टूट जाने पर उसे बार-बार पिरो लिया जाता है, उसी प्रकार सज्जन व्यक्ति को सौ बार रूठने पर भी उसी तरह मनाना चाहिए। सज्जन का साथ हमेशा मूल्यवान होता है।
In simple words: रहीम कहते हैं कि जैसे मोतियों का हार टूट जाए तो उसे बार-बार पिरोते हैं, वैसे ही सज्जन को बार-बार मनाना चाहिए, चाहे वे कितनी भी बार रूठें।

🎯 Exam Tip: इस दोहे में सज्जन व्यक्तियों के महत्व और उन्हें मनाने की आवश्यकता को रेखांकित करें।

 

Question 22. नीचे दी गई पंक्तियों का भाव स्पष्ट करो: लोकमान्य बाल गंगाधर के विचार, देशभक्ति और स्वातंत्र्य-प्रेम हमारे लिए सदा ही प्रेरणा के स्रोत बने रहेंगे।
Answer: इस पंक्ति का भाव है कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक एक अद्भुत विद्वान, विचारक, क्रांतिकारी, देशभक्त और स्वतंत्रता प्रेमी थे। उनके महान गुण और विचार हम पर हमेशा के लिए गहरा प्रभाव डालते रहेंगे। उनका जीवन और संघर्ष हमें प्रेरणा देते रहेंगे।
In simple words: इसका मतलब है कि बाल गंगाधर तिलक के विचार, देश के लिए प्यार और आज़ादी का प्रेम हमें हमेशा प्रेरित करते रहेंगे।

🎯 Exam Tip: प्रेरणादायक कथनों का भाव स्पष्ट करते समय, व्यक्ति के गुणों और उनके चिरस्थायी प्रभाव पर जोर दें।

 

Question 23. इन शब्दों में 'इत' प्रत्यय लगाकर नवीन शब्द बनाओ।
Answer: 'इत' प्रत्यय लगाकर नवीन शब्द इस प्रकार बनेंगे:
प्रकाश – प्रकाशित
प्रभाव – प्रभावित
प्रवाह – प्रवाहित
आलोक – आलोकित
In simple words: दिए गए शब्दों में 'इत' लगाकर नए शब्द बनाए गए हैं, जैसे 'प्रकाश' से 'प्रकाशित'।

🎯 Exam Tip: प्रत्यय जोड़ते समय शब्द के अर्थ और वर्तनी में बदलाव का ध्यान रखें।

 

Question 24. मुहावरों को अपने वाक्यों में प्रयोग करो।
Answer: मुहावरों का वाक्यों में प्रयोग इस प्रकार है:
भगीरथ प्रयास: माधो सिंह ने भगीरथ प्रयास करके मलेथा में नदी के पानी की नहर ला दी।
थोथा चना बाजे घना: बरसाती नाले अधिक शोर करते हैं, ठीक उसी प्रकार जैसे थोथा चना बाजे घना।
मन चंगा तो कठौती में गंगा: मन पवित्र हो, तो ईश्वर सब जगह है-मन चंगा तो कठौती में गंगा।
हाथ मलना: चोर भाग गया और सिपाही हाथ मलते रह गए।
ऊँट के मुँह में जीरा: आवश्यकता बहुत अधिक और पूर्ति बहुत कम को ही 'ऊँट के मुँह में जीरा' कहते हैं।
आँखों का तारा होना: रोहित तारामती की आँखों का तारा है।
In simple words: हर मुहावरे का मतलब बताया गया है और उसे एक वाक्य में इस्तेमाल करके दिखाया गया है।

🎯 Exam Tip: मुहावरे का प्रयोग करते समय, वाक्य ऐसा बनाएं जिससे उसका अर्थ स्पष्ट हो जाए।

 

Question 25. नीचे दिए गए शब्दों के विलोम शब्द लिखो।
Answer: शब्दों के विलोम शब्द इस प्रकार हैं:
भय – अभय
राजा – रंक
रानी – दासी (चेरी)
प्रकाश – अंधकार
शिक्षा – अशिक्षा
उष्ण – शीत
In simple words: यहाँ हर शब्द का उल्टा अर्थ (विलोम) लिखा गया है।

🎯 Exam Tip: विलोम शब्द लिखते समय, हमेशा शब्द के विपरीत अर्थ वाले शब्द का प्रयोग करें।

 

Question 26. नीचे दो-दो शब्दों के जोड़े दिए गए हैं। यदि दोनों के अर्थ समान हों, तो 'स' पर और विपरीत हों, तो 'वि' पर घेरा लगाओ।
Answer: सही जोड़े और उनके संबंध इस प्रकार हैं:
(क) कम - अधिक
  वि
(ख) आदर - सम्मान
  स
(ग) सुख - दुःख
  वि
(घ) शत्रु - मित्र
  वि
(ङ) हर्ष - प्रसन्न
  स
(च) जन्मभूमि - मातृभूमि
  स
In simple words: यहाँ शब्दों के जोड़ों को देखकर बताया गया है कि उनके अर्थ एक जैसे हैं ('स') या एक दूसरे के उल्टे हैं ('वि')।

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में शब्दों के सूक्ष्म अर्थ को समझें ताकि सही संबंध ('स' या 'वि') पहचान सकें।

 

Question 27. नीचे दिए गए शब्दों को एक साथ मिलाकर लिखो।
Answer: शब्दों को मिलाकर लिखने पर:
किशोर + अवस्था = किशोरावस्था
वृद्ध + अवस्था = वृद्धावस्था
बाल्य + अवस्था = बाल्यावस्था
प्रौढ़ + अवस्था = प्रौढ़ावस्था
In simple words: यहाँ दो शब्दों को जोड़कर एक नया शब्द बनाया गया है।

🎯 Exam Tip: संधि के नियमों का पालन करें, खासकर जब स्वर संधि हो।

अपने आप - ३

चित्रात्मक मुहावरे

आँख का तारा होना, पैरों में बेड़ी पड़ना, मुँह में पानी आना, चिराग तले अँधेरा, अंधे की लाठी, हाथी चला जाता है और कुत्ते भौंकते रहते हैं।

UP Board Solutions Class 4 Hindi Chapter 13 भक्ति नीति माधुरी

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